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राज्य सूचना आयोग परिसर में किया गया श्रमदान

 छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग परिसर में आज श्रमदान किया गया। राज्य सूचना आयुक्त श्री मनोज त्रिवेदी, श्री धनवेंद्र जायसवाल, राज्य सूचना आयोग के सचिव श्री जी आर चुरेंद्र सहित आयोग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्वतंत्र दिवस के पूर्व अवसर पर श्रमदान किया। श्रमदान के दौरान गाजर घास की साफ सफाई एवं कटीले पौधों एवं झाड़ियां की सफाई की गई।

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मानव-हाथी द्वंद पर नियंत्रण के लिए वन विभाग द्वारा विशेष मॉनिटरिंग विश्व हाथी दिवस पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन

 छत्तीसगढ़ में वन विभाग द्वारा मानव-हाथी द्वंद पर नियंत्रण के लिए जन-जागरूकता लाने सहित अनेक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इनमें जंगली हाथियों के समूह के आगमन की पूर्व सूचना गांव में वायरलेस, मोबाइल तथा माइक आदि के माध्यम से मुनादी कर दी जा रही है। हाथी विचरण क्षेत्र और आसपास के ग्रामीणों को हाथियों के साथ साहचर्य बनाए रखने के लिए आवश्यक समझाईश भी दी जा रही है। साथ ही वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने जन-धन हानि से प्रभावित परिवारों को विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से मुआवजा के अलावा स्व-रोजगार आदि से जोड़कर उन्हें राहत पहुंचाने के लिए तत्परता से कार्यवाही के लिए निर्देशित किया है। 

 
इस संबंध में प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री व्ही.श्रीनिवास राव ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध भोजन एवं पानी तथा हाथियों के रहवास के लिए अनुकूल होने के कारण हाथियों की संख्या में निरंतर वृद्धि देखी जा रही है। इसके परिणाम स्वरूप वनांचलों तथा हाथी प्रभावित क्षेत्रों में मानव-हाथी द्वंद की स्थिति निर्मित होती है। इसके नियंत्रण के लिए विभाग द्वारा जन, धन एवं फसल हानि के मुआवजा प्रकरणों पर कार्यवाही करने के साथ-साथ प्रभावित गांवों में हाथी मित्र दल का गठन, जन-जागरूकता कार्यक्रम तथा हाथियों के प्राकृतिक रहवास में सुधार जैसे अनेक कार्य तत्परतापूर्वक जारी है। साथ ही जन हानि की दशा में प्रभावित परिवार के लोगों को वन विभाग द्वारा स्व-रोजगार से जोड़ने आवश्यक पहल की जा रही है। उन्होंने बताया कि 12 अगस्त को विश्व हाथी दिवस के अवसर पर राज्य में जन-जागरूकता संबंधी विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
 
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के जंगलों में हाथियों के मूवमेंट की हाईटेक मॉनिटरिंग शुरू कर दी गई है। इसके लिए एआई आधारित ‘छत्तीसगढ़ एलीफेंट ट्रैकिंग एंड अलर्ट एप’ विकसित किया गया है। पिछले 3 महिनों से उदंती सीतानदी टाईगर रिजर्व में इस ऐप का उपयोग किया जा रहा है। 10 किलोमीटर के इलाके में हाथियों के रियल टाईम मूवमेंट का अलर्ट ग्रामीणों केे मोबाइल पर सफलतापूर्वक भेजा रहा है। इस एप में ग्रामीणों के मोबाइल नंबर और जीपीएस लोकेशन का पंजीयन किया जाता है। जब एलीफैंट ट्रैकर्स द्वारा हाथियों के मूवमेंट का इनपुट एप पर दर्ज किया जाता है, तो एप द्वारा स्वचालित रूप से ग्रामीणों के मोबाइल पर अलर्ट जाता है। 
 
छत्तीसगढ़ के हाथी प्रभावित इलाकों में ग्रामीणों को सतर्क करने के लिए वन प्रबंधन सूचना प्रणाली (एफएमआईएस) और वन्यजीव विंग द्वारा संयुक्त रूप से इस एप को विकसित किया गया है। यह एप एलीफैंट ट्रैकर्स (हाथी मित्र दल) से प्राप्त इनपुट के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एआई पर काम करता है। इस एप का उद्देश्य हाथी ट्रैकर्स द्वारा की जाने वाली ‘मुनादी’ के अलावा प्रभावित गांव के प्रत्येक व्यक्ति को मोबाइल पर कॉल, एसएमएस, व्हाट्सएप अलर्ट के भेजकर हाथियों की उपस्थिति के बारे में सूचना पहुंचाना है। इस तरह विभाग द्वारा जंगली हाथियों के साथ साहचर्य हेतु ग्रामीणों में जनजागरूकता, प्रचार-प्रसार एवं ग्रामीणों को शिक्षा तथा उनके साथ द्वंद से बचने के लिए उपायों को आदान-प्रदान करने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
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भिलाई इस्पात संयंत्र क्षेत्र में भी मिलेगा हाफ बिजली बिल योजना का लाभ

 राज्य सरकार की हाफ बिजली बिल योजना का लाभ अब भिलाई टाउनशिप के हजारों उपभोक्ताओं को भी मिलेगा। राज्य शासन के ऊर्जा विभाग ने आज इसका आदेश जारी कर दिया। पहले भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) के टाउनशिप में निवासरत उपभोक्ताओं को इस योजना का लाभ नहीं मिलता था, क्योंकि उन्हें बीएसपी प्रबंधन विद्युत आपूर्ति करता है। लंबे समय से वहां के उपभोक्ता हाफ बिजली बिल योजना के तहत छूट देने की मांग कर रहे थे। 

 
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल एवं उपमुख्यमंत्री श्री टीएस सिंहदेव ने बीएसपी कर्मियों को इसकी सौगात दी है।  गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के सभी घरेलू उपभोक्ताओं द्वारा प्रति माह खपत की गई 400 यूनिट तक की बिजली पर प्रभावशाली विद्युत की दरों के आधार पर आंकलित बिल की राशि की आधी राशि देनी होती है। फरवरी 2019 से लागू इस योजना का लाभ 42.82 लाख उपभोक्ताओं को मिल रहा है जिसमें अब तक 3900 करोड़ रूपए से अधिक राशि की छूट प्रदान की जा चुकी है। अब इसका लाभ बीएसपी क्षेत्र के 27 हजार घरेलू उपभोक्ताओं को भी मिलेगा।
 
जारी आदेश में कहा गया है कि
बी.एस.पी. के डिस्ट्रीब्यूशन लाइसेंसी एरिया में सभी घरेलू उपभोक्ताओं को प्रथम 400 यूनिट तक की प्रति माह विद्युत खपत पर देय फिक्स्ड चार्ज, एनर्जी चार्ज एवं वेरियेबल कॉस्ट एडजस्टमेंट के मद में कुल देय राशि के 50 प्रतिशत की रियायत दी जाती है। 
 
यह योजना 01 सितम्बर 2023 से आगामी आदेश तक प्रभावशील रहेगी। उपभोक्ताओं को रियायत के समतुल्य राशि का अग्रिम भुगतान प्रतिपूर्ति के रूप में राज्य शासन द्वारा बी. एस.पी. को बजट के माध्यम से किया जाएगा। रियायत की राशि का प्रावधान बजट में किए जाने हेतु बी.एस.पी. के द्वारा समुचित प्रस्ताव समय-समय पर ऊर्जा विभाग को उपलब्ध कराया जाएगा, जिसके आधार पर राज्य शासन द्वारा बजट प्रावधान किया जायेगा।
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जूनोटिक रोगों के सर्वेलेंस एवं डॉटा एकीकरण के लिए कार्यशाला का आयोजन कार्यशाला में जूनोटिक रोगों के रोकथाम व नियंत्रण के लिए विभिन्न विभागों में समन्वय और कार्ययोजना पर की गई चर्चा

 स्वास्थ्य विभाग द्वारा आज जूनोटिक रोगों के सर्वेलेंस एवं डॉटा एकीकरण के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित कार्यशाला में जूनोटिक रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए विभिन्न विभागों में समन्वय और कार्ययोजना पर चर्चा की गई। स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, महामारी नियंत्रण के संचालक डॉ. सुभाष मिश्रा, एकीकृत रोग नियंत्रण कार्यक्रम (IDSP) के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. धर्मेन्द्र गहवई, पशु चिकित्सा विभाग के रोग जांच प्रयोगशाला में सहायक सर्जन डॉ. नलिन शर्मा, वन तथा जलवायु परिवर्तन विभाग के डॉ. राकेश वर्मा, एम्स (AIIMS) रायपुर में माइक्रोबायोलॉजी विभाग की प्राध्यापक डॉ. अनुदिता भार्गव तथा जपाइगो संस्था के राष्ट्रीय कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. परवेज मेमन भी कार्यशाला में शामिल हुए।

 
कार्यशाला में जूनोटिक रोगों के रोकथाम और नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग, चिकित्सा शिक्षा विभाग, पशु चिकित्सा विभाग और वन तथा जलवायु परिवर्तन विभाग के बीच आपसी समन्वय पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने प्रदेश में जानवरों और मनुष्यों के बीच फैलने वाली बीमारियों के पूर्वानुमान, सर्विलेंस तथा इन पर नियंत्रण के लिए अपने सुझाव दिए। एकीकृत रोग नियंत्रण कार्यक्रम के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. धर्मेन्द्र गहवई ने आईडीएसपी के अंतर्गत किए जाने वाले विभिन्न जूनोटिक बीमारियों के सर्वेलेंस के बारे में प्रस्तुतिकरण दिया। एम्स की डॉ. अनुदिता भार्गव ने जूनोटिक रोगों की जाँच के लिए उपलब्ध सुविधाओं के बारे में बताया। पशु चिकित्सा विभाग के डॉ. नलिन शर्मा ने कार्यशाला में पशुओं में पाए जाने वाले विभिन्न जूनोटिक रोगों के बारे में जानकारी दी। वन विभाग के डॉ. राकेश वर्मा ने जूनोटिक रोगों की निगरानी के लिए वाइल्ड लाइफ़ सर्वेलेंस के बारे में बताया।
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नोनी सुरक्षा योजना : 1429 बालिकाओं को मिलेगा 14 करोड़ 29 लाख रुपए

सूरजपुर: छत्तीसगढ़ शासन की बालिकाओं के स्वर्णिम भविष्य के लिए संचालित महत्वाकांक्षी योजना नोनी सुरक्षा योजना अंतर्गत विगत 2 वर्षों में विशेष अभियान अंतर्गत 1429 पात्र बालिकाओं का चिन्हांकन कर उन्हें योजना से लाभान्वित किया गया है। पात्र बालिकाओं को 18 वर्ष पूर्ण करने के उपरांत उनके खाते में शासन की ओर से 1 लाख रुपए प्रति बालिका के मान से कुल 14 करेाड़ 29 लाख रुपए प्रदान किये जायेंगे जो कि उनके स्वर्णिम भविष्य के लिए उपयोग में आयेगा।

योजना 01 अप्रैल 2014 से लागू है। योजना का मुख्य उद्देश्य घटते बाल लिंगानुपात को तथा बालिकाओं के प्रति समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना है। योजना अंतर्गत कोई भी बालिका जिसका जन्म 01 अप्रैल 2014 के बाद हुआ हो, छत्तीसगढ़ की मूल निवासी हो, गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार की हो के द्वारा लाभ प्राप्त किया जा सकता है। योजना अंतर्गत आवेदन जिला कार्यालय महिला एवं बाल विकास विभाग परियोजना कार्यालयों अथवा सीधे आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से किया जा सकता है।

 
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विद्यार्थी पढ़-लिख कर अपने मां-बाप के सपनों को पूरा करें : पारसनाथ राजवाड़े

सूरजपुर: छत्तीसगढ़ शासन की ओर से शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए तथा प्रदेश के बच्चों को देश के अन्य बच्चों के साथ खड़ा करने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। उक्त विचार संसदीय सचिव व भटगांव विधायक पारसनाथ राजवाड़े ने शासकीय कन्या विद्यालय भटगांव में सरस्वती साइकिल वितरण योजना के कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कहा। उन्होंने आगे कहा कि अंग्रेजी माध्यम से बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने के लिए छत्तीसगढ़ शासन ने पूरे प्रदेश में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय खोलकर बच्चों को एक नया अवसर दिया है। शासन की ओर से निरंतर बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए योजनाएं चलाई जा रही है। इसी कड़ी में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बालिकाओं को सरस्वती साइकिल योजना के तहत् मुफ्त साइकिल का वितरण किया जा रहा है। बेटियों से आग्रह है कि वे पढ़-लिख कर अपने मां-बाप के सपनों को पूरा करें और जिंदगी में बड़ा से बड़ा मुकाम हासिल करें।

नगर पंचायत भटगांव में शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम का शुभारम्भ राजकीय गीत के साथ शुरू किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया। कार्यक्रम को नगर पंचायत अध्यक्ष सूरज कुमार गुप्ता, पार्षद सुखदेव राजवाड़े, एल्डरमैन मानिक चंद गुप्ता, अफरोज खान ने भी सम्बोधित कर बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने तथा जीवन में सफल होने के मंत्र बताएं। आज कार्यक्रम में नवमी क्लास के 94 छात्राओं को विधायक पारसनाथ राजवाड़े तथा अतिथियों के कर कमलों से प्रदान किया गया।

इस अवसर पर प्राचार्या पुष्पा खलखो, बालक हायर सेकेण्डरी स्कूल के प्राचार्य तोमर, संकुल प्रभारी एस एल गुप्ता, शंकर सिंह, गणेश राजवाड़े, मनोज साहू, अख्तर खान, संजीव सिंह, मुन्ना रंगरेज, प्रवेश विश्वकर्मा, राशिद खान, राहुल, कृष्णा चक्रवर्ती, रजिया बेगम, पूनम सिंह, कलाम सहित विद्यालय के शिक्षक, शिक्षिकाएं सहित अभिभावक गण उपस्थित थे।

 
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समतामूलक समाज के निर्माण में मिनीमाता का योगदान अविस्मरणीय- भूपेश बघेल

 सतनामी समाज बहुल हर विकासखण्ड में मॉडल जैतखाम के निर्माण की घोषणा

 

रायपुर: मुख्यमंत्री बघेल शुक्रवार को शहीद स्मारक भवन में आयोजित मिनीमाता स्मृति दिवस एवँ प्रतिभा सम्मान समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन गुरु घासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी, राजश्री सद्भावना समिति एवं समस्त सतनामी समाज रायपुर के संयुक्त तत्वाधान में किया गया।

मुख्यमंत्री बघेल ने इस मौके पर सतनामी समाज बहुल हर विकासखण्ड में मॉडल जैतखाम के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कार्यक्रम में सामाजिक उत्थान की दिशा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सतनामी समाज के 11 महिलाओं को प्रतीक स्वरूप सम्मानित भी किया। साथ ही उन्होंने गुरू घासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के नवनिर्वाचित सदस्यों को पद एवं कर्तव्य निष्ठा की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री ने मौके पर अकादमी के साहित्य प्रकाशन का विमोचन भी किया।

मुख्यमंत्री बघेल ने कार्यक्रम में पूर्व सांसद मिनीमाता की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन करते हुए शोषण, भेदभाव तथा अत्याचार से मुक्त और समतामूलक समाज के निर्माण में उनका योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने समाज की उन्नति तथा विकास के लिए निरंतर कार्य किया। मिनीमाता छत्तीसगढ़ की पहली महिला थी, जो सांसद बनी थी। वर्ष 1952 से 1972 तक सारंगढ़, महासमुंद तथा जांजगीर से वे सांसद रही। उन्होंने इस दौरान समाज की उन्नति के साथ-साथ पूरे छत्तीसगढ़ के विकास के लिए कार्य करती रहीं।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि मिनीमाता ने अपना राजनीतिक जीवन शुरू होने के बाद सामाजिक उत्थान काम और तेज कर दिया। जिन बुराईयों और विसंगतियों को वे बचपन से देखती आई थीं, उन्हें मिटाने के लिए अब उनके पास लोकतंत्र और संविधान की ताकत भी थी। छुआछूत, नारी-उत्थान, श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में मिनीमाता ने अद्वितीय कार्य किए। लोक सभा में अस्पृश्यता निवारण विधेयक पारित कराने में मिनी माता के योगदान को कभी भी भुलाया नहीं जा सकेगा।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि मिनीमाता जिस तरह के समाज के निर्माण का सपना देख रही थीं, असल में वह हर छत्तीसगढ़िया का सपना था। पिछले पौने पांच वर्षों से हम लोग हमारी पुरखिन मिनीमाता और हमारे तमाम पुरखों के सपनों के छत्तीसगढ़ का निर्माण करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।

कार्यक्रम में नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने संबोधित करते हुए कहा कि मिनीमाता का पूरा जीवन समाज के शोषित तथा वंचित लोगों की भलाई के लिए समर्पित रहा। इस अवसर पर राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ. महंत रामसुंदर दास, अकादमी के अध्यक्ष के.पी. खांडे, संरक्षक श्रीमती शकुन डहरिया एवं समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

 

 

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सुरक्षा-शांति बनाए रखने में पुलिस सेवा की अहम भूमिका : भूपेश बघेल

 मुख्यमंत्री ने माना में इंडोर फायरिंग रेंज ‘लक्ष्य’ का शुभारंभ किया

 

रायपुर: मुख्यमंत्री बघेल ने गुरुवार को माना स्थित पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय में आधुनिक कंपोजिट इंडोर फायरिंग रेंज ‘लक्ष्य’ का उद्घाटन किया। उन्होंने इस दौरान पुलिसिंग सेवा को और बेहतर बनाने के लिए नवीन पुलिस वाहनों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना करते हुए आधुनिक तकनीक तथा पुलिस सुविधाओं से युक्त साईबर थाना, महिला हेल्प डेस्क सहित विभिन्न भवनों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अुनसार फायरिंग रेंज ‘लक्ष्य’ का निर्माण 6.67 करोड़ रूपए की लागत से किया गया है, इससे  छत्तीसगढ़ पुलिस को उत्तम और बेहतर प्रशिक्षण प्राप्त होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने की।



मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस अवसर पर सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में शांति और सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस सेवा की अहम भूमिका होती है। इसे ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ में पुलिस सेवा को सुदृढ़ बनाने हर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इसके तहत उन्हें बेहतर वातावरण, बेहतर सुविधाएं तथा बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने के लिए विशेष जोर दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री बघेल ने बताया कि राज्य शासन द्वारा पुलिस बल के आधुनिकीकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के अंतर्गत आज आधुनिक कंपोजिट इंडोर फायरिंग रेंज ‘लक्ष्य’ का उद्घाटन करते हुए मुझे बहुत प्रसन्नता हो रही है। इससे पुलिस बल की ताकत तथा क्षमता और बढ़ जाएगी तथा वे बेहतर तरीके से अपने दायित्वों का निर्वहन कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि पिछले पौने पांच वर्षों के दौरान आप लोगों ने प्रदेश की शांति और सुरक्षा को कायम रखने की दिशा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। जिसके परिणाम स्वरूप हमारे राज्य की कानून व्यवस्था अन्य राज्यों से बेहतर है, यह राज्य में पुलिसिंग सेवा की महत्वपूर्ण उपलब्धि रही है।

गृहमंत्री साहू ने इस अवसर पर सम्बोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री बघेल के नेतृत्व में हमारी सरकार द्वारा विकास के साथ-साथ सुरक्षा हेतु निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। साथ ही पुलिसिंग सेवा को अत्याधुनिक सुविधाओं से लेस करते हुए और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है। कार्यक्रम को पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा तथा अतिरिक्त पुलिस महानिदेश प्रदीप गुप्ता ने भी संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ में पुलिसिंग सेवा के क्षेत्र में हो रहे नवाचार पहल आदि के बारे में जानकारी दी।

मुख्यमंत्री बघेल ने इस अवसर पर रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर एवं सरगुजा में रेंज स्तरीय नए साईबर पुलिस थानों का भी शुभारंभ किया। वर्तमान परिदृश्य में बढ़ते साईबर अपराध को देखते हुए साईबर घटनाओं की रोकथाम एवं त्वरित कार्यवाही और इन घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए यह साईबर थाने प्रारंभ किए जा रहे हैं। साथ ही नवीन सृदृढ़ीकृत थाना भवनों कोंडागांव जिले बड़े डोंगर, नारायणपुर जिले के फरसगांव और सोनपुर बलरामपुर जिले के बलरामपुर चलगली और रामचन्द्रपुर, महासमुंद जिले के सराईपाली, दुहलू और कोमाखान, दन्तेवाड़ा जिले में कटेकल्याण, कबीरधाम जिले में चिल्फी और सिंघनपुरी और राजनांदगांव जिले के पाटनखास का भी उद्घाटन किया।



मुख्यमंत्री बघेल ने इस दौरान 16वीं वहिनी, छसबल नारायणपुर में 16 अराजपत्रित व 32 प्रधान आरक्षक, आरक्षक के लिए आवासगृह तथा जिला बलरामपुर, रायपुर और दुर्ग में पुलिस ट्रांजिट हॉस्टल भवनों का शिलान्यास किया। उन्होंने महिला हेल्प डेस्क के लिए 67 नवीन दो पहिया वाहन (स्कूटी) एवं जिला पुलिस इकाईयों के लिए 155 नए बोलेरो की चाबियां भी पुलिस विभाग को सौंपी।

इस अवसर पर संसदीय सचिव विकास उपाध्याय, विधायक सत्य नारायण शर्मा, प्रमुख सचिव गृह मनोज पिंगुआ, सचिव गृह अरुण देव गौतम, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक पवन देव, हिमांशु गुप्ता, एस.आर.पी कल्लूरी, विवेकानंद सिन्हा, पुलिस महानिरीक्षक आनंद छाबड़ा, अजय यादव, ओ.पी. पाल, रतनलाल डांगी, आर.पी. साय, डॉ. संजीव शुक्ला सहित अन्य पुलिस अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

 

 

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सीएम बघेल सीतापुर में विश्व आदिवासी दिवस के कार्यक्रम में हुए शामिल

 मुख्यमंत्री बघेल ने बुधवार को विश्व आदिवासी दिवस पर सरगुजा जिले के विकासखण्ड मुख्यालय सीतापुर के स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में 334.23 करोड़ रुपए की लागत के 269 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया।

 

सरगुजा: मुख्यमंत्री बघेल ने बुधवार को विश्व आदिवासी दिवस पर सरगुजा जिले के विकासखण्ड मुख्यालय सीतापुर के स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में 334.23 करोड़ रुपए की लागत के 269 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री बघेल ने इन कार्यों में से 143.48 करोड़ रुपए की  लागत के 136 कार्यों का लोकार्पण तथा 190.75 करोड़ रुपए की लागत के 133 कार्यों का भूमिपूजन और शिलान्यास किया।

विश्व आदिवासी दिवस के आयोजन के लिए सीतापुर में आदिवासी संस्कृति की छवि को प्रदर्शित करता मंच तैयार किया गया था। इस कार्यक्रम में राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत 27 हज़ार से भी ज्यादा हितग्राहियों को अलग अलग सौगातें भी मिलीं। इस दौरान आदिवासी संस्कृति की छवि और योजनाओं पर आधारित विशेष थीम से सुसज्जित विभागीय स्टॉलों का प्रदर्शन किया गया तथा आदिवासी परम्परा और रीति के अनुसार अद्भुत सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।



696 हितग्राहियों को मिले वनाधिकार पत्र
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री बघेल ने 696 हितग्राहियों को वनाधिकार पत्र का वितरण किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न शासकीय योजनाओं के तहत 27 हजार से अधिक हितग्राहियों को आवश्यक दस्तावेज, सामग्रियों और सहायता राशि के चेक का भी वितरण किया।

मुख्यमंत्री बघेल द्वारा राजस्व विभाग के 22 हजार 268 हितग्राहियों को जाति, निवास, आय, बी-1, खसरा एवं ऋण पुस्तिका का वितरण, कृषि विभाग के 170 हितग्राहियों को स्पेयर पम्प, रागी मिनी किट, किसान समृद्धि योजना के चेक, शाकम्भरी योजना से पम्प, श्रम विभाग के 1280 हितग्राहियों को सहातया राशि के चेक, पशु विभाग के 680 हितग्राहियों को बैकयार्ड कुक्कुट वितरण, नर बकरा योजना व मादा वत्स योजना का लाभ, शिक्षा विभाग द्वारा 300 हितग्राहियों को सायकल, समाज कल्याण विभाग के 129 हितग्राहियों को छड़ी एवं मोटराइज्ड साईकल, उद्यान विभाग के 267 हितग्राहियों को सब्जी मिनी किट, पॉवर स्पेयर, पैक हाउस अनुदान पत्रक व केसीसी, स्वास्थ्य विभाग के 100 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड वितरण, महिला एवं बाल विकास विभाग के 1002 हितग्राहियों को सुपोषण किट, खाद्य विभाग के 100 हितग्राहियों को राशनकार्ड, मतस्य विभाग के 100 हितग्राहियों को जाल एवं आईस बॉक्स, क्रेडा विभाग के 5 हितग्राहियों को सौर सुजला योजना से पंप का वितरण, आदिवासी विकास विभाग के 696 हितग्राहियों को व्यक्तिगत एवं सामुदायिक वन अधिकार पत्र, गोधन विभाग के 100 हितग्राहियों को प्रशस्ति पत्र, जिला पंचायत विभाग के 03 हितग्राहियों और जिला अंत्यावसायी के 03 हितग्राहियों को चेक वितरण किया।

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कुमारी शैलजा छत्तीसगढ़ दौरे पर

रायपुर: आज पूरा देश विश्व आदिवासी दिवस मना रहा है। वहीं छत्तीसगढ़ में भी विश्व आदिवासी दिवस बनाया जाएगा। इस अवसर पर PCC प्रभारी कुमारी शैलजा 3 दिवसीय दौरे पर आ रही है। इस दौरान वे कई कार्यक्रमों में शामिल होंगी। जानकारी के अनुसार, कुमारी शैलजा 3 दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ आ रही है। इस दौरान वे आदिवासी गौरव दिवस में शामिल होंगी।

इसके अलावा राज्यस्तरीय-आदिवासी गौरव महासभा, बौद्धिक मंच भी शामिल होंगी। सुबह 11 बजे कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में आयोजन होगा। जिला और ब्लाक मुख्यालयों में भी क्रांति दिवस आयोजन करेगी। इस कार्यक्रम में मोर्चा प्रकोष्ठ विभाग के पदाधिकारी और कांग्रेसजन भी शामिल होंगे।

 

 

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मुख्यमंत्री बघेल 9 को जगदलपुर और सरगुजा जिले के सीतापुर में आयोजित कार्यक्रमों में होंगे शामिल

रायपुर: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर 9 अगस्त को बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर और सरगुजा जिले के विकासखण्ड मुख्यालय सीतापुर में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री बघेल निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जगदलपुर सर्किट हाउस से सवेरे 10.45 बजे कार द्वारा रवाना होकर 11 बजे शासकीय काकतीय महाविद्यालय ग्राउंड जगदलपुर पहुंचेंगे और वहां ‘‘विश्व आदिवासी दिवस’’ के कार्यक्रम में शामिल होंगे। बघेल इस कार्यक्रम के बाद दोपहर 12.45 बजे जगदलपुर मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट से विमान द्वारा रवाना होकर दोपहर 1.45 बजे दरिमा एयरपोर्ट अम्बिकापुर पहुंचेंगे और वहां से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 2.05 बजे सोनतराई हेलीपेड सीतापुर पहुंचेंगे।

मुख्यमंत्री सीतापुर के स्टेडियम ग्राउंड में दोपहर 2.10 बजे विश्व आदिवासी दिवस के कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री बघेल सीतापुर से अपरान्ह 3.45 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 4.05 बजे दरिमा एयरपोर्ट अम्बिकापुर आएंगे और वहां से विमान द्वारा रवाना होकर शाम 4.35 बजे स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर पहुंचेंगे।

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मुख्यमंत्री ने दी विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामनाएं

रायपुर: मुख्यमंत्री बघेल ने प्रदेशवासियों को विशेषकर आदिवासी समाज के लोगों को विश्व आदिवासी दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। विश्व आदिवासी दिवस की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा है कि आदिवासी जनजातियों की सुरक्षा और उनके अधिकारों को बढ़ावा देने के लिए पूरी दुनिया में 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस मनाया जाता है। जनजाति बाहुल्य प्रदेश होने के कारण छत्तीसगढ़ को जनजातियों की प्राचीन कला और संस्कृति की अनमोल धरोहर विरासत में मिली है। छत्तीसगढ़ सरकार आदिवासियों की प्राचीनतम विरासत और संस्कृति को सहेजते हुए उनके विकास और उन्हें मुख्यधारा में लाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रकृति के करीब जीवन जीने वाली यहां की आदिवासी आबादी को सभी आवश्यक नागरिक सुविधाएं और आगे बढ़ने के सभी साधन सुलभ कराने का हर संभव प्रयास राज्य सरकार द्वारा किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि जनजातियों के विकास और हित को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने कई अहम फैसले लिये हैं। लोहंडीगुड़ा में आदिवासियों की 4200 एकड़ जमीन की वापसी, जेलों में बंद आदिवासियों के मामलों की समीक्षा के लिए समिति का गठन, जिला खनिज न्यास की राशि से आदिवासियों के जीवन स्तर में सुधार का निर्णय, बस्तर और सरगुजा में कर्मचारी चयन बोर्ड की स्थापना और यहां आदिवासी विकास प्राधिकरणों में स्थानीय अध्यक्ष की नियुक्ति से आदिवासी समाज के लिए बेहतर काम करने की कोशिशें जारी हैं। उन्होंने कहा है कि आदिवासी समाज की जरूरतों और अपेक्षाओं को ध्यान में रखकर बनाई गई योजनाओं से उनका जीवन अधिक सरल हो सका है। तेंदूपत्ता संग्रहण दर को 2500 से बढ़ाकर 4 हजार रूपए प्रति मानक बोरा करने, 67 तरह के लघु वनोपजों के समर्थन मूल्य पर संग्रहण और विक्रय के साथ ही इनका स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण और वैल्यू एडिशन से हजारों आदिवासियों की आय में बढ़ोत्तरी हुई है। राज्य सरकार ने वन अधिकार कानून के प्रभावी क्रियान्वयन से आदिवासियों के जल, जंगल, जमीन पर अधिकार को मजबूत किया है। वन अधिकार पट्टों के मिलने से हजारों आदिवासियों की आवास और आजीविका की चिंता दूर हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासियों की सांस्कृतिक विरासत को नया आयाम देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार लगातार प्रयास कर रही है। आदिवासी संस्कृति का परिचय देश-दुनिया से कराने के लिए प्रदेश में राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव जैसे आयोजनों की शुरूआत की गई है। विश्व आदिवासी दिवस पर सामान्य अवकाश घोषित किया गया हैै। देवगुड़ियों और घोटुलों के संरक्षण और संवर्धन से आदिम जीवन मूल्यों को सहेजने और संवारने का काम राज्य सरकार द्वारा किया जा रहा है। विगत साढ़े चार वर्षों में देवगुड़ी ठाकुरदेव एवं सांस्कृतिक केंद्र, घोटुल निर्माण, मरम्मत योजना के तहत दी जाने वाली राशि में उल्लेखनीय रूप से पांच गुना वृद्धि की गई है। साथ ही आदिवासी तीज-त्यौहारों के उत्साहपूर्ण आयोजन के लिए आदिवासी परब सम्मान निधि योजना शुरू की गई है। आदिवासी पर्वों के आयोजन के लिए ग्राम पंचायतों को 10 हजार रूपए की अनुदान सहायता दी जा रही है। इससे लोगों को आदिवासी समाज की परंपराओं और संस्कृतियों को समझने का अवसर मिला है।

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स्लम एरिया के लोगों के इलाज के लिए शहर को 5 वीं एमएमयू वाहन की सौगात

महापौर एवं कलेक्टर ने दिखाई हरी झंडी

बिलासपुर: बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र में स्लम बस्तियों के लोगों को उनके आवास के नजदीक ही इलाज सुविधा मुहैया कराने के लिए एक और मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहन (एमएमयू)मुहैया कराई गई है। इसे मिलाकर नगर में पांच एमएमयू संचालित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत यह वाहन निगम को प्राप्त हुई है।

महापौर रामशरण यादव एवं कलेक्टर संजीव कुमार झा ने जिला कार्यालय परिसर से हरी झंडी दिखाकर गंतव्य के लिए रवाना किया। एसपी संतोष सिंह, निगम आयुक्त कुणाल दुदावत, पार्षद राजेश शुक्ला सहित मेडिकल टीम और निगम के कर्मचारी उपस्थित थे।

नगर निगम के महापौर यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा प्रदेश के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं।

नगर निगम क्षेत्र के स्लम एरिया में रहने वाले लोगों को उनके घर तक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना शुरू की गई। इस योजना के तहत आज बिलासपुर निगम को पांचवा मोबाईल मेडिकल यूनिट मिला है। ज्ञात हो कि नगर निगम में पहले से 4 मोबाईल मेडिकल यूनिट संचालित है।

प्रत्येक यूनिट में एक डॉक्टर, एक नर्स, एक फार्मासिस्ट, 1 लैब टैक्निशियन अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इस मेडिकल यूनिट में 41 प्रकार के स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है और लगभग 170 प्रकार की दवाईयां उपलब्ध है। योजना के शुरू होने से अब तक नगर निगम क्षेत्र के लगभग ढाई लाख से अधिक मरीज लाभान्वित हो चुके हैं। साथ ही प्रतिदिन प्रति यूनिट वाहन लगभग 80 मरीज स्वास्थ्य परामर्श एवं परीक्षण करा रहे हैं।

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मुख्यमंत्री 8 को रायपुर व जगदलपुर में आयोजित कार्यक्रमों में होंगे शामिल

रायपुर: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 8 अगस्त को राजधानी रायपुर और बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री बघेल निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दोपहर 12:05 बजे रायपुर के पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय ऑडिटोरियम में आयोजित 'दास्तान ए आजादी' कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री अपरान्ह 2:50 बजे रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से विमान द्वारा रवाना होकर 3:30 बजे जगदलपुर के मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पहुंचेंगे और विमानतल से सर्किट हाउस जाएंगे।

बघेल शाम 6:00 बजे जगदलपुर में जिला चिकित्सालय में नेत्र विभाग अंबका लोकार्पण करने के बाद 'सेहत बाजार' मिलेट कैफे का लोकार्पण करेंगे। इसके बाद वे पुलिस कोऑर्डिनेट सेंटर लालबाग के शौर्य भवन में हरिभूमि / आईएनएच के 'संवाद 2023' कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री रात्रि विश्राम जगदलपुर में करेंगे।

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भूपेश कैबिनेट की अहम बैठक 7 को

अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण पर होगी चर्चा

रायपुर: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक सात अगस्त को पूर्वान्ह 11.15 बजे से मुख्यमंत्री निवास कार्यालय के केबिनेट हाल में होगी।

बैठक में अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आश्वासन पर अनियमित कर्मचारियों ने एक महीने से चल रही हड़ताल को खत्म कर दिया था।

इसके साथ ही प्रदेश में खाद-बीज की स्थिति और धान खरीदी की तैयारी को लेकर भी चर्चा होगी। बताया जा रहा है कि कैबिनेट की बैठक अचानक तय हुई है। सभी मंत्रियों को रविवार को फोन करके सूचना दी गई कि सोमवार सुबह कैबिनेट की बैठक होगी।

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी नेे 508 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास कार्यों का किया वर्चुअल शिलान्यास

 प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देश के 508 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास कार्यों का शिलान्यास वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया। इनमें छत्तीसगढ़ के 7 रेलवे स्टेशन रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, तिल्दा-नेवरा, अकलतरा, भिलाई पावर हाउस और महासमुंद शामिल हैं।इस समारोह में रायपुर से राज्यपाल श्री विश्व भूषण हरि चंदन  शामिल हुए।

 
गौरतलब है कि इस योजना में छत्तीसगढ़ के कुल 32 रेलवे स्टेशन को शामिल किया गया है। इन स्टेशनों के पुनर्विकास में 1660 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। 
राज्यपाल श्री हरि चंदन  ने रायपुर रेलवे स्टेशन के विकास के लिए तैयार मॉडल का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम राजधानी रायपुर के रेलवे स्टेशन में आयोजित की गई थी।  
 
राज्यपाल श्री हरिचंदन ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा 508 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास के शिलान्यास के इस समारोह में उपस्थित होकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। यात्री सुविधाओं का विकास देश के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग थी, जिसे अब पूरा कर दिया गया है। रेलवे देश की जीवन रेखा है। रेलवे के विकास का देश के विकास पर तत्काल और सीधा प्रभाव पड़ता है। आर्थिक विकास में उत्प्रेरक के रूप में रेलवे की भूमिका सार्वभौमिक रूप से मान्यता प्राप्त है।
 
उन्होंने कहा कि रेल मंत्रालय देश भर में रेल नेटवर्क के तेजी से विकास और रेलवे द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं में सुधार के लिए सभी प्रयास कर रहा है। देश भर में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 1307 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास का वर्तमान प्रयास रेलवे के साथ बेहतर सुविधाओं और यात्री अनुभव की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
 
श्री हरिचंदन ने कहा कि मुझे यह जानकर खुशी हुई कि इस महत्वाकांक्षी अमृत भारत स्टेशन योजना में छत्तीसगढ़ के कुल 32 रेलवे स्टेशन शामिल हैं। इन 32 स्टेशनों के पुनर्विकास में 1660 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने आज छत्तीसगढ़ में 7 स्टेशनों की आधारशिला रखा। जिनमें रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, तिल्दा-नेवरा, अकलतरा, भिलाई पावर हाउस और महासमुंद शामिल हैं।
बिलासपुर, दुर्ग और रायपुर के महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों कों प्रत्येक स्टेशनों के लिए 500 करोड़ रूपए की लागत से एक बड़ा उन्नयन मिलेगा। 
 
गौरतलब है कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित की जाने वाले इन स्टेशनों पर वाइड कॉनकोर्स, फुट ओवर ब्रिज, लिफ्ट, एस्केलेटर, वेटिंग रूम, वाणिज्यिक क्षेत्र और रिटेल काउंटर आदि जैसी आधुनिक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। योजना में मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट की परिकल्पना की गई है। अन्य छोटे स्टेशनों पर भी यात्री सुविधाओं का उन्नयन किया जाएगा और उन्हें चौड़े एफओबी, अग्रभाग सुधार, प्रतीक्षा क्षेत्र, लिफ्ट, एस्केलेटर आदि जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
 
 
राज्यपाल श्री हरिचंदन ने कहा कि यह जानकर संतुष्टि होती है कि भारतीय रेलवे जनता के लिए मात्रा और गुणवत्ता दोनों के संदर्भ में सेवाओं के स्तर को बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। मैं पुनर्विकास योजना में हमारे राज्य के स्टेशनों का चयन करने के लिए छत्तीसगढ़ के लोगों की ओर से प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को धन्यवाद देता हूं। यह निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के साथ-साथ पारगमन उन्मुख सुविधाओं के माध्यम से विकास के नए रास्ते खोलने का काम करेगा।
 
रायपुर लोकसभा के सांसद श्री सुनील सोनी ने प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत् रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास देश सहित प्रदेशवासियों के लिए बड़ी सौगात है। रेलवे स्टेशनों का विकास एयरपोर्ट के तर्ज पर किए जाने की सोच प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट की तर्ज पर रायपुर रेलवे स्टेशन एक मॉडल स्टेशन के रूप बनकर तैयार होगा। जिस तरह बच्चे- बुजुर्गस हित लोग एयरपोर्ट को देखने जाते है। उसी तरह रेलवे स्टेशन को भी देखने आएंगे। यात्री सुविधाओं में बढ़ोत्तरी होगी। एक नए स्वरूप में स्टेशन के विकास से आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी। कार्यक्रम के दौरान अमृत भारत महोत्सव के तहत रायपुर के स्कूलों में आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेताओं को राज्यपाल श्री विश्व भूषण हरिचंदन के करकमलों से पुरस्कार एवं प्रमाणपत्र भी वितरित किए गए। इस अवसर पर विधायक श्री बृजमोहन अग्रवाल, दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे के जी.एम. श्री अ आलोक कुमार सहित जनप्रतिनिधिगण, छात्र-छात्राएं और आम नागरिक उपस्थित थे।
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नवा रायपुर में ‘वर्ल्ड क्लास सेंटर ऑफ एक्सीलेंस‘ की स्थापना के लिए आईसीएआई को पांच एकड़ जमीन दी जाएगी: मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर में कॉमर्स स्ट्रीम के छात्रों के लिए ‘वर्ल्ड क्लास सेंटर ऑफ एक्सीलेंस‘ की स्थापना के लिए ‘द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया‘ को पांच एकड़ जमीन देने की घोषणा की है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना आईसीएआई द्वारा की जाएगी। मुख्यमंत्री ने आज यहां पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आईसीएआई के दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन ‘‘उत्कर्ष‘‘ के दूसरे दिन अधिवेशन को सम्बोधित करते हुए यह घोषणा की। 
 
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस अवसर पर कहा कि किसी भी राज्य और देश की आर्थिक प्रगति में चार्टर्ड एकाउंटेट्न्स का महत्वपूर्ण योगदान होता है। चार्टर्ड अकाउंटेंट व्यापार, व्यवसाय और उद्योग के आईने की तरह होते हैं, जो उनकी वास्तविक आर्थिक स्थिति को दिखाने का काम करते हैं और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में मार्गदर्शन देकर अपना योगदान देते हैं। अधिवेशन के दौरान इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया के प्रतिनिधियों द्वारा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग की गई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी क्षेत्र की प्रगति के लिए उसके लिए अच्छा वातावरण तैयार करने की जरूरत होती है। आईसीएआई नवा रायपुर में वर्ल्ड क्लास इंस्टिट्यूट बनाना चाहता है, इसके लिए राज्य सरकार जमीन देगी। 
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि तेजी से आगे बढ़ते छत्तीसगढ़ राज्य में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए अच्छी संभावनाएं हैं। राज्य सरकार की नीतियों से छत्तीसगढ़ में पिछले पौने पांच वर्षाें में   कृषि, उद्योग, व्यापार के क्षेत्र में उत्साहजनक वातावरण निर्मित हुआ है। राज्य सरकार की नई उद्योग नीति से नए-नए उद्योग धंधे प्रारंभ हुए हैं। खेती-किसानी आज छत्तीसगढ़ में लाभ का व्यवसाय बन गया है। पिछले पौने पांच वर्षों में प्रदेश में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों की संख्या 12 लाख से बढ़कर 26 लाख हो चुकी है। खेती का रकबा 22 लाख  हेक्टेयर से बढ़कर 32 लाख हेक्टेयर हो गया है। समर्थन मूल्य पर पहले जहां 55 लाख मैट्रिक टन धान की खरीदी होती थी, वहीं इस वर्ष हमने 107 लाख मेट्रिक टन धान की समर्थन मूल्य पर खरीदी की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी तरह स्वास्थ और शिक्षा के क्षेत्र में भी राज्य सरकार द्वारा नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के हर संभव प्रयास किए गए हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में बिजली की खपत सबसे ज्यादा है, यहां 2200 यूनिट प्रति व्यक्ति बिजली क बिजली की खपत हो रही है। बिजली की मांग 4100 मेगावाट से बढ़कर 5800 मेगावाट हो गई है। बिजली की खपत में बढ़ोत्तरी छत्तीसगढ़ की आर्थिक प्रगति का द्योतक है। कोरोना काल में जब सभी जगह आर्थिक मंदी का प्रभाव था, छत्तीसगढ़ इससे अछूता रहा। उद्योग, व्यापार सहित सभी सेक्टरों में उन्नति हुई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि राज्य के लोगों के चेहरे की मुस्कान है। लोगों के सपनों को उड़ान देने की जिम्मेदारी सरकार की होती है। राज्य सरकार इसके लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि व्यापार और व्यवसाय को प्रोत्साहित करने के लिए नवा रायपुर में 1000 एकड़ में एशिया के सबसे बड़े होल सेल मार्केट की स्थापना की जाएगी। 
 
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के प्रथम एक्ंिटग मुख्य न्यायाधीश तथा गौहाटी हाइकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सूरजमल गर्ग, आईसीएआई के वाइस प्रेसीडेंट श्री रंजीत कुमार अग्रवाल, लल्लूराम न्यूज़ के फाउंडर श्री नमित जैन तथा सेंटर कॉउंसिल के मेंबर्स विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने इस राष्ट्रीय अधिवेशन के अवसर पर द इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया द्वारा प्रकाशित पत्रिका का विमोचन किया। 
 
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के प्रथम एक्टिंग मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सूरजमल गर्ग ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज पूरे देश के लिए एक मॉडल के रूप में उभरा है। आज छत्तीसगढ़ देश के किसी भी अच्छे राज्य से स्पर्धा कर सकता है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में कॉलेज और अच्छे इंस्टिट्यूटस की स्थापना की आवश्यकता पर जोर दिया। आईसीएआई के वाइस प्रेसीडेंट श्री रंजीत कुमार अग्रवाल ने कहा कि राज्य की इकॉनामी कैसे ग्रोथ करें, रिवेन्यू कलेक्शन कैसे बढ़े और नागरिकों को कैसे बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सके, इसके लिए चार्टर्ड एकाउंटेंट्स बेहतर योगदान दे सकते हैं। उन्होंने बताया कि संसद द्वारा 1949 में एक्ट पारित कर आईसीएआई की स्थापना की गई थी। 75 वर्षाें में 1600 मेंबर के साथ प्रारंभ हुए आईसीएआई की मेंबरशिप बढ़कर 4 लाख हो गई है। कार्यक्रम को एसएसईबी के चेयरमेन श्री मंगेश किनारे ने कहा कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बच्चों की स्किल बढ़ाने में योगदान देगा। श्री नमित जैन और रायपुर ब्रांच के चेयरमेन श्री रवि ग्वालानी, रायपुर ब्रांच सीआईसीएएसए की चेयरमेन सुश्री रश्मि भांग्ला ने भी अपने विचार प्रकट किए। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न स्थानों से आए सीए के विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
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कलेक्टर के मार्गदर्शन में फसल बीमा प्रचार रथ रवाना

अम्बिकापुर: कलेक्टर कुन्दन के मार्गदर्शन में शनिवार को फसल बीमा योजना के लिए प्रचार-प्रसार रथ को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया, ताकि क्षेत्र में अधिसूचित फसल उगाने वाले सभी ऋणी-अऋणी किसान फसल बीमा योजना का लाभ उठा सकें। रथ जिले के विभिन्न ग्रामों में बीमा की जानकारी के साथ बीमा कराने के लिए आवश्यक तकनीकी जानकारी किसानों को सुविधा मुहैया कराएगी। फसल बीमा की अंतिम तिथि 16 अगस्त 2023 है। भारत सरकार की इस योजना को छत्तीसगढ़ सरकार के सहयोग से भारतीय कृषि बीमा कंपनी की ओर से खरीफ 2023 व रबी 2023-24 में संचालित की जा रही है।

पुर्नगठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना अंतर्गत उद्यानिकी अधिसूचित खरीफ फसल टमाटर, बैंगन, मिर्च, अदरक, केला, पपीता व अमरूद है। किसानों की ओर से आधार कार्ड, राजस्व अभिलेख, बैंक खाता की प्रति के साथ लोक सेवा केन्द्र, प्राथमिक कृषि सेवा सहकारी समिति, ऑलाईन पंजीयन, बैंक, विभागीय मैदानी अमला या बीमा कम्पनी अभिकर्ता के मार्गदर्शन से अपनी फसल का बीमा करा सकेंगें। फसल बीमा अंतर्गत रथ रवाना के दौरान नगर निगम आयुक्त अभिषेक कुमार, अपर कलेक्टर एएल ध्रुव, सीईओ जिला पंचायत नूतन कुमार कंवर, उपसंचालक कृषि विभाग पीएस दीवान, और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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