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पं. श्री श्रीकृष्ण शास्त्री जी का इस दिन होगा रायपुर में कथा

 छत्तीसगढ़ की संस्कारधानी रायपुर के गुढ़ियारी की पावन धरती पर एक बार पुनः दिव्यागार और भक्ति के अद्वितीय संगम की साक्षी बनने जा रही है। आगामी दिनांक 04 अक्टूबर से 08 अक्टूबर 2025 तक पू. श्री पंडित श्रीकृष्ण शास्त्री फाफाडीह के तत्वावधान में, संपूर्ण प्रदेश ही नहीं अपितु पूरे भारत देश के श्रद्धालुओं के लिए एक महान आध्यात्मिक अवसर का आयोजन होने जा रहा है।


इस अवसर पर बगैरोंध धाम पिथौरीदिया, पू. पं. श्री श्रीकृष्ण शास्त्री जी अपने अद्भुत वाणी वाचन से हनुमंत कथा का दिव्य वर्णन करेंगे। हनुमंत कथा के संदर्भ में श्री हनुमान जी का दिव्य स्वरूप सभी के जीवन में आशा, उत्साह, और पराक्रम-प्रसार हेतु विशेष रूप से प्रेरणा का जीवन में अध्यात्म के साथ-साथ कर्म करने का मार्ग भी प्रशस्त करता है।

यह आयोजन अपूर्व होगा, वहीं कथा स्थल, श्रोतागण, श्रद्धालु, साधु-संत भी सम्मिलित होंगे, जहां लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है। आयोजक मंडल ने श्रद्धालुओं की सुविधाओं हेतु व्यापक व्यवस्था की है जिसमें जलपान, स्वास्थ्य सुविधाएं, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा की विशेष देखरेख की जाएगी।

इस महोत्सव के निर्देशक श्री चंदन अग्रवाल एवं श्री बसंत अग्रवाल (धान व्यापारी वाले) हैं, जिन्होंने सदैव सामाजिक, धार्मिक व सांस्कृतिक आयोजनों को सहयोग प्रदान कर समाज सेवा का मिशाल कायम की है।

धार्मिक दृष्टि से यह आयोजन जनमानस को भक्ति, अध्यात्म और संस्कारों से ओतप्रोत करेगा तो वहीं सामाजिक और जनजागृति दृष्टि से यह कार्यक्रम समाज में एकता, सद्भाव और सहयोग की भावना को दृढ़ करेगा। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर और धार्मिक परंपरा को नए आयाम देने यह महोत्सव निश्चित ही आध्यात्मिक धरातल को और अधिक समृद्ध करेगा।

प्रदेश एवं नगर की जनता से अपील है कि इस पुण्य अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में पधारकर पूज्य. पं. श्रीकृष्ण शास्त्री जी के श्रीमुख से हनुमंतजी का श्रवण कर अपने जीवन को धन्य बनाएं।
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मुख्यमंत्री से पूज्य संत श्री असंग देव जी ने की सौजन्य भेंट

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में परम पूज्य संत श्री असंग देव जी ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने शॉल और श्रीफल भेंट कर पूज्य संत श्री असंग देव जी का सम्मान किया तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया। संत श्री असंग देव जी ने मुख्यमंत्री को गौमाता की प्रतिमा भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और पूज्य संत श्री असंग देव जी के मध्य विभिन्न आध्यात्मिक विषयों पर सार्थक चर्चा हुई।


इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब तथा बड़ी संख्या में संत असंग देव जी के अनुयायी संतगण भी उपस्थित थे।
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राज्यपाल श्री डेका पोला पर्व उत्सव में हुए शामिल

राज्यपाल श्री रमेन डेका आज आदिम जाति विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी, मछली पालन, पशुधन विभाग के मंत्री श्री राम विचार नेताम के नवा रायपुर स्थित निवास में आयोजित पोला पर्व के उत्सव में शामिल हुए। उन्होंने भगवान शंकर का अभिषेक एवं पूजा अर्चना कर छत्तीसगढ़ का यह पारंपरिक त्यौहार मनाया और प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव एवं अन्य मंत्रीगण, जनप्रतिनिधिगण एवं अतिथिगण उपस्थित थे ।  

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय दिव्य शिव महापुराण कथा के समापन समारोह में वर्चुअली हुए शामिल

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पवित्र श्रावण मास के चौथे सोमवार के शुभ अवसर पर रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखंड अंतर्गत मयाली में विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर पहाड़ के समीप आयोजित दिव्य शिव महापुराण कथा के समापन समारोह को ऑनलाइन माध्यम से संबोधित किया।


श्रावण मास की इस सात दिवसीय दिव्य कथा श्रृंखला का आयोजन 28 जुलाई से 4 अगस्त 2025 तक महामधेश्वर धाम समिति द्वारा किया गया, जिसमें अयोध्या के प्रसिद्ध कथावाचक पूज्य श्री देवकीनंदन जी महाराज ने शिव महापुराण की अमृतमयी वाणी से हजारों श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध किया। मुख्यमंत्री ने व्यासपीठ से जुड़े सभी संतजनों को प्रणाम करते हुए समिति को भव्य आयोजन के लिए बधाई एवं आभार प्रकट किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिव और शक्ति छत्तीसगढ़ के कण-कण में समाए हैं और प्रदेश को आध्यात्मिक ऊर्जा इन्हीं  देवस्थलों से प्राप्त होती है। उन्होंने बताया कि मधेश्वर महादेव धाम के विकास के लिए केंद्र सरकार से ₹10 करोड़ की राशि प्राप्त हुई है, तथा राज्य सरकार तीव्र गति से अधोसंरचना विकास और श्रद्धालु सुविधाओं के लिए कार्य कर रही  है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में विराजित भगवान शिव के प्रमुख स्थलों का उल्लेख करते हुए कहा कि मयाली में मधेश्वर पहाड़, कवर्धा में बाबा भोरमदेव, राजिम में कुलेश्वर महादेव, गरियाबंद में भूतेश्वर महादेव और जांजगीर-चांपा के खरौद में लक्ष्मणेश्वर महादेव के रूप में भगवान शिव विभिन्न रूपों में श्रद्धालुओं को दर्शन दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्पूर्ण प्रदेश शिवमय है।

श्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ में पाँच प्रमुख शक्तिपीठों के विकास के लिए शक्ति कॉरिडोर योजना प्रारंभ की गई है। इसमें डोंगरगढ़ की बमलेश्वरी देवी, रतनपुर की महामाया देवी, चंद्रपुर की चंद्रहासिनी माता, दंतेवाड़ा की दंतेश्वरी देवी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में तीर्थ पर्यटन को नई दिशा दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने श्री रामलला दर्शन योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि अब तक 22 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम के दर्शन का लाभ प्राप्त कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना श्रद्धालुओं को प्रभु श्रीराम के प्रति श्रद्धा से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनी है।

इसी क्रम में पुनः प्रारंभ की गई मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत राज्य के वृद्ध श्रद्धालुओं को देश के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन कराए जा रहे हैं, जिससे उन्हें जीवन में आध्यात्मिक संतोष और आस्था का अनुभव हो रहा है।

समापन अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए प्रार्थना की कि बाबा भोलेनाथ की कृपा सदैव सभी श्रद्धालुओं पर बनी रहे। उन्होंने महामधेश्वर धाम समिति को आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दी और कहा कि प्रदेश सरकार श्रद्धा, संस्कृति और विकास के समन्वय से छत्तीसगढ़ को नया धार्मिक एवं पर्यटन गंतव्य बनाएगी।
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हर-हर महादेव से गूंज उठा भोरमदेव: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा कर हजारों कांवड़ियों का किया भव्य स्वागत

सावन मास के तीसरे सोमवार को छत्तीसगढ़ के प्राचीन, धार्मिक, ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के तीर्थ स्थल बाबा भोरमदेव मंदिर में भक्ति और श्रद्धा की गूंज उस समय चरम पर पहुँच गई जब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने हजारों कांवड़ियों और शिवभक्तों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत और अभिनंदन किया। इस शुभ अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्रीद्वय श्री विजय शर्मा और श्री अरुण साव उपस्थित थे।


यह लगातार दूसरा वर्ष है जब मुख्यमंत्री स्वयं श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए पुष्पवर्षा कर रहे हैं। पुष्पवर्षा के पश्चात् मुख्यमंत्री श्री साय ने बाबा भोरमदेव मंदिर पहुंचकर मंत्रोच्चारण, विशेष पूजा-अर्चना और रुद्राभिषेक किया तथा प्रदेश की समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने मंदिर परिसर में उपस्थित कांवड़ियों एवं श्रद्धालुओं से भेंट कर उनका हालचाल जाना और पूरे आत्मीय भाव से अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सावन मास के तीसरे सोमवार को बाबा भोरमदेव की पावन धरती पर शिवभक्तों के साथ जुड़ना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्य और गर्व का विषय है। हजारों श्रद्धालु सैकड़ों किलोमीटर की पदयात्रा कर भगवान भोलेनाथ के दर्शन हेतु यहां पहुंचे हैं—यह हमारी आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की जीवंत मिसाल है। 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अमरकंटक से 151 किलोमीटर पदयात्रा कर भोरमदेव मंदिर में जलाभिषेक करने वाली पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा को भगवा वस्त्र और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अंतर्गत भोरमदेव कॉरिडोर विकास के लिए 146 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी दी गई है। यह परियोजना न केवल मंदिर परिसर का कायाकल्प करेगी, बल्कि मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुवा से लेकर सरोदा जलाशय तक एक समग्र धार्मिक-पर्यटन कॉरिडोर के रूप में विकसित की जाएगी।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ से अमरकंटक जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मध्यप्रदेश के अनूपपुर में 5 एकड़ भूमि आबंटन की प्रक्रिया जारी है, जहाँ एक भव्य श्रद्धालु भवन का निर्माण प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं को सावन मास की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज हेलीकॉप्टर से की गई पुष्पवर्षा इस पुण्य अवसर की महत्ता को और भी अभूतपूर्व बना गई है।

पौराणिक परंपरा का गौरव: भक्ति से सराबोर हुआ बाबा भोरमदेव परिसर

सावन मास में भगवान शिव—देवों के देव—के जलाभिषेक की परंपरा सदियों से चली आ रही है। कवर्धा से 18 किलोमीटर दूर ग्राम चौरा में स्थित 11वीं शताब्दी का यह भोरमदेव मंदिर ऐतिहासिक, धार्मिक और पुरातात्विक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। श्रावण मास में छत्तीसगढ़ के कबीरधाम, मुंगेली, बेमेतरा, खैरागढ़, राजनांदगांव सहित मध्यप्रदेश के अमरकंटक से हजारों श्रद्धालु पदयात्रा कर बाबा भोरमदेव, बूढ़ा महादेव और डोंगरिया के प्राचीन जलेश्वर शिवलिंग में जलाभिषेक करने आते हैं। श्रद्धालु माँ नर्मदा से जल भरकर नंगे पाँव और भगवा वस्त्रों में 150 किलोमीटर से अधिक की दुर्गम यात्रा कर “बोल बम” के जयघोष और भजनों के साथ भोरमदेव, जलेश्वर महादेव और पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर पहुँचते हैं।
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भाजपा ध्रुवीकरण करने के लिए अल्पसंख्यकों को निशाना बनाती हैः भूपेश बघेल

 दुर्ग में दो ननों सहित तीन लोगों को गिरफ़्तार कर मानव तस्करी व धर्मांतरण का आरोप लगाने के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री एवं राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी के राज में पूरे देश में अल्पसंख्यक असुरक्षित हैं। उन्होंने कहा है कि बहुसंख्यकों का ध्रुवीकरण करने के लिए भाजपा ऐसा षडयंत्र करती है।


पूर्व मुख्यमंत्री एवं राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल ने कहा है कि क़ानून यह कहता है कि किसी मामले में शिकायत दर्ज हो तो पहले जांच की जानी चाहिए फिर एफ़आईआर दर्ज करके कार्रवाई करना चाहिए, लेकिन भाजपा सरकारों के अंतर्गत पूरे देश में हो रहा है कि जैसे ही अल्पसंख्यकों का मामला आता है, पुलिस बिना क़ानूनी औपचारिकता पूरी किए कार्रवाई करती है. चाहे वो ईसाइयों का मामला हो, मुसलमानों का या फिर सिख या किसी अन्य अल्पसंख्यक का। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा बहुसंख्यक समुदाय के राजनीतिक ध्रुवीकरण के लिए ऐसा करती है।

पूर्व मुख्यमंत्री एवं राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल ने कहा है कि ननों पर भी इसीलिए कार्रवाई की गई कि तीनों आदिवासी महिलाओं को उनकी सहमति से रोज़गार के लिए साथ ले जाया जा रहा था और इसमें उनके परिजनों की स्वीकृति भी थी। नौकरी करना हर किसी का नागरिक अधिकार है और इसके लिए कोई भी व्यक्ति देश के किसी भी हिस्से में जाकर काम कर सकता है।

पूर्व मुख्यमंत्री एवं राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल ने कहा है कि पुलिस की अनुचित कार्रवाई पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का यह बयान भी दुर्भाग्यपूर्ण है कि यह महिलाओं की सुरक्षा का मामला है। उन्होंने कहा है कि बयान देने से पहले मुख्यमंत्री तथ्यों की जांच करवा लेते तो बेहतर होता। इस मामले पर विरोध दर्द करवाने के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव (संगठन) के. सी. वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखा है. उन्होंने कहा है कि जिन ननों पर आरोप लगाए गए हैं वे एसिसी सिस्टर्स ऑफ़ मैरी इमैक्युलेट (एएसएमआई) की सदस्य हैं और परिजनों की स्वीकृति के साथ उनके साथ जा रहीं थीं। इस मामले में आज संसद में भी विरोध प्रदर्शन किया गया।
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पाट जात्रा के साथ शुरू हुआ विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरा

हरियाली अमावस्या के मौके पर बस्तर की आराध्य देवी मां दन्तेश्वरी मन्दिर के सामने गुरुवार को पाट जात्रा पूजा विधान के साथ ही विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व शुरू हो गया। बस्तर दशहरा पर्व के इस प्रथम पूजा विधान में बस्तर सांसद एवं बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष श्री महेश कश्यप, विधायक जगदलपुर श्री किरण देव, महापौर श्री संजय पाण्डे सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और बस्तर दशहरा पर्व समिति के पारंपरिक सदस्य मांझी-चालकी, मेम्बर-मेम्बरीन, पुजारी-गायता, पटेल, नाईक-पाईक, सेवादारों के साथ ही बड़ी संख्या में जनसमुदाय शामिल हुआ।


     बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी को समर्पित इस ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व के पहले पूजा विधान पाट जात्रा में रथ निर्माण के लिए बनाए जाने वाले औजार ठुरलू खोटला तथा अन्य औजारों का परम्परागत तरीके से पूजा-अर्चना कर रस्म पूरी की गयी। इसके साथ ही विश्व  प्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व शुरू हो गया, जो इस वर्ष करीब 75 दिवस की अवधि तक पूरे आस्था, श्रद्धा और पूरे हर्षाेल्लास के साथ मनाया जाएगा। 

     बस्तर दशहरा पर्व के प्रमुख पूजा विधानों को निर्धारित तिथि अनुसार सम्पन्न की जाती है। जिसके तहत आगामी शुक्रवार 05 सितम्बर को डेरी गड़ाई पूजा विधान, रविवार 21 सितम्बर को काछनगादी पूजा विधान, सोमवार 22 सितम्बर को कलश स्थापना पूजा विधान, मंगलवार 23 सितम्बर को जोगी बिठाई पूजा विधान सहित बुधवार 24 सितम्बर से सोमवार 29 सितम्बर 2025 तक प्रतिदिन नवरात्रि पूजा एवं रथ परिक्रमा पूजा विधान, सोमवार 29 सितम्बर को सुबह 11 बजे बेल पूजा, मंगलवार 30 सितम्बर को महाअष्टमी पूजा विधान एवं निशा जात्रा पूजा विधान, बुधवार 01 अक्टूबर को कुंवारी पूजा विधान, जोगी उठाई पूजा विधान एवं मावली परघाव, गुरुवार 02 अक्टूबर को भीतर रैनी पूजा विधान एवं रथ परिक्रमा पूजा विधान, शुक्रवार 03 अक्टूबर को बाहर रैनी पूजा विधान एवं रथ परिक्रमा पूजा विधान, शनिवार 04 अक्टूबर को काछन जात्रा पूजा विधान एवं मुरिया दरबार होगा। वहीं रविवार 05 अक्टूबर को कुटुम्ब जात्रा पूजा विधान में ग्राम्य देवी-देवताओं की विदाई होगी और मंगलवार 07 अक्टूबर को मावली माता की डोली की विदाई पूजा विधान के साथ ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व सम्पन्न होगी।
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मुख्यमंत्री निवास में हरेली उत्सव: श्री साय ने गौरी-गणेश, नवग्रह की पूजा कर भगवान शिव का किया अभिषेक

छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति के पहले पर्व “हरेली” पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी स्थित अपने निवास कार्यालय में गौरी-गणेश, नवग्रह की पूजा कर भगवान शिव का अभिषेक किया। 

पहली बार मुख्यमंत्री निवास में हरेली के पूजन में भिलाई की ग्रेजुएट सुश्री धनिष्ठा शर्मा ने अपने बड़े भाई श्री दिव्य शर्मा के साथ भगवान शिव के अभिषेक में मंत्रोच्चार किया, इससे मुख्यमंत्री श्री साय एवं उनके परिजनों सहित मौजूद सभी अतिथि प्रभावित हुए।

हरेली के पूजा-पाठ में विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम, महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े और राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा भी शामिल हुए।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने खेती किसानी के कामों में उपयोग होने वाले नांगर, रापा, कुदाल व दूसरे कृषि यंत्रों की विधिवत पूजा-अर्चना कर हरेली उत्सव का शुभारंभ किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश के किसानों समेत समस्त छत्तीसगढ़ वासियों की ख़ुशहाली एवं सुख-समृद्धि की कामना की। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने पशुधन संरक्षण के संदेश के साथ गाय और बछड़े को पारंपरिक लोंदी और हरा चारा खिलाया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को हरेली पर्व की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हरेली पर्व केवल किसानों का उत्सव नहीं है, बल्कि यह प्रकृति, पर्यावरण और पशुधन से जुड़े हमारे गहरे रिश्ते को भी दर्शाता है। इस दिन गाय एवं अन्य मवेशियों को गेहूं के आटे, नमक और अरंडी के पत्तों से तैयार लोंदी खिलाने की परंपरा है। मान्यता है कि इससे पशुओं को कई प्रकार की बीमारियों से बचाव मिलता है और उनकी सेहत बेहतर रहती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति में पशुओं को परिवार का सदस्य माना गया है। हरेली का यह पर्व हमें पशुधन के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अपनी परंपराओं से जुड़ें और पशुधन की देखभाल एवं सुरक्षा को प्राथमिकता दें। मुख्यमंत्री निवास में आयोजित इस अवसर पर पारंपरिक छत्तीसगढ़ी परिवेश और पूजा-पद्धति के साथ लोक संस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिली।
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पाट जात्रा पूजा विधान के साथ होगी विश्वप्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व की गुरूवार से विधिवत शुरूआत

छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी मंदिर प्रांगण में कल गुरुवार को हरेली अमावस्या के मौके पर पाट जात्रा पूजा विधान के साथ विश्वप्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व की शुरुआत होगी। इस दौरान पारम्परिक मांझी-चालकी, मेम्बर-मेम्बरीन, पुजारी, पटेल, नाईक-पाईक, सेवादार रथ निर्माण के लिए औजार बनाने ठुरलू खोटला रस्म अदा करेंगे। इस अवसर पर बस्तर दशहरा समिति द्वारा मांझी-चालकी, मेम्बर-मेम्बरीन, पुजारी, पटेल, नाईक-पाईक, सेवादारों सहित गणमान्य नागरिकों एवं ग्रामीणों को उपस्थित होकर पाट जात्रा पूजा विधान में शामिल होने का आग्रह किया गया है।
     जात्रा पूजा विधान के साथ ही बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी को समर्पित इस 75 दिवसीय ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व में शुक्रवार 05 सितम्बर को डेरी गड़ाई पूजा विधान, रविवार 21 सितम्बर को काछनगादी पूजा विधान, सोमवार 22 सितम्बर को कलश स्थापना पूजा विधान, मंगलवार 23 सितम्बर को जोगी बिठाई पूजा विधान सहित बुधवार 24 सितम्बर से सोमवार 29 सितम्बर 2025 तक प्रतिदिन नवरात्रि पूजा एवं रथ परिक्रमा पूजा विधान, सोमवार 29 सितम्बर को सुबह 11 बजे बेल पूजा, मंगलवार 30 सितम्बर को महाअष्टमी पूजा विधान एवं निशा जात्रा पूजा विधान, बुधवार 01 अक्टूबर को कुंवारी पूजा विधान, जोगी उठाई पूजा विधान एवं मावली परघाव, गुरुवार 02 अक्टूबर को भीतर रैनी पूजा विधान एवं रथ परिक्रमा पूजा विधान, शुक्रवार 03 अक्टूबर को बाहर रैनी पूजा विधान एवं रथ परिक्रमा पूजा विधान, शनिवार 04 अक्टूबर को सुबह काछन जात्रा पूजा विधान के पश्चात दोपहर में मुरिया दरबार का आयोजन होगा। वहीं रविवार 05 अक्टूबर को कुटुम्ब जात्रा पूजा विधान में ग्राम्य देवी-देवताओं की विदाई की जाएगी और मंगलवार 07 अक्टूबर को मावली माता की डोली की विदाई पूजा विधान के साथ ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व सम्पन्न होगी।,

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श्री रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत रायपुर से 850 श्रद्धालुओं का तीर्थयात्रा हेतु प्रस्थान — मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दी शुभकामनाएं

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेशवासियों की आस्था और श्रद्धा को मूर्त रूप देने हेतु प्रारंभ की गई ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ के अंतर्गत आज रायपुर रेलवे स्टेशन से रायपुर संभाग के 850 श्रद्धालु विशेष ट्रेन से अयोध्या धाम के दर्शन के लिए रवाना हुए। इस पवित्र यात्रा के शुभारंभ पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और उनकी यात्रा के मंगलमयी होने की कामना की।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रद्धालुओं को हमारे 'भांचा राम' — श्रीरामलला के निःशुल्क दर्शन कराने की यह पुण्य यात्रा अनवरत जारी है। यह यात्रा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की उस गारंटी को साकार कर रही है, जिसमें उन्होंने देश के प्रत्येक नागरिक को प्रभु श्रीराम के दर्शन का अवसर उपलब्ध कराने का संकल्प लिया था।

उन्होंने कहा कि “श्री रामलला दर्शन योजना” के अंतर्गत सरकार ने मार्च 2024 तक 20,000 श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम भेजने का लक्ष्य निर्धारित किया था, किंतु प्रदेशवासियों की अद्वितीय आस्था, उत्साह, और सरकार की प्रतिबद्धता के चलते यह संख्या 22,000 से अधिक हो चुकी है। इस यात्रा में श्रद्धालुओं को काशी विश्वनाथ धाम के दर्शन का सौभाग्य भी प्राप्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस योजना के लिए ₹36 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है। अब तक बीते डेढ़ वर्षों में 27 विशेष ट्रेनें छत्तीसगढ़ के विभिन्न संभागों से श्रद्धालुओं को लेकर अयोध्या धाम के लिए रवाना हो चुकी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री रामलला तीर्थ दर्शन योजना केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना को सशक्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश का हर नागरिक, विशेषकर बुज़ुर्ग एवं वंचित वर्ग, अपने जीवन में एक बार प्रभु श्रीराम के जन्मस्थान के दर्शन कर सके।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर प्रारंभ की गई ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ आज प्रदेशवासियों के जनजीवन से गहराई से जुड़ चुकी है। इसी कड़ी में वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली विशेष ट्रेन आज रायपुर रेलवे स्टेशन से अयोध्या धाम के लिए रवाना हुई। इस अवसर पर राजस्व, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने दोपहर 1:00 बजे हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया। ट्रेन के प्रस्थान के दौरान रायपुर रेलवे स्टेशन का प्लेटफॉर्म नंबर 7 जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा। तीर्थयात्रियों और उनके परिजनों में विशेष उत्साह और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला। यात्रियों का पारंपरिक छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य एवं लोकवाद्य से स्वागत किया गया, वहीं IRCTC के प्रतिनिधियों द्वारा तिलक लगाकर अभिवादन किया गया।

इस अवसर पर विधायकगण श्री पुरंदर मिश्रा, श्री मोतीलाल साहू, गुरु खुशवंत साहिब, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज, सचिव संस्कृति एवं पर्यटन डॉ. रोहित यादव, पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य, कलेक्टर रायपुर डॉ. गौरव सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी एवं रेलवे व IRCTC के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि इस योजना की परिकल्पना मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा प्रदेशवासियों को जीवन में एक बार अयोध्या धाम के दर्शन का सौभाग्य प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। इसके लिए 23 फरवरी 2024 को छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल और IRCTC के मध्य एमओयू संपादित किया गया था। योजना की औपचारिक शुरुआत 5 मार्च 2024 को रायपुर से हुई थी, जब मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वयं पहली ट्रेन को रवाना किया था। इसके पश्चात बिलासपुर, सरगुजा और दुर्ग-बस्तर (संयुक्त) संभागों से भी विशेष ट्रेनों का संचालन हुआ। विगत वर्ष इस योजना के माध्यम से लगभग 22,100 श्रद्धालुओं ने अयोध्या धाम के दर्शन किए। योजना के अंतर्गत प्रत्येक संभाग से साप्ताहिक विशेष ट्रेनों का संचालन जारी रहेगा।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल से ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ हो रही साकार — रजत जयंती वर्ष में आस्था और सांस्कृतिक चेतना की ऐतिहासिक पहल

छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के रजत जयंती वर्ष में प्रदेशवासियों को श्रीराम लला के दर्शन का सौभाग्य प्रदान करने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल से ‘श्री रामलला दर्शन योजना’  जन जन के जीवन से जुड़ रही है।


इस योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली विशेष ट्रेन दिनांक 15 जुलाई 2025 को रायपुर रेलवे स्टेशन से अयोध्या धाम के लिए रवाना होगी। इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय स्वयं इस विशेष दर्शन यात्रा को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ करेंगे। रायपुर संभाग के श्रद्धालुओं को लेकर रवाना होने वाली इस ट्रेन के प्रस्थान अवसर पर  मंत्रीगण, सांसदगण, विधायकगण एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य, वरिष्ठ अधिकारीगण एवं दक्षिण पूर्व-मध्य रेलवे रायपुर मंडल के डीआरएम श्री दयानंद, सीनियर डीसीएम श्री अवधेश त्रिवेदी तथा आईआरसीटीसी – साउथ सेंट्रल ज़ोन के ग्रुप महाप्रबंधक श्री पी. राजकुमार भी उपस्थित रहेंगे।

उल्लेखनीय है कि प्रदेशवासियों को उनके जीवनकाल में एक बार प्रभु श्रीराम लला के अयोध्या धाम दर्शन का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से 23 फरवरी 2024 को छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड एवं इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) के मध्य एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) संपादित किया गया था।

उक्त एमओयू के क्रियान्वयन की श्रृंखला में योजना की विधिवत शुरुआत रायपुर संभाग के श्रद्धालुओं के साथ 5 मार्च 2024 को हुई थी, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वरिष्ठ मंत्रीगणों एवं जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति में रायपुर रेलवे स्टेशन से पहली विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।

इसके पश्चात् 11 मार्च को बिलासपुर संभाग के श्रद्धालुओं के लिए विशेष ट्रेन को उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इसी क्रम में 19 जून को सरगुजा संभाग की विशेष ट्रेन को सांसद श्री चिंतामणि महाराज ने विधायकगण एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में शुभारंभ किया। 26 जून को दुर्ग एवं बस्तर (संयुक्त) संभाग की पहली विशेष ट्रेन, जिसमें 850 श्रद्धालु शामिल थे, दुर्ग रेलवे स्टेशन से अयोध्या के लिए रवाना हुई।  इन सभी अवसरों पर श्रद्धालुओं में अत्यंत उत्साह और आस्था का भाव देखने को मिला। साथ ही मीडिया प्रतिनिधिगण, आम नागरिक, जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड एवं आईआरसीटीसी के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि विगत वित्तीय वर्ष में ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ के अंतर्गत लगभग 22,100 श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम के दर्शन का अवसर प्राप्त हुआ। योजना के तहत विशेष साप्ताहिक ट्रेनें आगे भी रायपुर, बिलासपुर, सरगुजा और दुर्ग-बस्तर (संयुक्त) संभागों के श्रद्धालुओं को श्रीराम लला के दर्शन हेतु नियमित रूप से अयोध्या धाम ले जाती रहेंगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की यह पहल न केवल धार्मिक आस्था को मजबूती प्रदान कर रही है, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना को भी गौरवपूर्ण स्थान दिला रही है।
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राजधानी रायपुर में भाजपा ने मनाई गुरु पूर्णिमा प्रदेश अध्यक्ष सहित अन्य नेताओं ने मंडलों में किया गुरुओं का सम्मान

 आषाढ़ मास की पूर्णिमा को पूरे देश में गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है इस वर्ष गुरुवार 10 जुलाई को पूरा देश में गुरु पूर्णिमा पर्व के रूप में मनाया गया , इस पर्व पर भाजपा द्वारा प्रत्येक मंडल में निवासरत धार्मिक एवं शिक्षा में अपना योगदान देने वाले गुरुओं का सम्मान किया गया । 

गुरु पूर्णिमा पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव रायपुर पश्चिम के विधायक राजेश मूणत और जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर ने रायपुर के रामकुंड स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर के महंत श्री वेदप्रकाशाचार्य जी सान्निध्य में पहुंचकर उनका सम्मान किया सर्वप्रथम प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव ,  विधायक राजेश मूणत और जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर सहित अन्य नेताओं ने महंत श्री वेदप्रकाशाचार्य को पुष्पमाला पहना कर आशीर्वाद लिया गया उसके पश्चात शॉल और श्रीफल भेंट कर उनका आशीर्वाद ग्रहण कर सम्मानित किया गया उपस्थित कार्यकर्ताओं ने महंत जी पर पुष्पवर्षा की उसके पश्चात प्रदेश अध्यक्ष एवं अन्य नेताओं द्वारा महंत जी की आरती उतारी गई महंत श्री वेदप्रकाशाचार्य ने सभी को मंदिर प्रांगण में सभी मंदिरों के दर्शन करवाते हुए मंदिर की विशेषताओं को बताया ।

हमारी संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च है गुरु पूर्णिमा गुरुओं को समर्पित पर्व है :किरण सिंहदेव
इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव ने सर्वप्रथम पूरे प्रदेश को गुरु पूर्णिमा के पर्व की शुभकामनाएं दी उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में गुरुओं का स्थान सर्वोच्च है। 
हमने बचपन से ही पढ़ा है ,
गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः, गुरुः साक्षात्‌ परब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः॥
अर्थात गुरु में ही त्रिदेव वास करते हैं और गुरु ही हमें देवों का वेदों का और जीवन के अहम क्षेत्रों की शिक्षा प्रदान करते हैं ।
एक और अन्य दोहे के माध्यम से भी गुरु महिमा की ज्ञान बचपन से हम सभी को प्राप्त हुआ है ,
" गुरु गोविंद दोनों खड़े काके लागू पाओ , गोविंद दियो बताए गुरु के लगे पाओ " अर्थात शिष्य के समक्ष गुरु और गोविंद दोनों खड़े हैं और वह शिष्य संशय में है कि किसके चरण पहले स्पर्श किया जाए और तभी गोविंद स्वयं कहते हैं कि प्रथम पूज्य गुरु हैं और गुरु के चरण स्पर्श किए जाए ।
आषाढ़ मास की पूर्णिमा गुरुओं को समर्पित है इस दिन प्रत्येक भारतीय अपने गुरुओं का सम्मान और सेवा सुश्रुषा करता है उन्हें गुरु दक्षिणा देता है ऐसे में गुरु पूर्णिमा पर्व को मंडलों में मनाने का उद्देश्य यह है कि मंडल क्षेत्र में निवासरत सभी सम्माननीय धार्मिक , सामाजिक और शिक्षा क्षेत्र के गुरुओं का सम्मान किया जाए , ताकि यह केवल एक आंशिक कार्यक्रम ना रहे अपितु वृहद रूप में देश के कोने कोने तक मनाया जाए जिससे शिक्षा प्रदाय करने वाले गुरुओं का मनोबल भी मजबूत हो और यही वजह है कि हम सभी के द्वारा गुरु पूर्णिमा पर गुरुओं का सम्मान कार्यक्रम प्रत्येक मंडल में किया जा रहा है। 
जिससे कार्यक्रम का मूल उद्देश्य आम जन तक पहुंचे और अन्य लोगों में भी गुरुओं के प्रति आदर भाव जागृत हो ।
उन्होंने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने सदैव भारत के सांस्कृतिक और सामाजिक मूल्यों को मजबूत करने का प्रयास धरातल तक पहुंचकर किया है और यह एक महत्वपूर्व वजह है जो भाजपा को अन्य राजनैतिक दलों से अलग और विशिष्ट बनाती है ।
गुरु पूर्णिमा पर्व पर हमारे द्वारा सभी मंडलों में गुरुओं के सम्मान का कार्यक्रम किया गया :- रमेश सिंह ठाकुर
भाजपा जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर ने कहा कि गुरु पूर्णिमा पर्व पर गुरुओं का सम्मान कार्यक्रम भाजपा द्वारा मंडल स्तरीय तय किया गया था और हमने सभी 20 मंडलों पर विभिन्न स्थानों पर गुरुओं का सम्मान कार्यक्रम सफलत पूर्वक सम्पन्न किया यह हम सभी के लिए सौभाग्य का विषय है कि हमें पार्टी कार्यक्रम के माध्यम से गुरुओं का सान्निध्य और आशीर्वाद प्राप्त हुआ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव , विधायक राजेश मूणत और आयोग अध्यक्ष सलीम राज सहित अन्य नेताओं की उपस्थिति में हमने महंत श्री वेदप्रकाशाचार्य जी से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया एवं उनका सम्मान किया भारतीय जनता पार्टी के कार्यक्रमों की यही विशेषता रही है कि उन कार्यक्रमों में सांस्कृतिक और सामाजिक मूल्यों का समावेश होता है ।
आज सभी 20 मंडलों में गुरु पूर्णिमा कार्यक्रम सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ है , साथ ही हमारे द्वारा वृहद वृक्षारोपण का कार्यक्रम लगातार जारी है और आज गुरु पूर्णिमा के सुअवसर पर भी हमने विभिन्न स्थानों पर वृक्षारोपण किया गया ।
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में आज विशेष रूप से पूर्व जिला अध्यक्ष जयंती भाई पटेल , जिला उपाध्यक्ष भाजपा अकबर अली , मीडिया प्रभारी वंदना राठौड,  तात्यापारा मंडल अध्यक्ष चैतन्य टावरी ,शहिद चूड़ामणि वार्ड पार्षद श्री दीपक जायसवाल मंडल महामंत्री श्री प्रशांत चंद्राकर ,श्री प्रकाश यदु मंडल उपाध्यक्ष श्री केवल अग्रवाल, स्वामी आत्मानंद वार्ड पार्षद श्री आनंद अग्रवाल, श्री रोहित द्विवेदी ,श्री दिनेश शर्मा जी ,श्री अखिलेश कश्यप जी, श्री बजरंग खंडेलवाल, श्री ललित सिंघानिया जी, श्रीमती ममता सोनी ,श्रीमती कंचन चौधरी ,श्री रोहित चौधरी ,श्रीमती गुड्डन ठाकुर, श्री मुकेश राठौर, श्री निर्मल ठाकुर, श्रीमती सुषमा साहू, श्रीमती रेखा शर्मा ,श्रीमती मीरा साहू ,श्री दीपक शर्मा, श्री हर्षवर्धन शुक्ला, श्री देवेंद्र यादव, श्री शैलेश वर्मा ,श्री विमल साहू, श्री किशन श्रीवास सुश्री नीति साहू  सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित थे जहां सभी कार्यकर्ताओं ने गुरुओं का सम्मान कर प्रसाद भी ग्रहण किया ।
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श्री श्री 108 श्री सत्यनारायण बाबा धाम कोसमनारा में पहुंचे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय: प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की

गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रायगढ़ जिले के ग्राम कोसमनारा स्थित श्री श्री 108 श्री सत्यनारायण बाबा धाम पहुंचकर भगवान भोलेनाथ की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और खुशहाल जीवन के लिए प्रार्थना की।


मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु पूर्णिमा का दिन श्रद्धा, आस्था और मार्गदर्शन के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर है। कोसमनारा स्थित यह धाम लोगों की आस्था का केंद्र है और यहाँ की आध्यात्मिक ऊर्जा आत्मबल प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जनकल्याण के मार्ग पर गुरुजनों के आशीर्वाद और जनआशीर्वाद के साथ निरंतर आगे बढ़ रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, रायगढ़ सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा और महापौर श्री जीवर्धन चौहान भी उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय गुरु पूर्णिमा के अवसर पर रायगढ़ जिले के ग्राम बनोरा स्थित अघोर गुरुपीठ में गुरु दर्शन के लिए पहुंचे

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज गुरु पूर्णिमा के अवसर पर रायगढ़ प्रवास के दौरान ग्राम बनोरा स्थित अघोर गुरु पीठ में गुरु दर्शन के लिए पहुंचे। उन्होंने गुरु पीठ आश्रम के उपासना स्थल पर अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम जी की प्रतिमा के दर्शन कर प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने आश्रम में अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम जी के प्रिय शिष्य प्रियदर्शी भगवान राम जी के दर्शन भी किए और मार्गदर्शन प्राप्त किया । इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी, लोक सभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह , विधायक श्री पुरंदर मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को गुरु पूर्णिमा की दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को गुरु पूर्णिमा की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु को सर्वोच्च स्थान प्रदान किया गया है। आषाढ़ पूर्णिमा के दिन भारत में गुरु पूर्णिमा मनाने की परंपरा है। यह दिन गुरु के अमूल्य ज्ञान, मार्गदर्शन और उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का विशेष अवसर होता है।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गुरु जीवन में अज्ञान के अंधकार को दूर कर ज्ञान का आलोक प्रदान करते हैं। उनके द्वारा दी गई शिक्षा और मूल्य हमारे जीवन के पथ को आलोकित करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अभी को गुरुजनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनकी शिक्षाओं को अपने जीवन में आत्मसात करते हुए प्रगति के पथ पर अग्रसर होते हुए जीवन को सार्थक करना चाहिए।
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बदरीनाथ हाईवे पर गिरा मलबा, बाल-बाल बचे यात्री...

बदरीनाथ हाईवे गौचर तलधारी के पास पहाड़ी से मलबा आने से बंद हो गया है। सुबह पहाड़ी से भारी मलबा और बोल्डर हाईवे पर गिरे। इस दौरान वहां से गुजरने वाले लोग बाल-बाल बचे। कर्णप्रयाग नेनीसैंण मोटर मार्ग आईटीआई से लगभग 500 मीटर आगे पहाड़ी से चट्टान टूटी।

सड़क बन्द होने से कपीरीपट्टी के लोगों को डिम्मर सिमली होते हुए कर्णप्रयाग पहुंचना पड़ेगा। उत्तराखंड में भारी बारिश का सिलसिला आज भी जारी है। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से देहरादून समेत नौ जिलों के लिए भारी से भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। जबकि, अन्य जिलों में भी भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी
मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार देहरादून समेत उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, नैनीताल, चम्पावत और ऊधमसिंह नगर जिले में भारी से भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में बहुत भारी से भारी बारिश होने की संभावना है। इनके अलावा अन्य जिलों में भी तेज दौर की बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

लोगों को हिदायत देते हुए मौसम वैज्ञानिकों ने कहा है कि इन स्थानों पर भारी से भारी बारिश होने की वजह से जलभराव, भूस्खलन होने के साथ नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है। ऐसे में दिन के साथ रात के समय भी अधिक सतर्क रहें और नदी-नालों के आसपास जाने से परहेज करें। इसके अलावा आवश्यक न हो तो पर्वतीय इलाकों में यात्रा करने से बचें।

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तेंदूपत्ता संग्राहकों के सम्मान में ‘चरण पादुका योजना’ का पुनः शुभारंभ – मुख्यमंत्री साय

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज दुर्ग जिले के जामगांव में महिला तेंदूपत्ता संग्राहकों को चरण पादुका पहनाकर ‘चरण पादुका योजना’ का पुनः शुभारंभ किया गया। प्रदेश के 12 लाख 40 हजार से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को अब यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की एक और गारंटी का प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा। 

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारी सरकार वनवासियों और तेंदूपत्ता संग्राहक भाइयों-बहनों के जीवन स्तर को सशक्त और सुरक्षित बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। चरण पादुका योजना उन परिश्रमी हाथों के प्रति हमारी कृतज्ञता का प्रतीक है, जो कठिन परिस्थितियों में वनोपज संग्रहण का कार्य करते हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों का राज्य की अर्थव्यवस्था, वनोपज आधारित रोजगार और स्थानीय समृद्धि में अमूल्य योगदान है। उनकी मेहनत से ही छत्तीसगढ़ की वनोपज परंपरा जीवंत बनी हुई है और लाखों परिवारों को आजीविका का सहारा मिलता है। ‘चरण पादुका योजना’ हमारे संकल्प पत्र "मोदी की गारंटी" का महत्वपूर्ण वादा था, जिसे हमारी सरकार ने पूरी प्रतिबद्धता के साथ पूरा किया है। यह योजना केवल चरण पादुका वितरण भर नहीं, बल्कि तेंदूपत्ता संग्राहकों के श्रम और स्वाभिमान का सम्मान है। 

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि इस योजना के माध्यम से हम तेंदूपत्ता संग्राहकों के उस परिश्रम को नमन कर रहे हैं, जो जंगलों की पगडंडियों से होकर प्रदेश की समृद्धि तक पहुँचता है। सरकार उनके हर सुख-दुख में सहभागी है और उनके जीवन में गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारा कर्तव्य है।
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मुख्यमंत्री साय ने नवनिर्मित आधुनिक आयुर्वेदिक प्रसंस्करण इकाई और केन्द्रीय भंडार गृह परिसर का किया लोकार्पण

 मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज दुर्ग जिले के पाटन विधानसभा के अंतर्गत ग्राम जामगांव (एम) में छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित द्वारा निर्मित आधुनिक आयुर्वेदिक औषधि प्रसंस्करण इकाई एवं केन्द्रीय भंडार गृह परिसर तथा स्प्रेयर बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड द्वारा पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप अंतर्गत निर्मित हर्बल एक्सट्रेक्शन इकाई का लोकार्पण किया।

 मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को हमारी सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ पूरा कर रही है। हमारी सरकार डेढ़ वर्षों से लगातार विकास की दिशा में अग्रसर है। तीन करोड़ जनता से किए गए वचनों को हम प्राथमिकता से पूरा कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि  तीन नई हर्बल इकाइयों से लगभग दो हजार लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। छत्तीसगढ़ का 44 प्रतिशत भू-भाग वन क्षेत्र से आच्छादित है, जो हमारे लिए सौभाग्य का विषय है। आयुर्वेदिक औषधियों की कच्ची सामग्रियां जंगलों से एकत्र कर संयंत्रों तक पहुंचाई जाएंगी, जिससे वनवासियों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि यह प्रसंस्करण इकाई मध्य भारत की सबसे बड़ी इकाई है और आयुर्वेदिक औषधि निर्माण के क्षेत्र में एक मील का पत्थर सिद्ध होगी। इससे न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयुर्वेदिक केंद्र के रूप में स्थापित होगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए सरकार ने संग्रहण दर 4,500 रुपए से बढ़ाकर 5,500 रुपए प्रति मानक बोरा कर दी है, जिससे लगभग 13 लाख तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही पूर्ववर्ती सरकार में बंद की गई ‘चरण पादुका योजना’ को पुनः प्रारंभ किया गया है, जिसके अंतर्गत आज पांच हितग्राही महिलाओं को चरण पादुका वितरित की गईं।

मुख्यमंत्री ने लोगों से ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी माँ के नाम पर कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाना चाहिए और उसका संरक्षण करना चाहिए। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ ही माँ के प्रति सम्मान भाव भी बना रहेगा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 44.10 प्रतिशत वनाच्छादित क्षेत्र है, जिससे वनोपज की बहुलता है। यह प्रसंस्करण इकाई मध्य भारत की सबसे बड़ी इकाई है। इसके प्रारंभ से वनोपज का संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन सुगम होगा। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का वनोपज अब वैश्विक बाजार में अपनी पहचान बनाएगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में 67 प्रकार की वनोपज का संग्रहण किया जाता है, जिससे 13 लाख 40 हजार वनवासियों को सीधा लाभ मिलेगा। श्री कश्यप ने कहा कि ‘मोदी की गारंटी’ के अनुरूप ‘चरण पादुका योजना’ को पुनः प्रारंभ किया गया है।

महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 स्वामी कैलाशनंद गिरी जी महाराज ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आयुर्वेदिक औषधियों की महत्ता पर प्रकाश डाला।

मुख्यमंत्री श्री साय ने लोकार्पण से पूर्व प्रसंस्करण इकाई परिसर में आंवला का पौधा रोपित किया। इसके साथ ही वन मंत्री श्री कश्यप ने सीताफल का पौधा, सांसद श्री विजय बघेल ने बेल तथा महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 डॉ. स्वामी कैलाशानंद गिरी जी महाराज ने भी सीताफल का पौधा रोपित किया।

उल्लेखनीय है कि आयुर्वेदिक प्रसंस्करण इकाई छत्तीसगढ़ की समृद्ध वन संपदा को विज्ञान और आधुनिक तकनीक से जोड़कर ‘फॉरेस्ट टू फार्मेसी मॉडल’ को साकार करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल है। 27.87 एकड़ क्षेत्र में 36.47 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित यह इकाई प्रतिवर्ष 50 करोड़ रुपए मूल्य के उत्पाद तैयार करेगी। यहां प्रदेश के वनों से प्राप्त औषधीय और लघु वनोपज – जैसे महुआ, साल बीज, कालमेघ, गिलोय, अश्वगंधा आदि का संगठित एवं वैज्ञानिक प्रसंस्करण कर चूर्ण, सिरप, तेल, टैबलेट एवं अवलेह जैसे गुणवत्तापूर्ण उत्पाद निर्मित होंगे। यह इकाई ‘छत्तीसगढ़ हर्बल्स’ ब्रांड के तहत प्रदेश के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान दिलाने का प्रमुख केंद्र बनेगी।

परियोजना के अंतर्गत 2,000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित होगी, जिससे उन्हें स्वरोजगार मिलेगा। वहीं युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त होने से स्थानीय स्तर पर आजीविका के नए द्वार खुलेंगे। इकाई में आधुनिक वेयरहाउस की 20,000 मीट्रिक टन की संग्रहण क्षमता विकसित की गई है, जिससे मौसमी वनोपजों के दीर्घकालीन संरक्षण एवं गुणवत्ता नियंत्रण में सहायता मिलेगी। यह परियोजना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ एवं ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को साकार करती है। यह न केवल वन उत्पादों के स्थानीय मूल्य संवर्धन का उदाहरण प्रस्तुत करती है, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन, आर्थिक विकास और सामाजिक समावेशिता को भी सशक्त बनाती है।

मुख्यमंत्री श्री साय की दिखी संवेदनशीलता: अपने हाथों से पहनाई चरणपादुका

इस अवसर पर मानवीय संवेदनशीलता और सम्मान का अनूठा दृश्य भी देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ग्राम बढ़भुम (जिला बालोद) की हितग्राही श्रीमती शकुंतला कुरैटी को स्नेहपूर्वक अपने हाथों से चरण पादुका पहनाई।मुख्यमंत्री श्री साय की पहल से प्रेरित होकर वन मंत्री सहित अन्य अतिथियों ने भी हितग्राहियों – श्रीमती वैजयंती कुरैटी, श्रीमती निर्मला उईके, श्रीमती ललिता उईके तथा श्रीमती अघनतीन उसेंडी को अपने हाथों से चरण पादुका पहनाई। 

इस अवसर पर सांसद श्री विजय बघेल, विधायकगण श्री डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, श्री सम्पत लाल अग्रवाल, श्री ललित चन्द्राकर, श्री गजेन्द्र यादव एवं श्री रिकेश सेन, पूर्व मंत्री श्रीमती रमशीला साहू, पूर्व विधायक श्री दया राम साहू, महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 डॉ. स्वामी कैलाशानंद गिरी जी महाराज, स्थानीय आदिवासी स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम, वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामसेवक पैकरा, वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव, छत्तीसगढ़ राज्य वनोपज संघ के प्रबंध संचालक श्री अनिल कुमार साहू एवं संघ के कार्यकारी अध्यक्ष श्री एस. मणिकासगन उपस्थित थे।
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