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दो दर्जन शिक्षण संस्थानों के स्कूली बसों की हुई जांच

भिलाई (छत्तीसगढ़ दर्पण) आगामी 16 जून से स्कूल समर वेकेशन के बाद खूलने जा रहे है। स्कूली बसों में किसी प्रकार की कोई घटना दुर्घटना ना हो इसलिए सुप्रीर्म कोर्ट के गाईड लाईन के अनुसार सेक्टर 6 कोतवाली थाना के सामने मैदान में रविवार को पहले चरण में लगभग 2 दर्जन शिक्षण संस्थाओं के 262 स्कूल बसों का परीक्षण परिवाहन विभाग और पुलिस विभाग ने की जिसमें 38 बसो में खामी पाई गई।

पायी गयी खामियों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालान कर 50 हजार से अधिक समन शुल्क वसूल किया गया और पायी गयीं खामियों को दूर कर पुन: चेक कराने हेतु निर्देशित किया गया।  जो वाहन पूर्ण रूप से फिट पाया गया उन वाहनों पर जांच का का स्टीकर चस्पा किया गया।

ट्राफिक डीएसपी द्वारा चालक ,परिचालक को दी गयी यातायात नियमो की जानकारी
पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के निर्देश पर स्कूली छात्र छात्राओं के सुरक्षित परिवहन को ध्यान में रखते हुए आज रविवार को यातायात पुलिस दुर्ग एवं परिवहन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से पुलिस ग्राउण्ड सेक्टर 06 भिलाई में स्कूल बस जांच शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें प्रथम चरण में जिले के 23 स्कूलों के छात्र छात्राओं में परिवहन करने वाले 262 बसों का जांच किया गया है।

वाहन की जांच शिविर का उददेश्य छात्र छात्राओं का सुरक्षित परिवहन से है। जांच शिविर के दौरान सर्व प्रथम वाहनों का रजिस्ट्रेशन किया गया तत्पश्चात परिवहन विभाग द्वारा स्कूल बसो के दस्तावेजो की जांच की गई जांच के दौरान वाहन का रजिस्टेशन, परमिट, फिटनेश, बीमा, पीयूसी, रोड टैक्स, वाहन चालक का लायसेंस चेक किया गया। इसके बाद वाहनो का मैकनिकल फिटनेश जांच किया गया जिसके अंतर्गत हेड लाईट, ब्रेक लाईट, पार्किग लाईट, इन्डिकेटर लाईट, बैक लाईट, मीटर, स्टेरिंग की स्थिति, टायर की स्थिति, क्लच, ऐक्सीलेटर, सीट की स्थिति, हॉर्न की स्थिति, वॉयपर एवं वाहन में आगे पीछे रिफ्लेक्टर लगा है कि नहीं चेक किया गया।

चेंकिग के क्रम में सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित मापदण्ड के अनुरूप जैसे वाहन में जीपीएस, सीसीटीवी कैमरा, स्पीड गर्वनर, प्रेर्शर हार्न, आपातकालीन खिडकी, स्कूल का नाम, टेलीफोन नंबर, चालक का मोबाईल नंबर, फस्र्ट ऐड बॉक्स, अग्नि शमन यंत्र, स्कूल बस के आगे पीछे स्कूल बस लिखा है की नहीं चेक किया गया। तत्पशचात चालक परिचालक के स्वास्थ्य संबंधी जांच की गई जिसमें बीपी, शुगर, एवं आंखो की जांच जिला हास्पिटल दुर्ग द्वारा किया गया। जांच के दौरान यातायात पुलिस विभाग द्वारा बिना फिटनेश 07, बिना परमिट 04, बिना वर्दी 18, बिना अग्नि शमन 02, बिना वायपर 02, बिना रिफ्लेक्टर 06, बिना ब्रेक लाईट 02 कुल 38 स्कूली बसो पर चालान करते हुए 50800 रूपये समन शुल्क वसूल किया गया। चेकिग के दौराना पायी गयी खामियां को 01 सप्ताह में पूर्ण कर पुन: चेक कराने हेतु निर्देशित किया गया।

तत्पश्चात उप पुलिस अधीक्षक (यातायात) श्री सतीश ठाकुर के द्वारा वाहन चालकों को यातायात संकेत ,यातायात सिग्नल के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए वाहन चालन के दौरान लापरवाही न करने, कंडक्टर के द्वारा दरवाजे पर खड़ा ना रहने, स्कूल बच्चे को सुरक्षित उतारने चढ़ाने एवं किसी भी प्रकार का नशीली पदार्थ का सेवन ना करने हेतु समझाइश दिया गया।

उक्त वाहन परीक्षण के दौरान सतीश ठाकुर, उप पुलिस अधीक्षक, (यातायात) निरीक्षक कुजबिहारी नागे, प्रभारी यातायात सिविक सेंटर, निरीक्षक डी.पी.चन्द्रा प्रभारी यातायात जोन आकाश गंगा, निरीक्षक यशकरण धु्रव, प्रभारी यातायात जोन दुर्ग, निरीक्षक विष्णु ठाकुर, परिवहन, निरीक्षक अरूणा साहू, परिवहन विभाग दुर्ग के द्वारा दस्तावेज जांच की गई एवं सउनि. तारकेश्वर सिंह, बाबू लाल, प्रथम वाहिनी छ.स.बल, प्रआर. सत्यवेन्दर सिंह, आर. विनोद जायसवाल, 7वीं वाहिनी छ.स.बल, पुलिस लाईन दुर्ग से सउनि. माधव साहू, एमटी विभाग द्वारा वाहनों का मेकनिकल जांच किया गया तत्पश्चात यातायात पुलिस दुर्ग सउनि. सुरेश देवागंन, हुकूम सिंह, चंद्रिका प्रसाद, सुशील पाण्डेय, महेश मिश्रा, सत्यनारायण पाठक के द्वारा माननीय सुप्रीम कोर्ट के द्वारा जारी की गई गाईड लाईन को चेक किया गया।  

जांच शिविर में जिला चिकित्सालय दुर्ग के नेत्र सहायक अधिकारी मो. एजाज, मुकेश शर्मा, एम.आर. शेख के द्वारा चालक परिचालक का नेत्र परीक्षण किया गया एवं आरएचओ योगेश कुमार, होमशरण देवांगन, नरेन्द्र कुर्रे एवं मानसिंग मण्डावी के द्वारा बीपी एवं शुगर की जांच की गई जिसमें 10 चालको को आंखो संबंधित एवं 21 चालको बीपी एवं शुगर की शिकायत पाई गई।

वाहनों की चेकिंग के पश्चात जो वाहन पूर्ण रूप से फिट पाई गई उन वाहनों में यातायात पुलिस एवं परिवहन विभाग द्वारा जारी की गई जांच ह्र्य का स्टीकर चस्पा किया गया जिससे आने वाले समय में चेकिंग के दौरान स्टिकर लगे वाहनों को नहीं रोका जाएगा और जिन वाहनों पर स्टिकर ना लगा पाया गया उन वाहनों को रोककर चेकिंग की जाएगी।

आगामी दिनों जो स्कूल की बसे आज नही आई हैं एवं ऐसे संस्था जहां छोटे वाहन के माध्यम से स्कूली छात्र छात्राओं का परिवहन किया जाता है वे सम्मलित होगें और साथ ही जिन बसों में खामियां पाई गई है उन खामियो पूर्ण कर चेक कराने हेतु निर्देशित किया गया है।

 

 

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हौसलों की उड़ान से सपना हुआ साकार, स्टेट टॉपर्स ने लिया जॉयराइड का लुत्फ

मनेंद्रगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। रायपुर में शनिवार को बोर्ड परीक्षा में टॉप करने वाले प्रतिभाशाली छात्रों ने ऊंची उड़ान भरी। भरतपुर-सोनहत विधायक गुलाब कमरो ने शिक्षामंत्री डॉ. प्रेमसाय टेकाम के साथ हरी झंडी दिखाकर हेलिकॉप्टर को रवाना किया। एमसीबी ज़िले के भरतपुर विकासखंड से कु.सुनीता बैगा और मनेंद्रगढ़ विकासखंड से कु.प्रिया रोहरा शामिल हुई।


विशेष पिछड़ी जनजाति की सुनीता बैगा स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट इंग्लिश मीडियम स्कूल भरतपुर में कक्षा 12 वीं मेरिट सूची में उत्तीर्ण की हैं और भविष्य में डॉक्टर बनना चाहती हैं। हेलीकॉप्टर जॉयराइड को लेकर अपने अनुभव में सुनीता ने बताया कि मैं आज रातभर सो नहीं पाई, बार-बार घड़ी देख रही थी, कब सुबह होगी और कब मैं हेलीकॉप्टर में बैठूंगी। आखिरकार मैं हेलीकॉप्टर में बैठी और बहुत मजा आया। मेरे परिवार के कोई भी सदस्य आज तक हेलीकॉप्टर में नहीं बैठे हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हमें हेलीकॉप्टर में घूमने का मौका दिया इसके लिए मैं उनको बहुत बहुत धन्यवाद देती हूँ।



विजय इंग्लिश मीडियम स्कूल मनेन्द्रगढ़ की कक्षा 12 वीं की छात्रा प्रिया रोहरा ने हेलीकॉप्टर जॉयराइड के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि छोटे से शहर से आकर यहाँ हेलीकॉप्टर में बैठना किसी सपने से कम नही है। हेलीकॉप्टर जॉयराइड मिलने से मैं बहुत खुश हूँ।

उल्लेखनीय है कि नवगठित मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर से प्रावीण्य सूची में स्थान बनाने वाले दो छात्रा मुख्यमंत्री के द्वारा आयोजित हेलीकॉप्टर जॉयराइड में पहुँचे। एमसीबी से प्रिया रोहरा और सुनीता बैगा ने रायपुर में जॉयराइड का आनंद लिया। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर कलेक्टर नरेंद्र कुमार दुग्गा, प्रिया और सुनीता का उत्साहवर्धन करने के लिए रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित थे। उन्होंने दोनों छात्रों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी।

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प्रतिभा सम्मान समारोह : सीएम बघेल ने 10-12 वीं के टॉपर्स को सम्मानित किया

सभी मेधावी छात्र-छात्राओं के खाते में डेढ़-डेढ़ लाख की प्रोत्साहन राशि हस्तांतरित

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री ने शनिवार को स्वामी आत्मानंद मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना अंतर्गत छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की वर्ष 2023 की वार्षिक परीक्षा में कक्षा 10वीं और 12वीं प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। समारोह में सभी मेधावी छात्र-छात्राओं को डेढ़-डेढ़ लाख रूपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। मुख्यमंत्री बघेल ने समारोह में प्रोत्साहन राशि को मेधावी छात्र-छात्राओं के बैंक खाते आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर किया। प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन मुख्यमंत्री निवास में किया गया।


मुख्यमंत्री ने कहा है कि हमारी कोशिश गांव-शहर के साथ ही वनांचलों के विद्यार्थियों को शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराने की है। इस वर्ष बोर्ड परीक्षा में दूरस्थ अंचलों के बच्चों ने अच्छी सफलता पायी है। बच्चों में कुशाग्रता की कमी नही है। जरूरत उन्हें अवसर प्रदान करने की है।

मुख्यमंत्री ने मेधावी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं दी। उन्होंने बच्चों से सीधे संवाद करते हुए पूछा कि हेलीकॉप्टर में बैठने से किसी को डर तो नहीं लगा, सभी बच्चों ने सामूहिक रूप से कहा कि बिल्कुल भी डर नहीं लगा। मुख्यमंत्री ने सभी बच्चों की प्रशंसा करते हुए बताया कि प्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र के रघुनाथपुर में भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के दौरान स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय के निरीक्षण के दौरान नन्हीं बालिका स्मृति कि जिद पर वहां उसके साथ तीन-चार बच्चों को हेलीकॉॅप्टर में घुमाया। इसके बाद 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के टॉपर्स को हेलीकॉप्टर जॉय राइडिंग कराने का फैसला लिया गया। उन्होंने कहा कि भविष्य में कई बच्चों को हवाई जहाज पर चढ़ने का अवसर मिलेगा, लेकिन सरकार के हेलीकॉप्टर में कुछ गिन-चुने लोगों को ही सफर करने का अवसर मिलता है। पिछले वर्ष 2022 में बोर्ड परीक्षा के टॉपरों को जॉय राइडिंग करायी गई। इस वर्ष बोर्ड परीक्षा के 78 टॉपर्स के साथ हाई स्कूल और हाई सेकेण्डरी परीक्षा में विशेष पिछड़ी जनजाति के पांच-पांच टॉपर्स को भी जॉय राइडिंग कराया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आर्थिक रूप से पिछड़े व कमजोर वर्ग को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए विशेष पिछड़ी जनजातियों-अबूझमाड़िया, बैंगा, बिरहोर, कमार और पहाड़ी कोरवा के हाईस्कूल और हायर सेकण्डरी में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया जा रहा है। इन सभी विद्यार्थियों को भी डेढ़-डेढ़ लाख रूपये प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री बघेल ने बच्चों से कहा कि आपने अपनी मेहनत और लगन तथा प्रावीण्य सूची में स्थान बनाने में सफलता प्राप्त की है। जब हम कोई लक्ष्य हासिल करते है तो समाज और परिवार में सम्मान बढ़ता है। उन्होंने बच्चों को सीख देते हुए कहा कि सफलता से आपके व्यवहार में बदलाव नहीं आना चाहिए। सफलता पर गर्व करें, घमण्ड नहीं, विनम्र बनें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खुशी की बात है कि प्रावीण्य सूची में अधिकतर विद्यार्थी छत्तीसगढ़ के सुदूर अंचल के ग्रामीण परिवेश से है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने प्रदेश में शिक्षा का वातावरण बनाया है। स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी और हिन्दी माध्यम स्कूल प्रारंभ किए गए हैं। जिनकी गुणवत्ता इतनी अच्छी है कि आज बच्चे पहले स्वामी आत्मानंद स्कूल में प्रवेश लेना चाहते है बाद में निजी स्कूल में। राजधानी रायपुर के आर.डी. तिवारी स्कूल में बच्चों की दर्ज संख्या 56 थी। इस स्कूल में स्वामी आत्मानंद स्कूल प्रारंभ करने के बाद अब यहां बच्चों की दर्ज संख्या बढ़कर लगभग 1000 हो गई है। प्रदेश में संचालित स्वामी आत्मानंद स्कूलों में सीटों की संख्या से कई गुना ज्यादा आवेदन प्रवेश के लिए मिल रहे है। हमारी सरकार ने स्कूल, छात्रावास-आश्रम का जीर्णोद्धार, स्कूल में कमरों और भवन का निर्माण कराने के लिए योजना बनाई है। इसके अलावा स्कूलांे की पोताई प्राकृतिक पेंट से करने का फैसला लिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में प्रारंभ किए गए 300 रूरल इंडस्ट्रियल पार्क (रीपा) में वाई-फाई सुविधा प्रारंभ की गई है ताकि ग्रामीण बच्चों को पढ़ाई के लिए नेट की सुविधा असानी से मिल सके। बिलासपुर के ग्राम बेलटुकरी के रीपा से इसकी शुरूआत की गई। धमतरी जिले के एक रीपा में बच्चों के बैठने के लिए व्यवस्था की गई। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुविधा के लिए सुकमा, कांकेर जैसे दूरस्थ जिलों में ई-लाईब्रेरी प्रारंभ की गई है। नक्सलियों द्वारा सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा के स्कूलों को क्षतिग्रस्त किया गया था ऐसे 300 स्कूल वर्षों बाद पुनः प्रारंभ किए गए। मुख्यमंत्री ने बताया कि कोरोना काल में शिक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में किए गए नवाचारों की चर्चा देश भर में रही।

स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा कि मुख्यमंत्री की पहल पर छत्तीसगढ़ में मेधावी छात्र-छात्राओं को हेलीकॉप्टर जॉय रायडिंग का अवसर मिला है। मुख्यमंत्री की यह पहल पूरे देश के लिए अनुकरणीय है। डॉ. टेकाम ने कहा कि आप सबके हौसले कम नहीं होने चाहिए। आने वाले समय में और चुनौतियां सामने आएंगी। उन्होंने बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि जब हम पढ़ते थे तब इतनी सुविधाएं नही थी, जो आप लोगों को मिल रही है। उन्होंने लगन और मेहनत से आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने बताया कि आज सुबह जब मेधावी बच्चे जॉय राइडिंग कर रहे थे तब बच्चों की चेहरे की खुशी देखते ही बन रही थी।


स्वामी आत्मानंद मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना के तहत छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की वर्ष 2023 की कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षा की प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले 78 छात्र-छात्राओं में से कक्षा 10वीं के 48 और कक्षा 12वीं के 30 छात्र-छात्राएं शामिल हैं। इस वर्ष स्वामी आत्मानंद विद्यालय के हाईस्कूल के 11 एवं हायर सेकेण्डरी के 8 विद्यार्थियों ने प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त किया है। स्वागत भाषण स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन ने दिया। स्वामी आत्मानंद मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना अंतर्गत प्रतिभा सम्मान समारोह के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। समारोह में बालोद जिले के ग्राम घुमका की छात्रा नरगिस खान को भी सम्मानित किया गया। नरगिस खान कक्षा सातवीं की छात्रा है उन्हें विशेष अनुमति से दसवीं की बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित होने की अनुमति दी गई थी। नरगिस ने बोर्ड परीक्षा में 90.50 प्रतिशत अंक हासिल किए है।

समारोह में संसदीय सचिव द्वारिकाधीश यादव, विधायक धनेन्द्र साहू, विधायक श्रीमती अनिता शर्मा और विधायक गुलाब कमरो, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. आलोक शुक्ला, मुख्यमंत्री के सचिव अंकित आनंद, संचालक लोक शिक्षण सुनील जैन सहित माध्यमिक शिक्षा मण्डल के सदस्य, मेधावी छात्र-छात्राएं और उनके पालक उपस्थित थे। सचिव माध्यमिक शिक्षा मंडल प्रोफेसर व्ही.के. गोयल ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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भाजपा के 100 कार्यकर्ताओं ने थामा कांग्रेस का दामन...

बीजापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। विधानसभा चुनाव नजदीक है, और प्रदेश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी बीच दल अदलाबदली का दौर भी शुरू हो गया है। खबर आ रही है कि बीजापुर में 100 भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार यहां करीब 100 कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है। विधायक विक्रम मंडावी ने इन सभी को गमछा और माला पहनाकर स्वागत किया। ये सभी लोग संन्ड्रापल्ली क्षेत्र में कार्यकर्ता के रूप में सक्रिय थे। संन्ड्रापल्ली क्षेत्र को भाजपा का गढ़ माना जाता है। चुनावों में यहां पार्टी को सबसे ज्यादा वोट मिलते हैं।

 

 

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नदी में डूबने से बच्चे की मौत

जांजगीर-चांपा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से बड़ी खबर सामने आई है। जहां अपने माँ बाप के सामने 12 साल का बच्चा नदी में डूब गया। डूबने से बच्चे की मौत हो गई। घटना चांपा थाना क्षेत्र के कुदरी गांव की है।


पुलिस के अनुसार, संजय नगर चांपा का रहने वाला परिवार हसदेव नदी में बने बैराज में नहाने आये थे। उनका 12 साल का बेटा ऋतुराज देवांगन एक ट्यूब में बैठकर नहा रहा था। वहीं पास में ही माता-पिता और छोटी बहन भी नहा रही थी।

तभी अचानक ऋतुराज का ट्यूब नहाने के दौरान पलट गया। और उसके बाद वो नदी में डूब गया। बच्चे को डूबता देख पिता ने बचाने की कोशिश की पर नहीं बचा पाए और काफी देर ढूंढ़ने के बाद बच्चा मिला तो तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया। जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मृतक के पिता अनिल देवांगन ने बताया कि वे कोसे से कपड़ा बनाने का काम करते हैं। ऋतुराज उनका बड़ा बेटा था, बेटी छोटी है, जिसकी उम्र 6 साल है। इस साल बेटा सातवीं कक्षा में गया था। वे लोग शुक्रवार को नहाने के लिए गया, इसी दौरान डूबकर बेटे की मौत हो गई।

 

 

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हर समाज और वर्ग के लोगों का विकास हमारा ध्येय: मुख्यमंत्री

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कवर्धा के गांधी मैदान में चंद्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज के वार्षिक अधिवेशन के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए।


मुख्यमंत्री बघेल ने अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि कुर्मी समाज कृषि आधारित समाज है और प्रारंभ से ही खेती-किसानी से जुड़ा हुआ है। प्रदेश के कृषक वर्ग को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा कृषकों के हित में अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है।

उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वज स्वर्गीय डॉ. खूबचंद बघेल, स्वर्गीय डॉ. चंदूलाल चंद्राकर और अन्य पूर्वजों का सपना था कि छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण हो और छत्तीसगढ़िया किसान, मजदूर, श्रमिक, गरीब तथा पिछड़े तबकों की स्थिति में सुधार हो। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार सहित सभी क्षेत्रों छत्तीसगढ़ की स्थिति बेहतर हो। हमने साढ़े चार सालों में समाज के सभी वर्ग के लोगों की स्थिति को बेहतर बनाने का प्रयास किया है।

इस मौके पर समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल को किसानों के प्रतीक नागर, तलवार और पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने समाज द्वारा निर्मित छात्रावास भवन का उद्घाटन भी किया। अधिवेशन में पंडरिया विधायक श्रीमती ममता चंद्राकर, अपेक्स बैंक के अध्यक्ष बैजनाथ चंद्राकर, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य महेश चंद्रवंशी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि हमारी सरकार आने के बाद हमने सबसे पहले किसानों का कर्जा माफ किया। समर्थन मूल्य में धान की साथ-साथ कोदो, कुटकी, रागी, मक्का और गन्ना खरीदी कर रहे है। इससे किसानों के आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ। राजीव गांधी किसान गोधन न्याय योजना, राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना से किसानों, ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति बदलााव आया है। राज्य के किसान कर्ज से चिंता मुक्त हो गए है।

उन्होंने कहा कि सरकार की किसाना हितैषी नीतियों के चलते राज्य में खेती-किसानी को लेकर लोगों में रूचि बढ़ी है। खेती छोड़ चुके लोग भी अब खेती-किसानी से जुड़ने लगे है। उन्होंने कहा कि राज्य में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों की संख्या और धान उर्पाजन की मात्रा बीते साढ़े चार सालों में दोगुनी हो गई है। पंजीकृत धान का रकबा बढ़कर अब 32 लाख हेक्टेयर हो गया है।
 
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि हम देश के सभी राज्यों के भ्रमण कर रहे है और किसानों से मिले है। अन्य राज्यों के किसान भी चाहते है कि छत्तीसगढ़ के किसानों के जैसा उन्हें भी  राजीव गांधी किसान न्याय योजना लाभ मिले। आज छत्तीसगढ़ मॉडल की चर्चा पूरे देश में हो रही है। छत्तीसगढ़ में हमारे ग्रामीण, किसान, पशुपालक गोबर बेचकर मोटर साइकिल खरीद रहे है। गोबर से वर्मी कम्पोस्ट, प्राकृतिक पेंट तैयार किया जा रहा है, जिसका उपयोग सभी शासकीय कार्यालयों के रंग-रोगन में हो रहा है। गौठानों में स्थापित रीपा के माध्यम से महिलाओं को गांव में ही रोजगार मिलने लगा है।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि पुरखो के सपनों के अनुरूप आप सबके सहयोग से आज यहां छात्रावास बनकर तैयार हुआ है। आज वनांचल क्षेत्र सुकमा, बस्तर के विधार्थी मेरिट लिस्ट में आ रहे है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान को बनाए रखने के लिए छत्तीसगढ़ी परम्परा को बढ़ावा दिया जा रहा है। हरेली, तीजा, दशहरा और छत्तीसगढ़ी त्योहार में सार्वजनिक अवकास घोषित किया गया है। छत्तीसगढ़ की संस्कृति और खाना-पान को बढ़ावा दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के सम्मान में राज गीत बनाया गया है, जिससे अब लगता है कि छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़ियों की सरकार है और पुरखा के सपने साकार हो रहे है।

इस अवसर पर समाज के अध्यक्ष लाल बहादुर चंद्रवंशी, लालजी चंद्रवंशी, शिवकुमार चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य तुकाराम चंद्रवंशी, नीलकंठ चंद्रवंशी एवं समाजिक पदाधिकारी सहित समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

 

 

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छत्तीसगढ़ में प्री-मानसून वर्षा 14-15 जून से: मौसम विभाग

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ में शुक्रवार को राजधानी समेत छत्तीसगढ़ के कई हिस्से में दोपहर के बाद पड़ी बौछारों ने प्री-मानसून बारिश का इशारा किया।

हालांकि मौसम विभाग के अनुसार यह बारिश न तो बंगाल  की खाड़ी में ताकतवर हो रहे तूफान बिपरजॉय का असर से हुई और न ही प्री-मानसून शॉवर थे। बल्कि यह छत्तीसगढ़ और ओड़िशा के ऊपर सक्रिय चक्रवात के असर से हुई है।

शाम को इसलिए बारिश हुई क्योंकि दोपहर में भीषण गर्मी से स्थानीय स्तर पर कई जगह कम दबाव का क्षेत्र बन गया और बादल घिर गए । चक्रवात के असर से ज्यादा नमी आ रही है इसलिए बादल घिरे तो बौछारें पड़ गईं। मौसम विभाग के मुताबिक प्री-मानसून वर्षा की उम्मीद 14-15 जून से कर सकते हैं।

इससे पहले राजधानी सहित पूरे प्रदेश में शुक्रवार को दोपहर तेज गर्मी पड़ी। रायपुर में तापमान 43.5 और बिलासपुर में 43.6 डिग्री पर पहुंच गया। रायगढ़ सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 45.7 डिग्री रिकार्ड किया गया।

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बण्डापाल जनचौपाल शिविर में मिले 385 आवेदन

कांकेर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिले के सुदूर अतिसंवेदनशील क्षेत्र ग्राम बण्डापाल में गत दिवस जनचौपाल शिविर का आयोजन किया गया। आम जनता की समस्याओं के निराकरण करने एवं आधारभूत सुविधाएं जैसे- आधार कार्ड, पेंशन, श्रमिक पंजीयन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, आय, निवास, जाति प्रमाण-पत्र एवं जन्म प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराने के लिए अंतागढ़ विधायक अनूप नाग एवं कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला द्वारा ग्राम बंडापाल में जनचौपाल शिविर करने के निर्देश दिए थे, जिसके परिपालन में 8 जून गुरुवार को शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर में 385 आवेदन प्राप्त हुए, जिसमें 309 आवेदनों का मौके पर निराकरण किया गया, शेष आवेदनों का निराकरण के लिए समय-सीमा दी गई है। शिविर में जिला स्तरीय अधिकारी एवं विकासखण्ड स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

 
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कबीरधाम पहुंचे सीएम बघेल, मंत्री अकबर ने किया स्वागत...

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) मुख्यमंत्री बघेल का कबीरधाम प्रवास के दौरान कवर्धा के पुलिस लाईन हेलीपैड पर जनप्रतिनिधियों ने आत्मीय स्वागत किया। वन मंत्री व कवर्धा विधायक मोहम्मद अकबर के साथ जनप्रतिनिधियों ने बैगा व आदिवासियों के विशेष श्रृंगार बिरनमाला से मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री के साथ विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत और पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा भी कवर्धा पहुंची।


पुलिस लाईन हेलीपैड पर पंडरिया विधायक श्रीमती ममता चंद्राकर, योग आयोग के सदस्य गणेश योगी, क्रेडा के सदस्य कन्हैया अग्रवाल, नीलकंठ चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष कवर्धा ऋषि शर्मा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सीमा अगम अनंत, कवर्धा कृषि उपज मंडी अध्यक्ष नीलकंठ चंद्रवंशी, उपाध्यक्ष चोवा साहू, लालजी चंद्रवंशी, लाल बहादुर चंद्रवंशी, पार्षद नरेन्द्र देवांगन, भीखम कोशाले सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं कलेक्टर जनमेजय महोबे, पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक पल्लव, डीएफओ चूड़ामणि सिंह, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने गुलदस्ता भेंटकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
 

 

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मंत्री लखमा ने रानी दुर्गावती, वीर गैंद सिंह व गुंडाधुर की प्रतिमाओं का अनावरण किया

कांकेर (छत्तीसगढ़ दर्पण)अंतागढ़ स्थित मद्रासी पारा आमाबेड़ा चौक पर गुरुवार को उद्योग व आबकारी मंत्री कवासी लखमा के मुख्य आतिथ्य एवं अंतागढ़ विधायक अनूप नाग की अध्यक्षता में वीरांगना रानी दुर्गावती, शहीद वीर गैंद सिंह एवं शहीद गुंडाधुर की मूर्ति का अनावरण किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मंत्री कवासी लखमा, अध्यक्षता कर रहे विधायक अनूप नाग और विशिष्ठ अतिथि कांति नाग समेत अन्य अतिथियों ने वीरांगना रानी दुर्गावती, शहीद वीर गैंद सिंह एवं शहीद गुंडाधुर को याद करते हुए उनके अमर कहानी पर प्रकाश डाला।

मंत्री लखमा ने इस दौरान कहा कि वीरांगना रानी दुर्गावती सरीखे महान देशभक्तों का स्मरण करते ही जीवन में रोमांच भर जाता है। रानी दुर्गावती के रास्ते पर चलकर जीवन में देश की मिट्टी के लिए सर्वस्व न्यौछावर करने का जज्बा लेकर कार्य करने का प्रण हम सभी लोगों को अवश्य लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि वीरांगना रानी दुर्गावती न सिर्फ आदिवासी समाज का बल्कि पूरे राष्ट्र का गौरव है। उन्होंने आदिवासी समाज के लोगां में देश की मिट्टी के प्रति प्रेम एवं समर्पण के भाव के साथ जीवन में अपने कर्तव्यों का सहज निर्वहन करने के कार्यों की जमकर सराहना भी की।

विधायक अनूप नाग ने छत्तीसगढ़ में आजादी का बिगुल फूंकने वाले अमर शहीद गैंद सिंह को याद करते हुए कहा कि उन्होंने सन् 1857 में हुए देश के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से काफी पहले ही अंग्रेजों की गुलामी और शोषण के विरूद्ध आवाज उठाई थी। बस्तर के अबूझमाड़िया भाई-बहनों के अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले नेतृत्वकर्ता जमींदार गैंदसिंह को 20 जनवरी सन् 1825 को परलकोट के महल के सामने फांसी दी गई थी। विधायक ने कहा कि बस्तर के अबूझमाड़ में क्रांति की मशाल जलाने वाले शहीद गैंदसिंह को हमेशा गर्व और सम्मान के साथ याद किया जाता है। ऐसे वीर सपूत को छत्तीसगढ़ और पूरा देश नमन करता है, उनका बलिदान युगों तक याद किया जाएगा।

मूर्ति अनावरण कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि राज्य योजना आयोग की सदस्य कांति नाग ने भी तीनों शहीदों को नमन किया और उनकी अमर कहानी को लोगों के संग साझा किए। उन्होंने शहीद गुंडाधूर को याद करते हुए कहा कि एक छोटे से गांव में पले-बढ़े गुंडाधुर ने अंग्रेजों को इस कदर परेशान किया था कि कुछ समय के लिए अंग्रेजों को गुफाओं में छिपना पड़ा था। अंग्रेजों के दांत खट्टे करने वाला ये क्रांतिकारी हमेशा बस्तर के लोगों के दिलों में जिंदा रहेगा। देश के लिए अपना सब-कुछ न्यौछावर करने वाले वीर सपूतों के साथ ही कुछ ऐसे लोग भी हैं, जिन्होंने आजादी के सफर में अपना एक अलग योगदान दिया है, जिन्हें इतिहास कभी भुला नहीं सकता, ऐसे ही वीर क्रांतिकारी “शहीद गुंडाधुर” है। मंत्री लखमा और विधायक नाग ने इसके पश्चात कहा की ऐसे वीर एवं वीरांगना की मूर्ति इस चौक में स्थापित होने से आज से इस चौक की शोभा और भी बढ़ गई है। ऐसे महान विभूतियों का एक ही स्थान पर मूर्ति स्थापित होना चौक की गरिमा के लिए गर्व की बात है। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, शासकीय अधिकारी-कर्मचारी एवं ग्रामीणजन बड़ी संख्या में मौजूद थे।

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सीएम बघेल की दो टूक, कहा- कैंडिडेट हाईकमान तय करेंगे

बिलासपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव व प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने पदाधिकारियों में उत्साह का संचार करते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव के लिए टिकट की दावेदारी करने का हक सभी को है। आप अपनी ताकत लगाएं, जीत के दावों का पुख्ता समीकरण भी बताएं।


कांग्रेस जिसे उम्मीदवार बनाएगी उसके लिए हम सबको ईमानदारी और कर्मठता के साथ काम करना होगा। पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार को विजय बनाकर विधानसभा पहुंचाने हम सबकी जिम्मेदारी होगी। पीसीसी प्रभारी ने पदाधिकारियों और दावेदारों में उत्साह भरा और शपथ भी दिलाई।

बुधवार को सिम्स के आडिटोरियम में बिलासपुर संभाग के साथ ही प्रदेश कांग्रेस की राजनीति सिमटी रही। संभागीय सम्मेलन में संभाग के सभी जिलों से पदाधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी। आडिटोरियम पदाधिकारियों से खचाखच भरा हुआ था। पीसीसी प्रभारी सैलजा ने पदाधिकारियों को अपने अंदाज में उत्साह भी बढ़ाया।

पदाधिकारियों को रिचार्ज करने के साथ ही पार्टी अनुशासन की बात भी प्रमुखता के साथ कही। उनका कहना था कि चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं तो दावेदारी करिए। जमकर करिए। जिस सीट से टिकट मांग रहे हैं उसकी पूरी-पूरी जानकारी होनी भी चाहिए।

जातिगत आधार से लेकर सामाजिक परिस्थिति, बीते विधानसभा और लोकसभा चुनाव में पार्टी अगर जीती तो जीत का आधार और अगर पराजित हुई तो कारण को भी स्पष्ट करना होगा। उन्होंने साफ कहा कि विधानसभा सीट के बारे में वृहद जानकारी होना जरूरी है। हवा-हवा और आधारहीन तरीके से टिकट की दावेदारी उचित नहीं है।

पीसीसी प्रभारी ने आडिटोरियम में उपस्थित पदाधिकारियों से संकल्प भी लिया। पदाधिकारियों ने शपथ ली कि टिकट किसी को ही मिलेगा। जिसे टिकट मिलेगा उसके लिए काम करेंगे। उम्मीदवार के विरोध में नहीं जाएंगे। शैलजा के इस प्रस्ताव को पदाधिकारियों ने सहजता के साथ स्वीकारा और शपथ भी ली। शपथ दिलाने के बाद शैलजा ने दावा किया कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस दमदारी के साथ सत्ता में बनी रहेगी। इस बार 75 प्लस सीट के साथ हम सरकार में काबिज रहेंगे।

जोगी को लेकर मुख्यमंत्री की तल्खी आई सामने
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पूर्व सीएम अजीत जोगी को लेकर तल्खी एक बार फिर सामने आई है। पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए सीएम बघेल ने कहा कि बिलासपुर राजनीति का गढ़ रहा है। अविभाजित मध्य प्रदेश के दौरान हमने इस बात को करीब से देखा है। यहां से जो संदेश प्रसारित होता था छत्तीसगढ़ की राजनीति में प्रभावी बन जाता था। राजनीति के साथ ही साथ ही बिलासपुर कांग्रेस का गढ़ रहा है। राज्य निर्माण के बाद कांग्रेस की सरकार भी बनी।

अफसोस इस बात का कि छत्तीसगढ़ गठन के बाद हुए पहले विधानसभा चुनाव में हम सत्ता से बाहर हो गए। यह हार का सिलसिला वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव तक चलते रहा। जब वे अपनी बात रख रहे थे तब इस बात को लेकर नाराजगी और तल्खी दोनों नजर आई।

उन्होंने साफ कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी जब तक कांग्रेस में रहे छत्तीसगढ़ में सरकार से बाहर रहे। जब जोगीजी कांग्रेस से बाहर चले गए हमारी सत्ता में वापसी हो गई। राजनीतिक समीकरणों की ओर इशारा करते हुए कहा कि वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में अजीत जोगी कांग्रेस से अलग हो गए और नई पार्टी बना ली।

विधानसभा चुनाव में उन्होंने बसपा के साथ गठबंधन कर लिया। इसके कारण बिलासपुर संभाग की अधिकांश सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबले की स्थिति बनी। त्रिकोणीय मुकाबले का लाभ राजनीतिक रूप से भाजपा को मिला। सीधी लड़ाई होती तो बिलासपुर संभाग में सीटों का आंकड़ा कुछ अलग ही होता। हमारी सीटें और बढ़ती। यह सब बताने के पीछे मकसद सीधी लड़ाई के लिए इस बार तैयार रहने और जमकर मेहनत करने पदाधिकारियों को इशारा किया।

गुटबाजी से दूर रहने दी हिदायत
पूर्व सीएम जोगी के उदाहरण के जरिए सीएम बघेल ने पार्टी अनुशासन के साथ ही लक्ष्मण रेखा न लांघने की हिदायत भी दी। इशारों ही इशारों में ऐसा करने वालों को खबरदार भी किया। उनकी इस तल्खी और दोटूक बात को लेकर सम्मेलन के बाद दिग्गज कांग्रेसी नेताओं के बीच चर्चा भी होती रही और मतलब निकालने की कोशिश भी करते रहे।

हारी सीटों पर फोकस करने स्पीकर ने किया इशारा
विधानसभाध्यक्ष डा चरणदास महंत ने माना कि वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ और बहुजन समाज पार्टी के बीच हुए राजनीतिक गठबंधन का सबसे ज्यादा असर बिलासपुर संभाग की विधानसभा सीटों पर देखने को मिला है। जकांछ और बसपा के बीच हुए समझौते के कारण संभाग की अधिकांश सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला हुआ।

त्रिकोणीय मुकाबले में राजनीतिक रूप से फायदे में भाजपा रही। मुकाबला सीधा होता तो संभाग की राजनीति का अंदाज ही कुछ अलग होता। विधानसभाध्यक्ष डा महंत ने सीएम बघेल को बिलासपुर संभाग की विधानसभा सीटों को लेकर विशेष ध्यान देने और कार्ययोजना बनाने की बात भी कही। स्पीकर की इस मशविरे को लेकर अटकलें भी लगाई जाती रही। सीएम बघेल और विधानसभाध्यक्ष डा महंत के बीच बनते राजनीतिक रिश्ते को लेकर भी पदाधिकारियों के बीच देर तक चर्चा होते रही।

लेखा जोखा और सर्वे के बाद तय होगी टिकट-सैलजा
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव व पीसीसी प्रभारी कुमारी सैलजा ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव में टिकट को लेकर जरूरी मापदंड तय किए जाते हैं। ऐसे ही किसी को टिकट नहीं दे दी जाती। सबका लेखा जोखा देखा जाता है।

दावेदारों का पार्टी संगठन में योगदान, आमजनता के बीच उनकी छवि, स्वीकार्यता और सहभागिता पर खास ध्यान दिया जाता है। इन सबके अलावा सर्वे पर भी नजर रहती है। जीत की दावेदारी और लोकप्रियता का मापदंड भी देखा जाता है। इसके बाद चुनाव समिति में पैनल रखा जाता है। समिति के निर्णय के बाद ही टिकट की घोषणा की जाती है।

एकजुटता की पिलाई घुट्टी
पीसीसी प्रभारी से लेकर सीएम व दिग्गज कांग्रेसी नेताओं ने पदाधिकारियों को आपस में सामंजस्य बनाए रखने और एकजुटता की घुट्टी पिलाई। अपने भाषण के दौरान दिग्गज पदाधिकारी पार्टी अनुशासन की दुहाई देते रहे और मिलजुलकर काम करने की हिदायत भी देते नजर आए। राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर दिया। आम लोगों से सीधे संपर्क के साथ ही इंटरनेट मीडिया के जरिए लोगों तक अपनी बात प्रभावी ढंग से पहुंचाने की बात करते रहे।

उपेक्षा को लेकर उठी बात
पार्टी अनुशासन की घुट्टी पीने के दौरान ही सिम्स आडिटोरियम के एक हिस्से में बैठे पदाधिकारियों ने सरकार बनने के बाद उपेक्षा का आरोप भी लगाया। पूछपरख न होने की बात कही और यह कहते हुए उनका दर्द भी छलका।

 

 

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रागी की खेती से कृषकों के जीवन में आ रहा बदलाव

धमतरी में लगभग डेढ़ हजार किसानों ने धान के बदले ली रागी की फसल

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) लघु धान्य फसलों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा लगातार कार्य किया जा रहा है, जिसका असर अब छत्तीसगढ़ के किसानों के खेतों में दिखायी देने लगा है। कुछ वर्षो पूर्व किसान ज्यादातर मात्रा में धान की फसल लिया करते थे, किन्तु सरकार की किसान हितैषी योजनाओं से प्रभावित होकर अब अन्य फसलों की ओर भी रूख कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ देश का इकलौता राज्य है जहां कोदो, कुटकी और रागी सहित अन्य मिलेट्स  फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीदी और इसके वैल्यू एडिशन का काम भी किया जा रहा है। किसानों को नकदी फसल लेने हेतु प्रोत्साहित करने संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा इस वर्ष मिलेट्स वर्ष घोषित किया गया है। जिसके परिणामस्वरूप किसानों के जीवन में बदलाव दिखायी देने लगा है और किसान आर्थिक समृद्धि की ओर अग्रसर हो रहे हैं।

प्रदेश में शुरू किए गए मिलेट मिशन का सार्थक परिणाम है कि अब किसान धान के बदले रागी, कोदो और कुटकी की फसल लेने लगे हैं। धमतरी जिले में लगभग 1 हजार 500 किसानों ने 1 हजार 200 हेक्टेयर में धान के बदले कोदो-कुटकी और रागी सहित अन्य फसल ली है।

शासन की इन्ही योजनाओं से प्रभावित होकर धमतरी जिले के ग्राम कलारबहार निवासी किसान सगनूराम नेताम ने बीते कुछ वर्षो से धान के बदले रागी की फसल लेनी शुरू की सगनूराम से बातचीत करने पर बताया कि बीते वर्ष 1 एकड़ खेत में रागी की फसल लगायी थी, जिसमें कुल 7 क्विंटल रागी की पैदावार हुई है। इस फसल से वह रागी के बीज तैयार करेगा। उन्होंने बताया कि बीते दिनों उसने बीज निगम में 25 हजार और बाजार में लगभग 17 हजार रूपये की रागी बिक्री की थी। इस प्रकार अगर सगनूराम धान की खेती करता तो उसे 10 क्विंटल के हिसाब से 25 हजार रूपये प्राप्त होते, किन्तु मिलेट्स की खेती से उसे लगभग 15-17 हजार रूपये प्रति एकड़ का अतिरिक्त आमदनी मिली। इसके लिए संबंधित विभाग द्वारा उसे निःशुल्क बीज एवं वर्मी कम्पोस्ट खाद प्रदान किया गया था।

सगनूराम ने रागी की विशेषता के बारे में बताया कि यह बहुत अधिक पौष्टिक और लाभप्रद है। इस फसल के लिए जहां पानी और समय कम लगता है, वहीं यह फसल 125 दिनों में पककर तैयार हो जाती है और इसमें ज्यादा देखरेख की भी जरूरत नहीं पड़ती है। यही वजह है कि सगनूराम से प्रेरित होकर क्षेत्र के अन्य किसान भी लघुधान्य फसलों को लगाने के लिए प्रोत्साहित हो रहे हैं।
          
छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को दे रही सब्सिडी
छत्तीसगढ़ देश का इकलौता राज्य है जहां कोदो, कुटकी और रागी की समर्थन मूल्य पर खरीदी और इसके वैल्यू एडिशन का काम भी किया जा रहा है। कोदो-कुटकी 3000 रूपये प्रति क्विंटल की दर से और रागी की खरीदी 3378 रुपये प्रति क्विंटल की दर से समर्थन मूल्य पर खरीदी की जा रही है। साथ ही धान के बदले अन्य फसल लेने वाले किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत इनपुट सब्सिडी भी दी जा रही है।

राज्य सरकार द्वारा धान के बदले खरीफ की अन्य फसलों के साथ-साथ उद्यानिकी की फसल लेने पर 10 हजार रुपए प्रति एकड़ के मान से सहायता राशि उपलब्ध कराई जा रही है.
 
किसान अब मिलेट्स की खेती करने आ रहे आगे
पोषक तत्वों के कारण मिलेट अनाजों की लगातार डिमांड बढ़ रही है. बढ़ती हुई डिमांड को देखते हुए किसान भी इन फसलों की खेती करने में रुचि ले रहे हैं. रागी, छत्तसीगढ़ में रागी को मड़िया के नाम से भी जाना जाता है। छत्तीसगढ़ में शुरू हुए मिलेट मिशन के तहत किसानों को इन फसलों के उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. किसानों को उन्नत बीज के साथ अन्य सहायता दी जा रही है. मंडी में रागी की कीमत भी काफी अच्छी मिल रही है और साथ ही इसकी खेती करना ज्यादा कठिन भी नहीं है. यानी रागी की खेती कर किसान कम मेहनत के ही अच्छी कमाई कर सकते हैं.  
           
रागी के लाभ
रागी हाइवेल्यू क्रॉप, कैल्शियम, आयरन जैसे खनिज तत्वों से परिपूर्ण होता है। साथ ही फोलिक एसिड, एमीनोएसिड, एन्टी एजेंट, एंटी आक्सीडेंट जैसे पोषक तत्व भी इसमें पाये जाते है। इसकी वजह से मोटापा, डायबटिस, रक्तचाप जैसी बीमारियों के रोकथाम में उपयोगी है। वहीं कुपोषण मुक्त और गर्भवती माताओं के लिए भी फायदेमंद है। साथ ही तनाव व अवसाद को दूर करने में भी रागी सहायक है।  रागी में कैल्शियम की मात्रा सर्वाधिक पायी जाती है जिसका उपयोग करने पर हड्डियां मजबूत होती हैं।

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पेंड्री में मनरेगा से निर्मित अमृत सरोवर बनेगा जल संरक्षण की मिसाल

तालाब के पानी का ग्रामीण करेंगे उपयोग, महिलाओं को आजीविका गतिविधि से जोड़ेंगे

जांजगीर चांपा (छत्तीसगढ़ दर्पण) जल ही जीवन है और इसके बिना कुछ भी संभव नहीं है। आज जिस जल का संरक्षण करेंगे वह वर्तमान के साथ ही भविष्य में भी उपयोग आएगा, इसलिए जल संरक्षण एवं संचय बहुत जरुरी है, और इस जल संरक्षण एवं संचय का बेहतर कार्य आजादी का अमृत महोत्सव की 75 वीं वर्षगांठ मानते हुए पामगढ़ जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत पेंड्री में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के माध्यम से अमृत सरोवर का निर्माण कराकर किया गया है। अमृत सरोवर से बारिश का पानी संरक्षित होगा जो आगामी दिनों में गांव के लोगों को नियमित रूप से सहारा बनेगा और इससे समूह को जोड़ते हुए रोजगार भी उपलब्ध कराया जाएगा।


जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. ज्योति पटेल ने बताया कि कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी के निर्देशन में जिले में जल संरक्षण एवं संचय की दिशा में कार्य किया जा रहा है। आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत महात्मा गांधी नरेगा से अमृत सरोवर का निर्माण कार्य किया जा रहा है। इससे गांव के लोगों की भागीदारी बढ़ेगी और उन्हें रोजगार प्राप्त होगा। इसी तातम्य में जिला पंचायत जांजगीर चांपा से 31 किलोमीटर एवं जनपद पंचायत पामगढ़ से 8 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत पेंड्री में आजादी का अमृत महोत्सव के तहत महात्मा गांधी नरेगा के माध्यम से अमृत सरोवर का निर्माण कराया गया है, जिसे ग्रामीण चार तालाब के नाम से जानते है। अमृत सरोवर (चार तालाब) के लिए 19.98 लाख रुपए की स्वीकृत दी गई। इस राशि से नया तालाब खुदाई के साथ ही इनलेट जिससे बारिश के समय पानी को आसानी से तालाब के अंदर पहुंचाया जा सकेगा, वहीं आउटलेट के निर्माण होने से तालाब ओवरफ्लो पानी निकाला जा सकेगा। इस तालाब में महात्मा गांधी नरेगा के 280 जॉबकार्डधारी परिवारों ने मिलकर 7 हजार 910 मानव दिवस सृजित करते हुए रोजगार प्राप्त किया और उन्हें बाहर कमाने-खाने, पलायन करने मजबूर नहीं होना पड़ा। कार्यक्रम अधिकारी सौरभ शुक्ला, तकनीकी सहायक हिमांशु गुप्ता एवं रोजगार सहायक की सतत देखरेख में तालाब निर्माण का कार्य हुआ है। तकनीकी सहायक हिमांश गुप्ता ने बताया कि अमृत सरोवर में 10 हजार 110 क्यूबिक मीटर पानी संरक्षित होगा। अमृत सरोवर का निर्माण होने के बाद कच्ची नाली बनाकर नहर से तालाब तक जोड़ा गया। नहर में पानी आने के बाद अमृत सरोवर चार तालाब को भर दिया गया, जिससे गर्मी के दिनों में ग्रामीणों को भरपूर पानी निस्तारी के लिए मिल गया। एक ओर तालाब का पानी का उपयोग निस्तारी के काम आएगा तो दूसरी ओर इस तालाब को आजीविका गतिविधि से जोड़कर स्व सहायता समूह का लाभ पहुंचाया जाएगा। अमृत सरोवर बनने से आसपास के किसानों को खेती किसानी के लिए पानी मिल सकेगा। इसके साथ ही अमृत सरोवर तालाब के चारों ओर पौधरोपण किया जायेगा, इसके लिए ग्राम पंचायत एवं ग्रामीणों ने श्रमदान करते हुए फैंसिंग का घेरा तैयार किया है। मानसून के दौरान ग्रामीणों द्वारा पौधरोपण किया जायेगा, जिससे आसपास का पर्यावरण सुरक्षित और संरक्षित रहेगा।

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भारी वाहनों का प्रवेश बंद करने एवं सिग़नल को चालू करवाने हेतु सौंपा ज्ञापन..

भारी वाहनों का प्रवेश बंद करने एवं सिग़नल को चालू करवाने हेतु सौंपा ज्ञापन।

(छत्तीसगढ़ दर्पण)। एन.एस.यू.आई छत्तीसगढ़ के प्रदेश सचिव विशाल कुकरेजा के नेतृत्व में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात को सौंपा ज्ञापन।विशाल कुकरेजा ने बताया कि रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के अंर्तगत वार्ड क्रमांक - 50 रानी दुर्गावती वार्ड एवं वार्ड 52 डॉ राजेन्द्र प्रसाद वार्ड के मार्गो में भारी वाहनों का प्रवेश बंद करवाने हेतु एवं अमलीडीह चौक की सिग्नल लाइट को चालू करवाने की माँग को लेकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय को ज्ञापन सौंपा गया।विशाल ने बताया की रोजाना शाम को अमलीडीह चौक में घंटों तक जाम लगा हुआ रहता है जिसके कारण आम जनता को काफ़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।विशाल कुकरेजा ने माँग की है की जबतक सिग्नल लाइट चालू नहीं हो जाती है तबतक यातायात पुलिसकर्मी की व्ययस्था की जाये।यदि भारी वाहनों का प्रवेश बंद नहीं किया जायेगा तो 

एन.एस.यू.आई भारी वाहानों को रुकवाकर उग्र प्रदर्शन करेगी।ज्ञापन सौपने में तिशीर साल्वे,अजय जाल, सुमित बीसेन,यश नागवानी,गुडवीन मसीह,यश सेन,आशुतोष तिवारी,समर दास,अलेक्स फ़्रांसिस,मयंक श्रीवास,आदित्य केरकेट्टा,दीपक टिग्गा आदि उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री ने अपने निवास परिसर में आंवला का पौधा रोपा

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विश्व पर्यावरण दिवस पर अपने निवास परिसर में आंवला का पौधा रोपा। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से अपने घरों में और आस-पास पौधा लगाने और पौधों को जीवित रखने की जिम्मेदारी लेने की अपील की। बघेल ने कहा कि  आने वाले मानसून में ज्यादा से ज्यादा वृक्षारोपण करें और अपने गांव, गौठान, खेतों और जंगलों को खूब हरा-भरा बनाएं। मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव भी इस अवसर पर उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण के संरक्षण के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। राज्य सरकार की गोधन न्याय योजना का एक उद्देश्य पर्यावरण का संरक्षण और संवर्धन करना भी है। राज्य सरकार द्वारा सुराजी गांव योजना, मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना, वृक्ष संपदा योजना, कृष्ण कुंज योजना, नदी तट वृक्षारोपण, फलदार पौधा रोपण जैसी योजनाओं के माध्यम से अपने पर्यावरण को लगातार बेहतर बनाने का काम किया जा रहा है।

 

 

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विश्व पर्यावरण दिवस : रैली निकाल कर पर्यावरण के प्रति लोगों को किया जागरूक

विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर स्वामी आत्मानंद स्कूल परिसर में पौधारोपण

महासमुंद (छत्तीसगढ़ दर्पण) महासमुंद में सोमवार को विश्व पर्यावरण दिवस पर रैली और विभिन्न कार्यक्रमों के जरिये पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक किया। जिला मुख्यालय महासमुंद में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में वन विभाग के वन सुरक्षा कर्मचारियों ने रैली निकाली। जो वन विद्यालय से शुरू होकर उच्चतर माध्यमिक  विद्यालय ( स्वामी आत्मानंद स्कूल हिन्दी) तक गयी।  

संसदीय सचिव व विधायक विनोद चंद्राकर ने स्कूल परिसर में पौधा रोपण किया। इसके बाद स्वामी आत्मानंद अंग्रेज़ी मीडियम स्कूल जाकर परिसर में भी पौधा रोपण किया। साथ में  नगर पालिका अध्यक्ष राशि महिलांग,  दाऊलाल चंद्राकर, वनमंडलाधिकारी पंकज राजपूत ने जनप्रतिनिधियों, नागरिकों से भी पौधे लगाये।

 संसदीय सचिव  विनोद चंद्राकर ने कहा कि पर्यावरण और हरियाली बचाने के लिए सरकार अपना काम कर रही है।  साथ ही आम जनता को भी इसमें योगदान देना होगा। 

 उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि विकसित होते शहर के कारण हरियाली कम और कंक्रीट के जंगल बढ़ते जा रहे हैं। इसके कारण प्रदूषण के मामले में बढ़ोतरी हो रही है। यदि हम ने समय रहते कुछ नहीं किया तो आने वाले कुछ सालों में साफ हवा में सांस लेने के लिए तरस जाएंगे। नई पीढ़ी पर इसका असर भी दिखेगा। आज विश्व पर्यावरण दिवस है, ऐसे मौके पर हम सभी को कोई ऐसा प्राण लेना चाहिए जो आने वाली पीढ़ियों को साफ सुथरी हवा देने में मददगार हो सके। घटती हरियाली को बढ़ाने के लिए वृक्षारोपण किया जाए। हर व्यक्ति को कम-से कम एक पेड़ लगाना चाहिए। घरों के आसपास, कॉलोनी मोहल्लों के बगीचों में, सड़कों के किनारों के दोनों और खेतों की बागड़ पर, गांवों की कांकड़ पर, पोखर के ईर्द गिर्द, नदी नालों के किनारे, पहाड़ों की ढलानों पर कहीं भी पेड़ लगाए जा सकते है। 

मालूम हो कि विश्व पर्यावरण दिवस पर्यावरण की सुरक्षा और संरक्षण हेतु पूरे विश्व में मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने की घोषणा संयुक्त राष्ट्र ने पर्यावरण के प्रति वैश्विक स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक जागृति लाने हेतु वर्ष 1972 में की गई थी। इसे 5 जून से 16 जून तक संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा आयोजित विश्व पर्यावरण सम्मेलन में चर्चा के बाद शुरू किया गया था। 5 जून 1974 को पहला विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया था।

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स्वास्थ्य व पोषण के क्षेत्र में जागरुकता बहुत जरूरी : जिला प्रभारी सचिव

जिला प्रभारी सचिव ने की आकांक्षी सूचकांकों की प्रगति की समीक्षा

महासमुंद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिला प्रभारी सचिव नीति आयोग, अध्यक्ष केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा मंडल नई दिल्ली निधि छिब्बर ने सोमवार को कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में जिला अधिकारियों की बैठक लेकर आकांक्षी सूचकांकों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने समीक्षा करते हुए कहा कि कार्यों की प्रगति  और अधिक तेज गति से होनी चाहिए। इसके लिए समन्वित तरीके से कार्य करने की जरूरत है। स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में जागरुकता बहुत जरूरी है। उन्होंने ज़िले में आगे और बेहतर कामों की कार्य योजना बना कर रखने को कहा। ताकि ज़रूरत के मुताबिक़ उसे स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया जा सके। उन्होंने युवाओं को स्थानीय बाज़ार मांग के अनुसार कौशल प्रशिक्षण देने पर बल दिया। कलेक्टर निलेशकुमार क्षीरसागर ने प्रभारी सचिव का स्वागत किया। 

प्रभारी सचिव श्रीमती छिब्बर ने आकांक्षी जिला के विभिन्न सूचकांकों, स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं जल संसाधन, कौशल एवं वित्तीय समावेश, बुनियादी ढांचे सहित अन्य क्षेत्रों में किए गए कार्यों एवं उपलब्धियों की समीक्षा की तथा डेल्टा रैंकिंग में सुधार के लिए और बेहतर प्रदर्शन करते हुए कमियों को दूर करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया।

छिब्बर ने कहा कि यह जिला आकांक्षी जिलों में शामिल है और आकांक्षी जिलों के लिए विभिन्न विभागों के लिए सूचकांक निर्धारित किए गए है। उन सूचकांकों के अनुरूप लक्ष्यों की उपलब्धि हासिल की जानी है। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के लिए विशेष रूप से प्रयास करें।  

ज़िले में बालवाड़ी केंद्र संबंध में बताया गया कि महासमुंद सहित पांचों ब्लाक में 312 बालवाड़ी केंद्र शुरू किए गए है। इस योजना से ज़िले में लगभग 3500 से ज़्यादा बच्चें लाभान्वित हो रहे है। इनमें पांच से छह साल तक के बच्चों को दाखिला देकर उनके बौद्धिक विकास के लिए काम किया जा रहा। छिब्बर ने बालवाड़ियों की निगरानी व मॉनिटरिंग  करने की बात कही। ताकि और मंशानुरूप परिणाम सामने आए। 

कलेक्टर क्षीरसागर ने ज़िले में किए जा रहे कामों और उपलब्धियों को बताया। उन्होंने ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब तक उपलब्धियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में मुख्यमंत्री हॉट बाजार क्लिनिक योजना के तहत लोगों के बेहतर स्वास्थ्य और स्वास्थ्य की निःशुल्क जांच कर दवाईयां मुहैया कराई जा रही है। इसी इसी तरह मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से स्लम एरिया में रह रहे नागरिकों के इलाज व टेस्ट किये जा रहे है। कुपोषण दूर करने के उद्देश्य से जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में शिविर का आयोजन किया जा रहा है और इन शिविरों में चिकित्सा विभाग की पूरी टीम पहुंचकर कुपोषित बच्चों को चिन्हांकित कर एनआरसी में भर्ती कराया जाता है, जहां उनका उचित उपचार के साथ कुपोषण दूर करने की कार्रवाई की जाती है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी एस.आलोक ने विभागीय गतिविधियों से संबंधित प्रगति एवं लक्ष्य के संबंध में पावर पाइंट प्रेजेंटेशन दिया।

बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बच्चों मैं कुपोषण दूर करने के संबंध में भी जानकारी दी गई। इस  बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पारितोष कुडेशिया, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास समीर पाण्डे, सहायक संचालक कृषि अमित मोहंती, सहायक संचालक शिक्षा हिमांशु भारती सहित जिले के विभिन्न विभागों के ज़िला अधिकारी उपस्थित थे।

छिब्बर ने क्षेत्रीय विकास एवं समस्याओं और उसके समाधान के लिए भी अधिकारियों से विस्तार से बात की। उन्होंने कहा नीति आयोग की ओर से जारी लिस्ट में कुछ पैरामीटर में न्यूट्रिशन में और ज्यादा काम करने की जरूरत है। इसकी पूरी योजना बनाकर और तेजी से काम किया जाए। स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में उत्कृष्ट परिणाम लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को समन्वय बनाकर बेहतर करें। सभी गर्भवती महिलाओं  का शत-प्रतिशत पंजीयन एवं संस्थागत प्रसव, हीमोग्लोबिन की जांच, आंगनबाड़ी में पात्र गर्भवती महिलाओं को गरम भोजन मिलता रहे यह  सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आकांक्षी जिला के सूचकांकों में महासमुंद जिले में अच्छा कार्य किया जा रहा है। 

इसके लिए जिला प्रशासन एवं अन्य विभागों द्वारा सतत रूप से नवाचार अपनाकर कार्य कर रहें है। इससे निश्चित रूप से शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल होगी। जैविक खेती एवं फसल चक्र अपनाने के लिए किसानों को प्रेरित करने पर जोर देते हुए कहा कि इससे किसानों के फसलों की उपज में बढ़ोत्तरी के साथ-साथ आय में भी वृद्धि होगी। पशुधन में और बेहतर कार्य जैसे टीकाकरण, कृत्रिम गर्भधान एवं पशुओं में पशुधन की उच्च प्रगति के लिए नागरिकों की जागरूकता एवं शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा पशुपालकों के साथ बेहतर समन्वय बनाये।

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मुख्यमंत्री ने किया ‘केला मईय्या’ पुस्तिका का विमोचन

सामाजिक प्रतिनिधिमंडलों से की मुलाकात

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  मुख्यमंत्री बघेल ने शनिवार को सर्किट हाउस रायगढ़ में विभिन्न सामाजिक प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री बघेल ने रायगढ़ की जीवन रेखा मानी जाने वाली केलो नदी के संरक्षण पर आधारित पुस्तिका ‘केला मईय्या’ का विमोचन किया।


प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री बघेल ने माली समाज की मांग पर उन्हें भवन के लिए 30 लाख रूपए देने की घोषणा की। इस अवसर पर वत्सल अग्रवाल ने मुख्यमंत्री बघेल को उनका स्कैच भेंट किया।
 
मुख्यमंत्री से कान्य कुब्ज ब्राम्हण कल्याण समाज, क्षत्रिय राजपूत समाज, चौहान समाज, देवांगन समाज सहित कई समाज के प्रतिनिधियों ने भेंट की। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, विधायक प्रकाश नायक, लालजीत सिंह राठिया, चक्रधर सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

 

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