छत्तीसगढ़ - Newsportal | Chhattisgarh Darpan Media Group

छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के विकास में देवांगन समाज की महत्वपूर्ण भूमिका: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम रायपुर में देवांगन समाज के महाकुंभ को संबोधित करते हुए कहा कि देवांगन समाज मेहनतकश और खुशहाल समाज है। समाज के लोग उन्नत खेती और व्यवसायी के रूप में छत्तीसगढ़ की विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यह समाज न केवल खेती और व्यापार में अग्रणी है, बल्कि शिक्षित और संगठित भी है। शिक्षा, सांस्कृतिक, कला, कृषि, व्यापार सभी क्षेत्रों में समाज के लोगो ने अपना वर्चस्व दिखाया है। उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करने में समाज की महत्वपूर्ण भूमिका होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि देश प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास कर रहा है। मोदी की गारंटी मतलब गारंटी का पूरा होना है। सरकार ने पिछले डेढ़ वर्षाे में किये गए वायदों को लगभग पूरा कर दिया गया है। सरकार बनते ही सर्वप्रथम छत्तीसगढ़ में 18 लाख से अधिक आवास की स्वीकृति पर मुहर लगाई गई। छत्तीसगढ़ में नारी सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन के माध्यम से महिलाओं को राशि दी जा रही है। इससे महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही है और सिलाई-कढ़ाई-सब्जी उत्पादन जैसे कार्यों से अपनी आमदनी बढ़ा रही है। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजनों की मांगों, शिकायतों और सुझावों के लिए सरकार ने प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार का आयोजन किया। इस सुशासन तिहार में सरकार के मंत्री और उच्च अधिकारी जनता के बीच जाकर मांगो, समस्याओं और सुझाव को सुनकर निराकरण किया। सुशासन तिहार में सुदूर वनांचल क्षेत्रो के साथ मैदानी क्षेत्रों में जाकर लोगो से रूबरू होकर योजनाओं के क्रियान्वयन के बारे में जानकारी ली। सुशासन तिहार में छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों का दौरा किया हूं। योजनाओं की जमीनी स्तर पर मॉनिटरिंग की। जनता जनार्दन से फीडबैक लिया। तीन चरणों में संपन्न सुशासन तिहार में 41 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए है, जिसका निराकरण किया गया है। प्रदेश में सुशासन स्थापित करने में हम कामयाब हुए हैं। सरकार द्वारा राज्य के विकास और सभी को समान अवसर उपलब्ध कराने भ्रष्टाचार के सभी रास्तो को बंद किया जा रहा है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार प्रशासनिक पारदर्शिता और डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रही है। अब जमीन की रजिस्ट्री के तुरंत बाद नामांतरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे आम जनता को राहत मिली है। भ्रष्टाचार को रोकने के लिए अधिकतर कार्य ऑनलाइन किए जा रहे हैं। 
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य में लागू उद्योग नीति की सराहना पूरे देश मे हो रहा है। प्रदेश में साढ़े 5 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश के प्रस्ताव मिले हैं। वर्तमान में नवा रायपुर में सेमीकंडक्टर प्लांट के निर्माण का कार्य प्रारंभ भी हो चुका है। राज्य में उद्योगों की स्थापना के साथ राज्य के युवाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। 

कार्यक्रम को उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, विधायक  किरण देव ने भी संबोधित किया। देवांगन समाज के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप देवांगन ने स्वागत उद्बोधन में देवांगन महाकुंभ के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में देवांगन महाकुंभ पुस्तक का विमोचन किया गया। इस अवसर पर विधायक  मोती लाल साहू,  पुरन्दर मिश्रा, समाज के पदाधिकारीगण और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
और भी

मुख्यमंत्री ने भोंगापाल में बांस नौका विहार केंद्र का किया शुभारंभ

 मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कोंडागांव जिले के भोंगापाल गांव में प्राचीन शिव मंदिर परिसर में महालक्ष्मी महिला स्वसहायता समूह के सदस्यों को कयाकिंग 05 नग नाव प्रदाय किया और संयुक्त वन प्रबंधन समिति भोंगापाल को तमुर्रा नाला में बांस नौका विहार केंद्र के शुभारंभ के लिए सामग्री बांटी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महिला समूह के अध्यक्ष सुनीता नाग सहित अन्य सदस्यों से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत प्राचीन शिव मंदिर परिसर भोंगापाल में पीपल के पौधे का रोपण किया।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, वन मंत्रीकेदार कश्यप, सांसद  महेश कश्यप, विधायक  लता उसेंडी, विधायक नीलकंठ टेकाम, बौद्ध धर्मगुरु भदन्त आर्य नागार्जुन सुरई ससई,  अनिल खोब्रागड़े संयोजक बुद्ध महोत्सव और बड़ी संख्या में बौद्ध समाज के अनुयायी, प्रबुद्धजन मौजूद थे।
और भी

चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रीय समाज के केन्द्रीय महाधिवेशन में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय

 मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रीय समाज का अतीत गौरवशाली रहा है। समाज में छत्रपति शिवाजी महाराज जैसे प्रतापी शासक हुए, वहीं सरदार वल्लभभाई पटेल जैसी महान विभूतियाँ हुईं, जिन्होंने देशी रियासतों के एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रीय समाज न केवल परिश्रम और स्वाभिमान का प्रतीक है, बल्कि यह समाज छत्तीसगढ़ के विकास का आधार स्तंभ भी है। छत्तीसगढ़ को नई दिशा और विकसित राज्य बनाने में इस समाज का महत्वपूर्ण योगदान है। मुख्यमंत्री श्री साय आज दुर्ग जिले के ग्राम कोलिहापुरी में आयोजित चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रीय समाज के केन्द्रीय महाधिवेशन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा तथा विधायक अजय चन्द्राकर, गजेन्द्र यादव एवं ललित चन्द्राकर विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए।

मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ में चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रीय समाज के अधिकांश लोग मूल रूप से किसान हैं और व्यापक स्तर पर कृषि कार्य से जुड़े हैं। प्रदेश सरकार किसान भाइयों के चेहरों पर हमेशा खुशी देखना चाहती है। सरकार लगातार किसान भाइयों की बेहतरी के लिए कार्य कर रही है। इस समय ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में 29 मई से 12 जून 2025 तक चल रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य वैज्ञानिकों को किसानों से सीधे जोड़ना और नई कृषि तकनीकों, सरकारी योजनाओं तथा सफल कृषि मॉडलों की जानकारी देना है। कृषि वैज्ञानिकों के 100 समूह छत्तीसगढ़ के विभिन्न इलाकों में किसानों से संवाद कर रहे हैं। ये वैज्ञानिक किसानों को ऑर्गेनिक खेती, खाद और ‘सॉयल हेल्थ कार्ड’ के सही उपयोग के बारे में जागरूक कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ का हर किसान तकनीकी रूप से सक्षम हो और उनकी आय में वृद्धि हो।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में खेती-किसानी तभी मजबूत होगी जब किसान भाइयों को उनकी उपज की सही कीमत मिलेगी। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने विधानसभा चुनाव के समय गारंटी दी थी कि प्रदेश में सरकार बनने पर किसानों को दो साल का बकाया बोनस दिया जाएगा। इसे पूरा करते हुए हमने किसानों के खातों में सरकार बनते ही राशि अंतरित की। मोदी जी की गारंटी के अनुरूप छत्तीसगढ़ में किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदी की जा रही है। बीते खरीफ सीजन में राज्य में 149 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदी का नया रिकॉर्ड बना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को उनकी उपज की पूरी कीमत मिल रही है। धान खरीदी के नए रिकॉर्ड बन रहे हैं, जिससे प्रदेश में खेती के प्रति किसानों का रुझान बढ़ रहा है। प्रदेश में सिंचाई के संसाधनों को बढ़ावा देने के साथ-साथ पशुपालन और मत्स्य पालन को भी प्राथमिकता दी जा रही है। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए गरीब परिवारों को दो-दो दुधारू पशु दिए जाएंगे, जिनकी देखभाल की जिम्मेदारी राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड को सौंपी गई है। किसानों को दूध बेचने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए दुग्ध एकत्र करने के लिए भी व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि दंतेवाड़ा जिले में मिलेट्स (कोदो, कुटकी और रागी) की खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रोसेसिंग संयंत्र की स्थापना की जा रही है। यह अनाज पहले गरीबों का भोजन माना जाता था, लेकिन अब यह पोषणयुक्त होने के कारण उच्च वर्ग में भी लोकप्रिय हो रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमने नई औद्योगिक नीति बनाई है, जिसमें प्रदेश की जरूरत के हिसाब से उद्योग की स्थापना के लिए अनेक प्रावधान किए गए हैं। हमारी सरकार का संकल्प है – सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास। इसी भावना से हम समाज के हर वर्ग के लिए योजनाएँ बना रहे हैं और उन्हें कार्यरूप में परिणत कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में किसानों, महिलाओं, बुजुर्गों और समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएँ लागू की गई हैं। महतारी वंदना योजना के तहत 70 लाख से अधिक महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। इससे महिलाएँ आत्मनिर्भर बन रही हैं और सिलाई, कढ़ाई, सब्ज़ी उत्पादन जैसे कार्यों से अपनी आमदनी बढ़ा रही हैं। मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना को एक बार फिर शुरू किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक 22,000 से अधिक श्रद्धालु लाभान्वित हो चुके हैं। उन्होंने अवगत कराया कि सुशासन तिहार में छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों का दौरा किया। योजनाओं की जमीनी स्तर पर मॉनिटरिंग की और जनता जनार्दन से फीडबैक लिया। तीन चरणों में संपन्न सुशासन तिहार में 40 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनका निराकरण किया जा रहा है। 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार प्रशासनिक पारदर्शिता और डिजिटल व्यवस्था की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रही है। अब जमीन की रजिस्ट्री के तुरंत बाद नामांतरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे आम जनता को राहत मिली है। भ्रष्टाचार को रोकने के लिए अधिकांश कार्य ऑनलाइन किए जा रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में सरकार ने विशेष ध्यान दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा केवल नौकरी पाने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन और समाज को बेहतर बनाने का जरिया है। प्रदेश में आईआईटी, आईआईआईटी, लॉ यूनिवर्सिटी और मेडिकल कॉलेज जैसे प्रमुख संस्थान स्थापित किए गए हैं। नई शिक्षा नीति के अंतर्गत सरकार बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने और उन्हें समाज के लिए उपयोगी नागरिक बनाने का कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कुर्मी समाज की सराहना करते हुए कहा कि यह समाज उन्नत कृषक और व्यापारी समाज है, जो छत्तीसगढ़ के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह समाज न केवल खेती और व्यापार में अग्रणी है, बल्कि शिक्षित और संगठित भी है। उन्होंने आग्रह किया कि विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करने में सभी सामाजिक संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब कोई समाज मजबूत होता है तो उससे पूरा राष्ट्र मजबूत होता है। शिक्षा, सेवा और जागरूकता से ही समाज और राष्ट्र का सशक्त निर्माण संभव है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि समाज को जोड़कर सही मार्ग दिखाने वालों का समाज में हमेशा सम्मान होता है। आज समाज की नई पीढ़ी को संस्कारवान बनाने की आवश्यकता है।

और भी

खारुन आजादी पदयात्रा सोमनाथ घाट से प्रारंभ

खारुन और शिवनाथ नदी के संगम स्थल सोमनाथ घाट लखना में रविवार को मेले जैसा नजारा रहा । छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के आह्वान पर खारुन अंचल के हजारों लोग नदी तट पर उपस्थित थे । सामने दम तोड़ती खारुन नदी की दुर्दशा देखकर सबके मन में आक्रोश था । नदी के पुन:जीवन का संकल्प लेकर वहां क्रान्ति सेना के सैकड़ों सेनानियों सहित सैकड़ों ग्रामीणों एवं पर्यावरणविदों ने भगवान सोमनाथ पर जलार्पण करके पांच दिवसीय "खारुन दाई आजादी पदयात्रा" की शुरुआत की । यात्रा का उद्देश्य खारुन जल का भयानक औद्योगिक दोहन रोकना, नदी को प्रदूषण से मुक्ति दिलाना एवं प्राकृतिक जैविक चक्र को पूर्ववत पुनर्जीवित करना है । पदाधिकारियों ने बताया कि पूरे पांच दिन नदी के तटवर्तीय क्षेत्रों में पदयात्री जनसभाओं के जरिये छत्तीसगढ़ वासियों को उनके पर्यावरण संबंधी नैसर्गिक अधिकारों के प्रति जागरूक करेंगे । इस पदयात्रा में क्रान्ति सेना के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अजय यादव सहित सैकड़ों क्रान्ति सैनिक चल रहे हैं । इस आयोजन को क्षेत्रीय राजनैतिक दल "जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी" ने अपना पूर्ण समर्थन दिया है ।यह यात्रा विश्व पर्यावरण दिवस 05 जून को महादेव घाट रायपुर में समाप्त होगी । 
और भी

रेत से लदे ट्रेलर ने बाइक सवार तीन युवकों को कुचल, एक की मौत, दो गंभीर

  पाली थाना क्षेत्र के धोराबाठा मोड़ के पास शुक्रवार दोपहर को रेत से लदे तेज रफ्तार ट्रेलर ने बाइक सवार तीन युवकों को कुचल दिया जिसमें अक्षय कश्यप नामक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रेलर चालक नशे की हालत में था और टक्कर के बाद घटनास्थल से फरार हो गया। भिड़ंत इतनी भीषण थी कि अक्षय का शव ट्रेलर के पहिए में फंस गया और शरीर दो हिस्सों में बंट गया। फिलहाल पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश में जुट गई है।

जानकारी के मुताबिक 35 वर्षीय अक्षय कश्यप कसडीहा गांव का निवासी था और शुक्रवार को अपने दो साथियों के साथ पाली आया था। दोपहर को काम खत्म करने के बाद तीनों युवक बाइक से गांव लौट रहे थे, तभी सामने से आ रहे ट्रेलर ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में अक्षय की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य दो युवकों को राहगीरों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां दोनों का इलाज चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन और गांव के लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल पर पहुंचे।

 

आक्रोशित ग्रामीणों ने ट्रेलर चालक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया। जाम के चलते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पाली पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज कर लिया है। परिजनों को ट्रेलर मालिक द्वारा एक लाख रुपये और प्रशासन की ओर से 25 हजार रुपये की सहायता राशि दी गई, जिसके बाद ग्रामीणों ने जाम हटाया। परिजनों ने बताया कि अक्षय मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता था और वही घर का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था।

 
और भी

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: ACB ने विजय भाटिया को दिल्ली से किया गिरफ्तार

 

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने फरार आरोपी विजय भाटिया को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। भाटिया को पूछताछ के लिए छत्तीसगढ़ लाया जा रहा है।

भाटिया को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का करीबी कारोबारी माना जाता है और वह ईओडब्ल्यू, एसीबी और ईडी की कई जांचों में पहले से संदिग्ध था। इससे पहले तीन बार उसके नेहरू नगर, दुर्ग स्थित ठिकानों पर छापा मारा गया था लेकिन वह फरार हो गया था। इस बार दिल्ली से दबोच लिया गया।

दुर्ग-भिलाई में एक साथ 5 ठिकानों पर छापेमारी
रविवार सुबह से ही EOW और ACB की संयुक्त टीम ने दुर्ग-भिलाई के पांच ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की। इनमें विजय भाटिया के मैनेजर संतोष रामटेके के घर पर भी रेड की गई। रामटेके फिलहाल दिल्ली में मौजूद हैं। टीमें शराब घोटाले से जुड़े दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच में जुटी हैं।

ED की चार्जशीट में 21 आरोपी
ED ने अपनी चार्जशीट में 21 आरोपियों के नाम शामिल किए हैं, जिनमें पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, कारोबारी अनवर ढेबर, पूर्व IAS अधिकारी अनिल टुटेजा, त्रिलोक सिंह ढिल्लन, भाटिया वाइन मर्चेंट, सिद्धार्थ सिंघानिया का नाम शामिल हैं। वहीं छत्तीसगढ़ डिस्टिलर, वेलकम डिस्टिलर, ओम साईं ब्रेवरीज, टॉप सिक्योरिटी, दिशिता वेंचर कंपनियां भी निशाने पर हैं। 

ED ने 28 दिसंबर 2024 को लखमा और उनके परिजनों के ठिकानों पर छापा मारा था। 15 जनवरी 2025 को उन्हें गिरफ्तार कर रायपुर सेंट्रल जेल भेजा गया।

भूपेश सरकार के दौरान हुआ घोटाला
ED की रिपोर्ट के अनुसार, यह शराब घोटाला भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में हुआ, जिसमें तत्कालीन आबकारी विभाग के अधिकारी एपी त्रिपाठी, आईएएस अनिल टुटेजा और कारोबारी अनवर ढेबर ने मिलकर अवैध शराब वितरण नेटवर्क से करोड़ों रुपये का लाभ उठाया।

विजय भाटिया की गिरफ्तारी से घोटाले की जांच में नया मोड़ आ गया है। ACB और EOW की टीम अब घोटाले के नेटवर्क को उजागर करने के अंतिम चरण में है। आने वाले दिनों में और भी बड़े नामों पर शिकंजा कसने की संभावना है।

और भी

मरीन ड्राइव में हादसा: सड़क पर गिरा होर्डिंग का फ्रेम, दो गाड़ियां क्षतिग्रस्त

  राजधानी के मरीन ड्राइव चौक पर रविवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया, जब तिरंगा यात्रा के दौरान एक विशालकाय होर्डिंग का लोहे का फ्रेम गिर पड़ा। हादसे में दो कारें क्षतिग्रस्त हो गईं, हालांकि सवारों को गंभीर चोट नहीं आई। घटना के चलते इलाके में कुछ देर तक ट्रैफिक जाम की स्थिति भी बनी रही।


पुराने होर्डिंग बन रहे जानलेवा खतरा
बारिश और आंधी-तूफान के इन दिनों में पुराने व जर्जर होर्डिंग व स्वागत गेट के स्ट्रक्चर गिरने का खतरा लगातार बढ़ रहा है। निगम प्रशासन ने पिछले महीने स्ट्रक्चर की जांच और एड फर्मों से सुरक्षा गारंटी सर्टिफिकेट मांगा था, लेकिन यह अभियान शुरू होते ही ठंडे बस्ते में चला गया।

सैकड़ों होर्डिंग हादसे को न्योता दे रहे
शहरभर में लगे सैकड़ों कमजोर और झुके हुए होर्डिंग, निगम की अनदेखी के कारण किसी बड़ी अनहोनी को दावत दे रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं कि निगम कब तक हादसे के इंतजार में बैठा रहेगा?

शहरवासियों की सुरक्षा के लिए पुराने और असुरक्षित होर्डिंग्स पर सख्त कार्रवाई जरूरी है। प्रशासन को चाहिए कि सभी स्ट्रक्चर्स की दोबारा जांच कराए और असुरक्षित होर्डिंग्स को तत्काल हटवाए, ताकि भविष्य में कोई जानलेवा हादसा न हो।

 

 

और भी

काम दिलाने के बहाने युवतियों को देह व्यपार में धकेला: महिला दलाल गिरफ्तार

 रायपुर के भाठागांव स्थित एक किराए के मकान में देह व्यापार रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। पुरानी बस्ती थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर दलाल महिला रूषा खरे को गिरफ्तार किया है, जो सरगुजा, जांजगीर-चांपा और सारंगढ़ की गरीब लड़कियों को काम दिलाने के बहाने रायपुर लाकर जबरन देह व्यापार में धकेल रही थी।

कैसे हुई कार्रवाई
पुरानी बस्ती थाना प्रभारी को सूचना मिली कि इटालिया हाउस, भाठागांव के एक किराए के मकान में अनैतिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह के निर्देश, और एएसपी दौलतराम पोर्ते व लखन पटले के मार्गदर्शन में नगर पुलिस अधीक्षक राजेश देवांगन के नेतृत्व में टीम 

गठित कर छापामार कार्रवाई की गई।
एक पांइटर (गवाह) को नकद 1500 रुपये देकर भेजा गया, जिसने मोबाइल मिस कॉल के जरिए पुलिस को संकेत दिया। इसके बाद टीम ने मकान में दबिश दी और चार महिलाओं को आपत्तिजनक हालत में पकड़ा।

गिरफ्तारी और जब्ती
मुख्य आरोपी रूषा खरे पति धनउ खरे (उम्र 38) निवासी अंबेडकर नगर, पेंड्रावन, सारंगढ़-बिलाईगढ़ को मौके से गिरफ्तार किया गया।

युवतियों का बयान
अन्य तीन युवतियों ने बताया कि रूषा खरे ने उन्हें अधिक पैसे और नौकरी का लालच देकर रायपुर बुलाया और फिर जबरन देह व्यापार में धकेल दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम 1956 की धारा 4, 5, 7 के तहत एफआईआर क्रमांक 224/2025 दर्ज किया और रूषा खरे को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

टीम की अहम भूमिका

इस कार्रवाई में विशेष रूप से सीएसपी पुरानी बस्ती: राजेश देवांगन, थाना प्रभारी: योगेश कश्यप, उप निरीक्षक: शिशुपाल चंद्रवंशी, महिला प्रधान आरक्षक: योगिता मिश्रा, महिला आरक्षक: कावेरी चक्रवर्ती, टीआई और आरक्षक टीम शामिल रहे।

यह कार्रवाई पुलिस के उस अभियान का हिस्सा है जिसमें सैलून, स्पा और किराए के मकानों में चल रहे देह व्यापार की रोकथाम की जा रही है। पुलिस ने दोबारा चेतावनी दी है कि शहर में ऐसे अनैतिक कृत्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

और भी

सुशासन तिहार जनता की समस्याओं के समाधान का अभियान: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रिमझिम बारिश के बीच आज धमतरी के समाधान शिविर में पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नागरिकों की मांग पर 213 करोड़ रूपए की लागत के विकास कार्याें की सौगात दी। उन्होंने हाईटेक बस स्टैण्ड, अत्याधुनिक ऑडिटोरियम और तीन सड़कों के निर्माण की मंजूरी दी। आज जनता की समस्याओं के समाधान के लिए मिशन मोड में प्रदेश भर में पिछले 54 दिनों से संचालित सुशासन तिहार का आज धमतरी के पुराने कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित इस समाधान शिविर और समीक्षा बैठक के बाद समापन हो गया। 

मुख्यमंत्री  साय ने धमतरी के समाधान शिविर में आमजनों से योजनाओं की मैदानी स्थिति की जानकारी ली और व्यक्तिगत रूप से आवेदनों के समाधान की प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न शासकीय स्टालों का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का शीघ्र और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। रिमझिम बारिश के बावजूद जनसमूह का उत्साह देखते ही बनता था। कमल के फूलों के हार के साथ हजारों की संख्या में नागरिकों ने मुख्यमंत्री का जोशिला स्वागत किया। 

धमतरी में बड़ी घोषणाएं

सुशासन त्योहार के अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने धमतरी जिले की बहुप्रतीक्षित मांगों को पूरा करते हुए 213 करोड़ रुपये के कार्याें की सौगात दी। उन्होंने धमतरी में हाईटेक बस स्टैंड के लिए 18 करोड़ रूपए, एक सर्वसुविधायुक्त ऑडिटोरियम के लिए 10 करोड़ 50 लाख रूपए, सिहावा चौक से कोलियारी तक फोर लेन सड़क निर्माण 5 किलोमीटर के लिए 69 करोड़ रुपए, रत्नाबन्धा से मुजगहन तक फोरलेन सड़क के लिए 56 करोड़ रूपए और धमतरी से नगरी मुख्य मार्ग नवीनीकरण और मजबूतीकरण के लिए 60 करोड़ रुपए की घोषणा की।

सुशासन के मायने अच्छा शासन 

मुख्यमंत्री ने समाधान शिविर को सम्बोधित करते हुए कहा कि सुशासन का अर्थ है -अच्छा शासन। ‘सुशासन तिहार’ आपकी समस्याओं के निराकरण के लिए आयोजित त्योहार है। 8 अप्रैल से शुरू हुए इस महाअभियान के प्रथम चरण में राज्य के प्रत्येक जिले में ग्रामीणों से आवेदन लिए गए, दूसरे चरण में आवेदनों पर कार्यवाही की गई और तृतीय चरण में 08 से 10 ग्राम पंचायतों के बीच समाधान शिविरों का आयोजन कर आवेदनों के निराकरण की जानकारी हितग्राहियों को दी गई। सुशासन तिहार के दौरान अचानक गांव में पहुंचकर ग्रामीणों की चौपाल में लोगों से फीडबैक लिया गया और उनकी समस्याओं का यथासंभव समाधान किया गया। इस दौरान विकास कार्याें का औचक निरीक्षण भी किया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेशभर में 40 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 95 प्रतिशत का समाधान किया जा चुका है। यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि प्रशासन जनता के प्रति उत्तरदायी और संवेदनशील है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी का मतलब है, पूरी होने की गारंटी। पूर्व सरकार के कार्यकाल में जिन 18 लाख गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित किया गया था, उनकी चिंता करते हुए हमारी सरकार ने पहली ही कैबिनेट में इन सभी आवासों को स्वीकृति दी। अब तक लाखों हितग्राहियों को गृहप्रवेश कराया जा चुका है। हाल ही में बिलासपुर में आयोजित प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने 3 लाख आवास और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने अंबिकापुर के कार्यक्रम में 51 हजार से अधिक आवासों का गृहप्रवेश कराया। 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आत्मसमर्पित माओवादियों और पीड़ित परिवारों के लिए विशेष 15,000 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इसके साथ ही विशेष जनजातियों कोरवा, पहाड़ी कोरवा, अबुझमाड़िया आदि के लिए 32,000 अतिरिक्त आवास स्वीकृत किए गए हैं। यह सभी पहल दर्शाती हैं कि सरकार समाज के सबसे अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

महतारी वंदन योजना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 70 लाख से अधिक माताओं को इसका लाभ मिल चुका है। उन्होंने कहा कि यदि किसी महिला का नाम छूट गया है या विवाह के बाद नाम अपडेट करना है, तो उसकी भी सुविधा आगे दी जाएगी। सरकार पूरी संवेदनशीलता से सभी को योजना से जोड़ने का कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि ‘मुख्यमंत्री रामलला दर्शन योजना’ और ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ के अंतर्गत बुजुर्गों को लाभ मिल रहा है।

योजनाओं की जानी हकीकत

मुख्यमंत्री साय ने धमतरी समाधान शिविर में पहुंचे ग्रामीणों से संवाद कर योजनाओं का फीडबैक लिया। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभान्वित हितग्राही जोधापुर डाकबंगला वार्ड की श्रीमती सुधा मारकण्डे ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्हें पक्का मकान मिल गया है और अब पानी टपकने और कीड़े-मकोड़े आदि का डर नहीं है। लखपति दीदी श्रीमती संतोषी हिरवानी ने बताया कि वह आजीविका के लिए मुर्गीपालन के साथ ही मछलीपालन, पशुपालन, मशरूम उत्पादन आदि का व्यवसाय कर रही हैं, इससे उन्हें 12 हजार रूपये की अतिरिक्त आय हो रही है। कला केन्द्र में कराटे और डांसिंग सिखाने वाले वेदप्रकाश साहू ने कहा कि, कलाकेन्द्र स्थापित होने से उन्हें रोजगार का अवसर मिला। आयुष्मान वय वंदन कार्ड के हितग्राही श्री घनाराम रजवाड़े ने कार्ड के जरिए मिल रही निःशुल्क इलाज की सुविधा मिल रही है। 

और भी

अतिशेष प्रधान पाठकों और सहायक शिक्षकों की काउंसिलिंग प्रक्रिया प्रारंभ

 राज्य शासन के दिशा निर्देशानुसार कलेक्टर अजीत वसंत की उपस्थिति में आज कोरबा जिले के अतिशेष प्रधान पाठकों और सहायक शिक्षकों की पदस्थापना के लिए काउंसिलिंग की प्रक्रिया राजीव गांधी आडिटोरियम टांसपोर्ट नगर में चल रही है। प्रथम चरण में वरिष्ठता के आधार पर अतिशेष प्रधानपाठकों की काउंसलिंग की गई। सहायक शिक्षकों की काउंसिलिंग प्रक्रिया जारी है। काउंसिलिंग प्रक्रिया में प्रधानपाठकों द्वारा रिक्त स्थानों में से अपने पसंद के विद्यालयों का चयन किया। सहायक शिक्षकों द्वारा भी काउंसिलिंग में सम्मिलित होकर निर्धारित सूची में से पसंद के विद्यालयों का चयन किया जा रहा है।

 कलेक्टर अजीत वसन्त ने शासन के निर्देशों के अंतर्गत पारदर्शिता के साथ काउंसिलिंग की प्रकिया अपनाए जाने की बात कही है। उन्होंने कहा है कि जिले में शिक्षक विहीन विद्यालयों और एकल शिक्षकीय विद्यालय में अतिशेष शिक्षकों का समायोजन होने से दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को नियमित शिक्षक उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी। काउंसिलिंग में सम्मिलित शिक्षकों द्वारा चयनित विद्यालय में तत्काल नवीन पदस्थापना आदेश भी जारी किया जा रहा है।

शिक्षिका ने जताई संतुष्टि
काउंसिलिंग में सम्मिलित होकर निर्धारित सूची में से पसंद का स्कूल चयन कर नवीन विद्यालय में जाने वाली प्राथमिक शाला जेन्जरा की शिक्षिका  देकुमारी साहू ने काउंसिलिंग की प्रक्रिया की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें खुशी है कि अब नवीन विद्यालय ढेलवाडीह में शिक्षक का दायित्व निर्वहन करेंगी। उन्होंने काउंसिलिंग में पसन्द के विद्यालय मिलने पर खुशी प्रकट की।
और भी

हजारों की संख्या में स्कूल बंद होने की बातें भ्रामक और तथ्यहीन

शिक्षा विभाग ने कतिपय संगठनों एवं व्यक्तियों द्वारा युक्तियुक्तकरण से हजारों की संख्या में स्कूलों के बंद होने की बात को पूरी तरह से भ्रामक और तथ्यहीन बताया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने कहा है कि असलियत इससे बिलकुल अलग है। प्रदेश सरकार की ओर से जारी युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया का उद्देश्य किसी की पढ़ाई रोकना नहीं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है।

राज्य के कुल 10,463 स्कूलों में से सिर्फ 166 स्कूलों का समायोजन होगा। इन 166 स्कूलों में से ग्रामीण इलाके के 133 स्कूल ऐसे हैं, जिसमें छात्रों की संख्या 10 से कम है और एक किलोमीटर के अंदर में दूसरा स्कूल संचालित है। इसी तरह शहरी क्षेत्र में 33 स्कूल ऐसे हैं, जिसमें दर्ज संख्या 30 से कम हैं और 500 मीटर के दायरे में दूसरा स्कूल संचालित है। इस कारण 166 स्कूलों को बेहतर शिक्षा के उद्देश्य से समायोजित किया जा रहा है, इससे किसी भी स्थिति में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। शेष 10,297 स्कूल पूरी तरह से चालू रहेंगे। उनमें केवल प्रशासनिक और शैक्षणिक स्तर पर आवश्यक समायोजन किया जा रहा है। स्कूल भवनों का उपयोग पहले की तरह ही जारी रहेगा और जहाँ आवश्यकता होगी, वहाँ शिक्षक भी उपलब्ध रहेंगे।

यहाँ स्पष्ट करना जरूरी है कि स्कूलों का “समायोजन” और “बंद” होना अलग चीज है। समायोजन का अर्थ है पास के स्कूलों को एकीकृत कर बेहतर संसाधनों का उपयोग। इसका मकसद बच्चों को अच्छी शिक्षा देना है, न कि स्कूल बंद करना। शिक्षा विभाग ने लोगों से अफवाहों से सावधान रहने की अपील की है। सच्चाई यह है कि राज्य सरकार स्कूलों को मजबूत करने, पढ़ाई की गुणवत्ता बढ़ाने और हर बच्चे को बेहतर शिक्षा देने की सुदृढ व्यवस्था में जुटी है।

शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की पहल

दरअसल छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के शहरी और ग्रामीण इलाकों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए स्कूलों और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण यानि तर्कसंगत समायोजन कर रही है। इसका उद्देश्य यह है कि जहां जरूरत ज्यादा है, वहां संसाधनों और शिक्षकों का बेहतर ढंग से उपयोग सुनिश्चित हो। उन स्कूलों को जो कम छात्रों के कारण समुचित शिक्षा नहीं दे पा रहे हैं, उन्हें नजदीकी अच्छे स्कूलों के साथ समायोजित किया जाए, ताकि  बच्चों को बेहतर माहौल, संसाधन और पढ़ाई का समान अवसर उपलब्ध हो सके। इससे बच्चों को ज्यादा योग्य और विषय के हिसाब से विशेषज्ञ शिक्षक मिलेंगे। स्कूलों में लाइब्रेरी, लैब, कंप्यूटर आदि की सुविधाएं सुलभ होंगी।  शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों में अब पर्याप्त शिक्षक मिलेंगे। जिन स्कूलों में पहले गिनती के ही छात्र होते थे, वे अब पास के अच्छे स्कूलों में जाकर बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इस बदलाव से शिक्षा का स्तर सुधरेगा। 

सरकार की मंशा साफ है, हर बच्चे को अच्छी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। यही वजह है कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि शिक्षकों की तैनाती सिर्फ संख्या के हिसाब से नहीं बल्कि जरूरत के हिसाब से हो। छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग का मानना है कि यह कदम सिर्फ एक प्रशासनिक सुधार नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में एक ठोस बदलाव है, जिससे आने वाली पीढ़ी को मजबूत नींव मिलेगी।
और भी

मुख्यमंत्री ने कोंडागांव में सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की

सुशासन तिहार अंतर्गत शुक्रवार 30 मई को रात में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कोंडागांव जिला प्रवास के दौरान विश्राम गृह में विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधिमंडल से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार में 8 अप्रैल से लेकर  11 अप्रैल तक समस्याएं औऱ मांगें रखीं। अधिकारियों ने ज्यादातर समस्याओं का समाधान कर लिया है। इस दौरान हमने भी मंत्रियों और अधिकारियों के साथ गांव गांव पहुंचकर और ग्रामीणों की समस्याएं सुनी। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने 2 साल का बकाया बोनस भी दिया है, इससे किसानों को काफी लाभ हुआ। प्रदेश सरकार जो गत वर्षों में छत्तीसगढ़ की जनता की सेवा लगातार कार्य कर रही है और राज्य में खुशहाली भी आ रही है। साय ने आगे बताया कि 24 अप्रैल की पंचायती राज दिवस सरकार ने पूरे प्रदेश में अटल सेवा केंद्र शुभारंभ किया गया है। आने वाले दिनों में पूरे प्रदेश भर में विस्तार किया जाएगा। गांव में ही लेनदेन की सुविधाएं मिलने से अब ग्रामीणों को बैंक जाने की जरूरत नहीं है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के नेतृत्व में भारत सरकार द्वारा कृषि वैज्ञानिक के माध्यम से हमारे प्रदेश के किसानों के बीच में बातचीत करेंगे, उनको आधुनिक खेती के विषय में बताएंगे। उन्होंने बताया कि पंजीयन में दस नई क्रांति से पारदर्शिता आई है, नियद नेल्लानार योजना से बस्तर क्षेत्र के दूरस्थ अंचल में विकास की रौशनी पहुंची है। इस अवसर पर केशकाल विधायक  नीलकंठ टेकाम, जिला पंचायत अध्यक्ष  किरण नरेटी, नगर पालिका अध्यक्ष  नरपति पटेल, उपाध्यक्ष  जसकेतु उसेंडी, पूर्व विधायक  सेवक राम नेताम मौजूद थे।
और भी

नवा रायपुर का रिटेल कॉम्प्लेक्स : आधुनिक मनोरंजन और तकनीकी नवाचार का नया केंद्र

छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर के सेक्टर-21 में 2.65 लाख वर्गफीट में निर्मित छह मंजिला सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट (CBD) देश के इस पहली स्मार्ट सिटी की नई पहचान बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। नवा रायपुर का नवनिर्मित रेल्वे स्टेशन इसके पास ही है, जिस वजह से यह सीबीडी रेल्वे स्टेशन के नाम से ही जाना जाता है। अभी सीबीडी में मिराज मल्टीप्लेक्स, आईपी क्लब रेस्टोरेंट और एएसपी कार्यालय संचालित हो रहे हैं। मनोरंजन के अद्वितीय अनुभव के लिए यहां जल्द ही इमर्सिव होलोग्राफिक एंटरटेनमेंट सेंटर प्रारंभ होने जा रहा है। हर तरह की खरीदारी के लिए गोकुल सुपर मार्केट भी शीघ्र शुरू होगा।


स्मार्ट सिटी के अनुरूप सीबीडी में एक ही जगह पर विविध सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। स्थानीय व्यवसाईयों को 100 से अधिक रिटेल दुकानें आबंटित की गई हैं जो यहां तेजी से फुटफाल बढ़ाएंगी। सीबीडी नवा रायपुर के आर्थिक विकास को गति देने के साथ ही रोजगार, पर्यटन, सांस्कृतिक-तकनीकी केंद्र और नवाचार आधारित स्टार्ट-अप्स के लिए नया मंच प्रदान करेगा। स्मार्ट सिटी की परिकल्पना को साकार करने वाला यह कॉम्प्लेक्स आने वाले वर्षों में नवा रायपुर की नई पहचान बनेगा जहां शिक्षा, मनोरंजन और दैनिक जरूरतें जैसी सभी चीजें एक ही स्थान पर सुलभ होंगे। इमर्सिव टेक्नोलॉजी, तकनीकी प्रशिक्षण संस्थान और शॉपिंग की सहुलियतों से सुसज्जित यह भविष्य के नए आकर्षण का केंद्र है।  

सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट का कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स चार विंग्स में फैला हुआ है, जिसका कुल कारपेट एरिया दो लाख 65 हजार वर्गफीट है। यहां हर तल की योजना नागरिकों की अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। भू-तल में लगभग पांच हजार वर्गफीट एरिया गोकुल सुपर मार्केट को आबंटित किया गया है जो शीघ्र ही प्रारंभ होने वाला है। इसी तल पर नवा रायपुर का अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय भी संचालित है। भू-तल पर 100  से अधिक रिटेल दुकानें भी आबंटित की गई हैं। 

सीबीडी का द्वितीय तल एनआईईएलआईटी (National Institute of Electronics & Information Technology) को आबंटित किया गया है, जो युवाओं को इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा एनालिटिक्स और आईटी में प्रशिक्षित कर आत्मनिर्भर बनाएगा। इस तल पर आईपी क्लब रेस्टोरेंट भी संचालित है, जो लोगों को विभिन्न तरह के खानपान उपलब्ध कराता है। तृतीय तल पर पांच करोड़ 33 लाख रुपए की लागत से इमर्सिव होलोग्राफिक एंटरटेनमेंट सेंटर बनाया जा रहा है। यह वीआर (VR), एआर (AR) और होलोग्राफिक तकनीकों के माध्यम से प्रदेशवासियों को मनोरंजन का अद्वितीय अनुभव प्रदान करेगा। चौथे व छटवें फ्लोर पर संचालित मिराज सिनेमा ने सीबीडी को नवा रायपुर में मनोरंजन के लोकप्रिय स्थल के रूप में स्थापित कर दिया है। 

सीबीडी केवल शॉपिंग डेस्टिनेशन नहीं है। यह छत्तीसगढ़ की आधुनिक राजधानी नवा रायपुर को निकट भविष्य में आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी रूप से गहरे तक प्रभावित करेगा। देश की पहली स्मार्ट सिटी नवा रायपुर अटल नगर तेजी से भविष्य के शहर के रूप में उभर रहा है, जहां मुख्यमंत्री निवास, मंत्रालय, सचिवालय, विभागाध्यक्ष भवन और अन्य सरकारी कार्यालय संचालित हैं। विधानसभा का नया भवन भी यहां निर्माणाधीन है। शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीकी विकास और निवेश के क्षेत्र में भी नवा रायपुर नई ऊचांईयाँ छू रहा है। वर्ष 2018 में सीबीडी का निर्माण पूर्ण होने के बाद वर्तमान सरकार ने 2025 में ही गोकुल सुपर मार्केट, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय जैसे कई स्थानों को आबंटित किया है। कॉम्प्लेक्स के अन्य बिल्ड-अप स्पेस के आबंटन की कार्यवाही भी तेजी से प्रक्रियाधीन है।
और भी

मुख्यमंत्री श्री साय का शिल्प नगरी कोंडागांव के शबरी एंपोरियम पहुंचे

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज शिल्पनगरी कोण्डागांव के आगमन पर शबरी एंपोरियम का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने बेलमेटल, रॉट आयरन, बांस एवं काष्ठ शिल्प के बस्तर की जीवन शैली और समृद्ध जनजातीय संस्कृतियों को दर्शाती कलाकृतियों को देखा और इसकी सराहना की। उन्होंने यहां शिल्पियों से मुलाकात कर बेलमेटल सहित विभिन्न कलाकृतियों की निर्माण प्रक्रिया और उनकी मार्केटिंग के संबंध में जानकारी ली। शिल्पकारों ने मुख्यमंत्री को बेलमेटल से बने कलाकृति भेंट की।


इस अवसर पर बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप, केशकाल विधायक श्री नीलकंठ टेकाम, नगर पालिका अध्यक्ष श्री नरपति पटेल, उपाध्यक्ष श्री जसकेतु उसेंडी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसव राजू, कमिश्नर श्री डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक श्री सुंदरराज पी, कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना, पुलिस अधीक्षक श्री वाय अक्षय कुमार, पूर्व विधायक श्री सेवकराम नेताम सहित जनप्रतिनिधि एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
और भी

हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है सरकार : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि हर जरूरतमंद के साथ राज्य सरकार खड़ी है, जनकल्याण ही हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सुशासन मतलब है अच्छा शासन। सुशासन तिहार के अंतिम चरण के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज बस्तर जिले के ग्राम नारायणपाल पहुंचे। उन्होंने नारायणपाल के देवगुड़ी परिसर में आम के पेड़ के नीचे अपनी चौपाल लगाई और ग्रामीणों से जीवंत संवाद कर योजनाओं की जानकारी ली। 

 
मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से बिजली व्यवस्था, राशन वितरण, पीएम आवास योजना और महतारी वंदन योजना के साथ ही गांव में राशन कार्ड की स्थिति, राशन की उपलब्धता, शिक्षकों और पटवारियों की उपस्थिति जैसे बुनियादी मुद्दों पर भी जानकारी ली। ‘महतारी वंदन योजना’ की लाभार्थी श्रीमती सरिता कश्यप ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं, महतारी वंदन से मिलने वाली राशि का उपयोग घरेलू खर्चों और बच्चों के इलाज में करती हैं। श्री जगमोहन कश्यप ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान निर्माण पूरा होने की जानकारी दी। 

श्रीमती ललिता बघेल ने बताया कि पहले उन्हें बेल मेटल का काम करने के लिए अपने गहने गिरवी रखने पड़ते थे। अब बिहान योजना के तहत उन्हें 15,000 रूपए की सहायता और बैंक से 1.5 लाख रूपए तक का ऋण मिल रहा है, जिससे उनका काम बेहतर तरीके से चल रहा है। श्रीमती पदमिनी ठाकुर ने बताया कि वे ऑर्गेनिक खाद और कीटनाशक दवाओं के निर्माण से जुड़ी हैं। स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने इस मौके पर मुख्यमंत्री को फूड बास्केट भेंट किया। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी जरूरतमंदों को आवास मिलेगा, ‘आवास प्लस’ में जिनका नाम है, उन्हें भी आवास दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ‘महतारी वंदन योजना’ में जिन महिलाओं का नाम नहीं जुड़ा है, उनके नाम भी जोड़े जाएंगे। उन्होंने बताया कि सरकार तकनीक के उपयोग से भ्रष्टाचार के सभी रास्ते बंद कर रही है। पंजीयन की नई प्रक्रिया से रजिस्ट्री के साथ नामांतरण की प्रक्रिया को सरल किया गया है। उन्होंने कहा कि 24 अप्रैल से 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र शुरू किए गए हैं। जल्द ही इसका विस्तार सभी ग्राम पंचायतों में होगा।

अनेक विकास कार्यों की घोषणा

मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की मांग पर अनेक घोषणाएं की, जिनमें नारायणपाल माध्यमिक शाला भवन के लिए 20 लाख रूपए, प्राथमिक शाला मंदिरपारा के लिए 20 लाख रूपए, स्ट्रीट लाईट, हाई मास लाईट के लिए 15 लाख रूपए, व्यावसायिक परिसर हेतु 20 लाख रूपए, सी.सी. रोड 600 मी. (गोवर्धन भाटा से बोधघरा घर तक) 15 लाख रूपए, पुलिया 2 मी. स्पान 2 नग के लिए 12 लाख रुपए, सी.सी सड़क धरमु घर से नाव घाट तक 9 लाख रूपए, इस प्रकार कुल 1 करोड़ 11 लाख रूपए की लागत के कार्यों की घोषणा की। 

नारायणपाल में मुख्यमंत्री ने कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान की वन समिति के 11 हितग्राहियों को वाहन का वितरण किया। इसमें कोटमसर, तीरथगढ़ और कामानार के वन समिति के हितग्राही शामिल थे। उन्होंने कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं के मेधावी छात्र छात्राओं को टैबलेट और किताबें देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर सांसद श्री महेश कश्यप, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री बसवराजू एस सहित अनेक जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन उपस्थित थे।
और भी

बस्तर के हर कोने तक पहुंचाएंगे विकास का उजाला: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

 बस्तर अपनी समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों को सहेजते हुए विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब बस्तर के कोने कोने का विकास होगा और विकास के रास्ते में आने वाली सभी बाधाओं को दूर करेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज सुशासन तिहार अंतर्गत सुकमा जिले के तोंगपाल में आयोजित समाधान शिविर को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस दौरान सुकमा जिले में 500 करोड़ रूपए से अधिक लागत के विकास कार्यों की घोषणा की और 16 करोड़ से अधिक की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण कर क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात दी। इस अवसर पर त्रिस्तरीय पंचायती राज सस्थाओं के जनप्रतिनिधि, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ.बसव राजु एस. भी उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार के अंतिम चरण में आप लोगों के बीच पहुंचकर मुझे बहुत प्रसन्नता हो रही है। यहां का वातावरण बड़ा सुंदर है और महुआ की सुंदर छांव शीतलता दे रही है। उन्होंने परंपरागत रूप से स्वागत करने पर सभी का आभार जताया। श्री साय ने कहा कि बस्तर से बदलाव की बुलंद आवाज ने माओवादियों के हौसले पस्त कर दिए हैं। बस्तर में माओवाद अब अंतिम सांसे गिन रहा है। नक्सलगढ़ के रूप जाना जाने वाले सुकमा में स्कूलों की घंटियां बज रही हैं, बच्चे निर्भीक होकर शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। श्री साय ने कहा कि प्रदेशव्यापी इस अभियान का उद्देश्य योजनाओं की वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन करना है। आज देखने आया हूं कि प्रधानमंत्री आवास योजना का कार्य आपके गांव में सुचारू रूप से चल रहा है या नहीं, महतारी वंदन योजना की राशि माताओं-बहनों को समय पर मिल रही है या नहीं। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान वे मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता पर विशेष रूप जानकारी ले रहे है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन चरण में आयोजित सुशासन तिहार अपने उद्देश्य में सफल हुआ है। प्रशासन ने कड़ी मेहनत कर आपकी समस्याओं का समाधान किया है। श्री साय ने कहा कि ऐसा काम वही सरकार कर सकती है जिसकी नीति और नियत साफ है। हमने ईमानदारी से काम किया है, इसीलिए जनता के बीच जाकर अपना रिपोर्ट कार्ड रख रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना से महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं। हमने पूरे प्रदेश में पीएम आवास के माध्यम से लोगों के लिए पक्का मकान स्वीकृत कर उनके गरिमापूर्ण जीवन का अधिकार सुनिश्चित किया है। पहले ही कैबिनेट में हमने 18 लाख आवास स्वीकृत किया था, यह काम लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि हम किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान, 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मूल्य पर खरीद रहे हैं। धान के दो वर्षों के बकाया बोनस की राशि भी किसानों को दी जा चुकी है।  रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेशवासियों को धार्मिक स्थलों की यात्रा करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि तेंदूपता संग्राहकों को बड़ी राहत देते हुए परिश्रमिक की दर प्रति मानक बोरा 5000 रुपए की दर स्वीकृत की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाएं पंचायत भवन में ही मिले, इसे सुनिश्चित करने के लिए अटल डिजिटल सुविधा केंद्र प्रारंभ किया गया है। अगले एक वर्ष में यह सुविधा सभी पंचायतों में शुरू होगी।  

योजनाओं की जानी हकीकत
मुख्यमंत्री श्री साय ने तोंगपाल समाधान शिविर में पहुंचे ग्रामीणों से संवाद कर योजनाओं का फीडबैक लिया। तोंगपाल की त्रिवेणी रावटे ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्हें प्रति माह महतारी वंदन योजना की राशि मिल रही है। बच्चों के पालन पोषण में इस राशि के उपयोग की उन्होंने जानकारी दी। इसी तरह श्रीमती वेदमती कश्यप ने बताया कि हमारी समूह की दीदियां गणवेश सिलाई का काम करती हैं। तीन एकलव्य स्कूल के बच्चों की गणवेश सिलाई से उन्हें सालाना डेढ़ लाख रूपए से अधिक की कमाई हो रही है। शिविर में पहुंचे अन्य लोगों ने भी अपनी मांगे रखी और योजनाओं से मिल रहे लाभ की जानकारी दी।  

किस्टाराम- कोंटा मार्ग पर दौड़ेगी ‘‘प्रतिज्ञा हक्कुम मेल‘‘
बस्तर अंचल के कभी संवेदनशील क्षेत्र रहे किस्टाराम- कोंटा मार्ग पर अब ‘‘प्रतिज्ञा हक्कुम मेल‘‘ बस दौड़ेगी। दुरस्थ क्षेत्रों में बेहतर आवगमन सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयासों के तहत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने तोंगापाल के समाधान शिविर में मरईगुड़ा के प्रतिज्ञा महिला क्लस्टर संगठन को हुक्कुम मेल बस की चाबी सौंपी। इससे अंचल के ग्रामीणों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी।

पीएम आवास हितग्राहियों को सौंपी खुशियों की चाबी
मुख्यमंत्री श्री साय ने तोंगपाल के समाधान शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को खुशियों की चाबी देकर उनके सपनों के घर की सौगात दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 4 हितग्राहियों को आवास के पहली किस्त के चेक भी बांटे।  साथ ही पूरे हो चुके आवास के 4 हितग्राहियों को उनके नए घर की चाबी सौंपी। 

खेलो इंडिया पहल के 10 खिलाड़ियों को मिले खेल किट
शिविर में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने खेलो इंडिया योजना के अंतर्गत 10 खिलाड़ियों को खेल सामग्री (किट) प्रदान किए। इनमें 8 महिला फुटबॉल खिलाड़ी और 2 हाकी खिलाड़ी शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि खेलो इंडिया एकेडमी रायपुर और सुकमा में जिले की 8 महिला फुटबॉल खिलाड़ियों का चयन हुआ है।

मुख्यमंत्री ने सुशासन शिविर में की बड़ी घोषणाएं
सुकमा दंतेवाड़ा मार्ग हेतु 230 करोड़ रूपए, .झीरम व्यापवर्तन योजना हेतु 32 करोड़ 50 लाख, कावराकोपा में पुलिया निर्माण हेतु 35 लाख, जैमर में पुलिया निर्माण 35 लाख, हमीरगढ़ में सामाजिक भवन 30 लाख, टहकवाडा में एक पुल- पुलिया 35 लाख, तोंगपाल में समूह के लिए प्रशिक्षण केंद्र 25 लाख, मारेंगा में सी सी सड़क हेतु 16 लाख, एलेननार में पंचायत भवन 25 लाख और पुलिया हेतु 3.50 लाख, धोबनपाल देवगुड़ी में बाउंड्री वाल हेतु 10 लाख, सीतापाल के स्कूल में बाउंड्री वाल हेतु 8 लाख, वारदेरास  में पुलिया हेतु 16 लाख रूपए की घोषणा की।
और भी

मुख्यमंत्री ने 'सावरकर सौरभ' स्मारिका का किया विमोचन

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने निवास कार्यालय में स्वातंत्र्य वीर विनायक दामोदर सावरकर के जीवन पर आधारित स्मारिका 'सावरकर सौरभ' का विमोचन किया। स्मारिका 'सावरकर सौरभ' का प्रकाशन अखिल भारतीय साहित्य परिषद, छत्तीसगढ़ द्वारा सावरकर जयंती के अवसर पर किया गया है।


 मुख्यमंत्री श्री साय ने 'सावरकर सौरभ' स्मारिका के प्रकाशन पर अखिल भारतीय साहित्य परिषद, छत्तीसगढ़ के सदस्यों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि वीर सावरकर हमारे देश के सच्चे सपूत थे। उन्होंने मातृभूमि की सेवा में असंख्य कष्ट सहते हुए स्वतंत्रता की अलख जगाई। उनके साहसपूर्ण जीवन के प्रेरणादायी संस्मरणों से सभी को प्रेरणा मिलेगी। 

मुख्यमंत्री को 'सावरकर सौरभ' के संपादक और अखिल भारतीय साहित्य परिषद छत्तीसगढ़ के प्रांत संयोजक श्री प्रभात मिश्र ने बताया कि इस स्मारिका में स्वातंत्र्य वीर विनायक दामोदर सावरकर के जीवनकाल की घटनाओं को संपादित कर स्मारिका का रूप दिया गया है। स्मारिका में विभिन्न लेखकों ने वीर सावरकर के जीवन के विभिन्न आयामों को लेकर अपने विचार व्यक्त किए हैं।

इस अवसर पर अखिल भारतीय साहित्य परिषद, छत्तीसगढ़ से श्री रामेश्वर शर्मा, श्री शिवरतन गुप्ता, श्री मनीष शर्मा,श्री संतोष बरलोटा, श्री भास्कर किन्हेकर , श्री अभय मिश्रा, श्री कौशल साहू सहित अन्य गणमान्य जन उपस्थित थे।
और भी

खरीफ फसलों के समर्थन मूल्य में वृद्धि और किसान हितैषी निर्णयों के लिए मोदी जी का अभिनंदन:किरण देव

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एन.डी.ए.) की केंद्र सरकार द्वारा सत्र 2025-2026 के लिए धान और कपास समेत 14 खरीफ फसलों के समर्थन मूल्य फिर से बढ़ाने के किसान हितैषी निर्णय के लिए बधाई देकर छत्तीसगढ़ के भाजपा-परिवार और किसानों की ओर से कृतज्ञता ज्ञापित की है। श्री देव ने कहा कि केंद्र सरकार के इस फैसले से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में हुई 50 फीसदी बढोतरी किसानों के लिए सौगात है। भाजपानीत राजग सरकार ने 10 साल में किसानों के हित के लिए काम किया है, साथ ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली प्रदेश की भाजपा सरकार प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीद रही है और दो साल का बोनस दिया।


भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि अपने 10 सालों के कार्यकाल में मोदी सरकार ने  जमीन आसमान के अंतर वाला काम करके दिखा दिया है। कृषि का जो बजट कांग्रेस शासनकाल में 27हजार करोड रुपए हुआ करता था, प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में अभी यह बजट 1.27लाख करोड रुपए को भी पार कर गया है। 5 गुना बढ़ोतरी का यह बजट है। साथ ही देश के करोड़ों किसानों को किसान सम्मन निधि मिल रही है। धान के समर्थन मूल्य में 2004 से 2014 तक केवल 4 लाख करोड़ रुपए का भुगतान हुआ वही मोदी सरकार में  14 लाख करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। गेहूँ में 2 लाख करोड रुपए का भुगतान कांग्रेस सरकार ने किया था, मोदी जी के नेतृत्व वाली सरकार ने  5.30 लाख करोड़ रु का भुगतान किया है। किसानों के डेढ़ लाख करोड़ रुपए के बीमा के सेटलमेंट हुए हैं। इसके साथ-ही-साथ 1,389 मण्डियाँ ई-नाम से जुड़ी हैं, उर्वरक की सब्सिडी में 500 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। श्री देव ने कहा कि भाजपानीत राजग की केंद्र और प्रदेश की साय सरकार के कार्यकाल में किसानों का जो विकास हुआ है, सारे आँकड़े इसकी प्रामाणिकता को स्वयं ही सिद्ध कर रहे हैं। 
और भी