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कैम्पा मद का नियमानुसार हो समुचित उपयोग : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ कैम्पा की गवर्निंग बॉडी की तृतीय बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय ने निर्देश दिए कि कैम्पा मद का समुचित उपयोग नियमानुसार किया जाए। उन्होंने बैठक में कैम्पा के अंतर्गत संचालित कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का 44 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छादित है। हमारे प्रदेश में भरपूर वन संपदा उपलब्ध है। देश में भौगोलिक क्षेत्रफल के अनुसार छत्तीसगढ़ का स्थान दसवां है, जबकि वन क्षेत्रफल की दृष्टि से राज्य तीसरे पायदान पर है। वनों के संरक्षण एवं संवर्धन में कैम्पा मद की राशि की महत्वपूर्ण भूमिका है, अतः इसका उपयोग आवश्यकतानुरूप प्राथमिकताओं के आधार पर किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कैम्पा मद के अंतर्गत विगत वर्षों में किए गए वन विकास, वन सुरक्षा, वन्यप्राणी संरक्षण तथा अधोसंरचना विकास से संबंधित कार्यों की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी (कैम्पा) द्वारा गवर्निंग बॉडी के समक्ष अब तक की प्रगति तथा कैम्पा मद से संपादित महत्वपूर्ण कार्यों का प्रस्तुतीकरण किया गया।

बैठक में बताया गया कि कैम्पा मद के अंतर्गत वन क्षेत्रों में वृक्षारोपण, वनग्रामों का पुनर्स्थापन, भू-जल संरक्षण, देवगुड़ियों का संरक्षण, वन मार्गों का उन्नयन, पुलिया एवं रपटा निर्माण, चारागाह विकास, नर्सरियों की स्थापना, हाईटेक बेरियरों का निर्माण, नदी तट वृक्षारोपण, फ्रंटलाइन स्टाफ हेतु आवासीय भवन, अग्नि सुरक्षा तथा वन्यप्राणी प्रबंधन जैसे कार्यों का क्रियान्वयन किया गया है।

छत्तीसगढ़ कैम्पा की गवर्निंग बॉडी को अवगत कराया गया कि वर्ष 2019-20 से 2024-25 तक राज्य के ब्याज धारित लोक खाता ‘छत्तीसगढ़ प्रतिकरात्मक वनरोपण निधि’ में भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, नई दिल्ली से कुल 7297.55 करोड़ रुपए की राशि प्राप्त हुई है, जिसमें से विगत छह वर्षों में 4010.43 करोड़ रुपए का उपयोग किया गया है।

कैम्पा मद की वार्षिक कार्य योजना (एपीओ) 2025-26 के लिए राज्य कैम्पा द्वारा भारत सरकार के राष्ट्रीय कैम्पा को 694.18 करोड़ रुपए की योजना प्रस्तावित की गई है, जिसके विरुद्ध अब तक 433.69 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। 

बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह, प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग  निहारिका बारीक सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजू एस., सचिव आवास एवं पर्यावरण विभाग अंकित आनंद, सचिव वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग  अमरनाथ प्रसाद, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख  वी. श्रीनिवास राव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
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दंतेवाड़ा के युवाओं की आत्मनिर्भरता की ओर प्रेरणादायक यात्रा

 कभी चुनौतियों से जूझते रहे दंतेवाड़ा के युवाओं के जीवन में अब उम्मीद की एक नई किरण जगी है। यह बदलाव आया है एक अनोखी और अभूतपूर्व पहल के माध्यम से जिसके केंद्र में हैं भारतीय प्रबंधन संस्थान आईआईएम रायपुर, दंतेवाड़ा जिला प्रशासन और छत्तीसगढ़ सरकार। 

13 जून 2025 को जब आईआईएम रायपुर में उद्यमिता सर्टिफिकेट प्रोग्राम बैच-2 का समापन हुआ, तो मंच पर केवल प्रमाण पत्र नहीं बांटे गए, बल्कि युवाओं के सपनों को पंख दिए गए। यह दो महीने का आवासीय कार्यक्रम, जिसमें दंतेवाड़ा के 50 चयनित युवाओं को उद्योग, व्यवसाय और नवाचार के विविध आयामों की गहराई से शिक्षा दी गई। 

दंतेवाड़ा के युवा, जो कभी सीमित अवसरों और अस्थिर परिस्थितियों के बीच जीते थे, अब अपने व्यवसायिक सपनों की स्पष्ट तस्वीर देख पा रहे हैं। आईआईएम में उद्यमिता प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके दंतेवाड़ा के राकेश यादव का कहना है कि इस प्रशिक्षण ने सिखाया कि हमारे जंगल का महुआ और इमली भी रोज़गार का आधार बन सकते हैं।अब मैं सिर्फ सपने नहीं देखता, उन्हें साकार करने की दिशा में बढ़ चुका हूं। किरंदुल के अभिषेक गुप्ता, बीजापुर के तेजस्व कुमार और नीलम पांडे जैसे प्रतिभागियों ने बताया कि आईआईएम का प्रशिक्षण उनके जीवन के लिए एक टर्निंग प्वाइंट साबित हो रहा है। शिल्पा कुमारी जो बचेली से है ने कहा कि  प्रशिक्षण से हमनें न केवल व्यवसाय शुरू करने की तकनीक सीखी बल्कि हमें यह भी ज्ञान मिला कि कैसे हम अपने क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा का उपयोग करके आत्मनिर्भर बन सकते है। कभी संसाधनों की कमी से जूझने वाले ये युवा अब उद्यमिता के प्रशिक्षण से आत्मविश्वास से भर चुके हैं।

इस कार्यक्रम की सफलता में अहम भूमिका निभाई दंतेवाड़ा जिला प्रशासन ने। कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत की पहल और सतत् मार्गदर्शन से यह सपना साकार हुआ। प्रशासन ने न केवल युवाओं की पहचान की, बल्कि उन्हें आईआईएम रायपुर जैसे संस्थान में भेजकर यह दिखा दिया कि अगर सोच बदल दी जाए, तो हालात भी बदल सकते हैं।

आईआईएम रायपुर ने 23 अप्रैल से 13 जून तक इन युवाओं को केवल प्रशिक्षण नहीं दिया, बल्कि उनके अंदर के नेतृत्व और नवाचार की चिंगारी को ज्वाला में बदल दिया। व्यवसाय योजना बनाना, मार्केटिंग, ब्रांडिंग, मूल्य संवर्धन, डिजिटल उपकरणों का प्रयोग आदि हर पहलू को व्यावहारिक तरीके से सिखाया गया।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रशिक्षण के दौरान युवाओं से मिलकर उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि बस्तर के युवाओं में असीम ऊर्जा है। यदि सही दिशा और प्रशिक्षण मिले, तो वे न केवल अपने लिए, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा बन सकते हैं। मुख्यमंत्री के सहज, व्यावहारिक और उत्साहवर्धक नेतृत्व ने प्रतिभागियों में नया आत्मबल भर दिया।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि बस्तर के भविष्य की नींव है। जो क्षेत्र कभी संघर्ष और अशांति के लिए जाना जाता था, अब वहां महुआ आधारित उद्योग, इमली प्रसंस्करण इकाइयाँ, और स्थानीय पर्यटन जैसे नए व्यवसाय पनप रहे हैं। यह कहानी केवल दंतेवाड़ा के 50 युवाओं की नहीं, बल्कि पूरे बस्तर की है। एक ऐसे बस्तर की जो अब नकारात्मक छवियों से ऊपर उठकर उद्यमिता, आत्मनिर्भरता और समावेशी विकास की मिसाल बन रहा है। जिला प्रशासन और आईआईएम रायपुर के इस सामूहिक प्रयास ने यह साबित कर दिया कि अगर मंशा साफ हो और मार्गदर्शन सटीक, तो हर बाधा अवसर में बदली जा सकती है।
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मुख्यमंत्री साय से बीसीसीआई उपाध्यक्ष श्री राजीव शुक्ला ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ से राज्यसभा सांसद एवं भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के उपाध्यक्ष श्री राजीव शुक्ला ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री साय ने राजीव शुक्ला का कोसा वस्त्र एवं बेल मेटल से निर्मित स्मृति चिन्ह भेंटकर आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ में क्रिकेट सहित अन्य खेलों को बढ़ावा देने से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ में खेल अधोसंरचना के विस्तार एवं खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अवसर दिलाने की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
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छत्तीसगढ़ में आवागमन होगा और सुगम:बस्तर अंचल को मिला बड़ा तोहफा

 मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी  द्वारा 307.96 करोड़ रुपए की लागत से पेव्ड शोल्डर मानक के साथ 4 लेन में केशकाल बाईपास निर्माण की स्वीकृति प्रदान करने पर प्रदेशवासियों विशेषकर बस्तर अंचल की जनता की ओर से हार्दिक आभार प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि यह बाईपास केशकाल घाट खंड में यातायात बाधाओं को दूर कर सुगम, सुरक्षित व निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करेगा। 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार में तेजी से बस्तर अंचल का विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह स्वीकृति केंद्र और राज्य  सरकार की समन्वित विकास नीति का परिणाम है, जो बस्तर जैसे जनजातीय अंचल को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक और ठोस कदम है। इस ऐतिहासिक स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री  साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की दूरदृष्टि और पहल के लिए आभार जताते हुए इसे बस्तर के विकास के लिए निर्णायक कदम बताया है।

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-43 (नया NH-30) पर केशकाल घाट खंड को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए 307.96 करोड़ रुपए की लागत से 11.380 किलोमीटर लंबा 4-लेन बाईपास निर्माण अपग्रेड की स्वीकृति दी गई है। यह बाईपास पेव्ड शोल्डर मानक के अनुरूप होगा और इसके बनने से बस्तर अंचल में कनेक्टिविटी को नया आयाम मिलेगा। यह परियोजना विशेष रूप से केशकाल घाट के कठिन भौगोलिक खंड को पार करने में सहूलियत प्रदान करेगी। 

बाईपास के निर्माण से न केवल वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा, बल्कि वाहन चालकों को तेज, सुगम और निर्बाध यात्रा का अनुभव भी मिलेगा। 
बाईपास निर्माण से शहरी क्षेत्रों में यातायात का दबाव कम होगा, जिससे स्थानीय नागरिकों को जाम और दुर्घटना की समस्या से राहत मिलेगी। इसके साथ ही प्रदूषण के स्तर में भी गिरावट आएगी, जिससे पर्यावरणीय संतुलन को भी बढ़ावा मिलेगा।
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रक्षा, एयरोस्पेस और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में निवेश का नया केंद्र बनने की ओर छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ राज्य अब केवल खनिज और कृषि प्रधान राज्य नहीं रह गया है, बल्कि तकनीकी नवाचार और रणनीतिक उद्योगों का नया गढ़ बनकर उभरने की दिशा में अग्रसर है। इस परिवर्तन की आधारशिला मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में रखी गई है, जिन्होंने न केवल राज्य की औद्योगिक नीतियों को समकालीन और रोजगारोन्मुख बनाया, बल्कि रक्षा, एयरोस्पेस और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में निवेश को आकर्षित करने के लिए ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं।


मुख्यमंत्री श्री साय की अध्यक्षता में हाल ही में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में इन उन्नत प्रौद्योगिकी क्षेत्रों के लिए पृथक औद्योगिक प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की गई। यह पैकेज न केवल इन क्षेत्रों में निवेश को आकर्षित करेगा, बल्कि राज्य के युवाओं के लिए सेवा और रोजगार के अवसरों के नए द्वार भी खोलेगा।

छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के अंतर्गत तैयार किया गया यह विशेष पैकेज अत्याधुनिक उद्योगों की स्थापना और विस्तार को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। रक्षा, एयरोस्पेस और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी से जुड़े उद्यमों को स्थायी पूंजी निवेश के आधार पर 100 प्रतिशत तक की एसजीएसटी प्रतिपूर्ति या वैकल्पिक रूप से पूंजी अनुदान की सुविधा दी जाएगी। 50 करोड़ से लेकर 500 करोड़ से अधिक के निवेश करने वाली इकाइयों के लिए 35 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाएगी, जिसकी अधिकतम सीमा 300 करोड़ रुपये तक तय की गई है। इसके साथ ही, निवेशकों को ब्याज अनुदान, विद्युत शुल्क में छूट, स्टाम्प और पंजीयन शुल्क में रियायतें, भूमि उपयोग परिवर्तन शुल्क में छूट, रोजगार सृजन पर आधारित प्रोत्साहन, ईपीएफ प्रतिपूर्ति और प्रशिक्षण अनुदान जैसी सुविधाएं भी दी जाएंगी।

इस नीति का सबसे प्रभावशाली पहलू यह है कि इसमें स्थानीय युवाओं के लिए स्थायी रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी गई है। जो उद्योग छत्तीसगढ़ के निवासियों को पहली बार रोजगार देंगे, उन्हें दिए गए वेतन का 20 प्रतिशत तक अनुदान भी मिलेगा। यह राज्य सरकार की उस सोच का परिणाम है, जिसमें ‘विकास’ केवल आंकड़ों तक सीमित न रहकर आम जनता के जीवनस्तर में वास्तविक सुधार का माध्यम बने। 

रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास की स्थापना पर व्यय का 20 प्रतिशत तक अनुदान, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना पर पूंजी निवेश अनुदान तथा ड्रोन प्रशिक्षण केंद्रों के लिए विशेष सहायता जैसी व्यवस्थाएं राज्य को प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और अग्रणी बनाएंगी। जो इकाइयां 1000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करेंगी या 1000 से अधिक लोगों को रोजगार देंगी, उन्हें अतिरिक्त औद्योगिक प्रोत्साहन भी मिलेगा। इससे वैश्विक और राष्ट्रीय स्तर की बड़ी कंपनियों को राज्य में निवेश हेतु प्रोत्साहन मिलेगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का मानना है कि छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश के नए अवसरों के साथ ही रोजगार, तकनीकी शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार का एक समेकित पारिस्थितिकी तंत्र तैयार किया जाए। छत्तीसगढ़ का युवा केवल नौकरी खोजने वाला न बने, बल्कि नौकरी देने वाला भी बने। यह औद्योगिक नीति मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे राष्ट्रीय अभियानों के अनुरूप राज्य को नई पहचान दिलाने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है। छत्तीसगढ़ अब पारंपरिक उद्योगों से आगे बढ़ते हुए रक्षा और एयरोस्पेस जैसे उच्च तकनीक क्षेत्रों में निवेश का गंतव्य बनता जा रहा है। यह न केवल राज्य की आर्थिक समृद्धि को गति देगा, बल्कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को सपनों की नई ऊंचाई तक ले जाने का मार्ग भी खोलेगा।
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संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और समय-समय पर जांच ही रोगों से बचाव का मूल मंत्र : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि अच्छा स्वास्थ्य ही जीवन की सबसे बड़ी संपदा है। यदि हम संतुलित आहार लें, नियमित रूप से व्यायाम करें और समय-समय पर स्वास्थ्य की जांच कराएं, तो अनेक बीमारियों से बचा जा सकता है। मुख्यमंत्री आज राजधानी रायपुर के केनाल रोड स्थित झूलेलाल धाम में आयोजित भव्य निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर को संबोधित कर रहे थे।


पूज्य बाबा गुरुदास राम साहेब जी की 94वीं जयंती के अवसर पर इस स्वास्थ्य शिविर का आयोजन पूज्य शदाणी सेवा मंडल, पूज्य बाबा गरीबदास सेवा मंडल, पूज्य छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत, भारतीय सिंधु सभा तथा पूज्य कंधकोट पंचायत द्वारा स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में नागरिकों ने स्वास्थ्य जांच कराई और आयुष्मान कार्ड भी बनवाए। शिविर में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने अपनी सेवाएं प्रदान की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज की अनियमित जीवनशैली, मिलावटी खानपान और प्रदूषित वातावरण के कारण बीपी और डायबिटीज जैसी बीमारियाँ अब आम हो चुकी हैं। यहां तक कि ग्रामीण क्षेत्रों के मेहनतकश लोग भी अब इन बीमारियों से अछूते नहीं हैं। ऐसे में इस तरह के स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन अत्यंत सराहनीय पहल है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सिंधी समाज की सेवा भावना की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह समाज प्रारंभ से ही सामाजिक सरोकारों में अग्रणी रहा है। उन्होंने स्मरण करते हुए कहा कि जब वे रायगढ़ से सांसद थे, तब से वे सिंधी समाज के विभिन्न कार्यक्रमों में सम्मिलित होते रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य अपने रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है और इस अवधि में स्वास्थ्य सहित सभी क्षेत्रों में चौतरफा विकास हुआ है। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिहाज से छत्तीसगढ़ आज मेडिकल हब के रूप में उभर रहा है। राज्य निर्माण के समय जहाँ केवल एक मेडिकल कॉलेज था, वहीं अब शासकीय एवं निजी क्षेत्र मिलाकर 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। निजी क्षेत्र में सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों की स्थापना भी हुई है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पतालों की चिकित्सा व्यवस्थाएं सुदृढ़ हुई हैं। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी प्रारंभ किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को बेहतर इलाज की सुविधा देने हेतु केंद्र और राज्य सरकार द्वारा अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा शुरू की गई आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीबों को 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही, 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिकों को वय वंदन योजना के अंतर्गत इलाज हेतु 5 लाख रुपये तक की सहायता दी जा रही है। इसी प्रकार, राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना के अंतर्गत गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए 25 से 30 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाती है। मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से भी पात्र मरीजों को आर्थिक सहायता दी जाती है।

मुख्यमंत्री ने अंत में स्वास्थ्य शिविर के संयोजक श्री अमित चिमनानी एवं शिविर में सेवा प्रदान करने वाले डॉक्टरों को सम्मानित किया। 

इस अवसर पर विधायक श्री गुरु खुशवंत साहेब, धमतरी महापौर श्री रामू रोहरा, छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, कार्यक्रम संयोजक श्री अमित चिमनानी, भारतीय सिंधु सभा के अध्यक्ष श्री लधाराम जी, छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत के अध्यक्ष श्री महेश दरयानी सहित सिंधी समाज के सेवादार, विशेषज्ञ डॉक्टर एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
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कांग्रेस ने जारी किया सुकमा राजीव भवन निर्माण के व्यय का ब्योरा

कांग्रेस ने अपने सुकमा जिला कांग्रेस के भवन निर्माण के खर्च का ब्योरा सार्वजनिक किया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सुकमा जिला कांग्रेस भवन का पूरा खर्च प्रदेश कांग्रेस ने किया है, उसके निर्माण में लगे एक-एक रूपये का पूरा हिसाब और भुगतान चेक के माध्यम से किया गया है। प्रदेश कांग्रेस ने इस पूरे खर्च का बकायदा ऑडिट भी करवाया है। ईडी ने जब सुकमा जिला कांग्रेस के निर्माण के संबंध में जानकारी मांगी थी उनको भी पूरी जानकारी लिखित में उपलब्ध कराया गया था। उसके बाद भी ईडी ने विद्वेषपूर्वक कांग्रेस के जिला कार्यालय को अटैच किया है।


प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने बताया कि सुकमा जिला कांग्रेस भवन के निर्माण की कुल लागत 65,84,444 रूपया है, जिसमें भूमि आबंटन के लिए सरकार के पास भू-भाटक के रूप में 1242618 रू. चालान के माध्यम से चालान क्र. क्यू 639 से जमा किया गया। भवन निर्माण के लिए लगने वाली सामग्री का भुगतान अनीश हार्डवेयर एवं जनरल सप्लायर को चेक दिनांक 07.06.2021 को यूको बैंक चेक क्र. 000012 से 12,00,000 रूपया, चेक दिनांक 21.06.2021 को यूको बैंक चेक क्र. 000015 से 15,48,080 रूपया, चेक दिनांक 23.07.2021 को यूको बैंक चेक क्र. 000020 से 15,38,025 रुपया भुगतान किया गया। ठेकेदार संग्राम दास उर्फ विक्रम पाण्डेय को चेक दिनांक 07.08.2021 को यूको बैंक चेक क्र. 000024 से 993600 रू. दिया गया। भुगतान के पूर्व प्रदेश कांग्रेस ने टीडीएस काटा है जिसकी पूरी जानकारी कांग्रेस के बही खाते में है। सुकमा भवन निर्माण का पूरा खर्च पारदर्शी है जिसे कांग्रेस ने अपने कार्यकर्ताओं के सहयोग से बनाया है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि निर्माण खर्चे का पूरा ब्योरा देने के बाद भी कांग्रेस के कार्यालय को राजनैतिक विद्वेष के कारण अटैच किया गया है। इसके निर्माण के लागत के आय का पूरा हिसाब कांग्रेस के पास है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस के भवन का खर्च सार्वजनिक है। ईडी में साहस है तो वह भाजपा के 150 करोड़ रू. की लागत से बने भाजपा कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे का रुपया कहां से आया इसकी जांच करे? कुशाभाऊ ठाकरे परिसर फाईव स्टार होटल की तर्ज पर बनाया गया है। उसकी लागत कहां से आई ईडी जांच करेगी? रायपुर में ही भाजपा के कार्यालय एकात्म परिसर की जमीन राजनैतिक दल के कार्यालय के लिये भाजपा ने 1 रू. में हासिल किया था। एकात्म परिसर को व्यवसायिक काम्प्लेक्स में तब्दील कर दिया गया, जहां से 1.5 करोड़ रूपया किराया भाजपा वसूलती है, ईडी उसकी जांच करेगी? भाजपा के जिला कार्यालयों की लागत का भी ईडी हिसाब मांगेगी? भाजपा के पितृ संगठन आरएसएस ने 500 करोड़ की लागत से दिल्ली में अपना दफ्तर बनाया है, इस रकम के स्रोत की ईडी जांच क्यों नहीं करती है? ईडी ने भाजपा के अनुषांगिक संगठन की भांति काम कर रही है। कांग्रेस कार्यालय की जांच हो सकती है तो भाजपा के कार्यालयों की जांच क्यों नहीं होना चाहिए?
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भाजपा की केंद्र सरकार के कहने पर ईडी ने सुकमा राजीव भवन को अटैच किया- दीपक बैज, अध्यक्ष, प्रदेश कांग्रेस

पत्रकारों से चर्चा करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि ईडी भाजपा के अनुषांगिक संगठन की भांति काम कर रही है। मोदी सरकार और भाजपा के इशारे पर ही ईडी ने सुकमा कांग्रेस भवन को अटैच किया है। कांग्रेस ने सुकमा दफ्तर को बनाने का पूरा हिसाब-किताब ईडी को भेजा था, उसके बावजूद यह कार्यवाही की गयी है। यह लोकतंत्र पर प्रहार है। इसके विरोध में कांग्रेस ने आज प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में ईडी का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया।


गर्मियों को देखते हुए स्कूलों की छुट्टियां 30 जून तक बढ़ाई जाये

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि प्रदेश में भीषण गर्मी पड़ रही है अतः बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए सरकार नया शिक्षा सत्र 1 जुलाई से शुरू करे। स्कूलों की छुट्टियां 30 जून तक बढ़ाई जाये।

रायगढ़ में गरीबों का आशियाना उजाड़ना अमानवीय

रायगढ़ में प्रदेश शासन के एक मंत्री के इशारे पर 300 से अधिक मकानों को तोड़े जाने की प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कड़ी निंदा किया है। भाजपा सरकार का यह कदम गरीब विरोधी है, जो विकास गरीबों के आशियाना को उजाड़ कर किया जाये वह विकास नहीं विनाश होता है। भाजपा की सरकार बनने के बाद पूरे प्रदेश में गरीबों को परेशान किया जा रहा है। कांग्रेस, सरकार के इस कदम का विरोध करती है। इस मामले की तहकीकात के लिए कांग्रेस ने जांच कमेटी भी बनाया है।

33 लाख मीट्रिक टन धान की सुरक्षा पर ध्यान दे सरकार

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि समर्थन मूल्य पर खरीदा गया लगभग 33 लाख मीट्रिक टन अतिशेष धान संग्रहण केंद्रों पर पड़ा है। बारिश का मौसम आ चुका है। सरकार इस धान को बारिश से भीगने से बचाने की समुचित व्यवस्था करे। भाजपा डबल इंजन सरकार की दुहाई देती है। मोदी सरकार राज्य के पूरे चावल को सेंट्रल पुल में खरीद लेती तो यह धान खुले में नहीं रहता। मुख्यमंत्री साय, प्रधानमंत्री से सेंट्रल पुल का कोटा बढ़ाने के लिए कहे। आज सरकार 3100 रू. में खरीदे गये धान को 1800 में बेच रही फिर भी खरीददार नहीं मिल रहे। सेंट्रल पुल में चावल का कोटा बढ़ने से समस्या खत्म हो जायेगी।

सरकार डीएपी एवं अन्य उर्वरकों की व्यवस्था करे

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि मानसून आने ही वाला है सोसायटियों में खाद बीज नहीं पहुंचने से किसान परेशान है। सरकार प्रदेश की सभी सोसायटियों में डीएपी सहित अन्य उर्वरकों तथा बीज की पर्याप्त व्यवस्था करे। रबी का धान छत्तीसगढ़ के किसानों की प्रमुख ऊपज है, किसानों की आय का बड़ा आधार है। सरकार यदि खाद बीज नहीं उपलब्ध करायेगी तो किसान परेशानी में पड़ जायेंगे।

ट्रेनें रद्द, आम आदमी परेशान

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि लोग छुट्टियों से वापस आने के लिए परेशान हो रहे है। महीनों पहले कराया गया रिजर्वेशन करवाकर लोगों ने यात्रा का प्लान बनाया था लेकिन मोदी सरकार के रेल विरोधी रवैये के कारण ट्रेनें कैंसिल हो रही, आम आदमी परेशान हो रहा। ट्रेनें रद्द होना, लेटलतीफ चलना मोदी सरकार में आम हो चुका है। आज भी छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली दर्जनों ट्रेनें रद्द है।

सरकार के युक्तियुक्तकरण की हठधर्मिता से शिक्षा व्यवस्था बर्बाद

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि 10,463 स्कूल जबरिया बंद कर दिये गये। नये सेटअप के नाम पर 30 हजार प्राथमिक शाला, 15 हजार मिडिल स्कूलों, 9000 हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी स्कूलों में न्यूनतम पदों की संख्या में कटौती करके सीधे तौर पर शिक्षकों के 45,000 पदों को समाप्त कर दिया है। छात्र, शिक्षक अनुपात बढ़ा दिये गये, रसोईया और स्वीपर निकाले जा रहे। शिक्षकों का भयादोहन किया जा रहा है, न अतिशेष की सूची जारी की गई, न आधार बताया गया। बिना दावा आपत्ति के मनमाने तरीके से शिक्षकों पर अनुचित दबाव बनाया गया। अपने चहेतों को अतिशेष की सूची से बाहर रखा, शहरों के स्कूलों के रिक्त पदों को छुपाया गया। भ्रष्टाचार करके पैसे लेकर पद स्थापना की जा रही है।
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शासन की योजनाओं से सशक्त बनी जशपुर की उद्यमी महिला लालमती

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित महिला सशक्तिकरण की योजनाएं अब धरातल पर सकारात्मक परिणाम देने लगी हैं। इसकी एक प्रेरणादायी मिसाल हैं जशपुर जिले के गम्हरिया ग्राम की श्रीमती लालमती, जिन्होंने शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभ लेकर आत्मनिर्भरता की मिसाल कायम की है। उन्होंने अपने दृढ़ संकल्प और मेहनत से न सिर्फ स्वयं की पहचान बनाई, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं को भी प्रेरित किया है।

 लालमती का जीवन एक साधारण मजदूर से सफल उद्यमी बनने की कहानी है। जब वे प्रजापति गौरी स्व-सहायता समूह से जुड़ीं, तब उन्हें बिहान योजना के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ मिला। उन्होंने उद्योग विभाग से लोन प्राप्त कर शटरिंग प्लेट का व्यवसाय प्रारंभ किया और बाद में जनवरी 2025 में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत ऋण लेकर अपने व्यवसाय को विस्तार दिया।

आज श्रीमती लालमती के पास 200 से अधिक शटरिंग प्लेट हैं, जो वे निजी भवनों एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन आवासों की छत ढलाई हेतु किराये पर उपलब्ध कराती हैं। फरवरी 2025 से अब तक इस व्यवसाय से उन्हें लगभग 35,000 से 40,000 रुपये की आय हुई है। यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है क्योंकि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गांव में कई मकानों का निर्माण कार्य चल रहा है।

श्रीमती लालमती ने  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय  के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि, यदि शासन की योजनाओं का साथ न होता, तो मैं आज इस मुकाम तक नहीं पहुंच पाती। शासन ने हमें हौसला दिया, साधन उपलब्ध कराए और नई राह दिखाई।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार का यह दृढ़ संकल्प है कि ग्रामीण अंचलों की महिलाएं आत्मनिर्भर बनें और आर्थिक गतिविधियों में अग्रणी भूमिका निभाएं। बिहान, मुद्रा योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से हम महिलाओं को न केवल वित्तीय सहयोग दे रहे हैं, बल्कि उन्हें प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और बाज़ार तक पहुँच भी प्रदान कर रहे हैं। श्रीमती लालमती जैसी महिलाएं छत्तीसगढ़ की नई सामाजिक-आर्थिक चेतना की प्रतीक हैं।छत्तीसगढ़ शासन की प्राथमिकता है कि हर महिला अपने पैरों पर खड़ी हो, सम्मान के साथ जीवन जिए और दूसरों के लिए प्रेरणा बने।
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बस्तर में बदल रही तस्वीर, नक्सल हिंसा की जगह अब छाई खुशियां

 छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में, जहां कभी गोलियों की गूुज सुनाई देती थीं, वहां अब हर जगह खुशी और उल्लास की गूंज सुनाई देती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन और छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सल पुनर्वास नीति व नियद नेल्लानार योजना के प्रभाव से माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटे युवक-युवतियों और नक्सल पीड़ितों ने नई जिंदगी की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत बस्तर संभाग में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह इस बदलाव के साक्षी बने हैं।

सुकमा के मिनी स्टेडियम में 13 जनवरी 2025 को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में दो आत्मसमर्पित नक्सली जोड़ों मौसम महेश-हेमला मुन्नी और मड़कम पाण्डू-रव्वा भीमे ने वैदिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह रचाया। ये चारों जून 2024 में नक्सल संगठन छोड़कर आत्मसमर्पण कर चुके थे। मुख्यमंत्री ने नवदंपतियों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखमय जीवन की कामना की। इस अवसर पर श्री साय ने सुकमा जिले को 206 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात भी दी। नवदंपतियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार की जनहितैषी नीतियों और पुनर्वास योजनाओं ने उन्हें हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति और विकास की राह अपनाने के लिए प्रेरित किया।

दंतेवाड़ा में 220 जोड़ों का सामूहिक विवाह, पूवर्ती की नक्सल पीड़िता ने जवान संग रचाई शादी

दंतेवाड़ा के मेंढका डोबरा में मंदिर परिसर में 20 दिसंबर 2024 को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 220 जोड़ों ने परिणय सूत्र में बंधकर गृहस्थ जीवन शुरू किया। इनमें पूवर्ती गांव की एक नक्सल पीड़िता और वहां तैनात जवान का जोड़ा भी शामिल था। पूवर्ती, जो कभी खूंखार नक्सली हिड़मा और देवा का गढ़ था, अब सरकार की योजनाओं और सुरक्षा बलों की मौजूदगी से भयमुक्त होकर खुशहाली की ओर अग्रसर है। नियद नेल्लानार योजना के तहत धुरली गांव के दो जोड़ों सीमा भास्कर-रमेश भास्कर और सुंदरी तेलाम-धन्नु कुंजाम ने भी विवाह रचाया। सभी नवदंपतियों के बैंक खातों में 35 हजार रुपये की राशि हस्तांतरित की गई।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना: निर्धन परिवारों का सहारा

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना ने बस्तर के निर्धन परिवारों को नया जीवन दिया है। योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को 50 हजार रुपये की सहायता दी जाती है, जिसमें 35 हजार रुपये सीधे वधु के खाते में हस्तांतरित होते हैं। श्री विष्णु देव साय सरकार के कार्यकाल में अब तक 15 हजार से अधिक जोड़ों का विवाह इस योजना के तहत संपन्न हो चुका है।

बस्तर में शांति और विकास की नई इबारत

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सल विरोधी कार्रवाइयों और कल्याणकारी योजनाओं ने बस्तर के ग्रामीणों का हौसला बढ़ाया है। आत्मसमर्पित नक्सलियों को रोजगार, आवास और आर्थिक सहायता के माध्यम से सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिल रहा है। बस्तर संभाग के इन विवाह समारोहों ने साबित कर दिया कि प्यार, विश्वास और सहानुभूति से हिंसा और नफरत को हराया जा सकता है। बस्तर अब नक्सलवाद के अंधेरे से निकलकर शांति, प्रेम और विकास की रोशनी में चमक रहा है।

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मुख्यमंत्री श्री साय की अभिनव पहल: डिजीलॉकर के माध्यम से लाखों पेंशनरों को बड़ी राहत

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शासकीय कार्यों में पारदर्शिता, दक्षता और डिजिटल सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए उल्लेखनीय कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री श्री साय की पहल पर राज्य के वित्त विभाग एवं पेंशन संचालनालय द्वारा डिजीलॉकर प्लेटफॉर्म के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक पेंशन भुगतान आदेश (ePPO) और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की डिजिटल उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। यह पहल राज्य सरकार के डिजिटलीकरण संकल्प की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है।


राज्य के लगभग 3.61 लाख सरकारी कर्मचारी और 1.50 लाख पेंशनभोगी अब डिजीलॉकर के माध्यम से अपने जीपीएफ स्टेटमेंट, अंतिम भुगतान आदेश, पेंशन प्रमाण पत्र और पेंशन भुगतान आदेश जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों को कहीं से भी, कभी भी, सुरक्षित एवं प्रमाणिक रूप में प्राप्त कर सकते हैं। इस सुविधा से दस्तावेजों की फिजिकल प्रतियों पर निर्भरता समाप्त हो जाएगी और कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से भी राहत मिलेगी, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अभिनव पहल के सफल क्रियान्वयन के लिए पेंशन संचालनालय की तकनीकी दक्षता, दस्तावेजों के डिजिटलीकरण में की गई मेहनत तथा डिजीलॉकर प्लेटफ़ॉर्म के साथ किए गए समन्वय की  सराहना की । यह कदम न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सक्षम बना रहा है, बल्कि नागरिकों में विश्वास और संतोष भी बढ़ा रहा है।

यह पहल भारत सरकार के डिजिटल इंडिया मिशन की भावना के अनुरूप छत्तीसगढ़ की ओर से एक उदाहरण बनकर उभरी है। मुख्यमंत्री श्री साय की इस पहल से पेंशनरों, कर्मचारियों और प्रशासन—तीनों को सीधा लाभ मिल रहा है।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गुजरात में हुई विमान दुर्घटना पर जताया गहरा शोक

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गुजरात के अहमदाबाद में हुई विमान दुर्घटना को अत्यंत हृदयविदारक और दुखद घटना बताया है। उन्होंने इस भीषण दुर्घटना में मृत यात्रियों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है।


मुख्यमंत्री श्री साय ने दिवंगत आत्माओं की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना करते हुए उनके परिजनों को इस दुख की घड़ी में संबल और शक्ति प्रदान करने की कामना की है।
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हम सभी की साझी भागीदारी से ही पर्यावरण संरक्षण का संकल्प होगा पूरा : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित फाइट अगेंस्ट ग्लोबल वार्मिंग कैंपेन कार्यक्रम में शामिल हुए।


मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा, विकास का मूलमंत्र है और यह राष्ट्र के समग्र विकास की प्रारंभिक तथा अत्यंत महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि निजी शिक्षण संस्थानों ने भी शिक्षा के विस्तार में अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश को वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का जो लक्ष्य निर्धारित किया है, उसे प्राप्त करने में हम सभी की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। राज्य सरकार ने इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए विकसित छत्तीसगढ़ का विज़न डॉक्यूमेंट तैयार किया है और इस दिशा में निरंतर प्रयासों को गति प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 25 वर्ष का छत्तीसगढ़ आज अपनी रजत जयंती मना रहा है और इस यात्रा में राज्य ने चहुंमुखी विकास की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि आज छत्तीसगढ़ में आईआईटी, आईआईएम, एम्स जैसे प्रतिष्ठित केंद्रीय संस्थान कार्यरत हैं, जो राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग की गंभीर चुनौती से जूझ रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने वर्ष 2070 तक नेट ज़ीरो कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य तय किया है, जिसकी दिशा में देश ने तीव्र गति से कदम बढ़ाए हैं। छत्तीसगढ़  ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने की दिशा में अग्रसर है। राज्य की आकर्षक नई औद्योगिक नीति के तहत केवल ऊर्जा क्षेत्र में ही तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य में वृक्षारोपण का विशेष अभियान चलाया जा रहा है और विगत वर्ष चार करोड़ पौधे रोपे गए थे। राज्य सरकार "एक पेड़ माँ के नाम" और "पीपल फॉर पीपुल" जैसे नवाचार कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें नौनिहालों में पर्यावरण चेतना का विकास करना चाहिए, जिससे वे स्वच्छ, सुंदर और सुरक्षित भविष्य की नींव रख सकें। उन्होंने इस अभियान में भाग ले रहे सभी शिक्षकों और आयोजकों की सराहना की और कहा कि सामाजिक भागीदारी से ही हम शुद्ध हवा, निर्मल जल और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित कर सकते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने संघ द्वारा आने वाले वर्षों में 11 लाख पीपल के वृक्षारोपण के संकल्प की सराहना की।

कार्यक्रम में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, अशासकीय विद्यालय संचालक संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री सुबोध राठी, सचिव श्री मनोज पाण्डेय तथा अन्य प्रतिनिधिगण उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ राज्य अशासकीय विद्यालय संचालक संघ एवं छत्तीसगढ़ राज्य गौ संरक्षण एवं संवर्धन समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में ई-गवर्नेंस की ओर बड़ा कदम: अब कर्मचारियों की 'कुंडली' मोबाइल एप पर

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन ई-गवर्नेंस के माध्यम से सुशासन को सशक्त और सहज बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। "डिजिटल प्रशासन - पारदर्शी समाधान" की नीति को आगे बढ़ाते हुए, प्रदेश सरकार ने अब कर्मचारियों की सेवा जानकारी को मोबाइल एप के माध्यम से अद्यतन करने की अभिनव पहल की है। यह प्रयास मुख्यमंत्री श्री साय की उस सोच को दर्शाता है जिसमें प्रत्येक कर्मचारी की सुविधा, सम्मान और अधिकार सुरक्षित हों — तेज़, सरल और भरोसेमंद प्रणाली के माध्यम से। इसी कड़ी में प्रदेश के लगभग 4 लाख सरकारी कर्मचारियों की सीआर के लिए अब फाइलें पलटने का झंझट समाप्त हो गया है।कर्मचारियों की प्रोफाइल अब एम्प्लाई कॉर्नर मोबाइल एप पर अद्यतन (अपडेट) की जाएगी। इससे सेवानिवृत्ति, पदोन्नति, वेतन विसंगति आदि के समय किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। 


नई व्यवस्था के अनुसार अब कर्मचारियों की प्रोफाइल को कार्मिक संपदा पोर्टल पर लोड और अपडेट करना अनिवार्य होगा। इसके लिए एम्प्लाई कॉर्नर मोबाइल एप और वेब पोर्टल विकसित किए गए हैं।संचालनालय कोष एवं लेखा की इस नई व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। कर्मचारियों की सेवा संबंधी "कुंडली" को अद्यतन रखने में यह व्यवस्था अत्यंत सहायक सिद्ध होगी। हालाँकि 2019 से कार्मिक संपदा मॉड्यूल का उपयोग किया जा रहा है, किंतु यह नवीन डिजिटल प्लेटफॉर्म कर्मचारियों को उनकी व्यक्तिगत एवं सेवा संबंधी जानकारी त्वरित व सुविधाजनक रूप से उपलब्ध कराएगा। 

संचालक कोष एवं लेखा श्री रितेश अग्रवाल ने कहा कि यह पाया गया है कि कार्मिक संपदा पोर्टल पर अधिकांश कर्मचारी अपनी जानकारी अपडेट नहीं करते हैं, जिसके कारण सेवानिवृत्ति के समय उन्हें अनेक प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कार्मिक संपदा मॉड्यूल में व्यक्तिगत जानकारी अपडेट करने की जिम्मेदारी कार्यालय प्रमुख की होती है, लेकिन इसमें समय लगने के कारण असुविधाएँ उत्पन्न होती हैं। इन समस्याओं के समाधान हेतु एम्प्लाई कॉर्नर मोबाइल एप विकसित किया गया है, जो कर्मचारियों को स्वयं लॉगिन कर अपनी जानकारी अपडेट करने की सुविधा देता है।

अब सेवा संबंधी जानकारी, नामिनी परिवर्तन, बैंक खाता परिवर्तन आदि के लिए कार्यालय प्रमुख पर निर्भरता नहीं रहेगी, जिससे अनावश्यक विलंब की स्थिति में भी कमी आएगी। स्थानांतरण, वेतन निर्धारण, पदोन्नति और अन्य प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और प्रगति सुनिश्चित होगी। साथ ही सेवा के दौरान और सेवानिवृत्ति उपरांत मिलने वाले लाभ जैसे पेंशन, जीपीएफ, उपादान, अवकाश नगदीकरण आदि प्रकरणों का शीघ्र निराकरण संभव होगा, क्योंकि संबंधित डेटा अद्यतन रहेगा।

कार्मिक संपदा एप से मिलेंगे ये प्रमुख लाभ

कर्मचारियों से प्राप्त सेवा संबंधी आवेदनों का निपटारा सक्षम अधिकारी समयबद्ध तरीके से कर सकेंगे। मॉड्यूल के अद्यतन होने से वेतन विसंगति से जुड़ी समस्याएँ कम होंगी। कर्मचारी  एम्प्लाई कॉर्नर मोबाइल एप या वेब एप्लिकेशन पर लॉगइन कर जानकारी स्वयं अपडेट कर सकते हैं। प्रोफाइल अद्यतन की प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने के उद्देश्य से यह एप और पोर्टल तैयार किया गया है। इसके उपयोग के लिए एसओपी (Standard Operating Procedure) की जानकारी https://ekoshonline.cg.gov.in/Advertisement/sop_karmik_website_merged.pdf में दी गई है।

साथ ही, शासकीय कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति उपरांत महालेखाकार कार्यालय में अंतिम जीपीएफ दावा को पूर्णतः ऑनलाइन माध्यम से प्रस्तुत करने की व्यवस्था भी तैयार की गई है। इससे दावे के निराकरण में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा।

इसके अतिरिक्त, ऑनलाइन जीपीएफ क्रेडिट मिसिंग मॉड्यूल भी विकसित किया गया है, जिससे कार्यालय प्रमुख और कर्मचारी सेवा काल के दौरान मिसिंग जीपीएफ एंट्री का ऑनलाइन सुधार कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का यह स्पष्ट दृष्टिकोण है कि राज्य शासन का प्रत्येक निर्णय आम जन और कर्मचारियों के हित में हो। यह डिजिटल पहल कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा, प्रक्रिया में पारदर्शिता और त्वरित निपटान की दिशा में एक सशक्त कदम है, जो छत्तीसगढ़ को ई-गवर्नेंस की अग्रणी श्रेणी में स्थापित करता है।
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सुकमा जिले के पुसगुन्ना क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान में दो नक्सली न्यूट्रलाइज – मुख्यमंत्री ने दी जवानों को बधाई

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सुकमा जिले के कुकानार थाना अंतर्गत पुसगुन्ना क्षेत्र में पुलिस जवान एवं सुकमा डीआरजी की संयुक्त पुलिस टीम के जवानों को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिलने पर बधाई दी है।


उल्लेखनीय है कि सर्चिंग के दौरान हुई मुठभेड़ में दो नक्सलियों को जवानों ने न्यूट्रलाइज किया है, जिनमें 5 लाख रुपए का इनामी पेदारास एलओएस कमांडर बमन भी शामिल है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे सुरक्षाबल के जवान पूरी ताकत से नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने जवानों की इस बहादुरी और अदम्य साहस की सराहना करते हुए कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ यह सफलता सुरक्षा बलों के अथक प्रयासों का परिणाम है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार नक्सलवाद के खात्मे के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और जवानों को हर संभव मदद एवं सहयोग दिया जाएगा।
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की गारंटी से छत्तीसगढ़ में हर क्षेत्र में हो रहा तेजी से विकास: डबल इंजन सरकार ने नक्सलवाद पर लगाया ब्रेक, विकास को दी रफ्तार - मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की नेतृत्व में केन्द्र सरकार के 11 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित प्रेसवार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के 11 वर्ष का कार्यकाल अनेक मायनों में ऐतिहासिक रहा है। उनके दूरदर्शिता पूर्ण नेतृत्व में देश ने समावेशी विकास, समृद्धि और खुशहाली के नये दौर में कदम रखा है। मोदी जी के नेतृत्व वाली सरकार का हर दिन अंत्योदय की साधना को समर्पित रहा है। सबका साथ-सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की भावना के साथ समाज के सभी वर्ग विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उनके कार्यकाल में देश और दुनिया में भारत का गौरव बढ़ा है। छत्तीसगढ़ ने डबल इंजन की सरकार में चौतरफा विकास के नये आयाम गढ़े हैं। चाहे विकास की बात हो या माओवादी आतंक से निपटने की, केन्द्र सरकार के राज्य सरकार को भरपूर समर्थन और सहयोग मिला है।


डबल इंजन की सरकार ने छत्तीसगढ़ में विकास के गढ़े नये आयाम

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में डबल इंजन की सरकार बनते ही किसान भाइयों से की गई मोदी जी की गारंटी भी साकार हुई। हमने बकाया बोनस देने के साथ 3100 रुपए प्रति क्विंटल और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान की खरीदी की गई है। पिछले साल छत्तीसगढ़ में रिकार्ड 149 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई। इन 11 सालों में देश में जो बड़ा बदलाव आया है, उससे छत्तीसगढ़ सहित देश के प्रत्येक नागरिक का जीवन स्तर बेहतर हुआ है। पीएम आवास के जरिए गरीब परिवारों के घर का सपना पूरा हुआ। छत्तीसगढ़ में हमने सरकार गठन के दूसरे दिन ही पहली कैबिनेट में 18 लाख पीएम आवास को मंजूरी देकर मोदी जी के वायदे को पूरा किया है। प्रदेश में 26 लाख से अधिक पीएम आवास मंजूर किए जा चुके हैं। इनमें से 15 लाख 38 हजार आवास बन चुके हैं।  

किसानों और माताओं-बहनों का हो रहा आर्थिक सशक्तिकरण  

मुख्यमंत्री ने कहा कि 5 लाख 62 हजार भूमिहीन किसानों को भी हर साल 10-10 हजार रुपए की राशि हमारी राज्य सरकार दे रही है। किसान भाइयों के खाते में अब तक एक लाख करोड़ रुपए की राशि प्रेषित कर चुके हैं। डेढ़ साल पहले विधानसभा चुनावों में मोदी जी ने महतारी वंदन योजना के रूप में हर महीने एक-एक हजार रुपए माताओं-बहनों को देने की गारंटी दी थी। हमने यह वादा तीसरे महीने ही पूरा कर दिया और करीब 70 लाख माताओं-बहनों को हर महीने यह राशि दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हमारी सरकार ने मोदीजी की अधिकांश बड़ी गारंटियों को पूरा कर कीर्तिमान स्थापित किया है, निसंदेह इसका श्रेय भी मोदीजी को है, जिनकी गारंटी पर जनता ने भरोसा कर हमें सेवा का अवसर दिया। 

माओवादी आतंकवाद पर सख्त प्रहार 

आंतरिक सुरक्षा की सबसे बड़ी चुनौती माओवादी आतंक के खात्मे का मोदी जी और अमित शाह जी का संकल्प भी सिद्ध हो रहा है। छत्तीसगढ़ में बीते डेढ़ साल में 425 माओवादियों को न्यूट्रलाइज किया गया है। 1388 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं और 1443 को गिरफ्तार किया गया है। नक्सल विरोधी अभियान में हमारे जवानों ने बसवराजू और सुधाकर जैसे बड़े नक्सलियों कोे न्यूट्रलाइज कर माओवाद की रीढ़ तोड़ दी है। 

जनजातीय समाज के विकास के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने भारत मां के वीर सपूत धरती आबा भगवान बिरसामुण्डा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस घोषित कर जनजातीय अस्मिता को गौरवान्वित किया है। जनजातीय समाज के उत्थान के लिए मोदी सरकार द्वारा पीएम जनमन योजना प्रारंभ की गई। इस योजना से छत्तीसगढ़ के 18 जिलों के 2121 गांवों में विशेष पिछड़ी जनजाति के 2 हजार 160 बसाहटों में तेजी से बुनियादी सुविधाओं का विकास हो रहा है। पीएम जनमन योजना में 2449 किलोमीटर सड़क स्वीकृत की गई हैं। जनजातीय समाज उत्थान पर केन्द्रित धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का सबसे अधिक लाभ छत्तीसगढ़ जैसे आदिवासी बाहुल्य राज्यों को मिल रहा है। राज्य के 32 जिलों में 6 हजार 691 जनजातीय ग्रामों को लाभान्वित किया जा रहा है। 

गरीब कल्याण और उज्जवला योजना से महिलाओं को मिल रही राहत

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का अब तक का कार्यकाल सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के अनुष्ठान की तरह है। गरीब, किसान, पिछड़े, दलित और आदिवासियों का कल्याण उनकी पहली प्राथमिकता है। उज्जवला योजना के तहत छत्तीसगढ़ में 36 लाख 76 हजार बहनों को उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन मिला है। प्रधानमंत्री जी ने गरीब कल्याण योजना के माध्यम से गरीबी रेखा के लोगों के लिए अगले पांच वर्षों तक निःशुल्क खाद्यान्न योजना शुरू की है। प्रदेश में भी 71 लाख से अधिक परिवारों को इसका लाभ मिल रहा है। 

किसानों और तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिल रहा योजनाओं का लाभ 

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी किसानों की आमदनी दुगुनी करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। छोटे और सीमांत किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत हर साल छह हजार रुपए की राशि दी जा रही है। छत्तीसगढ़ में 26 लाख किसान भाइयों को इस योजना का लाभ मिल रहा है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के रूप में किसानों को सुरक्षा कवर प्रदान किया। हमने तेंदूपत्ता संग्राहकों का संग्रहण पारिश्रमिक 4 हजार से बढ़ाकर साढ़े पांच हजार रुपए कर दिया। इस तरह मोदी जी की एक और गारंटी को हमने पूरा किया। हर घर स्वच्छ जल पहुंचाने के लिए माननीय प्रधानमंत्री जी के विजन पर आधारित जल जीवन मिशन के लिए अब तक छत्तीसगढ़ को केन्द्र से 6,178.33 करोड़ रूपए मिले हैं।

भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और पारदर्शी शासन-प्रशासन के लिए गए बड़े निर्णय

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने भ्रष्टाचार के रास्ते बंद करने का काम किया है। कोयले के परिवहन की परमिट व्यवस्था को ऑनलाईन कर दिया है। इससे कोयला परिवहन में होने वाली धांधली रूकेगी तथा राजस्व का नुकसान कम होगा। आबकारी विभाग से जुड़ी लाइसेंस प्रक्रियाओं को ऑनलाईन किया है। प्रदेश में जेम पोर्टल के जरिए ही सरकारी विभागों में खरीददारी का नियम अनिवार्य रूप से लागू किया गया है। मोदी जी ने छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनावों के पूर्व युवाओं से पीएससी घोटाले के आरोपियों पर कार्रवाई का वायदा किया था। हम इस घोटाले की सीबीआई जांच कराकर इस परीक्षा को पारदर्शी बनाने के लिए कई कदम उठा रहे हैं।  

नई औद्योगिक नीति से निवेश और विकास

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने नई औद्योगिक नीति लागू की है। इनवेस्ट कनेक्ट के जरिए छत्तीसगढ़ में अब तक साढ़े पांच लाख करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। हमने सुशासन के मंत्र पर आगे बढ़ते हुए सुशासन एवं अभिसरण विभाग गठित किया है। यह विभाग दूसरे विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाने का काम कर रहा है। आज छत्तीसगढ़ में किसी उद्योगपति या व्यवसायी को कोई कारोबार शुरू करना हो तो उसे अलग-अलग सरकारी विभागों के चक्कर नहीं काटने पड़ते। सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 इसका एक बेहतरीन उदाहरण है। नई औद्योगिक नीति में हम कोर सेक्टर के साथ ही आईटी, सर्विस और टूरिज्म पर खास ध्यान दे रहे हैं। प्रदेश का पहला सेमीकंडक्टर प्लांट नवा रायपुर अटल नगर में 1100 करोड़ रूपए की लागत से बन रहा है। हम देश का पहला एआई डाटा सेंटर पार्क स्थापित कर रहे हैं। अंबिकापुर, बिलासपुर और जगदलपुर एयरपोर्ट में एयर कनेक्टिविटी की सुविधा बढ़ी है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मिली है एतिहासिक उपलब्धियां

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने चौतरफा प्रगति की नयी कहानी लिखी है। ऐसी-ऐसी उपलब्धि हासिल की गयी है जिसकी इससे पहले कल्पना भी नहीं थी। श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण, अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी किया जाना आदि दर्जनों उपलब्धियों का वर्णन इतिहास करेगा।

प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत की दुनिया में बढ़ी है साख

अंतराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन हो या कोराना काल में वैक्सीन मैत्री, मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने वसुधैव कुटुंबकम के मंत्र को सफल बनाया है। मोदी सरकार के निर्णयों से भारत की दुनिया में साख और धाक दोनों बढ़ी है। आज का भारत पहले किसी को छेड़ता नहीं है, लेकिन बेवजह छेड़ने वालों को छोड़ता भी नहीं है। यह सब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मजबूत नेतृत्व की वजह से संभव हुआ है। सर्जिकल स्ट्राइक से लेकर ऑपरेशन सिंदूर में दुनिया आतंकवाद के खिलाफ भारत के संकल्प को देख चुकी है। आज देश के सर्वाेच्च पद पर जनजातीय समाज की बेटी श्रीमती द्रौपदी मुर्मु राष्ट्रपति के रूप में विराजमान हैं। यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व से संभव हुआ है। 

स्वच्छ भारत अभियान बना एक सामाजिक आंदोलन

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के द्वारा शुरू किया गया स्वच्छ भारत अभियान देश में एक सामाजिक आंदोलन का रूप ले चुका है। छत्तीसगढ़ में 05 जिले, 58 विकासखण्ड और 17 हजार से अधिक गांव ओडीएफ प्लस मॉडल घोषित किए जा चुके हैं। हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के न्यूनतम सरकार एवं अधिकतम शासन के उद्देश्य को साकार करते हुए सिर्फ डेढ़ साल में 350 नीतिगत सुधार कर चुकी है। आज हमारा देश स्वच्छ और अक्षय ऊर्जा का दुनिया में सिरमौर बनकर उभरा है। अंतराष्ट्रीय सौर ऊर्जा गठबंधन और अंतराष्ट्रीय जैव ईंधन गठबंधन की स्थापना अक्षय ऊर्जा की दिशा में बड़ा कदम है। हम छत्तीसगढ़ में सोलर एनर्जी को बढ़ावा के साथ ही 2070 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को साकार करने के लिए ग्रीन स्टील के उत्पादन को बढ़ावा दे रहे हैं। पर्यावरण अनुकूल विकास को लेकर पीएम मोदी जी के आव्हान पर हमने प्रदेश में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत 2.50 करोड़ पौधे लगाए हैं। विकसित भारत की भव्य ईमारत स्टील से ही तैयार होगी। हमारी वर्तमान स्टील उत्पादन क्षमता 28 मिलियन टन है, जिसे 2030 तक 45 मिलियन टन करने की ओर बढ़ रहे हैं। 

रेल सुविधाओं के विस्तार पर हो रहा निरंतर कार्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 48 हजार करोड़ रुपए की लागत से रेलवे सुविधाओं के विस्तार पर काम हो रहा है। जगदलपुर-रावघाट को कनेक्टिविटी मिल गई है। खरसिया-परमालकसा रेल नेटवर्क की स्वीकृति मिल गई है। छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास के लिए यह बड़ी उपलब्धि होगी। प्रदेश के 32 रेल्वे स्टेशनों को एक हजार 680 करोड़ की लागत से अमृत स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। हाल ही में 5 अमृत रेल्वे स्टेशन का लोकार्पण किया गया है। राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास पर पिछले 11 साल में 21 हजार 380 करोड़ रूपए खर्च किए गए हैं। वर्तमान में 18,215 करोड़ रूपए के लागत की 37 परियोजनाएं प्रगतिशील है। मोदी जी के कार्यकाल में प्रदेश में रेल से जुड़ी परियोजनाओं के बजट में 11 वर्षों में 23 गुणा बढ़ोत्तरी हुई हैं। 2014 में करीब 300 करोड़ रूपए था, वह 2025-26 में 6 हजार 925 करोड़ रूपए हो गया है। रायपुर-विशाखापत्तनम एक्सप्रेसवे तथा बिलासपुर-उरगा-पत्थलगाँव फोरलेन का निर्माण किया जा रहा है। भारत सरकार ने 2014 से 2025 तक लेफ्ट विंग एक्सट्रिमिस्म (एल. डब्लू. ई) के अंतर्गत चयनित महत्वपूर्ण सड़कों के विकास के लिए 2625 करोड़ रुपये खर्च किये है।

नदियों को जोड़ने की परिकल्पना होगी साकार 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी जी ने नदियों को जोड़ने की परिकल्पना की थी। इस वर्ष हम उनके जन्म शताब्दी वर्ष को अटल निर्माण वर्ष के रूप में मना रहे हैं। कुछ दिन पहले ही माननीय प्रधानमंत्री जी से बोधघाट परियोजना और इंद्रावती-महानदी रिवर इंटरलिंक योजना पर अहम चर्चा हुई है। इस परियोजना से बस्तर में 7 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई संभव होगी। 

एक्सप्रेस-वे के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों के विकास में आएगी तेजी
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि रांची और विशाखापट्नम से छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाली एक्सप्रेस-वे हमारे बस्तर और सरगुजा जैसे जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए वरदान होंगे। आयुष्मान कार्ड के माध्यम से करोड़ों लोग स्वास्थ्य की चिंता से मुक्त हो गये हैं। छत्तीसगढ़ में भी 81 लाख परिवारों के 2 करोड़ 38 लाख से अधिक लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। इनमें से 38.47 लाख लोगों को 8 हजार 241 करोड़ रूपए का उपचार लाभ मिला है। राज्य में 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के 3.69 लाख बुजुर्गों को वय वंदन आयुष्मान कार्ड जारी किया गया है। 

बस्तर में तरक्की का नया सूर्याेदय

मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद पर मोदी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति से बस्तर में तरक्की का नया सूर्याेदय देखने को मिल रहा है। जहां कभी बंदूक की गोलियां गूंजती थी, वहां बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन विकास के प्रति लोगों की उम्मीद को जाहिर करते हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश पिछले 11 वर्षाे में विरासत के साथ विकास की यात्रा पर आगे बढ़ा है। अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर निर्माण के साथ महाकुंभ-2025 का अभूतपूर्व आयोजन भारतीय सनातन संस्कृति का जयघोष है। मोदी जी की सरकार ने केंद्रीय करों में राज्य का हिस्सा 32 प्रतिशत से बढ़ा कर 42 प्रतिशत किया, जिससे छत्तीसगढ़ में राजस्व में अब तक कुल 62 हजार 509 करोड़ राशि की वृद्धि हुई है।

विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में छत्तीसगढ़ की अहम भूमिका

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए छत्तीसगढ़ भी अहम भूमिका निभाएगा। इसके लिए हमने विजन डॉक्यूमेंट भी बनाया है। हम सब मोदी जी के नेतृत्व में एक ऐसा भारत बनाने जा रहे हैं, जहां प्रत्येक भारतवासी की विकास की आकांक्षा पूरी होगी।  

प्रेस वार्ता में संकल्प से सिद्धि अभियान के संयोजक श्री रजनीश सिंह, प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव, विधायक श्री सुनील सोनी, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री मोती साहू, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा, प्रेस अधिकारी श्री आलोक सिंह, भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री अमित चिमनानी, प्रदेश प्रवक्ता श्री दीपक म्हस्के, सह मीडिया प्रभारी श्री अनुराग अग्रवाल,जिलाध्यक्ष रमेश ठाकुर , सोशल मीडिया संयोजक श्री सोमेश पांडे, आईटी संयोजक श्री सुनील पिल्लई भाजपा नेता श्री उज्ज्वल दीपक मौजूद रहे।
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प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता को घर-घर तक पहुंचाने की संकल्पना हो रही है पूरी : मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित के नवनियुक्त प्राधिकृत अधिकारी श्री केदारनाथ गुप्ता के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में शामिल हुए और उन्हें शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जशपुर जिले के फरसाबहार में अपेक्स बैंक की नई शाखा का वर्चुअल शुभारंभ किया और क्षेत्रवासियों को बधाई दी।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकार से समृद्धि की संकल्पना को साकार किया जा रहा है। उनकी प्रेरणा से प्रदेश के घर-घर को सहकारिता से जोड़ने का कार्य हमारी सरकार कर रही है। श्री साय ने कहा कि नवनियुक्त प्राधिकृत अधिकारी के नेतृत्व में प्रदेश में सहकारिता को और अधिक मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि सहकारी गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ मिलकर प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। हाल ही में हमने दुधारू पशु वितरण का शुभारंभ किया है, जिसके अंतर्गत पायलट प्रोजेक्ट के लिए प्रदेश के 6 जिलों का चयन कर हितग्राहियों को दो-दो दुधारू गाय वितरित की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश के किसानों और ग्रामीण जनों को बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने की एक बड़ी पहल हमने इस वर्ष पंचायती राज दिवस से प्रारंभ की है। प्रदेश के 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र खोले गए हैं, जिसके माध्यम से ग्राम पंचायत भवन में ही बैंकिंग सुविधा मिल रही है। उन्होंने बताया कि अगले पंचायती राज दिवस तक यह सुविधा प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों में उपलब्ध हो जाएगी, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के मुख्यमंत्रित्व काल के दौरान सहकारिता के क्षेत्र में हुए बड़े बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री श्री सिंह ने किसानों को अल्पकालिक ऋण के लिए भारी-भरकम ब्याज दर से मुक्ति दिलाई और ब्याज दरों को लगातार कम कर किसानों को राहत दी। अब किसानों को कृषि कार्यों के लिए बिना किसी ब्याज के अल्पकालिक ऋण उपलब्ध हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने फरसाबहार में अपेक्स बैंक की नई शाखा खुलने पर क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि अब किसानों को बैंकिंग सुविधा के लिए 50-60 किलोमीटर दूर पत्थलगांव नहीं जाना पड़ेगा। इस पुनीत पहल के लिए उन्होंने सहकारिता विभाग को साधुवाद दिया।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ में सहकारिता का बीजारोपण करने वाले महान विभूतियों को पुण्य स्मरण करते हुए अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में श्री वामनराव लाखे और ठाकुर प्यारेलाल जैसे पुरोधाओं ने सहकारिता की नींव रखी, जिसका विकसित स्वरूप आज हम सभी देख रहे हैं। यह वर्ष सहकारिता का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष है, और केन्द्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के प्रयासों से निश्चित रूप से इस क्षेत्र में चमत्कारिक परिवर्तन हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के अथक प्रयासों से प्रदेश के किसानों के जीवन में खुशहाली आई है। पूरे देश में वे पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने प्रति एकड़ 21 क्विंटल और 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय ने सहकारिता को राज्य के अंतिम गांव तक पहुंचाने का कार्य किया है। अपेक्स बैंक प्रदेश में 40 हजार करोड़ रुपए के टर्नओवर के साथ सबसे शक्तिशाली संगठन है और इसके माध्यम से अब तक 7 हजार 5 सौ करोड़ रुपए का ऋण किसानों को उपलब्ध कराया गया है।

डॉ. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से देश के हर एक नागरिक को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा गया और इसी का परिणाम है कि आज बिना किसी बिचौलिए के शत-प्रतिशत राशि सीधे हितग्राहियों के खाते में प्राप्त हो रही है। उन्होंने कहा कि सहकारिता के क्षेत्र में अभी भी अपार संभावनाएं हैं और शत-प्रतिशत किसानों को सहकारिता और अपेक्स बैंक से जोड़ने का काम शीघ्र पूरा करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री की उपस्थिति में मजगांव डॉक शिप बिल्डर्स लिमिटेड ने सत्य साईं हॉस्पिटल को 2.25 करोड़ रुपए की सहायता राशि सौंपी

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में कार्यक्रम में मजगांव डॉक शिप बिल्डर्स लिमिटेड ने सीएसआर गतिविधियों के तहत राजधानी रायपुर के सत्य साईं हृदय चिकित्सालय को 2.25 करोड़ रुपए की सहायता राशि का चेक सौंपा। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए मजगांव डॉक शिप बिल्डर्स लिमिटेड के प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया।

प्रदेश के सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री साय किसानों की समृद्धि के चिंतन पर हमेशा बल देते हैं। अपने मुख्यमंत्रित्व कार्यकाल में डॉ. रमन सिंह ने किसानों को भरपूर सम्मान दिया, उनकी समृद्धि की चिंता की, आज मुख्यमंत्री श्री साय उसी संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं। प्रदेश सरकार की धान खरीद नीति की चर्चा करते हुए श्री कश्यप ने कहा कि प्रदेश के 2,739 उपार्जन केंद्रों के जरिए प्रदेश में 149 लाख मीटरिक टन धान खरीदा गया है। प्रदेश सरकार इसके अलावा दुग्ध, मत्स्य, लघु वनोपज समितियों को आगे बढ़ाने का काम कर रही है और अभी प्रदेश में 711 इन समितियों को गठन हुआ है तथा 530 नई अपेक्स समितियाँ और गठित की जा रही हैं। श्री कश्यप ने कहा कि किसानों के सहयोग और सहकार से समृद्धि तक पहुँचना है क्योंकि बिना सहकार, नहीं उद्धार।

अपेक्स बैंक के नवनियुक्त प्राधिकृत अधिकारी केदारनाथ गुप्ता ने अपने सम्बोधन में प्रदेश सरकार व भाजपा नेतृत्व को विश्वास दिलाया कि वह और विभागीय मंत्री व अपेक्स बैंक की टीम अब हर महीने अपने काम का रोडमैप बनाएंगे, उसकी समीक्षा करेंगे और हर साल एक-एक पायदान सहकारिता को आगे बढ़ाने का काम करेंगे। श्री गुप्ता ने अपने प्रति व्यक्त विश्वास और सौंपे गए दायित्व के लिए मुख्यमंत्री श्री साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण सिंह देव, संगठन महामंत्री पवन साय समेत सभी भाजपा पदाधिकारियों, वरिष्ठ नेताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जब-जब भाजपा की सरकार आती है, तब-तब एक सकारात्मक बदलाव नजर आता है। प्रबल राजनीतिक इच्छाशक्ति, सेवा और सुशासन का भाव लेकर भाजपा की सरकार काम करती है। डॉ. रमन सिंह के मुख्यमंत्रित्व काल से लेकर पिछले डेढ़ वर्षों में मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में किए गए कार्यों की चर्चा करते हुए श्री गुप्ता ने कहा कि जितने सीमित संसाधनों के साथ डॉ. सिंह के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ में विकास हुआ, उतने ही सीमित संसाधनों में प्रदेश की मौजूदा साय-सरकार लोककल्याण के काम साँय-साँय कर रही है। इसके उलट पिछली कांग्रेस सरकार के शासनकाल में केवल लूट-खसोट मची रही, किसानों को बारदाना के नाम पर परेशान व प्रताड़ित किया गया, जबकि आज प्रदेश सरकार ने ये सारी व्यवस्थाएँ अपने संसाधनों से करके किसानों को राहत प्रदान की।


पदभार ग्रहण समारोह में सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, विधायक श्री राजेश मूणत, विधायक श्री अनुज शर्मा, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, विधायक श्री सुनील सोनी, विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्ष, अपर मुख्य सचिव सहकारिता श्री सुब्रत साहू और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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संतु चक्रेस को मिला सपनों का आशियाना, मुख्यमंत्री से पक्के मकान की चाबी पाकर भावुक हुए बुजुर्ग

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण न सिर्फ जरूरतमंदों को पक्का मकान दे रही है, बल्कि उनके सपनों को भी नया ठौर और आत्म-सम्मान दे रही है। ऐसी ही एक कहानी है जशपुर जिले के कांसाबेल विकासखंड के ग्राम दोकड़ा निवासी 70 वर्षीय संतु चक्रेस की।

वर्षों तक कच्चे घर में कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताने वाले बुजुर्ग संतु चक्रेस आज बेहद प्रसन्न हैं क्योंकि उन्हें उनका पहला पक्का घर मिल गया है। खास बात यह रही कि इस घर की चाबी उन्हें मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के हाथों से मिली, जब वे हाल ही में जशपुर प्रवास पर थे।

भावुक संतु चक्रेस ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि "उम्र के इस पड़ाव में जब चिंता से मुक्त होकर जीना चाहता है, तब यह पक्का मकान मेरे लिए भगवान का आशीर्वाद है। अब मुझे और मेरे परिवार को न तो बारिश से डर है और न ही जहरीले जीव-जंतुओं से। अब हमारा भी एक सुरक्षित और मजबूत आशियाना है।"

संतु चक्रेस ने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान स्वीकृत हुआ था, जो अब पूर्ण रूप से बनकर तैयार है। यह महज एक मकान नहीं, बल्कि उनके लिए आत्म-सम्मान, सुरक्षा और स्थायित्व का प्रतीक है।

वर्षों तक झोपड़ी जैसे घर में जीवन बिताने के बाद जब उन्हें अपना खुद का ठोस छत मिला, तो उनके चेहरे की खुशी देखने लायक थी।

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