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ग्राम पंचायतों की सक्रियता और स्वप्रेरित जनभागीदारी से हो रहे जल संरक्षण के प्रयास प्रशंसनीय : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा परिसर स्थित अपने कक्ष में ‘मोर गांव मोर पानी’ महाअभियान पर आधारित पुस्तिका का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पंचायती राज दिवस के अवसर पर प्रारंभ किए गए इस विशेष अभियान ने जल संरक्षण और संवर्धन के क्षेत्र में अभूतपूर्व चेतना उत्पन्न की है। विमोचन कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, प्रमुख सचिव पंचायत श्रीमती निहारिका बारीक, आयुक्त मनरेगा और संचालक प्रधानमंत्री आवास योजना श्री तारण प्रकाश सिन्हा सहित अनेक अधिकारी उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ग्राम पंचायतों की सक्रियता और जनता की स्वप्रेरित भागीदारी के चलते यह अभियान अब एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है। लोग स्वेच्छा से जल संरक्षण जैसे पुनीत कार्यों से जुड़ रहे हैं, जो सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने कहा कि पुस्तिका में राज्य की विभिन्न पंचायतों द्वारा जल संरक्षण के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों और नवाचारों को संकलित किया गया है, जो अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अभियान के अंतर्गत सूचना, शिक्षा और संचार (IEC) गतिविधियों के माध्यम से जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। प्रदेश की 11,000 से अधिक ग्राम पंचायत भवनों की दीवारों पर भूजल स्तर अंकित किया गया है, जिससे लोगों में जल के महत्व को लेकर व्यावहारिक चेतना जागृत हुई है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों की भूमिका जल संरक्षण को जन-भागीदारी से जोड़ने में महत्वपूर्ण रही है, और यह चेतना आने वाले समय में और भी व्यापक स्वरूप लेगी।

उल्लेखनीय है कि ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान के तहत रैली, दीवार लेखन जैसे माध्यमों से व्यापक स्तर पर जनसामान्य को जल संरक्षण के प्रति संवेदनशील और जागरूक किया गया है। 626 क्लस्टर्स में आयोजित प्रशिक्षणों के माध्यम से 56,000 से अधिक प्रतिभागियों को जल प्रबंधन और संरक्षण के लिए तैयार किया गया है।

अभियान में GIS तकनीक का उपयोग कर जल संरक्षण कार्यों की प्रभावी योजना बनाई जा रही है, जबकि जलदूत ऐप के माध्यम से खुले कुओं का जल स्तर मापा जा रहा है। इसके अतिरिक्त, परकोलेशन टैंक, अर्दन डैम, डिफंक्ट बोरवेल रिचार्ज स्ट्रक्चर जैसे संरचनात्मक उपायों के माध्यम से जल पुनर्भरण और संरक्षण के स्थायी प्रयास किए जा रहे हैं। ग्राम पंचायतों के यह प्रयास छत्तीसगढ़ को जल संरक्षण के राष्ट्रीय मॉडल के रूप में स्थापित करेंगे।
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पिछले डेढ़ साल में कोई भी भर्ती परीक्षा बिना गड़बड़ी के नहीं हुए, क्या यही है यूपीएससी पैटर्न वाली मोदी की गारंटी?- दीपक बैज

पीडब्ल्यूडी के सब इंजीनियर भर्ती परीक्षा में कैमरा और वॉकी टॉकी लेकर नकल की घटना पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि जीरो टॉलरेंस की बात करने वाली भाजपा सरकार आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी हुई है। छत्तीसगढ़ के युवाओं के सरकारी नौकरी में रोजगार के अधिकार को बोली लगाकर बेचने का काम यह सरकार कर रही है। भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी भाजपा सरकार के संरक्षण में ही हो रहा है, नकल कराने वाले लोग सत्ता के संरक्षण में रैकेट चला रहे हैं। पीडब्ल्यूडी सब इंजीनियर भर्ती परीक्षा में नकल करते पकड़े गये छात्रों के संदर्भ में बेहद गंभीर तथ्य उजागर हो रहे है। भर्ती प्रक्रिया से संबंधित पीडब्लूडी विभाग डिप्टी सीएम अरुण साव का है जो बिलासपुर जिले से ही आते है, जहां सेंटर था, और नकल करते पकड़े गए परीक्षार्थी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृह जिले से हैं, मंत्री और मुख्यमंत्री की संलिप्तता की उच्च न्यायालय के वर्तमान जजों की न्यायिक कमेटी या केंद्रीय एजेंसी से किया जाना चाहिए। बिलासपुर सेंटर के हाईटेक नकल का यह मामला एनएसयुआई के छात्र नेताओं ने पकड़ा, भाजपा की सरकार ने उल्टे उन्हीं छात्रों नेताओं पर जुर्म दर्ज कर दिया है। प्रदेश के लाखों बेरोजगार युवाओं का भरोसा खो चुकी है यह सरकार। क्या यही विष्णु का तथाकथित सुशासन है? क्या यही है यूपीएससी पैटर्न वाली मोदी की गारंटी? सब इंजीनियर परीक्षा के नकलचियों पर रिपोर्ट दर्ज करने में देरी क्यों की गयी?


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज कहा है कि पिछले 18 महीनों के दौरान जितनी भी भर्ती परीक्षाएं हुई है, लगभग सभी में गड़बड़ियां उजागर हुई है लेकिन अब तक न किसी भर्ती परीक्षाओं को निरस्त किया गया और ना ही किसी पर ठोस कार्यवाही हुई है, इसका साफ मतलब है कि सरकारी नौकरियों को बेचने का पूरा खेल सत्ता के संरक्षण में ही हो रहा है। पुलिस और फॉरेस्ट में भर्ती के दौरान डिजिटल सिस्टम का झांसा देकर हैदराबाद की आईटी कंपनी को षडयंत्र पूर्वक भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया गया ताकि अपने चहेतों को उपकृत किया जा सके। ऐन वक्त पर डिजिटल सिस्टम को ऑफ लाइन करवा दिया गया, पीड़ितों की गुहार और पारदर्शिता को लेकर उठे सवाल को भाजपा सरकार ने कुचल दिया और कुछ छोटे कर्मचारियों पर दिखावे की कार्यवाही करके पूरे मामले की लीपापोती कर दी, यही नहीं मामला उजागर होने के बावजूद भी हैदराबाद के इसी कंपनी को बाकी जिलों में भी काम दिया गया। वनरक्षक भर्ती प्रक्रिया में शारीरिक नाप जोख और फिजिकल के अंकों में हेरफेर किए गए, राजनांदगांव पुलिस आरक्षक भर्ती घोटाला सर्वविदित है, आरआई प्रमोशन घोटाले के बाद अब पीडब्ल्यूडी इंजीनियर भर्ती परीक्षा में हाईटेक नकल का मामला भाजपा सरकार के कुशासन और भ्रष्टाचार का प्रमाण है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश के युवाओं से वादा किया था कि छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरियों में भर्ती की परीक्षाएं यूपीएससी की पैटर्न पर किया जाएगा, लेकिन किए उल्टा जो जिस व्यक्ति पर पूरे देश में नीट की परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप है, जिसके रहते लाखों मेडिकल छात्रों का भविष्य खराब हुआ, देश की बदनामी हुई उसे लाकर छत्तीसगढ़ राज्य सेवा आयोग के ऊपर बैठा दिया गया। भाजपा का षड्यंत्र उजागर हो चुका है, पिछले डेढ़ साल में कोई भी भर्ती परीक्षा बिना गड़बड़ी के संपन्न नहीं हुई है, तथ्यों के साथ आरोप लगे, पर निष्पक्ष जांच अब तक नहीं की गई। इस सरकार का रवैया शुतुरमुर्ग के समान है।
 
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पॉवर कंपनी के वृक्षारोपण महोत्सव में उपभोक्ता भी बन रहे भागीदार

छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज़ के 50 हजार वृक्षारोपण के लक्ष्य को तेजी से पूरा किया जा रहा है। उत्पादन कंपनी के संयंत्रों, पारेषण कंपनी के सभी उपकेंद्रों और वितरण कंपनी के दफ्तरों में पौध रोपण का कार्य प्रारंभ हो चुका है। इसकी मॉनिटरिंग मुख्यालय स्तर पर की जा रही है। साथ ही मुख्यालय दफ्तर में अधिकारी-कर्मचारियों के साथ उपभोक्ता और आमजन भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।


छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज ने प्रदेशभर में फैले बिजली दफ्तरों में 50 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। इसका शुभारंभ डिस्ट्रीब्यूशन एवं जनरेशन कंपनी के अध्यक्ष डॉ. रोहित यादव ने किया। जिसके बाद तीनों कंपनी ने कंट्रोल रूम बनाकर इसकी सतत् मॉनिटरिंग के लिए सेल बनाया है। अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री विनोद कुमार अग्रवाल ने बताया कि पॉवर कंपनी ने पूरे प्रदेश में फैले तीन हजार से अधिक बिजली दफ्तर, विद्युत उपकेंद्र और विद्युत उत्पादन संयंत्रों की रिक्त भूमि में छायादार और फलदार पौधे लगाने का संकल्प लिया है। अगले 10 अगस्त तक इस लक्ष्य को पूरा कर लिया जाएगा। इसके तहत सभी क्षेत्रीय कार्यालयों में नोडल अधिकारी तैनात किये गए हैं, जो हर बिजली दफ्तर, उपकेंद्र और संयंत्र में पौधरोपण की मानिटिरिंग कर रहे हैं। इसके अलावा अधिकारी-कर्मचारियों को पौधरोपण के लिए प्रेरित करने पॉवर कंपनी के डंगनिया मुख्यालय में भी पौधे वितरित करने की व्यवस्था की गई है, जिसमें बिजली बिल जमा करने एटीपी सेंटर पहुंचे उपभोक्ता भी पौधे ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि अधिकारी-कर्मचारी पौधे लगाकर मोर बिजली कंपनी एप में अपनी फोटो अपलोड कर रहे हैं, अभी तक 300 से अधिक फोटो अपलोड हो चुके हैं।  इनमें से चुने हुए अधिकारी-कर्मचारियों को पुरस्कृत किया जाएगा।
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देश के लिए गौरव का क्षण: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने Axiom-4 मिशन की ऐतिहासिक सफलता पर ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को दी बधाई

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने Axiom-4 अंतरिक्ष मिशन की ऐतिहासिक सफलता और अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षित वापसी पर भारत के अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला सहित पूरी टीम को हार्दिक बधाई दी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर सोशल मीडिया एक्स  पर पोस्ट करते हुए कहा कि  अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचने वाले भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री के रूप में शुभांशु शुक्ला की यह उपलब्धि, गगनयान मिशन की ओर बढ़ते भारत के आत्मनिर्भर और वैज्ञानिक कदमों का प्रतीक है। शुभांशु की यह उपलब्धि देश के करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणा है और उनके सपनों को एक नई उड़ान देने वाली है। 


मुख्यमंत्री श्री साय ने समस्त छत्तीसगढ़वासियों की ओर से ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह क्षण केवल भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान के लिए ही नहीं, अपितु हर भारतीय के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। शुभांशु शुक्ला की यह उपलब्धि भारत की युवा वैज्ञानिक प्रतिभा और वैश्विक स्तर पर बढ़ती वैज्ञानिक भागीदारी का प्रमाण है।
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राजनांदगांव के नागरिक प्रतिनिधिमंडल ने की मुख्यमंत्री से सौजन्य भेंट:प्रयास विद्यालय, नालंदा परिसर सहित विभिन्न विकास कार्यों के लिए जताया आभार

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से  छत्तीसगढ़ विधानसभा के समिति कक्ष में राजनांदगांव जिले के नागरिकों के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ निरंतर जनहित में कार्य कर रही है।  प्रशासनिक कार्यप्रणाली में नवाचार को प्रोत्साहित करते हुए सभी प्रक्रियाओं को चरणबद्ध रूप से ऑनलाइन किया जा रहा है, जिससे नागरिकों को सुगम, सरल और सुलभ सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 24 अप्रैल को ‘राष्ट्रीय पंचायत दिवस’ के अवसर पर प्रदेश की चयनित ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्रों की शुरुआत की गई है। इन केंद्रों के माध्यम से अब ग्राम पंचायत स्तर पर ही बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह पहल ग्रामीणों को डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में प्रदेश की अन्य पंचायतों को भी इस सुविधा से जोड़ा जाएगा।

राजनांदगांव से आए नागरिक प्रतिनिधिमंडल ने जिले में प्रयास विद्यालय, नालंदा परिसर, एवं अन्य महत्वपूर्ण विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति धन्यवाद एवं आभार प्रकट किया।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राजनांदगांव जिले में बीते डेढ़ वर्षों के भीतर पेयजल विस्तार, सड़क निर्माण, और अन्य अधोसंरचनात्मक कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। 600 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के विभिन्न निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनका प्रत्यक्ष लाभ शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को मिल रहा है। यह जनकल्याण और विकास की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार संतुलित, समावेशी और सतत विकास के सिद्धांतों पर कार्य करते हुए छत्तीसगढ़ को सतत विकास की  ओर अग्रसर करने के लिए कटिबद्ध है।

इस अवसर पर पूर्व सांसद श्री प्रदीप गांधी, श्री कोमल राजपूत, त्रिस्तरीय पंचायत पदाधिकारीगण और राजनांदगांव जिले के गणमान्य नागरिकगण उपस्थित थे।
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"स्कूटी दीदी" बनीं आत्मनिर्भर भारत की प्रतीक – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सराहा एनु का जज़्बा

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के एक छोटे से गांव उमरदा की निवासी एनु आज पूरे देश में “स्कूटी दीदी” के नाम से जानी जाती हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने एनु की जीवटता, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में उनके योगदान की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए कहा कि एनु जैसी बेटियाँ ही आत्मनिर्भर भारत की असली पहचान हैं। उनके साहस, समर्पण और संकल्प से छत्तीसगढ़ के गांवों की तस्वीर बदल रही है।


एनु की प्रेरक यात्रा इस बात का प्रमाण है कि यदि मन में कुछ कर गुजरने का जज़्बा हो, तो संसाधनों की कमी, सामाजिक दबाव और परंपरागत सोच भी राह नहीं रोक सकती। एक साधारण ग्रामीण परिवार में जन्मीं एनु ने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी पढ़ाई जारी रखी और अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन 'बिहान' से जुड़कर सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण लिया, एक लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया, और समय पर ऋण को चुका कर आर्थिक अनुशासन की मिसाल पेश की।

एनु को समझ थी कि ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए गतिशीलता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने 'प्रथम संस्था' से स्कूटी चलाना सीखा और शुरुआत में समाज के तानों और व्यंग्य के बावजूद अपना  आत्मविश्वास बनाए रखा और हार नहीं मानी। जब वे गांव-गांव स्कूटी से महिलाओं से जुड़ने लगीं, तभी उन्हें “स्कूटी दीदी” के नाम से पहचाना जाने लगा।

वर्ष 2023 में एनु ने "महिला दोपहिया प्रशिक्षण केंद्र" की स्थापना की। शुरुआत में केवल 2-3 महिलाओं ने प्रशिक्षण लिया, लेकिन धीरे-धीरे यह पहल ग्रामीण समाज में एक क्रांति बन गई। अब तक वे 30 से अधिक महिलाओं को स्कूटी चलाना सिखा चुकी हैं, जो अब स्वयं आंगनबाड़ी, स्कूल, बैंक और स्वास्थ्य केंद्र जैसे स्थानों तक स्वतंत्र रूप से पहुँचना शुरू कर चुकी हैं।

एनु की इस पहल से न केवल महिलाओं की दैनिक गतिशीलता आसान हुई है, बल्कि पूरे सामाजिक दृष्टिकोण में भी परिवर्तन आया है। अब गांवों में माता-पिता स्वयं अपनी बेटियों और बहुओं को एनु के पास प्रशिक्षण हेतु भेज रहे हैं। उनका सपना है कि वे 1000 महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएं और शीघ्र ही चारपहिया वाहन प्रशिक्षण केंद्र शुरू करें।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि एनु जैसे लोग छत्तीसगढ़ की नई पहचान हैं। राज्य सरकार ‘बिहान’ जैसी योजनाओं के माध्यम से ऐसे नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, जो जमीनी स्तर पर परिवर्तन ला रहे हैं।

एनु का योगदान केवल ड्राइविंग प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है। उन्होंने सिलाई-कढ़ाई, एलईडी असेंबली, मनरेगा कार्यों, और घरेलू प्रबंधन में भी महिलाओं को दक्ष बनाया है। उनके प्रयासों को देखते हुए भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय की संयुक्त सचिव श्रीमती स्वाति शर्मा और धमतरी के कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा ने स्वयं उमरदा गांव जाकर एनु से मुलाकात की और उनके कार्यों की सराहना की।

ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार ने भी एनु की कहानी को फेसबुक पोस्ट के माध्यम से साझा करते हुए कहा कि जीवन में संसाधनों की कमी थी, लेकिन एनु के हौसले को कोई डिगा नहीं सका।उन्होंने एम.ए. की पढ़ाई पूरी कर 'बिहान' और 'प्रथम संस्था' से प्रशिक्षण प्राप्त कर न केवल आत्मनिर्भरता पाई, बल्कि दूसरों के लिए भी प्रेरणा बनीं।

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ की बेटियाँ केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि परिवर्तन की वाहक बन रही हैं। राज्य सरकार हर ऐसी पहल का स्वागत करेगी जो महिला सशक्तिकरण को गति देगी।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से राज्य पुलिस सेवा अधिकारियों ने की सौजन्य भेंट

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से  विधानसभा स्थित कार्यालय में राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों ने सौजन्य भेंट कर मंत्रिपरिषद की बैठक में वर्ष 2005 से 2009 बैच तक के अर्हकारी सेवा अवधि पूर्ण कर चुके अधिकारियों को वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान प्रदान किए जाने के निर्णय हेतु आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा भी उपस्थित थे।


उल्लेखनीय है कि 11 जुलाई 2025 को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य पुलिस सेवा संवर्ग के समुचित प्रबंधन हेतु 30 सांख्येतर पदों का सृजन करते हुए वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान प्रदान करने का निर्णय लिया गया। यह निर्णय उन अधिकारियों के लिए लिया गया है जिन्होंने सेवा में निर्धारित अर्हता अवधि पूर्ण कर ली है।

इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री लखन पटले, श्री कीर्तन राठौर, श्री अनंत साहू, डॉ. संगीता माहेलकर एवं श्रीमती प्रज्ञा मेश्राम उपस्थित थीं।
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मुख्यमंत्री श्री साय से भारत सरकार में भूमि संसाधन सचिव ने की सौजन्य भेंट

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा परिसर स्थित कार्यालय में भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग के सचिव श्री मनोज जोशी ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर भू-अभिलेख प्रणाली को सुदृढ़ करने, भूमि सर्वेक्षण में तकनीकी नवाचारों के उपयोग, तथा राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में राजस्व मंत्री श्री टंकाराम वर्मा भी उपस्थित रहे।


मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार भू-राजस्व दस्तावेजों को अद्यतन करने और आवश्यक सुधार के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राजस्व रिकॉर्ड जितने व्यवस्थित होंगे, राजस्व न्यायालयों में मामलों का निपटारा उतना ही शीघ्र और प्रभावी रूप से हो सकेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भूमि अभिलेखों में सुधार संबंधी केंद्र सरकार की सभी पहल के साथ राज्य सरकार कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करेगी, ताकि यह प्रणाली और अधिक प्रभावशाली व जनहितकारी बन सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा तकनीक आधारित नवाचारी पहलों के माध्यम से भू-राजस्व रिकॉर्ड में पारदर्शिता, गति और सटीकता लाने का महत्वपूर्ण प्रयास किया जा रहा है, जिससे किसानों और आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे इस दिशा में सभी आवश्यक कदम तत्परता से सुनिश्चित करें।

केंद्रीय भूमि संसाधन सचिव श्री मनोज जोशी ने बताया कि छत्तीसगढ़ में भू-अभिलेखों की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है और राज्य सरकार के सक्रिय सहयोग से इसमें और अधिक सुधार लाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पूर्व में पारंपरिक पद्धति से किए जाने वाले भूमि सर्वेक्षण में समय अधिक लगता था, किंतु अब आधुनिक तकनीकों के उपयोग से यह प्रक्रिया तेज़, अधिक सटीक और भरोसेमंद हो गई है।

श्री जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार भू-अभिलेख संधारण प्रणाली को दुरुस्त करने के लिए विशेष प्रयास कर रही है, जिसके अंतर्गत राज्यों को वित्तीय और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि जमीन की खरीद-बिक्री के दौरान नक्शों के अद्यतन में कई बार तकनीकी समस्याएं उत्पन्न होती हैं, जिन्हें डिजिटल सर्वेक्षण के माध्यम से प्रभावी रूप से दूर किया जा सकेगा। इससे प्रत्येक नागरिक को अद्यतन और प्रमाणिक नक्शा प्राप्त होगा, जिससे गड़बड़ियों में कमी आएगी और शहरी क्षेत्रों के विस्तार को बेहतर ढंग से नियोजित किया जा सकेगा।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, भारत सरकार के संयुक्त सचिव श्री कुणाल सत्यार्थी, राजस्व सचिव श्री अविनाश चंपावत, संचालक भू-अभिलेख श्री विनीत नंदनवार सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में मलेरिया पर करारा प्रहार

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और जनस्वास्थ्य के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के फलस्वरूप छत्तीसगढ़ ने मलेरिया के स्थायी उन्मूलन की दिशा में एक निर्णायक अभियान फिर से प्रारंभ किया है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में, विभाग ने मलेरिया जैसी जानलेवा बीमारी के खिलाफ एक अनुकरणीय रणनीतिक पहल करते हुए जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित किया है। ‘मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान’ के 12वें चरण ने न केवल अपने दायरे का विस्तार किया है, बल्कि अपने प्रभाव से यह स्पष्ट कर दिया है कि जब सरकार दृढ़ संकल्प और नीति आधारित कार्रवाई के साथ काम करती है, तो नतीजे ज़मीन पर दिखते हैं।


25 जून से जारी इस चरण के अंतर्गत राज्य के 10 जिलों में गहन जांच, उपचार और जनजागरूकता अभियान चलाया गया। अब तक 19,402 घरों का दौरा किया गया है और 98,594 लोगों की रक्त जांच की गई है। इनमें से 1,265 लोग मलेरिया पॉजिटिव पाए गए। सबसे अहम बात यह रही कि सभी संक्रमित व्यक्तियों को मौके पर ही दवा की पहली खुराक उपलब्ध कराई गई, वह भी पूरी सावधानी के साथ—पहले मरीजों को स्थानीय खाद्य पदार्थ खिलाया गया, ताकि दवा का प्रभाव सुरक्षित और प्रभावशाली रहे। प्रत्येक मरीज को उपचार कार्ड दिया गया है, ताकि फॉलोअप के जरिए पूरी निगरानी सुनिश्चित की जा सके।

इस अभियान का सकारात्मक असर सबसे अधिक बस्तर संभाग में देखा जा रहा है। 2015 की तुलना में यहां मलेरिया मामलों में 71 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है। यह कोई सामान्य उपलब्धि नहीं, बल्कि एक सुव्यवस्थित, सतत और वैज्ञानिक रणनीति का परिणाम है। राज्य का वार्षिक परजीवी सूचकांक (API) भी 27.40 से घटकर 7.11 तक आ गया है, जो दर्शाता है कि मलेरिया पर राज्य ने प्रभावी नियंत्रण पाया है।

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अभियान की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि मलेरिया से जंग अब केवल इलाज की नहीं, यह रणनीति और जनसहभागिता की लड़ाई बन गई है। उनका मानना है कि सरकार ने जो लक्ष्य तय किया है—2027 तक ‘शून्य मलेरिया’ और 2030 तक ‘पूर्ण मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़’—उसे केवल दस्तावेज़ी नहीं, बल्कि यथार्थ के रूप में साकार किया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग की आयुक्त सह संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला ने बताया कि प्रदेश में मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के प्रभाव से बस्तर संभाग में मलेरिया के मामलों में गिरावट आयी है। “हर संक्रमित व्यक्ति तक पहुंचना, उसका समय पर इलाज करना और भविष्य में संक्रमण की कोई गुंजाइश न रहे — यही हमारी प्राथमिकता है।” उन्होंने कहा कि हमारा फोकस लक्षणरहित मलेरिया मामलों पर है, ताकि बीमारी को जड़ से मिटाया जा सके।

इस अभियान की सफलता में मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, ग्राम पंचायतों और स्वयंसेवी संगठनों की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही है। यह केवल एक स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि अब एक जनआंदोलन बन चुका है। जांच और इलाज के साथ-साथ लोगों को मच्छरदानी के नियमित उपयोग, जलजमाव की रोकथाम और साफ-सफाई जैसे व्यवहारिक उपायों के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ सरकार का यह ठोस और संवेदनशील प्रयास, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की दूरदर्शिता और राजनीतिक इच्छाशक्ति का परिणाम है, जो न केवल राज्य को मलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में एक मजबूत और टिकाऊ कदम है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक प्रेरक मॉडल भी बन रहा है। आने वाले वर्षों में यह रणनीति अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय उदाहरण के रूप में स्थापित होगी।
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मुख्यमंत्री से जैन समाज के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा परिसर में दुर्ग जिले से आए जैन समाज के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को जैन समाज द्वारा मानव सेवा एवं सामाजिक उत्थान के लिए संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी।


प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने विधानसभा परिसर के भ्रमण और सदन की कार्यवाही के अवलोकन के अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि यह उनके लिए एक प्रेरणादायक अवसर रहा। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली को निकट से देखने का अवसर मिलना गौरवपूर्ण अनुभव है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने जैन समाज की सेवा भावना की सराहना करते हुए कहा कि समाज की सकारात्मक गतिविधियाँ प्रदेश के समावेशी विकास में सहायक सिद्ध हो रही हैं। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को उनके सामाजिक कार्यों के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर दुर्ग विधायक श्री गजेंद्र यादव भी उपस्थित रहे।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आह्वान — 'वेटलैण्ड मित्र' बनें, जैविक विरासत को बचाएं

जैव विविधता एवं आर्द्रभूमियों (वेटलैण्ड्स) के संरक्षण के उद्देश्य से आज नवा रायपुर स्थित दण्डकारण्य अरण्य भवन में एक उच्चस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, उपमुख्यमंत्रीद्वय श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा सहित कैबिनेट के सभी मंत्री एवं विधायकगण उपस्थित थे। 


मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना केवल आधारभूत ढांचे के विकास से नहीं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन और जैविक विविधता की रक्षा से ही पूर्ण होती है। उन्होंने आह्वान किया कि हर जनप्रतिनिधि व नागरिक जैव विविधता एवं वेटलैण्ड संरक्षण के लिए व्यक्तिगत दायित्व समझें और 'वेटलैण्ड मित्र' बनकर इस अभियान को जनांदोलन में परिवर्तित करें।

कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि जैव विविधता और वेटलैण्ड्स का संरक्षण केवल पर्यावरणीय आवश्यकता नहीं, बल्कि यह हमारी भावी पीढ़ियों की सुरक्षा का सवाल भी है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से जैव विविधता के संरक्षण में भागीदारी सुनिश्चित करने और “वेटलैण्ड मित्र” बनकर जनजागरण फैलाने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ जैव विविधता बोर्ड के अध्यक्ष श्री राकेश चतुर्वेदी ने व्यापक प्रस्तुति दी। उन्होंने 1992 के अर्थ सम्मिट, जैव विविधता अधिनियम 2002, राष्ट्रीय जैव विविधता बोर्ड की भूमिका और जैव विविधता प्रबंधन समितियों की संरचना एवं कार्यों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ देश का तीसरा राज्य है, जहां जैव विविधता प्रबंधन समितियाँ प्रभावी रूप से कार्य कर रही हैं।

आर्द्रभूमि संरक्षण के संदर्भ में प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री अरुण कुमार पाण्डेय ने बताया कि वेटलैण्ड्स पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण की कार्यप्रणाली और जिला स्तरीय आर्द्रभूमि संरक्षण समितियों के गठन की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि इन समितियों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर वेटलैण्ड्स की निगरानी एवं संरक्षण को मजबूती मिल रही है।

कार्यक्रम में यह जानकारी दी गई कि राज्य का गिधवा-परसदा पक्षी अभ्यारण्य अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित रामसर साइट बनने की पात्रता रखता है। इसके अतिरिक्त, बलौदाबाजार जिले के खोखरा ग्राम को छत्तीसगढ़ की पहली रामसर साइट के रूप में सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया प्रगति पर है।

कार्यशाला के अंत में सभी जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से “वेटलैण्ड मित्र” के रूप में जुड़कर जैव विविधता और आर्द्रभूमियों के संरक्षण हेतु सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की गई। यह भागीदारी राज्य में पर्यावरणीय चेतना को जनआंदोलन का रूप देने में सहायक होगी।

इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव (वन) श्रीमती ऋचा शर्मा, छत्तीसगढ़ वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव, जैव विविधता बोर्ड के सदस्य सचिव श्री राजेश कुमार चंदेले सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी एवं विशेषज्ञ उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नवीन विधानसभा परिसर में किया पौधरोपण

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर स्थित नवीन विधानसभा परिसर में विधिवत पूजा-अर्चना कर गुलमोहर का पौधा रोपित किया। मुख्यमंत्री श्री साय 'एक पेड़ मां के नाम 2.0' वृक्षारोपण कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।


इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप सहित मंत्रिपरिषद के अन्य सदस्य एवं विधानसभा के सभी सदस्यों ने भी गुलमोहर का पौधारोपण किया।

कार्यक्रम में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, विधानसभा सचिव श्री दिनेश शर्मा, अपर मुख्य सचिव (वन) श्रीमती ऋचा शर्मा, छत्तीसगढ वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव, प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोंपज संघ श्री अनिल साहू, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री अरुण कुमार पाण्डेय,मुख्य वन संरक्षक श्री राजू अगासमणि भी उपस्थित थे।
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डीएपी की कमी को पूरा करने एनपीके, एसएसपी और नैनो डीएपी का भरपूर स्टॉक

 राज्य में रासायनिक उर्वरको कोई कमी नहीं हैं। खरीफ सीजन 2025 के लिए सभी प्रकार के रासायनिक उर्वरक सहकारी समितियों एवं नीजि विक्रय केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। वैश्विक परिस्थिति के चलते डीएपी खाद के आयात में कमी को देखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा इसके विकल्प के रूप में अन्य रासायनिक उर्वरकों की भरपूर आपूर्ति एवं वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। 


राज्य में डीएपी की आपूर्ति में कमी से किसानों को किसी भी तरह की दिक्कत न हो इसको ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा इसके विकल्प के रूप में 179000 बॉटल नैनो डीएपी, एनपीके उर्वरक का लक्ष्य से 25 हजार मेट्रिक टन अधिक तथा एसएसपी का निर्धारित लक्ष्य से 50 हजार मेट्रिक टन का अतिरिक्त भंडारण किया गया है। पोटाश के निर्धारित लक्ष्य 60 हजार मेट्रिक टन के विरूद्ध अब तक 77 हजार मेट्रिक टन से अधिक म्यूरेट ऑफ पोटाश का भंडारण किया गया है। नैनो डीएपी जो कि ठोस डीएपी के विकल्प के रूप में बीज/थरहा, जड़ उपचार एवं बोआई/रोपाई के पश्चात खड़ी फसल में छिड़काव के लिए  उपयोगी है। नैनो डीएपी की निरंतर आपूर्ति राज्य में सरकार द्वारा सुनिश्चित की गई है। 

चालू खरीफ सीजन के लिए डीएपी उर्वरक के निर्धारित 3.10 लाख मेट्रिक टन लक्ष्य के विरूद्ध अब तक 1 लाख 63 मेट्रिक टन से अधिक का भंडारण हो चुका है। डीएपी की आपूर्ति निरंतर जारी है। अभी जुलाई माह में 48 हजार मेट्रिक टन डीएपी उर्वरक की आपूर्ति राज्य को होगी। राज्य के सहकारी क्षेत्र में उर्वरकों का भंडारण प्राथमिकता के आधार पर कराया गया है। राज्य के सहकारी क्षेत्र में डीएपी उर्वरक की उपलब्धता राज्य की कुल उपलब्धता का 62 प्रतिशत है। 

कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक कुल 13.18 लाख मेट्रिक टन का भंडारण किया जा चुका है, जो गत वर्ष इसी अवधि में भंडारित 12.79 लाख मेट्रिक टन से लगभग 38 हजार मेट्रिक टन अधिक है। इस वर्ष एनपीके और एसएसपी का लक्षित मात्रा से क्रमशः 25,266 मेट्रिक टन एवं 71,363 मेट्रिक टन अधिक भंडारण किया गया है, जो डीएपी के विकल्प के रूप में उपयोग किया जा रहा है। राज्य में यूरिया 6 लाख मेट्रिक टन अधिक का भंडारण हुआ है। जुलाई एवं आगामी माह में यूरिया के शेष मात्रा की आपूर्ति होगी। 

यहां यह उल्लेखनीय है कि धान में यूरिया का उपयोग तीन बार किया जाता है। प्रथम बार बोआई/रोपाई के समय में, दूसरी बार कंसा निकलने के समय में बोआई/रोपाई से तीन चार सप्ताह बाद एवं तीसरी बार गभोट अवस्था में बोआई/रोपाई के 7 से 8 सप्ताह बाद, इस प्रकार यूरिया का सितम्बर माह के मध्य तक उपयोग किया जाता है। डीएपी उर्वरक का 1.63 लाख मेट्रिक टन भंडारण हुआ है। जुलाई माह के सप्लाई प्लान के अनुसार राज्य को 48 हजार 850 मेट्रिक टन डीएपी और मिलेगी। 

कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जुलाई माह में 25 हजार टन एनपीके की आपूर्ति संभावित है। एनपीके की अतिरिक्त आपूर्ति को मिलाकर कुल अतिरिक्त एनपीके 50 हजार 266 मेट्रिक टन से 22 हजार मेट्रिक टन डीएपी प्रतिपूर्ति होगी। इसी तरह एसएसपी की कुल अतिरिक्त आपूर्ति 1.47 लाख मेट्रिक टन से 50 हजार मेट्रिक टन डीएपी की प्रतिपूर्ति होगी। इस प्रकार राज्य में एनपीके और एसएसपी के अतिरिक्त आपूर्ति से 72 हजार मेट्रिक टन डीएपी की प्रतिपूर्ति सुनिश्चित होगी। 
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि डीएपी खाद की कमी को लेकर किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। इसके विकल्प के रूप में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अन्य रासायनिक उर्वरक जैसे- नैनो डीएपी, एनपीके और एसएसपी की भरपूर व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इंदिरा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिकों और कृषि विभाग के अधिकारियों के सुझाव के अनुरूप किसान डीएपी के बदले उक्त उर्वरकों का प्रयोग कर बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। सोसायटियों से किसानों को उनकी डिमांड के अनुसार खाद-बीज का पर्याप्त भंडारण किया गया है।
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भगवान जगन्नाथ की यात्रा पर झूठी टिप्पणी कर राहुल गांधी ने बहुत बड़ा अपराध किया:पुरंदर मिश्रा

भारतीय जनता पार्टी के विधायक पुरंदर मिश्रा ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा जगन्नाथ भगवान की रथयात्रा को लेकर बोले गए झूठ पर करारा हमला करते हुए कहा  कि इस झूठ के कारण राहुल गांधी की दुर्गति होना तय है। 


भाजपा विधायक श्री मिश्रा ने रविवार को एकात्म परिसर स्थित  भाजपा कार्यालय में आहूत पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान जगन्नाथ और उनकी रथयात्रा को लेकर झूठ बोलने का ऐसा दुस्साहस न पहले कोई कर पाया, न आज कर पाता है और न ही भविष्य में कोई कर पाएगा। भगवान जगन्नाथ कलियुग के भगवान हैं और उनकी इच्छा के बिना तो उनके दर्शन तक नहीं मिलते। श्री मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस अब लगातार सनातन विरोधी चरित्र का प्रदर्शन कर रही है। कांग्रेस के बड़े से लेकर छोटे, तमाम नेता इन दिनों अपने सनातन विरोधी एजेंडे पर चल रहे हैं। इससे अधिक शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता कि तुष्टीकरण की राजनीति के चलते लोकस‌भा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने हमेशा राजनीति के निम्न स्तर को छुआ है और अब वह विश्वभर के करोड़ों लोगों की आस्था के साथ भी झूठ बोलकर खिलवाड़ करने से बाज नहीं आए हैं। राहुल गांधी को इस बात पर शर्म महसूस करनी चाहिए। श्री मिश्रा ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा को लेकर सफेद झूठ बोलकर अपने सनातन विरोधी चरित्र का परिचय दे रहे राहुल गांधी को यह नहीं भूलना चाहिए कि ऐसे लोगों की राजनीति में कोई जगह नहीं है और भगवान जगन्नाथ के नाम पर झूठ बोलकर जिसने भी राजनीति करने का दुस्साहस किया, उसका हश्र बुरा ही होगा। राहुल गांधी ने यह सरासर मिथ्या प्रलाप किया है कि रथयात्रा में आम भक्तों की भीड़ रोककर एक विशेष व्यक्ति के लिए रास्ता साफ किया गया। 

भाजपा विधायक श्री मिश्रा ने कहा कि रथयात्रा को लेकर इस तरह की झूठी बयानबाजी करके अपनी मूर्खता ही साबित की गई है। ऐसी टिप्पणियां 'अनुचित और अतार्किक' हैं। जब तक भगवान जगन्नाथ स्वयं नहीं चाहेंगे, तब तक पुरी में रथों को कोई नहीं रोक सकता। कभी हिंदुओं को हिंसक बताने, हिन्दुत्ववादियों को देश से खदेड़ने की बातें करने वाले राहुल गांधी के मुँह से इस तरह का झूठ निकलना कोई नई बात नहीं है। श्री मिश्रा ने कहा कि जिस कांग्रेस में सनातन धर्म को एड्स, फ्लू, वायरस बताकर गाली देने की परम्परा रही हो, भगवान श्री राम को काल्पनिक बताया गया हो, रामसेतु के अस्तित्व तक को नकार दिया जाता हो, उस कांग्रेस के नेता राहुल गांधी और कांग्रेसनीत इंडी गठबंधन के पाखण्ड, प्रपंच और सनानन विरोधी निर्लज्ज आचरण को पूरा देश समझ रहा है।

भाजपा विधायक श्री मिश्रा ने बताया कि 3 हजार साल पहले ईसा मसीह, 2 हजार साल पहले मुस्लिम धर्म गुरु (जिन्होंने जगन्नाथ दर्शन के बाद अपना नाम परिवर्तन कर हरिराम ठाकुर रख लिया था), 5 सौ वर्ष पूर्व गुरु नानकदेव, 1912 में सिंधी समाज के संत मंगलराम, गुजराती समाज के गुरु स्वामीनारायण, संत कवि कबीरदास आदि ने जगन्नाथ धाम पहुंचकर दर्शन लाभ प्राप्त किया। ईसा मसीह की  प्रतिमा पर तो भगवान जगन्नाथ का तिलक तक अंकित है। श्री मिश्रा ने कहा कि आज सभी सनातन विरोधी यह झूठ बोलकर भगवान जगन्नाथ का अपमान कर रहे हैं कि किसी व्यक्ति के लिए रथयात्रा रोकी गई। यह भक्त और भगवान की, भाई और बहन की पवित्र यात्रा है, जिसे कोरोना काल में महज 100 लोगों ने रथे खींचकर पूर्ण किया जबकि 1842 में अंग्रेजों  ने 41 हाथियों के साथ रथ खिंचवाने का प्रयास किया लेकिन रथ टस-से-मस नहीं हुआ था।

भाजपा विधायक श्री मिश्रा ने कहा कि भगवान जगन्नाथ सर्वशक्तिमान हैं और उनके धाम में किसी के साथ कोई भेद‌भाव नहीं होता । भगवान जगन्नाथ के धाम में सर्वधर्म समभाव के दर्शन होते हैं। आज विश्व के 28 देशों में भगवान जगन्नाथ के मंदिर स्थापित हैं और वहाँ रथयात्रा का भव्य आयोजन होता है। श्री मिश्र ने राहुल गांधी को चुनौती दी कि वह कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़‌गे के साथ जगन्नाथ-दर्शन के लिए आ जाएँ तो उन्हें सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा। अगर उनके मंदिर में कोई अपने अहंकार के साथ जाएगा तो भगवान जगन्नाथ उसका गर्व भंजन करके दर्शन नहीं देंगे। श्री मिश्रा ने फिर दुहराया कि सनातन संस्कृति, परम्परा और आस्था के प्रति जो दुर्भावना राहुल गांधी व्यक्त कर रहे हैं, उससे कांग्रेस का सर्वनाश निकट है। कोट के ऊपर जनेऊ पहनने का पाखंड तो भारतवासी ही खत्म करेंगे ।

प्रेस वार्ता में भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी अमित चिमनानी,जिलाध्यक्ष रमेश ठाकुर,प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर,पैनलिस्ट निशिकांत पांडे मौजूद रहे।
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वैष्णव ब्राह्मण समाज का रहा है गौरवशाली इतिहास : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर में आयोजित अखिल भारतीय वैष्णव ब्राह्मण सेवा संघ (चतुः संप्रदाय), मुंबई की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु श्रीराम के ननिहाल और माता कौशल्या की पावन भूमि छत्तीसगढ़ में वैष्णव ब्राह्मण समाज का राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित होना हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि वैष्णव ब्राह्मण समाज का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। इस समाज की विभूतियों ने छत्तीसगढ़ में दानशीलता की अद्भुत मिसालें स्थापित की हैं। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में वैष्णव ब्राह्मण समाज का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले समाज के प्रतिभावान व्यक्तियों को सम्मानित भी किया।


मुख्यमंत्री श्री साय ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि वैष्णव ब्राह्मण समाज ने सनातन धर्म को सशक्त बनाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। यह समाज केवल पुरोहित कर्म से ही नहीं, बल्कि शासन-प्रशासन में भी सक्रिय रहा है। दानशीलता की महान परंपरा का परिचय देते हुए इस समाज ने कभी राजपाट तक दान कर दिए। राजनांदगांव की वैष्णव ब्राह्मण रियासत इसका अनुपम उदाहरण है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डेढ़ वर्ष के भीतर हमने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अधिकांश गारंटियों को अमल में लाकर पूर्ण किया है। छत्तीसगढ़, प्रभु श्रीराम का ननिहाल रहा है और उन्होंने अपने वनवास का लंबा समय यहीं व्यतीत किया था। हमारी सरकार ने रामलला दर्शन योजना शुरू की है, जिसके तहत अब तक 22 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या में प्रभु श्रीरामलला के दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना को भी पुनः प्रारंभ किया गया है, जिसके अंतर्गत 60 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिक अपनी आस्था के अनुसार तीर्थ स्थलों का दर्शन कर सकेंगे। दिव्यांगजनों, विधवाओं और परित्यक्ताओं के लिए इस योजना में अधिकतम आयु सीमा नहीं रखी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत का संकल्प लिया गया है। उसी दिशा में हमें विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अग्रसर होना है। इस कार्य में वैष्णव ब्राह्मण समाज की सक्रिय भागीदारी अपेक्षित है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि समाज संगठित रहकर निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर होगा। 

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वैष्णव ब्राह्मण समाज एक दूरदर्शी और कल्पनाशील समाज है। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव से विधायक, सांसद, केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने इस समाज के ऐतिहासिक योगदान को निकटता से देखा है। उच्च शिक्षा, रेलवे, उद्योग और पेयजल व्यवस्था के विकास में राजनांदगांव के राजपरिवार ने अभूतपूर्व योगदान दिया है। महंत दिग्विजय दास जी ने महाविद्यालय के लिए अपना महल दान किया, रेलवे के लिए विशाल भूमि दी, और बीएनसी कॉटन मिल की स्थापना की, जिससे हजारों लोगों को रोजगार मिला। महंत घासीदास जी ने व्यापार को प्रोत्साहित करने के लिए नि:शुल्क भूमि देने की घोषणा की थी।

उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने अपने संबोधन में कहा कि वैष्णव ब्राह्मण समाज सनातन धर्म की ध्वजवाहक है। इस राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक के आयोजन से समाज और अधिक एकजुट होकर आगे बढ़ेगा।

इस अवसर पर राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, अखिल भारतीय वैष्णव ब्राह्मण सेवा संघ के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री पी. एल. बैरागी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री लाल जे. के. वैष्णव, प्रदेश अध्यक्ष श्री राकेश दास वैष्णव, श्री विजय कुमार दास, श्री राघवेंद्र दास वैष्णव, डॉ. सौरभ निर्वाणी, श्रीमती अंजना देवी वैष्णव, श्री रजनीश वैष्णव सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित थे।
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जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी से जुड़ रहे हैं भारी संख्या में रायपुर ग्रामीण के युवा

छत्तीसगढ़ में नया विकल्प के रूप में उभरी जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी जो की राजनीति में एक क्षेत्रीय पार्टी है। छत्तीसगढ़ में बढ़ रही समस्या का वर्तमान में सिर्फ एक हि समाधान जेसीपी: समाधान चाहे वह ग्राम नकटी का हो, ग्राम छपोरा में हर्ष यादव की मौत का मामला हो, ग्राम सिर्री में मजदूर की कमर टूटने का मामला, पीड़ित को न्याय दिलाने का मामला हो, हर क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर छत्तीसगढ़ में युवाओं को राजनीतिक का नया विकल्प बनकर उभर रही है जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी।


वहीं जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल ने कहा कि पूर्व में कांग्रेस हो या वर्तमान बीजेपी की सरकार दोनों मिलकर छत्तीसगढ़ की जनता का हक और अधिकार मारने का काम कर रही है, चाहे वह दारू बंद करने का मामला हो या हसदेव की कटाई का मामला हो। 

जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी जिला अध्यक्ष योगेश साहू का कहना है कि सरकार मस्त है 67 मधुशाला को खोलकर और बंद कर रही है छत्तीसगढ़ की पाठशाला। महतारी वंदना के नाम से जो ₹1000 छत्तीसगढ़ की महिलाओं को दिया जा रहा है वह वास्तविक में महतारी मुंह बंद योजना है ताकि छत्तीसगढ़ की महिलाएं शराब को लेकर कुछ ना बोल सके और अपनी समस्याओं को सरकार के सामने ना रख सके। 

वर्तमान में हो रहे कार्य को देखकर छत्तीसगढ़ के हर वर्ग के युवा अपनी समस्या जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी में ला रहे हैं व भविष्य में इसे नया विकल्प के रूप में देख रहे हैं।

जेसीपी रायपुर ग्रामीण उपाध्यक्ष सोनू साहू का कहना है कि गांवों में बिना अनुमति लिए सरकार अपनी मनमानी कर रहीं है कंपनी खोल रही है। इसी के कारण एक्सीडेंट का मामला बढ़ रहा है।

खरोरा के शिक्षक अजय कुमार वर्मा का कहना है कि सरकार छत्तीसगढ़ में शिक्षा का स्तर बहुत गिर चुकी है ऊपर से लगभग 10678 स्कूलों को युक्तियुक्तकरण के नाम पर बंद कर रही है छत्तीसगढ़ का भविष्य अंधकार को ओर ले जाने का काम वर्तमान सरकार कर रही है। रोजगार बंद कर रही है और वर्तमान में सरकार के पास बेहतर कार्य करने के लिए कोई नई योजना नहीं है।
सरकार ना तो स्वास्थ्य के क्षेत्र में अच्छा काम कर रही है ना तो शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर काम कर रही है।

जेसीपी के खड़ अध्यक्ष लोकेश सतनामी का कहना है कि गांव में सिर्फ प्रदूषण, पानी के स्तर में गिरावट, अवैध शराब बिक्री, लूटपाट मारपीट, चोरी अशिक्षा, बेरोजगारी, यही सब हावी हो रहा है सरकार को इसमें ध्यान देना चाहिए। 

मीडिया प्रभारी जेसीपी सुमित ध्रुव ने कहा कि ग्रामीण मुद्दों में सरकार चुप है चाहे वह मोजो मशरूम का मामला हो, बंगोली में 13 एक्सीडेंट का मामला हो, कंपनी में सुरक्षा का मामला हो,0 इन सब में वर्तमान सरकार चुप है कोई कड़ी कार्यवाही नहीं किया जा रहा है। अभी भी भारी मात्रा में भारी वाहन चल रहे हैं एक्सीडेंट की संभावना बनी हुई है सरकार को इसमें कार्यवाही जरूर करनी चाहिए। 

इन सभी चीजों को देखते हुए जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी मुख्य विपक्ष का काम छत्तीसगढ़ में कर रही है और युवा इसी की ओर अपना नाम भविष्य बता रहे हैं चाहे वह गांव चिचोली, मुरा, खरोरा केसला, रायखेड़ा, खपरी मढ़ी: चारों तरफ सिर्फ एक ही पार्टी विपक्ष का काम करी है जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी, जिसे देखकर आज भारी मात्रा में युवा इससे जुड़ रहे हैं और इसे छत्तीसगढ़ का एक नया विकल्प के लिए क्षेत्रीय पार्टी को सही बता रहे हैं।
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मुख्यमंत्री श्री साय से मिस यूनिवर्स छत्तीसगढ़ डॉ. अंजली पवार ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में मिस यूनिवर्स छत्तीसगढ़ 2025 डॉ. अंजली पवार ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने डॉ. अंजली पवार को इस उपलब्धि के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं।


भेंट के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने डॉ. अंजली पवार को छत्तीसगढ़ के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विशेष रूप से बस्तर एवं सरगुजा जैसे प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण क्षेत्रों सहित प्रदेश के सभी धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों में पर्यटन विकास की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद उपस्थित थे।
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स्वच्छ सर्वेक्षण में छत्तीसगढ़ के सात नगरीय निकायों को मिलेंगे राष्ट्रीय पुरस्कार

 स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। नई दिल्ली में आगामी 17 जुलाई को आयोजित होने वाले स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार समारोह में राज्य के सात नगरीय निकायों को स्वच्छता के मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु इन पुरस्कारों को प्रदान करेंगी। इस अवसर पर केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल तथा केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू भी उपस्थित रहेंगे।


राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु, स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार समारोह में छत्तीसगढ़ के तीन नगरीय निकायों को प्रेसिडेंट्स अवार्ड प्रदान करेंगी। स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए बिलासपुर नगर निगम को तीन लाख से दस लाख आबादी वाले (Big Cities) शहरों की श्रेणी में, कुम्हारी नगर पालिका को 20 हजार से 50 हजार आबादी वाले (Small Cities) शहरों की श्रेणी में तथा बिल्हा नगर पंचायत को 20 हजार से कम आबादी वाले (Very Small Cities) शहरों की श्रेणी में यह सम्मान दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, रायपुर नगर निगम को स्वच्छता के क्षेत्र में राज्य स्तर पर श्रेष्ठ कार्यों के लिए केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा मिनिस्ट्रियल अवार्ड (Ministerial Award) प्रदान किया जाएगा।

स्वच्छता के क्षेत्र में असाधारण प्रदर्शन करने वाले शहरों को पहचान देने हेतु इस वर्ष सुपर स्वच्छता लीग (एसएसएल) नामक एक विशेष श्रेणी की शुरुआत की गई है। इस लीग में वे शहर शामिल किए गए हैं, जो पिछले तीन वर्षों में कम से कम एक बार शीर्ष तीन में स्थान प्राप्त कर चुके हैं तथा वर्तमान वर्ष में अपनी संबंधित जनसंख्या श्रेणी में शीर्ष 200 में बने हुए हैं। इस नवीन श्रेणी में छत्तीसगढ़ के तीन नगरीय निकायों का चयन हुआ है – अंबिकापुर नगर निगम (50 हजार से तीन लाख आबादी वाले शहरों की श्रेणी), पाटन नगर पंचायत तथा बिश्रामपुर नगर पंचायत (20 हजार से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी) को एसएसएल के लिए चयनित किया गया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने स्वच्छ सर्वेक्षण में राष्ट्रीय पुरस्कारों के लिए चयनित सातों नगरीय निकायों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा स्थानीय निकायों द्वारा सतत किए जा रहे प्रयासों का यह उत्कृष्ट परिणाम है। उन्होंने आशा जताई कि आने वाले समय में राज्य के और भी अधिक नगरीय निकाय स्वच्छता के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि शहरी सरकारों से लेकर राज्य और केंद्र सरकार तक, सभी मिलकर शहरों को स्वच्छ, सुंदर और सुविधासंपन्न बनाने हेतु अनेक नवाचारों के साथ निरंतर कार्य कर रहे हैं।

 "छत्तीसगढ़ के सात नगरीय निकायों का स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में राष्ट्रीय स्तर पर चयन होना पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। यह हमारे नगरीय प्रशासन, स्थानीय निकायों और नागरिकों के सामूहिक प्रयासों का प्रमाण है। बिलासपुर, कुम्हारी, बिल्हा, रायपुर, अंबिकापुर, पाटन और बिश्रामपुर जैसे शहरों ने स्वच्छता के क्षेत्र में जो उदाहरण प्रस्तुत किया है, वह अन्य निकायों के लिए भी प्रेरणा बनेगा। मैं सभी विजेता नगरीय निकायों को बधाई देता हूँ और विश्वास जताता हूं कि छत्तीसगढ़ स्वच्छता के इस अभियान में देश का अग्रणी राज्य बना रहेगा।"
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