कोरोना पाबंदियों के चलते फूटा कर्मचारियों का आक्रोश, आईफोन फैक्ट्री में उग्र प्रदर्शन...
बीजिंग/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। चीन में एक बार फिर कोरोना का मामलों में बढ़ोत्तरी हुई है, जिसके चलते कई स्थानों में लॉकडाउन की स्थिति निर्मित हो गई है। इस दौरान यहां स्थित दुनिया की सबसे बड़ी आईफोन फैक्ट्री में कर्मचारियों द्वारा उग्र प्रदर्शन की खबर आ रही है। सूत्रों के अनुसार फैक्ट्री में कोरोना तालाबंदी और वेतन विवाद को लेकर कर्मचारियों में आक्रोश है। इसे लेकर कई वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहे हैं। सुरक्षाबलों के साथ संघर्ष में कई श्रमिकों के घायल होने की बात कही जा रही है।
चीन में एप्पल आईफोन की असेंबलिंग वाले झेंगझोऊ फैक्ट्री में बुधवार को फिर से उपद्रव शुरू हो गया। सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कर्मचारियों और प्रशासन के बीच होने वाली झड़पों को देखा जा सकता है। एप्पल आईफोन फैक्ट्री के कई कर्मचारियों को कोरोना वायरस प्रतिबंधों के बीच शुरू हुए अनुबंध विवादों के कारण पीटा गया और बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
सैकड़ों कर्मचारियों का फैक्ट्री के सुरक्षा कर्मियों के साथ संघर्ष हुआ। कोरोना के चलते करीब एक माह से फैक्ट्री में कठोर पाबंदियों व वेतन को लेकर विवाद के कारण श्रमिकों के भड़क उठने की खबर है। एपल संयंत्र में अक्तूबर से तनाव देखा जा रहा था। कोरोना पाबंदियों के चलते तालाबंदी शुरू होने से श्रमिकों में असंतोष बढ़ता जा रहा था। आईफोन सिटी में 2,00,000 से अधिक श्रमिकों में से कई को आइसोलेट किया जा चुका था। उन्हें भोजन व दवाओं की मुश्किल हो रही थी।
सोशल मीडिया में वायरल हो रहे वीडियो के अनुसार फॉक्सकॉन प्लांट के कर्मचारी फैक्ट्री से बाहर निकल आए। इसके बाद उनकी सुरक्षा कर्मियों से झड़प हुई। एक अन्य वीडियो में गार्ड जमीन पर लेटे एक श्रमिक को लाठियों से पीटते नजर आ रहे हैं। इसी दौरान लड़ो, लड़ो के नारे गूंजते हैं। श्रमिकों की भीड़ बैरिकेड्स लांघते हुए प्रदर्शन करते नजर आए। पुलिस के साथ भी श्रमिकों की तकरार हुई। एक वीडियो में उग्र श्रमिक एक प्रबंधक को घेरे हुए नजर आए। एक श्रमिक ने कहा कि सभी श्रमिकों के कोविड पॉजिटिव होने का खतरा है। एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि आप हमें मौत के मुंह में भेज रहे हैं।
सोशल मीडिया पर की गई एक पोस्ट में कहा गया है कि एप्पल के ये कर्मचारी अनुबंध तोड़ने का विरोध कर रहे थे। चीन में इन दिनों कोरोना के मामले फिर से बढ़ रहे हैं। इसको देखते हुए फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों के सामने संकट गहरा गया है। उन्हें फैक्टरी से बाहर निकलने की इजाजत नहीं है। उन्हें खाने-पीने के सामान और दवाईयों मिलने में दिक्कत हो रही है।
एप्पल आईफोन असेम्ब्लिंग फैक्ट्री की संचालक फॉक्सकॉन टेक्नोलॉजी ग्रुप ने पहले कहा था कि वो 'क्लोज्ड-लूप मैनेजमेंट' सिस्टम का उपयोग कर रही है। इसके तहत कार्यस्थल पर रहने वाले कर्मचारियों को कड़ी सुरक्षा घेरे में बिना किसी बाहरी संपर्क रखा जाता है। पिछले महीने हजारों कर्मचारियों ने अपर्याप्त सुरक्षा और बीमार पड़ने वाले सहकर्मियों को उचित मेडिकल हेल्प न मिलने की शिकायतों पर वाक-आउट किया था।
एप्पल दे चुका है चेतावनी
एप्पल इंक ने पहले चेतावनी दी थी कि झेंगझोऊ कारखाने पर लगाए गए रोग नियंत्रण प्रतिबंधों के कारण उसके नए आईफोन 14 मॉडल की डिलीवरी में देरी होगी। बता दें कि सरकार ने कारखाने के चारों ओर औद्योगिक क्षेत्र तक आवागमन को रोक दिया है। फॉक्सकॉन ने कहा है कि इस कारखाने में लगभग 200,000 लोग कार्यरत हैं।
फॉक्सकॉन ने फिलहाल इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है। मीडिया रिपोर्टों में पहले कहा गया था कि सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं से फॉक्सकॉन के उन कर्मचारियों को वापस बुलाने के लिए कहा था, जो कंपनी छोड़कर चले गए थे।
आपको बता दें कि Zhengzhou की iPhone फैक्ट्री में दीवार फांदकर भाग रहे कर्मचारियों का वीडियो पहले भी वायरल हो चुका है। चीन में Covid Lockdown की दहशत के कारण पहले भी एप्पल आईफोन बनाने वाली फॉक्सकॉन फैक्ट्री में काम कर रहे कर्मचारी फैक्ट्री छोड़कर भागने की कोशिश कर चुके हैं। तब वर्कर्स ने आरोप लगाया था कि उन्हें खाने-पीने की दिक्कत हो रही है।

