लंदन (छत्तीसगढ़ दर्पण)। ब्रिटेन के बकिंघम पैलेस में नस्लवाद की घटना दुनियाभर में सुर्खियां बटोर रही है। इस मामले में प्रिंस विलियम की गॉडमदर लेडी सुजैन हसी के इस्तीफे के बाद अब प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने भी नस्लवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। सुनक ने कहा कि अतीत में उन्होंने खुद भी नस्लवाद का अनुभव किया है। उन्होंने कहा कि नस्लवाद के आरोप जहां कहीं भी लगेंगे, उसका सामना किया जाना चाहिए।
शाही महल घटना पर टिप्पणी से इनकार किया
दरअसल शाही परिवार की सदस्य सुजैन हसी के इस्तीफे के बाद जब इस मामले पर सुनक से सवाल किया गया तो उन्होंने अपनी बात रखी। सुनक ने कहा कि शाही महल के मामलों पर टिप्पणी करना उनके लिए सही नहीं होगा, हालांकि हम देख चुके हैं कि जिन्होंने ये गलती की थी उसे उन्होंने स्वीकार किया और उसके लिए माफी मांगी है। इस पर कार्रवाई भी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि जैसा कि मैंने अतीत में बात की है, मैंने अपने जीवन में नस्लवाद का अनुभव किया है। हालांकि अब चीजें आगे बढ़ चुकी हैं।
नस्लवाद से निपटने में यूके ने की खूब प्रगति
सुनक ने कहा, "मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि कुछ चीजें हैं जो मैंने तब अनुभव कीं जब मैं एक बच्चा और एक युवा व्यक्ति था और मुझे आज नहीं लगता है अब ऐसा होगा क्योंकि हमारे देश ने नस्लवाद से निपटने में अविश्वसनीय प्रगति की है।" इसके साथ ही उन्होंने कहा कि नस्लवाद से निपटने की दिशा में अभी भी बहुत काम किया जाना बाकी है। इसलिए हम जहां कहीं भी नस्लवाद देखें तो हमें उसका सामना करना चाहिए। यह सही है कि हम गलतियों से सबक लेते हैं और बेहतर भविष्य की ओर बढ़ते हैं।
प्रिंस विलियम की गॉडमदर पर लगे नस्लवाद के आरोप
यूके पीएम ऋषि सुनक का यह बयान प्रिंस विलियम की गॉडमदर लेडी सुजैन हसी पर लगे नस्लवाद के आरोपों के बाद आया है। यह घटना ब्रिटेन की महारानी कैमिला के कार्यक्रम में हुई। इस कार्यक्रम का आयोजन घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को लेकर किया गया था। 83 साल की प्रिंस विलियम की गॉड मदर लेडी सुजैन हसी भी इस कार्यक्रम में शामिल हुईं थी। सुजैन पर आरोप है कि उन्होंने 61 वर्षीय एक अश्वेत महिला नगोजी फुलानी से पूछा की वह अफ्रीका के किस हिस्से से आई हैं, जबकि महिला पहले ही कई बार यह बता चुकी थी की वो ब्रिटेन की ही नागरिक है।
सुजैन हसी को देना पड़ा इस्तीफा
नगोजी फुलानी के बार-बार यह बताने पर कि वह ब्रिटेन की हैं, और हैकनी में पैदा हुई थीं, सुजैन ने इस पर यकीन करने से इनकार कर दिया और अपना सवाल पूछना जारी रखा। नगोजी फुलानी घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं के लिए चैरिटी का काम करती हैं। घटना और आरोपों के प्रकाश में आने के बाद, बकिंघम पैलेस के एक प्रवक्ता ने इस्तीफा देने की खबर साझा करते हुए प्रतिक्रिया दी है। बकिंघम पैलेस के सदस्य की टिप्पणी पर महल के प्रवक्ता ने बयान जारी करते हुए कहा कि यह निराशाजनक है और इस मामले की जांच की जा रही है।