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रायपुर में जल्द स्थापित होगा देश का प्रमुख AI डेटा सेंटर- ESDS करेगी 600 करोड़ रुपये का निवेश

छत्तीसगढ़ देश के डिजिटल परिदृश्य में बड़ा कदम रखने जा रहा है। रायपुर में अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए टेक्नोलॉजी कंपनी ESDS Software Solution Ltd ने 600 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का प्रस्ताव मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के समक्ष प्रस्तुत किया है। 


मुख्यमंत्री से नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में मुलाकात के दौरान कंपनी के चेयरमैन श्री पीयूष सोमानी और उपाध्यक्ष श्री लोकेश शर्मा ने कहा कि यह सेंटर न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे भारत के डिजिटल भविष्य को गति देगा। इस प्रस्ताव के माध्यम से छत्तीसगढ़ को AI, क्लाउड टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल स्टोरेज के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में ठोस पहल होगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा, “डिजिटल इंडिया की भावना को छत्तीसगढ़ में धरातल पर उतारने के लिए यह निवेश मील का पत्थर साबित होगा। सरकार हरसंभव सहायता देगी ताकि यह परियोजना जल्द से जल्द मूर्तरूप ले।”

ESDS की यह पहल छत्तीसगढ़ को एक टेक्नोलॉजी हब बनाने के साथ-साथ युवाओं के लिए उच्च स्तरीय रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी। यह सेंटर राज्य के IT इकोसिस्टम को मजबूती देगा और डिजिटल आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ के इनवेस्टमेंट कमिश्नर  ऋतु सेन भी उपस्थित थी ।
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देश के सबसे उन्नत ट्रांसफॉर्मर अब बनेंगे रायपुर में

 विकसित भारत के सपने को साकार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ एक और बड़ी छलांग लगाने जा रहा है। देश की प्रतिष्ठित कंपनी करमवीर इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड ने रायपुर में अत्याधुनिक ट्रांसफॉर्मर निर्माण इकाई स्थापित करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के समक्ष प्रस्तुत किया। इस इकाई में 300 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाएगा, जिससे छत्तीसगढ़ का नाम देश के सबसे बड़े ट्रांसफॉर्मर निर्माण केंद्रों में शामिल हो जाएगा।


इस अवसर पर कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री विवेक जैन ने मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ सदन, नई दिल्ली में मुलाकात की। बैठक में प्रस्तावित परियोजना की रूपरेखा, निवेश संभावनाएं और रोजगार सृजन के आयामों पर विस्तार से चर्चा हुई। श्री जैन ने बताया कि यह यूनिट तकनीकी दृष्टि से देश की सबसे उन्नत ट्रांसफॉर्मर निर्माण इकाई होगी, जो भविष्य में ऊर्जा क्षेत्र की ज़रूरतों को पूरा करने में मील का पत्थर साबित होगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निवेश प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा, “हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़, विकसित भारत 2047 के निर्माण में एक मजबूत स्तंभ बने। यह निवेश सिर्फ एक औद्योगिक इकाई नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत कदम है। राज्य सरकार इस परियोजना को हरसंभव सहायता प्रदान करेगी।”

यह परियोजना राज्य में बिजली क्षेत्र के आधुनिकीकरण, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, और उद्योग आधारित विकास को गति देगी। विशेष रूप से यह पहल “मेक इन छत्तीसगढ़” के नारे को मजबूती देती है, जहां अब अत्याधुनिक तकनीक से बने ट्रांसफॉर्मर पूरे देश को रोशन करने का कार्य करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ के इनवेस्टमेंट कमिश्नर  ऋतु सेन भी उपस्थित थी ।
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भारत बना दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था- वित्त मंत्री ओपी चौधरी

भारत ने आर्थिक मोर्चे पर बड़ी छलांग लगाते हुए जापान को पीछे छोड़ दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का दर्जा हासिल कर लिया है। भारत की GDP अब 4 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच चुकी है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को इसका श्रेय देते हुए कहा कि पिछले 10 वर्षों में भारत ने 10वें से 4वें स्थान तक का सफर तय किया है।

उन्होंने कहा, “यूपीए सरकार के 10 वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था 10वें पायदान पर अटकी रही। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को 5वें और अब चौथे पायदान तक पहुंचा दिया है। अब हम उस ग्रेट ब्रिटेन को भी पीछे छोड़ चुके हैं जिसने कभी दुनिया को गुलाम बनाया था।”


वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि, “प्रधानमंत्री ने वादा किया था कि तीसरे कार्यकाल में भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। और अब तीसरे कार्यकाल की शुरुआत में ही हम चौथे स्थान पर पहुंच चुके हैं। वह दिन दूर नहीं जब भारत जर्मनी को भी पीछे छोड़ते हुए वैश्विक आर्थिक महाशक्ति बनेगा।”


इससे पहले नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रमण्यम ने बताया कि भारत की अर्थव्यवस्था अब अमेरिका, चीन और जर्मनी के बाद चौथे स्थान पर है। उन्होंने कहा कि भारत मैन्युफैक्चरिंग हब के तौर पर उभर रहा है और यह निवेश के लिए दुनिया के सबसे आकर्षक बाजारों में से एक बन चुका है।


    भारत की GDP अब $4 ट्रिलियन के पार, यानी करीब 332 लाख करोड़ रुपए।
    ये ग्रोथ लगातार तेजी से हो रही निवेश, डिजिटल इकोनॉमी और उद्योग विस्तार की वजह से संभव हुई है।


    भारत का लक्ष्य है कि 2030 तक 7 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बन जाए।



यह उपलब्धि न सिर्फ भारत के लिए गर्व का विषय है बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की आर्थिक ताकत और विश्वसनीयता का प्रमाण भी है।

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विकसित भारत के लक्ष्य की ओर छत्तीसगढ़ का संकल्प- नीति आयोग की बैठक में शामिल होंगे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने से पहले छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चर्चा करते हुए राज्य के विकास रोडमैप, नक्सलवाद के अंत और नई औद्योगिक नीति को लेकर अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं।


रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री साय ने बातचीत में कहा कि वह इस महत्वपूर्ण बैठक में छत्तीसगढ़ की भावी विकास योजनाओं और राज्य के दृष्टिकोण को नीति आयोग के समक्ष रखेंगे। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के प्रधानमंत्री के लक्ष्य के अनुरूप, हमारा उद्देश्य “विकसित छत्तीसगढ़” की दिशा में ठोस कदम बढ़ाना है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ सरकार बस्तर और अन्य क्षेत्रों के समावेशी विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने नक्सलवाद की समस्या पर भी बात की और कहा कि राज्य में अब यह समाप्ति की ओर है, क्योंकि सरकार ने सुरक्षा के साथ-साथ विकास को प्राथमिकता दी है।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री साय ने बताया कि वह बैठक में राज्य की नई औद्योगिक नीति, निवेश प्रोत्साहन और औद्योगिक अवसरों की संभावनाओं पर भी प्रकाश डालेंगे। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़, प्रधानमंत्री के विकसित भारत के सपने को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा।

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रेलवे समपार टेहका गेट (भाटापारा-निपनिया) में रेल मरम्मत कार्य हेतु सड़क वाहनो के आवागमन बंद रहेगा ।

 दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर रेल मंडल में भाटापारा-निपनिया रेल खंड का टेहका फाटक रेलवे समपार सं. 382 (कि.मी. 759/4-6) में रेल पथ अप / डाउन / मिडिल लाईन का अति आवश्यक मरम्मत कार्य हेतु सोमवार दिनांक 26.05.25 सुबह 09:00 बजे से सोमवार दिनांक 26.05.25 शाम 18:00 बजे तक के लिये आवागमन अवरूद्ध रहेगा। 

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कांग्रेस के बयानों से स्पष्ट वो नहीं चाहती छत्तीसगढ़ नक्सल समस्या से मुक्त हो:संजय श्रीवास्तव

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव ने छत्तीसगढ़ में चले नक्सल-विरोघी ऑपरेशन में हार्डकोर नक्सली बसव राजू समेत 27 नक्सलियों के मारे जाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उप मुख्यमंत्री/गृह मंत्री विजय शर्मा की प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर किए गए प्रलाप पर कहा है कि कांग्रेस हमेशा सेना और सुरक्षा बलों पर शक करती है एवं सुरक्षा बलों का मनोबल कमतर करने का काम करती रहती है। श्री श्रीवास्तव ने कहा कि नक्सलवाद पर बघेल और कांग्रेस नेता लगातार शर्मनाक टिप्पणियाँ कर रहे हैं और इनके आका नक्सलियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई रुकवाने के लिए लगातार एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं।


भाजपा प्रदेश महामंत्री श्री श्रीवास्तव ने कहा कि नक्सलियौं के खिलाफ सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए ऑपरेशन से कांग्रेस के लोग जिस तरह छाती पीट रहे हैं, वह यकीनन शर्मनाक है। बघेल समेत तमाम कांग्रेसियों को तो इस बात पर खुश होना चाहिए कि झीरम नक्सली हिंसा, जिसमें कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की एक पूरी पीढ़ी शहीद हो गई थी, के खलनायक रहे राजू को सुरक्षा बलों ने मार गिराया। यह दृढ़ राजनीतिक इच्छा शक्ति कांग्रेस अपने पाँच साल के शासनकाल में नहीं दिखाई और भाजपा ने महज लगभग डेढ़ साल के शासनकाल में नक्सलवाद के खिलाफ दृढ़ संकल्प के साथ काम करके दिखा दिया है। श्री श्रीवास्तव ने कटाक्ष किया कि भूपेश सरकार के शासनकाल में जिस बस्तर में बारुदी सुरंगें बिछ रही थी, आज वहीं सड़कों का जाल बिछ रहा है। नक्सलियों की धमकियों के चलते शहीद जवानों का अंतिम संस्कार तक उनके गृहग्राम में कराने में नपुंसक साबित हुई पिछली कांग्रेस सरकार के मुखिया भूपेश बघेल आज किस मुँह से नक्सल-विरेधी कार्रवाइयों पर सवाल उठाकर प्रदेश को बरगला रहे हैं? 

भाजपा प्रदेश महामंत्री श्री श्रीवास्तव ने कहा कि जिस भूपेश सरकार के कार्यकाल में नक्सलियों द्वारा भाजपा नेताओं की टारगेट किलिंग होती रही, तथाकथित जनअदालत का पाखण्ड रचने वाले नक्सली निर्दोष आदिवासियों, जनप्रतिनिधियों, युवाओं और अधिकारियों-कर्मचारियों की सरेआम हत्याएँ कर रहे थे, तब बघेल समेत तमाम कांग्रेसी चूँ तक करने की हिम्मत नहीं दिखा पा रहे थे और आज जब छत्तीसगढ़ को नक्सली यंत्रणा से मुक्त करने के संकल्प के साथ सुरक्षा बल के जवान नक्सलियों की रीढ़ पर प्रहार कर रहे हैं तो नक्सलियों के सामने आत्मसमर्पित मुद्रा में रहने की आदी रीढ़विहीन कांग्रेस को तकलीफ क्यों रही है? श्री श्रीवास्तव ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता किसी भी कीमत पर ऐसे लोगों को बर्दाश्त नहीं करेगी जो छत्तीसगढ़ की शांत फिजा को रक्तरंजित करने में लगे हुए हैं। प्रदेश की जनता भाजपा की साय-सरकार पूरा विश्वास व्यक्त कर रही है।
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एनएमडीसी भर्ती में छत्तीसगढ़ के युवाओं को रोकने का षड्यंत्र, किरंदुल और बचेली के संयंत्रों के लिए हैदराबाद से की जा रही है प्रक्रिया

भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन सरकार पर छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढ़िया हितों की विरोधी होने का आरोप लगाते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि हाल ही में एनएमडीसी भर्ती के विज्ञापन से स्पष्ट है कि भाजपा सरकारों की मंशा छत्तीसगढ़िया हित में नहीं है। कुल विज्ञापित 995 पदों में से 745, अर्थात लगभग 75 प्रतिशत पद छत्तीसगढ़ के किरंदुल और बचेली के खदानों के लिए है, लेकिन हैदराबाद से शुरू किए गए इस भर्ती प्रक्रिया में छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए कोई प्राथमिकता तय नहीं है। ज़मीन हमारी, खनिज हमारा और हमारे ही प्रदेश के युवाओं को नौकरी देने में उपेक्षा?


प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि सरकारी उपक्रम एनएमडीसी, बैलाडीला क्षेत्र के लौह अयस्क का दोहन करती है। सर्वाधिक सक्रिय माइंस छत्तीसगढ़ में ही संचालित है, एनएमडीसी के कुल मुनाफे का 80 प्रतिशत भाग केवल छत्तीसगढ़ से आता है, फिर भी मुख्यालय हैदराबाद में स्थित है, जो तर्कसंगत नहीं है। मुख्यालय छत्तीसगढ़ में नहीं होने की वजह से ही कॉरपोरेट टैक्स में राज्य सरकार का हिस्सा, जीएसटी से राज्यांश जैसे अनेकों लाभ तेलंगाना को मिल रहा है। पूर्व में परिस्थितियों अलग थी। हवाई, होटल और परिवहन सुविधाओं की वजह से मुख्यालय हैदराबाद में बनाया गया था, लेकिन अब छत्तीसगढ़ में वे सभी सुविधाएं विद्यमान है। खदान छत्तीसगढ़ में है तो अब मुख्यालय भी प्रदेश में ही होना चाहिए।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि 1998 में अविभाजित मध्यप्रदेश की विधानसभा में रायपुर में एनएमडीसी मुख्यालय स्थानांतरित करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किया गया था, इस प्रस्ताव की अनुशंसा केंद्र को भेजी जा चुकी है, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है, इसके लिए छत्तीसगढ़ की पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार के समय भी तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लगातार प्रयास किए, एनएमडीसी की भर्ती परीक्षा नागपुर के स्थान पर जगदलपुर और दंतेवाड़ा में लेने की शुरुआत हुई, मुख्यालय स्थानांतरित करने के लिए प्रधानमंत्री से मुलाकात और अनेकों पत्राचार किए, लेकिन केंद्र सरकार ने कोई कार्यवाही नहीं की केवल आश्वासन ही देते रहे।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के बैलाडीला क्षेत्र में भांसी, किरंदुल और बचेली में न केवल एनएमडीसी की लौह अयस्क की सभी प्रमुख खदानें हैं, बल्कि अब तो जगदलपुर के पास नगरनार में एनएमडीसी का सबसे बड़ा संयंत्र भी स्थापित हो चुका है, वहां उत्पादन भी शुरू हो गया है, लेकिन मुख्यालय अभी भी तेलंगाना में ही स्थित है। हैदराबाद में बैठे अधिकारियों के दिशा निर्देश से छत्तीसगढ़ के पूरे ऑपरेशन का संचालन हो रहा है। डबल इंजन की सरकार का दंभ भरने वाले भाजपा नेताओं, भाजपा के सांसदों और छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार को इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करना चाहिए, एनएमडीसी का मुख्यालय छत्तीसगढ़ स्थानांतरित करवाने केंद्र की मोदी सरकार पर दबाव बनाना चाहिए और भर्ती परीक्षा में छत्तीसगढ़ के युवाओं को प्राथमिकता का प्रावधान किया जाना चाहिए।
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प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के समक्ष मुख्यमंत्री साय का आत्मनिर्भर बस्तर विजन

 प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ का दूरदर्शी विकास मॉडल प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि कभी नक्सल हिंसा के लिए पहचाना जाने वाला बस्तर अब देश को विकास, रोजगार और आत्मनिर्भरता का नया मॉडल देने जा रहा है।


मुख्यमंत्री साय ने नीति आयोग के मंच पर छत्तीसगढ़ के लिए 75 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था का दीर्घकालिक लक्ष्य रखा और इसके केंद्र में ‘3T मॉडल’ (Technology, Transparency, Transformation) को बताया। उन्होंने कहा कि राज्य प्रशासन अब तकनीक आधारित, पारदर्शी और तेज़ गति से निर्णय लेने वाला बन रहा है। हर योजना को डिजिटली ट्रैक किया जा रहा है, ताकि आम जनता को समय पर और सटीक सेवाएं मिल सकें। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह मॉडल न केवल छत्तीसगढ़ को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने में सहायक होगा, बल्कि भारत के 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य में भी राज्य की अहम भूमिका सुनिश्चित करेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने वर्ष 2047 तक के लिए एक विस्तृत रणनीति तैयार की है, जिसके तहत राज्य की अर्थव्यवस्था को 6 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 75 लाख करोड़ रुपये तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस दौरान प्रति व्यक्ति आय में 10 गुना वृद्धि का अनुमान है। इस रणनीति को ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन डॉक्यूमेंट’ नाम दिया गया है, जिसमें राज्य के आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय विकास की समग्र योजना निहित है।

उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य की प्राप्ति हेतु शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना, कृषि, आईटी, पर्यटन और कौशल विकास जैसे 13 प्रमुख क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। इन सभी क्षेत्रों के बेहतर क्रियान्वयन हेतु 10 विशिष्ट मिशन प्रारंभ किए गए हैं।

बस्तर अब संघर्ष नहीं, संभावना का प्रतीक

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर अब संघर्ष का नहीं, बल्कि संभावनाओं का क्षेत्र बन गया है। बस्तर और उसके आसपास के 32 ब्लॉकों में स्किल डेवलपमेंट सेंटर खोले गए हैं, जहां युवाओं को कंप्यूटर, स्वास्थ्य सेवा, फूड प्रोसेसिंग और तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। अब यहां के बच्चे जंगल में लकड़ी चुनने के बजाय लैपटॉप और मशीनें चला रहे हैं।

उन्होंने बताया कि बस्तर में अब बड़े निवेश आ रहे हैं। नवा रायपुर में स्थापित की जा रही देश की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट और एआई डेटा सेंटर से बस्तर एवं समूचे राज्य में रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे। अब बस्तर ‘मेक इन इंडिया’ का उपयुक्त स्थल बन रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि  सरकार द्वारा मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए पुनर्वास, प्रशिक्षण और स्वरोजगार योजनाएं तैयार की गई हैं। अब बस्तर में आदिवासियों को स्वरोजगार, प्रशिक्षण और बाज़ार की सुविधाएं मिल रही हैं। स्थानीय उत्पादों की बिक्री से रोजगार के नए द्वार खुल रहे हैं। बस्तर का धुड़मारास गांव संयुक्त राष्ट्र द्वारा ‘सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव’ की सूची में शामिल किया गया है।

भौगोलिक और औद्योगिक अधोसंरचना में ऐतिहासिक निवेश

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ में रेल नेटवर्क को 1100 किलोमीटर से बढ़ाकर 2200 किलोमीटर तक ले जाने का कार्य प्रगति पर है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर 21 हजार करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। रायपुर एयरपोर्ट से अब कार्गो सेवा भी प्रारंभ हो चुकी है, जिससे राज्य एक प्रमुख लॉजिस्टिक हब के रूप में उभर रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में प्रचुर मात्रा में खनिज संपदा उपलब्ध है। विशेषकर स्टील, कोयला, डोलोमाइट और लिथियम जैसे संसाधनों की उपलब्धता के चलते छत्तीसगढ़ औद्योगिक दृष्टि से अग्रणी राज्य बनता जा रहा है। स्टील उत्पादन क्षमता को 28 मिलियन टन से बढ़ाकर 45 मिलियन टन और बिजली उत्पादन को 2030 तक देश में शीर्ष स्थान तक ले जाने का लक्ष्य है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जहां लिथियम ब्लॉक की सफल नीलामी हुई है। यह उपलब्धि ग्रीन एनर्जी और इलेक्ट्रिक वाहनों के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक सिद्ध होगी।

प्रशासनिक नवाचार और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन

मुख्यमंत्री श्री  साय ने राज्य सरकार द्वारा किए गए 350 से अधिक नीतिगत सुधारों की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि जमीन पंजीकरण जैसे कार्य अब केवल 500 रुपये में घर बैठे संभव हो गए हैं। नई औद्योगिक नीति के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में प्ले स्कूल, हॉस्पिटल और कॉलेज खोलने वालों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

नीति आयोग में छत्तीसगढ़ के 2047 रोडमैप की प्रमुख बातें

1. छत्तीसगढ़ - ऊर्जा और उद्योग की रीढ़

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ बिजली, कोयला, स्टील और सीमेंट जैसे संसाधनों के माध्यम से भारत की औद्योगिक नींव को सुदृढ़ करता है। छत्तीसगढ़ की यह विशिष्टता देश के आर्थिक विकास को मजबूत आधार प्रदान करती है।

2. खेती और जंगल – ग्रामीण समृद्धि का आधार

कृषि, मछलीपालन और वनोपज आधारित आजीविका से ग्रामीणों और आदिवासियों की आय और आत्मनिर्भरता बढ़ी है जो आदिवासी और ग्रामीण जीवन की दिशा में सकारात्मक परिवर्तन को परिलक्षित करता है।

3. आदिवासी अधिकारों में नई क्रांति

आदिवासी परिवारों को जमीन का अधिकार पाने की प्रक्रिया सरल होने से आदिवासियों का सुरक्षा और सम्मान बढ़ेगा, जो सामाजिक न्याय और अधिकारों की दिशा में क्रांतिकारी पहल है।

4. HHH मॉडल से पर्यटन को नया विस्तार:
HHH मॉडल के माध्यम से हॉस्पिटैलिटी, हाउसिंग और हैंडीक्राफ्ट के जरिए स्थानीय महिलाओं और कारीगरों को रोजगार मिलने के साथ ही छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान मिलेगी।

5. डिजिटल बदलाव से प्रशासन में पारदर्शिता और गति

अब सरकारी कामों में तकनीक का ज़्यादा इस्तेमाल हो रहा है। छत्तीसगढ़ ने “3T” मॉडल अपनाया  है – टेक्नोलॉजी, ट्रांसपेरेंसी और ट्रांसफॉर्मेशन। इसका मतलब है कि सरकारी काम अब साफ-सुथरे और जल्दी होंगे। ऑनलाइन फॉर्म, समय पर सेवाएं और आसान प्रक्रिया से जनता का भरोसा बढ़ेगा। यह भ्रष्टाचार को घटाकर जनता के विश्वास को मजबूत करता है।

6. नीतिगत नेतृत्व में अग्रणी राज्य

मुख्यमंत्री ने बताया कि अब छत्तीसगढ़ सिर्फ संसाधन बहुल राज्य नहीं, बल्कि नीति और प्रशासन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बन रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के “न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन” के विचार को छत्तीसगढ़ पूरी लगन से लागू कर रहा है। अब तक 350 से ज्यादा सरकारी सुधार किए गए हैं।
 
7. सड़क परिवहन और हवाई सुविधाओं की बढ़ी रफ्तार: 11 साल में 21,380 करोड़ से नई सड़कें बनीं। अब जगदलपुर, बिलासपुर और अंबिकापुर एयरपोर्ट का सीधा सम्पर्क  देश के विभिन्न क्षेत्रों से बन चुका है।

8. रेल सुविधाओं  का विस्तार: राज्य में 161 साल में 1100 किमी रेल लाइन बनी थी। अब 2030 तक ये दोगुनी होकर 2200 किमी होगी जो कनेक्टिविटी को बढ़ाने में अत्यंत महत्वपूर्ण होगा।
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पशु क्रूरता अधिनियम पर जागरूकता और सख्ती आवश्यक-कलेक्टर रणबीर शर्मा

 कलेक्टर रणबीर शर्मा की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट स्थित दिशा सभाकक्ष में पशु क्रूरता अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन और मवेशियों की अवैध तस्करी की रोकथाम को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत, पशु चिकित्सा, पुलिस, नगर पालिका, परिवहन एवं राजस्व विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर  शर्मा ने कहा कि पशु क्रूरता निवारण अधिनियम (Prevention of Cruelty to Animals Act) के प्रावधानों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

मवेशियों के साथ अमानवीय व्यवहार, अवैध परिवहन और तस्करी जैसी गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मवेशियों की अवैध आवाजाही, बगैर परमिट के परिवहन तथा तय मानकों के विरुद्ध ढुलाई करने वालों पर तत्काल प्रभाव से कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जिले में पशु कल्याण समितियों को सक्रिय करते हुए ग्राम स्तर तक निगरानी व्यवस्था सुदृढ़ की जाए। चिकित्सा सुविधाओं, चारे-पानी की व्यवस्था, एवं गोठानों की स्थिति की नियमित समीक्षा की जाए। बैठक में पुलिस विभाग को निर्देशित किया गया कि वे परिवहन विभाग के साथ समन्वय कर चेकपोस्ट एवं राजमार्गों पर सतर्कता बढ़ाएं, ताकि किसी भी संदिग्ध मवेशी वाहनों की समय पर जांच और कार्रवाई की जा सके।

कलेक्टर ने आमजन, पशुपालकों एवं स्वयंसेवी संगठनों से भी अपील की कि वे पशुओं के संरक्षण में प्रशासन का सहयोग करें और किसी भी प्रकार की पशु क्रूरता या तस्करी की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें। उन्होंने कहा कि जिले में कानून का पालन कर पशुओं के अधिकारों की रक्षा की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कदम उठाए जाएंगे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रामकृष्ण साहू ने कहा, “मवेशियों की अवैध तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस विभाग हाईवे और सीमावर्ती क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखेगा।

थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे संवेदनशील मार्गों पर लगातार पेट्रोलिंग करें और संदिग्ध वाहनों की नियमित जांच करें। एसएसपी साहू ने आगे कहा कि पशु कल्याण के मसले पर समाज को भी जागरूक होने की जरूरत है। उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार की पशु क्रूरता, अवैध वध, या तस्करी की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस या प्रशासन को सूचित करें।

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सांसद बृजमोहन के पिता रामजीलाल अग्रवाल का निधन

रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल के पिता व वरिष्ठ समाजसेवी और प्रख्यात गौसेवक रामजीलाल अग्रवाल का शनिवार को 96 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनके निधन से सामाजिक और धार्मिक क्षेत्र में शोक की लहर है।


रामजीलाल अग्रवाल, श्रीमती सावित्री देवी अग्रवाल के पति और सांसद व पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, अग्रवाल सभा रायपुर अध्यक्ष विजय अग्रवाल, योगेश अग्रवाल, यशवंत अग्रवाल के पिता थे। वे विष्णु अग्रवाल के भाई और पूरनलाल, राजेंद्र प्रसाद, कैलाश, अशोक अग्रवाल के चाचा तथा देवेंद्र और गणेश अग्रवाल के ताऊजी थे।



रामजीलाल अग्रवाल अग्रवाल समाज के राष्ट्रीय संरक्षक और रायपुर के प्रतिष्ठित अग्रवाल परिवार के वरिष्ठ सदस्य थे। वे एक सादा जीवन, उच्च विचार वाले व्यक्तित्व के रूप में जाने जाते थे और जीवनभर गौसेवा, जनसेवा और सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे।



उनकी अंतिम यात्रा रविवार, 25 मई को सुबह 10 बजे उनके निवास रामजी वाटिका, मौलश्री विहार, वीआईपी रोड, रायपुर से निकलेगी और मारवाड़ी शमशान घाट, रायपुर में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।



रामजीलाल जी की सरलता, सेवा और सत्कार की भावना को समाज हमेशा याद रखेगा। उनके निधन पर विभिन्न सामाजिक संगठनों और नेताओं ने शोक जताया है।

 

 

 
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“दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल क्षेत्राधिकार के माननीय सांसदों के साथ महाप्रबंधक की बैठक सम्पन्न”

 दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल के अंतर्गत आने वाले संसदीय क्षेत्रों के माननीय सांसदों की बैठक दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश के साथ आज दिनांक 23 मई 2025 को आयोजित की गई । तृतीय तल सभागार महाप्रबंधक कार्यालय में आयोजित यह बैठक सौहार्दपूर्ण तथा सहयोगात्मक माहौल में श्री तोखन साहू, माननीय सांसद बिलासपुर एवं राज्यमंत्री आवास एवं शहरी मंत्रालय भारत सरकार, की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई । 


         इस बैठक में श्री तोखन साहू, माननीय सांसद बिलासपुर एवं राज्यमंत्री आवास एवं शहरी मंत्रालय भारत सरकार के अलावा डॉ.श्रीमती ज्योत्सना महंत, माननीया सांसद कोरबा, श्रीमती कमलेश जांगड़े, माननीया सांसद जांजगीर-चांपा, श्री प्रदीप पुरोहित, माननीय सांसद बरगढ, श्री चिंतामणि महाराज, माननीय सांसद सरगुजा शामिल हुये | इसके अलावा श्री जे.ओराम, माननीय सांसद सुंदरगढ, श्री राधेश्याम राठिया, माननीय सांसद रायगढ, श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, माननीय सांसद राज्यसभा (रायगढ़), श्रीमती हिमाद्री सिंह, माननीया सांसद शहडोल के प्रतिनिधि, अपर महाप्रबंधक श्री विजय कुमार साहू, मंडल रेल प्रबंधक श्री राजमल खोईवाल, विभिन्न विभागों के प्रधान विभागाध्यक्ष सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे । 

          बैठक के प्रारंभ में महाप्रबंधक, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे श्री तरुण प्रकाश ने उपस्थित सांसदों का स्वागत करते हुए कहा कि आप सभी के मार्गदर्शन और बहुमूल्य सुझाव का लाभ हमें अपनी सेवाओं को और बेहतर करने में मिलेगा । 

         बैठक में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का परिचय, उपलब्धियों, यात्री सुविधाओं तथा विकासात्मक कार्यों से संबन्धित प्रेजेंटेशन माननीय सांसदों के समक्ष प्रस्तुत किया गया । इसी क्रम मे मंडल रेल प्रबन्धक श्री राजमल खोईवाल द्वारा प्रेजेंटेशन में बिलासपुर मंडल में यात्री सुविधाओं से संबन्धित किए जा रहे कार्य ,आधारभूत संरचना का विकास, गाड़ियों का क्षमता आवर्धन, दिव्यांग जनों, अमृत भारत स्टेशन योजना, वन स्टेशन वन प्रॉडक्ट, महिलाओं के लिए उपलब्ध विशेष सुविधाएं जैसे अक्षिता सेफ बबल, मेरी सहेली अभियान आदि का विशेष उल्लेख किया गया । वाई-फाई, स्वच्छता प्रोजेक्ट, रेल मदद हेल्पलाइन नंबर 139, यात्री सुरक्षा तथा पर्यावरण संरक्षण आदि की विस्तृत जानकारी दी गई । 

           माननीय सांसदों द्वारा मंडल में हो रहे विकास कार्यों, उपलब्ध यात्री सुविधाओं पर संतोष व्यक्त किया गया तथा अपने क्षेत्र से संबन्धित विभिन्न जन सरोकारों से संबन्धित मुद्दों के माध्यम से स्थानीय स्तर की समस्याओं तथा जनता की आकांक्षाएं एवं अपेक्षाओं के अनुरूप विभिन्न स्टेशनों में यात्री सुविधा का विस्तार करने की आवश्कताओं से अवगत कराया गया । बैठक  विभिन्न स्टेशनों में यात्री सुविधाओं तथा रेलवे विकास से संबंधित मुद्दों पर चर्चा हुई ।

         महाप्रबंधक ने सभी सांसदों को अपने-अपने क्षेत्र की जनता की आकांक्षाएं एवं अपेक्षाओं से रेल प्रशासन को अवगत कराने एवं विकासात्मक सुझाव देने के लिए धन्यवाद देते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में यात्री सुविधाओं से संबन्धित किए जा रहे विकास कार्यों से माननीय सांसदों को अवगत कराया । साथ ही उन्हें बैठक में उठाए गए मुद्दों तथा सुझावों को नियमानुसार प्राथमिकता के साथ पूरा करने के प्रयास के प्रति आश्वस्त किया । 

         बैठक के अंत में उप-महाप्रबंधक (सामान्य) श्री समीर कान्त माथुर ने सुझाव देने तथा बैठक को सफल बनाने हेतु माननीय मंत्री जी, सभी सांसदों एवं सांसद प्रतिनिधियों  का आभार व्यक्त किया ।
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बंदूक छोड़ विकास की ओर: 24 हार्डकोर नक्सलियों ने छोड़ा हिंसा का रास्ता: आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास और पुनरुत्थान के लिए सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध - मुख्यमंत्री श्री साय

 छत्तीसगढ़ सरकार की प्रभावी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति - 2025 और 'नियद नेल्ला नार योजना' के सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगे हैं। बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों के समक्ष कुल 87 लाख 50 हजार रुपये के इनामी 24 हार्डकोर नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इनमें से 20 नक्सलियों पर ₹50,000 से लेकर ₹10 लाख तक के इनाम घोषित थे।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में मार्च 2026 तक देश-प्रदेश से लाल आतंक का समूल नाश निश्चित है। यह आत्मसमर्पण उसी निर्णायक यात्रा की एक  कड़ी है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि अब नक्सली भी समझ चुके हैं कि हिंसा का रास्ता अंतहीन विनाश की ओर ले जाता है। अब नक्सली उग्रवाद की राह छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। हम इन आत्मसमर्पित साथियों के पुनर्वास और पुनरुत्थान के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बासिंग में लगाई चौपाल

 सुशासन तिहार के तहत छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नारायणपुर जिले के ओरछा ब्लॉक स्थित ग्राम बासिंग में बीएसएफ कैम्प परिसर में चौपाल लगाकर जनसंवाद किया। नीम वृक्ष की छांव में खाट पर बैठकर मुख्यमंत्री ने न केवल ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं, बल्कि मौके पर ही एक करोड़ रुपये से अधिक की सौगातों की घोषणा कर लोगों का दिल जीत लिया।


चौपाल में मुख्यमंत्री श्री साय के साथ उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन एवं मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 8 अप्रैल से पूरे प्रदेश में सुशासन तिहार के अंतर्गत जनसंवाद और योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति जानने के लिए वे स्वयं क्षेत्रों में पहुंच रहे हैं।

चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने पारंपरिक साफा और कलगी पहनाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। समर कैम्प में प्रशिक्षण प्राप्त युवतियों ने स्वहस्तनिर्मित गुलदस्ते भेंट किए। मुख्यमंत्री ने कक्षा 10वीं के मेधावी छात्रों को सम्मानित किया और हॉफ मैराथन विजेता छात्र को प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की समीक्षा की और कहा कि कोई भी पात्र महिला इस योजना से वंचित नहीं रहेगी। ग्रामवासी श्रीमती महेश्वरी दुग्गा और श्रीमती मनकाय ने योजना के लाभ साझा करते हुए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया।

मुख्यमंत्री ने नक्सल समस्या पर दो टूक कहा कि अबूझमाड़ क्षेत्र के लोगों के सहयोग से नक्सलवाद को समाप्त करने का राष्ट्रीय संकल्प मार्च 2026 तक पूरा होगा। उन्होंने आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए बनी पुनर्वास नीति को देश की सर्वश्रेष्ठ नीति बताया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, नोनी सशक्तिकरण, मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत हितग्राहियों को चाबियां, चेक और नकद सहायता राशि प्रदान की। उन्होंने दिव्यांग हितग्राही को व्हीलचेयर भी सौंपी।

मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की मांग पर मुरहापदर में पुलिया निर्माण हेतु 20 लाख रुपये, बासिंग में खेल मैदान और बालक आश्रम/शाला मरम्मत हेतु 20 लाख रुपये,मुरहापदर और एहनार में आंगनबाड़ी भवन हेतु 24 लाख रुपये, बासिंग में हाट बाजार से बस्ती तक सीसी सड़क हेतु 25 लाख रुपये, कुंदला, बासिंग व मुरहापदर में नवीन घोटूल हेतु 15 लाख रुपये की घोषणा की। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने ओरछा में आदिवासी विकास विभाग द्वारा 8 करोड़ की लागत से निर्मित 250 सीटर छात्रावास भवन, जल आपूर्ति एवं विद्युतीकरण कार्य का लोकार्पण भी किया।
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जवानों के बुलंद हौसलों से मिटेगा नक्सलवाद का कलंक: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि हमारे जवानों का हौसला दुर्गम पहाड़ों से भी ऊंचा है। नक्सलवाद के विरूद्ध निर्णायक लड़ाई में हमारे जवानों ने अदभुत, साहस, शौर्य और पराक्रम का परिचय दिया है। जवानों के बुलंद हौसलों से अब वह दिन दूर नहीं जब बस्तर से नक्सलवाद का नामोनिशान मिट जाएगा। 


मुख्यमंत्री श्री साय आज ओरछा ब्लॉक के ग्राम बासिंग स्थित बीएसएफ कैम्प पहुंचे, जहां पर उन्होंने 21 मई को डीआरजी-बीएसएफ और जिला बल के द्वारा माओवादियों के विरूद्ध नारायणपुर, दंतेवाड़ा और बीजापुर की सरहदी पहाड़ियों में चलाए गए नक्सल विरोधी ऑपरेशन में 27 नक्सलियों को मार गिराने वाले जवानों की हौसला-अफजाई की। उन्होंने बासिंग कैम्प में जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि यह माओवाद के विरूद्ध अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है जिसमें सुरक्षा बलों ने हार्डकोर माओवादी बसवा राजू सहित 27 नक्सलियों को मार गिराया है। मुख्यमंत्री के साथ उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और वन मंत्री श्री केदार कश्यप, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह भी बासिंग पहुंचे। 

मुख्यमंत्री ने जवानों की हौसला अफ़ज़ाई करते हुए तिलक लगाकर उनका अभिनंदन किया। उन्होंने जवानों से कहा कि बस्तर में अमन और शांति लाने में आपकी महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा बल के जवानों को 50 मोटर बाइक पर हरी झंडी दिखाकर गस्त करने के लिए रवाना किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने जवानों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सुरक्षा बलों ने जिस तरह उच्च स्तरीय रणनीति बनाकर ऑपरेशन को अंजाम दिया और कामयाबी हासिल की वह काबिले-तारीफ है। फोर्स के इस अदम्य साहस और शौर्य को नमन है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अब वह दिन दूर नहीं जब बस्तर के माथे से माओवाद का कलंक पूरी तरह से मिट जाएगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक देश से नक्सल समस्या को समूल समाप्त करने का संकल्प लिया है, वह पूरा होता नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि वह दिन दूर नहीं जब बस्तर अंचल छत्तीसगढ़ के विकास से पूरी तरह जुड़ जाएगा। उन्होंने उम्मीद जाहिर करते हुए कहा कि बस्तर के अंदरूनी इलाके, जहां कुछ साल पहले तक जाना भी संभव नहीं था, वहां अब शिक्षा, स्वास्थ्य, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन और निर्माण कार्यों में अब गति आएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि माओवाद प्रभावित क्षेत्रों को शासन की योजनाओं से जोड़ने नियद नेल्लानार, पीएम जनमन जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिसका सकारात्मक बदलाव अब बस्तर में दिखने लगा है। माओवाद की समाप्ति के साथ ही बस्तर विकास की ओर तेजी से बढ़ेगा। उन्होंने ऑपरेशन में शामिल सभी जवानों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए उनकी बहादुरी के लिए बधाई दी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि इस ऑपरेशन और जवानों की बड़ी और ऐतिहासिक सफलता की सराहना राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी हो रही है। उन्होंने कहा कि अब बस्तर में बड़ा और सकारात्मक परिवर्तन होने जा रहा है जो विकास और प्रगति की राह पर बस्तर को ले जाएगा। 

इस दौरान मुख्यमंत्री ने जवानों को एलईडी सेट और गिफ्ट हैम्पर भेंट किए। इस अवसर पर ऑपरेशन में शामिल जवानों ने की गई तैयारियों और रणनीति की जानकारी मुख्यमंत्री एवं उप मुख्यमंत्री को दी। इसके पहले, जवानों ने मुठभेड़ के बाद माओवादियों से रिकवर किए गए हथियारों का प्रदर्शन किया, जिसमें बीजीएल लॉन्चर, 12 बोर बंदूक, .303 बंदूक, 7.62 रायफल, 5.56 एमएम इंसास, एके-47, 9 एमएम कार्बाइन सहित विभिन्न प्रकार के हथियार सम्मिलित थे।

इस मौके पर पुलिस महानिदेशक श्री अरूण देव गौतम, एडीजी नक्सल ऑपरेशन श्री विवेकानंद सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, बस्तर कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री सुंदरराज पी, डीआईजी श्री अमित तुकाराम कामले, कलेक्टर नारायणपुर श्रीमती प्रतिष्ठा ममगाईं, पुलिस अधीक्षक श्री प्रभात कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।
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राज्य के सभी आयुष्मान योजना से संबद्ध अस्पतालों में दुर्घटना में घायल मरीजों को डेढ़ लाख रुपए तक का मिलेगा निःशुल्क इलाज-स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल

सड़क दुर्घटना होने वाले पीडितों के लिए भारत सरकार ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों का नकदी रहित उपचार स्कीम 2025 शुरू किया है। इसके बारे में जानकारी देते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि यह एक बेहद जनउपयोगी योजना है जिसमें सड़क दुर्घटना होने पर पीड़ितों को नकदी रहित मुफ्त उपचार की व्यवस्था होगी। इसमें किसी भी पीड़ित परिवार को 7 दिन की अवधि के लिए आयुष्मान स्वास्थ्य योजना  से संबद्ध हास्पिटल में डेढ़ लाख रुपए तक का इलाज मुफ्त मिलेगा।



श्री जायसवाल ने बताया कि ये निःशुल्क इलाज एक व्यक्ति के लिए डेढ़ लाख रुपए तक होगा। यानी अगर एक ही परिवार के दो व्यक्ति की दुर्घटना होती है तो 3 लाख तक, दुर्घटना में 3 लोग हताहत होते हैं तो 4.5 लाख तक मुफ्त इलाज हो सकेगा। इसमें वे सभी हास्पिटल शामिल होंगे, जिन्हें आयुष्मान योजना के तहत शामिल किया गया है। यानी आयुष्मान योजना के अंतर्गत पंजीकृति किसी भी अस्पताल में नई योजना के तहत दुर्घटना में घायल व्यक्ति सात दिन तक डेढ़ लाख रुपए तक का का निः शुल्क इलाज के लिए पात्र होगा। 

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जानकारी देते हुए कहा कि अगर किसी की दुर्घटना होती है और उसे नजदीकी आयुष्मान योजना संबद्ध हास्पिटल में ले जाया जाता है, लेकिन वहां भी इलाज के संसाधन नहीं हैं या स्पेशलिस्ट डॉक्टर नहीं है, तो वह हास्पिटल तुरंत दूसरे अस्पताल में केस भेजेगा और पोर्टल में इसे अपडेट करेगा ताकि विशेषज्ञ वाली जगह में तुरंत इलाज शुरू हो सके। श्री जायसवाल ने कहा कि अभी ट्रामा और पॉलीट्रामा के अंतर्गत कुछ और सक्षम हास्पिटल को इस योजना के तहत शामिल किया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसका लाभ मिल सके। इसके लिए सभी मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस जन हितकारी और महत्वपूर्ण योजना को राज्य में तत्काल प्रारंभ करने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और गृह मंत्री श्री विजय शर्मा को धन्यवाद देते हुए उनका आभार व्यक्त किया है।
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छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं को मिलेगी नई ऊँचाई- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के सड्डू स्थित आईटीएसए हॉस्पिटल का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने राजधानी वासियों और अस्पताल प्रबंधन को बधाई और शुभकामनाएं दी। 

        मुख्यमंत्री ने कहा कि 350 बिस्तरों की क्षमता वाले इस मल्टीस्पेशलिटी, पीडियाट्रिक और वेलनेस सेंटर से न केवल राजधानी रायपुर बल्कि पूरे प्रदेश के लोगों को अत्याधुनिक और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएँ मिलेंगी।उन्होंने बताया कि पिछले सत्रह महीनों में छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में तीव्र गति से विकास हो रहा है। सरकार द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में मेडिसिटी परियोजना की शुरुआत की गई है, जो भविष्य में 5 हजार बिस्तरों वाले मेडिकल हब के रूप में विकसित होगी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों और मेडिकल स्टाफ से चर्चा कर अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं और विभिन्न विषयों पर जानकारी ली। 
        इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, विधायक श्री राजेश मूणत, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, विधायक श्री मोतीलाल साहू और प्रबुद्धजन   उपस्थित रहे।
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मुख्यमंत्री ने नक्सल मुठभेड़ में शहीद जवान मेहुल भाई को दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने  बीजापुर जिले के उसूर क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान अदम्य साहस का परिचय देते हुए शहीद सीआरपीएफ कोबरा बटालियन के कांस्टेबल श्री सोलंकी मेहुल भाई नंदलाल को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और पार्थिव शरीर को कंधा देकर उनके गृह राज्य रवानगी से पूर्व अंतिम विदाई दी। मुख्यमंत्री आज माना स्थित चौथी वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल परिसर पहुंचकर शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित किए और उन्हें नमन किया।  


मुख्यमंत्री श्री साय इस मौके पर शहीद के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की और ईश्वर से उन्हें इस कठिन समय में शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद मेहुल भाई की वीरता और देशभक्ति हमेशा याद रखी जाएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले एक वर्ष से नक्सल विरोधी अभियान तेज हुई है और हमारे जवानों ने नक्सलवाद से डटकर मुकाबला कर बड़ी सफलताएं हासिल की है। उन्होंने कहा कि मार्च 2026 तक नक्सलवाद के समूल नाश का अपना संकल्प हम पूरा करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जवानों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। सरकार शहीद परिवार के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहयोग करेगी। कांस्टेबल सोलंकी मेहुल भाई का बलिदान  वीरता और राष्ट्र के प्रति समर्पण की सर्वोच्च परंपरा को दर्शाता है।

          इस अवसर पर प्रदेश के गृह मंत्री श्री विजय शर्मा, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं नागरिकगण उपस्थित थे।
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उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अल्पसंख्यक समुदाय के लिए हॉस्टल का उद्घाटन किया

 छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा है कि विष्णुदेव साय सरकार में जिम्मेदार, गंभीर और समर्पित कार्यकर्ताओं को चुन-चुनकर दायित्व दिया गया है। श्री शर्मा ने कहा कि ऊँचाई पर पहुंचना कठिन होता है, और उस ऊँचाई पर बने रहना उससे भी कठिन होता है। श्री शर्मा प्रदेश के अल्पसंख्यक आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा के गुरुवार को राजधानी  स्थित अटलबिहारी वाजपेयी सभागार (मेडिकल कॉलेज परिसर) में पदभार ग्रहण कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। उपमुख्यमंत्री जी ने अल्पसंख्यक आयोग के हॉस्टल का उद्घाटन भी किया।


उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने अल्पसंख्यक आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा को बधाई देते हुए कहा कि कुछ लोग पद से सुशोभित होते हैं, परंतु अमरजीत छाबड़ा जैसे कर्मशील व्यक्ति से यह पद सुशोभित होगा।अमरजीत छाबड़ा सबको साथ में लेकर कार्य करने वाले कार्यकर्ता हैं। श्री शर्मा ने विश्वास व्यक्त किया कि कर्मठ कार्यकर्ता श्री छाबड़ा के कार्यकाल में आयोग द्वारा नए कीर्तिमान स्थापित किए जाएंगे। 
   इस दौरान आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं प्रदेश संगठन के आभार ज्ञापित करते हुए कहा कि आज मुझे जो दायित्व सौंपा गया है, मैं उसे ईमानदारी से निर्वहन करूंगा। अल्पसंख्यक वर्ग के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाएं सभी तक पहुंचें, इस दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। सभी वर्गों को साथ में लेकर हम देश और प्रदेश को विकसित बनाने में अपना सहयोग दें। केंद्र सरकार के प्रधानमंत्री नवीन 15 सूत्रीय कार्यक्रमों को पूरा करने का काम किया जाएगा।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक समुदाय के लोग शामिल हुए।

कार्यक्रम में महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी,  विधायक राजेश मूणत, धरम लाल कौशिक, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, संपत अग्रवाल, सुशांत शुक्ला, प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव, राजीव अग्रवाल, प्रदेश मंत्री, संदीप शर्मा, चंदुलाल साहू, प्रहलाद रजक, लोकेश कावड़िया जितेंद्र कुमार साहू, मोना सेन, विकास मरकाम, राम प्रताप सिंह, शालिनी राजपूत, केदार गुप्ता, अनुराग सिंह देव, हर्षिता पांडेय, रमेश सिंह ठाकुर, सूर्यकांत राठौर, वर्णिका सिंह, श्रीनिवास मद्दी , अनुराग अग्रवाल आदि उपस्थित थे।
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