बैंकाक (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कम से कम 150 रोहिंग्या शरणार्थी थाइलैंड के पास समंदर में एक खराब नाव में फंसे हुए हैं। यह दावा एक्टिविस्टों के एक समूह ने किया है। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि इनमें से कई लोग मारे भी जा चुके हैं। यह नाव किस जगह फंसी है इस बार में स्पष्ट नहीं हो पाया है। रोहिंग्या शरणार्थियों को लेकर यह नाव पिछले महीने के आखिर में बांग्लादेश से निकली थी।
नाव में आई खराबी
एक्टिविस्ट क्रिस लेवा ने कहा कि नाव जब दक्षिणी थाईलैंड के रानोंग के तट के पास से गुजर रही थी तभी उसमें कुछ खराबी आ गई और उसमें पानी भरने लगा। यात्रियों के रिश्तेदारों से की गई बातचीत के आधार पर लेवा ने बताया, "उनके पास पानी और भोजन लगभग खत्म हो गया है।" उन्होंने यह भी कहा कि नाव पर मौजूद लोग नाव से पानी निकालने की भरपूर कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने थाईलैंड की नौसेना की एक नाव देखी थी लेकिन उसने उनकी मदद नहीं की।
किए जा रहे अलग-अलग दावे
इस बीच थाई नौसेना के एक अधिकारी ने रायटर को फोन पर बताया है कि समंदर में फंसी नाव थाई जलसीमा में नहीं बल्कि भारतीय क्षेत्र में है। वहीं भारतीय नौसेना ने इसे लेकर अलग दावा किया है। भारतीय तटरक्षक बल के एक अधिकारी ने कहा कि उन्हें कई लोगों के साथ एक नाव के फंसे होने की सूचना मिली थी, लेकिन वे लोग भारतीय जल क्षेत्र में नहीं है। यह पूछे जाने पर कि नाव फिलहाल कहां है, अधिकारी ने कोई टिप्पणी नहीं की।
रोहिंग्या यात्रियों में नाटकीय बढ़त
वहीं, थाईलैंड के एक रोहिंग्या कार्यकर्ता सईद आलम, ने कहा कि उन्होंने फंसे हुए कुछ लोगों के रिश्तेदारों से बात की है। उन्होंने कहा कि कुछ यात्रियों की मौत हो गई है। अगर जल्द ही कुछ नहीं किया गया तो बाकी लोगों की जान भी जा सकती है। संयुक्त राष्ट्र ने पिछले सप्ताह कहा था कि इस साल म्यांमार और बांग्लादेश के बीच अंडमान सागर को पार करने की कोशिश करने वाले लोगों की संख्या में "नाटकीय बढ़त" देखी गई है।
दुनिया की सबसे खतरनाक यात्रा
यह दुनिया की सबसे खतरनाक समुद्री यात्राओं में से है जिसे इस साल कम से कम 1,900 लोगों ने पूरा किया है। 2020 के मुकाबले यह संख्या छह गुना ज्यादा है। आपको बता दें कि हर साल कई रोहिंग्या म्यांमार में हिंसा से बचने के लिए और बांग्लादेश शरणार्थी शिविरों में गंदगी से बचने के लिए अपने जीवन को खतरे में डालते हैं। इनमें से कई लोग जान बचाकर मुस्लिम देश मलेशिया पहुंचने का प्रयास करते हैं। 2017 में सात लाख से अधिक रोहिंग्या मुसलमान म्यांमार में सेना के एक हिंसक अभियान से बचने के लिए वहां से भाग कर बांग्लादेश चले गए थे।
थाइलैंड में 48 रोहिंग्या गिरफ्तार
एजेंसी ने बताया कि सिर्फ इसी साल में इस यात्रा को पूरा करने की कोशिश में कम से कम 119 लोग मर गए हैं। इस बीच एक अलग मामले में बुधवार को थाइलैंड पुलिस ने कुल 48 रोहिंग्या निवासियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से 30 पुरुष और 18 महिलाए हैं। इनमें से पांच बच्चे भी हैं जिनकी उम्र 13 साल से कम है। पूछताछ के दौरान इन लोगों ने कहा कि वे रखाइन प्रांत के रहने वाले हैं मलेशिया जा रहे थे। इन सभी लोगों को पुलिस को सौंप दिया गया है।