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गुंडराजगुडेम मुठभेड़ में मारे गयें माओवादियों की शिनाख्तगी पामेड़ एरिया कमेटी में सक्रिय महिला माओवादी सोड़ी लिंगे ACM एवं पुरूष माओवादी पोड़ियाम हड़मा ACM कैडर के रूप में हुई

गुंडराजगुडेम मुठभेड़ में मारे गयें माओवादियों की शिनाख्तगी पामेड़ एरिया कमेटी में सक्रिय महिला माओवादी सोड़ी लिंगे ACM एवं पुरूष माओवादी पोड़ियाम हड़मा ACM कैडर के रूप में हुई।


???? मारे गयें माओवादियों में कुल 10 लाख के घोषित ईनामी हार्डकोर माओवादी शामिल।

???? 01 नग बीजीएल लांचर, 01 नग 12 बोर रायफल सहित भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, नक्सल साहित्य एवं अन्य दैनिक उपयोगी सामान बरामद।

⚫️ पुलिस अधीक्षक सुकमा श्री किरण चव्हाण द्वारा बताया गया कि नक्सल विरोधी सर्च अभियान में दिनांक 28.02.2025 को जिला सुकमा डीआरजी एवं 203 CoBRA की संयुक्त पार्टी शीर्ष माओवादियों की उपस्थिति की आसूचना पर गुंडराजगुड़ेम क्षेत्र में रवाना हुई थी।

⚫️ अभियान के दौरान दिनांक 01.03.2025 के प्रातः लगभग 09:00 बजे गुंडराजगुडेम के मध्य जंगल पहाड़ में सुकमा डीआरजी टीम एवं सशस्त्र माओवादियों के बीच मुठभेड़ शुरू हुई, जो रूक-रूक कर चलती रही।

⚫️ मुठभेड़ समाप्ति उपरांत सभी टीमों द्वारा सर्च करने पर 02 (01 महिला, 01 पुरूष) हार्डकोर माओवादियों का शव हथियार सामग्री सहित बरामद हुआ।

 ⚫️ मुठभेड़ में मारे गये नक्सलियों का नाम व पदः-
    01. सोड़ी लिंगे  एसीएम (एरिया पडियारो पोल्लो अध्यक्ष)  निवासी पश्चिम बस्तर बीजापुर क्षेत्र, ईनामी 05 लाख।

        02. पोड़ियाम हड़मा एसीएम (जनताना सरकार अध्यक्ष) निवासी पश्चिम बस्तर बीजापुर, ईनामी 5 लाख।

        
⚫️ बरामद हथियार व नक्सल अन्य सामग्री का विवरणः-
         01. 01 नग बीजीएल लांचर।
       02. 01 नग 12 बोर बंदूक।
       03. 05 नग बीजीएल सेल।
       04. 05 नग 12 बोर रायफल के जिंदा राउंड।
       05. 01 नग वायरलेस सेट।
       06. 04 नग बीजीएल कॉटीज
       07.  भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, नक्सल साहित्य, दैनिक उपयोगी सामान बरामद।

⚫ श्री सुन्दरराज पी. पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज द्वारा बताया गया कि बस्तर पुलिस एवं क्षेत्र में तैनात DRG/Bastar Fighters/STF/CAF/Central Armed Police Forces  द्वारा लोकतंत्र की रक्षा व क्षेत्र की शांति व्यवस्था बनाये रखने हेतु पूर्ण कर्तव्यपरायणता के साथ अपनी जान की परवाह न करते हुये लगातार कार्य किया जा रहा है। आने वाले दिनों में इस दिशा में हमारा संकल्प, प्रयास और भी ज्यादा मजबूत होगा।
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बढ़ने वाली है गर्मी, टूट सकते हैं पिछले रिकॉर्ड...

 छत्तीसगढ़ में इस साल गर्मी का प्रकोप पहले से ही दिखने लगा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, राज्य में इस बार गर्मी के पिछले सभी रिकॉर्ड टूट सकते हैं। इसके पीछे मुख्य वजह ला नीना का सक्रिय होना बताया जा रहा है, जिससे तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना जताई जा रही है।

मौसम विभाग के अनुसार, छत्तीसगढ़ में मार्च महीने में ही तापमान सामान्य से 2-4 डिग्री अधिक दर्ज किया जा सकता है। अगले 2-3 दिनों में तापमान में और वृद्धि होने की संभावना है। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, और राजनांदगांव जैसे शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।



अचानक बढ़ती गर्मी का असर गेहूं, चना, सरसों जैसी फसलों पर पड़ सकता है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी से फसलों की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है, जिससे उत्पादन में गिरावट आ सकती है। इसके अलावा, नमी की कमी के कारण किसानों को सिंचाई की आवश्यकता अधिक होगी, जिससे जल संकट की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।

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फार्मा, रियल एस्टेट और आईटी क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात

 मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास और नव उद्यमिता के लिए अपार संभावनाओं से भरा राज्य है। यह राज्य वन, खनिज और ऊर्जा संसाधनों से समृद्ध है और बिजली उत्पादन में सरप्लस राज्यों में शामिल है। इन संसाधनों के चलते यहाँ उद्योगों की स्थापना के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध है। सरकार निवेशकों और नव उद्यमियों को हरसंभव सहयोग प्रदान कर रही है, ताकि प्रदेश में आर्थिक विकास और रोजगार के नए अवसरों को प्रोत्साहित किया जा सके।

उन्होंने राजधानी स्थित अपने निवास कार्यालय में फार्मा, रियल एस्टेट और आईटी क्षेत्र के प्रतिनिधियों से चर्चा के दौरान यह बात कही। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, सचिव डॉ. बसवराजू एस., पी. दयानंद, राहुल भगत, उद्योग सचिव रजत कुमार और प्रबंध संचालक श्री विश्वेष झा उपस्थित थे।

नई औद्योगिक नीति 2024-30 से उद्योग स्थापना होगी आसान

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू की गई है, जिससे निवेशकों के लिए उद्योग स्थापित करना पहले से अधिक सरल और सुविधाजनक हो गया है। इसके तहत ऑनलाइन आवेदन और त्वरित प्रोसेसिंग की व्यवस्था की गई है, जिससे निवेश प्रक्रिया पारदर्शी और तेज़ बनी है। इसके अतिरिक्त, 'सिंगल विंडो 2.0' प्रणाली लागू की गई है, जिससे सभी आवश्यक स्वीकृतियाँ आसानी से मिल रही हैं और निवेशकों को किसी तरह की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ रहा है।

नए औद्योगिक पार्क से निवेश को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार नए औद्योगिक पार्कों की स्थापना कर रही है, जिससे उद्योगपतियों को आवश्यक बुनियादी ढाँचा और संसाधन उपलब्ध होंगे। इससे नव उद्यमियों को भी सशक्त वातावरण मिलेगा, जिससे वे अपनी व्यावसायिक यात्रा को मजबूती से आगे बढ़ा सकें। इस पहल से न केवल औद्योगिक इकाइयों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि प्रदेश में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

छत्तीसगढ़ में रिकॉर्ड निवेश प्रस्ताव, पहली बार सेमीकंडक्टर और एआई सेक्टर को बढ़ावा

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद अब तक छत्तीसगढ़ को 1.23 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। प्रदेश में एआई, आईटी, डाटा सेंटर, फार्मास्युटिकल, रियल एस्टेट और रोबोटिक्स जैसे सेक्टरों को विशेष प्रोत्साहन दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप, छत्तीसगढ़ में पहली बार सेमीकंडक्टर, डाटा सेंटर और एआई आधारित उद्योगों की स्थापना के लिए निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जो प्रदेश के औद्योगिक विकास में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होंगे।

औद्योगिक निवेश को लेकर सकारात्मक संवाद

मुख्यमंत्री साय ने बैठक के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़ सरकार उद्यमियों को हरसंभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की औद्योगिक नीति स्पष्ट, पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल हैं, जिससे देश-विदेश के उद्योगपतियों को छत्तीसगढ़ में व्यापार स्थापित करने के लिए आवश्यक सुविधाएं दी जा रही हैं। मुख्यमंत्री साय ने निवेशकों को आमंत्रित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार उनके व्यापार को सफल बनाने में हरसंभव सहयोग देगी। राज्य की नई औद्योगिक पहल प्रदेश को आर्थिक प्रगति और नवाचार के नए दौर में ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

इस अवसर पर कई प्रतिष्ठित उद्यमियों और निवेशकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिनमें प्रमुख रूप से मैनकाइंड फार्मा से गौरव चौहान, एम्बेसी रीट के सीईओ विकास खडोलिया, यूअरस्टोरी की संस्थापक श्रद्धा शर्मा और मायट्री स्कूल ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप के फाउंडर रोहित कश्यप शामिल थे।
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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने की सौजन्य भेंट

छत्तीसगढ़ प्रवास पर पहुंचे केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में सौजन्य मुलाकात की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ में शांति, सुशासन और सतत विकास को लेकर चल रही पहल पर केंद्रीय मंत्री से विस्तृत चर्चा की। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की दिशा में किए जा रहे प्रयासों और विभिन्न विकास कार्यों की जानकारी साझा की।
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ को बस्तर की समृद्ध कला-संस्कृति का प्रतीक ‘बस्तर आर्ट’ स्मृति चिह्न भेंट किया।
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छत्तीसगढ़ विजन 2047 के तहत राज्य को औद्योगिक हब बनाने की पहल

आप छत्तीसगढ़ आइए, निवेश करिए और विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहभागी बनें। विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ को समर्पित हमारी नई उद्योग नीति लागू होने से अब तक राज्य सरकार को 1 लाख 23 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। राज्य सरकार न्यूनतम प्रशासन-अधिकतम प्रोत्साहन, उद्यमियों को निवेश अनुकूल माहौल और हर संभव सहयोग दिए जाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर में आयोजित इंडस्ट्री डायलॉग कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव  साय ने कार्यक्रम में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम को बढ़ावा देने वाली भारत सरकार की महती योजना रैंप का प्रदेश में शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत 09 लाभार्थियों को 2 करोड़ 21 लाख से अधिक, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य संस्करण योजना के तहत 3 लाभार्थियों को 55 लाख से अधिक तथा राज्य में निवेश करने वाले 16 निवेशकों को इनविटेशन टू इन्वेस्ट पत्र वितरित किया।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत का संकल्प रखा है। उनके संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ को विकसित करने छत्तीसगढ़ विजन 2047 तैयार कर इस दिशा में लगातार काम कर रहे है। उन्होंने कहा कि ईज आफ डूइंग बिजनेस के तहत अनुमति, अनुमोदन और नवीनीकरण की प्रक्रिया हमने काफी आसान कर दी है, जिससे प्रदेश में निवेश आकर्षित हो रहे हैं। साय ने बताया कि हमारी सरकार उद्योग जगत की सुविधा के लिए नये औद्योगिक पार्क स्थापित कर रही है। इनके तैयार होने के बाद यहां तेजी से निवेशक अपने उद्योग लगा सकेंगे। प्रदेश सरकार ने 7 नये लघु औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना की है तथा 4 बड़े औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना प्रक्रियाधीन है। बस्तर के नगरनार स्टील प्लांट की स्थापना के चलते सहायक ईकाइयों के लिए बड़ी संभावनाएं बनती हैं। इन्हें स्थान देने के लिए नगरनार के पास नियानार में 118 एकड़ भूमि में नये औद्योगिक पार्क की स्थापना की उन्होंने जानकारी भी दी। 
        मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद से हम रायपुर, दिल्ली और मुंबई में इंवेस्टर्स कनेक्ट कार्यक्रम कर चुके हैं जिसमें बड़ी संख्या में निवेशकों ने छत्तीसगढ़ में निवेश की इच्छा जताई है। नई औद्योगिक नीति के लागू होने के बाद अब तक 1 लाख 23 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले है और  50 से ज्यादा उद्यमियों को निवेश हेतु प्रमाणपत्र भी सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज पदार्थों से समृद्ध है। हम बिजली सरप्लस स्टेट हैं। सेंट्रल इंडिया में होने के कारण कनेक्टिविटी देश के सभी हिस्सों से शानदार है और हमारी नीति और नीयत ने प्रदेश को निवेश के लिए आदर्श स्थल बना दिया है। 

     मुख्यमंत्री  साय ने एआई, आईटी, डाटा सेंटर, रोबोटिक्स जैसी नई संभावनाओं के साथ ही फार्मास्युटिकल, रेडीमेड गारमेंट सेक्टर में निवेश के लिए नई औद्योगिक नीति में विशेष प्रोत्साहन दिए जाने की जानकारी दी। साय ने सेमी कंडक्टर, डाटा सेंटर और एआई आधारित उद्योगों की स्थापना के लिए प्रस्ताव प्राप्त होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश के रजत जयंती वर्ष का जिक्र करते हुए छत्तीसगढ़ की वित्तीय यात्रा की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि पिछले 25 वर्षों में प्रदेश की जीएसडीपी 20 गुना बढ़कर 5 लाख करोड़  हो गई है। उन्होंने बताया कि पिछले 25 वर्षों में प्रदेश के बजट का आकार भी बढ़ा है और अब हम कैपिटल एक्सपेंडिचर को बढ़ाने की दिशा में भी लगातार काम कर रहे हैं। 

         इस अवसर पर उद्योग मंत्री  लखन लाल देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सपनों को साकार करने राज्य सरकार सभी क्षेत्रों सकारात्मक पहल कर रही है। विकसित छत्तीसगढ़ के विजन को पूरा करने के लिए छतीसगढ़ सरकार ने नई औद्योगिक नीति राज्य में लागू की  है। उन्होंने बताया कि इस नीति के माध्यम से राज्य से बाहर के निवेशकों को आमंत्रित किया गया है और उद्योगों की स्थापना से प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। उद्योग मंत्री देवांगन ने पिछले 6 वर्षों से जिन उद्योगों को अनुदान की राशि नही मिली उनकी राशि जल्द जारी किए जाने की जानकारी दी और कहा कि सरकार 489 करोड़ रुपए 1049 लघु और बड़े उद्योगों को भुगतान करेगी।
       इन्वेस्टर्स डायलॉग में मुख्यमंत्री सहित अतिथियों ने 16 निवेशकों को इनविटेशन टू इन्वेस्ट पत्र भी सौंपे, जिसके तहत प्रदेश में लगभग 11 हजार 733 करोड़ रुपए का निवेश होगा और लगभग 9 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार भी मिलेगा। कार्यक्रम में एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया से प्रशिक्षण प्राप्त 05 प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। 

     इन्वेस्टर्स  डायलॉग को मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध सिंह, एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया के महानिदेशक डॉ. सुनील शुक्ला, संचालक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम सुश्री अंकिता पाण्डेय ने भी संबोधित किया। उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार ने स्वागत उद्बोधन दिया और विभागीय योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी साझा की। 
 इस दौरान मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत सहित उद्योग विभाग के अधिकारी कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में उद्यमीगण उपस्थित थे।
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वन क्षेत्र बारनवापारा के 1222 किसानों को सोलर पम्प से मिली सिंचाई सुविधा

आजादी के दशकों बाद भी परंपरागत बिजली से वंचित रहे  बलौदाबाजार जिले बारनवापारा क्षेत्र के किसानों के लिए छत्तीसगढ़ शासन की सौर सुजला योजना वरदान साबित हो रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साथ के नेतृत्व में क्रेडा विभाग द्वारा अब तक बारनवापारा क्षेत्र में 1222 किसानों के खेतों में सौर सिंचाई पम्प स्थापित किए गए हैं, जिससे अब किसान बिना किसी चिंता के सिंचाई सुविधा का लाभ उठाकर लाभकारी खेती कर रहे हैं। 

सौर सुजला योजना के तहत  बार नावापारा क्षेत्र में 2 हार्स पावर के 03, तीन हार्स पावर के 615 और 5 हार्स पावर के 604 सोलर पम्प स्थापित किए गए हैं। यह योजना उन किसानों के लिए वरदान साबित हुई है, जिनके खेतों तक बिजली नहीं पहुंची थी या जिनके पास सिंचाई के अन्य संसाधन नहीं थे। 

ग्राम डेबी के किसान नित्यानंद बताते हैं कि पहले सिंचाई की सुविधा न होने के कारण उनकी सालाना आमदनी मात्र 25 से 30 हजार रुपये थी। लेकिन सोलर पम्प लगने के बाद अब वे धान के साथ सब्जियां जैसे आलू, टमाटर और बरबटी उगाकर तीन से चार गुना अधिक आय प्राप्त कर रहे हैं। इसी तरह, बंशराम चौहान, बसंत कुमार कैवर्त्य, अमरू राम, धनीराम बिंझवार और गौरी बाई दीवान सहित कई अन्य किसानों की आमदनी में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

पहले किसान नदी-नालों से डीजल पम्प के जरिए सिंचाई करते थे, जिससे उनकी आय का बड़ा हिस्सा ईंधन पर खर्च हो जाता था। लेकिन सौर सुजला योजना के तहत मात्र 24,800 रुपये में सोलर पम्प मिलने से अब उनकी यह समस्या समाप्त हो गई है। छत्तीसगढ़ शासन किसानों को बाजार मूल्य से काफी कम कीमत पर सौर पम्प उपलब्ध करा रही है। तीन हार्स पावर के पम्प के लिए अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के किसानों को मात्र 10,000 रुपये, अन्य पिछड़ा वर्ग के किसानों को 15,000 रुपये, सामान्य वर्ग के किसानों को 21,000 रुपये का अंशदान देना होता है, जबकि 5 हार्स पावर के पम्प के लिए अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के किसानों को 15,000 रुपये, अन्य पिछड़ा वर्ग को 20,000 रुपये तथा सामान्य वर्ग के कृषक को 25,000 रुपये का अंशदान देना होता है। बलौदाबाजार जिले में अब तक 5198 सौर पम्प लगाए जा चुके हैं।

सौर सुजला योजना का लाभ लेने के लिए कृषि विभाग, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी और क्रेडा विभाग के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। सिंचाई के लिए नदी, नाले, कुएं और नलकूप प्राथमिकता पर चिन्हांकित किए जाते हैं। छत्तीसगढ़ शासन की यह योजना किसानों के लिए कम लागत में सिंचाई की बेहतर और स्थायी व्यवस्था है।
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सोलर पैनल से घरों में होने लगी रोशनी, बिजली बिल की भी बचत

 सोलर पैनल लगाने से हर महीने बिजली बिल में बचत होते देख अब छत्तीसगढ़ में भी प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत घरों में भी सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं। 
क्रेडा के  अधिकारियों के अनुसार राज्य में अभी तक करीब ढाई लाख लोग प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के पोर्टल में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं, जिनमें से लगभग 40 हजार लोगों ने घरों में सोलर पैनल लगाने के लिए आवेदन भी किए हैं। इनमें से एक हजार से अधिक लोगों के घरों में सोलर पैनल लग  गए हैं। इससे उनके घरों में बिजली का उत्पादन भी होने लगा है, जिससे बिजली बिल में हर महीने अच्छी बचत भी होनी लगी है। यही कारण है कि सोलर पैनल को लेकर लोगों की सोच भी सकारात्मक हुई है, जिससे पोर्टल में रजिस्ट्रेशन कराने वालों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है।

प्रधानमंत्री सूर्य पर मुफ्त बिजली योजना के तहत 3 किलोवाट का सोलर पैनल लगाकर उपभोक्ता हर महीने घर में ही 360 यूनिट बिजली तैयार कर रहे है. जिससे बिजली बिल में 20 हजार रुपए तक की बचत हो रही है। इस योजना का लाभ लेने के लिए रायपुर सहित प्रदेश के कई जिलों से आवेदन किए जा रहे हैं। इनमें नक्सल प्रभावित मोहला-मानपुर सुकमा, नारायणपुर जैसे जिले भी शामिल है।

सब्सिडी के साथ बैंक लोन

इस योजना के तहत उपभोक्ताओं को सोलर पैनल लगाने पर सब्सिडी के रूप में छूट दी जा रही है। उपभोक्ता को बैंक से दो लाख रुपए का लोन और हजार रुपए की सब्सिडी में मिल रही। सोलर पैनल की लाइफ 25 वर्ष की है। इस तरह उपभोक्ता को सोलर पैनल लगाने से 4 लाख 21 हजार 200 रुपए की बचत होगी।

दो साल में करीब डेढ़ लाख घरों में सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य

क्रेडा के अनुसार इस योजना के तहत प्रदेश में दो वर्ष में करीब डेढ़ लाख घरों में सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए जिलो में अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। इसके तहत लोगों को सोलर पैनल के फायदों के बारे में जागरूक भी किया जा रहा है।
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आर्थिक तंगी से आत्मनिर्भरता तक का सफर

 सुशासन का मूल उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुँचाना होता है। जब कोई नीति या योजना समाज के वंचित वर्गों तक प्रभावी ढंग से पहुँचती है, तो उसका असर न केवल एक व्यक्ति बल्कि पूरे समुदाय पर पड़ता है। ऐसी ही एक पहल “महतारी वंदन योजना“ ने महासमुंद जिले के सिरपुर क्षेत्र की कमार जनजातीय महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता और सशक्तिकरण की नई राह दिखाई है।  
      सिरपुर की रहने वाली श्रीमती केंवरा कमार पहले परंपरागत बांस शिल्प कारीगरी पर निर्भर थीं। यह उनकी आजीविका का मुख्य साधन था, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण उनका व्यवसाय ठप पड़ गया था। सीमित संसाधनों और बाजार में प्रतिस्पर्धा के कारण उनके लिए गुजारा करना मुश्किल हो रहा था। मगर महिला एवं बाल विकास विभाग से 1000 रुपये प्रतिमाह की सहायता राशि मिलने के बाद उनकी जिंदगी ने एक नया मोड़ लिया। इस आर्थिक सहयोग से उन्होंने बांस, रस्सी और अन्य आवश्यक सामग्री खरीदनी शुरू की, इससे उनका व्यवसाय फिर से अच्छा चल रहा है, और अब वे अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा देने में सक्षम हो रही हैं।
इसी तरह सिरपुर की ही रहने वाली भामिनी गोस्वामी इस योजना का लाभ उठाकर अपनी बेटी टांसी गोस्वामी के भविष्य को संवार रही हैं। हर माह मिलने वाली 1000 रुपये की सहायता राशि को वे सुकन्या समृद्धि योजना में जमा कर रही हैं। यह छोटी-सी बचत उनकी बेटी के लिए एक मजबूत आर्थिक संबल बन रही है, जो आगे चलकर उसकी उच्च शिक्षा और विवाह में सहायक सिद्ध होगी। भामिनी कहती हैं, “पहले हमारे पास इतनी बचत नहीं होती थी कि हम अपनी बेटी के भविष्य के बारे में सोच सकें, लेकिन महतारी वंदन योजना ने हमें यह अवसर दिया है कि हम अपने बच्चों को एक सुरक्षित और उज्जवल भविष्य दे सकें।“ महतारी वंदन योजना केवल एक आर्थिक सहायता योजना भर नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के सशक्तिकरण का आधार भी बन रही है। खासकर दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों की महिलाओं के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं।
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मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने सड़क पर जन्मदिन मनाने और सार्वजनिक यातायात को बाधित करने वालों पर कड़ी कार्यवाही करने के दिए निर्देश

मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के मुख्य समिति कक्ष में आज आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में सड़कों पर जन्मदिन मनाने, पंडाल लगाने, भंडारा आयोजित करने की प्रवृतियों को हतोत्साहित करने एवं सार्वजनिक यातायात को बाधित करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। 

सार्वजनिक मार्गों पर अवरोध पर कठोर कार्रवाई

मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी व्यक्ति यदि सार्वजनिक मार्ग को अवरुद्ध करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सार्वजनिक मार्ग को अवरुद्ध करने वालों पर एंटी-एन्क्रोचमेंट एक्ट, मोटर व्हीकल एक्ट, नगर पालिका अधिनियम एवं अन्य सुसंगत अधिनियमों तथा भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत दंडात्मक कार्यवाही करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

मुख्य सचिव  जैन ने बैठक में कहा कि सड़कें केवल आवागमन के लिए हैं, निजी आयोजनों के लिए नहीं। उन्होंने कहा कि जन्मदिन, पार्टियां तथा अन्य कोई भी निजी कार्यक्रम सार्वजनिक सड़कों पर आयोजित करने वालों के  खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई होगी। उन्होंने ऐसे आयोजनों में शामिल वाहनों को जब्त करने और आयोजकों पर जुर्माना लगाने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि जिम्मेदार व्यक्तियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत उत्तरदायी ठहराया जाएगा।

मुख्य सचिव  जैन ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे किसी भी अवैध आयोजन को तुरंत रोकें और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करें। मुख्य सचिव श्री जैन ने इस तरह की अवांछित गतिविधियों को रोकने और संबंधितों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित करने एसओपी तैयार करने के निर्देश पुलिस विभाग के अधिकारियों को दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि इस तरह की गतिविधियों को रोकने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, जिससे नागरिकों को स्पष्ट संदेश मिले कि सार्वजनिक मार्गों पर अवैध आयोजन पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। उन्होंने जनसंपर्क विभाग को विभिन्न प्रचार माध्यमों का उपयोग करते हुए आमजन को इस सम्बन्ध में  जागरूक करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि यदि किसी क्षेत्र में इस प्रकार की घटनाएँ दोबारा होती हैं, तो संबंधित प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने पुलिस विभाग के अधिकारियों  को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इस सम्बन्ध में सख्त निगरानी रखें। मुख्य सचिव ने कहा  कि वे विशेष सतर्कता दल (विजिलेंस टीम) गठित करें, जो ऐसी घटनाओं पर नजर रखेंगे और तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।

मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने कहा कि सार्वजनिक व्यवस्था को बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे आपसी समन्वय से कार्य करें और सुनिश्चित करें कि सार्वजनिक मार्गों का दुरुपयोग किसी भी स्थिति में न हो।

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बिजली कंपनी द्वारा पारेषण-वितरण तंत्र में नवीन अधोसंरचना के विस्तार से राज्य में बिजली की निरंतर उपलब्धता की जा रही है सुनिश्चित

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने ऊर्जा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य में बिजली आपूर्ति की स्थिति, भविष्य की आवश्यकताओं और अधोसंरचना विकास की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में यह पाया गया कि बढ़ती ऊर्जा मांग को देखते हुए राज्य में विद्युत अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री जी ने राज्य की दीर्घकालिक ऊर्जा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए रणनीतिक योजनाओं की समीक्षा की और उनकी त्वरित क्रियान्वयन के निर्देश दिए। समीक्षा के मुख्य बिन्दु राज्य में विद्युत की आपूर्ति, उपलब्धता तथा आगामी परियोजनाएं रहीं। 


बैठक में बताया गया कि राज्य में विगत वर्षों में मांग में वृद्धि दर्ज की गई है परंतु मांग के अनुरूप बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं हो पायी। राज्य में नये पॉवर प्लांट लगाने हेतु कोई योजना नहीं बनाई गई। मुख्यमत्री जी द्वारा आगामी 10 वर्षों की मांग को देखते हुए तैयारी की समीक्षा की गई। पॉवर कंपनी द्वारा यह ध्यान में लाया गया कि आगामी वर्षों में कोरबा में उत्पादन कंपनी द्वारा 1320 मेगावाट क्षमता के ताप विद्युत संयंत्र की स्थापना की जायेगी। इसके अतिरिक्त एनटीपीसी द्वारा राज्य में स्थापित की जा रही संयंत्रों से 50 प्रतिशत बिजली के क्रय हेतु अनुबंध किए गए है, जिससे 1200 मेगावाट बिजली राज्य को वर्ष 2027-28 तक प्राप्त होगी।

इसके अतिरिक्त भविष्य की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए आगामी वर्षों में अतिरिक्त विद्युत उत्पादन क्षमता हासिल करने की कार्य योजना बनाकर उस पर गंभीरता से अमल किया जा रहा है। ताप विद्युत उत्पादन क्षमता बढ़ाने के अलावा पम्प स्टोरेज धारित जल विद्युत संयंत्र, बैटरी स्टोरेज सौर ऊर्जा संयंत्र का उत्पादन बढ़ाने के लिए भी बड़े पैमाने पर विभिन्न परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है। इससे सामान्य अवधि के अतिरिक्त पीक लोड के समय बिजली उपलब्ध रहेगी।

अंतर्राज्यीय पारेषण परियोजनाओं के माध्यम से अन्य राज्यों में उपलब्ध सरप्लस बिजली का उपयोग राज्य में करने हेतु वृहद स्तर पर कार्य किया जा रहा है। आर.डी. एस. एस. योजना के तहत लाईन लॉस में कमी लाकर बिजली उपलब्धता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। केन्द्रीय क्षेत्र के ताप बिजली घरों से विद्युत प्राप्त करने के लिए अधिक से अधिक पॉवर पर्चेस एग्रीमेंट किया गया है।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में कोई भी घोषित अथवा अघोषित बिजली कटौती नहीं की जा रही है। छत्तीसगढ़ राज्य देश के उन चुनिनंदा राज्यों में से एक है जो किसानों को अधिक मात्रा में तथा सस्ती बिजली उपलब्ध कराती है उल्लेखनीय है कि राज्य के किसानों को 18 घंटे मुफ्त में बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। यहां तक कि विद्युत आपूर्ति में आकस्मिक कमी होने पर राज्य की पॉवर कंपनी द्वारा महंगी दरों पर भी एक्सचेंज के माध्यम से विद्युत का क्रय कर किसानों एवं उपभोक्ताओं को निरंतर बिजली उपलब्ध कराई जाती है। विद्युत उपभोक्ता सेवा के लिए ऑनलाईन आईटी सॉल्यूशन्स के बड़े उपाय भी किये गये है। बिजली मितान बॉट सेवा में उपभोक्ता व्हाट्सअप के माध्यम से अपनी शिकायतें दर्ज करते हुए समाधान प्राप्त कर सकते है। मोर बिजली एप, 1912 सेवा एवं लोकल कॉल सेंटर आदि उपायों के भी उत्साहजनक परिणाम मिले है।
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छत्तीसगढ़ में कामकाजी महिलाओं के लिए 202 करोड़ से बनेंगे 6 हाॅस्टल

केंद्र शासन की विशेष सहायता से छत्तीसगढ़ में कामकाजी महिलाओं के लिए 6 हाॅस्टल बनाए जाएंगे। इसके लिए केन्द्र  के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 202 करोड़ रुपए की राशि जारी की गई है। इनमें राजधानी में तीन के साथ ही नवा रायपुर में सेक्टर-16 में एक और बिलासपुर तथा सिरगिट्टी में सीएसआईडीसी को दो हॉस्टल के लिए राशि दी गई है।

राजधानी  रायपुर में  कामकाजी महिलाओंके लिए लगभग 48 करोड़ रुपए की लागत से  तीन वर्किंग वूमन्स हॉस्टल  बनाए  जाएंगे।  इस हॉस्टल की योजना वर्ष 2024 में केंद्र शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। केंद्र  सरकार द्वारा 24 फरवरी को इस प्रस्ताव की मंजूरी दे  दी  गई  है। 
नगर निगम आयुक्त श्री अविनाश मिश्रा ने बताया कि 250-250 बेड के इस हॉस्टल के बनने से राजधानी में कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित आवासीय सुविधा सस्ती दर पर मिलेगी। तीनों हॉस्टल तीन माले की होगी। इनमें से प्रत्येक हॉस्टल में 250-250 बेड का इंतजाम किया जाएगा।   हॉस्टल के कमरे डबल बेडरूम वाले होंगे और उसमें अटैच वासरूम रहेगा। कोशिश रहेगी कि सभी हॉस्टल में मेस की सुविधा रहे, जिससे कामकाजी महिलाओं को नाश्ता व खाने के लिए बाहर न जाना पड़े। ये हॉस्टल रिहायशी इलाकों में ही  बनाए  जाएंगे,जिससे महिलाओं को आने-जाने में किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो। आयुक्त ने कहा है कि प्रक्रियाओं को तेज करते हुए इन हॉस्टल को एक साल के अंदर तैयार करने की कोशिश की जाएगी। तीनों हॉस्टल की निर्माण एजेंसी निगम रहेगा और इसका संचालन व संधारण पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर किया जाएगा। 
लगभग 10 हजार महिलाएं कर रही काम
रोजगार कार्यालय से  अनुसार राजधानी में लगभग 10 हजार महिलाएं बाहर से आकर सरकारी विभागों में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि निजी संस्थानों में यह संख्या बढ़ सकती है।
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मिशन क्लीन सिटी के तहत कार्यरत स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों के लिए सरकार ने खोला राहत का पिटारा

 नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने मिशन क्लीन सिटी के अंतर्गत नगरीय निकायों में कार्यरत स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों के लिए राहत का पिटारा खोला है। राज्य शासन द्वारा उनके लिए आठ घंटे की कार्यावधि निर्धारित करने के साथ ही साप्ताहिक अवकाश और महीने में एक दिन का सवैतनिक आकस्मिक अवकाश प्रदान करने के संबंध में नए दिशा-निर्देश सभी नगरीय निकायों को जारी किए हैं। साथ ही सभी स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों का श्रम विभाग में पंजीयन कराकर विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान करने के भी निर्देश दिए हैं। 


नगरीय प्रशासन विभाग ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए नगरीय निकायों में लागू "मिशन क्लीन सिटी" के तहत निर्मित अधोसंरचना तथा स्वसहायता समूहों के संचालन एवं संधारण के लिए वर्ष 2016 में जारी निर्देशों को संशोधित कर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ये नए दिशा-निर्देश रायपुर, भिलाई और रिसाली को छोड़कर शेष सभी नगर निगमों तथा सभी नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में लागू होंगे। निकायों में कार्यरत् विभिन्न स्वसहायता समूहों की मांगों पर संवेदनशीलता से विचार करते हुए उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने नगर निगम आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को इस संबंध में परिपत्र जारी कर नए निर्देशों का कड़ाई से पालन करने को कहा है। सभी क्षेत्रीय संयुक्त संचालकों को समय-समय पर निकायों का भ्रमण कर इन निर्देशों का पालन किया जाना प्रतिवेदित करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। 

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा जारी परिपत्र के अनुसार स्वच्छता दीदियों/सफाई मित्रों की कार्यावधि आठ घण्टे निर्धारित की गई है। निकाय सुविधानुसार प्रातः छह बजे से दोपहर तीन बजे (एक घण्टे का भोजन अवकाश मिलाकर) या प्रातः सात बजे से शाम चार बजे तक कार्यावधि निर्धारित कर सकते हैं। विशेष अवसरों के अतिरिक्त निर्धारित कार्यावधि से अधिक कार्य कराया जाना प्रतिबंधित होगा। निकायों में प्रत्येक स्वच्छता दीदी/सफाई मित्र का कार्य रोस्टर स्वसहायता समूह द्वारा इस प्रकार तैयार किया जाएगा कि प्रत्येक सदस्य को रोटेशन आधार पर एक साप्ताहिक अवकाश अनिवार्यतः प्राप्त हो सके। नगरीय निकायों को इस बात का ध्यान रखने कहा गया है कि सभी सदस्यों का साप्ताहिक अवकाश एक ही दिन न पड़े, जिससे डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण एवं निपटान का कार्य प्रभावित न हो, तथा मणिकंचन केन्द्र में कचरे का जमाव न होने लगे।

राज्य शासन ने मिशन क्लीन सिटी के अंतर्गत कार्यरत् सभी सदस्यों का पंजीयन श्रम विभाग के पोर्टल पर अनिवार्यतः कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही श्रम विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं तथा जीवन बीमा, मेडिकल क्लेम आदि का सम्पूर्ण लाभ सभी सदस्यों को दिलाने निकाय प्रमुख को प्राथमिकता से सुनिश्चित कराने को कहा है। 

परिपत्र में कहा गया है कि मिशन क्लीन सिटी अंतर्गत नियोजित मानव बल का कार्य डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण एवं निपटान की कार्यवाही करना है। किंतु कुछ निकायों द्वारा इनसे स्ट्रीट स्वीपिंग, नाली सफाई एवं अन्य प्रकृति के कार्य कराए जा रहे हैं। नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी निकायों को निर्देशित किया है कि मिशन क्लीन सिटी अंतर्गत नियोजित स्वच्छता दीदी/सफाई मित्रों से योजना के दिशा-निर्देशों के अतिरिक्त अन्य प्रकृति के कार्य कराए जाने पर पूर्णतः प्रतिषेध होगा। निर्देशों के उल्लंघन पर जिम्मेदारी का निर्धारण कर कड़ी अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।

नगरीय प्रशासन विभाग ने मिशन क्लीन सिटी के अंतर्गत नियोजित सभी मानव बल का मासिक स्वास्थ्य परीक्षण मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट में अनिवार्यतः कराया जाना सुनिश्चित करने को कहा है। प्रत्येक तीन माह में सभी सदस्यों का ब्लड टेस्ट, थॉयरॉइड टेस्ट, बीपी व शुगर टेस्ट, यूरीन टेस्ट, यूरीन कल्चर, यूरिक एसिड, एल्यूमिन टेस्ट, एलडीएच टेस्ट, टोटल कोलेस्ट्रॉल टेस्ट, वीएचडीएल टेस्ट एवं टीएचएस टेस्ट भी कराया जाएगा। इसके लिए जिला मुख्यालय के निकाय जिले के अन्य निकायों से समन्वय कर कैम्प प्लान तैयार कर कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे।

राज्य शासन ने स्वच्छता दीदियों/सफाई मित्रों के हितों को ध्यान रखते हुए माह में एक दिन का सवैतनिक आकस्मिक अवकाश प्रदान करने का निर्णय लिया है। हर एसएलआरएम माहवार प्रत्येक सदस्य के अवकाश का लेखा-जोखा संधारित करते हुए रजिस्टर में इंद्राज करेंगे तथा कटौती की गई राशि से ही वर्ष में एक बार राशि उपलब्धता के आधार पर बोनस राशि यथासंभव प्रदान की जाएगी या प्रत्येक सेंटर से उत्कृष्ट कार्य करने वाले एक सदस्य को विशेष दिवस पर इस राशि से सम्मान स्वरूप राशि या पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।

मिशन क्लीन सिटी के तहत नए निर्देशों के मुताबिक एसएलआरएम सेंटर्स (मणिकंचन केन्द्र) तथा उसकी सामग्री की मरम्मत व संधारण निकाय द्वारा मरम्मत व संधारण मद अंतर्गत जारी राशि से किया जाएगा। विशेष परिस्थिति में वृहत मरम्मत कार्य की आवश्यकता पड़ने पर पृथक से राशि सुडा (SUDA) द्वारा प्रकरण का परीक्षण कर गुण-दोष के आधार पर प्रदान किया जाएगा। एसएलआरएम सेंटर्स के लिए नियुक्त सुपरवाइजर निकाय के नियमित कर्मचारी या स्वसहायता समूह के सदस्य होंगे। अन्य प्लेसमेंट कर्मचारी/स्वच्छता कमाण्डो आदि सुपरवाइजर नहीं बनाए जाएंगे। ट्रायसायकिल रिक्शा, मिनी टिप्पर आदि की मरम्मत का कार्य सुपरवाइजर द्वारा कराया जाएगा तथा निकाय द्वारा सुपरवाइजर को मरम्मत राशि की प्रतिपूर्ति की जाएगी। इसके लिए वार्षिक अधिकतम एक लाख रुपए तक के भुगतान के लिए यूजर चार्ज की राशि का उपयोग किया जा सकेगा।

सेहत की सुरक्षा और काम में सहूलियत के लिए दिए जाएंगे विभिन्न सामग्री
 
राज्य शासन ने मिशन क्लीन सिटी के दिशा-निर्देशों के अनुसार मणिकंचन केन्द्रों में सफाई मित्रों को सेहत की सुरक्षा और काम में सहूलियत के लिए विभिन्न सामग्रियां निःशुल्क उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सफाई मित्रों को हर वर्ष पहचान पत्र, पुरूषों की वर्दी के लिए हरे रंग की दो टी-शर्ट, महिलाओं की वर्दी के लिए दो साड़ियां, दो एपेरन और एक रेनकोट प्रदान किया जाएगा। साथ ही हर तीन महीने में चार जोड़ी रबर के दस्ताने और चार जोड़ी कपड़े के दस्ताने, प्रत्येक दो माह में छह जोड़ी मोजे और छह मास्क, हर छह महीने में दो जोड़ी कपड़े के जूते और दो टोपियां दी जाएंगी। कंपोस्ट शेड में काम करने वाले सफाई मित्रों को प्रति वर्ष एक जोड़ी गमबूट भी प्रदान किए जाएंगे।
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दूसरे चरण के पंचायत चुनाव में भी कांग्रेस को भाजपा से बढ़त

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने दावा किया कि पहले चरण के समान ही दूसरे चरण के त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव में कांग्रेस को भाजपा से बढ़त मिली है। कांग्रेस समर्थित जिला पंचायत, जनपद पंचायत और सरपंच के प्रत्याशी अधिक चुनाव जीतकर आये है। दूसरे चरण में जिला पंचायतों में 138 क्षेत्रों में से कांग्रेस समर्थित 89 सदस्य चुनाव जीत कर आये है। 899 जनपद सदस्यों में कांग्रेस समर्थित 548 चुनाव जीत कर आये है। इसी प्रकार दूसरे चरण में 3774 स्थानों पर सरपंचों के चुनाव हुये है जिसमें कांग्रेस समर्थित 2780 सरपंच चुनाव जीत कर आये है। दूसरे चरण के पंचायत चुनाव में भी कांग्रेस को भाजपा से बड़ी बढ़त मिली है।


पहले चरण एवं दूसरे चरण को मिलाकर 287 जिला पंचायत क्षेत्रों में कांग्रेस के कुल 167 सदस्य अभी तक चुनाव जीत चुके है। जनपद पंचायतों में 1810 क्षेत्रों में से 1148 क्षेत्रों में कांग्रेस समर्थित चुनाव जीत कर आये है। इसी प्रकार सरपंचों के 6385 क्षेत्रों में से 4880 क्षेत्रों में कांग्रेस समर्थित लोग चुनाव जीत कर आये है।

प्रदेश के गांवों की जनता ने भाजपा को पूरी तरह से नकार दिया है। दो चरणों के चुनाव परिणामों से कांग्रेस को स्पष्ट बढ़त दिखाई दे रही है। भाजपा झूठे दावे कर अपनी इज्जत बचाने में लगी है। लेकिन हकीकत में प्रदेश के गांवों की जनता जो प्रदेश की कुल आबादी की 70 प्रतिशत से भी अधिक है ने भाजपा को नकार दिया है। यह जनादेश भाजपा की 1 साल की सरकार के खिलाफ आया है।
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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पी. टी. उषा ने की भेंट

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज नई दिल्ली में भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्रीमती पी. टी. उषा ने सौजन्य भेंट की। इस महत्वपूर्ण मुलाकात में छत्तीसगढ़ में खेलों के विकास, युवा खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, खेल अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण और ओलंपिक स्तर की प्रतिस्पर्धाओं के लिए राज्य की तैयारियों को लेकर व्यापक चर्चा हुई।


मुख्यमंत्री साय ने राज्य में खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को 3 करोड़ रुपये, रजत पदक विजेता को 2 करोड़ रुपये और कांस्य पदक विजेता को 1 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की गई है।

आईओए का विशेषज्ञ दल देगा खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण

बैठक के दौरान श्रीमती पी. टी. उषा ने छत्तीसगढ़ में खिलाड़ियों के मार्गदर्शन के लिए भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) द्वारा एक विशेष प्रतिनिधिमंडल भेजने की बात कही। उन्होंने कहा कि इस दल में विभिन्न खेलों के अनुभवी कोच और विशेषज्ञ शामिल होंगे, जो स्थानीय खिलाड़ियों को ओलंपिक स्तर की प्रतिस्पर्धाओं के लिए प्रशिक्षित करेंगे और उनकी खेल तकनीकों को निखारने में सहायता करेंगे।उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, और यदि उन्हें सही मार्गदर्शन और संसाधन मिले तो वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मंचों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। श्रीमती उषा ने राज्य में खेलों को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों की सराहना की और इसे भारत के खेल प्रोत्साहन मॉडल के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण बताया।

बस्तर ओलंपिक और अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन जैसे आयोजन खेल प्रतिभाओं को देंगे नई उड़ान

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़ाने और छिपी हुई प्रतिभाओं को निखारने के लिए विशेष खेल आयोजनों का सफलतापूर्वक संचालन कर रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में  ‘बस्तर ओलंपिक’ का आयोजन किया गया, जिसमें 1.65 लाख से अधिक युवाओं ने भाग लिया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य स्थानीय खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना था। उन्होंने बताया कि 2 मार्च 2025 को ‘अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन’ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें 5000 से अधिक युवा प्रतिभागी भाग लेंगे। इस प्रतिष्ठित मैराथन को तीन श्रेणियों – 21 किलोमीटर, 10 किलोमीटर और 5 किलोमीटर में आयोजित किया जाएगा। इस तरह के आयोजनों के माध्यम से सरकार युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित कर रही है और राज्य को एक मजबूत खेल हब के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। छत्तीसगढ़ सरकार और भारतीय ओलंपिक संघ के बीच यह साझेदारी राज्य में खेलों के विकास को नया आयाम देगी।
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से नई दिल्ली में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो के अध्यक्ष डॉ वी नारायणन ने की मुलाक़ात

 मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय से आज नई दिल्ली में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के चेयरमैन वी. नारायणन ने  भेंट कर छत्तीसगढ़ में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के उपयोग से कृषि एवं अन्य क्षेत्रों में नवाचारों को बढ़ावा देने पर गहन चर्चा की। इस महत्वपूर्ण बैठक में छत्तीसगढ़ में सैटेलाइट आधारित सर्वेक्षण, भू-मानचित्रण (geo-mapping), प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और स्मार्ट एग्रीकल्चर को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया गया।


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ में कृषि, जल संसाधन, पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में तकनीकी नवाचारों का महत्वपूर्ण योगदान हो सकता है। इसरो के सहयोग से हम इन क्षेत्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण से कार्य करेंगे, जिससे किसानों को अधिक सटीक जानकारी मिले और राज्य के विकास को गति मिले।

इसरो का विशेषज्ञ दल करेगा छत्तीसगढ़ का दौरा

बैठक में बताया गया कि इसरो का एक विशेषज्ञ दल जल्द ही छत्तीसगढ़ का दौरा करेगा और राज्य में सैटेलाइट इमेजरी, जीआईएस (GIS) तकनीक और डेटा विश्लेषण के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों का विस्तृत अध्ययन करेगा। इसके तहत राज्य में मृदा स्वास्थ्य विश्लेषण, जल स्रोतों का सटीक आकलन, बाढ़ और सूखे की भविष्यवाणी, और कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए डेटा-संचालित निर्णय लेने की प्रणाली विकसित की जाएगी।

छत्तीसगढ़ को मिलेगा अत्याधुनिक स्पेस टेक्नोलॉजी का लाभ

इसरो की विशेषज्ञता और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से  छत्तीसगढ़ को कृषि, आपदा प्रबंधन, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग, पर्यावरण एवं वन संरक्षण सहित अन्य क्षेत्रों मे व्यापक लाभ होगा।  कृषि क्षेत्र में सैटेलाइट डेटा के उपयोग से बेहतर फसल पूर्वानुमान, मिट्टी की गुणवत्ता सुधार, और जल संसाधनों का प्रभावी प्रबंधन, बाढ़, सूखा और वनाग्नि जैसी प्राकृतिक आपदाओं की पूर्व-चेतावनी प्रणाली को सशक्त बनाना,  नगर नियोजन, परिवहन व्यवस्था, और पर्यावरणीय संतुलन के लिए अत्याधुनिक स्पेस डेटा के उपयोग सहित वन क्षेत्रों की निगरानी और अवैध कटाई की रोकथाम के लिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग में सुविधा होगी।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि इसरो और छत्तीसगढ़ सरकार के बीच साझेदारी से राज्य में तकनीकी प्रगति को नई ऊंचाइयां मिलेंगी। इस पहल के तहत छत्तीसगढ़ अनुसंधान संस्थानों को भी जोड़ा जाएगा, जिससे युवा वैज्ञानिकों को नवाचारों में योगदान देने का अवसर मिलेगा।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के नए युग में इसरो का सहयोग राज्य को भविष्य की तकनीकों से सशक्त बनाएगा, जिससे कृषि, पर्यावरण, जल प्रबंधन और आपदा न्यूनीकरण जैसे क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव आएंगे।
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राजिम कुंभ कल्प : सांस्कृतिक मंच पर अनुराग शर्मा के गीतों में झूमे दर्शक

 छत्तीसगढ़ी और फिल्मी गानों ने दर्शकों का किया भरपूर मनोरंजन

 

 राजिम कुंभ कल्प के सातवें दिन छत्तीसगढ़ के विशाल मंच स्टार नाईट अनुराग शर्मा के सुमधुर गीतों ने दर्शका को झूमने पर मजबूर कर दिया। अनुराग शर्मा ने कार्यक्रम की शुरूआत गणेश वंदना के साथ की। इसके बाद एक से बढ़कर एक छत्तीसगढ़ी और फिल्मी गानों ने दर्शका का भरपूर मनोरंजन किया। सुपर हिट गीत अंग-अंग म बसाहु तोर मया..., धीरे-धीरे दिल तेरा चुराएंगे..., जब से तुम्हे देखा..., धरती म हे कोनो न कोनो आकाश म..., तुमसा कोई प्यारा कोई..., छुनूर छुनुर पैरी बाजे रे..., गीतों की प्रस्तुति ने हर दर्शकों का मन रोमांचित से भर दिया। अनुराग शर्मा को सुनने दर्शकों की भारी भीड़ रही।

इसी मंच पर रामावतार चंद्राकर की टीम ने वो काली माई..., मेला म पान ठेला..., गीतों को दर्शकों का बहुत प्यार मिला। रोशन साहू हमर छत्तीसगढ़ लोककला मंच ने छत्तीसगढ़ी गीतों ने दर्शकों का दिल जीत लिया। उन्होंने सिंदूर मांगे..., झूम झूम के नाच ले..., गौरा-गौरी... और बस्तर की लोक कला और संस्कृति की झलक प्रस्तुत की, जिसे बहुत ही सराहना मिली। छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध गायिका रामदत्त जोशी बहनों ने तोर घर म अवतार ले यशोदा..., छत्तीसगढ़ महान हे..., कोठा म पैरा डाले...जैसे गानों को सुमधुर आवाज से मंच को सुशोभित किया और खूब तालियां बटोरी। दाई नई बचो-ददा नई बचो..., गौरी गौरा..., सुआ नृत्य और राउत नाचा से छत्तीसगढ़ की संस्कृति का बहुत ही सुंदर ढंग से बखान किया।

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गांजा तस्करी में लिप्त GRP आरक्षकों की संपत्ति फ्रीज़, सफेमा कोर्ट ने दी मंजूरी

 गांजा तस्करी में लिप्त पाए गए जीआरपी के चार आरक्षकों की संपत्ति को पुलिस ने फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सफेमा कोर्ट ने संपत्ति जब्त करने की मंजूरी दे दी है।

एसपी रजनेश सिंह ने बताया कि पुलिस नशे के कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। इसी तहत जीआरपी के आरक्षक लक्ष्मण गाईन, मन्नु प्रजापति, संतोष राठौर और सौरभ नागवंशी को गिरफ्तार किया गया था। जांच में सामने आया कि ये आरक्षक ड्यूटी के दौरान जब्त गांजे को अपने साथियों को सौंप देते थे, जो इसे आगे सप्लाई कर देते थे। इस अवैध कारोबार से तीन आरक्षकों ने करोड़ों की संपत्ति अर्जित की।

जब्त की गई संपत्ति
लक्ष्मण गाईन और कृष्णा गाईन के नाम पर सिरगिट्टी वार्ड 7 में 1600 वर्गफुट जमीन व मकान (50 लाख रुपये)।
संतोष राठौर के नाम पर कोरबा के ग्राम फरसवानी में 5232 वर्गफुट जमीन (10 लाख रुपये)।
मन्नु प्रजापति के नाम पर ग्राम नगपुरा में 1250 वर्गफुट जमीन (15 लाख रुपये)।
मन्नु प्रजापति और उसकी पत्नी कुसुम प्रजापति के नाम पर सिरगिट्टी में 1428 वर्गफुट जमीन व मकान (40 लाख रुपये)।
मन्नु प्रजापति के नाम पर सिरगिट्टी वार्ड 7 में 1000 वर्गफुट जमीन (10 लाख रुपये)।

जब्त वाहन
लक्ष्मण गाईन की हार्ले डेविडसन बाइक, टाटा सफारी और हुंडई वेन्यू कार।
पुलिस ने अवैध रूप से अर्जित इन संपत्तियों का विवरण सफेमा कोर्ट में पेश किया था, जिसके बाद कोर्ट ने इन्हें जब्त करने का आदेश दिया।

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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के पहले चरण में भाजपा की जबरदस्त जीत, कई जिलों में क्लीन स्वीप

  छत्तीसगढ़ में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के पहले चरण में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शानदार प्रदर्शन किया है। कई जिलों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने बड़ी जीत दर्ज करते हुए अपना वर्चस्व कायम किया। नारायणपुर, कवर्धा, खैरागढ़, कोंडागांव, मुंगेली और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जैसे जिलों में भाजपा ने सभी सीटें जीतकर क्लीन स्वीप किया। इन नतीजों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि प्रदेश में भाजपा की पकड़ लगातार मजबूत हो रही है।

भाजपा का जलवा अन्य जिलों में भी देखने को मिला, जहां पार्टी ने कई महत्वपूर्ण सीटों पर जीत दर्ज की। जांजगीर-चांपा में 6 में से 4, बलरामपुर में 6 में से 4, सक्ती में 4 में से 3, बालोद में 5 में से 3, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में 4 में से 2 सीटों पर भाजपा समर्थित प्रत्याशियों ने सफलता हासिल की। वहीं, रायगढ़ में 6 में 5, धमतरी में 6 में 5 और कांकेर में 6 में 4 सीटों पर भाजपा ने मजबूत प्रदर्शन किया।

 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस शानदार प्रदर्शन के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं, प्रत्याशियों और जनता को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जनता ने भाजपा की नीतियों, विकास कार्यों और पारदर्शी प्रशासन पर भरोसा जताया है। यह जीत जनता के आशीर्वाद और भाजपा कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा सरकार गांवों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और यह जीत उसी दिशा में जनता की स्वीकृति को दर्शाती है। उन्होंने  कहा कि चुनावी नतीजे बताते हैं कि जनता भाजपा की नीति और नेतृत्व पर पूरा भरोसा कर रही है। पार्टी की सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में जो विकास कार्य किए हैं, जनता ने उन पर अपनी मुहर लगाई है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि भाजपा का संकल्प है कि गांव-गांव तक विकास की रोशनी पहुंचे और जनता को सुशासन मिले।

 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  कहा कि इन नतीजों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा को पंचायत और ग्रामीण क्षेत्रों में जनता का भारी समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के आने वाले चरणों में भी भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को भारी सफलता मिलेगी।

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