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भाजपा मोर्चों के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष 25 को पदभार ग्रहण करेंगे

 भारतीय जनता पार्टी के विभिन्न मोर्चों के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष कल 25 अगस्त को पदभार ग्रहण कर अपना दायित्व सम्हालेंगे। इस मौके पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरणसिंह देव और प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय व मोर्चों के सभी पूर्व अध्यक्ष उपस्थित रहेंगे।


भाजपा प्रदेश कार्यालय (कुशाभाऊ ठाकरे परिसर) में दोपहर दो बजे यह समारोह होगा। इस समारोह में भारतीय जनता युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष राहुल योगराज टिकरिहा, महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी, अन्य पिछड़ा वर्ग मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष अशोक साहू, अनुसूचित जाति मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सनम जांगड़े, अनुसूचित जनजाति मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष सत्यनारायण सिंह, अल्पसंख्यक मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष मखमूर इकबाल खान कल 25 अगस्त को दायित्व ग्रहण करेंगे।

भाजयुमो की बाइक रैली भी

इससे पहले भाजयुमो द्वारा श्री टिकरिहा के सम्मान में राजधानी के विभिन्न मार्गों से होकर बाइक रैली निकाली जाएगी। यह रैली सुबह 10 बजे बंजारी माता मंदिर से प्रारंभ होगी और भनपुरी चौक, खमतराई बाजार चौक, फाफाडीह चौक, जयस्तंभ चौक, अंबेडकर चौक, भगत सिंह चौक, तेली बांधा तालाब (मरीन ड्राइव), मेक इन इंडिया चौक, वीआईपी चौक राम मंदिर, फुंडहर चौक, अटल चौक (एक्सप्रेस-वे), प्रदेश कार्यालय मोड़ से होते हुए भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुँचकर समाप्त होगी।
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प्रकृति की रक्षा करेंगे तभी प्रकृति हमारी रक्षा करेगी-श्री डेका

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि जलवायु परिवर्तन 21 वीं सदीं की सबसे बड़ी चुनौती है और इसके समाधान के लिए सामूहिक प्रयास अनिवार्य है। जब हम प्रकृति की रक्षा करेंगे तभी प्रकृति हमारी रक्षा करेगी। श्री डेका आज शनिवार को पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में दक्षिण एशियाई जलवायु परिवर्तन जर्नलिस्ट फोरम और विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।

राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि धरती का तापमान असमान्य रूप से बढ़ रहा है, जिससे मौसम चक्र असंतुलित हो गया है। ध्रुवीय क्षेत्रों की बर्फ तेजी से पिघल रही हैं, समुद्र का जल स्तर बढ़ रहा है, अनियमित वर्षा, सूखा और विनाशकारी तूफानों की घटनाएं बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य कारण मानव जनित गतिविधियां, ग्रीन हॉउस गैसों का उत्सर्जन, वनों की अंधाधुंध कटाई और जीवाश्म ईधनों का अत्यधिक उपयोग है। वातावरण में कार्बन डाईऑक्साइड, मिथेन और नाइट्रस ऑक्साइड जैसी गैसों का स्तर तेजी से बढ़ रहा है जो धरती का तापमान बढ़ा रहा है।

राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ भी इससे अछूता नहीं है। राज्य में तापमान में वृद्धि, अनियमित वर्षा, लू की तीव्रता और बाढ़ की घटनाएं बढ़ रही है। कोयला आधारित उद्योग, वनों की कटाई और रासायनिक उर्वरकों का अत्यधिक उपयोग, ग्रीन हॉउस गैसों के उत्सर्जन को बढ़ा रहा है, जिससे पर्यावरण के साथ-साथ कृषि, जल स्त्रोतों और आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हमें नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग, प्रदूषण नियंत्रण और वन संरक्षण की दिशा मे ठोस कदम उठाने होंगे। छत्तीसगढ़ में 45 प्रतिशत वन क्षेत्र है। इस सुंदर प्रदेश को हरा-भरा बनाए रखने के लिए हम सभी को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के एक पेड़ मां के नाम के तहत हर व्यक्ति एक पेड़ लगाए, ऊर्जा का विवेकपूर्ण उपयोग हो, प्लास्टिक मुक्त अभियान को बढ़ावा दिया जाए और सौर व पवन ऊर्जा को अपनाया जाए।

श्री डेका ने कहा कि विद्यार्थियों, युवाओं की भूमिका इस दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है। ग्रीन क्लब बनाकर जल संरक्षण, कचरा प्रबंधन और टिकाऊ जीवनशैली को अपनाना समय की मांग है। डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से पर्यावरण शिक्षा का प्रचार-प्रसार करना भी  युवाओं  का दायित्व है। जलवायु को बचाने के लिए छोटे-छोटे प्रयास हम कर सकते है।

कार्यक्रम में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सच्चिदानंद शुक्ल ने विश्वविद्यालय अंतर्गत पर्यावरण के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। दक्षिण एशियाई जलवायु परिवर्तन जर्नलिस्ट फोरम के समन्वयक श्री कल्लोल के. घोष ने संगोष्ठी के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। सलाहकार श्री सौम्य बंदोपाघ्याय ने भी अपने विचार रखें।

इस अवसर पर विज्ञान एवं समाज के विकास में अमूल्य योगदान के लिए प्रोफेसर एम.एल. नायक को राज्यपाल ने सम्मानित किया साथ ही विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओ को भी राज्यपाल के हाथों सम्मान प्राप्त हुआ।

संगोष्ठी में विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, फोरम के अध्यक्ष श्री आशीष गुप्ता, विश्वविद्यालय कार्यपरिषद के सदस्य, शिक्षकगण, महाविद्यालयों एवं स्कूलों के छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक होगा महतारी सदन- उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा

प्रदेश के प्रत्येक ग्राम पंचायतों में ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी एवं आत्मनिर्भर बनाने तथा आपसी समरसता स्थापित करने सामायिक कार्यक्रमों में सामूहिक भागीदारी तथा महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के निर्देशानुसार महतारी सदन का निर्माण कार्य किया जाना है। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के प्रयास से 166 महतारी सदन की स्वीकृति आदेश जारी किया गया है, इसके लिए 49 करोड़ 80 लाख रुपये की स्वीकृति जारी की गई है। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि न्यू इंडिया के ग्रोथ साइकल में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की आत्मनिर्भर भारत अभियान महिलाओं की क्षमता को देश के विकास के साथ जोड़ रहा है। प्रदेश के ग्राम पंचायतों में बनने जा रहा महतारी सदन भी इसी दिशा में एक प्रयास है। उन्होंने कहा कि लगातार ग्राम भ्रमण के दौरान महिलाओं द्वारा बैठने की स्थान न होने की शिकायत की और बैठने हेतु स्थान दिलाने की मांग की जाती रही इसलिए महतारी सदन बनाने का विचार आया। ततपश्चात महिलाओं को रोजगार दिलाने और उनको काम काज के लिए स्थान उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार गांवों में महतारी सदन बनाने जा रही है। अब तक 368 महतारी सदन की स्वीकृति इसी उद्देश्य को पूर्ति के लिये जारी किया गया है। कार्यों में एकरूपता के दृष्टिकोण से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा कार्य का एक मानक डिजाईन एवं प्राक्कलन तैयार किया गया है। प्रति महतारी सदन की लागत राशि रुपये 30 लाख होगी। 

5 वर्षो में सभी ग्राम पंचायतों में महतारी सदन बनाने की योजना

प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों में महतारी सदन बनाया जाएगा। महतारी सदन बनाने की शुरुआत हो गयी है। पहले चरण में प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड में महतारी सदन बनना प्रारंभ किया जा रहा है व 5 साल में सभी ग्राम पंचायत में महतारी सदन बनेंगे। प्रदेश में बनने वाले महतारी सदन का निर्माण लगभग 25 सौ वर्गफुट में कराया जाएगा। सदन में कमरा, शौचालय, बरामदा, हाल, किचन और स्टोररूम जैसी सुविधाएं रहेगी। पानी के लिए ट्यूबवेल के साथ वाटर हार्वेस्टिंग भी किया जाएगा। महिलाओं की सुरक्षा के लिए इसमे बॉउंड्रीवाल भी बनाये जाएंगे। महतारी सदन में सामुदायिक शौचालय का भी निर्माण किया जाएगा।

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राज्यपाल से मिले हाई स्कूल के विद्यार्थी

राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज राजभवन में रायपुर के निजी स्कूल के विद्यार्थियों ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर श्री डेका ने बच्चों को जीवन और कैरियर में सफलता पाने के लिए मार्गदर्शन दिया और विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। विद्यार्थियों ने राज्यपाल की बातों को पूरे उत्साह से ध्यानपूर्वक सुना। 

          राज्यपाल ने विद्यार्थियों से उनके सपनों और हॉबी पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि अनुशासन और धैर्य सफलता की कुंजी हैं। यदि किसी परीक्षा में सफलता न मिले तो उसके विकल्प तैयार रखें। विद्यार्थी यूपीएससी की परीक्षा देना चाहते हैं, उसके लिए पूरी लगन के साथ तैयारी करें लेकिन अन्य विकल्पों पर भी ध्यान दें।

          श्री डेका ने कहा कि हर विद्यार्थी को अपनी हॉबी विकसित करना चाहिए क्योंकि यह व्यक्तित्व निर्माण में सहायक होते हैं। एक छात्रा ने संगीत से जुड़े अपने हॉबी का जिक्र किया। इस पर राज्यपाल ने कहा कि संगीत जीवन के लिए महत्वपूर्ण है, इसमें विज्ञान भी निहित है। विद्यार्थियों ने जब राजनीति के बारे में पूछा तो राज्यपाल ने कहा कि अच्छे लोगों को राजनीति में आना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनौतियों का समाधान करने के लिए सही समय पर सही निर्णय लेना जरूरी है और गुस्से में कोई निर्णय नहीं लेना चाहिए। उन्होंने अनुभव, तर्कशक्ति और निर्णय क्षमता को जीवन में सफलता के लिए अहम बताया। 

          श्री डेका ने कहा कि सतत् विकास सबसे जरूरी विषय है। हमें अपनी पृथ्वी और पर्यावरण को बचाने के लिए काम करना होगा। हमें अपने वातावरण को स्वच्छ रखना होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में 45 प्रतिशत वन क्षेत्र है यह बात उन्हें बहुत प्रभावित करती है। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से कहा कि वे मेहनत और लगन के साथ पढ़ाई करें और टॉपर बनने का लक्ष्य रखें। उन्होंने बताया कि इस वर्ष के बोर्ड परीक्षाओं के टॉपर विद्यार्थियों को उनके द्वारा 5 हजार रूपये की प्रोत्साहन राशि भी दी गई है। इस अवसर पर रेयान इंटरनेशनल स्कूल के प्राचार्य श्रीमती धनेश्वरी शर्मा, मैनेजर एवं अन्य स्टॉफ के साथ विद्यार्थियों को राजभवन का भ्रमण भी कराया गया।

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मुख्यमंत्री श्री साय ने जापान पहुंचने के बाद सबसे पहले टोक्यो स्थित ऐतिहासिक असाकुसा मंदिर में की पूजा-अर्चना

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जापान पहुंचने के बाद सबसे पहले जापान की राजधानी टोक्यो में स्थित ऐतिहासिक असाकुसा मंदिर के दर्शन किए। टोक्यो का यह सबसे प्राचीन और प्रतिष्ठित मंदिर शांति और सामर्थ्य का प्रतीक माना जाता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की खुशहाली, समृद्धि और निरंतर प्रगति की कामना की। उन्होंने कहा कि यह मंदिर मानवता को शांति और शक्ति का संदेश देता है और यही भाव छत्तीसगढ़ की जनता की आकांक्षाओं में भी झलकता है।


उल्लेखनीय है कि भारतीय व्यापार संवर्धन संगठन (ITPO), भारत सरकार के आमंत्रण पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल जापान और दक्षिण कोरिया के दौरे पर है। इस ग्लोबल आउटरीच मिशन का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को वैश्विक निवेश मानचित्र पर स्थापित करना और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के नए अवसरों को तलाशना है।
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राज्य स्तरीय भू-वैज्ञानिक कार्यक्रम मंडल छत्तीसगढ़ 2025 की रजत महोत्सव की 25 वीं बैठक हुई आयोजित

राज्य स्तरीय भू-वैज्ञानिक कार्यक्रम मंडल छत्तीसगढ़ की रजत महोत्सव के रूप में 25वी बैठक आज सिविल लाईन स्थित न्यू सर्किट हाऊस में श्री पी. दयानंद, सचिव, छत्तीसगढ़ शासन, खनिज साधन विभाग एवं अध्यक्ष छत्तीसगढ़ भू-वैज्ञानिक कार्यक्रम मंडल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में श्री रजत बंसल, संचालक भौमिकी तथा खनिकर्म एवं केन्द्र सरकार तथा राज्य शासन के विभिन्न विभागो, उपक्रमों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में खनिज संसाधनों के बेहतर उपयोग, नए खनन परियोजनाओं की रूपरेखा तैयार करना और गत वर्ष की उपलब्धियों की समीक्षा करना रहा।


बैठक में वर्ष 2024-25 के दौरान पूरे हुए खनन कार्यों और उनसे प्राप्त उपलब्धियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया। समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि पिछले वित्तीय वर्ष में प्रदेश को खनिज राजस्व के रूप में लगभग 15 हजार करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई है। यह उपलब्धि वर्ष 2023-24 की तुलना में लगभग 34 प्रतिशत अधिक है। इस वृद्धि ने न केवल प्रदेश के आर्थिक ढांचे को मजबूती दी है, बल्कि खनन क्षेत्र में नए निवेश और अवसरों के द्वार खोले हैं। छत्तीसगढ़ राज्य में खनिज अन्वेषण एवं खनिज दोहन के क्षेत्र में कार्यरत भारत सरकार एवं राज्य सरकार के विभागों एवं संस्थानों के द्वारा वर्ष 2024-25 में किये गये भू-वैज्ञानिक कार्यों की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान जहां वर्ष 2024-25 के सम्पादित कार्यों की उपलब्धियों पर चर्चा की गई वही प्रदेश में पाये जाने वाले खनिजों की खोज के लिए वर्ष 2025-26 में प्रस्तावित भू-वैज्ञानिक कार्यों को अंतिम रूप दिया गया।

मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद ने अपने उ‌द्बोधन में कहा कि खनिज किसी भी राज्य और देश के सर्वांगीण विकास की रीढ़ होती है। राज्य में स्ट्रेटजिक एवं क्रिटिकल मिनरल की खोज राज्य में विकास के एक नए युग की शुरूआत का संकेत देती है। उन्होने कहा कि छत्तीसगढ़ में खनिज अधारित नये उद्योगों की स्थापना के लिए राज्य में विद्यमान विभिन्न खनिजों का सतत् एवं व्यवस्थित तरीके से अन्वेषण किया जाना चाहिए। बैठक में उपस्थित अन्वेषण कार्यों से संबद्ध सभी विभागों एवं संस्थानों से यह आग्रह किया गया कि छत्तीसगढ़ के समग्र विकास हेतु वे अपनी कुशलता, संसाधन एवं उपलब्ध नवीनतम तकनीकियों का उपयोग कर प्रदेश में पाये जाने वाले महत्वपूर्ण खनिजों का अन्वेषण करे। मुख्यमंत्री के सचिव और खनिज सचिव श्री दयानंद ने छत्तीसगढ़ में खनिज के विकास के लिए कार्य करने वाली एजेंसियों के मध्य उत्पादित आंकड़ों के साझा किये जाने एवं समन्वय स्थापित किये जाने की सलाह दी।

बैठक में संचालक भौमिकी तथा खनिकर्म छत्तीसगढ़ श्री रजत बंसल के द्वारा क्षेत्रीय सत्र 2024-25 में सम्पन्न कार्यों की जानकारी देते हुए बताया गया कि वर्ष 2024-25 में लगभग 2500 मिलियन टन चूनापत्थर एवं लौह अयस्क के लगभग 93 मिलियन टन भण्डार आंकलित किये गये। आगामी क्षेत्रीय सत्र 2025-26 के अन्वेषण परियोजनाओं में विभाग द्वारा महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिजों को शामिल किया गया है। यह परियोजना देश के लिए आवश्यक खनिज संसाधनों की दिशा में एक निर्णायक कदम होगा। यह आत्मनिर्भर भारत मिशन को सशक्त करेगी और रणनीतिक क्षेत्रों में सतत् एवं आत्मनिर्भर विकास को प्रोत्साहित करेगी। उन्होने कहा कि "छत्तीसगढ़ शासन वैज्ञानिक एवं विस्तृत खनिज अन्वेषण तथा विकास को पूर्ण समर्थन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।"

खान मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ में एनएमइटी के तहत वर्ष 2024-25 में चूनापत्थर हेतु 01 एवं बाक्साइट हेतु 01 अन्वेषण परियोजना की स्वीकृति प्राप्त हुई है। अधिसूचित निजी अन्वेषण संस्थान को एनएमइटी के तहत् राज्य के अन्वेषण कार्य हेतु दो प्रस्ताव स्वीकृत किये गये थे। जिसमें एक लिथियम, नियोबियम, टेण्टेलम, टाईटेनियम दुर्लभ मृदा धातुएँ एवं एक लौहअयस्क के प्रस्ताव सम्मिलित है। विभाग द्वारा निजी संस्थानों के साथ सहयोग को बढ़ावा देकर अन्वेषण एवं खनिज संसाधनों के परिशोधन को सशक्त बनाने की दिशा में महत्त्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।

केन्द्र सरकार तथा राज्य शासन के विभिन्न विभागों, उपक्रमों के प्रतिनिधियों द्वारा भी छत्तीसगढ़ राज्य में किये गये खनिज अन्वेषण कार्यों की जानकारियों प्रस्तुत की गई। सर्व प्रथम भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग के उप महानिदेशक डॉ. अमित धारवारकर द्वारा बताया गया कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में बाक्साइट, गोल्ड, ग्लूकोनाईट, लिथियम, टाईटेनियम दुर्लभ मृदा धातुएँ, फास्फोराइट, फ्लोराईट, लेड एवं जिंक खनिज हेतु सर्वेक्षण कार्य किया गया है। वर्ष 2025-26 में विभिन्न खनिजों के कुल 29 परियोजनाओं पर कार्य लिया जा रहा है।

संचालनालय भौमिकी तथा खनिकर्म, छत्तीसगढ़ द्वारा वर्ष 2025-26 में कुल 11 अन्वेषण परियोजना को सर्वेक्षण / पूर्वेक्षण कार्य हेतु अनुमोदित किया गया। जिसमें स्ट्रेटजिक एवं किटिकल मिनरल पर 02, ग्लूकोनाईट पर 02, लेपिडोलाईट पर 01, चूनापत्थर पर 02, लौह अयस्क पर 02 एवं बॉक्साइट पर 02 परियोजना सम्मिलित है।

इस अवसर पर आईबीएम रायपुर के रीजनल कंट्रोलर श्री प्रेम प्रकाश, रीजनल माइनिंग जियोलॉजिस्ट श्री डी. दास, जीएसआई रायपुर के डिप्टी डायरेक्टर जनरल श्री अमित ए धारवाड़कर, एएमडी के सेंट्रल रीजन के क्षेत्रीय निदेशक श्री एस.आर. मंथनवार सहित एन.एम.डी. सी., सीआईएल, वेदांता, अल्ट्राटेक, डेक्कन गोल्ड के अधिकारी एवं अन्य संबंधित विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधिमंडल जापान एवं दक्षिण कोरिया के दौरे पर

भारतीय व्यापार संवर्धन संगठन (ITPO), भारत सरकार के आमंत्रण पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल आज जापान और दक्षिण कोरिया के आधिकारिक दौरे पर रवाना हुआ। इस यात्रा का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को वैश्विक निवेश मानचित्र पर स्थापित करना है।  टोक्यो (22–24 अगस्त) में प्रतिनिधिमंडल जापानी उद्योगपतियों, व्यापार संघों और निवेशकों के साथ इन्वेस्टर कनेक्ट सेशंस एवं व्यावसायिक बैठकों में भाग लेगा। इसके बाद ओसाका (25–26 अगस्त) में मुख्यमंत्री श्री साय वर्ल्ड एक्सपो 2025 में शामिल होंगे और छत्तीसगढ़ में निवेश अवसरों पर विभिन्न हितधारकों से चर्चा करेंगे। दौरे का अंतिम चरण सियोल (27–29 अगस्त) में होगा, जहाँ निवेशक गोलमेज बैठकों, कोरिया की शीर्ष कंपनियों और व्यापार संघों से मुलाकात तथा सेक्टर-विशेष संवाद आयोजित किए जाएंगे।


वर्ल्ड एक्सपो 2025 में छत्तीसगढ़ पर फोकस

ओसाका में आयोजित वर्ल्ड एक्सपो 2025 में भारत मंडपम अंतर्गत छत्तीसगढ़ पवेलियन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध विरासत, नवाचार की संस्कृति और उभरते भविष्य-उन्मुख क्षेत्रों को वैश्विक दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। पवेलियन को राज्य की अनूठी पहचान को दर्शाने के उद्देश्य से डिज़ाइन किया गया है। इसमें औद्योगिक विकास, नवीकरणीय ऊर्जा, सूचना प्रौद्योगिकी और सतत विकास जैसे प्रमुख फोकस क्षेत्रों को शामिल किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि यह प्रदर्शनी पूरी दुनिया के लिए छत्तीसगढ़ के परिवर्तन और भविष्य की आकांक्षाओं की झलक प्रस्तुत करेगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जापान और कोरिया के उद्योगपतियों, व्यापार संघों और वैश्विक निवेशकों से सीधे संवाद करेंगे, जिसका उद्देश्य दीर्घकालिक साझेदारियाँ स्थापित करना, नए व्यापारिक चैनल खोलना तथा प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में ज्ञान आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है।

विकास और निवेश को नई गति

विश्व के सबसे बड़े नवाचार और सहयोग प्लेटफार्मों में से एक में भाग लेकर मुख्यमंत्री श्री साय इस अवसर का उपयोग इस्पात, खनन, स्वच्छ ऊर्जा और स्टार्टअप्स जैसे क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने के लिए करेंगे। यह मिशन राज्य की सक्रिय पहल को दर्शाता है, जिसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ को वैश्विक निवेशकों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बनाना और आर्थिक विकास के नए अवसरों को खोलना है।
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सरकार बताये 14वां मंत्री बनाने की विधिवत अनुमति कब लिया गया - भूपेश बघेल

 पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि आज मंत्री मंडल का विस्तार हुआ। मंत्री मंडल में एक मंत्री सरगुजा से एक मंत्री दुर्ग जिले से और एक मंत्री रायपुर जिले से बनाये गये है और सारे वरिष्ठ नेता एक लाईन से खड़े थे। वरिष्ठ नेता बहुत ही काबिल थे, अजय चंद्राकर, राजेश मूणत, धरमलाल कौशिक, अमर अग्रवाल, धर्मजीत सिंह, विक्रम उसेंडी, लता उसेंडी, सभी वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार कर दिया गया। तीनो नये मंत्रियों को बधाई एवं शुभकामनाये।

 
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि भाजपा में मंत्री मंडल एक मजाक बन गया है। नियम है कि सरकार में 15 प्रतिशत ही मंत्री बन सकते है। जब हमारी सरकार थी तब हमने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था। क्योकि छत्तीसगढ़ भगौलिक दृष्टि से और विभागीय कार्यो को संपादित करने के लिये एक मंत्री को बढ़ाया जाये, लेकिन उसकी अनुमति नहीं मिली और भाजपा नियम विरूद्ध मंत्रियो की संख्या में वृद्धि किया है। प्रश्न यह है कि मंत्रिमंडल का आकार 14 हो गया है, क्या उसकी अनुमति मिली है? क्या भारत सरकार ने मंत्री मंडल बढ़ाने की अनुमति दी है? यह भाजपा के लोगों को बताना चाहिये। मंत्री मंडल की अनुमति मिली है तो अच्छी बात है, नही तो यह गलत परंपरा है और असंवैधानिक है। क्या मंत्री पद बढ़ाने की गजट नोटिफिकेशन किया गया था, इसका जवाब सरकार को देना चाहिये।
 
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि जिस प्रकार से मंत्री मंडल में सदस्य अनुपस्थित रहे उससे स्पष्ट होता है कि भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में नाराजगी है। भाजपा में अपने वरिष्ठ नेताओं का कोई परवाह नहीं है और सारे सीनियर लीडर को दरकिनार कर दिया गया। इससे स्पष्ट है कि भाजपा के इन नेताओं का राजनैतिक भविष्य संकट में है। बृजमोहन अग्रवाल को विधानसभा से हटाकर लोकसभा भेज दिया गया। एक तरह से यह वनवास है। छत्तीसगढ़ की सरकार दिल्ली से चलती है। भाजपा ने वरिष्ठ नेताओं का कोई सम्मान नहीं किया। दिल्ली में 2 लोग बैठकर छत्तीसगढ़ की सरकार चला रहे है।
 
लोकसभा में गंभीर आपराधिक आरोपों में गिरफ्तार प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्रियों को हटाने संबंधी तीन विधेयकों पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा,“ये कानून पास होने के बाद पूरे देश के मंत्री, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री सब उनके कंट्रोल में हो जाएगा, क्योंकि आज ऐसी व्यवस्था है कि कोई ऐसी धारा लगा दे तो आपको लोवर कोर्ट में बेल नहीं मिलेगा। तो फिर अगर बेल मिलने में 3 महीने लग गए तो वो तो मंत्रिमंडल से गया। इसका मतलब है कि सरकार विपक्ष को समाप्त करने के लिए ये कानून बना रही है।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सूरजपुर जिले में 211 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सूरजपुर जिले के तिलसिवां में आयोजित छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव कार्यक्रम का वर्चुअल रूप से शुभारंभ किया और 211 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने सूरजपुर के नए बस स्टैंड स्थित अटल परिसर में भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया तथा किसान मेला सह जैविक मेला का वर्चुअली शुभारंभ किया।


मुख्यमंत्री श्री साय ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर हम सभी रजत जयंती वर्ष मना रहे हैं। यह अवसर छत्तीसगढ़ की गौरवशाली यात्रा का प्रतीक है। बीते 25 वर्षों में राज्य ने विकास के अनेक आयामों को स्पर्श किया है और अब हमें नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ना है। उन्होंने सभी नागरिकों से एकजुट होकर प्रदेश को प्रगति की नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का आह्वान किया। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने स्व. अटल बिहारी वाजपेयी को स्मरण करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता अटल जी को नमन करता हूँ। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण कर यहां के लोगों को नई पहचान दी। वे देश और प्रदेश के युवाओं के लिए सदैव प्रेरणा स्रोत रहेंगे। मुख्यमंत्री ने वाजपेयी जी के राजनीतिक जीवन, काव्य प्रतिभा और राष्ट्रहित में किए गए कार्यों का भी स्मरण किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि विगत 20 महीनों में मोदी की गारंटी के तहत अनेक जनकल्याणकारी कदम उठाए गए हैं। इनमें धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से, 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता, तेंदूपत्ता संग्राहकों को पुनः चरण पादुका वितरण, किसानों को धान बोनस, 5 लाख 62 हजार भूमिहीन कृषि मजदूरों को 10 हजार रुपये की आर्थिक मदद, श्रद्धालुओं के लिए रामलला दर्शन योजना, बुजुर्गों के लिए 19 तीर्थ स्थलों की यात्रा और अटल डिजिटल सेवा केंद्रों की स्थापना शामिल है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने नक्सल उन्मूलन पर बोलते हुए कहा कि देश के गृहमंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में प्रदेश से नक्सलवाद समाप्त करने के प्रयास तेज गति से चल रहे हैं और मार्च 2026 तक बस्तर से नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि कुख्यात नक्सली बसवराजू का सफाया किया गया है तथा बड़ी संख्या में सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने वर्चुअल माध्यम से सभा को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य ने स्थापना के 25 वर्षों में विकास की नई ऊँचाइयाँ हासिल की हैं। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा के अनावरण पर उपस्थित सभी लोगों को बधाई और शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की ही देन है। उन्हीं के द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की शुरुआत की गई, जिससे गांव-गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ा गया और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि  छत्तीसगढ़ सरकार निरंतर जनहित एवं बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। सड़क, पुल-पुलियों, पेयजल आपूर्ति और शहरी विकास के क्षेत्र में हुए कार्यों से न केवल ग्रामीण अंचलों में कनेक्टिविटी बढ़ी है, बल्कि नगरीय निकायों में भी आधारभूत संरचना का तेजी से विस्तार हुआ है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सूरजपुर जिले को 211 करोड़ 33 लाख रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी। इसमें 78 करोड़ 78 लाख रुपये की लागत से पूर्ण हुए 37 कार्यों का लोकार्पण किया गया, जिनमें लोक निर्माण विभाग के 04, लोक निर्माण विभाग (सेतु) के 03, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 20, नगरीय निकाय विभाग के 04, आदिवासी विकास विभाग के 03 तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के 03 कार्य शामिल हैं। इसके साथ ही 132 करोड़ 55 लाख रुपये की लागत से होने वाले 55 कार्यों का भूमि पूजन किया गया, जिनमें लोक निर्माण विभाग के 14, लोक निर्माण विभाग (सेतु) के 04, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 22, जल संसाधन विभाग सूरजपुर के 07, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के 04, पुलिस विभाग का 01 तथा आदिवासी विकास विभाग के 03 कार्य सम्मिलित हैं।

समारोह में मुख्यमंत्री श्री साय ने किसान मेला सह जैविक मेला सह प्रदर्शनी सह प्रशिक्षण का भी शुभारंभ किया। आयोजित मेले में कृषि यंत्रों, जैविक खाद, कीटनाशक एवं बीज की नवीनतम किस्मों के साथ-साथ विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी लगाई गई। किसानों को फसल चक्र परिवर्तन, फसल विविधीकरण, जैविक एवं प्राकृतिक खेती और जल संरक्षण जैसे विषयों पर जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने रोजगार से जुड़े ऐसे आयोजनों को युवाओं के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण बताते हुए सभी हितग्राहियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।

इस अवसर पर विभिन्न विभागों की योजनाओं से हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। मछली पालन विभाग से आइस बॉक्स व नाव-जाल, समाज कल्याण विभाग से मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल, स्वास्थ्य विभाग से वयवंदन, आयुष्मान एवं सिकल सेल कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास की चाबी और चेक, महिला एवं बाल विकास विभाग से एलआईसी बॉण्ड, महिला समूहों को ऋण चेक व बकरी पालन हेतु ऋण, कृषि विभाग से सिंचाई पंप, रामतिल बीज और नलकूप-पंप अनुदान प्रदान किए गए। साथ ही एसईसीएल भटगांव क्षेत्र के 25 हितग्राहियों को रोजगार स्वीकृति आदेश भी वितरित किए गए।

कार्यक्रम में पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री राजा पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चन्द्रमणी पैकरा, श्रीमती रेखा राजवाड़े, श्री लवकेश पैकरा, सूरजपुर जिले के रेडक्रॉस सोसाइटी अध्यक्ष श्री बाबूलाल अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री गजेंद्र यादव, श्री गुरु खुशवंत साहेब एवं श्री राजेश अग्रवाल को दी शुभकामनाएँ

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज शपथ ग्रहण करने वाले कैबिनेट के नए सदस्य श्री गजेंद्र यादव, श्री गुरु खुशवंत साहेब तथा श्री राजेश अग्रवाल को बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।


मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि नवनियुक्त मंत्रीगण अपनी समर्पित निष्ठा और कार्यकुशलता के साथ जनसेवा के लिए पूर्ण तत्परता से कार्य करेंगे तथा छत्तीसगढ़ राज्य को विकास और सुशासन की दिशा में नए आयाम प्रदान करेंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी मंत्रियों के उज्ज्वल कार्यकाल की मंगलकामना करते हुए कहा कि राज्य सरकार सामूहिक सहयोग और प्रतिबद्धता के बल पर जनता की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगी।
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राज्यपाल श्री डेका ने दिलाई मंत्रियों को शपथ

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज राजभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम् में सर्वश्री गजेन्द्र यादव, राजेश अग्रवाल एवं गुरू खुशवंत साहेब को मंत्री पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।


इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री द्वय श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मंत्रीपरिषद के सदस्यगण, विधायकगण, जनप्रतिनिधिगण, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना सहित अन्य वरिष्ठ  अधिकारीगण उपस्थित थे।
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नहीं चलेगी 'पेशी पर पेशी': मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कलेक्टर्स और संभाग आयुक्तों को दिए स्पष्ट निर्देश

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने  नया रायपुर स्थित महानदी भवन मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टर्स की बैठक लेकर शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की।    इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य के सभी जिलों में विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत की गहन समीक्षा की और अधिकारियों को कई जरूरी दिशा-निर्देश दिए।


राज्य में बढ़ते लंबित राजस्व प्रकरणों पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सख्त रुख अपनाते हुए आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टर्स को स्पष्ट निर्देश दिए कि अब "पेशी पर पेशी" का दौर खत्म हो— सभी राजस्व प्रकरणों का निराकरण शासन द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर ही किया जाए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने जिलेवार समीक्षा करते हुए नामांतरण, अविवादित व विवादित बंटवारे, अभिलेख दुरूस्ती, त्रुटि सुधार, भू-अर्जन, सीमांकन, और डायवर्सन से संबंधित प्रकरणों की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। 

हितग्राहियों को नहीं हो अनावश्यक परेशानी

मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि बार-बार पेशी पर बुलाने से जनता को न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि उनका समय और श्रम भी व्यर्थ जाता है। इससे सरकारी सिस्टम के प्रति लोगों का भरोसा भी कम होता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पेशियों में कमी लाएं और प्रकरणों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें।

ई-कोर्ट में दर्ज हों सभी मामले

मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह ने निर्देश दिए कि सभी राजस्व प्रकरणों को ई-कोर्ट में दर्ज किया जाए, जिससे उनकी मॉनिटरिंग और ट्रैकिंग आसान हो सके। साथ ही रिकॉर्ड दुरुस्तीकरण और त्रुटि सुधार के मामलों पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया। तहसील स्तर पर पटवारियों के माध्यम से एक विशेष अभियान चलाकर रिकॉर्ड को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

राष्ट्रीय राजमार्गों और अधोसंरचना परियोजनाओं में भू-अर्जन प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्गों की परियोजनाओं पर खास जोर देते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों और भारतमाला परियोजना की तीव्र और निर्बाध गति के लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया जरूरी है।उन्होंने कलेक्टरों को निर्देशित किया कि भू-अर्जन और मुआवजा वितरण के लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करें। 

बस्तर संभाग को सुरक्षा के साथ विकास कार्यों को तेज करने के निर्देश

बस्तर संभाग के नारायणपुर, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर में सड़क, रेल और मोबाइल टॉवर जैसी परियोजनाओं के लिए भू-अर्जन और मुआवजा वितरण कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए। 

सख्ती के साथ सुधार की पहल

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार अब राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। एक जिम्मेदार शासन प्रणाली का निर्माण तभी संभव है जब जनता के साथ न्याय समय पर हो। इसलिए प्रत्येक अधिकारी सुनिश्चित करें कि प्रकरणों का निपटारा देरी के बिना, न्यायसंगत ढंग से हो।

किसान पंजीयन व डिजिटल फसल सर्वे पर विशेष फोकस

मुख्यमंत्री ने किसान पंजीयन की प्रक्रिया में भी तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि शीघ्र ही सभी पात्र किसानों का पंजीयन पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को डिजिटल फसल सर्वे को गंभीरता से लेने और समय पर पूर्ण करने को कहा।

रजत महोत्सव की जोरदार तैयारियां, 25 वर्षों की विकास यात्रा होगी प्रदर्शित

छत्तीसगढ़ के निर्माण की 25वीं वर्षगांठ को यादगार बनाने के लिए 15 अगस्त से रजत महोत्सव की शुरुआत हुई है, जो 25 सप्ताह तक चलेगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में आयोजन कर रजत महोत्सव को जनभागीदारी का उत्सव बनाएं। कार्यक्रमों का विवरण पोर्टल पर अपलोड किया जाए और प्रचार-प्रसार को गति दी जाए। 

सेवा पखवाड़ा से जुड़ेगा रजत महोत्सव

मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि 17 सितंबर से लेकर 2 अक्टूबर तक राज्य में ‘सेवा पखवाड़ा’ मनाया जाएगा जो  छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का हिस्सा होगा। इस दौरान रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य कैंप, राजस्व कैम्प जैसे जनसेवा के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस अवसर को राज्य के हर नागरिक से जोड़कर जनसंपर्क को और मजबूत किया जाए।

समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, श्री पी दयानंद, वित्त सचिव श्री मुकेश बंसल, पीसीसीएफ श्री सुनील मिश्रा, लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री कमलप्रीत सिंह, राजस्व विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले, , संस्कृति विभाग के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य के साथ अन्य विभागों के सचिव, आयुक्त एवं संचालक उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री श्री साय ने इंद्रावती भवन नया रायपुर में पंजाब नेशनल बैंक की नई शाखा का किया शुभारंभ

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर स्थित इंद्रावती भवन परिसर में पंजाब नेशनल बैंक की नई शाखा, एटीएम और डिपॉजिट मशीन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने विभागाध्यक्ष कार्यालय इंद्रावती भवन के कर्मचारियों, नवा रायपुर के आसपास निवासरत नागरिकों तथा बैंक के अधिकारियों-कर्मचारियों को शुभकामनाएँ दीं। 


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। पहले योजनाओं की राशि का वितरण नगद रूप में किया जाता था, जिससे लीकेज की समस्या बनी रहती थी, लेकिन अब बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से हितग्राहियों तक राशि सीधे और पारदर्शी तरीके से पहुँच रही है। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र में शांति स्थापना के साथ-साथ बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार भी तीव्र गति से हो रहा है। सरगुजा और बस्तर अंचल के दूरस्थ गाँवों में बैंक शाखाओं की स्थापना से सरकार का “अंतिम व्यक्ति तक बैंकिंग सुविधा पहुँचाने” का संकल्प साकार हो रहा है।

वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में गुड गवर्नेंस की दिशा में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। आने वाले समय में प्रदेश के बैंकिंग सेक्टर और अर्थव्यवस्था के लिए अपार संभावनाएँ मौजूद हैं। विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की भूमिका महत्वपूर्ण होगी और उन्होंने बैंकों से भी इस दिशा में अपनी सक्रिय व प्रभावी भूमिका निभाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सचिव श्री मुकेश बंसल और पंजाब नेशनल बैंक के प्रबंध निदेशक श्री अशोक चंद्र सहित अन्य अधिकारीगण और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए

 1) मंत्रिपरिषद द्वारा निर्णय लिया है कि राज्य के अनुसूचित क्षेत्र एवं माडा पॉकेट क्षेत्र में रहने वाले अंत्योदय और प्राथमिकता श्रेणी के परिवारों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली  के अंतर्गत हर माह वितरित किए जाने वाले 2 किलो चना की आवश्यक मात्रा नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा NeML ई-ऑक्शन प्लेटफार्म के माध्यम से खरीदी जाएगी। यह खरीदी वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 0.25 प्रतिशत या इससे कम ट्रांजैक्शन/सर्विस चार्ज पर की जाएगी।


        इसके साथ ही मंत्रिपरिषद ने कहा है कि जुलाई 2025 से नवंबर 2025 तक जिन हितग्राहियों ने चना नहीं लिया है, उन्हें पात्रतानुसार यह चना दिसंबर 2025 तक वितरित कर दिया जाए।

2) मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर में सूचना प्रौद्योगिकी (IT/IITS) उद्योग की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए 90 एकड़ भूमि के भूखंड को रियायती प्रीमियम दर पर आबंटित करने का निर्णय लिया है। इस फैसले का उद्देश्य आईटी क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करना और औद्योगिक विकास को गति देना है। रियायती दर पर भूमि उपलब्ध होने से निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ेगी और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। 

        इस पहल से नवा रायपुर में न सिर्फ तकनीकी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यहां की बसाहट और शहरीकरण की प्रक्रिया को भी बल मिलेगा। आईटी कंपनियों की स्थापना से क्षेत्र में आधारभूत संरचनाएं विकसित होंगी, जिससे स्थानीय निवासियों को भी प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
 
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बस्तर में आदिवासी सुरक्षित नहीं, आदिवासी युवक को नक्सली बताकर गोली मारा - दीपक बैज

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने  पत्रकारों से चर्चा करते हुये कहा कि कोंडागांव के केशकाल विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कोहकामेटा के जंगल में चिड़िया मारने गये एक आदिवासी युवक अभय नेताम को पुलिस (डीआरजी) के जवानो ने गोली मार दिया, युवक चिल्ला रहा था वह नक्सली नहीं है, वह गांव का ही रहने वाला है। इसके बावजूद पुलिस ने पांच रांउड गोली चलाया। युवक कोंडागांव अस्पताल में भर्ती है। उसके परिजन भी मीडिया के सामने आकर बता रहे वह नक्सली नही है। पुलिस का यह रवैया गलत है। अभय नेताम पर गोली चलाने वाले पुलिस के जवानों पर कार्यवाही की जानी चाहिये। इस मामले की जांच के लिये कांग्रेस ने जांच दल बनाया है। जिसमें संयोजक पूर्व मंत्री मोहन मरकाम, सदस्यगण विधायक बस्तर लखेश्वर बघेल, विधायक सावित्री मंडावी, पूर्व विधायक संत नेताम, महामंत्री रवि घोष, पूर्व अध्यक्ष जिला पंचायत देवचंद मातलम, जिला अध्यक्ष बुधराम नेताम शामिल है।


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि बीजापुर के नेशनल पार्क क्षेत्र में सर्चिंग में निकले डीआरजी के जवान नक्सलियों के द्वारा बिछाये गये आई.ई.डी की चपेट में आये एक जवान दिनेश नाग वीरगति को प्राप्त हो गये। तीन जवान घायल हो गये, मैं दिनेश नाग को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। नक्सलियों के इस कायराना करतूत की निंदा करता हूं।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि पिछले तीन दिनों में बस्तर में घटी दोनो घटनाओ में समानता यह है कि दोनो के ही पीड़ित आदिवासी है। डीआरजी की गोली के शिकार अभय नेताम हो या नक्सलियों के आई.ई.डी के शिकार दिनेश नाग दोनो ही आदिवासी मां के बेटे है। बस्तर में जो हो रहा उसका शिकार तो आदिवासी ही हो रहा। सरकार तो केवल बयानबाजी कर रही। बस्तर में खून खराबा बंद होना चाहिये। ऐसे ही मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करेगी छत्तीसगढ़ सरकार?
 
चुनाव आयोग की पीसी टाल मटोल वाली गैर जिम्मेदाराना

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जो सवाल मतदाता सूची की गड़बड़ियों पर उठाया उसकी सफाई देने के लिए चुनाव आयोग ने जो प्रेस कांफ्रेंस किया वह टाल मटोल वाला है। चुनाव आयोग ने मतदाता सूची की गड़बड़ियों पर कोई सफाई नहीं दिया, मतदान केंद्र की सीसी टीवी फुटेज देने को माताओं बहनों की निजता से गलत तरीके से जोड़ा, मतदान केंद्र सार्वजनिक स्थान है गुप्त मतदान के अलावा वहां कोई निजता वाली बात नहीं रहती। फर्जी मतदाताओं की जांच पर कुछ नहीं बोला आयोग ने, चुनाव आयोग बहाने बना रहा ,राजनीति कर रहा। चुनाव शुद्धता तक कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा। देश के सभी प्रमुख विपक्षी दलों के द्वारा उठाए गए शंकाओं का कोई निराकरण नहीं। यह गैर जिम्मेदाराना व्यवहार है चुनाव आयोग का काम निष्पक्ष चुनाव कराना है यदि निष्पक्षता पर प्रश्न उठ रहे तो उसका निराकरण किया जाना चाहिए आयोग तो निराकरण करने के बजाय पार्टी बन रहा। चुनाव आयोग दल विशेष के प्रवक्ता की भांति बयान दे रहा। 60 लाख मतदाताओं के नाम आपने काट दिया। किनके नाम काटा? क्यों काटा? कोई जवाब नहीं दे रहे। ऊपर से विपक्ष पर ही आरोप लगा रहे। चुनाव मुख्य आयुक्त ज्ञानेश कुमार को कल के प्रेस कांन्फ्रेस के बाद बर्खास्त कर देना चाहिये।
 
पूरे प्रदेश में अघोषित बिजली कटौती नहरों में पानी नहीं छोड़ने के कारण आम आदमी और किसान परेशान

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि पूरे प्रदेश में अघोषित बिजली कटौती नहरों में पानी नहीं छोड़ने के कारण आम आदमी और किसान परेशान है। ग्रामीण क्षेत्रों में आधा आधा दिन बिजली गोल रहती है दो दिन बिजली गायब रहती है किसानों का धान सुख रहा बिजली कटौती के कारण पंप से सिंचाई नहीं हो पा रही। बांधों से भी सरकार पानी नहीं छोड़ रही, फसल बर्बाद हो रही पहले डीएपी नहीं दिया अब पानी नहीं छोड़ रहे ,बिजली कटौती कर रहे। सरकार नहीं चाहती किसान धान की पूरी फसल ले इसीलिए यह षड्यंत्र किया जा रहा।

प्रदेश की कानून व्यवस्था बदहाल रायपुर अपराध नशाखोरी और हत्या की राजधानी बन चुका

चाकूबाजी में मारे गये युवाओ के परिजनों को 50 लाख मुआवजा के लिये मुख्यमंत्री साय को पत्र

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था बदहाल रायपुर अपराध नशाखोरी और हत्या की राजधानी बन चुका है रोज क्रूर तरीके से हत्या हो रही चाकूबाजी हो रही पूरे प्रदेश में दहशत का माहौल है। कल भी एक नागरिक की चाकू मारकर हत्या कर दिया गया। सरकार अपराधों पर नियंत्रण की बजाय ध्यान भटकाने में लगी है। सरकार कहती है कमिश्नरी प्रणाली लागू करेगे,उससे क्या होगा, पुलिस कमिश्नर को दंडाधिकारी पावर मिल जाएगा, क्या अभी पुलिस और जिला प्रशाशन में सामंजस्य का अभाव है इसलिए अपराध बढ़ गए है, रोग कुछ है सरकार इलाज कुछ  कर रही गृह मंत्री से विभाग संभल नहीं रहा गृह मंत्री बदलने के बजाय सरकार सिस्टम बदलने जा रही ।यह कंफ्यूज सरकार है जनता 3साल बाद सरकार ही बदलने का मूड बना चुकी है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने धमतरी और रायपुर में चाकूबाजी से मारे गये युवाओं के परिजनों को 50 लाख मुआवजा देने तथा परिजनों में एक को सरकारी नौकरी देने के लिये मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखा है।
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छत्तीसगढ़ कैबिनेट बैठक 19 अगस्त को होगी

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंगलवार 19 अगस्त 2025 को सवेरे 11 बजे राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक मंत्रालय (महानदी भवन) अटल नगर, नवा रायपुर में आयोजित होगी।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बीजापुर में नक्सली आईईडी ब्लास्ट में शहीद जवान को दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बीजापुर जिले के नेशनल पार्क क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा किए गए आईईडी ब्लास्ट की घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस घटना में जिला रिजर्व गार्ड (DRG) के जवान श्री दिनेश नाग के शहीद होने तथा तीन जवानों के घायल होने की सूचना मिली है।


मुख्यमंत्री श्री साय ने शहीद जवान को नमन करते हुए कहा कि ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिवार को इस दुख की घड़ी में संबल दे। उन्होंने घायल जवानों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर में चल रहे नक्सल उन्मूलन अभियान से नक्सली पूरी तरह हताश हो चुके हैं और इसी हताशा में इस प्रकार की कायराना हरकतों को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि DRG के जवान श्री दिनेश नाग की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद का खात्मा हमारा दृढ़ संकल्प है और इस दिशा में हम हर हाल में सफल होंगे।
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महिलाओं की तरक्की और बच्चों का स्वास्थ्य, दोनों को नया आयाम देगा ‘रेडी-टू-ईट’ : मुख्यमंत्री श्री साय

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को मूर्त रूप देते हुए महिला स्व-सहायता समूहों को पूरक पोषण आहार "रेडी-टू-ईट" निर्माण का कार्य पुनः सौंपा है। इस महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत रायगढ़ जिले से हुई है। हाल ही में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रायगढ़ की 10 महिला स्व-सहायता समूहों को अनुबंध पत्र प्रदान किए थे। इसके बाद मशीन इंस्टॉलेशन का कार्य तेजी से किया गया और अब रायगढ़ जिले के ग्राम पंचायत कोतरलिया से "रेडी-टू-ईट" उत्पादन का शुभारंभ हो चुका है।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही आंगनबाड़ी के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पौष्टिक आहार उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि देशभर में 3 करोड़ "लखपति दीदी" बनाने का लक्ष्य रखा गया है और छत्तीसगढ़ इस दिशा में तेज गति से कार्य कर रहा है। रायगढ़ इस अभियान में अग्रणी जिला बना है।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने ग्राम कोतरलिया में "रेडी-टू-ईट" निर्माण इकाई का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने स्वयं मशीन चलाकर निर्माण प्रक्रिया का निरीक्षण किया और महिलाओं को गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। वित्त मंत्री ने कहा कि रायगढ़ से प्रारंभ हुई यह पहल शीघ्र ही प्रदेश के सभी जिलों में लागू होगी और यह मॉडल पूरे प्रदेश के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बनेगा।

उल्लेखनीय है कि रायगढ़ जिले में कुल 2709 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इन सभी केंद्रों के लिए 10 महिला स्व-सहायता समूहों का चयन किया गया है। इन समूहों को प्रधानमंत्री फॉर्मेलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइज़ (PMFME) योजना के अंतर्गत पूंजीगत सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है। रायगढ़ जिले की परियोजनाओं—रायगढ़ शहरी, रायगढ़ ग्रामीण, पुसौर, खरसिया, घरघोड़ा, तमनार, लैलूंगा, मुकड़ेगा, धरमजयगढ़ एवं कापू के अंतर्गत चयनित समूह जल्द ही "रेडी-टू-ईट" उत्पादन प्रारंभ करेंगे। फिलहाल इसकी शुरुआत कोतरलिया से हो चुकी है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण और कुपोषण मुक्ति के इस मिशन को प्रथम चरण में प्रदेश के 6 जिलों—बस्तर, दंतेवाड़ा, बलौदाबाजार, कोरबा, रायगढ़ एवं सूरजपुर में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जा रहा है। वहीं रायगढ़ प्रदेश का पहला जिला बन गया है, जहां महिला समूहों ने "रेडी-टू-ईट" उत्पादन प्रारंभ किया है। यह पहल महिलाओं की आर्थिक समृद्धि और बच्चों के स्वास्थ्य—दोनों को नई दिशा प्रदान करेगी।
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