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शासन की योजनाओं से सशक्त बनी जशपुर की उद्यमी महिला लालमती

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित महिला सशक्तिकरण की योजनाएं अब धरातल पर सकारात्मक परिणाम देने लगी हैं। इसकी एक प्रेरणादायी मिसाल हैं जशपुर जिले के गम्हरिया ग्राम की श्रीमती लालमती, जिन्होंने शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभ लेकर आत्मनिर्भरता की मिसाल कायम की है। उन्होंने अपने दृढ़ संकल्प और मेहनत से न सिर्फ स्वयं की पहचान बनाई, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं को भी प्रेरित किया है।

 लालमती का जीवन एक साधारण मजदूर से सफल उद्यमी बनने की कहानी है। जब वे प्रजापति गौरी स्व-सहायता समूह से जुड़ीं, तब उन्हें बिहान योजना के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ मिला। उन्होंने उद्योग विभाग से लोन प्राप्त कर शटरिंग प्लेट का व्यवसाय प्रारंभ किया और बाद में जनवरी 2025 में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत ऋण लेकर अपने व्यवसाय को विस्तार दिया।

आज श्रीमती लालमती के पास 200 से अधिक शटरिंग प्लेट हैं, जो वे निजी भवनों एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन आवासों की छत ढलाई हेतु किराये पर उपलब्ध कराती हैं। फरवरी 2025 से अब तक इस व्यवसाय से उन्हें लगभग 35,000 से 40,000 रुपये की आय हुई है। यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है क्योंकि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गांव में कई मकानों का निर्माण कार्य चल रहा है।

श्रीमती लालमती ने  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय  के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि, यदि शासन की योजनाओं का साथ न होता, तो मैं आज इस मुकाम तक नहीं पहुंच पाती। शासन ने हमें हौसला दिया, साधन उपलब्ध कराए और नई राह दिखाई।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार का यह दृढ़ संकल्प है कि ग्रामीण अंचलों की महिलाएं आत्मनिर्भर बनें और आर्थिक गतिविधियों में अग्रणी भूमिका निभाएं। बिहान, मुद्रा योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से हम महिलाओं को न केवल वित्तीय सहयोग दे रहे हैं, बल्कि उन्हें प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और बाज़ार तक पहुँच भी प्रदान कर रहे हैं। श्रीमती लालमती जैसी महिलाएं छत्तीसगढ़ की नई सामाजिक-आर्थिक चेतना की प्रतीक हैं।छत्तीसगढ़ शासन की प्राथमिकता है कि हर महिला अपने पैरों पर खड़ी हो, सम्मान के साथ जीवन जिए और दूसरों के लिए प्रेरणा बने।
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बस्तर में बदल रही तस्वीर, नक्सल हिंसा की जगह अब छाई खुशियां

 छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में, जहां कभी गोलियों की गूुज सुनाई देती थीं, वहां अब हर जगह खुशी और उल्लास की गूंज सुनाई देती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन और छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सल पुनर्वास नीति व नियद नेल्लानार योजना के प्रभाव से माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटे युवक-युवतियों और नक्सल पीड़ितों ने नई जिंदगी की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत बस्तर संभाग में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह इस बदलाव के साक्षी बने हैं।

सुकमा के मिनी स्टेडियम में 13 जनवरी 2025 को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में दो आत्मसमर्पित नक्सली जोड़ों मौसम महेश-हेमला मुन्नी और मड़कम पाण्डू-रव्वा भीमे ने वैदिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह रचाया। ये चारों जून 2024 में नक्सल संगठन छोड़कर आत्मसमर्पण कर चुके थे। मुख्यमंत्री ने नवदंपतियों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखमय जीवन की कामना की। इस अवसर पर श्री साय ने सुकमा जिले को 206 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात भी दी। नवदंपतियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार की जनहितैषी नीतियों और पुनर्वास योजनाओं ने उन्हें हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति और विकास की राह अपनाने के लिए प्रेरित किया।

दंतेवाड़ा में 220 जोड़ों का सामूहिक विवाह, पूवर्ती की नक्सल पीड़िता ने जवान संग रचाई शादी

दंतेवाड़ा के मेंढका डोबरा में मंदिर परिसर में 20 दिसंबर 2024 को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 220 जोड़ों ने परिणय सूत्र में बंधकर गृहस्थ जीवन शुरू किया। इनमें पूवर्ती गांव की एक नक्सल पीड़िता और वहां तैनात जवान का जोड़ा भी शामिल था। पूवर्ती, जो कभी खूंखार नक्सली हिड़मा और देवा का गढ़ था, अब सरकार की योजनाओं और सुरक्षा बलों की मौजूदगी से भयमुक्त होकर खुशहाली की ओर अग्रसर है। नियद नेल्लानार योजना के तहत धुरली गांव के दो जोड़ों सीमा भास्कर-रमेश भास्कर और सुंदरी तेलाम-धन्नु कुंजाम ने भी विवाह रचाया। सभी नवदंपतियों के बैंक खातों में 35 हजार रुपये की राशि हस्तांतरित की गई।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना: निर्धन परिवारों का सहारा

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना ने बस्तर के निर्धन परिवारों को नया जीवन दिया है। योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को 50 हजार रुपये की सहायता दी जाती है, जिसमें 35 हजार रुपये सीधे वधु के खाते में हस्तांतरित होते हैं। श्री विष्णु देव साय सरकार के कार्यकाल में अब तक 15 हजार से अधिक जोड़ों का विवाह इस योजना के तहत संपन्न हो चुका है।

बस्तर में शांति और विकास की नई इबारत

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सल विरोधी कार्रवाइयों और कल्याणकारी योजनाओं ने बस्तर के ग्रामीणों का हौसला बढ़ाया है। आत्मसमर्पित नक्सलियों को रोजगार, आवास और आर्थिक सहायता के माध्यम से सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिल रहा है। बस्तर संभाग के इन विवाह समारोहों ने साबित कर दिया कि प्यार, विश्वास और सहानुभूति से हिंसा और नफरत को हराया जा सकता है। बस्तर अब नक्सलवाद के अंधेरे से निकलकर शांति, प्रेम और विकास की रोशनी में चमक रहा है।

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मुख्यमंत्री श्री साय की अभिनव पहल: डिजीलॉकर के माध्यम से लाखों पेंशनरों को बड़ी राहत

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शासकीय कार्यों में पारदर्शिता, दक्षता और डिजिटल सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए उल्लेखनीय कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री श्री साय की पहल पर राज्य के वित्त विभाग एवं पेंशन संचालनालय द्वारा डिजीलॉकर प्लेटफॉर्म के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक पेंशन भुगतान आदेश (ePPO) और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की डिजिटल उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। यह पहल राज्य सरकार के डिजिटलीकरण संकल्प की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है।


राज्य के लगभग 3.61 लाख सरकारी कर्मचारी और 1.50 लाख पेंशनभोगी अब डिजीलॉकर के माध्यम से अपने जीपीएफ स्टेटमेंट, अंतिम भुगतान आदेश, पेंशन प्रमाण पत्र और पेंशन भुगतान आदेश जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों को कहीं से भी, कभी भी, सुरक्षित एवं प्रमाणिक रूप में प्राप्त कर सकते हैं। इस सुविधा से दस्तावेजों की फिजिकल प्रतियों पर निर्भरता समाप्त हो जाएगी और कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से भी राहत मिलेगी, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अभिनव पहल के सफल क्रियान्वयन के लिए पेंशन संचालनालय की तकनीकी दक्षता, दस्तावेजों के डिजिटलीकरण में की गई मेहनत तथा डिजीलॉकर प्लेटफ़ॉर्म के साथ किए गए समन्वय की  सराहना की । यह कदम न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सक्षम बना रहा है, बल्कि नागरिकों में विश्वास और संतोष भी बढ़ा रहा है।

यह पहल भारत सरकार के डिजिटल इंडिया मिशन की भावना के अनुरूप छत्तीसगढ़ की ओर से एक उदाहरण बनकर उभरी है। मुख्यमंत्री श्री साय की इस पहल से पेंशनरों, कर्मचारियों और प्रशासन—तीनों को सीधा लाभ मिल रहा है।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गुजरात में हुई विमान दुर्घटना पर जताया गहरा शोक

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गुजरात के अहमदाबाद में हुई विमान दुर्घटना को अत्यंत हृदयविदारक और दुखद घटना बताया है। उन्होंने इस भीषण दुर्घटना में मृत यात्रियों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है।


मुख्यमंत्री श्री साय ने दिवंगत आत्माओं की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना करते हुए उनके परिजनों को इस दुख की घड़ी में संबल और शक्ति प्रदान करने की कामना की है।
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हम सभी की साझी भागीदारी से ही पर्यावरण संरक्षण का संकल्प होगा पूरा : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित फाइट अगेंस्ट ग्लोबल वार्मिंग कैंपेन कार्यक्रम में शामिल हुए।


मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा, विकास का मूलमंत्र है और यह राष्ट्र के समग्र विकास की प्रारंभिक तथा अत्यंत महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि निजी शिक्षण संस्थानों ने भी शिक्षा के विस्तार में अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश को वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का जो लक्ष्य निर्धारित किया है, उसे प्राप्त करने में हम सभी की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। राज्य सरकार ने इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए विकसित छत्तीसगढ़ का विज़न डॉक्यूमेंट तैयार किया है और इस दिशा में निरंतर प्रयासों को गति प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 25 वर्ष का छत्तीसगढ़ आज अपनी रजत जयंती मना रहा है और इस यात्रा में राज्य ने चहुंमुखी विकास की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि आज छत्तीसगढ़ में आईआईटी, आईआईएम, एम्स जैसे प्रतिष्ठित केंद्रीय संस्थान कार्यरत हैं, जो राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग की गंभीर चुनौती से जूझ रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने वर्ष 2070 तक नेट ज़ीरो कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य तय किया है, जिसकी दिशा में देश ने तीव्र गति से कदम बढ़ाए हैं। छत्तीसगढ़  ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने की दिशा में अग्रसर है। राज्य की आकर्षक नई औद्योगिक नीति के तहत केवल ऊर्जा क्षेत्र में ही तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य में वृक्षारोपण का विशेष अभियान चलाया जा रहा है और विगत वर्ष चार करोड़ पौधे रोपे गए थे। राज्य सरकार "एक पेड़ माँ के नाम" और "पीपल फॉर पीपुल" जैसे नवाचार कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें नौनिहालों में पर्यावरण चेतना का विकास करना चाहिए, जिससे वे स्वच्छ, सुंदर और सुरक्षित भविष्य की नींव रख सकें। उन्होंने इस अभियान में भाग ले रहे सभी शिक्षकों और आयोजकों की सराहना की और कहा कि सामाजिक भागीदारी से ही हम शुद्ध हवा, निर्मल जल और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित कर सकते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने संघ द्वारा आने वाले वर्षों में 11 लाख पीपल के वृक्षारोपण के संकल्प की सराहना की।

कार्यक्रम में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, अशासकीय विद्यालय संचालक संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री सुबोध राठी, सचिव श्री मनोज पाण्डेय तथा अन्य प्रतिनिधिगण उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ राज्य अशासकीय विद्यालय संचालक संघ एवं छत्तीसगढ़ राज्य गौ संरक्षण एवं संवर्धन समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में ई-गवर्नेंस की ओर बड़ा कदम: अब कर्मचारियों की 'कुंडली' मोबाइल एप पर

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन ई-गवर्नेंस के माध्यम से सुशासन को सशक्त और सहज बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। "डिजिटल प्रशासन - पारदर्शी समाधान" की नीति को आगे बढ़ाते हुए, प्रदेश सरकार ने अब कर्मचारियों की सेवा जानकारी को मोबाइल एप के माध्यम से अद्यतन करने की अभिनव पहल की है। यह प्रयास मुख्यमंत्री श्री साय की उस सोच को दर्शाता है जिसमें प्रत्येक कर्मचारी की सुविधा, सम्मान और अधिकार सुरक्षित हों — तेज़, सरल और भरोसेमंद प्रणाली के माध्यम से। इसी कड़ी में प्रदेश के लगभग 4 लाख सरकारी कर्मचारियों की सीआर के लिए अब फाइलें पलटने का झंझट समाप्त हो गया है।कर्मचारियों की प्रोफाइल अब एम्प्लाई कॉर्नर मोबाइल एप पर अद्यतन (अपडेट) की जाएगी। इससे सेवानिवृत्ति, पदोन्नति, वेतन विसंगति आदि के समय किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। 


नई व्यवस्था के अनुसार अब कर्मचारियों की प्रोफाइल को कार्मिक संपदा पोर्टल पर लोड और अपडेट करना अनिवार्य होगा। इसके लिए एम्प्लाई कॉर्नर मोबाइल एप और वेब पोर्टल विकसित किए गए हैं।संचालनालय कोष एवं लेखा की इस नई व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। कर्मचारियों की सेवा संबंधी "कुंडली" को अद्यतन रखने में यह व्यवस्था अत्यंत सहायक सिद्ध होगी। हालाँकि 2019 से कार्मिक संपदा मॉड्यूल का उपयोग किया जा रहा है, किंतु यह नवीन डिजिटल प्लेटफॉर्म कर्मचारियों को उनकी व्यक्तिगत एवं सेवा संबंधी जानकारी त्वरित व सुविधाजनक रूप से उपलब्ध कराएगा। 

संचालक कोष एवं लेखा श्री रितेश अग्रवाल ने कहा कि यह पाया गया है कि कार्मिक संपदा पोर्टल पर अधिकांश कर्मचारी अपनी जानकारी अपडेट नहीं करते हैं, जिसके कारण सेवानिवृत्ति के समय उन्हें अनेक प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कार्मिक संपदा मॉड्यूल में व्यक्तिगत जानकारी अपडेट करने की जिम्मेदारी कार्यालय प्रमुख की होती है, लेकिन इसमें समय लगने के कारण असुविधाएँ उत्पन्न होती हैं। इन समस्याओं के समाधान हेतु एम्प्लाई कॉर्नर मोबाइल एप विकसित किया गया है, जो कर्मचारियों को स्वयं लॉगिन कर अपनी जानकारी अपडेट करने की सुविधा देता है।

अब सेवा संबंधी जानकारी, नामिनी परिवर्तन, बैंक खाता परिवर्तन आदि के लिए कार्यालय प्रमुख पर निर्भरता नहीं रहेगी, जिससे अनावश्यक विलंब की स्थिति में भी कमी आएगी। स्थानांतरण, वेतन निर्धारण, पदोन्नति और अन्य प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और प्रगति सुनिश्चित होगी। साथ ही सेवा के दौरान और सेवानिवृत्ति उपरांत मिलने वाले लाभ जैसे पेंशन, जीपीएफ, उपादान, अवकाश नगदीकरण आदि प्रकरणों का शीघ्र निराकरण संभव होगा, क्योंकि संबंधित डेटा अद्यतन रहेगा।

कार्मिक संपदा एप से मिलेंगे ये प्रमुख लाभ

कर्मचारियों से प्राप्त सेवा संबंधी आवेदनों का निपटारा सक्षम अधिकारी समयबद्ध तरीके से कर सकेंगे। मॉड्यूल के अद्यतन होने से वेतन विसंगति से जुड़ी समस्याएँ कम होंगी। कर्मचारी  एम्प्लाई कॉर्नर मोबाइल एप या वेब एप्लिकेशन पर लॉगइन कर जानकारी स्वयं अपडेट कर सकते हैं। प्रोफाइल अद्यतन की प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने के उद्देश्य से यह एप और पोर्टल तैयार किया गया है। इसके उपयोग के लिए एसओपी (Standard Operating Procedure) की जानकारी https://ekoshonline.cg.gov.in/Advertisement/sop_karmik_website_merged.pdf में दी गई है।

साथ ही, शासकीय कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति उपरांत महालेखाकार कार्यालय में अंतिम जीपीएफ दावा को पूर्णतः ऑनलाइन माध्यम से प्रस्तुत करने की व्यवस्था भी तैयार की गई है। इससे दावे के निराकरण में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा।

इसके अतिरिक्त, ऑनलाइन जीपीएफ क्रेडिट मिसिंग मॉड्यूल भी विकसित किया गया है, जिससे कार्यालय प्रमुख और कर्मचारी सेवा काल के दौरान मिसिंग जीपीएफ एंट्री का ऑनलाइन सुधार कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का यह स्पष्ट दृष्टिकोण है कि राज्य शासन का प्रत्येक निर्णय आम जन और कर्मचारियों के हित में हो। यह डिजिटल पहल कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा, प्रक्रिया में पारदर्शिता और त्वरित निपटान की दिशा में एक सशक्त कदम है, जो छत्तीसगढ़ को ई-गवर्नेंस की अग्रणी श्रेणी में स्थापित करता है।
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सुकमा जिले के पुसगुन्ना क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान में दो नक्सली न्यूट्रलाइज – मुख्यमंत्री ने दी जवानों को बधाई

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सुकमा जिले के कुकानार थाना अंतर्गत पुसगुन्ना क्षेत्र में पुलिस जवान एवं सुकमा डीआरजी की संयुक्त पुलिस टीम के जवानों को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिलने पर बधाई दी है।


उल्लेखनीय है कि सर्चिंग के दौरान हुई मुठभेड़ में दो नक्सलियों को जवानों ने न्यूट्रलाइज किया है, जिनमें 5 लाख रुपए का इनामी पेदारास एलओएस कमांडर बमन भी शामिल है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे सुरक्षाबल के जवान पूरी ताकत से नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने जवानों की इस बहादुरी और अदम्य साहस की सराहना करते हुए कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ यह सफलता सुरक्षा बलों के अथक प्रयासों का परिणाम है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार नक्सलवाद के खात्मे के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और जवानों को हर संभव मदद एवं सहयोग दिया जाएगा।
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की गारंटी से छत्तीसगढ़ में हर क्षेत्र में हो रहा तेजी से विकास: डबल इंजन सरकार ने नक्सलवाद पर लगाया ब्रेक, विकास को दी रफ्तार - मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की नेतृत्व में केन्द्र सरकार के 11 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित प्रेसवार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के 11 वर्ष का कार्यकाल अनेक मायनों में ऐतिहासिक रहा है। उनके दूरदर्शिता पूर्ण नेतृत्व में देश ने समावेशी विकास, समृद्धि और खुशहाली के नये दौर में कदम रखा है। मोदी जी के नेतृत्व वाली सरकार का हर दिन अंत्योदय की साधना को समर्पित रहा है। सबका साथ-सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की भावना के साथ समाज के सभी वर्ग विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उनके कार्यकाल में देश और दुनिया में भारत का गौरव बढ़ा है। छत्तीसगढ़ ने डबल इंजन की सरकार में चौतरफा विकास के नये आयाम गढ़े हैं। चाहे विकास की बात हो या माओवादी आतंक से निपटने की, केन्द्र सरकार के राज्य सरकार को भरपूर समर्थन और सहयोग मिला है।


डबल इंजन की सरकार ने छत्तीसगढ़ में विकास के गढ़े नये आयाम

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में डबल इंजन की सरकार बनते ही किसान भाइयों से की गई मोदी जी की गारंटी भी साकार हुई। हमने बकाया बोनस देने के साथ 3100 रुपए प्रति क्विंटल और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान की खरीदी की गई है। पिछले साल छत्तीसगढ़ में रिकार्ड 149 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई। इन 11 सालों में देश में जो बड़ा बदलाव आया है, उससे छत्तीसगढ़ सहित देश के प्रत्येक नागरिक का जीवन स्तर बेहतर हुआ है। पीएम आवास के जरिए गरीब परिवारों के घर का सपना पूरा हुआ। छत्तीसगढ़ में हमने सरकार गठन के दूसरे दिन ही पहली कैबिनेट में 18 लाख पीएम आवास को मंजूरी देकर मोदी जी के वायदे को पूरा किया है। प्रदेश में 26 लाख से अधिक पीएम आवास मंजूर किए जा चुके हैं। इनमें से 15 लाख 38 हजार आवास बन चुके हैं।  

किसानों और माताओं-बहनों का हो रहा आर्थिक सशक्तिकरण  

मुख्यमंत्री ने कहा कि 5 लाख 62 हजार भूमिहीन किसानों को भी हर साल 10-10 हजार रुपए की राशि हमारी राज्य सरकार दे रही है। किसान भाइयों के खाते में अब तक एक लाख करोड़ रुपए की राशि प्रेषित कर चुके हैं। डेढ़ साल पहले विधानसभा चुनावों में मोदी जी ने महतारी वंदन योजना के रूप में हर महीने एक-एक हजार रुपए माताओं-बहनों को देने की गारंटी दी थी। हमने यह वादा तीसरे महीने ही पूरा कर दिया और करीब 70 लाख माताओं-बहनों को हर महीने यह राशि दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हमारी सरकार ने मोदीजी की अधिकांश बड़ी गारंटियों को पूरा कर कीर्तिमान स्थापित किया है, निसंदेह इसका श्रेय भी मोदीजी को है, जिनकी गारंटी पर जनता ने भरोसा कर हमें सेवा का अवसर दिया। 

माओवादी आतंकवाद पर सख्त प्रहार 

आंतरिक सुरक्षा की सबसे बड़ी चुनौती माओवादी आतंक के खात्मे का मोदी जी और अमित शाह जी का संकल्प भी सिद्ध हो रहा है। छत्तीसगढ़ में बीते डेढ़ साल में 425 माओवादियों को न्यूट्रलाइज किया गया है। 1388 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं और 1443 को गिरफ्तार किया गया है। नक्सल विरोधी अभियान में हमारे जवानों ने बसवराजू और सुधाकर जैसे बड़े नक्सलियों कोे न्यूट्रलाइज कर माओवाद की रीढ़ तोड़ दी है। 

जनजातीय समाज के विकास के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने भारत मां के वीर सपूत धरती आबा भगवान बिरसामुण्डा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस घोषित कर जनजातीय अस्मिता को गौरवान्वित किया है। जनजातीय समाज के उत्थान के लिए मोदी सरकार द्वारा पीएम जनमन योजना प्रारंभ की गई। इस योजना से छत्तीसगढ़ के 18 जिलों के 2121 गांवों में विशेष पिछड़ी जनजाति के 2 हजार 160 बसाहटों में तेजी से बुनियादी सुविधाओं का विकास हो रहा है। पीएम जनमन योजना में 2449 किलोमीटर सड़क स्वीकृत की गई हैं। जनजातीय समाज उत्थान पर केन्द्रित धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का सबसे अधिक लाभ छत्तीसगढ़ जैसे आदिवासी बाहुल्य राज्यों को मिल रहा है। राज्य के 32 जिलों में 6 हजार 691 जनजातीय ग्रामों को लाभान्वित किया जा रहा है। 

गरीब कल्याण और उज्जवला योजना से महिलाओं को मिल रही राहत

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का अब तक का कार्यकाल सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के अनुष्ठान की तरह है। गरीब, किसान, पिछड़े, दलित और आदिवासियों का कल्याण उनकी पहली प्राथमिकता है। उज्जवला योजना के तहत छत्तीसगढ़ में 36 लाख 76 हजार बहनों को उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन मिला है। प्रधानमंत्री जी ने गरीब कल्याण योजना के माध्यम से गरीबी रेखा के लोगों के लिए अगले पांच वर्षों तक निःशुल्क खाद्यान्न योजना शुरू की है। प्रदेश में भी 71 लाख से अधिक परिवारों को इसका लाभ मिल रहा है। 

किसानों और तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिल रहा योजनाओं का लाभ 

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी किसानों की आमदनी दुगुनी करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। छोटे और सीमांत किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत हर साल छह हजार रुपए की राशि दी जा रही है। छत्तीसगढ़ में 26 लाख किसान भाइयों को इस योजना का लाभ मिल रहा है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के रूप में किसानों को सुरक्षा कवर प्रदान किया। हमने तेंदूपत्ता संग्राहकों का संग्रहण पारिश्रमिक 4 हजार से बढ़ाकर साढ़े पांच हजार रुपए कर दिया। इस तरह मोदी जी की एक और गारंटी को हमने पूरा किया। हर घर स्वच्छ जल पहुंचाने के लिए माननीय प्रधानमंत्री जी के विजन पर आधारित जल जीवन मिशन के लिए अब तक छत्तीसगढ़ को केन्द्र से 6,178.33 करोड़ रूपए मिले हैं।

भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और पारदर्शी शासन-प्रशासन के लिए गए बड़े निर्णय

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने भ्रष्टाचार के रास्ते बंद करने का काम किया है। कोयले के परिवहन की परमिट व्यवस्था को ऑनलाईन कर दिया है। इससे कोयला परिवहन में होने वाली धांधली रूकेगी तथा राजस्व का नुकसान कम होगा। आबकारी विभाग से जुड़ी लाइसेंस प्रक्रियाओं को ऑनलाईन किया है। प्रदेश में जेम पोर्टल के जरिए ही सरकारी विभागों में खरीददारी का नियम अनिवार्य रूप से लागू किया गया है। मोदी जी ने छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनावों के पूर्व युवाओं से पीएससी घोटाले के आरोपियों पर कार्रवाई का वायदा किया था। हम इस घोटाले की सीबीआई जांच कराकर इस परीक्षा को पारदर्शी बनाने के लिए कई कदम उठा रहे हैं।  

नई औद्योगिक नीति से निवेश और विकास

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने नई औद्योगिक नीति लागू की है। इनवेस्ट कनेक्ट के जरिए छत्तीसगढ़ में अब तक साढ़े पांच लाख करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। हमने सुशासन के मंत्र पर आगे बढ़ते हुए सुशासन एवं अभिसरण विभाग गठित किया है। यह विभाग दूसरे विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाने का काम कर रहा है। आज छत्तीसगढ़ में किसी उद्योगपति या व्यवसायी को कोई कारोबार शुरू करना हो तो उसे अलग-अलग सरकारी विभागों के चक्कर नहीं काटने पड़ते। सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 इसका एक बेहतरीन उदाहरण है। नई औद्योगिक नीति में हम कोर सेक्टर के साथ ही आईटी, सर्विस और टूरिज्म पर खास ध्यान दे रहे हैं। प्रदेश का पहला सेमीकंडक्टर प्लांट नवा रायपुर अटल नगर में 1100 करोड़ रूपए की लागत से बन रहा है। हम देश का पहला एआई डाटा सेंटर पार्क स्थापित कर रहे हैं। अंबिकापुर, बिलासपुर और जगदलपुर एयरपोर्ट में एयर कनेक्टिविटी की सुविधा बढ़ी है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मिली है एतिहासिक उपलब्धियां

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने चौतरफा प्रगति की नयी कहानी लिखी है। ऐसी-ऐसी उपलब्धि हासिल की गयी है जिसकी इससे पहले कल्पना भी नहीं थी। श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण, अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी किया जाना आदि दर्जनों उपलब्धियों का वर्णन इतिहास करेगा।

प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत की दुनिया में बढ़ी है साख

अंतराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन हो या कोराना काल में वैक्सीन मैत्री, मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने वसुधैव कुटुंबकम के मंत्र को सफल बनाया है। मोदी सरकार के निर्णयों से भारत की दुनिया में साख और धाक दोनों बढ़ी है। आज का भारत पहले किसी को छेड़ता नहीं है, लेकिन बेवजह छेड़ने वालों को छोड़ता भी नहीं है। यह सब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मजबूत नेतृत्व की वजह से संभव हुआ है। सर्जिकल स्ट्राइक से लेकर ऑपरेशन सिंदूर में दुनिया आतंकवाद के खिलाफ भारत के संकल्प को देख चुकी है। आज देश के सर्वाेच्च पद पर जनजातीय समाज की बेटी श्रीमती द्रौपदी मुर्मु राष्ट्रपति के रूप में विराजमान हैं। यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व से संभव हुआ है। 

स्वच्छ भारत अभियान बना एक सामाजिक आंदोलन

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के द्वारा शुरू किया गया स्वच्छ भारत अभियान देश में एक सामाजिक आंदोलन का रूप ले चुका है। छत्तीसगढ़ में 05 जिले, 58 विकासखण्ड और 17 हजार से अधिक गांव ओडीएफ प्लस मॉडल घोषित किए जा चुके हैं। हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के न्यूनतम सरकार एवं अधिकतम शासन के उद्देश्य को साकार करते हुए सिर्फ डेढ़ साल में 350 नीतिगत सुधार कर चुकी है। आज हमारा देश स्वच्छ और अक्षय ऊर्जा का दुनिया में सिरमौर बनकर उभरा है। अंतराष्ट्रीय सौर ऊर्जा गठबंधन और अंतराष्ट्रीय जैव ईंधन गठबंधन की स्थापना अक्षय ऊर्जा की दिशा में बड़ा कदम है। हम छत्तीसगढ़ में सोलर एनर्जी को बढ़ावा के साथ ही 2070 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को साकार करने के लिए ग्रीन स्टील के उत्पादन को बढ़ावा दे रहे हैं। पर्यावरण अनुकूल विकास को लेकर पीएम मोदी जी के आव्हान पर हमने प्रदेश में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत 2.50 करोड़ पौधे लगाए हैं। विकसित भारत की भव्य ईमारत स्टील से ही तैयार होगी। हमारी वर्तमान स्टील उत्पादन क्षमता 28 मिलियन टन है, जिसे 2030 तक 45 मिलियन टन करने की ओर बढ़ रहे हैं। 

रेल सुविधाओं के विस्तार पर हो रहा निरंतर कार्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 48 हजार करोड़ रुपए की लागत से रेलवे सुविधाओं के विस्तार पर काम हो रहा है। जगदलपुर-रावघाट को कनेक्टिविटी मिल गई है। खरसिया-परमालकसा रेल नेटवर्क की स्वीकृति मिल गई है। छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास के लिए यह बड़ी उपलब्धि होगी। प्रदेश के 32 रेल्वे स्टेशनों को एक हजार 680 करोड़ की लागत से अमृत स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। हाल ही में 5 अमृत रेल्वे स्टेशन का लोकार्पण किया गया है। राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास पर पिछले 11 साल में 21 हजार 380 करोड़ रूपए खर्च किए गए हैं। वर्तमान में 18,215 करोड़ रूपए के लागत की 37 परियोजनाएं प्रगतिशील है। मोदी जी के कार्यकाल में प्रदेश में रेल से जुड़ी परियोजनाओं के बजट में 11 वर्षों में 23 गुणा बढ़ोत्तरी हुई हैं। 2014 में करीब 300 करोड़ रूपए था, वह 2025-26 में 6 हजार 925 करोड़ रूपए हो गया है। रायपुर-विशाखापत्तनम एक्सप्रेसवे तथा बिलासपुर-उरगा-पत्थलगाँव फोरलेन का निर्माण किया जा रहा है। भारत सरकार ने 2014 से 2025 तक लेफ्ट विंग एक्सट्रिमिस्म (एल. डब्लू. ई) के अंतर्गत चयनित महत्वपूर्ण सड़कों के विकास के लिए 2625 करोड़ रुपये खर्च किये है।

नदियों को जोड़ने की परिकल्पना होगी साकार 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी जी ने नदियों को जोड़ने की परिकल्पना की थी। इस वर्ष हम उनके जन्म शताब्दी वर्ष को अटल निर्माण वर्ष के रूप में मना रहे हैं। कुछ दिन पहले ही माननीय प्रधानमंत्री जी से बोधघाट परियोजना और इंद्रावती-महानदी रिवर इंटरलिंक योजना पर अहम चर्चा हुई है। इस परियोजना से बस्तर में 7 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई संभव होगी। 

एक्सप्रेस-वे के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों के विकास में आएगी तेजी
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि रांची और विशाखापट्नम से छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाली एक्सप्रेस-वे हमारे बस्तर और सरगुजा जैसे जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए वरदान होंगे। आयुष्मान कार्ड के माध्यम से करोड़ों लोग स्वास्थ्य की चिंता से मुक्त हो गये हैं। छत्तीसगढ़ में भी 81 लाख परिवारों के 2 करोड़ 38 लाख से अधिक लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। इनमें से 38.47 लाख लोगों को 8 हजार 241 करोड़ रूपए का उपचार लाभ मिला है। राज्य में 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के 3.69 लाख बुजुर्गों को वय वंदन आयुष्मान कार्ड जारी किया गया है। 

बस्तर में तरक्की का नया सूर्याेदय

मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद पर मोदी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति से बस्तर में तरक्की का नया सूर्याेदय देखने को मिल रहा है। जहां कभी बंदूक की गोलियां गूंजती थी, वहां बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन विकास के प्रति लोगों की उम्मीद को जाहिर करते हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश पिछले 11 वर्षाे में विरासत के साथ विकास की यात्रा पर आगे बढ़ा है। अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर निर्माण के साथ महाकुंभ-2025 का अभूतपूर्व आयोजन भारतीय सनातन संस्कृति का जयघोष है। मोदी जी की सरकार ने केंद्रीय करों में राज्य का हिस्सा 32 प्रतिशत से बढ़ा कर 42 प्रतिशत किया, जिससे छत्तीसगढ़ में राजस्व में अब तक कुल 62 हजार 509 करोड़ राशि की वृद्धि हुई है।

विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में छत्तीसगढ़ की अहम भूमिका

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए छत्तीसगढ़ भी अहम भूमिका निभाएगा। इसके लिए हमने विजन डॉक्यूमेंट भी बनाया है। हम सब मोदी जी के नेतृत्व में एक ऐसा भारत बनाने जा रहे हैं, जहां प्रत्येक भारतवासी की विकास की आकांक्षा पूरी होगी।  

प्रेस वार्ता में संकल्प से सिद्धि अभियान के संयोजक श्री रजनीश सिंह, प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव, विधायक श्री सुनील सोनी, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री मोती साहू, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा, प्रेस अधिकारी श्री आलोक सिंह, भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री अमित चिमनानी, प्रदेश प्रवक्ता श्री दीपक म्हस्के, सह मीडिया प्रभारी श्री अनुराग अग्रवाल,जिलाध्यक्ष रमेश ठाकुर , सोशल मीडिया संयोजक श्री सोमेश पांडे, आईटी संयोजक श्री सुनील पिल्लई भाजपा नेता श्री उज्ज्वल दीपक मौजूद रहे।
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प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता को घर-घर तक पहुंचाने की संकल्पना हो रही है पूरी : मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित के नवनियुक्त प्राधिकृत अधिकारी श्री केदारनाथ गुप्ता के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में शामिल हुए और उन्हें शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जशपुर जिले के फरसाबहार में अपेक्स बैंक की नई शाखा का वर्चुअल शुभारंभ किया और क्षेत्रवासियों को बधाई दी।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकार से समृद्धि की संकल्पना को साकार किया जा रहा है। उनकी प्रेरणा से प्रदेश के घर-घर को सहकारिता से जोड़ने का कार्य हमारी सरकार कर रही है। श्री साय ने कहा कि नवनियुक्त प्राधिकृत अधिकारी के नेतृत्व में प्रदेश में सहकारिता को और अधिक मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि सहकारी गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ मिलकर प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। हाल ही में हमने दुधारू पशु वितरण का शुभारंभ किया है, जिसके अंतर्गत पायलट प्रोजेक्ट के लिए प्रदेश के 6 जिलों का चयन कर हितग्राहियों को दो-दो दुधारू गाय वितरित की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश के किसानों और ग्रामीण जनों को बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने की एक बड़ी पहल हमने इस वर्ष पंचायती राज दिवस से प्रारंभ की है। प्रदेश के 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र खोले गए हैं, जिसके माध्यम से ग्राम पंचायत भवन में ही बैंकिंग सुविधा मिल रही है। उन्होंने बताया कि अगले पंचायती राज दिवस तक यह सुविधा प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों में उपलब्ध हो जाएगी, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के मुख्यमंत्रित्व काल के दौरान सहकारिता के क्षेत्र में हुए बड़े बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री श्री सिंह ने किसानों को अल्पकालिक ऋण के लिए भारी-भरकम ब्याज दर से मुक्ति दिलाई और ब्याज दरों को लगातार कम कर किसानों को राहत दी। अब किसानों को कृषि कार्यों के लिए बिना किसी ब्याज के अल्पकालिक ऋण उपलब्ध हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने फरसाबहार में अपेक्स बैंक की नई शाखा खुलने पर क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि अब किसानों को बैंकिंग सुविधा के लिए 50-60 किलोमीटर दूर पत्थलगांव नहीं जाना पड़ेगा। इस पुनीत पहल के लिए उन्होंने सहकारिता विभाग को साधुवाद दिया।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ में सहकारिता का बीजारोपण करने वाले महान विभूतियों को पुण्य स्मरण करते हुए अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में श्री वामनराव लाखे और ठाकुर प्यारेलाल जैसे पुरोधाओं ने सहकारिता की नींव रखी, जिसका विकसित स्वरूप आज हम सभी देख रहे हैं। यह वर्ष सहकारिता का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष है, और केन्द्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के प्रयासों से निश्चित रूप से इस क्षेत्र में चमत्कारिक परिवर्तन हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के अथक प्रयासों से प्रदेश के किसानों के जीवन में खुशहाली आई है। पूरे देश में वे पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने प्रति एकड़ 21 क्विंटल और 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय ने सहकारिता को राज्य के अंतिम गांव तक पहुंचाने का कार्य किया है। अपेक्स बैंक प्रदेश में 40 हजार करोड़ रुपए के टर्नओवर के साथ सबसे शक्तिशाली संगठन है और इसके माध्यम से अब तक 7 हजार 5 सौ करोड़ रुपए का ऋण किसानों को उपलब्ध कराया गया है।

डॉ. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से देश के हर एक नागरिक को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा गया और इसी का परिणाम है कि आज बिना किसी बिचौलिए के शत-प्रतिशत राशि सीधे हितग्राहियों के खाते में प्राप्त हो रही है। उन्होंने कहा कि सहकारिता के क्षेत्र में अभी भी अपार संभावनाएं हैं और शत-प्रतिशत किसानों को सहकारिता और अपेक्स बैंक से जोड़ने का काम शीघ्र पूरा करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री की उपस्थिति में मजगांव डॉक शिप बिल्डर्स लिमिटेड ने सत्य साईं हॉस्पिटल को 2.25 करोड़ रुपए की सहायता राशि सौंपी

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में कार्यक्रम में मजगांव डॉक शिप बिल्डर्स लिमिटेड ने सीएसआर गतिविधियों के तहत राजधानी रायपुर के सत्य साईं हृदय चिकित्सालय को 2.25 करोड़ रुपए की सहायता राशि का चेक सौंपा। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए मजगांव डॉक शिप बिल्डर्स लिमिटेड के प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया।

प्रदेश के सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री साय किसानों की समृद्धि के चिंतन पर हमेशा बल देते हैं। अपने मुख्यमंत्रित्व कार्यकाल में डॉ. रमन सिंह ने किसानों को भरपूर सम्मान दिया, उनकी समृद्धि की चिंता की, आज मुख्यमंत्री श्री साय उसी संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं। प्रदेश सरकार की धान खरीद नीति की चर्चा करते हुए श्री कश्यप ने कहा कि प्रदेश के 2,739 उपार्जन केंद्रों के जरिए प्रदेश में 149 लाख मीटरिक टन धान खरीदा गया है। प्रदेश सरकार इसके अलावा दुग्ध, मत्स्य, लघु वनोपज समितियों को आगे बढ़ाने का काम कर रही है और अभी प्रदेश में 711 इन समितियों को गठन हुआ है तथा 530 नई अपेक्स समितियाँ और गठित की जा रही हैं। श्री कश्यप ने कहा कि किसानों के सहयोग और सहकार से समृद्धि तक पहुँचना है क्योंकि बिना सहकार, नहीं उद्धार।

अपेक्स बैंक के नवनियुक्त प्राधिकृत अधिकारी केदारनाथ गुप्ता ने अपने सम्बोधन में प्रदेश सरकार व भाजपा नेतृत्व को विश्वास दिलाया कि वह और विभागीय मंत्री व अपेक्स बैंक की टीम अब हर महीने अपने काम का रोडमैप बनाएंगे, उसकी समीक्षा करेंगे और हर साल एक-एक पायदान सहकारिता को आगे बढ़ाने का काम करेंगे। श्री गुप्ता ने अपने प्रति व्यक्त विश्वास और सौंपे गए दायित्व के लिए मुख्यमंत्री श्री साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण सिंह देव, संगठन महामंत्री पवन साय समेत सभी भाजपा पदाधिकारियों, वरिष्ठ नेताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जब-जब भाजपा की सरकार आती है, तब-तब एक सकारात्मक बदलाव नजर आता है। प्रबल राजनीतिक इच्छाशक्ति, सेवा और सुशासन का भाव लेकर भाजपा की सरकार काम करती है। डॉ. रमन सिंह के मुख्यमंत्रित्व काल से लेकर पिछले डेढ़ वर्षों में मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में किए गए कार्यों की चर्चा करते हुए श्री गुप्ता ने कहा कि जितने सीमित संसाधनों के साथ डॉ. सिंह के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ में विकास हुआ, उतने ही सीमित संसाधनों में प्रदेश की मौजूदा साय-सरकार लोककल्याण के काम साँय-साँय कर रही है। इसके उलट पिछली कांग्रेस सरकार के शासनकाल में केवल लूट-खसोट मची रही, किसानों को बारदाना के नाम पर परेशान व प्रताड़ित किया गया, जबकि आज प्रदेश सरकार ने ये सारी व्यवस्थाएँ अपने संसाधनों से करके किसानों को राहत प्रदान की।


पदभार ग्रहण समारोह में सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, विधायक श्री राजेश मूणत, विधायक श्री अनुज शर्मा, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, विधायक श्री सुनील सोनी, विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्ष, अपर मुख्य सचिव सहकारिता श्री सुब्रत साहू और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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संतु चक्रेस को मिला सपनों का आशियाना, मुख्यमंत्री से पक्के मकान की चाबी पाकर भावुक हुए बुजुर्ग

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण न सिर्फ जरूरतमंदों को पक्का मकान दे रही है, बल्कि उनके सपनों को भी नया ठौर और आत्म-सम्मान दे रही है। ऐसी ही एक कहानी है जशपुर जिले के कांसाबेल विकासखंड के ग्राम दोकड़ा निवासी 70 वर्षीय संतु चक्रेस की।

वर्षों तक कच्चे घर में कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताने वाले बुजुर्ग संतु चक्रेस आज बेहद प्रसन्न हैं क्योंकि उन्हें उनका पहला पक्का घर मिल गया है। खास बात यह रही कि इस घर की चाबी उन्हें मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के हाथों से मिली, जब वे हाल ही में जशपुर प्रवास पर थे।

भावुक संतु चक्रेस ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि "उम्र के इस पड़ाव में जब चिंता से मुक्त होकर जीना चाहता है, तब यह पक्का मकान मेरे लिए भगवान का आशीर्वाद है। अब मुझे और मेरे परिवार को न तो बारिश से डर है और न ही जहरीले जीव-जंतुओं से। अब हमारा भी एक सुरक्षित और मजबूत आशियाना है।"

संतु चक्रेस ने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान स्वीकृत हुआ था, जो अब पूर्ण रूप से बनकर तैयार है। यह महज एक मकान नहीं, बल्कि उनके लिए आत्म-सम्मान, सुरक्षा और स्थायित्व का प्रतीक है।

वर्षों तक झोपड़ी जैसे घर में जीवन बिताने के बाद जब उन्हें अपना खुद का ठोस छत मिला, तो उनके चेहरे की खुशी देखने लायक थी।

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कांकेर में मेडिकल कॉलेज की समीक्षा में शामिल हुए स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत 2047” के विजन को साकार करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने चिकित्सा और सामुदायिक विकास दोनों क्षेत्रों में महत्वपूर्ण बैठक लेकर मंगलवार को कांकेर जिले में  समीक्षा की। मंत्री श्री जायसवाल ने जिले के नांदनमारा स्थित इंदिरा गांधी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में आयोजित स्वशासी समिति की बैठक लेकर कॉलेज की कार्यप्रणाली, आधारभूत ढांचे और चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता पर विस्तार से चर्चा की। मंत्री ने साफतौर पर निर्देश दिए कि सरकारी मेडिकल कॉलेजों को इस रूप में विकसित किया जाए कि वे जनता की पहली पसंद बनें। उन्होंने कहा कि बाह्य रोगी विभाग व अंतःरोगी सेवाओं में संवेदनशीलता और उत्कृष्टता लाना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।

“जनता को केवल इलाज नहीं, बल्कि सम्मान और संवेदना भी मिले, यही हमारी चिकित्सा व्यवस्था की पहचान होनी चाहिए।

 स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने चिकित्सा अधिकारियों की बैठक लेते हुए कहा कि विभाग का उद्देश्य सिर्फ उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना ही नहीं है, अपितु आमजनता के प्रति संवेदनशीलता और उन्हें सम्मान भी मिले। स्वास्थ्य मंत्री ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शैक्षणिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया।
        
बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया ने कॉलेज में पारदर्शिता, डिजिटल उपस्थिति प्रणाली, स्टाफ की नियमित नियुक्ति और उत्तरदायित्व तय करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।

 इस अवसर पर  छत्तीसगढ़ शासन चिकित्सा शिक्षा विभाग की आयुक्त श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी, सांसद श्री भोजराज नाग, कांकेर विधायक श्री आशाराम नेताम, मछुआ कल्याण बोर्ड अध्यक्ष श्री भरत मटियारा, हस्तशिल्प बोर्ड अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत एवं अधिष्ठाता डॉ. खान सहित अन्य जनप्रतिनिधि, मेडिकल कॉलेज के स्टॉफ उपस्थित रहे।

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मनेन्द्रगढ़ बीईओ सुरेन्द्र जायसवाल निलंबित

सरगुजा संभाग के आयुक्त ने मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी मनेन्द्रगढ़ सुरेन्द्र प्रसाद जायसवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई राज्य शासन के निर्देशानुसार शालाओं और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के दौरान बरती गई अनियमितताओं के चलते की गई है। जारी आदेश के अनुसार, श्री जायसवाल पर शिक्षकों की वरिष्ठता सूची में हेरफेर करने, विषयों की गलत जानकारी देने और चक्रिय नियमों का पालन न करने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।


आदेश में तीन प्रमुख अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है जिस में माध्यमिक शाला लेदरी में वरिष्ठता क्रम में आगे होने के बावजूद श्रीमती गुंजन शर्मा को अतिशेष घोषित किया गया। इसी तरह प्राथमिक शाला चिमटीमार में नियुक्ति तिथि के आधार पर श्रीमती अर्णिमा जायसवाल को अतिशेष माना जाना चाहिए था, किंतु इसके विपरीत श्रीमती संध्या सिंह को अतिशेष सूची में रखा गया। माध्यमिक शाला साल्ही में शिक्षक श्री सूर्यकांत जोशी के विषय की गलत जानकारी दी गई और विषय चक्र का पालन नहीं किया गया।

आयुक्त सरगुजा ने इसे कर्तव्य में लापरवाही और स्वैच्छाचारिता मानते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 और (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत निलम्बन की कार्रवाई की है। निलंबन की अवधि में श्री जायसवाल का मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर नियत किया गया है।
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जनजातीय समाज के विकास के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता : मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आदिम जाति विकास, अनुसूचित जाति विकास, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग के कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने छात्रावास-आश्रम प्रबंधन के लिए नवीन पोर्टल का शुभारंभ किया। साथ ही, आगामी शिक्षण सत्र 2025-26 में प्रदेश के आश्रम छात्रावासों के संचालन हेतु नई व्यवस्था के अंतर्गत शिष्यवृत्ति एवं भोजन सहायता की पहली किश्त (जुलाई से सितंबर) के रूप में 85 करोड़ रुपए का ऑनलाइन अंतरण भी किया।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार विशेष पिछड़ी जनजातियों और आदिवासी समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए संकल्पित है। हमारा लक्ष्य है कि इन वर्गों का जीवन स्तर बेहतर हो, वे आत्मनिर्भर बनें और विकास की मुख्यधारा में सम्मिलित हों। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जनजातीय समुदाय की सदैव चिंता करते हैं और उनके विकास के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं। केंद्र सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आवास जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने हेतु अनेक योजनाएं संचालित कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने पीएम जनमन एवं धरती आबा जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पीएम जनमन योजना के अंतर्गत स्वीकृत आवास और सड़क निर्माण कार्यों को उच्च गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण करने पर जोर दिया। साथ ही, पीएम जनमन योजना के अंतर्गत शिविरों के माध्यम से हितग्राहियों के आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र जैसे मूलभूत दस्तावेजों को तैयार करने का कार्य लगातार जारी रखने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री ने आश्रम-छात्रावासों की समीक्षा करते हुए कहा कि जहाँ आवश्यकता हो, वहाँ सर्वसुविधायुक्त छात्रावास बनाए जाएं। शौचालय, बेड, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित हो। निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि आश्रम-छात्रावासों में बच्चों को दी जाने वाली सुविधाओं में एकरूपता रहे तथा छात्रावासों की निगरानी के लिए रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम को अपनाया जाए।

मुख्यमंत्री ने विभाग द्वारा संचालित क्रीड़ा परिसरों की भी जानकारी ली और बच्चों द्वारा विभिन्न खेलों में अर्जित सफलताओं पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी 20 क्रीड़ा परिसरों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि खेल प्रतिभाएं और निखरें और खिलाड़ी खेलो इंडिया सहित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

प्रयास विद्यालयों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इनमें उच्च शिक्षित प्रशिक्षकों की नियुक्ति होनी चाहिए। साथ ही, इंजीनियरिंग, मेडिकल, क्लैट, सीयूईटी सहित अन्य कैरियर विकल्पों के लिए भी बच्चों को तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया जाए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आदिम जाति विभाग के अंतर्गत स्वीकृत एवं प्रगतिरत भवनों के निर्माण कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने तथा भवनविहीन संस्थानों के लिए सर्वसुविधायुक्त भवन निर्माण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने मध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण एवं अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की बैठक भी शीघ्र आयोजित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने आदिवासी संस्कृति संरक्षण एवं विकास के अंतर्गत देवगुड़ी निर्माण और अखरा विकास के कार्यों की भी समीक्षा की। श्री साय ने अखरा विकास के तहत आस्था स्थलों पर उपयुक्त प्रकाश, बैठक व्यवस्था, शेड और पेयजल सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली में प्रदेश सरकार द्वारा संचालित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सिविल सेवाओं की तैयारी कर रहे बच्चों के मार्गदर्शन के लिए हाल ही में चयनित अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों से चर्चा कर सुझाव लिए जाएं ताकि वर्तमान परिदृश्य के अनुरूप युवाओं को रणनीति बनाने में मदद मिल सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इससे प्रदेश के अधिकाधिक युवा उच्च पदों पर पहुँचकर राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

बैठक में एकलव्य आवासीय विद्यालय, मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना, जनजातीय बहुउद्देश्यीय विपणन केंद्र, वन अधिकार पत्र सहित अन्य विभागीय योजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री ने आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय निर्माण की प्रगति की समीक्षा की

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर में निर्माणाधीन शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय के निर्माण कार्य की समीक्षा की। उन्होंने म्यूजियम के स्वरूप, निर्माण की गुणवत्ता और प्रस्तुत की जाने वाली सामग्री की जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संग्रहालय छत्तीसगढ़ के वीर सपूतों की अमर गाथा को समर्पित होगा। इसमें परलकोट विद्रोह, सोनाखान विद्रोह और भूमकाल विद्रोह जैसे ऐतिहासिक आंदोलनों को विशेष रूप से दर्शाया जाएगा। साथ ही, प्रदेश के प्रमुख जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान को भी जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। हमें गर्व है कि छत्तीसगढ़ की धरती ने स्वतंत्रता संग्राम में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। इन गाथाओं को आधुनिक तकनीकों के माध्यम से दृश्य-श्रव्य तरीके से रोचक और ज्ञानवर्धक रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों को तय समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने पावरप्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से विभागीय गतिविधियों, उपलब्धियां और नवीन कार्य योजना की जानकारी विस्तार पूर्वक मुख्यमंत्री के सामने प्रस्तुत की।

बैठक में आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के मंत्री श्री राम विचार नेताम, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत सहित आदिवासी विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री ने शहीद एएसपी श्री आकाश राव गिरपुंजे को दी श्रद्धांजलि: पार्थिव शरीर को कंधा देकर दी अंतिम विदाई

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज सुकमा जिले के कोंटा में नक्सलियों द्वारा किए गए कायरतापूर्ण आईईडी विस्फोट में शहीद हुए एएसपी श्री आकाश राव गिरपुंजे को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उन्हें अंतिम विदाई दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने माना स्थित चौथी वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल परिसर पहुंचकर शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें नमन किया तथा शहीद के पार्थिव शरीर को कंधा देकर सम्मानपूर्वक विदाई दी।


मुख्यमंत्री श्री साय ने शहीद श्री गिरपुंजे के शोक-संतप्त परिजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएँ प्रकट कीं और उन्हें इस कठिन समय में ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद एएसपी श्री आकाश राव गिरपुंजे ने अपने कर्तव्य के प्रति अदम्य साहस, निष्ठा और समर्पण का परिचय देते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है। हमें उन पर गर्व है। सरकार इस दुःख की घड़ी में उनके परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि लगातार हो रही सुरक्षाबलों की सफल कार्रवाइयों से नक्सली बौखलाए हुए हैं। छत्तीसगढ़ सरकार इस चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शहीद श्री गिरपुंजे की वीरता और देशभक्ति को सदैव याद रखा जाएगा।

मुख्यमंत्री के साथ इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, अपर मुख्य सचिव गृह विभाग श्री मनोज कुमार पिंगुआ, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, शहीद के परिजन, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।

 

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कांग्रेस में नीचे से लेकर ऊपर तक नेतृत्व में परस्पर अविश्वास का आलम - अनुराग अग्रवाल

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मीडिया सह प्रभारी अनुराग अग्रवाल ने कांग्रेस में जिला अध्यक्ष पदों पर नियुक्तियों को लेकर चल रही अंदरूनी रस्साकशी और कवायद के मद्देनजर कटाक्ष करते हुए कहा है कि कांग्रेस में नीचे से लेकर ऊपर तक नेतृत्व में परस्पर अविश्वास का यह आलम है कि अब जिला अध्यक्ष तक की नियुक्ति में राहुल गांधी को सीधी दखल देनी पड़ रही है और वह भी इस हिदायत के साथ कि इसमें कोई किसी की पैरवी नहीं करेगा। श्री अग्रवाल ने कहा कि पिछले दो साल में जिस कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारिणी तक घोषित नहीं की जा सकी है, उस कांग्रेस के नेता संगठन सृजन कार्यक्रम का जुबानी जमाखर्च कर रहे हैं।


भाजपा प्रदेश मीडिया सह प्रभारी अनुराग अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पर दीपक बैज की नियुक्ति को दो साल बीतने आ रहे हैं, लेकिन वह अपनी प्रदेश कार्यकारिणी तक घोषित नहीं कर पाए हैं। क्या दीपक बैज की कार्यकारिणी भी राहुल गांधी तय करेंगे? विधानसभा, लोकसभा, रायपुर दक्षिण उपचुनाव और निकाय व पंचायत चुनावों में करारी हार के बाद कांग्रेस के नेता आपस में ही इतने गुत्थम-गुत्था हुए कि हार के कारणों की समीक्षा के नाम पर कांग्रेस के नेता सिर्फ आरोप - प्रत्योप ही करते रहे और अंततः हार का पूरा ठीकरा कांग्रेस के जिला अध्यक्षों पर फोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जिला अध्यक्षों की आधी-अधूरी नियुक्ति के बाद प्रदेश में गुटबाजी ने ऐसा रंग दिखाया कि केंद्रीय आलाकमान तक को शेष जिला अध्यक्षों की नियुक्ति में पसीना छूट गया। राहुल गांधी ने खुद अभी हाल ही इन नियुक्तियों से पहले चर्चा की थी और अब केंद्रीय नेतृत्व ने सभी 41 जिला अध्यक्षों नियुक्ति को लेकर यह नया शिगूफा छोड़ा है।

भाजपा प्रदेश मीडिया सह प्रभारी अनुराग अग्रवाल ने कहा कि गुटबाजी और परस्पर अविश्वास के दलदल में धँसी कांग्रेस में  यह बड़ी विडम्बना है कि कांग्रेस में जमीनी स्तर पर नियुक्तियों के लिए केंद्रीय नेतृत्व अपनी ओर से पर्यवेक्षक भेजने की बात कर रहा है जिनकी रिपोर्ट पर ये नियुक्तियाँ की जाएंगी। यह स्थिति बताती है कि मुद्दों और नेतृत्व के संकट से गुजर रही प्रदेश कांग्रेस अब विश्वास के भयावह संकट से गुजर रही है और केंद्रीय नेतृत्व को अपने प्रदेश नेतृत्व तक पर भरोसा नहीं रह गया है। कांग्रेस की इससे अधिक बुरी स्थिति और क्या होगी कि कांग्रेस शासनकाल में कांग्रेस के एक तत्कालीन विधायक ने तत्कालीन सरकार के तत्कालीन वरिष्ठ मंत्री पर ही हत्या कराने तक का आरोप लगा दिया था। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर संगठन की वास्तविक स्थिति साफगोई से जमीनी कार्यकर्ता ही बता पाएगा, लेकिन उन जमीनी कार्यकर्ताओं के बजाय कांग्रेस नेतृत्व अब अपने पर्यवेक्षकों के भरोसे प्रदेश की कांग्रेस को चलाना चाहता है।
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रायगढ़ में बाबा साहब अंबेडकर की प्रतिमा को अपमानित करने की घटना निंदनीय, महापुरुषों का अनादर अक्षम्य है - कांग्रेस

रायगढ़ के चक्रधरनगर कलेक्ट्रेट मार्ग पर अंबेडकर चौक में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की मूर्ति को अपमानित करने की घटना की कड़ी निंदा करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि जिला कलेक्ट्रेट, जिला न्यायालय और पुलिस थानों के 50 मीटर की दूरी पर भी महापुरुषों की प्रतिमा सुरक्षित नहीं है। छत्तीसगढ़ में सामाजिक तत्वों के हौसले इतने बुलंद है कि प्रशासन के नाक के नीचे संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को खंडित करने का कुत्सित प्रयास किया गया। इस घटना को अंजाम देने वाले दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की जानी चाहिए।


प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर सामाजिक न्याय के प्रतीक हैं। उनके प्रति इस तरह की अपमानजनक कृत्य देश की 140 करोड़ जनता के आस्था का अपमान है। ऐसे महापुरुष का अपमान करने वाले सामाजिक तत्वों की तत्काल गिरफ्तारी हो, कठोर से कठोर सजा दी जाए और ऐसी घटनाओं को कार्य करने वालों को किसका संरक्षण है यह भी उजागर होना चाहिए। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर देश के धरोहर हैं, ऐसे महापुरुषों के प्रति असम्मान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि दोषियों पर त्वरित कार्यवाही नहीं की गई तो कांग्रेस उग्र प्रदर्शन करेगी।
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अर्थव्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा, विदेश नीति, रोजगार, कृषि सभी क्षेत्र में मोदी सरकार नाकाम - दीपक बैज

मोदी सरकार के 11 वर्ष पूरे होने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि मोदी सरकार के 11 सालों के अपने कार्यकाल में हर क्षेत्र में विफल साबित हुई। देश की विकास दर 6.5 से कम है, जो कोविड के बाद सबसे कम है। मेक इन इंडिया फेक इन इंडिया साबित हुआ। 2024 में 12700 से अधिक र्स्टाटअप बंद हो गये। राष्ट्रीय सुरक्षा कानून व्यवस्था मोदी सरकार के 11 साल सालो में बर्बाद हो गयी। मणिपुर जल रहा प्रधानमंत्री मोदी नजर चुराते है, पहलगाम हत्याकांड में खुफिया इनपुट को मोदी सरकार ने नजरअंदाज किया, ऑपरेशन सिंदूर का संघर्ष विराम अमेरिकी राष्ट्रपति के घोषणा के बाद किया गया। डोनाल्ड ट्रंप दावा करते है युद्ध विराम उन्होंने कराया। मोदी सरकार उस मौन है। चीन, भारत की जमीन पर कब्जा करता है लेकिन चीन के साथ भारत का व्यापार 99 अरब डालर का आंकड़ा पार कर चुका है। 11 सालों में मोदी सरकार ने देश की जनता को निराश किया है।


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि 11 साल में मोदी सरकार चुनाव में किये वादे को पूरा करने में फेलियर साबित हुई है। अच्छे दिन के सपने दिखा कर और 15-15 लाख रूपए खाता में आने का सब्जबाग दिखाकर 100 दिन में महंगाई कम करने का वादा कर जनता का वोट लेने के बाद मोदी सरकार वोट देने वाली जनता की मूल जरूरत दूध, दही, चावल, दाल, गेहूं, आटा बेसन, पुस्तक, कॉपी, स्टेशनरी, हवाई चप्पल पर ही टैक्स वसूल रही है। पेट्रोल, डीजल पर मनमाना एक्साइज ड्यूटी लगा कर 27 लाख करोड़ रूपए जनता की जेब से निकाल लिया गया। रसोई गैस के दाम में मनमाना वृद्धि कर लूटमार की जा रही है। हर साल दो करोड़ युवाओं के लिये रोजगार का वादा मोदी ने 2014 में किया था, लेकिन 11 सालों में रोजगार के अवसर समाप्त कर दिये गये। जीएसटी नोटबंदी के कारण नौकरियां कम हो गयी।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा के नेता बढ़ती महंगाई, बढ़ती बेरोजगारी पर चर्चा करने से भाग रहे है। देश की जनता का महंगाई से बुरा हाल है। केंद्र में बैठी सरकार मात्र 2 लोग अडानी, अंबानी की आय बढ़ाने के लिये कर रही है। देश की अर्थव्यवस्था डूबने की कगार पर है, बैंक डूब रहे है, एलआईसी डूब रहे है, सरकारी कंपनियां बिक रही है, आम लोगों के रोजगार छीने जा रहे हैं, महंगाई का प्रकोप घर-घर में दिख रहा है पर जवाब देने से बचने के लिए भाजपा का नेता धर्म से धर्म को लड़ा कर, जात से जात को लड़ा कर वैमनस्यता फैलाकर राजनीतिक रोटी सेक रहे है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी को नियंत्रित करने में असफल और नकारा साबित हुई है। अभी हाल ही में देश भर में हुई सर्वे में एक बात सामने आई है कि मोदी सरकार की गलत नीतियों, रोजगार देने में असफलता, पेट्रोल, डीजल में मनमाना एक्साइज ड्यूटी, रेल यात्रा का महंगा होना, सड़कों पर टोल टैक्स के दरों में वृद्धि एवं आवश्यक वस्तुओं पर भी लगाई गई जीएसटी के चलते आम लोगों के आय एवं बचत घटी है और मुखिया को घर चलाने के लिए घर की आवश्यकताओं को पूर्ति करने के लिए 77 प्रतिशत तक के ऋण लेने पड़े है, लेकिन केंद्र की मोदी सरकार को कोई वास्ता नहीं।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शहीद एएसपी श्री आकाश राव गिरपुंजे के निवास पहुंचकर दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज सुकमा जिले के कोंटा में नक्सलियों द्वारा किए गए आईईडी विस्फोट में शहीद एएसपी श्री आकाश राव गिरपुंजे के राजधानी रायपुर स्थित निवास पहुंचकर उनके पार्थिव देह पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने शहीद एएसपी श्री आकाश राव गिरपुंजे के शोकसंतप्त परिवारजनों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की और उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि शहीद एएसपी श्री आकाश राव गिरपुंजे ने अपने कर्तव्य के प्रति अदम्य साहस, निष्ठा और समर्पण दिखाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है। हमें उन पर गर्व है। सरकार इस दुख की घड़ी में उनके परिवार के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री के साथ पहुंचे वन मंत्री श्री केदार कश्यप और गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, पुलिस महानिदेशक श्री अरूण देव गौतम,अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक नक्सल ऑपेरशन श्री विवेकानंद सिन्हा ने भी शहीद श्री गिरपुंजे को श्रद्धांजलि अर्पित की।


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज सुकमा के कोंटा में हुई नक्सल घटना के मद्देनजर अपना राजनांदगांव का प्रस्तावित दौरा स्थगित करते हुए मंत्रालय महानदी भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की हाई लेवल बैठक में इस घटना की जानकारी ली। मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों से सुकमा जिले के कोंटा में नक्सलियों द्वारा किए गए आईईडी विस्फोट के विषय में अधिकारियों से जानकारी ली और नक्सल ऑपरेशन्स की समीक्षा की। उन्होंने घायल जवानों को त्वरित रूप से समुचित इलाज उपलब्ध कराने सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 

बैठक में गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, पुलिस महानिदेशक श्री अरूण देव गौतम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक नक्सल ऑपेरशन श्री विवेकानंद सिन्हा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में सुकमा जिले के कोंटा में नक्सलियों द्वारा किए गए आईईडी विस्फोट में घायल जवानों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने घायल जवानों से उनका हाल-चाल जाना और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। उन्होंने घायल जवानों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने चिकित्सकों को निर्देशित किया।
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