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सुशासन तिहार जनता की समस्याओं के समाधान का अभियान: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रिमझिम बारिश के बीच आज धमतरी के समाधान शिविर में पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नागरिकों की मांग पर 213 करोड़ रूपए की लागत के विकास कार्याें की सौगात दी। उन्होंने हाईटेक बस स्टैण्ड, अत्याधुनिक ऑडिटोरियम और तीन सड़कों के निर्माण की मंजूरी दी। आज जनता की समस्याओं के समाधान के लिए मिशन मोड में प्रदेश भर में पिछले 54 दिनों से संचालित सुशासन तिहार का आज धमतरी के पुराने कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित इस समाधान शिविर और समीक्षा बैठक के बाद समापन हो गया। 

मुख्यमंत्री  साय ने धमतरी के समाधान शिविर में आमजनों से योजनाओं की मैदानी स्थिति की जानकारी ली और व्यक्तिगत रूप से आवेदनों के समाधान की प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न शासकीय स्टालों का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का शीघ्र और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। रिमझिम बारिश के बावजूद जनसमूह का उत्साह देखते ही बनता था। कमल के फूलों के हार के साथ हजारों की संख्या में नागरिकों ने मुख्यमंत्री का जोशिला स्वागत किया। 

धमतरी में बड़ी घोषणाएं

सुशासन त्योहार के अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने धमतरी जिले की बहुप्रतीक्षित मांगों को पूरा करते हुए 213 करोड़ रुपये के कार्याें की सौगात दी। उन्होंने धमतरी में हाईटेक बस स्टैंड के लिए 18 करोड़ रूपए, एक सर्वसुविधायुक्त ऑडिटोरियम के लिए 10 करोड़ 50 लाख रूपए, सिहावा चौक से कोलियारी तक फोर लेन सड़क निर्माण 5 किलोमीटर के लिए 69 करोड़ रुपए, रत्नाबन्धा से मुजगहन तक फोरलेन सड़क के लिए 56 करोड़ रूपए और धमतरी से नगरी मुख्य मार्ग नवीनीकरण और मजबूतीकरण के लिए 60 करोड़ रुपए की घोषणा की।

सुशासन के मायने अच्छा शासन 

मुख्यमंत्री ने समाधान शिविर को सम्बोधित करते हुए कहा कि सुशासन का अर्थ है -अच्छा शासन। ‘सुशासन तिहार’ आपकी समस्याओं के निराकरण के लिए आयोजित त्योहार है। 8 अप्रैल से शुरू हुए इस महाअभियान के प्रथम चरण में राज्य के प्रत्येक जिले में ग्रामीणों से आवेदन लिए गए, दूसरे चरण में आवेदनों पर कार्यवाही की गई और तृतीय चरण में 08 से 10 ग्राम पंचायतों के बीच समाधान शिविरों का आयोजन कर आवेदनों के निराकरण की जानकारी हितग्राहियों को दी गई। सुशासन तिहार के दौरान अचानक गांव में पहुंचकर ग्रामीणों की चौपाल में लोगों से फीडबैक लिया गया और उनकी समस्याओं का यथासंभव समाधान किया गया। इस दौरान विकास कार्याें का औचक निरीक्षण भी किया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेशभर में 40 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 95 प्रतिशत का समाधान किया जा चुका है। यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि प्रशासन जनता के प्रति उत्तरदायी और संवेदनशील है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी का मतलब है, पूरी होने की गारंटी। पूर्व सरकार के कार्यकाल में जिन 18 लाख गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित किया गया था, उनकी चिंता करते हुए हमारी सरकार ने पहली ही कैबिनेट में इन सभी आवासों को स्वीकृति दी। अब तक लाखों हितग्राहियों को गृहप्रवेश कराया जा चुका है। हाल ही में बिलासपुर में आयोजित प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने 3 लाख आवास और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने अंबिकापुर के कार्यक्रम में 51 हजार से अधिक आवासों का गृहप्रवेश कराया। 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आत्मसमर्पित माओवादियों और पीड़ित परिवारों के लिए विशेष 15,000 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इसके साथ ही विशेष जनजातियों कोरवा, पहाड़ी कोरवा, अबुझमाड़िया आदि के लिए 32,000 अतिरिक्त आवास स्वीकृत किए गए हैं। यह सभी पहल दर्शाती हैं कि सरकार समाज के सबसे अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

महतारी वंदन योजना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 70 लाख से अधिक माताओं को इसका लाभ मिल चुका है। उन्होंने कहा कि यदि किसी महिला का नाम छूट गया है या विवाह के बाद नाम अपडेट करना है, तो उसकी भी सुविधा आगे दी जाएगी। सरकार पूरी संवेदनशीलता से सभी को योजना से जोड़ने का कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि ‘मुख्यमंत्री रामलला दर्शन योजना’ और ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ के अंतर्गत बुजुर्गों को लाभ मिल रहा है।

योजनाओं की जानी हकीकत

मुख्यमंत्री साय ने धमतरी समाधान शिविर में पहुंचे ग्रामीणों से संवाद कर योजनाओं का फीडबैक लिया। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभान्वित हितग्राही जोधापुर डाकबंगला वार्ड की श्रीमती सुधा मारकण्डे ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्हें पक्का मकान मिल गया है और अब पानी टपकने और कीड़े-मकोड़े आदि का डर नहीं है। लखपति दीदी श्रीमती संतोषी हिरवानी ने बताया कि वह आजीविका के लिए मुर्गीपालन के साथ ही मछलीपालन, पशुपालन, मशरूम उत्पादन आदि का व्यवसाय कर रही हैं, इससे उन्हें 12 हजार रूपये की अतिरिक्त आय हो रही है। कला केन्द्र में कराटे और डांसिंग सिखाने वाले वेदप्रकाश साहू ने कहा कि, कलाकेन्द्र स्थापित होने से उन्हें रोजगार का अवसर मिला। आयुष्मान वय वंदन कार्ड के हितग्राही श्री घनाराम रजवाड़े ने कार्ड के जरिए मिल रही निःशुल्क इलाज की सुविधा मिल रही है। 

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अतिशेष प्रधान पाठकों और सहायक शिक्षकों की काउंसिलिंग प्रक्रिया प्रारंभ

 राज्य शासन के दिशा निर्देशानुसार कलेक्टर अजीत वसंत की उपस्थिति में आज कोरबा जिले के अतिशेष प्रधान पाठकों और सहायक शिक्षकों की पदस्थापना के लिए काउंसिलिंग की प्रक्रिया राजीव गांधी आडिटोरियम टांसपोर्ट नगर में चल रही है। प्रथम चरण में वरिष्ठता के आधार पर अतिशेष प्रधानपाठकों की काउंसलिंग की गई। सहायक शिक्षकों की काउंसिलिंग प्रक्रिया जारी है। काउंसिलिंग प्रक्रिया में प्रधानपाठकों द्वारा रिक्त स्थानों में से अपने पसंद के विद्यालयों का चयन किया। सहायक शिक्षकों द्वारा भी काउंसिलिंग में सम्मिलित होकर निर्धारित सूची में से पसंद के विद्यालयों का चयन किया जा रहा है।

 कलेक्टर अजीत वसन्त ने शासन के निर्देशों के अंतर्गत पारदर्शिता के साथ काउंसिलिंग की प्रकिया अपनाए जाने की बात कही है। उन्होंने कहा है कि जिले में शिक्षक विहीन विद्यालयों और एकल शिक्षकीय विद्यालय में अतिशेष शिक्षकों का समायोजन होने से दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को नियमित शिक्षक उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी। काउंसिलिंग में सम्मिलित शिक्षकों द्वारा चयनित विद्यालय में तत्काल नवीन पदस्थापना आदेश भी जारी किया जा रहा है।

शिक्षिका ने जताई संतुष्टि
काउंसिलिंग में सम्मिलित होकर निर्धारित सूची में से पसंद का स्कूल चयन कर नवीन विद्यालय में जाने वाली प्राथमिक शाला जेन्जरा की शिक्षिका  देकुमारी साहू ने काउंसिलिंग की प्रक्रिया की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें खुशी है कि अब नवीन विद्यालय ढेलवाडीह में शिक्षक का दायित्व निर्वहन करेंगी। उन्होंने काउंसिलिंग में पसन्द के विद्यालय मिलने पर खुशी प्रकट की।
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हजारों की संख्या में स्कूल बंद होने की बातें भ्रामक और तथ्यहीन

शिक्षा विभाग ने कतिपय संगठनों एवं व्यक्तियों द्वारा युक्तियुक्तकरण से हजारों की संख्या में स्कूलों के बंद होने की बात को पूरी तरह से भ्रामक और तथ्यहीन बताया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने कहा है कि असलियत इससे बिलकुल अलग है। प्रदेश सरकार की ओर से जारी युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया का उद्देश्य किसी की पढ़ाई रोकना नहीं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है।

राज्य के कुल 10,463 स्कूलों में से सिर्फ 166 स्कूलों का समायोजन होगा। इन 166 स्कूलों में से ग्रामीण इलाके के 133 स्कूल ऐसे हैं, जिसमें छात्रों की संख्या 10 से कम है और एक किलोमीटर के अंदर में दूसरा स्कूल संचालित है। इसी तरह शहरी क्षेत्र में 33 स्कूल ऐसे हैं, जिसमें दर्ज संख्या 30 से कम हैं और 500 मीटर के दायरे में दूसरा स्कूल संचालित है। इस कारण 166 स्कूलों को बेहतर शिक्षा के उद्देश्य से समायोजित किया जा रहा है, इससे किसी भी स्थिति में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। शेष 10,297 स्कूल पूरी तरह से चालू रहेंगे। उनमें केवल प्रशासनिक और शैक्षणिक स्तर पर आवश्यक समायोजन किया जा रहा है। स्कूल भवनों का उपयोग पहले की तरह ही जारी रहेगा और जहाँ आवश्यकता होगी, वहाँ शिक्षक भी उपलब्ध रहेंगे।

यहाँ स्पष्ट करना जरूरी है कि स्कूलों का “समायोजन” और “बंद” होना अलग चीज है। समायोजन का अर्थ है पास के स्कूलों को एकीकृत कर बेहतर संसाधनों का उपयोग। इसका मकसद बच्चों को अच्छी शिक्षा देना है, न कि स्कूल बंद करना। शिक्षा विभाग ने लोगों से अफवाहों से सावधान रहने की अपील की है। सच्चाई यह है कि राज्य सरकार स्कूलों को मजबूत करने, पढ़ाई की गुणवत्ता बढ़ाने और हर बच्चे को बेहतर शिक्षा देने की सुदृढ व्यवस्था में जुटी है।

शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की पहल

दरअसल छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के शहरी और ग्रामीण इलाकों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए स्कूलों और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण यानि तर्कसंगत समायोजन कर रही है। इसका उद्देश्य यह है कि जहां जरूरत ज्यादा है, वहां संसाधनों और शिक्षकों का बेहतर ढंग से उपयोग सुनिश्चित हो। उन स्कूलों को जो कम छात्रों के कारण समुचित शिक्षा नहीं दे पा रहे हैं, उन्हें नजदीकी अच्छे स्कूलों के साथ समायोजित किया जाए, ताकि  बच्चों को बेहतर माहौल, संसाधन और पढ़ाई का समान अवसर उपलब्ध हो सके। इससे बच्चों को ज्यादा योग्य और विषय के हिसाब से विशेषज्ञ शिक्षक मिलेंगे। स्कूलों में लाइब्रेरी, लैब, कंप्यूटर आदि की सुविधाएं सुलभ होंगी।  शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों में अब पर्याप्त शिक्षक मिलेंगे। जिन स्कूलों में पहले गिनती के ही छात्र होते थे, वे अब पास के अच्छे स्कूलों में जाकर बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इस बदलाव से शिक्षा का स्तर सुधरेगा। 

सरकार की मंशा साफ है, हर बच्चे को अच्छी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। यही वजह है कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि शिक्षकों की तैनाती सिर्फ संख्या के हिसाब से नहीं बल्कि जरूरत के हिसाब से हो। छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग का मानना है कि यह कदम सिर्फ एक प्रशासनिक सुधार नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में एक ठोस बदलाव है, जिससे आने वाली पीढ़ी को मजबूत नींव मिलेगी।
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मुख्यमंत्री ने कोंडागांव में सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की

सुशासन तिहार अंतर्गत शुक्रवार 30 मई को रात में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कोंडागांव जिला प्रवास के दौरान विश्राम गृह में विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधिमंडल से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार में 8 अप्रैल से लेकर  11 अप्रैल तक समस्याएं औऱ मांगें रखीं। अधिकारियों ने ज्यादातर समस्याओं का समाधान कर लिया है। इस दौरान हमने भी मंत्रियों और अधिकारियों के साथ गांव गांव पहुंचकर और ग्रामीणों की समस्याएं सुनी। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने 2 साल का बकाया बोनस भी दिया है, इससे किसानों को काफी लाभ हुआ। प्रदेश सरकार जो गत वर्षों में छत्तीसगढ़ की जनता की सेवा लगातार कार्य कर रही है और राज्य में खुशहाली भी आ रही है। साय ने आगे बताया कि 24 अप्रैल की पंचायती राज दिवस सरकार ने पूरे प्रदेश में अटल सेवा केंद्र शुभारंभ किया गया है। आने वाले दिनों में पूरे प्रदेश भर में विस्तार किया जाएगा। गांव में ही लेनदेन की सुविधाएं मिलने से अब ग्रामीणों को बैंक जाने की जरूरत नहीं है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के नेतृत्व में भारत सरकार द्वारा कृषि वैज्ञानिक के माध्यम से हमारे प्रदेश के किसानों के बीच में बातचीत करेंगे, उनको आधुनिक खेती के विषय में बताएंगे। उन्होंने बताया कि पंजीयन में दस नई क्रांति से पारदर्शिता आई है, नियद नेल्लानार योजना से बस्तर क्षेत्र के दूरस्थ अंचल में विकास की रौशनी पहुंची है। इस अवसर पर केशकाल विधायक  नीलकंठ टेकाम, जिला पंचायत अध्यक्ष  किरण नरेटी, नगर पालिका अध्यक्ष  नरपति पटेल, उपाध्यक्ष  जसकेतु उसेंडी, पूर्व विधायक  सेवक राम नेताम मौजूद थे।
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नवा रायपुर का रिटेल कॉम्प्लेक्स : आधुनिक मनोरंजन और तकनीकी नवाचार का नया केंद्र

छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर के सेक्टर-21 में 2.65 लाख वर्गफीट में निर्मित छह मंजिला सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट (CBD) देश के इस पहली स्मार्ट सिटी की नई पहचान बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। नवा रायपुर का नवनिर्मित रेल्वे स्टेशन इसके पास ही है, जिस वजह से यह सीबीडी रेल्वे स्टेशन के नाम से ही जाना जाता है। अभी सीबीडी में मिराज मल्टीप्लेक्स, आईपी क्लब रेस्टोरेंट और एएसपी कार्यालय संचालित हो रहे हैं। मनोरंजन के अद्वितीय अनुभव के लिए यहां जल्द ही इमर्सिव होलोग्राफिक एंटरटेनमेंट सेंटर प्रारंभ होने जा रहा है। हर तरह की खरीदारी के लिए गोकुल सुपर मार्केट भी शीघ्र शुरू होगा।


स्मार्ट सिटी के अनुरूप सीबीडी में एक ही जगह पर विविध सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। स्थानीय व्यवसाईयों को 100 से अधिक रिटेल दुकानें आबंटित की गई हैं जो यहां तेजी से फुटफाल बढ़ाएंगी। सीबीडी नवा रायपुर के आर्थिक विकास को गति देने के साथ ही रोजगार, पर्यटन, सांस्कृतिक-तकनीकी केंद्र और नवाचार आधारित स्टार्ट-अप्स के लिए नया मंच प्रदान करेगा। स्मार्ट सिटी की परिकल्पना को साकार करने वाला यह कॉम्प्लेक्स आने वाले वर्षों में नवा रायपुर की नई पहचान बनेगा जहां शिक्षा, मनोरंजन और दैनिक जरूरतें जैसी सभी चीजें एक ही स्थान पर सुलभ होंगे। इमर्सिव टेक्नोलॉजी, तकनीकी प्रशिक्षण संस्थान और शॉपिंग की सहुलियतों से सुसज्जित यह भविष्य के नए आकर्षण का केंद्र है।  

सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट का कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स चार विंग्स में फैला हुआ है, जिसका कुल कारपेट एरिया दो लाख 65 हजार वर्गफीट है। यहां हर तल की योजना नागरिकों की अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। भू-तल में लगभग पांच हजार वर्गफीट एरिया गोकुल सुपर मार्केट को आबंटित किया गया है जो शीघ्र ही प्रारंभ होने वाला है। इसी तल पर नवा रायपुर का अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय भी संचालित है। भू-तल पर 100  से अधिक रिटेल दुकानें भी आबंटित की गई हैं। 

सीबीडी का द्वितीय तल एनआईईएलआईटी (National Institute of Electronics & Information Technology) को आबंटित किया गया है, जो युवाओं को इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा एनालिटिक्स और आईटी में प्रशिक्षित कर आत्मनिर्भर बनाएगा। इस तल पर आईपी क्लब रेस्टोरेंट भी संचालित है, जो लोगों को विभिन्न तरह के खानपान उपलब्ध कराता है। तृतीय तल पर पांच करोड़ 33 लाख रुपए की लागत से इमर्सिव होलोग्राफिक एंटरटेनमेंट सेंटर बनाया जा रहा है। यह वीआर (VR), एआर (AR) और होलोग्राफिक तकनीकों के माध्यम से प्रदेशवासियों को मनोरंजन का अद्वितीय अनुभव प्रदान करेगा। चौथे व छटवें फ्लोर पर संचालित मिराज सिनेमा ने सीबीडी को नवा रायपुर में मनोरंजन के लोकप्रिय स्थल के रूप में स्थापित कर दिया है। 

सीबीडी केवल शॉपिंग डेस्टिनेशन नहीं है। यह छत्तीसगढ़ की आधुनिक राजधानी नवा रायपुर को निकट भविष्य में आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी रूप से गहरे तक प्रभावित करेगा। देश की पहली स्मार्ट सिटी नवा रायपुर अटल नगर तेजी से भविष्य के शहर के रूप में उभर रहा है, जहां मुख्यमंत्री निवास, मंत्रालय, सचिवालय, विभागाध्यक्ष भवन और अन्य सरकारी कार्यालय संचालित हैं। विधानसभा का नया भवन भी यहां निर्माणाधीन है। शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीकी विकास और निवेश के क्षेत्र में भी नवा रायपुर नई ऊचांईयाँ छू रहा है। वर्ष 2018 में सीबीडी का निर्माण पूर्ण होने के बाद वर्तमान सरकार ने 2025 में ही गोकुल सुपर मार्केट, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय जैसे कई स्थानों को आबंटित किया है। कॉम्प्लेक्स के अन्य बिल्ड-अप स्पेस के आबंटन की कार्यवाही भी तेजी से प्रक्रियाधीन है।
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मुख्यमंत्री श्री साय का शिल्प नगरी कोंडागांव के शबरी एंपोरियम पहुंचे

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज शिल्पनगरी कोण्डागांव के आगमन पर शबरी एंपोरियम का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने बेलमेटल, रॉट आयरन, बांस एवं काष्ठ शिल्प के बस्तर की जीवन शैली और समृद्ध जनजातीय संस्कृतियों को दर्शाती कलाकृतियों को देखा और इसकी सराहना की। उन्होंने यहां शिल्पियों से मुलाकात कर बेलमेटल सहित विभिन्न कलाकृतियों की निर्माण प्रक्रिया और उनकी मार्केटिंग के संबंध में जानकारी ली। शिल्पकारों ने मुख्यमंत्री को बेलमेटल से बने कलाकृति भेंट की।


इस अवसर पर बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप, केशकाल विधायक श्री नीलकंठ टेकाम, नगर पालिका अध्यक्ष श्री नरपति पटेल, उपाध्यक्ष श्री जसकेतु उसेंडी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसव राजू, कमिश्नर श्री डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक श्री सुंदरराज पी, कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना, पुलिस अधीक्षक श्री वाय अक्षय कुमार, पूर्व विधायक श्री सेवकराम नेताम सहित जनप्रतिनिधि एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है सरकार : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि हर जरूरतमंद के साथ राज्य सरकार खड़ी है, जनकल्याण ही हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सुशासन मतलब है अच्छा शासन। सुशासन तिहार के अंतिम चरण के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज बस्तर जिले के ग्राम नारायणपाल पहुंचे। उन्होंने नारायणपाल के देवगुड़ी परिसर में आम के पेड़ के नीचे अपनी चौपाल लगाई और ग्रामीणों से जीवंत संवाद कर योजनाओं की जानकारी ली। 

 
मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से बिजली व्यवस्था, राशन वितरण, पीएम आवास योजना और महतारी वंदन योजना के साथ ही गांव में राशन कार्ड की स्थिति, राशन की उपलब्धता, शिक्षकों और पटवारियों की उपस्थिति जैसे बुनियादी मुद्दों पर भी जानकारी ली। ‘महतारी वंदन योजना’ की लाभार्थी श्रीमती सरिता कश्यप ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं, महतारी वंदन से मिलने वाली राशि का उपयोग घरेलू खर्चों और बच्चों के इलाज में करती हैं। श्री जगमोहन कश्यप ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान निर्माण पूरा होने की जानकारी दी। 

श्रीमती ललिता बघेल ने बताया कि पहले उन्हें बेल मेटल का काम करने के लिए अपने गहने गिरवी रखने पड़ते थे। अब बिहान योजना के तहत उन्हें 15,000 रूपए की सहायता और बैंक से 1.5 लाख रूपए तक का ऋण मिल रहा है, जिससे उनका काम बेहतर तरीके से चल रहा है। श्रीमती पदमिनी ठाकुर ने बताया कि वे ऑर्गेनिक खाद और कीटनाशक दवाओं के निर्माण से जुड़ी हैं। स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने इस मौके पर मुख्यमंत्री को फूड बास्केट भेंट किया। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी जरूरतमंदों को आवास मिलेगा, ‘आवास प्लस’ में जिनका नाम है, उन्हें भी आवास दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ‘महतारी वंदन योजना’ में जिन महिलाओं का नाम नहीं जुड़ा है, उनके नाम भी जोड़े जाएंगे। उन्होंने बताया कि सरकार तकनीक के उपयोग से भ्रष्टाचार के सभी रास्ते बंद कर रही है। पंजीयन की नई प्रक्रिया से रजिस्ट्री के साथ नामांतरण की प्रक्रिया को सरल किया गया है। उन्होंने कहा कि 24 अप्रैल से 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र शुरू किए गए हैं। जल्द ही इसका विस्तार सभी ग्राम पंचायतों में होगा।

अनेक विकास कार्यों की घोषणा

मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की मांग पर अनेक घोषणाएं की, जिनमें नारायणपाल माध्यमिक शाला भवन के लिए 20 लाख रूपए, प्राथमिक शाला मंदिरपारा के लिए 20 लाख रूपए, स्ट्रीट लाईट, हाई मास लाईट के लिए 15 लाख रूपए, व्यावसायिक परिसर हेतु 20 लाख रूपए, सी.सी. रोड 600 मी. (गोवर्धन भाटा से बोधघरा घर तक) 15 लाख रूपए, पुलिया 2 मी. स्पान 2 नग के लिए 12 लाख रुपए, सी.सी सड़क धरमु घर से नाव घाट तक 9 लाख रूपए, इस प्रकार कुल 1 करोड़ 11 लाख रूपए की लागत के कार्यों की घोषणा की। 

नारायणपाल में मुख्यमंत्री ने कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान की वन समिति के 11 हितग्राहियों को वाहन का वितरण किया। इसमें कोटमसर, तीरथगढ़ और कामानार के वन समिति के हितग्राही शामिल थे। उन्होंने कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं के मेधावी छात्र छात्राओं को टैबलेट और किताबें देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर सांसद श्री महेश कश्यप, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री बसवराजू एस सहित अनेक जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन उपस्थित थे।
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बस्तर के हर कोने तक पहुंचाएंगे विकास का उजाला: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

 बस्तर अपनी समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों को सहेजते हुए विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब बस्तर के कोने कोने का विकास होगा और विकास के रास्ते में आने वाली सभी बाधाओं को दूर करेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज सुशासन तिहार अंतर्गत सुकमा जिले के तोंगपाल में आयोजित समाधान शिविर को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस दौरान सुकमा जिले में 500 करोड़ रूपए से अधिक लागत के विकास कार्यों की घोषणा की और 16 करोड़ से अधिक की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण कर क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात दी। इस अवसर पर त्रिस्तरीय पंचायती राज सस्थाओं के जनप्रतिनिधि, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ.बसव राजु एस. भी उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार के अंतिम चरण में आप लोगों के बीच पहुंचकर मुझे बहुत प्रसन्नता हो रही है। यहां का वातावरण बड़ा सुंदर है और महुआ की सुंदर छांव शीतलता दे रही है। उन्होंने परंपरागत रूप से स्वागत करने पर सभी का आभार जताया। श्री साय ने कहा कि बस्तर से बदलाव की बुलंद आवाज ने माओवादियों के हौसले पस्त कर दिए हैं। बस्तर में माओवाद अब अंतिम सांसे गिन रहा है। नक्सलगढ़ के रूप जाना जाने वाले सुकमा में स्कूलों की घंटियां बज रही हैं, बच्चे निर्भीक होकर शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। श्री साय ने कहा कि प्रदेशव्यापी इस अभियान का उद्देश्य योजनाओं की वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन करना है। आज देखने आया हूं कि प्रधानमंत्री आवास योजना का कार्य आपके गांव में सुचारू रूप से चल रहा है या नहीं, महतारी वंदन योजना की राशि माताओं-बहनों को समय पर मिल रही है या नहीं। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान वे मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता पर विशेष रूप जानकारी ले रहे है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन चरण में आयोजित सुशासन तिहार अपने उद्देश्य में सफल हुआ है। प्रशासन ने कड़ी मेहनत कर आपकी समस्याओं का समाधान किया है। श्री साय ने कहा कि ऐसा काम वही सरकार कर सकती है जिसकी नीति और नियत साफ है। हमने ईमानदारी से काम किया है, इसीलिए जनता के बीच जाकर अपना रिपोर्ट कार्ड रख रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना से महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं। हमने पूरे प्रदेश में पीएम आवास के माध्यम से लोगों के लिए पक्का मकान स्वीकृत कर उनके गरिमापूर्ण जीवन का अधिकार सुनिश्चित किया है। पहले ही कैबिनेट में हमने 18 लाख आवास स्वीकृत किया था, यह काम लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि हम किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान, 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मूल्य पर खरीद रहे हैं। धान के दो वर्षों के बकाया बोनस की राशि भी किसानों को दी जा चुकी है।  रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेशवासियों को धार्मिक स्थलों की यात्रा करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि तेंदूपता संग्राहकों को बड़ी राहत देते हुए परिश्रमिक की दर प्रति मानक बोरा 5000 रुपए की दर स्वीकृत की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाएं पंचायत भवन में ही मिले, इसे सुनिश्चित करने के लिए अटल डिजिटल सुविधा केंद्र प्रारंभ किया गया है। अगले एक वर्ष में यह सुविधा सभी पंचायतों में शुरू होगी।  

योजनाओं की जानी हकीकत
मुख्यमंत्री श्री साय ने तोंगपाल समाधान शिविर में पहुंचे ग्रामीणों से संवाद कर योजनाओं का फीडबैक लिया। तोंगपाल की त्रिवेणी रावटे ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्हें प्रति माह महतारी वंदन योजना की राशि मिल रही है। बच्चों के पालन पोषण में इस राशि के उपयोग की उन्होंने जानकारी दी। इसी तरह श्रीमती वेदमती कश्यप ने बताया कि हमारी समूह की दीदियां गणवेश सिलाई का काम करती हैं। तीन एकलव्य स्कूल के बच्चों की गणवेश सिलाई से उन्हें सालाना डेढ़ लाख रूपए से अधिक की कमाई हो रही है। शिविर में पहुंचे अन्य लोगों ने भी अपनी मांगे रखी और योजनाओं से मिल रहे लाभ की जानकारी दी।  

किस्टाराम- कोंटा मार्ग पर दौड़ेगी ‘‘प्रतिज्ञा हक्कुम मेल‘‘
बस्तर अंचल के कभी संवेदनशील क्षेत्र रहे किस्टाराम- कोंटा मार्ग पर अब ‘‘प्रतिज्ञा हक्कुम मेल‘‘ बस दौड़ेगी। दुरस्थ क्षेत्रों में बेहतर आवगमन सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयासों के तहत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने तोंगापाल के समाधान शिविर में मरईगुड़ा के प्रतिज्ञा महिला क्लस्टर संगठन को हुक्कुम मेल बस की चाबी सौंपी। इससे अंचल के ग्रामीणों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी।

पीएम आवास हितग्राहियों को सौंपी खुशियों की चाबी
मुख्यमंत्री श्री साय ने तोंगपाल के समाधान शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को खुशियों की चाबी देकर उनके सपनों के घर की सौगात दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 4 हितग्राहियों को आवास के पहली किस्त के चेक भी बांटे।  साथ ही पूरे हो चुके आवास के 4 हितग्राहियों को उनके नए घर की चाबी सौंपी। 

खेलो इंडिया पहल के 10 खिलाड़ियों को मिले खेल किट
शिविर में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने खेलो इंडिया योजना के अंतर्गत 10 खिलाड़ियों को खेल सामग्री (किट) प्रदान किए। इनमें 8 महिला फुटबॉल खिलाड़ी और 2 हाकी खिलाड़ी शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि खेलो इंडिया एकेडमी रायपुर और सुकमा में जिले की 8 महिला फुटबॉल खिलाड़ियों का चयन हुआ है।

मुख्यमंत्री ने सुशासन शिविर में की बड़ी घोषणाएं
सुकमा दंतेवाड़ा मार्ग हेतु 230 करोड़ रूपए, .झीरम व्यापवर्तन योजना हेतु 32 करोड़ 50 लाख, कावराकोपा में पुलिया निर्माण हेतु 35 लाख, जैमर में पुलिया निर्माण 35 लाख, हमीरगढ़ में सामाजिक भवन 30 लाख, टहकवाडा में एक पुल- पुलिया 35 लाख, तोंगपाल में समूह के लिए प्रशिक्षण केंद्र 25 लाख, मारेंगा में सी सी सड़क हेतु 16 लाख, एलेननार में पंचायत भवन 25 लाख और पुलिया हेतु 3.50 लाख, धोबनपाल देवगुड़ी में बाउंड्री वाल हेतु 10 लाख, सीतापाल के स्कूल में बाउंड्री वाल हेतु 8 लाख, वारदेरास  में पुलिया हेतु 16 लाख रूपए की घोषणा की।
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मुख्यमंत्री ने 'सावरकर सौरभ' स्मारिका का किया विमोचन

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने निवास कार्यालय में स्वातंत्र्य वीर विनायक दामोदर सावरकर के जीवन पर आधारित स्मारिका 'सावरकर सौरभ' का विमोचन किया। स्मारिका 'सावरकर सौरभ' का प्रकाशन अखिल भारतीय साहित्य परिषद, छत्तीसगढ़ द्वारा सावरकर जयंती के अवसर पर किया गया है।


 मुख्यमंत्री श्री साय ने 'सावरकर सौरभ' स्मारिका के प्रकाशन पर अखिल भारतीय साहित्य परिषद, छत्तीसगढ़ के सदस्यों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि वीर सावरकर हमारे देश के सच्चे सपूत थे। उन्होंने मातृभूमि की सेवा में असंख्य कष्ट सहते हुए स्वतंत्रता की अलख जगाई। उनके साहसपूर्ण जीवन के प्रेरणादायी संस्मरणों से सभी को प्रेरणा मिलेगी। 

मुख्यमंत्री को 'सावरकर सौरभ' के संपादक और अखिल भारतीय साहित्य परिषद छत्तीसगढ़ के प्रांत संयोजक श्री प्रभात मिश्र ने बताया कि इस स्मारिका में स्वातंत्र्य वीर विनायक दामोदर सावरकर के जीवनकाल की घटनाओं को संपादित कर स्मारिका का रूप दिया गया है। स्मारिका में विभिन्न लेखकों ने वीर सावरकर के जीवन के विभिन्न आयामों को लेकर अपने विचार व्यक्त किए हैं।

इस अवसर पर अखिल भारतीय साहित्य परिषद, छत्तीसगढ़ से श्री रामेश्वर शर्मा, श्री शिवरतन गुप्ता, श्री मनीष शर्मा,श्री संतोष बरलोटा, श्री भास्कर किन्हेकर , श्री अभय मिश्रा, श्री कौशल साहू सहित अन्य गणमान्य जन उपस्थित थे।
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खरीफ फसलों के समर्थन मूल्य में वृद्धि और किसान हितैषी निर्णयों के लिए मोदी जी का अभिनंदन:किरण देव

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एन.डी.ए.) की केंद्र सरकार द्वारा सत्र 2025-2026 के लिए धान और कपास समेत 14 खरीफ फसलों के समर्थन मूल्य फिर से बढ़ाने के किसान हितैषी निर्णय के लिए बधाई देकर छत्तीसगढ़ के भाजपा-परिवार और किसानों की ओर से कृतज्ञता ज्ञापित की है। श्री देव ने कहा कि केंद्र सरकार के इस फैसले से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में हुई 50 फीसदी बढोतरी किसानों के लिए सौगात है। भाजपानीत राजग सरकार ने 10 साल में किसानों के हित के लिए काम किया है, साथ ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली प्रदेश की भाजपा सरकार प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीद रही है और दो साल का बोनस दिया।


भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि अपने 10 सालों के कार्यकाल में मोदी सरकार ने  जमीन आसमान के अंतर वाला काम करके दिखा दिया है। कृषि का जो बजट कांग्रेस शासनकाल में 27हजार करोड रुपए हुआ करता था, प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में अभी यह बजट 1.27लाख करोड रुपए को भी पार कर गया है। 5 गुना बढ़ोतरी का यह बजट है। साथ ही देश के करोड़ों किसानों को किसान सम्मन निधि मिल रही है। धान के समर्थन मूल्य में 2004 से 2014 तक केवल 4 लाख करोड़ रुपए का भुगतान हुआ वही मोदी सरकार में  14 लाख करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। गेहूँ में 2 लाख करोड रुपए का भुगतान कांग्रेस सरकार ने किया था, मोदी जी के नेतृत्व वाली सरकार ने  5.30 लाख करोड़ रु का भुगतान किया है। किसानों के डेढ़ लाख करोड़ रुपए के बीमा के सेटलमेंट हुए हैं। इसके साथ-ही-साथ 1,389 मण्डियाँ ई-नाम से जुड़ी हैं, उर्वरक की सब्सिडी में 500 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। श्री देव ने कहा कि भाजपानीत राजग की केंद्र और प्रदेश की साय सरकार के कार्यकाल में किसानों का जो विकास हुआ है, सारे आँकड़े इसकी प्रामाणिकता को स्वयं ही सिद्ध कर रहे हैं। 
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रानी अहिल्याबाई होल्कर का शासन प्रजा कल्याण, राष्ट्र निर्माण और न्याय का स्वर्ण युग – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

 पुण्यश्लोक रानी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जन्म जयंती पर आज राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री निवास में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने संगोष्ठी की अध्यक्षता की। मध्यप्रदेश सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने प्रमुख वक्ता के रूप में संगोष्ठी को संबोधित किया। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री तोखन साहू और कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम भी संगोष्ठी में शामिल हुए। विभिन्न वर्गों के बुद्धिजीवी, समाज सेवी, डॉक्टर, इंजीनियर, आर्किटेक्ट, वकील और साहित्यकार भी बड़ी संख्या में संगोष्ठी में मौजूद थे। 


मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने संगोष्ठी में राजमाता रानी अहिल्याबाई होल्कर के योगदानों को स्मरण करते हुए उन्हें भारत की सांस्कृतिक एकता और सुशासन का प्रतीक बताया। उन्होंने रानी अहिल्याबाई होल्कर के करीब 30 वर्षों के शासन को प्रजा कल्याण, राष्ट्र निर्माण और न्याय का स्वर्ण युग कहा। उन्होंने कहा कि इंदौर की महारानी होने के बावजूद राजमाता ने स्वयं को किसी एक भौगोलिक सीमा में नहीं बांधा। उन्होंने देशभर में मंदिरों और धर्मशालाओं का निर्माण कराया। उन्होंने रामराज्य की अवधारणा को साकार करते हुए तीन दशकों तक होल्कर राजवंश का नेतृत्व किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने काशी विश्वनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण में रानी अहिल्याबाई होल्कर के योगदान को ऐतिहासिक बताया। पेशवा माधवराव की इच्छा के अनुरूप राजमाता ने इस मंदिर का पुनर्निर्माण कर करोड़ों आस्थावानों की भावना को सम्मान दिया। उन्होंने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का भी ऐतिहासिक निर्णय लिया, जो भारत की सांस्कृतिक पुनर्स्थापना का प्रतीक बना। श्री साय ने कहा कि आज इंदौर देश में स्वच्छता में अग्रणी है, इसके पीछे राजमाता द्वारा स्थापित गुड गवर्नेंस की प्रेरणा है। वे न्यायप्रिय थीं। उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों को भी न्याय के लिए दंड देने से परहेज नहीं किया।

मध्यप्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने संगोष्ठी को प्रमुख वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि रानी अहिल्याबाई होल्कर ने 1767 से 1795 तक अपने 28 वर्षो के शासन काल में धर्मसत्ता और न्यायसत्ता की आवाज बुलंद की। उन्होंने अपने जीवन में तमाम विपत्तियों के बीच अनेक अनुकरणीय कार्य किए। उन्होंने अपने शासन काल में सार्वजनिक धन और राजकोष के सदुपयोग की मिसालें कायम की। राजसत्ता की कोई राशि कभी अपने लिए खर्च नहीं की। श्री पटेल ने कहा कि रानी अहिल्याबाई होल्कर अपने पति के निधन के बाद कभी राजमहल में नहीं रहीं। झोपड़ी में अपना जीवन बिताया। न्याय के लिए उन्होंने अपने पुत्र को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। उन्होंने अपने शासन में विधवाओं को दत्तक पुत्र लेने की अनुमति प्रदान की। रानी अहिल्याबाई होल्कर के प्रजाहितैषी और कल्याणकारी कार्यों के कारण उनके राज्य के लोगों ने उन्हें लोकमाता का दर्जा दिया था। 

विधायक श्री किरण देव और छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष श्री नारायण चंदेल ने भी संगोष्ठी में रानी अहिल्याबाई होल्कर के व्यक्तित्व, कार्यों और उनके शासन काल की विशेषताओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि रानी अहिल्याबाई होल्कर ने अपने सुशासन, न्यायप्रियता एवं लोक कल्याणकारी कार्यों के माध्यम से भारतीय इतिहास में अमिट छाप छोड़ी है। संगोष्ठी के माध्यम से आज हम उनके विचारों का स्मरण कर रहे हैं। उनके कार्य हमें सामाजिक समरसता और जनसेवा के लिए प्रेरित करते हैं। यह संगोष्ठी आज की पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करेगी। 

संगोष्ठी में धनकर समाज के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को रानी अहिल्याबाई होल्कर का तैलचित्र भेंट किया। विधायकगण सर्वश्री सुनील सोनी, मोतीलाल साहू और पुरंदर मिश्रा, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, पूर्व मंत्री श्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय, सीएसआईडीसी के पूर्व अध्यश्र श्री छगन मूंदड़ा और श्री शंकर अग्रवाल सहित कई निगमों, मंडलों, आयोगों के पदाधिकारी और युवा बड़ी संख्या में संगोष्ठी में उपस्थित थे।
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गरीब परिवारों को पक्का मकान देकर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को साकार कर रही है छत्तीसगढ़ सरकार: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज रायपुर जिले के ग्राम भैंसा में आयोजित सुशासन शिविर में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने देशभर में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 29 मई से 12 जून तक चलने वाले 'विकसित कृषि संकल्प अभियान' के तहत 10 जागरूकता रथों को हरी झंडी दिखाकर अभियान की शुरुआत की।


शिविर में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित 110 पक्के मकानों की चाबी हितग्राहियों को सौंपी, और कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है कि देश का कोई भी गरीब परिवार कच्चे मकान में न रहे। हमारी सरकार इस संकल्प को साकार करने हेतु छत्तीसगढ़ में 18 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कर चुकी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बचे हुए पात्र परिवारों को ‘आवास प्लस प्लस’ योजना के अंतर्गत जोड़ा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने ग्राम भैंसा और आसपास के क्षेत्रों के विकास के लिए करीब 3 करोड़ 50 लाख रुपए की लागत वाले विभिन्न कार्यों की घोषणा की। इसमें ग्राम भैंसा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए 75 लाख रुपए, हाईस्कूल भवन निर्माण के लिए 75 लाख रुपए, पानी टंकी एवं पाइपलाइन विस्तार हेतु 55 लाख रुपए, हायर सेकेंडरी स्कूल निर्माण हेतु 50 लाख रुपए, अहाता एवं शेड निर्माण हेतु 20 लाख रुपए, ग्राम अमोड़ी में पाइपलाइन विस्तार हेतु 42 लाख रुपए, हायर सेकेंडरी स्कूल में तीन अतिरिक्त कक्षों के निर्माण हेतु 24 लाख रुपए की राशि प्रदान करने की घोषणा की। इसके अतिरिक्त उन्होंने भैंसा में नवीन पुलिस चौकी खोलने की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने समाधान शिविर के दौरान विभिन्न हितग्राहियों से योजनाओं के फीडबैक भी लिए। श्रीमती चंदन ने 'महतारी वंदन योजना' के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि वे इस योजना की राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई और आवश्यक जरूरतों में करती हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन तभी सार्थक होता है जब उसकी गूंज गांव-गांव और  घर-घर तक सुनाई दे। आज प्रधानमंत्री आवास की चाबियाँ सिर्फ मकान की नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और सुरक्षित जीवन की चाबियाँ हैं।
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मध्यप्रदेश के कैबिनेट मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में मध्यप्रदेश शासन के शहरी विकास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने सौजन्य मुलाकात की।


इस दौरान दोनों नेताओं के बीच राज्य एवं क्षेत्रीय विकास से जुड़े विविध विषयों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री विजयवर्गीय का आत्मीय स्वागत किया तथा उन्हें छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति का प्रतीक शॉल एवं नंदी भेंटकर सम्मानित किया।
       
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव और छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सलीम राज भी उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नागरिक अभिनंदन समारोह में हुए शामिल

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय राजधानी रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मंडपम सभागार में आयोजित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद बैठक के तहत आयोजित नागरिक अभिनंदन समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि युवा शक्ति राष्ट्र शक्ति है। हमारे देश में विश्व में सबसे ज्यादा युवा हैं। 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में युवाओं की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होगी। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन है। यह बहुत खुशी की बात है की छत्तीसगढ़ की धरती पर यह तीन दिवसीय राष्ट्रीय परिषद बैठक आयोजित हो रही है। शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। शिक्षा विकास का मूलमंत्र है। आज छत्तीसगढ़ में शिक्षा के सभी शीर्षस्थ संस्थान स्थापित हैं। आज हमारे प्रदेश में युवा आईआईटी, एम्स, ट्रिपल आईटी, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जैसे राष्ट्रीय संस्थानों में पढ़ रहे हैं। छत्तीसगढ़ में नई शिक्षा नीति लागू है। नई शिक्षा नीति के तहत हम युवाओं को रोजगार से भी जोड़ रहे हैं। छत्तीसगढ़ में प्रयास जैसी संस्था स्कूली बच्चों को शिक्षा देने का कार्य कर रही है। प्रयास में पढ़े बच्चे बड़ी संख्या में प्रतियोगिता परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर रहे हैं। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ऐसे युवा जो सिविल सेवा आदि परीक्षाओं की तैयारी करना चाहते हैं, उनके लिए नई दिल्ली में ट्राइबल यूथ हॉस्टल स्थापित है। हमने इस ट्राईबल यूथ हॉस्टल की क्षमता को बढ़ाकर 200 सीट कर दिया है। प्रदेश भर में हम नालंदा परिसर बना रहे हैं जहां बच्चे एक शांत वातावरण में पढ़ाई कर सकें। हमने यहां पहल की है कि मेडिकल की पढ़ाई भी छात्र हिंदी भाषा में कर पाएं। प्रदेश में प्राथमिक स्तर के बच्चों को उनकी मातृभाषा गोंडी, हल्बी आदि में शिक्षा दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति की पूरे देश में सराहना की जा रही है। नई औद्योगिक नीति के तहत हम न सिर्फ राज्य में निवेश ला रहे हैं बल्कि बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार भी उपलब्ध करा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में सेमीकंडक्टर चिप निर्माण और एआई डाटा सेंटर का कार्य प्रारंभ हुआ है। इन क्षेत्रों में भी युवाओं के रोजगार की बड़ी संभावना सृजित होगी। हमारी सरकार ने पीएससी में हुए भ्रष्टाचार की जांच सीबीआई को सौंपी है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ ना हो यह हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान डेढ़ साल में सरकार द्वारा किये कार्यों का फीडबैक हम जनता से ले रहे हैं। सुशासन तिहार का अभी तीसरा चरण चल रहा है,  जिसके तहत हम पूरे प्रदेश का भ्रमण कर रहे हैं। प्रथम चरण में जो आवेदन प्राप्त हुए उनका द्वितीय चरण में हमारे अधिकारियों के द्वारा निराकरण किया गया। अब तृतीय चरण में हम जनता के पास जा रहे हैं। डेढ़ साल में हमने प्रधानमंत्री मोदी की अधिकांश गारंटी को पूरा किया है। लोगों से प्रधानमंत्री आवास देने का जो वादा हमने किया था उसे निभाया है। 70 लाख माताओं-बहनों को महतारी वंदन की राशि मिल रही है। सुशासन तिहार के दौरान नारायणपुर में एक महिला ने मुझे यह बहुत खुशी से बताया कि महतारी वंदन की राशि से उसने एक सिलाई मशीन खरीदी है। जिसके माध्यम से वह 4 से 5 हजार की कमाई कर रही है। इसी तरह एक बहन ने बताया कि वह इस राशि से किराना दुकान चला रही है और दो से तीन हजार रुपए की आय अर्जित कर रही है। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जहां सुशासन एवं अभिसरण विभाग प्रारंभ किया गया है। सरकार के सारे काम पारदर्शिता से हो रहे हैं। हम अब डिजिटाइजेशन की तरफ बढ़ रहे हैं। ई-फाइल के माद्यम से फाइलें अब ऑनलाइन हैं। भ्रष्टाचार के सारे रास्ते हम बंद कर रहे हैं। 

इस अवसर पर कॄषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक श्री किरण देव, विधायक श्री मोतीलाल साहू सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।
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बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता - मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में  राज्य सरकार ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को उत्कृष्ट स्वरूप प्रदान करने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए शालाओं और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया को प्राथमिकता से लागू करने का निर्णय लिया है। इस निर्णय के पीछे शिक्षा विभाग की वह समीक्षा रिपोर्ट है, जिसमें राज्यभर के सरकारी स्कूलों में संसाधनों के असमान वितरण की गंभीर स्थिति सामने आई है। 


रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ में 211 शासकीय विद्यालय ऐसे हैं जहां एक भी छात्र दर्ज नहीं है, फिर भी वहां नियमित शिक्षक पदस्थ हैं। इससे न केवल शैक्षणिक संसाधनों का दुरुपयोग हो रहा है, बल्कि आवश्यकता वाले विद्यालयों में शिक्षकों की कमी से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

उदाहरण के लिए, सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड की प्राथमिक शाला साजाभवना में कोई छात्र नहीं है, जबकि एक सहायक शिक्षक वहां कार्यरत हैं। इसी तरह हर्राटिकरा स्कूल में भी छात्र संख्या शून्य है, लेकिन वहां एक प्रधान पाठक और दो सहायक शिक्षक पदस्थ हैं।

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे विद्यालयों की प्रासंगिकता समाप्त हो चुकी है, और अब वहां से शिक्षकों को तत्काल उन स्कूलों में नियोजित किया जाएगा जहां उनकी आवश्यकता है।

दूसरी ओर राज्य के अनेक दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में वर्षों से शिक्षक संकट की स्थिति बनी हुई है। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुंवारपुर में विषयवार शिक्षक न होने के कारण वर्ष 2024-25 में कक्षा 12वीं का परीक्षा परिणाम महज 40.68 प्रतिशत रहा, जो राज्य औसत से बहुत कम है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जब कुंवारपुर प्रवास पर थे, तब ग्रामीणों ने उनके समक्ष शिक्षक नियुक्तियों की मांग पुरज़ोर ढंग से रखी। ग्रामीणों ने कहा कि गणित, विज्ञान और अंग्रेज़ी जैसे विषयों के लिए वर्षों से शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं, जिससे विद्यार्थियों की शिक्षा पर सीधा प्रभाव पड़ रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मांग को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि जहां शिक्षक अनुपयोगी रूप से पदस्थ हैं, वहां से उन्हें शीघ्रता से जरूरतमंद स्कूलों में भेजा जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षक वहीं तैनात हों जहां छात्र हैं – यही सुशासन की प्राथमिक शर्त है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को सशक्त करने का अभियान है। उन्होंने कहा कि हम उस व्यवस्था की नींव रख रहे हैं, जहाँ शिक्षक और छात्र दोनों अपनी सही जगह पर हों।  युक्तियुक्तकरण इस परिवर्तन की वह कुंजी है, जो वर्षों की उलझनों को सुलझाएगी और शिक्षा को नई ऊँचाई देगी।

शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय समय की माँग है। यदि इसे निष्पक्षता और डेटा-आधारित पद्धति से लागू किया जाए, तो छत्तीसगढ़ की शिक्षा प्रणाली देश में एक आदर्श मॉडल बन सकती है।

मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने तुरंत युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया को सक्रिय किया है, जिसमें पारदर्शिता, मानवीय दृष्टिकोण और स्कूलों की जरूरत को प्राथमिक आधार बनाया गया है। इस कदम से एक ओर शिक्षकविहीन स्कूलों को शिक्षक मिल सकेंगे, वहीं दूसरी ओर छात्रविहीन विद्यालयों में शिक्षकों की पदस्थापना को  रोका जा सकेगा। यह पुनर्संरचना शिक्षा प्रणाली को संतुलित, कुशल और परिणामोन्मुखी बनाएगी।

छत्तीसगढ़ सरकार का युक्तियुक्तकरण का निर्णय महज़ व्यवस्थागत सुधार नहीं, बल्कि शिक्षा को सार्थक और समावेशी बनाने की ऐतिहासिक पहल है। यह उस सोच का प्रतिबिंब है जो कहती है – शिक्षा वहां शुरू होती है, जहां शिक्षक और छात्र दोनों उपस्थित हों – एक उत्तम उद्देश्य के साथ स्वर्णिम भविष्य की ओर अग्रसर होते हुए,  इस प्रेरणा के साथ कि हर पाठशाला देश की अगली पीढ़ी का निर्माण स्थल है।
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01 से 07 जून तक मनाया जायेगा 'चावल उत्सव', राशनकार्डधारी परिवारों को एकमुश्त मिलेगा तीन माह का चावल

 छत्तीसगढ़ में आगामी 01 से 07 जून 2025 तक ‘चावल उत्सव’ आयोजित किया जाएगा। इस उत्सव के दौरान प्रदेश के 81 लाख से अधिक राशनकार्डधारी परिवारों को जून, जुलाई एवं अगस्त—तीनों माह का चावल एकमुश्त वितरित किया जाएगा।


राज्य शासन ने इस उद्देश्य से प्रदेश की 13,928 उचित मूल्य दुकानों को चावल का आबंटन जारी कर दिया है। सभी दुकानों में चावल का भण्डारण कार्य तेजी से जारी है ताकि वितरण में किसी प्रकार की बाधा न आए। इस पहल से दूरस्थ और ग्रामीण अंचलों तक समय पर खाद्य उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

राज्य खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा  जारी निर्देशों के अनुसार, 1 जून से 7 जून तक चावल उत्सव के दौरान सभी उचित मूल्य दुकानों से चावल का वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। इस अवसर पर दुकानों में वितरण संबंधित जानकारी का प्रदर्शन अनिवार्य किया गया है।

सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया गया है कि चावल वितरण की सूचना स्थानीय स्तर पर विभिन्न प्रचार माध्यमों से व्यापक रूप से प्रसारित की जाए, जिससे प्रत्येक लाभार्थी तक यह जानकारी सुगमता से पहुंचे और वितरण पारदर्शी रहे।

खाद्य विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने आज 28 मई को 'चावल उत्सव' की तैयारी के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सभी जिला कलेक्टरों, खाद्य अधिकारियों एवं नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधकों के साथ समीक्षा बैठक में निर्देश दिए कि प्रत्येक उचित मूल्य दुकान में समय से पूर्व चावल का समुचित भण्डारण सुनिश्चित किया जाए। चावल का वितरण दुकान स्तर की निगरानी समिति की उपस्थिति में हो, और प्रत्येक लाभार्थी को ई-पॉस मशीन द्वारा बायोमैट्रिक प्रमाणीकरण के पश्चात ही चावल प्राप्त हो। साथ ही लाभार्थियों को वितरित चावल की पावती रसीद अनिवार्य रूप से दी जाए। 

खाद्य सचिव श्रीमती कंगाले ने कहा कि इस समग्र प्रक्रिया का उद्देश्य पारदर्शिता, जवाबदेही और लाभार्थी की सुविधा को सुनिश्चित करना है। विभाग द्वारा तकनीक का प्रभावी उपयोग भी सुनिश्चित किया जा रहा है।

मानसून के दौरान प्रदेश की 249 ऐसे उचित मूल्य दुकानें, जो वर्षा ऋतु में पहुंचविहीन हो जाती हैं, उनके लिए भी विशेष तैयारी की गई है। जून माह में ही इन दुकानों में अग्रिम चावल भण्डारण की कार्यवाही पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि वर्षाकाल में भी राशन वितरण अविरत जारी रह सके।

बैठक में नागरिक आपूर्ति निगम की प्रबंध संचालक श्रीमती किरण कौशल और खाद्य विभाग के संचालक श्री रमेश शर्मा उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त सभी जिलों के कलेक्टर, खाद्य नियंत्रक, जिला खाद्य अधिकारी तथा जिला प्रबंधक, नागरिक आपूर्ति निगम भी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से शामिल हुए।
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सुशासन तिहार के दौरे पर मुख्यमंत्री अचानक पहुंचे मांदरी गांव के आँगनबाड़ी केंद्र

सुशासन तिहार के तहत् मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय हेलीकॉप्टर से आज अचानक कांकेर जिले के मांदरी गांव पहुंचे। हेलीपेड से गांव के रास्ते पर आँगनबाड़ी भवन देखकर मुख्यमंत्री केंद्र के बच्चों से मिलने और वहां की व्यवस्था का जायजा लेने के लिए आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचे। आँगनबाड़ी केंद्र में बच्चों ने मुख्यमंत्री का स्थानीय फूलों से तैयार किया गया गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने बड़ी आत्मीयता के साथ बच्चों से घुल-मिल कर बातचीत की और उनसे आंगनबाड़ी और उनके अक्षर ज्ञान की जानकारी ली। मुख्यमंत्री के पूछने पर बच्चों ने धारा-प्रवाह कविता सुनाई। मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से बच्चों को चाकलेट वितरित कर उन्हें दुलार किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से आँगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को दी जाने वाली सुविधाओं और भोजन व्यवस्था की जानकारी भी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। 


इस दौरान मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसव राजु एस, कमिश्नर श्री डोमन सिंह, कलेक्टर श्री निलेश क्षीरसागर, पुलिस अधीक्षक श्री आई के एलेसेला, सहित  क्षेत्र के जन प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ग्रामीणों से आत्मीयता के साथ किया संवाद, हितग्राहियों से की चर्चा

सुशासन तिहार के अंतिम चरण के अंतर्गत आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का हेलीकॉप्टर कांकेर (उत्तर बस्तर) जिले के ग्राम मांदरी में उतरा। उन्होंने  पंचायत शेड के नीचे अपनी चौपाल लगाई और ग्रामीणों से संवाद कर योजनाओं पर फीडबैक लिया।


मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ग्रामीणों की मांग पर मांदरी में हाई स्कूल बाउंड्रीवाल निर्माण हेतु 20 लाख की स्वीकृति, मांदरी आंगनबाड़ी केंद्र भवन में बाउंड्रीवाल के लिए 5 लाख की स्वीकृति, साल्हेभांट मुख्य मार्ग से टीरउ सलाम के घर तक सीसी सड़क निर्माण 600 मीटर  हेतु  15 लाख की स्वीकृति, झुरा नाला से खेतों में सिंचाई के लिए लाइन विस्तार हेतु 3.50 करोड़ की स्वीकृति की घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रामीणों से चर्चा करते हुए कहा कि हमने बीते डेढ़ वर्षों में जनता के हित में कार्य किया है। सुशासन तिहार हमारा रिपोर्ट कार्ड भी है और सरकार द्वारा किए गए कार्यों का मूल्यांकन करने का अवसर भी। इसके माध्यम से हम जनकल्याणकारी योजनाओं के धरातल पर क्रियान्वयन की स्थिति जान रहे हैं। हमारे अलावा मंत्री, सांसद, विधायक, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी सुशासन तिहार में शामिल हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने शपथ लेते ही प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी के तहत  कैबिनेट में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जरूरतमंदों को आवास मिलेगा, ‘आवास प्लस’ में जिनका नाम है, उन्हें भी आवास दिया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 70 लाख से अधिक महिलाओं को ‘महतारी वंदन योजना’ की राशि सीधे उनके खातों में देकर आर्थिक समृद्धि और महिला सशक्तिकरण का द्वार खोला गया है। जो लाभार्थी अभी वंचित हैं, उन्हें भी जोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 24 अप्रैल से ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र शुरू किए गए हैं। इससे ग्रामीणों को गांव में ही बैंकिंग व अन्य सेवाओं की सुविधा मिलेगी। अभी यह सेवा 1460 पंचायतों में शुरू की गई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार तकनीक के उपयोग से भ्रष्टाचार के सभी रास्ते बंद कर रही है। पंजीयन की नई प्रक्रिया से रजिस्ट्री के साथ नामांतरण की प्रक्रिया को सरल किया गया है।

जानी योजनाओं की हकीकत
ग्राम मांदरी में अचानक पहुंचे मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रामीणों से छत्तीसगढ़ी में संवाद किया। मुख्यमंत्री ने बिजली व्यवस्था, राशन वितरण और महतारी वंदन योजना की राशि के संबंध में हितग्राहियों से जानकारी ली। इस अवसर पर हितग्राही इतवारिन आचला ने बताया कि महतारी वंदन योजना की प्राप्त राशि का बेटी के नाम पर सुकन्या समृद्धि योजना में खाता खुलवाकर राशि जमा कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है, और जनकल्याण ही सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

इस अवसर पर विधायक कांकेर श्री आशा राम नेताम, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण नूरेटी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ बसव राजु एस., कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह, डीआईजी श्री अमित कामले, कलेक्टर श्री नीलेश क्षीरसागर, पुलिस अधीक्षक श्री इंद्र कल्याण एलेसेला सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में युवाओं प्रतियोगिता परीक्षा के तैयारी हेतु जिला प्रशासन द्वारा तैयार की पुस्तक “नई दिशा” का विमोचन कर युवाओं को वितरित किया। साथ ही विभिन्न विभागों के जन कल्याणकारी योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री, आवास की चाबी, ट्राई साइकिल आदि वितरित की ।
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