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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने देखी "छावा" फिल्म

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय आज नवा रायपुर स्थित आईपी क्लब के मिनी थिएटर में मराठा काल के स्वर्णिम इतिहास पर आधारित फिल्म "छावा" देखने पहुँचे। यह फिल्म वीर राष्ट्रनायक छत्रपति शिवाजी महाराज के पराक्रमी पुत्र संभाजी महाराज के जीवन, संघर्ष और बलिदान पर आधारित है।

फिल्म प्रदर्शन के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि संभाजी महाराज ने देश, धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। घोर यातनाओं और कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। 'छावा' फिल्म ने उनके अद्भुत जीवन और बलिदान को अत्यंत सजीव और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है।

मुख्यमंत्री साय ने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने "छावा" फिल्म को राज्य में टैक्स फ्री किया है ताकि अधिक से अधिक लोग इस प्रेरक इतिहास से अवगत हो सकें।

इस अवसर पर राज्य के वन मंत्री  केदार कश्यप, विधायक  अनुज शर्मा, तथा सम्पत अग्रवाल भी उपस्थित थे और फिल्म के माध्यम से राष्ट्रभक्ति की इस गौरवशाली गाथा का साक्षात्कार किया।

उल्लेखनीय है कि फिल्म में मराठा-मुगल संघर्ष और भारत के  इतिहास को एक नई दृष्टि से दर्शाया गया है।
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया खिलाड़ियों का सम्मान, कहा “आपने छत्तीसगढ़ का सिर गर्व से ऊंचा किया”

 आप सभी ने अपनी मेहनत, प्रतिभा और जुनून से छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय पटल पर रोशन किया है। ये सिर्फ आपकी नहीं, पूरे प्रदेश की जीत है। आप प्रदेश के खेल जगत के हीरे हैं। सरकार आपको तराशेगी, निखारेगी और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाएगी। आपके लिए हर संभव संसाधन और समर्थन उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास में आयोजित राष्ट्रीय खेल विजेता सम्मान समारोह में गोवा और उत्तराखंड नेशनल गेम्स में पदक जीतने वाले छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री ने समारोह में गोवा में वर्ष 2023 में सम्पन्न 37वें नेशनल गेम में छत्तीसगढ़ के पदक विजेता 72 खिलाड़ियों को और वर्ष 2025 में उतराखंड में सम्पन्न 38 वें नेशनल गेम्स में छत्तीसगढ़ पदक विजेता 58 खिलाड़ियों को सम्मानित किया। 

मुख्यमंत्री  साय ने खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए कहा कि आप सभी छत्तीसगढ़ के गौरव है। आपने न सिर्फ पदक जीते हैं, बल्कि पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है। आप सभी ने छत्तीसगढ़  का सर गर्व से ऊंचा किया है। मुख्यमंत्री साय ने खिलाड़ियों से आह्वान किया कि वे अब एशियाड, कॉमनवेल्थ और ओलंपिक जैसे वैश्विक मंचों पर छत्तीसगढ़ और भारत का नाम रोशन करें। 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  अपने संबोधन में कहा कि आज गोवा और उत्तराखंड में हुए नेशनल गेम्स विजेता खिलाड़ियों का सम्मान कर हम सब बहुत गौरव का अनुभव कर रहे हैं। आप सभी ने अपने शानदार प्रदर्शन से छत्तीसगढ़ का नाम रौशन किया है इसके लिए आप सभी की जितनी भी प्रशंसा की जाए, कम है। 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हम लोगों ने गोवा में पदक जीतने वाले राज्य के 72 खिलाड़ियों को 1 करोड़ 7 लाख 60 हजार रुपए की राशि एवं उत्तराखंड में नेशनल गेम्स जीतने वाले 58 खिलाड़ियों को 87 लाख 60 हजार रुपए की राशि प्रदान कर सम्मानित किया है। इस प्रकार समारोह के माध्यम से छत्तीसगढ़ के 130 राष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों को कुल 1 करोड़ 95 लाख 20 हजार रुपए की सम्मान राशि हमारे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के खाते में अंतरित की जा रही  है। 

ओलंपिक विजेता खिलाड़ियों के लिए विशेष पुरस्कारों की हमारी सरकार ने की है घोषणा

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश के जो भी खिलाड़ी ओलंपिक खेलों में पदक लाएंगे, उनके लिए विशेष पुरस्कारों की घोषणा हमारी सरकार ने की है। ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को तीन करोड़ रुपए, रजत पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को दो करोड़ रुपए तथा कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को एक करोड़ रुपए देने का निर्णय हमारी सरकार ने किया है।

बस्तर क्षेत्र में खेलों की वापसी, नई आशा और विश्वास का प्रतीक

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि बरसों तक माओवादी आतंक झेलने के बाद जब बस्तर में अमन लौटा तो खेल भी लौटा, वहां हमने बस्तर ओलंपिक का आयोजन कराया। उन्होंने कहा कि जहां कभी पांव भी रखने से लोग डरते थे, आज वहीं हज़ारों खिलाड़ी खेल रहे हैं। लोगों में जबर्दस्त उत्साह दिखा, पूरे देश में कम ही हुआ होगा कि किसी खेल आयोजन में 1 लाख 65 हजार प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और वह भी ऐसा आयोजन जो बस्तर संभाग में हुआ जहां की आबादी शेष जगहों की तुलना में काफी विरल है। इसमें ऐसे लोगों ने भी हिस्सा लिया, जो नक्सल हिंसा में अपने अंग गंवा चुके थे। आत्मसमर्पित नक्सलियों ने भी हिस्सा लिया। नक्सल हिंसा प्रभावित परिवारों ने भी हिस्सा लिया। इस आयोजन से प्रदेश के खेलप्रेमियों की उम्मीदें काफी बढ़ी हैं।

खिलाड़ियों को बेहतरीन खेल अधोसंरचना उपलब्ध कराने सरकार कर रही प्रयास

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों में काफी दमखम है। हम छत्तीसगढ़ में खेलों के लिए शानदार अधोसंरचना तैयार कर रहे हैं। खेलो इंडिया के 7 नये सेंटर हमने आरंभ किये हैं। छत्तीसगढ़ में हर तरह की खेल प्रतिभाएं हैं। हमने इसे ध्यान में रखते हुए अलग-अलग तरह के खेलों के लिए कोचिंग की विशेष व्यवस्था की है। इसी साल हमने तीन नई अकादमी की शुरूआत की है। रायपुर में टेनिस, राजनांदगांव में हाकी और नारायणपुर में मल्लखंभ अकादमी हमने आरंभ की है। 

परंपरागत खेलों को मिलेगा नया जीवन: 20 करोड़ रूपए की छत्तीसगढ़ क्रीडा प्रोत्साहन योजना

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपने परंपरागत खेलों के लिए भी प्रसिद्ध है। इन खेलों का समुचित विकास होता रहे, इसके लिए हमने 20 करोड़ रुपए का प्रावधान छत्तीसगढ़ क्रीडा प्रोत्साहन योजना के तहत किया है। हमारी सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

खेलों में जीत के लिए कुशल रणनीति, तकनीक में महारत के साथ ही फिटनेस बहुत जरूरी

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कुछ दिनों पहले हमने मल्लखंभ के खिलाड़ियों का ढोलकल की पहाड़ियों पर अद्भुत करतब देखा, यह मंत्रमुग्ध कर देने वाला दृश्य था।  मल्लखंभ या किसी भी तरह के खेल के लिए लचीलापन बहुत जरूरी होता है और यह सब फिटनेस से आता है। खेलों में जीतने के लिए कुशल रणनीति, तकनीक में महारत के साथ ही एक अच्छे लेवल का फिटनेस भी बहुत जरूरी है। मोदी जी ने फिट इंडिया मूवमेंट चलाया है। फिटनेस के माध्यम से खेलों में तो सफलता हासिल की ही जा सकती है। फिट रहने से आप एक हेल्दी लाइफ स्टाईल भी जीते हैं जिससे कोई भी कार्य आप करें, उसमें आपको सफलता मिलती है। 

इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा ने अपने संबोधन में खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार खेल को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं में अपार खेल प्रतिभा है। जिसे पहचान कर तरासना हमारी प्राथमिकता है। 

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एयर स्कावाड्रम प्रशिक्षण एयरपोर्ट आगडीह में संकल्प के छात्र प्रत्यक्ष रूप से हुए रूबरू

 नेशनल कैडेट क्रोप्स 3 सीजी एआईआर एसक्यूएन एनसीसी रायपुर  द्वारा आयोजित एयरपोर्ट आगडीह जशपुर में चल रहे एयर स्कावाड्रम प्रशिक्षण में व्ही.के. साहू प्रशिक्षक के द्वारा एनसीसी सीनियर कैडेट्स को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 

कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत सीईओ  अभिषेक कुमार के दिशा-निर्देश में संचालित संकल्प शिक्षण संस्थान जशपुर के 36 छात्रों को एयर स्कावाड्रम प्रशिक्षण को देखने का प्रत्यक्ष रूप से अवसर प्राप्त हुआ। साथ ही स्वामी आत्मानंद हिन्दी माध्यम विद्यालय जशपुर के 15 एनसीसी के छात्र भी शामिल हुए। प्रशिक्षक व्ही.के. साहू पायलट ने केडेटो को एयर विंग कैरियर की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। छात्रों के द्वारा प्रशिक्षक से कई प्रश्न पूछे गये जिनका उत्तर प्रशिक्षक द्वारा सफलतापूर्वक छात्रों के जिज्ञासा को शांत किया गया।

 
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एन.सी.सी. रायपुर के छात्रों ने देखा सारूडीह चाय बागान और रानीदाह जलप्रपात

  जशपुर विकासण्ड के आगडीह स्थिति एयरपोर्ट में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आयोजित 3 सीजी एआईआर एसक्यूएन एनसीसी रायपुर के छात्रों का प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहा है। 

विगत दिवस जिला प्रशासन और कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में  पूरे टीम को प्राकृतिक स्थल रानीदाह जलप्रपात और सारूडीह चाय बगान का भ्रमण कराया गया। जहां  एन.सी.सी. के छात्रों ने रानीदाह जलप्रपात के इतिहास को जाना एवं जशपुर के प्राकृतिक सौन्दर्य के सुन्दर दृश्यों का अवलोकन किया। साथ ही चाय बगान के दृश्यों को निहारते हुए जशपुर के प्राकृतिक स्थलों की जानकारी ली।

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बीजापुर में मुठभेड़: 2 नक्सली ढेर, 1 जवान शहीद...

 बीजापुर-दंतेवाड़ा जिले में जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ चल रही है। गंगालूर इलाके के अंड्री के जंगलों में जवानों ने नक्सलियों के बड़े कैडर्स को घेर रखा है। दोनों तरफ से गोलीबारी हो रही है। नक्सलियों के भारी नुकसान का भी अंदेशा लगाया जा रहा है।


मिली जानकारी के अनुसार अब तक मुठभेड़ में जवानों ने दो नक्सलियों को ढेर कर दिया है वहीं एक जवान के भी शहीद होने की जानकारी मिल रही है। एसपी जितेंद्र यादव के मुताबिक अभी मुठभेड़ स्थल में दोनो ओर से गोलीबारी जारी है।

IED ब्लास्ट की चपेट में आया जवान
वहीं नारायणपुर-दंतेवाड़ा बॉर्डर पर स्थित थुलथुली इलाके में एक जवान IED ब्लास्ट की चपेट में आ गया। घायल जवान को मौके पर से बाहर निकाला जा रहा है। वहीं सर्च ऑपरेशन जारी है। दरअसल, पुलिस को सूचना मिली थी कि, गंगालूर इलाके में बड़ी संख्या में नक्सली मौजूद हैँ। इसी के आधार पर इस इलाके में ज्वाइंट ऑपरेशन लॉन्च किया गया। एक दिन पहले ही जवानों ने अंड्री इलाके को घेर लिया था। वहीं गुरूवार सुबह से ही मुठभेड़ जारी है।

 

 

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उप मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा की

उप मुख्यमंत्री तथा बिलासपुर जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने आज मोहभठ्ठा में अधिकारियों की बैठक लेकर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 30 मार्च के प्रवास को लेकर की जा रही तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अब तक हुए कार्यों की जानकारी लेकर 25 मार्च तक तमाम कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। साव ने कहा कि प्रधानमंत्री का छत्तीसगढ़ और विशेषकर बिलासपुर आगमन हमारे लिए बड़े सौभाग्य की बात है। उनके कार्यक्रम को लेकर लोगों मेें बड़ा उत्साह है। इसे ऐतिहासिक एवं यादगार बनाने के लिए लोग ब्रेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। 

उप मुख्यमंत्री साव ने प्रधानमंत्री के आगमन के पूर्व 25 मार्च से 29 मार्च तक पूरे जिले में विशेष स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने इसमें नवनिर्वाचित पार्षदों, पंचों,सरपंचों एवं जनप्रतिनिधियों को सहभागी बनाने को कहा। साव ने सभास्थल एवं इसके आसपास बन रहे पार्किंग स्थल में की जा रही तैयारी का मुआयना किया और अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। अपर मुख्य सचिव एवं बिलासपुर के प्रभारी सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, आईजी  संजीव शुक्ला, कलेक्टर अवनीश शरण और एसपी श्री रजनेश सिंह सहित राज्य शासन एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी इस दौरान मौजूद थे।
      
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रधानमंत्री के प्रवास की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि बिलासपुर को प्रधानमंत्री के राज्य स्तरीय कार्यक्रम की मेजबानी का सौभाग्य मिला है। हमें अपनी योजनाओं को अच्छे स्वरूप में पूरे राज्य के लोगों को दिखाने का अच्छा मौका मिल रहा है। पूरे राज्य के लोग इस समारोह में आएंगे। उन्हें इस कार्यक्रम के जरिए अच्छा संदेश देना है। वे हमारे लिए मेहमान की तरह होेंगे। उन्हें पर्याप्त सम्मान देना है। उन्हें परायापन महसूस नहीं होना चाहिए। श्री साव ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से अभियान चलाकर बिल्हा के आसपास सहित पूरे जिले की सड़कों की मरम्मत करने के निर्देश दिए।
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छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में गूंज उठी बीजापुर के युवाओं की बुलंद आवाज – ‘नक्सलवाद से मुक्ति और विकास की राह पर आगे बढ़ने का है इरादा’

छत्तीसगढ़ के सुदूर अंचल बीजापुर जिले के युवाओं ने आज लोकतंत्र के मंदिर—विधानसभा परिसर में इतिहास रच दिया।

राज्य की ‘स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना’ के तहत शैक्षणिक भ्रमण पर पहुंचे बीजापुर के इन युवा प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सामने एकजुट होकर अपनी मंशा व्यक्त की – "हम अपने गांव, जिले और प्रदेश को नक्सलवाद से मुक्त देखना चाहते हैं और विकास की मुख्यधारा में शामिल होकर अपने भविष्य को उज्जवल बनाना चाहते हैं।"

इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने युवाओं की इस मजबूत इच्छाशक्ति की सराहना करते हुए कहा, "आपका संकल्प ही हमारा संकल्प है। यदि क्षेत्र के युवा ठान लें, तो हम सभी के सहयोग से जल्द ही नक्सलवाद के अंधकार को समाप्त कर छत्तीसगढ़ को समृद्धि और विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।"

‘नियद नेल्ला नार योजना’ से विकास की नई रोशनी

मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार ‘नियद नेल्ला नार योजना’ के माध्यम से उनके गांवों तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के लिए तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि निरंतर खुल रहे सुरक्षा कैंपों और सुदूर अंचलों में प्रशासन की बढ़ती पहुंच से नक्सली दायरा सिमटता जा रहा है, जिससे अब विकास को नई गति मिल रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने हाल ही में अपने दिल्ली प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह से हुई महत्वपूर्ण चर्चा का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र सरकार भी बीजापुर और बस्तर संभाग के अन्य क्षेत्रों के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह राज्य के दूरस्थ इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर रखते हैं और वहां हो रहे विकास कार्यों की नियमित समीक्षा कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं को आश्वस्त किया कि उनके गांवों में मोबाइल टावर लगाने, पक्की सड़कें बनाने, हर घर तक बिजली पहुंचाने और परिवहन सुविधाओं का विस्तार करने की योजनाएं सरकार की प्राथमिकता में हैं। उन्होंने कहा कि इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है ताकि सुदूर अंचल के ग्रामीणों को भी शहरी सुविधाओं का लाभ मिल सके।

बीजापुर के युवाओं के लिए ऐतिहासिक दिन – विधानसभा और राजधानी का अनुभव मिला

बीजापुर जिले के विभिन्न गांवों से आए सैकड़ों युवाओं के लिए यह दिन एक ऐतिहासिक अनुभव से कम नहीं था। राजधानी रायपुर में आयोजित इस शैक्षणिक भ्रमण के दौरान उन्होंने रेलवे स्टेशन, छत्तीसगढ़ विधानसभा और वनवासी कल्याण आश्रम का दौरा किया।

राजधानी में आगमन के दौरान युवाओं ने विधानसभा परिसर का दौरा किया और दर्शक दीर्घा में बैठकर सदन की कार्यवाही देखी। वे पहली बार लोकतंत्र के इस मंच से जनप्रतिनिधियों की बहस और नीतिगत चर्चाओं को देखकर रोमांचित हो उठे।

इस दौरान उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक श्री धर्म कौशिक, अनुज शर्मा और सुश्री लता उसेंडी ने भी युवाओं से भेंट कर चर्चा की।

'सरकार आपके साथ है' – उपमुख्यमंत्री का आश्वासन

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने युवाओं से उनके गांव की स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी ली और उन्हें आश्वस्त किया कि राज्य सरकार आपके गांवों में पक्की सड़क, बिजली, शुद्ध पेयजल, राशन, चिकित्सा और आवास जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

सशक्त युवा – सशक्त छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर युवाओं को यह संदेश दिया कि शिक्षा ही विकास का मूलमंत्र है। जब युवा सही दिशा में आगे बढ़ेंगे, तो कोई भी ताकत क्षेत्र  के विकास को बाधित नहीं कर सकती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की युवा पीढ़ी अब बदलाव के लिए तैयार है। बीजापुर के युवाओं की यह मजबूत आवाज पूरे प्रदेश के लिए एक नई रोशनी लेकर आई है।

नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ – विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को जल्द पूरा करने की प्रतिबद्धता के साथ मुख्यमंत्री श्री साय ने बीजापुर के युवाओं से कहा कि हम आपके साथ हैं, आपके गांव के विकास और आप सभी के स्वर्णिम भविष्य को साकार करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।  उन्होंने युवाशक्ति से आह्वान किया कि इस बदलाव का हिस्सा बनें, अपने सपनों को साकार करें, और छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाइयों तक ले जाएं। उन्होंने युवाओं से सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की और कहा कि हम सभी मिलकर छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त, विकसित और समृद्ध राज्य बनाएंगे।
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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का दिल्ली दौरा – राज्य हित के महत्वपूर्ण फैसलों की दिशा में ठोस कदम

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने दो दिवसीय नई दिल्ली प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर, केंद्रीय संचार एवं उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार, सांसद  तेजस्वी सूर्या सहित विभिन्न वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ के विकास, औद्योगिक नीति, नक्सल उन्मूलन और बस्तर के विकास पर विस्तृत चर्चा की।

प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी से आत्मीय भेंट, छत्तीसगढ़ विकास पर विस्तृत चर्चा

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से आत्मीय मुलाकात की।  बैठक में छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास, बस्तर के विकास का मास्टर प्लान और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आधारभूत संरचना, उद्योग और पर्यटन केंद्रों के विस्तार पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए संकल्पबद्ध है।

मुख्यमंत्री  साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 30 मार्च को प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरे की रूपरेखा भी प्रस्तुत की। इस यात्रा के दौरान राज्य में विभिन्न महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने बस्तर विकास योजना की सराहना करते हुए राज्य सरकार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से निर्णायक चर्चा – नक्सलवाद के खात्मे की रणनीति और बस्तर के तेज विकास पर फोकस

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से उनके निवास पर मुलाकात कर नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे, बस्तर के समग्र विकास और राज्य में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने को लेकर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को अवगत कराया कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अपने अंतिम चरण में है और राज्य सरकार निर्णायक कदम उठा रही है। केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से नक्सली संगठनों की पकड़ कमजोर हो चुकी है और छत्तीसगढ़ अब एक नए युग की ओर अग्रसर है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह  ने राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ ऊर्जा एवं शहरी विकास पर चर्चा

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री  मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ में ऊर्जा क्षेत्र के विस्तार और शहरी विकास से संबंधित विषयों पर चर्चा की। बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री एवं बिलासपुर सांसद तोखन साहू भी उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ के सांसदों से संवाद – राज्य विकास पर केंद्रित चर्चा

संसद भवन में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के सांसदों से भेंट कर राज्य की विकास योजनाओं, केंद्र-राज्य समन्वय और प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति पर विमर्श किया।

सांसद  तेजस्वी सूर्या से सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में  सांसद श्री तेजस्वी सूर्या  से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने उन्हें उनके वैवाहिक जीवन में प्रवेश पर हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।

बस्तर विकास का मास्टर प्लान – केंद्र सरकार के साथ समन्वय और सहयोग का विस्तार

मुख्यमंत्री साय ने बस्तर क्षेत्र के समग्र विकास का मास्टर प्लान केंद्र सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया, जिसमें सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और पर्यटन के नए अवसरों पर विशेष जोर दिया गया। इस मास्टर प्लान का उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा में लाना और स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है। केंद्र सरकार ने इस मास्टर प्लान को सकारात्मक रूप से स्वीकार किया और हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।

छत्तीसगढ़ के विकास के लिए केंद्र सरकार के साथ विभिन्न विषयों पर हुआ विचार विमर्श

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का दिल्ली दौरा छत्तीसगढ़ के विकास के लिए केंद्र सरकार के साथ तालमेल बढ़ाने और महत्वपूर्ण विषयों पर निर्णय लेने के लिए बेहद सफल रहा।मुख्यमंत्री साय ने राज्य की विकास योजनाओं के लिए केंद्र सरकार से मजबूत सहयोग और समर्थन प्राप्त किया। उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री  अमित शाह सहित विभिन्न केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों से महत्वपूर्ण मुलाकातों से छत्तीसगढ़ के विकास को नई गति और दिशा मिलने की उम्मीद है।
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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से प्रसिद्ध कथावाचक देवी चित्रलेखा की सौजन्य भेंट

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में सुविख्यात कथावाचक देवी चित्रलेखा ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री साय ने उन्हें शॉल एवं श्रीफल भेंटकर आत्मीय सम्मान प्रदान किया।

प्रेरक कथाओं और भक्ति प्रवचनों के लिए विख्यात देवी चित्रलेखा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में हो रहे विकास कार्यों की सराहना की और जनकल्याण के लिए अपनी शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।

मुख्यमंत्री साय ने देवी चित्रलेखा के आध्यात्मिक एवं सामाजिक योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके विचार और प्रवचन समाज को जागरूक करने के साथ नैतिक मूल्यों को भी सशक्त करते हैं। उन्होंने देवी चित्रलेखा जी की भूमिका को समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाली बताते हुए कहा कि उनके प्रयास जनमानस के लिए प्रेरणादायी हैं। इस अवसर पर दोनों के बीच आध्यात्मिक चेतना के प्रसार, सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा और समाज में समरसता को प्रोत्साहित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हुई
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सुकमा के ग्रामीणों ने पहली बार राजधानी का किया भ्रमण, विधानसभा कार्यवाही देखकर हुए उत्साहित

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के दूरस्थ गांवों से आए युवाओं के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा। स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना के तहत नियद नेल्लानार योजना में शामिल सिलगेर, पूवर्ती, एलमागुंडा, लखापाल, शालातोंग, साकलेर, छोटेकेडवाल, बगडेगुड़ा और बेदरे जैसे गांवों के 119 युवा पहली बार अपने गांव से बाहर निकले और राजधानी रायपुर पहुंचे।इस शैक्षणिक भ्रमण के दौरान युवाओं ने रेलवे स्टेशन, छत्तीसगढ़ विधानसभा और वनवासी कल्याण आश्रम का दौरा किया। 
 
राजधानी आगमन के दौरान युवाओं ने छत्तीसगढ़ विधानसभा का भ्रमण किया और दर्शक दीर्घा में बैठकर सदन की कार्यवाही देखी, जिससे वे बेहद उत्साहित नजर आए। इस अवसर पर उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा से भेंट की। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने युवाओं से चर्चा करते हुए कहा कि युवा चाहें तो अपने गांव में अमन-चैन और विकास की रोशनी फैला सकते हैं। 

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने युवाओं से उनके गांव की स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने युवाओं को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उनके गांवों में पक्की सड़क, बिजली, शुद्ध पेयजल, राशन, चिकित्सा और आवास जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने युवाओं को सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की और कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में हम सभी मिलकर छत्तीसगढ़ को विकसित और समृद्ध राज्य बनाएंगे।
  
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने नियद नेल्लानार योजना के तहत गांवों के आर्थिक विकास के लिए विशेष रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि इन गांवों के निकट नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं, जिससे माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सके और शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सभी तक पहुंचे। 
 
उल्लेखनीय है कि आजादी के 75 साल बाद पहली बार अपने गांव से बाहर निकल कर राजधानी पहुंचे अनेक ग्रामीणों ने प्रदेश की प्रगति को नजदीक से देखा और भविष्य में अपने गांवों के विकास में योगदान देने की इच्छा व्यक्त की। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार यह सुनिश्चित कर रही है कि छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में दूरस्थ क्षेत्रों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचे और वहां के लोग विकास की मुख्यधारा से जुड़ें। राज्य सरकार प्रदेश के माओवाद प्रभावित इलाकों में तेजी से बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के लिए कार्य कर रही है। 

राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ अब इन दूरस्थ गांवों तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे युवाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। सरकार द्वारा चलाई जा रही स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना और नियद नेल्ला नार योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे ग्रामीण युवाओं को प्रदेश की विकास प्रक्रिया से जोड़ने में मदद मिल रही है। यह पहल न केवल इन गांवों के युवाओं के लिए एक नई आशा की किरण लेकर आई है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ के उज्जवल भविष्य की भी झलक देती है।
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से की सौजन्य भेंट

मुख्यमंत्री  साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू उपस्थित थे
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात, विकास कार्यों और नक्सल उन्मूलन पर हुई चर्चा

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी से मुलाक़ात कर राज्य के विकास संबंधी विस्तृत चर्चा की। इस दौरान उन्होंने बस्तर विकास के मास्टर प्लान का खाका प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया। इस बैठक में मुख्यमंत्री साय ने बस्तर विकास का मास्टर प्लान प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के समक्ष प्रस्तुत किया, जिसमें नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को बुनियादी सुविधाओं, उद्योगों और पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की रूपरेखा शामिल थी। प्रधानमंत्री ने इस योजना पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए राज्य सरकार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री को बताया कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। सुरक्षा बलों की संगठित रणनीति एवं जनभागीदारी के चलते नक्सल प्रभावित इलाकों में तेजी से बदलाव आ रहा है। उन्होंने बताया कि पुलिस और केंद्रीय बलों के संयुक्त प्रयासों से कई नक्सल गढ़ों में विकास की किरण पहुंची है, जिससे जनता का विश्वास सरकार की योजनाओं में और मजबूत हुआ है। सरकार का अब पूरा ध्यान बस्तर को नए औद्योगिक और आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करने पर है, जिससे युवाओं को रोजगार और आदिवासी समुदायों को बेहतर जीवन स्तर मिल सके।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री साय ने राज्य की नई औद्योगिक नीति और निवेशकों की बढ़ती रुचि पर भी विस्तृत चर्चा की। 
मुख्यमंत्री ने बताया कि निवेश को आसान बनाने के लिए सरकार ने सिंगल विंडो क्लीयरेंस, टैक्स छूट और अनुकूल नीतियों को लागू किया है, जिससे बड़ी कंपनियां छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आकर्षित हो रही हैं।

मुख्यमंत्री साय ने इस मुलाकात में महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत महिला स्वयं सहायता समूहों को मजबूत किया जा रहा है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।

मुख्यमंत्री ने बैठक में बस्तर की ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी प्रधानमंत्री को दी। उन्होंने बताया कि बस्तर के महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से हजारों महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। लघु वनोपज, जैविक कृषि, हथकरघा, बांस उद्योग और हस्तशिल्प को प्रोत्साहित कर महिलाओं को न केवल आजीविका के साधन मिल रहे हैं, बल्कि वे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बना रही हैं। इसके अलावा, स्टार्टअप्स और छोटे उद्योगों के माध्यम से बस्तर की महिलाओं को उत्पादन और विपणन से जोड़ने की पहल की जा रही है, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर राज्य की आर्थिक प्रगति में योगदान दे सकें।


प्रधानमंत्री का छत्तीसगढ़ दौरा, बड़े विकास कार्यों का होगा शुभारंभ

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री  साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 30 मार्च को प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरे की रूपरेखा साझा की। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री राज्य में विभिन्न महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री ने इस दौरे को लेकर की जा रही तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की और प्रधानमंत्री को छत्तीसगढ़ में चल रही विकास योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया।
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से राज्य के सांसदों ने की सौजन्य भेंट

 मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय से आज नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में सांसद  महेश कश्यप, कमलेश जांगड़े एवं रूपकुमारी चौधरी ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री  साय ने सांसदों से अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों में विकास योजनाओं की प्रगति और आवश्यकताओं पर फीडबैक लिया और केंद्र सरकार से जुड़ी आवश्यक पहल को प्राथमिकता देने की बात कही। इस दौरान सांसदों ने मुख्यमंत्री साय से राज्य के विकास, केंद्र-राज्य समन्वय, और क्षेत्रीय आवश्यकताओं को लेकर चर्चा की।
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प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की सफलता के लिए अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी

कलेक्टर व जिला दण्डाधिकारी अवनीश शरण ने प्रधानमंत्री जी के 30 मार्च के मोहभठ्ठा, जिला बिलासपुर प्रवास को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें प्रधानमंत्री जी के प्रवास प्रोटोकॉल (ब्लू बुक) के अनुरूप दायित्व सौंपकर 27 तरीख तक कार्यपूर्णता प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा है।

जारी विभिन्न आदेशो के अनुसार डीएफओ को मांग के अनुरूप बैरिकेडिंग के लिए पर्याप्त मात्रा में बांस, बल्ली की व्यवस्था करना, कार्यक्रम स्थल, पार्किंग एवं हेलीपेड के आस-पास मधुमक्खी के छत्ते को हटाने एवं पेड़ों की छटाई की व्यवस्था करना तथा जीव जन्तुओं, सर्प आदि से सुरक्षा हेतु आवश्यक कार्रवाई करने की जवाबदारी सौंपी गई है। कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग क्रमांक एक एवं दो को सुरक्षा मानकों के अनुरूप मंच, हेलीपेड, ग्रीन रूम, सेफ हाऊस, बैरिकेडिंग, पण्डाल, डोम एवं उपयुक्तता तथा सुरक्षा प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना, कार्यक्रम स्थल हेलीपेड स्थल तथा पार्किग में बेरिकेडिंग का कार्य सुनिश्चित करना तथा सभी हेलीपेड के अक्षांश एवं देशांतर की जानकारी प्रस्तुत करना तथा समस्त सर्किट हाऊस में आवश्यक मरम्मत व साज-सज्जा कर तैयार करना होगा। सर्किट हाऊस बिल्हा को अति विशिष्ट व्यक्ति के अनुरूप तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

 
 
 

कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग विद्युत यांत्रिकी को कार्यक्रत स्थल में लगाये गये माईक, साउण्ड पॉवर बैक अप सहित एवं विद्युत व्यवस्था की जांच कर सुरक्षा मानकों के अनुरूप माईक/ साउण्ड एवं विद्युत व्यवस्था करना और उपयुक्तता एवं सुरक्षा प्रमाण पत्र उपलब्ध कराना। अधीक्षण यंत्री एवं कार्यपालन यंत्री विद्युत विभाग को निर्बाध गति से विद्युत संचालन की व्यवस्था, विद्युत लाईन का रख-रखाव, क्षमता अनुरूप जनरेटर की व्यवस्था, बिद्युत लाईन के आस-पास आने वाले पेड़ों की कटाई-छटाई, विद्युत व्यवस्था की जांच कर सुरक्षा मानकों के अनुरूप विद्युत व्यवस्था किये जाने का प्रमाण पत्र उपलब्ध कराना होगा। स्वास्थ्य विभाग के सीएमएचओ को मानक अनुरूप एम्बुलेंस एवं मय चिकित्सा दल सहित उपलब्ध कराना, आपात कालीन चिकित्सा हेतु बेस चिकित्सालय की व्यवस्था एवं सिम्स हास्पिटल में चिकित्सा व्यवस्था को सुनिश्चित कराना, व्हीआईपी प्रवास के दौरान लिबरी ड्यूटी लगाना एवं व्हीआईपी के लिए खाद्य सामग्री गुणवत्ता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना, व्हीव्हीआईपी चिकित्सा हेतु अपोलो अस्पताल में आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित कराना होगा।

 
 
 

जिला सेनानी होम गार्ड को सभी हेलीपेड, मंच, पार्किंग एवं आम जन के क्षेत्र में आवश्यकता नुसार अग्निशमन की व्यवस्था कराना, ईई पीडब्ल्यूडी विभाग से समन्वय कर सम्पूर्ण पण्डाल में फायर रिटाडिंग स्प्रे सुनिश्चित कराना। पीएचई विभाग के कार्यपालन अभियंता को आम जन के लिए पर्याप्त संख्या में जल युक्त शौचालय का इंतजाम कराना, बैठक स्थल एवं पार्किंग स्थल में विभागीय स्तर पर, सीईओ जनपद पंचायतों, सीएमओ नगरीय निकायों से समन्वय कर पर्याप्त मात्रा में पेयजल की व्यवस्था कराना। सीएमओ बिल्हा को सभी नगरीय निकायों से समन्वय कर सम्पूर्ण कार्यक्रम स्थल, हेलीपेड, पार्किंग स्थल पर कार्यक्रम के पूर्व एवं बाद साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित कराना होगाी। उपायुक्त आबकारी को अतिविशिष्ट अतिथियों के प्रवास के दौरान आने वाले समस्त हेलीकाप्टरों के पायलट्स हेतु गरिमा के अनुरूप आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने की जवाबदारी सौंपी गई है।

 
 
 

प्रधानमंत्री के आगमन को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से मोहभठ्ठा मैदान (बिल्हा) एवं आस-पास के इलाके को नो फ्लाईजोन घोषित किया जाता है। एसईसीएल एवं दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के विश्रामगृह को अधिग्रहित कर लिया गया है। आवश्यक साज-सज्जा एवं व्यवस्था के साथ प्रशासन को इसे सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। कार्यक्रम स्थल पर अस्थायी मोबाईल टॉवर एवं हॉटलाईन की व्यवस्था रहेगी। जिला दण्डाधिकारी ने एक आदेश जारी कर बीएसएनएल एवं रिलायंस जिओ कम्पनी को टॉवर खड़ करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने कहा है कि आमसभा में बड़ी संख्या में लोगों के आने की संभावना है। एक साथ बड़ी संख्या में लोगों का मोबाईल फोने के इस्तेमाल से नेटवर्क कमजोर हो जाता है। इससे कॉल ड्राप एवं फोन कनेक्ट नहीं होने जैसी असुविधा लोगों को हो सकती है। इसके निदान के लिए मोहभठ्ठा के खुले मैदान में पर्याप्त संख्या में अस्थायी मोबाईल टॉवर खड़ा किये जाएं। कार्यक्रम स्थल एवं बिल्हा रेस्ट हाऊस में हॉटलाईन सुविधा भी स्थापित किया जाये। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि पीएम के आगमन के दौरान हेलीपेड एवं मंच पर रेपिड एन्टीजन कोविड टेस्ट का इंतजाम रखा जाए। मुख्य मंच, सेफ हाऊस एवं पीएम मुवमेन्ट वाले स्थानों को सेनिटाईज किया जाये।

 
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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय राष्ट्रीय कन्नौजिया सोनार महापरिवार के प्रतिभा सम्मान समारोह में हुए शामिल

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज जशपुर विकासखंड के श्याम पैलेस में आयोजित राष्ट्रीय कन्नौजिया सोनार महापरिवार जशपुर मंडल के प्रतिभा सम्मान समारोह में शामिल हुए। उन्होंने समाज को सामाजिक भवन के निर्माण के लिए 25 लाख रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की। इस अवसर पर उन्होंने कक्षा 10वीं और 12वीं में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले, आईआईटी और मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफलता पाने वाले होनहार छात्रों को प्रतीक चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।


सोनार समाज के सामाजिक कार्यों की सराहना

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि सोनार समाज सामाजिक सेवा के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य कर रहा है। उन्होंने विशेष रूप से निशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर, निर्धन बेटियों के विवाह, रक्तदान शिविर और वृक्षारोपण जैसे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज सेवा के ये प्रयास दूसरों के लिए भी प्रेरणादायक हैं और इससे पूरे समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

शिक्षा को बताया सबसे बड़ा हथियार, कमजोर परिवारों की मदद का आह्वान

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षा व्यक्ति के जीवन को नई दिशा देती है और उसके रहन-सहन को संवारती है। उन्होंने सोनार समाज से अपील की कि वे अपने बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाएं और कमजोर परिवारों के बच्चों को भी पढ़ाई में सहयोग दें। उन्होंने कहा कि शिक्षा सबसे बड़ा हथियार है, जिससे न केवल व्यक्ति का भविष्य उज्ज्वल होता है, बल्कि पूरे समाज की प्रगति सुनिश्चित होती है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उनकी सरकार को बने 15 महीने हो चुके हैं, और इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की गारंटी को पूरा करने के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, कृष्णा राय, डॉ. राम प्रताप सिंह, श्री विजय आदित्य सिंह जूदेव, सोनार समाज के जिला अध्यक्ष श्री विकास सोनी सहित बड़ी संख्या में सोनार समाज के लोग उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री श्री साय ने बार काउंसिल के जीर्णोद्धार एवं ई-लाइब्रेरी निर्माण के लिए 1 करोड़ रुपए प्रदान करने की घोषणा की

 जशपुर जिला व्यवहार न्यायालय में आयोजित जिला अधिवक्ता संघ के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई और उन्हें न्यायिक सेवा के प्रति समर्पण का संकल्प दिलाते हुए शुभकामनाएं दीं। समारोह में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री मंसूर अहमद, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री जनार्दन खरे, विधायक श्रीमती गोमती साय और श्रीमती रायमुनी भगत सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।


शपथ ग्रहण करने वालों में अध्यक्ष श्री ओम प्रकाश साय, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री जनार्दन प्रसाद सिन्हा, कनिष्ठ उपाध्यक्ष श्रीमती दीपिका कुजूर, सचिव श्री सत्य प्रकाश तिवारी, सह सचिव श्री सूरज चौरसिया, कोषाध्यक्ष श्री सुचेन्द्र कुमार सिंह, ग्रंथपाल श्री गोपाल प्रसाद रवानी और क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक सचिव श्री सत्येन्द्र जोल्हे शामिल थे। मुख्यमंत्री  श्री साय ने अधिवक्ता संघ के सभी पदाधिकारियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि न्यायपालिका लोकतंत्र की रीढ़ है और अधिवक्ताओं की इसमें प्रमुख भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं को पूरी प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ न्याय प्रक्रिया को तेज करने में योगदान देना चाहिए, ताकि समाज के सबसे वंचित तबके को भी न्याय सुलभ हो सके।

जशपुर अधिवक्ता संघ की ऐतिहासिक भूमिका और न्याय की परंपरा

मुख्यमंत्री श्री साय ने जशपुर जिला अधिवक्ता संघ के ऐतिहासिक योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि यह संघ हमेशा से सामाजिक न्याय और विधिक सेवा में अग्रणी रहा है। उन्होंने श्री भारतचंद काबरा, श्री बालासाहेब देशपांडे और श्री नरहरि साय जैसी विभूतियों का स्मरण करते हुए कहा कि इन सभी ने शोषित, पीड़ित और वंचित लोगों को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने अधिवक्ताओं से आह्वान किया कि वे इस परंपरा को बनाए रखते हुए लोगों के अधिकारों की रक्षा करें और उनके लिए न्याय की राह को सुगम बनाएं।

बार काउंसिल के जीर्णोद्धार एवं ई-लाइब्रेरी के लिए 1 करोड़ रुपये की घोषणा

मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिवक्ताओं के लिए सुविधा और संसाधनों को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए बार काउंसिल के जीर्णोद्धार और ई-लाइब्रेरी के निर्माण हेतु 1 करोड़ रुपये की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के इस दौर में ई-लाइब्रेरी से अधिवक्ताओं और कानून के छात्रों को नवीनतम विधिक जानकारी और अद्यतन संदर्भ सामग्री तक सहज पहुंच प्राप्त होगी। इससे न्यायिक प्रक्रियाओं में दक्षता बढ़ेगी और नए अधिवक्ताओं को अध्ययन व अनुसंधान के बेहतर अवसर मिलेंगे।

न्यायपालिका और अधिवक्ता संघ का अटूट रिश्ता – प्रधान जिला न्यायाधीश

इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री मंसूर अहमद ने कहा कि न्यायपालिका और अधिवक्ता संघ के बीच अटूट रिश्ता है, और दोनों को मिलकर समाज में न्याय और विधि व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कार्य करना  चाहिए। उन्होंने अधिवक्ताओं को न्याय की गरिमा बनाए रखने और विधिक सेवा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने की अपील की। 

इस अवसर पर वक्ताओं ने अधिवक्ताओं की समाज में भूमिका, विधिक सहायता की आवश्यकता और न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के उपायों पर विचार साझा किए।

शपथ ग्रहण समारोह में कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, पवन साय, कृष्ण कुमार राय, रामप्रताप सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिवक्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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राज्य सरकार युवाओं को बनाएगी पायलट, हर संभव सहायता होगी उपलब्ध

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर जिले के आगडीह हवाई पट्टी में 3 सीजी एयर स्क्वाड्रन एनसीसी रायपुर के कैडेट्स से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कैडेट्स के अनुभव सुने और जशपुर में पहली बार शुरू हुए विमान उड़ान प्रशिक्षण को एक ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने कहा कि जशपुर अब केवल पर्यटन और प्राकृतिक सौंदर्य का केंद्र नहीं, बल्कि विमानन प्रशिक्षण का नया हब भी बन रहा है।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को हर क्षेत्र में करियर निर्माण के लिए आवश्यक संसाधन और अवसर प्रदान करने के लिए संकल्पबद्ध है। अब युवा पायलट बनने का भी सपना साकार कर सकते हैं, जिसके लिए सरकार हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर माइक्रो लाइट एयर स्क्वाड्रन विमान का अवलोकन किया और उसकी तकनीकी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कैडेट्स को जशपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण करवाया जाए, ताकि वे जिले के प्राकृतिक सौंदर्य और जैव विविधता से परिचित हो सकें। उन्होंने यह भी बताया कि जशपुर में काजू, चाय पत्ती, नाशपाती और सेब की खेती बड़े पैमाने पर हो रही है, जिससे यहां की कृषि को नया आयाम मिला है।

पहली बार जशपुर में विमान उड़ान प्रशिक्षण, 100 कैडेट्स को मिलेगा अवसर

जशपुर जिले में 7 मार्च 2025 से कैडेटों को सुबह विमान उड़ाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण के दौरान विमान आकाश में उड़ान भरने के बाद सुरक्षित लैंड करता है, जिससे कैडेट्स को व्यावहारिक अनुभव मिलता है। रायपुर से बाहर पहली बार जशपुर जिले में इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है, जिससे कैडेट्स में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।

ट्विन-सीटर SW-80 विमान से दी जा रही ट्रेनिंग

आगडीह हवाई पट्टी की लंबाई 1200 मीटर और चौड़ाई 25 मीटर है। यहां सिंगल इंजन ट्विन-सीटर वायरस SW-80 विमान से कैडेट्स को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जो 20,000 फीट की अधिकतम ऊंचाई तक उड़ सकता है। हालांकि, फिलहाल प्रशिक्षण के लिए 1,000 फीट की ऊंचाई तक ही उड़ान संचालित की जा रही है।

कमांडिंग ऑफिसर ने बताया कि एनसीसी एयर विंग के "सी" सर्टिफिकेट में उच्च ग्रेडिंग प्राप्त करने वाले कैडेट्स सीधे एयरफोर्स इंटरव्यू के लिए पात्र माने जाते हैं, जिससे यह प्रशिक्षण उनके सुनहरे भविष्य की नींव रखता है।

कैडेट्स का उत्साह – "एयरफोर्स पायलट बनने का सपना साकार होगा"

प्रशिक्षु नितेश प्रजापति ने बताया कि जशपुर का स्वच्छ और खूबसूरत वातावरण उड़ान प्रशिक्षण के लिए बहुत उपयुक्त है। उन्होंने कहा,
"मेरा सपना एयरफोर्स पायलट बनने का है, और यह प्रशिक्षण मुझे उस दिशा में आगे बढ़ने में मदद करेगा।"

इसी तरह प्रांशु चौहान ने बताया कि जशपुर में एयर ट्रैफिक साफ-सुथरा रहता है, जिससे उड़ान में कोई बाधा नहीं आती। रनवे भी पूरी तरह से क्लियर रहता है, जिससे प्रशिक्षण बिना किसी रुकावट के संचालित हो रहा है। उन्होंने कहा,
"प्राकृतिक सुंदरता के बीच प्रशिक्षण लेना हमारे लिए हमेशा यादगार रहेगा।"

इस अवसर पर सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, सरगुजा कमिश्नर श्री नरेंद्र कुमार दुग्गा, आईजी श्री अंकित गर्ग, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित थे।
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नक्सल प्रभावित गांव के 75 घरों में पहली बार पहुंची बिजली

 मुख्यमंत्री  श्री  विष्णु  देव  साय की  पहल पर  नक्सल प्रभावित  गाँवों में बुनियादी  सुविधाएं उपलब्ध कराने  के लिए शुरू की   गई  नियद नेल्ला नार  योजना  से विकास  की रोशनी  पहुंचने  लगी है। इसी  के तहत  सुकमा जिले के  अंतिम ब्लॉक कोंटा के पूवर्ती कैंप अंतर्गत नियद नेल्ला नार ग्राम पंचायत पेंटाचिमली के ग्राम टेकलगुड़ियम के 75 घर आजादी के  बाद  पहली  बार बिजली की रौशनी से दमकने लगे हैं। वहां के निवासियों के जीवन में नई रोशनी आई है। शासन की नियद नेल्लानार योजना के तहत इस क्षेत्र में विद्युतीकरण पूरा किया गया है जिससे अब यहां के लोगों का जीवन और आसान हो सकेगा। इस महत्त्वपूर्ण परियोजना के सफल क्रियान्वयन में विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री जेकेरकेट्टा एवं उनकी टीम का विशेष योगदान रहा। उन्होंने गांव तक बिजली पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता और मेहनत से कार्य किया। वर्षों से बुनियादी सुविधाओं से वंचित टेकलगुड़ियम के लोगों के लिए यह ऐतिहासिक क्षण रहा। जब गांव में पहली बार बिजली के बल्ब जले तो ग्रामीणों की आंखों में खुशी झलक उठी।


छत्तीसगढ़ सरकार दूरस्थ और माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से विकास कार्य कर रही है। बिजली के अलावा सड़क, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। इस पहल से यह साबित हो रहा है कि विकास सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं
, बल्कि ग्रामीण और
संवेदनशील इलाकों को भी इसका पूरा लाभ दिया जा रहा है। टेकलगुड़ियम के ग्रामीणों का कहना है कि अब वे भी विकास की मुख्यधारा में शामिल हो सकेंगे। स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों ने भी आश्वासन दिया कि आने वाले समय में अन्य जरूरी सुविधाएं भी गांव में मुहैया कराई जाएंगी।

शिक्षा और विकास को मिलेगी गति

बिजली की सुविधा मिलने से गांव में अब कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे। बच्चों की पढ़ाई अब पहले से बेहतर हो सकेगी, क्योंकि अब वे रात में भी रोशनी में अध्ययन कर सकेंगे। इसके अलावा छोटे स्तर पर व्यापार और उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा। बिजली आने से डिजिटल सेवाओं का विस्तार होगा, जिससे गांव के लोग सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ आसानी से उठा सकेंगे।
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