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दक्षिण कोरियाई फिल्म बेचने वाले दो लड़कों को उत्तर कोरिया में मारी गई गोली, सरेआम दी गई तालिबानी सजा

 

फियोंगयांग (छत्तीसगढ़ दर्पण)। उत्तर कोरिया में तीन नाबालिग बच्चों की सार्वजनिक तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई है और इनमें से दो बच्चों पर किम जोंग उन के फिल्म वाले आदेश का उल्लंघन करने का आरोप था। रेडियो फ्री एशिया की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर कोरिया में तीन बच्चों की गोली मारकर हत्या की गई है, जिनमें से एक किशोर पर अपनी सौतेली मां की हत्या करने का आरोप था, जबकि दो लड़कों पर दक्षिण कोरिया की फिल्मों को बेचने का आरोप था। रेडियो फ्री एशिया ने सूत्रों के हवाले से कहा कि, जिन किशोरों की गोली मारकर हत्या की गई है, उनकी उम्र 16 से 17 साल के करीब होने का अनुमान है।

लोगों को देखने के लिए किया मजबूर
रेडियो फ्री एशिया की रिपोर्ट के मुताबिक, जब तीनों लड़कों को गोली मारने के लिए लोगों के बीच लाया गया, तो लोगों को उन्हें गोली लगते हुए देखने के लिए मजबूर किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, सार्वजनिक गोलीबारी की इस घटना के बाद निवासी काफी डरे हुए हैं और माना जा रहा है, कि लोगों को डराने के लिए ही सरेआम तीनों लड़कों को गोली मारी गई। स्थानीय निवासियों ने नाम नहीं बताने की शर्त पर रेडियो फ्री एशिया को बताया कि,'जो लोग दक्षिण कोरियाई फिल्में और नाटक देखते हैं या फिर उन्हें बेचते हुए पाए जाते हैं, उन्हें काफी खौफनाक सजा दी जाती है। वहीं, उत्तर कोरिया में किसी की हत्या करने पर या फिर सामाजिक व्यवस्था को बिगाड़ने की स्थिति में भी माफ करने का प्रावधान नहीं है और ऐसे काम में शामिल लोगों को मौत की सजा दी जाती है"। रिपोर्ट के मुताबिक, इन तीनों किशोरों को चीन से लगती सीमा के पास स्थिति हायसन शहर में गोली मारी गई है।

फौरन दी गई तालिबानी सजा
स्थानीय लोगों ने रेडियो फ्री एशिया को बताया कि, उत्तर कोरियाई अधिकारी तीन किशोरों को कहीं से पकड़कर लाए और फिर उन्हें लोगों की भीड़ के सामने खड़ा किया और फिर उन्हें फौरन मौत की सजा सुनाई गई और इससे पहले की किसी को कुछ समझ आता, तीनों को गोली मार दी गई, जिससे फौरन उनकी मौत हो गई। उत्तर कोरिया में पहले इस तरह से किसी को मौत की सजा मिलने की खबर दुर्लभ होती थी और विरले ही किसी को मौत की सजा देने की खबर सामने आती थी, लेकिन अब मौत की सजा के मामले तेजी से सामने आने लगे हैं। अधिकारी आम तौर पर लोगों को अपने मनचाहे तरीके से सजा सुनाने लगे हैं, ताकि लोगों में डर कायम किया जा सके।

विदेशी फिल्मों से किम को नफरत
उत्तर कोरिया शासन शुरू से ही विदेशी फिल्मों से नफरत करता रहा है, लेकिन हाल के सालों में दक्षिण कोरियाई और पश्चिमी फिल्में और टीवी शो काफी तेजी से उत्तर कोरिया में फैल गये हैं। वहीं, यूएसबी पेन ड्राइव के जरिए फिल्मों को चीन से तस्करी कर लाया जाता है और फिर उसे पूरे उत्तर कोरिया में भेजा जाता है। लिहाजा, उत्तर कोरिया के अंदर विदेशी फिल्मों की तस्करी का कारोबार काफी फैल गया है। लेकिन, अगर कोई ऐसा काम करते हुए पकड़ा जाता है, तो फिर उसे गोली मार दी जाती है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, उत्तर कोरिया में काफी ज्यादा गरीबी है, जबकि दक्षिण कोरिया काफी तेजी से तरक्की कर रहा है, लिहाजा उत्तर कोरियाई शासन दक्षिण कोरियाई संस्कृति को लेकर चिंतित हो गया है और उसे जनता के विद्रोह का डर सताता रहता है, लिहाजा उत्तर कोरिया के अंदर दक्षिण कोरियाई फिल्म देखने या बांटने पर सख्ततम सजा का प्रावधान है।

जासूसी में पकड़े गये दोनों लड़के
सूत्रों के मुताबिक, जिन दोनों लड़कों को गोली मारी गई है, वो दोनों थंब ड्राइव में दक्षिण कोरियाई फिल्मों को बेच रहे थे और उत्तर कोरियाई जासूसों ने उन्हें जाल बिछाकर पकड़ा है। सूत्र ने कहा कि, किम जोंग के अधिकारी जनता के बीच जासूसी करते हैं और फिर दुकानदारों और फिल्म बेचने वालों को पकड़ लेते हैं। सूत्र ने कहा कि, ये दोनों लड़के भी जाल में फंस गये। उत्तरी हामग्योंग प्रांत के एक निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर आरएफए को बताया कि, फांसी की खबर पूरे देश में फैल गई और लोगों में दहशत फैल गई।

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