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मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों को छेरछेरा पर्व की दी हार्दिक बधाई

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध लोकपर्व छेरछेरा के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और निरंतर प्रगति की मंगलकामना की।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छेरछेरा महादान, सामाजिक समरसता और दानशीलता का प्रतीक पर्व है, जो छत्तीसगढ़ की समृद्ध, गौरवशाली और मानवीय मूल्यों से ओत-प्रोत परंपरा को सजीव रूप में अभिव्यक्त करता है। नई फसल घर आने की खुशी में यह पर्व पौष मास की पूर्णिमा को बड़े हर्ष और उत्साह के साथ मनाया जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी दिन मां शाकंभरी जयंती भी मनाई जाती है, जो अन्न, प्रकृति और जीवन के संरक्षण का संदेश देती है। पौराणिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान शिव ने माता अन्नपूर्णा से भिक्षा ग्रहण की थी। इसी परंपरा के अनुरूप छेरछेरा पर्व पर धान के साथ-साथ साग-भाजी, फल एवं अन्य अन्न का दान कर लोग परस्पर सहयोग, करुणा और मानवता का परिचय देते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छेरछेरा पर्व हमें समाज में आपसी प्रेम, सौहार्द और साझा समृद्धि की भावना को सुदृढ़ करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों से इस लोकपर्व को सद्भाव, उल्लास और पारंपरिक मूल्यों के साथ मनाने का आह्वान किया।
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प्रदेश के सभी धान खरीदी केन्द्रो में जगह की कमी खरीदी प्रभावित हो रही - दीपक बैज

 सरकार की लापरवाही के कारण सोसायटियों में धान जाम हो गया है। जगह की कमी हो गयी है तथा खरीदी प्रभावित हो रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि धान उठाव के लिये डीओ नहीं कटने के कारण 1600 से अधिक सोसायटियो में उठाव शुरू नहीं हो पाया है। खरीदी केन्द्रों में बफर स्टाक पड़ा हुआ है। सरकार को खरीदी शुरू करने के तुरंत बाद डीओ जारी करने और परिवहन का अनुबंध कर लेना था। लेकिन सरकार लापरवाह बनी रही। सरकार को पता है कि अनुंबध देरी करने और डीओ नहीं करने के कारण जाम की स्थिति बनेगी तथा खरीदी प्रभावित होगी तथा कम धान खरीदना पड़ेगा। यह सोची समझी साजिश है।


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि अभी तक प्रदेश के 2739 खरीदी केन्द्रो में लगभग 51 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो गयी है, लेकिन उठाव सिर्फ 10 लाख मीट्रिक टन का ही हुआ है। लगभग 41 लाख मीट्रिक टन धान सोसायटियो में जाम पड़ा हुआ है। जिसके कारण सभी सोसायटी में जगह की कमी हो गयी हे और खरीदी बाधित हो गयी है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सोसायटियों में लंबे समय तक धान पड़े रहेगा तो धान के सूखत का नुकसान भी सोसायटियो को ही उठाना पड़ेगा। इसमें सोसायटियो को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। पिछले वर्षो का भी सूखत का पैसा सरकार ने सोसायटियो को जारी नहीं किया है। सरकार की लापरवाही का खामियाजा सोसायटियों को भरना होगा।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि अनेको सोसायटियो में अभी तक सरकार ने लिमिट नहीं बढ़ाया है। जिसके कारण किसानों का धान के पूरी खरीदी नहीं हो पा रही है। पुराना बरदाना भी जो दिया जा रहा है वह भी फटा हुआ है, जिसके कारण हर बोरे में किसानो को दो से तीन किलो का नुकसान हो रहा है। सोसायटियों में तौलाई भी प्रति तौल 1 से 2 किलो अधिक किया जा रहा है। यह सीधा-सीधा भ्रष्टाचार है, किसानों से लूट है। सरकार धान खरीदी जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था को भी नहीं संभाल पा रही है।
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अस्पताल की दहलीज पर अब परिजनों को मिलेगा घर जैसा सुकून: छत्तीसगढ़ सरकार की एक संवेदनशील पहल

जब कोई गंभीर बीमारी घर में दस्तक देती है, तो पूरा परिवार मानसिक और आर्थिक रूप से टूट जाता है। ऐसे वक्त में दूर-दराज के गांवों से शहर आने वाले गरीब परिवारों के लिए सबसे बड़ी चुनौती इलाज के साथ-साथ खुद के ठहरने की होती है। अक्सर मरीज तो वार्ड में इलाज करा रहा होता है, लेकिन उसके अपने लोग अस्पताल के गलियारों, ठंडी सीढ़ियों या खुले आसमान के नीचे रातें गुजारने को मजबूर होते हैं। इसी मानवीय पीड़ा को महसूस करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बहुत ही प्रशंसनीय कदम उठाया है। अब राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में मरीजों के परिजनों के लिए सर्वसुविधायुक्त ‘विश्राम गृह’ बनाए जाएंगे, ताकि किसी भी मजबूर आंख को रात बिताने के लिए सुरक्षित छत की तलाश में भटकना न पड़े।


इस नेक काम को धरातल पर उतारने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में मंत्रालय नवा रायपुर में मेडिकल एजुकेशन विभाग और सेवादान आरोग्य फाउंडेशन के बीच एक एमओयू संपादित हुआ है। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री खुशवंत साहेब , स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त श्री रितेश अग्रवाल सहित सेवादान फाउंडेशन के सदस्य उपस्थित थे।

इस समझौते की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इन आश्रय स्थलों के निर्माण, सजावट और उनके रोजमर्रा के संचालन का पूरा जिम्मा संस्था खुद उठाएगी। इसका सीधा मतलब यह है कि सरकार और संस्था मिलकर एक ऐसा मानवीय ढांचा तैयार कर रहे हैं जहाँ परिजनों को सुरक्षित, स्वच्छ और बेहद किफायती ठहराव मिलेगा। इन विश्राम गृहों में केवल सिर छुपाने की जगह ही नहीं मिलेगी, बल्कि अपनों की सेवा में लगे लोगों के लिए 24 घंटे सुरक्षा, सीसीटीवी की निगरानी, साफ-सुथरा भोजन और एक गरिमामय माहौल भी सुनिश्चित किया जाएगा।

योजना के पहले पड़ाव में रायपुर, अंबिकापुर, रायगढ़ और जगदलपुर जैसे प्रमुख शहरों के मेडिकल कॉलेजों को चुना गया है, जहां दूरस्थ अंचलों से बड़ी संख्या में लोग उम्मीद लेकर पहुँचते हैं। यह पहल दिखाती है कि स्वास्थ्य सेवाएं सिर्फ दवा और डॉक्टर तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उनमें उन लोगों के लिए भी जगह होनी चाहिए जो अपने बीमार परिजनों के लिए संबल बनकर साथ खड़े रहते हैं। यह कदम न केवल स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती देगा, बल्कि उन हजारों परिवारों को एक बड़ी मानसिक राहत भी पहुँचाएगा जिनके पास शहर में रहने का कोई ठिकाना नहीं होता। 

"इलाज सिर्फ दवाओं से नहीं, अपनों के साथ और सुकून से भी होता है।छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं को नया विस्तार मिलने जा रहा है।  इस MoU के तहत राज्य के मेडिकल कॉलेजों में मरीजों के परिजनों के लिए बेहतर और सुविधाजनक 'विश्राम गृह' बनेंगे जो  'नो प्रॉफिट-नो लॉस' के आधार पर संचालित होंगे।" स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल

"राज्य सरकार का उद्देश्य केवल बेहतर इलाज उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि मरीजों के साथ आने वाले परिजनों की गरिमा और सुविधा का भी ख्याल रखना है। दूर-दराज़ से आने वाले लोग कई दिनों तक अस्पतालों के आसपास असुविधाजनक परिस्थितियों में रुकने को मजबूर होते हैं। विश्राम गृह की व्यवस्था उनके लिए सुरक्षित, स्वच्छ और किफायती ठहराव का बड़ा सहारा साबित होगी।यह पहल संवेदनशील और उत्तरदायी शासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। विश्राम गृहों के माध्यम से मरीज परिजनों को सम्मानजनक आवास, भोजन और बुनियादी सुविधाएँ एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। इससे स्वास्थ्य सेवाओं के साथ मानवता और संवेदना का समन्वय और सुदृढ़ होगा।" - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
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रोजगार, कौशल और बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में बड़ा कदम: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में हेल्थ केयर में कौशल विकास हेतु सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के साथ एमओयू

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण एवं श्री सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।


यह एमओयू राज्य में हेल्थकेयर क्षेत्र का दायरा बढ़ाने, गुणवत्तापूर्ण मानव संसाधन तैयार करने तथा युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर सृजित करने की दिशा में एक अहम कदम है। इसके माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।

समझौते का मुख्य उद्देश्य हेल्थकेयर प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना, युवाओं का कौशल उन्नयन तथा आधुनिक चिकित्सा सेवाओं की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित जनशक्ति तैयार करना है। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से आवासीय एवं गैर-आवासीय दोनों प्रकार के निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किए जाएंगे।

एमओयू के तहत चार प्रकार के कोर्स संचालित किए जाएंगे, जिनमें मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी, कार्डियोलॉजी तकनीशियन, ईसीजी तकनीशियन, कार्डियक केयर तकनीशियन तथा इमरजेंसी मेडिकल तकनीशियन के प्रशिक्षण शामिल हैं। ये कोर्स युवाओं को विशेषज्ञता के साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में करियर निर्माण का अवसर उपलब्ध कराएंगे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार कौशल विकास को विकास की रीढ़ मानती है और विशेष रूप से हेल्थकेयर सेक्टर की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशलयुक्त कार्यबल तैयार करने पर बल दे रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ युवाओं के लिए व्यापक रोजगार संभावनाएँ भी उत्पन्न करेगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कौशल विकास पर केंद्रित यह साझेदारी राज्य के दूरस्थ अंचलों तक स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में सहायक सिद्ध होगी। प्रशिक्षित युवा अस्पतालों, स्वास्थ्य संस्थानों और आपातकालीन सेवाओं में प्रभावी भूमिका निभा सकेंगे।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, कैबिनेट मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, श्री सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री सी. श्रीनिवास सहित ट्रस्ट के प्रतिनिधि एवं कौशल विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
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केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से की सौजन्य भेंट

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज नवा रायपुर, सेक्टर-24 स्थित मुख्यमंत्री निवास में केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने सौजन्य भेंट की। मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास, सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं सुदृढ़ीकरण से संबंधित विषयों पर सौहार्दपूर्ण एवं रचनात्मक चर्चा हुई।


मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्रीय मंत्री श्री शेखावत का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें राजकीय गमछा, बस्तर दशहरा पर आधारित कॉफी टेबल बुक तथा बेल मेटल से निर्मित स्मृति-चिन्ह भेंट किया। 

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल उपस्थित थे।
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औद्योगिक विकास नीति 2024–30 में संशोधन : छत्तीसगढ़ को और अधिक निवेश-अनुकूल एवं प्रतिस्पर्धी बनाने की बड़ी पहल

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024–30 में महत्वपूर्ण संशोधनों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इन संशोधनों के माध्यम से नीति को अन्य राज्यों की तुलना में और अधिक प्रतिस्पर्धात्मक, स्पष्ट एवं निवेश-अनुकूल बनाया गया है। इससे राज्य में औद्योगिक एवं सेवा क्षेत्र के साथ-साथ रोजगार के नए अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावनाएँ सुदृढ़ हुई हैं।


मंत्रिपरिषद द्वारा लिए गए निर्णयों का मुख्य उद्देश्य राज्य के मूल निवासियों के लिए स्थायी एवं गुणवत्तापूर्ण रोजगार का सृजन सुनिश्चित करना है। इसी दृष्टि से ईपीएफ प्रतिपूर्ति तथा रोजगार सृजन अनुदान से संबंधित नए प्रावधान जोड़े गए हैं। अब 50 से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने वाले विशेष सेक्टर के उद्यम — जैसे फार्मा, टेक्सटाइल, खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स, एआई, आईटी आदि के एमएसएमई इकाइयों को भी छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों को दिए जाने वाले वेतन पर अनुदान प्राप्त होगा।

सेवा क्षेत्र के दायरे का विस्तार करते हुए, मंत्रिमंडल ने कंप्यूटर-आधारित टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, ई-कॉमर्स एवं ऐप-आधारित एग्रीगेटर, तथा NABL मान्यता प्राप्त डायग्नोस्टिक लैब को भी नीति के अंतर्गत सम्मिलित किया है। इन संस्थाओं को अब औद्योगिक विकास नीति के तहत निर्धारित प्रोत्साहन एवं अनुदान का लाभ मिलेगा।

पर्यटन एवं स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास को गति देने के उद्देश्य से रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में पाँच सितारा होटलों तथा अन्य जिलों में तीन सितारा होटलों की स्थापना के लिए प्रोत्साहनात्मक संशोधन किए गए हैं। इसी प्रकार राज्य में बड़े निजी मल्टी-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की स्थापना को भी बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया है।

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता संवर्धन के लिए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है कि NIRF Ranking में शीर्ष 100 में शामिल शिक्षण संस्थानों द्वारा राज्य में परिसर स्थापित किए जाने पर उन्हें नीति के अंतर्गत विशेष अनुदान प्रदान किया जाएगा। इससे छत्तीसगढ़ में उच्च स्तरीय शिक्षण संस्थानों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा और राज्य के युवाओं को विश्व-स्तरीय शिक्षा एवं बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।

मंत्रिपरिषद द्वारा स्वीकृत ये संशोधन छत्तीसगढ़ को उद्योग एवं सेवा क्षेत्र में तेजी से उभरता हुआ निवेश गंतव्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। इन निर्णयों से राज्य में निवेश बढ़ने, व्यापक रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास की गति को और अधिक तेज एवं संतुलित बनाने में सहायता मिलेगी।
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दूरस्थ आदिवासी अंचलों को स्वास्थ्य की नई राह — मुख्यमंत्री साय ने 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहनों को दिखाई हरी झंडी

 दूरस्थ और घने वनांचल वाले आदिवासी क्षेत्रों में अब स्वास्थ्य सेवाएँ लोगों के दरवाज़े तक पहुँचेंगी। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान “पीएम जनमन” के तहत बुधवार को नवा रायपुर में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल सहित मंत्रिमंडल के सदस्य, जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।


मोबाइल मेडिकल यूनिटों के संचालन से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) तक नियमित स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। सरकार का मानना है कि दुर्गम अंचलों में रहने वाले समुदायों को अस्पताल तक पहुँचने में आने वाली कठिनाइयों को देखते हुए यह व्यवस्था स्वास्थ्य सुविधाओं को सीधे उनके गाँवों व बसाहटों तक पहुँचाएगी।

मोबाइल मेडिकल यूनिटों की तैनाती से प्रदेश के 18 जिलों के 2100 से अधिक गाँवों और बसाहटों तक नियमित स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाई जाएँगी। इससे दो लाख से अधिक विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) आबादी को प्रत्यक्ष लाभ मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में रहने वाले परिवारों के लिए अब इलाज और जाँच की सुविधा गाँव में ही उपलब्ध होगी। उन्होंने इस पहल को आदिवासी समुदायों की “सर्वांगीण भागीदारी और स्वास्थ्य सुरक्षा का ठोस आधार” बताया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह गौरव का दिन है। समाज में आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक प्रत्येक दृष्टिकोण से पिछड़े लोग विशेष पिछड़ी जनजाति के लोग हैं। छत्तीसगढ़ में निवासरत 3 करोड़ की आबादी में विशेष पिछड़ी जनजाति के 2 लाख 30 हजार लोग 18 जिलों के 21 सौ बसाहटों में निवासरत हैं। यह मोबाइल मेडिकल यूनिट उनके लिए वरदान साबित होगा। इन सर्वसुविधा-संपन्न 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से यह कार्य आसान होगा। इस यूनिट में डॉक्टर, नर्स, लैब टेक्निशियन और स्थानीय वालंटियर उपस्थित होंगे। इस यूनिट में 25 तरह की जाँच सुविधाएँ तथा 106 तरह की दवाइयाँ निःशुल्क उपलब्ध होंगी। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस नवीन योजना के लिए स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, सीजीएमएससी के अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के सहित सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि विशेष पिछड़ी जाति के उत्थान के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय प्रयासरत हैं। यह मोबाइल मेडिकल यूनिट ऐसे सुदूर वनांचलों के लिए हैं जहाँ स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुँच कम है। आज 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट पूरे प्रदेश के लिए समर्पित कर रहे हैं, जो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सपने को पूर्ण करेगा। मंत्री श्री जायसवाल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने इस पुनीत कार्य में छत्तीसगढ़ को सहभागी बनकर योगदान देने का अवसर प्रदान किया।

स्वास्थ्य सचिव श्री अमित कटारिया ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 15 नवंबर 2023 को विशेष पिछड़ी जनजातियों के सामाजिक, आर्थिक उत्थान के लिए पीएम जनमन योजना की शुरुआत की। इसका उद्देश्य बुनियादी सुविधाओं को सीधे बसाहटों तक पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्थिति में मरीज को इन यूनिट के माध्यम से निकट स्वास्थ्य केंद्रों में पहुँचाना आसान होगा। हमारा उद्देश्य सिर्फ मशीनें ही नहीं, अपितु कुशल एवं संवेदनशील कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी है। प्रत्येक मोबाइल मेडिकल यूनिट में चिकित्सक, नर्स, लैब तकनीशियन, फार्मासिस्ट और स्थानीय स्वास्थ्य स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं। ये यूनिटें हर 15 दिन में स्वास्थ्य शिविर आयोजित करेंगी, जिनमें 25 से अधिक प्रकार की जाँच और रोगों  का उपचार किया जाएगा और आवश्यक दवाइयों का वितरण किया जाएगा। गंभीर मरीजों को आवश्यकता अनुसार निकटतम स्वास्थ्य संस्थानों में भेजा जाएगा।

उल्लेखनीय है कि पूर्व में संसाधनों की कमी के कारण दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएँ नियमित रूप से नहीं पहुँच पाती थीं। अब नए वाहन और प्रशिक्षित कर्मियों की उपलब्धता के साथ यह व्यवस्था लगातार संचालित की जा सकेगी। इस पहल से टीबी, मलेरिया, एनीमिया और कुपोषण जैसी समस्याओं की समय पर पहचान व रोकथाम में मदद मिलेगी।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए -

 मंत्रिपरिषद की बैठक में तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों से 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से तेंदूपत्ता खरीदने के लिए वर्ष 2026 हेतु ऋण लेने के लिए राज्य शासन की गारंटी देने की अनुमति दी गई।


2. मंत्रिपरिषद ने कोदो, कुटकी और रागी की खरीद, प्रसंस्करण और बिक्री के लिए छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ को कार्यशील पूंजी प्रदाय किये जाने की अनुमति दी गई।

3. मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ को अराष्ट्रीयकृत लघु वनोपज के क्रय, भंडारण, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन के लिए एक बार के लिए 30 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण देने का निर्णय लिया है।

4. मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम द्वारा राज्य शासन की प्रत्याभूति (गारंटी) पर लिए गए ऋणों के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिया। इसके अंतर्गत राज्य शासन द्वारा 55.69 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान कर पांच राष्ट्रीय निगमों से लिए गए ऋणों की पूर्ण राशि वापस करने का अनुमोदन किया गया। ये राष्ट्रीय निगम हैं- राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम, पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम, अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम और दिव्यांग वित्त एवं विकास निगम।

वर्तमान में इन ऋणों पर राज्य शासन द्वारा प्रतिवर्ष लगभग 2.40 करोड़ रुपये ब्याज का भुगतान किया जा रहा है। ऋण की पूरी अदायगी होने पर यह ब्याज व्यय पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। साथ ही राष्ट्रीय निगमों से एनओसी (अदेय प्रमाण पत्र) प्राप्त होने पर शासन की ओर से दी गई 229.91 करोड़ रुपये की लंबित गारंटी देनदारी भी समाप्त हो जाएगी। इस निर्णय से राज्य शासन पर वित्तीय बोझ कम होगा और भविष्य में होने वाले अनावश्यक व्यय से बचत सुनिश्चित होगी।

5. मंत्रिपरिषद ने निर्णय लिया है कि - 
उसना मिलिंग पर प्रोत्साहन राशि 20 रू. प्रति क्विंटल से बढ़ाकर की गई 40 रू. प्रति क्विंटल

सभी मिलरों के लिए प्रोत्साहन राशि की पात्रता हेतु अब न्यूनतम 03 माह की जगह न्यूनतम 02 माह की मिलिंग करनी होगी
   
6. मंत्रिपरिषद ने औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में संशोधन का निर्णय लिया। इससे नीति के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रचार-प्रसार, विशेषज्ञों की नियुक्ति और सेवा गतिविधि प्रमाणपत्र जारी करने के संबंध में विसंगतियां दूर होंगी। इन संशोधनों से राज्य में निवेश की गुणवत्ता बढ़ेगी, स्थायी रोजगार सृजन होगा और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।

7. मंत्रिपरिषद ने राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड में 20 जनवरी से 5 फरवरी तक आयोजित 9वें ऑटो एक्सपो के दौरान बिकने वाले वाहनों पर लाइफ टाइम रोड टैक्स में 50 प्रतिशत छूट प्रदान करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।  यह छूट एक्सपो में वाहन बिक्री के बाद पंजीकरण के समय लागू होगी, जिससे मोटरयान कर में एकमुश्त 50 प्रतिशत की राहत मिलेगी। पूरे प्रदेश के वाहन विक्रेताओं को इसका लाभ मिलेगा, इस संबंध में निर्देशित किया गया है।

8. मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदेश में कस्टम मिलिंग के लिए धान उपार्जन एवं परिवहन से संबंधित गतिविधियों के लिए राइस मिलर्स द्वारा दी जाने वाली बैंक गारंटी पर देय स्टाम्प शुल्क को 0.25 से घटाकर 0.05 प्रतिशत करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। 

9. मंत्रिपरिषद द्वारा पुलिस मुख्यालय छत्तीसगढ़ नवा रायपुर अटल नगर में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी का एक नवीन पद वेतन मेट्रिक्स लेवल-14 एक वर्ष की अवधि के लिए स्थायी रूप से निर्मित किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है।

10. मंत्रिपरिषद द्वारा रायपुर महानगरीय पुलिस जिला में पुलिस आयुक्त प्रणाली को 23 जनवरी से लागू किए जाने के संबंध में निर्णय लिया गया है।
 
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‘‘मेरा ई-केवायसी’’ एप्प के माध्यम से घर बैठे कर सकते हैं केवायसी

 छत्तीसगढ़ में वर्तमान में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत 82.18 लाख राशन कार्ड प्रचलित है। इन राशन कार्डों में पंजीकृत सदसस्यों की संख्या 2.73 करोड़ है। केन्द्र सरकार के निर्देश पर राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के वास्तविक हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाने के उददेश्य से ई-केवायसी का कार्य निरंतर जारी है। अब तक कुल पंजीकृत सदस्यों का 2.3 करोड़ याने 85 प्रतिशत सदस्यों का ई-केवायसी का काम पूर्ण हो चुका है। वास्तविक रूप से लगभग 30.32 लाख सदस्यों का ई-केवायसी हेतु शेष है। 


खाद्य विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि राज्य के सभी शासकीय उचित मूल्य के दुकानों में संचालित ई-पास मशीन में ई-केवायसी की सुविधा उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त भारत सरकार द्वारा जारी ‘‘मेरा ई-केवायसी’’ एप्प के माध्यम से भी ई-केवायसी किए जा सकते हैं। एप्प के माध्यम से ई-केवायसी करने हेतु एंड्रायड मोबाइल में गूगल प्ले स्टोर से एप्प डाउनलोड कर हितग्राही अपना आधार नंबर डालकर आधार ओटीपी के माध्यम से फेस ई-केवायसी कर सकते हैं। 

अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में 14,040 शासकीय उचित मूल्य की दुकानें संचालित हो रही हैं और पंजीकृत राशन कार्डधारियों द्वारा अपनी पसंद के उचित मूल्य की दुकानों से राशन प्राप्त कर रहे हैं। वर्ष 2025 की अनुमानित जनसंख्या के अनुसार 89 प्रतिशत जनसंख्या का कव्हरेज हो रहा है। राशन वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए आधार सिडिंग का कार्य भी किया जा रहा है। जिसके तहत् 99.7 प्रतिशत सदस्यों का आधार सीडिंग हो चुका है और 85 प्रतिशत ई-केवाईसी भी पूर्ण कर लिया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि लगभग 2.73 करोड़ खाद्यान्न सुरक्षा के दायरे में आ चुके हैं, इन्हें नियमित रूप से खाद्यान्न सामग्री उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से वितरित की जा रही है। इनमें प्राथमिकता में शामिल 73 लाख से अधिक परिवारों को निःशुल्क तथा साढ़े आठ लाख गरीबी रेखा से ऊपर जीवन यापन करने वाले परिवारों को रियायती दर पर चावल उपलब्ध कराया जा रहा है। प्राथमिकता वाले परिवारांे को आयरन फोलिक एसिड तथा विटामिन बी-12 युक्त फोर्टिफाइड चावल वितरित किए जा रहे हैं। 

राज्य सरकार की महत्वकांक्षी नियद नेल्लानार योजना के तहत् बस्तर संभाग के 5 जिले बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, नारायणपुर एवं कांकेर के चयनित दूरस्त 402 ग्रामों के कुल 42,220 राशन कार्डधारियों को खाद्यान्न, चना, शक्कर, नमक व गुड़ का निःशुल्क वितरण किया जा रहा है।
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राज्यपाल श्री डेका से विवेकानंद केन्द्र के पदाधिकारियों ने की सौजन्य भेंट

 राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज यहाँ लोकभवन में विवेकानंद केन्द्र कन्याकुमाारी की उपाध्यक्ष पद्मश्री निवेदिता रघुनाथ भिडे एवं राज्य के अन्य पदाधिकारियों ने सौजन्य भेंट की। उन्होंने केन्द्र की गतिविधियों के संबंध में राज्यपाल को अवगत कराया और आवश्यक सहयोग के लिए अनुरोध किया। राज्यपाल श्री डेका ने रायपुर स्थित विवेकानंद केन्द्र में संचालित कौशल प्रशिक्षण केन्द्र के लिए 10 कम्प्यूटर प्रदान करने की स्वीकृति दी।

       इस अवसर पर राज्य संगठक सुश्री रचना जानी, सह प्रांत संगठक सुश्री ऋतुमणि दत्त, नगर संचालक, रायपुर श्री चेतन तारवानी, नगर प्रमुख, रायपुर श्री आशीष दुबे, संपर्क प्रमुख, रायपुर श्री सिद्धार्थ जैन भी उपस्थित थे।

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उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने 5.74 करोड़ रूपए के सड़क निर्माण कार्यों का किया भूमिपूजन

 उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज कवर्धा विधानसभा क्षेत्र के वनांचल और ग्रामीण क्षेत्र को बड़ी सौगात देते हुए 5 करोड़ 74 लाख 87 हजार रुपये की लागत से तीन महत्वपूर्ण सड़क निर्माण कार्यों का विधिवत पूजा-अर्चना कर भूमिपूजन किया। इन सड़क निर्माण कार्यों से क्षेत्र के ग्रामीणों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलने के साथ-साथ विकास को भी नई गति मिलेगी। 

       उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सर्वप्रथम मेन रोड से ग्राम कटगो तक 3 करोड़ 35 लाख रूपए लागत  की 6.81 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। इस सड़क के निर्माण से वनांचल क्षेत्र के ग्रामीणों को आवागमन में होने वाली कठिनाइयों से निजात मिलेगी और ग्रामीणों का मुख्य मार्ग से सीधा संपर्क स्थापित होगा।
           इसके पश्चात उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने मेन रोड से खिरसाली तक 1 करोड़ 36 लाख 50 हजार रूपए लागत के 4 किमी लंबी सड़क निर्माण का भूमिपूजन किया। वहीं मेन रोड से लाटा तक 1 करोड़ 02 लाख 90 हजार रूपए लागत की 2.80 किमी लंबे सड़क निर्माण कार्य का भी विधिवत भूमिपूजन किया।
      उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने ग्रामीणों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ग्रामीण विकास को लेकर पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि ग्राम कटगो में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत कुल 263 आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिनका निर्माण कार्य वर्तमान में प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि गांवों में अधोसंरचनात्मक विकास को निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है
         उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने ग्रामीणों को यह भी जानकारी दी कि आगामी नववर्ष के अवसर पर 01 जनवरी को भोरमदेव कॉरिडोर का भव्य भूमिपूजन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। उन्होंने कहा कि भोरमदेव कॉरिडोर के निर्माण से क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और कवर्धा जिले को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
        उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सभी ग्रामवासियों को इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि यह कॉरिडोर क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, जिला पंचायत सदस्य श्री लोकचंद साहू, श्री राम किंकर वर्मा सहित जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कुशाभाऊ ठाकरे की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में प्रख्यात जननायक कुशाभाऊ ठाकरे जी की पुण्यतिथि पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर सांसद श्री संतोष पाण्डेय, विधायक श्री प्रबोध मिंज, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कुशाभाऊ ठाकरे जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रहितऔर समाज-सेवा के लिए समर्पित रहा। वे सत्ता-प्राप्ति को उद्देश्य नहीं, बल्कि जनसेवा को राजनीति का परम लक्ष्य मानते थे।मूल्य-आधारित राजनीति, चरित्र, अनुशासन और कर्मठता उनके सार्वजनिक जीवन की पहचान रही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कुशाभाऊ ठाकरे जी ने भारतीय लोकतंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। लोकतांत्रिक संस्कारों के प्रसार में उनकी भूमिका सदैव स्मरणीय रहेगी। वे सरलता और आत्मीयता के माध्यम से लोगों के हृदय से जुड़ने वाले विरले नेता थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के साथ कुशाभाऊ ठाकरे जी का गहरा और आत्मीय संबंध रहा है। उनके जीवन से यह प्रेरणा मिलती है कि राजनीति का मूल उद्देश्य सेवा, राष्ट्रहित एवं समाज कल्याण ही होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुशाभाऊ ठाकरे जी की पावन स्मृतियाँ हम सबके लिए प्रेरणास्रोत हैं और हमें जनकल्याण के कार्यों में सदैव सक्रिय रहने की प्रेरणा देती रहेंगी।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वर्ष 2026 के शासकीय कैलेंडर का किया विमोचन

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में वर्ष 2026 के शासकीय कैलेंडर का विमोचन किया। वर्ष 2026 को राज्य सरकार द्वारा ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है। इसी थीम पर आधारित यह कैलेंडर सशक्त एवं समृद्ध छत्तीसगढ़ के संकल्प को अभिव्यक्त करता है।


कैलेंडर के मुख्य पृष्ठ पर छत्तीसगढ़ के पाँच प्रमुख शक्तिपीठ — मां बमलेश्वरी डोंगरगढ़, मां महामाया रतनपुर, मां दंतेश्वरी दंतेवाड़ा, मां चंद्रहासिनी चंद्रपुर और मां कुदरगढ़ी सूरजपुर के पावन धाम को प्रमुखता से स्थान दिया गया है। साथ ही प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के छायाचित्र भी अंकित हैं। पृष्ठभूमि में सिरपुर एवं राजिम के मंदिर, आदिवासी संस्कृति, मधेश्वर पहाड़ तथा चित्रकोट जलप्रपात के आकर्षक ग्राफिकल प्रतिरूप सम्मिलित किए गए हैं, जो छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक धरोहर का प्रतीक हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि “राज्य सरकार के लिए मातृशक्ति का सम्मान और सशक्तिकरण सर्वोच्च प्राथमिकता है। महतारी गौरव वर्ष के रूप में मनाया जा रहा यह वर्ष महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक स्वावलंबन को समर्पित है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया यह शासकीय कैलेंडर महिला सशक्तिकरण, राज्य की प्राथमिकताओं और हमारी उपलब्धियों का सशक्त प्रतीक है। इसमें जनकल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक सरोकारों को समाहित किया गया है, जो सशक्त एवं समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।”

कैलेंडर के विभिन्न मासिक पृष्ठों में विषयानुसार योजनाओं एवं अभियानों को समाहित किया गया है। जनवरी माह के पृष्ठ पर राज्य के प्रमुख शक्तिपीठों का दर्शन कराया गया है। फरवरी माह में राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान को दर्शाया गया है, वहीं मार्च माह को महतारी वंदन योजना को समर्पित किया गया है। अप्रैल माह में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, मई माह में तेंदूपत्ता संग्रहण एवं चरण पादुका योजना, तथा जून माह में बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ अभियान को प्रमुखता दी गई है। जुलाई माह में महिला मुखिया के नाम से पीडीएस राशनकार्ड की व्यवस्था को दर्शाया गया है। अगस्त माह में रक्षाबंधन उत्सव, सितंबर में दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना और अक्टूबर माह में शौर्य का सम्मान विषय को स्थान दिया गया है। नवंबर माह को “सेवा ही संकल्प” की भावना के साथ प्रस्तुत किया गया है, जबकि दिसंबर माह को महिला सशक्तिकरण के प्रतीक रूप में दर्शाया गया है।

शासकीय कैलेंडर 2026 के विमोचन के इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, कैबिनेट मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, जनसंपर्क सचिव श्री रोहित यादव, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत तथा आयुक्त जनसंपर्क श्री रवि मित्तल उपस्थित थे।
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राजीव भवन में कांग्रेस का 141 वां स्थापना दिवस मनाया गया

 कांग्रेस का 141 वां स्थापना दिवस प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में मनाया गया। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राजीव भवन में पार्टी के ध्वजारोहण किया तथा सेवादल के साथियों ने सलामी दिया। ध्वजारोहण के आजादी की लड़ाई से लेकर देश के नवनिर्माण तक कांग्रेस विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, वरिष्ठ नेता सत्यनारायण शर्मा, राजेन्द्र तिवारी ने अपने कांग्रेस के इतिहास पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में स्वागत भाषण शहर अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन, आभार ग्रामीण अध्यक्ष राजेन्द्र पप्पू बंजारे एवं संचालन महामंत्री सुबोध हरितवाल ने किया।


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस ने अपनी स्थापना के 140 वर्ष पूरे कर लिए हैं। 141वें स्थापना दिवस की आप सभी को बधाई। आज भले ही अधिकांश राज्यों में कांग्रेस की सरकार नहीं है, लेकिन कांग्रेस ही देश का एकमात्र राजनैतिक दल है जिसका कार्यकर्ता भारत के उत्तर, दक्षिण, पूरब से लेकर पश्चिम के हर गांव में मिल जाएगा।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि देश की सामयिक जरूरत के अनुसार कांग्रेस ने समय समय पर प्रथमिकता को बदल कर योजनाओं को बनाया। आजादी के पहले स्वतंत्रता आंदोलन आजादी के बाद गणतंत्र का निर्माण, संविधान निर्माण प्राथमिकता में थे, नेहरू जी ने दुनियां में गुट निरपेक्ष देशों का प्रतिनिधित्व किया, पंचशील सिद्धांत दिये जो आज भी अधिकांश देशों के विदेश नीति का आधार है, औद्योगिकरण और वृहद सिचाई परियोजनाओं की नींव डाली। नेहरू जी के बाद शास्त्री जी के समय अनाज की उपलब्धता बढ़ाई, देश की सुरक्षा को लक्ष्य रख कर जय जवान जय किसान का नारा दिया गया। इंदिरा जी हरित क्रांति, बीस सूत्री कार्यक्रम, अंतरिक्ष कार्यक्रम, परमाणु कार्यक्रम से सुदृढ़ भारत के लक्ष्य को प्राथमिकता में रखा। राजीव गांधी जब भारत के प्रधानमंत्री बने तब देश को 21वीं सदी की ओर ले जाने के लिए कांग्रेस की प्राथमिकता में सूचना प्रोद्योगीकी और कम्प्यूटर क्रांति थी, मतदान की आयु 21 से घटाकर 18 करके युवाओं को लोकतंत्र के महापर्व में शामिल होने का अवसर दिया, पंचायतों को सशक्तीकरण कर सत्ता के विकेंद्रीकरण का मार्ग भी खोला गया। पीवी नरसिंहराव जी के समय आर्थिक उदारीकरण को अपना कर वैश्विक व्यापारिक जगत में भारत को मजबूती से खड़ा करने का प्रयास किया गया। यूपीए चेयर पर्सन श्रीमती सोनिया गांधी के मार्गदर्शन तथा मनमोहन सिंह के नेतृत्व में आर्थिक सुधारों के साथ खाद्य सुरक्षा कानून, सूचना के अधिकार, महात्मा गांधी रोजगार गारंटी, शिक्षा का अधिकार, भू-अधिग्रहण जैसे कानूनों को लाकर कांग्रेस ने आम आदमी के जीवन स्तर को सुधारने का प्रयास किया।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कांग्रेस स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गांधी जी, नेहरू जी जब देश की आजादी की लड़ाई की अगुवाई कर रहे थे तब आज के तथाकथित राष्ट्रवादी गांधी जी का विरोध कर रहे थे। आजादी के समय राष्ट्रवाद की थ्योरी सावरकर और उनके बाद जिन्ना ने दिया, विभाजन के असली जिम्मेदार यही लोग थे।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस आजादी का लक्ष्य प्राप्त करने में इसलिए सफल हुई क्योंकि वह लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर आगे बढ़ रही थी। आजादी की लड़ाई में कांग्रेस किसी एक वर्ग की नही बल्कि सम्पूर्ण भारत की अगुवाई कर रही थी। कांग्रेस में कई विचार धाराएं थी, गांधी जी सहित कांग्रेस के नेतृत्वकर्ताओ ने वैचारिक मतभिन्नता का पूरा सम्मान किया तथा विभिन्न विचारों को लेकर स्वतंत्र भारत के एक लक्ष्य के साथ कांग्रेस दुनिया के सबसे बड़े सफल अहिंसक आंदोलन को चलाने में कामयाब हुई। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान कांग्रेस भारत के जनमानस की आईना थी। सारा भारत कांग्रेस के साथ था सिर्फ साम्प्रदायिक जातिवादी और अंग्रेजो के प्रति श्रद्धा रखने वाले संगठन जरूर कांग्रेस के खिलाफ थे।

पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता सत्यनारायण शर्मा, पूर्व मंत्री अमितेष शुक्ल, वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेन्द्र तिवारी, संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, वरिष्ठ कांग्रेस नेता महेन्द्र छाबड़ा, चिकित्सा प्रकोष्ठ अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता, सेवादल कांग्रेस अध्यक्ष अरूण ताम्रकार, महामंत्री सकलेन कामदार, महामंत्री दीपक मिश्रा, महामंत्री सुबोध हरितवाल, शहर जिला अध्यक्ष श्रीकुमार मेमन, ग्रामीण जिला अध्यक्ष राजेन्द्र पप्पू बंजारे, गिरीश दुबे, ज्ञानेश शर्मा, अशोक राज आहूजा, पंकज शर्मा, युवा कांग्रेस अध्यक्ष आकाश शर्मा, डॉ. अजय साहू, शिवसिंह ठाकुर, सत्यप्रकाश सिंह, सौरभ साहू, राजेश चौबे, ओबीसी कांग्रेस अध्यक्ष केशव चंद्राकर, इंद्रिश गांधी, हशन खान, विनोद तिवारी, सारिक रईस खान, सुंदर लाल जोगी, कन्हैया अग्रवाल, सुनील कुकरेजा, करूणा कुर्रे, आनंद मिश्रा, जी श्रीनिवास शिनू, दिलीप चौहान, नरेश गड़पाल, अनुभव शुक्ला, राजेश वर्मा, ओम श्रीवास, देवकुमार, प्रवीण प्रधान, दीपा बग्गा, नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी, मोहनीष खान, दीपक चौबे, सत्येन्द्र वर्मा, कमलेश मिश्रा, रोशन सिंह, विनोद कश्यप, अमिता घोष सहित कांग्रेस के कार्यकर्तागण उपस्थित थे।
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उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा से जिला पंचायत अध्यक्षों ने विभिन्न मांगों पर की चर्चा

 उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने शनिवार को अपने निवास कार्यालय में जिला पंचायत अध्यक्षों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्षों ने अपने क्षेत्रों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और अपेक्षाओं को उपमुख्यमंत्री के समक्ष रखा तथा मानदेय, भ्रमण-यात्रा, आवास एवं अन्य भत्तों में वृद्धि, उचित सुरक्षा व्यवस्था और वाहन किराए में संशोधन जैसी मांगों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सभी मांगों को गंभीरतापूर्वक सुना और उन पर विस्तृत चर्चा की।

      इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) वीबी जी राम जी अधिनियम 2025 सहित जिला पंचायतों से जुड़े प्रमुख विकासात्मक विषयों पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में जिला पंचायतों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। योजनाओं का वैज्ञानिक नियोजन, आधुनिक तकनीक का उपयोग और जनप्रतिनिधियों का सतत क्षमता विकास ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस और सकारात्मक बदलाव लाएगा।
     उप मुख्यमंत्री ने बताया कि नए अधिनियम के तहत अब ग्रामीण परिवारों को 125 दिवस तक रोजगार की गारंटी मिलेगी। जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना, सौर ऊर्जा और आजीविका संवर्धन पर विशेष जोर दिया गया है, साथ ही कमजोर वर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से समयबद्ध मजदूरी भुगतान भी सुनिश्चित किया जाएगा।
     उन्होंने आगे बताया कि इस अधिनियम में आवास, पेयजल, स्वच्छता एवं विद्युतीकरण जैसे कार्यों को भी शामिल किया गया है, जिससे गांवों में अधोसंरचना निर्माण को नई गति मिलेगी। ग्राम सभा द्वारा समग्र योजना निर्माण के प्रावधान से कार्यों के दोहराव पर रोक लगेगी और संतुलित विकास सुनिश्चित होगा।
      नवीन अधिनियम में पंचायतों को भविष्य के लिए तैयार करते हुए जल सुरक्षा, आजीविका से जुड़ी अधोसंरचनाओं के विकास तथा मौसमी आपदाओं से बचाव पर विशेष फोकस किया गया है। किसानों के हित में राज्य सरकारों को फसल बुवाई और कटाई के चरम समय में प्रतिवर्ष 60 दिवस तक कार्य स्थगन की अधिसूचना जारी करने का प्रावधान भी रखा गया है। प्राकृतिक आपदाओं के दौरान त्वरित राहत पहुंचाने हेतु विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
      बैठक में जिला पंचायत विकास निधि, जनपद पंचायत विकास निधि, मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना, महतारी सदन निर्माण, श्रद्धांजलि योजना, अटल डिजिटल सुविधा केंद्र और क्षमता विकास योजना पर भी अधिकारियों द्वारा विस्तृत जानकारी दी गई। जिला पंचायत अध्यक्षों ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अपने सुझाव साझा किए।
       इसके साथ ही समर्थ पंचायत पोर्टल के माध्यम से स्थानीय निकायों के करों की यूपीआई आधारित संग्रहण व्यवस्था, प्रदर्शन आधारित अनुदान प्रणाली तथा ग्राम संपदा मोबाइल एप द्वारा परिसंपत्तियों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों के लिए आयोजित एक्सपोजर विजिट कार्यक्रमों की रूपरेखा से भी अवगत कराया।
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उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आईपीएस अधिकारी श्री प्रखर पांडेय को दी श्रद्धांजलि

 छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी स्वर्गीय प्रखर पांडेय को आज उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने उनके भिलाई स्थित निवास पहुँचकर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोक संतप्त परिवार से भेंट कर उन्हें ढांढस बंधाया।

      इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि स्वर्गीय प्रखर पांडेय छत्तीसगढ़ पुलिस के एक कर्तव्यनिष्ठ, अनुशासित और संवेदनशील अधिकारी थे। उनका सम्पूर्ण जीवन जनसेवा और कर्तव्यपालन को समर्पित रहा। उन्होंने परिजनों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार और पुलिस विभाग इस दुःख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ा है।
      उल्लेखनीय है कि स्वर्गीय श्री प्रखर पांडेय 2009 बैच के भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी थे और अपने सेवाकाल में छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे में एक बेहतरीन अधिकारी के रूप में उनकी पहचान थी। उप मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा परिजनों को संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।
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प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों ने उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा से की सौजन्य भेंट

 प्रशिक्षु भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा से उनके निवास पर सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने प्रशिक्षु अधिकारियों से राज्य की कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक दक्षता और आधुनिक पुलिसिंग से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की।

     उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने प्रशिक्षु अधिकारियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि ईमानदारी, संवेदनशीलता और सेवा-भाव के साथ कार्य करना ही एक सफल पुलिस अधिकारी की पहचान है। उन्होंने कहा कि जनविश्वास आधारित पुलिसिंग से ही कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया जा सकता है।
      प्रतिनिधि दल के साथ आईजी श्री अजय यादव, एसपी श्री अभिषेक पल्लव एवं एसएसपी श्री पंकज शुक्ला, प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी श्री आदित्य कुमार, सुश्री अंशिका जैन, श्री प्रतीक दादा साहेब एवं सुश्री मानसी शामिल थे। प्रशिक्षु अधिकारियों ने उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा के साथ अपने प्रशिक्षण के  अनुभव भी साझा किए।
      उप मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षु अधिकारियों से अपेक्षा व्यक्त की कि वे फील्ड पोस्टिंग के दौरान जनसमस्याओं के त्वरित समाधान, कानून के निष्पक्ष पालन और मानवाधिकारों के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पुलिस बल को आधुनिक, सक्षम और जनोन्मुखी बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
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देश के स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी नायकों का योगदान अद्वितीय - मुख्यमंत्री श्री साय

 स्वाधीनता आंदोलन के साथ-साथ राष्ट्र व समाज के नवनिर्माण में आदिवासी नायकों एवं महापुरूषों का अद्वितीय योगदान है। हल्बा, हल्बी एवं आदिवासी समाज सहित संपूर्ण भारतवर्ष के गौरव शहीद गैंद सिंह नायक ने हमारे देश में आजादी का आंदोलन का सर्वप्रथम शंखनाद किया था। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज जिला मुख्यालय दुर्ग के गोकुल नगर स्थित हल्बा शक्ति स्थल में अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी समाज द्वारा आयोजित 35वां मिलन समारोह एवं शक्ति दिवस पर्व को सम्बोधित करते हुए यह बात कही। 


मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर हल्बा-हल्बी समाज के नवनिर्मित कार्यालय का लोकार्पण भी किया। श्री साय ने शक्ति स्थल में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हल्बा समाज के युवा-युवतियों को आवासीय कोचिंग सुविधा प्रदान करने हेतु 50 लाख रूपए तथा पुलगांव दुर्ग स्थित कंवर समाज के सामाजिक भवन में बाउण्ड्रीवॉल निर्माण हेतु 25 लाख रूपए  की स्वीकृत किए जाने की घोषणा भी की। इस अवसर पर उन्होंने हल्बा-हल्बी समाज के सामाजिक पत्रिका ’समाज’ का भी विमोचन किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य सहित पूरे देश में आजादी के आंदोलन का सूत्रपात सर्वप्रथम जनजातीय समाज के नायको ने किया था। शहीद वीर नारायण सिंह, शहीद गैंद सिंह नायक सहित जनजाति नायकों एवं देशभक्तों ने अंग्रेजों के खिलाफ कुल 14 क्रांतियों का शंखनाद किया था। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी ने जनजाति वर्ग के उत्थान एवं विकास के लिए सर्वप्रथम केन्द्रीय जनजाति कार्यालय मंत्रालय का गठन भी किया गया था। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर राजधानी रायपुर में जनजाति समाज के नायकों एवं वीर सपूतों के योगदान तथा अमर गाथाओं को नई पीढ़ी को परिचित कराने साथ-साथ उसके संरक्षण और संवर्धन हेतु विशाल आदिवासी संग्रहालय का निर्माण किया गया है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने दो वर्षों में प्रधानमंत्री श्री मोदी की अधिकांश गारंटियों को प्राथमिकता से पूरा किया है। राज्य की लगभग 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ, तेंदूपत्ता संग्राहकों को 5500 रूपए प्रति मानक बोरा के हिसाब से पारिश्रमिक तथा किसानों को धान का मूल्य 3100 रूपए प्रति क्विंटल दिया जा रहा है। 26 लाख से अधिक परिवारों को प्रधानमंत्री आवास की मंजूरी दी गई है। राज्य में भी नक्सलवाद अपने अंतिम सांस गिन रहा है। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से 400 से अधिक गांवों में विकास के काम तेजी से हो रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा भी 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण कर पूरे देश में अग्रणी राज्य बनाने हेतु निरंतर कार्य किया जा रहा है। 
कार्यक्रम को सांसद श्री विजय बघेल और पूर्व मंत्री श्री महेश गागड़ा, हल्बा-हल्बी समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री खलेन्द्र ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रदेश राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष श्री ललित चन्द्राकर, अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी समाज के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।
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