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मुख्यमंत्री 19 जुलाई को एस्पायर फार्मास्युटिकल के अत्याधुनिक इकाई का करेंगे उद्घाटन

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कल 19 जुलाई को नवा रायपुर, अटल नगर के सेक्टर-5 में एस्पायर फार्मास्युटिकल के अत्याधुनिक इकाई का उद्घाटन करेंगे। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह करेंगे। 


छत्तीसगढ़ को औद्योगिक और चिकित्सा नवाचार का हब बनाने की दिशा में एस्पायर फार्मास्यूटिकल इकाई का उद्घाटन एक महत्वपूर्ण कदम है। यह ‘मेक इन छत्तीसगढ़’ अभियान का हिस्सा है। यह संस्थान अनुसंधान, विकास और निर्यात के लिए भविष्य में छत्तीसगढ़ का केंद्र बनेगा। यह हाई-टेक फार्मा इकाई न केवल नवीनतम तकनीकों से सुसज्जित है, बल्कि यह राज्य के औद्योगिक एवं स्वास्थ्य क्षेत्र को भी एक नई दिशा देगी। यह यूनिट फार्मास्युटिकल्स निर्माण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर बनाएगी और राज्य को वैश्विक औषधि मानचित्र पर स्थापित करने में मदद करेगी। यह इकाई अत्याधुनिक और अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित तथा स्वचालित और पर्यावरण-संवेदनशील उत्पादन इकाई हैै। इस इकाई में लगभग 100 से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार भी उपलब्ध हो रहा है। 

कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल अति विशिष्ट अतिथि, उपमुख्यमंत्री श्री अरूण साव, उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल और सांसद श्री विजय बघेल, विधायक सर्वश्री किरण सिंह देव, अजय चन्द्राकर, राजेश मूणत, अमर अग्रवाल, पुरन्दर मिश्रा, सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, इंद्र कुमार साहू, गुरू खुशवंत साहेब, अनुज शर्मा, ललित चन्द्राकर, गजेन्द्र यादव, रिकेश सेन, संतप अग्रवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

इसी प्रकार कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कार्पोरेशन के चेयरमैन श्री दीपक महस्के, छत्तीसगढ़ अधोसंरचना एवं विकास निगम के चेयरमैन श्री राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के चेयरमैन श्री संजय श्रीवास्तव, महापौर दुर्ग श्रीमती अलका बाघमार, महापौर धमतरी श्री रामू रोहरा, अपैक्स बैंक के अध्यक्ष श्री केदार नाथ गुप्ता, क्रेडा के चेयरमैन श्री भूपेन्द्र सवन्नी, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव एवं सिडबी के महाप्रबंधक श्री प्रमोद कुमार विजयवर्गीय विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
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राज्य के 11 जिलों को भारत सरकार से मिला कैटरेक्ट ब्लाइंडनेस बैकलॉग फ्री स्टेटस (सीबीबीएफएस)

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा दृष्टिहीनता की रोकथाम हेतु वृहद स्तर पर कार्य किया जा रहा है। दृष्टिहीनता के प्रमुख कारणों में से एक मोतियाबिंद है, जो सामान्यतः एक आयुजन्य नेत्र रोग है। एक निश्चित आयु के पश्चात इसका होना सामान्य माना जाता है, किन्तु इसका ऑपरेशन कर दृष्टि पुनः प्राप्त की जा सकती है। इसके उपचार हेतु गुणवत्तापूर्ण निःशुल्क नेत्र ऑपरेशन की सुविधा राज्य के 25 जिला चिकित्सालयों एवं 10 चिकित्सा महाविद्यालयों सहित कुल 43 स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध है, जहाँ नियमित रूप से नेत्र ऑपरेशन किए जा रहे हैं।


राज्य में अप्रैल 2024 से मार्च 2025 तक 1,45,580 तथा अप्रैल 2025 से जून 2025 तक 27,245 मोतियाबिंद ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए गए हैं। प्रदेश में भारत सरकार की महत्वाकांक्षी "राष्ट्रीय नेत्र ज्योति योजना" संचालित है, जिसके अंतर्गत सभी जिलों को ‘‘कैटरेक्ट ब्लाइंडनेस बैकलॉग फ्री स्टेटस’’ (सीबीबीएफएस) प्रदान किया जाना है। इस योजना के अंतर्गत दोनों आंखों में मोतियाबिंद से दृष्टिहीन रोगियों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर ऑपरेशन द्वारा उन्हें दृष्टिहीनता से मुक्त किया जाता है।

अब तक राज्य के 11 जिलों — कबीरधाम, रायपुर, धमतरी, बलौदाबाजार, बालोद, दुर्ग, राजनांदगांव, खैरागढ़, रायगढ़, कोरबा एवं बस्तर — को दृष्टिहीनता मुक्त घोषित किए जाने हेतु दावा भारत सरकार को प्रेषित किया गया है। वहीं कांकेर एवं बेमेतरा जिलों के दावों का सत्यापन कार्य प्रगति पर है, जिसके उपरांत प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा जाएगा।

दृष्टिहीनता के एक अन्य प्रमुख कारण "ग्लॉकोमा" की भी पहचान और उपचार हेतु विभाग सजग है। यह आंख की एक जटिल बीमारी है, जिसकी प्रारंभिक अवस्था में रोगी को जानकारी नहीं होती और जब पता चलता है, तब तक दृष्टि का ह्रास हो चुका होता है। इसकी गई दृष्टि वापस नहीं लाई जा सकती। इसकी पहचान केवल नियमित नेत्र परीक्षण से ही संभव है। अतः 40 वर्ष की आयु के बाद प्रत्येक 6 माह में नेत्र परीक्षण कराने की सलाह दी जाती है। राज्य के सभी विकासखंड केन्द्रों में इसकी जांच की सुविधा उपलब्ध है।

कॉर्नियल दृष्टिहीनता की रोकथाम के लिए "कॉर्नियल दृष्टिहीनता मुक्त राज्य योजना" भी संचालित की जा रही है। इसके अंतर्गत सभी जिलों में कॉर्नियल दृष्टिहीन रोगियों की पहचान कर, नेत्र प्रत्यारोपण केन्द्रों से उनका सत्यापन कराते हुए नेत्र बैंक में पंजीयन कराया गया है। नेत्रदान प्राप्त होते ही प्राथमिकता के आधार पर इनका प्रत्यारोपण किया जाता है। जनजागरूकता के माध्यम से नेत्रदान को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप अप्रैल 2024 से मार्च 2025 तक 263 और अप्रैल 2025 से जून 2025 तक 88 नेत्रदान संपन्न हुए हैं।

अन्य सामान्य नेत्र रोगों के उपचार की सुविधा राज्य के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में निःशुल्क उपलब्ध है। सभी जिला चिकित्सालयों में निर्धारित दिवसों पर स्पेशल क्लीनिक आयोजित किए जाते हैं, जिनके अंतर्गत ग्लॉकोमा, रेटिना, डायबिटिक रेटिनोपैथी, पीडियाट्रिक ऑप्थैल्मोलॉजी सहित अन्य नेत्र रोगों का उपचार किया जाता है। अप्रैल 2024 से मार्च 2025 तक ऐसे 81,000 से अधिक तथा अप्रैल 2025 से जून 2025 तक 25,000 से अधिक रोगियों का उपचार किया गया है।

गुणवत्तापूर्ण नेत्र स्वास्थ्य सेवाएं, नियमित स्क्रीनिंग शिविर, आधुनिक उपकरणों से जांच तथा तत्काल सर्जरी की सुविधा के माध्यम से प्रदेशवासी निरंतर लाभान्वित हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग, छत्तीसगढ़ प्रदेश की जनता को बेहतर, प्रभावी और सुलभ नेत्र चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
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आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी की बड़ी घोषणा: छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की OTS-2 योजना को मिली ऐतिहासिक सफलता — 139.47 करोड़ रुपए की 920 संपत्तियों का हुआ विक्रय

छत्तीसगढ़ विधानसभा में आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी ने राज्य शासन द्वारा संचालित वन टाइम सेटलमेंट योजना (OTS-2) की अभूतपूर्व सफलता की जानकारी दी। 


मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि OTS-2 योजना की शुरुआत 1 मार्च 2025 से की गई थी। इस योजना का उद्देश्य छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा पूर्व में निर्मित रिक्त संपत्तियों को विशेष छूट के साथ आम नागरिकों को सुलभ कराना है। योजना में रिक्तता की अवधि के आधार पर संपत्तियों पर चरणबद्ध छूट दी गई है।

उन्होंने विस्तार से बताया कि 5 से 10 वर्ष पुरानी ऐसी संपत्तियाँ जिनमें कम से कम 20% भाग रिक्त है, उन पर 20% की छूट दी जा रही है, जबकि 20% से अधिक रिक्तता होने की स्थिति में 30% तक की छूट निर्धारित की गई है। वहीं 10 वर्ष से अधिक पुरानी रिक्त संपत्तियों पर भी 30% छूट का प्रावधान है।

वित्त मंत्री ने बताया कि वे संपत्तियाँ जो अब पहली बार योजना में सम्मिलित की गई हैं और जिनके निर्माण को 5 वर्ष पूरे हो चुके हैं, उन्हें 10% छूट के साथ ऑफर में शामिल किया गया है। ये सभी छूट संपत्तियों के बेस प्राइस पर लागू होती हैं। इसके पश्चात ऑफर आमंत्रित किए जाते हैं, जिनमें नागरिक प्रतिस्पर्धा के माध्यम से भाग लेते हैं, और सबसे उच्चतम मूल्य वाले को संपत्ति आवंटित की जाती है।

उन्होंने कहा कि इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और लोगों में बढ़ते विश्वास के परिणामस्वरूप 15 जून 2025 तक कुल 920 संपत्तियों का सफलतापूर्वक विक्रय किया गया है, जिससे मंडल को 139.47 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति हुई है। यह उपलब्धि योजना की लोकप्रियता को दर्शाती है और गृह निर्माण मंडल के लिए मील का पत्थर है।

गृह निर्माण मंडल हुआ पूर्णत: ऋणमुक्त

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने यह भी बताया कि गृह निर्माण मंडल पर पूर्व में बैंकों का लगभग 800 करोड़ रुपये का ऋण बकाया था। राज्य सरकार ने इस ऋण को अपने बजट प्रावधानों से पूरी तरह चुका दिया है, जिससे मंडल आज पूर्णत: ऋण मुक्त हो चुका है। यह मंडल की एक बड़ी उपलब्धि है, जिसने इसे भविष्य की योजनाओं के लिए और अधिक सशक्त बना दिया है।

60% प्री-बुकिंग के बाद ही आरंभ होंगे निर्माण कार्य

आवास मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि अब से गृह निर्माण मंडल द्वारा कोई भी नई आवासीय योजना तब तक प्रारंभ नहीं की जाएगी, जब तक उसकी प्री-बुकिंग कम से कम 60% तक न हो जाए। यह रणनीतिक कदम योजनाओं की सफलता सुनिश्चित करने और अनावश्यक निर्माण कार्य से बचने हेतु उठाया गया है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब गृह निर्माण मंडल पारंपरिक सीमाओं से आगे बढ़ते हुए कॉरपोरेट मॉडल को अपनाकर काम कर रहा है, जिसके अंतर्गत न केवल किफायती आवासीय इकाइयाँ बल्कि विभिन्न श्रेणियों के मकान और व्यावसायिक परिसंपत्तियाँ भी विकसित की जा रही हैं। यह नवाचार शहरी विकास और आत्मनिर्भर आवास नीति के अनुरूप है।

जनहित को प्राथमिकता

मंत्री श्री चौधरी ने अपने वक्तव्य में कहा कि गृह निर्माण मंडल का मूल उद्देश्य प्रदेशवासियों को सुलभ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराना है। मंडल द्वारा संचालित योजनाएं विशेष रूप से आमजन, निम्न और मध्यम वर्गीय परिवारों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही हैं, ताकि हर नागरिक को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर मिल सके।
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बीजापुर जिले के युवाओं से मुख्यमंत्री ने की आत्मीय मुलाकात

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज यहां छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना के तहत राजधानी रायपुर के भ्रमण पर आए बीजापुर जिले युवाओं से मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय इन युवाओं से बहुत आत्मीयता से मिले और उनसे राजधानी रायपुर भ्रमण के अनुभवों को जाना। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर का हर गांव आपका अच्छा गांव बनेगा। बस्तर के विकास को अब कोई नहीं रोक सकता। बस्तर का युवा आज आत्मविश्वास से भरा है। 


मुख्यमंत्री श्री साय ने बीजापुर जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों से आये युवाओं से उनका हाल-चाल जाना और आत्मीय चर्चा की। मुख्यमंत्री ने युवाओं से पूछा कि वे विगत डेढ़ वर्षों में क्या परिवर्तन महसूस कर रहे हैं ? युवाओं ने बताया कि बहुत परिवर्तन है। अब हमारे क्षेत्र में सड़कें बन रही हैं, बिजली की व्यवस्था हुई है और आंगनबाड़ी केंद्र भी खुल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर का विकास हमारी सरकार की प्राथमिकता है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं से उनकी पढ़ाई-लिखाई और गतिविधियों के विषय में जानकारी ली। बीजापुर के एक युवा ने मुख्यमंत्री श्री साय को बताया कि वह जूलॉजी विषय से बीएससी कर चुका है और वर्तमान में वह अपने गांव का पंच है। उसका एक साथी भी पंच निर्वाचित हुआ है। मुख्यमंत्री ने इन युवाओं के जज्बे की सराहना की और उनका हौसला बढ़ाया। 

इस दौरान उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बच्चों से पूछा- कितने बच्चे इंस्टाग्राम चलाते हैं ? जब इस प्रश्न पर कई बच्चों ने हाथ उठाया तो मुख्यमंत्री ने आश्चर्यमिश्रित मुस्कान के साथ कहा- अब बस्तर के हमारे बच्चे भी समय के साथ हाईटेक हो रहे हैं। ये सुनकर ठहाके गूंज उठे। मुख्यमंत्री ने इस बात पर खुशी जाहिर की कि युवा अपडेट हैं और तकनीक को समझ रहे हैं। युवाओं ने बताया कि उनके गांव में अब मोबाइल टावर भी लग रहे हैं। 

युवाओं ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे कल राजधानी रायपुर आये हैं। उन्होंने मुक्तांगन, जंगल सफारी सहित अन्य जगहें देखी हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं से कहा कि वे राजधानी रायपुर के भ्रमण के अनुभव का पूरा लाभ उठाएं। 

उल्लेखनीय है कि स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना के तहत बीजापुर जिले के नियद नेल्लानार ग्राम पंचायतों के 100 युवा राजधानी रायपुर के भ्रमण पर आये हैं। जिसके अंतर्गत  आज ये युवा छत्तीसगढ़ विधानसभा पहुंचे। इस अवसर पर वनमंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक श्री किरण देव, श्री संपत अग्रवाल, श्री ईश्वर साहू सहित गणमान्यजन उपस्थित थे।
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छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त और सुलभ बनाने की दिशा में जुड़ा नया अध्याय : मुख्यमंत्री ने मैदानी स्वास्थ्य अमले के लिए 151 नए वाहनों को दिखाई हरी झंडी

 प्रदेश के कोने-कोने तक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण हेतु राज्य सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। भरोसेमंद चिकित्सा सुविधा आमजन तक पहुँचाने की दिशा में उठाया गया यह कदम ऐतिहासिक है।


मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास परिसर से मैदानी स्वास्थ्य अमले के लिए 151 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर विभिन्न जिलों के लिए रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इन वाहनों के माध्यम से बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के सुदूर अंचलों में भी लोगों को समय पर प्रभावी उपचार मिल सकेगा। यह 'स्वस्थ छत्तीसगढ़' की दिशा में एक सशक्त पहल सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त और सुलभ बनाने की दिशा में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। पुराने, अनुपयोगी हो चुके वाहनों को स्क्रैप कर उनकी जगह अत्याधुनिक नए वाहन शामिल किए गए हैं। यह पहल राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन, समयबद्ध निरीक्षण और निगरानी को भी गति प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जिला और विकासखंड स्तर पर कार्यरत अधिकारियों एवं मैदानी स्वास्थ्य कर्मियों के लिए उपलब्ध कराए जा रहे वाहनों से नियमित निरीक्षण, स्वास्थ्य शिविरों की निगरानी, दूरस्थ अंचलों तक त्वरित पहुँच और आपातकालीन परिस्थितियों में समयबद्ध हस्तक्षेप संभव हो सकेगा। इससे राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का संचालन अधिक प्रभावी और गतिशील होगा तथा राज्य में स्वास्थ्य सेवा वितरण प्रणाली और अधिक सक्रिय, उत्तरदायी और परिणामोन्मुखी बनेगी। यह पहल प्रदेश के संपूर्ण स्वास्थ्य तंत्र को गति देने का कार्य करेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों को ये वाहन चरणबद्ध रूप से उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रथम चरण में बस्तर और सरगुजा संभाग के 12 जिलों को ये वाहन भेजे जा रहे हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि शीघ्र ही प्रदेश में 851 नवीन एंबुलेंस सेवाएं शुरू की जाएंगी, जिनमें से 375 एंबुलेंस 108 आपातकालीन सेवाओं के लिए, 30 एंबुलेंस ग्रामीण चलित चिकित्सा इकाइयों के लिए तथा 163 ‘मुक्तांजली’ शव वाहन निःशुल्क सेवा के अंतर्गत दी जाएंगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जनजातीय समुदायों के उत्थान हेतु समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री ‘जन मन योजना’ के तहत विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए 30 एंबुलेंस की व्यवस्था भी शीघ्र की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब वर्षा ऋतु जैसे चुनौतीपूर्ण समय में भी राज्य सरकार घर-घर स्वास्थ्य सेवा पहुँचाने के अपने संकल्प को पूरी तत्परता से पूर्ण कर सकेगी। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी और इस दिशा में निरंतर प्रतिबद्धता दोहराई।

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार पूरी क्षमता के साथ स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर कार्यरत है। उन्होंने स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत बनाने हेतु सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी तथा मैदानी स्वास्थ्य अमले को इस विशेष सौगात के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

इस अवसर पर सीजीएमएससी के अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के, वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष श्री सलीम राज, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, आयुक्त डॉ. प्रियंका शुक्ला सहित बड़ी संख्या में अधिकारीगण एवं गणमान्यजन उपस्थित थे।
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छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर लोक गायिका सुश्री मैथिली ठाकुर के सुमधुर भजनों से हुआ राममय

 छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर आज सुप्रसिद्ध लोक गायिका सुश्री मैथिली ठाकुर के सुमधुर भजनों से राममय हो गया।छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती वर्ष 2025 के अंतर्गत आयोजित उत्कृष्टता अलंकरण समारोह के अंतर्गत आयोजित सांस्कृतिक संध्या के कार्यक्रम में  सुश्री मैथिली ठाकुर ने प्रभु श्रीराम के भक्ति भाव से ओतप्रोत एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। अपने गायन के दौरान उन्होंने "श्रीराम को देखकर जगत जननी नंदनी...", "मेरे झोपड़ी के भाग खुल जाएंगे...", "मेरे राम की कृपा से सब काम हो रहा है..." जैसे भजनों को मधुर और मनमोहक स्वर में प्रस्तुत किया, जिसे सुनकर उपस्थित जनसमूह भक्ति में लीन हो गया।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मुख्य मंच से लोक गायिका सुश्री मैथिली ठाकुर को शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।


इस अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सहित सांसदों  एवं विधायकगणों ने भव्य सांस्कृतिक संध्या का आनंद लिया।
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राज्यपाल के मुख्य आतिथ्य में उत्कृष्टता अलंकरण समारोह संपन्न

राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में आज छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में आयोजित "उत्कृष्टता अलंकरण समारोह" गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने समारोह की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह में शामिल हुए। "उत्कृष्टता अलंकरण समारोह" में वर्ष-2024 के लिए श्रीमती भावना वोहरा और श्री लखेश्वर बघेल को उत्कृष्ट विधायक के रूप में सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट संसदीय रिपोर्टिंग के लिए दैनिक भास्कर के विशेष संवाददाता डॉ. राकेश कुमार पाण्डेय, सुदर्शन न्यूज़ चैनल के राज्य ब्यूरो प्रमुख श्री योगेश मिश्रा और सुदर्शन न्यूज़ के कैमरामेन श्री विश्वप्रकाश पुरेना को समारोह में सम्मानित किया गया।

 
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव और श्री विजय शर्मा, संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत, श्री बृजमोहन अग्रवाल और श्री विजय बघेल, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की धर्मपत्नी श्रीमती वीणा सिंह, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, मंत्रीगण और विधायकगण भी "उत्कृष्टता अलंकरण समारोह" समारोह में शामिल हुए। समारोह में छटवीं विधानसभा के लिए निर्वाचित विधायकों के प्रबोधन कार्यक्रम पर केन्द्रित पुस्तिका का विमोचन भी किया गया।

"उत्कृष्टता अलंकरण समारोह" को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि यह समारोह न केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों के सम्मान का अवसर है, बल्कि हमारी संसदीय परंपराओं को और अधिक सशक्त करने का माध्यम भी है। उन्होंने वर्ष-2024 के उत्कृष्ट विधायक के लिए चयनित श्रीमती भावना बोहरा और श्री लखेश्वर बघेल, तथा उत्कृष्ट संसदीय पत्रकारिता के लिए चयनित डॉ. राकेश कुमार पाण्डेय, श्री योगेश मिश्रा एवं श्री विश्वप्रकाश पुरेना को बधाई दी। 

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने समारोह में कहा कि आप सभी ने विधानसभा की गतिविधियों को ईमानदारी, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ जनता तक पहुंचाने का कार्य किया है। आपकी यह भूमिका लोकतंत्र की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। छत्तीसगढ़ विधानसभा की स्वस्थ परंपरा है जहां न केवल विधायकों, बल्कि पत्रकारों को भी सम्मानित किया जाता है। मेरा आप सभी से आग्रह है कि अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धताओं से ऊपर उठकर सदैव लोकहित और लोक कल्याण को प्राथमिकता दें। 

राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि  छत्तीसगढ़ विधानसभा अपनी स्थापना के रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है। यह अवसर हम सभी के लिए आत्ममंथन और नये संकल्प का क्षण है। हमारे संसदीय लोकतंत्र की आत्मा को जीवंत बनाए रखने के लिए  संसदीय परंपराओं और प्रक्रियाओं का आदरपूर्वक पालन आवश्यक है। किसी भी विधायी सदन की वास्तविक सार्थकता जनकल्याण में निहित होती है। देश और राज्य के समग्र विकास के लिए यह आवश्यक है कि सभी जनप्रतिनिधि दलगत सीमाओं से ऊपर उठकर, एकजुट होकर समन्वय और सहयोग की भावना के साथ कार्य करें। 

समारोह को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ के 90 विधायक राज्य की तीन करोड़ जनता का प्रतिनिधित्व करते हैं। वे सभी श्रेष्ठ हैं। हर वर्ष दो उत्कृष्ट विधायकों का चयन कठिन काम है। इस बार 50 नए विधायक चुनकर आए हैं। छत्तीसगढ की विधानसभा जीवंत विधानसभा है। इसने अपना ‘छत्तीसगढ़िया स्वभाव’ नहीं छोड़ा है। सदभाव और सहयोग से जनहित के मुद्दों पर सक्रियता और गंभीरता से चर्चा करते हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा कि आज का दिन हम सब के लिए खास है। ‘उत्कृष्टता अलंकरण समारोह‘ गर्व और प्रेरणा का अवसर है। विधानसभा लोकतंत्र का मंदिर है। यहां पर जनहित के मुद्दों को उठाना विधायकों का धर्म है। संसदीय रिपोर्टिंग सजगता और जिम्मेदारी भरा कार्य है। इस कार्य में मीडिया प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। इनकी मूल भूमिका को रेखांकित करने के लिए इन्हें सम्मानित करने की परंपरा हमारे विधानसभा में है।

श्री साय ने कहा कि हमारी विधानसभा की कार्यवाही को देशभर में सराहा जाता है। विधायकों की सक्रिय भागीदारी और मीडिया की निरंतर निगरानी ने छत्तीसगढ़ को लोकतंत्र की दृष्टि से एक आदर्श राज्य के रूप में स्थापित किया है। छत्तीसगढ़ विधानसभा देश की पहली और एकमात्र ऐसी विधानसभा है, जहां गर्भगृह में किसी विधायक के प्रवेश करते ही वे स्वमेव निलंबित हो जाते हैं। इस विशिष्टता और आत्म-अनुशासन ने छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय पटल पर एक नई पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने बीते वर्षों में न सिर्फ़ आर्थिक व सामाजिक क्षेत्र में प्रगति की है, बल्कि यहां की विधानसभा और संसदीय कार्यप्रणाली भी पूरे देश में मिसाल बनकर उभरी है।

समारोह को संबोधित करते हुए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सम्मानित विधायकों और पत्रकारों को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा के सदन में सदस्यों में राज्य के मुद्दों को लेकर मतभेद रहा है , लेकिन आपस में मन का भेद कभी नहीं रहा। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष के रूप डॉ. रमन सिंह के आने से सदन में पक्ष और विपक्ष का बेहतर समन्वय देखने को मिला है और हम सभी एकता और भाईचारे के साथ आगे बढ़ रहे हैं। संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप ने समारोह में शामिल अतिथियों और लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। विधानसभा के सचिव श्री दिनेश शर्मा ने स्वागत भाषण दिया।
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छत्तीसगढ़ में मलेरिया के खिलाफ निर्णायक बढ़त — 61.8% बिना लक्षण वाले मरीज समय पर पहचाने गए

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान (12वां चरण) की अब तक की प्रगति से स्पष्ट है कि राज्य शासन की घर-घर स्क्रीनिंग रणनीति और सक्रिय जनसंपर्क के माध्यम से मलेरिया की जड़ पर प्रहार किया जा रहा है। 25 जून से 14 जुलाई 2025 तक हुए सर्वेक्षण में 1884 मलेरिया पॉजिटिव मरीजों की पहचान की गई, जिनमें से 1165 मरीज (61.8%) बिना लक्षण (Asymptomatic) वाले थे।


मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार की नीति स्पष्ट है—बीमारी की प्रतीक्षा मत करो, बीमारी से पहले पहुँचो। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीम को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और कहा कि यह अभियान राज्य को मलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में निर्णायक साबित होगा।
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ग्राम पंचायतों की सक्रियता और स्वप्रेरित जनभागीदारी से हो रहे जल संरक्षण के प्रयास प्रशंसनीय : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा परिसर स्थित अपने कक्ष में ‘मोर गांव मोर पानी’ महाअभियान पर आधारित पुस्तिका का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पंचायती राज दिवस के अवसर पर प्रारंभ किए गए इस विशेष अभियान ने जल संरक्षण और संवर्धन के क्षेत्र में अभूतपूर्व चेतना उत्पन्न की है। विमोचन कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, प्रमुख सचिव पंचायत श्रीमती निहारिका बारीक, आयुक्त मनरेगा और संचालक प्रधानमंत्री आवास योजना श्री तारण प्रकाश सिन्हा सहित अनेक अधिकारी उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ग्राम पंचायतों की सक्रियता और जनता की स्वप्रेरित भागीदारी के चलते यह अभियान अब एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है। लोग स्वेच्छा से जल संरक्षण जैसे पुनीत कार्यों से जुड़ रहे हैं, जो सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने कहा कि पुस्तिका में राज्य की विभिन्न पंचायतों द्वारा जल संरक्षण के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों और नवाचारों को संकलित किया गया है, जो अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अभियान के अंतर्गत सूचना, शिक्षा और संचार (IEC) गतिविधियों के माध्यम से जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। प्रदेश की 11,000 से अधिक ग्राम पंचायत भवनों की दीवारों पर भूजल स्तर अंकित किया गया है, जिससे लोगों में जल के महत्व को लेकर व्यावहारिक चेतना जागृत हुई है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों की भूमिका जल संरक्षण को जन-भागीदारी से जोड़ने में महत्वपूर्ण रही है, और यह चेतना आने वाले समय में और भी व्यापक स्वरूप लेगी।

उल्लेखनीय है कि ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान के तहत रैली, दीवार लेखन जैसे माध्यमों से व्यापक स्तर पर जनसामान्य को जल संरक्षण के प्रति संवेदनशील और जागरूक किया गया है। 626 क्लस्टर्स में आयोजित प्रशिक्षणों के माध्यम से 56,000 से अधिक प्रतिभागियों को जल प्रबंधन और संरक्षण के लिए तैयार किया गया है।

अभियान में GIS तकनीक का उपयोग कर जल संरक्षण कार्यों की प्रभावी योजना बनाई जा रही है, जबकि जलदूत ऐप के माध्यम से खुले कुओं का जल स्तर मापा जा रहा है। इसके अतिरिक्त, परकोलेशन टैंक, अर्दन डैम, डिफंक्ट बोरवेल रिचार्ज स्ट्रक्चर जैसे संरचनात्मक उपायों के माध्यम से जल पुनर्भरण और संरक्षण के स्थायी प्रयास किए जा रहे हैं। ग्राम पंचायतों के यह प्रयास छत्तीसगढ़ को जल संरक्षण के राष्ट्रीय मॉडल के रूप में स्थापित करेंगे।
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पिछले डेढ़ साल में कोई भी भर्ती परीक्षा बिना गड़बड़ी के नहीं हुए, क्या यही है यूपीएससी पैटर्न वाली मोदी की गारंटी?- दीपक बैज

पीडब्ल्यूडी के सब इंजीनियर भर्ती परीक्षा में कैमरा और वॉकी टॉकी लेकर नकल की घटना पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि जीरो टॉलरेंस की बात करने वाली भाजपा सरकार आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी हुई है। छत्तीसगढ़ के युवाओं के सरकारी नौकरी में रोजगार के अधिकार को बोली लगाकर बेचने का काम यह सरकार कर रही है। भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी भाजपा सरकार के संरक्षण में ही हो रहा है, नकल कराने वाले लोग सत्ता के संरक्षण में रैकेट चला रहे हैं। पीडब्ल्यूडी सब इंजीनियर भर्ती परीक्षा में नकल करते पकड़े गये छात्रों के संदर्भ में बेहद गंभीर तथ्य उजागर हो रहे है। भर्ती प्रक्रिया से संबंधित पीडब्लूडी विभाग डिप्टी सीएम अरुण साव का है जो बिलासपुर जिले से ही आते है, जहां सेंटर था, और नकल करते पकड़े गए परीक्षार्थी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृह जिले से हैं, मंत्री और मुख्यमंत्री की संलिप्तता की उच्च न्यायालय के वर्तमान जजों की न्यायिक कमेटी या केंद्रीय एजेंसी से किया जाना चाहिए। बिलासपुर सेंटर के हाईटेक नकल का यह मामला एनएसयुआई के छात्र नेताओं ने पकड़ा, भाजपा की सरकार ने उल्टे उन्हीं छात्रों नेताओं पर जुर्म दर्ज कर दिया है। प्रदेश के लाखों बेरोजगार युवाओं का भरोसा खो चुकी है यह सरकार। क्या यही विष्णु का तथाकथित सुशासन है? क्या यही है यूपीएससी पैटर्न वाली मोदी की गारंटी? सब इंजीनियर परीक्षा के नकलचियों पर रिपोर्ट दर्ज करने में देरी क्यों की गयी?


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज कहा है कि पिछले 18 महीनों के दौरान जितनी भी भर्ती परीक्षाएं हुई है, लगभग सभी में गड़बड़ियां उजागर हुई है लेकिन अब तक न किसी भर्ती परीक्षाओं को निरस्त किया गया और ना ही किसी पर ठोस कार्यवाही हुई है, इसका साफ मतलब है कि सरकारी नौकरियों को बेचने का पूरा खेल सत्ता के संरक्षण में ही हो रहा है। पुलिस और फॉरेस्ट में भर्ती के दौरान डिजिटल सिस्टम का झांसा देकर हैदराबाद की आईटी कंपनी को षडयंत्र पूर्वक भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया गया ताकि अपने चहेतों को उपकृत किया जा सके। ऐन वक्त पर डिजिटल सिस्टम को ऑफ लाइन करवा दिया गया, पीड़ितों की गुहार और पारदर्शिता को लेकर उठे सवाल को भाजपा सरकार ने कुचल दिया और कुछ छोटे कर्मचारियों पर दिखावे की कार्यवाही करके पूरे मामले की लीपापोती कर दी, यही नहीं मामला उजागर होने के बावजूद भी हैदराबाद के इसी कंपनी को बाकी जिलों में भी काम दिया गया। वनरक्षक भर्ती प्रक्रिया में शारीरिक नाप जोख और फिजिकल के अंकों में हेरफेर किए गए, राजनांदगांव पुलिस आरक्षक भर्ती घोटाला सर्वविदित है, आरआई प्रमोशन घोटाले के बाद अब पीडब्ल्यूडी इंजीनियर भर्ती परीक्षा में हाईटेक नकल का मामला भाजपा सरकार के कुशासन और भ्रष्टाचार का प्रमाण है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश के युवाओं से वादा किया था कि छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरियों में भर्ती की परीक्षाएं यूपीएससी की पैटर्न पर किया जाएगा, लेकिन किए उल्टा जो जिस व्यक्ति पर पूरे देश में नीट की परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप है, जिसके रहते लाखों मेडिकल छात्रों का भविष्य खराब हुआ, देश की बदनामी हुई उसे लाकर छत्तीसगढ़ राज्य सेवा आयोग के ऊपर बैठा दिया गया। भाजपा का षड्यंत्र उजागर हो चुका है, पिछले डेढ़ साल में कोई भी भर्ती परीक्षा बिना गड़बड़ी के संपन्न नहीं हुई है, तथ्यों के साथ आरोप लगे, पर निष्पक्ष जांच अब तक नहीं की गई। इस सरकार का रवैया शुतुरमुर्ग के समान है।
 
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पॉवर कंपनी के वृक्षारोपण महोत्सव में उपभोक्ता भी बन रहे भागीदार

छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज़ के 50 हजार वृक्षारोपण के लक्ष्य को तेजी से पूरा किया जा रहा है। उत्पादन कंपनी के संयंत्रों, पारेषण कंपनी के सभी उपकेंद्रों और वितरण कंपनी के दफ्तरों में पौध रोपण का कार्य प्रारंभ हो चुका है। इसकी मॉनिटरिंग मुख्यालय स्तर पर की जा रही है। साथ ही मुख्यालय दफ्तर में अधिकारी-कर्मचारियों के साथ उपभोक्ता और आमजन भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।


छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज ने प्रदेशभर में फैले बिजली दफ्तरों में 50 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। इसका शुभारंभ डिस्ट्रीब्यूशन एवं जनरेशन कंपनी के अध्यक्ष डॉ. रोहित यादव ने किया। जिसके बाद तीनों कंपनी ने कंट्रोल रूम बनाकर इसकी सतत् मॉनिटरिंग के लिए सेल बनाया है। अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री विनोद कुमार अग्रवाल ने बताया कि पॉवर कंपनी ने पूरे प्रदेश में फैले तीन हजार से अधिक बिजली दफ्तर, विद्युत उपकेंद्र और विद्युत उत्पादन संयंत्रों की रिक्त भूमि में छायादार और फलदार पौधे लगाने का संकल्प लिया है। अगले 10 अगस्त तक इस लक्ष्य को पूरा कर लिया जाएगा। इसके तहत सभी क्षेत्रीय कार्यालयों में नोडल अधिकारी तैनात किये गए हैं, जो हर बिजली दफ्तर, उपकेंद्र और संयंत्र में पौधरोपण की मानिटिरिंग कर रहे हैं। इसके अलावा अधिकारी-कर्मचारियों को पौधरोपण के लिए प्रेरित करने पॉवर कंपनी के डंगनिया मुख्यालय में भी पौधे वितरित करने की व्यवस्था की गई है, जिसमें बिजली बिल जमा करने एटीपी सेंटर पहुंचे उपभोक्ता भी पौधे ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि अधिकारी-कर्मचारी पौधे लगाकर मोर बिजली कंपनी एप में अपनी फोटो अपलोड कर रहे हैं, अभी तक 300 से अधिक फोटो अपलोड हो चुके हैं।  इनमें से चुने हुए अधिकारी-कर्मचारियों को पुरस्कृत किया जाएगा।
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देश के लिए गौरव का क्षण: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने Axiom-4 मिशन की ऐतिहासिक सफलता पर ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को दी बधाई

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने Axiom-4 अंतरिक्ष मिशन की ऐतिहासिक सफलता और अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षित वापसी पर भारत के अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला सहित पूरी टीम को हार्दिक बधाई दी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर सोशल मीडिया एक्स  पर पोस्ट करते हुए कहा कि  अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचने वाले भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री के रूप में शुभांशु शुक्ला की यह उपलब्धि, गगनयान मिशन की ओर बढ़ते भारत के आत्मनिर्भर और वैज्ञानिक कदमों का प्रतीक है। शुभांशु की यह उपलब्धि देश के करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणा है और उनके सपनों को एक नई उड़ान देने वाली है। 


मुख्यमंत्री श्री साय ने समस्त छत्तीसगढ़वासियों की ओर से ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह क्षण केवल भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान के लिए ही नहीं, अपितु हर भारतीय के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। शुभांशु शुक्ला की यह उपलब्धि भारत की युवा वैज्ञानिक प्रतिभा और वैश्विक स्तर पर बढ़ती वैज्ञानिक भागीदारी का प्रमाण है।
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राजनांदगांव के नागरिक प्रतिनिधिमंडल ने की मुख्यमंत्री से सौजन्य भेंट:प्रयास विद्यालय, नालंदा परिसर सहित विभिन्न विकास कार्यों के लिए जताया आभार

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से  छत्तीसगढ़ विधानसभा के समिति कक्ष में राजनांदगांव जिले के नागरिकों के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ निरंतर जनहित में कार्य कर रही है।  प्रशासनिक कार्यप्रणाली में नवाचार को प्रोत्साहित करते हुए सभी प्रक्रियाओं को चरणबद्ध रूप से ऑनलाइन किया जा रहा है, जिससे नागरिकों को सुगम, सरल और सुलभ सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 24 अप्रैल को ‘राष्ट्रीय पंचायत दिवस’ के अवसर पर प्रदेश की चयनित ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्रों की शुरुआत की गई है। इन केंद्रों के माध्यम से अब ग्राम पंचायत स्तर पर ही बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह पहल ग्रामीणों को डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में प्रदेश की अन्य पंचायतों को भी इस सुविधा से जोड़ा जाएगा।

राजनांदगांव से आए नागरिक प्रतिनिधिमंडल ने जिले में प्रयास विद्यालय, नालंदा परिसर, एवं अन्य महत्वपूर्ण विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति धन्यवाद एवं आभार प्रकट किया।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राजनांदगांव जिले में बीते डेढ़ वर्षों के भीतर पेयजल विस्तार, सड़क निर्माण, और अन्य अधोसंरचनात्मक कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। 600 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के विभिन्न निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनका प्रत्यक्ष लाभ शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को मिल रहा है। यह जनकल्याण और विकास की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार संतुलित, समावेशी और सतत विकास के सिद्धांतों पर कार्य करते हुए छत्तीसगढ़ को सतत विकास की  ओर अग्रसर करने के लिए कटिबद्ध है।

इस अवसर पर पूर्व सांसद श्री प्रदीप गांधी, श्री कोमल राजपूत, त्रिस्तरीय पंचायत पदाधिकारीगण और राजनांदगांव जिले के गणमान्य नागरिकगण उपस्थित थे।
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"स्कूटी दीदी" बनीं आत्मनिर्भर भारत की प्रतीक – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सराहा एनु का जज़्बा

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के एक छोटे से गांव उमरदा की निवासी एनु आज पूरे देश में “स्कूटी दीदी” के नाम से जानी जाती हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने एनु की जीवटता, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में उनके योगदान की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए कहा कि एनु जैसी बेटियाँ ही आत्मनिर्भर भारत की असली पहचान हैं। उनके साहस, समर्पण और संकल्प से छत्तीसगढ़ के गांवों की तस्वीर बदल रही है।


एनु की प्रेरक यात्रा इस बात का प्रमाण है कि यदि मन में कुछ कर गुजरने का जज़्बा हो, तो संसाधनों की कमी, सामाजिक दबाव और परंपरागत सोच भी राह नहीं रोक सकती। एक साधारण ग्रामीण परिवार में जन्मीं एनु ने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी पढ़ाई जारी रखी और अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन 'बिहान' से जुड़कर सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण लिया, एक लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया, और समय पर ऋण को चुका कर आर्थिक अनुशासन की मिसाल पेश की।

एनु को समझ थी कि ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए गतिशीलता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने 'प्रथम संस्था' से स्कूटी चलाना सीखा और शुरुआत में समाज के तानों और व्यंग्य के बावजूद अपना  आत्मविश्वास बनाए रखा और हार नहीं मानी। जब वे गांव-गांव स्कूटी से महिलाओं से जुड़ने लगीं, तभी उन्हें “स्कूटी दीदी” के नाम से पहचाना जाने लगा।

वर्ष 2023 में एनु ने "महिला दोपहिया प्रशिक्षण केंद्र" की स्थापना की। शुरुआत में केवल 2-3 महिलाओं ने प्रशिक्षण लिया, लेकिन धीरे-धीरे यह पहल ग्रामीण समाज में एक क्रांति बन गई। अब तक वे 30 से अधिक महिलाओं को स्कूटी चलाना सिखा चुकी हैं, जो अब स्वयं आंगनबाड़ी, स्कूल, बैंक और स्वास्थ्य केंद्र जैसे स्थानों तक स्वतंत्र रूप से पहुँचना शुरू कर चुकी हैं।

एनु की इस पहल से न केवल महिलाओं की दैनिक गतिशीलता आसान हुई है, बल्कि पूरे सामाजिक दृष्टिकोण में भी परिवर्तन आया है। अब गांवों में माता-पिता स्वयं अपनी बेटियों और बहुओं को एनु के पास प्रशिक्षण हेतु भेज रहे हैं। उनका सपना है कि वे 1000 महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएं और शीघ्र ही चारपहिया वाहन प्रशिक्षण केंद्र शुरू करें।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि एनु जैसे लोग छत्तीसगढ़ की नई पहचान हैं। राज्य सरकार ‘बिहान’ जैसी योजनाओं के माध्यम से ऐसे नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, जो जमीनी स्तर पर परिवर्तन ला रहे हैं।

एनु का योगदान केवल ड्राइविंग प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है। उन्होंने सिलाई-कढ़ाई, एलईडी असेंबली, मनरेगा कार्यों, और घरेलू प्रबंधन में भी महिलाओं को दक्ष बनाया है। उनके प्रयासों को देखते हुए भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय की संयुक्त सचिव श्रीमती स्वाति शर्मा और धमतरी के कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा ने स्वयं उमरदा गांव जाकर एनु से मुलाकात की और उनके कार्यों की सराहना की।

ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार ने भी एनु की कहानी को फेसबुक पोस्ट के माध्यम से साझा करते हुए कहा कि जीवन में संसाधनों की कमी थी, लेकिन एनु के हौसले को कोई डिगा नहीं सका।उन्होंने एम.ए. की पढ़ाई पूरी कर 'बिहान' और 'प्रथम संस्था' से प्रशिक्षण प्राप्त कर न केवल आत्मनिर्भरता पाई, बल्कि दूसरों के लिए भी प्रेरणा बनीं।

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ की बेटियाँ केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि परिवर्तन की वाहक बन रही हैं। राज्य सरकार हर ऐसी पहल का स्वागत करेगी जो महिला सशक्तिकरण को गति देगी।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से राज्य पुलिस सेवा अधिकारियों ने की सौजन्य भेंट

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से  विधानसभा स्थित कार्यालय में राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों ने सौजन्य भेंट कर मंत्रिपरिषद की बैठक में वर्ष 2005 से 2009 बैच तक के अर्हकारी सेवा अवधि पूर्ण कर चुके अधिकारियों को वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान प्रदान किए जाने के निर्णय हेतु आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा भी उपस्थित थे।


उल्लेखनीय है कि 11 जुलाई 2025 को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य पुलिस सेवा संवर्ग के समुचित प्रबंधन हेतु 30 सांख्येतर पदों का सृजन करते हुए वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान प्रदान करने का निर्णय लिया गया। यह निर्णय उन अधिकारियों के लिए लिया गया है जिन्होंने सेवा में निर्धारित अर्हता अवधि पूर्ण कर ली है।

इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री लखन पटले, श्री कीर्तन राठौर, श्री अनंत साहू, डॉ. संगीता माहेलकर एवं श्रीमती प्रज्ञा मेश्राम उपस्थित थीं।
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मुख्यमंत्री श्री साय से भारत सरकार में भूमि संसाधन सचिव ने की सौजन्य भेंट

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा परिसर स्थित कार्यालय में भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग के सचिव श्री मनोज जोशी ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर भू-अभिलेख प्रणाली को सुदृढ़ करने, भूमि सर्वेक्षण में तकनीकी नवाचारों के उपयोग, तथा राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में राजस्व मंत्री श्री टंकाराम वर्मा भी उपस्थित रहे।


मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार भू-राजस्व दस्तावेजों को अद्यतन करने और आवश्यक सुधार के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राजस्व रिकॉर्ड जितने व्यवस्थित होंगे, राजस्व न्यायालयों में मामलों का निपटारा उतना ही शीघ्र और प्रभावी रूप से हो सकेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भूमि अभिलेखों में सुधार संबंधी केंद्र सरकार की सभी पहल के साथ राज्य सरकार कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करेगी, ताकि यह प्रणाली और अधिक प्रभावशाली व जनहितकारी बन सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा तकनीक आधारित नवाचारी पहलों के माध्यम से भू-राजस्व रिकॉर्ड में पारदर्शिता, गति और सटीकता लाने का महत्वपूर्ण प्रयास किया जा रहा है, जिससे किसानों और आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे इस दिशा में सभी आवश्यक कदम तत्परता से सुनिश्चित करें।

केंद्रीय भूमि संसाधन सचिव श्री मनोज जोशी ने बताया कि छत्तीसगढ़ में भू-अभिलेखों की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है और राज्य सरकार के सक्रिय सहयोग से इसमें और अधिक सुधार लाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पूर्व में पारंपरिक पद्धति से किए जाने वाले भूमि सर्वेक्षण में समय अधिक लगता था, किंतु अब आधुनिक तकनीकों के उपयोग से यह प्रक्रिया तेज़, अधिक सटीक और भरोसेमंद हो गई है।

श्री जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार भू-अभिलेख संधारण प्रणाली को दुरुस्त करने के लिए विशेष प्रयास कर रही है, जिसके अंतर्गत राज्यों को वित्तीय और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि जमीन की खरीद-बिक्री के दौरान नक्शों के अद्यतन में कई बार तकनीकी समस्याएं उत्पन्न होती हैं, जिन्हें डिजिटल सर्वेक्षण के माध्यम से प्रभावी रूप से दूर किया जा सकेगा। इससे प्रत्येक नागरिक को अद्यतन और प्रमाणिक नक्शा प्राप्त होगा, जिससे गड़बड़ियों में कमी आएगी और शहरी क्षेत्रों के विस्तार को बेहतर ढंग से नियोजित किया जा सकेगा।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, भारत सरकार के संयुक्त सचिव श्री कुणाल सत्यार्थी, राजस्व सचिव श्री अविनाश चंपावत, संचालक भू-अभिलेख श्री विनीत नंदनवार सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में मलेरिया पर करारा प्रहार

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और जनस्वास्थ्य के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के फलस्वरूप छत्तीसगढ़ ने मलेरिया के स्थायी उन्मूलन की दिशा में एक निर्णायक अभियान फिर से प्रारंभ किया है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में, विभाग ने मलेरिया जैसी जानलेवा बीमारी के खिलाफ एक अनुकरणीय रणनीतिक पहल करते हुए जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित किया है। ‘मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान’ के 12वें चरण ने न केवल अपने दायरे का विस्तार किया है, बल्कि अपने प्रभाव से यह स्पष्ट कर दिया है कि जब सरकार दृढ़ संकल्प और नीति आधारित कार्रवाई के साथ काम करती है, तो नतीजे ज़मीन पर दिखते हैं।


25 जून से जारी इस चरण के अंतर्गत राज्य के 10 जिलों में गहन जांच, उपचार और जनजागरूकता अभियान चलाया गया। अब तक 19,402 घरों का दौरा किया गया है और 98,594 लोगों की रक्त जांच की गई है। इनमें से 1,265 लोग मलेरिया पॉजिटिव पाए गए। सबसे अहम बात यह रही कि सभी संक्रमित व्यक्तियों को मौके पर ही दवा की पहली खुराक उपलब्ध कराई गई, वह भी पूरी सावधानी के साथ—पहले मरीजों को स्थानीय खाद्य पदार्थ खिलाया गया, ताकि दवा का प्रभाव सुरक्षित और प्रभावशाली रहे। प्रत्येक मरीज को उपचार कार्ड दिया गया है, ताकि फॉलोअप के जरिए पूरी निगरानी सुनिश्चित की जा सके।

इस अभियान का सकारात्मक असर सबसे अधिक बस्तर संभाग में देखा जा रहा है। 2015 की तुलना में यहां मलेरिया मामलों में 71 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है। यह कोई सामान्य उपलब्धि नहीं, बल्कि एक सुव्यवस्थित, सतत और वैज्ञानिक रणनीति का परिणाम है। राज्य का वार्षिक परजीवी सूचकांक (API) भी 27.40 से घटकर 7.11 तक आ गया है, जो दर्शाता है कि मलेरिया पर राज्य ने प्रभावी नियंत्रण पाया है।

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अभियान की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि मलेरिया से जंग अब केवल इलाज की नहीं, यह रणनीति और जनसहभागिता की लड़ाई बन गई है। उनका मानना है कि सरकार ने जो लक्ष्य तय किया है—2027 तक ‘शून्य मलेरिया’ और 2030 तक ‘पूर्ण मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़’—उसे केवल दस्तावेज़ी नहीं, बल्कि यथार्थ के रूप में साकार किया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग की आयुक्त सह संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला ने बताया कि प्रदेश में मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के प्रभाव से बस्तर संभाग में मलेरिया के मामलों में गिरावट आयी है। “हर संक्रमित व्यक्ति तक पहुंचना, उसका समय पर इलाज करना और भविष्य में संक्रमण की कोई गुंजाइश न रहे — यही हमारी प्राथमिकता है।” उन्होंने कहा कि हमारा फोकस लक्षणरहित मलेरिया मामलों पर है, ताकि बीमारी को जड़ से मिटाया जा सके।

इस अभियान की सफलता में मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, ग्राम पंचायतों और स्वयंसेवी संगठनों की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही है। यह केवल एक स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि अब एक जनआंदोलन बन चुका है। जांच और इलाज के साथ-साथ लोगों को मच्छरदानी के नियमित उपयोग, जलजमाव की रोकथाम और साफ-सफाई जैसे व्यवहारिक उपायों के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ सरकार का यह ठोस और संवेदनशील प्रयास, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की दूरदर्शिता और राजनीतिक इच्छाशक्ति का परिणाम है, जो न केवल राज्य को मलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में एक मजबूत और टिकाऊ कदम है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक प्रेरक मॉडल भी बन रहा है। आने वाले वर्षों में यह रणनीति अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय उदाहरण के रूप में स्थापित होगी।
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मुख्यमंत्री से जैन समाज के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा परिसर में दुर्ग जिले से आए जैन समाज के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को जैन समाज द्वारा मानव सेवा एवं सामाजिक उत्थान के लिए संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी।


प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने विधानसभा परिसर के भ्रमण और सदन की कार्यवाही के अवलोकन के अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि यह उनके लिए एक प्रेरणादायक अवसर रहा। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली को निकट से देखने का अवसर मिलना गौरवपूर्ण अनुभव है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने जैन समाज की सेवा भावना की सराहना करते हुए कहा कि समाज की सकारात्मक गतिविधियाँ प्रदेश के समावेशी विकास में सहायक सिद्ध हो रही हैं। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को उनके सामाजिक कार्यों के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर दुर्ग विधायक श्री गजेंद्र यादव भी उपस्थित रहे।
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