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अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर राजधानी में आयोजित होगा श्रम सम्मेलन

तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव ने ली समीक्षा बैठक, अधिकारियों को सौंपा दायित्व

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर श्रम के सम्मान के लिए और प्रदेश के विकास को गति देने में श्रमिकों की विशेष भूमिका को देखते हुए रायपुर में श्रमिक सम्मेलन के आयोजन का निर्णय शासन ने लिया है। साईंस कॉलेज मैदान में आयोजित सम्मेलन में प्रदेशभर के श्रमिक हिस्सा लेंगे। श्रम विभाग द्वारा श्रमिक कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं से जिन हितग्राहियों को लाभ पहुंचा है, उनका सम्मान भी सम्मेलन के माध्यम से किया जाएगा।


इसके साथ ही साईंस कॉलेज मैदान में 2 मई को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और मितानिनों का सम्मेलन आयोजित किया जाएगा तथा 3 मई को ग्राम कोटवार, पटेल और होम गार्ड्स का सम्मेलन आयोजित होगा। इन आयोजनों की तैयारियों के सिलसिले में मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने सोमवार को मंत्रालय महानदी भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक ली और आयोजन की रूपरेखा तय करते हुए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी।   

मुख्य सचिव ने कहा कि श्रम सम्मेलन हेतु जिम्मेदारी श्रम विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और मितानिन सम्मेलन की जिम्मेदारी महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग और ग्राम कोटवार, पटेल तथा होम गार्ड्स सम्मेलन की जिम्मेदारी राजस्व एवं गृह विभाग की होगी। सभी कार्यक्रमों का समन्वय श्रम सचिव अमृत खलखो करेंगे।

बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि हमेशा से हमारे प्रदेश के श्रमिक कड़ी मेहनत करते हैं और सुबह बोरे-बासी खाकर काम पर निकलते हैं। बोरे और बासी छत्तीसगढ़ का परंपरागत खाद्य पदार्थ हैं। यह हमारी मेहनतकश संस्कृति से जुड़ा खाद्य पदार्थ है और गर्मियों में कड़ी मेहनत के लिए तैयार करता है। मुख्यमंत्री की मंशानुरूप श्रमिक दिवस के दिन हम अपने इस लोकप्रिय खाद्य परंपरा के अनुरूप जिलों में ऐसे कार्यक्रम आयोजित करें, जिसमें बोरे-बासी का स्वाद लेकर नागरिक श्रम के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करें।  

आज हुई बैठक में श्रम विभाग के सचिव अमृत खलखो, राजस्व विभाग के सचिव एनएन एक्का, गृह सचिव अरुण देव गौतम, संचालक जनसंपर्क सौमिल रंजन चौबे, कलेक्टर रायपुर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे, नगर निगम रायपुर आयुक्त मयंक चतुर्वेदी एवं विभिन्न विभागों के अ

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छत्तीसगढ़ की दो पंचायतों को मिला राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार

छत्तीसगढ़ उन चुनिंदा राज्यों में शामिल जिन्हें मिले एक से अधिक पुरस्कार

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) छत्तीसगढ़ की दो पंचायतों को राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मू की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में सरगुजा जिले के जनपद पंचायत लुन्ड्रा के ग्राम पंचायत नागम तथा धमतरी जिले के नगरी पंचायत के ग्राम सांकरा को पुरस्कृत किया गया। ग्राम पंचायत नागम को गरीबी उन्मूलन एवं आजीविका संवर्धन श्रेणी में तथा सांकरा को स्वस्थ पंचायत थीम में पुरस्कृत किया गया। इन ग्राम पंचायतों को पुरस्कार के साथ ही 50-50 लाख रूपए की राशि भी प्रदान की गई। 

मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  रविंद्र चौबे ने इस उपलब्धि के लिए प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। उल्लेखनीय है कि पूरे देश में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्याें के लिए 43 ग्राम पंचायतों को पुरस्कार दिये गये। छत्तीसगढ़ उन चुनिंदा राज्यों में शामिल है जिन्हें एक से अधिक पुरस्कार आज प्राप्त हुए। ग्राम पंचायत नागम के सरपंच भंडारी राम पैकरा तथा ग्राम पंचायत सांकरा की सरपंच  शशि ध्रुव ने केंद्रीय मंत्री पंचायत एवं ग्रामीण विकास  गिरिराज सिंह के हाथों पुरस्कार ग्रहण किया। इस मौके पर केंद्रीय राज्य मंत्री ग्रामीण विकास फग्गन सिंह कुलस्ते और केन्द्रीय राज्य मंत्री पंचायत राज कपिल मोरेश्वर पाटिल भी मौजूद रहे।

उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायत नागम में गरीबी उन्मूलन के लिए ग्रामवासियों को मनरेगा के अंतर्गत अधिकाधिक जाब कार्ड प्रदान करने, शतप्रतिशत पारिश्रमिक प्रदाय करनेे, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत शतप्रतिशत हितग्राहियों को लाभ प्रदान करने,  स्वसहायता समूहों की महिलाओं के आय में वृद्धि के लिए तथा ग्रामवासियों को आईटीआई जैसी संस्था के माध्यम से कौशल विकास कराने उत्कृष्ट कार्यों के लिए पुरस्कृत किया गया। इसी तरह ग्राम पंचायत सांकरा में गर्भवती महिलाओं का शतप्रतिशत संस्थागत प्रसव, बच्चों को पौष्टिक आहार प्रदान करने, ग्राम सभा, महिला सभा एवं बालसभा में बच्चों के टीकाकरण पर चर्चा करने के लिए , बीमारी जैसे टायफाइड, मलेरिया, टीबी आदि  बीमारियों से बचाव हेतु प्रचार, प्रसार करने एवं टेलीमेडिसीन के माध्यम से अच्छा कार्य करने पुरस्कृत किया गया। 

यह पुरस्कार इसलिए भी काफी मायने रखता है क्योंकि देश भर की ढाई लाख से अधिक ग्राम पंचायतों ने इस पुरस्कार के लिए नामांकन भरा था। इसमें छत्तीसगढ़ की 11658 ग्राम पंचायतें शामिल थीं। इनमें से 43 ग्राम पंचायतों को पुरस्कार के लिए देश भर से चुना गया। इस पुरस्कार के लिए 9 श्रेणियों में थीम रखी गई थी। कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त सचिव  गौरव सिंह, सीईओ जिला पंचायत रायपुर  आकाश चिकारा, सीईओ सरगुजा  विश्वदीप यादव, उप संचालक दिनेश अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

 

 

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छत्तीसगढ़ में मिले 132 नए मरीज, एक की मौत

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) छत्तीसगढ़ में बीते दिनों की अपेक्षा कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी आई है। बीते 24 घंटों में 132 मरीज मिले हैं जबकि एक्टिव मरीजों की संख्या 3083 हो गई है।

वहीं को-मॉर्बिडिटी के साथ 1 मरीज की मौत भी हो गई है। साथ ही पॉजिटिविटी दर भी कम होकर 10.98% हो गई है।

मरीजों की कम होती संख्या प्रदेश के लिए राहत की खबर है। लेकिन इस लिहाज से टेस्टिंग की संख्या भी कम हो गई है।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 1211 लोगों की जांच बीते 24 घंटे में की गई, जिसमें 132 मरीजों की पुष्टि हुई है। दुर्ग जिले के एक मरीज की मौत कोरोना संक्रमण और अन्य गंभीर बीमारियों की वजह से हुई है।

प्रदेश के 16 जिलों से कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं जबकि बाकी जिलों से कोई भी नया मामला सामने नहीं आया है। सबसे ज्यादा 28 मरीज बलौदा बाजार जिले में मिले हैं। बीजापुर में 27 मरीजों कि पुष्टि हुई है।

बिलासपुर में 23 दंतेवाड़ा में 9, बस्तर,रायपुर रायगढ़,सरगुजा और दुर्ग जिले में 6-6 मरीज मिले हैं। जबकि सूरजपुर में 4 राजनांदगांव में 3, कोरबा में भी 3, बालोद और महासमुंद में 2-2 मरीज, कांकेर और धमतरी में 1-1 मरीजों की पुष्टि हुई है।

 

 

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छठवें खान पर्यावरण एवं खनिज संरक्षण सप्ताह

छठवें खान पर्यावरण एवं खनिज संरक्षण सप्ताह के समापन समारोह में बैलाडीला लौह अयस्क खान, बचेली कॉम्प्लेक्स को समग्र प्रदर्शन के द्वितीय पुरस्कार के साथ-साथ कुल 6 पुरस्कार


रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) खान मंत्रालय, भारत सरकार के भारतीय खान ब्यूरो, रायपुर क्षेत्र, छत्तीसगढ़ के तत्वाधान में आयाेजित छत्तीसगढ़ की गैर कोयला खदानों के छठवें खान पर्यावरण एवं खनिज संरक्षण सप्ताह, 2022-2023 के समापन समारोह में बैलाडीला लौह अयस्क खान, बचेली कॉम्प्लेक्स को समग्र प्रदर्शन के द्वितीय पुरस्कार के साथ-साथ कुल 6 पुरस्कारो से पुरस्कृत किया गया। उपरोक्त सम्मान से बैलाडीला लौह अयस्क खान बचेली कॉम्पलेक्स की पर्यावरणीय पर्यावरण एवं खनिज संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता एवं सतत् उत्कृष्ट प्रदर्शन को सिद्ध करती है। समापन समारोह का आयोजन दिनांक 16.04.2023 होटल सयाजी, रायपुर में हुआ। समापन समारोह के मुख्य अतिथि श्री पं…
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तिल्दा में भीषण सड़क हादसा,1 की मौत 2 घायल

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) तिल्दा इलाके में सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, 2 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। जिस जगह हादसा हुआ ये तिल्दा का प्रमुख बाजारी इलाका है। यहां देर शाम लोगों की आवाजाही थी, गाड़ियां सड़क किनारे पार्क की गई थीं, तभी इनमें पूरी रफ्तार से एक ट्रक घुस आया।

कुछ कारों और मोपेड को रौंदते, टक्कर मारते हुए ट्रक पास की दुकानों की ओर बढ़ा, दूसरी सड़क से आ रहा एक और ट्रक उसी ट्रक से टकरा गया। सड़क किनारे खड़े लोगों को चोटें आईं, इन्हीं में से एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की शिनाख्त पुलिस कर रही है। तिल्दा थाने के प्रभारी सुदर्शन ध्रुव ने एक शख्स के मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि ट्रक की वजह से हादसा हुआ है। रास्ते में क्षतिग्रस्त हुई गाड़ियों काे हटाया जा रहा है।

ये हादसा तिल्दा के दीनदयाल चौक के पास हुआ। ये चौराहा हाईवे से लगा हुआ है। टर्निंग के पास ही ट्रक बेकाबू हो गया और ये हादसा हुआ। कुछ दुकानों के बाहर रखा सामान भी ट्रक की चपेट में आ गया, दो कारों के क्षतिग्रस्त होने, कुछ बाइक के रौंदे जाने की खबर है। पुलिस हादसे की जांच कर रही है।

लोगों ने कर दिया बवाल

पुलिस जब ट्रकों को और क्षतिग्रस्त गाड़ियों को हटाने लगी तो स्थानीय लोगों ने बवाल कर दिया। लोगों का कहना था कि आए दिन इस जगह पर हादसे का जोखिम बना रहता है। मगर प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया। पुलिस काफी देर तक लोगों को समझाकर बवाल शांत कराने का प्रयास करती रही।

 

 

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माता कौशल्या महोत्सव के दूसरे दिन क्लासिकल सिंगर मैथिली ठाकुर के गीतों से गूंजेगा चंदखुरी

मशहूर गायक कविता पौडवाल के भक्तिमय भजन और व्योमेश शुक्ल द्वारा श्री राम की शक्ति पूजा कार्यक्रम का होगा मंचन

 

महोत्सव के अंतिम दिन मशहूर गायक पद्म श्री कैलाश खेर माता कौशल्या धाम में देंगे प्रस्तुति

छत्तीसगढ (छत्तीसगढ़ दर्पण) माता कौशल्या महोत्सव का आगाज शनिवार को हो चुका है। महोत्सव के दूसरे दिन चंदखुरी स्थित माता कौशल्या धाम में देश की मशहूर क्लासिकल सिंगर मैथिली ठाकुर अपने भक्तिमय गीत-संगीत और भजनों की प्रस्तुति देंगी। मूलतः बिहार की रहने वाली मैथिली ठाकुर ने देश के युवा वर्ग में अपने गीत-संगीत से एक अलग पहचान बनायी है और पूरा देश उनके गीत-संगीत का कायल है।

महोत्सव के दूसरे दिन मुंबई की मशहूर गायिका कविता पौडवाल के भक्तिमय भजनों की भी प्रस्तुति होगी। इसके साथ ही वाराणसी से आए व्योमेश शुक्ल द्वारा श्री राम की शक्ति पूजा की प्रस्तुति महोत्सव के मंच से की जाएगी। इन दोनों कलाकारों की प्रस्तुति महोत्सव के पहले दिन होनी थी, लेकिन खराब मौसम की वजह से इनकी प्रस्तुति आज महोत्सव के दूसरे दिन होगी।

महोत्सव के दूसरे दिन दर्शक मुंबई से आई रमिंदर खुराना के भक्तिमय शास्त्रीय नृत्य-वाटिका की प्रस्तुति का भी आनंद ले सकेंगे। छत्तीसगढ भिलाई के रहने वाले प्रभंजय चतुर्वेदी भी अपने भक्तिमय गीत-संगीत व भजनों को महोत्सव के दूसरे दिन दर्शकों के सामने प्रस्तुत करेंगे।
माता कौशल्या महोत्सव के दूसरे दिन मुख्य अतिथि के रूप में विधानसभा अध्यक्ष श्री चरणदास महंत, अध्यक्ष के रूप में संस्कृति मंत्री श्री अमरजीत भगत तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में पर्यटन मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे तथा नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ शिवकुमार डहरिया उपस्थित रहेंगे।

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अष्टांग योग के साथ तनाव प्रबंधन भी सीखेंगे प्रशिक्षणार्थी

संभाग स्तरीय आवासीय योग प्रशिक्षण शिविर 24 अप्रैल से

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) छत्तीसगढ़ योग आयोग द्वारा नागरिकों को योग से परिचित कराने तथा योग के लाभ को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से 24 से 30 अप्रैल तक सात दिवसीय संभाग स्तरीय आवासीय योग प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर के प्रथम चरण में रायपुर संभाग का प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन 24 से 30 अप्रैल तक ‘योग भवन‘ वर्किंग वूमेन हॉस्टल, बी.आई.पी रोड रायपुर में किया जा रहा है। शिविर में लगभग 200 महिला एवं पुरूष प्रतिभागी सम्मिलित होगें।


सात दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के पहले दिन 24 अप्रैल को योग के परिचय एवं महत्व पर चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही अष्टांग योग और योग दर्शन पर योग विशेषज्ञ व्याख्यान देंगे। 25 अप्रैल को अष्टांग योग (नियम), वैश्विक परिदृष्य में योग, षठकर्म का सैद्धांतिक विवेचन, प्रज्ञायोग के साथ शारीरिक और मानसिक भावनात्मक ऊर्जा परिवर्तन के बारे में बताया जाएगा। 26 अप्रैल को हास्य योग, अष्टांग योग (आसन), प्राकृतिक चिकित्सा, किशोरी बालिकाओं के लिए योग पर व्याख्यान होगा।

प्रशिक्षण शिविर में 27 अप्रैल को प्रशिक्षणार्थियों को अष्टांग योग (प्राणायाम), अध्यात्मिक सशक्तीकरण, आपातकाल में एक्यूप्रेेशर द्वारा विभिन्न लोगों का इलाज, सूर्य नमस्कार एवं महत्व, योग एवं मूल्य शिक्षा के बारे में बताया जाएगा। 28 अप्रैल को विषय-विशेषज्ञ अष्टांग योग (प्रत्याहार, धारणा), योग एवं तनाव प्रबंधन, मद्यपान एवं नशीले पदार्थाें से बचाव के साथ योग एवं मूल्य शिक्षा के बारे में बताएंगे। 29 अप्रैल को प्रशिक्षणार्थियों को अष्टांग योग (ध्यान, समाधि), प्रसव के दौरान योग की भूमिका, अष्टांग योग में जीवन जीने की कला, ईसा योग के बारे में बताया जाएगा। इसके साथ ही प्रशिक्षण के अंतिम दिन 30 अप्रैल को रोगों और तनाव प्रबंधन पर योग का प्रभाव, गर्भवती महिला हेतु विशेष योगाभ्यास के बारे में जानकारी दी जाएगी। साथ ही प्रेरक वीडियो प्रदर्शन भी किया जाएगा।

 

 

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धरती मां की सेहत की चिंता करते हुए जैविक खेती अपनाएं : भूपेश बघेल

 सीएम बघेल ने अक्ति तिहार पर माटी पूजन कर रोप बीज, ट्रैक्टर चलाकर जोता खेत

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शनिवार को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित अक्ती तिहार एवं माटी पूजन दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने इस शुभ अवसर पर गांव की माटी, देवी-देवताओं और ठाकुर देव की पूजा की और बीज बुवाई संस्कार के तहत लौकी, सेम, तोरई के बीज बोये। मुख्यमंत्री ने अच्छी फसल के लिए धरती माता से कामना करते हुए कोठी से धान के बीज लाकर पूजा की और गौ-माता को चारा भी खिलाया। मुख्यमंत्री बघेल ने धरती माता से राज्यवासियों के धन-धान्य से भरे रहने की कामना की। अक्ति तिहार के अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्रैक्टर चलाकर खेत की जुताई की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कृषि विश्वविद्यालय परिसर में कृषक सभागार भवन, नवनिर्मित क्लस्टर क्लासरूम भवन, महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के कैम्प कार्यालय का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कृषकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि जैसे हम अपने स्वास्थ्य की चिंता करते हैं वैसे ही धरती माता की भी चिंता करनी चाहिए। हमें कृषि में रासायनिक खाद का उपयोग कम कर जैविक खेती की तरफ बढ़ना चाहिए। हम जो भी सुविधा ले रहे हैं सभी प्रकृति से मिल रही हैं। अक्ति और माटी पूजन त्यौहार धरती के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट करने का त्यौहार है। हमें यह सोचना चाहिए कि प्रकृति से हम जितना ले रहें हैं उसके बदले में धरती को क्या वापस कर रहे हैं। अक्ति त्यौहार के अवसर पर खेती-किसानी का कार्य शुरू करने के लिए धरती माता से प्रार्थना कर हम उनसे अनुमति लेते हैं तब कुदाल चलाते हैं। धरती माता को जो क्षति होती है उसके लिए हम क्षमा मांगते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कृषि अभियांत्रिकी के पृथक संचालनालय बनाने की घोषणा की।मुख्यमंत्री ने अक्ति तिहार और भगवान परशुराम जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान परशुराम ने ही अक्षयपात्र का निर्माण किया था। ऐसा माना जाता है कि भगवान परशुराम ने कृषि के क्षेत्र में भी कई शोध किए। उनका फरसा युद्ध के साथ खेती-किसानी में भी उपयोगी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान प्रदेश है यहां कि 70 से 80 प्रतिशत लोग आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर हैं। प्रदेश की अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित होने के कारण राज्य सरकार द्वारा किसानों के लिए कई नई योजनाएं संचालित कर उन्हें समृद्ध करने का कार्य किया है। इससे इन चार सालों में कृषि उत्पादन में अत्यधिक वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में किसान 20 क्विंटल प्रति एकड़ धान बेच सकेंगे, इससे किसानों को बहुत लाभ होगा। सरकार की किसान हितैषी नीतियों के कारण राज्य में धान का उत्पादन 107 लाख मीट्रिक टन हो चुका है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कोदो औऱ कुटकी का समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है और उसकी खरीदी की व्यवस्था भी की है। छत्तीसगढ़ में बड़ी मात्रा में खासकर आदिवासी अंचलों में कोदो, कुटकी, रागी का उत्पादन करते हैं। छत्तीसगढ़ उद्यानिकी और वानिकी के क्षेत्र में एक बड़ा हब बनेगा देश-विदेश से लोग यहां अध्ययन के लिए आएंगे। मुख्यमंत्री ने धरती माता की रक्षा करने और जैविक खाद्य का उपयोग करने, आने वाले पीढ़ी के लिए साफ पानी, शुद्ध हवा बचाने की शपथ दिलाई।

इंदिरा बीज ब्रांड को लॉन्च किया
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित इंदिरा बीज ब्रांड को लॉन्च किया। उन्होंने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित इंदिरा बीज ब्रांड कृषकों के लिए लाभकारी होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कृषि शोध पर आधारित कॉफी टेबल बुक का भी विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने जब गोबर खरीदी की शुरुआत की तो लोगों ने मजाक उड़ाया लेकिन आज साढ़े 3 लाख लोग गोबर बेच रहे हैं और 230 करोड़ रुपए उनके खाते में पहुंच चुका है। मिलेट्स को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कारगर कदम उठाए हैं। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में मिलेट्स कैफे संचालित हो रहा है और जल्द ही इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय और एम्स के बीच हुए समझौते के अनुसार एम्स में भी मिलेट्स कैफे खुलेगा इससे वहां मरीजों को मिलेट्स से बने पोषक आहार दिए जा सकेंगे। इस अवसर पर बीज निगम के अध्यक्ष अग्नि चंद्राकर, शाकंभरी बोर्ड के अध्यक्ष रामकुमार पटेल, मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा, नाफेड के वरिष्ठ महाप्रबंधक उन्नीकृष्णन कुरूप, उद्यानिकी विभाग के संचालक माथेश्वरण डी. उपस्थित थे।
कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि आज के दिन हम धरती की पूजा करते हैं। आज के दिन खेतों में बीज डालने का मुहूर्त होता है। यह हम वर्षों से गांव में करते आ रहे हैं। आज अक्ति के दिन इस अवसर पर हमने विशेष आयोजन किया। कृषि मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की उस परंपरा को पुनर्जीवित किया है जो हमारी मूल परंपरा थी। हमारी सरकार की किसान हितैषी नीतियों के कारण कृषकों की संख्या बढ़ी, उत्पादन भी बढ़ा इसका ही परिणाम है कि हमारे द्वारा 170 मीट्रिक टन धान की खरीदी की, जो देश में अभूतपूर्व रिकॉर्ड है। साथ ही कार्यक्रम को कुलपति गिरिश चंदेल, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह ने भी सम्बोधित किया।
कार्यक्रम में साथ ही कृषि विश्वविद्यालय डिजिटल पोर्टल का शुभारंभ किया गया और कृषि आधारित साहित्य का विमोचन किया गया। किसानों को बीज और पौध सामग्री वितरित की गई। मुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री को बेमेतरा जिले के महिला समूहों द्वारा बनाए गए अल्सी से बने जैकेट भेंट की।

 


 
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बीमार दुल्‍हन से शादी रचाने दूल्हा पहुंचा अस्पताल, डाक्‍टरों और मरीजों के बीच लिए फेरे

जांजगीर-चांपा (छत्तीसगढ़ दर्पण) छत्तीसगढ़ में अनोखी शादी सुर्खियों में हैं, जहां दुल्‍हन बीमार हुई तो दूल्‍हा बरात लेकर अस्‍पताल पहुंच गया और वहीं डाक्‍टरों और मरीजों के बीच फेरे लिए।

दरअसल, यह अनोखी जांजगीर-चांपा जिला का है। यहां एक निजी अस्पताल में बाजे गाजे के साथ बरात पहुंची तो लोग अचरज में पड़ गए। बरात तय समय पर पहुंची और अस्पताल में भर्ती कन्या का विवाह भी हुआ। घर के बजाय अस्पताल से ही कन्या की विदाई हुई।

अस्पताल स्टाफ भी इस विवाह का साक्षी बना। आमतौर पर विवाह मंगल भवन या शादी हाल में होता है मगर 20 अप्रैल को श्री नर्सिंग होम में बाजे गाजे के साथ बरात पहुंची और अस्पताल परिसर में ही विवाह हुआ।

दरअसल, इसके पीछे की कहानी यह है कि ग्राम बैजलपुर निवासी रश्मि उर्फ लक्ष्मी पिता अगरदास महंत, माता मुन्नाी बाई का विवाह सक्‍ती जिले के परसाडीह निवासी राज उर्फ बंटी पिता सुकालू दास, माता कौशिल्या देवी के साथ तय हुआ था। 18 अप्रैल को मंडपाच्छादन होना था। दोनों परिवार में खुशी का माहौल था।

धूमधाम से शादी करने के लिए सभी रिश्तेदारों के यहां निमंत्रण दिया जा चुका था। इस बीच सप्ताह भर पहले अचानक रश्मि के पेट में दर्द होने पर उसे अस्पताल ले जाया गया। जांच में पता चला कि उसकी बड़ी आंत में छेद है।

डॉक्टरों ने बताया कि रश्मि का इलाज जल्द से जल्द नहीं करने पर यह घातक हो सकता है। इस बात की जानकारी वर पक्ष को हुआ तो राज के परिवार ने रश्मि के इलाज को महत्व देते हुए अस्पताल में भर्ती कराने का निर्णय किया।

साथ ही तय मुहूर्त में शादी भी करने का निर्णय लिया, क्योंकि दोनों परिवार के लिए यह शादी की तिथि बढ़ाया जाना संभव नहीं था, क्योंकि निमंत्रण कार्ड बट चुका था और वर के बड़े भाई की शादी भी होनी थी। रिश्तेदार भी पहुंचने लगे थे।

रश्मि के शादी के 5 दिन पहले आपरेशन हुआ और वह स्वस्थ हो गई। ऐसे में वर पक्ष बरात लेकर सीधा अस्पताल पहुंचा और अस्पताल परिसर में ही रीति रिवाज से शादी हुई। अस्पताल परिसर में उपस्थित सभी स्टाफ व अन्य मरीजों के स्वजन भी इस विवाह के साक्षी बने।

सभी ने दोनों के दांपत्य जीवन के सफल होने के साथ बहू के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की। रिश्तेदारों ने बताया कि दोनों परिवार की माली हालत ठीक नहीं है इसलिए विवाह की तिथि भी बढ़ाना संभव नहीं था। क्योंकि खर्च हो चुके थे।

वहीं लड़की पक्ष के लोगों ने बताया कि जो पैसा विवाह के लिए जमा किया था वह इलाज में खर्च हो गए मगर वर पक्ष ने पूरा सहयोग किया और कन्या का अस्पाल में सफल उपचार व मंत्रोच्चार के साथ विवाह हुआ।

 

 

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सैनिक विश्राम गृह में हुआ सांस्कृतिक संध्या का आयोजन

इप्टा ने किया

रायगढ़  (छत्तीसगढ़ दर्पण) जिला सैनिक कल्याण कार्यालय रायगढ़ के टीवी टावर रोड पर स्थित नवनिर्मित सैनिक विश्राम गृह में एक गरिमामय समारोह में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। आयोजन के मुख्यअतिथि छग सैनिक कल्याण बोर्ड के डायरेक्टर विशेष सेवा मेडल प्राप्त ब्रिगेडियर विवेक शर्मा रहे। वहीं रायगढ़ नगर निगम के आयुक्त संबित मिश्रा, जिंदल स्टील एंड पावर के कर्नल राठौर के अलावे जिंदल स्टील पावर के वाईस प्रेसिडेंट संजीव चौहान विशिष्ट अतिथि के रूप में इन आयोजन में उपस्थित थे।

सांस्कृतिक संध्या की शुरूआत रायगढ़ नगर के ख्यातिलब्ध कला एवं संगीत संस्थान चक्रधर कला एवं संगीत महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा समूह कथक के माध्यम से गुरूवंदना से हुई। महाविद्यालय छात्राओं की इस प्रस्तुति को दर्शकों की खूब तालियों बटोरीं। दूसरे क्रम में अंचल के उभरते हुए मंचीय कवि नरेन्द्र गुप्ता ने भारतीय सेना के पराक्रम पर अपनी चुनिंदा कविताओं का पाठ किया जिसे खूब सराहा गया।

कार्यक्रम की अंतिम प्रस्तुति रायगढ़ इप्टा की ओर से अख्तर अली रायपुर द्वारा लिखित एवं अजय आठले द्वारा निर्देशित नाटक असमंजस बाबू की आत्मकथा के रूप में हुई। एकल प्रस्तुति वाले इस नाटक में केन्द्रीय भूमिका में रायगढ़ इप्टा से ही जुड़े रंग कर्मी युवराज सिंह आजाद ने असमंजस बाबू की भूमिका का बेहतरीन प्रदर्शन किया। इस नाटक के मंचन के दौरान तकरीबन एक घंटे तक पूरा ऑडिटोरियम पूरी तरह शांत था और अंत जोरदार तालियों की गडगड़़ाहट के साथ हुआ।

इस पूरे सांस्कृतिक आयोजन का बेहद प्रभावशाली संचालन रायगढ़ केन्द्रिय विद्यालय की शिक्षिका यामिनी शैलेन्द्र देवांगन द्वारा किया गया। इन प्रस्तुतियों के अंत में मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर विवेक शर्मा ने सभी कलाकारों को पुष्पगुच्छ प्रदान कर सम्मानित किया और अपने उद्बोधन में कलाकारों की प्रस्तुति की सराहना की। उन्होंने आयोजन की सफलता के लिये रायगढ़ नगर निगम एवं जिंदल प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया। इस पूरे कार्यक्रम का बेहतरीन संयोजन रायगढ़ जिला सैनिक कल्याण कार्यालय के अधिकारी आशीष कुमार पांडेय के मार्गदर्शन में जिला सैनिक कल्याण कार्यालय के स्टॉफ, भूतपूर्व सैनिक संगठन की ओर से किया गया। इस आयोजन में शिरकत करने में बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक समाजसेवी, राजनीति और संगीत प्रेमियों के अलावे भूतपूर्व सैनिक रहे।

 

 

 

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माता कौशल्या धाम में वॉटर, लेजर, लाइट,साउंड शो का रोमांच

मुख्यमंत्री बघेल 22 को करेंगे माता कौशल्या महोत्सव-2023 का शुभारंभ

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) रायपुर के चंदखुरी में स्थित माता कौशल्या धाम में 22 से 24 अप्रेल तक तीन दिवसीय महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। शनिवार को इस महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर श्रद्धालुओं को एक नए रोमांच का अनुभव भी देखने को मिलेगा। मुख्यमंत्री बघेल 22 अप्रैल को माता कौशल्या महोत्सव का उद्घाटन करेंगे।


राम वनगमन पर्यटन परिपथ के अंतर्गत चंदखुरी के कौशल्या धाम परिसर में क्रियान्वित किये जा रहे विकास कार्यो के अंतर्गत 10 करोड़ की लागत से तैयार वॉटर, लेजर, लाईट एवं साऊण्ड शो शुभारंभ किया जा रहा है। इसका शुभारंभ भी मुख्यमंत्री बघेल करेंगे। वाटर, लाईट एवं लेजर शो के माध्यम से श्रद्धालु भगवान राम के वनवास और वन गमन पथ की कहानियां सुन और देख सकेंगे। इस शो में माता कौशल्या के जीवन चरित्र का विवरण प्रस्तुत किया जाएगा।महोत्सव के शुभारंभ कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत करेंगे। इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू, कृषि मंत्री एवं रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री रविन्द्र चौबे, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया एवं समस्त मंत्रीगण, सांसदगण, संसदीय सचिव, विधायकगण, निगम मंडल, आयोग, जिला पंचायत के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष तथा नगर पंचायत के अध्यक्ष शामिल होंगे।


उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा माता कौशल्या की जन्मभूमि चंदखुरी के वैभव को विश्व पटल पर स्थापित करने प्रदेश की कला, संस्कृति एवं पर्यटन को बढ़ावा देने एवं महिला सशक्तिकरण, कार्यशील कलाकारों के संरक्षण, संवर्धन एवं कला दलों के सतत् विकास हेतु माता कौशल्या महोत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में स्थित यह कौशल्या माता का एक मात्र मंदिर है। 

सांस्कृतिक कार्यक्रम: 22 अप्रैल

महोत्सव के पहले दिन 22 अप्रैल से सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में माधुरी महिला मानस मंडली, गरियाबंद की श्रीमती पुष्पांजलि सिन्हा, राम की शक्ति पूजा वाराणसी के व्योमेश शुक्ला और मुम्बई  की सुप्रसिद्ध  भजन गायिका कविता पौडवाल द्वारा भक्तिमय गीत-संगीत भजन प्रस्तुति दी जाएगी।

सांस्कृतिक कार्यक्रम: 23 अप्रैल
महोत्सव के दूसरे दिन 23 अप्रैल को वीणा वादिनी मानस परिवार, भाटापारा से श्रीमती वीणा साहू ,हरि दर्शन मानस मंडली जांजगीर-चांपा से देवेंद्र कुमार श्रीवास ,दंतेवाड़ा से ज्ञान गंगा मानस परिवार के कुशल सिंह साहू , मुंबई  की रविंदर खुराना  भक्तिमय शास्त्रीय नृत्य नाटिका और प्रभंजन चतुर्वेदी भिलाई भक्तिमय गीत संगीत भजन कार्यक्रम की प्रस्तुति देंगे।

23 अप्रैल को महोत्सव के दूसरे दिन विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे ।कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत करेंगे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू, कृषि मंत्री एवं रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री रविन्द्र चौबे, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया एवं समस्त मंत्रीगण, सांसदगण, संसदीय सचिव, विधायकगण, निगममंडल, आयोग, जिला पंचायत के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष तथा नगर पंचायत के अध्यक्ष शामिल होंगे।

सांस्कृतिक कार्यक्रम: 24 अप्रैल
महोत्सव के तीसरे दिन 24 अप्रैल को प्रज्ञा महिला मानस परिवार, कुरूद सिलयारी  की श्रीमती कुमुदिनी चंद्रवंशी, देवेश शर्मा रायगढ़ भक्तिमय गीत संगीत भजन और मुंबई की तृप्ति शाक्य  भक्तिमय गीत संगीत भजन की प्रस्तुति देंगे। 24 अप्रैल को महोत्सव के समापन समारोह में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत करेंगे। इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू, कृषि मंत्री एवं रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री रविन्द्र चौबे, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया एवं समस्त मंत्रीगण, सांसदगण, संसदीय सचिव, विधायकगण, निगममंडल, आयोग, जिला पंचायत के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष तथा नगर पंचायत के अध्यक्ष शामिल होंगे।

बता दें कि चंदखुरी स्थित माता कौशल्या धाम,  राम वनगमन पर्यटन परिपथ का अति महत्वपूर्ण स्थल है । यह स्थल राजधानी रायपुर से मात्र 27 कि.मी. की दूरी पर स्थित है । 126 तालाबों वाले इस गांव में जलसेन तालाब के बीच में माता कौशल्या का एतिहासिक मंदिर स्थित है जो पूरे भारत में सिर्फ यहीं पर है । प्रभु श्रीराम को गोद में लिए हुए माता कौशल्या की अद्भुत प्रतिमा इस मंदिर को दुर्लभ बनाती है ।

राम वगनमन पर्यटन परिपथ के अंतर्गत चंदखुरी में घाट का विकास एवं पैगौड़ा, प्रशासनिक ऑफिस, पब्लिक टॉयलेट, ज्योत हॉल, ब्रिज, एप्रोच रोड एवं फैसिलिटी, तालाब, लैंड स्केपिंग एंड फैसिंग, इलेक्ट्रिफिकेशन, इंटरनल और एक्सटरनल प्लंबिंग, बड़ा प्रवेश द्वार, तालाब गहरीकरण, रिटेनिंग वॉल, दीप स्तंभ, श्रीराम स्टेच्यू  एवं गेट का कार्य पूर्ण कर लिया गया है।

 


 
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शिक्षा ही एक ऐसा माध्यम है, जो जीवन में परिवर्तन लाता है : भूपेश बघेल

 सीएम बघेल ने पहाड़ी कोरवा और बिरहोर जनजाति के 142 युवाओं को प्रदान किए नियुक्ति पत्र

रायपुर  (छत्तीसगढ़ दर्पण) मुख्यमंत्री बघेल ने शुक्रवार को अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में जशपुर जिले की विशेष पिछड़ी जनजाति ’पहाड़ी कोरवा’ और ’बिरहोर’ जनजाति के 142 युवाओं को सहायक शिक्षक के पद पर नियुक्ति पत्र का वर्चुअल रूप से वितरण किया। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बगीचा में भेंट-मुलाकात के दौरान विशेष पिछड़ी जनजातियों के युवाओं को सीधी भर्ती के पदों पर नियुक्ति दिलाने की घोषणा की थी। जिस पर अमल करते हुए आज 142 युवाओं को नियुक्ति पत्रों का वितरण किया गया।


गौरतलब है कि इससे पहले भी जशपुर जिले के विभिन्न शासकीय विभागों में पहाड़ी कोरवा जनजाति के अभ्यर्थियों को उनकी पात्रता के अनुसार 57 पदों पर नियुक्तियां दी गई हैं। प्रदेश में अब तक विशेष पिछड़ी जनजाति के 708 युवाओं को शासकीय नौकरी दी जा चुकी है। मुख्यमंत्री निवास में इस अवसर पर आदिम जाति विकास मंत्री डॉ. प्रेम साय सिंह टेकाम, उद्योग मंत्री कवासी लखमा और आदिम जाति विकास विभाग की संचालक  श्रीमती शम्मी आबिदी भी उपस्थित थीं। संसदीय सचिव यू.डी. मिंज और विधायक विनय भगत कार्यक्रम स्थल से वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।

मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस से इन युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा ही एक ऐसा माध्यम है, जो जीवन में परिवर्तन लाता है। शिक्षा ही आगे बढ़ने मार्ग प्रशस्त करती है। बघेल ने कहा कि आप लोगों ने विपरीत परिस्थितियों में पढ़ाई लिखाई की। आपके माता-पिता का आशीर्वाद भी आप के साथ रहा। आप शिक्षक बने हैं, मन लगाकर बच्चों को पढ़ाएं ताकि बच्चों का भविष्य अच्छा हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य शासन द्वारा विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान और विकास के लिए अनेक योजनाएं बनाई गई हैं। इनका अधिक से अधिक अपने समाज में प्रचार-प्रसार करे ताकि विशेष पिछड़ी जनजातियों के अधिक से अधिक लोग इनका लाभ उठा सकें। उन्होंने युवाओं को उज्ज्वल भविष्य के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी।मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि जनजातीय समाज परंपरागत रूप से विकास की दौड़ में पिछड़ा हुआ समाज है। इस समाज में कुछ समुदाय बहुत ज्यादा पीछे रह गए हैं। इन समुदायों को हम विशेष पिछड़ी जनजातीय के रूप में जानते हैं। राज्य की विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान के लिए राज्य शासन द्वारा बहुआयामी प्रयास किए जा रहे हैं। इन समुदायों के पढ़े-लिखे नौजवानों को शासकीय सेवाओं में उनकी पात्रता के अनुसार सीधी नियुक्ति दी जा रही है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासियों के उत्थान के लिए जल-जंगल-जमीन के अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए हमने पेसा कानून के सबसे बेहतर नियम लागू किए हैं। 65 प्रकार की वनोपजों की समर्थन मूल्य पर खरीदी और उनके प्रसंस्करण से वनवासियों को रोजगार और आय के अच्छे साधन मिल रहे हैं। कोदो-कुटकी-रागी का समर्थन मूल्य तय करके उनकी खरीदी की व्यवस्था की गई है। इन फसलों के लिए भी राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत इनपुट सब्सिडी दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा की इन युवाओं ने बहुत विषम परिस्थितियों में अपनी पढ़ाई की है। सहायक शिक्षक के रूप में नियुक्ति मिलने से इन समुदाय में पढ़ाई के लिए उत्साह बढ़ेगा।

आदिम जाति विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार आदिवासी समुदाय के उत्थान और विकास के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने युवाओं से कहा कि एक शिक्षक के रूप में आने वाली पीढ़ी को शिक्षित करें और बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करें। संसदीय सचिव यू.डी. मिंज और विधायक विनय भगत ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पहाड़ी कोरवा और बिरहोर समुदाय के लोगों को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए राज्य शासन द्वारा इन जनजातियों के 142 युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार प्रकट किया।

आदिम जाति कल्याण विभाग की आयुक्त श्रीमती शम्मी आबिदी ने बताया कि जशपुर जिले में विशेष पिछड़ी जनजातियों के सर्वाधिक 199 युवाओं को शासकीय नौकरी दी गई है। इसी तरह बलरामपुर जिले में 95 तथा कबीरधाम जिले में इन जनजातियों के 80 युवाओं को नौकरी दी गई है। कलेक्टर जशपुर डॉ. रवि मित्तल ने बताया कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के जिन युवाओं को आज नौकरी दी गई, उनमें हायर सेकंडरी सर्टिफिकेट परीक्षा उतीर्ण 124, स्नातक उत्तीर्ण 11 एवं स्नातकोत्तर उत्तीर्ण 06 पहाड़ी कोरवा शामिल है। बिरहोर समुदाय के भी 01 अभ्यर्थी को भी नियुक्ति दी गई है। जो हायर सेकंडरी सर्टिफिकेट परीक्षा उत्तीर्ण है।

नियुक्ति मिलने पर युवाओं ने जताया मुख्यमंत्री के प्रति आभार
जशपुर जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा और बिरहोर समुदाय के युवा शासकीय नौकरी पाकर बहुत खुश है। उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से ऑनलाईन नियुक्ति पत्र मिलने पर खुशी जताते हुए आभार प्रकट किया। मुख्यमंत्री ने भी इन युवाओं के साथ आत्मीयतापूर्वक चर्चा की और उनके खुशहाल जीवन के लिए अपनी बधाई और शुभकामनाएं दी।

विकासखंड बगीचा के ग्राम कुरहाटिपना की सहायक शिक्षक के पद पर नियुक्ति प्राप्त असीमा बाई ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनके पिताजी ने मजदूरी कर उन्हें स्नातक तक की शिक्षा दिलवाई। 2019-20 में अतिथि शिक्षक के रूप में उनका चयन हुआ जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में कुछ सुधार हुआ और आज शासकीय सेवा में नियुक्ति मिलने पर अब वे अपने परिवार एवं समाज के उत्थान में सहयोग दे पाएंगी। उन्होंने कहा कि वे भविष्य में यूपीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण कर समाज एवं प्रदेश का नाम गौरवान्वित करेंगी। सहायक शिक्षक के पद पर नियुक्त बगीचा विकासखंड के ग्राम कलिया के ब्रजकिशोर राम ने मुख्यमंत्री बघेल को बताया कि उनके माता-पिता ने कृषि मजदूरी कर उनकी स्नातक तक शिक्षा दिलाई। उन्हें पूर्व में खनिज न्यास निधि के माध्यम से अतिथि शिक्षक के रूप में नियुक्ति मिली थी।

बगीचा विकासखंड के ग्राम नवरंगपुर निवासी तथा सहायक ग्रेड 3 के पद पर नियुक्त विजय कुमार ने बताया कि वे आर्थिक तंगी की वजह से अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी नहीं कर पाए, उनके माता-पिता ने कृषि मजदूरी एवं मनरेगा के तहत काम कर उनकी स्नातक की पढ़ाई पूरी करवाई। उन्हें पूर्व में अतिथि शिक्षक के रुप में नियुक्ति मिली थी। मुझे जशपुर जिले में आदिम जाति कल्याण विभाग में सहायक ग्रेड-3 के पद पर नियुक्ति मिली।

चतुर्थ श्रेणी के पद पर स्वच्छता परिचारक के पद पर नियुक्त सराईटोली, सन्ना की श्रीमती शामबती पहाड़िया ने बताया कि उनके माता-पिता ने कृषि मजदूरी एवं उधार लेकर उन्हें शिक्षा दिलवाई है। नियुक्ति प्राप्त इन युवाओं ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार प्रकट किया। राजपुर, बगीचा के संकल्प शिक्षण संस्थान मेें कक्षा 10 वीं में अध्ययनरत ग्राम राजपुर के छात्र शंशु राम ने मुख्यमंत्री बघेल से फर्राटेदार अंग्रेजी में बात की। मुख्यमंत्री द्वारा पूछे जाने पर शंशु राम ने बताया कि वे भविष्य में इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए आईआईटी मुंबई जाना चाहते हैं। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि खूब बढ़िया सपना आपने देखा है और इसे पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत की जरूरत है। अनुशासन, कड़ी मेहनत और सच्ची लगन से पढ़ाई करेंगे तो निश्चित ही आपका सपना साकार होगा। मनोरा विकासखंड के पहाड़ी कोरवा समाज की संरक्षक श्रीमती पंडरी ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया।

 

 

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बेरोजगारी भत्ता के लिए अवध राम सहित धमतरी के 5210 युवाओं ने कराया पंजीयन

धमतरी (छत्तीसगढ़ दर्पण) जिले में बेरोजगारी भत्ता लेने युवाओं में नयी ऊर्जा, उत्साह और उमंग देखा जा रहा है। युवा आवेदन करने में अपना रूचि दिखा रहे हैं। वही योजना के प्रारंभ होने के कुछ ही दिवस के भीतर ही प्रणय, राजेश और पूनम जैसे 5 हजार 210 से अधिक बेरोजगार युवाओं ने पोर्टल में अपना पंजीयन कराया है। पंजीयन के साथ ही बेरोजगारों को सत्यापन के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। उनके बैंक खातों का भी सत्यापन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा राज्य के बेरोजगारों को 25 सौ रूपए बेरोजगारी भत्ता देने की घोषणा तथा योजना के अमल के बाद धमतरी जिले के युवाओं में इस योजना का लाभ लेने के लिए जोश देखा जा रहा है। युवाओं द्वारा इस योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाईन आवेदन किया जा रहा है। अब तक जिले के धमतरी, कुरूद, मगरलोड तथा नगरी और सभी नगर पंचायतों क्षेत्रों से 5 हजार 210 ऑनलाईन आवेदन प्राप्त हो गए है। अब तक 3 हजार 702 आवेदन अनुशंसित किए गए है, जिसमे से 2 हजार 378 स्वीकृत किये गए हैं।


कलेक्टर ऋतुराज रघुवंशी के निर्देशन में जिले में बेरोजगारी भत्ता के लिए पंजीयन कराने वाले पात्र बेरोजगारों को लाभान्वित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसके लिए 50 कलस्टर बनाये गये हैं और पोर्टल में पंजीयन कराने के पश्चात सत्यापन की कार्यवाही की जा रही है। इसके लिए कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है। जिले में अब तक लगभग 5 हजार 210 आवेदन पंजीकृत हो चुके हैं। पंजीकृत आवेदनों का भौतिक सत्यापन की कार्यवाही की जा रही है। बैंक खातों का सत्यापन के साथ ही स्वीकृति की कार्यवाही की जा रही है। इधर बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदन करने वाले बेरोजगारों में इस पहल को लेकर बहुत उत्साह है। वे पात्रतानुसार अपना आवेदन कर रहे हैं। कलेक्टर ऋतुराज रघुवंशी ने टीम को निर्देशित करते हुए कहा कि कलस्टर दल लगातार सत्यापन के लिए आमंत्रण भेजते रहे। सत्यापन के बाद पोर्टल में उसी दिन एंट्री करना सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बैंक से खाता सत्यापन होकर समय पर प्राप्त हो इसके लिए शाखा प्रबंधक से लगातार संपर्क में रहे। 

बेरोजगारी भत्ते के लिए 2 वर्ष पुराना पंजीयन आवश्यक

बेरोजगारी भत्ता के लिए सत्यापनकर्ता अधिकारियों की अनुशंसा के बाद संबंधित जनपद सीईओ और नगरीय निकायों के अधिकारियों को भेजा जा रहा है, जहां बैंक खाता सहित अन्य का सत्पापन किया जा रहा है। इसके बाद स्वीकृति आदेश जारी किए जाएगा। बेरोजगार युवाओं का चयन के बाद राज्य शासन द्वारा प्रतिमाह ढाई हजार रूपए युवाओं के बैंक खाते के माध्यम से राशि का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बेरोजगारी भत्ता प्राप्त करने के लिए रोजगार कार्यालय में नया पंजीयन कराने की आवश्यकता नही है, क्योंकि बेरोजगारी भत्ते की पात्रता केवल उन्हीं व्यक्तियों को है जिनका पंजीयन कम से कम 2 वर्ष पुराना है। नया पंजीयन कराने वालों को बेरोजगारी भत्ते की पात्रता वर्तमान में नहीं हो सकेगी। उन्होंने बताया कि 3 वर्ष पुराने पंजीयन का नवीनीकरण अंतिम तारीख बीत जाने के बाद भी 2 माह के भीतर कभी भी कराया जा सकता है, इसलिए नवीनीकरण के लिए भी किसी प्रकार की जल्दीबाजी करने की आवश्यकता नही है। बता दें कि राज्य शासन द्वारा संचालित बेरोजगारी भत्ता योजना का लाभ लेने के लिए धमतरी विकासखण्ड के 1390 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसी प्रकार कुरूद विकासखण्ड के 1326, मगरलोड से 911, नगरी से 901, धमतरी नगर निगम क्षेत्र से 390, आमदी नपा से 49, भखारा नपा से 62, मगरलोड नपा से 61, नगरी नपा से 74 और कुरूद नपा से 47 कुल 5 हजार 210 आनलाईन आवेदन प्राप्त हुए है।

आवेदन किसी भी स्थान से ऑन लाइन पोर्टल पर किया जा सकता है
बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदन का ऑन-लाइन पोर्टल 1 अप्रैल खुल गया है। आवेदन करने के लिए रोजगार कार्यालय आने की आवश्यकता नही है। आवेदन किसी भी स्थान से ऑन लाइन पोर्टल पर किया जा सकता है। चॉइस सेंटरों पर भी आवेदन किया जा सकता है।

बेरोजगारी भत्ता के लिए यह दस्तावेज अनिवार्य
बेरोजगारी भत्ता के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के पूर्व वे एक वर्ष के भीतर का आय प्रमाणपत्र, मूल निवासी प्रमाणपत्र, कक्षा दसवीं की मार्कशीट या प्रमाणपत्र जिसमें जन्मतिथि लिखी हो, कक्षा 12 वीं की मार्कशीट या प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो एवं रोजगार पंजीयन कार्ड तैयार रखें क्योंकि यह दस्तावेज आवेदन फार्म में अपलोड करने होंगे। आवेदन के बाद सभी आवेदकों को दस्तावेजों के भौतिक सत्यापन के लिए पहले से समय देकर बुलाया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में 3 से 5 पंचायतों तथा नगरीय क्षेत्रों में 3 से 4 वार्डों के समूह के क्लस्टर बनाए गए है। दस्तावेजों का सत्यापन इन क्लस्टरों में किया जा रहा है, जिससे किसी भी आवेदक को दस्तावेज सत्यापन के लिए अपने घर से दूर न जाना पड़े। सत्यापन स्थल पर आवेदकों के बैठने आदि की अच्छी व्यवस्था होगी। सत्यापन के लिए पर्याप्त संख्या में अधिकारियों की टीमें भी उपलब्ध रहेगी। आवेदन पत्र में आवेदक के बैंक खाते की जानकारी ली जा रही है। जिसका सत्यापन बैंक मेनेजर से कराने के बाद बेरोजगारी भत्ते की राशि आवेदक के बैंक खाते में प्रतिमाह सीधे भेजी जाएगी। आवेदक कृपया ध्यान रखकर अपने बैंक खाते की सही जानकारी भरें, जिससे उन्हें बेरोजगारी भत्ता मिलने में कोई कठिनाई न हो। आवेदक को अपने ही बैंक खाते की जानकारी भरनी है। किसी अन्य व्यक्ति के बैंक खाते की नहीं अन्यथा बैंक मेनेजर सत्यापन के समय बैंक खाते को गलत बतायेगा और बेरोजगारी भत्ते की राशि उस खाते में अंतरित नही होगी। बेरोजगारी भत्ते के आवेदन के लिए कोई अंतिम तिथि नहीं है, इसलिए किसी भी व्यक्ति को हड़बड़ी करने की आवश्यकता नही है। बेरोजगारी भत्ते के आवेदन का पोर्टल लगातार खुला रहेगा और आवेदक किसी भी दिन किसी भी समय ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। राज्य सरकार सभी पात्र व्यक्तियों को बेरोजगारी भत्ता देने के लिये कृतसंकल्पित है।

 

 
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सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, 5 नक्सली घायल

सुकमा (छत्तीसगढ़ दर्पण) छत्तीसगढ़ के नक्‍सल प्रभावित सुकमा जिले में डीआरजी के जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ की खबर आ रही है। पुलिस ने मुठभेड़ में 4 से 5 नक्सलियों के घायल होने का दावा किया है।

पुलिस के अनुसार सर्चिंग पर निकली सुरक्षा बल के जवानों पर बंडा- कन्हईगुड़ा के पास घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी।जवानों ने मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की। एसपी सुनील शर्मा ने डीआरजी के जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ की खबर की पुष्टि की है।

एसपी सुनील शर्मा ने मुठभेड़ के दौरान 4 से 5 नक्सलियों के घायल होने का दावा किया है। फिलहाल मौके पर जवान मौजूद हैं।

इधर, नारायणपुर से भी एक नक्‍सलियों के उत्‍पात की खबर आ रही है।

नक्‍सलियों ने यहां आमदई खदान में लोडिंग के लिए लगे एक वाहन में आग लगा दी है। इतना ही नहीं नक्‍सलियों ने बैनर लगाकर आमदई खदान में काम का विरोध किया है।

 

 

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मुख्यमंत्री 22 को करेंगे चंदखुरी महोत्सव का शुभारंभ

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 22 अप्रैल को माता कौशल्या महोत्सव का उद्घाटन करेंगे। कौशल्या महोत्सव 22 अप्रैल से 24 अप्रैल तक आरंग विधानसभा क्षेत्र के चंदखुरी में आयोजित होगा।

महोत्सव के शुभारंभ कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत करेंगे।

इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू, कृषि मंत्री एवं रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री रविन्द्र चौबे, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया एवं समस्त मंत्रीगण, सांसदगण, संसदीय सचिव, विधायगण, निगममंडल, आयोग, जिला पंचायत के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष तथा नगर पंचायत के अध्यक्ष शामिल होंगे।

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार प्रदेश की कला, संस्कृति एवं पर्यटन को बढ़ावा देने सतत् प्रयास के अंतर्गत तथा माता कौशल्या जन्मभूमि के वैभव को विश्व पटल पर स्थापित करने एवं महिला सशक्तिकरण, कार्यशील कलाकरों के संरक्षण, संवर्धन एवं कला दलों के सतत् विकास हेतु  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विधानसभा में राष्ट्रीय स्तर पर माता कौशल्या महोत्सव मनाने की घोषणा की थी।

सांस्कृतक कार्यक्रम की प्रस्तुति-22 अप्रैल शाम 5 बजे चंदखुरी रायपुर
महोत्सव के पहले दिन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में माधुरी महिला मानस मंडली गरियाबंद, पुष्पांजलि सिन्हा, राम की शक्ति पूजा वाराणसी व्योमेश शुक्ला, भक्तिमय गीत-संगीत भजन मुम्बई और कविता पौडवाल द्वारा प्रस्तुत की जाएगी।

 

 

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घायल चीतल का वन विभाग ने किया रेस्क्यू

मुंगेली (छत्तीसगढ़ दर्पण) वनमण्डल के लोरमी वन परिक्षेत्र अंतर्गत तुलसाघाट नर्सरी के पास शुक्रवार तड़के सुबह चीतल घायल अवस्था में मिला । जिसे देखने लोगों की भीड़ उमड़ गई । वहीं नर्सरी के चौकीदार के इस घायल चीतल को देखने पर इसकी सूचना उन्होंने वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी को दी। जिसके बाद मौके पर वन परिक्षेत्र लोरमी के रेंजर सहित वन अमला पहुंचा। जहां उन्होंने चीतल को रेस्क्यू कर उसता पशु चिकित्सालय में प्राथमिक इलाज किया गया।

इस पूरे मामले को लेकर वन परिक्षेत्र अधिकारी ने बताया कि सूचना मिलते ही तत्काल चीतल को मशक्कत के बाद पकड़ा गया। उन्होंने बताया कि खाने-पीने की तलाश में जंगल से भटककर हिरण मैदानी इलाके में आ गया था. जिसकी सूचना के बाद पशु चिकित्सक के द्वारा प्राथमिक उपचार लोरमी के पशु विभाग के चिकित्सालय में किया गया. फिलहाल इस नर चीतल को बेहतर इलाज और संरक्षण के लिए कानन पेंडारी भेज दिया गया है।

इस घटना को लेकर पशु चिकित्सक प्रमोद नामदेव ने बताया कि सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि घायल चेतन को प्राथमिक उपचार के बाद कानन पेंडारी भेजा गया है. चीतल के जांघ पर घाव के निशान थे, जिसका इलाज कर दिया गया है।

 

 

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बेटियों की शादी के लिए दिया आर्थिक सहयोग

भिलाई (छत्तीसगढ़ दर्पण)  भिलाई ट्रक ट्रेलर ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन के सदस्य बसंत कुमार गेन्द्रे पेशे से ड्राइवर है, उनकी बिटिया की शादी के लिए संस्था के पदाधिकारियों ने 25 हजार रुपये नगद देकर मदद कर अनुकरणीय पहल की है । बसंत कुमार ने 25 हजार की नगद राशि पाकर अपनी खुशी जाहिर करते हुए बताया कि इस प्रकार से सहयोग कोई देता नहीं है। संस्था का दिल देखिए इतना बड़ा है कि 25 हजार नगद देकर मुझ पर बहुत बड़ा उपकार किया।

संस्था के संरक्षक के अचल भाटिया व संस्था के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह छोटू का बसंत ने आभार व्यक्त किया।  एक अन्य सदस्य पप्पू प्रसाद भी पेशे से ड्राइवर है।  जो विगत 30 वर्षों से गाड़ी चलाने का कार्य करते है। अब उनकी बिटिया की शादी होने जा रही है जिसे संस्था के तरफ  से 25 हजार राशि का सहयोग दिया गया। सहयोग के लिये भिलाई ट्रक ट्रेलर ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन का आभार व्यक्त करते हुए पप्पू ने इस पहल को बहुत अच्छा बताया व कहा कि इस प्रकार से कार्य सभी जगह होना चाहिए। जिससे लोग संस्था के प्रति अपनापन महसूस करेंगे। इस दौरान भिलाई ट्रक ट्रेलर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के संरक्षक अचल भाटिया, अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह छोटू,, महासचिव मलकीत सिंह मीडिया प्रभारी गोकुल शर्मा सहित एसोसिएशन से जुड़े लोगों में निर्मल सिंह, कार्यकारणी अध्यक्ष अनिल चौधरी, जोगा राव, संदीप सिंह, दिलीप खटवानी, सुधीर सिंह, महेंद्र सिंग पप्पी,  शाहनवाज शानू , रिज्जु सिंह, गुरप्रीत सिंह, आनंद सिंह, अमित सिंह, सोनू, मोनी, बलजिंदर सिंह बिल्ला, रमन सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

 

 

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समय रहते बाल विवाह रोकें : तेजकुंवर नेताम

 राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने लिखा कलेक्टरों को पत्र

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती तेजकुंवर नेताम ने 22 अप्रैल को अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह होने की संभावना को ध्यान में रखते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग तथा सभी जिलों को पत्र लिखकर समय रहते बाल विवाह की रोकथाम की कार्यवाही एक अभियान के रूप में योजनाबद्ध तरीके से करने कहा है। बाल विवाह किये जाने पर दोषियों के विरूद्ध कड़ी कानूनी कार्यवाही भी की जाये ।

छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने अनुशंसा पत्र जारी कर कहा है कि बाल विवाह की रोकथाम के लिए समय रहते कार्यवाही करना जरूरी है। विवाह के दिन ही जाकर रोकथाम करने पर बहुत कठिनाईयों का समना करना पड़ता है। आयोग ने कलेक्टरों को बाल विवाह की रोकथाम के लिए पुलिस, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा  आदिवासी विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करने कहा गया है। आयोग ने कहा है कि पंचायत तथा क्लस्टरवार नोटल अधिकारियों की तैनाती की जाये । बाल विवाह रोकने के लिए पंचायत स्तरीय बाल संरक्षण समिति का सहयोग भी लिया जाये । जिला प्रशासन द्वारा ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर ली जाये जहां पहले भी बाल विवाह के मामले अधिक आये हैं। गांव में सरपंचों द्वारा मुनादी और प्रचार-प्रसार की व्यवस्था की जाये। सामुदायिक भवनों को विवाह के लिए देने से पहले तथा वैवाहिक कार्ड छापने के पहले वर व वधु की जन्मतिथि से संबंधित जानकारी लेकर आश्वस्त हो जायें।

 

 

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