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मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर में एआई डाटा सेंटर पार्क का किया शिलान्यास

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-22 में मेसर्स रैक बैंक के एआई डाटा सेंटर पार्क का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई उद्योग नीति के कारण कम समय में ही देश विदेश से स्थापना हेतु उद्योग आ रहे हैं, यही गति रही तो बहुत जल्द विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत का निर्माण हो जाएगा। यह वर्ष छत्तीसगढ़ की स्थापना का रजत जयंती वर्ष है, हमारी कोशिश रहेगी कि इसी साल स्थापना दिवस पर डाटा सेंटर का लोकार्पण हो जाये।

मुख्यमंत्री  साय ने एआई डाटा सेंटर की स्थापना करने जा रहे मेसर्स रैक बैंक प्रबंधन के प्रति बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि एआई डाटा सेंटर छत्तीसगढ़ के लिए सूचना और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति लेकर आया है। यह हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के जय विज्ञान, जय अनुसंधान के मंत्र को साकार करेगा और विकसित छत्तीसगढ़ की बुनियाद बनेगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि देश का ग्रोथ इंजन छत्तीसगढ़ अपने कोयला, स्टील, आयरन ओर, ऊर्जा के लिए पहचाना ही जाता है। अब एआई, सेमीकंडक्टर और सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री से हमें वैश्विक पहचान मिल रही है। विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि हम एक ऐसा छत्तीसगढ़ बना रहे हैं, जहां के युवा सेमीकंडक्टर भी तैयार करेंगे और एआई सेवाएं भी देंगे। एआई डेटा सेंटर से प्रदेश में एआई आधारित सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा। उद्योग और व्यापार जगत के साथ इसका सीधा लाभ लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में मिलेगा।

केंद्र सरकार के एआई मिशन का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने पिछले साल इंडिया एआई मिशन को मंजूरी दी थी। हमें गर्व है कि साल भर के भीतर हमने एआई को लेकर मोदी जी के विजन पर ठोस काम करके दिखाया है। आज कई सारे उद्योग डाटा से संचालित होते हैं। मोबाइल क्रांति के बाद अब एआई का दौर है। हमारे जीवन के हर क्षेत्र को एआई प्रभावित कर रहा है। ऐसे में छत्तीसगढ़ की एआई क्रांति देश के लिए मॉडल बनेगी। एआई डाटा सेंटर की स्थापना से एजुकेशन, चिकित्सा, मनोरंजन हो या कारखानों में होने वाला उत्पादन सभी को मजबूती मिलेगी। 

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि एआई डाटा सेंटर की स्थापना से 500 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। जब कोई उद्योग लगता है तो रोजगार के कई दूसरे अवसर भी सृजित होते हैं। मेसर्स रैक बैंक द्वारा स्थापित यह एआई डाटा सेंटर 5 मेगावाट क्षमता का है। इस पूरी परियोजना में लगभग एक हजार करोड़ रुपए का निवेश होगा। एआई डाटा सेंटर में ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट लगाई जाएंगी। इससे एआई पर चलने वाले कंप्यूटर इंफ्रास्ट्रक्चर, सेमीकंडक्टर निर्माण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि हम नवा रायपुर को आईटी मेडिसिटी और फार्मास्युटिकल हब के रूप में विकसित कर रहे हैं। 

डिजिटल कौशल को बढ़ावा देने के कैबिनेट में लिए गए निर्णय पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दो दिन पहले ही हमारी कैबिनेट ने डिजिटल कौशल को बढ़ावा देने के लिए नवा रायपुर अटल नगर में स्टेट ऑफ आर्ट  नाइलिट (State of Art NIELIT) की स्थापना के राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (नाइलिट) को लगभग 10 एकड़ जमीन निःशुल्क आबंटित की है। आज एआई डाटा सेंटर के लिए भूमिपूजन हो या फिर कुछ दिनों पहले सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्टरिंग यूनिट का शिलान्यास। इससे पता चलता है कि हमारी सरकार ईज ऑफ डुईंग बिजनेस से स्पीड ऑफ बिजनेस की ओर कैसे आगे बढ़ रही है। 

कुछ महीने पहले ही हम नई औद्योगिक नीति लेकर आए। इस नई नीति का कमाल देखिए पांच महीने में प्रदेश को साढ़े चार लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश मिल चुका है। नवा रायपुर की इस धरती पर आज हम जिस एआई डाटा सेंटर की नींव रख रहे हैं वह नई औद्यगिक नीति के कारण संभव हुआ है। क्योंकि अब प्रदेश में उद्योग लगाने के लिए निवेशकों को अलग-अलग विभाग में चक्कर नहीं काटने पड़ते। राज्य में कोई बड़ा उद्योग लगाना हो या स्टार्टअप शुरू करना होगा, सिर्फ एक क्लिक करने पर ही कई सरकारी विभागों की मंजूरियां मिल जाती हैं। नई औद्योगिक नीति के जरिए हमने अगले पांच साल में लगभग चार लाख नये रोजगार पैदा करने का लक्ष्य रखा है। 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारा प्रदेश ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में देश का नेतृत्व कर सकता है। हमारे पास आईटी, इंजीनियरिंग से जुड़े बेहतरीन संस्थान हैं। एनआईटी के साथ ही अब तो प्रदेश के आईटीआई में एआई आधारित पाठ्यक्रम पढ़ाए जा रहे हैं। एआई डाटा सेंटर परियोजनाओं के लिए बिजली की उपलब्धता काफी अहम होती है। सौभाग्य से हमारा प्रदेश पावर प्लस स्टेट है। मेसर्स रैक बैंक द्वारा अपनी इस परियोजना में सौर ऊर्जा का भी काफी इस्तेमाल किया जाएगा। ऐसे में प्रदेश का यह पहला एआई डाटा सेंटर देश में मॉडल बनेगा। पिछले दिनों मुझे मुंबई, दिल्ली, बैंगलुरु में इनवेस्टर मीट में शामिल होने का अवसर मिला। देशभर के उद्योगपति अब छत्तीसगढ़ में निवेश को लेकर उत्सुक हैं। एआई डाटा सेंटर छत्तीसगढ़ के विकास को गति देने के साथ युवा प्रतिभाओं की योग्यता को वैश्विक मंच प्रदान करेगा।
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फिर बदला मौसम का मिजाज, राजधानी में बारिश शुरू...

  एक दिन की शान्ति के बाद शनिवार को मौसम का मिजाज फिर बदल गया। गुरुवार को मौसम ने छत्तीसगढ़ के लगभग सभी हिस्सों में कहर बरपाया था। तेज आंधी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया था। आंधी के बाद बारिश ने सूर्य की तपिश से राहत दी थी। शुक्रवार को मौसम साफ़ था, लेकिन शनिवार दोपहर बाद बादल घिर गए और हवा चलने लगी। देखा जाए तो मौसम विभाग में 3 दिनों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया था।

तीन दिन का ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने प्रदेश के लिए तीन दिनों का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, रविवार से मंगलवार तक तेज आंधी, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। कुछ इलाकों में 60 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

इन जिलों में विशेष सतर्कता की जरूरत

मौसम विभाग ने रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, महासमुंद, धमतरी, अंबिकापुर और जांजगीर सहित कई जिलों को संवेदनशील माना है। यहां आंधी के साथ वज्रपात की भी आशंका जताई गई है। किसानों और आम नागरिकों को खुले स्थानों पर न रहने की सलाह दी गई है।

कृषि कार्यों पर असर
तेज आंधी और बारिश से फसल कटाई और भंडारण कार्य प्रभावित हो सकते हैं। कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि कटाई के बाद अनाज को ढककर रखें और अधिक खुले में न छोड़ें।

फिर बढ़ेगी गर्मी
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस बारिश और आंधी के दौर के बाद फिर से तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है। प्रदेश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री के पार जा सकता है।

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हाथी के हमले में बुजुर्ग की मौत, वन विभाग की चेतावनी को किया था नजरअंदाज

 जशपुर जिले के पत्थलगांव वन परिक्षेत्र अंतर्गत भेलवा कोचनीडीह गांव में हाथी के हमले में 76 वर्षीय बुजुर्ग की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान सीबन राम भोय के रूप में हुई है। यह घटना शुक्रवार रात करीब 10 बजे की बताई जा रही है।

वन विभाग की चेतावनी के बावजूद जंगल में रुके बुजुर्ग
वन विभाग ने क्षेत्र में हाथियों की सक्रियता को देखते हुए ग्रामीणों को पहले ही चेतावनी दी थी और जंगल छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई थी। वनकर्मी खुद सीबन राम के घर पहुंचकर उन्हें आगाह कर चुके थे, जिसके बाद उनकी पत्नी सुकांति बाई समय रहते जोरण्झरिया स्थित दूसरे घर चली गई थीं।

लेकिन सीबन राम ने वन विभाग की बात को गंभीरता से नहीं लिया और जंगल वाले घर में ही रुक गए। रात में हाथियों की आहट पाकर जब वह पत्नी के पास जाने के लिए घर से निकले, तभी एक हाथी ने उन पर हमला कर दिया। मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

इलाके में दहशत, जांच में जुटा वन विभाग
घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पंचनामा किया और मामले की जांच शुरू कर दी है। साथ ही वन विभाग की टीम भी घटनास्थल पर पहुंचकर जांच में जुटी हुई है।

वन विभाग की अपील
वन विभाग ने एक बार फिर स्थानीय ग्रामीणों से अपील की है कि वे जंगल की ओर न जाएं। यदि आवश्यक हो, तो पूरी सतर्कता और सुरक्षा उपायों के साथ ही क्षेत्र में प्रवेश करें।

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खुदको गृह मंत्री पीए बनकर धमकाने वाला युवक गिरफ्तार

 गृहमंत्री विजय शर्मा का निजी सचिव बनकर धमकी देने वाले एक युवक को बलौदाबाजार पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने खुद को नमन कुमार बताकर रेत घाट के मैनेजर को फर्जी आरोपों में फंसाने और सरकारी कार्रवाई की धमकी दी थी।

यह मामला 30 अप्रैल को सामने आया जब गिधपुरी थाना क्षेत्र के ग्राम दतरेंगी रेत घाट के मैनेजर इंद्रजीत मिरी को सुबह करीब 11 बजे एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को गृह मंत्री का पीए बताते हुए आरोप लगाया कि घाट पर अवैध रेत खनन और हाईवा ट्रकों से परिवहन हो रहा है। इसके बाद उसने कार्रवाई की धमकी दी।

डरे-सहमे मैनेजर ने गिधपुरी थाना में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी भावना गुप्ता ने तत्काल जांच के आदेश दिए। जांच में कॉल डिटेल के आधार पर आरोपी की पहचान की गई। आरोपी अमन कुमार कोसले (20), निवासी ग्राम नवरंगपुर, थाना दाढ़ी, जिला बेमेतरा को पुलिस ने हिरासत में लिया।

पूछताछ में अमन ने आरोप कबूल कर लिया कि उसने खुद को गृह मंत्री का पीए बताकर झूठी धमकी दी थी। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 319 के तहत मामला दर्ज किया गया है और उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया है।

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खाद्य विभाग एवं भण्डारण निगम की समीक्षा बैठक संपन्न

 आज कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में खाद्य विभाग एवं भण्डारण निगम की विभागीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जिले के खाद्य आपूर्ति से जुड़े समस्त पहलुओं की विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री दुदावत ने जिले में संचालित समस्त उचित मूल्य की दुकानों, गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों की संख्या की जानकारी मांगी।

उन्होंने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी केंद्रों की संख्या, अब तक की गई खरीदी एवं आगामी लक्ष्य की भी समीक्षा की। बैठक में उज्ज्वला योजना के अंतर्गत जिलेवार अनुमोदित हितग्राहियों की संख्या, राशन कार्डधारियों की वर्तमान स्थिति, शेष बचे पात्र हितग्राही परिवारों की जानकारी भी तलब की गई। कलेक्टर ने पात्र परिवारों को जल्द से जल्द राशन कार्ड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

इसके साथ ही स्टेट वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के गोदामों की भंडारण क्षमता, जिले में खाद्यान्न भंडारण की वर्तमान स्थिति तथा आवश्यक सुधारों पर भी चर्चा की गई। श्री दुदावत ने ‘नेल्लानार योजना’ के तहत चयनित ग्रामों में रहने वाले ग्रामीण परिवारों को राशन कार्ड एवं उज्ज्वला योजना का लाभ शीघ्र दिलाए जाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

कलेक्टर ने समस्त संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे तथा इसमें किसी प्रकार की लापरवाही न हो। इसके अलावा उन्होंने सहकारी समितियों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए पेट्रोल पंप संचालन और पर्यटन से भी जोड़ने की बात कही। इस  बैठक में जिला खाद्य अधिकारी श्री कीर्ति कौशिक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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ब्राम्हण समाज ने किया है ज्ञान और संस्कार देने का कार्य – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के डंगनिया में भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने भगवान परशुराम मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ब्राम्हण समाज ने सदैव समाज को ज्ञान और संस्कार देने का कार्य किया है। उन्होंने भगवान परशुराम जन्मोत्सव की सभी को शुभकामनाएं दीं और कहा कि भगवान परशुराम विष्णु के छठवें अवतार हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम का ननिहाल है और प्रभु श्रीराम हमारे भाँचा हैं। रामलला मंदिर निर्माण छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए गौरव और आस्था का विषय है। ‘श्रीरामलला दर्शन योजना’ के अंतर्गत अब तक 22,000 श्रद्धालु अयोध्या में रामलला के दर्शन कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना भी प्रारंभ की गई है, जिसमें श्रद्धालु सरकारी व्यय पर विभिन्न तीर्थ स्थलों की यात्रा कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है, जिसे धान का कटोरा कहा जाता है और 44 प्रतिशत भूभाग वनों से आच्छादित है। नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी जा रही है। हमारी सरकार ने 31 मार्च 2026 तक राज्य को नक्सलवाद से पूर्णतः मुक्त कराने का संकल्प लिया है।

उन्होंने बताया कि सरकार ने विकास के लिए एक सशक्त ‘विजन डॉक्यूमेंट’ तैयार किया है और नई औद्योगिक नीति लागू की गई है। डिजिटलीकरण के माध्यम से भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण किया जा रहा है, और दोषियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘2047 तक विकसित भारत’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए, हम ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस दिशा में ब्राम्हण समाज की भागीदारी भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने डेढ़ वर्ष के अल्पकाल में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारा है। चाहे वह प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत घर देने की बात हो या किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान का मूल्य दिलाना—हमने हर वर्ग की भलाई के लिए काम किया है। बस्तर और सरगुजा में जनजातीय समाज के लिए 5500 रुपये प्रति मानक बोरा तेंदूपत्ता की खरीदी कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में प्रक्रियाओं, संस्थाओं और क्रियाओं के शुद्धिकरण का कार्य जारी है। राज्य निवेश के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में उभर रहा है। कौशल उन्नयन, पारदर्शिता और सुशासन की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। पीएससी में भ्रष्टाचार की सीबीआई जांच चल रही है, और कई दोषी जेल की सलाखों के पीछे हैं। उन्होंने कहा कि ब्राम्हण समाज एक प्रगतिशील समाज है, जिसने हमेशा विमर्श और विचारों का स्वागत किया है।
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परिवर्तित मार्ग से चलेंगीं ये गाड़ियां...

 अधोसंरचना विकास के लिए रेलवे प्रशासन द्वार दक्षिण रेलवे के सेलम रेल मंडल के अंतर्गत स्टेशन में यार्ड रिमाडलिंग किया जाएगा। इसके फलस्वरूप दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से संबंधित गाड़ियों को विलंब व परिवर्तित मार्ग  से चलाया जाएगा।

परिवर्तित मार्ग से चलने वाली गाड़ियां:-
5 मई को तिरुनेलवेली जंक्शन से चलने वाली गाड़ी संख्या 22620 तिरुनेलवेली–बिलासपुर  एक्सप्रेस व्हाया पोत्तनूर जंक्शन, इरुगूर जंक्शन एवं कोयम्बत्तूर जंक्शन होते हुए  चलेगी।

7 मई को एर्नाकुलम जंक्शन से चलने वाली गाड़ी संख्या 22816 एर्नाकुलम – बिलासपुर एक्सप्रेस व्हाया पोत्तनूर जंक्शन, इरुगूर जंक्शन एवं कोयम्बत्तूर जंक्शन होते हुए  चलेगी।

11 मई को तिरुनेलवेली जंक्शन से चलने वाली गाड़ी संख्या 22620 तिरुनेलवेली – बिलासपुर  एक्सप्रेस व्हाया पोत्तनूर जंक्शन, इरुगूर जंक्शन एवं कोयम्बत्तूर जंक्शन होते हुए  चलेगी ।

14 मई को एर्नाकुलम जंक्शन से चलने वाली गाड़ी संख्या 22816 एर्नाकुलम – बिलासपुर एक्सप्रेस व्हाया पोत्तनूर जंक्शन, इरुगूर जंक्शन एवं कोयम्बत्तूर जंक्शन होते हुए  चलेगी।

विलंब से रवाना होने वाली गाड़ियां:-
19 मई को तिरुवनंतपुरम सेंट्रल से चलने वाली गाड़ी संख्या 22648 तिरुवनंतपुरम - कोरबा एक्सप्रेस विलंब से रवाना होगी ।
24 मई को कोरबा से चलने वाली गाड़ी संख्या 22647  कोरबा - तिरुवनंतपुरम एक्सप्रेस विलंब से रवाना होगी ।

यात्रियों से अनुरोध है कि असुविधा से बचने के लिए रेलवे द्वारा अधिकृत रेलवे पूछताछ सेवा NTES/139 से गाड़ी की सही स्थिति की जानकारी प्राप्त करके तदनुसार यात्रा प्रारम्भ करें । उक्त विशेष ट्रेनों के विस्तृत समय और ठहराव की विस्तृत जानकारी हेतु कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाएं या NTES ऐप डाउनलोड करें।

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सुशासन तिहार में भटगांव को मिला बड़ा तोहफा

जनहित को सर्वाेपरि रखने वाली छत्तीसगढ़ सरकार की सुशासन नीति का असर अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है। सुशासन तिहार के दौरान आम नागरिकों की लंबे समय से मांग को देखते हुए, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश के परिपालन में जिला प्रशासन सारंगढ़-बिलाईगढ़ द्वारा भटगांववासियों को बड़ी सौगात दी है। अब हर गुरुवार को भटगांव तहसील कार्यालय में एसडीएम लिंक कोर्ट लगेगा, जिससे लोगों को राजस्व मामलों के लिए अब बिलाईगढ़, सारंगढ़ नहीं जाना पड़ेगा।


कलेक्टर सारंगढ़-बिलाईगढ़ डॉ. कन्नौजे द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), बिलाईगढ़ का न्यायालय अब प्रत्येक गुरुवार को अस्थाई रूप से तहसील कार्यालय भटगांव में लगेगा। यह व्यवस्था आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगी। इस लिंक कोर्ट से सरसीवां और भटगांव तहसील से संबंधित राजस्व, दाण्डिक और समस्त न्यायालयीन प्रकरणों की सुनवाई और त्वरित निपटारा संभव हो सकेगा। इसके जरिए प्रशासनिक प्रक्रियाएं सरल होंगी और न्याय के लिए आमजन की पहुंच आसान होगी।

इस निर्णय से क्षेत्र के नागरिकों में हर्ष व्याप्त है। लंबे समय से राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए लोगों को बिलाईगढ़ या सारंगढ़ जाना पड़ता था। अब स्थानीय स्तर पर ही न्यायिक कार्यवाही होने से आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। यह पहल प्रशासनिक विकेन्द्रीकरण की दिशा में एक अहम कदम है, जिससे न्याय व्यवस्था और राजस्व प्रशासन दोनों को सुदृढ़ता मिलेगी। यह लिंक कोर्ट सुशासन के संकल्प को और अधिक मजबूत करेगा। भटगांव में एसडीएम लिंक कोर्ट की शुरूआत इस बात का प्रमाण है कि सुशासन तिहार केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि आमजन के जीवन में ठोस बदलाव लाने का माध्यम बन चुका है।
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छत्तीसगढ़ सरकार ने युवाओं के कौशल विकास को लेकर किए 4 महत्वपूर्ण एमओयू, खुलेंगे रोज़गार के नए द्वार

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर में नीति-राज्य कार्यशाला श्रृंखला के राज्य समर्थन मिशन के तहत छत्तीसगढ़ में युवाओं, महिलाओं और जनजातीय समुदायों के लिए कौशल विकास, रोजगार और आजीविका के अवसरों को विस्तार देने विषय पर आधारित कार्यशाला का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह कार्यशाला बदलते समय की जरूरतों के अनुरूप बेहद प्रासंगिक है। भारत एक युवा देश है और यदि युवाओं को उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार कौशल प्रशिक्षण मिले, तो हम ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को तेजी से हासिल कर सकते हैं। इस मौके पर राज्य के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आज चार महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एम.ओ.यू.) पर हस्ताक्षर किए गए।

मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि 2047 तक छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के लिए युवाओं, महिलाओं और जनजातीय वर्ग को केंद्र में रखकर योजनाएं बनाई जा रही हैं। उन्होंने नीति आयोग की आकांक्षी जिलों की पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे जनजातीय क्षेत्रों में बदलाव देखने को मिला है।  उन्होंने कहा कि राज्य समर्थन मिशन के बेहतर क्रियान्वयन से प्रदेश के युवाओं, महिलाओं और जनजातिय समुदाय के आजीविका के लिए प्रशिक्षण से रोजगार के नये अवसर शुलभ होंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं को कौशल से जोड़कर उन्हें रोजगार के योग्य बनाया जा सकता है। 
मुख्यमंत्री नेे बताया कि सरकार वर्ष 2013 से कौशल विकास को तीव्रता से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार लाइवलीहुड कॉलेज, आईटीआई और महिला स्व-सहायता समूहों को सशक्त बनाने पर काम कर रही है। उन्होंने महिंद्रा एंड महिंद्रा कंपनी के साथ समझौते की जानकारी देते हुए कहा कि इसके तहत राज्य के युवाओं को ट्रैक्टर निर्माण की आधुनिक तकनीक सिखाई जाएगी। उन्होंने कहा कि इस पहल से बस्तर और सरगुजा अंचल के ग्रामीण युवाओं तथा उनके परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आयेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर, मैकेनिक जैसे कौशलों की भारी मांग है, लेकिन कुशल कर्मचारियों की उपलब्धता कम है। सरकार इन क्षेत्रों में प्रशिक्षण देने के लिए व्यापक योजना तैयार कर रही है। साथ ही उन्होंने महुआ, इमली, साल जैसे वन उत्पादों से मूल्यवर्धन कर स्थानीय लोगों की आजीविका को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि आगामी योजनाओं में बस्तर और सरगुजा अंचल के आदिवासी युवाओं को विशेष कोर्स और प्रशिक्षण कार्यक्रम उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही महिलाओं के लिए स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रशिक्षण केंद्र खोलने की भी तैयारी है। उन्होंने बताया कि विभिन्न बड़ी कंपनियों से एमओयू कर निवेश और रोजगार के अवसर लाने की दिशा में काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि स्किल और इंडस्ट्री को जोड़ना जरूरी है। जब दोनों साथ होंगे तब रोजगार की संभावना अधिक रहेगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योग (जैसे कृषि, फल-फलियाँ, हस्तशिल्प) में युवाओं को प्रशिक्षित कर नए रोजगार सृजन पर बल दिया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि बस्तर में अब माओवाद का प्रभाव घट रहा है और हम युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार जल्द ही ई-हब की शुरुआत करेगी, जहां नवाचार करने वाले युवाओं को प्रोटोटाइप, फंडिंग और मार्केटिंग की सुविधा मिलेगी।

कार्यशाला को कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा सचिव एस. भारती दासन ने कहा कि छत्तीसगढ़ में युवाओं के लिए मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 4.83 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 2.66 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार भी मिला है। 

नीति आयोग की प्रोग्राम निदेशक डॉ. सोनिया पंत ने कहा कि नीति आयोग का ‘राज्य समर्थन मिशन’ राज्यों को उनकी आर्थिक व सामाजिक विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तकनीकी सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। उन्होंने आदिवासी क्षेत्रों में वन-आधारित आजीविका कार्यक्रमों को मजबूत करने पर ज़ोर दिया और कहा कि इससे आदिवासी समुदाय की आय में वृद्धि होगी। डॉ. पंत ने बताया कि राज्य-स्तरीय योजनाओं में जनजातीय युवाओं की भागीदारी बढ़ाने एवं उन्हें नई तकनीक और कौशल से जोड़ने पर नीति आयोग हर सम्भव मदद करेगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, कौशल विकास तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार के सीईओ  विजय दयाराम के. सहित विभागीय अधिकारी तथा बड़ी संख्या में युवा, महिला और जनजातीय समुदाय के प्रतिनिधि उपस्थित थे। 

कौशल विकास के लिए 4 महत्वपूर्ण एमओयू
 
राज्य के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आज चार महत्वपूर्ण एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर किए गए। इन समझौतों का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को रोजगारोन्मुख कौशल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
पहला एमओयू तकनीकी शिक्षा छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण एवं नन्दी फाउंडेशन के बीच हुआ। इस एम.ओ.यू. का मुख्य उद्देश्य सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित युवाओं की रोज़गार योग्यताओं को बढ़ाना है। यह कार्यक्रम उन्हें आवश्यक कौशल प्रदान करके उनके आजीविका के साधनों और आर्थिक सुरक्षा में सुधार लाने का प्रयास करता है। इसी तरह दूसरा एमओयू कौशल विकास प्राधिकरण एवं महेन्द्रा एंड महेन्द्रा के बीच हुआ, इस एम.ओ.यू. के अंतर्गत दंतेवाड़ा, बलरामपुर और कोंडागांव जिलों में स्थित लाइवलीहुड कॉलेजों में ट्रैक्टर मैकेनिक पाठ्यक्रम में अल्पकालिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण का संचालन रायपुर स्थित स्टेट प्रोजेक्ट लाइवलीहुड कॉलेज सोसायटी द्वारा किया जाएगा।

तीसरा एमओयू उच्च शिक्षा विभाग और नैसकॉम के बीच हुआ, इस समझौते का उद्देश्य कॉलेजों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों की जानकारी देकर उन्हें जॉब सीकर से जॉब प्रोवाइडर के रूप में विकसित करना है। यह कार्यक्रम युवाओं को इंडस्ट्री रेडी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इसी प्रकार उच्च शिक्षा विभाग और नन्दी फांउडेशन हैदराबाद के बीच चौथा समझौता हुआ, इस एम.ओ.यू. के तहत महाविद्यालयों के छात्रों को रोजगार परक प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें कुशल और आत्मनिर्भर युवा के रूप में तैयार किया जाएगा।
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छत्तीसगढ़ बना जीएसटी संग्रह में अग्रणी राज्य

अप्रैल 2025 में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रहण  में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय उपलब्धि  हासिल  की है। छत्तीसगढ़ ने  4,135 करोड़ का जीएसटी संग्रहण कर देश के शीर्ष 15 राज्यों की सूची में अपनी जगह बनाई है। जीएसटी संग्रहण के मामले में छत्तीसगढ़ ने केरल, पंजाब, बिहार और खनिज संसाधनों से भरपूर झारखंड जैसे राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है।

राज्य में इस आर्थिक प्रगति को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा व्यापार और उद्योग क्षेत्र में किए गए सशक्त सुधारों का प्रतिफल है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बीते 15 महीनों में राज्य सरकार ने ऐसे कई निर्णय लिए हैं, जिनसे निवेश और व्यापार को बढ़ावा मिला है ।

सरकार द्वारा किए गए प्रमुख सुधारों में उद्योग एवं व्यापार नियमों का सरलीकरण,
गैर-जरूरी और बाधक कानूनों की समाप्ति,सभी जरूरी सेवाओं की ऑनलाइन उपलब्धता,पेट्रोल पंप खोलने के लिए लाइसेंस की बाध्यता को समाप्त करना और उद्योगों की स्थापना के लिए प्रक्रिया को सरल बनाना शामिल है। 


इन सभी पहल से राज्य में उद्योग और व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिला है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है और राजस्व संग्रह में निरंतर वृद्धि हो रही है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने  कहा है छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाना हमारा लक्ष्य है। राज्य की आर्थिक स्थिति में यह वृद्धि जनता और उद्योग जगत के सहयोग से संभव हुई है।”

यह प्रदर्शन छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है और यह दिखाता है कि राज्य संसाधन आधारित अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर अब एक सशक्त औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर रहा है।
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34 हजार मूल्य का हाथभठ्ठी महुआ शराब व लाहन जब्त

  आबकारी आयुक्त श्याम धावड़े के निर्देश एवं कलेक्टर दीपक सोनी व उपायुक्त आबकारी अनिमेष नेताम के मार्गदर्शन में आबकारी विभाग की संयुक्त टीम द्वारा 34 हजार मूल्य का हाथभट्ठी कच्ची शराब तथा महुआ लाहन जब्त किया गया। 

जिला आबकारी अधिकारी गजेन्द्र कुमार सिंह से प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार को सुबह वृत्त कसडोल के हसुआ बलौदा सबरिया डेरा में अवैध मदिरा विनिर्माण की सूचना के आधार पर सहायक जिला आबकारी अधिकारी, संभागीय उड़नदस्ता रायपुर विशेश्वर साव, सहायक जिला आबकारी अधिकारी जलेश कुमार सिंह एवं वृत्त प्रभारी कसडोल के नेतृत्व में संयुक्त कार्यवाही गई। जिसमें नदी किनारे में अज्ञात व्यक्ति द्वारा डाली गई दो चढ़ी भठ्ठी नष्ट कर 120 ली अवैध कच्ची मदिरा तथा लगभग 200 किलोग्राम महुआ लाहन बरामद किया गया। बरामद मदिरा का परिक्षण कर तथा महुआ लाहन का सेंपल कब्जे में लिया गया। 

 
 

बरामद मदिरा तथा महुआ लाहन का बाजार मूल्य रूपये 34,000 होना पाया। अज्ञात व्यक्ति के विरूद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(च) तथा 34(2) का अपराध कायम कर विवेचना में लिया गया। आरोपी की पतासाजी की जा रही है। आबकारी आयुक्त एवं कलेक्टर  के निर्देश पर आबकारी विभाग की टीम द्वारा अलग-अलग क्षेत्रों में लगातार गश्त एवं कार्यवाही की जा रही है।

 
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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय, महानदी भवन में कैबिनेट की बैठक

 मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए - 


मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ राज्य के सुदूर अनुसूचित एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जहां यात्री परिवहन की सुविधा कम है, वहां आम जनता को सुलभ परिवहन सेवा उपलब्ध कराने के लिए ‘‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सुविधा योजना‘‘ शुरू करने का अहम निर्णय लिया गया है। 

           इस योजना के तहत हल्के/मध्यम परिवहन मोटरयान 18 से 42 बैठक क्षमता (चालक को छोड़कर) के वाहन को अनुज्ञा पत्र और सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। नवीन ग्रामीण मार्गाें के विनिर्धारण के लिए राज्य एवं जिला स्तर पर समिति का गठन किया जाएगा। अनुज्ञा का लाभ छत्तीसगढ़ राज्य के स्थानीय निवासियों को मिलेगा, जिसमें अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, महिलाओं तथा नक्सल प्रभावितों को प्राथमिकता दी जाएगी। लाभार्थियों का चयन निविदा प्रक्रिया से किया जाएगा। इस योजना के तहत संबंधित वाहन स्वामी को ग्रामीण मार्गाें पर वाहनों के संचालन के लिए प्रथम परमिट निर्गमन की तिथि से तीन साल अधिकतम अवधि के लिए मासिक कर में पूर्णतः छूट दी जाएगी।

         इस योजना के तहत संचालित विभिन्न श्रेणी के वाहनों को राज्य शासन द्वारा प्रथम वर्ष 26 रूपए प्रति किलोमीटर, द्वितीय वर्ष 24 रूपए प्रति किलोमीटर तथा तृतीय वर्ष 22 रूपए प्रति किलोमीटर विशेष वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना में दृष्टिहीन, बौद्धिक दिव्यांग, दोनों पैरों से चलने में असमर्थ दिव्यांग, 80 वर्ष और उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक, एड्स से पीड़ित व्यक्तियों को एक परिचारक के साथ किराया में पूरी छूट रहेगी, वहीं नक्सल प्रभावित व्यक्तियों को आधा किराया लगेगा। 


मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदेश की तकनीकी शिक्षा को सशक्त बनाने और डिजिटल कौशल को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। जिसके तहत नवा रायपुर अटल नगर में State of Art NIELIT की स्थापना के लिए राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान NIELIT को 10.023 एकड़ भूमि निःशुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। 

         राज्य में NIELIT केन्द्र की स्थापना से छत्तीसगढ़ में तकनीकी शिक्षा, डिजिटल कौशल विकास और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा। यह केन्द्र न केवल युवाओं को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा प्रदान करेगा, बल्कि उन्हें रोजगार के नये अवसर प्रदान करेगा। इससे छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्तर पर तकनीकी शिक्षा के मानचित्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरेगा। 

मंत्रिपरिषद ने रेगहा, बटाई, लीज और डुबान क्षेत्र पर खेती करने वाले किसानों के हित में बड़ा निर्णय लिया है। छत्तीसगढ़ सरकार की कृषक उन्नति योजना का लाभ अब उक्त श्रेणी के किसानों को भी मिलेगा। मंत्रिपरिषद ने बैठक में ‘‘कृषक उन्नति योजना‘‘ के दिशा-निर्देशों में संशोधन करते हुए इसका लाभ प्रदेश के ऐसे उक्त समस्त कृषक जिनसे खरीफ मौसम में सहकारी समिति एवं छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषक विकास निगम लिमिटेड के माध्यम से धान/धान बीज का उपार्जन किया गया हो, उन्हें आदान सहायता राशि दिए जाने का निर्णय लिया है। 

मंत्रिपरिषद की बैठक में सीधी भर्ती 2023 में नियुक्ति उपरांत सेवा समाप्त किये गये 2621 बी.एड. अर्हताधारी सहायक शिक्षकों के हित में महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए उनको अंतर्विभागीय समिति की अनुशंसा अनुसार सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के पद पर समायोजन करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग को अधिकृत किया गया है। 

        अंतर्विभागीय समिति की अनुशंसा अनुसार हटाये गए बी.एड अर्हताधारी 2621 सहायक शिक्षकों को सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के राज्य में रिक्त 4,422 पदों में समायोजित किया जाएगा। समायोजन गैर विज्ञापित पदों पर किया जाएगा। कला/विज्ञान संकाय से 12वीं उत्तीर्ण सहायक शिक्षकों को निर्धारित अर्हता (12वीं गणित/विज्ञान) पूर्ण करने हेतु 3 वर्ष की अनुमति दी जाएगी साथ ही इन अभ्यर्थियों को प्रयोगशाला कार्य के संबंध में एस.सी.ई.आर.टी. के माध्यम से दो माह का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। अन्य पिछड़ा वर्ग के शेष 355 अभ्यर्थियों के लिए सांख्येत्तर पदों का सृजन किया जाएगा। 

         समायोजन के लिए जिलों की प्राथमिकता में पहले राज्य के अनुसूचित क्षेत्र के जिलों के रिक्त पदों में उसके पश्चात सीमावर्ती जिलों के रिक्त पदों पर तत्पश्चात अन्य जिलों में समायोजन किया जाएगा। 
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कलेक्टर ने किया सरभोंका के बालक आश्रम का निरीक्षण

 कलेक्टर अजीत वसंत ने पोड़ी-उपरोड़ा ब्लॉक के ग्राम सरभोंका में स्थित बालक प्री-मैट्रिक आश्रम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आश्रम की सुविधाओं, स्वच्छता, और विद्यार्थियों की समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने आश्रम अधीक्षक को निर्देशित किया कि आश्रम में अध्ययनरत छात्रों को गुणवत्ता वाली शिक्षा और आवश्यक सुविधाएं निर्धारित मीनू अनुसार सुनिश्चित की जाएं। 

इसके अलावा, कलेक्टर ने छात्रों की सुरक्षा और कल्याण के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही। कलेक्टर वसंत ने यहाँ सिलेंडर के माध्यम से पकने वाले भोजन व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के अलावा खेलकूद गतिविधियों को भी बढ़ावा देने के निर्देश दिए। कलेक्टर वसंत ने आश्रम में दर्ज बच्चों में से 15 के अनुपस्थित रहने पर अधीक्षक को निर्देशित किया कि आश्रम में दर्ज बच्चों की शतप्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित किया जाए। इस दौरान एसडीएम तुलाराम भारद्वाज भी उपस्थित थे।

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ब्रह्माकुमारीज की दिवंगत मुख्य प्रशासिका दादी रतनमोहिनी जी को श्रध्दांजलि दी

  प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की दिवंगत मुख्य प्रशासिका दादी रतनमाहिनी की पुण्य स्मृति में शान्ति सरोवर रिट्रीट सेन्टर में श्रद्घाजंलि सभा का आयोजन किया गया। जिसमें सभी ने 101 वर्ष की आयु में दिवंगत मुख्य प्रशासिका दादी रतनमोहिनी को श्रद्घासुमन अर्पित किए।

           इस अवसर पर रायपुर संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने दादी जी के व्यक्तित्व का उल्लेख करते हुए बतलाया कि दादी रतनमोहिनी जी दैवी गुणों की थीं। उनमें नेतृत्व कला और प्रशासकीय कौशल भी था। बचपन से अध्यात्म के प्रति लगन और परमात्मा को पाने की चाह के कारण दादी रतनमोहिनी जी महज तेरह वर्ष की अल्पायु में ही ब्रह्माकुमारी संस्थान से जुड़ गई थीं। वर्ष 1937 में ब्रह्माकुमारीज की स्थापना से लेकर अब तक उन्होंने ८७ वर्षों का लम्बा समय इस संस्थान को दिया। वर्ष 1985 में उनके मार्गदर्शन में भारत के कोने-कोने से निकाली गई तीस हजार किलोमीटर की युवा पदयात्रा को सबसे लम्बी पदायात्रा के रूप में लिम्का बुक ऑफ वल्र्ड रिकार्ड में दर्ज किया गया था। वर्ष 2014 में गुलबर्गा विश्वविद्यालय ने उन्हें युवाओं और महिलाओं के आध्यात्मिक, नैतिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए डॉक्टरेट की उपाधि देकर सम्मानित किया था। वह नारी शक्ति के सबसे बड़े संगठन ब्रह्माकुमारीज की मुखिया के रूप में पांच हजार पांच सौ सेवाकेन्द्रों और पचास हजार गीता पाठशालाओं का संचालन कर रही थीं।

 

           समारोह में ब्रह्माकुमारी सविता दीदी, किरण दीदी, रश्मि दीदी, भावना दीदी, निधी दीदी, इति दीदी, वनिषा दीदी, अदिति दीदी सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

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पीएम आवास योजना में लापरवाही करने वाले 25 आवास मित्रों की सेवाएं की गई समाप्त

  मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के जनपद पंचायत खड़गवां /मनेंद्रगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत नियुक्त आवास मित्रों की लापरवाही सामने आई है। जिला पंचायत कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार इन आवास मित्रों को आबंटित ग्राम पंचायतों में कार्य में लापरवाही बरतने, प्रगति शून्य रहने, बैठकों में अनुपस्थित रहने और क्षेत्रीय दौरा नहीं करने के कारण सेवा से पृथक कर दिया गया है। 

जारी आदेश के अनुसार खड़गवां जनपद पंचायत के तहत कार्यरत आवास मित्र गोल्डी दास, द्वारिका प्रसाद, कलावती, बलराम, विक्की काशी, गौरव शर्मा, आशीष कुमार, अजीत कुमार, अंजना, आदित्य मलिक, अनिल कुमार, विनय सिंह, विनय कुमार निराला, पूजा सिंह और जनपद पंचायत मनेद्रगढ़ कार्यरत आवास मित्र कुमारी प्रिया सिंह, पूनम साहू, अभिषेक टोप्पो, अलविना एक्का, राम प्रसाद सिंह, कुमारी मायावती, कुमारी प्रिया साहू, कुमारी गीत, शोभन सिंह, नरेंद्र कुमार एक्का, गीता केवट,के कार्य से सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। इनके खिलाफ आरोप था कि ये अपने-अपने आबंटित ग्राम पंचायतों में निर्धारित दायित्वों का पालन नहीं कर रहे थे, जिससे प्रधानमंत्री आवास योजना के लक्षित उद्देश्यों की प्राप्ति प्रभावित हो रही थी। 

 

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मनेद्रगढ़/खड़गवां द्वारा भेजे गए प्रस्ताव के द्वारा इन आवास मित्रों को पद से पृथक करने का प्रस्तावित किया गया था एवं जनपद पंचायत भरतपुर/मनेंद्रगढ़ के तहत आवास प्लस सर्वे मे लापरवाही करने वाले प्रगणको चंद्रावती मौर्य(आंगनवाड़ी कार्यकर्ता), राकेश कुमार गोयल(पंचायत सचिव), अरुण मिश्रा(रोजगार सहायक), सकुंती बाई(आंगनवाड़ी कार्यकर्ता), सुनील सिंह (रोजगार सहायक), त्रिभूवन सिंह(रोजगार सहायक), ललित (डाटा एंट्री ऑपरेटर), शोभा पतवार(आंगनवाड़ी कार्यकर्ता), शारदा कुमारी (रोजगार सहायक), बबन सिंह (पंचायत सचिव), जय सिंह (रोजगार सहायक) को कारण बात नोटिस जारी किया गया

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 'बॉर्नियो मदर एंड चाइल्ड केयर हॉस्पिटल' का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के दावड़ा कॉलोनी, पचपेड़ी नाका स्थित ‘बॉर्नियो मदर एंड चाइल्ड केयर हॉस्पिटल’ का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर अस्पताल का उद्घाटन किया और परिसर का भ्रमण कर उपलब्ध सुविधाओं का अवलोकन किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक  राजेश मूणत, विधायक सुनील सोनी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसी भी राज्य के समग्र विकास में शिक्षा और स्वास्थ्य अधोसंरचना की अहम भूमिका होती है। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है और राजधानी से लेकर दूरस्थ अंचलों तक प्रत्येक नागरिक के स्वास्थ्य की चिंता हमारी सरकार कर रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार नवा रायपुर अटल नगर में 'मेडिसिटी' विकसित कर रही है, जिससे छत्तीसगढ़ न केवल देश के स्वास्थ्य मानचित्र पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएगा, बल्कि मेडिकल टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा। 

मुख्यमंत्री साय ने आयुष्मान भारत योजना की सराहना करते हुए  कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं।  कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री साय ने 'बॉर्नियो मदर एंड चाइल्ड केयर हॉस्पिटल' के प्रबंधन एवं स्टाफ को बधाई दी और आशा व्यक्त की कि यह संस्थान माताओं और नवजात शिशुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए सामाजिक सेवा में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
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कमिश्नर ने की उसुर,कोंटा,ओरछा और दुर्गकोंदुल ब्लॉकों के अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से चर्चा

  कमिश्नर डोमन सिंह ने कहा कि उसुर,कोंटा,ओरछा और दुर्गकोंदुल जैसे अंदरूनी  ब्लॉकों में आप लोगों को द्वारा कार्य किया जा रहा है। इस वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से आप लोगों के कार्यों की समीक्षा की जा रही है। सभी राजस्व अधिकारी नामांतरण बंटवारा और एफआरए के कार्यों को अभियान के रूप में कार्य करें। राजस्व के प्रकरण को समय सीमा के अंदर निराकरण करना सुनिश्चित करें। कमिश्नर श्री सिंह सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से बीजापुर जिले के उसुर, सुकमा जिले के कोंटा,नारायणपुर जिले के ओरछा और कांकेर जिले के दुर्गकोंदुल के राजस्व अधिकारियों सहित ब्लॉक के शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, विद्युत विभाग, कृषि और पीएचई विभाग के अधिकारियों से संवाद कर आवश्यक निर्देश दिए।

कमिश्नर ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) से उनके अनुभाग से नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा,वन अधिकार मान्यता प्रमाण पत्र, रिकॉर्ड रूम, निर्णित प्रकरणों को रिकॉर्ड रूम में जमा किया जाना के सम्बन्ध में जानकारी ली गई। कमिश्नर श्री सिंह ने कहा कि राजस्व के प्रकरणों को रिकॉर्ड रूम में व्यवस्थित रखें, रिकॉर्ड रूम को मतदान स्ट्रॉग रूम के तर्ज पर रखें ताकि राजस्व रिकॉर्ड और वन अधिकार मान्यता पत्र के रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखा जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि सभी ब्लॉक मुख्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए नेटवर्क की व्यवस्था दुरुस्त रखें। साथ ही तहसीलदार-नायब तहसीलदार कार्यालय में  नामान्तरण, सीमांकन, बंटवारा,  वन अधिकार मान्यता प्रमाण पत्र का संज्ञान लिया। कमिश्नर ने कहा कि वन विभाग द्वारा एफआरए के प्रकरण पर कार्यवाही नहीं होने पर कमिश्नर कार्यालय को जानकारी देने के निर्देश दिए। जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के द्वारा आधार कार्ड,राशन कार्ड, सुशासन तिहार के लक्ष्यों की जानकारी दी। इस पर आधार कार्ड और राशन कार्ड का लक्ष्य के आधार जानकारी देने के निर्देश दिए।

खण्ड शिक्षा अधिकारियों द्वारा न्योता भोज,सरस्वती साईकिल वितरण,मध्यान्ह भोजन का संज्ञान लिया और कमिश्नर ने न्योता भोज का आयोजन अधिक से अधिक करवाएं और जनप्रतिनिधियों को भी शामिल करने पर जोर दिया। साथ ही समर कैंप का आयोजन के सम्बन्ध में कार्ययोजना का संज्ञान लिया । मध्यान्ह भोजन बनाने वाले सहायिकाओं का भुगतान स्थिति का संज्ञान लिया।

खण्ड चिकित्सा अधिकारी  सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में जनेरिक औषधियों की उपलब्धता, पेयजल-विद्युत व्यवस्था,मौसमी बिमारियों की रोकथाम, आयुष्मान कार्ड का संज्ञान लिए मितानिनों की दवा पेटी का परीक्षण करवाकर दवा की उपलब्धता सुनिश्चित करें। सभी अनुभागीय अधिकारी राजस्व या तहसीलदारों के द्वारा बीच-बीच में स्वास्थ्य कर्मियों की दवाइयों की जांच किया जाए। ओरछा जैसे क्षेत्र में आयुष्मान कार्ड का अनुमानित लक्ष्य के आधार पर कार्ड बनाने हेतु नेट की सुविधा स्थल पर शिविर आयोजित करने कहा।परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास से गर्म भोजन, टीएचआर, आगनबाड़ी केन्द्रों में पेयजल एवं विद्युतीकरण का व्यवस्था का संज्ञान लिया। साथ ही आंगनबाड़ी  केंद्र का संचालन का समय का भी संज्ञान लिया।

ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से खाद, बीज की उपलब्धता का संज्ञान लिया,  सुशासन तिहार शिविर आयोजन से पहले खाद बीज का भंडारण और वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं सहायक अभियंता सीएसईबी से  पुलिस कैम्पों में विद्युतीकरण, विद्युत विहीन ग्राम,ग्रामों में नियमित विद्युत आपूर्ति का संज्ञान लिया। सभी  एसडीएम से विद्युत व्यवस्था का नियमित उपलब्धता का संज्ञान लिया।

अनुविभागीय अधिकारी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी से पेयजल की आपूर्ति,खराब हैण्ड पम्प की मरम्मत का संज्ञान लेते हुए कहा कि पेयजल, नल जल कनेक्शन की मांग को तत्काल मौका मुआयना कर कार्य पूर्ण करने कहा। बरसात से पहले पाइप परिवर्तन कर लें और क्लोरिन डालकर क्लीन करवाएं। बैठक में संयुक्त संचालक स्वास्थ्य तथा ब्लॉक स्तर पर अनुपस्थित रहने वाले कोंटा सहायक अभियंता सीएसईबी और उसुर ब्लॉक के प्रभारी तहसीलदार को स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए। इस दौरान डिप्टी कमिश्नर आरती वासनीकर, गीता रायस्त सहित सभी संबंधित विभाग के संभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया डीकेएस अस्पताल का औचक निरीक्षण

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज रायपुर के डीकेएस अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया और मरीजों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना। मरीजों ने अस्पताल प्रबंधन द्वारा प्रदान की जा रही सुविधाओं और व्यवहार के बारे में अपने अनुभव साझा किए।


निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने पाया कि अस्पताल के कई वार्डों में एयर कंडीशनर (एसी) खराब हैं, जिसके कारण मरीजों को गर्मी में असुविधा हो रही है। इसे गंभीरता से लेते हुए जायसवाल ने अस्पताल प्रबंधन को 24 घंटे के भीतर सभी खराब एसी को ठीक करने या नए एसी स्थापित करने के निर्देश दिए हैं।

स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने कहा कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और आरामदायक वातावरण प्रदान करना हमारी प्राथमिकता है और ऐसी स्थिति में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया कि मरीजों की सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी कमी को तत्काल दूर किया जाए।
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