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दो सांड की लड़ाई में महिला की गई जान

दुर्ग (छत्तीसगढ़ दर्पण)। दो सांड की लड़ाई में महिला की जान चली गयी। घटना दुर्ग नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत वार्ड क्रमांक 2 की बताई जा रही है।

महिला घर के बाहर बैठी हुई थी, इसी दौरान दो सांडों ने आपस में लड़ना शुरू कर दिया।

महिला भी सांड की लड़ाई देख रही थी, तभी लड़ते-लड़ते सांड महिला के करीब आ गया और फिर भागने के दौरान महिला को सांड ने दीवार में जोरदार तरीके से टक्कर मार दी। महिला को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां महिला की मौत हो गयी।

घटना को लेकर निगम पर स्थानीय लोगों का गुस्सा फूटा है। लोगों का कहना है कि आवारा पशुओं को लेकर निगम पूरी तरह से निष्क्रिय है। आवारा पशुओं को शहर से दूर ले जाने की कभी कोशिश नहीं की जाती है। घटना के बाद आवासा पशुओं को लेकर दहशत की स्थिति बनी हुई है।

 

 

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सीएम बघेल से मिले कन्याकुमारी से कश्मीर तक पदयात्रा करने वाले सैनी

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से उनके निवास कार्यालय में देश के कन्याकुमारी से कश्मीर तक लगभग 3580 किमी पदयात्रा करने वाले कृष्ण कुमार सैनी ने सौजन्य मुलाकात की।

मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान नवापारा-राजिम निवासी सैनी ने बताया कि उन्होंने 05 जनवरी को कन्याकुमारी स्थित महात्मा गांधी स्मारक से अपनी पदयात्रा की शुरुवात की थी और 24 फरवरी को श्रीनगर के लाल चौक पर यात्रा का समापन किया।

उन्होंने 50 दिन 04 घंटे में 12 राज्यों से गुजरते हुए यह सफर तय किया। उन्होंने ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ नारे के साथ यह पदयात्रा की है।

 

 

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दूर दराज के लोगों को समाधान के लिए न जाना पड़े दूर, यही हमारा प्रयास : कलेक्टर

रायगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा हर सोमवार को जिला मुख्यालय में जनचौपाल लगाकर लोगों से मुलाकात करते हैं। उन्होंने अब इसे विकासखंड स्तर में भी आयोजित किए जाने की पहल की है। इसी कड़ी में आज कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा जिले के दूरस्थ क्षेत्र धरमजयगढ़ के दौरे पर रहे। यहां उन्होंने जनपद पंचायत कार्यालय में चौपाल लगाई। जिसमें उन्होंने बड़ी संख्या में दूर दराज से आए लोगों से मुलाकात की, उनकी समस्याएं सुनी और निराकरण के निर्देश अधिकारियों को दिए। कलेक्टर सिन्हा ने कहा कि जिला मुख्यालय में तो लोगों से मुलाकात करने का अवसर मिलता रहता है। लेकिन दूर दराज के लोग जो अपनी समस्या रखने जिला मुख्यालय नही पहुंच पाते उनसे मिलने के लिए प्रशासन ही उन तक पहुंचे यही प्रयास है। इसी क्रम में विकासखंड स्तर में यह जनचौपाल लगाया गया है। इस दौरान सीईओ अबिनाश मिश्रा, डीएफओ धरमजयगढ़ अभिषेक जोगावत, एसडीएम सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

ग्राम पंचायत-नवागांव के सरपंच एवं प्रधान पाठक आज धरमजयगढ़ में आयोजित विकासखण्ड स्तरीय जनचौपाल में पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि शासकीय प्राथमिक शाला जोगियापारा में शाला भवन काफी जर्जर हो गयी है। उन्होंने कलेक्टर से शाला भवन की मरम्मत कराने हेतु आवेदन किया। कलेक्टर श्री सिन्हा ने जिला शिक्षा अधिकारी को आवेदन पर कार्यवाही के निर्देश दिए। इसी तरह शनिराम एवं अन्य ग्रामवासी जनचौपाल में पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत क्रिन्धा के ग्राम छुहीपहाड़, सिरडाही एवं चापकछार में लगभग 200 परिवार निवास करते है। यहां पक्के सड़क के अभाव में कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कलेक्टर श्री सिन्हा ने ईई पीडब्ल्यूडी को इन गांवों तक सड़क बनवाने के लिए एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए।

इसी प्रकार नगर पंचायत धरमजयगढ़ के वार्डवासी वार्ड क्रमांक 15 चिकटवानी के क्रबिस्तान में बाउण्ड्रीवाल कराये जाने के संबंध में आवेदन लेकर आये थे। इसी तरह नगर पंचायत धरमजयगढ़ के ग्रामवासी नवीन स्कूल भवन की स्वीकृति एवं पुराने स्कूल भवन परिसर में बाउण्ड्रीवाल निर्माण कराये जाने के संबंध में आवेदन लेकर आये थे। कलेक्टर श्री सिन्हा ने संबंधित अधिकारी को आवेदन पर उचित कार्यवाही के निर्देश दिए। धरमजयगढ़ में आयोजित विकासखण्ड स्तरीय जनचौपाल में अन्य लोग राशन कार्ड, राजस्व, सीमांकन, बटांकन, पेंशन को लेकर लोगों ने आवेदन किया।

 

 

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सीएम बघेल शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने दंतेवाड़ा रवाना

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। दंतेवाड़ा जिले के अरनपुर थाना क्षेत्र में हुए नक्सल हमले में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दंतेवाड़ा के लिए रायपुर से रवाना हो गए हैं। सुबह 10 बजकर 50 मिनट पर दंतेवाड़ा पहुंचेंगे।

यहां शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने के बाद सीएम बस्तर के पुलिस और सुरक्षाबल के अधिकारियों की बैठक भी लेंगे।

बुधवार को हुए नक्सली हमले में डीआरजी के 10 जवान शहीद हो गए। और एक सिविलियन ड्राइवर की भी मौत हुई है। सभी जवान एक पिकअप वैन में सवार थे और दंतेवाड़ा के अरनपुर में ये वैन आईईडी की चपेट में आ गई थी।

डीआरजी के जवान एक ऑपरेशन से लौट रहे थे तभी नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट कर अपने नापाक मंसूबों को अंजाम दिया।

मुख्यमंत्री ने बुधवार को दंतेवाड़ा जिले के अरनपुर थाना क्षेत्र में हुए नक्सली हमले के संबंध में आपातकालीन उच्च स्तरीय बैठक ली और घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर गहन समीक्षा की।

 इस आपातकालीन बैठक में गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा, मुख्यमंत्री के सचिव अंकित आनंद, पुलिस महानिरीक्षक गुप्तवार्ता अजय यादव उपस्थित थे।

भूपेश बघेल ने कहा, नक्सलियों को बख्शा नहीं जाएगा। नक्सलियों के खिलाफ हमारी लड़ाई अब अंतिम चरण में है। और योजनाबद्ध तरीके से नक्सलवाद को जड़ से खत्म किया जाएगा। इस नक्सल वारदात के बाद केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को फोन पर घटना की जानकारी ली और जवानों की शहादत पर दुख जताया। उन्होने सीएम को हरसंभव मदद का आश्वास दिया है।

 

 

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लुटेरों ने कैब चालक को बुकिंग के लिए बुलाया, फिर हत्या कर लाश को आंगन में दफनाया , फिर हुआ ये

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कार लुटेरों ने कैब चालक को बुकिंग के लिए बुलाया और हत्या कर दी। चालक बुकिंग पर अभनपुर पहुंचा तो आरोपियों ने सुनील वर्मा की हत्या कर दी। इसके बाद कैब चालक का शव घर के आंगन में दफन कर दिया।

स्वजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की, संदेह के आधार पर आरोपियों को पकड़कर पूछताछ की गई।

पुलिस द्वारा कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपियों ने हत्या कर शव का दफनाने की बात स्वीकार की। आरोपी राकेश कुर्रे और तपन बांधे को गिरफ्तार किया गया है।

उनकी निशानदेही पर पुलिस ग्राम खोला अभनपुर पहुंचकर शव की खुदाई की और शव को जब्त किया। वहीं निशानदेही लूटी हुई गाड़ी बरामद हो गई है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार शीतलापारा निवासी सुनील वर्मा (47) की गुमशुदगी की शिकायत स्वजनों ने 15 अप्रैल को स्वजनों को दी थी। सुनील 15 अप्रैल से लापता था। स्वजनों ने शक भी जताया था। पुलिस ने जांच शुरू कि तो पता चला कि सुनील की आखिरी बार कैब अभनपुर के ग्राम खोला निवासी राकेश कुर्रे ने बुक कराई थी।

पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए बुलाया। राकेश पहले गुमराह कर रहा था। पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर उससे कड़ाई से पूछताछ की तो उसने अपने साथी तपन बांधे के साथ हत्या करने और शव दफन करने की बात स्वीकार की।

आरोपी राकेश कुर्रे मृतक सुनील वर्मा की गाड़ी कई बार किराए में लेकर जा चुका था। दोनों पूर्व परिचित थे। सुनील ने अपने साथी तपन के साथ मिलकर गाड़ी लूटने की योजना बनाई। इसके बाद गाड़ी बेंचकर बराबर-बराबर पैसे का बटवारा करने की शर्त रखी।

योजना के अनुसार 14 अप्रैल को सुनील वर्मा को कार बुकिंग के नाम पर फोन कर ग्राम खोला बुलाया गया। जिसके बाद आरोपितों ने सुनील रात 12 बजे नहर के पास हत्या कर दी।

हत्या करने के बाद राकेश कुर्रे के घर पहुंचे और शव को घर से लगे आंगन में दफनाकर गाड़ी छिपा दी। गाड़ी बेचने का नंबरप्लेट बदल दिया था, ग्राहक की तलाश में थे।

 

 

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दंतेवाड़ा नक्सली हमला: डीआरजी की सबसे मजबूत टीम को बनाया निशाना

 पहले से थी जवानों पर हमले की तैयारी

दंतेवाड़ा  (छत्तीसगढ़ दर्पण)छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में डीआरजी जवानों की गाड़ी को उड़ाने की तैयारी नक्सली पिछले 4 दिनों से कर रहे थे।

आखिरकार बुधवार दोपहर 1:30 से 2:00 बजे के बीच 50 किलो आईईडी से हमला किया। जिसकी आवाज करीब डेढ़ किमी तक सुनाई दी। हमले में जवानों और गाड़ी के चिथड़े उड़कर 60-70 मीटर दूर तक पहुंच गए।

इस हमले में 10 पुलिसकर्मी और एक वाहन चालक की मौत हुई है। सुरक्षाबलों के 2 अलग-अलग कैंप के बीच नक्सलियों की स्मॉल एक्शन टीम ने आईईडी ब्लास्ट करके वारदात को अंजाम दिया है। डीआरजी जवानों की जिस टीम को नक्सलियों ने अपना निशाना बनाया है, वह दंतेवाड़ा की सबसे मजबूत टीम थी।

इस टीम के जवानों ने कई मुठभेड़ों में सफलता दिलाई है। माओवाद की कमर तोड़ी है। नक्सलियों को सबसे ज्यादा खतरा इसी टीम से था। इसलिए माओवादियों ने डीआरजी की प्लाटून नंबर 1 को अपना टारगेट बनाया। डीआरजी की इस टीम में सरेंडर नक्सली भी थे।

पुलिस को पहले ही मिल गई थी नक्सलियों की मौजूदगी की खबर
डीवीसीएम (डिविजनल कमेटी मेंबर) जगदीश पिछले 4 दिन से ककाड़ी, नहाड़ी, गोंडेरास के जंगलों में माओवादियों की बैठक ले रहा था। जगदीश के साथ करीब 30 से 35 की संख्या में हथियारबंद कई माओवादी भी मौजूद थे। जो टीसीओसी के दौरान किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए रणनीति बना रहे थे। दंतेवाड़ा पुलिस को इंटेलिजेंस से नक्सलियों के मौजूदगी की खबर मिली थी।  

6 टीमों को नक्सल ऑपरेशन पर भेजा गया था

दंतेवाड़ा पुलिस के अफसर उच्च अधिकारियों से जवानों को ऑपरेशन पर भेजने की अनुमति मांग रहे थे। हालांकि, अनुमति मिलने में 2 दिन का वक्त लग गया था। फिर मंगलवार को जवानों को ऑपरेशन पर भेजने का ग्रीन सिग्नल मिल गया। जिसके बाद 25 अप्रैल को दंतेवाड़ा डीआरजी की पूरी 6 टीमों को नक्सल ऑपरेशन पर भेजा गया था। जिसमें करीब 300 से ज्यादा जवान शामिल थे।

नक्सली कमांडर को घेरने रात में ही निकल गए थे जवान
25 अप्रैल की शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच जवानों को बड़ी गाड़ियों से अलग-अलग लोकेशन में छोड़ा गया था। ताकि चारों तरफ से नक्सलियों को घेरा जा सके। इनमें डीआरजी की प्लाटून नंबर 1 को अरनपुर के जंगल में छोड़ा गया था। यहीं से जवान नक्सली कमांडर जगदीश को घेरने के लिए रात में ही जंगल में घुसे थे। जवानों को बड़ी गाड़ी के माध्यम से जंगल में छोड़े जाने की खबर नक्सलियों को मिल गई थी। नक्सली पहले से ही अलर्ट थे।

26 अप्रैल की सुबह हुई थी मुठभेड़
जैसे ही जवान 26 अप्रैल की सुबह नक्सलियों के ठिकाने पर पहुंचे तो दोनों तरफ से गोलीबारी हुई थी। हालांकि, नक्सली कमांडर जगदीश को पुलिस घेर नहीं पाई और वह भाग निकला। अफसरों के निर्देश के बाद सभी जवान जंगल से जिला मुख्यालय लौटने निकल गए थे। इनमें डीआरजी की प्लाटून नंबर 1 अरनपुर पहुंची। जवानों को लेने वाहन गई। इस बात की खबर नक्सलियों को मिल गई थी।

नक्सलियों की स्मॉल एक्शन टीम को मिली थी जिम्मेदारी
नक्सलियों को मालूम था कि जवान बड़ी गाड़ी से आए हैं, तो जाएंगे भी उसी में। इसलिए जवानों से भरी गाड़ी को निशाना बनाने की रणनीति बनाई गई। नक्सलियों की स्मॉल एक्शन टीम को वारदात करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। भास्कर के सूत्रों के मुताबिक, नक्सलियों ने अरनपुर-समेली कैंप के बीच जब सड़क निर्माण का काम चल रहा था उसी समय कमांड आईईडी प्लांट कर रखी हुई थी। सड़क से करीब 70 से 80 मीटर लंबा तार जंगल की तरफ बिछा रखा था।

जवानों से भरी एक गाड़ी पहले उसी इलाके से गुजरी, लेकिन निशाना नहीं बना सके
ऐसा बताया जा रहा है, बुधवार को जवानों से भरी एक गाड़ी पहले उसी इलाके से गुजर गई। हालांकि, नक्सली उसे निशाना नहीं बना सके। कुछ देर बाद माओवादियों ने दूसरी गाड़ी को अपना निशाना बनाया। इस गाड़ी में 10 जवान सवार थे। यह गाड़ी किसी सिविलियन की थी। जो बुकिंग के तौर पर जवानों को लेने गई हुई थी। दोपहर करीब 1:30 से 2 बजे के बीच जैसे ही गाड़ी आईईडी के ऊपर आई वैसे ही नक्सलियों ने ब्लास्ट कर दिया।

धमाका इतना जबरदस्त था कि गाड़ी के परखच्चे उड़ गए
गाड़ी में सवार 10 जवान और एक वाहन चालक के शरीर के चिथड़े उड़ गए। करीब 60 से 70 मीटर दूर तक गाड़ी के पार्ट्स और जवानों के शरीर के अंग फेंका गए। सड़क पर करीब 7 फीट गहरा गड्ढा हो गया। नक्सलियों ने इस घटना के लिए करीब 50 किलो की आईईडी का इस्तेमाल किया था। धमाका इतना जोरदार था कि करीब डेढ़ किलोमीटर दूर तक इसकी आवाज सुनाई दी। वारदात के बाद नक्सलियों की स्मॉल एक्शन टीम जंगल की तरफ भाग गई।

सड़क निर्माण के दौरान प्लांट की गई थी आईईडी
दरअसल, दंतेवाड़ा-अरनपुर-जगरगुंडा सड़क निर्माण का काम पिछले कई सालों से चल रहा है। हालांकि, अरनपुर से आगे कमारगुड़ा तक काम पूरा हो चुका है। जब उस इलाके में काम चल था तो निर्माणाधीन सड़क में ही नक्सलियों ने सैकड़ों आईईडी प्लांट कर रखी हुई थी। पिछले कुछ सालों में करीब 150 से ज्यादा आईईडी बरामद की जा चुकी है। इसी सड़क पर नक्सलियों ने कई बारूदी सुरंग भी बना रखा था। जिसे जवानों ने ध्वस्त किया था। बुधवार को नक्सलियों ने जिस आईईडी को ब्लास्ट किया इसे कुछ साल पहले सड़क निर्माण के दौरान ही प्लांट किया गया था। नक्सली एंगल के लिहाज से यह काफी खतरनाक सड़क मानी जाती है।

बड़ी गाड़ी से जवानों को लाना बड़ी चूक
अमूमन बस्तर के किसी भी नक्सल प्रभावित इलाके में यदि जवानों को सर्चिंग पर निकाला जाता है तो बाइक के माध्यम से जवान जंगल तक पहुंचते हैं। लेकिन, दंतेवाड़ा में एक जवानों को बड़ी गाड़ी से लाना, ले जाना एक बड़ी चूक की गई है। वह भी ऐसे इलाके में जो पूरी तरह से नक्सलियों का क्षेत्र है। दंतेवाड़ा से जगरगुंडा तक पालनार से आगे हर 10 किलोमीटर के बाद सुरक्षाबलों का एक कैंप जरूर है। लेकिन सड़कों पर नक्सली कई जगह बारूद बिछा कर रखे हैं। इसी चूक का खामियाजा 10 जवान और एक चालक की शहादत से चुकाना पड़ा।

डीआरजी जवानों से नक्सली मानते हैं खुद के लिए ज्यादा खतरा​​​​​​
दरअसल, दंतेवाड़ा समेत बस्तर में नक्सलियों के खात्मे के लिए डीआरजी के जवानों का बड़ा योगदान होता है। क्योंकि, डीआरजी में स्थानीय युवा और सरेंडर नक्सली होते हैं जो जल-जंगल-जमीन से वाकिफ होते हैं। सरेंडर नक्सली, नक्सलियों के ठिकानों को अच्छी तरह से जानते हैं। जिससे फोर्स को नक्सलियों के खात्मा करने में काफी आसानी होती है। डीआरजी के गठन के बाद से दंतेवाड़ा समेत पूरे बस्तर में नक्सलियों को काफी नुकसान हुआ है। अन्य फोर्स की तुलना में नक्सली डीआरजी जवानों से खुद के लिए ज्यादा खतरा मानते हैं। दंतेवाड़ा जिले में पहली बार एक साथ इतनी संख्या में डीआरजी के जवानों की शहादत हुई है।

बीजापुर में चूके तो दंतेवाड़ा में बनाया टारगेट
18 अप्रैल को नक्सलियों ने बीजापुर के विधायक विक्रम मंडावी के काफिले पर हमला किया था। हालांकि, इस हमले में कोई नुकसान नहीं हुआ था। कुछ दिन बाद माओवादियों ने एक प्रेस नोट जारी कर बताया था कि, उनके टारगेट में विधायक या फिर कोई अन्य नेता नहीं थे। नक्सलियों ने जवानों को अपना टारगेट बनाया था। वहां नक्सली किसी बड़ी घटना को अंजाम देने से चूक गए थे। इसलिए उन्होंने दंतेवाड़ा में जवानों को अपना निशाना बनाया।

नक्सलियों का चल रहा टीसीओसी
बस्तर में नक्सलियों का टीसीओसी चल रहा है। नक्सली टीसीओसी के दौरान बड़ी घटना को अंजाम देते हैं। साल 2021 में अप्रैल के महीने में बीजापुर के टेकलगुड़ा में जवानों को एंबुश में फंसाया था। इस घटना में 21 जवान शहीद हुए थे। वहीं कुछ साल पहले सुकमा के बुर्कापाल में 25 और मीनपा में 17 जवानों की नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में शहादत हुई थी।

 

 
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इंडियन कोबरा के साथ फारेस्टन कैट सांप, सपेरों से हुए आजाद

सर्परक्षक समिति और वन अमला ने छुड़ाया, समझाईश देकर सपेरों को छोड़ा गया

रायगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अक्सर देखा जाता है कि सपेरे अपने पिटारे में सांप लेकर जगह जगह घूमते हैं और सांप दिखाकर दानदक्षिणा मांगते हैं, लेकिन क्या आप को पता है कि इन सांपों के साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया जाता। इनके दांत तोड़ दिए जाते हैं, तो मुंह को भी चिपका दिया जाता है। ऐसे में ये काफी दिनों तक जीवित नहीं रहते और उनकी मौत हो जाती है। ऐसे में इनकी सुरक्षा के लिए सर्परक्षक समिति लगातार काम कर रही है। मंगलवार को भी कुछ सपेरों के द्वारा काफी मात्रा में सांप लेकर कहीं जा रहे थे। जब इसकी जानकारी सर्परक्षक समिति को लगी, तो उन्होंने मामले की जानकारी वन अमला को दी। इसके बाद वन अमला के सहयोग से सांपो को सपेरों से छुड़ाया गया और इंदिरा विहार के आगे जंगल में सुरक्षित छोड़ा गया।

इस संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक मगंलवार की देर शाम सर्परक्षक समिति का सूचना मिली कि केवड़ाबाड़ी बस स्टैंड में सपेरों का परिवार है और उनके पास काफी मात्रा में सांप है जिसे लेकर वे कहीं जा रहे हैं। ऐसे में तत्काल सर्परक्षक समिति के पदाधिकारी और सदस्य यहां पहुंचे और मामले की सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी। जसके बाद वन कर्मचारी भी यहां पहुंच गए। उनकी मौजूदगी में सांपो के बारे में सपेरों से पूछताछ की गई, तो उन्होंने बताया कि करीब बारह सांप उनके पास हैं। देखने पर 11 इंडियन कोबरा और एक फारेस्टन कैट प्राजाति का सांप इनके पास से मिला। ऐसे में विभागीय कर्मचारियों और सर्परक्षक समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि यह गैर कानूनी है और सभी सांपो को अपने सुर्पूद में लेते हुए सपेरों को समझाईश देकर छोड़ा गया। इसके बाद सभी वन कर्मचारियों की मौजूदगी में सांप को इंदिरा विहार के आगे ले जाकर सुरक्षित जंगल में छोड़ा गया।

हो जाती है सांपो की मौत

सर्परक्षक समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि स्वयं के स्वार्थ के लिए सांपो के दांत को तोड़ दिया जाता है। इसके बाद उनके मुंह को चिपका देते हैं। इससे वे बहुत कुछ खा नहीं सकते और कुछ दिनों के बाद इनकी मौत हो जाती है। इस तरह इसे रखना भी गैर कानूनी है। फिलहाल उन्हें अब सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया है।

 

 

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मुख्यमंत्री ने मठपारा निवासी राजू के घर पर लिया छत्तीसगढ़ी भोजन का आनंद

खाने में परोसी गई, मशरूम, झुर्गा-भाटा, खट्टा जिमीकंद, गिल्की, भाजी में चेंच और चौलाई सब्जी

रायपुर  (छत्तीसगढ़ दर्पण)  मुख्यमंत्री बघेल अपने प्रदेशव्यापी भेंट-मुलाकात अभियान के तहत बुधवार को रायपुर दक्षिण विधानसभा के अंतर्गत महामाया वार्ड क्रमांक 65 स्थित राजू नायक के घर भोजन पर पहुंचे। नायक परिवार ने अपने अतिथि का घर के मुख्य द्वार पर तिलक-आरती, पुष्प-गुच्छ तथा गमछा भेंटकर स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री बघेल के साथ नगर निगम महापौर ऐजाज़ ढेबर, नगर निगम सभापति प्रमोद दुबे एवं अन्य उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री ने नायक परिवार के सदस्यों द्वारा सादगी के साथ परोसे गए स्वादिष्ट छत्तीसगढ़ी भोजन का स्वाद लिया। परिवार ने पूरी आत्मीयता के साथ मुख्यमंत्री को भोजन में चावल, दाल, रोटी के साथ खाने में मशरूम,खट्टा जिमीकंद,झुर्गा भाटा,भाजी में चेंच और चौलाई,गोभी-आलू-भाटा,के साथ सलाद और पापड़ परोसा। मुख्यमंत्री ने स्वादिष्ट भोजन के लिए नायक एवं उनके परिजनों को उपहार भेंटकर धन्यवाद दिया।
   
मुख्यमंत्री को अपने आतिथ्य में परिवार के बीच बैठकर भोजन करता पाकर नायक परिवार ने ख़ुशी जाहिर की। मुख्यमंत्री से बात करते हुए नायक ने बताया कि उनके परिवार में 7 सदस्य हैं। नायक ने बताया कि शासन द्वारा जारी राशन कार्ड से परिवार को पर्याप्त मात्रा में राशन मिल जाता है। इसके साथ ही सरकार के बिजली बिल हाफ योजना से बहुत राहत मिलने की बात बताई। वर्तमान शासन की विभिन्न योजनाओं से आमजनों को बहुत लाभ मिल रहा है, इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया।

 

 

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आकस्मिक मौत पर प्रशासन ने दी 20 लाख की सहयता

खरसिया व लैलूंगा में सांप के डंसने से 4 व पानी में डूबने से हुई थी 1 की मौत

रायगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण) जिला प्रशासन ने पांच लोगों की आकस्मिक मौत पर 20 लाख रुपए की सहायता दी है। मरने वालों में तीन महिला व दो पुरुष हैं। जिसमें चार की मौत सांप के डंसने से हुई और एक की मौत पानी में डूबने से हुई थी। इन सभी के परिजनों को 4-4 लाख रुपए दिए गए हैं।

जिले के खरसिया एवं लैलूंगा ब्लाक में पांच लोगों की प्राकृतिक आपदा के तहत पानी में डूबने एवं सर्पदंश के कारण मृत्यु हुई थी। जिनको कलेक्टर के अनुमोदन के बाद संबंधित क्षेत्र के एसडीएम द्वारा प्रावधानों के अनुसार मृतक के नजदीकी वारिसानों को 4-4 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।

कलेक्टर रायगढ़ के मुताबिक पिछले साल 2022 में खरसिया अनुविभाग अंतर्गत खरसिया के ग्राम-भालूनारा के रविशंकर धनवार की 24 अगस्त को सांप के डसने से मृत्यु हो गई थी, उसकी पत्नी सावित्री धनवार को 4 लाख रुपये, खरसिया की ही ग्राम- छोटेजामपाली की सुनिमती चौहान की भी 11 दिसम्बर  को सर्पदंश से मौत होने पर उसके पुत्र तरूण चौहान को 4 लाख रुपये दिए गए।

इसी तरह लैलूंगा के ग्राम-कुर्रा के सुन्दर लाल राठिया की 8 दिसम्बर को पानी में डूबने से हुई, मृत्यु पर उनकी पत्नी रजमेत राठिया को 4 लाख रुपये, ग्राम-करवारजोर की रूंगीबाई की 27 सितम्बर को सांप के डसने से मौत पर उसके पति रामकुमार को 4 लाख रुपये तथा खरसिया के ग्राम-गंजपुर की आसमती राठिया की 12 जनवरी को सर्पदंश से मृत्यु होने पर पति जनारसिंह को 4 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है।

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छत्तीसगढ़ में बारिश के आसार, आरेंज और यलो अलर्ट जारी

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बीते कुछ दिनों से छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदला हुआ है और तापमान में गिरावट के साथ ही मौसम में थोड़ी ठंडकता बनी रही।

हालांकि मंगलवार को रायपुर सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में अधिकतम तापमान में गिरावट रहा, लेकिन उमस में बढ़ोतरी हो गई।

मौसम विभाग का कहना है कि बुधवार को इस उमस से राहत मिलने के आसार हैं और प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में अंधड़ के साथ ही हल्की बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग ने बस्तर क्षेत्र के लिए आरेंज अलर्ट व रायपुर सहित 10 जिलों के लिए यलो अलर्ट भी जारी किया है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि यह पूरा सप्ताह थोड़ा राहत भरा रहने के आसार हैं।

संभावना जताई जा रही है कि एक मई से गर्मी में बढोतरी शुरू होगी। मंगलवार सुबह से ही रायपुर सहित प्रदेश भर में आंशिक रूप से बादल छाए रहे, हालांकि आंशिक रूप से बादल छाने की वजह से उमस भी रही।

रायपुर का अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से छह डिग्री सेल्सियस कम रहा। इसी प्रकार न्यूनतम तापमान 22.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस कम रहा।

मौसम विभाग का कहना है कि अभी मौसम का मिजाज इस प्रकार ही बना रहेगा।

मौसम विभाग ने बताया कि द्रोणिका के प्रभाव से मौसम का मिजाज थोड़ा बदल रहा है। बंगाल की खाड़ी से नमी आने का सिलसिला भी जारी है, इसके चलते ही बुधवार को प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में अंधड़ चलने व हल्की वर्षा के आसार हैं।

इन क्षेत्रों में हुई वर्षा
पाली 3 सेमी, तखतपुर 2 सेमी, जांजगीर 2 सेमी, ओरछा 2 सेमी, भैसथान 1 सेमी, कांकेर 1 सेमी वर्षा हुई। इसके साथ ही प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हल्की वर्षा हुई।

 

 

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तेंदुए की एंट्री से ग्रामीणों में दहशत, वन विभाग अलर्ट मोड पर

कांकेर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिले  के नजदीक ठेलकाबोड गांव में तेंदुआ नजर आया है। इसके बाद से इलाके में दहशत का माहौल है। वहीं सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुच गई है।

ग्रामीणों के अनुसार तेंदुआ बस्ती से लगे पहाड़ी की ओर भागा है, जिसके बाद वन अमला ड्रोन की मदद से पहाड़ी के आस पास क्षेत्र में निगरानी कर रहा है। हालांकि टीम सुबह से शाम तक नजर रख रहा था। मगर शाम तक तेंदुआ नजर नहीं आया है।

ग्रामीणों ने ठेलकाबोड के छोटे पारा में तेंदुआ देखा। तब लोग हल्ला मचाने लग गए। जिसके बाद शोर शराबे में तेंदुआ पहाड़ी की तरफ़ भाग निकला, ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। जिसके बाद से वन अमला मौके पर मौजूद है।

पहाड़ी के बस्ती से सटे होने के कारण वन अमले ने ग्रामीणों से घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की है। साथ ही पूरे इलाके में वन विभाग के कर्मचारी तैनात हैं। ड्रोन से भी लगातार नजर रखी जा रही है। इस इलाके में तेंदुए की मौजूदगी लंबे समय से रही है, लेकिन इस दफा तेंदुआ बस्ती के नजदीक आ गया है, जिससे वन अमला पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।

 

 

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छत्तीसगढ़ में कोरोना के 466 नए केस मिले, 1 मौत

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 466 नए मरीज मिले हैं। जिसके बाद एक्टिव मरीजों की संख्या 3025 हो गई है।

प्रदेश में पॉजिटिविटी दर कम होकर 8.06 फीसदी हो गई है। मंगलवार को 26 जिलों में कोरोना के मरीज मिले हैं। वहीं एक कोरोना मरीज की मौत हुई है।  

राजधानी रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, सरगुजा, बिलासपुर में सबसे ज्यादा एक्टिव केस हैं। ज्यादा से ज्यादा संक्रमित मरीजों की समय पर पहचान हो सके इसलिए स्वास्थ विभाग की ओर से टेस्टिंग बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।


कोरोना के सबसे ज्यादा 53 मामले राजधानी रायपुर में हैं। इसके बाद दुर्ग में 45 मरीजों की पुष्टि हुई है। राजनांदगांव में 38, बलौदा बाजार में 37, सरगुजा में 29, कोरिया में 28, सूरजपुर में 27, कांकेर में 26, रायगढ़ में 21, बेमेतरा में 20, महासमुंद में 19, बालोद में 18, बिलासपुर में 16, बीजापुर में 13, कोरबा में 13, धमतरी में 12,गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में 12 कबीरधाम में 10, जशपुर में 5 जांजगीर-चांपा में 4, दंतेवाड़ा में 4,गरियाबंद में 4, कोंडागांव में 4, बस्तर में 3, नारायणपुर में 3 और बलरामपुर में 2 मरीजों की पुष्टि हुई है।

 

 

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महिला-बाल विकास विभाग ने रुकवाए 4 बाल विवाह

कोरिया (छत्तीसगढ़ दर्पण)। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देश मे बाल विवाह को रोकने व बाल विवाह न करने की समझाईस देने की कार्यवाही करते हुए, महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई तथा चाईल्ड लाईन की टीम द्वारा जिले में 4 बाल विवाह को रोकने में सफलता प्राप्त की है, जिसके अंतर्गत सोनहत में 3 तथा बैकुण्ठपुर में 1 बाल विवाह रोका गया। अवगत हो कि बाल विवाह अपराध ही नही एक सामाजिक बुराई भी है, जिसे रोका जाना आवश्यक है। अधिनियम अनुसार बाल विवाह करने, कराने वाले पर 2 वर्ष का करावास तथा 1 लाख तक का जुर्माने का प्रावधान है।

बाल विवाह रोकने में स्थानीय सरपंच, पार्षद अन्य जनप्रतिनिधि, परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा पंचायत एवं नगरी निकाय स्तरीय बाल संरक्षण समिति की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। बाल विवाह ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों मे प्रचलित है, जिसे ग्राम पंचायत से जुडे हुए जनप्रतिनिधि कोटवार, सामाजिक कार्यकर्ता आंगनबाडी कार्यकर्ता सचिव व संरपच के द्वारा रोकने का प्रयास किया जाना चाहिए, इसके लिए यह जरूरी है कि ग्राम पंचायत स्तर पर एक विवाह पंजीयन रजिस्टर हो तथा विवाह सपन्न होने के पूर्व यह पंचायत (सचिव) द्वारा सुनिश्चित किया जाना चाहिए की वर व वधु की उम्र विवाह योग्य हो चुकी है। बाल विवाह के प्रकरण देखने, सुनने या जानकारी होने पर तत्काल इसकी सूचना, स्थानीय थाना, बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी (परियोजना अधिकारी) अथवा जिला बाल संरक्षण अधिकारी को सूचित करे।

 

 

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छग योग आयोग के 6वें स्थापना दिवस पर 1500 लोगों ने किया सामूहिक योगाभ्यास

स्वस्थ जीवन-शैली और योग के प्रति लोगों को जागरूक करने निकाली गई रैली

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) छत्तीसगढ़ योग आयोग के 25 अप्रैल को छठवें स्थापना दिवस पर सुभाष स्टेडियम में मंगलवार सुबह 6 से 7 बजे तक एक दिवसीय सामूहिक विशेष योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें लगभग 1500 लोग शामिल हुए और सामूहिक योगाभ्यास किया। योगाभ्यास सत्र के बाद लोगों को स्वस्थ जीवन-शैली और योग के प्रति जागरूक करने सुबह 7 बजे से जागरूकता रैली (पैदल यात्रा) निकाली गई। यह जागरूकता रैली सुभाष स्टेडियम से शुरू होकर शास्त्री चौक होते हुए जय स्तंभ चौक से सिटी कोटवाली होते हुए वापस सुभाष स्टेडियम में समाप्त हुई।

कार्यक्रम में योग आयोग के अध्यक्ष ज्ञानेश शर्मा ने नागरिकों को निःशुल्क योग केंद्र एवं नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए फुंडहर स्थित भवन निःशुल्क उपलब्ध करवाने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का आभार जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने योग के प्रचार-प्रसार के साथ लोगों को स्वस्थ जीवन-शैली की ओर लौटकर निरोगी बनाने की महती जिम्मेदारी योग आयोग को सौंपी है। इस दिशा में योग आयोग लगातार प्रयास कर रहा है। नगर निगम के सहयोग से प्रदेश में योग मय वातावरण का माहौल तैयार हुआ हैै। नगरीय क्षेत्रों में 40 से ज्यादा निःशुल्क योगाभ्यास केंद्र शुरू किए जा चुके है। मुख्यमंत्री बघेल की घोषणा पर पिछले वर्ष फुंडहर में योग भवन शुरू हो गया है। यहां योग विशेषज्ञों द्वारा 24 अप्रैल से सात दिवसीय संभाग स्तरीय प्रशिक्षण योग साधकों को दिया जा रहा है। इससे सुयोग्य योग प्रशिक्षक और अनुदेशक तैयार होंगे, जो छत्तीसगढ़ के गांव-गांव तक योग को पहुंचाएंगे।


पूर्व मंत्री और विधायक रायपुर ग्रामीण सत्यनारायण शर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य गृह निर्माण मण्डल के अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा और महापौर रायपुर एजाज ढेबर ने कहा कि योग आयोग की सक्रियता से छत्तीसगढ़ में योग के प्रति जागरूकता बढ़ी है। हर सार्वजनिक जगहों में लोग सुबह सुबह योग करते दिखाई देते हैं। उन्होंने लोगों से स्वस्थ रहने के लिए दैनिक जीवन में नियमित योग को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि नागरिकों के योगाभ्यास की सुविधा के लिए हर संभव सहयोग किया जाएगा।

इस अवसर पर संस्कृत विद्या मण्डल के अध्यक्ष सुरेश कुमार शर्मा, पार्षद सतनाम सिंह, प्रजापिता ब्रम्हकुमारी की प्रमुख सविता बहन, रविशंकर विश्वविद्यालय के योग आयोग के सचिव एम एल पांडे योग विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष भगवंत सिंह रायपुर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और नागरिक शामिल हुए।

 

 

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मुख्यमंत्री ने माना कैम्प में किया जल आवर्धन योजना का भूमिपूजन

 नये महाविद्यालय का नाम इंदिरा गांधी के नाम पर करने की घोषणा

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंगलवार को रायपुर ग्रामीण में भेंट मुलाकात के दौरान नगर पंचायत माना कैम्प जल आवर्धन योजना का भूमिपूजन किया। लगभग साढ़े 44 करोड़ रुपए लागत की यह योजना 27 माह में पूरी होगी। जल आवर्धन योजना के माध्यम से माना कैम्प के 3 हज़ार 2 सौ घरों तक पीने का साफ पानी पहुंचेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री बघेल ने माना कैम्प में खुलने वाले नये महाविद्यालय का नाम प्रियदर्शनी इंदिरा गांधी महाविद्यालय करने की घोषणा की। इस मौके पर विधायक रायपुर ग्रामीण के विधायक सत्यनारायण शर्मा, नगर निगम रायपुर के महापौर ऐजाज ढेबर और जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक रायपुर के अध्यक्ष पंकज शर्मा सहित अनके जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने माना में जल आवर्धन योजना के भूमिपूजन समारोह में सम्बोधित करते हुए कहा कि इस योजना के पूर्ण होने से सभी घरों में पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित होगी और विशेष रूप से हमारी बहनों को इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि माना कैम्प को इंदिरा जी ने ही बसाया था और उनका स्नेह यहां के लोगों को मिला। तबसे यह क्षेत्र निरंतर उन्नति और प्रगति कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि माना कैम्प के लोगों का इंदिरा गांधी जी से भावनात्मक लगाव भी है। मुख्यमंत्री ने इंदिरा जी के नाम को स्मरणीय बनाये रखने के लिए यहां के लोगों की मांग पर यहां खुलने वाले नए महाविद्यालय का नाम प्रियदर्शनी इंदिरा गांधी महाविद्यालय करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह हम सबके लिए प्रसन्नता की बात है कि इंदिरा जी के बसाये हुए माना कैेम्प में उनके नाम पर महाविद्यालय होगा।

उल्लेखनीय है कि माना कैम्प में बनने वाले जल आवर्धन योजना के तहत दो नये ओवर हेड टैंक बनाएं जाएंगे। साथ ही लगभग 65 हज़ार मीटर पाइपलाइन भी बिछाई जाएगी। इस जल आवर्धन योजना के पूरा होने से माना कैम्प वासियों की भू-जल स्त्रोतों पर निर्भरता कम होगी। इस योजना के लिए पानी की आपूर्ति नगर निगम रायपुर से होगी।

 

 

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शिव महापुराण कथा: कलेक्टर ने लिया कार्यक्रम स्थल का जायजा

दुर्ग (छत्तीसगढ़ दर्पण) जयंती स्टेडियम सिविक सेंटर में 25 अप्रैल से 1 मई तक, कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के शिव महापुराण कथा कार्यक्रम का आयोजन होना है। कार्यक्रम में वीआईपी के साथ-साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उपस्थित होने की संभावना है।

कार्यक्रम के प्रबंधन व उपस्थित होने वाले श्रद्धालुओं की व्यवस्था का जायजा लेने के लिए कलेक्टर  पुष्पेंद्र कुमार मीणा संबंधित अधिकारियों के साथ स्टेडियम पहुंचे थे।

जहां उन्होंने नगर पुलिस अधीक्षक, सेनानी नगर सेना, लोक निर्माण विभाग, छ0ग0 राज्य विद्युत मंडल नगर निगम, भिलाई इस्पात संयंत्र, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, ई एण्ड एम भिलाई इस्पात संयंत्र, थाना प्रभारी, आयोजन समिति सहित अन्य एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ कार्यक्रम स्थल का संयुक्त निरीक्षण किया और प्रबंधन से संबंधित आवश्यक बिन्दुओं पर चर्चा करते हुए , मूलभूत आवश्यकता व कानून व्यवस्था की पूर्ति के लिए आवश्यक आदेश दिये। कलेक्टर ने कार्यक्रम स्थल पर अंदर व बाहर जाने की मल्टीपल एंट्री एग्जिट डोर, पानी व बिजली पर्याप्त व्यवस्था व मल्टीपल मोबाईल टॉयलेट की व्यवस्था के लिए उपस्थित संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया।

कार्यक्रम में उपस्थित होने वाले श्रद्धालु छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों व अन्य राज्यों से भी आएंगे, जिनकी संख्या लगभग 2 से 5 लाख के बीच अनुमानित है। इस लिए कार्यक्रम स्थल पर एक बड़ी संख्या में पुलिस बल उपस्थित रहेगी। इसके साथ ही साथ भीड़ की स्थिती निर्मित न हो इसके लिए 10 पार्किंग स्थल( भिलाई विद्यालय, सेक्टर 6 ग्राउंड, सेक्टर 7 के पिछे कल्याण स्कूल, बडा भिलाई होटल के सामने सेक्टर 10, रूआंबांधा,  सिविक सेंटर, दशहरा मैदान चौक व मंदिर चौक इत्यादि ) चिन्हित किए गए है, और एक निश्चित सीमा के बाद प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।

इसके साथ-साथ स्टेडियम के आस पास क्षेत्र में पर्याप्त मात्रा ईरिक्शा व ऑटो इत्यादि उपलब्ध होंगे और किसी अप्रिय घटना के प्रमाण के लिए स्टेडियम के अंदर एवं बाहरी  क्षेत्रों लगभग 200 सीसीटीवी कैमरे अलग अलग स्पॉट पर लगाए जाएंगे।

 

 

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जहरीले सांप के काटने से युवक की मौत

कोरबा (छत्तीसगढ़ दर्पण) कोरबा में जहरीले सांप के काटने से ग्राम गोढ़ी में रहने वाले एक युवक की मौत हो गई है। सर्पदंश के बाद युवक अस्पताल जाने की बजाए पीड़ित बैगा के पास झाड़फूंक के लिए पहुंच गया। मगर वह भी उसे राहत नहीं मिली। फिर वह अपने परिजनों के साथ अस्पताल जा रहा था। जहां पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है।

सोमवार को गोपीनाथ (36) अपने बच्चों को लेकर सामान लेने किराना दुकान गया था। यहीं पर उसे जहरीले करैत ने उसे काट लिया। इसके बाद गोपीनाथ खुद ही बैगा के पास चला गया था। बैगा ने झाड़फूक किया। फिर भी युवक को कोई राहत नहीं मिली। ये सब करते हुए काफी देर हो गया।

आखिरकार गोपीनाथ ने अस्पताल जाने का फैसला किया था। लेकिन काफी देर हो गई थी। इस घटना के बाद से गोपीनाथ की मौत से पूरे परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है। गोपीनाथ के दो बच्चे हैं, जिनके सिर से पिता का साया उठ गया है। एक 3 साल का लड़का है, दूसरा 5 साल की लड़की है।

 
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रायपुर : ट्रिपलआईटी रायपुर के दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने विद्यार्थियों को मैडल तथा डिग्री प्रदान की

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) ट्रिपलआईटी रायपुर के दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने विद्यार्थियों को मैडल तथा डिग्री प्रदान की।

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आप अपने ज्ञान और इस संस्थान से प्राप्त प्रशिक्षण का उपयोग राज्य और देश के निर्माण में करें

आप अपने कैरियर का निर्माण करें, दुनिया की सेवा करें, लेकिन आपके ध्यान में राष्ट्र और राज्य सर्वप्रथम होना चाहिए।

ट्रिपलआईटी सूचना प्रौद्योगिकी में विश्व स्तरीय शिक्षा प्रदान करता है।

सूचना प्रौद्योगिकी आधुनिक कृषि और वानिकी के साथ-साथ ग्रामीण आबादी के जीवन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि ट्रिपल आईटी नया रायपुर ने कृषि, वानिकी और ग्रामीण विकास की दिशा में कार्य करने का निर्णय लिया है।

कृषि के क्षेत्र में ऐसे यंत्र और उपकरण विकसित किए जाएं, जिनका उपयोग साधारण व्यक्ति भी आसानी से कर सके

मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसे आज खेतों में दवाओं के छिड़काव के लिए ड्रोन का उपयोग किया जा रहा है

 
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