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खनिज एवं पुलिस विभाग की कार्रवाई : अवैध खनिज परिवहन के कुल 36 वाहन जप्त

 जांजगीर-चांपा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा और पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल के दिशा निर्देशन में खनिज एवं पुलिस विभाग के संयुक्त टीम द्वारा आज जांजगीर-चांपा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में खनिज परिवहन कर रहे वाहनों का सघन जाँच किया गया। इसके तहत जांजगीर तहसील क्षेत्र में खनिज के अवैध परिवहन करते पाये जाने पर खनिज रेत के 5 हाईवा एवं 4 ट्रैक्टर, खनिज मिट्टी (ईट) के 1 ट्रैक्टर, खनिज कोयला के 1 ट्रेलर एवं खनिज निम्न श्रेणी चूनापत्थर के 5 ट्रेलर, 1 हाईवा, 1 ट्रैक्टर को जप्त कर पुलिस लाईन जाजगीर में तथा 1 हाईवा रेत को जप्त कर सिटी कोतवाली जांजगीर में सुरक्षार्थ रखा गया है। इसी प्रकार चांपा तहसील क्षेत्र में महुदा एवं कुदरी बैराज क्षेत्र से 2 ट्रैक्टर रेत एवं 3 ट्रैक्टर निम्न श्रेणी चूनापत्थर (गिट्टी) के अवैध परिवहन करते पाये जाने पर जप्त कर चांपा थाना में सुरक्षार्थ रखा गया है। 

 

अकलतरा तहसील क्षेत्र में 1 ट्रेलर, 1 हाईवा एवं 1 ट्रैक्टर खनिज निम्न श्रेणी चूनापत्थर (बोल्डर / जीरा / गिट्टी) के अवैध परिवहन करते पाये जाने पर थाना अकलतरा में, पामगढ़ तहसील क्षेत्र में 1 हाईवा रेत एवं 3 ट्रैक्टर रेत, 01 ट्रैक्टर मिट्टी (ईट) को जप्त कर थाना पामगढ़ में सुरक्षार्थ रखा गया है। शिवरीनारायण तहसील क्षेत्र में 1 ट्रैक्टर रेत के वाहन जप्त कर थाना शिवरीनारायण में सुरक्षार्थ रखा गया है। नवागढ़ तहसील क्षेत्र में 1 ट्रैक्टर मिट्टी (ईट), 1 ट्रैक्टर निम्न श्रेणी चूनापत्थर (गिट्टी) को जप्त कर थाना नवागढ़ में सुरक्षार्थ रखा गया है। 1 ट्रैक्टर मिट्टी (ईट) को कलेक्टर परिसर में सुरक्षार्थ रखा गया है। इस प्रकार कुल 36 वाहनों पर कार्यवाही की गयी। सभी वाहन मालिकों, वाहनों के विरूद्ध छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015, छत्तीसगढ़ खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 के तहत् कार्यवाही किया गया है।

 

उल्लेखनीय है कि 22 नवम्बर को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व). तहसीलदार जांजगीर के टीम द्वारा भी जांजगीर क्षेत्र में खनिज रेत के अवैध परिवहन के 4 प्रकरण दर्ज किया गया है। उपरोक्त कार्यवाही में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जाजगीर का समन्वय एवं कार्यवाही में विशेष योगदान रहा। अवैध खनिज परिवहन पर कार्यवाही आगे भी जारी रहेगी। कार्यवाही में खनिज निरीक्षक- आदित्य मानकर, प्रभारी खनिज निरीक्षक पी०डी० जाडे, पुलिस निरीक्षक-विवेक पाण्डेय, रामकुमार जैन, उप-निरीक्षक- सनत मात्रे, अविनीश श्रीवास शामिल रहे।

 

 

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भानुप्रतापपुर में बृजमोहन ने किया विधानसभा कार्यालय का शुभारंभ

 कहा : इस "विजय चौकी" से चुनावी युद्ध का चुका है शंखनाद

भानुप्रतापपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भानुप्रतापपुर उपचुनाव की तारीख जैसे-जैसे पास आते जा रही है, वैसे-वैसे ही चुनाव की सरगर्मी तेज होती जा रही है। भानुप्रतापपुर के सिंधु भवन में बुधवार को भाजपा ने उपचुनाव के लिए विधानसभा कार्यालय का शुभारंभ किया। इस कार्यालय का उद्घाटन पूर्व मंत्री व इस उपचुनाव के प्रभारी बृजमोहन अग्रवाल के हाथों हुआ। इस दौरान विधायक रामविचार नेताम व शिवरतन शर्मा भी मौजूद रहे।


इस कार्यक्रम के दौरान पूर्व मंत्री व विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने समस्त कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे लिए, आपके लिए हम सभी के लिए बल्कि मैं तो कहूंगा कि पूरे प्रदेश के लिए जीतना अति आवश्यक है; ताकि इस हार से सत्ता में बैठी कांग्रेस सरकार को यह संदेश जाए कि आदिवासी समाज के हितों को नजरअंदाज करने का नतीजा क्या होता है। उन्होंने कहा कि आज युद्धरूपी उपचुनाव की विजय चौकी का उद्घाटन हुआ है। यहां उपस्थित सभी लोग हमारे सैनिक है और  सभी को मिलकर विजय पताका लहराना है। आज इस विजय चौकी से युद्ध का शंखनाद हुआ है। उपचुनाव जीतने के लिए हमें पूरी विधानसभा में कांग्रेस के इस दुष्प्रचार को रोककर उनकी कुंठित मानसिकता व विफल नीतियों को उजागर करने का काम करना है।



पूर्व मंत्री ने राज्य सरकार को ललकारते हुए खुली चुनौती दी, कहा कि मुख्यमंत्री चुनाव के मैदान में आकर लड़ो, किसी प्रत्याशी को झूठे आरोपों से बदनाम करके चुनाव नहीं जीत पाओगे। अगर ताकत है तो ब्रम्हानंद को गिरफ्तार करें, वो जेल में रहेगा फिर भी हम चुनाव जीत जाएंगे।

उन्होंने उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि, हर किसी को उनकी जिम्मेदारी सौंप दी गई है। सभी पर उसको खरा उतरने की जरूरत है। भारतीय जनता पार्टी के दुश्मनों को हराना है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की जीत सुनिश्चित है, ये बात कांग्रेस भी जानती है; हमें प्रयास केवल वोटों के अंतर के लिए करना है।

 

 

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भाजपा प्रत्याशी ब्रह्मानंद नेताम ने भानुप्रतापपुर की छवि को किया धूमिल : कांग्रेस


भाजपा का चरित्र ही दुराचारियो को संरक्षण देना है बचाना है,भाजपा भानुप्रतापपुर की जनता से माफी मांग ब्रम्हानंद को झारखंड पुलिस को सौंपे - मोहन मरकाम

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मासूम बच्ची के साथ रेप गैंगरेप के आरोपी भाजपा प्रत्याशी ब्रह्मानंद नेताम के बचाव में भाजपा के द्वारा किए जा रहे बयानबाजी की निंदा करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि भाजपा का चरित्र ही अपराधियों को संरक्षण देना अपराधियों को बचाना है मासूम बच्ची के साथ रेप गैंगरेप के आरोपी को भाजपा ने प्रत्याशी बनाकर भाजपा के वास्तविक चरित्र को जनता के सामने प्रदर्शित किया है ब्रह्मानंद नेताम के कृत्य से भानूप्रतापपुर की जनता दुखी है भानूप्रतापपुर के छवि को धूमिल करने काम ब्रम्हानंद नेताम ने किया है। भाजपा में जरा भी नैतिकता बची है तो वह ब्रम्हानंद नेताम की दावेदारी वापस कर भानुप्रतापपुर की जनता से माफी मांगे तथा अभियुक्त को झारखंड पुलिस को सौंपें।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि भाजपा प्रत्याशी ब्रम्हानंद नेताम के बलात्कारी होने के खुलासे के बाद जिस बेशर्मी से समूची भाजपा उसके बचाव में खड़ी है उससे साफ हो गया कि भाजपा 15 साल के मासूम बच्ची के साथ शोषण से बड़ा उसका राजनैतिक हित है। भाजपा का प्रत्याशी अनाचार का अभियुक्त है उसके ऊपर झारखंड के जमशेदपुर के टेल्को थाना क्षेत्र में प्राथमिकी क्रमांक 84/2019 धारा दिनांक 15.05.2019 धारा 366ए, 376, 376(3), 376 डी डी, 120 बी भादवि, 4,6 पॉक्सो एक्ट एवं 4,5,6,7,9 अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम दर्ज है। भाजपा प्रत्याशी बलात्कारी ब्रम्हानंद नेताम बचाव में भाजपाई कुर्तक और झूठ बोल रहे है। भाजपाई उसके बचाव में आरोप लगा रहे कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने प्रेस कान्फ्रेंस में पीड़िता का नाम उजागर किया जबकि प्रेस कान्फ्रेंस में कांग्रेस के किसी भी नेता ने पीड़िता के नाम नहीं लिया बल्कि प्रेस में पीड़िता का नाम उजागर नहीं करने का अपील किया था।

 
 
 

 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि भानूप्रतापपुर में एक लाख 1 हजार महिला मतदाता है और भाजपा बेटी बचाओ का नारा लगाती है लेकिन ब्रह्मानंद नेताम के पक्ष में खड़ी भाजपा से भाजपा का बेटी विरोधी चरित्र उजागर हो गया है असल में भाजपा बेटी बचाओ नहीं बल्कि बलात्कारियों को बचाव के नीति पर काम करती है भानूप्रतापपुर की 101000 महिला मतदाता भाजपा के इस महिला विरोधी चरित्र का करारा जवाब देगी और उस बलात्कारी ब्रह्मानंद नेताम की जमानत जप्त होगी। ब्रम्हानंद ने एक मासूम बच्ची के साथ बलात्कार किया है। इस दुराचार में ब्रह्मानंद नेताम के साथ भाजपा नेता दीपांकर सिन्हा, नरेश सोनी भी था। ब्रम्हानंद नेताम सहित इन भाजपा नेताओं ने एक 15 साल की नाबालिग मासूम बच्ची के साथ गैंगरेप किया था।

 
 
 

 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि पीड़िता के द्वारा अदालत में धारा 164 के बयान में दिये बयान में ब्रम्हानंद नेताम का नाम लिया साथ ही नगर पुलिस अधीक्षक पूर्वी सिंह भूमि, जमशेदपुर के द्वारा दी गयी पुलिस अधीक्षक की जांच में भी ब्रम्हानंद नेताम के ऊपर लगे आरोपों की पुष्टि हुई है। नगर पुलिस अधीक्षक के जांच प्रतिवेदन में 10वें क्रम ब्रम्हानंद नेताम थाना चारामा (छत्तीसगढ़) पूर्व विधायक भानुप्रतापपुर का नाम है। जिसमें विवेचना उपरांत अभ्यर्थी ब्रह्मानंद नेताम का नाम अंकित है, तथा मामले में प्रारंभ में 05 आरोपियों के विरुद्ध नामजद अपराध दर्ज किया गया था जिनकी गिरफ्तारी हो चुकी है। विवेचना के दौरान 05 अन्य नामजद और 10-12 अन्य अज्ञात आरोपियों के संबंध में जानकारी प्राप्त हुयी जिन्हें आरोपी बनाया गया। एफआईआर में दर्ज 5 आरोपियों के अलावा अन्वेषण में अन्य आरोपियों के नाम सामने आये थे, ब्रम्हानंद नेताम पूर्व भाजपा विधायक उनमें से एक है। पुलिस द्वारा प्रस्तुत चालान में छत्तीसगढ़ के ब्रम्हानंद नेताम पूर्व विधायक भानुप्रतापपुर निवासी चारामा जिला कांकेर का नाम भी है। ब्रह्मानंद के खिलाफ जब एफ.आई.आर. दर्ज किया गया था तब 15.5.2019 को झारखंड में भाजपा की सरकार थी और भाजपा के नेता रघुवर दास मुख्यमंत्री थे। आरोपी भाजपा का पूर्व विधायक है प्रभावशाली नेता है इसलिये भाजपा ने अपने नेता को बचाने के लिये उस समय गिरफ्तारी नहीं किया जबकि पीड़िता के बयान के आधार पर उसके खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज हुआ था।

 

 

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स्वस्थ्य सुविधाओं का विस्तार कर लोगों तक पहुंचाना हमारी प्राथमिकताः सिंहदेव

स्वास्थ्य मंत्री ने किया मंगरढोढ़ा में हमर क्लिनिक का उद्घाटन

 अम्बिकापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री टीएस सिंहदेव ने बुधवार को वार्ड क्रमांक-22 के मंगरढोढा में हमर क्लिनिक का फीता काटकर उद्घाटन किया। उन्होंने उद्घाटन के पश्चात अधिकारियों के साथ हमर क्लिनिक का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और बेहतर निर्माण के लिए सराहना किया। श्री सिंहदेव ने स्थानीय पार्षदों की मांग पर मंगरढोढा में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 5 लाख देने तथा गांधीनगर वार्ड में हमर क्लिनिक खोलने की घोषणा की। कार्यक्रम में  मितानिन दिवस के अवसर पर मितानिनों को उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया।

मंत्री श्री सिंहदेव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सुविधाआें का  विस्तार कर लोगों तक पहुंचाना हमारी सरकार की प्राथमिकता है इसी कड़ी में अपने मोहल्ले में ओपीडी की सुविधा, खून जांच की सुविधा के लिए हमर क्लिनिक की शुरुआत की जा रही है। इस क्लिनिक से लोगों को ओपीडी और जांच के लिए जिला अस्पताल जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। 15 वे वित्त के राशि का सदुपयोग करते हुए प्रदेश में पहले चरण में 183 हमर क्लिनिक खोला जा रहा है। सरगुज़ा जिले में अब तक 16 हमर क्लिनिक की स्वीकृति मिल चुकी है जिसमें से 3 का उद्घाटन हो चुका है। इन्होंने कहा कि हमर क्लिनिक के ओपीडी में प्रातः 9 से दोपहर 1 बजे तक तथा संध्या 5 से 8 बजे तक 2 शिफ्ट में एमबीबीएस डॉक्टर उपलब्ध रहेंगे। शेष समय मे स्टॉफ नर्स व फार्मासिस्ट हमेशा उपलब्ध रहेंगे। इस क्लिनिक में अभी 10 प्रकार की खून जांच निःशुल्क होगी। अन्य जांच के लिए खून का सैम्पल जिला अस्पताल को भेजी जाएगी लेकिन रिपोर्ट यहीं मिल जाएगी। मोबाइल से सूचना भी मिलेगी।  इसीप्रकार करीब 121 प्रकार की दवाइयां यहां मुफ्त मिलेगी। इस संस्था का भरपूर उपयोग करें और किसी प्रकार की दिक्कत हो तो स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा अधिकारियों को बताएं।

 

 

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प्रदेश को एक और राष्ट्रीय पुरस्कार : ’मोर मयारू गुरूजी’ कार्यक्रम को मिला स्कॉच अवार्ड

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धि हासिल की है। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा संचालित मोर मयारू गुरूजी कार्यक्रम का चयन बुधवार को स्कॉच अवार्ड (सिल्वर) के लिए किया गया है। राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग को यह अवार्ड नई दिल्ली में प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया ने पुरस्कार के लिए आयोग को बधाई दी है। उल्लेखनीय है कि स्कॉच संस्था द्वारा नामांकन से लेकर अंतिम चरण तक लगभग 7 स्तरों पर चरणबद्ध तरीके से मूल्यांकन के बाद यह सम्मान दिया जाता है। मोर मयारू गुरूजी कार्यक्रम के माध्यम से आयोग ने प्रदेश के लगभग 2 हजार शिक्षकों को प्रशिक्षित किया है।



राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग को स्कॉच अवार्ड मिलने की घोषणा ऑनलाइन कार्यक्रम में की गई। इसमें देशभर से कई राज्य शामिल हुए। छत्तीसगढ़ से राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती तेजकुंवर नेताम, सदस्यगण श्रीमती पुष्पा पाटले, श्रीमती आशा संतोष यादव, श्रीमती संगीता गजभिये, सोनल कुमार गुप्ता, अगस्टीन बर्नाड और सचिव प्रतीक खरे भी कार्यक्रम में शामिल हुए। सभी सदस्यों ने अध्यक्ष श्रीमती नेताम को बधाई दी। इस पर उन्होंने अवार्ड का श्रेय आयोग के सदस्यों के परिश्रम को दिया है।

उल्लेखनीय है कि आयोग के ‘मोर मयारू गुरूजी‘ कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षकों को बाल अधिकारों की रक्षा के लिए खेल एवं अन्य गतिविधियों के माध्यम से रोचक तरीके से प्रशिक्षण दिया जाता है। इस कार्यक्रम को रोचक तरीके से डिजाईन किया गया है। इसकी अवधि मात्र 2 से 3 घण्टे ही रखी गई है, जिससे शिक्षक इसे आसानी से ग्रहण कर सकें। आयोग का यह मानना है कि एक शिक्षक और बच्चे का संबंध 5 वर्ष से 12 वर्ष तक रहता है और इस बीच शिक्षक के व्यक्तित्व का बच्चों पर गहरा प्रभाव पड़ता है। इसे ध्यान में रखते हुए बाल अधिकार सहित शिक्षकों द्वारा बच्चों से वार्तालाप करते समय और पढ़ाते समय किन बातों पर जोर देना है और किन कमियों को सुधारना है, इन सभी विषयों को मोर मयारू गुरूजी कार्यक्रम में शामिल किया गया है।

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महालेखाकार के अधिकारियों ने प्रकरणों के निराकरण के लिए दिया मार्गदर्शन

 अधिकारी-कर्मचारियों के भविष्य निधि अंतिम भुगतान के तेजी से निराकरण पर हुई कार्यशाला

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ शासन के सेवा निवृत्त होने वाले वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के जी.पी.एफ. अंतिम भुगतान की कार्यवाही को त्वरित गति से निपटाने के लिए तथा कोषालयों और महालेखाकार कार्यालय के बीच बेहतर समन्वय और तालमेल बनाने को लेकर बुधवार को रायपुर स्थित महालेखाकार कार्यालय में समस्त कोषालय अधिकारियों की कार्यशाला आयोजित की गई।


कार्यशाला में संचालक कोष लेखा एवं पेंशन, प्रधान महालेखाकार तथा राज्य के कोषालय अधिकारी शामिल हुए। कार्यशाला में राज्य शासन के सेवा निवृत्त होने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के जी.पी.एफ. अंतिम भुगतान को त्वरित करने हेतु निर्देश दिए गए। संचालक कोष लेखा एवं पेंशन द्वारा सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के जी.पी.एफ. प्रकरण अनिवार्य रूप से तीन माह पूर्व महालेखाकार कार्यालय को प्रेषित किया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कार्यशाला में प्रधान महालेखाकार कार्यालय एवं कोषालयों के बीच होने वाले समव्यवहारों में आ रही कठिनाईयों एवं उसके निराकरण के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। कार्यशाला में प्रधान महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) पी.सी. मांझी, प्रधान महालेखाकार (लेखा परीक्षा) यशवंत कुमार, संचालक कोष, लेखा एवं पेंशन नीलकंठ टेकाम सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

ऑडिट सप्ताह 21 से 25 नवम्बर
प्रधान महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) कार्यालय एवं प्रधान महालेखाकार (लेखा परीक्षा) कार्यालय द्वारा संयुक्त रूप से 21 से 25 नवम्बर तक ऑडिट सप्ताह आयोजित किया जा रहा है।

 

 

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लबरा सरकार को सबक सिखाना है : बृजमोहन

उपचुनाव प्रभारी अग्रवाल ने भाजपा के चुनावी कार्यालयों का किया उद्घाटन

 कोरर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भानुप्रतापपुर उपचुनाव में चुनावी प्रचार-प्रसार की गतिविधियों में तेजी आ चुकी है। भारतीय जनता पार्टी इन सारी गतिविधियों में सत्ताधारी पार्टी से आगे नजर आ रही है। बुधवार को भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों ने भानुप्रतापपुर के विधानसभा कार्यालय के पश्चात कोरर मंडल में उपचुनाव कार्यालय का उद्घाटन समारोह का आयोजन किया। पूर्व मंत्री व उपचुनाव प्रभारी बृजमोहन अग्रवाल ने कार्यालयों का शुभारंभ किया। उनके साथ-साथ विधायक व सह-प्रभारी शिवरतन शर्मा, रामविचार नेताम व सांसद मोहन मंडावी भी मौजूद रहे। इससे पहले कोरर मण्डल क्षेत्र में जनसभा आयोजित हुई, इस कार्यक्रम के दौरान पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के साथ-साथ शिवरतन शर्मा, रामविचार नेताम, मोहन मंडावी, केदार कश्यप, लता उसेंडी, मोतीलाल साहू, संजय श्रीवास्तव, महावीर राठौर, परमानंद नेताम, गौतम उइके, बंटी ठाकुर आदि नेता मौजूद रहे।



इस जनसभा को संबोधित करते हुए भानुप्रतापपुर उपचुनाव के प्रभारी बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, इस क्षेत्र के विधायक रहे मनोज मंडावी की मौत का जिम्मेदार अगर कोई है तो वह मुख्यमंत्री भूपेश बघेल है। मनोज मंडावी को इस क्षेत्र के विकास न होने की चिंता सताती रही, मुख्यमंत्री उनको अनसुना करते रहे;  जिस कारण उनकी मृत्यु हो गई।

इस कांग्रेस सरकार के राज में किसान के पम्प का कनेक्शन नहीं मिल रहा है, युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है, बहन बेटियों को सुरक्षित जीवन नहीं मिल रहा है; इसके लिए इस सरकार को सबक सिखाना जरूरी है। उन्होंने प्रदेश सरकार पर आरोप भी लगाए, उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री मोदी विकास कार्यों के लिए जो पैसा भेजते हैं वो ये भूपेश बघेल सरकार खा जाती है। ऐसी सरकार से विकास की उम्मीद कैसे कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि बिजली का बिल हाफ करने का वादा करने वाले लोगों ने बिल को दोगुना कर जनता की कमर तोड़ दी , हमें इस बिजली का करंट भूपेश बघेल को लगाना है; तभी मुख्यमंत्री को इस बात पता चलेगा कि जनता को धोखा देने वाली सरकार अब कभी माफ नहीं करेगी।

 



पूर्व मंत्री व चुनाव प्रभारी बृजमोहन अग्रवाल ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि अगर कांग्रेस सरकार से बदला लेना है तो 5 तारीख को कमल का बटन दबाना है, साथ ही और लोगों को भी इसके प्रति  प्रेरित करना हैं। उन्होंने कहा कि जब ऐसा करेंगे तभी हम वादाखिलाफी करने वाली सरकार को सबक सिखा पाएंगे।

इन तमाम कार्यक्रमों के बाद उपचुनाव प्रभारी बृजमोहन अग्रवाल कोरर के बाद सीधा दुर्ग कोंडल पहुंचे। जहां उन्होंने चुनावी कार्यालय में समस्त कार्यकर्ताओं से बैठक कर जनता को मुद्दों के प्रति जागरूक करने की बात कही।
 

 

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ओम माथुर को 24 घंटे में ही छत्तीसगढ़ की चुनौती समझ में आई : कांग्रेस


राजधानी में चुनौती समझ में आई ग्रामीण क्षेत्र में जायेंगे तो भाजपा की दुर्गति भी दिखेगी, माथुर ने माना भाजपा में भूपेश बघेल के कद का कोई नेता नहीं

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भाजपा प्रभारी ओम माथुर द्वारा भाजपा नेताओं से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को टार्गेट किये जाने के आह्वान पर प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि जब रायपुर आये तो अति उत्साह में उन्होंने कहा था छत्तीसगढ़ में भाजपा को कोई चुनौती नहीं है। 24 घंटा छत्तीसगढ़ में रूकने के बाद ओम माथुर को छत्तीसगढ़ में असली चुनौती समझ में आ गयी। उन्हें महसूस हो गया कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कद का उनको टक्कर देने वाला कोई नेता नहीं है तथा कांग्रेस सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यों का भाजपा के पास कोई मुकाबला नहीं है। इसीलिये माथुर मुख्यमंत्री को टार्गेट करने की बात कर रहे है। ओम माथुर अभी राजधानी रायपुर से बाहर नहीं निकले उन्हें चुनौती समझ में आ गयी जैसे ग्रामीण क्षेत्र में जायेंगे उन्हें भाजपा की दुर्गति भी दिखने लगेंगे। माथुर के पहले भी पुरंदेश्वरी ने भाजपा नेताओं से कहा था मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का किसान होना भाजपा के लिये बड़ी चुनौती है। भाजपा के केंद्रीय नेताओं को इस बात का अहसास है कि छत्तीसगढ़ के भूपेश बघेल के कद का भाजपा में कोई नेता नहीं है इसीलिये भाजपा मोदी के चेहरे को आगे कर चुनाव में जाने की बात करती है। विपक्ष में रहने पर किसी भी दल में दल का अध्यक्ष और उसके विधायक दल का नेता स्वाभाविक नेता होता है लेकिन भाजपा को अपने प्रदेश अध्यक्ष और विधायक दल के नेता पर भरोसा नहीं है।

 

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भूपेश बघेल की लोकप्रियता उनका छत्तीसगढ़ के प्रति प्रेम भाजपा की सबसे बड़ी चुनौती है। कांग्रेस की सरकार बनने के बाद राज्य के लोगों को लगने लगा है कि छत्तीसगढ़ में उनकी अपनी सरकार बनी है। आज गेड़ी चढ़ने, बोरे बासी खाने, छत्तीसगढ़ महतारी की जय बोलने में छत्तीसगढ़ के लोगों को गर्व की अनुभूति हो रही है। यही कारण है कि भाजपा के वरिष्ठ नेता ननकी राम कंवर भी मान रहे राज्य में 2023 में भी भाजपा की सरकार नहीं बनेगी।

 

 

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि ओम माथुर को समझ आ गया कि छत्तीसगढ़ में भाजपा के सामने 15 साल बनाम 4 साल की चुनौती है। जनता भाजपा के 15 साल के कुशासन की तुलना कांग्रेस सरकार के 4 साल से करती है। जनता को 15 साल के भाजपा के कुशासन के बाद एक जनकल्याणकारी सरकार मिली है। किसान को उनकी उपज की पूरी कीमत मिल रहा। किसान का कर्जामाफ हो गया, युवाओं को रोजगार मिल रहा, बेरोजगारी दर देश में सबसे कम है। राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद 5 लाख युवाओं को रोजगार मिला है। छत्तीसगढ़ में हर वर्ग सरकार से खुश है। कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र के 90 प्रतिशत वायदे को पूरा कर दिया। भाजपा कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार के एक आरोप नहीं लगा पाई है। इसके विपरीत ओम माथुर को जनता को नान घोटाले, डी.के.एस. घोटाले, अंतागढ़ कांड का भी जवाब देना होगा। रमन सरकार की वायदा खिलाफी और धोखाधड़ी को जनता भूली नहीं है। भाजपा को मोदी सरकार की वायदा खिलाफी का भी जवाब देना होगा। 15 लाख हर के खाते, 2 करोड़ नौकरी, महंगाई कम करने, किसानों की आय दुगुनी के वायदों का जनता हिसाब मांग रही।

 

 

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जवाहर चौक, इंदिरा मार्केट के दुकानों से हटाया गया अवैध निर्माण

 दुर्ग (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा के निर्देशानुसार शहर को स्वच्छ एवं सुंदर रखने की दिशा में निगम सतत कार्य कर रहा है, अवैध पोस्टर, पॉम्प्लेट, होर्डिंग जैसे प्रचार सामग्री हटाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में आयुक्त नगर पालिक निगम, दुर्ग के नेतृत्व में जवाहर चौक में दुकानों के सामने लगे होर्डिग्स बोर्ड, नाली के ऊपर अतिक्रमण एवं रोड पर सामान रखकर विक्रय करने वालों को समझाईश दी गई।

इस दौरान कुछ उपद्रवियों द्वारा प्रशासनिक काम में बाधा डालने एवं शांति भंग करने की कोशिश की गई। निगम आयुक्त लक्ष्मण तिवारी ने पुलिस को उनके विरूद्ध 107-16 लगाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी दुकान संचालकों और आम लोगों से यह अपील की है कि  शहर को सुंदर और स्वच्छ बनाना हमारा कर्तव्य है, जनता के सुगम आवागमन में इस के निर्माण से बाधा उत्पन्न होती है। आप सभी इस काम में प्रशासन की मदद करें और स्वेच्छा से इस के निर्माणों को हटाये अन्यथा निगम इस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

 

 

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आदिवासी आरक्षण में हुई कटौती के लिए पूर्व रमन सरकार के साथ नंदकुमार साय भी जिम्मेदार : कांग्रेस

 जब रमन सरकार ने आदिवासी आरक्षण के लिये ननकीराम कंवर की सिफारिश को न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किया तब क्यो मौन थे नंदकुमार साय ?

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भाजपा के वरिष्ठ नेता नंदकुमार साय के धरना को सियासी नौटंकी करार देते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार विधानसभा के विशेष सत्र के माध्यम से आदिवासी समाज को 32 प्रतिशत आरक्षण का उनका कानूनी अधिकार देने जा रही है। रमन भाजपा सरकार की आदिवासी विरोधी कृत्यों  के  महापाप को धो रही है तब ऐसे में नंदकुमार साय जैसे और भी भाजपा के अन्य आदिवासी नेता हैं वह आदिवासी समाज को गुमराह कर श्रेय लेने की होड़ में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।

 

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने नंदकुमार साय से सवाल पूछे जब रमन सरकार ने आदिवासी 32 प्रतिशत आरक्षण के मामले में आधार बताने वरिष्ठ आदिवासी नेता ननकीराम कंवर की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया तो उस कमेटी गठन की जानकारी न्यायालय से क्यों छिपाई ? और ननकीराम कंवर कमेटी के सिफारिश को न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किया तब नंदकुमार साय और भाजपा से जुड़े आदिवासी नेता विरोध क्यों नही किये? क्या उस दौरान नन्दकुमार साय के मन मे कुर्सी छीने जाने का भय था? क्या नन्दकुमार साय को उस दौरान आदिवासी समाज के साथ हो रहे धोखेबाजी का ज्ञात नही था या नन्दकुमार साय को अदिवासी समाज की हित से ज्यादा स्वहित की चिंता सत्ता रही थी?

 

 

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि रमन सरकार के बदनियति आरक्षण विरोधी नीतियां के चलते न्यायालय में जो आदिवासियों के 32 प्रतिशत आरक्षण के खिलाफ फैसला आया है उसके लिए रमन सरकार के साथ भाजपा से जुड़े आदिवासी नेता भी जिम्मेदार हैं नंद कुमार साय और भाजपा से जुड़े आदिवासी नेताओं को रमन सरकार से इस आदिवासी कृत्य के लिए आदिवासी समाज से माफी मांगनी चाहिए और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार को आदिवासी आरक्षण देने बुलाए जा रहे विधानसभा के विशेष सत्र के लिए आभार प्रकट करना चाहिए धन्यवाद देना चाहिए।

   

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भूपेश सरकार के ईमानदार प्रयास से ही पहली बार OBC व EWS का प्रमाणिक डाटा तैयार हुआ : कांग्रेस

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल और छत्तीसगढ़ के भाजपा नेता अनर्गल बयानबाजी करने के बजाय यह बताएं कि 15 साल के रमन राज में अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण और आर्थिक रूप से पिछड़ों को आरक्षण देने के लिए क्या प्रयास हुए? आबादी के आधार पर स्थानीय नागरिकों को आरक्षण सुनिश्चित करना भूपेश सरकार का संकल्प है। वर्गवार प्रमाणित आंकड़े जुटाने में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है। जस्टिस छबिलाल पटेल की अध्यक्षता में गठित क्वांटिफिएबल डाटा आयोग ने धरातल पर उतर कर वास्तविक डाटा एकत्रित किया गया है, जिसका स्थानीय निकायों के सामान्य सभा में दावा/आपत्ति के बाद परीक्षण भी किया गया तथा आधार नंबर से भी सत्यापित किया गया है। पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से भी आंकड़े जुटाए गए। भाजपा को आरोप लगाने का नैतिक अधिकार नहीं है क्योंकि 15 साल रमन सरकार के दौरान उक्त संदर्भ में कोई प्रयास ही नहीं किए गए। किसी भी व्यवस्था में संशोधन और बेहतर की गुंजाइश हमेशा होती है। विधानसभा के पटल पर रखे जानें और चर्चा के बाद अंतिम प्रकाशन का इंतज़ार करना चाहिए। जो भी रिर्पोट प्रस्तुत है उसे क्वांटिफिएबल डाटा आयोग द्वारा प्रमाणित/सत्यापित आंकड़ा माना जा सकता है। भूपेश बघेल सरकार के ईमानदार प्रयास से ही पहली बार एक प्रमाणिक डाटा तैयार हुआ है, केबिनेट में प्रस्ताव के बाद विधानसभा में विस्तृत चर्चा होगी और उसके बाद भी नियमित प्रक्रिया के तहत सतत संशोधन भी संभावित है।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि रमन सरकार के दौरान ही छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जाति वर्ग का आरक्षण 4 प्रतिशत काटा गया, 16 से घटाकर 12 प्रतिशत किया गया। 21 लाख फर्जी राशन कार्ड बना कर गरीबों के 36000 करोड़ के राशन खाने वाले यही भाजपा के लोग थे। भाजपा का मूल चरित्र ही आरक्षण विरोधी है। भाजपा तो मुखौटा है, आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ने बिहार विधानसभा चुनाव से पहले ही सार्वजनिक रूप से कहा था कि अब वक्त आ गया है आरक्षण की समीक्षा कर उसे खत्म करने का। आदिवासी आरक्षण के संदर्भ में 2018 तक जानबूझकर षड़यंत्र रचे, उच्च न्यायालय में तथ्य और आधार ही प्रस्तुत नहीं किया गया। ननकीराम की अध्यक्षता में गठित कमेटी और सीएस की अध्यक्षता में गठित कमेटी के दस्तावेज का जिक्र ना शपथ पत्र में था ना अंतिम बयान और ना ही संशोधित बयान में दर्ज थे जो बिलासपुर उच्च न्यायालय में 2018 के पूर्व में दाखिल किए गए। 15 साल के रमन सरकार के दौरान 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया। अब आरक्षण पर घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं भाजपाई।

 

 

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आयल फैक्ट्री में लगी आग, मौके पर पहुंचा अग्निशमन दल...

 

बिलासपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बिलासपुर के सिरगिट्टी थाना क्षेत्र के इंडस्ट्रियल एरिया में आयल फैक्ट्री में आज दोपहर अचानक भीषण आग लग गई। घटना की सूचना पर पुलिस की टीम व दमकल विभाग की टीम मौके में पहुंच गई है और आग बुझाने का कार्य कर रही है। सिरगिट्टी के सेक्टर बी 18, 19, 32, 33 में संतोष सिंघानिया का शिवांगी ऑयल मिल है, जहां डमरु ब्रांड का राइस ब्रान खाद्य तेल तैयार किया जाता है।



मंगलवार दोपहर में स्टोर से आग लगने की शुरुआत हुई। उस वक्त कर्मचारी खाना खा रहे थे। किसी को कुछ समझ आता इससे पहले ही आग ने विशाल रूप ले लिया। तुरंत इसकी सूचना दमकल को दी गई। बता दें कि शिवानी ऑयल मिल में जहां पर आग लगी। वहां आयल ब्रांड के कई हजार आयल के टीन रखे हुए थे, जिसके कारण आग एकाएक भड़क गई। हालांकि आग लगने की खबर मिलने पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंच चुकी है लेकिन उनके लिए भी इस भयंकर आग पर काबू पाना बहुत मुश्किल हो रहा है। आग की लपटें इतनी तेज है कि उसकी आंच काफी दूर तक महसूस की जा रही है।

आग कैसे लगी फिलहाल इसकी जानकारी नहीं हो पाई है।

 

 

 

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भूपेश बघेल किसी को बलात्कारी कैसे ठहरा सकते हैं- मूणत

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ प्रदेश भाजपा प्रवक्ता व  पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की टिप्पणी पर कड़ा ऐतराज व्यक्त करते हुए कहा है कि एक चार्जशीटेड और जमानत पर घूम रहा व्यक्ति किसी को बलात्कारी कैसे ठहरा सकता है?

प्रदेश भाजपा प्रवक्ता राजेश मूणत ने कहा कि अश्लील सीडी कांड में गिरफ्तार होकर जेल जाने वाले भूपेश बघेल जमानत पर बाहर हैं और उनके विरुद्ध अभियोग पत्र भी दाखिल है। वे मुख्यमंत्री के संवैधानिक पद पर किस नैतिकता से बैठे हैं? वे जिस तरह भानुप्रतापपुर उपचुनाव के प्रत्याशी के विरुद्ध अमर्यादित टिप्पणी करते हुए उन्हें बलात्कारी घोषित कर रहे हैं, यह अधिकार उन्हें किस कानून ने दे दिया?

 

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राजेश मूणत ने कहा कि भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ कांग्रेस साजिश कर रही है। कांग्रेस हार रही है तो मुख्यमंत्री भाजपा प्रत्याशी को बलात्कारी कह रहे हैं जबकि उनके विरुद्ध न तो कोई अभियोग दाखिल हुआ है और न पीड़िता ने उनके विरुद्ध कोई बयान दिया है। कानूनन किसी आरोपी या अभियुक्त को दोषी नहीं कहा जा सकता। अश्लील सीडी कांड के अभियोगी भूपेश बघेल ज्ञान बांटने की बजाय  मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़कर दिखाएं।

 

मूणत ने कहा कि भूपेश बघेल ने अपने बयान से मुख्यमंत्री के पद की गरिमा और संविधान में निहित न्याय की भावना को ठेस पहुंचाई है। अगर भूपेश बघेल ब्रम्हानंद नेताम को दोषी मानते हैं तो उन्हें खुद को भी सार्वजनिक तौर पर दोषी स्वीकार कर लेना चाहिए। जनता, अदालत और निर्वाचन आयोग के समक्ष अपनी गलती स्वीकार करनी चाहिए। अन्यथा वे मानहानि नोटिस के लिए तैयार रहें।

 

मूणत ने कहा कि  भूपेश बघेल  शायद यह नही जानते या सत्ता के अहंकार में भूल गए है। कि किसी प्रकरण के आरोपी को संदेह के आधार पर दोषी नहीं ठहराया जा सकता है। 

ब्रम्हानंद नेताम  के प्रकरण में भूपेश बघेल ने जिस संज्ञा का उपयोग किया है ,वह कानून की अवमानना की श्रेणी में आता है। मूणत ने पार्टी की तरफ से जारी बयान को दोहराते हुए कहा  कि  इस प्रकरण में पीडिता ने अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश जमशेदपुर के समक्ष 164 के तहत जो बयान दर्ज कराया है,उसमें प्रत्याशी क़े  नाम का उल्लेख नहीं है। एफआईआर में भी प्रत्याशी का नाम नहीं है। मगर इस मामले में एक आरोपी द्वारा लगाए गए आरोप को आधार बनाकर कांग्रेस आरोप लगा रही है।  जबकि कांग्रेस पार्टी की तरफ से निर्वाचन अधिकारी को सौंपे गए एक  ज्ञापन में मोहन मरकाम ने  ब्रम्हानंद नेताम  को आरोपी बताया  है।

 

मूणत ने कहा कि फ़र्ज़ी सीडी कांड प्रकरण में सीबीआई के समक्ष खुद अभियुक्त हैं। उन्हें बताना चाहिए कि वह किस  कानून के तहत ब्रम्हानंद नेताम को आरोपी से दोषी बता रहे हैं। क्या भूपेश बघेल खुद को अदालत या संविधान से ऊपर समझते हैं? जो किसी को भी सार्वजनिक तौर पर बलात्कारी कहने के लिए खुद को सामर्थ्यवान मानते हैं ।

 

 

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किसानों ने बेचा 11 लाख मीट्रिक टन धान, हुआ 24 सौ करोड़ का भुगतान...

कस्टम मिलिंग के लिए 5 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ में किसानों से समर्थन मूल्य पर 11 लाख 73 हजार  240 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। धान के एवज में 3 लाख 43 हजार 162 किसानों को लगभग 2466 करोड़ रूपए की राशि बैंक लिकिंग व्यवस्था के तहत् भुगतान कर दिया गया है। राज्य सरकार की धान खरीदी के समुचित व्यवस्था के चलते किसान उत्साह के साथ धान खरीदी केन्द्रों में पहुंच रहे हैं। धान बेचने के लिए अब उन्हें लम्बा इंतजार नहीं करना पड़ रहा है। धान खरीदी के साथ-साथ कस्टम मिलिंग के लिए धान का उठाव निरंतर चल रहा है। अब तक 5 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव समितियों से किया जा चुका है। सरकार द्वारा इस वर्ष 110 लाख मीट्रिक टन धान उपार्जन का अनुमान है।

 
राज्य सरकार द्वारा धान बेचने वाले किसानों की सुविधा के लिए टोकन तुंहर हाथ एप बनाया गया है। इसके जरिए किसान ऑनलाइन टोकन प्राप्त कर सकते हैं इसके अलावा मेन्युअल तरीके से अग्रिम में टोकन दिया जा रहा है, जिसके फलस्वरूप किसानों का धान सुविधाजनक ढंग से खरीदने का काम हो रहा हैं।


खाद्य विभाग के सचिव टोपेश्वर वर्मा ने बताया कि 22 नवंबर को 38 हजार 451 किसानों से 1 लाख 28 हजार 569 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है, इसके अलावा ऑनलाइन प्राप्त टोकन के जरिए किसानों से 20 हजार 107 मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीदी की गई। आगामी दिवस की धान खरीदी के लिए 48 हजार 925 टोकन तथा टोकन तुंहर हाथ एप के जरिये 7265 टोकन ऑनलाइन जारी किए गए हैं।

खाद्य सचिव वर्मा ने बताया कि पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी धान खरीदी के साथ-साथ धान का उठाव लगातार हो रहा है। अब तक 8 लाख 46 हजार 831 मीट्रिक टन धान के उठाव के लिए डी.ओ. जारी किए गए हैं, जिसके एवज में उपार्जन केंद्रों से 5 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव हो चुका है।

 खाद्य सचिव ने बताया कि समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए चालू सीजन में प्रदेश में 25.92 लाख किसानों का पंजीयन हुआ है, जिसमें लगभग 2.21 लाख नये किसान है। राज्य में धान खरीदी के लिए 2560 उपार्जन केन्द्र बनाए गए हैं। इस साल किसानों से सामान्य धान 2040 रूपए प्रति क्विंटल तथा ग्रेड-ए धान 2060 रूपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है। अधिकारी धान खरीदी व्यवस्था पर निरंतर निगरानी रखे हुए हैं। सीमावर्ती राज्यों से अवैध धान परिवहन को रोकने के लिए चेक पोस्ट के जरिए कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

 

 

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आदिवासी आरक्षण पर भाजपा का धरना सियासी नौटंकी : कांग्रेस

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भाजपा नेताओं द्वारा आरक्षण के संबध में किये गये धरने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा भाजपाई आदिवासी आरक्षण को लेकर घड़ियाली आंसू बहा रहे है। जब आरक्षण की बहाली के लिये कांग्रेस सरकार ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है तब धरना क्यो? रमन सरकार ने लापरवाही किया और जानबूझ कर हाईकोर्ट में ननकीराम कंवर और मुख्य सचिव की कमेटी की अनुशंशाओं को छुपाकर रखा उस समय रमन सरकार ने हाईकोर्ट में प्रस्तुत हलफनामे में भी इन कमेटियों के बारे में छुपाया था जिससे अदालत में आरक्षण कम हो गया।

प्रदेश कांग्रेस मोहन मरकाम ने कहा जब आरक्षण बढ़ाने के लिए इन दोनों ही कमेटियों का गठन किया गया था और इनकी सिफारिशों को ही आरक्षण बढ़ाने का महत्वपूर्ण आधार बनाया गया था। अदालत में जब 50 फीसदी आरक्षण को बढ़ा कर 58 किये जाने के खिलाफ मुकदमा दायर हुआ तब रमन सरकार ने अदालत में इस मुकदमे के सम्बंध में जो एफिडेविड दिया उसमें इन दोनों ही कमेटियों के बारे में उल्लेख क्यो नही किया? यह सामान्य भूल नहीं हो सकती। अदालत में सरकार के तरफ से महाधिवक्ता और वरिष्ठ वकीलों का पैनल खड़ा होता है अतः यह तो माना ही नही जा सकता कि इन कमेटियों को बिना किसी कारण के अदालत से छुपाया गया होगा जबकी इस मुकदमे को जीतने का बड़ा आधार ही आदिवासी समाज की 32 प्रतिशत जनसंख्या और इन दोनों कमेटियों की सिफारिश थी। यह कोताही बताती है कि रमन सरकार ने आदिवासी समाज के आरक्षण के खिलाफ मुकदमे को जानबूझ कर हारने की नीयत से ही यह षड्यंत्र रचा था। अदालत में चले मुकदमे में समय अधिक लगने के कारण यह फैसला अब आया जब रमन सरकार की बिदाई हो चुकी है। अदालत में कांग्रेस सरकार के महा अधिवक्ता ने जब दोनों कमेटी की सिफारिशों को रखना चाहा तब अदालत ने यह कह कर अनुमति नही दिया कि पूर्व में दायर एफिडेविड में इन कमेटियों के अस्तित्व के बारे में कोई उल्लेख नही है।इससे साफ है कि आदिवासी समाज का आरक्षण कम होने की गुनाहगार भाजपा है।

 
 
 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने आदिवासी समाज के आरक्षण की बहाली के लिये विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है विधानसभा में चर्चा कर आदिवासी समाज के आरक्षण की बहाली के लिये कानूनी प्रावधान खोजे जायेंगे। भाजपा के नेता किस नैतिकता से आंदोलन कर रहे है।

 

 

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ओम माथुर के पहले आये भाजपा के प्रभारियों ने भी भूपेश बघेल के किसान हितैषी नीतियों के आगे आत्मसमर्पण कर दिया

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भाजपा प्रदेश प्रभारी ओम माथुर के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि  भाजपा प्रदेश प्रभारी ओम माथुर के बयान में अहंकार झलक रहा है।  प्रदेश की जनता का अपमान झलक रहा है।  अगर ओम माथुर कहते हैं कि छत्तीसगढ़ उनके लिए चुनौती नहीं है मतलब साफ संकेत भाजपा 2023 में अपनी 14 सीट भी नही बचा पायेगी। ओम माथुर के पहले जितने भी प्रभारी आए सभी ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का किसान होना और सरकार के किसान हितैषी जनकल्याणकारी नीतियों के आगे आत्मसमर्पण कर दिया। कई बार भाजपा के प्रदेश प्रभारीयो ने सार्वजनिक तौर पर इस बात को स्वीकार किया प्रदेश के मुख्यमंत्री का किसान होना भाजपा के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। ओम माथुर को पता है कि भाजपा ना तो जनता के बीच में है ना उनके पास कोई नेता है ना उनके पास कोई नीतियां है और 15 साल के रमन सरकार की कारगुजारी कमीशनखोरी भ्रष्टाचार हजारों किसानों की आत्महत्या,युवाओं के रोजगार को बेचना और घोटालाबाजी के महापाप से भाजपा कभी नहीं उबर पाएगी। जनता का विश्वास खो चुकी भाजपा छत्तीसगढ़ में कभी सिर उठाकर राजनीति नहीं कर पाएगी।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि असल मायने में ओम माथुर के लिए सबसे बड़ी चुनौती अगर कोई है तो भाजपा के संगठन के भीतर भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह पूर्व मंत्री एवं विधायक बृजमोहन अग्रवाल राज्यसभा सदस्य सरोज पांडे जैसे कई कद्दावर नेता हैं जिसको सीधा करने के फिराक में भाजपा के कई प्रदेश प्रभारी यहां से अलविदा हो चुके हैं।

 

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि ओम माथुर के पहले जितने भी प्रभारी आए सबको नाच नचाने का काम भाजपा के 15 साल के मठाधीश नेताओं ने किया है ओम माथुर को 2023 आम चुनाव तक खुद को प्रभारी बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती है डॉ रमन सिंह, बृजमोहन अग्रवाल, सरोज पांडे जैसे और भी कई नेता का ग्रुप है। वह ओम माथुर को 2023 के पहले ही छत्तीसगढ़ से रवाना कर देंगे। ओम माथुर के प्रभारी बनने के बाद प्रदेश में हो रहे भानुप्रतापपुर के उपचुनाव में एक बलात्कारी को टिकट दिया गया है इससे ही समझ में आ जाता कि ओम माथुर के पास कितनी बड़ी सोच है या निर्णय लेने की क्षमता है कि नहीं। प्रदेश की जनता 2023 के चुनाव में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार की जनकल्याणकारी कार्यों कांग्रेस पार्टी के रीति नीति सिद्धांतों और छत्तीसगढ़ के आने वाले भविष्य को उज्जवल बनाने के लिए कांग्रेस के निशान पर मुहर लगाएगी वर्तमान में कांग्रेस पार्टी 71 सीट पर है और हमें पूरा विश्वास है 2023 के चुनाव में कांग्रेस लगभग 75 सीट के आंकड़े को पूरा करेंगी। कांग्रेस पार्टी हमेशा लोकतंत्र की मर्यादाओं का सम्मान करती हैं 2023 में भाजपा को एक मजबूत विपक्ष की भूमिका में देखना चाहती है।

 

 

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बेटी बचाओ के नारा लगाने वाले बेटी के अपराधी को संरक्षण दे रहे है : वंदना राजपूत

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बेटी के अपराधी को बचा रहे भाजपा पर ताबड़तोड़ सवाल करते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने राज्यसभा सांसद सरोज पांडे, केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह एवं भाजपा महिला मोर्चा को आड़े हाथ लेते हुए पूछा कि कब स्मृति ईरानी आकर भाजपा नेता ब्रह्मानंद, दीपांकर सिन्हा, नरेश सोनी के खिलाफ हुंकार रैली करेगी? ब्रह्मानंद नेताम सहित इन नेताओं ने एक 15 साल की नाबालिग मासूम बच्ची के साथ गैंगरेप जैसे हृदय विदारक घटना को अंजाम देते हुए दबाव पूर्वक देह व्यापार में धकेलना पॉक्सो एक्ट में अपराध दर्ज है। भाजपा का हाथ हमेशा बलात्कारियों के साथ रहा है। बेटी बचाओ के नारा लगाने वाले ही बेटी के अपराधी को संरक्षण दिया जा रहा है और संरक्षण के साथ भाजपा के प्रत्याशी बनाया गया है अब क्यों उस पीड़ित बेटी पर सरोज पांडे को दया नहीं आ रही?

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि भाजपा का असली चाल, चरित्र और चेहरा है यही है। बेटी बचाओ के नारा लगाने वाली भाजपा हमेशा से ही बलात्कारियों को बचाने में लगी हुई है। पूर्ववर्ती सरकार के ओ.एस.डी. रहे ओ.पी.गुप्ता के द्वारा एक नाबालिग बच्ची के साथ अनाचार किया जाता है और उस बलात्कारी को संरक्षण देने का काम भाजपा के नेता करते रहे थे लेकिन कांग्रेस के सरकार में उस पीड़िता और उनके परिवार को न्याय मिला और आरोपी को जेल जाना पड़ा।

 
 
 

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि भाजपा शासित कई राज्यों में महिलाओं के साथ कई जघन्य अपराध हुए हैं। उत्तराखंड में एक भाजपा नेता के होटल में एक युवती को जबरन जिस्मफरोशी के दलदल में धकेला जा रहा था और मना करने पर नेता पुत्र ने उसकी हत्या कर दी और वहां की सरकार और प्रशासन ने होटल पर बुलडोजर चलाकर सारे सबूत नष्ट कर दिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश के हाथरस, उन्नाव, लखीमपुर और त्रिपुरा में महिलाओं के साथ घटी भयावह घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने आरोपियों को बचाने का कार्य किया है और पीड़ित को कोई न्याय नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि लखीमपुर में भाजपा नेता एक औरत का चीरहरण करते हैं और कोई कार्रवाई नहीं होती है।

 
 
 

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और खासकर भाजपा की नेत्रियों से पूछा कि वे ऐसी घटनाओं पर क्या कर रही हैं? उन्होंने सीधा आरोप लगाया कि दुराचार करने वालों को केंद्र सरकार और भाजपा नेताओं के द्वारा संरक्षण दिया जा रहा है और इससे उनके हौसले बढ़ रहे हैं।

 

 

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कुपोषण दूर करने जिले में शुरू हुआ पोषण तुंहर द्वार कार्यक्रम

 अम्बिकापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर ने जिले में कुपोषण दूर करने अभिनव पहल करते हुए मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान अंतर्गत पोषण तुंहर द्वार कार्यक्रम की शुरुआत की है। यह कार्यक्रम महिला व बल विकास विभाग की ओर से चलाई जा रही है।

पोषण तुंहर द्वार में एनीमिक हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं, एनीमिक शिशुवती महिलाओं व 6 माह से 3 वर्ष तक के गंभीर कुपोषित बच्चों को सप्ताह में 6 दिन गरम पौष्टिक भोजन खिचड़ी व उबला अंडा प्रदान करने की शुरूआत की जा रही है। आंगनबाड़ी अंगबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से एनीमिक गर्भवती और शिशुवती महिला की सास, आंगनबाड़ी केन्द्र या निर्धारित स्थल पर टिफीन में गर्म भोजन पौष्टिक खिचड़ी व अण्डा प्रदान किया जा रहा है।

 

इस कार्यक्रम के अंतर्गत पोषण व्यवहार परिवर्तन में परिवार व समाज की भूमिका को मजबूत करने का प्रयास हो रहा है। जिले में इसके लिए मयारू सास तथा सुपोषण गोठ को महत्वपूर्ण मानकर आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। एनीमिक गर्भवती और शिशुवती महिला की सास या ससुर को जिम्मेदार बनाने के लिए आंगनबाड़ी केन्द्र अथवा निर्धारित स्थल से गर्म भोजन, पौष्टिक खिचड़ी व उबला अण्डा उपलब्ध कराया जा रहा है। जिले में विभिन्न परिवार के सदस्यों को गर्भवती व शिशुवती महिलाओं व गंभीर कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य की देखभाल की जा रही है जनसमुदाय में एनीमिक गर्भवती, शिशुवती महिला और गंभीर कुपोषित बच्चों की देखभाल के लिए जागरूक किया जा रहा है।

 
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