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सुशासन की नई परिभाषा गढ़ता चिंतन शिविर 2.0: तकनीक और नवाचार से गुड गवर्नेंस की राह

छत्तीसगढ़ सरकार के कामकाज को और अधिक प्रभावी एवं जन-हितैषी बनाने के उद्देश्य से भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) रायपुर में चिंतन शिविर 2.0 का आयोजन किया गया। इस शिविर में केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुँचाने के नवाचारों और सुशासन की आधुनिक तकनीकों पर गहन विचार-विमर्श हुआ।


 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उनके मंत्रीमंडल के सहयोगियों ने विषय विशेषज्ञों के साथ सुशासन के विभिन्न पहलुओं पर विचार साझा किए। चिंतन शिविर के अंतिम दिन प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य श्री संजीव सान्याल ने "आर्ट ऑफ गुड गवर्नेंस" विषय पर व्याख्यान देते हुए प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने, राज्य की क्षमताओं में वृद्धि करने, अनावश्यक नियमों को हटाने तथा सरकारी एजेंसियों के पुनर्गठन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सरकारें अपने नीति-निर्धारण और कार्यान्वयन की गुणवत्ता को कैसे अधिक प्रभावी बना सकती हैं।

डिजिटल हेल्थ विशेषज्ञ डॉ. राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता ने डिजिटल स्वास्थ्य तकनीकें और सुशासन  के सम्बन्ध में बताया कि डिजिटल हेल्थ टेक्नोलॉजीज दूरदराज और पिछड़े क्षेत्रों में भी गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने में सक्षम हैं। उन्होंने ई-हेल्थ रिकॉर्ड्स, टेलीमेडिसिन, मोबाइल हेल्थ ऐप्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के उपाय बताए। उन्होंने कहा कि डिजिटल स्वास्थ्य तकनीक से न केवल स्वास्थ्य सेवाएं सशक्त होती हैं, बल्कि शासन के प्रति आम जनता का भरोसा भी बढ़ता है।

राजनीतिक विश्लेषक और लेखक श्री उदय माहुरकर ने "गुड गवर्नेंस टू इलेक्शन" विषय पर भारतीय लोकतंत्र के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य, राजनीतिक आचरण की गुणवत्ता, प्रशासनिक जवाबदेही और नीतियों के जन-हितैषी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि सशक्त और पारदर्शी शासन प्रणाली लोकतंत्र में जनता का विश्वास बढ़ाती है और चुनावी प्रक्रिया को भी प्रभावित करती है। उन्होंने स्थानीय स्तर पर सुशासन को मजबूत करने, चुनावों में पारदर्शिता लाने और प्रशासन में नैतिक मूल्यों की स्थापना के उपायों पर भी प्रकाश डाला।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत तथा भारतीय प्रबंध संस्थान के निदेशक श्री राम काकानी भी उपस्थित थे।
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छत्तीसगढ़ में कृषि के साथ साथ उद्योगों के विकास के लिए है अनुकूल वातावरण : कैरियर निर्माण में अपनी क्षमता का बेहतर उपयोग करें युवा - मुख्यमंत्री

छत्तीसगढ़ में खनिज, वन सहित अन्य प्राकृतिक संसाधन प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। इसके फलस्वरूप कृषि के साथ-साथ उद्योग-धंधों सहित प्रत्येक क्षेत्र में विकास की अपार संभावनाएं हैं। आवश्यकता इस बात की है कि हम अपनी मौजूदा क्षमताओं का सही ढंग से उपयोग कर प्रदेश और देश के नव निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करें।


मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय विगत दिवस नवा रायपुर स्थित आईआईएम परिसर में दंतेवाड़ा के नवोदित उद्यमियों को संबोधित कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि दंतेवाड़ा जिले के 50 युवाओं का एक बैच देश के प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थान आईआईएम में उद्यमिता का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे सभी युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि यह प्रशिक्षण उनके कैरियर निर्माण एवं जीवन संवारने में अत्यंत कारगर सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जब कोई युवा उद्यमी अपने सपनों को साकार करता है, तो वह अनेक युवाओं के लिए प्रेरणा और अवसर का द्वार खोलता है। यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि आप सभी बस्तर क्षेत्र से हैं और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं। आज बस्तर को सबसे संभावनाओं वाला क्षेत्र माना जा रहा है। प्रशिक्षण में आपने उद्यमिता से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें सीख ली हैं। अब उन्हें लागू कर अपने उद्यम को आरंभ कीजिए। शासन की ओर से हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कृषि क्षेत्र के साथ-साथ उद्योगों के विकास के लिए भी अनुकूल वातावरण है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के समग्र विकास के लिए हम निरंतर नवाचार, अनुसंधान तथा उद्यमिता को प्रोत्साहित कर रहे हैं। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए हमने ‘नई औद्योगिक नीति 2024-30’ लागू की है। इस नीति का मूल मंत्र है: “न्यूनतम शासन, अधिकतम प्रोत्साहन।” इसके तहत उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए ‘सिंगल विंडो 2.0’ व्यवस्था लागू की गई है, जिसके माध्यम से सभी आवश्यक क्लीयरेंस सुलभता से प्रदान किए जा रहे हैं। नई औद्योगिक नीति में प्रदेश के पिछड़े माने जाने वाले बस्तर और सरगुजा अंचल को सर्वाधिक निवेश प्रोत्साहन क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया है, ताकि उनका त्वरित विकास सुनिश्चित हो सके।

मुख्यमंत्री श्री साय ने चर्चा के दौरान यह भी बताया कि नई औद्योगिक नीति के अंतर्गत बस्तर में उद्योग स्थापित करने पर विशेष अनुदान का प्रावधान किया गया है। बस्तर के विकास का रोडमैप भी गत माह तैयार किया गया है, जिसमें कृषि, वनोपज आधारित व्यवसाय और पर्यटन सहित सभी प्रमुख क्षेत्रों के लिए योजनाएं बनाई गई हैं। बस्तर की कनेक्टिविटी अब उत्कृष्ट हो गई है, जिससे उद्यमियों के उत्पाद देश भर के बाजारों तक आसानी से पहुँच सकें। सड़कों के सशक्त जाल के माध्यम से विकास को प्रोत्साहन मिलता है।

मुख्यमंत्री श्री साय से मुलाकात के दौरान युवा अत्यंत उत्साहित नजर आए और उन्होंने भी अपने अनुभव साझा किए। इस अवसर पर बड़े बचेली से श्री चंद्रकुमार साहू, किरंदुल-बैलाडीला से श्री अभिषेक गुप्ता, बचेली से श्री अनिरुद्ध कुमार, बीजापुर से श्री तेजस्व कुमार एवं श्री नीलम पांडे, बचेली से कु. शिल्पा कुमारी तथा दंतेवाड़ा से श्री राकेश यादव सहित कुल 50 युवा उद्यमी उपस्थित थे।
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सुकमा IED ब्लास्ट में पुलिस अधिकारी के शहीद होने पर राज्यपाल ने जताया शोक

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज नक्सलियों द्वारा सुकमा के डोंड्रा के निकट किए गए IED विस्फोट में  अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आकाश राव गिरीपुंजे के शहीद हो जाने की घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया।


राज्यपाल ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की सद्गति एवं शोक संतप्त परिवार को इस दुःख की घड़ी में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की‌। राज्यपाल ने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की भी कामना की है।
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मुख्यमंत्री श्री साय ने नक्सली हमले में एएसपी आकाश राव गिरपुंजे के शहीद होने पर जताया गहरा शोक

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुकमा जिले के कोंटा में नक्सलियों द्वारा किए गए कायरतापूर्ण आईईडी विस्फोट में एएसपी आकाश राव गिरपुंजे जी के शहीद होने पर गहरा दुःख व्यक्त किया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह अत्यंत ही दुखद है। मैं उनकी शहादत को नमन करता हूँ।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस कायराना हमले में कुछ अन्य अधिकारी एवं जवानों के भी घायल होने की सूचना मिली है। उन्होंने कहा कि घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों द्वारा एक बड़ी लड़ाई लड़ी जा रही है, जिसमें सुरक्षा बलों को लगातार सफलता मिल रही है। इसी से बौखलाकर नक्सली इस तरह की कायराना करतूतों को अंजाम दे रहे हैं। नक्सलियों को इसका परिणाम भुगतना होगा। वह दिन अब ज्यादा दूर नहीं, जब छत्तीसगढ़ से इनका अस्तित्व ही समाप्त कर दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने शहीद एएसपी आकाश राव गिरपुंजे जी के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस दुख की घड़ी में उनके परिवार के साथ खड़ी है।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने चिंतन शिविर 2.0 के दूसरे दिन योग से की दिन की शुरुआत

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) नवा रायपुर परिसर के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ योगासन कर चिंतन शिविर 2.0 के दूसरे दिन की शुरुआत की। उन्होंने योग को स्वस्थ जीवनशैली का आधार बताते हुए कहा कि योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मन को भी शांत करता है और हमें प्रकृति के अधिक समीप लाता है। यह योगाभ्यास न केवल एक प्रेरणादायक पहल थी, बल्कि प्रदेश में स्वास्थ्य एवं संतुलित जीवनशैली को प्रोत्साहित करने का भी सशक्त संदेश था।


मुख्यमंत्री श्री साय के साथ इस योग सत्र में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा तथा आईआईएम रायपुर के निदेशक प्रो. रामकुमार काकानी भी शामिल हुए।
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मुख्यमंत्री ने आईआईएम रायपुर परिसर में किया सुशासन वाटिका का शुभारंभ

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज यहां भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर में आयोजित चिंतन शिविर 2.0 के पहले दिन की शाम आईआईएम परिसर में सुशासन वाटिका का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ सुशासन वाटिका में मौलश्री के पौधे का रोपण किया। 


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के साथ सुशासन वाटिका में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव व श्री विजय शर्मा, वनमंत्री श्री केदार कश्यप, वित्त श्री ओपी चौधरी, उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम , खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, आईआईएम रायपुर के निदेशक प्रो. राम कुमार कांकाणी ने भी मौलश्री का पौधा लगाया।

मौलश्री वृक्ष की विशेषताएँ

मौलश्री एक सुगंधित फूलों वाला वृक्ष है जो भारतीय उपमहाद्वीप, दक्षिण एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया में पाया जाता है। यह एक सदाबहार वृक्ष है जो सामान्यतः 10-15 मीटर तक ऊँचा होता है।
इस के फूल छोटे, सफेद या हल्के पीले रंग के, अत्यंत सुगंधित होते हैं। रात के समय इनकी महक और भी तेज होती है। मौलश्री वृक्ष के औषधीय गुण भी होते हैं और इसका उपयोग कई तरह की समस्याओं के इलाज के लिए किया जाता है। पारंपरिक रूप से इसे मंदिरों के आसपास और घरों के आंगन में लगाया जाता रहा है।
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मुख्यमंत्री श्री साय ने 'चिंतन शिविर 2.0' को बताया नीति-निर्माण का सशक्त मंच

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि ‘चिंतन शिविर 2.0’ जैसे प्रशिक्षण सत्र शासन को नया दृष्टिकोण और नीतिनिर्माण प्रक्रिया को सशक्त बनाने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से मंत्रीगणों को सुशासन और परिवर्तनकारी नेतृत्व के महत्वपूर्ण गुर सीखने का अवसर मिलता है।


आईआईएम रायपुर में आयोजित दो दिवसीय चिंतन शिविर के प्रथम सत्र में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और राज्य के सभी मंत्रीगण शामिल हुए। इस सत्र में ‘परिवर्तनकारी नेतृत्व’, ‘दूरदर्शी शासन’, ‘संस्कृति’, ‘सुशासन’ और ‘राष्ट्र निर्माण’ जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई।

आईआईएम इंदौर के निदेशक प्रो. हिमांशु राय ने ‘परिवर्तनकारी नेतृत्व एवं दूरदर्शी शासन’ विषय पर अपने व्याख्यान में भगवद्गीता के श्लोकों के माध्यम से निष्काम कर्म और नैतिक प्रशासन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कार्य केवल फल की आशा से नहीं, बल्कि उसके सही होने के कारण किया जाना चाहिए।

भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के पूर्व अध्यक्ष डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे ने ‘संस्कृति, सुशासन और राष्ट्र निर्माण’ विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा, “भारत की एकता केवल भौगोलिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक भी है। राष्ट्र निर्माण केवल नीतियों या संसाधनों से नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना और नैतिक मूल्यों से संभव है।” उन्होंने अंत्योदय के महत्व पर बल देते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण को सुशासन की प्राथमिकता बताया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि चिंतन शिविर जैसे आयोजन शासन को नई दिशा और ऊर्जा देते हैं। उन्होंने दोनों विशेषज्ञ वक्ताओं के विचारों को अत्यंत प्रेरणादायक और नीति-निर्माण के लिए उपयोगी बताया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, सुशासन एवं अभिसरण विभाग के विशेष सचिव श्री रजत बंसल, भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर के निदेशक श्री राम काकाणी और सभी मंत्रीगण उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं मंत्रिमंडल का चिंतन शिविर 2.0 शुरू

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों का दो दिवसीय चिंतन शिविर 2.0 आज आईआईएम रायपुर में प्रारंभ हो गया है। छत्तीसगढ़ शासन के सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा भारतीय प्रबंधन संस्थान, रायपुर (आईआईएम) के सहयोग से दो दिवसीय चिंतन शिविर 2.0 का आयोजन किया गया है।


कार्यक्रम के शुभारंभ के पश्चात आज  ‘परिवर्तनकारी नेतृत्व और दूरदर्शी शासन’, संस्कृति, सुशासन और राष्ट्र निर्माण तथा सक्षमता से सततता तक: विकास के लिए सार्वजनिक वित्त पर पुनर्विचार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सत्र का आयोजित किया जा रहा है। दो दिवसीय शिविर के दौरान भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के पूर्व अध्यक्ष डॉ. विनय सहस्रबुद्धे, प्रो. हिमांशु राय (डायरेक्टर आईआईएम इंदौर), डॉ. रविंद्र ढोलकिया (आईआईएम अहमदाबाद), श्री संजीव सान्याल (प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद सदस्य), पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक उदय माहुरकर, ग्लोबल डिजिटल स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. राजेंद्र प्रताप गुप्ता जैसे ख्यातिप्राप्त विशेषज्ञ विभिन्न सत्रों को संबोधित करेंगे।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास मद्दी के पदभार ग्रहण समारोह में हुए शामिल

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कॉर्पोरेशन के नव नियुक्त अध्यक्ष श्रीनिवास मद्दी के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने श्री मद्दी को नई जिम्मेदारी के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि श्री मद्दी सामाजिक रूप से लंबे समय से सक्रिय हैं और उनके पास विभिन्न पदों पर कार्य करने का गहरा अनुभव है। मुझे विश्वास है कि उनका यह अनुभव स्टेट बेवरेजेस कॉर्पोरेशन के कार्यों को सुदृढ़ करने में उपयोगी सिद्ध होगा। श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार अनेक नवाचारों के माध्यम से शासकीय कार्यों में पारदर्शिता ला रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर में शांति स्थापना और विकास के लिए हमारी सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। नक्सल उन्मूलन के साथ-साथ हम बस्तर में अधोसंरचना और पर्यटन विकास के कार्यों को गति दे रहे हैं, ताकि स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त हो सकें। हमने हाल ही में दुधारू पशु योजना के माध्यम से आदिवासी परिवार को दो अच्छी नस्ल की गाय प्रदान करने की शुरुआत की है, जिससे प्रदेश में दूध का उत्पादन बढ़ेगा और किसानों और पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने दिल्ली प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह से हुई मुलाकात में प्रदेश के विकास को लेकर हुई महत्वपूर्ण चर्चाओं का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री से बस्तर में सिंचाई परियोजनाओं और इंद्रावती एवं महानदी को जोड़ने की महत्वाकांक्षी पहल के बारे में सार्थक चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि बस्तर के विकास के साथ-साथ यह विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में एक निर्णायक कदम सिद्ध होगा।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि श्री श्रीनिवास के सामाजिक जीवन के लंबे अनुभव का लाभ निश्चित ही बेवरेजेस कॉर्पोरेशन को मिलेगा। उन्हें पहले भी वन विकास निगम के अध्यक्ष के रूप में कार्य करने का मौका मिला था और उन्होंने बेहतर ढंग से दायित्व का निर्वहन किया। इस अवसर पर नई जिम्मेदारियों के लिए उन्होंने श्री मद्दी को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर जगदलपुर विधायक श्री किरण देव ने भी संबोधित किया एवं शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम में वन मंत्री श्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, सांसद श्री महेश कश्यप, सांसद श्री भोजराज नाग, विधायक श्री राजेश मूणत, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री आशाराम नेताम, विधायक श्री चैतराम अटामी, विधायक श्री विनायक गोयल, विधायक श्री धरमलाल कौशिक, विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कॉर्पोरेशन के प्रबंध संचालक श्री श्याम धावड़े, आबकारी विभाग के अधिकारी-कर्मचारीगण एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय गृहमंत्री से की मुलाकात

 छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह से नई दिल्ली में मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में माओवादी विरोधी अभियानों की अब तक की सफलताओं और बस्तर अंचल में चल रहे विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा तथा मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार की नई रणनीति और केंद्र के सहयोग से नक्सल उन्मूलन अभियान को निर्णायक मोड़ पर पहुंचाया गया है। विगत डेढ़ वर्ष में चलाए गए सघन अभियानों के सकारात्मक परिणाम मिले हैं। 1,428 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, जो बीते पांच वर्षों की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अवगत कराया कि 205 मुठभेड़ों में 427 माओवादी मारे गए, जिनमें संगठन के शीर्ष नेता महासचिव बसवा राजू और सेंट्रल कमेटी सदस्य सुधाकर जैसे कुख्यात माओवादी शामिल हैं। इसके साथ ही, राज्य में 64 नए फॉरवर्ड सुरक्षा कैंपों की स्थापना की गई है, जिससे सुरक्षा नेटवर्क मजबूत हुआ है।

उन्होंने बताया कि इन सुरक्षा कैंपों के आसपास बसे गांवों तक अब बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और स्कूल जैसी बुनियादी सुविधाएं तेजी से पहुँचाई जा रही हैं। ‘नियद नेल्लानार योजना’ के अंतर्गत चिन्हित 146 ग्रामों में एकीकृत रूप से 18 प्रकार की सामुदायिक सेवाएं और 25 प्रकार की शासकीय योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं, जिससे स्थानीय लोगों का विश्वास शासन तंत्र में बढ़ा है।

गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री साय द्वारा प्रस्तुत प्रगति रिपोर्ट की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों से माओवादी गतिविधियों पर निर्णायक नियंत्रण संभव हो रहा है और केंद्र सरकार राज्य को हर संभव सहायता देती रहेगी।
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अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित हो दवाइयों की पहुंच: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वास्थ्य विभाग के सभी प्रमुख अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा है कि दवाइयों की पहुंच अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित होना चाहिए। उन्होंने कहा है कि राज्य में आयुष के जरिए  उपचार की बेहतर संभावनाएं मौजूद हैं , इसे और विस्तारित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आमजन के हित में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होते रहना चाहिए। उन्होंने कहा है कि अस्पतालों में मरीजों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित हो और उन्हें अपने घर के आस पास ही अच्छा इलाज मिले। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज मंत्रालय में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं  की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि एनीमिया, मैटरनल प्रोग्राम और लेप्रोसी जैसी बीमारियों पर प्राथमिकता से काम किया जाए। 

बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मुख्यमंत्री को जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय  गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) कार्यक्रम में देश में 5वें स्थान पर है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं का और बेहतर विस्तार होता रहेगा। जायसवाल ने राज्य सरकार के गठन के बाद स्वास्थ्य के क्षेत्र में की गयी उपलब्धियों की जानकारी देते हुए भविष्य की योजनाओं को भी मुख्यमंत्री के सामने रखा। 

स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया ने बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य टीबी और मलेरिया जैसी बीमारियों के उन्मूलन की दिशा में बेहतर कार्य कर रहा है। टीबी उन्मूलन की दिशा में उपचार सफलता की दर 90 फीसदी है जबकि इस दौरान शत प्रतिशत टीबी मरीजों का नोटिफिकेशन किया गया है। इसके साथ ही राज्य में मार्च 2025 तक टीकाकरण का 94 फीसदी लक्ष्य पूर्ण किया गया है। 

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत एवं मुकेश बंसल, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा एवं आयुक्त आयुष विभाग शिखा राजपूत तिवारी, प्रबंध संचालक एनएचएम एवं आयुक्त सह संचालक डॉ प्रियंका शुक्ला, खाद्य एवं औषधि विभाग के नियंत्रक दीपक अग्रवाल समेत स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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नवा रायपुर में बनेगी राष्ट्रीय तीरंदाजी अकादमी

 छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए खेलों में भविष्य गढ़ने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 4 जून को महानदी भवन, नया रायपुर में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में नवा रायपुर अटल नगर में राष्ट्रीय स्तर की तीरंदाजी अकादमी की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। यह अकादमी देश की श्रेष्ठ खेल संस्थाओं में से एक होगी, जिसमें आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित प्रशिक्षण केंद्र और खिलाड़ियों के लिए आवासीय सुविधा उपलब्ध होगी। 

राष्ट्रीय तीरंदाजी अकादमी की स्थापना के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग को नया रायपुर के सेक्टर-03, ग्राम परसदा स्थित 13.47 एकड़ भूमि निःशुल्क दी जाएगी। भूमि के प्रीमियम, भू-भाटक एवं जीएसटी सहित 39.22 करोड़ रूपए की प्रतिपूर्ति राज्य शासन, नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण को करेगा। 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह केवल एक भवन या संस्थान की शुरुआत नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है। हमारे यहां प्रतिभाओं की कमी नहीं है, जरूरत है उन्हें सही प्रशिक्षण और अवसर देने की। राष्ट्रीय तीरंदाजी अकादमी जैसे संस्थान प्रदेश के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं और मार्गदर्शन उपलब्ध कराएंगे। यह अकादमी न केवल खेल के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की पहचान बनाएगी, बल्कि यहां से निकलने वाले खिलाड़ी देश का गौरव भी बढ़ाएंगे।

इस तीरंदाजी अकादमी की स्थापना एनटीपीसी लिमिटेड के सहयोग से की जाएगी। प्रस्तावित अकादमी में आउटडोर तीरंदाजी रेंज, एसी युक्त इनडोर रेंज, उच्च प्रदर्शन केंद्र, खिलाड़ियों के लिए छात्रावास, निदेशकों और कर्मचारियों के लिए आवासीय परिसर जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं शामिल होंगी। भूमि आवंटन आदेश के तीन माह के भीतर लीज अनुबंध निष्पादित कर उसका पंजीयन कराना होगा तथा अनुबंध की तिथि से एक वर्ष के भीतर निर्माण कार्य प्रारंभ कर तीन वर्षों में पूर्ण करना आवश्यक होगा। राष्ट्रीय तीरंदाजी अकादमी के निर्माण की जिम्मेदारी क्रियान्वयन एजेंसी के रूप में नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण की होगी। इसलिए आवश्यक बजटीय प्रावधान राज्य शासन द्वारा सुनिश्चित किए जाएंगे। छत्तीसगढ़ में यह पहली बार होगा जब तीरंदाजी जैसे पारंपरिक और तकनीकी खेल के लिए इतनी बड़ी संरचना का निर्माण किया जाएगा। इससे आदिवासी क्षेत्रों में छिपी तीरंदाजी प्रतिभाओं को भी एक मंच मिलेगा और प्रदेश खेलों के क्षेत्र में एक नई पहचान की ओर अग्रसर होगा।
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नवा रायपुर में पुरखौती मुक्तांगन के सामने स्थापित होगा भव्य एवं आकर्षक कलाग्राम

 नवा रायपुर अटल नगर में पुरखौती मुक्तांगन के सामने भव्य एवं आकर्षक कलाग्राम की स्थापना होगी। इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 10 एकड़ भूमि निःशुल्क दी जाएगी। यह निर्णय 4 जून को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के अध्यक्षता में नवा रायपुर स्थित महानदी मंत्रालय भवन में मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया। इसक उद्देश्य छत्तीसगढ़ में कला, संस्कृति और शिल्प को प्रोत्साहन देना है। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की मांग पर कलाग्राम हेतु नवा रायपुर के सेक्टर-24, ग्राम उपरवारा में लगभग 10 एकड़ भूमि निःशुल्क आबंटित किए जाने की मंजूरी दी है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का कहना है कि कलाग्राम की स्थापना छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला, संस्कृति और शिल्प को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यह सिर्फ एक संरचना नहीं, बल्कि हमारे कलाकारों के सपनों का मंच होगा, जो उन्हें अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने और जीविका के अवसर प्राप्त करने में सहयोग करेगा। हमारी सरकार लोककला और हस्तशिल्प को आत्मनिर्भर भारत की भावना से जोड़कर उन्हें वैश्विक मंच देना चाहती है।

यह कलाग्राम शिल्पकारों, लोक कलाकारों और परंपरागत कारीगरों के लिए एक समर्पित केंद्र होगा, जो सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देगा और रचनात्मक अर्थव्यवस्था के केन्द्र के रूप में कार्य करते हुए कला, संस्कृति एवं छत्तीसगढ़ की समृद्ध विरासत का प्रदर्शन करेगा। यह केंद्र निर्माण, संचालन एवं संरक्षण कार्यों सहित सभी खर्च भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा वहन किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा चिन्हांकित यह भूमि पुरखौती मुक्तांगन के सामने स्थित है, जो दो ओर से मुख्य मार्ग से जुड़ी हुई है तथा कलाग्राम के लिए उपयुक्त मानी गई है। चूंकि नवा रायपुर विकास प्राधिकरण एक स्ववित्त पोषित संस्था है, इसलिए राज्य शासन उक्त भूमि के प्रीमियम एवं भू-भाटक की प्रतिपूर्ति की राशि प्राधिकरण को भुगतान करेगा। यह निर्णय न केवल छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक समृद्धि को सुदृढ़ करेगा, बल्कि स्थानीय कारीगरों एवं शिल्पकारों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी कला को प्रदर्शित करने का एक स्थायी मंच भी प्रदान करेगा।
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कांकेर में बुढालपेन करसाड़ एवं मांदरी महोत्सव में हुए शामिल

 मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज कांकेर जिले के संबलपुर हाई स्कूल कराठी में आयोजित दो दिवसीय बुढालपेन करसाड़ एवं मांदरी महोत्सव 2025 के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। यह महोत्सव क्षेत्र की पारंपरिक आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को सहेजने का महत्वपूर्ण आयोजन है।

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर आदिवासी समाज के आराध्य देव बूढ़ादेव की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि यह उत्सव हमारे पूर्वजों की परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का उत्सव है, जो नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का माध्यम है। मुख्यमंत्री ने आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि आज विश्व पर्यावरण दिवस भी है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा चलाए जा रहे “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत उन्होंने सभी लोगों से अपनी माता के नाम पर एक पेड़ लगाने की अपील की।

मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम में भानुप्रतापपुर और दुर्गुकोंदल में गोंडवाना समाज के भवन निर्माण के लिए 25-25 लाख रुपये, गोंडवाना समाज के 12 परगना में शेड निर्माण के लिए 10-10 लाख रुपये, 5 सर्कल में शेड निर्माण के लिए 5-5 लाख रुपये, ग्राम पंचायत संबलपुर के भवन निर्माण की घोषणा की। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख आवासों की स्वीकृति दी गई, जिनमें से 3 लाख लोगों को प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा गृह प्रवेश भी कराया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण हेतु महतारी वंदन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना, तेंदूपत्ता बोनस योजना, सुशासन तिहार, धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना, पीएम जनमन योजना तथा होम स्टे योजना जैसे अनेक नवाचारों को लागू किया गया है।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि गांवों में बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अब तक 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र (कॉमन सर्विस सेंटर) खोले जा चुके हैं। आगामी समय में हर पंचायत में अटल डिजिटल सेवा केंद्र प्रारंभ किए जाएंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नीति आयोग द्वारा आकांक्षी विकासखंडों को प्रोत्साहन स्वरूप 75 लाख रुपये की राशि का चेक कलेक्टर श्री निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर को सौंपा। इस माके पर मुख्यमंत्री ने प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित किया और मावा मोदोल मंथन योजना का शुभारंभ किया। इस योजना के माध्यम से युवाओं की रुचि के अनुसार उन्हें रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने जिले के पांच टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों को भी सम्मानित किया।

कार्यक्रम को कांकेर सांसद  भोजराज नाग, अंतागढ़ विधायक विक्रमदेव उसेंडी, भानुप्रतापपुर विधायक सावित्री मंडावी और कांकेर विधायक आशाराम नेताम ने भी संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने इस आयोजन को आदिवासी संस्कृति को जीवित रखने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास बताया। महोत्सव में गोंडवाना समाज समन्वय समिति भानुप्रतापपुर के अध्यक्ष श्री हरीश चंद्र कावड़े की अध्यक्षता में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति हुई। पारंपरिक वेशभूषा में सजे युवक-युवतियों ने लोकनृत्य की शानदार प्रस्तुतियां दीं, जिससे पूरा परिसर उत्सव के रंग में रंग गया।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष किरण नरेटी, मत्स्य कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री भरत मटियारा, पूर्व सांसद  मोहन मंडावी, पूर्व विधायक देवलाल दुग्गा एवं  सुमित्रा मारकोले, वरिष्ठ अधिकारीगण, बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, जनप्रतिनिधिगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने सौजन्य भेंट की।

मुख्यमंत्री साय ने रहाटकर का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें शॉल एवं प्रतीक चिन्ह नन्दी भेंटकर सम्मानित किया। सौजन्य मुलाकात के दौरान महिला सशक्तिकरण, बालिकाओं की सुरक्षा एवं कल्याण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े और विधायक विक्रम उसेंडी भी उपस्थित रहे।
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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं दीं

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को विश्व पर्यावरण दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री साय ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि हम प्रतिवर्ष 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाते हैं। उन्होंने कहा कि यह दिन मानव और प्रकृति के बीच प्रेम और सामंजस्य बढ़ाने के लिए प्रेरित करता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा  कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए चलाया गया 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान एक व्यापक जन अभियान बन गया है। वृक्षों को कटने से बचाने के साथ-साथ अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने के लिए लोगों को आगे आना चाहिए और दूसरों को भी वृक्षारोपण के लिए जागरूक करना चाहिए, जिससे हम प्रदूषण रहित, स्वस्थ छत्तीसगढ़ और स्वस्थ भारत के निर्माण में योगदान दे सकें।
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कर्नाटक के चिन्नास्वामी स्टेडियम में भगदड़ की घटना में अनेक लोगों की मृत्यु पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा शोक

कर्नाटक के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुए भगदड़ में कई लोगों की असामयिक मृत्यु एवं घायल होने की घटना पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने गहरा शोक व्यक्त किया है।

उन्होंने कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद है। विपदा की इस घड़ी में हम अपेक्षा करते हैं कि कर्नाटक सरकार इस घटना की गंभीरता को देखते हुए राहत और बचाव के सभी आवश्यक कदम शीघ्रता से उठाएगी, ताकि पीड़ितों को हरसंभव सहायता मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

मुख्यमंत्री  साय ने शोकाकुल परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की है।
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अबूझमाड़ के कुतुल तक पहुँची बस सेवा

 छत्तीसगढ़ के माओवाद प्रभावित अबूझमाड़ क्षेत्र में विकास की नई रफ्तार देखने को मिल रही है। नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत नारायणपुर जिले के अंदरूनी इलाकों में 14 नवीन पुलिस कैंपों की स्थापना के बाद वहां सड़क, पुल-पुलियों एवं मोबाइल कनेक्टिविटी का तेज़ी से विस्तार हो रहा है। 

इसी कड़ी में जिला प्रशासन द्वारा 13 मई 2025 को पहली बार ग्राम कुतुल तक नारायणपुर से सीधी बस सेवा प्रारंभ की गई। यह बस सेवा जिला मुख्यालय से लगभग 49 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम कुतुल के साथ-साथ कुरूषनार, बासिंग, कुंदला, कोहकामेटा, ईरकभट्टी, कच्चापाल और कोडलियर जैसे दूरस्थ गांवों को भी जोड़ रही है। बस सेवा शुरू होने से ग्रामीणों में विशेष उत्साह का माहौल है।

पहले इन गांवों के लोग पगडंडियों के सहारे आवागमन करते थे। बारिश के मौसम में नदियों और नालों के उफान पर होने से मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाना अत्यंत कठिन होता था। कई बार ग्रामीणों को बीमार व्यक्ति को कंधे पर उठाकर अस्पताल तक लाना पड़ता था। अब बस सेवा शुरू होने से न केवल आवागमन सुगम हुआ है, बल्कि ग्रामीणों को दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति और प्रशासनिक कार्यों के लिए नारायणपुर तक समय पर पहुंचने की सुविधा भी मिल रही है। 

इसी तरह नारायणपुर से मसपुर तक भी 14 गांवों के लिए बस सेवा शुरू की गई है, जिससे इन इलाकों के लोगों को जिला मुख्यालय से बेहतर संपर्क मिला है। योजना के तहत 4जी मोबाइल टॉवर भी लगाए गए हैं, जिनसे ग्राम कस्तुरमेटा, मसपुर, ईरकभट्टी, मोहन्दी, होरादी, गारपा और कच्चापाल के लोग अब मोबाइल नेटवर्क से जुड़ पा रहे हैं। इससे न केवल संचार व्यवस्था में सुधार हुआ है, बल्कि शैक्षणिक, स्वास्थ्य और प्रशासनिक सेवाओं की पहुँच भी बेहतर हुई है।

ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों के बाद अब उन्हें विकास की मुख्यधारा में शामिल होने का अवसर मिल रहा है। नियद नेल्लानार योजना ने उनके जीवन में नया प्रकाश फैलाया है।
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