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ब्रिटेन के शाही महल में नस्लवाद का मुद्दा फिर गरमाया, प्रिंस विलियम की गॉडमदर को देना पड़ा इस्तीफा

 

लंदन (छत्तीसगढ़ दर्पण)। ब्रिटेन का शाही महल एक बार फिर से नस्लीय टिप्पणी को लेकर विवादों में है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बकिंघम पैलेस की एक सदस्य पर नस्लीय टिप्पणी करने का आरोप है। इस मामले का खुलासा होने के बाद शाही परिवार की सदस्य को इस्तीफा देना पड़ा है। ब्रिटिश मीडिया द्वारा ऐसा दावा किया जा रहा है शाही परिवार की एक सदस्य ने शाही महल से जुड़ा काम करने वाली एक अश्वेत महिला से बार-बार उसके मूल स्थान को लेकर सवाल पूछा था।

महारानी के कार्यक्रम में हुई घटना
यह घटना ब्रिटेन की महारानी कैमिला के कार्यक्रम में हुई। इस कार्यक्रम का आयोजन घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को लेकर किया गया था। 83 साल की प्रिंस विलियम की गॉड मदर लेडी सुजैन हुस्से भी इस कार्यक्रम में शामिल हुईं थी। सुजैन पर आरोप है कि उन्होंने 61 वर्षीय एक अश्वेत महिला नगोजी फुलानी से पूछा की वह अफ्रीका के किस हिस्से से आई हैं, जबकि महिला पहले ही कई बार यह बता चुकी थी की वो ब्रिटेन की ही नागरिक है।

शाही महल के प्रवक्ता ने जताया दुख
नगोजी फुलानी के बार-बार यह बताने पर कि वह ब्रिटेन की हैं, और हैकनी में पैदा हुई थीं, सुजैन ने इस पर यकीन करने से इनकार कर दिया और अपना सवाल पूछना जारी रखा। नगोजी फुलानी घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं के लिए चैरिटी का काम करती हैं। घटना और आरोपों के प्रकाश में आने के बाद, बकिंघम पैलेस के एक प्रवक्ता ने इस्तीफा देने की खबर साझा करते हुए प्रतिक्रिया दी है। बकिंघम पैलेस के सदस्य की टिप्पणी पर महल के प्रवक्ता ने बयान जारी करते हुए कहा कि इस मामले की जांच की जा रही है।

लेडी सुजैन ने भी टिप्पणी पर जताया खेद
प्रवक्ता ने कहा कि इस तरह के मामलों को बिल्कुल स्वीकार नहीं किया जा सकता है। इस तरह की टिप्पणी पर हमें खेद है। हम नागोजी से मिलने की कोशिश कर रहे हैं, यदि वे चाहें तो इस मामले पर व्यक्तिगत रूप से हमें अपने बुरे अनुभव बता सकती हैं। हालांकि प्रवक्ता ने इस दौरान उसका नाम नहीं लिया जिस पर नस्लीय टिप्पणी करने का आरोप है। प्रवक्ता ने कहा कि उस सदस्य ने माफी मांगने की इच्छा जाहिर की है और उन्हें इस बात पर अफसोस है कि उनकी टिप्पणी से किसी को तकलीफ हुई है।

शाही परिवार में नस्लवाद के लगते रहे हैं आरोप
आपको बता दें कि ब्रिटेन के शाही महल में नस्लभेद का यह कोई पहला मामला नहीं है। किंग चार्ल्स के छोटे बेटे प्रिंस हैरी की पत्नी मेगन मर्केल ने भी आरोप लगाया था कि महल में उन पर नस्लभेदी टिप्पणी की गई थी। मेगन ने कहा था कि उनके गर्भवती होने के दौरान महल के लिए काम करने वाले सदस्य ने उनके बच्चे के रंग को लेकर सवाल किए थे। लोगों को यह चिंता थी कि कहीं बच्चे का रंग अश्वेत न हो जाए।

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