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राज्यपाल श्री रमेन डेका ने जंगलवार कॉलेज कांकेर का किया भ्रमण, प्रशिक्षण कार्यक्रम की सराहना की

 राज्यपाल श्री रमेन डेका ने जिले के दो दिवसीय प्रवास के दूसरे दिन आज कांकेर के सिंगारभाट स्थित ’काउंटर टेरेरिज्म एंड जंगलवार फेयर’ महाविद्यालय में पहुंचकर प्रशिक्षण की बारीकियों की जानकारी ली। इस दौरान जवानों के अभ्यास का लाइव डेमो देखा और उनका उत्साहवर्धन किया।


जंगलवार फेयर कॉलेज में पीपीटी के माध्यम से जवानों को दिए जाने वाले प्रशिक्षण एवं अन्य गतिविधियों के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी गई। राज्यपाल ने इसके बाद महाविद्यालय में स्थित म्यूजियम में छत्तीसगढ़ राज्य के प्रमुख माओवादी घटनाक्रम से अवगत हुए। इसके अलावा राज्यपाल ने जंगलवार कॉलेज का भ्रमण कर विभिन्न प्रशिक्षण स्थलों में प्रशिक्षार्थियों के द्वारा अभ्यास का डेमो देखा।


राज्यपाल को जंगलवार महाविद्यालय की ओर से स्मृति चिन्ह भी प्रदाय किया गया। इस अवसर पर कांकेर विधायक श्री आशाराम नेताम, राज्यपाल के सचिव डॉ. सीआर प्रसन्ना, एडीसी श्री निशांत कुमार, कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री आई. के. एलेसेला सहित पुलिस विभाग के आला अधिकारीगण उपस्थित थे।

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वीर सावरकर का जीवन राष्ट्रभक्ति, आत्मबलिदान और वैचारिक दृढ़ता का प्रतीक है - मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज यहाँ अपने निवास कार्यालय में महान स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर की जयंती पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक श्री धरमलाल कौशिक एवं जनप्रतिनिधिगण भी उपस्थित रहे।  


 मुख्यमंत्री श्री साय ने  कहा कि वीर सावरकर का संपूर्ण जीवन मातृभूमि की सेवा और राष्ट्र के नवनिर्माण के लिए समर्पित था। वीर सावरकर न केवल आज़ादी की लड़ाई के अग्रणी योद्धा थे, बल्कि वे एक समाज सुधारक, इतिहासकार, लेखक और दूरदर्शी राजनेता भी थे। उन्होंने सामाजिक रूढ़ियों के विरुद्ध आवाज़ उठाई और आधुनिक भारत के निर्माण की आधारशिला रखी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सेल्युलर जेल में बिताए गए सावरकर जी के कठोरतम वर्ष उनके अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और मानसिक दृढ़ता के प्रमाण हैं। उनका बलिदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे वीर सावरकर के विचारों और जीवन मूल्यों से प्रेरणा लें और राष्ट्र सेवा को अपना परम कर्तव्य मानते हुए आगे बढ़ें। वीर सावरकर का जीवन हर भारतीय के लिए आत्मबलिदान, समर्पण और देशभक्ति की जीवंत मिसाल है।
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राजस्व अभिलेखों में जिस अधिकारी के लॉगिन से त्रुटिपूर्ण प्रविष्ठि होगी, उस पर होगी कड़ी कार्रवाई : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राजस्व अभिलेखों में त्रुटि के लिए संबंधित अधिकारी या कर्मचारी जिम्मेदार माने जाएंगे। यदि किसी अधिकारी के लॉगिन से गलत प्रविष्टि हुई है, तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने रायगढ़ में सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित समीक्षा बैठक में यह स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि लोगों की ज़मीन, खेती, या अन्य दस्तावेजों में त्रुटि की वजह से जनता का प्रशासन पर से भरोसा न टूटे, इसके लिए जरूरी है कि राजस्व प्रणाली को जवाबदेह बनाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि त्रुटि सुधार कार्य पर राजस्व अधिकारी विशेष निगरानी रखें।


बैठक में मुख्यमंत्री ने लात नाला सिंचाई परियोजना के लंबे समय से अधूरे होने पर नाराजगी जताते हुए इसे शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही अटल सिंचाई योजना के तहत लंबित सभी परियोजनाओं को प्राथमिकता से पूर्ण करने को कहा। गोमर्डा अभ्यारण्य क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 26 गांवों में भूमि रजिस्ट्री पर लगे प्रतिबंध को हटाने का निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों से ग्रामीण क्षेत्रों का नियमित दौरा करने को कहा ताकि छोटी समस्याओं का तत्काल समाधान हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब जिले छोटे हो गए हैं, ऐसे में अधिकारी समय निकालकर अधिक से अधिक गांवों में पहुंचें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि किसानों को खाद-बीज उठाने में किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। डीएपी की संभावित कमी को देखते हुए वैकल्पिक उपायों पर किसानों को जानकारी दी जाए। उन्होंने फसल चक्र परिवर्तन के लिए भी किसानों को प्रेरित करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने मानसून पूर्व तैयारियों की चर्चा करते हुए सर्पदंश से निपटने के लिए अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में एंटीवेनम दवाएं रखने के निर्देश दिए। रायगढ़ नगर निगम क्षेत्र में डेंगू व पीलिया जैसी बीमारियों को रोकने के लिए नगर निगम एवं प्रशासन को सजग रहने कहा। मुख्यमंत्री ने मैदानी जिलों में अवैध शराब की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने ओडिशा से लगते सीमावर्ती इलाकों में शराब की अवैध आवाजाही रोकने विशेष निगरानी की आवश्यकता बताई।

बैठक में रेशम उत्पादन, भू-जल स्तर में सुधार, पर्यटन विकास, सड़क मरम्मत और जन औषधि केंद्रों के प्रचार-प्रसार जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी जनप्रतिनिधि और अधिकारी जनता के सेवक हैं और जनकल्याण ही हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। 

बैठक में कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविन्द्र गबेल, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी.दयानंद, संभाग आयुक्त श्री सुनील जैन, आईजी श्री संजीव शुक्ला, सीसीएफ श्री प्रभात मिश्रा सहित सारंगढ़ और रायगढ़ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
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मंत्रालय में अधिकारियों ने स्वर्गीय श्री अरूण कुमार को दी श्रद्धांजलि

छत्तीसगढ़ के पहले मुख्य सचिव रहे श्री अरूण कुमार का कल निधन हो जाने पर आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में शोक सभा आयोजित कर दो मिनट का मौन रखा गया एवं अधिकारियों ने अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए। अधिकारियों ने उनके शासकीय सेवा के दौरान किए गए कार्यों को अति महत्वपूर्ण बताया। श्री कुमार को छत्तीसगढ़ राज्य गठन के समय 30 अक्टूबर 2000 राज्य प्रथम मुख्य सचिव नियुक्त किया गया था। इस दौरान नवगठित राज्य के लिए यह समय बहुत महत्वपूर्ण था, ऐसे समय में उन्होंने मुख्य सचिव के रूप में छत्तीसगढ़ राज्य के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए। अधिकारियों ने श्री कुमार के साथ अपनी कार्य अनुभव के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए उनके व्यक्तित्व एवं उनकी उत्कृष्ठ प्रशासनिक क्षमता के बारे में बताया। 

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्य सचिव श्री सुयोग्य कुमार मिश्रा ने श्री अरूण कुमार को श्रद्धांजलि देते हुए उनके साथ प्रशासनिक काम-काज का अनुभव और व्यक्तित्व के बारे में बताया। अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू ने श्री कुमार के साथ कार्य अनुभव के बारे में बताया कि वे उस समय धमतरी जिले के कलेक्टर थे। श्री साहू ने बताया कि उनके मुख्य सचिव बनने के बाद धान खरीदी एवं आपदा प्रबंधन संबंधी कलेक्टरों की मिटिंग थी। श्री साहू ने उन्हें एक कुशल प्रशासनिक अधिकारी बताते हुए उनके व्यक्तित्व के बारे में जानकारी दी। इसी तरह से अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुवा ने बताया कि श्री अरूण कुमार जब मुख्य सचिव थे तब वे जांजगीर-चापा जिले के कलेक्टर थे। उन्होंने उस समय उनके प्रशासनिक कार्यों एवं कुशलता के बारे में अपने विचार व्यक्त करते हुए उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए अपनी श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की।
अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा ने भी अपने अनुभव बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि सभा का संचालन करते हुए प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह ने पूर्व मुख्य सचिव श्री अरूण कुमार को अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए। प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बताया कि वे भारतीय प्रशासनिक सेवा में नियुक्ति के बाद दुर्ग जिले में पदस्थ थे और इस दौरान उन्हें पूर्व मुख्य सचिव श्री कुमार से मिलने का अवसर मिला था। इसी तरह से पूर्व आईएएस श्री एस.के.तिवारी, श्री दिनेश श्रीवास्तव और श्री आर.एस.विश्वकर्मा, सचिव श्री कमलप्रीत सिंह, सचिव श्री अंकित आनंद, सचिव श्रीमती शहला निगार, संभागायुक्त श्री महादेव कावरे सहित अन्य अधिकारियों ने अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए।
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गढ़बेंगाल के श्री पंडीराम मंडावी को पद्मश्री सम्मान, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दी शुभकामनाएं

देश की महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी द्वारा बस्तर अंचल के गढ़बेंगाल निवासी श्री पंडीराम मंडावी को वर्ष 2025 के पद्मश्री सम्मान से अलंकृत किया गया है। यह सम्मान उन्हें जनजातीय वाद्य यंत्र निर्माण और काष्ठ शिल्प कला के क्षेत्र में उनके अद्भुत एवं उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया है।


श्री मंडावी द्वारा पारंपरिक गोंड और मुरिया समाज की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने और आगे बढ़ाने के लिए किए गए प्रयासों ने न केवल बस्तर की कला को राष्ट्रीय मंच दिया, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत भी प्रस्तुत किया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने श्री मंडावी को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान छत्तीसगढ़ की जनजातीय प्रतिभा और सांस्कृतिक समृद्धि का गौरवपूर्ण प्रतीक है। उन्होंने कहा कि श्री मंडावी जैसे कलाकारों ने अपनी साधना से यह सिद्ध किया है कि हमारी मिट्टी की कला विश्वपटल पर छा सकती है। यह पद्मश्री सम्मान बस्तर की लोकपरंपरा, शिल्प और सांस्कृतिक चेतना को राष्ट्रीय गौरव दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सिमगा में ढाबा में किया भोजन, स्थानीय लोगों से की आत्मीय बातचीत

रायगढ़ जिले के दौरे से लौटते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज सिमगा में एक साधारण से ढाबा में रुके और वहां बैठकर स्थानीय व्यंजन का स्वाद लिया। सुशासन तिहार के अंतर्गत दिनभर की व्यस्त दिनचर्या के बावजूद उन्होंने ढाबे में भोजन किया और आमजन से सहजता से संवाद स्थापित किया।


मुख्यमंत्री श्री साय ने ढाबा पर मौजूद लोगों से आत्मीयता से बातचीत की, हालचाल जाना और उनकी बातों को ध्यानपूर्वक सुना। न कोई तामझाम, न कोई सुरक्षा का दिखावा—बस एक जननेता की तरह लोगों के बीच बैठकर उन्होंने विश्वास और अपनापन बाँटा। इस दृश्य ने वहाँ मौजूद हर व्यक्ति के मन में मुख्यमंत्री की सरलता और जमीन से जुड़ेपन की एक मजबूत छवि बनाई।

सिमगा स्थित आनंद ढाबे पर आम नागरिकों ने भी मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर हर्ष व्यक्त किया और कहा कि यह उनकी नेतृत्व शैली की सादगी और जनभावनाओं से जुड़ाव का प्रतीक है। भोजन के दौरान कई लोगों ने उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं और उत्साहपूर्वक उनसे बातचीत की। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह और मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद सहित अन्य अधिकारी एवं स्थानीय ग्रामीणजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि मैं जहाँ भी जाता हूँ, वहाँ के लोगों से मिलकर मुझे ऊर्जा मिलती है। ये मुलाकातें मेरे लिए औपचारिकता नहीं, आत्मीयता हैं। उनके इस सहज और मानवीय रूप ने यह स्पष्ट कर दिया कि सुशासन केवल मंचों पर नहीं, बल्कि आम जीवन के स्पर्श में भी झलकता है।
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संघर्ष करने वालों को सफलता जरूर मिलती है, मेहनत कर जिले का नाम रौशन करे विद्यार्थी- मंत्री श्री लखनलाल देवांगन

 प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन एवं अन्य अतिथियों की उपस्थिति में आज कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष कोरबा में जिले के मेधावी विद्यार्थियों हेतु जेईई, नीट की निःशुल्क प्रशिक्षण हेतु बस से रवाना किया गया। उन्होंने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए निरंतर कड़ी मेहनत कर लक्ष्य प्राप्त करने की शुभकामनाएं दी। मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि जो व्यक्ति संघर्ष करता है, उन्हें सफलता जरूर मिलती है। हम सभी मन लगाकर अच्छे से पढ़ाई करें और सफल होकर मुकाम हासिल करते हुए अपने माता-पिता, जिले का नाम रौशन करें। उत्कृष्ट अंक हासिल करने वाले दसवी के 100 तथा बारहवी बोर्ड के 50 विद्यार्थियों को राजधानी रायपुर में कोंचग के लिए भेजा गया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि कलेक्टर के दिशा निर्देशन में जिला प्रशासन द्वारा सराहनीय पहल करते हुए यहां के प्रतिभावान विद्यार्थियों के लिए राजधानी में जेईई, नीट कोचिंग की व्यवस्था की गई है। विगत वर्ष भी 100 विद्यार्थियों को रायपुर भेजा गया है। मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रशासन द्वारा निरंतर विकास कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री द्वारा उत्खनन वाले जिले में ही डाएमएफ की राशि को खर्च किए जाने का प्रावधान करने के बाद इस राशि का सदुपयोग जिले के विकास कार्यों और शिक्षा, स्वास्थ्य में हो रहा है। उन्होंने कहा कि खनिज प्रभावित जिलो में शिक्षा, स्वास्थ्य सहित अन्य क्षेत्रों में विकास हेतु सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जिले के 100 मेधावी छात्र-छात्राओं को मेडिकल इंजीनियरिंग जैसे उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए राष्ट्रीय स्तर की जेईई, नीट जैसी प्रवेश परीक्षा की निःशुल्क तैयारी हेतु व्यवस्था की गई है। यह आप सभी के लिए सुनहरा अवसर है। इस अवसर का लाभ उठाएं, आप सभी आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़े, कार्ययोजना बनाकर परीक्षा की तैयारी करें, सफलता जरूर मिलेगी। मंत्री ने डीएमएफ की राशि से स्कूल में नाश्ता, शिक्षकों की व्यवस्था, जर्जर स्कूल भवनों का जीर्णाेद्धार, नवीन भवन निर्माण होने की बात कहते हुए जिला प्रशासन की पहल की सराहना की।

विधायक कटघोरा श्री पटेल ने बच्चों के बेहतर शिक्षा हेतु चलाए जा रहे जिला प्रशासन के इस पहल का सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा ही जीवन का मूल आधार है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से अपना लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने एवं कड़ी मेहनत से अपने मंजिल को हासिल करने की शुभकामनाएं दी। महापौर श्रीमती राजपूत ने कहा कि आप सभी  के बेहतर भविष्य के लिए आपके परिजन सहित जिला प्रशासन द्वारा सपना देखा गया है। उसे पूरा करने की शत प्रतिशत जिम्मेदारी आपकी है। इस हेतु आने वाले चुनौतियों के लिए खुद को अभी से तैयार करें। आपके कदमों में सफलता का मार्ग है और आप मेहनत से अपने सपनों को पूरा कर सकेंगें।

कलेक्टर श्री वसंत ने बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आपके जीवन का यह महत्वपूर्ण अवसर है। दो साल के समय का उपयोग अपने लक्ष्य को हासिल करने में लगाकर आप अपने जीवन को नई दिशा में ले जा कते हैं। आपके जीवन की सफलता की शुरुआत आज हो रही है। आप सभी ने बोर्ड परीक्षा में खूब मेहनत कर अच्छा परिणाम प्राप्त किया है,  इसी तरह आगे भी आप पूरी लगन से अध्ययन करते रहे।
हरी झंडी दिखाकर बस को किया गया रवाना।

कलेक्ट्रेट परिसर से उद्योग मंत्री श्री देवांगन सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों द्वारा विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए विद्यार्थियों की बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। मौके पर उपस्थित पालक और विद्यार्थियों ने कहा कि यह उनके लिए गौरव का पल है कि उनका चयन ऐलेन जैसे  प्रतिष्ठित कोचिंग संस्था में जेईई, नीट परीक्षा की तैयारी के लिए हुआ है। जहां अनुभवी व विषय विशेषज्ञ शिक्षक उनकी परीक्षा की तैयारी कराएंगे। इस हेतु वे सब उत्साहित है एवं परीक्षा में सफलता अर्जित कर प्रशासन द्वारा उन पर किए गए भरोसे को पूरा करेंगे। विद्यार्थियों ने प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन को यह अवसर प्रदान  के लिए धन्यवाद दिया।

गौरतलब है कि  जिला प्रशासन द्वारा जिला खनिज संस्थान मद से कोरबा जिले के शासकीय विद्यालय से शैक्षणिक सत्र 2024-25 में कक्षा 10वीं से मेरिट सूची में स्थान प्राप्त करने वाले 100 छात्र-छात्राओं तथा बारहवी उत्तीर्ण 50 विद्यार्थियों को नीट व जेईई  प्रवेश परीक्षा की गुणवत्तापूर्ण तैयारी हेतु रायपुर के प्रतिष्ठित कोचिंग संस्था ऐलेन में प्रवेश दिलाया गया है। संस्था में प्रवेश हेतु चयनित विद्यार्थियों का शैक्षणिक शुल्क, भोजन, आवास सहित अन्य सुविधाओं की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा किया गया है।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ पवन सिंह कंवर,  निगम सभापति श्री नूतन सिंह ठाकुर, सीईओ जिला पंचायत, जिला शिक्षा अधिकारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी कर्मचारी, विद्यार्थी एवं उनके पालक उपस्थित थे।

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युवाओं को स्काउट, गाईड्स हमेशा आदर्श व जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देता है -श्री डेका

 राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में आज राजभवन में स्काउट्स और गाइड्स छत्तीसगढ़ राज्यस्तरीय अलंकरण समारोह आयोजित किया गया। समारोह में राज्यपाल श्री डेका ने राज्य के सर्वश्रेष्ठ स्काउटर, गाइडर, रोवर, रेंजर, एवं स्काउट-गाइड को राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन की समस्या को देखते हुए प्रकृति और पर्यावरण को सुरक्षित रखना हम सबकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। स्काउट्स एवं गाइड्स को इसमें अपना सक्रिय योगदान देना होगा। उन्होंने सभी से एक पेड़ मां के नाम पर लगाने और दोस्तों एवं परिजनों को भी इसकेे लिए प्रेरित करने की बात कही।


श्री डेका ने सम्मान प्राप्त होने पर स्काउट्स एवं गाइड्स को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत स्काउट्स एवं गाइड्स अपने आदर्श वाक्य ‘‘तैयार हो‘‘ के अनुरूप हमेशा अपने कर्तव्य और जिम्मेदारी के साथ देश और समाज की मदद हेतु तत्पर रहते हैं। देश के युवाओं को अच्छे नागरिक बनने, आत्मनिर्माण करने और सेवा कार्य हेतु सदा तैयार रहने की प्रेरणा देते हैं। आज भारत के युवा, अपने लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए उसी दिशा में कदम बढ़ाते हैं जहां उन्हें अपना करियर बनाना है। उसके लिए कठिन परिश्रम और लगन के साथ समय प्रबंधन बहुत जरूरी है। अगर किसी कारण से अपने लक्ष्य से चूक भी गए तो निराश मत हो बल्कि उन असफलताओं और पिछले अनुभवों से सीख लेकर आगे बढ़ें। हार नहीं मानते हुए पुनः अपने आप को तैयार करें और लक्ष्य की ओर बढें, सफलता जरूर मिलेगी। अनुशासन,
दृढ़ संकल्प और स्वयं पर विश्वास, सफलता की ओर ले जाता है।

श्री डेका ने छत्तीसगढ़ के स्काउट्स, गाइड्स, रोवर्स, रेंजर्स द्वारा आपदा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, पेड़ लगाने और उन्हें संरक्षित रखने, साइबर अपराध, जाति भेदभाव जैसे अन्य विषयों पर विभिन्न माध्यमों से समाज को जागरूक करने की दिशा में हो रहे कार्यों सराहना की और राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में रोवर्स, रेंजर्स दलों का पंजीयन और गठन होने पर प्रसन्नता व्यक्त की।

समारोह में सर्वश्रेष्ठ स्काउट श्री दीपक सिंह, श्री नितिश कुमार यादव, श्री लोमेश कुमार सर्वश्रेष्ठ गाइड कु. दीक्षा पटेल, कुु. हंसनी, कु. झरना साहू सर्वश्रेष्ठ रोवर श्री अनुज साहू, सर्वश्रेष्ठ रेंजर कु. नेहा सेन व कु. प्रियंका यादव को राज्यपाल ने पुरस्कृत किया। इसी तरह सर्वश्रेष्ठ स्काउटर श्री गोपाल राम वर्मा व श्री मिलन सिंह सिन्हा एवं सर्वश्रेष्ठ गाइडर श्रीमती पुष्पा शांडिल्य व सुश्री रजनीकला पाटकर सम्मानित हुए। दीर्घ सेवा अलंकरण स्काउटर श्री रोमन लाल साहू व गाइडर श्रीमती बीना यादव को प्रदान किया गया।

कार्यक्रम में स्वागत भाषण भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के राज्य आयुक्त डॉ. सोमनाथ यादव एवं आभार प्रदर्शन राज्य सचिव श्री कैलाश सोनी ने दिया।

कार्यक्रम में  राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर प्रसन्ना, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, छत्तीसगढ़ स्काउट गाइड के कार्यकारी अध्यक्ष श्री राजेश अग्रवाल, राज्य के अन्य पदाधिकारी, विभिन्न जिलों से आये हुए स्काउट्र, गाइडर, रोवर, रेंजर एवं स्काउट-गाइड उपस्थित थे।  

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छत्तीसगढ़ के पामेड़ में खुली ग्रामीण बैंक की शाखा: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया वर्चुअल शुभारंभ

 जिस पामेड़ को कभी माओवादियों की बटालियन नंबर-1 का गढ़ माना जाता था, आज वहां बैंक खुल रहे हैं, कन्या आश्रम बन रहे हैं और लोग खुले मन से सुशासन शिविरों में भाग ले रहे हैं। यह बदला हुआ बस्तर है — आत्मविश्वास, विकास और लोकतंत्र का प्रतीक। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बीजापुर जिले के सुदूरवर्ती और पूर्व में माओवादी प्रभाव से ग्रस्त रहे पामेड़ क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की शाखा का शुभारंभ करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री साय ने इसे विकास और विश्वास की नई सुबह बताते हुए कहा कि अब ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाओं के लिए 100 किलोमीटर दूर आवापल्ली नहीं जाना पड़ेगा। यह पहल सरकार के सुशासन और समावेशी विकास के विजन को दर्शाती है।


मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बैंक शाखा से पामेड़ और आसपास के 50 गांवों को सीधे लाभ मिलेगा, जहां अब खाता खोलने, पैसा निकालने और महतारी वंदन योजना जैसी योजनाओं की राशि लेने में सुविधा होगी। उन्होंने विशेष रूप से माताओं-बहनों को आश्वस्त किया कि अब उन्हें योजना की राशि के लिए लंबी यात्रा नहीं करनी पड़ेगी।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने पामेड़ में 50-सीटर आदिवासी कन्या आश्रम का भी लोकार्पण किया,  जिसकी लागत 1.62 करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि कन्या आश्रम के माध्यम से आने वाले समय में बस्तर की बेटियां शिक्षा और विकास की मुख्यधारा से जुड़कर बस्तर को नया नेतृत्व प्रदान करते हुए क्षेत्र को विकास की नई ऊंचाईयां प्रदान करेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पामेड़ में अब पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) की स्थापना की जा रही है, ताकि आसपास के कुपोषित बच्चों को इलाज के लिए भटकना न पड़े। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे बच्चों को समय पर पोषण पुनर्वास केंद्र में लाएं और स्वास्थ्य लाभ लें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि तालपेरू नदी पर धर्मावरम ब्रिज का निर्माण तेजी से चल रहा है, जिससे अब तेलंगाना के चेरला होकर 200 किलोमीटर लंबा सफर तय करके बीजापुर जाने की बाध्यता समाप्त हो जाएगी। यह पुल न केवल पामेड़ को जोड़ने वाला होगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास का मुख्य द्वार भी बनेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि आवागमन की सुविधा बढ़ाते हुए सरकार ने पामेड़ से बीजापुर के बीच सीधी बस सेवा शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अब सुबह जाकर शाम को लौटना संभव हो गया है। लोगों की दिनचर्या सरल हुई है और व्यापार-सेवा गतिविधियां तेज़ी से बढ़ी हैं।

इस मौके पर 'सुशासन तिहार' के तहत समाधान शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्रीय जनसमस्याओं का त्वरित निराकरण किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान छत्तीसगढ़ में लोगों को उनके द्वार पर प्रशासन देने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

समाधान शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। इस मौके पर श्री महेश गागड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जानकी कोरसा, कलेक्टर श्री संबित मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव, स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित अन्य  अधिकारीगण उपस्थित थे।
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खरीफ के लिए राज्य में खाद-बीज का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध : मंत्री श्री राम विचार नेताम

 कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने आज छत्तीसगढ़ बीज एवं कृषि विकास निगम परिसर, तेलीबांधा रायपुर में आयोजित एक संक्षिप्त कार्यक्रम में राज्य के 28 जिलों को नवीन बोलेरो वाहन की सौगात देने की साथ ही उन्हें हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन नवीन वाहनों का उपयोग विभागीय अधिकारियों द्वारा विभागीय योजनाओं का फील्ड में प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के साथ ही किसान हितैषी कार्यक्रमोें की मॉनिटरिंग के लिए किया जाएगा। इस अवसर पर संचालक कृषि श्री राहुल देव सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। 


मंत्री श्री नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों के हित में कई योजनाएं एवं कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसका लाभ किसानों को मिले इसके लिए किसानों को विभागीय योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही उनको इसका लाभ उठाने के लिए जागरूक किए जाने का काम विशेष रूप से किया जाएगा। किसान जागरूकता शिविरों में इस वाहन के माध्यम से विशेषज्ञ अधिकारियों की टीम गांव-गांव पहुंचेगी और किसानों को उन्नत तकनीक और आधुनिक खेती की जानकारी देगी। जिलों को वाहन की उपलब्धता सुनिश्चित होने से विभागीय कामकाज में तेजी आएगी। 

मंत्री श्री नेताम ने इस मौके पर मौजूद मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए कहा कि खरीफ सीजन 2025 के लिए कृषि विभाग द्वारा व्यापक तैयारी की जा रही है। खरीफ के लिए खाद-बीज का पर्याप्त भण्डारण कराए जाने के साथ ही किसानों को इसका तेजी से वितरण भी किया जा रहा है। मंत्री श्री नेताम ने बताया कि खरीफ सीजन 2025 के लिए रासायनिक उर्वरकों का लक्ष्य 14 लाख 62 हजार मेट्रिक टन है, जिसके विरूद्ध अब तक 8 लाख 48 हजार 604 मेट्रिक टन रासायनिक उर्वरकों का भण्डारण तथा एक लाख 68 हजार 255 मेट्रिक टन का वितरण किसानों को किया जा चुका है, जो कि भण्डारण की मात्रा का 20 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि उर्वरक कंपनियों से विभिन्न प्रकार की खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विभाग द्वारा सतत् संपर्क एवं समन्वय किया जा रहा है, ताकि राज्य की डिमांड अनुरूप उर्वरकों की रैक निर्धारित सेड्यूल के अनुरूप उपलब्ध हो सके।

मंत्री श्री नेताम ने बताया कि राज्य में मार्कफेड के डबल लॉक, सहकारी समितियों एवं निजी क्षेत्र को मिलाकर वर्तमान में कुल 3 लाख 90 हजार 840 मेट्रिक टन यूरिया, 86,046 मेट्रिक टन डीएपी, 1,14,539 मेट्रिक टन एनपीके, 67,640 मेट्रिक टन पोटाश तथा 1,89,539 मेट्रिक टन सुपर फॉस्फेट उपलब्ध है। किसानों को समितियों और निजी क्षेत्रों के माध्यम से खाद का वितरण लगातार किया जा रहा है। अब तक किसानों को 84,661 मेट्रिक टन यूरिया, 27,045 मेट्रिक टन डीएपी, 18,809 मेट्रिक टन एनपीके, 10,359 मेट्रिक टन पोटाश तथा 27,381 मेट्रिक टन सुपर फॉस्फेट का वितरण किया जा चुका है। वर्तमान में विभिन्न प्रकार की 6,80,350 मेट्रिक टन रासायनिक खाद राज्य में किसानों के वितरण हेतु उपलब्ध है।  

मंत्री श्री नेताम ने बताया कि खरीफ सीजन की विभिन्न फसलों के लिए 4 लाख 95 हजार 57 क्विंटल बीज की डिमांड को ध्यान में रखते हुए विभाग द्वारा 4 लाख 29 हजार 535 क्विंटल बीज की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गई हैै। समितियों में 2 लाख 31 हजार क्विंटल से अधिक बीज का भण्डारण कराया गया है। समितियों के माध्यम से किसानों को अब तक 47 हजार 881 क्विंटल बीज का वितरण किया जा चुका है। राज्य में खाद एवं बीज का भण्डारण एवं उठाव की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
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रायपुर में जल्द स्थापित होगा देश का प्रमुख AI डेटा सेंटर- ESDS करेगी 600 करोड़ रुपये का निवेश

छत्तीसगढ़ देश के डिजिटल परिदृश्य में बड़ा कदम रखने जा रहा है। रायपुर में अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए टेक्नोलॉजी कंपनी ESDS Software Solution Ltd ने 600 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का प्रस्ताव मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के समक्ष प्रस्तुत किया है। 


मुख्यमंत्री से नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में मुलाकात के दौरान कंपनी के चेयरमैन श्री पीयूष सोमानी और उपाध्यक्ष श्री लोकेश शर्मा ने कहा कि यह सेंटर न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे भारत के डिजिटल भविष्य को गति देगा। इस प्रस्ताव के माध्यम से छत्तीसगढ़ को AI, क्लाउड टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल स्टोरेज के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में ठोस पहल होगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा, “डिजिटल इंडिया की भावना को छत्तीसगढ़ में धरातल पर उतारने के लिए यह निवेश मील का पत्थर साबित होगा। सरकार हरसंभव सहायता देगी ताकि यह परियोजना जल्द से जल्द मूर्तरूप ले।”

ESDS की यह पहल छत्तीसगढ़ को एक टेक्नोलॉजी हब बनाने के साथ-साथ युवाओं के लिए उच्च स्तरीय रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी। यह सेंटर राज्य के IT इकोसिस्टम को मजबूती देगा और डिजिटल आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ के इनवेस्टमेंट कमिश्नर  ऋतु सेन भी उपस्थित थी ।
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देश के सबसे उन्नत ट्रांसफॉर्मर अब बनेंगे रायपुर में

 विकसित भारत के सपने को साकार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ एक और बड़ी छलांग लगाने जा रहा है। देश की प्रतिष्ठित कंपनी करमवीर इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड ने रायपुर में अत्याधुनिक ट्रांसफॉर्मर निर्माण इकाई स्थापित करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के समक्ष प्रस्तुत किया। इस इकाई में 300 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाएगा, जिससे छत्तीसगढ़ का नाम देश के सबसे बड़े ट्रांसफॉर्मर निर्माण केंद्रों में शामिल हो जाएगा।


इस अवसर पर कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री विवेक जैन ने मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ सदन, नई दिल्ली में मुलाकात की। बैठक में प्रस्तावित परियोजना की रूपरेखा, निवेश संभावनाएं और रोजगार सृजन के आयामों पर विस्तार से चर्चा हुई। श्री जैन ने बताया कि यह यूनिट तकनीकी दृष्टि से देश की सबसे उन्नत ट्रांसफॉर्मर निर्माण इकाई होगी, जो भविष्य में ऊर्जा क्षेत्र की ज़रूरतों को पूरा करने में मील का पत्थर साबित होगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निवेश प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा, “हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़, विकसित भारत 2047 के निर्माण में एक मजबूत स्तंभ बने। यह निवेश सिर्फ एक औद्योगिक इकाई नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत कदम है। राज्य सरकार इस परियोजना को हरसंभव सहायता प्रदान करेगी।”

यह परियोजना राज्य में बिजली क्षेत्र के आधुनिकीकरण, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, और उद्योग आधारित विकास को गति देगी। विशेष रूप से यह पहल “मेक इन छत्तीसगढ़” के नारे को मजबूती देती है, जहां अब अत्याधुनिक तकनीक से बने ट्रांसफॉर्मर पूरे देश को रोशन करने का कार्य करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ के इनवेस्टमेंट कमिश्नर  ऋतु सेन भी उपस्थित थी ।
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भारत बना दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था- वित्त मंत्री ओपी चौधरी

भारत ने आर्थिक मोर्चे पर बड़ी छलांग लगाते हुए जापान को पीछे छोड़ दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का दर्जा हासिल कर लिया है। भारत की GDP अब 4 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच चुकी है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को इसका श्रेय देते हुए कहा कि पिछले 10 वर्षों में भारत ने 10वें से 4वें स्थान तक का सफर तय किया है।

उन्होंने कहा, “यूपीए सरकार के 10 वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था 10वें पायदान पर अटकी रही। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को 5वें और अब चौथे पायदान तक पहुंचा दिया है। अब हम उस ग्रेट ब्रिटेन को भी पीछे छोड़ चुके हैं जिसने कभी दुनिया को गुलाम बनाया था।”


वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि, “प्रधानमंत्री ने वादा किया था कि तीसरे कार्यकाल में भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। और अब तीसरे कार्यकाल की शुरुआत में ही हम चौथे स्थान पर पहुंच चुके हैं। वह दिन दूर नहीं जब भारत जर्मनी को भी पीछे छोड़ते हुए वैश्विक आर्थिक महाशक्ति बनेगा।”


इससे पहले नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रमण्यम ने बताया कि भारत की अर्थव्यवस्था अब अमेरिका, चीन और जर्मनी के बाद चौथे स्थान पर है। उन्होंने कहा कि भारत मैन्युफैक्चरिंग हब के तौर पर उभर रहा है और यह निवेश के लिए दुनिया के सबसे आकर्षक बाजारों में से एक बन चुका है।


    भारत की GDP अब $4 ट्रिलियन के पार, यानी करीब 332 लाख करोड़ रुपए।
    ये ग्रोथ लगातार तेजी से हो रही निवेश, डिजिटल इकोनॉमी और उद्योग विस्तार की वजह से संभव हुई है।


    भारत का लक्ष्य है कि 2030 तक 7 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बन जाए।



यह उपलब्धि न सिर्फ भारत के लिए गर्व का विषय है बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की आर्थिक ताकत और विश्वसनीयता का प्रमाण भी है।

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विकसित भारत के लक्ष्य की ओर छत्तीसगढ़ का संकल्प- नीति आयोग की बैठक में शामिल होंगे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने से पहले छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चर्चा करते हुए राज्य के विकास रोडमैप, नक्सलवाद के अंत और नई औद्योगिक नीति को लेकर अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं।


रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री साय ने बातचीत में कहा कि वह इस महत्वपूर्ण बैठक में छत्तीसगढ़ की भावी विकास योजनाओं और राज्य के दृष्टिकोण को नीति आयोग के समक्ष रखेंगे। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के प्रधानमंत्री के लक्ष्य के अनुरूप, हमारा उद्देश्य “विकसित छत्तीसगढ़” की दिशा में ठोस कदम बढ़ाना है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ सरकार बस्तर और अन्य क्षेत्रों के समावेशी विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने नक्सलवाद की समस्या पर भी बात की और कहा कि राज्य में अब यह समाप्ति की ओर है, क्योंकि सरकार ने सुरक्षा के साथ-साथ विकास को प्राथमिकता दी है।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री साय ने बताया कि वह बैठक में राज्य की नई औद्योगिक नीति, निवेश प्रोत्साहन और औद्योगिक अवसरों की संभावनाओं पर भी प्रकाश डालेंगे। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़, प्रधानमंत्री के विकसित भारत के सपने को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा।

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रेलवे समपार टेहका गेट (भाटापारा-निपनिया) में रेल मरम्मत कार्य हेतु सड़क वाहनो के आवागमन बंद रहेगा ।

 दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर रेल मंडल में भाटापारा-निपनिया रेल खंड का टेहका फाटक रेलवे समपार सं. 382 (कि.मी. 759/4-6) में रेल पथ अप / डाउन / मिडिल लाईन का अति आवश्यक मरम्मत कार्य हेतु सोमवार दिनांक 26.05.25 सुबह 09:00 बजे से सोमवार दिनांक 26.05.25 शाम 18:00 बजे तक के लिये आवागमन अवरूद्ध रहेगा। 

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कांग्रेस के बयानों से स्पष्ट वो नहीं चाहती छत्तीसगढ़ नक्सल समस्या से मुक्त हो:संजय श्रीवास्तव

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव ने छत्तीसगढ़ में चले नक्सल-विरोघी ऑपरेशन में हार्डकोर नक्सली बसव राजू समेत 27 नक्सलियों के मारे जाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उप मुख्यमंत्री/गृह मंत्री विजय शर्मा की प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर किए गए प्रलाप पर कहा है कि कांग्रेस हमेशा सेना और सुरक्षा बलों पर शक करती है एवं सुरक्षा बलों का मनोबल कमतर करने का काम करती रहती है। श्री श्रीवास्तव ने कहा कि नक्सलवाद पर बघेल और कांग्रेस नेता लगातार शर्मनाक टिप्पणियाँ कर रहे हैं और इनके आका नक्सलियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई रुकवाने के लिए लगातार एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं।


भाजपा प्रदेश महामंत्री श्री श्रीवास्तव ने कहा कि नक्सलियौं के खिलाफ सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए ऑपरेशन से कांग्रेस के लोग जिस तरह छाती पीट रहे हैं, वह यकीनन शर्मनाक है। बघेल समेत तमाम कांग्रेसियों को तो इस बात पर खुश होना चाहिए कि झीरम नक्सली हिंसा, जिसमें कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की एक पूरी पीढ़ी शहीद हो गई थी, के खलनायक रहे राजू को सुरक्षा बलों ने मार गिराया। यह दृढ़ राजनीतिक इच्छा शक्ति कांग्रेस अपने पाँच साल के शासनकाल में नहीं दिखाई और भाजपा ने महज लगभग डेढ़ साल के शासनकाल में नक्सलवाद के खिलाफ दृढ़ संकल्प के साथ काम करके दिखा दिया है। श्री श्रीवास्तव ने कटाक्ष किया कि भूपेश सरकार के शासनकाल में जिस बस्तर में बारुदी सुरंगें बिछ रही थी, आज वहीं सड़कों का जाल बिछ रहा है। नक्सलियों की धमकियों के चलते शहीद जवानों का अंतिम संस्कार तक उनके गृहग्राम में कराने में नपुंसक साबित हुई पिछली कांग्रेस सरकार के मुखिया भूपेश बघेल आज किस मुँह से नक्सल-विरेधी कार्रवाइयों पर सवाल उठाकर प्रदेश को बरगला रहे हैं? 

भाजपा प्रदेश महामंत्री श्री श्रीवास्तव ने कहा कि जिस भूपेश सरकार के कार्यकाल में नक्सलियों द्वारा भाजपा नेताओं की टारगेट किलिंग होती रही, तथाकथित जनअदालत का पाखण्ड रचने वाले नक्सली निर्दोष आदिवासियों, जनप्रतिनिधियों, युवाओं और अधिकारियों-कर्मचारियों की सरेआम हत्याएँ कर रहे थे, तब बघेल समेत तमाम कांग्रेसी चूँ तक करने की हिम्मत नहीं दिखा पा रहे थे और आज जब छत्तीसगढ़ को नक्सली यंत्रणा से मुक्त करने के संकल्प के साथ सुरक्षा बल के जवान नक्सलियों की रीढ़ पर प्रहार कर रहे हैं तो नक्सलियों के सामने आत्मसमर्पित मुद्रा में रहने की आदी रीढ़विहीन कांग्रेस को तकलीफ क्यों रही है? श्री श्रीवास्तव ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता किसी भी कीमत पर ऐसे लोगों को बर्दाश्त नहीं करेगी जो छत्तीसगढ़ की शांत फिजा को रक्तरंजित करने में लगे हुए हैं। प्रदेश की जनता भाजपा की साय-सरकार पूरा विश्वास व्यक्त कर रही है।
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एनएमडीसी भर्ती में छत्तीसगढ़ के युवाओं को रोकने का षड्यंत्र, किरंदुल और बचेली के संयंत्रों के लिए हैदराबाद से की जा रही है प्रक्रिया

भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन सरकार पर छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढ़िया हितों की विरोधी होने का आरोप लगाते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि हाल ही में एनएमडीसी भर्ती के विज्ञापन से स्पष्ट है कि भाजपा सरकारों की मंशा छत्तीसगढ़िया हित में नहीं है। कुल विज्ञापित 995 पदों में से 745, अर्थात लगभग 75 प्रतिशत पद छत्तीसगढ़ के किरंदुल और बचेली के खदानों के लिए है, लेकिन हैदराबाद से शुरू किए गए इस भर्ती प्रक्रिया में छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए कोई प्राथमिकता तय नहीं है। ज़मीन हमारी, खनिज हमारा और हमारे ही प्रदेश के युवाओं को नौकरी देने में उपेक्षा?


प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि सरकारी उपक्रम एनएमडीसी, बैलाडीला क्षेत्र के लौह अयस्क का दोहन करती है। सर्वाधिक सक्रिय माइंस छत्तीसगढ़ में ही संचालित है, एनएमडीसी के कुल मुनाफे का 80 प्रतिशत भाग केवल छत्तीसगढ़ से आता है, फिर भी मुख्यालय हैदराबाद में स्थित है, जो तर्कसंगत नहीं है। मुख्यालय छत्तीसगढ़ में नहीं होने की वजह से ही कॉरपोरेट टैक्स में राज्य सरकार का हिस्सा, जीएसटी से राज्यांश जैसे अनेकों लाभ तेलंगाना को मिल रहा है। पूर्व में परिस्थितियों अलग थी। हवाई, होटल और परिवहन सुविधाओं की वजह से मुख्यालय हैदराबाद में बनाया गया था, लेकिन अब छत्तीसगढ़ में वे सभी सुविधाएं विद्यमान है। खदान छत्तीसगढ़ में है तो अब मुख्यालय भी प्रदेश में ही होना चाहिए।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि 1998 में अविभाजित मध्यप्रदेश की विधानसभा में रायपुर में एनएमडीसी मुख्यालय स्थानांतरित करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किया गया था, इस प्रस्ताव की अनुशंसा केंद्र को भेजी जा चुकी है, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है, इसके लिए छत्तीसगढ़ की पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार के समय भी तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लगातार प्रयास किए, एनएमडीसी की भर्ती परीक्षा नागपुर के स्थान पर जगदलपुर और दंतेवाड़ा में लेने की शुरुआत हुई, मुख्यालय स्थानांतरित करने के लिए प्रधानमंत्री से मुलाकात और अनेकों पत्राचार किए, लेकिन केंद्र सरकार ने कोई कार्यवाही नहीं की केवल आश्वासन ही देते रहे।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के बैलाडीला क्षेत्र में भांसी, किरंदुल और बचेली में न केवल एनएमडीसी की लौह अयस्क की सभी प्रमुख खदानें हैं, बल्कि अब तो जगदलपुर के पास नगरनार में एनएमडीसी का सबसे बड़ा संयंत्र भी स्थापित हो चुका है, वहां उत्पादन भी शुरू हो गया है, लेकिन मुख्यालय अभी भी तेलंगाना में ही स्थित है। हैदराबाद में बैठे अधिकारियों के दिशा निर्देश से छत्तीसगढ़ के पूरे ऑपरेशन का संचालन हो रहा है। डबल इंजन की सरकार का दंभ भरने वाले भाजपा नेताओं, भाजपा के सांसदों और छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार को इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करना चाहिए, एनएमडीसी का मुख्यालय छत्तीसगढ़ स्थानांतरित करवाने केंद्र की मोदी सरकार पर दबाव बनाना चाहिए और भर्ती परीक्षा में छत्तीसगढ़ के युवाओं को प्राथमिकता का प्रावधान किया जाना चाहिए।
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प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के समक्ष मुख्यमंत्री साय का आत्मनिर्भर बस्तर विजन

 प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ का दूरदर्शी विकास मॉडल प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि कभी नक्सल हिंसा के लिए पहचाना जाने वाला बस्तर अब देश को विकास, रोजगार और आत्मनिर्भरता का नया मॉडल देने जा रहा है।


मुख्यमंत्री साय ने नीति आयोग के मंच पर छत्तीसगढ़ के लिए 75 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था का दीर्घकालिक लक्ष्य रखा और इसके केंद्र में ‘3T मॉडल’ (Technology, Transparency, Transformation) को बताया। उन्होंने कहा कि राज्य प्रशासन अब तकनीक आधारित, पारदर्शी और तेज़ गति से निर्णय लेने वाला बन रहा है। हर योजना को डिजिटली ट्रैक किया जा रहा है, ताकि आम जनता को समय पर और सटीक सेवाएं मिल सकें। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह मॉडल न केवल छत्तीसगढ़ को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने में सहायक होगा, बल्कि भारत के 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य में भी राज्य की अहम भूमिका सुनिश्चित करेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने वर्ष 2047 तक के लिए एक विस्तृत रणनीति तैयार की है, जिसके तहत राज्य की अर्थव्यवस्था को 6 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 75 लाख करोड़ रुपये तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस दौरान प्रति व्यक्ति आय में 10 गुना वृद्धि का अनुमान है। इस रणनीति को ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन डॉक्यूमेंट’ नाम दिया गया है, जिसमें राज्य के आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय विकास की समग्र योजना निहित है।

उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य की प्राप्ति हेतु शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना, कृषि, आईटी, पर्यटन और कौशल विकास जैसे 13 प्रमुख क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। इन सभी क्षेत्रों के बेहतर क्रियान्वयन हेतु 10 विशिष्ट मिशन प्रारंभ किए गए हैं।

बस्तर अब संघर्ष नहीं, संभावना का प्रतीक

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर अब संघर्ष का नहीं, बल्कि संभावनाओं का क्षेत्र बन गया है। बस्तर और उसके आसपास के 32 ब्लॉकों में स्किल डेवलपमेंट सेंटर खोले गए हैं, जहां युवाओं को कंप्यूटर, स्वास्थ्य सेवा, फूड प्रोसेसिंग और तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। अब यहां के बच्चे जंगल में लकड़ी चुनने के बजाय लैपटॉप और मशीनें चला रहे हैं।

उन्होंने बताया कि बस्तर में अब बड़े निवेश आ रहे हैं। नवा रायपुर में स्थापित की जा रही देश की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट और एआई डेटा सेंटर से बस्तर एवं समूचे राज्य में रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे। अब बस्तर ‘मेक इन इंडिया’ का उपयुक्त स्थल बन रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि  सरकार द्वारा मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए पुनर्वास, प्रशिक्षण और स्वरोजगार योजनाएं तैयार की गई हैं। अब बस्तर में आदिवासियों को स्वरोजगार, प्रशिक्षण और बाज़ार की सुविधाएं मिल रही हैं। स्थानीय उत्पादों की बिक्री से रोजगार के नए द्वार खुल रहे हैं। बस्तर का धुड़मारास गांव संयुक्त राष्ट्र द्वारा ‘सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव’ की सूची में शामिल किया गया है।

भौगोलिक और औद्योगिक अधोसंरचना में ऐतिहासिक निवेश

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ में रेल नेटवर्क को 1100 किलोमीटर से बढ़ाकर 2200 किलोमीटर तक ले जाने का कार्य प्रगति पर है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर 21 हजार करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। रायपुर एयरपोर्ट से अब कार्गो सेवा भी प्रारंभ हो चुकी है, जिससे राज्य एक प्रमुख लॉजिस्टिक हब के रूप में उभर रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में प्रचुर मात्रा में खनिज संपदा उपलब्ध है। विशेषकर स्टील, कोयला, डोलोमाइट और लिथियम जैसे संसाधनों की उपलब्धता के चलते छत्तीसगढ़ औद्योगिक दृष्टि से अग्रणी राज्य बनता जा रहा है। स्टील उत्पादन क्षमता को 28 मिलियन टन से बढ़ाकर 45 मिलियन टन और बिजली उत्पादन को 2030 तक देश में शीर्ष स्थान तक ले जाने का लक्ष्य है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जहां लिथियम ब्लॉक की सफल नीलामी हुई है। यह उपलब्धि ग्रीन एनर्जी और इलेक्ट्रिक वाहनों के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक सिद्ध होगी।

प्रशासनिक नवाचार और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन

मुख्यमंत्री श्री  साय ने राज्य सरकार द्वारा किए गए 350 से अधिक नीतिगत सुधारों की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि जमीन पंजीकरण जैसे कार्य अब केवल 500 रुपये में घर बैठे संभव हो गए हैं। नई औद्योगिक नीति के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में प्ले स्कूल, हॉस्पिटल और कॉलेज खोलने वालों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

नीति आयोग में छत्तीसगढ़ के 2047 रोडमैप की प्रमुख बातें

1. छत्तीसगढ़ - ऊर्जा और उद्योग की रीढ़

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ बिजली, कोयला, स्टील और सीमेंट जैसे संसाधनों के माध्यम से भारत की औद्योगिक नींव को सुदृढ़ करता है। छत्तीसगढ़ की यह विशिष्टता देश के आर्थिक विकास को मजबूत आधार प्रदान करती है।

2. खेती और जंगल – ग्रामीण समृद्धि का आधार

कृषि, मछलीपालन और वनोपज आधारित आजीविका से ग्रामीणों और आदिवासियों की आय और आत्मनिर्भरता बढ़ी है जो आदिवासी और ग्रामीण जीवन की दिशा में सकारात्मक परिवर्तन को परिलक्षित करता है।

3. आदिवासी अधिकारों में नई क्रांति

आदिवासी परिवारों को जमीन का अधिकार पाने की प्रक्रिया सरल होने से आदिवासियों का सुरक्षा और सम्मान बढ़ेगा, जो सामाजिक न्याय और अधिकारों की दिशा में क्रांतिकारी पहल है।

4. HHH मॉडल से पर्यटन को नया विस्तार:
HHH मॉडल के माध्यम से हॉस्पिटैलिटी, हाउसिंग और हैंडीक्राफ्ट के जरिए स्थानीय महिलाओं और कारीगरों को रोजगार मिलने के साथ ही छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान मिलेगी।

5. डिजिटल बदलाव से प्रशासन में पारदर्शिता और गति

अब सरकारी कामों में तकनीक का ज़्यादा इस्तेमाल हो रहा है। छत्तीसगढ़ ने “3T” मॉडल अपनाया  है – टेक्नोलॉजी, ट्रांसपेरेंसी और ट्रांसफॉर्मेशन। इसका मतलब है कि सरकारी काम अब साफ-सुथरे और जल्दी होंगे। ऑनलाइन फॉर्म, समय पर सेवाएं और आसान प्रक्रिया से जनता का भरोसा बढ़ेगा। यह भ्रष्टाचार को घटाकर जनता के विश्वास को मजबूत करता है।

6. नीतिगत नेतृत्व में अग्रणी राज्य

मुख्यमंत्री ने बताया कि अब छत्तीसगढ़ सिर्फ संसाधन बहुल राज्य नहीं, बल्कि नीति और प्रशासन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बन रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के “न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन” के विचार को छत्तीसगढ़ पूरी लगन से लागू कर रहा है। अब तक 350 से ज्यादा सरकारी सुधार किए गए हैं।
 
7. सड़क परिवहन और हवाई सुविधाओं की बढ़ी रफ्तार: 11 साल में 21,380 करोड़ से नई सड़कें बनीं। अब जगदलपुर, बिलासपुर और अंबिकापुर एयरपोर्ट का सीधा सम्पर्क  देश के विभिन्न क्षेत्रों से बन चुका है।

8. रेल सुविधाओं  का विस्तार: राज्य में 161 साल में 1100 किमी रेल लाइन बनी थी। अब 2030 तक ये दोगुनी होकर 2200 किमी होगी जो कनेक्टिविटी को बढ़ाने में अत्यंत महत्वपूर्ण होगा।
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