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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का छिंदिया गांव में आकस्मिक दौरा, सुशासन तिहार के तहत चौपाल लगाकर ग्रामीणों से किया सीधा संवाद

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज कोरिया जिले के बैकुंठपुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत छिंदिया में सुशासन तिहार के अवसर पर आकस्मिक दौरा कर ग्रामीणों से आत्मीय भेंट की। मुख्यमंत्री का हेलिकॉप्टर जब अचानक गांव के प्राथमिक शाला परिसर में उतरा तो यह दृश्य देखकर ग्रामीणों में आश्चर्य और उत्साह का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने पारंपरिक रूप से स्थानीय फूलों और पत्तियों से बने गुलदस्तों से उनका आत्मीय स्वागत किया।

      मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यालय परिसर में स्थित कोसम पेड़ की छांव में चौपाल लगाई, जहां उन्होंने भारत माता की जय के उद्घोष के साथ सभा की शुरुआत की और उपस्थित ग्रामीणों से आत्मीय संवाद स्थापित किया। उन्होंने सुशासन तिहार के मूल उद्देश्य को रेखांकित करते हुए यह स्पष्ट किया कि यह त्योहार शासन को जनमानस के और अधिक निकट लाने का माध्यम है, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना जैसी प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी और इन योजनाओं के प्रभाव को लेकर ग्रामीणों से फीडबैक भी प्राप्त किया।
      चौपाल में ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के समक्ष विभिन्न स्थानीय समस्याएं एवं आवश्यकताओं को साझा किया, जिन्हें गंभीरतापूर्वक सुनते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने अनेक घोषणाएं कीं। उन्होंने छिंदिया गांव में उप स्वास्थ्य केंद्र भवन के निर्माण की घोषणा की ताकि ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ हो सकें। साथ ही गांव में दो सीसी सड़कों के निर्माण, एक सामुदायिक भवन के निर्माण तथा वार्ड क्रमांक 17 में पुलिया निर्माण की स्वीकृति भी तत्काल प्रदान की। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने यह विश्वास दिलाया कि सरकार प्रदेश के हर कोने में विकास और सेवा की भावना के साथ कार्य कर रही है और कोई भी गांव या व्यक्ति शासन की योजनाओं से वंचित न रहे, इसके लिए वे स्वयं जमीनी स्तर पर उतरकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं।
   
 मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की प्राथमिकता ग्रामीण अंचलों तक सुशासन की पहुंच सुनिश्चित करना है। गांवों के चौपालों में बैठकर समस्याओं को सुनना और मौके पर ही समाधान करना, यह हमारी सुशासन की सरकार का हिस्सा है। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे शासन की योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लें और स्वयं जागरूक होकर अन्य ग्रामीणों को भी प्रेरित करें।

मुख्यमंत्री श्री साय के इस अप्रत्याशित दौरे में अपने बीच पाकर काफी खुश थे। ग्रामीणों ने आत्मीय मुलाकात के लिए मुख्यमंत्री श्री साय का हृदय से आभार व्यक्त किया और कहा कि यह पहली बार है जब राज्य का कोई मुख्यमंत्री सीधे उनके गांव पहुंचकर बिना औपचारिकता के खाट पर बैठकर उनकी बात सुनने आया है। इस पहल ने शासन और जनमानस के बीच की दूरी को कम किया है और लोगों के मन में सरकार के प्रति विश्वास को और सुदृढ़ किया है।
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नवविवाहिताओं को भी जल्द मिलेगा महतारी वंदन योजना का लाभ: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

 सुशासन तिहार के तीसरे चरण के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज अचानक मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम माथमौर पहुंचे। बिना किसी पूर्व सूचना के जब मुख्यमंत्री माथमौर गांव पहुंचे, तो गांव में उत्साह की लहर दौड़ गई। अचानक पहुंचे मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए ग्रामीणों ने आस-पास लगे फूलों से सुन्दर गुलदस्ता तैयार कर उनका आत्मीय स्वागत किया।  मुख्यमंत्री ने गांव के बीच स्थित महुआ के पेड़ के नीचे चौपाल लगाई और वहां मौजूद ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। ग्रामीणों से शासकीय योजनाओं के लाभ की जानकारी लेते हुए कहा कि, नई बहुओं को भी जल्द महतारी वंदन योजना का लाभ मिलेगा। वहीं ग्राम सरपंचों को पीएम आवास के लिए पात्र परिवारों की सूची बनाकर भेजने के लिए कहा। 


मुख्यमंत्री ने चौपाल की शुरुआत भारत माता और छत्तीसगढ़ महतारी के जयकारों के साथ की। उन्होंने गांव के सरपंच को अपने पास बिठाया और पंचायत में विकास कार्यों एवं जनहित की योजनाओं के क्रियान्वयन तथा समस्याओं की विस्तार से जानकारी ली। मुख्यमंत्री के आगमान की खबर पाकर आसपास के कोलियारी और कुवांरपुर पंचायत के साथ निकट के कई ग्रामों से भी बड़ी संख्या में ग्रामीण माथमौर पहुंचे थे, जिन्होंने अपनी समस्याएं और मांगें मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सामने रखीं।

चौपाल में मुख्यमंत्री श्री साय ने राशन दुकान संचालन, महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना की स्थिति पर ग्रामीणों से फीडबैक लिया। उन्होंने महिलाओं से पूछा कि, क्या उन्हें हर माह हजार रुपये की राशि समय पर मिल रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट किया कि जिन नवविवाहित महिलाओं की पात्रता बनती है, उन्हें भी जल्द महतारी वंदन योजना का लाभ मिलेगा।  

कुवांरपुर में 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र की होगी स्थापना

जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी सच्चाई जानने के साथ ही मुख्यमंत्री श्री साय ने माथमौर और उसके आसपास के गांवों के लिए कई बड़ी घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कुवांरपुर में 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र की स्थापना की घोषणा की। साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत फुलझर से चंदेला, तिलौली से दर्रीटोला, सनबोरा से पण्डो, कुवांरपुर से गाजर और पटपर टोला से चंदेला तक नई सड़कों के निर्माण की बात कही।

राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए लगेगा बंदोबस्त कैंप

मुख्यमंत्री श्री साय ने कुवांरपुर में नायब तहसीलदार कार्यालय के लिए भवन निर्माण की स्वीकृति भी दी और राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए बंदोबस्त कैंप आयोजित करने एसडीएम को निर्देशित किया। माथमौर में सामुदायिक भवन की भी स्वीकृति दी गई है, जिससे ग्रामीणों को सामाजिक आयोजनों और बैठकों के लिए एक स्थायी सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

जनकपुर में 100 बिस्तरों वाले अस्पताल का जल्द होगा निर्माण, मिल चुकी है स्वीकृति

मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को यह भी जानकारी दी कि जनकपुर में 100 बिस्तरों वाले अस्पताल का निर्माण स्वीकृत हो चुका है, जिससे इस आदिवासी अंचल के लोगों को इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। इस दौरान उन्होंने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुवांरपुर में पढ़कर बोर्ड परीक्षाओं में अच्छे अंकों से उत्तीर्ण हुए विद्यार्थियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनके भविष्य की करियर प्लानिंग पर बात करते हुए गांव में स्कूल की व्यवस्था की जानकारी ली। 

इस अवसर पर  मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस. सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
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बस्तर को रेल से जोड़ने की ऐतिहासिक पहल को मिली मंजूरी: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के प्रति मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किया आभार प्रकट

 भारत सरकार के रेल मंत्रालय ने रावघाट-जगदलपुर नई रेल लाइन (140 किमी) परियोजना को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस परियोजना पर 3513.11 करोड़ रुपए की लागत आएगी, जिसका वहन केन्द्रीय बजट से किया जाएगा। यह निर्णय बस्तर अंचल के सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा।


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार प्रकट किया है, जिन्होंने बस्तर के दूरस्थ और जनजातीय जिलों को रेल नेटवर्क से जोड़ने के इस बहुप्रतीक्षित सपने को साकार करने की दिशा में कदम उठाया है।

बस्तर का कायाकल्प करेगा यह प्रोजेक्ट

रावघाट-जगदलपुर रेललाइन से न केवल कोंडागांव और नारायणपुर जैसे पिछड़े जिलों को पहली बार रेल मानचित्र पर स्थान मिलेगा, बल्कि इससे आदिवासी अंचलों में यात्रा, पर्यटन और व्यापार की सम्भावनाएं भी बढ़ेंगी। यह रेल मार्ग बस्तर की सुंदर वादियों, ऐतिहासिक स्थलों और जनजातीय संस्कृति तक पर्यटकों की सीधी पहुँच को संभव बनाएगा, जिससे स्थानीय रोजगार और पर्यटन उद्योग को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा।

अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई गति

रेल कनेक्टिविटी से खनिज संसाधनों के परिवहन, स्थानीय उत्पादों की पहुँच, और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में व्यापक सुधार होगा। यह क्षेत्रीय उद्योगों और किसानों को राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने में मदद करेगा।

भू-अधिग्रहण का कार्य पूर्णता की ओर – कार्य शीघ्र होगा प्रारंभ

प्रस्तावित रेललाइन के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य पूर्णता की ओर है, जिससे परियोजना के क्रियान्वयन में कोई बाधा नहीं रहेगी। इससे यह सुनिश्चित होता है कि निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ होकर तय समय सीमा में पूर्ण किया जा सकेगा। 

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व में बस्तर के विकास का जो सपना वर्षों से संजोया गया था, वह अब रावघाट जगदलपुर रेल लाइन परियोजना से साकार होता दिख रहा है।रावघाट-जगदलपुर रेललाइन को मिली स्वीकृति बस्तर की जनता के साथ सरकार की भावनात्मक प्रतिबद्धता और विकास के वादे की पूर्ति का प्रतीक है। यह रेलमार्ग बस्तर के लिए केवल एक ट्रांसपोर्ट नेटवर्क नहीं, बल्कि एक नई जीवनरेखा है, जो लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और पर्यटन के बेहतर अवसरों से जोड़ेगा। इससे कोंडागांव, नारायणपुर, कांकेर जैसे वे जिले जो तुलनात्मक रूप से आज भी विकास की मुख्य धारा से दूर हैं, अब राष्ट्रीय विकास की धारा से सीधे जुड़ेंगे। 

इस रेल परियोजना की नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। विकास जब गांव-गांव तक पहुँचेगा, जब युवाओं को रोजगार मिलेगा, और जब जनजातीय समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सुविधाएं सुलभ होंगी—तो हिंसा और भय की जगह उम्मीद और विश्वास का संचार होगा। बस्तर की धरती वर्षों से प्रतीक्षा कर रही थी कि कोई उसे सुने, समझे और उसकी पीड़ा को दूर करे। आज जब प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री स्वयं बस्तर की चिंता कर रहे हैं, तो यह सिर्फ एक परियोजना की शुरुआत नहीं, बल्कि एक नए युग का आरंभ है—जिसमें बस्तर का प्रत्येक गांव विकास की पटरी पर दौड़ेगा।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर अब परिवर्तन के ऐतिहासिक दौर से गुजर रहा है।रावघाट-जगदलपुर रेललाइन को स्वीकृति देकर केंद्र सरकार ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि विकास अब सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बस्तर के वनांचल, घाटियों और जनजातीय अंचलों तक उसकी पहुँच सुनिश्चित की जाएगी। यह परियोजना बस्तरवासियों की वर्षों पुरानी अपेक्षा को साकार करने का निर्णायक कदम है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट रूप से मार्च 2026 तक नक्सलवाद का समूल उन्मूलन करने का लक्ष्य रखा है। इस दिशा में केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह स्वयं बस्तर के दौरे पर आकर ‘बस्तर पण्डुम’ जैसे आयोजनों में भाग लेकर यह स्पष्ट कर चुके हैं कि बस्तर में नक्सल नहीं, अब केवल विकास का युग चलेगा। यह रेललाइन नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शासन की निर्णायक और सकारात्मक उपस्थिति को और सशक्त बनाएगी।

रावघाट-जगदलपुर रेलमार्ग से न केवल कोंडागांव, नारायणपुर और कांकेर जैसे जनजातीय जिलों को रेल मानचित्र पर स्थान मिलेगा, बल्कि स्थानीय व्यापार, पर्यटन, खनिज संसाधनों का दोहन और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। यह परियोजना शांति, सुरक्षा और समावेशी विकास के त्रिपक्षीय मंत्र को जमीन पर साकार करेगी। बस्तर की धरती अब हिंसा और उपेक्षा का प्रतीक नहीं, बल्कि उम्मीद, अवसर और उन्नति की भूमि बनेगी। 

जब मुख्यमंत्री स्वयं चौपालों में बैठकर ग्रामीणों की बात सुन रहे हैं और प्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री बस्तरवासियों के विकास की मूल भावना को समझते हुए कार्य कर रहे हैं—तब यह स्पष्ट है कि बस्तर अब किसी कोने में नहीं, बल्कि राष्ट्रीय विकास की केंद्रीय भूमिका में है। यह परियोजना न केवल बस्तर में रेल परियोजनाओं के विस्तार का प्रतीक है, बल्कि यह नए भारत में समावेशी विकास की मजबूत मिसाल भी है – जहाँ विकास अब सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं, बल्कि बस्तर जैसे दूरस्थ अंचल के जंगलों और पहाड़ों तक भी पहुँच रही है।
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सुशासन तिहार 2025" के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आकस्मिक दौरा

सुशासन तिहार 2025" के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज सक्ती जिले के करिगांव में अचानक पहुँचकर ग्रामवासियों को आश्चर्यचकित कर दिया। मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर लिमगांव की बजाय सीधे बन्दोरा गांव में उतरा, जिससे प्रशासनिक अमला कुछ समय के लिए असमंजस में पड़ गया। प्रशासन पहले से ही लिमगांव में मुख्यमंत्री की अगवानी की तैयारी में जुटा था, परन्तु मुख्यमंत्री के करिगांव पहुँचने से पूरी व्यवस्थाएं तत्काल वहाँ स्थानांतरित करनी पड़ीं।

करिगांव में पीपल के पेड़ के नीचे मुख्यमंत्री ने चौपाल लगाई और ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। मुख्यमंत्री खाट पर बैठकर सहज वातावरण में ग्रामीणों की समस्याएं सुनते रहे। ग्रामीणों और विशेषकर महिलाओं ने मुख्यमंत्री का स्वागत कमल का फूल भेंट कर किया। मुख्यमंत्री ने सभी की बातें ध्यानपूर्वक सुनीं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन का अर्थ है सीधे जनता के बीच जाकर उनकी वास्तविक स्थिति को समझना और त्वरित समाधान देना। प्रशासनिक व्यवस्था तभी सफल मानी जाती है जब अंतिम व्यक्ति की बात सीधे शासन तक पहुँचे।
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के आगमन पर उनका लोकनृत्य व लोकगीत के माध्यम से भव्य स्वागत किया गया

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि मध्यप्रदेश के मंडला जिले के रामनगर में आयोजित आदि उत्सव का कार्यक्रम जनजातीय समाज के लिए गौरव की बात है। आदि उत्सव कार्यक्रम में जनजातीय समाज के रीति-रिवाज, परंपरा, संस्कृति, इतिहास इत्यादि के बारे में जानकारी दी जाती है, इसलिए संपूर्ण जनजातीय समाज आदि उत्सव के महाकुम्भ में उपस्थित हुआ है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय रविवार को रामनगर में आयोजित आदि उत्सव कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री साय के आगमन पर उनका फूलमालाओं, लोकगीत व लोकनृत्य कर भव्य स्वागत किया गया, इस अवसर पर गोंडवाना ध्वजारोहण भी किया गया। इस अवसर पर केन्द्रीय जनजातीय मंत्री श्री जुएल ओराम, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजातीय आयोग के अध्यक्ष श्री अंतर सिंह आर्य, मध्यप्रदेश शासन की लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उइके, उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री समाज कल्याण अनु.जा. एवं जन. कल्याण संजीव गौंड़, सांसद  फग्गन सिंह कुलस्ते, लोकसभा सांसद कांकेर  भोजराज नाग सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। 

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि उन्हें आदि उत्सव कार्यक्रम के महाकुंभ में शामिल होने का अवसर मिला है। आदि उत्सव कार्यक्रम में पहुंचने से पहले जनजातीय समाज के चौगान स्थित मढ़िया में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की जनता के लिए सुख-समृद्धि की कामना करते हुए आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश राज्य, छत्तीसगढ़ राज्य का बड़ा भाई है इसलिए मध्यप्रदेश में आने पर उन्हें बहुत प्रसन्नता होती है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ था। छत्तीसगढ़ राज्य बने अब 25 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि रामनगर मंडला में आदि उत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ केन्द्रीय मंत्री श्री जुएल ओराम के द्वारा किया गया था। आदि उत्सव कार्यक्रम आयोजित करने से जनजातीय समाज की संस्कृति, रीति-रिवाज, परंपरा और इतिहास को जानने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि गोंड़वाना की इस धरा में रानी दुर्गावती और राजा शंकरशाह व कुंवर रघुनाथशाह ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्यौछावर किए हैं। हमारे इन महापुरूषों की वीरगाथाओं से आने वाली पीढ़ी को अवगत कराना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारतवर्ष में जनजातीय समाज के 11 करोड़ लोग निवास करते हैं। जनजातीय समाज के विकास और उत्थान के लिए भारत सरकार के द्वारा जनजातीय मंत्रालय का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी को जनजातीय समाज के विकास व उत्थान की गहरी चिंता है। प्रधानमंत्री प्रतिवर्ष जनजातीय क्षेत्रों के लिए करोड़ों रूपए का बजट आवंटित कराते हैं।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सबका साथ सबका विकास के नारा के साथ काम करते हुए 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा दिया जायेगा और नक्सलवाद को समाप्त किया जायेगा। डबल इंजन की सरकार का लाभ प्रदेशवासियों को मिल रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भगवान बिरसामुंडा के जन्मदिन 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने धरती आबा योजना प्रारंभ कर जनजातीय समाज व जनजातीय क्षेत्रों को विकास के पथ पर जोड़ रहे हैं। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के माध्यम से पिछड़ी जनजातीय परिवारों के लिए पक्के मकान बनाए जा रहे हैं। जनजातीय समाज व जनजातीय क्षेत्रों के लिए बिजली, सड़क और पानी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में 5 मई से शुरू होगा प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार का तीसरा चरण

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के तीसरे चरण का शुभारम्भ 5 मई से होगा। इसको लेकर शासन-प्रशासन द्वारा सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। सुशासन तिहार का तीसरा चरण 31 मई तक चलेगा। इस दौरान प्रत्येक जिले की 08 से 15 ग्राम पंचायतों के मध्य समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें आवेदकों को उनके आवेदनों की स्थिति की जानकारी दी जाएगी। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय एवं अन्य  मंत्रीगण कुछ समाधान शिविरों में  शामिल होंगे तथा आवेदकों से भेंट कर उनकी समस्याओं के निराकरण के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे। तीसरे चरण में मुख्यमंत्री स्वयं हेलीकॉप्टर से औचक रूप से किसी भी गांव में पहुँचकर लोगों से मुलाकात करेंगे और चौपाल लगाकर गांव के विकास और वहां पर पदस्थ मैदानी अमले की कार्यशैली के बारे में लोगों से जानकारी लेंगे। मुख्यमंत्री साय इस दौरान शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन, निर्माण एवं विकास कार्याें की जमीनी हकीकत का भी मुआयना करेंगे।  
यहां यह उल्लेखनीय है कि राज्य में शासन-प्रशासन को संवेदनशील, जनोन्मुखी और पारदर्शी बनाने के साथ ही जन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सुशासन तिहार-2025 का आयोजन किया जा रहा है। सुशासन तिहार के प्रथम चरण का शुभारंभ 08 अप्रैल को हुआ था। इसके तहत 11 अप्रैल तक प्रदेश की जनता से ग्राम पंचायतों और शहरी वार्डाें में शिविर लगाकर समस्याओं और मांगों के संबंध में आवेदन लिए गए। आम जनता अपने आवेदनों को सहजता से शासन-प्रशासन तक पहुंचा सके, इसके लिए ग्राम पंचायत से लेकर जिला मुख्यालयों तक प्रमुख स्थानों पर समाधान पेटियां रखी गई, जिसमें लोग अपने आवेदन डाल सके। ऑनलाईन आवेदन लेने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई।  
सुशासन तिहार के पहले चरण में प्रदेश की जनता से करीब 40 लाख से अधिक आवेदन-पत्र प्राप्त हुए थे। इनमें मांग, समस्या और शासकीय योजनाओं से संबंधित आवेदन शामिल थे। जिला प्रशासन द्वारा समर्पित प्रयासों से इन आवेदनों को विभागवार वर्गीकृत कर सुराज अभियान के पोर्टल पर अपलोड किया गया है, और निराकरण की प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ जारी है। संबंधित आवेदनों की स्थिति की जानकारी भी हितग्राहियों को समयबद्ध रूप से दी जा रही है।
तीसरे चरण में शासन की प्राथमिकता आम जनता को जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देना है। समाधान शिविरों में हितग्राहियों को योजनाओं के आवेदन प्रपत्र प्रदान किए जाएंगे और पात्रता के अनुसार योजना से लाभ दिलाने की कार्यवाही भी की जाएगी। समाधान शिविरों में ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित एवं प्रोत्साहित भी किया जाएगा। 

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया है कि सुशासन तिहार का मूल उद्देश्य प्रशासन को जनता के द्वार तक ले जाना है। उन्होंने कहा, हमारा संकल्प है कि राज्य के हर नागरिक तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुँचे और कोई भी पात्र हितग्राही वंचित न रहे। सुशासन तिहार मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की जनहित के प्रति प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण बन गया है। यह अभियान केवल आवेदन संग्रह या समस्या निराकरण का माध्यम नहीं है, बल्कि यह राज्य के शासन-प्रशासन और जनता के बीच सेतु बन गया है।
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मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ पादप बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री विकास मरकाम के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में हुए शामिल

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय आडिटोरियम में छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के नव नियुक्त अध्यक्ष श्री विकास मरकाम के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने श्री मरकाम को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

        मुख्यमंत्री श्री साय ने पदभार ग्रहण समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के माध्यम से बस्तर एवं सरगुजा संभाग में औषधि पादप को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि औषधि पौधों में बहुत से गुण होते हैं, इनके साथ ही बेहतर आमदनी के लिए औषधि पादपों के रोपण को बढ़ावा देने की जरूरत है। बस्तर एवं सरगुजा में इसकी अपार संभावनाएं है। बोर्ड को इस दिशा में और अधिक कार्य करने की जरूरत है।

      मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे बैगा-गुनिया और वैद्य  आदिम समय से  वन औषधि की पहचान कर लोगों का इलाज करते हैं। उन्होंने कहा डॉ रमन सिंह जी ने बैगा, वैद्य के बेहतरी एवं मानव स्वास्थ्य सेवा के लिए छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड गठन किया था। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ के ओरछा के परंपरागत वैद्य श्री हेमंचद मांझी को औषधि पादप के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ठ कार्य के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया है। 

       आदिम जाति विकास मंत्री राम विचार नेताम ने कहा कि  जिन उद्देश्यों को लेकर छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड का गठन किया गया है, निश्चित ही श्री मरकाम के नेतृत्व में उन उद्देश्यों को पूरा कर पाएंगे।  वैद्यों के ज्ञान एवं वनौषधियों के अनुभव का संग्रहण कर एक डाटाबेस तैयार  करने बोर्ड  को कार्य करने की जरूरत है ताकि इस डाटा का उपयोग समाज एवं मानव स्वास्थ्य के बेहतरी के लिए किया जा सके। 

        वन एव जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि   छत्तीसगढ़ देश का आक्सीजन जोन है। वनौषधियों  के संरक्षण एवं संवर्धन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड की है। हमारी सरकार वन में रहने वाली ग्रामीणों के लिए बेहतर कार्य कर रहे है। छत्तीसगढ़ में 5500 रूपये प्रति मानक बोरा के दर समर्थन मूल्य में वनोपज की खरीदी होती है जिसका फायदा तेंदूपता संग्राहकों को मिलता है। इसके साथ ही 67 प्रकार के वनोपज की भी खरीदी होती है। पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह को पूर्व राज्यसभा सांसद श्री समीर उरांव  और पादप बोर्ड के नवनिययुक्त अध्यक्ष श्री विकास मरकाम ने भी सम्बोधित किया। 

  
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सुशासन तिहार: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रजिस्ट्री से संबंधित 10 क्रांतिकारी नवाचारों का तोहफा प्रदेशवासियों को दिया

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार में 10 क्रांतिकारी नवाचारों का तोहफा प्रदेशवासियों को दिया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज मेफेयर रिसॉर्ट में इन नवाचारों का शुभारंभ करते हुए कहा कि भूमि पंजीयन के लिए 10 नए क्रांतिकरी नवाचारों से राज्य की जनता को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार अपने डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में सुशासन की राह में आगे बढ़ रही है।  राजस्व से जुड़े कार्याे के लिए अब लोगों को कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।पंजीयन के साथ अब नामांतरण का कार्य भी तत्काल होगा। उन्होंने कहा कि राजस्व रिकॉर्ड में त्रुटि का असर भूस्वामी पर पड़ता है। त्रुटि कोई और करे और भुगतता कोई और है। अब लोगों को इन समस्याओं से मुक्ति मिलेगी। 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  ऑफलाईन व्यवस्था को बंद कर ऑनलाईन करते हुए सरकार  भ्रष्टाचार के रास्ते बंद कर रही है।कोयला, आबकारी सेक्टर में किए गए सुधारों की तर्ज पर भूमि पंजीयन की प्रक्रिया में रिफार्म किया गया है। इससे आम जनता को राहत मिलेगी। 

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ पहला राज्य है जहां सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है। राज्य सरकार सभी स्तर पर डिजिटल गवर्नेंस को अपना कर सुशासन स्थापना की दिशा में कार्य करते हुए शासकीय काम-काज में पारदर्शिता ला रही है। साथ ही शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर इनका लाभ आमजन तक समय पर पहुंचा रहे हैं । 

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रिफार्म, परफार्म और ट्रांसफार्म पर जोर देते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तकनीक को बढ़ावा देकर नागरिक सेवाओं की डिलीवरी को आसान बनाने का जो रास्ता दिखाया है, उस पर अग्रसर होते हुए राज्य सरकार छत्तीसगढ़ में लगातार रिफार्म कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले रजिस्ट्री और नामांतरण के लिए लोगों को महिनों चक्कर लगाना पड़ता था। अब ये कार्य मिनटों में होंगे।
 
वाणिज्यिक कर मंत्री ओ.पी.चौधरी ने कहा कि कोई भी अर्थव्यवस्था, देश और समाज जब तक तकनीक और रिफार्म को नहीं अपनाता है, तब तक महान नहीं बनता। उन्होंने कहा कि पंजीयन विभाग ने सुधारों को लागू करने के लिए दिन-रात मेहनत की है। उन्होंने कहा कि  व्यवस्था में परिवर्तन होने से पहले इसका विरोध होता है,लेकिन यह सत्य है कि विकास के लिए परिवर्तन जरूरी है।जनता के हित और सुशासन के लिए ईमानदारी और निष्ठा से कार्य हो, यह जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज के 10 क्रांतिकारी सुधार को तैयार करने के लिए विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने दिन-रात मेहनत की है जिसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पंजीयन विभाग में परिवर्तन से जनता को लाभ मिलेगा। 

वाणिज्यिक कर मंत्री चौधरी ने कहा कि सरकार ने पंजीयन विभाग में अनेक सुधार किये हैं। अब आमजनता को काम के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नही पड़ेगी। फर्जी रजिस्ट्री को शून्य करने का अधिकार पंजीयन महानिरीक्षक को दिया गया है। पारिवारिक दान, हक त्याग और बंटवारे पर पंजीयन शुल्क केवल 5 सौ रुपए कर दिया गया है। डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देते हुए सुगम एप के माध्यम से 2 लाख से अधिक संपत्तियों की जियो टैगिंग सुनिश्चित की गई है। इससे संपत्ति की पहचान और सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। गाइडलाइन मूल्य से अधिक विक्रय पर पंजीयन शुल्क माफ कर मध्यम वर्ग को राहत प्रदान की गई है,  विभागीय सेटअप बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का विजन है सरकार वहां तक पहुंचे जहां आम आदमी है और वह भी सरलता के साथ। डिजिटल गवर्नेंस का बेहतरीन उदाहरण इन 10 क्रांतिकारी पहल में है जो पंजीयन विभाग के माध्यम से किए गए हैं।  

राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में राज्य विकास की नित नई ऊंचाइयों को छू रहा है। पंजीयन में 10 नई क्रांतिकारी बदलाव आमजन को सहूलियत और राहत दिलाएगा। राजस्व और पंजीयन विभाग का यह संयुक्त प्रयास लोगों के लिए भूमि पंजीयन को नई दिशा देने का कार्य करेगा। इसका लाभ जनता को मिलेगा। राजस्व विभाग आम जनता से जुड़ा विभाग है, इन क्रांतिकारी उपायों के लागू होने से रजिस्ट्री की गड़बड़ियों को रोकने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग में 90 प्रतिशत प्रकरण नामांतरण के हैं। नई व्यवस्था के लागू होने से इन प्रकरणों की संख्या तेजी से कम होगी। हमारा विभाग लोगों को सुविधा देने के लिए संकल्पित है।

इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि सरकार द्वारा किए गए सुधारों से न केवल आम जनता को सुविधा मिलेगी, कार्य सुगमता से होंगे बल्कि भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगेगी। 

मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने कहा कि रजिस्ट्री विभाग में आज लागू हुए नवीन सुधार सरलता, सुगमता और सुविधा की क्रांति के बारे में है। एक साथ लाखों लोगों को सुविधा देने का कार्य इन सुधारों से हो सकेगा। अधिकारियों के अधिकारों को कम करना एक बड़ा विजनरी काम है। उन्होंने कहा कि हमें इस कार्य को करने का अवसर मिला। यह जनता कि इज ऑफ लिविंग को बढ़ाने का कार्य है।  

 वाणिज्यिक कर विभाग की सचिव अलरमेल मंगई डी. ने पंजीयन विभाग में लागू हुए रिफॉर्म्स की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आमजनों को अब रजिस्ट्री कराने रजिस्ट्री आफिस जाने की भी जरूरत नहीं है। अब घर बैठे रजिस्ट्री होगी ।  संपत्ति की रजिस्ट्री के बाद राजस्व विभाग में नामांतरण के लिए आवेदन नही लगाना पड़ेगा,अब संपत्ति की रजिस्ट्री के साथ समय से नामांतरण  हो जाएगा। जमीन की फर्जी खरीदी-बिक्री और धोखाधड़ी पर रोक लग जाएगी। किसी भी जमीन की आधार आधारित प्रमाणीकरण की सुविधा अर्थात आधार लिंक की वजह से बायोमैट्रिक पहचान धोखाधड़ी को रोकेगी। पंजीयन प्रक्रिया आनलाइन कर दी गई है।  आटो डीड जनरेशन की सुविधा भी आरंभ होने से पक्षकार को दस्तावेज बनाने, स्टांप खरीदने, एप्वाइंटमेंट लेने तथा पंजीयन प्रस्तुत करने अलग-अलग लोगों जैसे डीड राइटर, स्टांप वेंडर आदि के चक्कर नही लगाने पड़ेंगे। 

आज रजिस्ट्री कराने वाले हितग्राहियों ने बताया रजिस्ट्री में 15-20 मिनट लगे, साथ ही साथ नामांतरण भी हो गया

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर आज रजिस्ट्री कराने वाले लोगों से वीडियो कान्फ्रेंस से चर्चा की। बालोद जिले के सनौद गांव के मोहनलाल साहू ने कहा कि पहले रजिस्ट्री कराने के लिए हफ्ता-दो हफ्ता चक्कर लगाना पड़ता था। रजिस्ट्री कराने में सुबह से शाम हो जाती थी। आज अपने बेटे के नाम से 1700 वर्गफुट जमीन की रजिस्ट्री कराने में 15-20 मिनट लगा। ऐसा लगा कि सपना साकार हो गया। मुख्यमंत्री ने पूछा कि अंगूठे का निशान लगाना पड़ा क्या। साहू ने कहा कि नहीं। उन्होंने रजिस्ट्री में किए गए सुधारों के लिए मुख्यमंत्री श्री साय को धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री के पूछने पर बताया कि रजिस्ट्री के साथ नामांतरण भी हो गया है। रायपुर के अयूब अहमद ने बताया कि पहले नामांतरण कराने में 2-3 महीना लगता था। आज जल्द रजिस्ट्री हो गई साथ ही नामांतरण भी हो गया। उन्होंने मुख्यमंत्री, वाणिज्यिक कर मंत्री तथा राजस्व मंत्री को इसके लिए  धन्यवाद ज्ञापित किया। 

मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम में बलौदाबाजार के श्री प्रसन्न शुक्ला, मंदिरहसौद के श्री वेद प्रकाश सिन्हा, बलौदाबाजार श्री प्रवीण शुक्ला, श्री दिनेश यादव, श्री दिनेश्वर पटेल पंडरिया को नामांतरण प्रमाण पत्र वितरित किए। इस अवसर पर पंजीयन विभाग में किए गए रिफॉर्मस के बारे में वीडियो प्रदर्शित की गई।
 
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मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर में एआई डाटा सेंटर पार्क का किया शिलान्यास

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-22 में मेसर्स रैक बैंक के एआई डाटा सेंटर पार्क का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई उद्योग नीति के कारण कम समय में ही देश विदेश से स्थापना हेतु उद्योग आ रहे हैं, यही गति रही तो बहुत जल्द विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत का निर्माण हो जाएगा। यह वर्ष छत्तीसगढ़ की स्थापना का रजत जयंती वर्ष है, हमारी कोशिश रहेगी कि इसी साल स्थापना दिवस पर डाटा सेंटर का लोकार्पण हो जाये।

मुख्यमंत्री  साय ने एआई डाटा सेंटर की स्थापना करने जा रहे मेसर्स रैक बैंक प्रबंधन के प्रति बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि एआई डाटा सेंटर छत्तीसगढ़ के लिए सूचना और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति लेकर आया है। यह हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के जय विज्ञान, जय अनुसंधान के मंत्र को साकार करेगा और विकसित छत्तीसगढ़ की बुनियाद बनेगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि देश का ग्रोथ इंजन छत्तीसगढ़ अपने कोयला, स्टील, आयरन ओर, ऊर्जा के लिए पहचाना ही जाता है। अब एआई, सेमीकंडक्टर और सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री से हमें वैश्विक पहचान मिल रही है। विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि हम एक ऐसा छत्तीसगढ़ बना रहे हैं, जहां के युवा सेमीकंडक्टर भी तैयार करेंगे और एआई सेवाएं भी देंगे। एआई डेटा सेंटर से प्रदेश में एआई आधारित सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा। उद्योग और व्यापार जगत के साथ इसका सीधा लाभ लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में मिलेगा।

केंद्र सरकार के एआई मिशन का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने पिछले साल इंडिया एआई मिशन को मंजूरी दी थी। हमें गर्व है कि साल भर के भीतर हमने एआई को लेकर मोदी जी के विजन पर ठोस काम करके दिखाया है। आज कई सारे उद्योग डाटा से संचालित होते हैं। मोबाइल क्रांति के बाद अब एआई का दौर है। हमारे जीवन के हर क्षेत्र को एआई प्रभावित कर रहा है। ऐसे में छत्तीसगढ़ की एआई क्रांति देश के लिए मॉडल बनेगी। एआई डाटा सेंटर की स्थापना से एजुकेशन, चिकित्सा, मनोरंजन हो या कारखानों में होने वाला उत्पादन सभी को मजबूती मिलेगी। 

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि एआई डाटा सेंटर की स्थापना से 500 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। जब कोई उद्योग लगता है तो रोजगार के कई दूसरे अवसर भी सृजित होते हैं। मेसर्स रैक बैंक द्वारा स्थापित यह एआई डाटा सेंटर 5 मेगावाट क्षमता का है। इस पूरी परियोजना में लगभग एक हजार करोड़ रुपए का निवेश होगा। एआई डाटा सेंटर में ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट लगाई जाएंगी। इससे एआई पर चलने वाले कंप्यूटर इंफ्रास्ट्रक्चर, सेमीकंडक्टर निर्माण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि हम नवा रायपुर को आईटी मेडिसिटी और फार्मास्युटिकल हब के रूप में विकसित कर रहे हैं। 

डिजिटल कौशल को बढ़ावा देने के कैबिनेट में लिए गए निर्णय पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दो दिन पहले ही हमारी कैबिनेट ने डिजिटल कौशल को बढ़ावा देने के लिए नवा रायपुर अटल नगर में स्टेट ऑफ आर्ट  नाइलिट (State of Art NIELIT) की स्थापना के राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (नाइलिट) को लगभग 10 एकड़ जमीन निःशुल्क आबंटित की है। आज एआई डाटा सेंटर के लिए भूमिपूजन हो या फिर कुछ दिनों पहले सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्टरिंग यूनिट का शिलान्यास। इससे पता चलता है कि हमारी सरकार ईज ऑफ डुईंग बिजनेस से स्पीड ऑफ बिजनेस की ओर कैसे आगे बढ़ रही है। 

कुछ महीने पहले ही हम नई औद्योगिक नीति लेकर आए। इस नई नीति का कमाल देखिए पांच महीने में प्रदेश को साढ़े चार लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश मिल चुका है। नवा रायपुर की इस धरती पर आज हम जिस एआई डाटा सेंटर की नींव रख रहे हैं वह नई औद्यगिक नीति के कारण संभव हुआ है। क्योंकि अब प्रदेश में उद्योग लगाने के लिए निवेशकों को अलग-अलग विभाग में चक्कर नहीं काटने पड़ते। राज्य में कोई बड़ा उद्योग लगाना हो या स्टार्टअप शुरू करना होगा, सिर्फ एक क्लिक करने पर ही कई सरकारी विभागों की मंजूरियां मिल जाती हैं। नई औद्योगिक नीति के जरिए हमने अगले पांच साल में लगभग चार लाख नये रोजगार पैदा करने का लक्ष्य रखा है। 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारा प्रदेश ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में देश का नेतृत्व कर सकता है। हमारे पास आईटी, इंजीनियरिंग से जुड़े बेहतरीन संस्थान हैं। एनआईटी के साथ ही अब तो प्रदेश के आईटीआई में एआई आधारित पाठ्यक्रम पढ़ाए जा रहे हैं। एआई डाटा सेंटर परियोजनाओं के लिए बिजली की उपलब्धता काफी अहम होती है। सौभाग्य से हमारा प्रदेश पावर प्लस स्टेट है। मेसर्स रैक बैंक द्वारा अपनी इस परियोजना में सौर ऊर्जा का भी काफी इस्तेमाल किया जाएगा। ऐसे में प्रदेश का यह पहला एआई डाटा सेंटर देश में मॉडल बनेगा। पिछले दिनों मुझे मुंबई, दिल्ली, बैंगलुरु में इनवेस्टर मीट में शामिल होने का अवसर मिला। देशभर के उद्योगपति अब छत्तीसगढ़ में निवेश को लेकर उत्सुक हैं। एआई डाटा सेंटर छत्तीसगढ़ के विकास को गति देने के साथ युवा प्रतिभाओं की योग्यता को वैश्विक मंच प्रदान करेगा।
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फिर बदला मौसम का मिजाज, राजधानी में बारिश शुरू...

  एक दिन की शान्ति के बाद शनिवार को मौसम का मिजाज फिर बदल गया। गुरुवार को मौसम ने छत्तीसगढ़ के लगभग सभी हिस्सों में कहर बरपाया था। तेज आंधी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया था। आंधी के बाद बारिश ने सूर्य की तपिश से राहत दी थी। शुक्रवार को मौसम साफ़ था, लेकिन शनिवार दोपहर बाद बादल घिर गए और हवा चलने लगी। देखा जाए तो मौसम विभाग में 3 दिनों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया था।

तीन दिन का ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने प्रदेश के लिए तीन दिनों का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, रविवार से मंगलवार तक तेज आंधी, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। कुछ इलाकों में 60 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

इन जिलों में विशेष सतर्कता की जरूरत

मौसम विभाग ने रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, महासमुंद, धमतरी, अंबिकापुर और जांजगीर सहित कई जिलों को संवेदनशील माना है। यहां आंधी के साथ वज्रपात की भी आशंका जताई गई है। किसानों और आम नागरिकों को खुले स्थानों पर न रहने की सलाह दी गई है।

कृषि कार्यों पर असर
तेज आंधी और बारिश से फसल कटाई और भंडारण कार्य प्रभावित हो सकते हैं। कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि कटाई के बाद अनाज को ढककर रखें और अधिक खुले में न छोड़ें।

फिर बढ़ेगी गर्मी
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस बारिश और आंधी के दौर के बाद फिर से तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है। प्रदेश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री के पार जा सकता है।

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हाथी के हमले में बुजुर्ग की मौत, वन विभाग की चेतावनी को किया था नजरअंदाज

 जशपुर जिले के पत्थलगांव वन परिक्षेत्र अंतर्गत भेलवा कोचनीडीह गांव में हाथी के हमले में 76 वर्षीय बुजुर्ग की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान सीबन राम भोय के रूप में हुई है। यह घटना शुक्रवार रात करीब 10 बजे की बताई जा रही है।

वन विभाग की चेतावनी के बावजूद जंगल में रुके बुजुर्ग
वन विभाग ने क्षेत्र में हाथियों की सक्रियता को देखते हुए ग्रामीणों को पहले ही चेतावनी दी थी और जंगल छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई थी। वनकर्मी खुद सीबन राम के घर पहुंचकर उन्हें आगाह कर चुके थे, जिसके बाद उनकी पत्नी सुकांति बाई समय रहते जोरण्झरिया स्थित दूसरे घर चली गई थीं।

लेकिन सीबन राम ने वन विभाग की बात को गंभीरता से नहीं लिया और जंगल वाले घर में ही रुक गए। रात में हाथियों की आहट पाकर जब वह पत्नी के पास जाने के लिए घर से निकले, तभी एक हाथी ने उन पर हमला कर दिया। मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

इलाके में दहशत, जांच में जुटा वन विभाग
घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पंचनामा किया और मामले की जांच शुरू कर दी है। साथ ही वन विभाग की टीम भी घटनास्थल पर पहुंचकर जांच में जुटी हुई है।

वन विभाग की अपील
वन विभाग ने एक बार फिर स्थानीय ग्रामीणों से अपील की है कि वे जंगल की ओर न जाएं। यदि आवश्यक हो, तो पूरी सतर्कता और सुरक्षा उपायों के साथ ही क्षेत्र में प्रवेश करें।

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खुदको गृह मंत्री पीए बनकर धमकाने वाला युवक गिरफ्तार

 गृहमंत्री विजय शर्मा का निजी सचिव बनकर धमकी देने वाले एक युवक को बलौदाबाजार पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने खुद को नमन कुमार बताकर रेत घाट के मैनेजर को फर्जी आरोपों में फंसाने और सरकारी कार्रवाई की धमकी दी थी।

यह मामला 30 अप्रैल को सामने आया जब गिधपुरी थाना क्षेत्र के ग्राम दतरेंगी रेत घाट के मैनेजर इंद्रजीत मिरी को सुबह करीब 11 बजे एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को गृह मंत्री का पीए बताते हुए आरोप लगाया कि घाट पर अवैध रेत खनन और हाईवा ट्रकों से परिवहन हो रहा है। इसके बाद उसने कार्रवाई की धमकी दी।

डरे-सहमे मैनेजर ने गिधपुरी थाना में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी भावना गुप्ता ने तत्काल जांच के आदेश दिए। जांच में कॉल डिटेल के आधार पर आरोपी की पहचान की गई। आरोपी अमन कुमार कोसले (20), निवासी ग्राम नवरंगपुर, थाना दाढ़ी, जिला बेमेतरा को पुलिस ने हिरासत में लिया।

पूछताछ में अमन ने आरोप कबूल कर लिया कि उसने खुद को गृह मंत्री का पीए बताकर झूठी धमकी दी थी। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 319 के तहत मामला दर्ज किया गया है और उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया है।

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खाद्य विभाग एवं भण्डारण निगम की समीक्षा बैठक संपन्न

 आज कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में खाद्य विभाग एवं भण्डारण निगम की विभागीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जिले के खाद्य आपूर्ति से जुड़े समस्त पहलुओं की विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री दुदावत ने जिले में संचालित समस्त उचित मूल्य की दुकानों, गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों की संख्या की जानकारी मांगी।

उन्होंने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी केंद्रों की संख्या, अब तक की गई खरीदी एवं आगामी लक्ष्य की भी समीक्षा की। बैठक में उज्ज्वला योजना के अंतर्गत जिलेवार अनुमोदित हितग्राहियों की संख्या, राशन कार्डधारियों की वर्तमान स्थिति, शेष बचे पात्र हितग्राही परिवारों की जानकारी भी तलब की गई। कलेक्टर ने पात्र परिवारों को जल्द से जल्द राशन कार्ड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

इसके साथ ही स्टेट वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के गोदामों की भंडारण क्षमता, जिले में खाद्यान्न भंडारण की वर्तमान स्थिति तथा आवश्यक सुधारों पर भी चर्चा की गई। श्री दुदावत ने ‘नेल्लानार योजना’ के तहत चयनित ग्रामों में रहने वाले ग्रामीण परिवारों को राशन कार्ड एवं उज्ज्वला योजना का लाभ शीघ्र दिलाए जाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

कलेक्टर ने समस्त संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे तथा इसमें किसी प्रकार की लापरवाही न हो। इसके अलावा उन्होंने सहकारी समितियों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए पेट्रोल पंप संचालन और पर्यटन से भी जोड़ने की बात कही। इस  बैठक में जिला खाद्य अधिकारी श्री कीर्ति कौशिक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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ब्राम्हण समाज ने किया है ज्ञान और संस्कार देने का कार्य – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के डंगनिया में भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने भगवान परशुराम मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ब्राम्हण समाज ने सदैव समाज को ज्ञान और संस्कार देने का कार्य किया है। उन्होंने भगवान परशुराम जन्मोत्सव की सभी को शुभकामनाएं दीं और कहा कि भगवान परशुराम विष्णु के छठवें अवतार हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम का ननिहाल है और प्रभु श्रीराम हमारे भाँचा हैं। रामलला मंदिर निर्माण छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए गौरव और आस्था का विषय है। ‘श्रीरामलला दर्शन योजना’ के अंतर्गत अब तक 22,000 श्रद्धालु अयोध्या में रामलला के दर्शन कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना भी प्रारंभ की गई है, जिसमें श्रद्धालु सरकारी व्यय पर विभिन्न तीर्थ स्थलों की यात्रा कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है, जिसे धान का कटोरा कहा जाता है और 44 प्रतिशत भूभाग वनों से आच्छादित है। नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी जा रही है। हमारी सरकार ने 31 मार्च 2026 तक राज्य को नक्सलवाद से पूर्णतः मुक्त कराने का संकल्प लिया है।

उन्होंने बताया कि सरकार ने विकास के लिए एक सशक्त ‘विजन डॉक्यूमेंट’ तैयार किया है और नई औद्योगिक नीति लागू की गई है। डिजिटलीकरण के माध्यम से भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण किया जा रहा है, और दोषियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘2047 तक विकसित भारत’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए, हम ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस दिशा में ब्राम्हण समाज की भागीदारी भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने डेढ़ वर्ष के अल्पकाल में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारा है। चाहे वह प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत घर देने की बात हो या किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान का मूल्य दिलाना—हमने हर वर्ग की भलाई के लिए काम किया है। बस्तर और सरगुजा में जनजातीय समाज के लिए 5500 रुपये प्रति मानक बोरा तेंदूपत्ता की खरीदी कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में प्रक्रियाओं, संस्थाओं और क्रियाओं के शुद्धिकरण का कार्य जारी है। राज्य निवेश के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में उभर रहा है। कौशल उन्नयन, पारदर्शिता और सुशासन की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। पीएससी में भ्रष्टाचार की सीबीआई जांच चल रही है, और कई दोषी जेल की सलाखों के पीछे हैं। उन्होंने कहा कि ब्राम्हण समाज एक प्रगतिशील समाज है, जिसने हमेशा विमर्श और विचारों का स्वागत किया है।
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परिवर्तित मार्ग से चलेंगीं ये गाड़ियां...

 अधोसंरचना विकास के लिए रेलवे प्रशासन द्वार दक्षिण रेलवे के सेलम रेल मंडल के अंतर्गत स्टेशन में यार्ड रिमाडलिंग किया जाएगा। इसके फलस्वरूप दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से संबंधित गाड़ियों को विलंब व परिवर्तित मार्ग  से चलाया जाएगा।

परिवर्तित मार्ग से चलने वाली गाड़ियां:-
5 मई को तिरुनेलवेली जंक्शन से चलने वाली गाड़ी संख्या 22620 तिरुनेलवेली–बिलासपुर  एक्सप्रेस व्हाया पोत्तनूर जंक्शन, इरुगूर जंक्शन एवं कोयम्बत्तूर जंक्शन होते हुए  चलेगी।

7 मई को एर्नाकुलम जंक्शन से चलने वाली गाड़ी संख्या 22816 एर्नाकुलम – बिलासपुर एक्सप्रेस व्हाया पोत्तनूर जंक्शन, इरुगूर जंक्शन एवं कोयम्बत्तूर जंक्शन होते हुए  चलेगी।

11 मई को तिरुनेलवेली जंक्शन से चलने वाली गाड़ी संख्या 22620 तिरुनेलवेली – बिलासपुर  एक्सप्रेस व्हाया पोत्तनूर जंक्शन, इरुगूर जंक्शन एवं कोयम्बत्तूर जंक्शन होते हुए  चलेगी ।

14 मई को एर्नाकुलम जंक्शन से चलने वाली गाड़ी संख्या 22816 एर्नाकुलम – बिलासपुर एक्सप्रेस व्हाया पोत्तनूर जंक्शन, इरुगूर जंक्शन एवं कोयम्बत्तूर जंक्शन होते हुए  चलेगी।

विलंब से रवाना होने वाली गाड़ियां:-
19 मई को तिरुवनंतपुरम सेंट्रल से चलने वाली गाड़ी संख्या 22648 तिरुवनंतपुरम - कोरबा एक्सप्रेस विलंब से रवाना होगी ।
24 मई को कोरबा से चलने वाली गाड़ी संख्या 22647  कोरबा - तिरुवनंतपुरम एक्सप्रेस विलंब से रवाना होगी ।

यात्रियों से अनुरोध है कि असुविधा से बचने के लिए रेलवे द्वारा अधिकृत रेलवे पूछताछ सेवा NTES/139 से गाड़ी की सही स्थिति की जानकारी प्राप्त करके तदनुसार यात्रा प्रारम्भ करें । उक्त विशेष ट्रेनों के विस्तृत समय और ठहराव की विस्तृत जानकारी हेतु कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाएं या NTES ऐप डाउनलोड करें।

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सुशासन तिहार में भटगांव को मिला बड़ा तोहफा

जनहित को सर्वाेपरि रखने वाली छत्तीसगढ़ सरकार की सुशासन नीति का असर अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है। सुशासन तिहार के दौरान आम नागरिकों की लंबे समय से मांग को देखते हुए, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश के परिपालन में जिला प्रशासन सारंगढ़-बिलाईगढ़ द्वारा भटगांववासियों को बड़ी सौगात दी है। अब हर गुरुवार को भटगांव तहसील कार्यालय में एसडीएम लिंक कोर्ट लगेगा, जिससे लोगों को राजस्व मामलों के लिए अब बिलाईगढ़, सारंगढ़ नहीं जाना पड़ेगा।


कलेक्टर सारंगढ़-बिलाईगढ़ डॉ. कन्नौजे द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), बिलाईगढ़ का न्यायालय अब प्रत्येक गुरुवार को अस्थाई रूप से तहसील कार्यालय भटगांव में लगेगा। यह व्यवस्था आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगी। इस लिंक कोर्ट से सरसीवां और भटगांव तहसील से संबंधित राजस्व, दाण्डिक और समस्त न्यायालयीन प्रकरणों की सुनवाई और त्वरित निपटारा संभव हो सकेगा। इसके जरिए प्रशासनिक प्रक्रियाएं सरल होंगी और न्याय के लिए आमजन की पहुंच आसान होगी।

इस निर्णय से क्षेत्र के नागरिकों में हर्ष व्याप्त है। लंबे समय से राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए लोगों को बिलाईगढ़ या सारंगढ़ जाना पड़ता था। अब स्थानीय स्तर पर ही न्यायिक कार्यवाही होने से आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। यह पहल प्रशासनिक विकेन्द्रीकरण की दिशा में एक अहम कदम है, जिससे न्याय व्यवस्था और राजस्व प्रशासन दोनों को सुदृढ़ता मिलेगी। यह लिंक कोर्ट सुशासन के संकल्प को और अधिक मजबूत करेगा। भटगांव में एसडीएम लिंक कोर्ट की शुरूआत इस बात का प्रमाण है कि सुशासन तिहार केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि आमजन के जीवन में ठोस बदलाव लाने का माध्यम बन चुका है।
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छत्तीसगढ़ सरकार ने युवाओं के कौशल विकास को लेकर किए 4 महत्वपूर्ण एमओयू, खुलेंगे रोज़गार के नए द्वार

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर में नीति-राज्य कार्यशाला श्रृंखला के राज्य समर्थन मिशन के तहत छत्तीसगढ़ में युवाओं, महिलाओं और जनजातीय समुदायों के लिए कौशल विकास, रोजगार और आजीविका के अवसरों को विस्तार देने विषय पर आधारित कार्यशाला का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह कार्यशाला बदलते समय की जरूरतों के अनुरूप बेहद प्रासंगिक है। भारत एक युवा देश है और यदि युवाओं को उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार कौशल प्रशिक्षण मिले, तो हम ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को तेजी से हासिल कर सकते हैं। इस मौके पर राज्य के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आज चार महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एम.ओ.यू.) पर हस्ताक्षर किए गए।

मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि 2047 तक छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के लिए युवाओं, महिलाओं और जनजातीय वर्ग को केंद्र में रखकर योजनाएं बनाई जा रही हैं। उन्होंने नीति आयोग की आकांक्षी जिलों की पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे जनजातीय क्षेत्रों में बदलाव देखने को मिला है।  उन्होंने कहा कि राज्य समर्थन मिशन के बेहतर क्रियान्वयन से प्रदेश के युवाओं, महिलाओं और जनजातिय समुदाय के आजीविका के लिए प्रशिक्षण से रोजगार के नये अवसर शुलभ होंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं को कौशल से जोड़कर उन्हें रोजगार के योग्य बनाया जा सकता है। 
मुख्यमंत्री नेे बताया कि सरकार वर्ष 2013 से कौशल विकास को तीव्रता से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार लाइवलीहुड कॉलेज, आईटीआई और महिला स्व-सहायता समूहों को सशक्त बनाने पर काम कर रही है। उन्होंने महिंद्रा एंड महिंद्रा कंपनी के साथ समझौते की जानकारी देते हुए कहा कि इसके तहत राज्य के युवाओं को ट्रैक्टर निर्माण की आधुनिक तकनीक सिखाई जाएगी। उन्होंने कहा कि इस पहल से बस्तर और सरगुजा अंचल के ग्रामीण युवाओं तथा उनके परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आयेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर, मैकेनिक जैसे कौशलों की भारी मांग है, लेकिन कुशल कर्मचारियों की उपलब्धता कम है। सरकार इन क्षेत्रों में प्रशिक्षण देने के लिए व्यापक योजना तैयार कर रही है। साथ ही उन्होंने महुआ, इमली, साल जैसे वन उत्पादों से मूल्यवर्धन कर स्थानीय लोगों की आजीविका को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि आगामी योजनाओं में बस्तर और सरगुजा अंचल के आदिवासी युवाओं को विशेष कोर्स और प्रशिक्षण कार्यक्रम उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही महिलाओं के लिए स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रशिक्षण केंद्र खोलने की भी तैयारी है। उन्होंने बताया कि विभिन्न बड़ी कंपनियों से एमओयू कर निवेश और रोजगार के अवसर लाने की दिशा में काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि स्किल और इंडस्ट्री को जोड़ना जरूरी है। जब दोनों साथ होंगे तब रोजगार की संभावना अधिक रहेगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योग (जैसे कृषि, फल-फलियाँ, हस्तशिल्प) में युवाओं को प्रशिक्षित कर नए रोजगार सृजन पर बल दिया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि बस्तर में अब माओवाद का प्रभाव घट रहा है और हम युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार जल्द ही ई-हब की शुरुआत करेगी, जहां नवाचार करने वाले युवाओं को प्रोटोटाइप, फंडिंग और मार्केटिंग की सुविधा मिलेगी।

कार्यशाला को कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा सचिव एस. भारती दासन ने कहा कि छत्तीसगढ़ में युवाओं के लिए मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 4.83 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 2.66 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार भी मिला है। 

नीति आयोग की प्रोग्राम निदेशक डॉ. सोनिया पंत ने कहा कि नीति आयोग का ‘राज्य समर्थन मिशन’ राज्यों को उनकी आर्थिक व सामाजिक विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तकनीकी सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। उन्होंने आदिवासी क्षेत्रों में वन-आधारित आजीविका कार्यक्रमों को मजबूत करने पर ज़ोर दिया और कहा कि इससे आदिवासी समुदाय की आय में वृद्धि होगी। डॉ. पंत ने बताया कि राज्य-स्तरीय योजनाओं में जनजातीय युवाओं की भागीदारी बढ़ाने एवं उन्हें नई तकनीक और कौशल से जोड़ने पर नीति आयोग हर सम्भव मदद करेगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, कौशल विकास तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार के सीईओ  विजय दयाराम के. सहित विभागीय अधिकारी तथा बड़ी संख्या में युवा, महिला और जनजातीय समुदाय के प्रतिनिधि उपस्थित थे। 

कौशल विकास के लिए 4 महत्वपूर्ण एमओयू
 
राज्य के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आज चार महत्वपूर्ण एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर किए गए। इन समझौतों का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को रोजगारोन्मुख कौशल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
पहला एमओयू तकनीकी शिक्षा छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण एवं नन्दी फाउंडेशन के बीच हुआ। इस एम.ओ.यू. का मुख्य उद्देश्य सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित युवाओं की रोज़गार योग्यताओं को बढ़ाना है। यह कार्यक्रम उन्हें आवश्यक कौशल प्रदान करके उनके आजीविका के साधनों और आर्थिक सुरक्षा में सुधार लाने का प्रयास करता है। इसी तरह दूसरा एमओयू कौशल विकास प्राधिकरण एवं महेन्द्रा एंड महेन्द्रा के बीच हुआ, इस एम.ओ.यू. के अंतर्गत दंतेवाड़ा, बलरामपुर और कोंडागांव जिलों में स्थित लाइवलीहुड कॉलेजों में ट्रैक्टर मैकेनिक पाठ्यक्रम में अल्पकालिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण का संचालन रायपुर स्थित स्टेट प्रोजेक्ट लाइवलीहुड कॉलेज सोसायटी द्वारा किया जाएगा।

तीसरा एमओयू उच्च शिक्षा विभाग और नैसकॉम के बीच हुआ, इस समझौते का उद्देश्य कॉलेजों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों की जानकारी देकर उन्हें जॉब सीकर से जॉब प्रोवाइडर के रूप में विकसित करना है। यह कार्यक्रम युवाओं को इंडस्ट्री रेडी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इसी प्रकार उच्च शिक्षा विभाग और नन्दी फांउडेशन हैदराबाद के बीच चौथा समझौता हुआ, इस एम.ओ.यू. के तहत महाविद्यालयों के छात्रों को रोजगार परक प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें कुशल और आत्मनिर्भर युवा के रूप में तैयार किया जाएगा।
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छत्तीसगढ़ बना जीएसटी संग्रह में अग्रणी राज्य

अप्रैल 2025 में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रहण  में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय उपलब्धि  हासिल  की है। छत्तीसगढ़ ने  4,135 करोड़ का जीएसटी संग्रहण कर देश के शीर्ष 15 राज्यों की सूची में अपनी जगह बनाई है। जीएसटी संग्रहण के मामले में छत्तीसगढ़ ने केरल, पंजाब, बिहार और खनिज संसाधनों से भरपूर झारखंड जैसे राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है।

राज्य में इस आर्थिक प्रगति को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा व्यापार और उद्योग क्षेत्र में किए गए सशक्त सुधारों का प्रतिफल है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बीते 15 महीनों में राज्य सरकार ने ऐसे कई निर्णय लिए हैं, जिनसे निवेश और व्यापार को बढ़ावा मिला है ।

सरकार द्वारा किए गए प्रमुख सुधारों में उद्योग एवं व्यापार नियमों का सरलीकरण,
गैर-जरूरी और बाधक कानूनों की समाप्ति,सभी जरूरी सेवाओं की ऑनलाइन उपलब्धता,पेट्रोल पंप खोलने के लिए लाइसेंस की बाध्यता को समाप्त करना और उद्योगों की स्थापना के लिए प्रक्रिया को सरल बनाना शामिल है। 


इन सभी पहल से राज्य में उद्योग और व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिला है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है और राजस्व संग्रह में निरंतर वृद्धि हो रही है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने  कहा है छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाना हमारा लक्ष्य है। राज्य की आर्थिक स्थिति में यह वृद्धि जनता और उद्योग जगत के सहयोग से संभव हुई है।”

यह प्रदर्शन छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है और यह दिखाता है कि राज्य संसाधन आधारित अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर अब एक सशक्त औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर रहा है।
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