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उच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधिपति ने औचक निरीक्षण किया

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा साहब हाईकोर्ट के मामलों की सुनवाई पश्चात् आज दिनांक 28.07.2023 को औचक निरीक्षण हेतु जॉजगीर-चांपा पहुंचे और वहां उन्होंने जिला न्यायालय परिवार न्यायालय एवं विधिक सेवा प्राधिकरण के समस्त कक्षों का निरीक्षण किया, वहां पर उन्होंने परिसर में अस्त व्यस्त पार्किंग, कोर्ट प्रांगण में अवारा पशुओं का विचरण, भवन की दिवालों में जगह-जगह सीपेज होना तथा वॉशरूम को अत्यधिक अस्वच्छ होना पाया । उपरोक्त तथ्यों को लेकर नाराजगी व्यक्त की एवं सभी समस्याओं के शीघ्र निराकरण हेतु जिला न्यायाधीश को निर्देश दिये गये।

 
ज्ञात हो कि माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय द्वारा यह औचक निरीक्षण का लगातार दूसरा दिन था। मुख्य न्यायाधिपति श्री सिन्हा जी द्वारा अधिवक्ताओं के बाररूम का भी निरीक्षण किया गया तथा उनके समस्याओं को सुनकर शीघ्र निराकरण करने हेतु संबंधितों को निर्देश दिये। उनके द्वारा कॉन्फ्रेन्स हॉल में जिले के सभी न्यायाधीशों के साथ एक संयुक्त बैठक कर प्रकरणों को शीघ्रातिशीघ्र निराकरण करने एवं 5 से 10 वर्ष के पुराने प्रकरणों को प्राथमिकता देते हुए त्वरित गति से निराकृत करने हेतु निर्देश दिया गया। औचक निरीक्षण में उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल श्री अरविन्द कुमार वर्मा भी शामिल थे।
 
ज्ञात हो कि माननीय मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा साहब को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में आये हुए मात्र 03 माह ही व्यतीत हुए है, उक्त 03 माह के कार्यकाल में ही जिला न्यायालय रायपुर, बिलासपुर, कॉकर, जगदलपुर दंतेवाडा, कोरबा कटघोरा एवं मुंगेली का निरीक्षण कर मुलभूत सभी आवश्यक कार्य को शीघ्रातिशीघ्र दुरूस्त करने का निर्देश दे चुके हैं ।
 
इस प्रकार मुख्य न्यायाधिपति महोदय के लगातार अधिक निरीक्षण करने से राज्य के समस्त जिला न्यायालयों एवं संबंधित अधिनस्थ न्यायालयों में मूलभूत सुविधाओं में सुधार होना प्रारंभ हो गया है। 
 
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प्रदेश के 42 लाख परिवारों को आधे दाम में दे रहे बिजली : भूपेश बघेल

 मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सबसे बड़े सुपर क्रिटिकल पॉवर प्लांट का शिलान्यास किया

रायपुर: देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 1957 में कोरबा में बिजली प्लांट की पहली शुरूआत की थी। मुझे इस बात की बहुत खुशी है कि आज हम यहां अब तक के सबसे बड़े 1320 मेगावाट के पॉवर प्लांट की आधारशिला रख रहे हैं। छत्तीसगढ़ में प्रति व्यक्ति बिजली की खपत देश में सबसे ऊपर है। कोरबा ऊर्जा की राजधानी रही है। हमने छत्तीसगढ़ में बिजली बिल हाफ करने की योजना लागू की, हम 24 घंटे सभी को बिजली प्रदान कर रहे हैं। मुझे इस बात की खुशी है कि हम 42 लाख परिवारों को आधे दाम में 400 यूनिट तक बिजली दे रहे हैं। यह बात मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 12 हजार 915 करोड़ रूपए के लागत से बनने वाले विद्युत उत्पादन कंपनी हसदेव ताप विद्युत गृह की नवीन सुपरक्रिटिकल ताप विद्युत परियोजना कोरबा (पश्चिम) के शिलान्यास एवं विकास कार्यों के लोकार्पण भूमिपूजन के दौरान कही।



मुख्यमंत्री बघेल नेे कहा कि मुझे खुशी है कि पर्यावरण और कोयला की अनुमति मिल चुकी है, सारी प्रक्रिया बहुत तेज हुई है, मेरा विश्वास है कि 2028 तक इसे शुरू कर लेंगे। अब बिजली उत्पादन बढ़कर 40 मेगावाट हो जाएगा। हम सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में भी काम कर रहे हैं। बिजली व्यवस्था को लेकर हम लगातार काम कर रहे हैं। मोर बिजली एप से आप बिल जमा कर सकते हैं और बिजली कटने, खराब होने की शिकायत भी कर सकते हैं। हम विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लोगों की सुविधाएं बढ़ाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने वनोपजों का समर्थन मूल्य तय किया है, हम 67 प्रकार के वनोपज खरीद रहे हैं। गौठानों में रूलर इंडस्ट्रियल पार्क के माध्यम से रोजगार की वृद्धि की जा रही है, अब गौठान ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शनिवार को कोरबा जिले के एक दिवसीय प्रवास के दौरान कोरबा के घण्टाघर मैदान में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी हसदेव ताप विद्युत गृह की नवीन सुपरक्रिटिकल ताप विद्युत परियोजना कोरबा (पश्चिम) का शिलान्यास किया। इसकी अनुमानित लागत 12 हजार 915 करोड़ रूपए है। बघेल ने विभिन्न विभागों के अंतर्गत किए जा रहे 72 विकास कार्यों का भी लोकार्पण, भूमिपूजन और शिलान्यास किया जिसकी लागत 112 करोड़ 13 लाख से भी अधिक है। इन कार्यों में 54 करोड़ 70 लाख राशि के 38 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं 57 करोड़ 43 लाख से अधिक राशि के 34 विकास कार्यों का शिलान्यास कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने यहां कलेक्टरेट परिसर में छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति का अनावरण एवं डिंगापुर में नवनिर्मित ई-लाईब्रेरी का लोकार्पण किया।

इस अवसर पर कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि विकास के काम पूरे हो रहे है। आज पांवर प्लांट का भूमिपूजन हुआ है। क्रिटिकल पॉवर प्लांट से प्रदूषण कम होगा। आने वाले दिनों कोयले से नहीं बल्कि पानी से बिजली बनाई जाएगी। राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि कोरबा जिले को बहुत सी सौगते देने के लिए मुख्यमंत्री जी का आभार। सांसद दीपक बैज ने कहा कि आज कोरबा जिले में विकास की नई गाथा लिखी जा रही है। छत्तीसगढ़ सरकार में सरगुजा से लेकर बस्तर तक की विकास की गंगा बहा दी गई है।


    
1320 मेगावॉट सुपर क्रिटिकल पॉवर स्टेशन की रखी आधारशिला
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ को ऊर्जा के क्षेत्र में नई ऊंचाई प्रदान करने हेतु कोरबा जिले में 1320 मेगावाट के सुपर क्रिटिकल थर्मल पॉवर स्टेशन कोरबा का शिलान्यास किया । नई (9.78 करोड़ प्रति मेगावॉट) होगी। यहां पर 660 मेगावाट की दो इकाइयां स्थापित होंगी। भविष्य की आवश्यकता को देखते हुए कोरबा में 660-660 मेगावाट की दो नई इकाइयों की स्थापना की जा रही है। 1320 मेगावाट का यह सुपर क्रिटिकल थर्मल पॉवर स्टेशन प्रदेश का सबसे बड़ा और आधुनिक संयंत्र होगा। इससे एक ओर प्रदेश बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर होंगा वहीं दूसरी ओर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री ने सब्सक्रिप्शन कार्ड देकर किया ई-लाइब्रेरी का शुभारंभ
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोरबा के डिंगापुर में नवनिर्मित प्यारेलाल कवर स्मृति पुस्तकालय का डिजिटल माध्यम से एक क्लिक कर लोकार्पण किया। उन्होंने रीडिंग जोन में अध्ययनरत युवाओं को सब्सक्रिप्शन कार्ड दिया। कोरबा के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए के लिए डिंगापुर में ई-लाइब्रेरी की स्थापना की गई है। ई-लाइब्रेरी की 3 करोड़ 95 लाख की लागत से स्थापना की गई है। यहां प्रतिभागियों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है सर्वसुविधायुक्त लाइब्रेरी में स्मार्ट लाईब्रेरी एवं स्मार्ट किड रूम निर्मित की गई है। लाइब्रेरी में बड़े शहरों की तर्ज पर स्टडी केबिन बनाए गए हैं। प्रतिभागियों के ऑनलाइन पढ़ाई के लिए 40 कम्प्यूटर लगाए गए हैं। इसी प्रकार स्मार्ट किड्स रूम में 10 टेबलेट उपलब्ध है, साथ ही बच्चों के लिए इंटरैक्टिव पैनल निर्मित किया गया है जहां टेलीविजन के माध्यम से बच्चों का बौद्धिक विकास एवं ड्राइंग पेंटिग जैसी अन्य चीजें सीख सकेंगे।

124 एकड़ में 325 करोड़ की लागत से तैयार होगा मेडिकल कॉलेज
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज कोरबा जिले को एक बड़ी सौगात देते हुए स्व. बिसाहूदास महंत स्मृति मेडिकल कॉलेज कोरबा के नए भवन की नींव रखी। मेडिकल कॉलेज के नए भवन निर्माण हेतु कोरबा जिले के ग्राम भुलसीडीह, तहसील-भैंसमा में 124.24 एकड़ भूमि का आवंटन किया गया है। इसके निर्माण के लिए 325 करोड का बजट स्वीकृत किया गया है। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय कोरबा का उद्घाटन दिनांक 02 मार्च 2021 को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा किया गया था । स्थानीय लोगों की मांग अनुसार कोरबा मेडिकल कॉलेज का नामकरण स्व. बिसाहू दास महंत के नाम पर रखा गया है।

100 सीटर खेल अकादमी में तैयार होंगे राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी
मुख्यमंत्री  बघेल ने कोरबा के प्रियदर्शनी इंदिरा स्टेडियम परिसर में आवासीय खेल अकादमी का शुभारंभ किया। खेल अकादमी में खिलाड़ियों को फुटबॉल, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल और स्विमिंग जैसे खेल का प्रशिक्षण मिलेगा। आवासीय खेल अकादमी में फुटबॉल में बालक वर्ग में 20 खिलाड़ी, बालिका वर्ग में 20 खिलाड़ी, वॉलीबॉल में बालक वर्ग में 12 व बालिका वर्ग में 12 खिलाड़ियों के प्रशिक्षण की व्यवस्था है। इसी तरह बास्केट बॉल में बालक व बालिका वर्ग के 10-10 और स्विमिंग में 8-8 बालक-बालिका वर्ग के खिलाड़ियों के प्रशिक्षण सह- आवासीय व्यवस्था है। प्रियदर्शनीय इंदिरा स्टेडियम परिसर में जिला प्रशासन की ओर से एकेडमी के संचालन के लिए सभी संसाधन विकसित किए गए हैं। अकादमी में 100 खिलाड़ियों के प्रशिक्षण व आवास की व्यवस्था की गई है जिससे खेल अकादमी में राष्ट्रीय स्तर के खिलाडी तैयार होंगे।

स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी महाविद्यालय का किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री बघेल ने कोरबा जिले में छात्रों को अंग्रेजी माध्यम में उच्च शिक्षा प्रदान करने के लिए कोरबा में स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालय का शुभारंभ किया। इस सत्र से अंग्रेजी महाविद्यालय  कला, वाणिज्य, विज्ञान एवं कम्प्यूटर विज्ञान विषय के साथ प्रारम्भ हो रहा है। यह महाविद्यालय अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर से संबंद्ध है। सत्र 2023-24 के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारम्भ है, जिसमें सभी संकायों में विद्यार्थी प्रवेश ले रहें है। यह महाविद्यालय  परम्परागत अध्यापन की सुविधा के साथ-साथ आधुनिकतम उपकरणों से भी सुसज्जित है। जिसका लाभ यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों को प्राप्त होगा।  

इस अवसर पर सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत, गौ सेवा आयोग के सदस्य प्रशांत मिश्रा, महापौर राजकिशोर प्रसाद, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिवकला छत्रपाल कंवर, विधायक पाली तानाखार मोहित राम केरकेट्टा, विधायक कटघोरा पुरुषोत्तम कंवर, सभापति नगर निगम श्याम सुंदर सोनी,श्री अंकित आनंद सचिव ऊर्जा विभाग छत्तीसगढ़ शासन, पी दयानंद सचिव चिकित्सा शिक्षा छत्तीसगढ़ शासन,  संभागायुक्त भीम सिंह, आईजी बीएन मीणा, कलेक्टर संजीव कुमार झा, एसपी उदय किरण, सीईओ जिला पंचायत विश्वदीप स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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सीएम बघेल ने कोरबा में स्वामी आत्मानंद कॉलेज का शुभारंभ किया

 रायपुर: मुख्यमंत्री बघेल ने कोरबा जिले में छात्रों को अंग्रेजी माध्यम में उच्च शिक्षा प्रदान करने के लिए कोरबा में स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालय का शुभारंभ किया। इस सत्र से अंग्रेजी महाविद्यालय  कला, वाणिज्य, विज्ञान एवं कम्प्यूटर विज्ञान विषय के साथ प्रारम्भ हो रहा है। यह महाविद्यालय अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर से संबंद्ध है। सत्र 2023-24 के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारम्भ है, जिसमें सभी संकायों में विद्यार्थी प्रवेश ले रहें है।

यह महाविद्यालय  परम्परागत अध्यापन की सुविधा के साथ-साथ आधुनिकतम उपकरणों से भी सुसज्जित है। जिसका लाभ यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों को प्राप्त होगा।  सुरक्षात्मक दृष्टि से सम्पूर्ण परिसर को सी.सी.टी.व्ही. कैमरा के निगरानी में रखा गया है । क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक गतिविधि हेतु आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की गयी है।  जिससे विद्यार्थियों का बौद्धिक, शारीरिक, मानसिक एवं बहुआयामी विकास हो सके।

शासन द्वारा इस महाविद्यालय के संचालन हेतु प्राचार्य, सहायक प्राध्यापक, ग्रंथपाल, कीड़ाधिकारी तथा तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कुल 34 पद स्वीकृत किए गए हैं एवं नवीन भवन निर्माण हेतु 2 करोड़ 40 लाख रूपये का भी प्रावधान किया गया है।

जिले में अंग्रेजी माध्यम महाविद्यालय के प्रारम्भ होने से जिले में संचालित आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल एवं निजी अंग्रेजी माध्यम स्कूल में अध्ययनरत विद्यार्थियों को अन्य जगहों में जाकर अध्ययन नहीं करना पड़ेगा। उन्हें उनके शहर में ही गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्राप्त होगी।

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आदिवासियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना हमारा मुख्य ध्येय : सीएम बघेल

रायपुर: मुख्यमंत्री  शाम यहां उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने इस दौरान मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के जाति समुदायों को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने के उनके प्रयासों को बड़ी सफलता मिली है।

गौरतलब है कि विगत दिवस 25 जुलाई को राज्यसभा ने संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश (पांचवां संशोधन) विधेयक 2022 को मंजूरी दे दी। इसके पहले पिछले साल दिसम्बर में लोकसभा ने इस विधेयक को पारित किया था। इस अवसर पर खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, छत्तीसगढ़ राज्य खनिज निगम के अध्यक्ष  गिरीश देवांगन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री  बघेल ने राज्य सरकार के लगातार प्रयासों से मिली इस सफलता पर प्रतिनिधिमंडल को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार अनुसूचित जनजाति समुदाय को उनके अधिकारों का लाभ दिलाने के लिए दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने कहा कि हमारा मुख्य ध्येय राज्य में आदिवासी समाज को आगे बढ़ाते हुए उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि राज्य में हमारी सरकार के बनते ही आदिवासियों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे है।

मुख्यमंत्री बघेल ने इस अवसर पर आगे कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग की भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस संबंध में प्रधानमंत्री को भी पत्र लिखकर मात्रात्मक त्रुटि के कारण आदिवासी समुदाय को हो रही दिक्कतों से अवगत कराया गया और उन्हें अनुसूचित जनजाति में शामिल करने का आग्रह किया गया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुसूचित जनजाति आयोग को विभिन्न समाजों के माध्यम से जो ज्ञापन मिले, आयोग द्वारा उनकी सुनवाई कर ट्राईबल रिसर्च इंस्टिट्यूट के माध्यम से अध्ययन के बाद प्रस्ताव तैयार कर भारत सरकार को भेजा गया। राज्य सरकार की इस पहल पर जाति समुदायों को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने संबंधी विधेयक को लोकसभा और राज्यसभा से मंजूरी मिली है। मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल में  बी.एल. ठाकुर, भारत सिंह, प्रेमलाल सिदार, रवि सिदार, मदनलाल, हीरालाल,  वेद्वती, डॉ. शंकरलाल उईके सहित आदिवासी समाज के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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राशन कार्ड धारकों का ई-केवाईसी अब 31 अगस्त तक

 खाद्य विभाग द्वारा सभी कलेक्टरों को पत्र जारी

रायपुर: भारत सरकार के निर्देश पर ‘‘वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना’’ के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के हितग्राहियों के ई-केवाईसी की कार्यवाही की तिथि अब बढ़ाकर 31 अगस्त तक तक किया गया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा इस आशय का पत्र प्रदेश के सभी कलेक्टरों को भेज दिया गया है।
 
‘वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना’ के पूर्ण क्रियान्वयन के लिए राशनकार्ड के सभी सदस्यों के आधार की जानकारी प्रमाणीकृत होना आवश्यक है। राशनकार्ड में हितग्राहियों के आधार की जानकारी गलत दर्ज होने तथा आधार की जानकारी प्रमाणीकृत नहीं होने के कारण खाद्यान्न वितरण में समस्या बनी रहती है। विभागीय डेटाबेस में जिन हितग्राहियों का आधार दर्ज है, उनके आधार की जानकारी का प्रमाणीकरण के लिए ई-केवाईसी की कार्यवाही की जा रही है।  

खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में संचालित शासकीय उचित मूल्य की दुकानों को प्रदान किये गये ई-पॉस उपकरण में ई-केवाईसी की सुविधा उपलब्ध है। ई-केवाईसी की कार्यवाही पूर्णतः निःशुल्क है। ई-केवाईसी की कार्रवाई के लिए राशनकार्डधारी मुखिया एवं राशनकार्ड में दर्ज सभी सदस्य अपने-अपने आधार नंबर के साथ शासकीय उचित मूल्य दुकान पहुँचेंगे, जिसके बाद ही विक्रेता द्वारा ई-पॉस उपकरण में प्रत्येक सदस्य के आधार नंबर की पृथक-पृथक प्रविष्टि कर उनका फ्रिंगर प्रिंट स्कैन करवाकर ई-केवाईसी की कार्रवाई पूर्ण किया जाएगा।

अधिकारियों ने बताया कि ई-केवाईसी अभियान को क्रेन्द्र शासन द्वारा गंभीरता से लिया जा रहा है तथा सप्ताहिक समीक्षा भी की जा रही है। वर्तमान में  प्रदेश के सभी जिलों द्वारा 2.66 करोड़ हितग्राहियों में  1.56 करोड़ हितग्राहियों का ई-केवाईसी किया गया है, जिसमें से 31.75 लाख़ हितग्राहियों का सत्यापन हो चुका है एवं 1.24 करोड़ हितग्राहियों का सत्यापन की कार्रवाही जारी है। वर्तमान स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए ई-केवाईसी की कार्यवाही की समय-सीमा पूर्व में 31 जुलाई थी, जिसमें 31 अगस्त 2023 तक वृद्धि की गयी है। ई-केवाईसी की कार्यवाही के दौरान निरंतर खाद्यान्न वितरण जारी रहेगा, किसी भी स्थिति में खाद्यान्न वितरण बाधित नहीं होगा ।

 

 

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सीएम बघेल 29 को रखेंगे सुपर क्रिटिकल पॉवर स्टेशन की आधारशिला

 छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी लगाएगा दो नए संयंत्र

 

रायपुर: मुख्यमंत्री बघेल छत्तीसगढ़ को ऊर्जा के क्षेत्र में नई ऊंचाई प्रदान करने 29 जुलाई को कोरबा में 1320 मेगावाट सुपर क्रिटिकलव थर्मल पॉवर स्टेशन कोरबा की आधारशिला रखेंगे। यह छत्तीसगढ़ को ऊर्जा के मामले में सर्वोच्च बनाए रखने की दिशा में एक और मील का पत्थर साबित होगा। इससे छत्तीसगढ़ आने वाले भविष्य में अपनी आवश्यकताओं के लिए आत्मनिर्भर हो सकेगा।

कोरबा घंटाघर मैदान में कल 29 जुलाई को सुबह 10.30 बजे शिलान्यास समारोह का आयोजन किया गया है। इसके मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल होंगे। समारोह की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत करेंगे। समारोह में उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव डहरिया, राजस्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल, सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत, दीपक बैज, विधायक मोहित राम, पुरूषोत्तम कंवर, ननकीराम कंवर, महापौर राजकिशोर प्रसाद एवं जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिवकला छत्रपाल सिंह कंवर विशेष रूप से उपस्थित रहेंगी। समारोह में कोरबा के मेडिकल कालेज  भी आधारशिला रखी जाएगी।

छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी की कुल उत्पादन क्षमता 2978.7 मेगावाट है। राज्य स्थापना के समय उत्पादन क्षमता 1360 मेगावाट थी। वर्तमान में छत्तीसगढ़ जीरो पॉवर कट स्टेट बना हुआ है। प्रदेश में तेज गति से हो रहे आर्थिक विकास से बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। भविष्य की आवश्यकता को देखते हुए कोरबा में 660 मेगावाट के दो नए संयंत्र की स्थापना की जाएगी। यह 1320 मेगावाट का सुपर क्रिटिकल थर्मल पॉवर स्टेशन प्रदेश का सबसे बड़ा और आधुनिक संयंत्र होगा। इससे एक ओर हम बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर होंगे दूसरी ओर रोजगार के नए सृजित होंगे। हसदेव ताप विद्युत गृह कोरबा पश्चिम में इसके लिए पर्याप्त भूमि है। यहां कन्वेयर बेल्ट से कोयले की सुगम परिवहन की सुविधा उपलब्ध है।

मुख्यमंत्री ने 25 अगस्त 2022 को इस संयंत्र की स्थापना का निर्णय लिया था। जिस पर तेज गति से कार्य करते हुए छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी आवश्यक अनुमति एवं स्वीकृतियां प्राप्त की। भारत सरकार के पर्यावरण मंत्रालय से टर्म ऑफ रिफसेन्स और कोयला मंत्रालय से कोल आबंटन प्रदान कर दिया गया है, जिसके बाद इसके लिये भूमिपूजन 

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सीएम बघेल ने बुलायी स्वास्थ्य व शिक्षा विभाग की बैठक, तेजी से फैल रहे आई फ्लू पर हो रही चर्चा

 रायपुर: प्रदेश में आई फ्लू (कंजेक्टिवाइटिस) के बढ़े प्रकोप ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री कंजेक्टिवाइटिस के बढ़े प्रकोप के बीच हाईलेवल मीटिंग ले रहे हैं।

इस बैठक में डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव भी मौजूद हैं। वहीं चीफ सिकरेट्री के अलावे स्वास्थ्य विभाग व स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद हैं। बैठक में कंजेक्टिवाइटिस से निपटने की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा चल रही है। बैठक में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य व शिक्षा विभाग को लेकर कुछ निर्देश जारी कर सकते हैं।

आपको बता दें कि प्रदेश के स्कूली बच्चों में काफी ज्यादा कंजेक्टिवाइटिस का प्रकोप फैल रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने पिछले दिनों ही स्कूल शिक्षा विभाग व आदिम जाति कल्याण विभाग को पत्र लिखकर कंजेक्टिवाइटिस से बचने को लेकर दिशा निर्देश जारी किये थे।
 
बारिश, नमी और दूषित जल से कई तरह के बैक्टीरिया बढ़ जाते हैं, जिनमें से कुछ आंखों के संक्रमण का कारण बन सकते हैं। बारिश के दिनों में हवा में नमी बढ़ने के कारण वायरस और बैक्टीरिया का खतरा बढ़ जाता है। इससे आंखों में कन्जक्टिवाइटिस, रेडनेस, आई फ्लू आदि की समस्या होने लगती है। कन्जक्टिवाइटिस वायरस और बैक्टीरिया से फैलता है, जिसके चलते यह एक से दूसरे व्यक्ति में आसानी से फैलता है।

कन्जक्टिवाइटिस को पिंक आइज की समस्या भी कहा जाता है। ज्यादातर यह समस्या सामान्य इलाज से ही ठीक हो जाती है। इसके गंभीर होने का खतरा कम होता है। चूंकि आंख सबसे ज्यादा संवेदनशील अंग है, इसलिए इनका विशेष ख्याल रखने की जरूरत होती है। एलर्जिक कन्जक्टिवाइटिस होने पर खुजली, आंखों से पानी आना और सूजन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

संचालक, महामारी नियंत्रण डॉ. सुभाष मिश्रा ने बताया कि कन्जक्टिवाइटिस संक्रामक बीमारी है जो सम्पर्क से फैलती है। अतः मरीज को अपनी आंखों को हाथ नहीं लगाने की सलाह दी जाती है। मरीज के उपयोग की चीजों को अलग रखकर इस बीमारी के फैलाव को रोका जा सकता है। संक्रमित आंख को देखने से इस बीमारी के फैलने की धारणा केवल भ्रम है। यह बीमारी केवल सम्पर्क से ही फैलती है।

क्या हैं लक्षण ?
आई फ्लू में आंखें लाल हो जाती हैं। आंखों से पानी आने लगता है, जलन होती है, पलकों पर पीला और चिपचिपा तरल जमा होने लगता है। आंखों में चुभन होने के साथ-साथ सूजन आ जाती है। आंखों से पानी आना और खुजली होना इसके सामान्यतः दिखाई देने वाले लक्षण हैं। अगर इन्फेक्शन गहरा हो तो आंखों की कॉर्निया को भी नुकसान हो सकता है जिससे आंखों की दृष्टि प्रभावित हो सकती है। मॉनसून सीजन में आई फ्लू का खतरा बच्चों में सबसे ज्यादा होता है।

नेत्र संबंधी कोई भी समस्या होने पर नेत्र विशेषज्ञ के पास दिखाना उचित होता है। अन्यथा गंभीर स्थिति निर्मित हो सकती है। आंखों की जांच और उपचार की सुविधा चिकित्सा महाविद्यालयों, जिला चिकित्सालयों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में निःशुल्क उपलब्ध है।

आई फ्लू या कन्जक्टिवाइटिस से बचाव के लिए आंखों की सफाई का पूरा ध्यान रखें और उन्हें ठंडे पानी से बार-बार धोएं। किसी भी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें। कन्जक्टिवाइटिस से पीड़ित होने पर बार-बार आंखों पर हाथ न लगाएं। आंखों में आई ड्रॉप डालने से पहले हाथों को अच्छी तरह धो लें। आंखों पर बर्फ की सिकाई जलन और दर्द से राहत दिलाती है। संक्रमण के दौरान गंदगी और ज्यादा भीड़ वाली जगहों पर जाने से बचें। संक्रमित व्यक्ति से हाथ न मिलाएं और उनकी चीजें जैसे चश्मा, तौलिया, तकिया आदि न छुएं। साथ ही अपना तौलिया, रूमाल, चश्मा आदि किसी के साथ साझा न करें। अगर इन बातों का ध्यान रखा जाए तो जल्द ही यह समस्या दूर हो सकती है।

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मणिपुर घटना: मसीही समाज में रोष, 30 को प्रार्थना सभा व कैंडल मार्च

 रायपुर: मणिपुर में हिंसक घटनाओं, हत्याओं, चर्चों को जलाने, महिलाओं, बच्चों व बुजुर्गों पर अत्याचार, व मानवता की हत्या की घटनाओं को लेकर मसीही समाज में अत्यंत आक्रोश है।

30 जुलाई को सभी चर्च आराधना के बाद अपने नजदीकी चौक पर कैंडल प्रज्जवलित करने मणिपुर में शांति व मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त करेंगे। 6 अगस्त को को मसीही समाज का सामूहिक कैंडल मार्च व प्रार्थना सभा होगी।

इसके बाद राजभवन जाकर प्रतिनिधि मंडल राष्ट्रपति द्रोपती मुर्मू के नाम के राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन को ज्ञापन सौंपेंगा।

मसीही समाज की बैठक सेंट जोसफ महागिरजाघर बैरन बाजार के सभागार में आयोजित की गई। इसमें सभी डिनामिनेश, संस्थाओं व संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता आर्च बिशप विक्टर हैनरी ठाकुर ने की। जशपुर डायसिस के बिशप इम्मानुएल केरकेट्‌टा विशेष रूप से बैठक में शामिल हुए।

छत्तीसगढ़ डायसिस के बिशप अजय उमेश जेम्स, पूर्व बिशप रॉबर्ट अली व कैपिटल पास्टर्स फैलोशिप के अध्यक्ष पादरी मार्च रॉड्रिक्स ने भी मणिपुर की घटनाओं की निंदा करते हुए संदेश भेजे। प्रारंभ में सेंट पॉल्स कैथेड्रल के पादरी सुनील कुमार ने मणिपुर व विश्व शांति के लिए प्रार्थना की। विकार जनरल फादर सेबेस्टियन पी. ने अब तक हुई घटनाओं की जानकारी दी।

पादरी कुमार, बिलिवर्स डायसिस के फादर संदीप लाल, पुनीता कुमार , सेंट मेरीस चर्च टाटीबंध की अनुषा जोसफ, छत्तीसगढ़ डायसिस महिला विंग रूचि धर्मराज व अपर्णा कौशिक, सेंट जेकब चर्च जोरा के पादरी अब्राहम दास, कापा चर्च के आनंद प्रकाश टोप्पो,  मारथोमा चर्च के सचिव के. सी. कोशी, पास्टर रूखमनी सोनवानी चरौदा, अखिल भारतीय ईसाई महासंघ के गुरुविंद चड्‌ढा, जीजस कॉल्स के प्रमुख डॉ. आशीष चौरसिया , जेहोवा राफा चर्च के पास्टर राजीव कुमार, कुंडूख प्रगतिशील उरांव समाज के बसंत टिर्की ने मणिपुर में शांति बहाली के कड़े कदम उठाने की मांग की।

प्रभावितों को इलाज, उचित संरक्षण देने व बुनियादी जरूरतें पूरी करने की मांग सरकार से की। छत्तीसगढ डायसिस के प्रवक्ता जॉन राजेश पॉल व मारथोमा चर्च के मोहन सी. सामुएल ने सभा का संचालन किया।

बिशप केरकेट्‌टा ने मणिपुर में शहीदों व मृतकों की आत्मशांति, प्रभावितों को ढाढस व हिम्मत प्रदान करने  के लिए प्रार्थना की। आर्च बिशप ठाकुर की आशीष से बैठक समाप्त हुई।
 
इन चर्चों, संस्थाओं व संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए
फादर जोस फिलिप मुख्य पुरोहित सेंट जोसफ महागिरजाघर, फादर फर्नांडीज कैथोलिक चर्च गढ़ियारी, सेंट फ्रांसिस चर्च भनपुरी फादर साबू एमजे, पादरी हेमंत तिमोथी ग्रेस चर्च, संजय कुमार आईएफजीएम चर्च अछोली,  पास्ट्रेट कोर्ट पूर्व सचिव केनस नायक, होली क्रास स्कूल ई. विक्टर दास, सालोमन जे. सेंटियागो, टेरेसा सेंटियागो व अरूलाल रानी राजन, मार्टिन सेंटियागो, दिलीप तिग्गा भनपुरी चर्च, छत्तीसगढ़ क्रिश्चियन फोरम के प्रमुख अरूण पन्ना लाल, पास्टर रामू यादव व रेवरेंड डी. साहू , मानसून थॉमस, जोस मथियास, केओ सामुएल मारथोमा चर्च, अल्बर्ट कुजूर, क्रिस्टोफर केरकेट्‌टा, इनोसेंट कुजूर, व जयप्रकाश बारा कापा चर्च, देव नारायण नायक ओईएस उन्नत प्रार्थना भवन रायपुर, बरील तिग्गा, प्रदीप खलखो, पीटर साइमन, अनूप तिग्गा, मोजटीन तिगेगा फूलगुनिया बारा, नतालिया टोप्पो, निर्मला टोप्पो, विशाल टोप्पो, सिलवेस्टर एक्का सेंट जोसफ कैथेड्रल, नीरज टोप्पो, अविनाश कुजूर, व रूडोल्फ टोप्पो सेंट एम. टेरेस चर्च अमलीडीह, जय प्रकाश कुजूर महादेव घाट,दिनेश भंडारी व एनोश पॉल डायसिस चर्च आफ गॉड, सुरेश नंद मेंबर पास्ट्रेट कमेटी सेंट मैथ्यूस चर्च, संजय मिंज, नवीन रोशन बेक एनडब्लूजीईएल चर्च, अमित मिंज, टार्जन टिर्की टाटीबंध चर्च,  सारिका लियो, अजेंद्र सिंह दयाल, अमित मोसेस, सामुएल एसी, एनसी मिशैल, किरण सिंग, विशाल मोसेस, सेंट पॉल्स कैथेड्रल, जॉर्ज लखड़ा, प्रताप टोप्पो व आरपी अल्बर्ट कुजूर सेंट मदर टी. चर्च, जेवियर टिर्की छेरीखेड़ी चर्च, एल्विन कुर्रेकार्मेल प्रार्थना,  सेंट मैथ्यूस चर्च आशीष कुमार व प्रदीप मार्टिन, रायपुर के अशोक पॉल अमित रावटे, विजय कुमार लखरा, अस्टो नाग व योगेश सोनवानी चरौदा,  मनोज बोरकर कैंपस क्रूसेड फॉर क्राइस्ट, तेरा साख संस्था मेरी ए. सिंह, विमल मिंज रायपुर, मंजीत गार्डिया, सालेम इंग्लिश स्कूल, सेंट पॉल्स इंग्लिश स्कूल, पास्टर एंड लीडर्स एसोसिएशन।

 

 

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स्कूटी में आग लगते ही पेट्रोल पंप में मची अफरातफरी

दुर्ग: पटेल चौक के पास स्थित पेट्रोल पंप में एक स्कूटी चालक द्वारा पेट्रोल भरवाने के बाद स्कूटी चालू करते ही स्कूटी के इंजन में आग लग गई। आग लगने के बाद जहां पेट्रोल पंप में अफरातफरी मच गई वही स्कूटी चालक स्कूटी को छोड़कर भाग गया। आग लगने की घटना पेट्रोल पंप परिसर में होने से आस पास अफरा तफरी मच गई। इससे बड़ी अनहोनी की आशंका से वहां काम कर रहे कर्मचारी सहम गए।

इसके बाद पेट्रोल पंप का पूरा स्टाफ गाड़ी की आग को बुझाने के लिए दौड़ पड़ा। किसी ने फायर सिलेंडर से आग बुझाने की कोशिश की तो किसी ने बाल्टी में रखी रेत को डाला। इसके बाद भी आग नहीं बुझी, फिर लोगों ने पाइप लगाकर पानी डाला, तब जाकर आग बुझी।

बताया जा रहा है जब तक आग बुझी, स्कूटी पूरी तरह से जल चुकी थी। यह स्कूटी होंडा कंपनी की थी, जिसका नाम एवीएटर है। पंप कर्मचारियों ने बताया कि यदि आग स्कूटी की आग टंकी तक पहुंचती तो उसमें 2-3 लीटर पेट्रोल भरा हुआ था। इससे उसमें ब्लास्ट भी हो सकता था, यदि ब्लास्ट होता तो पेट्रोल पंप को भी नुकसान होता और बड़ी दुर्घटना भी हो सकती थी।

 

 

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पीएम मोदी के बयान पर सीएम बघेल का पलटवार, बोले- इंडियन मुजाहिदीन के साथ तुलना उनकी हताशा

रायपुर: मणिपुर हिंसा को लेकर छत्तीसगढ़ में कांग्रेस आक्रामक हुई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा नेताओं के बयान के बाद मुख्‍यमंत्री भूपेश बघेल, उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और छत्तीसगढ़ कांग्रेस तीखा प्रहार किया है।


छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विपक्ष को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'इंडियन मुजाहिदीन' वाले बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल और कर्नाटक की हार के बाद भाजपा बौखला गई है। जिस तरह से भाजपा I.N.D.I.A की तुलना इंडियन मुजाहिदीन के साथ कर रहे हैं यह उनकी हताशा को दर्शाता है।

इंडिया से बौखला गए हैं पीएम मोदी: सिंहदेव
सिंहदेव ने ट्वीट करके पूछा कि मणिपुर लगभग तीन महीने से क्यों जल रहा है? सामुदायिक नफरत के कारण। केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार है? प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री 83 दिनों से मौन क्यों हैं? उन्होंने आरोप लगाया मणिपुर हिंसा में भाजपा ने आग में घी डालने का काम किया है और उस आग पर बांटों और राज करो की रोटी सेंक रही है? सिंहदेव ने भाजपा काे आज की इस्ट इंडिया कंपनी करार देते हुए कहा कि गरीब से निचोड़कर पूंजीपतियों को देश की संपत्ति बेच रहे हैं। इंडिया से पीएम मोदी बौखला गए हैं।

वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि छत्तीसगढ़ में अशांति फैलाने का षड्यंयत्र भाजपा कर रही है। पहले प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ की तुलना मणिपुर से किया, अब केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल छत्तीसगढ़ की तुलना मणिपुर से कर रहे हैं। राज्य के एक भाजपा नेता ने हद ही कर दिया। वह धमकी दे रहे है कि माणिपुर के बाद छत्तीसगढ़ का नंबर है। छत्तीसगढ़ की शांति पर प्रहार करने की कोई भी कोशिश बर्दास्त नहीं की जाएगी।

इन सब के बीच छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने ट्वीट करके भाजपा से सवाल किया कि रूल नं. 267 के तहत विस्तृत चर्चा क्यों नहीं चाहते? क्या ढाई महीनों से जल रहा मणिपुर आपके लिए सार्वजनिक महत्व का जरूरी मुद्दा नहीं है? मणिपुर हिंसा पर आपके चुनावजीवी प्रचारमंत्री और ग्रहणमंत्री की नाकामियां छिपाने के इस षडयंत्र में जनता अब नहीं आने वाली। 56 इंची सीना है, तो सवालों से भाग क्यों रहे हैं?

 

 

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राजभवन में राज्य के निजी विश्वविद्यालयों के कार्यो की समीक्षा बैठक शुरू

रायपुर: राज्यपाल और कुलाध्यक्ष विश्वभूषण हरिचंदन बुधवार को राज्य के सभी निजी विश्वविद्यालयों और  उनकी शैक्षणिक गतिविधियों, अनुसंधान कार्य एवं अन्य कार्यो की समीक्षा कर रहे हैं।

बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ परदेसी ,राज्यपाल के सचिव अमृत खलखो, सभी निजी  विश्वविद्यालयों के कुलपति उपस्थित हैं। बैठक  प्रातः 11 बजे से राजभवन में शुरू हुई।

बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन की स्थिति, नैक (नेशनल एसेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन कौंसिल) द्वारा विश्वविद्यालयों एवं संबंद्ध महाविद्यालयों के मूल्यांकन की स्थिति, ग्रेडिंग और संस्थानों द्वारा नेक ग्रेडिंग सुधारने के लिए किये जा रहे प्रयासों की समीक्षा की जाएगी।

बैठक में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय और अन्य उच्च शैक्षणिक संस्थाओं के मध्य हुए एम.ओ.यू., अकादमिक सत्र के पालन, परीक्षाओं एवं परिणाम के समय पर जारी करने के संबंध में एवं विश्वविद्यालयों द्वारा कराए गए विशेष अनुसंधान, नवाचार आदि की जानकारी  ली जा रही है।

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शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में आईएएस अधिकारियों की महती भूमिका: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री बघेल आईएएस कॉन्क्लेव 2023 के समापन समारोह में हुए शामिल

रायपुर: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शाम राजधानी के एक निजी होटल में आयोजित आईएएस कॉन्क्लेव 2023 के समापन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने इस दौरान छत्तीसगढ़ में शासन की योजनाओं का धरातल पर क्रियान्वयन में आईएएस अधिकारियों की महती भागीदारी का जिक्र करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री बघेल ने आगे कहा कि आईएएस अधिकारियों का कार्यक्षेत्र व्यापक और चुनौतीपूर्ण होता है। इसे सही दिशा देने में अधिकारियों को चाहिए कि वे अपने दायित्व का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ कुशलतापूर्वक करें। एक आईएएस अधिकारी का कार्य हर वर्ग सहित आम जनता से सीधा-सीधा जुड़ा हुआ होता है। इसे ध्यान में रखते हुए जनहित में योजनाओं तथा कार्यक्रमों का बेहतर से बेहतर क्रियान्वयन के लिए हमेशा तत्पर होकर कार्य करें और आम आदमी को उसका अधिक से अधिक लाभ पहुंचाए।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि एक आईएएस अधिकारी की अपने कार्यक्षेत्र में महत्वपूर्ण जवाबदेही होती है। इसकेे लिए सफल दायित्व निर्वहन हेतु अधिकारियों में व्यवहार कुशलता के साथ-साथ संवेदनशीलता की भी स्पष्ट झलक मिलनी चाहिए, जिससे हर जरूरतमंद व्यक्ति अपनी बातों को बेहिचक उनके सामने साफ-साफ रख सके। उन्होंने कहा कि इस तरह छत्तीसगढ़ के विकास और लोगों की उन्नति के लिए आगे भी उनका योगदान तथा महत्वपूर्ण भागीदारी बनी रहे।

समारोह को मुख्य सचिव अमिताभ जैन तथा अध्यक्ष आईएएस एसोसिएशन छत्तीसगढ़ मनोज पिंगुआ ने भी सम्बोधित किया और मुख्यमंत्री  बघेल के कुशल मार्गदर्शन के लिए आभार जताया। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव  सुब्रत साहू सहित ऐसोसिएशन के पदाधिकारी और राज्य के समस्त आईएएस अधिकारी उपस्थित थे।

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प्राथमिकता वाले कार्यों को समय-सीमा में पूरा करना विभाग की जिम्मेदारी: मोहन मरकाम

 रायपुर-दुर्ग संभाग में आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के काम-काज की समीक्षा

रायपुर: आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री मोहन मरकाम ने कहा है कि सरकार की प्राथमिकता के कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करना विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर विशेष ध्यान दे। शासन की योजनाओं का लाभ इन वर्गों को मिले यह सुनिश्चित करें। आश्रम-छात्रावासों में कमियों को दुरुस्त कर ले। मंत्री मरकाम सोमवार को आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान नवा रायपुर, अटल नगर के सभा कक्ष में रायपुर एवं दुर्ग संभाग में विभाग द्वारा संचालित योजना के काम-काज की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास डी.डी. सिंह, आयुक्त श्रीमती शम्मी आबिदी सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मंत्री मरकाम ने निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए प्रगति की जानकारी ली और संभाग के अधिकारियों को विभाग के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा संचालित आश्रम और छात्रावास निर्माण और मरम्मत के लिए पर्याप्त राशि स्वीकृत की गई है। बरसात के मौसम में रंगाई-पोताई कार्य को छोड़कर अन्य कार्यों को 10 अगस्त तक पूर्ण कर लिया जाए। छात्रावास एवं आश्रम संचालन के दिशा-निर्देशों का पालन और समय-समय पर आकस्मिक निरीक्षण भी करें। आश्रम-छात्रावासों में साफ-सफाई पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि आश्रम-छात्रावासों में बच्चों को ताजा भोजन, मानसून में बच्चों को पानी उबालकर पीने के लिए दिया जाए। बीमार होने पर बच्चों का तत्काल इलाज कराएं। छात्रावास-आश्रम संचालन के संबंध में अधीक्षकों की बैठक लेकर उन्हें सभी जरूरी हिदायतें दे तथा आश्रम-छात्रावास अधीक्षक मुख्यालय में रहना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सभी आश्रम-छात्रावासों में मूलभूत सुविधाएं होनी चाहिए। आकस्मिक निरीक्षण के समय कमी पाए जाने पर संबंधित के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री मरकाम ने वन अधिकार पत्र के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी वन अधिकार पत्रधारियों को वन अधिकार ऋण पुस्तिका वितरित की जाए, जिससे वे शासन की सभी योजनाओं का लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि जिनको वन अधिकार पत्र प्रदान किया गया है, उन्हें अन्य विभागों की योजना से अभिसरण कर लाभान्वित किया जाए। जिन गांवों में अन्य विभागों से कार्य कर लाभान्वित करने की योजना तैयार कर ली गई हो, उन गांवों को आदर्श गांव घोषित करने की कार्रवाई की जाए। बैठक में बताया गया कि रायपुर संभाग में 53 हजार 554 और दुर्ग संभाग में 32 हजार 855 व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र वितरित किए जा चुके हैं। रायपुर संभाग में 3 हजार 109 और दुर्ग संभाग में 3 हजार 726 सामुदायिक वन अधिकार का वितरण हो चुका है। इसी प्रकार रायपुर संभाग में 369 और दुर्ग संभाग में 138 सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र का वितरण किया जा चुका है। विशेष रूप से कमजोर जनजाति समूह के वन अधिकारों की प्रगति की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि रायपुर संभाग में व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र 3 हजार 803, सामुदायिक वन अधिकार 477 और सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र 45 वितरित किए जा चुके हैं। दुर्ग संभाग में व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र 2 हजार 718, सामुदायिक वन अधिकार 240 और सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र 19 वितरित किए जा चुके हैं। इसी प्रकार नगरीय क्षेत्रों में वन अधिकार पत्रों का वितरण किया गया है।

बैठक में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में मेस संचालन की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने बताया कि आश्रम-छात्रावासों के विद्यार्थियों की शिष्यवृत्ति एक हजार रूपए से बढ़ाकर 1500 रूपए कर दी गई है। छात्रवृत्ति के लिए आधार सीडिंग हुई है। मंत्री मरकाम ने कहा कि जिन विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्राप्त नहीं हुई है, वहां आधार सीडिंग कराने अभियान चलाकर कार्रवाई की जाए। प्रयास आवासीय विद्यालयों से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाआंें में चयनित एवं प्रवेशित विद्यार्थियों की जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2017 से 2022 तक आईआईटी में 66, एनआईटी व समकक्ष में 171, इंजीनियरिंग कॉलेज में 303 और एमबीबीएस में 20 विद्यार्थी चयनित हुए हैं। इसके साथ ही विगत वर्षों में सीए, सीएस, सीएमए से 30 तथा क्लैट से 03 विद्यार्थी सफल हुए हैं। रायपुर और दुर्ग संभाग में 05  नवीन प्रयास आवासीय विद्यालय शुरू किए जाएंगे, इनमें अनुसूचित जाति वर्ग बालकों के लिए पाटन, कन्या के लिए रायपुर, अन्य पिछड़ा वर्ग के बालकों के लिए रायपुर और बालोद में बालक एवं कन्या वर्ग के लिए प्रारंभ किया जाना शामिल है।

मरकाम ने देवगुड़ी निर्माण की समीक्षा करते हुए कहा कि आदिवासी पुरातन संस्कृति को संरक्षण करने तथा श्रद्धा स्थलों देवगुड़ी ग्राम देवता स्थलों का परीक्षण एवं विकास करने के उद्देश्य से योजना संचालित की जा रही है। देवगुड़ी ग्रामीणों की आस्था का केंद्र है। देवगुड़ी विकास के कार्य प्राथमिकता के साथ पूर्ण किया जाए। शासन द्वारा प्रति देवगुड़ी निर्माण के लिए 1 लाख रूपए की राशि दी जाती है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा जिलों के भ्रमण एवं प्रवास के दौरान देवगुड़ी निर्माण कार्य की घोषणा के परिप्रेक्ष्य में आकस्मिकता निधि से 2550 लाख रूपए की अग्रिम राशि स्वीकृत की है। योजना के तहत रायपुर एवं दुर्ग संभाग में वर्ष 2022-23 में 103 देवगुड़ी निर्माण के लिए 151.50 लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान की है, इनमें से 29 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 74 कार्य प्रगति पर है। इसी प्रकार वर्ष 2023-24 में 49 देवगुड़ी निर्माण के कार्य स्वीकृत किए गए हैं।

बैठक में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना की प्रगति की समीक्षा के साथ ही आदर्श ग्राम घोषित करने के संबंध में जानकारी ली गई। अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत पीसीआर एवं पीओए-एक्ट के क्रियान्वयन के संबंध में जिला स्तरीय समिति की नियमित बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में विशेष रूप से कमजोर जनजाति अभिकरण, प्रकोष्ठ को केंद्रीय क्षेत्र अंतर्गत आबंटित एवं स्वीकृत कार्यों, संविधान के अनुच्छेद 275 (1) मद अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

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वन महोत्सव में स्कूली बच्चों ने लगाए 600 पौधे

जवाहर नवोदय विद्यालय कुसमी में हुआ आयोजन

बेमेतरा: बेमेतरा के जवाहर नवोदय विद्यालय ग्राम बहेरा (कुसमी) में वन महोत्सव मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के तौर पर स्थानीय विधायक आशीष छाबड़ा शामिल हुए। अतिथियों और स्कूली बच्चों ने परिसर में पौधों का रोपण किया। भारत सरकार द्वारा वृक्षारोपण को प्रोत्साहन देने के लिए प्रति वर्ष जुलाई माह में आयोजित किया जाने वाला एक महोत्सव है। क्योंकि जुलाई-अगस्त का महीना वर्षा ऋतु का होता है और पेड़-पौधों के उगने के लिए यह नमी का मौसम अच्छा माना जाता है। इस मौसम में पेड़-पौधे जल्दी उगते हैं। इस मौके पर स्कूल के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की रोचक प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में अपर कलेक्टर डॉ. अनिल बाजपेयी, एएसपी पंकज पटेल, प्राचार्य नवोदय विद्यालय बहेरा लक्ष्मी सिंह, मुख्य नगर पालिका अध्यक्ष शकुंतला मंगत साहू, जिला पंचायत सदस्य शशि प्रभा गायकवाड़, जनपद पंचायत अध्यक्ष रेवती साहू, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष मिथलेश वर्मा, रेंजर माधुरी तिवारी सहित सरपंच/पंच एवं पार्षदगण उपस्थित थे।

विधायक आशीष छाबड़ा ने उद्बोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण एवं सुरक्षा के लिए पौधे लगाना आवश्यक है। पेड़-पौधे न सिर्फ वातावरण को संतुलित करते हैं वरन प्राकृतिक आपदाओं से भी सुरक्षा देते हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से बचने के लिए प्रकृति से जुड़ना अनिवार्य है। आधुनिकता के दौर में जंगलों की कटाई से पेड़ पौधे की कमी से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अल्प वृष्टि, जल स्तर का कम होना समेत कई समस्याएं पेड़ की कटाई से उत्पन्न हो रही है। अशिक्षा के कारण भी वनों की कटाई हो रही है, यह चिंताजनक है। अच्छे नागरिक होने के नाते हमारा कर्तव्य है कि हाम ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाये और उनकी रक्षा भी करें। उन्हें समय-समय पर पानी भी देने का काम करें। उन्होंने राज्य सरकार के साथ वन विभाग की भी प्रशंसा की। उन्होंने प्रदेश में कृष्णकुंज का निर्माण किया जिसमें बड़ी संख्या में छायादार, फलदार पौधों का रोपण किया। उन्होंने कहा जिन बच्चों ने स्कूल परिसर में पौधे लगाये है उन्हें जीवित रखे। जब पढ़कर यहाँ से जाएँगे और कभी इधर आये तो आपके द्वारा रोपित पौधे को बड़ा देखकर जो आत्मसंतुष्टि होगी उसका वर्णन किया जाना संभव नहीं होगा, आपको बहुत खुशी मिलेगी।

वनमंडलाधिकारी, दुर्ग शशिकुमार ने अतिथियों का स्वागत किया। बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने बच्चों से आव्हान किया कि लगाये गये पौधों को जीवित रखने के लिए उनकी सुरक्षा करें, उन्हें पानी भी दें ताकि जब आप स्कूल की पढ़ाई पूरी कर जाए और बाद स्कूल आए तो लगाए गए पेड़ों को बड़े हुए देखे तो आपको भी ख़ुशी मिलेगी। वन विभाग द्वारा आगे भी आपके स्कूल में ऐसे कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। आज वन महोत्सव के अवसर पर छायादार और फलदार लगभग 600 पौधे का रोपण अतिथियों ने और स्कूल के बच्चों ने किया।

कई लोगों के मन में यह सवाल आता है कि वन महोत्सव क्यों मनाना चाहिए, आखिर इसकी क्या आवश्यकता है। आज हम आधुनिक बनने की होड़ में वनों की उपयोगिता को ही भूलते जा रहे हैं। बड़े-बड़े शहर, हाईवे, सड़क, यातायात, फैक्ट्रियां इत्यादि बनाने की चाहत में वनों को ही समाप्त करते जा रहे हैं। जिससे लाखों पशु-पक्षी विलुप्त होते जा रहे हैं। एक समय था जब सुबह की शुरुआत पक्षियों की चहचहाहट के साथ होती थी। घर के आंगन में गौरैया दाना चुगने आया करती आती। लेकिन आज उन आवाजों की जगह ट्रैफिक के शोर-शराबों ने ले ली है। पेड़ों की कटाई के कारण बड़ी संख्या में पशु-पक्षी, कीट-पतंगे बेघर हो गए हैं। कुछ पशु-पक्षियों का तो नामों निशान भी खत्म हो गया है। पेड़ की ठंडी हवाओं की जगह आज गाड़ियों से निकलते धुओं ने ले ली है। पेड़ों की छांव की जगह फैक्ट्रियों के कूड़े-करकट ने ले ली है। आज हम स्वच्छ हवा में सांस लेने तक को तरस गए हैं। हम पेड़ों की ताजा ठंडी हवा लेने के लिए शहरों से छुट्टी लेकर गांवों, पहाड़ों की ओर रुख करते हैं, लेकिन हमारी बढ़ती लालसा के कारण शहर के बाद अब गांवों-पहाड़ों में भी वृक्षों के अभाव में जीने को मजबूर होते जा रहे हैं।

 

 

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अविश्वास प्रस्ताव के मुद्दों में कोई तथ्य नहीं: सीएम बघेल

रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा में राज्य सरकार के खिलाफ विपक्ष की ओर से प्रस्तुत अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से अस्वीकृत कर दिया गया।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अविश्वास प्रस्ताव के विरोध में चर्चा के दौरान जवाब में कहा कि जब हमारी सरकार बनी तो हमने ‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़’ की बात की और इसे साकार करने की दिशा में हमारी सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में कहा कि विपक्ष द्वारा प्रस्तुत अविश्वास प्रस्ताव के मुद्दों में कोई तथ्य नहीं है। प्रजातंत्र में विपक्ष का अधिकार होता है कि वे अविश्वास करे। सत्ता पक्ष के पास भी मौका होता है कि अपनी बात रखें। इन्होंने 109 आरोप लगाए पर कोई तथ्य नहीं दिए। पहले जब अविश्वास प्रस्ताव आता था तब नक्सली समस्या पर पहले बात होती थी। इस बार सदस्यों ने नही की। ये हमारी उपलब्धि है।

आप इंद्रावती के उस पार गए क्या ये संभव था। ये इसलिए हुआ कि इस समस्या पर काम हुआ। अभी भेंट मुलाकात में बस्तर में रात रुका, सभी से मिला। जो सबसे बड़ा कमेंट मिला जिसने मेरे दिल को छू लिया। जैन समाज के लोगों से मैंने पूछा कि इन चार सालों में क्या फर्क आया। उन्होंने कहा कि रिश्ता करने में बस्तर में अब दिक्कत नहीं होती है। आसानी से लोग रिश्ता दे देते हैं क्योंकि बस्तर बदल गया है। पहले बस्तर में सड़कें काट दी जाती थी आज सड़के काटी नहीं जाती, ये परिवर्तन बस्तर में देखने को मिला है। पिछली सरकार ने जो स्कूल बंद करा दिए थे, उसे हमने आरम्भ कर दिया। राशन पहुंचाना भी पहले टेढ़ी खीर थी। अब कितना आसान हो गया है। ये बदलाव आया है। जब हमारी सरकार बनी तो हमने गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की बात की। उन महापुरुषों को, कलाकारों और राजनीतिक दलों के लोगों को नमन करता हूँ जिन्होंने छत्तीसगढ़ निर्माण में अपना योगदान दिया। परिवर्तन केवल सत्ता के लिए नहीं होना चाहिए। यह लोगों के जीवन मे होना चाहिए इसलिए परिवर्तन की मशाल लेकर हमारे नेता परिवर्तन यात्रा में निकले थे। आज हमने किसानों की जिंदगी बदली है। बस्तर, सरगुजा में परिवर्तन हुआ है। महिलाओं के जीवन मे बदलाव आया है। जब बच्चे फर्राटेदार इंग्लिश में बोलते हैं तब संतोष होता है। आरडी तिवारी स्कूल में पहले 56 बच्चे पढ़ रहे थे। अब हजार बच्चे पढ़ रहे हैं। अब ऐसे स्कूल नहीं चल रहे जो गुणवत्ता नही देते, लोग स्वामी आत्मानंद स्कूल में अपने बच्चों को प्रवेश दिला रहे हैं। बस्तर के बच्चों को शिक्षित कर दीजिए, सुपोषित कर दीजिए, वे अपनी जिंदगी स्वयं संवार लेंगे। 20 हजार करोड़ रुपये की इनपुट सब्सिडी हमने किसानों को दी। हमारे प्रदेश का किसान आज बहुत खुशहाल है।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि अब मैं डीएमएफ के बारे में जानकारी देता हूं। मुख्यमंत्री बनने के बाद मैंने मीटिंग ली। सभी खदान आदिवासी अंचल में थी। मैंने पूछा कि आदिवासियों के जीवन मे क्या परिवर्तन आया। उन्होंने कहा कि नहीं आया। हमने कहा कि यह होना चाहिए। हमने कहा कि इससे स्कूल बनाओ, सड़क बनाओ। डीएमएफ का तभी सही उपयोग होगा। मलेरिया में हमने बड़ा काम किया और यह काफी घट गया। उल्टी दस्त का एक भी प्रश्न विधानसभा में बस्तर से नहीं लगा। बस्तर में आज डॉक्टर है, नर्स हैं। ब्लड बैंक बनवाये गए हैं।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ का संकल्प लेकर जब हम निकले, कितनी बाधा आई। कोरोना आया। सबकी मदद से हमने अपना संकल्प पूरा किया। सबने इसके लिए सहयोग किया। पांच साल में आये परिवर्तन के बारे में उन्होंने बताया। आज जिले 33 हो गए। तहसील भी बढ़ गए। प्रति व्यक्ति आय बढ़ गई। धान खरीदी 56 लाख से 110 लाख मीट्रिक टन हो गई। रकबा भी बढ़ गया। धान खरीदी केंद्र 2400 हो गए। राजीव गांधी न्याय योजना, भूमिहीन ग्रामीण श्रमिक योजना, गोधन न्याय योजना हमने आरम्भ की। 10 हजार से अधिक गौठान बनाये। उर्जिकृत पंप 4 लाख हो गए। एकल बत्ती कनेक्शन 15 लाख से 17 लाख हो गए। आपके समय तो 105 करोड रुपए का ऋण माफ हुआ था, हमने तो 9500 सौ करोड़ का ऋण माफ किया है। केसीसी आपके समय में 14 लाख दिए गए। वह अब बढ़कर 21 लाख हो गए हैं। 245 करोड़ का गोबर खरीदा और 291 करोड़ की सामग्री बेचा, यह घाटे का सौदा नहीं है।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि यह कबीर की भूमि है। बाबा गुरु घासीदास की भूमि है। शांति का टापू है। अपनी संस्कृति के लिए हम काम कर रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में फिर ईडी की रेड...

रायपुर: छत्तीसगढ़ में एक फिर प्रवर्तन निदेशालय ने छापा मारा है। आज सुबह दिल्ली से पहुंची ईडी की टीमों ने आज आईएएस दंपति और एक कांग्रेस नेता के ठिकानों पर दबिश दी है।

सूत्रों के अनुसार ईडी का छापा आईएएस रानू साहू व उनके आईएएस पति जे पी मौर्या के देवेंद्र नगर स्थित आफिसर्स कॉलोनी में पड़ा है।

रानू और जेपी के बंगले में पहले भी ईडी का छापा पड़ चुका है। इनके अलावा कांग्रेस नेता राम गोपाल अग्रवाल के अलग अलग शहरों में स्थित निवास और कार्यालय सहित अन्य परिसरों में भी ईडी की कार्रवाई चल रही है।

कोरबा नगर निगम कमिश्नर प्रभाकर पाण्डेय के यहां भी ईडी के छापे की खबर है। ठेकेदार सुनील रामदास अग्रवाल का भी नाम छापे में आ रहा है।

बताया जा रहा है कि ईडी रायपुर के देशबन्धु कॉम्प्लेक्स, अमलीडीह स्थित लाविस्टा के साथ बिलासपुर के अंबा प्लाजा, रामा वैली, विनोबा नगर और कोरबा में कार्यवाही कर रही है।

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सीएम बघेल ने किया नवसृजन एक परिचर्चा के पोस्टर का विमोचन

 रायपुर; मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विधानसभा परिसर में स्थित अपने कार्यालय में वेदिका फाउंडेशन एवं गुनजंस आयोजन के संयुक्त तत्वाधान में अगस्त माह में आयोजित होने वाले कार्यक्रम नवसृजन एक परिचर्चा के पोस्टर का विमोचन किया।

कार्यक्रम संचालिका गुंजन चौहान चंदेल ने बताया कि उक्त कार्यक्रम में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ शासन की योजनाओं एवं प्रयास पर चर्चा होगी। कार्यक्रम में परिचर्चा हेतु विषय विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जा रहा है। साथ ही स्वसहायता समूहों की महिलाओं द्वारा उत्पादों को स्टॉल में प्रदर्शित एवं विक्रय किया जाएगा।

यह कार्यक्रम रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर श्रुति जैन भी मौजूद थी।

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मुख्यमंत्री बघेल का प्रदेश पंचायत सचिव संघ ने जताया आभार

रायपुर: मुख्यमंत्री बघेल से गुरुवार को विधानसभा परिसर स्थित उनके कार्यालय कक्ष मं् प्रदेश पंचायत सचिव संघ छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि मंडल ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री बघेल को प्रतिनिधि मंडल ने पंचायत सचिवों को विशेष भत्ता दिए जाने पर मिठाई खिलाकर धन्यवाद दिया। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर के पंचायत सचिवों में कल की गई घोषणा से हर्ष की लहर है। पंचायत सचिवों के हित में लिया गया फैसला ऐतिहासिक है।  उल्लेखनीय है कि अनुपूरक बजट में पंचायत सचिवों के वेतन में  वृद्धि की गई है। 15 वर्ष से कम सेवाकाल वाले पंचायत सचिवों को विशेष भत्ता में 2500 रुपए की तथा 15 वर्ष से अधिक सेवा काल वाले पंचायत सचिवों के विशेष भत्ते में 3000 रुपए की वृद्धि की गई है। इससे 50 करोड़ रुपए का अतिरिक्त व्यय राज्य सरकार को पड़ेगा। इसके अतिरिक्त उन्हें अर्जित अवकाश, दस लाख रुपए तक की उपादान राशि एवं पांच लाख रुपए तक चिकित्सा व्यय प्रतिपूर्ति का लाभ भी दिया जाएगा।

इस अवसर पर संसदीय सचिव चन्द्रदेव राय, प्रदेश पंचायत सचिव संघ छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष तुलसी साहू, यशवंत आडिल, अमर धनकर, एम लाल यादव, कृष्णा यादव, अर्जुन सिंह, मनीष दुबे सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

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