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मुख्यमंत्री पहुंचे सीतागांव समाधान शिविर: 132 केवी सब स्टेशन, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उन्नयन, हायर सेकेंडरी स्कूल उन्नयन की घोषणाएं

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के मानपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम सीतागांव में आयोजित समाधान शिविर में शामिल हुए। इस अवसर पर उनके साथ उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा तथा मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह भी उपस्थित थे।


सुशासन तिहार के तृतीय चरण अंतर्गत आज के समाधान शिविर में क्षेत्र की 8 ग्राम पंचायतों—सीतागांव, मदनवाड़ा, कारेकट्टा, हलांजुर, हुरेली, कंदाडी, कोहका, हलोरा—को क्लस्टर के रूप में शामिल किया गया था। मुख्यमंत्री श्री साय ने इन पंचायतों के हितग्राहियों से सीधा संवाद कर शासन की योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की जानकारी ली और उनकी समस्याएं सुनीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि पूरे प्रदेश में सुशासन तिहार 2025 मनाया जा रहा है। हमारी सरकार को कार्यभार संभाले डेढ़ वर्ष हुआ है और इस दौरान हम निरंतर जनता के बीच पहुंचकर योजनाओं के प्रभाव और लाभ का आकलन कर रहे हैं। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह सरकार पारदर्शिता और जनभागीदारी की भावना से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में सरकार बनने के बाद 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए 15 हज़ार विशेष मकानों की स्वीकृति दी गई है। महतारी वंदन योजना का लाभ सभी पात्र बहनों को दिया जा रहा है।  उन्होंने कहा कि सरकार ने 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की है। जमीन की रजिस्ट्री के साथ अब नामांतरण की प्रक्रिया भी स्वतः पूर्ण होगी। हक त्याग अब केवल 500 रुपये में हो रहा है। प्रदेश के 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिन्हें आगामी एक वर्ष में सभी ग्राम पंचायतों तक विस्तारित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि नया रायपुर में स्थापित आदिवासी संग्रहालय जनजातीय संस्कृति के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राज्य सरकार नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए लगातार प्रयासरत है और मार्च 2026 तक इसे पूर्ण रूप से समाप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सीतागांव उप स्वास्थ्य केंद्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उन्नयन करने, मोहला में बस स्टैंड और छात्रावास का निर्माण करने, सीतापुर में हाई स्कूल का हायर सेकेंडरी स्कूल में उन्नयन करने और अंबागढ़ चौकी क्षेत्र में 132 केवी सब स्टेशन की स्थापना की घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने पात्र हितग्राहियों को हितग्राहीमूलक  सामग्री का वितरण कर लाभान्वित किया । इसमें मत्स्य विभाग द्वारा जाल का, खाद्य विभाग द्वारा राशन कार्ड का, प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत ‘खुशियों की चाबी’ का वितरण किया गया। शिविर में स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत हितग्राहियों को लाभ दिया गया तथा स्वच्छता दीदियों को सम्मानित किया गया। पेंशन योजना के हितग्राही भी लाभान्वित हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने क्षेत्र के मेधावी छात्र-छात्राओं को भी पुरस्कृत किया।

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने समाधान शिविर में लोगों से संवाद करते हुए कहा कि सरकार लोगों की समस्याओं के निराकरण और उनकी मांगों को पूरा करने के लिए गंभीरता से काम कर रही है। इसके लिए एक महीने पहले से आवेदन लेकर परीक्षण किया गया और अब लोगों को शिविरों के आयोजन के माध्यम से लाभ प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय स्वयं समाधान शिविरों में पहुंचकर मैदानी स्तर पर समस्याओं के समाधान की पड़ताल कर रहे हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि रजिस्ट्री, नामांतरण और हक त्याग की प्रक्रिया में क्रांतिकारी सुधार किए गए हैं। अब लोगों को कागज़ लेकर इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा। रजिस्ट्री होते ही नामांतरण स्वमेव हो जाएगा। महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से सरकार ने महिलाओं और गरीबों की चिंता की है। केंद्र और राज्य सरकार के साझा प्रयासों से नक्सलवाद को समाप्त करने की दिशा में बड़ी कामयाबी मिल रही है।

इस अवसर पर विभिन्न जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
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औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में बड़े बदलाव: युवाओं, किसानों, उद्यमियों और निवेशकों को मिलेगा सीधा लाभ

 छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य को देश का अगला औद्योगिक और रोजगार हब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में कई अहम संशोधनों को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया, जो आने वाले वर्षों में राज्य के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य को नई दिशा देगा।


स्थानीय युवाओं को मिलेगा प्राथमिकता – बढ़ेगा रोजगार

संशोधित नीति के अनुसार, जिन उद्योगों में छत्तीसगढ़ के युवाओं को रोजगार मिलेगा, उन कंपनियों को सरकार की ओर से विशेष अनुदान मिलेगा। इससे स्थानीय रोजगार दर में तेज़ी आएगी और पलायन पर भी अंकुश लगेगा।

आधुनिक खेती को मिलेगा संस्थागत समर्थन

हाइड्रोपोनिक और एयरोपोनिक जैसी हाईटेक फार्मिंग तकनीकों को औद्योगिक क्षेत्र में शामिल कर किसानों को आधुनिक उपकरण, ऑटोमेशन और सूचना प्रौद्योगिकी जैसी तकनीकों से जोड़ा जाएगा। इससे खेती की उत्पादकता और लाभप्रदता बढ़ेगी।

खेल प्रशिक्षण और अकादमियों को प्रोत्साहन

राज्य सरकार खेल और युवा सशक्तिकरण को प्राथमिकता देती हुई खेल अकादमी और निजी प्रशिक्षण केंद्रों को प्रोत्साहन देगी। इससे न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच मिलेगा, बल्कि स्पोर्ट्स इंडस्ट्री का विकास भी होगा।

उच्च शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा

गुणवत्तापूर्ण विश्वविद्यालयों की स्थापना को प्रोत्साहन देकर छत्तीसगढ़ को शैक्षणिक हब के रूप में भी विकसित करने की योजना है। इससे राज्य के छात्रों को उत्कृष्ट शिक्षा के अवसर यहीं उपलब्ध होंगे।

ऑटोमोबाइल सेक्टर को विस्तार

अब ऑटोमोबाइल रिपेयरिंग एवं सर्विस यूनिट्स को हर विकासखंड समूह में मान्यता दी जाएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी तकनीकी रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

पर्यटन और होटल व्यवसाय को नई उड़ान

बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में होटल-रिसॉर्ट के निर्माण हेतु निवेश की न्यूनतम सीमा कम की गई है। इससे इन इलाकों में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं को आजीविका के साधन मिलेंगे।

कपड़ा उद्योग को मिलेगा दोगुना प्रोत्साहन

टेक्सटाइल क्षेत्र में निवेश करने वाले उद्योगों को 200% तक का प्रोत्साहन मिलेगा। इससे महिलाओं एवं ग्रामीण कारीगरों को सिलाई, बुनाई और कढ़ाई जैसे रोजगारों में अधिक अवसर मिलेंगे।

छत्तीसगढ़ बनेगा लॉजिस्टिक हब

नई लॉजिस्टिक नीति के तहत पूरे राज्य में माल परिवहन को आसान बनाया जाएगा। इससे व्यापारियों को लागत में कमी, समय की बचत और बाजारों तक तेज पहुंच मिलेगी।

दिव्यांगजनों को मिलेगा विशेष लाभ

दिव्यांगजनों की परिभाषा में बदलाव कर उन्हें अधिक से अधिक योजनाओं में शामिल किया जाएगा। यह समावेशी विकास की दिशा में सरकार का सराहनीय कदम है।
 
रक्षा और एयरोस्पेस सेक्टर को स्पेशल पैकेज

राज्य अब ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, डिफेंस और एयरोस्पेस इंडस्ट्री में भी निवेश आकर्षित करने हेतु विशेष प्रोत्साहन पैकेज प्रदान करेगा।

निजी औद्योगिक पार्कों को मिलेगा इंफ्रास्ट्रक्चर अनुदान

"प्लग एंड प्ले" फैक्ट्रियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ निजी औद्योगिक पार्कों को इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए सरकार की ओर से प्रोत्साहन मिलेगा।

प्रदेश में इज ऑफ लिविंग को बढ़ावा

प्रदेश में इज ऑफ लिविंग को बढ़ावा देने हेतु निजी सीबीएसई स्कूल और मिनी मॉल (मल्टीप्लेक्स युक्त) को भी थ्रस्ट सेक्टर की तरह मान्यता दी जाएगी, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां ये सुविधाएं नहीं हैं।

समावेशी और क्षेत्रीय संतुलन आधारित नीति

यह नीति राज्य के सभी क्षेत्रों  के लिए उपयुक्त मॉडल तैयार करती है। इससे क्षेत्रीय असमानता में कमी आएगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह संशोधित नीति केवल आर्थिक वृद्धि का साधन नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, युवाओं के भविष्य और किसानों के सशक्तिकरण का यंत्र है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ देश के शीर्ष निवेश स्थलों में शामिल होगा।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए

मंत्रिपरिषद ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए राज्य के शासकीय विद्यालयों में ‘‘मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान का संचालन करने का अहम निर्णय लिया गया। 


इस अभियान के अंतर्गत शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, पालक-शिक्षक सहभागिता बढ़ाने और शैक्षणिक उपलब्धियों को उन्नत करने के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष फोकस किया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अभियान के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किया जाएगा। अभियान के तहत विद्यालयों का सामाजिक अंकेक्षण कर गुणवत्ता के आधार पर ग्रेडिंग की जाएगी। कमजोर शालाओं की नियमित मॉनीटरिंग विभिन्न विभागों के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से सुनिश्चित की जाएगी। मॉडल शालाओं का चयन कर, कमजोर शालाओं के शिक्षकों को वहाँ शैक्षणिक भ्रमण कराया जाएगा। पालक-शिक्षक बैठकों (पीटीएम) के माध्यम से अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों में वृद्धि के लिए कक्षा शिक्षण प्रक्रियाओं में सुधार किया जाएगा। 

2 मंत्रिपरिषद ने साहित्य और कला के क्षेत्र में राज्य के अर्थाभावग्रस्त कलाकारों और साहित्यकारों के लिए एक बड़ी राहत देने का निर्णय लिया है। विधानसभा बजट सत्र में की गई घोषणा के परिपालन में अब कलाकारों को दी जाने वाली मासिक वित्तीय सहायता (पेंशन) को 2000 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। इसके लिए संस्कृति विभाग अंतर्गत संचालित वित्तीय सहायता योजना नियम-1986 में संशोधन के प्रस्ताव का मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदन किया गया। इससे उन कलाकारों और साहित्यकारों को आर्थिक संबल मिलेगा, जो आजीविका के लिए संघर्षरत हैं।

यह योजना वर्ष 1986 में प्रारंभ की गई थी, तब न्यूनतम सहायता राशि 150 रुपये और अधिकतम 600 रुपये निर्धारित थी। बाद में वर्ष 2007 में इसे बढ़ाकर 1500 रुपये और फिर 2012 में 2000 रुपये किया गया। लेकिन पिछले 12 वर्षों में कोई वृद्धि नहीं हुई थी। वर्तमान में राज्य में कुल 162 कलाकारों को यह पेंशन दी जा रही है। 

वर्तमान में हर कलाकार को सालाना 24 हजार रुपये पेंशन मिल रही है, जो संशोधन के बाद बढ़कर 60 हजार रुपये हो जाएगी। इससे कुल वार्षिक व्यय 38.88 लाख रुपये से बढ़कर 97.20 लाख रुपये हो जाएगा, जिससे राज्य पर 58.32 लाख रुपये का अतिरिक्त वार्षिक भार आएगा।
 
3 मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदेश में औद्योगिक विकास को और अधिक गति देने एवं भूमि आबंटन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015 में संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। 
इस संशोधन से औद्योगिक क्षेत्रों, लैंड बैंक तथा अन्य भूमि खंडों के आबंटन की प्रक्रिया में और अधिक स्पष्टता व पारदर्शिता आएगी, इससे औद्योगिक निवेशकों को भूमि आबंटन प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझने व लाभ उठाने में सुविधा होगी।
 
4 मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में कई महत्वपूर्ण संशोधनों को मंजूरी दी है। इससे राज्य की औद्योगिक नीति और अधिक रोजगारपरक, व्यापक और उद्यमों के लिए लाभकारी हो जाएगी। 

प्रस्तावित संशोधन से राज्य में रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे साथ ही आधुनिक खेती से लेकर खिलौना उद्योग तक को बढ़ावा मिलेगा। 

युवाओं को मिलेगा रोजगार - नई नीति के तहत जिन कंपनियों में छत्तीसगढ़ के लोगों को नौकरी मिलेगी, उन्हें सरकार की तरफ से अनुदान मिलेगा। 
हाइटेक खेती को बढ़ावा - अब हाइड्रोपोनिक और ऐयरोपोनिक जैसी आधुनिक खेती को बढ़ावा मिलेगा। किसानों को नई तकनीक, जैसे ऑटोमेशन और इंटरनेट ऑफ थिंग्स का फायदा मिलेगा।
युवाओं के लिए ट्रेनिंग और खेल की सुविधाएं - राज्य में खेल अकादमी और निजी प्रशिक्षण केंद्रों को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे युवाओं को बेहतर ट्रेनिंग और करियर के अवसर मिलेंगे।
गुणवत्ता पूर्ण विश्वविद्यालयों की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा। 
ऑटोमोबाइल रिपेयरिंग और सर्विस सेंटर को सभी विकासखण्ड समूहों में मान्य किया जाएगा।
पर्यटन और होटल व्यवसाय को बढ़ावा - बस्तर और सरगुजा संभाग में होटल और रिसॉर्ट बनाने के लिए निवेश की न्यूनतम सीमा घटा दी गई है, जिससे इन इलाकों में पर्यटन बढ़ेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा।
कपड़ा उद्योग को दोगुना प्रोत्साहन - टेक्सटाइल सेक्टर में निवेश करने पर अब 200 प्रतिशत तक का प्रोत्साहन मिलेगा। इससे सिलाई, कढ़ाई और बुनाई जैसे काम करने वालों को भी फायदा मिलेगा।
लॉजिस्टिक हब बनेगा छत्तीसगढ़ - अब राज्य के हर हिस्से में माल ढुलाई और व्यापार को आसान बनाने के लिए नई लॉजिस्टिक नीति लाई जाएगी। इससे व्यापारियों को फायदा होगा और बाजारों तक पहुंच आसान होगी।
दिव्यांगजनों को विशेष लाभ - दिव्यांगजनों की परिभाषा को नया रूप दिया गया है ताकि उन्हें ज्यादा योजनाओं का लाभ मिल सके।
ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, रक्षा और एयरोस्पेस सेक्टर को विशेष पैकेज, निजी औद्योगिक पार्क के लिए अधोसंरचना अनुदान में बढ़ोत्तरी तथा प्लग एंड प्ले फैक्ट्री निर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा। 
प्रदेश में इज आफ लिविंग को बढ़ावा देने हेतु, न्यूनतम 500 विद्यार्थी क्षमता के कक्षा पहली से 12वीं निजी सीबीएसई मान्यता प्राप्त स्कूल एवं मल्टिप्लेक्स युक्त मिनी मॉल से वंचित प्रदेश के नगरीय क्षेत्र एवं नगरीय क्षेत्र से भिन्न विकासखण्ड मुख्यालय से 10 किलोमीटर की परिधि तक के क्षेत्र में प्रथम तीन इकाई को थ्रस्ट सेक्टर की भांति सम्मिलित किया जाएगा।  
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जलियांवाला बाग के अमर शहीदों को किया नमन

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर के जलियांवाला बाग के अमर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया है। उन्होंने कहा कि यह दिन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में साहस और बलिदान का प्रतीक है।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग में शांतिपूर्ण ढंग से रॉलेट एक्ट के विरोध में एकत्रित निहत्थे नागरिकों पर जब ब्रिटिश जनरल डायर के आदेश पर गोलियां बरसाई गईं, तब सैकड़ों निर्दोष बच्चे, महिलाएं और पुरुष शहीद हो गए। यह घटना पूरे देश को झकझोर देने वाली थी, जिसने आज़ादी की लड़ाई को और अधिक तीव्र और व्यापक बना दिया। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जलियांवाला बाग हमारे आत्मसम्मान, आज़ादी और मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए दी गई असंख्य कुर्बानियों की यादगार है। उन्होंने कहा कि हमें वीर शहीदों के बलिदानों से मिली हुई स्वतंत्रता के मूल्य को समझते हुए सशक्त भारत के निर्माण में योगदान देना चाहिए।
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विकास कार्यों के लिए लगातार आ रही राशि का जनहित में हो उपयोग : उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज दुर्ग जिले के कुम्हारी नगर पालिका का औचक निरीक्षण किया। श्री साव ने नगर पालिका कार्यालय के निरीक्षण के दौरान बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यालय में कामकाज की व्यवस्था, वेतन भुगतान और अमृत मिशन योजना के क्रियान्वयन की जानकारी ली। उन्होंने नगर पलिका के विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति एवं सुशासन तिहार में आए आवेदनों के निराकरण के संबंध में भी जानकारी ली। 


श्री साव ने नगर पालिका कार्यालय की स्थापना शाखा पहुंचकर कैश बुक चेक किया। उन्होंने लेखा शाखा के कार्यों का अवलोकन कर मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री नेतराम चंद्राकर को कैशबुक में नियमित एंट्री करने और उसे मेंटेन रखने के निर्देश दिए। श्री साव ने स्थापना शाखा का अवलोकन कर आवश्यक निर्देश दिए। 

उपमुख्यमंत्री श्री साव द्वारा सुशासन तिहार में आए आवेदनों के निराकरण की स्थिति के सम्बन्ध में जानकारी ली गई, जिसमें बताया गया कि सुशासन तिहार में नगर पालिका कार्यालय से सम्बंधित 990 आवेदनों का निराकरण कर दिया गया है, वहीं अन्य विभागों से सम्बंधित आवेदनों को निराकरण के लिए प्रेषित कर दिया गया है।

उपमुख्यमंत्री श्री साव ने प्रधानमंत्री आवास योजना एवं अमृत मिशन योजना की प्रगति की जानकारी ली। अधिकारियों ने जानकारी दी कि 2800 में से 2600 प्रधानमंत्री आवास का निर्माण पूर्ण कर दिया गया है। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि अमृत मिशन योजना एक महत्वपूर्ण  योजना है, इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के लिए लगातार राशि आ रही है, जनहित में उनका सदुपयोग हो। उन्होंने सिटी डेवलपमेंट प्लान के अनुसार शहर को सर्वसुविधायुक्त बनाने की बात कही। 

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने नगर पलिका कुम्हारी में निर्माणाधीन अटल परिसर का भी निरीक्षण किया, उन्होंने ठेकेदार को निर्धारित समयसीमा 30 मई तक अटल परिसर का निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने अन्य विकास कार्यों को भी समयसीमा पर गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि पहले सरकार एसी दफ्तरों से चलती थी, आज जनता के बीच जाकर उनकी जरुरत के अनुरूप विकास के कार्य हो रहे हैं। श्री साव ने नगर पालिका में गर्मी के मौसम में पेयजल उपलब्धता की जानकारी लेते हुए नियमित रूप से पेयजल सप्लाई सुनिश्चित रखने के निर्देश दिए। इस दौरान नगर पालिका कुम्हारी की अध्यक्ष श्रीमती मीना वर्मा, उपाध्यक्ष श्री प्रमोद सिंह राजपूत समेत पार्षद एवं अन्य प्रतिनिधगण उपस्थित रहे।
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श्री के. आर. पिस्दा को आईएएस ऑफिसर्स एसोसिएशन ने दी श्रद्धांजलि

आईएएस ऑफिसर्स एशोसिएशन छत्तीसगढ़ ने आज अपने बीच के एक ऐसे कर्मयोगी को विनम्र श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने अपने जीवन का हर क्षण जनसेवा के लिए समर्पित कर दिया था। सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी श्री के.आर. पिस्दा के आकस्मिक निधन पर आज मंत्रालय (महानदी भवन) में शोक सभा का आयोजन कर उन्हें सभी लोगों ने भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। 


आईएएस ऑफिसर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित सभा में वरिष्ठ और कनिष्ठ अधिकारियों ने दो मिनट का मौन रखकर स्व. श्री पिस्दा को श्रद्धांजलि अर्पित की। सभा में एसोसिएशन की अध्यक्ष श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, उपाध्यक्ष श्री अमित कटारिया, सचिव श्री रजत कुमार, सचिव श्री अन्बलगन पी. सहित कई प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। श्री पिस्दा को याद करते हुए अधिकारियों ने कहा कि वे न केवल एक दक्ष और दूरदर्शी प्रशासक थे, बल्कि एक संवेदनशील और जनकल्याण को समर्पित अधिकारी भी थे। उनके साथ बिताए गए अनुभवों को भी कई अधिकारियों ने भावभरे शब्दों में साझा किया। शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करते हुए सभी ने ईश्वर से उनकी आत्मा को शांति प्रदान करने की प्रार्थना की।

दंतेवाड़ा और कांकेर के कलेक्टर रहते हुए उन्होंने जिन विषम परिस्थितियों में प्रशासनिक कार्य किए, वह आज भी प्रेरणा स्रोत हैं। उनके कार्यकाल में दंतेवाड़ा में स्वस्फूर्त रूप से चला सलवा जुडूम आंदोलन, नक्सलवाद से जूझते बस्तर की तस्वीर बदलने का एक साहसिक अध्याय रहा। उनका मिलनसार स्वभाव, सरल व्यक्तित्व और प्रशासनिक दक्षता के सभी कायल थे। सेवानिवृत्ति के पश्चात उन्होंने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष के रूप में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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ईमानदारी से काम करने वाली हमारी सरकार ने जनता के सामने रखा है अपना रिपोर्ट कार्ड: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

ईमानदारी से काम करने वाली सरकार ही जनता के सामने अपना रिपोर्ट कार्ड रख सकती है। हमने ये काम किया है। हमारी पारदर्शी सरकार सुशासन तिहार के माध्यम से समस्याओं का समाधान करने के लिए आपके बीच पहुंच रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के अंतर्गत गरियाबंद जिले की ग्राम पंचायत मड़ेली में आयोजित समाधान शिविर को संबोधित करते हुए यह बातें कही। श्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार के तीसरे चरण के पांचवें दिन आज 10 वें जिले में आप सभी के बीच आया हूं ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत का पता चल सके। इस दौरान मुख्यमंत्री ने 75 करोड़ की लागत से ग्राम पंचायत मड़ेली में 132 केवी सब स्टेशन और विद्युत लाइन विस्तार तथा 147 करोड़ रुपए की लागत से राजिम से छुरा (बेलटुकरी होते हुए) 43 किमी सड़क चौड़ीकरण और पिपरछेड़ी जलाशय के अधूरे निर्माण को पूर्ण कराए जाने की बड़ी घोषणा की। 

           मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भगवान राजीव लोचन के जयकारे के साथ अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार को लगभग डेढ़ साल पूरे होने वाले है। इस दौरान हम मोदी की सभी गारंटियों को पूरा करने का काम कर रहे हैं। श्री साय ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री ने सभी से वादा किया था कि सरकार बनते ही मुख्यमंत्री का पहला काम होगा कि वे सभी गरीब व जरूरतमंद परिवारों को पक्का छत मुहैया कराएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने पहली कैबिनेट में 18 लाख गरीब परिवारों के आवास को स्वीकृति दी थी और लगातार अब भी आवास देने का काम कर रहे हैं। श्री साय ने कहा कि आगामी 13 तारीख को केंद्रीय पंचायत मंत्री की मौजूदगी में 3.5 लाख आवास गरीब परिवारों को और मिलने वाले हैं। उन्होंने कहा कि आवास प्लस प्लस की सर्वे तिथि को भी बढ़ा दिया गया है और आवास की पात्रता नियमों को भी शिथिल कर दिया गया है। उन्होंने सभी से आवास प्लस प्लस सर्वे में शामिल होने का आग्रह किया। श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने 3100 रूपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, धान के बकाया बोनस की राशि देने और महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की माताओं -बहनों को आर्थिक संबल देने का काम किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से हम अपने प्रदेशवासियों और वृद्धजनों को तीर्थ यात्रा करवा रहे हैं। श्री साय ने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी साझा करते हुए अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ लेने को कहा। 

मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को वितरित की सामग्री

नन्हें बच्चों का कराया अन्नप्राशन
समाधान शिविर में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल और विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को अन्य उपकरण और सामग्रियां वितरित किए। मुख्यमंत्री ने विभागीय स्टालों का दौरा कर अधिकारियों से आवेदनों के निराकरण की जानकारी ली और लंबित आवेदनों का निराकरण करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने बच्चों को खीर खिलाकर अन्नप्राशन कराया और गर्भवती माताओं की गोद भराई की रस्म में शामिल हुए।
      इस अवसर पर विधायक श्री रोहित साहू, छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष श्री चंदूलाल साहू, जिला पंचायत गरियाबंद के अध्यक्ष श्री गौरीशंकर कश्यप, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस. मौजूद रहे।
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मुख्यमंत्री श्री साय ने राजमिस्त्री बनकर सोखता गड्ढे के लिए की ईंट जोड़ाई:पानी बचाने के लिए जल संचयन वाहिनी के कार्यों की सराहना

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के अंतर्गत आज बलौदाबाजार भाटापारा जिले के विकासखंड कसडोल के विशेष पिछड़ी जनजाति कमार बाहुल्य ग्राम बलदाकछार पहुँचे। उन्होंने मोर गांव, मोर पानी महाभियान के अंतर्गत जल संचयन हेतु जल संचयन वाहिनी द्वारा निर्मित किए जा रहे सोखता गड्ढे का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने स्वयं निर्माणाधीन सोखता गड्ढे में ईंट जोड़ाई की। पानी बचाने के लिए जल संचयन वाहिनी के कार्यों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संकट से बचने ऐसे प्रयास आवश्यक हैं।


जल संचयन वाहिनी की सदस्य श्रीमती ललिता ध्रुव ने बताया कि मोर गांव, मोर पानी महाभियान के तहत बलदाकछार में अब तक 10 नलकूपों के पास सोखता गड्ढों का निर्माण किया जा चुका है। इस अभियान के अंतर्गत तालाबों की सफाई, जागरूकता रैली, दीवार लेखन, तथा वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के लिए ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पंचायत राज दिवस के अवसर पर 24 अप्रैल 2025 को मोर गांव, मोर पानी महाभियान की शुरुआत की थी। इस अभियान के अंतर्गत बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की सभी 519 ग्राम पंचायतों में अब तक नलकूपों के पास 2500 सोखता गड्ढों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। साथ ही, लगभग 1291 तालाबों की सफाई भी की गई है। जल संचयन हेतु ग्राम स्तर पर ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति की बैठकें आयोजित की जा रही हैं, जिनमें वर्षा जल संचयन हेतु आवश्यक संरचनाओं के निर्माण के प्रस्ताव पारित किए जा रहे हैं तथा निर्मित संरचनाओं का ग्रामवासियों द्वारा भौतिक सत्यापन भी किया जा रहा है। प्रत्येक पंचायत में दो जल संचयन वाहिनियाँ गठित की गई हैं, जो ग्रामीणों को जल संरक्षण के लिए निरंतर प्रोत्साहित कर रही हैं।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने चौपाल में अपने हाथों से दो युवाओं को पहनाया हेलमेट

 सुशासन तिहार के दौरान शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन के औचक निरीक्षण हेतु बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के बलदाकछार पहुँचे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गाँव के दो युवाओं को अपने हाथों से हेलमेट पहनाकर सड़क सुरक्षा का संदेश दिया। उन्होंने बरगद के नीचे लगी चौपाल में बलदाकछार के 24 वर्षीय श्री धनंजय पटेल और 28 वर्षीय श्रीमती हेमलता चंद्राकर को हेलमेट पहनाया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने शिविर में उपस्थित सभी लोगों से अपील की कि वे दोपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक  व्यक्ति की जान अनमोल है। सड़क पर वाहन चलाते समय दुर्घटना की स्थिति में हेलमेट सिर में गंभीर चोटों से बचाता है। उन्होंने कहा कि हेलमेट लगाना न केवल यातायात नियमों का पालन है, बल्कि स्वयं की सुरक्षा के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।

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मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष श्री के. आर. पिस्दा के निधन पर गहरा दुःख प्रकट किया

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष और भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी श्री के. आर. पिस्दा के निधन पर गहरा दुःख प्रकट किया है। मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा है कि श्री के. आर. पिस्दा एक कुशल प्रशासक, कर्तव्यनिष्ठ, मिलनसार और लोकप्रिय अधिकारी थे। उन्होंने दंतेवाड़ा और कांकेर कलेक्टर सहित अनेक महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करते हुए विकास के कार्यों में उल्लेखनीय योगदान दिया। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिजनों को इस दुःख को सहने का संबल प्रदान करें।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का छिंदिया गांव में आकस्मिक दौरा, सुशासन तिहार के तहत चौपाल लगाकर ग्रामीणों से किया सीधा संवाद

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज कोरिया जिले के बैकुंठपुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत छिंदिया में सुशासन तिहार के अवसर पर आकस्मिक दौरा कर ग्रामीणों से आत्मीय भेंट की। मुख्यमंत्री का हेलिकॉप्टर जब अचानक गांव के प्राथमिक शाला परिसर में उतरा तो यह दृश्य देखकर ग्रामीणों में आश्चर्य और उत्साह का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने पारंपरिक रूप से स्थानीय फूलों और पत्तियों से बने गुलदस्तों से उनका आत्मीय स्वागत किया।

      मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यालय परिसर में स्थित कोसम पेड़ की छांव में चौपाल लगाई, जहां उन्होंने भारत माता की जय के उद्घोष के साथ सभा की शुरुआत की और उपस्थित ग्रामीणों से आत्मीय संवाद स्थापित किया। उन्होंने सुशासन तिहार के मूल उद्देश्य को रेखांकित करते हुए यह स्पष्ट किया कि यह त्योहार शासन को जनमानस के और अधिक निकट लाने का माध्यम है, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना जैसी प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी और इन योजनाओं के प्रभाव को लेकर ग्रामीणों से फीडबैक भी प्राप्त किया।
      चौपाल में ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के समक्ष विभिन्न स्थानीय समस्याएं एवं आवश्यकताओं को साझा किया, जिन्हें गंभीरतापूर्वक सुनते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने अनेक घोषणाएं कीं। उन्होंने छिंदिया गांव में उप स्वास्थ्य केंद्र भवन के निर्माण की घोषणा की ताकि ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ हो सकें। साथ ही गांव में दो सीसी सड़कों के निर्माण, एक सामुदायिक भवन के निर्माण तथा वार्ड क्रमांक 17 में पुलिया निर्माण की स्वीकृति भी तत्काल प्रदान की। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने यह विश्वास दिलाया कि सरकार प्रदेश के हर कोने में विकास और सेवा की भावना के साथ कार्य कर रही है और कोई भी गांव या व्यक्ति शासन की योजनाओं से वंचित न रहे, इसके लिए वे स्वयं जमीनी स्तर पर उतरकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं।
   
 मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की प्राथमिकता ग्रामीण अंचलों तक सुशासन की पहुंच सुनिश्चित करना है। गांवों के चौपालों में बैठकर समस्याओं को सुनना और मौके पर ही समाधान करना, यह हमारी सुशासन की सरकार का हिस्सा है। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे शासन की योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लें और स्वयं जागरूक होकर अन्य ग्रामीणों को भी प्रेरित करें।

मुख्यमंत्री श्री साय के इस अप्रत्याशित दौरे में अपने बीच पाकर काफी खुश थे। ग्रामीणों ने आत्मीय मुलाकात के लिए मुख्यमंत्री श्री साय का हृदय से आभार व्यक्त किया और कहा कि यह पहली बार है जब राज्य का कोई मुख्यमंत्री सीधे उनके गांव पहुंचकर बिना औपचारिकता के खाट पर बैठकर उनकी बात सुनने आया है। इस पहल ने शासन और जनमानस के बीच की दूरी को कम किया है और लोगों के मन में सरकार के प्रति विश्वास को और सुदृढ़ किया है।
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नवविवाहिताओं को भी जल्द मिलेगा महतारी वंदन योजना का लाभ: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

 सुशासन तिहार के तीसरे चरण के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज अचानक मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम माथमौर पहुंचे। बिना किसी पूर्व सूचना के जब मुख्यमंत्री माथमौर गांव पहुंचे, तो गांव में उत्साह की लहर दौड़ गई। अचानक पहुंचे मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए ग्रामीणों ने आस-पास लगे फूलों से सुन्दर गुलदस्ता तैयार कर उनका आत्मीय स्वागत किया।  मुख्यमंत्री ने गांव के बीच स्थित महुआ के पेड़ के नीचे चौपाल लगाई और वहां मौजूद ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। ग्रामीणों से शासकीय योजनाओं के लाभ की जानकारी लेते हुए कहा कि, नई बहुओं को भी जल्द महतारी वंदन योजना का लाभ मिलेगा। वहीं ग्राम सरपंचों को पीएम आवास के लिए पात्र परिवारों की सूची बनाकर भेजने के लिए कहा। 


मुख्यमंत्री ने चौपाल की शुरुआत भारत माता और छत्तीसगढ़ महतारी के जयकारों के साथ की। उन्होंने गांव के सरपंच को अपने पास बिठाया और पंचायत में विकास कार्यों एवं जनहित की योजनाओं के क्रियान्वयन तथा समस्याओं की विस्तार से जानकारी ली। मुख्यमंत्री के आगमान की खबर पाकर आसपास के कोलियारी और कुवांरपुर पंचायत के साथ निकट के कई ग्रामों से भी बड़ी संख्या में ग्रामीण माथमौर पहुंचे थे, जिन्होंने अपनी समस्याएं और मांगें मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सामने रखीं।

चौपाल में मुख्यमंत्री श्री साय ने राशन दुकान संचालन, महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना की स्थिति पर ग्रामीणों से फीडबैक लिया। उन्होंने महिलाओं से पूछा कि, क्या उन्हें हर माह हजार रुपये की राशि समय पर मिल रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट किया कि जिन नवविवाहित महिलाओं की पात्रता बनती है, उन्हें भी जल्द महतारी वंदन योजना का लाभ मिलेगा।  

कुवांरपुर में 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र की होगी स्थापना

जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी सच्चाई जानने के साथ ही मुख्यमंत्री श्री साय ने माथमौर और उसके आसपास के गांवों के लिए कई बड़ी घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कुवांरपुर में 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र की स्थापना की घोषणा की। साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत फुलझर से चंदेला, तिलौली से दर्रीटोला, सनबोरा से पण्डो, कुवांरपुर से गाजर और पटपर टोला से चंदेला तक नई सड़कों के निर्माण की बात कही।

राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए लगेगा बंदोबस्त कैंप

मुख्यमंत्री श्री साय ने कुवांरपुर में नायब तहसीलदार कार्यालय के लिए भवन निर्माण की स्वीकृति भी दी और राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए बंदोबस्त कैंप आयोजित करने एसडीएम को निर्देशित किया। माथमौर में सामुदायिक भवन की भी स्वीकृति दी गई है, जिससे ग्रामीणों को सामाजिक आयोजनों और बैठकों के लिए एक स्थायी सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

जनकपुर में 100 बिस्तरों वाले अस्पताल का जल्द होगा निर्माण, मिल चुकी है स्वीकृति

मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को यह भी जानकारी दी कि जनकपुर में 100 बिस्तरों वाले अस्पताल का निर्माण स्वीकृत हो चुका है, जिससे इस आदिवासी अंचल के लोगों को इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। इस दौरान उन्होंने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुवांरपुर में पढ़कर बोर्ड परीक्षाओं में अच्छे अंकों से उत्तीर्ण हुए विद्यार्थियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनके भविष्य की करियर प्लानिंग पर बात करते हुए गांव में स्कूल की व्यवस्था की जानकारी ली। 

इस अवसर पर  मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस. सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
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बस्तर को रेल से जोड़ने की ऐतिहासिक पहल को मिली मंजूरी: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के प्रति मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किया आभार प्रकट

 भारत सरकार के रेल मंत्रालय ने रावघाट-जगदलपुर नई रेल लाइन (140 किमी) परियोजना को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस परियोजना पर 3513.11 करोड़ रुपए की लागत आएगी, जिसका वहन केन्द्रीय बजट से किया जाएगा। यह निर्णय बस्तर अंचल के सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा।


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार प्रकट किया है, जिन्होंने बस्तर के दूरस्थ और जनजातीय जिलों को रेल नेटवर्क से जोड़ने के इस बहुप्रतीक्षित सपने को साकार करने की दिशा में कदम उठाया है।

बस्तर का कायाकल्प करेगा यह प्रोजेक्ट

रावघाट-जगदलपुर रेललाइन से न केवल कोंडागांव और नारायणपुर जैसे पिछड़े जिलों को पहली बार रेल मानचित्र पर स्थान मिलेगा, बल्कि इससे आदिवासी अंचलों में यात्रा, पर्यटन और व्यापार की सम्भावनाएं भी बढ़ेंगी। यह रेल मार्ग बस्तर की सुंदर वादियों, ऐतिहासिक स्थलों और जनजातीय संस्कृति तक पर्यटकों की सीधी पहुँच को संभव बनाएगा, जिससे स्थानीय रोजगार और पर्यटन उद्योग को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा।

अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई गति

रेल कनेक्टिविटी से खनिज संसाधनों के परिवहन, स्थानीय उत्पादों की पहुँच, और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में व्यापक सुधार होगा। यह क्षेत्रीय उद्योगों और किसानों को राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने में मदद करेगा।

भू-अधिग्रहण का कार्य पूर्णता की ओर – कार्य शीघ्र होगा प्रारंभ

प्रस्तावित रेललाइन के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य पूर्णता की ओर है, जिससे परियोजना के क्रियान्वयन में कोई बाधा नहीं रहेगी। इससे यह सुनिश्चित होता है कि निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ होकर तय समय सीमा में पूर्ण किया जा सकेगा। 

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व में बस्तर के विकास का जो सपना वर्षों से संजोया गया था, वह अब रावघाट जगदलपुर रेल लाइन परियोजना से साकार होता दिख रहा है।रावघाट-जगदलपुर रेललाइन को मिली स्वीकृति बस्तर की जनता के साथ सरकार की भावनात्मक प्रतिबद्धता और विकास के वादे की पूर्ति का प्रतीक है। यह रेलमार्ग बस्तर के लिए केवल एक ट्रांसपोर्ट नेटवर्क नहीं, बल्कि एक नई जीवनरेखा है, जो लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और पर्यटन के बेहतर अवसरों से जोड़ेगा। इससे कोंडागांव, नारायणपुर, कांकेर जैसे वे जिले जो तुलनात्मक रूप से आज भी विकास की मुख्य धारा से दूर हैं, अब राष्ट्रीय विकास की धारा से सीधे जुड़ेंगे। 

इस रेल परियोजना की नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। विकास जब गांव-गांव तक पहुँचेगा, जब युवाओं को रोजगार मिलेगा, और जब जनजातीय समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सुविधाएं सुलभ होंगी—तो हिंसा और भय की जगह उम्मीद और विश्वास का संचार होगा। बस्तर की धरती वर्षों से प्रतीक्षा कर रही थी कि कोई उसे सुने, समझे और उसकी पीड़ा को दूर करे। आज जब प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री स्वयं बस्तर की चिंता कर रहे हैं, तो यह सिर्फ एक परियोजना की शुरुआत नहीं, बल्कि एक नए युग का आरंभ है—जिसमें बस्तर का प्रत्येक गांव विकास की पटरी पर दौड़ेगा।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर अब परिवर्तन के ऐतिहासिक दौर से गुजर रहा है।रावघाट-जगदलपुर रेललाइन को स्वीकृति देकर केंद्र सरकार ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि विकास अब सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बस्तर के वनांचल, घाटियों और जनजातीय अंचलों तक उसकी पहुँच सुनिश्चित की जाएगी। यह परियोजना बस्तरवासियों की वर्षों पुरानी अपेक्षा को साकार करने का निर्णायक कदम है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट रूप से मार्च 2026 तक नक्सलवाद का समूल उन्मूलन करने का लक्ष्य रखा है। इस दिशा में केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह स्वयं बस्तर के दौरे पर आकर ‘बस्तर पण्डुम’ जैसे आयोजनों में भाग लेकर यह स्पष्ट कर चुके हैं कि बस्तर में नक्सल नहीं, अब केवल विकास का युग चलेगा। यह रेललाइन नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शासन की निर्णायक और सकारात्मक उपस्थिति को और सशक्त बनाएगी।

रावघाट-जगदलपुर रेलमार्ग से न केवल कोंडागांव, नारायणपुर और कांकेर जैसे जनजातीय जिलों को रेल मानचित्र पर स्थान मिलेगा, बल्कि स्थानीय व्यापार, पर्यटन, खनिज संसाधनों का दोहन और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। यह परियोजना शांति, सुरक्षा और समावेशी विकास के त्रिपक्षीय मंत्र को जमीन पर साकार करेगी। बस्तर की धरती अब हिंसा और उपेक्षा का प्रतीक नहीं, बल्कि उम्मीद, अवसर और उन्नति की भूमि बनेगी। 

जब मुख्यमंत्री स्वयं चौपालों में बैठकर ग्रामीणों की बात सुन रहे हैं और प्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री बस्तरवासियों के विकास की मूल भावना को समझते हुए कार्य कर रहे हैं—तब यह स्पष्ट है कि बस्तर अब किसी कोने में नहीं, बल्कि राष्ट्रीय विकास की केंद्रीय भूमिका में है। यह परियोजना न केवल बस्तर में रेल परियोजनाओं के विस्तार का प्रतीक है, बल्कि यह नए भारत में समावेशी विकास की मजबूत मिसाल भी है – जहाँ विकास अब सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं, बल्कि बस्तर जैसे दूरस्थ अंचल के जंगलों और पहाड़ों तक भी पहुँच रही है।
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सुशासन तिहार 2025" के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आकस्मिक दौरा

सुशासन तिहार 2025" के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज सक्ती जिले के करिगांव में अचानक पहुँचकर ग्रामवासियों को आश्चर्यचकित कर दिया। मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर लिमगांव की बजाय सीधे बन्दोरा गांव में उतरा, जिससे प्रशासनिक अमला कुछ समय के लिए असमंजस में पड़ गया। प्रशासन पहले से ही लिमगांव में मुख्यमंत्री की अगवानी की तैयारी में जुटा था, परन्तु मुख्यमंत्री के करिगांव पहुँचने से पूरी व्यवस्थाएं तत्काल वहाँ स्थानांतरित करनी पड़ीं।

करिगांव में पीपल के पेड़ के नीचे मुख्यमंत्री ने चौपाल लगाई और ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। मुख्यमंत्री खाट पर बैठकर सहज वातावरण में ग्रामीणों की समस्याएं सुनते रहे। ग्रामीणों और विशेषकर महिलाओं ने मुख्यमंत्री का स्वागत कमल का फूल भेंट कर किया। मुख्यमंत्री ने सभी की बातें ध्यानपूर्वक सुनीं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन का अर्थ है सीधे जनता के बीच जाकर उनकी वास्तविक स्थिति को समझना और त्वरित समाधान देना। प्रशासनिक व्यवस्था तभी सफल मानी जाती है जब अंतिम व्यक्ति की बात सीधे शासन तक पहुँचे।
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के आगमन पर उनका लोकनृत्य व लोकगीत के माध्यम से भव्य स्वागत किया गया

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि मध्यप्रदेश के मंडला जिले के रामनगर में आयोजित आदि उत्सव का कार्यक्रम जनजातीय समाज के लिए गौरव की बात है। आदि उत्सव कार्यक्रम में जनजातीय समाज के रीति-रिवाज, परंपरा, संस्कृति, इतिहास इत्यादि के बारे में जानकारी दी जाती है, इसलिए संपूर्ण जनजातीय समाज आदि उत्सव के महाकुम्भ में उपस्थित हुआ है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय रविवार को रामनगर में आयोजित आदि उत्सव कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री साय के आगमन पर उनका फूलमालाओं, लोकगीत व लोकनृत्य कर भव्य स्वागत किया गया, इस अवसर पर गोंडवाना ध्वजारोहण भी किया गया। इस अवसर पर केन्द्रीय जनजातीय मंत्री श्री जुएल ओराम, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजातीय आयोग के अध्यक्ष श्री अंतर सिंह आर्य, मध्यप्रदेश शासन की लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उइके, उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री समाज कल्याण अनु.जा. एवं जन. कल्याण संजीव गौंड़, सांसद  फग्गन सिंह कुलस्ते, लोकसभा सांसद कांकेर  भोजराज नाग सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। 

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि उन्हें आदि उत्सव कार्यक्रम के महाकुंभ में शामिल होने का अवसर मिला है। आदि उत्सव कार्यक्रम में पहुंचने से पहले जनजातीय समाज के चौगान स्थित मढ़िया में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की जनता के लिए सुख-समृद्धि की कामना करते हुए आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश राज्य, छत्तीसगढ़ राज्य का बड़ा भाई है इसलिए मध्यप्रदेश में आने पर उन्हें बहुत प्रसन्नता होती है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ था। छत्तीसगढ़ राज्य बने अब 25 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि रामनगर मंडला में आदि उत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ केन्द्रीय मंत्री श्री जुएल ओराम के द्वारा किया गया था। आदि उत्सव कार्यक्रम आयोजित करने से जनजातीय समाज की संस्कृति, रीति-रिवाज, परंपरा और इतिहास को जानने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि गोंड़वाना की इस धरा में रानी दुर्गावती और राजा शंकरशाह व कुंवर रघुनाथशाह ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्यौछावर किए हैं। हमारे इन महापुरूषों की वीरगाथाओं से आने वाली पीढ़ी को अवगत कराना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारतवर्ष में जनजातीय समाज के 11 करोड़ लोग निवास करते हैं। जनजातीय समाज के विकास और उत्थान के लिए भारत सरकार के द्वारा जनजातीय मंत्रालय का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी को जनजातीय समाज के विकास व उत्थान की गहरी चिंता है। प्रधानमंत्री प्रतिवर्ष जनजातीय क्षेत्रों के लिए करोड़ों रूपए का बजट आवंटित कराते हैं।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सबका साथ सबका विकास के नारा के साथ काम करते हुए 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा दिया जायेगा और नक्सलवाद को समाप्त किया जायेगा। डबल इंजन की सरकार का लाभ प्रदेशवासियों को मिल रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भगवान बिरसामुंडा के जन्मदिन 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने धरती आबा योजना प्रारंभ कर जनजातीय समाज व जनजातीय क्षेत्रों को विकास के पथ पर जोड़ रहे हैं। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के माध्यम से पिछड़ी जनजातीय परिवारों के लिए पक्के मकान बनाए जा रहे हैं। जनजातीय समाज व जनजातीय क्षेत्रों के लिए बिजली, सड़क और पानी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में 5 मई से शुरू होगा प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार का तीसरा चरण

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के तीसरे चरण का शुभारम्भ 5 मई से होगा। इसको लेकर शासन-प्रशासन द्वारा सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। सुशासन तिहार का तीसरा चरण 31 मई तक चलेगा। इस दौरान प्रत्येक जिले की 08 से 15 ग्राम पंचायतों के मध्य समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें आवेदकों को उनके आवेदनों की स्थिति की जानकारी दी जाएगी। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय एवं अन्य  मंत्रीगण कुछ समाधान शिविरों में  शामिल होंगे तथा आवेदकों से भेंट कर उनकी समस्याओं के निराकरण के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे। तीसरे चरण में मुख्यमंत्री स्वयं हेलीकॉप्टर से औचक रूप से किसी भी गांव में पहुँचकर लोगों से मुलाकात करेंगे और चौपाल लगाकर गांव के विकास और वहां पर पदस्थ मैदानी अमले की कार्यशैली के बारे में लोगों से जानकारी लेंगे। मुख्यमंत्री साय इस दौरान शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन, निर्माण एवं विकास कार्याें की जमीनी हकीकत का भी मुआयना करेंगे।  
यहां यह उल्लेखनीय है कि राज्य में शासन-प्रशासन को संवेदनशील, जनोन्मुखी और पारदर्शी बनाने के साथ ही जन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सुशासन तिहार-2025 का आयोजन किया जा रहा है। सुशासन तिहार के प्रथम चरण का शुभारंभ 08 अप्रैल को हुआ था। इसके तहत 11 अप्रैल तक प्रदेश की जनता से ग्राम पंचायतों और शहरी वार्डाें में शिविर लगाकर समस्याओं और मांगों के संबंध में आवेदन लिए गए। आम जनता अपने आवेदनों को सहजता से शासन-प्रशासन तक पहुंचा सके, इसके लिए ग्राम पंचायत से लेकर जिला मुख्यालयों तक प्रमुख स्थानों पर समाधान पेटियां रखी गई, जिसमें लोग अपने आवेदन डाल सके। ऑनलाईन आवेदन लेने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई।  
सुशासन तिहार के पहले चरण में प्रदेश की जनता से करीब 40 लाख से अधिक आवेदन-पत्र प्राप्त हुए थे। इनमें मांग, समस्या और शासकीय योजनाओं से संबंधित आवेदन शामिल थे। जिला प्रशासन द्वारा समर्पित प्रयासों से इन आवेदनों को विभागवार वर्गीकृत कर सुराज अभियान के पोर्टल पर अपलोड किया गया है, और निराकरण की प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ जारी है। संबंधित आवेदनों की स्थिति की जानकारी भी हितग्राहियों को समयबद्ध रूप से दी जा रही है।
तीसरे चरण में शासन की प्राथमिकता आम जनता को जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देना है। समाधान शिविरों में हितग्राहियों को योजनाओं के आवेदन प्रपत्र प्रदान किए जाएंगे और पात्रता के अनुसार योजना से लाभ दिलाने की कार्यवाही भी की जाएगी। समाधान शिविरों में ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित एवं प्रोत्साहित भी किया जाएगा। 

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया है कि सुशासन तिहार का मूल उद्देश्य प्रशासन को जनता के द्वार तक ले जाना है। उन्होंने कहा, हमारा संकल्प है कि राज्य के हर नागरिक तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुँचे और कोई भी पात्र हितग्राही वंचित न रहे। सुशासन तिहार मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की जनहित के प्रति प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण बन गया है। यह अभियान केवल आवेदन संग्रह या समस्या निराकरण का माध्यम नहीं है, बल्कि यह राज्य के शासन-प्रशासन और जनता के बीच सेतु बन गया है।
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मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ पादप बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री विकास मरकाम के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में हुए शामिल

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय आडिटोरियम में छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के नव नियुक्त अध्यक्ष श्री विकास मरकाम के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने श्री मरकाम को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

        मुख्यमंत्री श्री साय ने पदभार ग्रहण समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के माध्यम से बस्तर एवं सरगुजा संभाग में औषधि पादप को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि औषधि पौधों में बहुत से गुण होते हैं, इनके साथ ही बेहतर आमदनी के लिए औषधि पादपों के रोपण को बढ़ावा देने की जरूरत है। बस्तर एवं सरगुजा में इसकी अपार संभावनाएं है। बोर्ड को इस दिशा में और अधिक कार्य करने की जरूरत है।

      मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे बैगा-गुनिया और वैद्य  आदिम समय से  वन औषधि की पहचान कर लोगों का इलाज करते हैं। उन्होंने कहा डॉ रमन सिंह जी ने बैगा, वैद्य के बेहतरी एवं मानव स्वास्थ्य सेवा के लिए छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड गठन किया था। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ के ओरछा के परंपरागत वैद्य श्री हेमंचद मांझी को औषधि पादप के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ठ कार्य के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया है। 

       आदिम जाति विकास मंत्री राम विचार नेताम ने कहा कि  जिन उद्देश्यों को लेकर छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड का गठन किया गया है, निश्चित ही श्री मरकाम के नेतृत्व में उन उद्देश्यों को पूरा कर पाएंगे।  वैद्यों के ज्ञान एवं वनौषधियों के अनुभव का संग्रहण कर एक डाटाबेस तैयार  करने बोर्ड  को कार्य करने की जरूरत है ताकि इस डाटा का उपयोग समाज एवं मानव स्वास्थ्य के बेहतरी के लिए किया जा सके। 

        वन एव जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि   छत्तीसगढ़ देश का आक्सीजन जोन है। वनौषधियों  के संरक्षण एवं संवर्धन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड की है। हमारी सरकार वन में रहने वाली ग्रामीणों के लिए बेहतर कार्य कर रहे है। छत्तीसगढ़ में 5500 रूपये प्रति मानक बोरा के दर समर्थन मूल्य में वनोपज की खरीदी होती है जिसका फायदा तेंदूपता संग्राहकों को मिलता है। इसके साथ ही 67 प्रकार के वनोपज की भी खरीदी होती है। पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह को पूर्व राज्यसभा सांसद श्री समीर उरांव  और पादप बोर्ड के नवनिययुक्त अध्यक्ष श्री विकास मरकाम ने भी सम्बोधित किया। 

  
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सुशासन तिहार: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रजिस्ट्री से संबंधित 10 क्रांतिकारी नवाचारों का तोहफा प्रदेशवासियों को दिया

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार में 10 क्रांतिकारी नवाचारों का तोहफा प्रदेशवासियों को दिया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज मेफेयर रिसॉर्ट में इन नवाचारों का शुभारंभ करते हुए कहा कि भूमि पंजीयन के लिए 10 नए क्रांतिकरी नवाचारों से राज्य की जनता को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार अपने डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में सुशासन की राह में आगे बढ़ रही है।  राजस्व से जुड़े कार्याे के लिए अब लोगों को कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।पंजीयन के साथ अब नामांतरण का कार्य भी तत्काल होगा। उन्होंने कहा कि राजस्व रिकॉर्ड में त्रुटि का असर भूस्वामी पर पड़ता है। त्रुटि कोई और करे और भुगतता कोई और है। अब लोगों को इन समस्याओं से मुक्ति मिलेगी। 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  ऑफलाईन व्यवस्था को बंद कर ऑनलाईन करते हुए सरकार  भ्रष्टाचार के रास्ते बंद कर रही है।कोयला, आबकारी सेक्टर में किए गए सुधारों की तर्ज पर भूमि पंजीयन की प्रक्रिया में रिफार्म किया गया है। इससे आम जनता को राहत मिलेगी। 

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ पहला राज्य है जहां सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है। राज्य सरकार सभी स्तर पर डिजिटल गवर्नेंस को अपना कर सुशासन स्थापना की दिशा में कार्य करते हुए शासकीय काम-काज में पारदर्शिता ला रही है। साथ ही शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर इनका लाभ आमजन तक समय पर पहुंचा रहे हैं । 

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रिफार्म, परफार्म और ट्रांसफार्म पर जोर देते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तकनीक को बढ़ावा देकर नागरिक सेवाओं की डिलीवरी को आसान बनाने का जो रास्ता दिखाया है, उस पर अग्रसर होते हुए राज्य सरकार छत्तीसगढ़ में लगातार रिफार्म कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले रजिस्ट्री और नामांतरण के लिए लोगों को महिनों चक्कर लगाना पड़ता था। अब ये कार्य मिनटों में होंगे।
 
वाणिज्यिक कर मंत्री ओ.पी.चौधरी ने कहा कि कोई भी अर्थव्यवस्था, देश और समाज जब तक तकनीक और रिफार्म को नहीं अपनाता है, तब तक महान नहीं बनता। उन्होंने कहा कि पंजीयन विभाग ने सुधारों को लागू करने के लिए दिन-रात मेहनत की है। उन्होंने कहा कि  व्यवस्था में परिवर्तन होने से पहले इसका विरोध होता है,लेकिन यह सत्य है कि विकास के लिए परिवर्तन जरूरी है।जनता के हित और सुशासन के लिए ईमानदारी और निष्ठा से कार्य हो, यह जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज के 10 क्रांतिकारी सुधार को तैयार करने के लिए विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने दिन-रात मेहनत की है जिसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पंजीयन विभाग में परिवर्तन से जनता को लाभ मिलेगा। 

वाणिज्यिक कर मंत्री चौधरी ने कहा कि सरकार ने पंजीयन विभाग में अनेक सुधार किये हैं। अब आमजनता को काम के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नही पड़ेगी। फर्जी रजिस्ट्री को शून्य करने का अधिकार पंजीयन महानिरीक्षक को दिया गया है। पारिवारिक दान, हक त्याग और बंटवारे पर पंजीयन शुल्क केवल 5 सौ रुपए कर दिया गया है। डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देते हुए सुगम एप के माध्यम से 2 लाख से अधिक संपत्तियों की जियो टैगिंग सुनिश्चित की गई है। इससे संपत्ति की पहचान और सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। गाइडलाइन मूल्य से अधिक विक्रय पर पंजीयन शुल्क माफ कर मध्यम वर्ग को राहत प्रदान की गई है,  विभागीय सेटअप बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का विजन है सरकार वहां तक पहुंचे जहां आम आदमी है और वह भी सरलता के साथ। डिजिटल गवर्नेंस का बेहतरीन उदाहरण इन 10 क्रांतिकारी पहल में है जो पंजीयन विभाग के माध्यम से किए गए हैं।  

राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में राज्य विकास की नित नई ऊंचाइयों को छू रहा है। पंजीयन में 10 नई क्रांतिकारी बदलाव आमजन को सहूलियत और राहत दिलाएगा। राजस्व और पंजीयन विभाग का यह संयुक्त प्रयास लोगों के लिए भूमि पंजीयन को नई दिशा देने का कार्य करेगा। इसका लाभ जनता को मिलेगा। राजस्व विभाग आम जनता से जुड़ा विभाग है, इन क्रांतिकारी उपायों के लागू होने से रजिस्ट्री की गड़बड़ियों को रोकने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग में 90 प्रतिशत प्रकरण नामांतरण के हैं। नई व्यवस्था के लागू होने से इन प्रकरणों की संख्या तेजी से कम होगी। हमारा विभाग लोगों को सुविधा देने के लिए संकल्पित है।

इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि सरकार द्वारा किए गए सुधारों से न केवल आम जनता को सुविधा मिलेगी, कार्य सुगमता से होंगे बल्कि भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगेगी। 

मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने कहा कि रजिस्ट्री विभाग में आज लागू हुए नवीन सुधार सरलता, सुगमता और सुविधा की क्रांति के बारे में है। एक साथ लाखों लोगों को सुविधा देने का कार्य इन सुधारों से हो सकेगा। अधिकारियों के अधिकारों को कम करना एक बड़ा विजनरी काम है। उन्होंने कहा कि हमें इस कार्य को करने का अवसर मिला। यह जनता कि इज ऑफ लिविंग को बढ़ाने का कार्य है।  

 वाणिज्यिक कर विभाग की सचिव अलरमेल मंगई डी. ने पंजीयन विभाग में लागू हुए रिफॉर्म्स की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आमजनों को अब रजिस्ट्री कराने रजिस्ट्री आफिस जाने की भी जरूरत नहीं है। अब घर बैठे रजिस्ट्री होगी ।  संपत्ति की रजिस्ट्री के बाद राजस्व विभाग में नामांतरण के लिए आवेदन नही लगाना पड़ेगा,अब संपत्ति की रजिस्ट्री के साथ समय से नामांतरण  हो जाएगा। जमीन की फर्जी खरीदी-बिक्री और धोखाधड़ी पर रोक लग जाएगी। किसी भी जमीन की आधार आधारित प्रमाणीकरण की सुविधा अर्थात आधार लिंक की वजह से बायोमैट्रिक पहचान धोखाधड़ी को रोकेगी। पंजीयन प्रक्रिया आनलाइन कर दी गई है।  आटो डीड जनरेशन की सुविधा भी आरंभ होने से पक्षकार को दस्तावेज बनाने, स्टांप खरीदने, एप्वाइंटमेंट लेने तथा पंजीयन प्रस्तुत करने अलग-अलग लोगों जैसे डीड राइटर, स्टांप वेंडर आदि के चक्कर नही लगाने पड़ेंगे। 

आज रजिस्ट्री कराने वाले हितग्राहियों ने बताया रजिस्ट्री में 15-20 मिनट लगे, साथ ही साथ नामांतरण भी हो गया

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर आज रजिस्ट्री कराने वाले लोगों से वीडियो कान्फ्रेंस से चर्चा की। बालोद जिले के सनौद गांव के मोहनलाल साहू ने कहा कि पहले रजिस्ट्री कराने के लिए हफ्ता-दो हफ्ता चक्कर लगाना पड़ता था। रजिस्ट्री कराने में सुबह से शाम हो जाती थी। आज अपने बेटे के नाम से 1700 वर्गफुट जमीन की रजिस्ट्री कराने में 15-20 मिनट लगा। ऐसा लगा कि सपना साकार हो गया। मुख्यमंत्री ने पूछा कि अंगूठे का निशान लगाना पड़ा क्या। साहू ने कहा कि नहीं। उन्होंने रजिस्ट्री में किए गए सुधारों के लिए मुख्यमंत्री श्री साय को धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री के पूछने पर बताया कि रजिस्ट्री के साथ नामांतरण भी हो गया है। रायपुर के अयूब अहमद ने बताया कि पहले नामांतरण कराने में 2-3 महीना लगता था। आज जल्द रजिस्ट्री हो गई साथ ही नामांतरण भी हो गया। उन्होंने मुख्यमंत्री, वाणिज्यिक कर मंत्री तथा राजस्व मंत्री को इसके लिए  धन्यवाद ज्ञापित किया। 

मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम में बलौदाबाजार के श्री प्रसन्न शुक्ला, मंदिरहसौद के श्री वेद प्रकाश सिन्हा, बलौदाबाजार श्री प्रवीण शुक्ला, श्री दिनेश यादव, श्री दिनेश्वर पटेल पंडरिया को नामांतरण प्रमाण पत्र वितरित किए। इस अवसर पर पंजीयन विभाग में किए गए रिफॉर्मस के बारे में वीडियो प्रदर्शित की गई।
 
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