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भोरमदेव शक्कर कारखाना अब गैर-अंशधारी किसानों को भी देगा सदस्यता

 मुख्यमंत्री सुशासन तिहार, जनदर्शन, भारतीय किसान संघ और अन्य संगठनों द्वारा लंबे समय से गैर-अंशधारी किसानों को सदस्य बनाने की मांग की जा रही थी। इसलिए पिछले पेराई सत्र में जिन किसानों ने गन्ना दिया है, उन्हें सदस्यता प्रदान की जाएगी। साथ ही, आने वाले पेराई सीजन में सर्वे के अनुसार जो भी गन्ना किसान कारखाने की आवश्यकता अनुसार गन्ना आपूर्ति करेंगे, उन्हें भी अगले वर्ष सदस्यता दी जाएगी।

कवर्धा जिले के गन्ना किसानों के लिए ऐतिहासिक सौगात मिली है। भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना अब गैर-अंशधारी किसानों को भी सदस्यता देने जा रहा है। भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना मर्यादित कवर्धा ने आगामी पेराई सीज़न 2025-26 में गन्ना आपूर्ति करने वाले गैर-अंशधारी किसानों को भी आने वाले साल में सदस्यता देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। निर्णय के अनुसार गन्ना देने वाले गैर-अंशधारी किसानों को भी सदस्यता प्रदान की जाएगी। इससे सभी गन्ना किसानों को बराबरी का दर्जा मिलेगा और कारखाने की गन्ना आपूर्ति स्थिर व सुनिश्चित होगी।

      यह कदम किसानों के हित में है और इससे क्षेत्र में सहकारिता आंदोलन को नई दिशा मिलेगी। भोरमदेव शक्कर कारखाना 03 अप्रैल 2001 को पंजीकृत हुआ था और वर्तमान में इसकी क्षमता 3500 मैट्रिक टन प्रतिदिन है। स्थापना के समय न्यूनतम 2000 रुपए शेयर राशि और 100 रुपए प्रवेश शुल्क तय किया गया था। वर्तमान में इसमें 23,476 अंशधारी सदस्य हैं, जिनमें से हर साल लगभग 12,500-13,000 किसान ही गन्ना आपूर्ति करते हैं। कारखाने के पेराई लक्ष्य को पूरा करने के लिए साढ़े चार लाख मीट्रिक टन गन्ने की आवश्यकता होती है, लेकिन पिछले वर्ष पर्याप्त गन्ना आपूर्ति नहीं होने से कारखाना समय से पहले बंद करना पड़ा।

          प्रबंध संचालक मंडल ने किसानों की इस मांग को मानते हुए निर्णय लिया है कि अब भविष्य में गन्ना आपूर्ति करने वाले गैर-अंशधारी किसानों को भी कारखाने की सदस्यता दी जाएगी। कारखाना प्रबंधन का कहना है कि इस निर्णय से न केवल गन्ना आपूर्ति स्थिर होगी बल्कि किसानों का भरोसा भी मजबूत होगा। किसानों ने इस निर्णय का स्वागत किया है और इसे गन्ना उत्पादकों के लिए नया अध्याय बताया है।
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गोदड़ीवाला धाम पहुंचे मुख्यमंत्री : प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कल देर रात राजधानी रायपुर के देवपुरी स्थित गोदड़ीवाला धाम पहुंचे, जहाँ उन्होंने संत शिरोमणि बाबा हरदास राम साहिब जी की 34वीं बरसी महोत्सव में शामिल होकर संत परंपरा को नमन किया।


मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री गोदड़ीवाला धाम में स्थापित संत गेला राम साहिब जी की प्रतिमा के समक्ष मत्था टेककर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा – “यह मेरा परम सौभाग्य है कि मुझे संत शिरोमणि बाबा हरदास राम साहिब जी की बरसी महोत्सव में शामिल होने का अवसर मिला। यहाँ देशभर से आए पूज्य संतों के दर्शन का लाभ मिल रहा है। मेरी कामना है कि छत्तीसगढ़ पर संतों का आशीर्वाद सदा बना रहे और घर-घर में खुशहाली एवं समृद्धि हो।”

मुख्यमंत्री ने बरसी महोत्सव में पधारे देशभर के संत-महात्माओं का छत्तीसगढ़ की पावन भूमि पर हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि श्री गोदड़ीवाला संत बाबा हरदास राम जी का संपूर्ण जीवन मानव सेवा, त्याग और समर्पण का प्रेरणास्रोत रहा है। उनके चरण पड़ने से छत्तीसगढ़ की यह धरा धन्य हुई है।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि धाम परिसर में समय-समय पर आयोजित नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर, स्वास्थ्य शिविर और रक्तदान शिविर संत बाबा हरदास राम जी की शिक्षाओं और आदर्शों का जीवंत उदाहरण हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बरसी महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भक्ति, एकता और सामाजिक सेवा का उत्सव है।

संत समाज को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या का मायका और भगवान श्रीराम का ननिहाल है। उन्होंने कहा कि राजिम में भगवान श्रीराम और माता सीता द्वारा स्थापित कुलेश्वर महादेव आज भी विराजमान हैं। भगवान श्रीराम ने अपने 14 वर्षों के वनवास में से लगभग 10 वर्ष छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर व्यतीत किए। प्रदेशवासी भगवान श्रीराम को आज भी अपना भांजा मानते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के दर्शन कराने हेतु ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ चला रही है। इस योजना के अंतर्गत पिछले वर्ष 22 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने अयोध्या पहुंचकर श्रीरामलला के दर्शन किए।

बरसी महोत्सव में मुख्यमंत्री के साथ विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री नन्द कुमार साहू, छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष श्री अनिल थौरानी, श्री ललित जयसिंह, श्री श्रीचंद सुंदरानी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।
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रायपुर में एम एम आई नारायणा हॉस्पिटल द्वारा आयोजित " एन एच वॉकथॉन" सम्पन्न – हजारों लोगों की उमंग, स्वस्थ जीवन का लिया संकल्प

 
MMI Narayana Hospital, रायपुर द्वारा आयोजित 14वें सीजन का वॉकथॉन आज सुबह शाहिद भगत सिंह चौक से उत्साह और उमंग के साथ सम्पन्न हुआ। इस भव्य स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम में हजारों लोगों ने भाग लिया और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।
 
इस अवसर पर MMI Narayana Hospital, रायपुर की कार्डियक टीम — डॉ. एस. एस पाढ़ी, डॉ सुनील गौणियाल, डॉ. पी.के. हरी, डॉ. वसीम खान एवं डॉ. स्नेहिल गोस्वामी, कार्डियक अनेसथेटिक डॉ राकेश चाँद मौजूद रहे। डॉक्टरों ने प्रतिभागियों को नियमित चलने (Walking) के लाभों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि वॉकिंग से हृदय स्वस्थ रहता है, ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल नियंत्रित रहता है, तनाव कम होता है और हार्ट अटैक की संभावना घटती है।
 
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में CRPF 211 बटालियन से इंस्पेक्टर राकेश सिंह की टीम, CRPF 65 बटालियन से इंस्पेक्टर नागेंद्र प्रताप सिंह, जिंदल ग्रुप से श्री प्रदीप टंडन एवं My FM से साजी लुकास उपस्थित रहे।
 
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा iPhone 17 गिवअवे, जिसमें विजेता बनीं कांति कुमारी। इसके अलावा, जोश और फिटनेस से भरपूर जुम्बा डांस सेशन ने प्रतिभागियों का उत्साह दोगुना कर दिया।
 
Hospital ke फैसिलिटी डायरेक्टर श्री अजित बेल्लोमकोंडा ने कार्यक्रम को सफल बनाने में रायपुर पुलिस, रायपुर ट्रैफिक पुलिस और नगर पालिका निगम का विशेष धन्यवाद व्यक्त किया , जिन्होंने बेहतर प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की।
 
MMI Narayana Hospital, रायपुर की इस पहल को भारी समर्थन मिला और हजारों प्रतिभागियों ने इस वॉकथॉन को सिर्फ एक आयोजन नहीं बल्कि स्वस्थ जीवन की ओर बढ़ाया गया कदम बताया।
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने किया आईआईटी भिलाई फेस-2 परियोजना का वर्चुअल शिलान्यास

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज झारसुगुड़ा (ओडिशा) में आयोजित कार्यक्रम के दौरान देश के आठ भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) में अधोसंरचना विकास कार्यों का वर्चुअल शिलान्यास किया। इनमें आईआईटी भिलाई के फेस-2 परियोजना भी शामिल है। अन्य सात संस्थानों में आईआईटी पटना, आईआईटी इंदौर, आईआईटी जोधपुर, आईआईटी तिरुपति, आईआईटी पलक्कड़, आईआईटी धारवाड़ और आईआईटी जम्मू सम्मिलित हैं।

इस अवसर का सीधा प्रसारण आईआईटी भिलाई परिसर के नालंदा व्याख्यान कक्ष में किया गया। समारोह में छत्तीसगढ़ के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब और अहिवारा के विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा उपस्थित रहे।

मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा आठ आईआईटी परियोजनाओं का शिलान्यास होना पूरे देश और छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात है। इससे प्रदेश में तकनीकी शिक्षा का विस्तार होगा और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आईआईटी भिलाई के फेस-2 निर्माण पूर्ण होने पर शोधार्थी छात्रों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

फेस-2 परियोजना : तकनीकी शिक्षा और नवाचार की नई दिशा

भारत सरकार ने 29 मई 2025 को फेस-2 निर्माण के लिए 2,257.55 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं, जिनमें से 1,092 करोड़ रुपये परिसर निर्माण पर व्यय होंगे। इस चरण में 1 लाख 51 हजार 343 वर्ग मीटर का अतिरिक्त क्षेत्र विकसित किया जाएगा, जिसमें नए इंजीनियरिंग और विज्ञान विभाग, अत्याधुनिक प्रयोगशालाएँ, आईसीटी सक्षम व्याख्यान कक्ष और प्रोटोटाइप सुविधाएँ शामिल होंगी।

छात्र संख्या 1,500 से बढ़कर 3,000 हो जाएगी। परियोजना में छात्रावास, मेस हॉल, खेल परिसर, ओपन एयर थिएटर, कैंटीन, खेल मैदान, टेनिस कोर्ट, आवासीय भवन, स्वास्थ्य केंद्र और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स जैसी सुविधाएँ भी जोड़ी जाएंगी। फेस-2 की सबसे महत्वपूर्ण पहल छत्तीसगढ़ का पहला अनुसंधान पार्क है, जिसकी स्थापना 96 करोड़ रुपये की लागत से की जाएगी। इस परियोजना को अक्टूबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

आईआईटी भिलाई की स्थापना वर्ष 2016 में की गई थी। फेस-1 निर्माण के लिए  1090.17 करोड़ मंजूर किए गए थे, जिसके तहत 1 लाख 34 हजार 450 वर्ग मीटर क्षेत्र में स्मार्ट, पर्यावरण-संवेदनशील और छात्र-केंद्रित परिसर विकसित किया गया, जिसका लोकार्पण प्रधानमंत्री द्वारा 20 फरवरी 2024 को किया गया था। इस परिसर को जीआरआईएचए एलडी रेटिंग और एनएससीआई सुरक्षा पुरस्कार 2021 सहित कई सम्मान प्राप्त हुए हैं।

आईआईटी भिलाई की उपलब्धियाँ और विशेषताएँ

आईआईटी भिलाई का परिसर गोंड आदिवासी कला से प्रेरित प्रवेश गलियारों से सुशोभित है, जो छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक हैं। संस्थान वर्तमान में लगभग 185 करोड़ रुपये की 300 से अधिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय परियोजनाओं का नेतृत्व कर रहा है तथा अब तक 30 पेटेंट दर्ज किए जा चुके हैं।

संस्थान विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के अंतःविषय साइबर-भौतिक प्रणालियों (NM-ICPS) पर राष्ट्रीय मिशन के अंतर्गत स्थापित सेक्शन 8 कंपनी आईआईटी भिलाई इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी फाउंडेशन (I B I T F) की मेजबानी करता है। हाल ही में आईबीआईटीएफ को वित्तीय क्षेत्र के लिए फिनटेक आधारित नवाचारों को प्रोत्साहित करने हेतु ‘श्रेणी-ए हब’ के रूप में नामित किया गया है।

आईआईटी भिलाई की एक उल्लेखनीय पहल विद्या समीक्षा केंद्र, छत्तीसगढ़ है, जो राज्यभर के स्कूलों, शिक्षकों और छात्रों के लिए एक केंद्रीकृत, वास्तविक समय डिजिटल निगरानी प्रणाली है। इस मंच ने 10 लाख गैर-मौजूद छात्र रिकॉर्ड की पहचान कर उन्हें समाप्त किया, जिससे लगभग 40 करोड़ रुपये की बचत हुई और 60 लाख पाठ्यपुस्तकों का सही वितरण संभव हो सका।

इसके अलावा संस्थान ने गहन तकनीकी समाधानों के माध्यम से जनजातीय समुदायों के उत्थान के लिए देशभर में कुल 54 जनजातीय विकास परियोजनाएँ शुरू की हैं, जिन पर 19 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं।

वर्तमान और भविष्य

वर्तमान में आईआईटी भिलाई में बी.टेक, एम.टेक, एम.एससी. और पीएच.डी. कार्यक्रमों के अंतर्गत 1,525 छात्र अध्ययनरत हैं। फेस-2 विकास के साथ यह संख्या 3,000 तक पहुँच जाएगी। इससे संस्थान न केवल शिक्षण और अनुसंधान के क्षेत्र में बल्कि उद्योग सहयोग और तकनीकी विकास में भी एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित होगा।

इस अवसर पर संस्था के विषय विशेषज्ञ, प्राध्यापकगण, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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इन्फ्रास्ट्रक्चर और संसाधनों की उपलब्धता के साथ समय पर न्याय उपलब्ध कराने राज्य सरकार कटिबद्ध : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

 छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की स्थापना का रजत जयंती समारोह’ का आयोजन महामहिम राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों ने मुख्य अतिथि राज्यपाल श्री रमेन डेका एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू को पौधा एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर स्वागत एवं अभिनंदन किया। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, विधि मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस भी इस अवसर पर  मौजूद रहे। कार्यक्रम में रजत जयंती समारोह पर केंद्रित स्मारिका का विमोचन भी किया। 


मुख्य अतिथि राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि इस गौरवशाली अवसर पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की रजत जयंती समारोह में आप सभी को संबोधित करना मेरे लिए अत्यंत सम्मान और गर्व का विषय है। 1 नवम्बर 2000 को जब छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना हुई, तब शासन के साथ-साथ न्याय के क्षेत्र में भी एक नई शुरुआत हुई। इस राज्य के जन्म के साथ ही इस महान संस्था छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर की स्थापना हुई। तभी से यह न्यायालय संविधान का व्याख्याकार, नागरिक अधिकारों का संरक्षक और न्याय का प्रहरी बनकर खड़ा है। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने लोक अदालत के अंतर्गत लंबित मामलों के हो रहे त्वरित निराकरण के लिए न्यायपालिका की सराहना की। उन्होंने न्यायपालिका में नैतिकता, सुदृढ़ीकरण और न्यायपालिका के लंबित मामलों को कम कर आम जनों को त्वरित न्याय उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि न्याय केवल सामर्थ्यवान लोगों के लिए ही उपलब्ध नहीं हो बल्कि गांव गरीब एवं आमजनों के लिए भी सर्व सुलभ न्याय उपलब्ध हो तभी इस लोकतांत्रिक व्यवस्था में न्यायपालिका की भूमिका सार्थक बनेगी। 

राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि हम उन दूरदर्शी व्यक्तित्वों और संस्थापकों को कृतज्ञतापूर्वक नमन करते हैं, जिन्होंने इस न्यायालय की नींव रखी। प्रथम मुख्य न्यायाधीश माननीय न्यायमूर्ति डब्ल्यू.ए. शिशक और उनके उत्तराधिकारियों ने इस नवगठित न्यायालय को गरिमा, विश्वसनीयता और सशक्त न्यायिक परंपरा प्रदान की। इसी प्रकार अधिवक्ताओं, न्यायालय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की निष्ठा और परिश्रम ने इस संस्था को पच्चीस वर्षों तक सुदृढ़ बनाए रखा। इन वर्षों में न्यायालय ने संवैधानिक नैतिकता, नागरिक स्वतंत्रता, आदिवासी अधिकार, पर्यावरण संरक्षण, सुशासन और सामाजिक न्याय जैसे अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर निर्णय दिए। इसने छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचानदृउसके जंगल, खनिज, संस्कृति और वंचित समुदायों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाया। विकास और अधिकारों के बीच संतुलन स्थापित करते हुए इसने यह सुनिश्चित किया कि प्रगति कभी भी न्याय की कीमत पर न हो।

समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि हमारा प्रदेश छत्तीसगढ़ अपनी स्थापना की रजत जयंती मना रहा है। यह शुभ अवसर हमारे हाईकोर्ट की रजत जयंती का भी है। यह वर्ष हमारी विधानसभा का रजत जयंती वर्ष भी है। इन सभी शुभ अवसरों पर मैं आप सभी को हार्दिक बधाई देता हूँ।. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बिलासपुर की नगरी को एक नई पहचान दी है। इस शुभ अवसर पर हम भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री एवं हमारे राज्य के निर्माता श्रद्धेय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिनकी दूरदर्षिता से छत्तीसगढ़ राज्य एवं छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की स्थापना संभव हो सकी। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन्फ्रास्ट्रक्चर और संसाधनों की उपलब्धता के साथ ही हम किसी भी हालत में समय पर न्याय उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध हैं। इसी क्रम में हमने वर्ष 2023-24 की तुलना में विधि एवं विधायी विभाग के बजट में पिछले साल 25 प्रतिशत और इस वर्ष 29 प्रतिशत बढ़ोतरी की है। यह पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है कि इस पीठ के न्यायाधीश जस्टिस ए.एम. खानविलकर, जस्टिस श्री नवीन सिन्हा, जस्टिस श्री अशोक भूषण, जस्टिस श्री भूपेश गुप्ता और जस्टिस श्री प्रशांत कुमार मिश्रा जैसे न्यायाधीश देश की सर्वाेच्च अदालत तक पहुँचे। न्यायिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने वर्चुअल कोर्ट और लाइव स्ट्रीमिंग जैसे डिजिटल नवाचारों को बढ़ावा दिया है। साथ ही डिजिटल रिकॉर्ड रूम, आधार आधारित सर्च और न्यायिक प्रशिक्षण के नए माड्यूल भी अपनाये जा रहे हैं। अपने 25 वर्षों की इस गौरवशाली यात्रा में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने ऐसे उल्लेखनीय फैसले दिये हैं जो देश भर में नजीर के रूप में प्रस्तुत किये जाते हैं। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की स्थापना के बाद छत्तीसगढ़ के युवाओं में लॉ प्रोफेशन की ओर भी रुझान बढ़ा है। इससे उन्हें करियर के नये अवसर मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री नेा कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने अंग्रेजों के समय की दंड संहिता को समाप्त कर भारतीय न्याय संहिता को लागू किया। अंग्रेजों के समय भारतीय दंड संहिता का जोर दंड पर था। भारतीय न्याय संहिता का जोर न्याय पर है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का प्रयास है कि लोगों को आधुनिक समय के अनुरूप आये नये तकनीकी बदलावों को भी शामिल किया गया है। इसमें फॉरेंसिक साइंस से जुड़ी पहलुओं का काफी महत्व है। लोगों को त्वरित और सुगम न्याय मिल सके, इसके लिए न्यायपालिका को मजबूत करने समय-समय पर जो अनुशंसाएँ की गईं, उनका बीते एक दशक में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में प्रभावी क्रियान्वयन हुआ है। 

उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश श्री जे.के. माहेश्वरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है और यह धान्य पूर्णता की ओर ली जाती है। जहां धर्म है वहां विजय है। हमार सच्चा कर्म और विचार ही धर्म है। चेतना ही सहज धर्म से जोड़ती है। अगले 25 साल में हम न्यायपालिका को कहां रखना चाहते है इस पर विचार और योजना बनाने का समय है। आम आदमी कोर्ट के दरवाजे पर एक विश्वास के साथ आता है उस मूल भावना के साथ कार्य करें। उन्होंने न्याय व्यवस्था से जुड़े बेंच, बार और लॉयर को विजन के साथ आगे बढ़ने प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सभी समेकित विजन बनाएं ताकि न्यायपालिका अपने जनकल्याण के अंतिम उद्वेश्य तक पहुंच सके। न्यायाधीश श्री माहेश्वरी ने कहा कि भारत के संविधान में रूल ऑफ लॉ की भावना पूरी हो इसके लिए सभी कार्य करें और अंतिम पायदान तक खड़े व्यक्ति तक न्याय पहंुचे इस सोच के साथ आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि आमजनों का विश्वास प्राप्त करना न्यायपालिका का सर्वाेत्तम उद्देश्य है। हाईकोर्ट की स्थापना के साक्षी रहे उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश श्री प्रशांत कुमार मिश्रा ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के रजत जयंती कार्यक्रम के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी और न्यायालय से जुड़े अपने संस्मरण साझा किया। 

रजत जयंती कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि आज केवल न्यायपालिका के 25 वर्षों की यात्रा का उत्सव नहीं है बल्कि न्यायपालिका की उस सुदृढ़ परंपरा का सम्मान है जिसने संविधान और लोकतंत्र की रक्षा में अपना निरंतर योगदान दिया है। पिछले 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने न्याय की पहुंच को आम जनता तक सरल बनाने, पारदर्शिता सुनिश्चित करने और तकनीकी को क्रांति की तरह अपनाने में अभूतपूर्व कार्य किए हैं। 

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा ने स्वागत भाषण दिया। न्यायालय की स्थापना के रजत जयंती अवसर पर सभी अतिथियों और उपस्थित जनों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय का रजत जयंती कार्यक्रम निश्चित रूप से हम सभी के लिए गौरवशाली क्षण है। पिछले 25 वर्षों में न्यायालय ने विधि के शासन को स्थापित करने बेहतर कार्य किया है। उन्होंने न्यायालय की स्थापना से लेकर अब तक उपलब्धि एवं कामकाज में आए सकरात्मक बदलाव से सभा को अवगत कराया।  

समारोह के अंत में न्यायाधीश श्री संजय के अग्रवाल ने आभार प्रदर्शन किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव, श्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, विधि विधायी मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, मद्रास उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री एम.एम. श्रीवास्तव, तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पी सैम कोसी, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश श्री यतीन्द्र सिंह, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, डीजीपी श्री अरूणदेव गौतम, महाधिवक्ता श्री प्रफुल्ल भारत, विधायक श्री धरमलाल कौशिक, श्री अमर अग्रवाल, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट बार एसोसिएशन अध्यक्ष श्री चंदेल सहित अन्य न्यायाधीश, अधिवक्ता, जन प्रतिनिधिगण तथा न्यायिक सेवा से जुड़े अधिकारी उपस्थित थे।
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जीएसटी बचत उत्सव: ट्रैक्टर खरीदी में किसानों को मिली बड़ी राहत – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज जीएसटी बचत उत्सव के बीच औचक निरीक्षण पर देवपुरी स्थित ट्रैक्टर शोरूम पहुंचे। श्री साय ने यहां किसानों से आत्मीय संवाद कर जीएसटी कटौती पर उनकी प्रतिक्रिया और खरीदी में हुई बचत की जानकारी ली। मुख्यमंत्री श्री साय ने शोरूम में ट्रैक्टर और हार्वेस्टर खरीदने आए किसानों को चाबी सौंपकर शुभकामनाएं दीं।


मुख्यमंत्री श्री साय ने अभनपुर के बिरोदा निवासी श्री रवि कुमार साहू को उनके नए हार्वेस्टर की चाबी सौंपी। इस अवसर पर खुशी व्यक्त करते हुए श्री रवि साहू ने कहा, "मैने सपने में भी नहीं सोच था कि मैं नया हार्वेस्टर खरीदूंगा। मैं सेकेंड हैंड हार्वेस्टर खरीदने के बारे में सोच रहा था। जीएसटी उत्सव में नए हार्वेस्टर खरीद पर मुझे पूरे 2 लाख रुपए की बचत हुई है। किसानों की चिंता का समाधान हमारे संवेदनशील प्रधानमंत्री मोदी जी और किसानहितैषी मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी ही कर सकते हैं। मुख्यमंत्री जी ने स्वयं मुझे मेरे नए हार्वेस्टर की चाबी सौंपी और मुझसे बेहद आत्मीयता से संवाद किया। मैंने उन्हें बताया कि मेरे पास दो एकड़ खेत है और अब हार्वेस्टर आने से मैं गांव में साझेदारी से और अधिक खेती कर पाऊंगा।” श्री रवि ने जीएसटी में कटौती के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार जताया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अभनपुर कोलर से आए वरिष्ठ किसान श्री ज्ञानिक राम साहू को उनके नए ट्रैक्टर की चाबी सौंपी। मुख्यमंत्री से संवाद करते हुए श्री साहू ने बताया कि जीएसटी में कटौती के बाद नए ट्रैक्टर की खरीदी पर उन्हें पूरे 60 हजार रुपए की बचत हुई है। उन्होंने कहा कि इस बचत से उनका परिवार त्योहार को और अच्छे से मना सकेगा।

ट्रैक्टर शो रूम के प्रोप्राइटर श्री अशोक अग्रवाल ने मुख्यमंत्री से संवाद में बताया कि जीएसटी में कटौती के कारण बिक्री में इज़ाफ़ा हो रहा है और ग्राहकों का उत्साह बढ़ा है। उन्होंने कहा, “पहले जो ट्रैक्टर 10.25 लाख रुपए का आता था, वह अब 9.75 लाख रुपए में उपलब्ध है, जिससे किसानों को 50 हजार रुपए की बचत हो रही है। इसी तरह 7.62 लाख का ट्रैक्टर अब 7.21 लाख और 6.51 लाख का ट्रैक्टर अब 6.11 लाख रुपए में मिल रहा है। कीमतों में कटौती और फेस्टिवल डिस्काउंट से किसानों की बड़ी बचत हो रही है। जीएसटी दर घटने के बाद हार्वेस्टर भी सस्ते हो गए हैं।”

जीएसटी कटौती से बाइक खरीदी में 7 हजार की बचत

इसके बाद मुख्यमंत्री श्री साय देवपुरी के बजाज बाइक शोरूम पहुंचे और यहां मौजूद ग्राहकों से जीएसटी कटौती पर आत्मीय चर्चा की। उन्होंने बाइक खरीदने आए संतोषी नगर निवासी श्री एम.डी. गुलाब को उनकी नई बाइक की चाबी सौंपी।  श्री गुलाब ने बताया कि जीएसटी में कटौती के बाद बाइक खरीदने पर उन्हें 7 हजार रुपए की बचत हुई है। उन्होंने कहा, “मैंने बजाज प्लेटिना 110 सीसी बाइक खरीदी है, जिसकी पहले कीमत 89,000 रुपए थी, जो अब मुझे 82,000 रुपए में मिली।”

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लागू जीएसटी 2.0 ने आम जनता, किसानों और उपभोक्ताओं को वास्तविक राहत दी है। ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और अन्य कृषि यंत्रों की कीमतों में आई कमी से किसानों को सीधा लाभ हो रहा है, जिससे उनकी खेती-किसानी और जीवनयापन और सुगम होगा। उन्होंने कहा कि इस जीएसटी बचत उत्सव से उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ कम हुआ है और त्यौहारी सीजन में परिवारों की खुशियाँ बढ़ी हैं।  यह सुधार न केवल आर्थिक गतिविधियों को गति दे रहा है बल्कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में उत्साह और समृद्धि का नया वातावरण भी बना रहा है।
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सिलतरा फैक्ट्री हादसे में 6 श्रमिकों की मौत, कई घायल – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा शोक

 राजधानी रायपुर के सिलतरा स्थित फैक्ट्री में आज हुए दर्दनाक हादसे में 6 श्रमिकों की मृत्यु हो गई तथा कई श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन की टीम राहत और बचाव कार्य में जुट गई है।


मुख्यमंत्री श्री साय ने जिला प्रशासन को घायलों के इलाज की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने इस दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह अत्यंत दुःखद और पीड़ादायक घटना है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति एवं शोक संतप्त परिजनों को संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।
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पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर दिया गया स्वच्छता का संदेश

नगर पालिक निगम चिरमिरी द्वारा स्वच्छता ही सेवा 2025 और रजत जयंती वर्ष के अवसर पर दिनांक 25 सितम्बर 2025 को पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जन्मदिवस पर एक दिवसीय विशेष स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नगर निगम चिरमिरी में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल शामिल हुए।

इस विशेष स्वच्छता अभियान के अंतर्गत राजीव गांधी पार्क मालवीय नगर एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय चौक पोंडी में सफाई अभियान और श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्वच्छता मित्रों ने अपने सामूहिक प्रयासों से आसपास के क्षेत्रों की साफ-सफाई की और शहरवासियों को साफ-सुथरे वातावरण के महत्व का संदेश दिया। 

कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों और जनप्रतिनिधियों ने स्वयं श्रमदान कर स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाया और नागरिकों से आह्वान किया कि स्वच्छ भारत अभियान को जन आंदोलन बनाकर हर गली, हर मोहल्ला और हर पार्क को स्वच्छ रखने में सहयोग करें।
 स्वास्थ्य मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि स्वच्छता केवल एक  कार्यक्रम नहीं बल्कि यह प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जीवन दर्शन हमें समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास और स्वच्छता की रोशनी पहुंचाने का प्रेरणा देता है। 
उन्होंने बताया कि स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत शहर के सभी वार्डों में इसी तरह के अभियान चलाए जा रहे हैं ताकि चिरमिरी को स्वच्छ और स्वस्थ नगर के रूप में विकसित किया जा सके। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित नागरिकों ने संकल्प लिया कि वे अपने आसपास की स्वच्छता बनाए रखेंगे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।

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पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने दिव्यांगजनों को ट्रायसायकल एवं व्हीलचेयर का किया वितरण

सेवा पखवाड़ा के तहत दिव्यांगजनों को शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए समाज कल्याण विभाग द्वारा अम्बिकापुर के राजमोहिनी देवी भवन में जिला स्तरीय दिव्यांगजन शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में छत्तीसगढ़ शासन के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने दिव्यांगजनों से मुलाकात कर उन्हें विभिन्न उपयोगी उपकरण ट्रायसायकल, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र एवं सेंसर छड़ी वितरित की । इस दौरान उन्होंने दिव्यांगजनों से उनका कुशलक्षेम जाना तथा योजनाओं का लाभ लेने प्रोत्साहित किया। उन्होंने दिव्यांगजनों से संवाद कर उनकी आवश्यकताओं के बारे में पूछा तथा निराकरण के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया। शिविर के दौरान 13 ट्रायसायकल, 14 व्हीलचेयर, 06 श्रवण यंत्र तथा 03 सेंसर छड़ी प्रदान की गई।
    मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि  ‘‘दिव्यांगता लोगों के विकास में बाधा नहीं बनेगी, हम आपकी दिव्यांगता को गतिशील बनाने हर संभव प्रयास कर रहे हैं। सभी दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकतानुसार योजनाओं का लाभ मिले इसके लिए हम लगातार कार्य कर रहे हैं‘‘।  उन्होंने दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकतानुसार सहायक उपकरण प्रदान किये जाने हेतु समाज कल्याण विभाग के अधिकारी को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद दिव्यांगजनों को सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत पेंशन राशि नियमित प्राप्त हो, यह सुनिश्चित करें।
     शिविर में जिले के सभी विकासखंड, नगरीय निकाय से दिव्यांगजन बड़ी संख्या में शामिल हुए। शिविर में  राशन कार्ड, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, दिव्यांगता प्रमाण पत्र, यू.डी.आई.डी. कार्ड बनाए जाने हेतु विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए। इस दौरान 12 दिव्यांगजनों का आधार कार्ड, 04 दिव्यांगजनों का राशन कार्ड, 06 दिव्यांगजनों का आयुष्मान कार्ड तथा 109 दिव्यांगजनों का दिव्यांगता प्रमाण पत्र/यू.डी.आई.डी. कार्ड हेतु रजिस्ट्रेशन किया गया। शिविर में नगर पालिक निगम अंबिकापुर की महापौर श्रीमती मंजूषा भगत, कलेक्टर श्री विलास भोसकर, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण एवं जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे ।

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महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सेवा भारती का किया अवलोकन

 महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने अपने एक दिवसीय कोरबा प्रवास के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित विशेषीकृत दत्तकग्रहण अभिकरण-सेवा भारती का अवलोकन किया। उन्होंने वहां रह रहे बच्चों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बाल कल्याण समिति तथा जिला बाल संरक्षण इकाई से चर्चा कर वहां बच्चों को मिल रही सुविधाओं के बारे में पूछा। विधायक श्री प्रेमचंद पटेल भी इस दौरान उनके साथ थे।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने विभागीय गतिविधियों के बारे में बताया कि महतारी वंदन योजना से महिलाओं को लाभ मिला है। आर्थिक समृद्धि के साथ आत्मनिर्भर बनने की राह आसान हुई है और खुशहाली का वातावरण निर्मित हुआ है। कोरबा की महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत और डीपीओ श्रीमती रेणु प्रकाश सहित कई जनप्रतिनिधि तथा विभागीय अधिकारी भी इस दौरान मौजूद थे।

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Narayana Health MMI, रायपुर अपने 14 वर्षों की सेवाओं और देखभाल की यात्रा का जश्न

 

स्वस्थ हृदय के लिए कदम बढ़ाएँ – Narayana Health MMI का "Walkathon 2025"
 
Narayana Health MMI, रायपुर अपने 14 वर्षों की सेवाओं और देखभाल की यात्रा का जश्न "Walkathon 2025" के साथ मना रहा है। यह वॉकथॉन 27 सितम्बर 2025, शनिवार, सुबह 6 बजे से शहीद भगत सिंह चौक, रायपुर से प्रारंभ होगा।
 
इस आयोजन का उद्देश्य लोगों को पैदल चलने की आदत अपनाने और हृदय स्वास्थ्य के महत्व के प्रति जागरूक करना है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और व्यस्त दिनचर्या में बढ़ते हृदय रोग गंभीर चिंता का विषय बन गए हैं। पैदल चलना एक सरल, सुलभ और प्रभावी व्यायाम है जो रक्तसंचार को बेहतर बनाता है, हृदय को मज़बूत करता है और मानसिक तनाव को भी कम करता है।
 
Walkathon 2025 सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं बल्कि स्वस्थ जीवनशैली की ओर कदम बढ़ाने का सामूहिक संकल्प है। इस पहल में कई प्रतिष्ठित संस्थान सहयोगी बने हैं – जिनमें Nakoda TMT, Jindal Steel, Mahendra, Sumeet Trade Centre सहित IBC24, Times of India और 94.3 MY FM जैसे मीडिया पार्टनर शामिल हैं।
 
क्यों ज़रूरी है पैदल चलना?
 
हृदय और फेफड़ों की कार्यक्षमता में सुधार
 
ब्लड प्रेशर और शुगर स्तर को नियंत्रित करने में मदद
 
शरीर का वजन संतुलित रखने में सहायक
 
मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन में कारगर
 
 
Narayana Health MMI का मानना है कि “एक छोटा कदम, बड़े बदलाव की शुरुआत बन सकता है।” इस वॉकथॉन के माध्यम से अस्पताल समाज को यह संदेश देना चाहता है कि हर व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना चाहिए और दिनचर्या में नियमित पैदल चलना शामिल करना चाहिए
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प्रधानमंत्री मोदी जी के विज़न के साथ कदमताल करते हुए छत्तीसगढ़ विकसित भारत का हिस्सा बनेगा – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

 छत्तीसगढ़ अब केवल कोर सेक्टर तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले समय में यह वेलनेस, हेल्थकेयर और पर्यटन के क्षेत्र में भी राष्ट्रीय पहचान बनाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज ओमाया गार्डन, रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। 


मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने उद्बोधन की शुरुआत शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाओं से की और कहा कि यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है, जब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में लागू जीएसटी 2.0 ने अर्थव्यवस्था को सरलता, पारदर्शिता और तेजी की दिशा में आगे बढ़ाया है। इस सुधार ने निवेशकों और उद्यमियों के लिए अभूतपूर्व अवसर खोले हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विज़न के साथ कदमताल करते हुए प्रदेश सरकार ने विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को साकार करने के लिए पिछले डेढ़ वर्ष में 350 से अधिक सुधार लागू किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि अब हम इज ऑफ डूइंग बिज़नेस से आगे बढ़कर स्पीड आफ डूइंग बिज़नेस के युग में प्रवेश कर चुके हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति छत्तीसगढ़ की प्रगति की आधारशिला है। इसी नीति ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है और यही कारण है कि मात्र एक वर्ष के भीतर प्रदेश को लगभग साढ़े 7 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इन प्रस्तावों से लाखों लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे और सेवा क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी।

                 मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट में अस्पतालों और हेल्थकेयर क्षेत्र में 11 बड़े प्रस्ताव सामने आए हैं। इनमें रायपुर का गिन्नी देवी गोयल मणिपाल हॉस्पिटल (500 बेड), नीरगंगा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (450 बेड), बॉम्बे हॉस्पिटल (300 बेड) और माँ पद्मावती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (750 बेड) जैसे बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में कुल मिलाकर 2,466 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्तावित है, जिससे लगभग 6,000 नए रोजगार सृजित होंगे।

मेडिसिटी से बनेगा मेडिकल हब

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नवा रायपुर में विकसित हो रहा मेडिसिटी छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर का बड़ा मेडिकल हब बनाएगा। प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों से भी यहां मरीज आते हैं। मेडिसिटी के निर्माण से स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी और विश्वस्तरीय सुपर स्पेशलिटी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में  फार्मा सेक्टर में भी निवेश की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश सरकार फार्मा हब तैयार कर रही है, जहां एक ही स्थान पर अनेक फार्मा इंडस्ट्री अपना संचालन करेंगी। इससे प्रदेश में दवा उद्योग को नई दिशा मिलेगी और सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों के लिए आवश्यक दवाओं की आसान आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

होटल और पर्यटन क्षेत्र में निवेश

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और जैव विविधता पर्यटन उद्योग के लिए अपार अवसर प्रस्तुत करती है। कार्यक्रम में होटल और पर्यटन क्षेत्र से भी 652 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें वेस्टिन होटल रायपुर (212.7 करोड़ रुपये), होटल जिंजर, इन्फेरियन होटल एंड रिसॉर्ट, अम्यूजोरामा अम्यूज़मेंट पार्क एंड होटल जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

पर्यटन को उद्योग का दर्जा

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है और इससे निवेशकों को विशेष लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि होटल, रिसॉर्ट, होम स्टे और मनोरंजन उद्योग से जुड़े उद्यमी प्रदेश की समृद्ध संस्कृति और प्रकृति का लाभ उठाकर पर्यटन को नई ऊँचाइयों तक ले जाएं।

निवेश प्रक्रिया की सरलता

मुख्यमंत्री श्री साय ने निवेशकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में सिंगल विंडो 'वन क्लिक' सिस्टम लागू है, जिसके कारण किसी भी उद्यमी को एनओसी के लिए भटकना नहीं पड़ता। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि दिल्ली में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट के बाद पालीमैटेक कंपनी को तीन माह से भी कम समय में भूमि आवंटन और सभी स्वीकृतियाँ प्रदान कर दी गईं और उन्होंने 1,100 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पर कार्य आरंभ कर दिया।

नई तकनीक और एआई सेक्टर

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ एआई क्रांति का भी स्वागत कर रहा है। नवा रायपुर में एआई डाटा सेंटर पार्क का निर्माण किया जा रहा है, जो भविष्य में प्रदेश को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डाटा मैनेजमेंट का हब बनाएगा। यहां डाटा सेंटर से जुड़े उद्योगों के लिए निवेश की अपार संभावनाएं हैं।

पावर हब की ओर कदम

उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में ऊर्जा सबसे आवश्यक तत्व है। छत्तीसगढ़ देश का पावर हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। कोयला, खनिज और ऊर्जा उत्पादन में छत्तीसगढ़ की भूमिका पहले से ही महत्वपूर्ण रही है और आने वाले वर्षों में यह योगदान और भी बढ़ेगा।

कनेक्टिविटी और लोकेशन का लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सेंट्रल इंडिया लोकेशन इसे विशेष बनाती है। कच्चे माल की प्रचुर उपलब्धता, रेल, सड़क और हवाई मार्ग की मजबूत कनेक्टिविटी तथा प्रशिक्षित मानव संसाधन इसे निवेश के लिए आदर्श गंतव्य बनाते हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एयर कार्गो सेवा भी आरंभ हो चुकी है, जिससे व्यापार और तेज़ी से बढ़ेगा।

सेवा क्षेत्र की नई पहचान

मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि अब छत्तीसगढ़ केवल स्टील, सीमेंट, पावर और एल्युमिनियम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सेवा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों की पहचान भी बनेगा। हेल्थकेयर, होटल, पर्यटन और एआई आधारित इंडस्ट्री आने वाले समय में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नए आयाम देंगे।

        कार्यक्रम में उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि हेल्थ, पर्यटन के साथ सभी प्रकार के निवेश में सरकार सहूलियतें उपलब्ध कराएगी। नई उद्योग नीति से उद्योगपतियों का आकर्षण प्रदेश की ओर बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने विभिन्न प्रदेशों के साथ ही विदेश जापान और दक्षिण कोरिया जैसे स्थानों पर भी इन्वेस्टर समिट में हिस्सा लिया है। प्रदेश में 5 से अधिक बार निवेशकों के साथ बैठक हुई है, इससे नए उद्योगों की स्थापना और रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं। पिछले 10 महीनों में लगभग साढ़े 7 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिल चुके है। हमने होटल एवं पर्यटन क्षेत्र को भी प्रोत्साहित करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशन में अच्छे से अच्छा काम हो सके हम यह प्रयास कर रहे हैं। 

उल्लेखनीय है कि राजधानी रायपुर के ओमाया गार्डन में आयोजित छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम में हेल्थकेयर और होटल क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनियों ने निवेश के बड़े प्रस्ताव पेश किए। कार्यक्रम में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए 11 बड़े अस्पताल समूहों ने कुल 2,466.77 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव दिए, जिनसे लगभग 6000 लोगों को रोजगार मिलेगा और प्रदेश में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की नई ऊँचाइयाँ स्थापित होंगी। 

कार्यक्रम में मुंबई स्थित बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट ने 300 बेड सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के लिए 680.37 करोड़ का निवेश प्रस्तावित किया है, जिससे 500 रोजगार उपलब्ध होंगे। माँ पद्मावती इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज रायपुर 750 बेड क्षमता वाला मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल 340 करोड़ निवेश और 1,500 रोजगार अवसर प्राप्त होंगे। आरोग्यमृत वेलनेस एलएलपी रायपुर द्वारा इंटरनल वेलनेस ग्रोथ, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की स्थापना हेतु 300 करोड़ के निवेश और 1,000 रोजगार अवसरों के साथ प्रस्तावित किया गया है। फोर सीज़न हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर रायपुर 600 बेड क्षमता और 302 करोड़ के निवेश से 1,400 रोजगार सृजित करेगा। गिन्नी देवी गोयल मणिपाल हॉस्पिटल रायपुर में 500 बेड का 307 करोड़ का मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल प्रस्तावित है, जिसमें 100 लोगों को रोजगार मिलेगा। नीरगंगा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर रायपुर (वंदना ग्रुप) द्वारा 450 बेड का मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल 205.23 करोड़ के निवेश और 302 रोजगार अवसरों के साथ प्रस्तावित किया गया है। मेमन हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड रायपुर 150 बेड क्षमता वाले संजीवनी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में 101 करोड़ निवेश और 400 रोजगार अवसर लेकर आया है। मॉडर्न मेडिकल इंस्टिट्यूट रायपुर 150 बेड सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के रूप में 91.8 करोड़ के निवेश से 555 रोजगार उत्पन्न करेगा। श्रीराम संजीवनी कैंसर हॉस्पिटल बिलासपुर 100 बेड 70 करोड़ निवेश और 200 लोगों को रोजगार  के साथ प्रस्तावित है।
आरएस अरमानी हेल्थकेयर एलएलपी 50 बेड अस्पताल के लिए 59.37 करोड़ का निवेश और 76 रोजगार अवसर लेकर आया है। वृंदा चेस्ट एंड मेडिकल साइंस रायपुर 50 बेड की सुविधा 10 करोड़ के निवेश के साथ प्रस्तावित है।

होटल वेस्टिन रायपुर (सारदा ग्रुप नागपुर) ने 212.7 करोड़ का निवेश और 400 रोजगार का प्रस्ताव रखा है। पंचामृत एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड रायपुर (अम्यूज़ोरामा अम्यूज़मेंट पार्क एंड होटल) 80.91 करोड़ निवेश से 300 रोजगार सृजित करेगा। चौहान हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा इन्फेरियन होटल एंड रिसॉर्ट रायपुर 80 करोड़ निवेश के साथ प्रस्तावित है।
होटल जिंजर रायपुर (डीएसएस ग्रुप) 78 करोड़ निवेश और 135 रोजगार अवसर लेकर आया है।
एमएम होटल इन एंड रिसॉर्ट्स रायपुर 63 करोड़ निवेश से 110 रोजगार अवसर सृजित करेगा।
प्रयास मॉल एंड मल्टीप्लेक्स धमतरी 41.82 करोड़ निवेश और 30 रोजगार अवसर लेकर आया है। इन्फेरियन लेक रिसॉर्ट बालोद और होटल राजनांदगांव के लिए 25-25 करोड़ निवेश और कुल 175 रोजगार अवसर प्रस्तावित हैं। गोदरीवाला और एमएम ग्रुप रायपुर द्वारा प्रस्तावित अम्यूज़मेंट पार्क 24.9 करोड़ निवेश और 70 रोजगार अवसर प्रदान करेगा। बाफना लॉन एंड होटल धमतरी (सरोवर पोर्टिको ग्रुप) द्वारा 20.97 करोड़ निवेश और 22 रोजगार अवसर प्रस्तावित किया गया है।

इस प्रकार कार्यक्रम में घोषित कुल निवेश प्रस्ताव 3,119.07 करोड़ रुपये के हैं। इनमें स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र से 2,466.77 करोड़ और होटल-पर्यटन क्षेत्र से 652.3 करोड़ रुपये शामिल हैं। प्रस्तावित परियोजनाओं से मिलकर 7 हजार से अधिक रोजगार सृजित होंगे और प्रदेश को 2,800 से अधिक नए हॉस्पिटल बेड्स की सुविधा प्राप्त होगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने निवेशकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निवेश छत्तीसगढ़ को हेल्थकेयर, वेलनेस और पर्यटन का नया केंद्र बनाएगा और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के संकल्पित विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ अग्रणी भूमिका निभाएगा।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में निवेश के असीमित अवसर उपलब्ध हैं। हमारी सरकार नई औद्योगिक नीति के तहत निवेशकों को हर संभव सुविधा और सहयोग प्रदान करेगी। मुझे विश्वास है कि राज्य के उद्योगों और निवेशकों के साथ मिलकर हम छत्तीसगढ़ में विकास का नया अध्याय लिखेंगे। 

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, संचालक संस्कृति श्री विवेक आचार्य, संचालक उद्योग श्री प्रभात मालिक, सीआईआई के चेयरमेन श्री संजय जैन भी उपस्थित रहे।
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छत्तीसगढ़ को महिला केन्द्रित विकास का मॉडल बनाने वाली योजना महतारी सदन : सीएम श्री साय

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज धमतरी जिले के मगरलोड विकासखंड के करेली बड़ी गांव से प्रदेश के 51 महतारी सदनों का लोकार्पण किया। नवरात्रि के पावन पर्व के दौरान शुरू की गई महतारी सदन योजना को श्री साय ने प्रदेश की माताओं और बहनों की तरक्की के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि माताओं-बहनों, के लिए गाँवों में ही केंद्र बनाने महतारी सदनों के निर्माण की घोषणा सरकार ने की थी ताकि आप वहां एकत्रित होकर एक बड़ी सुविधापूर्ण जगह में मिल-जुलकर अपना काम कर सकें। आज यह बड़ा काम पूरा हुआ है। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, लोकसभा सांसद श्रीमती रूप कुमारी चौधरी, पूर्व मंत्री एवं कुरूद के विधायक श्री अजय चन्द्राकर सहित सचिव श्रीमती निहारिका बारिक और जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण जन एवं गणमान्य नौगरिक मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने आस्था महिला संकुल संगठन करेली बड़ी की महिला समूह सदस्यों को महतारी सदन का हस्तांतरण प्रमाण पत्र भी सौंपा। मुख्यमंत्री ने परिसर मौलश्री का पौधा भी रोपा। 

   
मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी सदन योजना छत्तीसगढ़ को महिला-केंद्रित विकास का मॉडल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। महतारी सदन केवल महिलाओं की तरक्की का आधार ही नहीं बनेगा, बल्कि यह पूरे प्रदेश की तरक्की का आधार बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महतारी सदन माताओं-बहनों की शक्ति, सम्मान और आत्मनिर्भरता का नया केंद्र होगा। महतारी सदन शिक्षा, कौशल और उद्यमिता के द्वार खोलेंगे। उन्होंने कहा कि इन सदनों में महिला स्व-सहायता समूहों को जोड़कर आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। माताएँ-बहनों के लिए महतारी सदन में सिलाई, कढ़ाई, बुनाई, हस्तशिल्प, कृषि-आधारित प्रशिक्षण और डिजिटल साक्षरता जैसे अनेक कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
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बढे बिजली बिल , कटौती और लो-वोल्टेज के विरोध मे जोहार छत्तीसगढ पार्टी का विरोध प्रदर्शन मंगलवार तेईस सितंबर को

जोहार छत्तीसगढ पार्टी द्वारा पूरे प्रदेश मे बिजली बिल के नाम पर जनता को लूटने , अघोषित बिजली कटौती व लो- वोल्टेज की समस्याओ को  लेकर  सभी जिला मुख्यालयो मे एक दिवसीय धरना- विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है ।

सभी जिलो मे पार्टी पदाधिकारियो, कार्यकर्ताओं को  सडक पर उतर कर आम जनता से बिजली के नाम सरकार द्वारा किये जा रहे लूट - डकैती के खिलाफ मुखरता से विरोध कर फैसला वापिस लेने , महगाई से त्रस्त जनता को इस दुख से निजात दिला राहत  पहुचाने इस आन्दोलन जन-जन तक पहुंचाने की जिम्मेदारी जोहार छत्तीसगढ पार्टी जारी रखेगी ।
सरप्लस बिजली वाला राज्य होने के बाद भी रोज अघोषित बिजली कटौती व लो-वोल्टेज की समस्या सभी जगह लगातार बनी है , इस बेचैनी व उमस भरी गर्मी मे बिजली के दिक्कतो से आमजन परेशान है , लो - वोल्टेज से किसानो के सिंचाई पंप नही चल पा रहे , जिससे खेती चौपट होने का खतरा है । नये मीटर की अंधाधुंध रफ्तार संदेह पैदा करती है । 

इस आंदोलन के तहत 23 सितंबर, मंगलवार को सुबह 10 बजे राजधानी के राजीव गांधी चौक मोतीबाग के पास मे एकत्र होकर  प्रदर्शन करेगी , सभा पश्चात राज्यपाल महोदय के नाम ज्ञापन सौपा जायेगा ।

रायपुर जिला मे सुबह 10 बजे राजीव गांधी चौक मोतीबाग मे एकत्र होकर धरना-प्रदर्शन किया जावेगा,  तत्पश्चात राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौपा जाना है । जिला अध्यक्ष गोपी साहू ने पार्टी के सभी लोगो के साथ आम जनता से इस आन्दोलन सहभागिता की अपील की है ।
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मुख्यमंत्री ने जताया विश्वास – मार्च 2026 तक नक्सलमुक्त भारत का सपना होगा साकार

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नारायणपुर ज़िले के अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षाबलों की ओर से चलाए गए सफल अभियान की सराहना करते हुए कहा कि यह छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में एक निर्णायक उपलब्धि है।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में 2 नक्सली न्यूट्रलाइज किए गए हैं। दोनों पर 40-40 लाख रुपये का इनाम घोषित था।  मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सफलता केवल नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में एक निर्णायक पड़ाव ही नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ में शांति, सुरक्षा और विकास की प्रक्रिया को और भी गति प्रदान करती है।

मुख्यमंत्री ने इस अभियान में शामिल सुरक्षाकर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी बहादुरी और समर्पण से ही प्रदेश आज शांति और विकास की राह पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विज़न और माननीय केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी के नेतृत्व में नक्सलवाद का अंत अब पहले से कहीं अधिक निकट और निश्चित होता दिखाई दे रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मार्च 2026 तक नक्सलमुक्त भारत का संकल्प अवश्य साकार होगा।
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प्रदेश में अब तक 1044.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

 छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 1044.9 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1472.8 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 498.0 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है। 

रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 910.5 मि.मी., बलौदाबाजार में 766.3 मि.मी., गरियाबंद में 921.9 मि.मी., महासमुंद में 749.0 मि.मी. और धमतरी में 943.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 1092.9 मि.मी., मुंगेली में 1057.2 मि.मी., रायगढ़ में 1272.6 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 917.9 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1245.7 मि.मी., सक्ती में 1147.5 मि.मी., कोरबा में 1055.1 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 1011.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 799..0 मि.मी., कबीरधाम में 766.9 मि.मी., राजनांदगांव में 885.4 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1250.8 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 792.0 मि.मी. और बालोद में 1090.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 735.6 मि.मी., सूरजपुर में 1102.1 मि.मी जशपुर में 1026.3 मि.मी., कोरिया में 1169.7 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1054.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1425.2 कोंडागांव जिले में 970.4 मि.मी., कांकेर में 1167.4 मि.मी., नारायणपुर में 1259.4 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1401.5 मि.मी., सुकमा में 1099.5 मि.मी. और बीजापुर में 1423.9 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। 

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जिंदगी में जीत हार से ज्यादा महत्वपूर्ण है पूरी क्षमता से खेलना : वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी

 रायगढ़ में आत्मनिर्भर भारत, फिट इंडिया और नशा मुक्त भारत का संदेश देते हुए मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया। वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ चौक से मैराथन दौड़ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह मैराथन रायगढ़ के दौड़ बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ चौक से होते हुए गांधी चौक, सुभाष चौक, रामनिवास टॉकीज चौक, शहीद चौक से हेमू कालानी चौक होते हुए कमला नेहरू उद्यान में समाप्त हुई। यह कार्यक्रम सेवा पखवाड़ा 2025 के तहत आयोजित किया गया।


वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी ने मैराथन दौड़ के विजेताओं को बधाई देते हुए अपने संबोधन में कहा कि जीत-हार से ज्यादा महत्वपूर्ण अपनी पूरी क्षमता और खेल भावना से प्रतियोगिता में हिस्सा लेना है।  लगन और समर्पण के साथ किया गया प्रयास ही सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने प्रतियोगिता में प्रथम दस स्थान पर आने वाले बालक और बालिकाओं को स्वेच्छानुदान मद से 5-5 हजार रूपये देने की घोषणा की।

वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने कुशल नेतृत्व से आज भारत को वैश्विक मानचित्र में स्थापित करने का काम किया है। उनके मार्गदर्शन में किए जा रहे कार्यों से देश ने प्रगति के कई सोपान तय किए हैं। 17 सितम्बर से 02 अक्टूबर तक यह सेवा पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है। जिसमें विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी ने कहा कि राज्य गठन के समय छत्तीसगढ़ में एक भी राष्ट्रीय स्तर की संस्था नहीं थी। किन्तु आज आईआईटी, आईआईएम, ट्रिपलआईटी, एनआईटी, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जैसी देश की लगभग सभी प्रमुख संस्थाएं यहां संचालित हैं। पिछले डेढ़ साल में छत्तीसगढ़ में 3 राष्ट्रीय स्तर कि संस्थाओं की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ है। जिनमें नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टी टेक्नोलॉजी, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी तथा नेशनल फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटीज शामिल है।

उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अनुकूल वातावरण देने रायपुर कलेक्टर रहते नालंदा परिसर की आधारशिला रखी थी। आज वहां 3 हजार छात्र प्रवेशित हैं और लगभग उतने ही छात्र प्रतीक्षा सूची में है। रायगढ़ के छात्रों के सुदृढ़ भविष्य के लिए यहां मरीन ड्राइव में 40 करोड़ की लागत से नालंदा परिसर का निर्माण तेजी से हो रहा है। रायगढ़ स्टेडियम में उपलब्ध खेल सुविधाओं का उन्नयन किया जा रहा है।

खेल सुविधाओं को नया आयाम देने लोहरसिंह में 105 करोड़ की लागत से स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण की स्वीकृति मिली है। इसका लाभ पूरे जिले के खिलाडिय़ों को मिलेगा। पुसौर और महापल्ली में भी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स/स्टेडियम का निर्माण होगा। अग्निवीर भर्ती की लिखित परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों के फिजिकल टेस्ट की तैयारी की सुविधा उर्दना पुलिस लाइन में प्रदान की जाती है। यहां प्रतिभागियों को पौष्टिक आहार के साथ फिजिकल ट्रेनिंग भी दी जाती है इसके लिए उन्हें आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाती है।

वित्त मंत्री ने बताया कि रायगढ़ में नव गुरुकुल संस्था का शुभारंभ किया गया है। यहां बालिकाओं एवं युवतियों को आज के बदलते दौर की आवश्यकता के हिसाब से जरूरी ट्रेनिंग प्रदान किया जा रहा है। जिससे वे आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में भी रोजगार हासिल कर सके। रायगढ़ में प्रयास आवासीय संस्था का संचालन किया जा रहा है। यहां प्रवेश लेने वाले छात्रों को आईआईटी और नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की निरूशुल्क तैयारी कराई जाती है। संस्था का संचालन प्रारंभ हो चुका है तथा 50 करोड़ में इसका नया भवन बनने वाला है।

लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने कहा कि 17 सितंबर से 02 अक्टूबर तक हम सेवा पखवाड़ा मना रहे हैं। जिसके तहत यह मैराथन दौड़ का आयोजन आज रायगढ़ में आयोजित हुआ। इसका उद्देश्य युवाओं को जीवन में सकारात्मकता के साथ आगे बढऩे के लिए फिट इंडिया और नशामुक्त भारत का संदेश देना है। महापौर श्री जीवर्धन चौहान ने कहा कि यह नमो मैराथन दौड़ युवाओं के प्रयास और सहभागिता से संपन्न हुआ है। युवा देश में भविष्य हैं।

 

विजेताओं को दिए गए पुरस्कार
वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी ने नमो मैराथन दौड़ के समापन में विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया। इनमें पुरूष वर्ग में प्रथम स्थान पर मनोज कुमार यादव, द्वितीय-भोजराम साहू एवं तृतीय स्थान पर सुनील कुमार साहू रहे। इसी तरह महिला वर्ग में प्रथम स्थान पर सोना चौहान, द्वितीय-संगीता यादव एवं तृतीय स्थान पर धनकुवर सिदार रही। प्रथम आने वाले प्रत्येक प्रतिभागी को 5100 रूपए, द्वितीय को 3100 रुपए एवं तृतीय स्थान पर रहे प्रतिभागियों को 2100 रुपए दिए गए। बालक और बालिका वर्ग से प्रथम दस स्थानों पर आने वाले प्रतिभागियों को वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी ने 5-5 हजार रूपये देने की घोषणा भी की।

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मुख्यमंत्री ने जनसंपर्क विभाग की सहायक संचालक श्रीमती रीनू ठाकुर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जनसंपर्क विभाग की सहायक संचालक श्रीमती रीनू ठाकुर के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। 


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रीमती रीनू ठाकुर अपनी कर्त्तव्यपरायणता, सरल एवं सौम्य व्यक्तित्व तथा मधुर व्यवहार के कारण विभागीय परिवार में विशिष्ट स्थान रखने वाली अधिकारी रहीं। उन्होंने विभागीय दायित्वों का निर्वहन सदैव पूर्ण समर्पण और निष्ठा के साथ किया और अपने कार्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता अनुकरणीय रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने ईश्वर से प्रार्थना की है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करते हुए शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति दे।
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