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पहाड़ी कोरवा दंपत्ति की मौत के लिए कांग्रेस सरकार जिम्मेदार: नेता प्रतिपक्ष

   रायपुर  (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  छत्तीसगढ़ के सुदूर जशपुर जिले के बगीचा थाना अंतर्गत पहाड़ी कोरवा दंपति ने अपने दो मासूम बच्चों के साथ रोजगार के अभाव एवं भूख के कारण मौत को गले लगा लिया, जो छत्तीसगढ़ प्रदेश के लिए व छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार के लिए अत्यंत शर्मनाक है l

 

 यह बगीचा थाना अंतर्गत सुदूर गांव सामरबहार के डुमरपारा की घटना है, उक्त पहाड़ी कोरवा दंपति प्रदेश सरकार में रोजगार नहीं होने के कारण 15 किलोमीटर दूर महुआ बिनने जाते थे, उन्होंने जंगल में ही अपना स्थाई निवास बना रखा था, दुर्दशा यह है कि भारत सरकार द्वारा प्रति व्यक्ति 5 किलो अनाज प्रतिमाह दिया जाता है वह भी इन पहाड़ी कोरवा आदिवासी भाइयों को नहीं मिल पाता l

प्रदेश की कांग्रेस सरकार उसे भी भ्रष्टाचार के खेल में डकार  जाती है, जशपुर जिले के सुदूर गांव में किसी प्रकार के रोजगार मूलक काम नहीं चलाए जा रहे हैं, जिसके कारण रोजगार की अभाव में राष्ट्रपति जी के दत्तकपुत्र पहाड़ी कोरवा आदिवासी अपने बच्चों के साथ फांसी के फंदे पर  झूल मौत को गले लगा लिए l

इसके लिए पूर्ण रूप से छत्तीसगढ़ की  भ्रष्ट भूपेश सरकार दोषी है l पूरे प्रदेश में राज्य सरकार द्वारा 600 करोड़ से अधिक राशि का खाद्यान्न घोटाला किया गया है, इसकी उच्च स्तरीय जांच करना आवश्यक है, लेकिन राज्य की सरकार उसके लिए भी तैयार दिखाई नहीं देती है l जिस गांव में पहाड़ी कोरवा दंपति ने आत्महत्या को अंजाम दिया है, वहा का पूरा क्षेत्र सड़क विहीन है l

वहां के जनपद के अधिकारी सत्तापक्ष के संरक्षण में शासन की सारी राशि को गबन करने का नया रिकॉर्ड बना रहे हैं l वहां के जनपद सीईओ 6 वर्ष से अधिक समय तक एक ही स्थान पर कार्यरत है l ऐसा लगता है कि शासन का उन पर पूरा संरक्षण है l

उस क्षेत्र में मृतक के भाई चरवाहा का काम करता है l नेता प्रतिपक्ष चंदेल ने इस तरह के घटना पुनरावृत्ति ना हों देने तथा खाद्यान्न  का सही वितरण नहीं होने पर दोषी के ऊपर सख्त कार्यवाही करने को कहा l

 

 

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मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ी गीत ‘कका जिन्दा हे‘ का विमोचन किया

रायपुर  (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  मुख्यमंत्री बघेल ने शुक्रवर को अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में ‘कका जिन्दा हे‘ छत्तीसगढ़ी गीत आडियो का विमोचन किया। उन्होंने इस मौके पर आडियो के माध्यम से शासकीय योजनाओं को गीत के तर्ज पर पिरोए जाने पर इसके रचयिता प्रधान आरक्षक दिलीप ताम्रकार को बधाई और शुभकामनाएं दी।

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मुख्यमंत्री ने पत्रकार मधुकर खेर की पुण्यतिथि पर उन्हें किया याद

रायपुर  (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री बघेल ने छत्तीसगढ़ के प्रबुद्ध पत्रकार मधुकर खेर की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया है। उन्होंने मधुकर खेर को याद करते हुए कहा है कि मधुकर जी ने अपनी लेखनी के माध्यम से समाज को जागरूक करने, जनसमस्याओं और सकारात्मक समाचारों को देश-दुनिया के सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। छत्तीसगढ़ सरकार ने मधुकर जी के सम्मान और स्मृति में प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया-अंग्रेजी के क्षेत्र में मधुकर खेर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार की स्थापना की है।

 

 

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छत्तीसगढ़ में बारिश के आसार : मौसम विभाग

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रदेश में मौसम एक बार फिर बदल गया है। द्रोणिका के प्रभाव से आज भी प्रदेश के कई इलाकों में अंधड़ के साथ वर्षा की संभावना है।

जबकि धमतरी जिले में मौसम बदल गया है। बादल की तेज गर्जना के साथ सुबह से तेज बारिश हो रही है। मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने कहा कि शुक्रवार को भी मौसम का मिजाज ऐसा ही रहेगा। उत्तर छत्तीसगढ़ में हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं।

 

इससे पहले गुरुवार को दोपहर की तपिश के बाद देर शाम को रायपुर सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बदला गया। गरज चमक के साथ तेज हवाओं के साथ ही रायपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों में हल्की वर्षा हुई। इसके चलते रात का मौसम भी सुहाना हो गया और उमस से भी राहत मिली।

 

मौसम विज्ञानियों का कहना है कि द्रोणिका के प्रभाव से शुक्रवार को उत्तर छत्तीसगढ़ में वर्षा के आसार हैं। कुछ क्षेत्रों में अंधड़ के साथ बिजली भी गिर सकती है। द्रोणिका का प्रभाव दक्षिण तमिलनाडु से लेकर उत्तर छत्तीसगढ़ तक 0.9 किमी ऊंचाई तक फैला है।

 

अधिकतम और न्यूनतम तापमान में अब बढ़ोतरी होने लगी है। इससे गुरुवार को दोपहर की तपिश भी बढ़ी रही। हालांकि देर शाम हल्की नम हवाएं चलने लगीं।

गुरुवार को रायपुर का अधिकतम तापमान 37.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान सामान्य रहा और न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री ज्यादा रहा। प्रदेश भर में एआरजी बलौदाबाजार सर्वाधिक गर्म रहा। यहां का अधिकतम तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

 
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भिलाई विधायक देवेंद्र बने जय भारत सत्याग्रह आंदोलन के छत्तीसगढ़ प्रभारी

 भिलाई  (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भिलाई नगर विधायक देवेंद्र को जय भारत सत्याग्रह आंदोलन के लिए प्रदेश प्रभारी बनाया गया है। इस संबंध में प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से आदेश जारी हो गया है।
जारी आदेश में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहन मरकाम के आदेशानुसार आपको जय भारत सत्याग्रह आंदोलन के तहत 31 मार्च को आयोजित लोकतंत्र बचाओं-मशाल शांति मार्च / रेली हेतु प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया जाता है। कृपया, आपसे आग्रह है कि 31 मार्च 2023 को सायं 6 बजे प्रदेश के समस्त जिला मुख्यालयों में स्थानीय ऐतिहासिक स्मारक / स्थलों पर लोकतंत्र बचाओ मशाल शांति मार्च / रैली के आयोजन हेतु समस्त मोर्चा संगठन- प्रकोष्ठ विभाग के प्रदेश अध्यक्षों एवं जिला / शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों से सम्पर्क एवं समन्वय बनाते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने की दिशा में समुचित कार्यवाही करें। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।

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सीएम बघेल का ऐलान : अप्रैल में कभी भी करें आवेदन, 1 अप्रैल से ही मिलेगा 2500 रूपए भत्ते का लाभ

रायपुर  (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ में 1 अप्रैल से बेरोजगारी भत्ता युवाओं को दिया जाएगा। बेरोजगारी भत्ता के लिए ऑनलाइन लिंक जारी किया जा चुका है। वही नियम, शर्त, पात्र, अपात्र को लेकर भी विस्तृत रूप से गाइडलाइन जारी हो चुका है।

इन सब के बीच आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट कर बताया है कि अप्रैल माह में अगर आप किसी भी दिन आवेदन करते हैं तो घोषणा के अनुसार 1 अप्रैल से बेरोजगारी भत्ता युवाओं को दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर लिखा है कि हमारा हाथ, युवाओं के साथ।

 

उन्होंने आगे लिखा है “छत्तीसगढ़ के शिक्षित युवाओं को 1 अप्रैल से ₹2500 प्रति माह बेरोजगारी भत्ता देने का आदेश जारी किया गया है, पंजीयन में सुगमता के लिए यह निर्णय लिया गया है कि अप्रैल माह में किसी भी दिए गए आवेदन पर घोषणा अनुसार भत्ता 1 अप्रैल से ही तय होगा। आशा है ये भत्ता हमारे युवाओं के स्वावलंबन की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

 

 

आपको बता दें कि राज्य सरकार ने बजट के दौरान इस बात का ऐलान किया था कि 12वीं पास शिक्षित बेरोजगारों को अब प्रतिमाह 2500 बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा।

 

इस बाबत पिछले दिनों की राज्य सरकार की तरफ से सभी कलेक्टरों को दिशा निर्देश जारी कर दिया गया है। नगर निगम कमिश्नर और जिला पंचायत सीईओ को नोडल अधिकारी बनाया गया है।

 

बेरोजगारी भत्ता स्वीकृत करने का अधिकार भी दिया गया है। माना जा रहा है कि जल्दी ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया के अनुरूप बेरोजगारी भत्ता देने की दिशा में सरकार की तरफ से कदम बढ़ाया जाएगा। राज्य सरकार ने बेरोजगारी भत्ता सीधे युवाओं के बैंक खाते में डालने का फैसला लिया है।

 

 

 

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मंत्री ताम्रध्वज साहू ने राम वाटिका का किया लोकार्पण, कहा- राम के आदर्शों पर चले

 झालखम्हरिया में मूर्ति स्थापना एवं स्वर्ण जयंती समारोह में शामिल हुए धर्मस्व मंत्री

महासमुंद (छत्तीसगढ़ दर्पण)  मंत्री ताम्रध्वज साहू ने गुरुवार को महासमुंद विकासखंड के ग्राम झालखमरिया में श्री राम जानकी मंदिर समिति के स्वर्ण जयंती कार्यक्रम एवं मूर्ति स्थापना कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने यहां श्री राम जानकी मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर संसदीय सचिव एवं विधायक महासमुंद विनोद चंद्राकर, नगर पालिका अध्यक्ष राशि महिलांग, रश्मि चंद्राकर, जनपद अध्यक्ष यतेंद्र साहू, सती साहू सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं मंदिर ट्रस्ट समिति के सदस्य एवं पदाधिकारी मौजूद थे।

 इस अवसर पर धर्मस्व मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि रामनवमी पर यह सौभाग्य है कि ग्राम झालखमरिया में राम मंदिर स्थापना के स्वर्ण जयंती कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिला। उन्होंने यहां श्रीराम वाटिका का लोकार्पण भी किया। मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि भगवान राम हम सब के आदर्श हैं उनके बताए रास्ते पर चलकर सदमार्ग और सद्भाव के कार्य किए जा सकते हैं।

 

उन्होंने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि ग्राम झालखमरिया में स्वर्गीय भावसिंह साहू, रामगुलाम साहू और समिति के पदाधिकारियों द्वारा मंदिर की स्थापना करना अपने आप मे ऐतिहासिक है। आज से 100 वर्ष पहले धर्मार्थ के जरिए सेवा संस्कार के कार्य झालखम्हरिया में किए जा रहे हैं।

 

 

संसदीय सचिव एवं स्थानीय विधायक विनोद चंद्राकर ने रामनवमी की शुभकामनाएं और बधाई दी। इस मौके  पर मंदिर ट्रस्ट समिति के अध्यक्ष सेवक राम साहू संरक्षक डॉ राजेंद्र साहू सदस्य, कुंजलाल साहू, डॉक्टर लखनलाल साहू,राजेश साहू, दीपक साहू, प्रकाश साहू, ग्रामीण एवं धर्म प्रेमी जनता मौजूद थे।

 

 

इस तीन दिवसीय समारोह में प्रतिदिन रामायण का आयोजन एवं समापन समारोह में अर्जुंदा के दीपक चंद्राकर कृत लोकरंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

 

 

 

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प्रदेश के दमदार आईपीएस में शुमार डीएम अवस्थी 31 को होंगे सेवानिवृत्त...

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। 37 साल की आईपीएस की सर्विस के बाद प्रदेश के दमदार आईपीएस में शुमार पूर्व डीजीपी डीएम अवस्थी 31 मार्च को रिटायर होंगे। 86 बैच के आईपीएस अधिकारी अवस्थी अभी ईओडब्लू और एसीबी चीफ की कमान संभाल रहे हैं।


उत्तरप्रदेश के कानपुर के रहने वाले डीएम अवस्थी तीन साल गुजरात में इंजीनिरियंग सर्विस में रहे। 23 साल की उम्र में 1986 में उनका आईपीएस में चयन हुआ। पुलिस एकेडमी हैदराबाद से ट्रेनिंग पूरी करने के बाद सतना से उनका प्रोबेशन प्रारंभ हुआ। एसपी क़े  रूप में उनका पहला जिला छिंदवाड़ा रहा। फिर रायगढ़। रायगढ से वे एआईजी इंटेलिजेंस बनकर भोपाल गए। इस पद पर वे तीन साल रहे।

 

इंटेलिजेंस के बाद उन्हें एसपी उज्जैन बनाया गया। छत्तीसगढ़ बनने से पहले सिर्फ एक पोस्टिंग उन्होंने रायगढ़ एसपी के तौर पर की थी। मगर राज्य के बंटवारे के बाद उन्हें छत्तीसगढ़ कैडर मिला तो फिर छत्तीसगढ़ के होकर रह गए। छत्तीसगढ़ में वे रायपुर के एसएसपी, रायपुर आईजी के पद पर रहे। वे चार साल तक इंटेलिजेंस चीफ रहे। रमन सरकार की तीसरी पारी में इंटेलिजेंस से हटने के बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन का दायित्व संभाला। दिसंबर 2018 में जब कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार ने एएन उपध्याय को हटाकर डीएम अवस्थी को डीजीपी बनाया था। इस पद पर वे करीब तीन साल रहे। फिर उन्हें पुलिस प्रशिक्षण का डायरेक्टर बनाया गया। तीन महीने पहले उन्हें ईओडब्लू और एसीबी का डायरेक्टर बनाया गया था।

सात साल इंटेलिजेंस में रहे
डीएम अवस्थी देश के गिने-चुने आईपीएस अधिकारियों में शामिल होंगे, जो दो राज्यों में सात साल तक खुफिया विभाग में रहे। उनकी गिनती एक दमदार और दबंगई के साथ अपनी बात रखने वाले अधिकारी के रूप में होती है। रायपुर आईजी के साथ-साथ उनके पास इंटेलिजेंस चीफ का भी चार्ज रहा। तो उज्जैन जैसा बड़ा जिला भी उन्हें संभालने का मौका मिला। कमलनाथ के छिंदवाड़ा भी मध्यप्रदेश का बड़ा जिला माना जाता है। 1986 से लेकर 2023 तक याने 37 साल उन्होंने आईपीएस की सर्विस की।

 

 

 

 
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मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना : सुहागा बाई को मिला आर्थिक लाभ

 महासमुंद  (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के तहत श्रमिक सुहागा बाई निवासी ग्राम खैरा जिला महासमुंद की खाते में 20 हजार रुपए की राशि प्राप्त हो गई है। यह येजना छत्तीसगढ़ प्रदेश के श्रमिकों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरुआत की गई है। इस योजना के माध्यम से निर्माण श्रमिकों को राज्य सरकार द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। जिले में इस योजना में 26 श्रमिक सियान पंजीकृत है। अब तक परीक्षण के बाद 10 श्रमिक सियान को 20-20 हज़ार की एक मुश्त राशि प्रदान की गई है। शेष श्रमिक सियान के दस्तावेजों का परीक्षण किया जा रहा है।

श्रमिक सुहागा बाई ने बताया कि वे खेती-मजदूरी का काम करती है। उन्होंने बताया कि उनके बेटे से मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना की जानकारी मिली और श्रम विभाग में इसका आवेदन किया। श्रम विभाग के सहयोग से सहायता राशि 20 हजार रुपए उनके बैंक खाते में आ चुका है। उन्होंने इस योजना को हम जैसी श्रमिकों को बहुत लाभदायक होता है। उन्होंने कहा कि 60 वर्ष की उम्र में निर्माण मजदूरी में शरीर भी ज्यादा मजदूरी करने अक्षम रहता है और लोग भी काम नहीं देते। राज्य शासन की यह योजना हम जैसे श्रमिकों के लिए वरदान बनी है और खाते में 20 हजार रुपए की राशि हमारे और हमारे परिवार के लिए बहुत उपयोगी है। इसके लिए उन्होंने शासन का आभार जताया और उन्हें बहुत-बहुत धन्यवाद कहा।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के अंतर्गत 60 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके निर्माण श्रमिकों को मंडल की सदस्यता से निवृत्त होने से पहले बेहतर जीवन यापन करने के लिए राज्य सरकार द्वारा आर्थिक सहायता के रूप में 10 हजार रुपए की एकमुश्त राशि प्रदान की जा रही थी। लेकिन नए वर्ष के अवसर पर राजधानी रायपुर के चावड़ी में मजदूरों से भेंट करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के तहत 10 हजार रुपए से बढ़ाकर 20 हजार रुपए की एकमुश्त सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की थी। श्रमिकों को इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन या फिर ऑफलाइन आवेदन करना होगा। अधिक राशि प्राप्त कर श्रमिक अपना जीवन यापन उच्च तरीके से कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें किसी अन्य पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

छत्तीसगढ़ भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की सदस्यता छत्तीसगढ़ भवन और सन्निर्माण कर्मकार नियोजन तथा सेवा शर्त अधिनियम 1946 के अंतर्गत 60 वर्ष की आयु सीमा पूरी कर चुके निर्माण श्रमिकों की मंडल की सदस्यता स्वतः ही समाप्त हो जाती है। ऐसे में निर्माण श्रमिक जो मंडल की सदस्यता से निवृत्त होने वाले हैं उनके बेहतर जीवन यापन के उद्देश्य से निवृत्त होने से पूर्व मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा एकमुश्त राशि प्रदान की जाती है।

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छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध सुगंधित चावल नगरी दुबराज को मिला जीआई टैग

रायपुर  (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे के प्रयासों से छत्तीसगढ़ के बासमती के नाम से प्रसिद्ध ‘‘नगरी दुबराज’’ चावल को भारत सरकार के बौद्धिक संपदा अधिकार प्राधिकरण द्वारा भौगोलिक उपदर्शन अधिकार (जी.आई. टैग) प्रदान किया गया है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के मार्गदर्श में कार्यरत ग्राम बगरूमनाला, नगरी जिला धमतरी के नगरी दुबराज उत्पादक महिला स्व-सहायता समूह ‘‘मां दुर्गा स्वयं सहायता समूह’’ को नगरी दुबराज हेतु जी.आई. टैग प्रदान किया गया है।

नगरी दुबराज चावल को जीआई टैग मिलने से अन्तर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर इसके निर्यात की मांग बढ़ जाएगी जिससे धमतरी जिले विशेषकर नगरी के किसानों को इस चावल के व्यापारीकरण का विशेषाधिकार मिल जाएगा तथा इसके विपणन एवं निर्यात में आसानी होगी। जी.आई. टैग एक प्रकार का बौद्धिक संपदा अधिकार होता है जिसमें किसी भी उत्पाद की गुणवत्ता एवं महत्ता उस स्थान विशेष के भौगोलिक वातावरण से निर्धारित की जाती है। इसमें उस उत्पाद के उत्पत्ति स्थान को मान्यता प्रदान की जाती है।

उल्लेखनीय है कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय एवं छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विगत कुछ वर्षां से नगरी दुबराज को जी.आई. टैग की प्राप्ति हेतु लगातार प्रयास किये जा रहे थे। नगरी दुबराज को जी.आई. टैग अधिकार दिलवाने में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है तथा इस संबंध में बौद्धिक संपदा अधिकार प्राधिकरण के साथ निरंतर पत्राचार किया है।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के बासमती के रूप में विख्यात नगरी दुबराज चावल राज्य की पारंपरिक, सुगंधित धान प्रजाति है, जिसकी छत्तीसगढ़ के बाहर भी काफी प्रसिद्धि तथा मांग है। नगरी दुबराज का उत्पत्ति स्थल सिहावा के श्रृंगी ऋषि आश्रम क्षेत्र को माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रृंगी ऋषि आश्रम का संबंध राजा दशरथ द्वारा संतान प्राप्ति हेतु आयोजित पुत्रेष्ठि यज्ञ तथा भगवान राम के जन्म से जुड़ा हुआ है। विभिन्न शोध पत्रों में दुबराज चावल का उत्पत्ति स्थल नगरी सिहावा को ही बताया गया है। पिछले कुछ वर्षां से नगरी क्षेत्र में दुबराज चावल की खेती रकबा निरंतर कम हो रहा था। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पिछले वर्ष नगरी के किसानों को दुबराज की खुशबू लौटाने का वायदा किया था जो इसे जी.आई. टैग मिलने से पूर्ण होना संभव हो सकेगा।

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने नगरी दुबराज को जी.आई. टैग मिलने पर कृषक उत्पादक समूह को बधाई एवं शुभकानाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के प्रयासों से वर्ष 2019 में सरगुजा जिले के ‘‘जीराफूल’’ चावल के बाद अब दुबराज चावल को जी.आई. टैग मिलना एक बड़ी उपलब्धि है।

 

 

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पोट्ठ लईका अभियान : मितानीन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं को मिला प्रशिक्षण

 

बेमेतरा (छत्तीसगढ़ दर्पण)पोट्ठ लईका अभियान अन्तर्गत जिले में कुपोषण दर में कमी लाने बुधवार को जिला पंचायत कार्यालय के सभागार में यूनीसेफ के माध्यम से प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में अनुविभागीय अधिकारी (रा.) बेमेतरा सुरुचि सिंह, महिला बाल विकास विभाग के कर्मचारी सहित मितानीन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका उपस्थित थे।

 

 

प्रशिक्षण कार्यक्रम में यूनीसेफ छत्तीसगढ़ से आए डॉ. भारती साहू ने सभी मितानीन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को कुपोषण के लक्षण एवं कुपोषण को दूर करने के संबंध में जानकारी दी। उन्होने बताया कि हमें उस समय पर ध्यान देना चाहिए जब बच्चा ठोस आहार खाना शुरू करता है क्योंकि उस समय में कुपोषण की संभावना अधिक होती है इसलिए माताओं को इस बारे में जागरूक किया जाना चाहिए। इस दौरान कुपोषण को दूर करने के लिए चलाए जा रहे सुपोषण अभियान के बेहतर संचालन हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए। गर्भवती महिलाओं को कुपोषण से खुद को और बच्चों को बचाने के उपाय भी बताए। तिरंगा भोजन का महत्व बताए, यानी थाली में तिरंगे का रंग होना सफेद चावल, दूध और अंडे के लिए है, हरा रंग हरी सब्जियों के लिए है और केसरिया या पीला दाल, छोले, सोयाबीन, मांस आदि के लिए है। हमारी थाली में तीनों रंगों का होना संतुलित आहार के लिए महत्वपूर्ण है। सिर, बाथरूम का उपयोग करने के बाद हाथ धोने और भोजन करने से पहले हाथ धोने के महत्व के बारे में भी बताया गया।

 

 

कुपोषित बच्चों, गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को जितना संभव हो उतना पौष्टिक भोजन प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा हैं। मिड-डे-मील योजना (एमडीएम) स्कूल जाने वाले बच्चों की देखभाल करती है, पोषण अभियान के तहत आंगनबाड़ी में माताओं और बच्चों को खाने के लिए गर्म भोजन परोसा जाता है। मुख्यमंत्री सुपोषण योजना के तहत अंडे और केले का भी वितरण किया जा रहा है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के साथ इन योजनाओं ने भोजन की उपलब्धता की समस्या को समाप्त कर दिया है। कुपोषण दूर करने की दिशा में ये बड़े कदम हैं। हालांकि, अभी भी एक अंतर मौजूद है जिसमें कब और क्या खाना चाहिए, इसके बारे में जानकारी सभी परिवारों के लिए आसानी से उपलब्ध नहीं है। इस प्रकार, पोषण परामर्श और व्यवहार परिवर्तन कार्यक्रम की आवश्यकता है। इन सभी कारण से बेमेतरा जिले ने पोट्ठ लाइका अभियान की शुरुआत की है। पायलट प्रोजेक्ट में बेमेतरा अनुभाग के 40 गांवों को कवर किया जाएगा। मुख्य उद्देश्य जिले में कुपोषण को खत्म करना (गंभीर तीव्र कुपोषण बच्चों की संख्या को शून्य करना) है।

 

 

इस मिशन के तहत होने वाली गतिविधियां इस प्रकार हैं :-प्रत्येक शुक्रवार महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग व बिहान के कार्यकर्ता उक्त 40 गांवों के एक-एक घर में जाकर बच्चों के माता-पिता को समझाएंगे कि क्या खाएं और कब खाएं, उन्हें तिरंगा भोजन के बारे में बताया जाएगा, खाना खाने से पहले हमेशा हाथ धोना चाहिए, रेडी-टू-ईट कैसे इस्तेमाल करना चाहिए और अपने बच्चों को दिन में कम से कम 3 बार कैसे खिलाना चाहिए। वे उन्हें जंक फूड को ना कहने के लिए भी प्रोत्साहित करेंगे और प्रोटीन (अंडे, दूध, मांस, मछली, दाल, सोयाबीन, आदि) के महत्व को भी समझाएंगे। वे माता-पिता को यह भी याद दिलाएंगे कि वे अपने बच्चों को हमेशा आंगनबाड़ियों में भेजें और अपने बच्चों को आयरन फोलिक एसिड की गोलियां समय पर दें। यह गांव के सभी घरों के लिए होगा लेकिन कुपोषित बच्चों के घरों पर विशेष ध्यान होगा। कलेक्टर के निर्देशानुसार हमें उस समय पर ध्यान देना चाहिए जब बच्चा ठोस आहार खाना शुरू करता है क्योंकि उस समय में कुपोषण की संभावना अधिक होती है इसलिए माताओं को इस बारे में जागरूक किया जाना चाहिए।

 

कुपोषण अंकेक्षण और सूक्ष्म पोषक तत्व योजना-कुपोषण पर चर्चा करने के उद्देश्य से 40 गांवों के प्रत्येक मोहल्ले को इकट्ठा किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी पंचायत सचिव और सरपंच की होगी। इस प्रक्रिया में आंगनवाड़ी दीदी और मितानिन दीदी मदद करेंगी। यहां ग्राम सभा सदस्य आपस में चर्चा करेंगे पंचायत सचिव चार्ट पेपर पर विवरण लिख जाएगा। प्रभावित करने वालों की सूची सीईओ जनपद कार्यालय द्वारा एसडीएम कार्यालय को भेजी जायेगी। इन प्रभावित करने वालों में 40 पायलट गांवों के सरपंच, सचिव, बिहान की सकरीया महिला, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और पर्यवेक्षक, मितानिन पर्यवेक्षक, राजीव युवा मितान अध्यक्ष शामिल होंगे। इन प्रभावितों को यूनीसेफ द्वारा प्रशिक्षित किया जाएगा कि ग्रामीणों को पोषण परामर्श कैसे प्रदान किया जाए।

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बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने स्वर्ण प्राशन 29 को


आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय में हर पुष्य नक्षत्र तिथि में 0-16 वर्ष के बच्चों को कराया जाता है स्वर्ण प्राशन

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने 29 मार्च को रायपुर के शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय में बच्चों को स्वर्ण प्राशन कराया जाएगा। आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय में हर पुष्य नक्षत्र तिथि में शून्य से 16 वर्ष के बच्चों को स्वर्ण प्राशन कराया जाता है। चिकित्सालय के कौमारभृत्य बाल रोग विभाग में सवेरे नौ बजे से दोपहर तीन बजे तक इसका सेवन कराया जाता है। यह औषधि बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, श्वसन संबंधी एवं अन्य रोगों से रक्षा करने के साथ ही एकाग्रता और स्मरण शक्ति बढ़ाने में अत्यंत लाभकारी है। यह बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में भी मदद करता है।शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय रायपुर के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. लवकेश चंद्रवंशी ने बताया कि आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय का उद्देश्य केवल बच्चों की बीमारियों का इलाज करना ही नहीं है, बल्कि उनके स्वास्थ्य की गुणवत्ता को बढ़ाना और उन्हें बीमार होने से बचाना भी है। स्वर्ण प्राशन हर महीने की पुष्य नक्षत्र तिथि में शून्य से 16 वर्ष के बच्चों को पिलाई जाने वाली औषधि है।डॉ. चंद्रवंशी ने बताया कि आयुर्वेद महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. जी.एस. बघेल, चिकित्सालय अधीक्षक प्रो. डॉ. प्रवीण कुमार जोशी और बाल रोग विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. नीरज अग्रवाल के निर्देशन में हर पुष्य नक्षत्र तिथि में महाविद्यालय चिकित्सालय में बच्चों के लिए स्वर्ण प्राशन का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष की आगामी पुष्य नक्षत्र तिथियों 29 मार्च, 27 अप्रैल, 24 मई, 20 जून, 18 जुलाई, 14 अगस्त, 10 सितम्बर, 7 अक्टूबर, 4 नवम्बर, 1 दिसम्बर और 29 दिसम्बर को बच्चों को स्वर्ण प्राशन कराया जाएगा।

 

डॉ. चंद्रवंशी ने बताया कि आयुर्वेद महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. जी.एस. बघेल, चिकित्सालय अधीक्षक प्रो. डॉ. प्रवीण कुमार जोशी और बाल रोग विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. नीरज अग्रवाल के निर्देशन में हर पुष्य नक्षत्र तिथि में महाविद्यालय चिकित्सालय में बच्चों के लिए स्वर्ण प्राशन का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष की आगामी पुष्य नक्षत्र तिथियों 29 मार्च, 27 अप्रैल, 24 मई, 20 जून, 18 जुलाई, 14 अगस्त, 10 सितम्बर, 7 अक्टूबर, 4 नवम्बर, 1 दिसम्बर और 29 दिसम्बर को बच्चों को स्वर्ण प्राशन कराया जाएगा।

 

 

 
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मुख्यमंत्री दाई-दीदी क्लीनिक : डेढ़ लाख से अधिक महिलाओं का निःशुल्क इलाज

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री दाई-दीदी मोबाइल क्लीनिकों के माध्यम से अब तक करीब 2036 कैम्प लगाए जा चुके हैं। दाई-दीदी क्लीनिक के माध्यम से रायपुर, बिलासपुर एवं भिलाई नगर निगम क्षेत्र की झुग्गी बहुल बस्तियों में रहने वाली 1 लाख 52 हजार 361 महिलाओं एवं बालिकाओं का उनके घर के पास ही दाई-दीदी क्लीनिक कैंप के माध्यम से इलाज किया गया है।


गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा मुख्यमंत्री दाई-दीदी क्लिनिक योजना संचालित की जा रही है। योजना के तहत मोबाइल मेडिकल यूनिट के वाहन में महिला चिकित्सकों और महिला स्टॉफ की टीम पहुंचती है तथा जरूरतमंद महिलाओं एवं बालिकाओं की विभिन्न बीमारियों का निःशुल्क जांच एवं इलाज करती है।

 

इन मोबाइल मेडिकल यूनिट के द्वारा 29 हजार 397 महिलाओं का लैब टेस्ट किया गया तथा 1 लाख 44 हजार 838 महिलाओं को निःशुल्क दवाईयां दी गई। पहले गरीब स्लम क्षेत्र में रहने वाली तथा मेहनत मजदूरी करने वाली ऐसी महिलाएं जो समयाभाव या अन्य कई कारणों से अपना इलाज नहीं करा पा रही थी परन्तु अब दाई-दीदी क्लीनिक से उन्हें इलाज की सुविधा घर के पास ही महिला चिकित्सकों और चिकित्सा स्टॉफ के माध्यम से मिल रही है और वे अपना इलाज बिना संकोच के महिला स्टॉफ के माध्यम से करा पा रही है।

 

 

 

 

 

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महिला शिखर सम्मान से अलंकृत हुईं उत्कृष्ट कार्य करने वाली विप्र महिलाएं

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। वर्ल्ड ब्राह्मण फेडरेशन और सर्व युवा ब्राह्मण परिषद ने 26 मार्च को वृन्दावन हॉल, सिविल लाईन्स में प्रदेश की विभिन्न विधा की 28 ख्यातिलब्ध विप्र महिला शक्तियों को नवरात्रि के अवसर पर 'महिला शिखर सम्मान' से अलंकृत कर स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति पत्र, शॉल व बुके प्रदान किया।

प्रदेश अध्यक्ष अरविन्द ओझा एवं महिला अध्यक्ष नमिता शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम के अतिथिगण श्रीमती अनिता शर्मा- विधायक धरसीवां, श्रीमती दीप्ति प्रमोद दुबे- वरिष्ठ समाजसेवी, श्रीमती सरिता आकाश दुबे, पार्षद ब्राम्हणपारा एवं श्रीमती सरिता तिवारी, प्राचार्य सोरिद रहीं।

छत्तीसगढ़ के सभी पांच संभागों से सम्मानित होने वाली महिलाओं में कु. अराधिता आरविल्ली-शिक्षा, श्रीमती आयुषी तिवारी- साहित्य एवम् शिक्षा, डॉ. निहारबाला बाजपेयी-चिकित्सा,  डॉ. पलक शर्मा- चिकित्सा, श्रीमती स्नेहलता तिवारी- समाज सेवा, श्रीमती डी. अनिता राव- समाज सेवा, श्रीमती सरोज दुबे विद्या- साहित्य, डॉ. रिचा ठाकुर- नृत्य कला एवम् शिक्षा, श्रीमती सृष्टि शर्मा- शिक्षा एवम् साहित्य, श्रीमती सीमा शर्मा-अभिनय एवं संचार, श्रीमती सुधारानी शर्मा- शिक्षा एवम् साहित्य,  डॉ. विभाषा मिश्रा- शिक्षा एवम् साहित्य, श्रीमती मन्शा शुक्ला- शिक्षा एवं साहित्य, श्रीमती राजलक्ष्मी पाण्डेय- साहित्य लेखन, श्रीमती गार्गी पाण्डेय- न्याय एवं समाज सेवा, डॉ. श्वेता बोहरा-शिक्षा. रिचा द्विवेदी- समाज सेवा, डॉ. मनीषा त्रिपाठी- शिक्षा, श्रीमती शशि दुबे- शिक्षा एवं समाज सेवा, श्रीमती मधु तिवारी- शिक्षा एवं साहित्य,  श्रीमती लक्ष्मी राव- महिला उत्थान एवम नशा मुक्ति, वीणा मिश्रा - समाज सेवा, प्रीति शुक्ला- समाज सेवा, तुलसी तिवारी- समाज सेवा, सविता शर्मा- समाज सेवा, बी. शैलजा- समाज सेवा, डॉ. प्रीति सतपथी- शिक्षा एवम् समाजसेवा, श्रीमती जागृति उपाध्याय- वित्तीय सेवा। सम्मानित होने वाली महिलायें रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, अम्बिकापुर, बलौदाबाजार, कोण्डागांव, रायगढ़, बेमेतरा, मुंगेली आदि सुदूर क्षेत्रों से पहुंची थीं।

कार्यक्रम में प्रमुख रुप से महिला अध्यक्ष नमिता शर्मा, महासचिव सुमन मिश्रा, सांस्कृतिक प्रभारी प्रीति मिश्रा, सुरभि शर्मा, बबीता मिश्रा, मिथिलेश रिछारिया, सुनीता शर्मा, साधना उपाध्याय, सुमन पांडे,  कल्पना मिश्रा, वसुधा तिवारी, वीणा ठाकुर, सुलभा पाण्डेय, अर्चना तिवारी, गीतिका झा, अर्चना वोहरा, डॉ. स्नेहलता पाठक, डॉ. सुमन मिश्रा, अखिलश्वरी शुक्ला, विभा अवस्थी, मीनाक्षी बाजपेयी, अणिमा शर्मा, हर्षिता दीवान, रीता तिवारी, प्रदेश अध्यक्ष अरविन्द ओझा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गुणानिधी मिश्रा, राष्ट्रीय महासचिव सुरेश मिश्रा, ओमप्रकाश मिश्रा, अजय अवस्थी, सुनील ओझा, नितिन कुमार झा, अविनय दुबे, रज्जन अवस्थी,  संजय अवस्थी, पूर्व विधायक वीरेन्द्र पाण्डेय, कान्यकुब्ज ब्राह्मण सभा के अध्यक्ष अरुण शुक्ला, पूर्व सरयूपारीण अध्यक्ष दशरथ प्रसाद शुक्ला, अखंड ब्राह्मण अध्यक्ष योगेश तिवारी, मराठी ब्राह्मण अध्यक्ष डा. शेखर अमीन, इंजि. अशोक शर्मा,  त्रिभुवन नाथ तिवारी, गिरजाशंकर दीक्षित, डॉ. दिलीप झा, प्रमोद गौतम, सतीष शर्मा, राघवेन्द्र पाठक, रामवृत तिवारी, शशिकांत शर्मा, उमेश शर्मा, नरहरि होता, बिलासपुर जिलाध्यक्ष रेखेन्द्र तिवारी, विमलेश तिवारी, गरियाबंद गिरीश शर्मा, बलौदाबाजार रमेश मिश्रा, शैलजा मिश्र आदि विशेष रुप से उपस्थित रहे।

सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति महाराष्ट्र मंडल द्वारा नृत्य, सरोज शर्मा, अनन्या, पूजा ठाकुर, लक्ष्मी राव, सुलभा पाण्डेय, जया एवम उनकी टीम के द्वारा आकर्षक नृत्य की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का मंच  संचालन महिला अध्यक्ष नमिता शर्मा एवं प्रदेश अध्यक्ष अरविन्द ओझा ने किया एवं आभार प्रदर्शन युवा अध्यक्ष अविनय दुबे ने किया।

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पौष्टिक पोषक आहार से महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य में आया सुधार

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  महिलाओं एवं बच्चों में कुपोषण और एनीमिया की समस्या को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर शुरू किए गए मुख्यमंत्री सुपोषण योजना से महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य में बड़ा सुधार आ रहा है।

आदिवासी बहुल दंतेवाड़ा जिले में 4 हजार 412 बच्चों ने कुपोषण को मात दे दी है। योजना से अब तक यहां 94 हजार 828 महिलाओं और बच्चों ने लाभ उठाया है।

 

मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक भोजन, प्रोटीन, आयरन युक्त खाद्य सामाग्रियों को दैनिक जीवन में शामिल कर कुपोषण एवं एनीमिया की दर में कमी लाना है।

 

इसके साथ ही जन-सामान्य में कुपोषण एवं एनीमिया के विरूद्ध जन-जागरूकता लाकर इससे निपटने के लिए वातावरण तैयार करना है। योजना के तहत दंतेवाड़ा जिले में सुपोषण केंद्रों के माध्यम से 1 से 3 वर्ष के सामान्य एवं कुपोषित बच्चे, शिशुवती माताओं एवं आंगनबाड़ी केन्द्र के माध्यम से 3 से 6 वर्ष के बच्चे तथा गर्भवती माताओं को पौष्टिक आहार से लाभांवित किया जा रहा है।

 

राज्य सरकार द्वारा बच्चों और माताओं को योजना के तहत प्रतिदिन निःशुल्क पौष्टिक भोजन दिया जा रहा है। खाने में अंडे, गुड़ और मूंगफली से बने पौष्टिक लड्डू दिए जा रहे हैं। बच्चों, महिलाओं को पौष्टिक आहार मिलने से कुपोषण की दर घटी है।

 

 

आंगनबाड़ी दीदियों द्वारा गर्भवती माताओं के खानपान, संतुलित आहार साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने से स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार हुआ है। इन दीदियों द्वारा घर-घर भेंट कर गर्भवती माताओं को पौष्टिक व्यंजनों, बच्चों की उचित देखभाल, उचित पोषण और टीकाकरण आदि के बारे में जानकारी भी दी जा रही है।

 

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केंद्रीय रेल मंत्री से मिली सांसद गोमती साय, रेल लाइन का कार्य जल्द प्रारंभ करने की मांग

 रायगढ़ रेलवे स्टेशन में मूलभूत सुविधाओं में विकास एवं ट्रेनों के ठहराव के लिए भी मांगी अनुमति

रायगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। लोकसभा की लोकप्रिय सांसद  गोमती साय ने शनिवार को दिल्ली में रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव से मुलाक़ात कर रायगढ़ में अनेक ट्रेनों के ठहराव व स्टेशन में मूलभूत सुविधाओं में विकास के विषय में चर्चा की जिसमे लोहारदगा-पत्थलगाँव एवं सारंगढ़ रेल लाइन का कार्य जल्द से जल्द प्रारंभ करने की माँग किए।

रायगढ़ सांसद  साय रेल मंत्री से चर्चा के दौरान कहा कि मेरे लोक सभा का जिला जशपुर रेल लाईन से अछूता है। जिले वासियों को रेल से सफर करने हेतु झारसुगुड़ा, अम्बिकापुर, रायगढ़ तथा रांची जाना पड़ता है। चिनार प्रोजेक्ट के तहत झारसुगुड़ा से अम्बिकापुर तक नवीन रेल मार्ग की आवश्यकता है।

 

साय ने झारसुगुड़ा से दुग्धी उत्तरप्रदेश जाने हेतु झारसुगुड़ा से तपकरा कुनकुरी, बगीचा होते हुये अम्बिकापुर तक नवीन रेल मार्ग हेतु सर्वे कराने की मांग किए। उन्होंने केंद्रीय रेल मंत्री से क्षेत्र के लोगों को मिलने वाले लाभ के बारे में चर्चा करते हुए बताया कि इस रेल मार्ग के स्वीकृति से व्हाया अम्बिकापुर होते हुये कटनी, उत्तरप्रदेश जाने में सुगमता होगी।

 

 

ज्ञात हो कि रायगढ़ सांसद लगातार अपने लोकसभा क्षेत्र के क्षेत्रवासियों की मांग को केंद्र तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए भरसक प्रयास कर मूलभूत सुविधाओं को अपने क्षेत्र में अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने और उसका लाभ दिलाने लगातार संघर्ष करने वाली महिला सांसद हैं।

 

 

 

 

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मुख्यमंत्री कन्या विवाह से खुशियों का नजारा मिला : कलेक्टर

सामूहिक विवाह 120 जोड़े विवाह बंधन में बंधे

सारंगढ़-बिलाईगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)जिला प्रशासन के सहयोग से मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत  शनिवार को सारंगढ़ में सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधायक सांरगढ़ श्रीमती उत्तरी जांगड़े, कलेक्टर डॉ. फरिहा आलम सिद्दीकी और पुलिस अधीक्षक आशुतोष सिंह उपस्थित थे। इस कार्यक्रम का आयोजन महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा किया गया था। इस समारोह में सारंगढ़ और बरमकेला से कुल 120 जोड़े विवाह बंधन में बंधे।कार्यक्रम में विधायक श्रीमती उत्तरी जांगड़े ने वर-वधुओं को विवाह की शुभकामनाएं और बधाई देते हुए कहा कि यह बहुत खुशी की बात है आप वैवाहिक बंधन में बंध रहे हैं। उन्होंने सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को उनके मानदेय पर बढ़ोत्तरी के लिए और सारंगढ़-बिलाईगढ़ नया जिला बनने पर सभी जिलेवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर डॉ. फरिहा आलम सिद्दीकी ने वर-वधुओं और परिजनों को बधाई और बहुत-बहुत शुभकामना दी है। उन्होंने कहा कि यह विवाहोत्सव से हमें खुशियों का नजारा मिला है। राज्य शासन द्वारा वर्तमान में 25 हजार रूपए की सहायता राशि दी जा रही है। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार आगामी अप्रैल माह से मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना यह सहयोग राशि बढ़कर वर-वधुओं को 50 हजार मिलेगी।इस कार्यक्रम के अतिथियों में छत्तीसगढ़ राज्य गौसेवा आयोग के सदस्य पुरूषोत्तम साहू, अरूण मालाकार, श्रीमती मंजू मालाकार, श्रीमती विलास सारथी, श्रीमती तारा अरूण शर्मा, श्रीमती तुलसी वसंत, श्रीमती सोनी बंजारे, श्रीमती सीता पटेल, संजय दुबे, विष्णु चन्द्रा, गोल्डी नायक, पुष्पराज बरिहा सहित वर-वधुओं के परिजनों बड़ी संख्या में उपस्थित थे। नवरात्रि के अवसर पर यह एक ऐसा नजारा था जहां सभी महिला अतिथिगण नवदुर्गा स्वरूप वर-वधुओं को आशीर्वाद दे रही थी।

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पोषण पखवाड़ा: छत्तीसगढ़ मना रहा मिलेट्स त्यौहार

पोषण के पावर हाउस ’मिलेट्स’ के फायदों के बारे में लोगों को किया जा रहा जागरूक

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)च्चों तथा महिलाओं के पोषण एवं स्वास्थ्य देखभाल संबंधी जागरूकता और आदतों में सुधार लाने के लिए प्रदेश में 20 मार्च से पोषण पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित पोषण पखवाड़ा 3 अप्रैल तक चलेगा। वर्ष 2023 को संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा इंटरनेशनल मिलेट वर्ष घोषित किया गया है। इसे ध्यान में रखते हुए इस साल पोषण पखवाड़ा को छत्तीसगढ़ में मिलेट्स त्यौहार के रूप में मनाया जा रहा है। इस दौरान लोगों को पोषण के पावर हाउस मतलब मिलेट्स के फायदों के बारे में जानकारी देकर उन्हें इस पारम्परिक पौष्टिक अन्न को दैनिक आहार में शामिल करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इसके लिए विशेष थीम के अनुसार कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।गौरतलब है कि मिलेट्स (मोटे अनाज) जैसे कोदो, कुटकी, रागी एक पौष्टिक खाद्य विकल्प हैं जो दैनिक पोषण आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद कर सकते हैं। यह शिशुवती महिलाओं के लिए भी बेहद फायदेमंद होते है। इनमें कैल्शियम, आयरन, प्रोटीन, मिनरल्स जैसे पोषक तत्व प्रचुरता से होते हैं। इसे देखते हुए पोषण कल्याण के लिए श्री अन्न अर्थात् मिलेट्स का प्रचार-प्रसार कर उसकी लोकप्रियता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा स्वस्थ बालक-बालिका स्पर्धा के अंतर्गत छह वर्ष तक के बच्चों का वजन, लंबाई एवं ऊंचाई मापन कर बच्चों में पोषण स्थिति की जानकारी भी ली जा रही हैं। सक्षम आंगनबाड़ी के प्रति जनसमुदाय को जागरूक करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। पोषण पखवाड़े के प्रत्येक दिन के लिए कलेण्डर अनुसार गतिविधियां निर्धारित की गई है। इसके अनुसार प्रतिदिन अलग-अलग गतिविधियों के माध्यम से व्यक्तिगत और सामुदायिक स्तर पर पोषण सम्बन्धित व्यवहार परिवर्तन का प्रयास किया जा रहा है। इन समस्त गतिविधियों को पोषण ट्रैकर ऐप में प्रतिदिन इन्द्राज भी किया जा रहा है।पोषण जागरूकता के लिए प्रदेशभर में जागरूकता रथ, बाइक रैली निकाली जा रही हैं। प्रमुख पंचायतों एवं हाट-बाजारों में महिलाओं एवं बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य एवं देखभाल संबंधी उचित आदतों के विकास एवं सुधार के संबन्ध में वीडियो क्लिप का प्रदर्शन करते हुए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों, ग्राम पंचायतों में लोगों को सुपोषण के संबंध में जानकारी दी जा रही हैं और मिलेट्स को आहार में शामिल करने के फायदे समझाए जा रहे हैं। मिलेट्स से बने व्यंजनों की प्रतियोगिता, प्रदर्शनी एवं मिलेट्स जागरूकता कैम्प भी आयोजित किए जा रहे हैं। कई स्वसहायता समूह मिलेट्स से बने तिरंगा थाली के प्रदर्शन से मिलेट्स का महत्व बता रहे हैं।पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत समुदाय आधारित गतिविधियों जैसे-सुपोषण चौपाल, महिला समूहों की बैठक, पालको का बैठक करना तथा लिंग संवेदनशील, जल प्रबंधन, एनीमिया की रोकथाम व प्रबंधन के प्रति जागरूकता कार्यक्रम को भी शामिल किया गया है। इसमें स्वास्थ्य, पंचायत सहित विभिन्न विभागों का समन्वय भी लिया जा रहा है।

 

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