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अनधिकृत निर्माण कार्यों का अब ऐसे करा सकेंगे नियमितीकरण...

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश में अनियमित निर्माण कार्यों को नियमित कराने के लिए नियमों में पारदर्शिता लाने और सरलीकरण करने के निर्देश दिए है। इसी तारतम्य में छत्तीसगढ़ अनधिकृत विकास का नियमितिकरण अधिनियम में संशोधन किया गया है। संशोधित अधिनियम, 2022 छत्तीसगढ़ के राजपत्र में 14 जुलाई 2022 को प्रकाशित होने के साथ ही यह पूरे प्रदेश में प्रभावशाली हो गया है। इसके नियमों का भी  प्रकाशन 02 अगस्त 2022 को हो गया है। नियम प्रकाशित होने के बाद अब  नये नियमों के तहत आवेदन लिए जा रहे है। इस नए नियम से प्रदेश के नागरिकों को राहत मिलेगी और वे आसानी से निर्माण कार्यों को नियमित करा सकेंगे।  

नगर निगम सीमा के भीतर नगर निगम तथा नगर पालिकाओं में तथा निगम, पालिका के सीमा के बाहर तथा निवेश क्षेत्र के अंदर नगर निवेश विभाग के कार्यालय में आवेदन जमा होंगे। आवेदक को आवेदन के साथ मकान के कागजात, मकान के फोटोग्रॉफ्स आर्किटेक्ट द्वारा बनाए गए मकान का नक्शा और सम्पत्ति कर या बिजली बिल की रशीद की कॉपी संलग्न करनी होगी।

इस अधिनियम में किए गए नए संशोधन के अनुसार निवेश क्षेत्र के अंतर्गत आए हुए आवेदनों के निराकरण के लिए जिम्मेदारी तय कर दी गई है। ऐसे ग्राम/विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण, जो नगरीय निकाय सीमा के बाहर आता है। वहां आवेदन नगर या ग्राम निवेश विभाग के क्षेत्रीय कार्यालयों में लिए जाएंगे। सत्यापन परीक्षण के पश्चात इन आवेदनों को नियमितिकरण के लिए जिम्मेदार अधिकारी को प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी सदस्य सचिव की होगी। इसी तरह नगर-निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत जो निवेश क्षेत्र के अंतर्गत आते है। इन जगहों पर स्थानीय निकायों द्वारा आवेदन लिए जाएंगे और जिला नियमितिकरण प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

अधिनियम में संशोधन के बेहतर क्रियान्वयन और आमजन को इस संशोधन का अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने के लिए कलेक्टर, नगरीय निकाय अधिकारी, नगर एवं ग्राम निवेश अधिकारियों द्वारा नियमित समीक्षा की जाएगी।  

गौरतलब है कि शहरों की बढ़ती आबादी, वाहनों की बढ़ती संख्या और यातायात की बढ़ती समस्याओं को देखते हुए राज्य शासन ने शहरी क्षेत्रों में पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ अनाधिकृत विकास का नियमितिकरण अधिनियम 2002 में संशोधन करते हुए अब कड़े प्रावधान किए हैं। इन प्रावधानों का उद्देश्य पार्किंग के लिए निर्धारित स्थलों पर अन्य निर्माण को हतोत्साहित करना तथा पार्किंग व्यवस्था को सुचारू रूप से बनाए रखना है। अधिनियम में यह संशोधन छत्तीसगढ़ अनाधिकृत विकास का नियमितिकरण (संशोधन) विधेयक 2022 के अनुसार किए गए हैं। इस संशोधन के जरिये अपीलार्थियों को राहत भी दी गई है। उन्हें अपील लंबित रहने की अवधि में अब अधिकतम एक वर्ष का ही भाड़ा देना होगा, जबकि पूर्व में उन्हें नियमित भाड़ा देना होता था।  

अधिनियम में यह प्रावधान किया गया है कि यदि अधिकृत विकास निर्धारित पार्किंग हेतु आरक्षित भू-खण्ड/स्थल पर किया गया है, तो नियमितिकरण की अनुमति तभी दी जाएगी जब आवेदन द्वारा पार्किंग की कमी हेतु निर्धारित अतिरिक्त शास्ति राशि का भुगतान कर दिया गया हो।

जारी अधिसूचना के अनुसार विधेयक में छत्तीसगढ़ अनधिकृत विकास का नियमितिकरण अधिनियम 2002 के मूल अधिनियम की धारा 04 की उपधारा (2) के खण्ड (पांच) को प्रतिस्थापित करके नगर तथा ग्राम निवेश विभाग का जिले का प्रभारी अधिकारी/संयुक्त संचालक/उपसंचालक/सहायक संचालक किया गया है। अधिनियम के खण्ड(चार) (क) में निर्धारित प्रयोजन से भिन्न भूमि के उपयोग परिवर्तन करने पर उस क्षेत्र की भूमि के लिए वर्तमान में प्रचलित कलेक्टर गाईड लाईन दर का 5 प्रतिशत अतिरिक्त शास्ति लगाने का प्रावधान किया गया है।

अधिनियम में कहा गया है कि 01 जनवरी 2011 के पूर्व अस्तित्व में आये ऐसे अनाधिकृत विकास/निर्माण, जिनकी भवन अनुज्ञा/विकास अनुज्ञा स्वीकृति हो, अथवा ऐसे अनाधिकृत भवन, जिसके लिए संबंधित स्थानीय निकाय में शासन द्वारा निर्धारित दर से संपत्ति कर का भुगतान किया जा रहा हो, ऐसे भवनों में, यदि छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम, 1984 अथवा संबंधित नगर के विकास योजना के अनुरूप पार्किंग उपलब्ध नहीं है, तो पार्किंग हेतु निम्नानुसार अतिरिक्त शास्ति राशि दिये जाने पर, भवन का नियमितिकरण इस प्रकार किया जा सकेगा कि पार्किंग में 25 प्रतिशत कमी होने पर प्रत्येक कार स्थान हेतु पचास हजार रूपये, 25 प्रतिशत से अधिक एवं 50 प्रतिशत तक प्रत्येक कार स्थान हेतु एक लाख रूपये, 50 प्रतिशत से अधिक एवं 100 प्रतिशत तक प्रत्येक कार स्थान हेतु दो लाख रूपये का प्रावधान किया गया है। नए प्रावधानों के अनुसार 01 जनवरी 2011 अथवा उसके पश्चात् अस्तित्व में आये ऐसे अनधिकृत विकास/निर्माण, जिनकी भवन अनुज्ञा/विकास अनुज्ञा स्वीकृति हो, अथवा ऐसे अनधिकृत भवन, जिनके लिए संबंधित स्थानीय निकाय में शासन द्वारा निर्धारित दर से संपत्ति कर का भुगतान किया जा रहा हो, ऐसे भवनों में, यदि छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम, 1984 अथवा संबंधित नगर के विकास योजना के अनुरूप पार्किंग उपलब्ध नहीं है, तो पार्किंग हेतु अतिरिक्त शास्ति राशि दिये जाने पर, भवन का नियमितिकरण इस प्रकार किया जा सकेगा कि पार्किंग में 25 प्रतिशत तक कमी होने पर प्रत्येक कार स्थान हेतु पचास हजार रूपये, 25 प्रतिशत से अधिक एवं 50 प्रतिशत तक प्रत्येक कार स्थान हेतु एक लाख रूपये का प्रावधान किया गया है। खण्ड (चार) में कहा गया है कि शमन योग्य पार्किंग की गणना इस प्रकार की जायेगी कि 500 वर्ग मीटर तक आवासीय क्षेत्र में पार्किंग हेतु उपलब्ध न्यूनतम क्षेत्रफल प्रति कार स्थान (ईसीएस) के आधार पर निरंक होगी जबकि 500 से अधिक क्षेत्र होने पर पार्किंग हेतु उपलब्ध न्यूनतम क्षेत्रफल प्रति कार स्थान (ईसीएस) के आधार पर 50 प्रतिशत होगी। गैर आवासीय क्षेत्र में पार्किंग हेतु उपलब्ध न्यूनतम क्षेत्रफल प्रति कार स्थान (ईसीएस) के आधार पर निरंक होगी जबकि 500 से अधिक क्षेत्र होने पर पार्किंग हेतु उपलब्ध न्यूनतम क्षेत्रफल प्रति कार स्थान (ईसीएस) के आधार पर 50 प्रतिशत होगी।

प्रावधान में कहा गया है कि (ग) ऐसी गैर लाभ अर्जन करने वाली सामाजिक संस्थायें, जो लाभ अर्जन के उद्देश्य से स्थापित न की गई हो, के अनधिकृत विकास के प्रत्येक प्रकरण में शास्ति प्राक्कलित राशि के 50 (पचास) प्रतिशत की दर से देय होगा। छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम, 1984 के नियम 39 में निर्धारित प्रावधान के अनुसार, मार्ग की चौड़ाई उपलब्ध नहीं होने के कारण, स्थल पर विद्यमान गतिविधियों में किसी प्रकार का लोकहित प्रभावित न होने की स्थिति में, नियमितीकरण किया जा सकेगा।

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मोबाईल एडिक्शन से बचाने नुक्कड़ नाटक व जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

 कवर्धा (छत्तीसगढ़ दर्पण) विकासखंड पंडरिया के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दामापुर में संयुक्त दल द्वारा जागरूकता कार्यक्रम अभियान चलाया गया । इस कार्यक्रम में सत्यनारायण राठौर जिला बाल संरक्षण अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बताया गया की वर्तमान समय में बढ़ रहे मोबाइल के उपयोग एवं दुरुपयोग के संबंध में जानकारी दिया गया और यह भी बताया गया कि छात्र जीवन में हमें अनुशासन में रहना चाहिए और हम पढ़ाई करें तो अपना टाइम टेबल बनाकर पढ़ाई करें ताकि हम अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकें।

संयुक्त टीम के द्वारा जागरूकता कार्यक्रम में किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण अधिनियम 2015) अधिनियम, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012, बाल अधिकार संरक्षण, एकीकृत बाल संरक्षण कार्यक्रम, मिशन वात्सल्य के तहत जिला बाल संरक्षण समिति, विशेष किशोर पुलिस इकाई ,जिला बाल संरक्षण इकाई ,किशोर न्याय बोर्ड ,बाल कल्याण समिति, शासकीय बाल गृह , दत्तक ग्रहण अधिकरण, प्रवतकता, पोषण देखरेख एवं पश्चातवर्ती कार्यक्रम के बारे में बताया गया। महेश निर्मलकर केंद्र समन्वयक चाइल्डलाइन 1098 परियोजना के द्वारा बताया गया कि चाइल्डलाइन 24 घंटा चलने वाली आउटरीच एवं कौन सेवा है किसी बच्चे को आश्रय की जरूरत है कोई बच्चा को पीट रहा हूं गुमशुदा लापता सूचित किया बाल श्रम बाल विवाह हो रहा है तो चाइल्ड लाइन 1098 में फोन करके उन बच्चों को मदद कर सकते हैं यह जानकारी दिया गया एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान एवं पुनर्वास बच्चों को नशे की लत से बचाव की रोकथाम बाल अपशिष्ट संग्राहक एवं सड़क जैसी स्थिति में रहने वाले बच्चों का चिन्हाकंन मोबाइल को लत से बाहर लाने का प्रयास सघन कोरोना टीकाकरण के लिए जागरूकता अभियान की जानकारी देकर जागरूक किया गया । साथ ही स्कूली बच्चों के द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं नाटक चित्रकला प्रतियोगिता द्वारा बच्चों ने मोबाइल के उपयोग और दुरुपयोग के बारे में बताया।

वी.आर. पात्रे प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रामापुर के द्वारा कार्यक्रम में आभार व्यक्त किया गया आभार व्यक्त करते हुए बच्चों को जानकारी दिया गया कि आज के समय में मोबाइल बहुत ही ज्यादा उपयोग में आ रहा है पहले जमाने में बहुत ही कम मोबाइल का उपयोग होता था जैसे कि दाल में नमक और आज के समय में चावल में सब्जी के बराबर हो रहा है सभी अतिथियों का आभार व्यक्त एवं बहुत-बहुत धन्यवाद हमारे शाला परिवार में आकर बच्चों को जानकारी दिया जिसमें जिला बाल संरक्षण अधिकारी महिला एवं बाल विकास सत्यनारायण राठौर, महेश निर्मलकर केंद्र समन्वयक चाइल्डलाइन 1098 कबीरधाम , श्रीमती परमेश्वरी धुर्वे सामाजिक कार्यकर्ता, अनिल बनर्जी शिक्षक, श्रीमती शक्ति चंद्रा शिक्षक, योगेश शिक्षक, अर्जुन लहरें शिक्षक, ब्रिज कुमार खाडे शिक्षक, रविंद्र कुमार शिक्षक, सुनील कुमार उपाध्याय शिक्षक, जितेंद्र रत्नाकर शिक्षक, कुमार राम चंद्राकर शिक्षक, मनीष उपाध्याय शिक्षक, प्रवीण कुमार शिक्षक, रमेश चंद्राकर व्यायाम शिक्षक, शिवकुमार पंच प्रतिनिधि, भरत साहू विधायक प्रतिनिधि उमेंद्र पंच एवं ग्राम के सरपंच एवं पंच ग्राम नागरिक एवं स्कूल के छात्र छात्राएं उपस्थित हुए।

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कलेक्टर जनमेजय महोबे ने अधूरे आवास निर्माण को पूर्ण करने दिये निर्देश

 कवर्धा (छत्तीसगढ़ दर्पण) नगर पंचायत बोड़ला के वार्ड क्रं. 10 बैगा टोला में प्रधानमंत्री आवास योजना निर्माण में लेट-लतीफी व ठेकेदार के द्वारा निर्माण कार्य रोके जाने की शिकायत को कलेक्टर जनमेजय महोबे ने संज्ञान में लेते हुए नगर पालिका परिषद कवर्धा के मुख्य नगर पालिका अधिकारी नरेश कुमार वर्मा व कार्यपालन अभियंता एम.एल.कुर्रे को तत्काल वहां की वस्तुस्थिति का जायजा लेने व जिन व्यक्तियों का आवास निर्माण नही हो पाया है उनका आवास प्रारंभ करने निर्देशित किया।

 कलेक्टर जनमेजय महोबे के निर्देशानुसार मुख्य नगर पालिका अधिकारी नरेश कुमार वर्मा ने दिनांक 09 सितम्बर 2022 को नगर पंचायत बोड़ला के वार्ड क्रं. 10 बैगा टोला में स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास के परिवारों के साथ चर्चा करते हुए नगर पंचायत कार्यालय में बैठक ली। मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने बताया कि कलेक्टर महोदय के निर्देशानुसार नगर पंचायत बोडला के बैगा टोला में प्रधानमंत्री आवास का निर्माण कर रहे 20 बैगा परिवारों से चर्चा किया गया। 20 बैगा परिवारों में 4 बैगा परिवारों का आवास पूर्ण हो चुका है तथा 16 प्रधानमंत्री आवास ठेकेदार की लापरवाही के कारण रोककर रखा गया था उन्होनें ठेकेदार को शीघ्र ही निर्माण कार्य पूर्ण किये जाने निर्देशित किया तथा समय-सीमा में नही करने व लेटलतीफी किये जाने की स्थिति में ठोस कार्यवाही किये जाने हेतु चेतावनी दी। उन्होनें यह भी कहा कि प्रधानमंत्री आवास निर्माण के दौरान किसी भी शासकीय अधिकारी कर्मचारियों द्वारा हस्ताक्षेप किया जायेगा उसके खिलाफ भी कार्यवाही प्रस्तावित की जावेगी। छूटे बैगा परिवारों का अधूरे आवास अब जल्द ही पूर्ण हो जायेगा, जिससे उसके आशियाने का सपना पूरा हो सकेगा। उन्होनें बैठक में निर्देशित करते हुए कहा कि जल्द ही कार्य पूर्ण कराये तथा निर्माण कार्य के दौरान किसी के द्वारा हस्ताक्षेप किया जाता है तो उनके खिलाफ आवश्यक कार्यवाही किये जाने की संकेत दिये। बैठक में नगर पंचायत बोड़ला के मुख्य नगर पालिका अधिकारी अश्वनी कुमार शर्मा, कार्यपालन अभियंता नगर पालिका कवर्धा एम.एल.कुर्रे, वास्तुविद आकाश सिंह ठाकुर, ठेकेदार छोटूराम चंद्रवंशी सहित प्रधानमंत्री आवास के हितग्राही उपस्थित रहे।

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नड्डा ने झूठ बोला, बताएं कब-कहां 71 आदिवासी मारे गए : मोहन मरकाम

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा द्वारा दिये गये बयान कि छत्तीसगढ़ में 71 आदिवासी मारे गये पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कड़ी आपत्ति व्यक्त करते हुये कहा कि नड्डा ने झूठ बोलकर छत्तीसगढ़ के आदिवासी समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा प्रदेश में 2 दिन के भीतर 71 आदिवासियों की मौत होने का अफवाह फैला रहे हैं।

नड्डा को बताना चाहिए प्रदेश के किस जिला, ब्लॉक, ग्राम पंचायत में 2 दिन के भीतर 71 आदिवासियों की मौत हुई है? जेपी नड्डा को अपने इस झूठे और अफवाह वाले बयान के लिए प्रदेश के आदिवासी समाज से माफी मांगना चाहिए। जेपी नड्डा भाजपा की गुम होती राजनीति धरातल को बचाने आदिवासी वर्ग के लिए अनिष्ठ की कामना कर रहे है। भारतीय जनता पार्टी अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष की गलत बयानी के लिये प्रदेश की जनता से माफी मांगे।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि 15 साल के रमन भाजपा शासनकाल के दौरान आदिवासी वर्ग पर अत्याचार हुआ है, शोषण हुआ है, निर्दोष आदिवासियों को जेल में बंद किया गया है। 15 साल में हजारों आदिवासी अपने पैतृक स्थान को छोड़कर पलायन करने मजबूर हुए हैं, दर्जनों गांव उस दौरान वीरान हुआ है। भाजपा कल भी आदिवासी विरोधी थी, आज भी आदिवासी विरोधी है इसलिए अपने राजनीतिक हवस को पूरा करने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष झूठ बोल रहे है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि जस्टिस पटनायक आयोग की रिपोर्ट रमन सरकार के दौरान हजारों निर्दोष आदिवासियों को फर्जी मामलों में बंदी बनाने के कुत्सित प्रयास को प्रमाणित करता है। एसपी की शहादत, कलेक्टर का अपहरण, सारकेगुड़ा, एड़समेटा, पेद्दागेलूर की घटना, मिडिल स्कूल के छात्र सोनकू और बिजलू की हत्या, मदनवाड़ा की घटना, झालियामारी में नाबालिक बच्चियों से बलात्कार, मीना खलको, मड़कम हिड़मे से सामूहिक दुष्कर्म और हत्या, आज भी छत्तीसगढ की जनता भूली नहीं है। कांग्रेस सरकार में तो न्याय मिल रहा है, फर्जी प्रकरणों में सैकड़ो निर्दोष आदिवासियों की रिहाई हुई है। सभी को न्याय मिल रहा है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आदिवासी उत्पीड़न का दौर भाजपा की रमन सरकार के साथ ही चला गया। राज्य में भाजपा की रमन सरकार के दौरान आदिवासियों की डायरिया, मलेरिया और हिंसक घटनाओं में मौते होती थी, कांग्रेस की सरकार बनने के बाद आदिवासियों की सुरक्षा के साथ उनके सर्वांगीण विकास के द्वार कांग्रेस सरकार ने खोले। आदिवासियों के लोकतांत्रिक अधिकार कांग्रेस के राज में बहाल किये गये, बस्तर में रमन राज में बंद कर दिये गये 300 से अधिक स्कूलों को कांग्रेस सरकार ने शुरू किया। लोहंडीगुड़ा में आदिवासियों की जमीने वापस कर कांग्रेस सरकार ने नया विश्वास पैदा किया।

आदिवासियों के महत्वपूर्ण साधन तेंदूपत्ता के मानदेय की राशि 2500 से बढ़ाकर 4000 रू. कर दिया गया। बस्तर कनिष्ठ चयन बोर्ड एवं बस्तर बटालियन के गठन से आदिवासी युवाओं का भविष्य सुरक्षित हुआ। भाजपा के राज में 7 वनोपज की खरीदी होती थी, कांग्रेस सरकार ने 62 वनोपजों की खरीदी शुरू किया। 15 साल तक बस्तर, सरगुजा के आदिवासी डायरिया, मलेरिया से मरते थे, कांग्रेस के राज में हाट बाजार क्लीनिक से उनको इलाज की सुविधा देकर इसमें शत प्रतिशत कमी का लक्ष्य हासिल किया गया। नड्डा 15 साल के भाजपा के राज में आदिवासी समाज की उपेक्षा और शोषण के लिये प्रदेश की जनता से माफी मांगना चाहिए।

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भाषण, रंगोली और पोस्टर के जरिए नर्सिंग के छात्रों ने दिया आत्महत्या रोकथाम का संदेश

 सूरजपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) जिले में विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के उपलक्ष में जिला चिकित्सालय में नर्सिंग कॉलेज की छात्र छात्राओं के लिए भाषण प्रतियोगिता, रंगोली और पोस्टर मेकिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया । इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने प्रतियोगिता में विजेताओं को पुरस्कृत कर सम्मानित किया साथ ही मानसिक स्वास्थ्य पर भी एक परिचर्चा का आयोजन भी किया गया । इन कार्यक्रमों का उद्देश्य नर्सिंग छात्र छात्राओं को गतिविधि के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और भविष्य में आने वाली परेशानियों को हल करने में निडरता के साथ तत्पर रहना है।

इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरएस.सिंह कहा :”अगर कोई व्यक्ति लंबे समय से हीन भावना से ग्रसित है, मन में किसी भी प्रकार की  निराशा हों तो व्यक्ति के मन में जीवन समाप्त करने का विचार आ सकता है, तो वह एक मानसिक बीमारी से ग्रस्त है। मानसिक अस्वस्थता के कारण ऐसी परिस्थिति उत्पन्न हो सकती है, उचित परामर्श और चिकित्सा पद्धति के माध्यम से इसका उपचार किया जा सकता है। जीवन समाप्त करने को रोका जा सकता है।‘’

सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ.शशि तिर्की ने कहा: “लोग छोटी छोटी बातों से परेशान और निराश होकर जीवन समाप्त करने जैसे कदम उठा लेते हैं। जिंदगी में हर समस्या का समाधान संभव है, इसलिए जीवन समाप्त जैसे कदम न उठाकर समस्या के समाधान पर ध्यान देना चाहिए ।

राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ.राजेश पैकरा ने बताया: “इस वर्ष विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस का थीम “क्रिएटिंग होप थ्रू एक्शन” हैं । जिले में 6 सितंबर से 12 सितंबर  तक आत्महत्या रोकथाम सप्ताह के रूप में मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य आत्महत्या का रोकथाम करना है।

नर्सिंग कॉलेज के छात्र छात्राओं के मध्य कराए गए भाषण प्रतियोगिता में  प्रथम स्थान शोभा एवं नीलम का रहा, वहीं दूसरे स्थान पर दिव्या, और तृतीय स्थान पर भारती काशी रही।  रंगोली प्रतियोगिता में आई.एन.आर.सी. कॉलेज के बी.एस.सी. तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों ने प्रथम एवं तृतीय स्थान पर प्राप्त किया, वी एम कॉलेज के बी.एस.सी. द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों ने दूसरा स्थान हासिल किया । पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में  प्रथम स्थान पर दिव्या,शोभा, नीलम, दूसरे स्थान पर अंजुम, पुष्पांजलि , एवं तृतीय स्थान पर सविता, प्रीति रही।

कार्यक्रम में मेट्रन सिस्टर  श्रीमती सुषमा अर्गल ,नर्सिंग सिस्टर श्रीमती दिलेसरी लकड़ा,  वी.एम.कॉलेज ऑफ नर्सिंग  एवं आई.एन.आर.सी कॉलेज सूरजपुर के  टीचर  एवं छात्र छात्राएं उपस्थित थें। इन कार्यक्रमों का आयोजन जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम सूरजपुर के साइकोलॉजिस्ट सचिन मातुरकर, सोशल वर्कर प्रियंका, साइकेट्रिक नर्स नंदकिशोर वर्मा, कम्यूनिटी नर्स मनोज कुमार के सहयोग से  किया गया ।

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कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने महापौर श्री एजाज ढेबर, विधायक श्री कुलदीप जुनेजा के साथ डब्ल्यू. आर. एस. दशहरा उत्सव की तैयारियों का लिया जायजा, एस.एस.पी. श्री प्रशांत अग्रवाल व नगर निगम कमिश्नर श्री मयंक चतुर्वेदी भी थे साथ

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने आज डब्ल्यू.आर.एस. कॉलोनी में विजयदशमी पर्व पर आयोजित होने वाले ऐतिहासिक दशहरा उत्सव के लिए की जा रही तैयारियों का जायजा लिया। महापौर श्री एजाज ढेबर, छ.ग. गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष व विधायक श्री कुलदीप जुनेजा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत अग्रवाल, नगर निगम कमिश्नर श्री मयंक चतुर्वेदी सहित आयोजन समिति के पदाधिकारी इस दौरान साथ थे।

        राजधानी रायपुर के डब्ल्यू.आर.एस. कॉलोनी मैदान में विगत 52 वर्षों से ऐतिहासिक दशहरा उत्सव का आयोजन किया जा रहा है, मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल भी इस ऐतिहासिक आयोजन में बतौर मुख्य अतिथि सम्मिलित होते हैं। इस आयोजन को लेकर अंचल में विशेष उत्साह रहता है एवं लाखों की संख्या में अंचलवासी रावण वध देखने इस मैदान में एकत्र होते हैं।
 
       डब्ल्यू.आर.एस. कॉलोनी मैदान में इस वर्ष भी आयोजन की तैयारियां की जा रही हैं। इसके अंतर्गत रावण, मेघनाथ व कुंभकर्ण के विशाल पुतलों का निर्माण शुरू हो गया है। इसके अलावा प्रसिद्ध टीवी सीरियल रामायण के भगवान राम और सीता की भूमिका निभाने वाले श्री अरुण गोविल एवं दीपिका चिखलिया भी इस आयोजन में शामिल रहेंगे। आयोजन समिति द्वारा शोभायात्रा, आकर्षक आतिशबाजी के साथ पूरे आयोजन को भव्य स्वरूप दिया जा रहा है। माता कौशल्या की जन्म स्थली एवं भगवान श्री राम के ननिहाल व राम वन गमन पथ के रूप में प्रतिष्ठित छत्तीसगढ़ में विजयादशमी पर्व के लिए विशेष उत्साह रहता है।
  
      कलेक्टर डॉ. भुरे ने आज इस आयोजन से जुड़ी सभी तैयारियों का विस्तार से जायजा लिया एवं अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। दशहरा उत्सव समिति के पदाधिकारियों ने अब तक की गई तैयारियों की उन्हें विस्तृत जानकारी दी। कलेक्टर ने अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इस गरिमामय आयोजन से जुड़ी सभी तैयारियां सुनिश्चित की जाएं एवं जन सुविधा, लोक सुरक्षा, आवागमन, पेयजल, साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखें। इस दौरान नगर निगम के एमआईसी सदस्य श्री नागभूषण राव, पार्षद श्री अमितेश भारद्वाज, पूर्व पार्षद श्री राधेश्याम विभार आयोजन समिति के पदाधिकारी श्री श्रीनिवास राव, श्री लूंका, अजय जोशी, चेतन चंदेल, गौतम यादव, सूरज पटनायक, मनोज थापा भी उपस्थित रहे।

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गोवंश को उत्तम चिकित्सा सेवा प्रदान करने के लिए छत्तीसगढ़ में शुरू होगी मुख्यमंत्री गोवंश मोबाइल चिकित्सा योजना

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। गोवंश को उत्तम चिकित्सा सेवा प्रदान करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देश पर छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री गोवंश मोबाइल चिकित्सा योजना की शुरुआत की जाएगी। पहले चरण में प्रत्येक जिले में एक अथवा दो चिकित्सा वाहनों से यह योजना शुरू की जाएगी। चरणबद्ध कार्यक्रम के तहत योजना का विस्तार किया जाएगा।
राज्य के प्रत्येक नागरिक के लिए उत्तम स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के लिए विकासखंडों से लेकर जिला मुख्यालयों तक सर्वसुविधायुक्त शासकीय अस्पतालों के साथ-साथ मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना तथा मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना का संचालन किया जा रहा है। इसके तहत मोबाइल मेडिकल यूनिटों के माध्यम से शहरी श्रमिक बस्तियों से लेकर दूरस्थ तथा दुर्गम स्थलों में रहने वाले नागरिकों तक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाई जा रही है।
इसी तर्ज पर अब पशुधन के संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य को आगे बढ़ाते हुए गोवंश के उत्तम स्वास्थ्य के लिए भी मोबाइल चिकित्सा वाहनों का इस्तेमाल किया। जाएगा। वर्तमान में शासकीय पशु-चिकित्सालयों के साथ-साथ राज्य में सुराजी गांव योजना के तहत निर्मित गोठानों में भी पशुधन के स्वास्थ्य की देखभाल की व्यवस्था है। बेहतर पशु स्वास्थ्य के लिए गौठानों में चारागाहों का भी विकास किया गया, ताकि पशुओं के लिए पौष्टिक चारे की व्यवस्था होती रहे। अब नयी योजना के माध्यम से गोवंश की स्वास्थ्य सुविधाओं का और अधिक विस्तार होगा। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने राज्य के मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन को इस संबंध में शीघ्र आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा है।

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आबकारी अमले ने किया 18 लीटर महुआ शराब जप्त

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर शुक्ला के निर्देशानुसार जिला आबकारी अधिकारी संजय अग्रवाल के मार्गदर्शन में जिले में अवैध शराब विक्रेताओं के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। आबकारी वृत्त अंतागढ़ के अमले की ओर से आज ग्राम पथरा पारा, चारगांव थाना सिकोड़ निवासी सालिक कुलदीप के रिहायशी मकान से 18 लीटर हाथ भ_ी महुआ शराब जप्त कर आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण कायम किया गया।

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने नवगठित जिला सक्ती का किया शुभारंभ

153 करोड़ रूपए से अधिक के विभिन्न विकास कार्याें का किया भूमिपूजन और लोकार्पण

 

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। 9 सितंबर को छत्तीसगढ़ प्रदेश का भूगोल बदल गया है और जांजगीर-चांपा जिले से अलग होकर सक्ती राज्य के 33वें जिले के रूप में अपने अस्तित्व में आ गया है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल नवीन जिले सक्ती के शुभारंभ अवसर पर रोड शो, कलेक्टर कार्यालय एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय के उद्घाटन, बड़ादेव के महापूजन, आमसभा कार्यक्रमों में शामिल हुए।मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने नवगठित

जिला सक्ती का शुभारंभ करते हुए जिले को 1 अरब 53 करोड़ 6 लाख रूपए के 309 विभिन्न विकास कार्याें का सौगात दी है। इसमें 85 करोड़ 20 लाख रूपए की लागत से 296 कार्याें का भूमिपूजन और 67 करोड़ 85 लाख 99 हजार रूपए के लागत से बनने वाले 13 कार्यों का लोकार्पण मुख्यमंत्री के हाथों हुआ है।

नवगठित जिला सक्ती के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग अंतर्गत 105 विकास कार्यों के लिए 8 करोड़ 73 लाख रुपए, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत 81 विकास कार्यों के लिए 4 करोड़ 82 लाख रुपए, सहकारिता विभाग अंतर्गत 32 विकास कार्यों के लिए 8 करोड़ 17 लाख रुपए, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत 39 विकास कार्याें के लिए 20 करोड 73 लाख रुपए, स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत 15 विकास कार्याें के लिए 3 करोड़ 40 लाख रुपए, जल संसाधन विभाग अंतर्गत 12 विकास कार्याें के लिए 21 करोड़ 69 लाख रुपए, नगरीय प्रशासन विभाग अंतर्गत 6 विकास कार्याें के लिए 5 करोड़ 68 लाख रूपए, आदिम जाति कल्याण विभाग अंतर्गत एक विकास कार्य के लिए 1 करोड़ 52 लाख रुपए और लोक निर्माण विभाग अंतर्गत 5 विकास कार्याें के लिए 10 करोड़ 40 लाख रुपए का भूमिपूजन किया है।

इसी प्रकार शिक्षा विभाग अंतर्गत 3 विकास कार्याेें के लिए 37 लाख रुपए, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत 4 विकास कार्यों के लिए 28 लाख रुपए, लोक निर्माण सेतु विभाग अंतर्गत 3 विकास कार्यों के लिए 23 करोड़ 95 लाख रुपए, स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत एक विकास कार्य के लिए 34 लाख रुपए, आदिम जाति कल्याण विभाग अंतर्गत एक विकास कार्य के लिए 1 करोड़ 52 लाख रुपए और लोक निर्माण विभाग अंतर्गत एक विकास कार्य के लिए 41 करोड़ 38 लाख रुपए का लोकार्पण मुख्यमंत्री श्री बघेल ने किया है।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष श्री चरणदास महंत, सांसद लोकसभा क्षेत्र कोरबा श्रीमती ज्योत्सना चरण दास महंत, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, पुनर्वास, वाणिज्यिक कर (पंजीयन एवं मुद्रांक) मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल, गृह जेल लोक निर्माण, पर्यटन मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, उपाध्यक्ष छत्तीसगढ़ ग्रामीण एवं पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण और विधायक चंद्रपुर श्री रामकुमार यादव, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग राजेश्री डॉ महंत रामसुन्दर दास, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य शाकंभरी बोर्ड श्री रामकुमार पटेल समेत अन्य जनप्रतिनिधी उपस्थित रहे।

 

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नगर निगम आयुक्त श्री मयंक चतुर्वेदी ने शहरी स्वास्थ्य अधिकारियों की बैठक लेकर दिए व्यापक दिशा निर्देश

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे के निर्देश पर नगरीय क्षेत्र में जल जनित व संक्रामक बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण रखने आज नगर निगम कमिश्नर श्री मयंक चतुर्वेदी ने चिकित्सा विभाग व नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में उन्होंने निर्देशित किया है कि बदलते मौसम में डेंगू, पीलिया, स्वाईन फ्लू, कोविड 19, के संक्रमण के रोकथाम के लिए आम लोगों को निरंतर जागरूक करते रहें एवं बीमारी के लक्षण वालों की त्वरित पहचान कर जांच व उपचार हर स्तर पर सुनिश्चित किया जाए।

    रायपुर नगर निगम सभा कक्ष में बुलाई गई इस आवश्यक बैठक में आयुक्त श्री चतुर्वेदी ने स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम महामारी उन्मूलन अमले द्वारा की जा रही कार्यवाही की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में नगर निगम के अपर आयुक्त श्री अभिषेक अग्रवाल, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. प्रणव वर्मा, कार्यपालन अभियंता श्री बद्री चंद्राकर, नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी श्री विजय पाण्डेय, शहरी कार्यक्रम अधिकारी श्री स्वतंत्र रहंगडाले, जिला डाटा प्रबंधक श्री अभिषेक सिंह भी मौजूद थे।
     निगम आयुक्त श्री चतुर्वेदी ने बैठक में स्वास्थ्य अधिकारियों से कहा है कि जिला प्रशासन के निर्देशानुसार संक्रामक व जल जनित बीमारियों से रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान सतत् रूप से संचालित करते रहें एवं ऐसे क्षेत्र, जो पूर्व में संक्रमण से प्रभावित हुए है, उसकी विशेष निगरानी भी करें।उन्होंने निर्देशित किया है कि उच्च जोखिम वाले व्यक्ति विशेषकर गर्भवती महिलाएं, पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चे, 65 वर्ष से अधिक उम्र के वृद्ध एवं किसी अन्य रोग से ग्रसित व्यक्तियों में संक्रमण की जटिलताएं होने की संभावना अत्यधिक होती है, अतः इन वर्गों पर फोकस कर बीमारी की स्थिति में तत्काल जांच एवं चिकित्सक की देखरेख में तत्काल दवाएं एवं उपचार सुनिश्चित करें। उन्होंने कोविड टीकाकरण के दूसरे डोज व बूस्टर डोज के लिए संचालित घर-घर टीकाकरण अभियान में तेजी लाने एवं शत् प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति के लिए स्वास्थ्य विभाग अमले को निर्देशित किया है। उन्होंने कहा है कि इस कार्य में नगर निगम का मैदानी अमला भी स्वास्थ्य विभाग को अपना सहयोग दे रहा है।

    जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. प्रणव वर्मा ने बैठक में अवगत कराया कि इस मौसम में सर्दी, खांसी, गले में खराश, बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, थकावट, दस्त एवं उल्टी जैसे लक्षण होने पर चिकित्सक के परामर्श से तत्काल दवा लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने आगे बताया कि संक्रामक बीमारियों की जांच के लिए जिला अस्पताल पंडरी, जिला क्षय नियंत्रण केन्द्र कालीबाड़ी, डॉ. भीमराव अम्बेडकर चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल एवं एम्स में मरीज जांच हेतु सैंपल दे सकते हैं, इसके अलावा जिला चिकित्सालय पंडरी के कक्ष क्रमांक 13 में पृथक से जांच केन्द्र का संचालन कर ऐेसे मरीजों के उपचार की व्यवस्था भी जिला प्रशासन के निर्देश पर की गई है। जल जनित बीमारियों से रोकथाम के लिए आम नागरिकों से यह भी अपील की जा रही है कि ऐसे मौसम में पानी उबालकर पिएं, दूषित व बाहरी खाद्य पदार्थ का सेवन न करें एवं स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।

    निगम आयुक्त श्री मयंक चतुर्वेदी ने नगर निगम के स्वास्थ्य अमले को निर्देशित किया है कि पीलिया, डेंगू जैसी जल जनित बीमारियों के लिए जल भराव वाले क्षेत्र की निगरानी कर दवा का छिड़काव नियमित रूप से करते रहे एवं पानी का जमाव न होने दें, साथ ही लोगों को भी व्यक्तिगत स्वच्छता के साथ अपने आस-पास को स्वच्छ रखने, कूलर, पुराने बर्तन, टायर आदि में पानी का जमाव न होने देने के लिए निरंतर जागरूक करें। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को नगर निगम की सहायता लेकर संक्रमण की रोकथाम के लिए पूरी सजगता से समुचित प्रबंध सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया है।

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सभी की सहभागिता से रायपुर बनेगा नंबर वन शहर : एजाज ढेबर

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। महापौर एजाज़ ढेबर ने अंतर्राष्ट्रीय शुद्ध वायु दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित विविध कार्यक्रमों में सहभागिता देते हुए सभी से आह्वान किया है कि पर्यावरण संरक्षण को व्यक्तिगत दायित्व मानते हुए इस दिशा में अपनी व्यक्तिगत भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण में विद्यार्थियों की भूमिका महत्वपूर्ण है और उनके प्रयास हमेशा दूसरों के लिए प्रेरणा बनते है। जे.आर. दानी कन्या विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कही। इस अवसर पर उन्होंने नगर निगम रायपुर के सहयोग से विद्यालय में आयोजित विभिन्न स्पर्धाओं के प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया।

क्लीन एयर फॉर ब्लू स्काई थीम पर अंतर्राष्ट्रीय शुद्ध वायु दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महापौर ढेबर ने आगे कहा कि प्रकृति प्रदत्त उपहार बिना प्रदूषण अगली पीढ़ी तक पहुंचे, इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। रायपुर नगर निगम स्वयंसेवी संगठनों के साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में निरंतर अपनी भूमिका का निर्वहन कर रहा है, इन प्रयासों को गतिशीलता देने जन सहभागिता महत्वपूर्ण है एवं हर शहरवासी का योगदान महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में नगर निगम के अपर आयुक्त सुनील चंद्रवंशी, रायपुर स्मार्ट सिटी लि. के महाप्रबंधक आशीष मिश्रा, जे.आर. दानी स्कूल के प्राचार्य डॉ. विजय खण्डेलवाल, प्रकृति की ओर संस्था के प्रमुख मोहन वर्ल्यानी, श्रीमती निधि अग्रवाल भी सम्मिलित थे।

जे.आर. दानी स्कूल प्राचार्य खण्डेलवाल ने इस अवसर पर कहा कि बौद्धिक विकास के साथ विद्यार्थी प्रकृति संरक्षण में योगदान देकर अपना दायित्व निभाएंगे। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय शुद्ध वायु दिवस पर विभिन्न आयोजनों के जरिए विद्यार्थियों को प्रेरित करने के लिए रायपुर नगर निगम व रायपुर स्मार्ट सिटी लि. के प्रयासों की सराहना की।

इस अवसर पर महापौर एजाज़ ढेबर ने पर्यावरण से जुड़े विभिन्न स्पर्धाओं के प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र व प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित भी किया। स्लो साइकिल रेस में पायल पॉल, तनु पारकर, रूखमणी साहू, निबंध प्रतियोगिता में दुर्गा यादव, संगीता कुर्रे, खुशबू देवांगन, भाषण प्रतियोगिता में कु. श्वेता अंचल, सुप्रिया पॉल, राधा मिश्रा को क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त होने पर सम्मानित किया गया। शाला की बालिकाओं ने आज पर्यावरण जागरूकता रैली का आयोजन कर कालीबाड़ी चौक पहुंचकर रेड सिग्नल पर इंजन बंद रखने, अनावश्यक हॉर्न का उपयोग न करने, वृक्षारोपण का दायित्व निभाने की अपील भी की। कार्यक्रम में शालेय छात्राओं के साथ स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाई।

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भूपेश ने रख दी है कांग्रेस मुक्त छत्तीसगढ़ की बुनियाद : चंदेल

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने कहा है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कांग्रेस मुक्त छत्तीसगढ़ की बुनियाद रख दी है।  पिछली बार जनता को भ्रमित कर कांग्रेस ने सत्ता हासिल कर ली लेकिन कांग्रेस सरकार के आचरण, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की तानाशाही, भ्रष्टाचार, अराजकता, महिला, युवा, गरीब और किसान विरोधी नीतियों के साथ ही आर्थिक कुप्रबंधन  के कारण छत्तीसगढ़ की आने वाली कई पीढ़ियों के कर्जदार बन जाने ने यह प्रमाणित कर दिया है कि लम्हें खता करते हैं तो सदियों को सजा भुगतनी पड़ती है। लेकिन गलती सुधारी जा सकती है।उन्होंने कहा कि जनता के आदेश को हमने विनम्रता से स्वीकार करते हुए जनादेश को शिरोधार्य किया। उन्होंने कहा भाजपा जनता के लिए चौबीसों घंटे संघर्ष कर रही है और हम सभी कार्यकर्ता लोकतंत्र के हक में अपनी भूमिका ईमानदारी से निभा रहे हैं और विगत दिनों यह जनता और सत्ताधारी दल ने देखा है, इसलिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को घबराहट और बौखलाहट हो रही है। उन्हें कांग्रेस मुक्त छत्तीसगढ़ का अहसास दिन रात सता रहा है। वे जनता की सेवा छोड़ कांग्रेस कमांडरों की सेवा में तैनात हैं तो अब छत्तीसगढ़ की जनता उन्हें राहुल गांधी का फुल टाइम ओएसडी बनने के लिए मुक्त कर देना चाहती है। भूपेश बघेल ने जनता के मन में कांग्रेस के नाम से जो चिढ़ पैदा कर दी है, वह कांग्रेस मुक्त छत्तीसगढ़ की गारंटी व्यक्त कर रही है।

नेता प्रतिपक्ष चंदेल ने कांग्रेस छोड़ने वाले वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद  के बयान का हवाला देते हुए कहा है कि कांग्रेस के फैसले यदि राहुल गांधी के पीए और गार्ड ले रहे हैं तो भूपेश बघेल की सरकार के फैसले भी ऐसी ही मंडली ले रही है।



नारायण चंदेल ने कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा  पर निशाना साधते हुए कहा कि नेता कांग्रेस छोड़ छोड़कर जा रहे हैं। कांग्रेस इस भगदड़ से बचने और भारत के राजनीतिक मानचित्र में बने रहने के लिए दरअसल कांग्रेस जोड़ो यात्रा निकाल रही है। लेकिन होनी को कोई नहीं टाल सकता। कांग्रेस स्वयं कांग्रेस मुक्त भारत यात्रा पर निकल पड़ी है । यहां मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कांग्रेस मुक्त छत्तीसगढ़ की थीम तैयार कर रहे हैं। अब साफ दिख रहा है कि अगले साल छत्तीसगढ़ की जनता कांग्रेस के भ्रष्ट पंजे से मुक्त हो जायेगा।

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स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. टेकाम ने दी अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस की बधाई

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने 8 सितम्बर अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर प्रदेश के नागरिकों, शिक्षाविदों, शिक्षा से जुड़े सभी लोगों, संस्थाओं और अध्ययनशील विद्यार्थियों को बधाई और शुभकामनाएं दी है।

डॉ. टेकाम ने अपने बधाई संदेश में कहा है कि राज्य में भी प्रतिवर्ष साक्षरता दिवस का आयोजन किया जाता है। इस दिन से प्रदेश में साक्षरता सप्ताह का आयोजन भी प्रारंभ किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न वर्गों के लिए कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे। उन्होंने कहा है कि साक्षरता वह शक्ति है जिससे हम बड़ी से बड़ी चुनौतियों का सामना कर सकते हैं। शिक्षा हमारे जीवन में बदलाव लाती है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में प्रौढ़ शिक्षा और जीवंत पर्यन्त शिक्षा को महत्त्वपूर्ण स्थान प्रदान किया गया है। अब प्रौढ़ शिक्षा के स्थान पर ‘सबके लिए शिक्षा’ का उपयोग किया जायेगा। इस वर्ष से ‘‘नवभारत साक्षरता कार्यक्रम’’ प्रारंभ किया गया है। इसके अंतर्गत बुनियादी साक्षरता और अंक ज्ञान जीवन कौशल जैसे डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, चुनावी साक्षरता, विधिक साक्षरता, बुनियादी शिक्षा, सतत् शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता कार्यक्रम को शामिल किया गया है। डॉ. टेकाम ने कहा है कि शिक्षा की गुणवत्ता हेतु यह आवश्यक है कि शिक्षकों के साथ पालक भी बच्चों की शिक्षा में योगदान दें।

मंत्री डॉ. टेकाम ने प्रदेश के सभी नागरिकों, शिक्षा विभाग के सभी निकायों और शिक्षकों से अनुरोध किया है कि वे स्वयंसेवी भावना से स्वयं सेवी शिक्षक बनकर शिक्षा से वंचित व्यक्तियों को शिक्षा की मुख्य धारा में जोड़ने के लिए अपना अमूल्य योगदान दें।

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जिले में प्लास्टिक कैरी बैग एव एसयूपी उपयोग पर रोक लगाने कार्रवाई की जा रही

 जशपुरनगर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिले में नगरीय निकाय के अधिकारियों द्वारा होटलों, दुकानों एवं अन्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करके प्लास्टिक कैरी बैग एवं सिंगल यूज प्लास्टिक उपयोग पर रोक लगाने की कार्यवाही की जा रही है। इसी कड़ी में आज जशपुर नगरपालिका के अमला द्वारा नगरीय निकाय के दुकानों की जांच की गई और सिंगल यूज प्लास्टिक जप्ति की कार्यवाही किया गया है।

 जांच के दौरान दल द्वारा प्लास्टिक कैरी बैग एवं सिंगल यूज प्लास्टिक विक्रेता दुकानदारों को छत्तीसगढ़ शासन के नियम की भी जानकारी दी गई। शहर में प्लास्टिक के कैरी बैग व सिंगल यूज कैरी बैग पर प्रतिबंध हेतु लगातार दुकानों व सब्जी विक्रेताओं को समझाइश दी जा रही है।

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शासन की योजनाओं का समुचित क्रियान्वयन करने कलेक्टर ने दिए निर्देश

 अधिकारी ग्रामीणों को योजनाओं से करें लाभान्वित

बीजापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर  राजेन्द्र कुमार कटारा ने साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में जिले में संचालित विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, जिसके अर्न्तगत नवीन आत्मानंद स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती कर रिक्त पदों पर अविलंब नियुक्ति करने, राष्ट्रीय कृमि युक्त दिवस का सफल संचालन कर सभी 1 से 19 वर्ष के पात्र बच्चों को कृमि का दवाई पिलाने हेतु आवश्यक तैयारी की समीक्षा, शिशु संरक्षण माह के सफल आयोजन सहित नरवा, गरूवा, घुरूवा एवं बाड़ी अर्न्तगत गोबर खरीदी एवं गौमूत्र खरीदी गौमूत्र से बने कीटनाशक के विक्रय, जल-जीवन मिशन अर्न्तगत कार्यो की समीक्षा, रोजगार मिशन सहित विभिन्न विषयों पर विषय-वार समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए वहीं शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं का बेहतर ढंग से प्रचार-प्रसार करने ग्राम सभा, पंचायत बैठक, स्वास्थ्य शिविर एवं अन्य समाधान शिविर के माध्यम से ग्रामीणों के बीच जाकर उनके समस्याओं से अवगत होने विभिन्न योजनाओं को हितग्राही चयन कर योजनाओं से लाभान्वित करने के निर्देश दिए।

विभिन्न त्यौहारों को मद्देनजर शांति समिति की नियमित बैठक लेने एवं गणेश विसर्जन के दौरान सुरक्षात्मक व्यवस्था करने नदी, तालाबों में स्थान चिन्हित करने सहित आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में सीईओ जिला पंचायत  रवि कुमार साहू, एसडीएम बीजापुर पवन कुमार प्रेमी, संयुक्त कलेक्टर  सुमन राज सहित जिला स्तर के वरिष्ठ अधिकारी, एसडीएम तहसीलदार, सीएमओ नगरीय निकाय एवं सीईओ जनपद पंचायत उपस्थित थे।

 

 

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पटना की सड़कों पर आवारा मवेशियो का हुजूम

 बैकुन्ठपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पटना नगर के आस पास ग्राम के किसान इन दिनो आवारा मवेशियों के आतंक के परेशान है।पटना क्षेत्र में कई ग्राम पंचायतों में लाखों की लागत से गौठान बने हुए हैं मगर उन गौठानों में एक भी मवेशी नहीं हैं। इन दिनो आवारा व पालतू मवेशियों का झुंड़ हमेशा पटना नगर सड़कों में देखा जा सकता है। जबकी आवारा घूमने वाले मवेशियों को आश्रय देने के लिए प्रदेश सरकार ने नरवा, घुरवा और बाड़ी योजना चलाई है। गांव गांव में बने गौठान भी इसी योजना का एक हिस्सा है।


बता दें कि पटना शहर से गुजरे नेशनल हाईवे क्रमांक 43 सड़क पर आए दिन वाहनों से टकराकर मवेशियों की मौत हो रही है। बीती दो से तीन माह के भीतर तीन दर्जन से अधिक मवेशियो की अलग अलग स्थानों पर दुर्घटना के चलते मौत हो चुकी है। वहीं सड़क पर आने जाने वाले दर्जनो मोटरसाइकल सवार राहगीर भी आवारा मवेशियों से टकराने मे गंभीर चोटें आई है। पिछले कई महीनों से लगातार यह सिलसिला चली आ रही है। बीते 3 माह के भीतर पटना में करीब तीन दर्जनो  मवेशियों की मौत सड़क में चलने वाले वाहनों से टकरा जाने से हो चुकी है। बताया जाता है की कुछ लोग रात के अधेरे मे ट्रकों व पिकअप में भर कर पटना बाहर जंगलों में ले जाकर छोड़ देते है। बाद मे वही मवेशी रिहायशी इलाको के सड़कों पर विचरण करते रहते है और रात में किसानों के खेतों में पहुंचकर फसलों को नुकसान भी पहुंचा रहे हैं। पटना नगर के आस पास ग्राम करजी कटोरा रनई कोचिला के सैकड़ो किसानो के लगभग 10 एकड़ मे लगी फसलो को चट कर चुके है।जनप्रतिनिधियों ने किसानों की समस्याओं को देखते हुए कुछ पहले पटना तहसीलदार भीष्म पटेल से व थाना प्रभारी से मांग किये थे कि पटना सड़कों पर घूम रहे आवारा मवेशियों की रोक थाम के लिए समुचित उपाय करें जिससे कि राहगीरों से मवेशी सुरक्षित रह सकें।

 

 

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समूह से जुड़कर कविता की आर्थिक स्थिति में आया बदलाव, यूनिफॉर्म सिलाई और अगरबत्ती निर्माण से हुई सशक्त

 गरियाबंद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। फिंगेश्वर विकासखंड के ग्राम बेलटुकरी की कविता देवांगन समूह से जुड़कर अपनी एक नई पहचान बना ली है। सामान्य मजदूरी करने वाली कविता आज एक सफल उद्यमी भी बन गई है। पांच सदस्यी परिवार में भरणपोषण और भविष्य के सपने भी पूरा करना चुनौतीपूर्ण कार्य था। जय परमेश्वरी स्वसहायता समूह में जुडऩे से पहले कविता देवांगन गृहणी और मजदूरी का कार्य करती थी। पति के द्वारा सिलाई का कार्य किया जाता था। जो उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए पर्याप्त नहीं था। लेकिन समूह से जुड़कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधारने हेतु उन्होंने समूह के माध्यम से ऋण लेकर कुछ आजीविका गतिविधि प्रारंभ करने की सोची। 

अपने इस सोच को उन्होंने समूह में जुड़कर पूरा किया। कविता द्वारा समूह पुस्तक संचालन व सीआरपी सक्रिय महिला के संबंध में प्रशिक्षण लिया गया। जिससे वे हिसाब-किताब के रख-रखाव व लेन-देन के संबध में जानकारी हासिल की। समूह से जुडऩे के बाद उन्होंने अपने आय और गतिविधियों को बढ़ाने के लिए लोन लेना प्रारंभ किया। उन्होंने सिलाई युनिफार्म के लिए दो बार में 75 हजार रुपए व एक बाद अगरबत्ती मशीन व कच्चा माल के लिए डेढ़ लाख रुपए का लोन लिया व अपना व्यवसाय प्रारंभ किया। इन गतिविधियों के माध्यम से वे समूह के और नजदीक जाकर सामूहिक गतिविधि और क्रियाकलापों में सक्रिय भूमिका निभाने लगी। उन्होंने कहा कि जब से वे एनआरएलएम अंतर्गत बिहान से जुड़ी हुई है, तब से एनआरएलएम  अंतर्गत सरकार की नई नई योजनाओं के बारे में जानकारी मिली। जिससे ग्राम संगठन के माध्यम से पहली बार में 50 हजार रूपये ऋण लेकर यूनिफार्म सिलाई का कार्य प्रारंभ किया। यह कार्य अच्छे से चलने लगा तब बैंक लिकेंज के माध्यम से ऋण लेकर दूसरे दिदियों को भी सिलाई हेतु कपड़ा उपलब्ध कराने ज्यादा मात्रा में कपड़े का टेंडर लिया गया। इसके पश्चात् कोविड-19 की स्थिति में इनकी आजीविका गतिविधि से बहुत प्रभावित हुई और कविता को सिलाई के लिए यूनिफार्म का टेण्डर मिलना कम हो गया। जिससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो गई। तभी कलस्टर के माध्यम से मेडिसनल गाउन सिलने का कार्य दीदी को प्राप्त हुआ। 

यह कार्य समाप्त होने के बाद समूह के समस्त सदस्यों की ओर से अगरबत्ती निर्माण कर एक नई आजीविका की शुरुआत की जिसके लिए समूह की समस्त दीदियों की ओर से ऋण लेकर अगरबत्ती निर्माण मशीन खरीदा गया। जिससे वर्तमान में इनकी आर्थिक स्थित सुदृढ़ हो गई है। कविता को सिलाई कार्य व अगरबत्ती निर्माण कार्य से प्रतिमाह 9 हजार रूपये की आमदनी प्राप्त हो जाती है। कविता भविष्य में रूई बत्ती और धूपबत्ती का निर्माण कार्य भी आरंभ करना चाहती है व अपनी आर्थिक स्थिति को और आधिक सुदृढ़ करना चाहती है।

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वेसलियन अंग्रेजी माध्यम स्कूल में 31 बालकों को दिया गया प्रवेश

राजनांदगांव (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिला शिक्षा अधिकारी आरएल ठाकुर ने बताया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी विद्यालयों के 25 प्रतिशत आरक्षित सीट पर प्रवेश दिया जाता है। जिसकी संपूर्ण कार्रवाई विभागीय पोर्टल के माध्यम से की जाती है। वर्तमान सत्र 2022-23 में वेसलियन उच्चतर माध्यमिक अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा का अधिकार के तहत कक्षा नर्सरी में 25 व कक्षा पहली में 7 सीटें आरक्षित थी। आरक्षित सीट के विरूद्ध लोक शिक्षण संचालनालय से ऑनलाईन लॉटरी के माध्यम से 31 बालकों का चयन कर प्रवेश दिया गया है।

उन्होंने बताया कि प्रथम चरण की लॉटरी में चयन नहीं होने वाले आवेदकों का स्टेट्स वेटिंग प्रदर्शित होता है। प्रथम चरण की लॉटरी पश्चात् रिक्त सीटों के लिए पुन: द्वितीय चरण की लॉटरी केवल वेटिंग वाले आवेदनों को ही प्राथमिकता नहीं दिया जाता। बल्कि नवीन आवेदनों व वेटिंग में लंबित आवेदनों को लॉटरी में समान अवसर दिया जाता है। मानवीय प्रक्रिया से पोर्टल पर रिक्त प्रदर्शित हो रहे सीटों पर प्रवेश संभव नहीं है।

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