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विद्युत कर्मियों के लिए निशुल्क कैंसर जाॅच एवं परामर्श शिविर

छत्तीसगढ़ स्टेट पाॅवर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा डंगनिया स्थित आॅफिसर्स क्लब में निशुल्क कैंसर की प्राथमिक जाॅच एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। जिसका लाभ 118 कर्मियों ने लिया। कर्मियों मे 91 महिलाए और 27 पुरूष की जांच की गई। परीक्षण में 27 मेमोग्राफी ,23 पैपस्मीयर टेस्ट और 5 संदिग्ध मरीजों को अस्पताल मेें इलाज का परामर्श दिया गया।

           इस अवसर पर मानव संसाधन ट्रांसमिशन के मुख्य अभियंता श्री ए ़एम ़परियल, अति मुख्य अभियंता श्री विनोद अग्रवाल और केशलेश की पूरी टीम ने शिविर का जायजा लिया। श्री अग्रवाल ने बताया कि मानव संसाधन विभाग ने द्वारा अभिनव पहल करते हुए विशेषकर महिलाओं संबंधी कैंसर के लिए बालको मेडिकल सेंटर से मोबाइल जांच वाहन की व्यवस्था की गई। शिविर का उद्देश्य विद्युत कर्मियों को कैंसर के प्रति जागरूक करने के साथ भ्रान्ति का निराकरण और समुचित इलाज की जानकारी देने है।
            शिविर में बालको से कैंसर विशेषज्ञ (ओंको सर्जन) डाॅ पलक अग्रवाल एवं ओंको टीम से डाॅ हेमलता, श्री सिद्धार्थ सक्सेना,एक तकनीशियन, दो नर्सिंग स्टाफ के साथ 10 लोगों की टीम ने परीक्षण एवं परामर्श की सेवाएं दी।डाॅ पलक ने बताया कि आज शिविर मे कर्मियों के सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण, शुगर परीक्षण , गठान संबंधी जांच एवं  कैंसर के लक्षण के बारे में जानकारी प्रदान की गई। महिलाओं के लिए विशेष स्तन कैंसर, गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर और मुख कैंसर की शुरूआती अवस्था की जाॅच करने के लिए मेमोग्राफी मशीन, थर्मल स्कैनिंग,पेप स्मीयर एवं ब्रश साइटोलाॅजी की सुविधाएं एवं सेवाएं उपलब्ध कराया गया।
            मानव संसाध्न विभाग द्वारा कर्मियों के लिए आनलाइन एवं आन स्पाट रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध कराया गया।जिसका लाभ उठाते हुए विद्युत कर्मियों ने शिविर में हिस्सा लिए।इस अवसर पर श्रीमती स्नेहा सिंह, श्री गीतेश देवांगन, श्री रजनीश चैबे, श्री कन्हैया देवांगन एवं स्वाति दुबे उपस्थित थे।
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बिजली बिल के दामों की बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस करेगी चरणबद्ध आंदोलन- दीपक बैज, अध्यक्ष , प्रदेश कांग्रेस

प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि 

ऽ बिजली उपभोक्ताओं को एक बार फिर लूटने का काम भाजपा सरकार ने किया है। घरेलू खपत पर 10 से 20 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है, गैर घरेलू बिजली की दर 25 पैसे प्रति यूनिट महंगी कर दी गई है।

ऽ सर्वाधिक बढ़ोतरी कृषि पंप के बिजली के दाम में 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि करके की गई है। छत्तीसगढ़ के किसान इस सरकार की दुर्भावना और उपेक्षा के चलते पहले ही खाद, बीज और बिजली कटौती से परेशान हैं, अब कृषि पंप में बिजली की दर बढाकर किसानों की कमर तोड़ रही है भाजपा सरकार
ऽ इतिहास गवाह है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकारों में जनता को लूटने के तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जाते हैं। 2003 से 2018 तक भाजपा की पूर्ववर्ती रमन सरकार ने हर साल बिजली के दामों में वृद्धि की। 2003 में छत्तीसगढ़ में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 3 रुपए 30 पैसे के दर पर बिजली मिला करती थी, जिसे 15 साल के कुशासन के बाद रमनसिंह के समय ही 6 रुपए 40 पैसे तक बढ़ाया गया, जिसे चुनाव चुनावी वर्ष 2018 में मात्र 20 पैसे घटकर 6 रुपया 20 पैसे किया गया।
ऽ पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार में पूरे 5 साल का नेट वृद्धि यदि देखें तो मात्र दो पैसे का था, जो ऐतिहासिक तौर पर सबसे न्यूनतम था।

छत्तीसगढ़ में घरेलू बिजली की दर में वृद्धि निम्नानुसार हुईः-
साल                 बिजली की दर
2003-04                3.30
2017-18                6.40  (+3.10)
(रमन सरकार में कुल वृद्धि 3 रुपए 10 पैसे अर्थात 94 प्रतिशत)
2018-19                6.20
2019-20                5.93  (-27)
2020-21                5.93    (0)
2021-22                6.08   (+15)
2022-23                6.22   (+12)
2023-24                6.22    (0)
(कांग्रेस सरकार के 5 साल में कुल वृद्धि मात्र .02 रुपए या 2 पैसे अर्थात केवल 0.32 प्रतिशत बढ़ोत्तरी हुई)
2023-24                6.22
वर्तमान में                7.02 (+.80)

(भाजपा की वर्तमान साय सरकार के डेढ़ साल में कुल वृद्धि 80 पैसे अर्थात 13 प्रतिशत बढ़ोत्तरी)

ऽ पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार ने बिजली के घाटे को पाटते हुए बिजली बिल ऑफ योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के 65 लाख से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं को लगभग 3240 करोड रुपए के सब्सिडी देकर बहुत बड़ी राहत दी थी। किसानों को 5 एचपी तक निशुल्क बिजली दिया, बीपीएल उपभोक्ताओं को 40 यूनिट तक मुक्त बिजली दी गई। अस्पतालों, उद्योगों को सब्सिडाइज्ड दर पर बिजली देकर राहत पहुंचाया। भाजपा की सरकार आने के बाद प्रदेश भर में बिजली की कटौती शुरू हो गई और कीमत लगातार बधाई जाने लगी है।
ऽ कोयला हमारा, पानी हमारा, जमीन हमारी और हमें ही महंगे दर पर बिजली बेचा जा रहा है?
ऽ भाजपा के नेता, मंत्री, विधायक और अधिकारी एसी का मजा लूट रहे, कई सरकारी विभाग बिजली का बकाया बिल जमा नहीं कर रहें, सरकारी उपक्रमों और सरकार के चहेतों का करोड़ों का बिजली बिल का भुगतान लंबित है, उसकी वसूली भी जनता से कर रही है सरकार
ऽ सत्ता के संरक्षण में बिजली चोरी और लाइन लॉस के मामले बढ़े हैं, जिसके चलते हो रहे नुकसान की भरपाई भी जनता से वसूली करके करना चाहती है यह सरकार
ऽ केंद्र की मोदी सरकार के गलत नीतियों के चलते हैं बिजली का उत्पादन लागत बढा है, कोयले पर ग्रीन टैक्स चार गुना अधिक बढ़ा दिए, रेलवे का माल भाड़ा अधिक वसूल रहे हैं, थर्मल पॉवरप्लांट को अडानी की कंपनी से महंगे दर पर कोयला खरीदने बाध्य किया जा रहा है, डीजल पर सेंट्रल एक्साइज बढ़ाए जाने से परिवहन में और फायर के लिए उपयोग होने वाले डीजल की लागत बढ़ी है जिसकी भरपाई भी उपभोक्ताओं पर बोझ बढ़ाकर किया जा रहा है।
ऽ प्रदेश भर से अनाप-शनाप बिजली बिल आने की शिकायत लगातार आ रही है, स्मार्ट मीटर के नाम पर अधिक बिल उपभोक्ताओं को भेजा जा रहा है, अब तो जनता को लूटने के लिए अडानी की कंपनी का प्रीपेड मीटर भी लगाने की तैयारी है
ऽ भाजपा सरकार पूरे समय बिजली नहीं दे पा रही है, अघोषित कटौती रोज-रोज जारी है, ऊपर से सरकार ने बिजली के दामों में एक बार फिर बढ़ोतरी करके जनता की जेब में डकैती डाला है।
ऽ कांग्रेस पार्टी भाजपा सरकार के ऐसे अन्यायपूर्ण फैसले का विरोध करती है, सरकार के इस जनविरोधी निर्णय के खिलाफ कांग्रेस पूरे प्रदेश में आंदोलन करेगी।

दो वर्षों में हमने जनता की लड़ाई लड़ी - दीपक बैज

इन दो वर्षों में आप सबके सहयोग के लिए आभार, कांग्रेस नेतृत्व का आभार जिन्होंने हमारे ऊपर भरोसा दिखाया इतनी बड़ी जिम्मेदारी दिया। हमारी नेता मा. सोनिया गांधी जी, हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष मा. खड़गे जी, मा. राहुल गांधी जी, केसी वेणुगोपाल जी, सचिन पायलट जी, प्रदेश कांग्रेस के तमाम वरिष्ठ नेताओं, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व डिप्टी सीएम टी.एस. सिंहदेव, ताम्रध्वज साहू जी सहित अपने वरिष्ठ नेताओं, कांग्रेस के सहयोगी मित्रों, कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों सभी के प्रति आभार, मीडिया के प्रति विशेष आभार आपने हमारे संघर्षों को मंच दिया। दो वर्षों में हमारी कोशिश रही की हम जनता की लड़ाई लड़े। जनता की तकलीफों की आवाज बनें, हमने एक दर्जन से अधिक न्याय यात्रायें की, आंदोलन किया, विधानसभा घेराव, सीएम हाउस घेराव, धरना प्रदर्शन जैसे तमाम लोकतांत्रिक हथियारों से विपक्ष के धर्म को निभाने का काम किया, हम कितने सफल रहे, यह आंकलन करने का काम आप सब पर छोड़ता हूं। लेकिन हमारा संघर्ष जन सरोकारों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता आगे भी जारी रहेगी।

खाद के नाम पर भाजपा किसानों को ठगने का काम कर रही है

भाजपा किसानों को ठगने का काम कर रही है। प्रदेश में किसानों को उर्वरक नहीं मिल पा रहा, बोवाई का काम, रोपाई का समय तेजी से बीत रहा है, खुले बाजार में भी खाद उपलब्ध नहीं है। सरकार लगातार झूठ बोल रही की पूरे प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। सरकार ने विज्ञापन भी जारी किया है कि सरकारी सोसायटियों में पर्याप्त मात्रा में नैनो, डीएपी उपलब्ध है।
दूसरी तरफ सरकार अभी दिनांक 11 जुलाई फिर से नैनो खरीदने हेतु निविदा अखबारों में प्रकाशित करवाई है।

सवाल यह उठता है -
1. कब खरीदी होगा, कब सप्लाई और भंडारण होगा, कब बाटेंगे, जरूरत तो आज है। अगस्त, सितंबर में शुरू में भी सप्लाई होगा तो अनुपयोगी होगा और इसकी लाइफ़ 6-7 माह रहती है फिर ये एक्सपायर हो जाएगा। समय बीत जाने के बाद उपलब्धता का क्या लाभ?
2. सरकार यदि वास्तव में जागरूक और ईमानदार किसान हितैषी होती तो ये कदम अप्रैल में लेना था, अभी महंगे दाम पर खाद लेने के लिए किसान को व्यापारियों के पास झोंक दिया।
3. 1350 में मिलने वाला खाद 2000 में बेचे जा रहे है, कोचियों, बिचौलियों और जमाखोरी को सरकार का संरक्षण है। नकली और मिलावटी खाद खुले आम बिक रहे है। निजी खाद दुकानों में कहीं भी स्टॉक का वेरिफिकेशन नहीं हो रहा है। प्रदेश में निजी खाद बेचने वाले व्यापारियों खास कर डीएपी के सुपर स्टॉकिस्ट/डीलर कौन है, सरकार बताये?
4. प्रदेश में 2354 सहकारी समितियों के स्टॉक डिटेल सरकार सार्वजनिक करें, झूठे प्रचार नहीं।
5. हमने अपने ब्लॉक अध्यक्षों से कहा है कि वे खुद सोसायटी में जाकर भौतिक सत्यापन करें।

पत्रकार वार्ता में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धनेन्द्र साहू, वरिष्ठ नेता सत्यनारायण शर्मा, पूर्व सांसद छाया वर्मा, प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू, कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, पूर्व महापौर एजाज ढेबर, वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर, सुरेन्द्र वर्मा, नितिन भंसाली, अजय गंगवानी, सत्यप्रकाश सिंह, पूर्णचंद पाढ़ी, सौरभ साहू, ऋषभ चंद्राकर उपस्थित थे।

सुशील आनंद शुक्ला
अध्यक्ष कांग्रेस संचार विभाग
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी
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’राज्यपाल श्री रमेन डेका ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत किया पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश’

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज अपने कोरबा प्रवास के दौरान जिला पंचायत परिसर में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत बादाम के पौधे रोपित किए। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सभी नागरिकों से अपने आस-पास अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाने की अपील की। साथ ही लगाए गए पौधे को सजीव बनाए रखने की जिम्मेदारी स्वयं उठाने की बात कही। 
उन्होंने कहा कि एक पेड़ माँ के नाम अभियान का उद्देश्य केवल वृक्षारोपण नहीं, बल्कि भावनात्मक जुड़ाव के माध्यम से प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी विकसित करना है। पेड़ पौधे न केवल पर्यावरण को स्वच्छ बनाता है, बल्कि यह हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक अनमोल उपहार है। इस अवसर पर कलेक्टर श्री अजीत वसंत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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प्रदेश में अब तक 364.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 364.1 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 540.3 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 176.4 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।


राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार सरगुजा में 275.9 मि.मी., सूरजपुर में 451.7 मि.मी., जशपुर में 474.8 मि.मी., कोरिया में 398.6 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 354.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। रायपुर जिले में 343.9 मि.मी., बलौदाबाजार में 348.3 मि.मी., गरियाबंद में 318.1 मि.मी., महासमुंद में 333.7 मि.मी. और धमतरी में 322.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर में 387.1 मि.मी., मुंगेली में 254.7 मि.मी., रायगढ़ में 519.7 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 363.8 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 491.4 मि.मी., सक्ती में 422.6 मि.मी., कोरबा में 464.8 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 368.0 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड हुई है। दुर्ग जिले में 303.7 मि.मी., कबीरधाम में 258.0 मि.मी., राजनांदगांव में 298.1 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 484.3 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 245.9 मि.मी., बालोद में 380.4 मि.मी. और बस्तर जिले में 436.7 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड हुई है। कोंडागांव में 263.1 मि.मी., कांकेर में 366.8 मि.मी., नारायणपुर में 315.7 मि.मी., दंतेवाड़ा में 397.2 मि.मी., सुकमा में 209.3 मि.मी. और बीजापुर में 444.2 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

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छोटे व्यापारियों को मिलेगा प्रोत्साहन: दस साल से अधिक लंबित 25 हजार रुपये तक की वैट देनदारियां खत्म होंगी

छत्तीसगढ़ में छोटे व्यापारियों को अपना व्यवसाय आसानी से करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य सरकार छोटे व्यापारियों के 10 साल से अधिक लंबित पुराने मामलों में 25 हजार रुपये तक की वैट देनदारियों को खत्म करने जा रही है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में इज़ ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत जीएसटी प्रावधानों में भी कई संशोधन किए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक और छत्तीसगढ़ बकाया कर, ब्याज एवं शास्ति के निपटान संशोधन विधेयक 2025 के प्रारूप का अनुमोदन कर दिया गया है। इन दोनों विधेयकों को विधानसभा के मानसून सत्र में पटल पर रखा जाएगा। 10 साल से अधिक पुराने 25 हजार रुपये तक की वैट देनदारियों को खत्म करने से राज्य के लगभग 40 हजार से अधिक व्यापारियों को फायदा मिलेगा। इसके साथ ही 62 हजार से अधिक मुकदमों के मामले भी कम हो जाएंगे।


मुख्यमंत्री श्री साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक के प्रारूप का भी अनुमोदन किया गया। इस प्रारूप में जीएसटी परिषद की 55वीं बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुरूप संशोधन प्रस्तावित किए गए हैं। किए गए प्रस्ताव के अनुसार इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर्स द्वारा आईजीएसटी में लिए गए आरसीएम का वितरण भी अब अपने ब्रांच ऑफिस में किया जा सकेगा। इससे जीएसटी अधिनियम में विसंगति को दूर करने में मदद मिलेगी और व्यापारियों को इज़ ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत कारोबार करने में आसानी होगी।

एक अन्य संशोधन प्रस्ताव अनुसार, ऐसे पेनाल्टी की राशि जिनमें टैक्स की डिमांड सम्मिलित नहीं होती है, उन प्रकरणों में अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील प्रस्तुत करने के लिए आवश्यक पूर्व डिपॉजिट 20 प्रतिशत राशि को घटाकर 10 प्रतिशत किया गया है। यह निर्णय व्यापार जगत को सहूलियत देने वाला साबित होगा।
जीएसटी प्रणाली में वाउचर पर करदेयता के संबंध में स्थिति स्पष्ट करते हुए ‘टाइम ऑफ सप्लाई’ के प्रावधान को विलोपित किया गया है। इस संबंध में विभिन्न एडवांस रूलिंग अथॉरिटी में मतभिन्नता थी, अतः एकरूपता के प्रयोजन से यह संशोधन लाया गया।

कैपेसिटी बेस्ड टैक्सेशन एवं स्पेशल कंपोजिशन लेवी विषय पर गठित मंत्री समूह की अनुशंसा के आधार पर डिमेरिट गुड्स जैसे तंबाकू उत्पाद के लिए ट्रेस एंड ट्रैक मैकेनिज्म लागू किया गया है, जिसके द्वारा इन उत्पादों का निर्माण से अंतिम उपभोक्ता तक विक्रय के समूचे सप्लाई चेन की कारगर निगरानी की जा सकेगी।
विशेष आर्थिक क्षेत्रों के वेयरहाउस में रखे गए वस्तुओं, जिनके फिजिकल मूवमेंट के बिना कई बार क्रय-विक्रय संव्यवहार किया जाता है, ऐसे मामलों में ऐसे संव्यवहारों को जीएसटी की परिधि से बाहर रखने के लिए संशोधन लाया गया है, जिससे विशेष आर्थिक क्षेत्रों को और अधिक बढ़ावा दिया जा सके।
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पॉवर कंपनी अध्यक्ष डॉ. रोहित यादव ने किया 50 हजार पौधे लगाने का आगाज

 छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज़ में 50 हजार छायादार और फलदार वृक्ष लगाने के अभियान की शुरूआत पॉवर कंपनी के अध्यक्ष डॉ. रोहित यादव ने की। उन्होंने पॉवर कंपनीज़ के डंगनिया मुख्यालय स्थित परिसर में औषधीय वृक्ष लौंग का रोपण किया। डॉ. यादव ने कहा कि हमारी धरती को हरा-भरा रखने की जिम्मेदारी हम सबकी है। हम विद्युत आपूर्ति के जरिए प्रदेश के विकास में सहभागी बन रहे हैं, हमें अपने वातावरण को शुद्ध और स्वच्छ बनाए रखने के लिए एक पौधा जरूर लगाना चाहिए।


इस कार्यक्रम में प्रबंध निदेशकगण सर्वश्री एसके कटियार (उत्पादन), राजेश कुमार शुक्ला (पारेषण), भीमसिंह कंवर (वितरण) एवं निदेशक श्री आरए पाठक विशेष रूप से उपस्थित थे। सभी ने कैंपस में पहले पौधरोपण किया।

इसके पश्चात् वृक्षारोपण महोत्सव को संबोधित करते हुए डॉ. यादव ने कहा कि पॉवर कंपनी पूरे प्रदेश में फैले तीन हजार से अधिक बिजली दफ्तर, विद्युत उपकेंद्र और विद्युत उत्पादन संयंत्रों की रिक्त भूमि में छायादार और फलदार पौधे लगाने का संकल्प लिया है। अगले 15 अगस्त तक इस लक्ष्य को पूरा कर लिया जाएगा।

उन्होंने सभी अधिकारी-कर्मचारियों से इस कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया। डॉ. यादव ने यह भी कहा कि हमें हरियाली के साथ ही अपने आसपास स्वच्छता का भी ध्यान रखना चाहिए। इसके लिए हर किसी को विशेष प्रयास करने की आवश्यकता है। श्री यादव ने पौधों में क्यूआर कोड लगाने और उसमें उस पौधे के गुणों का उल्लेख करने का भी सुझाव दिया।

इस अवसर पर प्रबंध निदेशक (पारेषण) श्री राजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि मानव संसाधन विभाग ने बहुत ही त्वरित गति से वृक्षारोपण महोत्सव की योजना को क्रियान्वित किया है। पूरे प्रदेश में छायादार और फलदार वृक्ष लगाने के अभियान में सबकी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इसमें वितरण कंपनी 25 हजार पौधे, पारेषण कंपनी 10 हजार और 15 हजार पौधे उत्पादन कंपनी लगवाएगी। साथ ही अधिकारी-कर्मचारी अपनी ओर से अपने आसपास व घरों में पौधे लगाएंगे।

आभार प्रदर्शन करते हुए अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री विनोद अग्रवाल ने कहा कि कंपनी प्रबंधन की मंशा के अनुरूप वृक्षारोपण महोत्सव को अभियान के रूप में पूरा किया जाएगा। अध्यक्ष महोदय के सुझाव के अनुसार इनमें क्यूआर कोड लगाए जाएंगे। सभी अधिकारी-कर्मचारी पौधे लगाकर मोर बिजली कंपनी एप में अपनी फोटो अपलोड करेंगे, जिनमें से चुने हुए अधिकारी-कर्मचारियों को पुरस्कृत किया जाएगा।
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रोजगार मेला रायपुर रेल मंडल के कम्युनिटी हॉल (सामुदायिक भवन) डब्लूआरएस कॉलोनी में दिनांक 12 जुलाई 2025 को आयोजित होगा

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कर कमलो द्वारा दिनांक 12 जुलाई 2025 को पूरे देश के 47 स्थान पर रोजगार मेला के तहत देशभर के 51हजार से अधिक अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी हेतु नियुक्ति पत्रों का वितरण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया जाएगा।


रोजगार मेला का आयोजन दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर रेल मंडल द्वाराकम्युनिटी हॉल (सामुदायिक भवन) डब्लूआरएस कॉलोनी में दिनांक 12 जुलाई 2025 को 10.00 बजे आयोजित होगा।

जिसमें छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों के 72 अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी हेतु नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे। इसमें इसमें पोस्ट विभाग, गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय, रेलवे विभाग में विभिन्न पदों पर जैसे टेक्नीशियन, प्वाइंटस मेन, हेल्पर गार्ड, डॉक्टर, डाक सेवक, सब इंस्पेक्टर, कांस्टेबल पदों पर पदस्थ होंगे। 
रोजगार मेला के मुख्य अतिथि श्री दुर्गादास उइके माननीय जनजातीय केंद्रीय राज्य मंत्री रहेंगे। इस कार्यक्रम में माननीय सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, सहित रायपुर शहर के माननीय विधायक श्री राजेश मूणत, पुरंदर मिश्रा, सुनील सोनी, मोतीलाल साहू एवं रेलवे सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे।
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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा सिर्फ एक जिले की महिलाओं को रेडी टू ईट का काम क्यों?

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि आज सभी अखबारों में सरकार ने खबर छपवाया है कि सरकार ने महिलाओं को पोषक आहार रेडी टू ईट का काम दिया है। मोदी की गारंटी पूरी हो गयी। जबकि हकीकत यह है कि केवल रायगढ़ जिले में सिर्फ 10 महिला समूहों को यह काम दिया गया है। भाजपा ने चुनाव में प्रदेश भर में सभी जिलों पोषक आहार का काम स्व सहायता समूहो को देने का वायदा किया था। हमारी मांग है कि सरकार अपने वादे के अनुसार प्रदेश के सभी जिलो में सभी स्थानों पर महिला स्व सहायता समूहों को काम दे। कहा जा रहा 6 जिलों को पायलेट प्रोजेक्ट के तहत महिलाओं को दिया जायेगा। पूरे जिलों काम क्यों नहीं दे रहे?


प्रदेश का शिक्षा विभाग अव्यवस्था का केंद्र बन चुका है

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि दुर्भाग्य जनक है कि प्रदेश का शिक्षा विभाग अव्यवस्था का केन्द्र बन चुका है। सरकार ने युक्तियुक्तकरण के नाम पर बड़ी संख्या में शिक्षकों के ट्रांसफर किये, उसके बावजूद प्रदेश के अनेक स्थानों पर स्कूलों में शिक्षक नहीं होने के कारण बच्चे हड़ताल कर रहे, पालक स्कलों में ताला लगा रहे है। सरकार के द्वारा किया गया युक्तियुक्त करण वसूलीकरण का अभियान बन कर रह गया है। बच्चे पालक परेशान हो रहे है। भाटापारा, धमतरी, आरंग, महासमुंद, सरगुजा, बस्तर सभी जगह शिक्षकों की कमी कारण बच्चे आंदोलन कर रहे।

राज्य सरकार के खिलाफ जनता का गुस्सा अब उफान पर आ गया है

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि राज्य सरकार के खिलाफ जनता का गुस्सा अब ऊफान पर आ गया है, लोग अपने सामान्य कामकाज के लिये मंत्रियों का रास्ता रोक रहे। बिलासपुर के पहले मनियारी के पास लोगो ने सड़क के लिये केन्द्रीय मंत्री तोखन साहू का घेराव कर दिया, रास्ता रोक लिया। इसके पहले प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरूण साव का काफिला भी जनता ने रोका था। जनता का भरोसा सरकार पर से उठ गया है।

किसानों को डीएपी खाद उपलब्ध नहीं है किसान परेशान है

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि खरीफ की बुवाई का समय तेजी से बीत रहा है, लेकिन किसानों को डीएपी खाद उपलब्ध नहीं है किसान परेशान है, सरकार के द्वारा किसानों को पहले एनपीके का विकल्प देने की बात कही गई और अब नैनो डीएपी का झांसा दे रहे हैं, लेकिन वह भी नहीं मिल रहा है। असलियत यह है कि सरकार नहीं चाहती कि किसान भरपूर उत्पादन ले सके, ताकि समर्थन मूल्य पर कम धान खरीदी करना पड़े, यही वजह है कि खरीफ फसल की बोनी के ऐन वक्त पर खाद का कृत्रिम संकट उत्पन्न किया जा रहा है। जब किसानों के तरफ से डिमांड अप्रैल माह तक लिखाया जा चुका था, फिर सही समय में पर्याप्त मात्रा में खाद के रेक और सहकारी सोसाइटियों तक भंडारण की समुचित व्यवस्था क्यों नहीं की गई?

सरकार भीगे धान के बारे में आंकड़े सार्वजनिक करे

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि पिछले खरीफ सीजन में समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान 27 जिलों में अभी तक खुले में पड़ा हैं। पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार के समय जो 72 घंटे के भीतर परिवहन की बाध्यता थी इस सरकार ने उस नियम को बदल दिया। दुर्भावना पूर्वक मिलिंग की दर घटा दी गई जिसके चलते लाखों मीट्रिक टन धान आज भी उपार्जन केंद्रों में सड़ रहे हैं। सरकार की लापरवाही और बदइंतजामी से सोसाइटी में धान भी खराब हो रहे हैं जनता की गाढ़ी कमाई और टैक्स के पैसे का नुकसान धान की बर्बादी में हो रहा है। अनुमान है कि अभी तक 30 लाख मीट्रिक टन धान भीग चुका है। सरकार भीगे धान के बारे में आंकड़े सार्वजनिक करे।

डेढ़ साल के भीतर चौथी बार बढ़ाएं गए बिजली के दाम, जनता की जेब पर डकैती

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बिजली के दाम बढ़ोत्तरी का विरोध किया है। उन्होंने ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की साय सरकार ने छत्तीसगढ़ के विद्युत उपभोक्ताओं को एक बार फिर जोर का झटका दिया है, घरेलू उपभोक्ताओं को 10 से 20 पैसे वृद्धि और गैरघरेलू बिजली दर में 25 पैसे प्रति यूनिट महंगी कर दी गई। इससे पहले जून 2024 में 20 पैसे प्रति यूनिट बढ़ाया गया था। साय सरकार आने के बाद से बिजली के दाम में अब तक की यह चौथी बढ़ोतरी है। कांग्रेस पार्टी भाजपा सरकार के इस जनविरोधी निर्णय का कड़ा विरोध करती है और इसके खिलाफ पूरे प्रदेश में आंदोलन, विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
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संवेदीकरण विषय पर प्रशिक्षण कार्यशाला सम्पन्न:खाद्य एवं नापतौल विभाग के अधिकारी हुए शामिल

 भारतीय मानक ब्यूरो, रायपुर द्वारा संवेदीकरण विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने की। कार्यशाला में विभाग से जुड़े खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण तथा नापतौल विभाग के अधिकारियों ने सहभागिता दर्ज की।


भारतीय मानक ब्यूरो, रायपुर शाखा कार्यालय के निदेशक एवं प्रमुख श्री एस. के. गुप्ता ने सचिव महोदया को प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्देश्यों एवं स्वरूप की विस्तृत जानकारी दी। इसके पश्चात रायपुर शाखा कार्यालय के संयुक्त निदेशक श्री फालेन्द्र कुमार ने पावर प्वाइंट प्रेज़ेंटेशन के माध्यम से भारतीय मानक ब्यूरो की विभिन्न गतिविधियों का परिचय दिया।

प्रस्तुतीकरण में विशेष रूप से मानक निर्धारण की प्रक्रिया, समितियों की संरचना, ड्राफ्ट मानकों पर सुझाव और टिप्पणियों का आमंत्रण, तथा सार्वजनिक भागीदारी हेतु वाइड सर्कुलेशन ड्राफ्ट की जानकारी दी गई।

कार्यशाला में आईएसआई मार्क योजना, इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के लिए सीआरएस योजना जैसे विभिन्न प्रमाणन कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही आईएसआई मार्क एवं सीआरएस मार्क वाले उत्पादों के लिए अनिवार्य प्रमाणन आदेशों तथा उनकी पहचान की विधियों पर प्रकाश डाला गया।

"Know Your Standards" फीचर के माध्यम से बीआईएस वेबसाइट पर मानक खोजने और डाउनलोड करने की प्रक्रिया को अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही विभागीय क्रय प्रक्रियाओं में टेंडर तैयार करते समय क्यूसीओ (Quality Control Order) के अनुपालन एवं प्रमाणन निरीक्षण की प्रक्रिया को भी विस्तार से समझाया गया।

कार्यशाला में यह भी बताया गया कि टेंडर प्रक्रिया हेतु उत्पाद परीक्षण के लिए राज्य में किन-किन प्रमाणित प्रयोगशालाओं की सुविधा उपलब्ध है।

सोने एवं चांदी के आभूषणों पर हॉलमार्क एवं एचयूआईडी (HUID) संख्या की सत्यता जांचने की प्रक्रिया, अनिवार्य हॉलमार्किंग आदेश, हॉलमार्किंग केंद्रों की उपलब्धता, हॉलमार्किंग की प्रक्रिया तथा उपभोक्ताओं के लिए ऑनलाइन जांच सुविधा की जानकारी भी प्रदान की गई।

कार्यशाला में मानकों के संग्रह का प्रदर्शन किया गया और "Standards Watch" की उपयोगिता से अवगत कराया गया। साथ ही शैक्षिक क्षेत्र में स्टैंडर्ड्स क्लब एवं एमओयू पार्टनरशिप मॉडल के माध्यम से बीआईएस की शैक्षणिक सहभागिता पर भी जानकारी दी गई।

कार्यशाला के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित हुआ, जिसमें उपस्थित अधिकारियों के प्रश्नों का समाधान कर संतोषजनक उत्तर प्रदान किए गए।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कवर्धा में सड़क दुर्घटना पर जताया शोक

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कवर्धा जिले के आगरपानी के पास हुई सड़क दुर्घटना में पांच लोगों के दुःखद निधन और चार अन्य के घायल होने पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने  घायलों की समुचित चिकित्सा एवं आवश्यक मदद के निर्देश जिला प्रशासन को दिए हैं।


मुख्यमंत्री श्री साय ने दिवंगत आत्माओं को शांति और घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की।
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लोग अब बंदूक नहीं, विकास की राह पर साथ चलना चाहते हैं: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

नारायणपुर जिले में ₹37 लाख 50 हजार के इनामी कुल 22 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इन आत्मसमर्पित नक्सलियों के ऊपर ₹50 हजार रुपए से लेकर ₹8 लाख तक के इनाम घोषित थे।


मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा कि “लोग अब बंदूक नहीं, विकास की राह पर साथ चलना चाहते हैं।” हमारी सरकार में अब तक कुल 1476 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह हमारी सरकार की नवीन आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025 तथा जनकल्याणकारी योजनाओं की सकारात्मकता का प्रमाण है। ‘नियद नेल्लानार’ जैसी योजनाओं ने विश्वास जगाया है, लोग हिंसा छोड़कर विकास की मुख्यधारा में लौट रहे हैं। इन आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनरुत्थान हेतु हम पूर्णतः संकल्पित हैं। डबल इंजन की सरकार 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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हमारा उद्देश्य जनता को पारदर्शी, जवाबदेह और ईमानदार प्रशासन देना : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति लेकर आगे बढ़ रही है। साथ ही भ्रष्टाचार के विरुद्ध लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। पूर्व शासनकाल के दौरान हुए 3200 करोड़ रूपए के बहुचर्चित शराब घोटाले में साय सरकार ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 29 में से 22 आबकारी अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। निलंबन की इस कार्रवाई को किसी भी राज्य द्वारा की गई अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। इन अधिकारियों पर वर्ष 2019 से 2023 के बीच भ्रष्टाचार कर करीब 88 करोड़ रुपये की अवैध कमाई से चल-अचल संपत्तियां भी बनाने का आरोप है। 


आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) द्वारा की गई विस्तृत जांच में यह खुलासा हुआ है कि यह पूरा घोटाला एक संगठित सिंडिकेट के जरिये संचालित हो रहा था, जिसमें आरोपी आबकारी अधिकारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। 
इसका खुलासा होते ही छत्तीसगढ़ सरकार ने बिना देर के 22 अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। जिनमें आबकारी उपायुक्त अनिमेष नेताम, अरविन्द कुमार पाटले, नीतू नोतानी, नोहर सिंह ठाकुर, विजय सेन शर्मा शामिल हैं। इसी प्रकार सहायक आयुक्त आबकारी प्रमोद कुमार नेताम, विकास कुमार गोस्वामी, नवीन प्रताप सिंह तोमर, राजेश जायसवाल, मंजुश्री कसेर, दिनकर वासनिक, आशीष कोसम, सौरभ बख्शी, प्रकाश पाल, रामकृष्ण मिश्रा, अलख राम कसेर, सोनल नेताम और जिला आबकारी अधिकारी मोहित कुमार जायसवाल, गरीबपाल सिंह दर्दी, इकबाल अहमद खान, जनार्दन सिंह कौरव, नितिन कुमार खंडूजा शामिल हैं। 

गौरतलब है कि पूर्व सरकार के पांच साल के कार्यकाल के दौरान कई बड़े घोटाले हुए हैं, जिनकी जांच केंद्रीय और राज्य एजेंसियां कर रही हैं और एक-एक कर सभी दोषी जेल भेजे जा रहे हैं। केवल शराब घोटाला ही नहीं, राज्य सरकार डीएमएफ घोटाला, महादेव सट्टा एप घोटाला और तेंदूपत्ता घोटाले जैसे मामलों की भी गहराई से जांच करवा रही है, जिनमें किसी भी तरह की संलिप्तता सामने आने पर दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई हो रही है। बीते दो वर्षों में ACB ने 200 से अधिक भ्रष्ट अधिकारियों को पकड़ा है, जो राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का बड़ा उदाहरण है। 

मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के साथ-साथ राज्य में सुशासन और पारदर्शी प्रशासन को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसके तहत जेम पोर्टल से खरीददारी को अनिवार्य किया गया है, ई-ऑफिस प्रणाली की शुरुआत हुई है, 350 से अधिक सुधारों के जरिये निवेश की राह भ्रष्टाचार मुक्त, पारदर्शी और आसान बनाई गई है, इसी क्रम में सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 के माध्यम से एनओसी की प्रक्रिया बेहद सरल कर दी गई है। 

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आबकारी विभाग में FL-10 नीति को समाप्त कर पारदर्शी व्यवस्था लागू की गई है और देशी-विदेशी मदिरा की बोतलों पर अब नासिक मुद्रणालय से छपने वाले होलोग्राम अनिवार्य किए गए हैं ताकि नकली शराब की बिक्री पर रोक लगाई जा सके। इसी तरह खनिज ट्रांजिट पास की प्रक्रिया अब पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई है, लकड़ियों की ई-नीलामी प्रणाली लागू की गई है और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए सुशासन एवं अभिसरण विभाग की स्थापना की गई है। 

छत्तीसगढ़ सरकार ने PSC-2021 परीक्षा में हुई अनियमितताओं की जांच CBI को सौंप दी है, जिसमें आयोग के तत्कालीन चेयरमैन को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, भारतमाला योजना और सीजीएमएससी घोटालों की जांच भी EOW को सौंपी गई है, जिनमें दोषी अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है। भ्रष्टाचार के विरुद्ध इस पारदर्शी कार्रवाई में आईएएस, आईएफएस से लेकर राज्य सेवा के विभिन्न स्तर के अधिकारियों पर भी कार्रवाई हुई है। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट कहा है कि यह घोटाला पिछली सरकार के कार्यकाल में हुआ था, घोटाले में संलिप्त किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। अब राज्य में भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है, हमारी सरकार का उद्देश्य जनता को पारदर्शी, जवाबदेह और ईमानदार प्रशासन देना है।
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छत्तीसगढ़ पर्यटन ने कोलकाता में दर्ज कराई प्रभावशाली उपस्थिति

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयासों में आज एक महत्वपूर्ण कड़ी जुड़ी है। कोलकाता में चल रहे ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर (टीटीएफ) में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने अपनी विशिष्ट और समृद्ध विरासत के साथ शानदार उपस्थिति दर्ज करायी। छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा ने कोलकाता के टूर ऑपरेटर एवं ट्रेव्हल्स एजेंट को छत्तीसगढ़ के टूर पैकेज के लिए आमंत्रित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री श्री उमर अब्दुल्ला के साथ मंच साझा किया। 


इस अवसर पर अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा ने कहा कि यह हमारे लिए गौरव की बात है कि छत्तीसगढ़ जैसे समृद्ध राज्य को भारत के इस प्रमुख पर्यटन मंच पर प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला है। हमारा राज्य प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय परंपराओं, ऐतिहासिक स्थलों और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर है। छत्तीसगढ़ को आज भी ‘अनदेखा भारत‘ कहा जाता है और यही इसकी सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों जैसे चित्रकोट जलप्रपात, कांगेर घाटी, सिरपुर, बस्तर का धुड़मारास के साथ-साथ भोरमदेव, डोंगरगढ़, दंतेवाड़ा आदि धार्मिक स्थलों का उल्लेख किया। उन्होंने पश्चिम बंगाल के टूर ऑपरेटर्स और ट्रैवल एजेंट्स से आग्रह किया कि वे अपने पर्यटन पैकेज में छत्तीसगढ़ को भी शामिल करें।

उन्होंने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन को अब उद्योग का दर्जा प्राप्त है और पर्यटन क्षेत्र में होमस्टे, रिसॉर्ट्स, ट्राइबल और वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं प्रारंभ की गई हैं। हमारा उद्देश्य केवल पर्यटन को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सतत विकास को भी मजबूत करना है। श्री शर्मा ने यह भी बताया कि कोलकाता में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड का स्थायी सूचना केंद्र स्थापित किया गया है, जिससे कोलकाता के टूर ऑपरेटर्स और पर्यटकों को सीधी और सुविधा-सम्पन्न सेवाएं प्रदान की जा सकेंगी। इस मौके पर कोलकाता के 50 टूर ऑपरेटर एवं ट्रेव्हल्स एजेंट पंजीकृत हुए।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य ने उपस्थित अतिथियों, टूर एंड ट्रैवल ऑपरेटर के समक्ष प्रेजेंटेशन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सुंदरता,संस्कृति एवं भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन द्वारा टूरिज्म को लेकर लिए गए निर्णय से भी अवगत कराया।

छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा जी ने मीडिया से चर्चा में बताया कि भारत को समझने के लिए छत्तीसगढ़ को जानना जरूरी है। मैं आप सभी से अनुरोध करता हूं कि छत्तीसगढ़ आइए, इसे महसूस कीजिए और भारत की आत्मा से मिलिए। 

इस अवसर पर सिक्किम विधानसभा की उपाध्यक्ष श्रीमती राजकुमारी थापा, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री नासिर असलम वानी,थाईलैंड की महावाणिज्यदूत सुश्री श्रीपोन तांतिपन्याथेप के साथ ही वेस्ट बंगाल टूर ऑपरेटर एवम ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन कोलकाता के लगभग 500 से भी अधिक सदस्य उपस्थित थे।
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पूर्व कैबिनेट मंत्री और विधायक राजेश मूणत ने हीरापुर से किया जनचौपाल कार्यक्रम का आगाज

जनप्रतिनिधि वही होता है जो मंच पर नहीं, हर वार्ड में जाकर जनता से संवाद करे। पूर्व कैबिनेट मंत्री और रायपुर पश्चिम के विधायक राजेश मूणत ने इसी भावना के साथ वीर सावरकर वार्ड अंतर्गत हीरापुर से जन चौपाल की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि अब हर वार्ड में साल में दो बार जन चौपाल आयोजित होगा ताकि जनता की समस्याओं को नजदीक से समझा और सुलझाया जा सके।

विधायक ने इस अवसर पर अपने डेढ़ वर्ष के कार्यकाल का लेखाजोखा भी जनता के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि वे जनता के प्रति जवाबदेह हैं और विकास कार्यों की जानकारी साझा करना उनकी जिम्मेदारी है।

उन्होंने वीर सावरकर वार्ड के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि अब तक कुल 7543.87 लाख रुपये के कार्य स्वीकृत हो चुके हैं। इनमें से 3 लाख रुपये के कार्य पूर्ण हो चुके हैं, 111 लाख रुपये के कार्य प्रगति पर हैं। 23 अप्रैल 2025 को 80 लाख रुपये और 22 मई 2025 को 119.89 लाख रुपये के कार्यों का भूमिपूजन हो चुका है। 2389.49 लाख रुपये के कार्यों का भूमिपूजन शेष है और 4840.49 लाख रुपये के कार्य निविदा स्तर पर हैं।

विधायक मूणत ने कहा कि जन चौपाल का उद्देश्य केवल समस्याएं सुनना नहीं, बल्कि समाधान सुनिश्चित करना है। हीरापुर के नागरिकों ने इस दौरान सामुदायिक भवन के विस्तार की मांग रखी। विधायक ने बताया कि पहले 10 लाख रुपये की स्वीकृति मिल चुकी थी, अब उसमें 15 लाख रुपये और जोड़कर कुल 25 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि भवन को अधिक सुविधाजनक और उपयोगी बनाया जाएगा।

इसके अलावा उन्होंने एनआरबी प्रेरणा गुरुकुलम विद्यापीठम में दृष्टि दिव्यांग बालिकाओं के लिए एक अतिरिक्त शयन कक्ष के निर्माण की घोषणा की। इस कार्य के लिए भी 25 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। उन्होंने इसे समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी बताया।

जन चौपाल में नागरिकों ने सड़क, नाली, जल आपूर्ति, राशन कार्ड, पेंशन, आधार कार्ड जैसी समस्याएं रखीं। विधायक ने संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक निर्देश दिए और कहा कि हर शिकायत का समाधान समयबद्ध रूप से किया जाए। उन्होंने नागरिकों से कहा कि शिकायत करते समय आवेदन में मोबाइल नंबर अवश्य दें, ताकि समाधान की सूचना उन्हें सीधे दी जा सके।

विधायक ने निर्देश दिए कि जिन बस्तियों में अभी तक सड़क और नाली जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं, उनकी वीडियोग्राफी कर नवंबर तक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि जनता भी ऐसे स्थानों की जानकारी वीडियो बनाकर कार्यालय तक पहुंचा सकती है ताकि कार्रवाई में तेजी लाई जा सके।

उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी कार्य में अनियमितता की जानकारी मिलती है, तो जांच कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पैसा खर्च करना पर्याप्त नहीं है, उसका प्रभाव जमीन पर दिखना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान जब भीड़ अधिक हो गई और कुछ नागरिकों की समस्याएं बाकी रह गईं, तब विधायक मूणत ने कहा कि जब तक अंतिम व्यक्ति की बात नहीं सुन ली जाती, वे कार्यक्रम स्थल नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने रात आठ बजे तक जनता से संवाद जारी रखने की बात कही ।

*हीरापुर जन चौपाल में अपर आयुक्त नगर निगम रायपुर, ज़ोन क्रमांक 8 के जोन कमिश्नर, नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी, विद्युत विभाग के अधिकारी, लोक कर्म विभाग के अधिकारी, नगर निवेश एवं पुलिस विभाग के अधिकारी, राजस्व विभाग के अधिकारी और भाजपा के कार्यकर्ता व जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।*

जन चौपाल में लोक निर्माण, जलप्रदाय, विद्युत, सफाई, नगर निगम, राजस्व, राशन और पेंशन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।


ज्ञात हो कि  विधायक ने रायपुर नगर निगम के जोन क्रमांक 1, 5, 7 और 8 के आयुक्तों को पत्र लिखकर सभी संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य की है।

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*जन चौपाल कार्यक्रम की आगामी तिथियां इस प्रकार हैं:*

| तिथि     | वार्ड                 | समय          | स्थान                    |
| -------- | --------------------- | ------------ | ------------------------ |
| 11 जुलाई | माधवराव सप्रे वार्ड   | शाम 4 बजे    | रायपुरा, पार्षद कार्यालय |
| 12 जुलाई | वीर शिवाजी वार्ड      | दोपहर 12 बजे | शीतला मंदिर परिसर        |
| 12 जुलाई | ठाकुर प्यारेलाल वार्ड | शाम 4 बजे    | डंगनिया स्कूल प्रांगण    |
| 13 जुलाई | संत रविदास वार्ड      | दोपहर 12 बजे | सरोना, पार्षद कार्यालय   |
| 14 जुलाई | ठक्कर बापा वार्ड      | शाम 4 बजे    | गांधी नगर, मुर्रा भट्ठी  |
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सरकार की लापरवाही से मिलिंग और परिवहन के अभाव में संग्रहण और उपार्जन केंद्रों में सड़ रहे धान- दीपक बैज अध्यक्ष प्रदेश कांग्रेस

सरकार की लापरवाही के कारण बारिश में 30 लाख मीट्रिक टन धान भीग गया है। मिलिंग और परिवहन के अभाव में संग्रहण और उपार्जन केंद्रों में सड़ रहे धान को भाजपा सरकार की अकर्मण्यता और लापरवाही का परिणाम करार देते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि पिछले खरीफ सीजन में समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान 27 जिलों में अभी तक पड़े हैं। पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार के समय जो 72 घंटे के भीतर परिवहन की बाध्यता थी इस सरकार ने उस नियम को बदल दिया। दुर्भावना पूर्वक मिलिंग की दर घटा दी गई जिसके चलते लाखों मीट्रिक टन धान आज भी उपार्जन केंद्रों में सड़ रहे हैं। सरकार की लापरवाही और बदइंतजामी से सोसाइटी में धान भी खराब हो रहे हैं जनता की गाढ़ी कमाई और टैक्स के पैसे का नुकसान धान की बर्बादी में हो रहा है।


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि केंद्र की मोदी सरकार ने प्रदेश की विष्णुदेव सरकार के द्वारा छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान से बना पूरा चावल नहीं खरीदा, जिसके चलते राज्य सरकार को किसानों से खरीदे गए धान के निस्तारण की समस्या उत्पन्न हो गई है। दलीय चाटुकारिता और मोदी-शाह के अधिनायक वाद के चलते राज्य की सरकार केंद्र पर भी नहीं बन पा रही है। बाजपट्टी प्रदेश सरकार ने किसानों से खरीदे अतिरिक्त धान को खुले बाजार में बेचने का प्रयास भी किया। 3100 रू. प्रति क्विंटल की दर से खरीदा गया धान परिवहन और हैंडलिंग मिलाकर 3822 लागत मूल्य है जिसे शायद सरकार ने नीलामी का बेस रेट 1900 प्रति क्विंटल तय करके बेचने का प्रयास किया, उसके बावजूद अब तक पूरा धान नीलाम नहीं हो पाया है, और लाखों टन धान सोसाइटियों में सड़ रहे हैं।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकारी किसान विरोधी है, छत्तीसगढ़ विरोधी है, सहकारिता विरोधी है, सोसाइटियों को नुकसान पहुंचा कर बर्बाद करने का षड्यंत्र रचा गया है। छत्तीसगढ़ की धरती में बने एफसीआई के गोदाम में छत्तीसगढ़ के किसानों के द्वारा ऊपजाये छत्तीसगढ़ के सोसाइटियों के द्वारा संग्रहित धान से बने चावल को रखने के लिए स्थान नहीं है। केंद्र की मोदी सरकार को छत्तीसगढ़ से कोयला चाहिए, आयरन चाहिए, टीन चाहिए, बक्साईट चाहिए लेकिन छत्तीसगढ़ के अन्नदाताओं से उपार्जित धान से निर्मित चावल के लिए केंद्रीय पूल में जगह नहीं है? डबल इंजन की सरकार में 35 लाख टन धान खुले बाजार में नीलाम करना पड़ रहा है, क्योंकि केंद्र की मोदी सरकार ने दुर्भावना पूर्वक केंद्रीय पुल में चावल का कोटा नहीं बढ़ाया। सरकार की दुर्भावना के चलते जो संग्रहण केंद्रों में धान सड़ रहे हैं उसका नुकसान सीधे तौर पर सरकारी समिति को उठाना पड़ेगा जिसके चलते हजारों सहकारी समितिया आर्थिक तौर पर बर्बाद हो रही हैं। छत्तीसगढ़ के किसान भारतीय जनता पार्टी की दुर्भावना और छत्तीसगढ़ की अपेक्षा के लिए भाजपा को कभी माफ नहीं करेंगे।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रेडी टू ईट निर्माण एवं वितरण हेतु रायगढ़ में 10 महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपे अनुबंध पत्र

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की एक और गारंटी को पूरा करते हुए रेडी टू ईट निर्माण का कार्य पुनः महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपने के निर्णय पर अमल की पहल की शुरुआत आज रायगढ़ जिले से की गई है। 


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रायगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में 10 महिला स्व-सहायता समूहों को रेडी टू ईट निर्माण एवं वितरण के लिए अनुबंध पत्र सौंपे। इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, रायगढ़ सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविंद्र गबेल, महापौर श्री जीवर्धन चौहान एवं जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सुषमा खलखो उपस्थित थीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए पूरक पोषण आहार (रेडी टू ईट) के निर्माण एवं वितरण का कार्य महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपने का निर्णय लिया है। यह कार्य प्रारंभिक चरण में 6 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रारंभ किया जाएगा। रायगढ़ इस पहल का पहला जिला बना है, जहाँ 10 महिला स्व-सहायता समूहों को अनुबंध पत्र वितरित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन समूहों की बहनें अब आंगनबाड़ी के बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के साथ-साथ इस कार्य से अपनी आमदनी भी बढ़ाएंगी, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकेंगी। यह योजना महिलाओं को स्वरोजगार के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी एक सार्थक पहल है। साथ ही, बच्चों को पोषण युक्त आहार प्रदान कर राज्य के पोषण स्तर में सुधार लाने में भी यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि विगत डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की गारंटी के अधिकांश कार्यों को धरातल पर उतारा गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना, 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, दो वर्षों का बकाया बोनस वितरण, महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता राशि, तेन्दूपत्ता संग्रहण दर में  5500 रुपये प्रति मानक बोरा की वृद्धि तथा चरण पादुका योजना की पुनः शुरुआत जैसे कार्य इसके सशक्त उदाहरण हैं। साथ ही, रामलला दर्शन योजना एवं तीर्थयात्रा योजना के माध्यम से प्रदेशवासियों को धार्मिक स्थलों की यात्रा का लाभ भी दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि अटल डिजिटल सेवा केन्द्रों की शुरुआत की गई है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को उनके गांव में ही बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराना है। अब तक प्रदेश की 1,460 पंचायतों में ऐसे सेवा केन्द्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे हजारों माताएं और बहनें सरल, सुरक्षित और सुलभ बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठा रही हैं। आने वाले समय में शेष पंचायतों को भी इस सुविधा से जोड़ा जाएगा।

इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु सतत कार्य कर रही है। पूरे देश में 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का जो लक्ष्य रखा गया है, उसके अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। इसी दिशा में रेडी टू ईट योजना प्रारंभ की जा रही है, जिसके प्रथम चरण में 6 जिलों को शामिल किया गया है। रायगढ़ ऐसा पहला जिला है जहाँ महिला समूहों को अनुबंध पत्र सौंपे गए हैं। वित्त मंत्री ने अनुबंध प्राप्त सभी महिला समूहों से गुणवत्ता युक्त कार्य करने का आह्वान किया और कहा कि वे इस योजना को एक आदर्श मॉडल के रूप में प्रस्तुत करें। यह पहल न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी, बल्कि राज्य के पोषण अभियान को भी मजबूती प्रदान करेगी।

उल्लेखनीय है कि रायगढ़ जिले में रेडी टू ईट कार्य हेतु 10 महिला समूहों का चयन किया गया है, जिन्हें अनुबंध पत्र प्रदान किए गए हैं। इन समूहों को रेडी टू ईट यूनिट की स्थापना हेतु प्रधानमंत्री फॉर्मेलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइज़ (PMFME) योजना के अंतर्गत उद्योग विभाग द्वारा पूंजीगत सब्सिडी प्रदान की जाएगी।रायगढ़ जिले की रायगढ़ शहरी, रायगढ़ ग्रामीण, पुसौर, खरसिया, घरघोड़ा, तमनार, लैलूंगा, मुकड़ेगा, धरमजयगढ़ एवं कापू परियोजनाओं के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों में रेडी टू ईट वितरण हेतु महिला समूहों का चयन किया गया है।
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बारिश में बस्तर के प्राकृतिक सौंदर्य का अनुपम नजारा, सैलानियों के लिए मानसून ट्रैकिंग का विशेष आयोजन

मानसून आते ही छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर जिले का प्राकृतिक नजारा देखते ही बनता है। यहां प्रकृति अपने सबसे खूबसूरत रूप में नजर आती है। हरियाली, झरने और जंगलों का माहौल दिल को खुश कर देता है। इस मौसम में आप परिवार और दोस्तों के साथ बाहर घूमने-फिरने के साथ बस्तर के प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले सकते हैं। 

बस्तर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासनं द्वारा मानसून ट्रैक की थीम पर कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसके लिए मानसून के मौसम में  प्राकृतिक सौंदर्य वाले स्थानों पर ट्रैकिंग का आयोजन किया जा रहा है। मानसून ट्रैक प्लान के तहत जिले के झरनों और जंगल-पहाड़ों जैसे दर्शनीय स्थलोंए जो पर्यटकों को आकर्षित करते हैंए वहां प्रशिक्षित स्थानीय गाइडों के माध्यम से भ्रमण करवाया जाएगा। 
अगर आप वीकेंड पर कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो बस्तर जिले के प्राकृतिक जलप्रपात चित्रकोट, तीरथगढ़, चित्रधारा, मेंदरीघूमर, तामड़ाघूमर, बीजाकसा, मिचनार ये जगहें न सिर्फ प्राकृतिक खूबसूरती से भरपूर हैं, बल्कि यहां मानसून ट्रैक और फोटोग्राफी के लिए भी बेहतरीन माहौल है। 

बस्तर जिले में पर्यटकों को आने के लिए विशाखापट्टनम से प्रतिदिन रेल सेवा संचालित है। साथ ही विमान सेवा के तहत हैदराबाद से प्रतिदिन, दिल्ली से सप्ताह में दो दिन की विमान सेवा उपलब्ध है। इसके अलावा जगदलपुर सड़क मार्ग से रायपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर सहित हैदराबाद, विशाखापट्टनम से नियमित बस की सुविधा भी है। प्रशासन द्वारा मानसून ट्रैक कार्यक्रम को अन एक्सप्लोर्ड बस्तर के साथ मिलकर किया जा रहा है। मानसून ट्रैक के संबंध में जानकारी के लिए प्रशासन ने 9109188567 और 8962991988 संपर्क नंबर जारी किया है ।
मानसून ट्रैक में चिन्हाकित स्थलों के तहत चित्रकोट सर्किट में ट्रैकिंग के लिए चित्रकोट दंडामी रिसॉर्ट से प्रारंभ कर करबहार (मिनी गोआ) 2 किलोमीटर की दूरी में बोटिंग, वाटरफाल, शिवलिंग का दर्शन, जलप्रपात का ऊपर से नजारा दिखाया जाएगा। साथ ही मेंदरी घुमर से इंद्रावती नदी तक 3 किलोमीटर के ट्रैक में रिवर क्रासिंग जंगली इलाके में, मेंदरीघुमर से तामड़ाघुमर तक (7 किमी) में 150 फिट डाउनवर्डस ट्रैक , क्रोकोडाइल साइटिंग, सेंडबिच, बर्ड वाचिंग, प्राकृतिक स्वीमिंग एरिया, तीरथा से बीजाकसा (2.5 किमी) तक की ट्रैकिंग बोटिंग कैम्प, बोनफायर, ट्रायबल फूड, तीरथा गांव का भ्रमण सहित स्थनीय स्तर की पौराणिक कहानी की जानकारी दी जाएगी। बीजाकसा से मेंदरी तक (8 किमी) में वाटरफॉल , वैली व्यू, जंगली जानवर और पंक्षियों की साइटिंग का आनंद लिया जा सकेगा। इसके अलावा मिचनार हिल्स क्षेत्र में ट्रैकिंग भी करवाया जाएगा। 
बस्तर जिले में स्थित कांगेर वैली नेशनल पार्क के अधीन आने वाले टोपर वाटरफॉल का ट्रैकिंग, मड़वा वाटरफॉल का ट्रैकिंग, शिवगंगा ट्रैकिंग में जंगल एरिया के बीच जलप्रपात, झरना जंगली जानवर बर्ड वाचिंग करवाया जाएगा। कैलाश गुफा, कैलाश झील, गुड़िया पदर में गांव से जलप्रपात तक (4 किमी) तक ट्रैकिंग करवाई जाएगी। तीरथगढ़ वॉटरफॉल से रानीदरहा वाटरफॉल(3 किमी) तक में जंगल एरिया वाईल्ड लाइफ, बर्ड वाचिंग, मालकेव ट्रैक में मादरकोंटा से तीरथगढ़ (8 किमी) तक जंगलों के बीच ट्रैकिंग करवाई जाएगी। इसके अलावा जिले के माचकोट इलाके में स्थित झील और झरनों के नाम से प्रसिद्ध तिरिया में और माचकोट के जंगलों में भ्रमण करवाने की कार्य योजना बनाई गई है।
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भाजपा में प्रशिक्षण वर्ग कार्ययोजना और कार्यक्रम का हिस्सा है - किरण सिंह देव

योग, शारीरिक अभ्यास के साथ प्रारंभ सांसद विधायक प्रशिक्षण वर्ग के तृतीय दिवस वित्त मंत्री ओपी चौधरी जी ने बजट एवं प्रावधान विषय पर और भाजपा राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी एल संतोष जी ,ने उपस्थित सांसद विधायकों का समग्र मार्गदर्शन किया।

प्रशिक्षण वर्ग के समापन कार्यक्रम में सभी उपस्थित सांसद विधायकों को स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण वर्ग पश्चात भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव जी व उपमुख्यमंत्री अरुण साव जी ने पत्रकारों से चर्चा की । 
 
पत्रकार वार्ता में  भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने कहा है कि भाजपा सांसदों व विधायकों का सबसे महत्त्वपूर्ण तीन दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग मैनपाट (सरगुजा) में सम्पन्न हुआ है, जिसमें प्रदेश के मंत्रियों, सांसदों और विधायकों की सहभागिता रही।  भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि इस वर्ग में संगठन के विभिन्न विषयों को लेकर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा का उद्‌घाटन सत्र में समग्र रूप से मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। इसी प्रकार विभिन्न विषयों पर इन तीन दिनों में पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों व नेताओं ने अपने उद्‌बोधन में प्रकाश डाला। श्री देव ने कहा कि भाजपा में प्रशिक्षण वर्ग कार्ययोजना और कार्यक्रम का हिस्सा है और इस तरह के प्रशिक्षण वर्ग हमारे संगठन की प्रदेश से लेकर मंडल-बूथ इकाई तक होते हैं। भाजपा जिन विचारों को लेकर चलती है, उन्हें समाहित करते हुए विभिन्न विषयों को साथ लेकर कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक दायित्वों, विचारधारा, कर्त्तव्य बोध और भूमिकाओं से अवगत कराया जाता है। इनमें हमारे सांसद-विधायक भी शामिल होते हैं। श्री देव ने कहा कि इस प्रशिक्षण वर्ग में हमारे शत-प्रतिशत सांसदों- विधायकों की भागीदारी रही। इन प्रशिक्षार्थी सांसदों-विधायकों को पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने समापन सत्र में संबोधित किया। प्रशिक्षण वर्ग में कुल 12 सत्र हुए जिनमें राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े, वी. सतीश, प्रदेश प्रभारी नितिन नवीन, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री द्वय अरुण साव व विजय शर्मा आदि का विभिन्न विषयों पर विस्तार से मार्गदर्शन प्राप्र हुआ। प्रदेश प्रभारी नीतिन नवीन जी का 3 दिन प्रशिक्षण वर्ग में संपूर्ण मार्गदर्शन रहा उनकी उपस्थिति पूरे प्रशिक्षण वर्ग में उत्साह का संचार किया।

प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने पत्रकार वार्ता में कहा कि प्रशिक्षण वर्ग हरेक दृष्टि वे महत्त्वपूर्ण और ऐतिहासिक रहा है। यह वर्ग भाजपा की कार्यपद्धति का एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। भाजपा एक परिवार है और सभी सांसदों व विधायकों ने एक साथ तीन दिन एक स्थान पर रहकर भाजपा की रीति-नीति की बारीकियों को समझा है। यह बताता है कि भाजपा में एक परिवार का भाव इसी तरह प्रगाढ़ होता है। इन तीन दिनों के प्रशिक्षण वर्ग से हमारी वह प्रतिबद्धता व्यक्त हुई है कि गरीब व कल्याण, केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ हरेक जरूरतमंद तक पहुंचे, विकसित छतीसगढ़ की अवधारणा धरातल पर साकार हो, विकसित भारत की रचना हो। यह प्रशिक्षण वर्ग इस दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होने वाला है। श्री साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जो ताकत है, जो क्षमता है, उसके माध्यम से विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण, यहाँ के जनजीवन में आमूलचूल सकारात्मक परिवर्तन की दृष्टि से यह प्रशिक्षण वर्ग ऐतिहासिक रहा है।
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