राज्यपाल श्री डेका को मुख्यमंत्री श्री साय ने दी होली की शुभकामनाएं
राज्यपाल श्री रमेन डेका से मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राजभवन में भेंट कर होली की शुभकामनाएं दी।
राज्यपाल श्री रमेन डेका से मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राजभवन में भेंट कर होली की शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को रंगों और उल्लास के महापर्व होली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने इस पावन अवसर पर सभी नागरिकों के जीवन में सुख, समृद्धि, आनंद और परस्पर प्रेम की कामना की है।
होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने का अवसर भी है। यह पर्व हमें छोटी-छोटी अनबन को भुलाकर नए सिरे से दोस्ती की शुरुआत करने की प्रेरणा देता है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित होली मिलन समारोह में यह बात कही।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल और स्वास्थ्य मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल के दिशानिर्देश पर होली के त्योहार को ध्यान में रखते हुए अम्बेडकर अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने की व्यवस्था की गई है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में रहने के लिए निर्देशित किया है।
विधानसभा में बाद वन एवं जलवायु परिवर्तन, सहकारिता व कौशल विकास मंत्री केदार कश्यप के विभागों से संबंधित वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 5954 करोड़ 41 लाख 12 हजार रूपए की अनुदान मांगे सर्वसम्मति से पारित की गई। इसमें वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के लिए 2541 करोड़ 28 लाख 60 हजार रूपए, सहकारिता विभाग के लिए 342 करोड़ 70 लाख 22 हजार रूपए, जल संसाधन विभाग के लिए 1693 करोड़ 96 लाख रूपए, लघु सिंचाई निर्माण कार्य के लिए 874 करोड़ 51 लाख 55 हजार रूपए, जल संसाधन विभाग से संबंधित विदेशों से सहायता प्राप्त परियोजनाओं के लिए 57 करोड़ रूपए, जल संसाधन विभाग से संबंधित सहायता प्राप्त परियोजनाओं के लिए 308 करोड़ 71 लाख रूपए, तथा राज्य कौशल विकास योजना के लिए 29 करोड़ 41 लाख रूपए और राज्य विधानमंडल के लिए 106 करोड़ 82 लाख 75 हजार रूपए शामिल है।
वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग
मंत्री कश्यप ने अनुदान मांगों की चर्चा के दौरान कहा कि वनों, जल स्रोतों, वन्यप्राणियों तथा समस्त जीव-जन्तुओं तथा वन में देवी-देवताओं का विराजमान होता है। विशेषकर आदिवासी समुदाय तथा ग्रामवासी प्रकृति का पूजा-अराधना करते हैं, इससे राज्य में वनों का संरक्षण और संवर्धन हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के प्रयास और सभी वर्गों के सहयोग से छत्तीसगढ़ में वन का भौगोलिक क्षेत्रफल बढ़कर 44.253 प्रतिशत हो गया है, जो देश में वन आवरण की दृष्टि से तीसरे स्थान पर है।
मंत्री कश्यप ने सदन में कहा कि हमारी सरकार ने तेन्दूपत्ता संग्राहकों के लिए प्रति मानक बोरा 4000 से बढ़ाकर 5500 रूपए कर दिया है। इससे संग्राहकों को 233 करोड़ रूपए से अधिक राशि प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि गुरुघासीदास तमोर पिंगला जो 2829.387 वर्ग किलोमीटर में विस्तारित देश का सबसे बड़ा टाईगर रिजर्व है। इस वित्तीय वर्ष में टाईगर रिजर्व के विकास हेतु बजट में 27 करोड़ 46 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है।
उन्हांेने बताया कि संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन द्वारा ग्रामीण पर्यटन हेतु 20 गांवों का चयन किया गया है। जिसमें बस्तर के धुड़मारास गांव को भी शामिल किया गया है। राज्य सरकार ने धुड़मारास गांव को पर्यटन केन्द्र के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार द्वारा किसान वृक्ष मित्र योजना के तहत वन क्षेत्रों में वृहद स्तर पर वृक्षारोपण किया जा रहा है, जिसके परिणाम स्वरूप वन आवरण में 683 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि हुई है। इस योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 2 करोड़ 25 लाख पौधों का रोपण किया गया है।
मंत्री कश्यप ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के मंशा एवं मुख्यमंत्री साय के मार्गदर्शन में धरती मां एवं मां की याद में “एक पेड़ मां के नाम” योजनांतर्गत राज्य में 3 करोड़ 50 लाख 73 हजार पौधे का रोपण तथा वितरण किया गया है। इस योजना में छत्तीसगढ़ महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों को भी जोड़ा गया है। वर्ष 2025 में 4 करोड़ पौधों का रोपण एवं वितरण का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि बिगड़़े वनों के सुधार हेतु इस वित्तीय वर्ष में 310 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान रखा गया है। बांस आधारित कुटीर उद्योगों की स्थापना हेतु 80 करोड़ रूपए, भू-गर्भीय जल स्तर में वृद्धि के लिए 34 करोड़ रूपए, नदी तटों में वृक्षारोपण के लिए 7 करोड़ 48 लाख रूपए तथा राजमार्गों व ग्रामीण मार्गों के किनारे वृक्षारोपण हेतु 7 करोड़ 11 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। इसी प्रकार हाथी-मानव द्वंद से ग्रामीणों को बचाने और हाथी विचरण की जानकारी “हमर हाथी हमर गोठ” के माध्यम से उपलब्ध कराने हेतु 2 करोड़ 39 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है।
जल संसाधन विभाग
जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप ने सदन में बताया कि सरकार ने विकसित छत्तीसगढ़ हेतु जल संसाधन विभाग अंतर्गत वॉटर विजन-2047 के लिए एजेंडा तय किया है, जिसमें जल उपयोग की क्षमता को बढ़ाकर निर्मित सिंचाई क्षमता तथा वास्तविक सिंचाई के अंतर में 2 लाख हेक्टेयर कमी करने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि सरगुजा तथा बस्तर संभागों में नवीन सिंचाई योजना के निर्माण से 2 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में अतिरिक्त सिंचाई क्षमता का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही रबी फसलों की सिंचाई का रकबा भी एक लाख हेक्टेयर तक बढ़ाने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में नदी जोड़ों अभियान के तहत विभिन्न नदियों को जोड़ने हेतु इंटरलिंकिंग परियोजनाएं बनाई जाएंगी। इनमें इन्द्रावती-महानदी लिंक परियोजना, केवई-हसदेव नदी लिंक परियोजना, अहिरन-खारंग लिंक परियोजना प्रमुख है। उन्होंने बताया कि जल संसाधन विभाग के बजट प्रावधान में उत्तरोत्तर वृद्धि हुई है। इस वर्ष के वित्तीय वर्ष में विभाग के लिए 3 हजार करोड़ रूपए से अधिक का बजट प्रावधान रखा गया है। मंत्री कश्यप ने सदन में बताया कि राज्य में सिंचाई क्षमता सृजन हेतु पहली बार वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1109 योजना-कार्यों हेतु 700 करोड़ का प्रावधान नवीन मद के तहत किया गया है। इन योजनाओं के पूर्ण होने से सिंचाई क्षमता में वृद्धि होगी।
उन्होंने कहा कि आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में सिंचाई क्षमता वृद्धि के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। साथ ही बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर में नवीन मुख्य अभियंता कार्यालय खोला जाकर सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
सहकारिता विभाग
सहकारिता मंत्री कश्यप ने सदन में चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि इस बजट में सहकारिता विभाग के विभिन्न योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए 342 करोड़ 70 लाख 22 हजार रूपए प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार ने प्रदेश के किसानों को पैक्स समितियों के माध्यम से 5 लाख रूपए तक की अल्पकालीन कृषि ऋण निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी तरह मत्स्य एवं उद्यानिकी किसानों को 3 लाख रूपए तक की निःशुल्क ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। गत वर्ष राज्य के 15 लाख 21 हजार से अधिक किसानों को 7709 करोड़ रूपए का अल्पकालीन ऋण सहकारी समितियों से उपलब्ध कराया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में कृषक ऋण ब्याज दर युक्तियुक्तकरण हेतु 250 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है।
मंत्री कश्यप ने कहा कि हमारी सरकार द्वारा “सहकार से समृद्धि” की संकल्पना के तहत गठित किए जाने वाले नवीन पैक्स के संचालन तथा कर्मचारियों पर होने वाले व्यय संबंधी आवश्यकताओं के लिए 7 करोड़ 50 लाख का प्रबंधकीय अनुदान का प्रावधान भी रखा है। इसी तरह सहकारी बैंकों एवं समितियों के साख में वृद्धि तथा व्यवसाय हेतु अंशपंूजी में निवेश के लिए 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि इस नए वित्तीय वर्ष में 500 नवीन पैक्स का गठन किया जाएगा। इन नवीन समितियों को सक्षम बनाने के लिए प्रति समिति एक लाख 50 हजार रूपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि नवीन पैक्स समितियों के कार्य करने के लिए सक्षम बनाने हेतु आधारभूत संरचना निर्माण के लिए 200 मीट्रिक टन क्षमता वाले गोदाम सह कार्यालय भवन निर्माण (प्रति गोदाम 26 लाख रूपए) इस तरह 96 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। मंत्री कश्यप ने बताया कि भारत सरकार की केन्द्र परिवर्तित योजना “डिजिटाईजेशन ऑफ प्राईमरी एग्रीकल्चर को-ऑपरेटिव्ह सोसाइटिस” के अंतर्गत राज्य के पंजीकृत 2028 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों का कम्प्यूटरीकरण किया जा रहा है। समितियों के काम-काज में पारदर्शिता लाने तथा किसानों को उनके खाते की सही जानकारी उपलब्ध करानेे के लिए 63 करोड़ 61 लाख प्रावधान किया गया है। इसी तरह पैक्स कम्प्यूटरीकरण हेतु 24 करोड़ 41 लाख का भी प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि सहकारी समितियों के पंजीयन, उपविधि में संशोधन, विवाद समाधान एवं अन्य विषयों से संबंधित प्रक्रियों को सुगम, पारदर्शी और पेपरलेस बनाने हेतु इस परियोजना की लागत 2 करोड़ 72 लाख 38 हजार रूपए है। इस वित्तीय वर्ष में इसके लिए एक करोड़ 95 लाख 40 हजार रूपए का प्रावधान किया गया है। अंतर्राष्ट्रीय सहकारी वर्ष 2025 के तहत प्रदेश में राज्य, जिला, ग्राम तथा समिति स्तर पर पूरे वर्ष जागरूकता संबंधी गतिविधियों एवं कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत सहकारिता का प्रचार-प्रसार, प्रशिक्षण, खेलकूद, मेला, उत्सव, प्रदर्शनी, झांकी एवं संगोष्ठियों का भी आयोजन किया जाएगा, जिसके लिए इस वित्तीय वर्ष 5 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान रखा गया है।
राज्य कौशल विकास
कौशल विकास मंत्री कश्यप ने सदन में कहा कि छत्तीसगढ़ में निवासरत 14 से 45 वर्ष आयु के युवाओं को उनकी स्वयं की रूचि के व्यवसाय में प्रशिक्षित कर स्व-रोजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ युवाओं के कौशल विकास के अधिकार अधिनियम 2013 लागू किया गया है। मुख्यमंत्री कौशल विकास योजनानांर्गत राज्य के युवाओं के कौशल प्रशिक्षण हेतु 352 संस्थाएं जिसमें 205 शासकीय एवं 147 अशासकीय व्यवसायिक संस्थाएं पंजीकृत हैं। इस वित्तीय वर्ष में इस योजना के लिए 29 करोड़ 41 लाख रूपए का प्रावधान रखा गया है। मंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्र के युवाओं को समाज के मुख्यधारा जोड़ने एवं उन्हें उनकी रूचि एवं योग्यता के अनुसार कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर उनके आजीविका के वृद्धि के लिए बस्तर संभाग के समस्त 7 जिलों में ब्लॉक स्तर पर कौशल विकास केन्द्र की स्थापना का निर्णय लिया गया है इसके लिए 4 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि नक्सल प्रभावित 14 जिलों के मुख्यालय में संचालित लाईवलीहुड कॉलेज के प्रशिक्षणार्थियों को भोजन आदि व्यवस्था के लिए 10 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसी तरह राज्य के 7 जिले दुर्ग, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई एवं मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी तथा नगर पंचायत भखारा भटेली में लाईवलीहुड कॉलेज निर्माण व जिला नारायणपुर में बालक छात्रावास के लिए 6 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि नक्सल प्रभावित गांवों तक बुनियादी सुविधाएं और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए संचालित नियद नेल्लानार योजना प्रारंभ की गई हैं। योजना के तहत बस्तर संभाग के घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थापित कैम्प के चिन्हांकित ग्रामों में कौशल प्रशिक्षण हेतु 3598 युवाओं का सर्वे किया गया है।
कानन पेंडारी जू में शनिवार की शाम बाघिन आनंदी ने जू कर्मचारी आशीष कौशिक पर हमला कर दिया। हमले में आशीष गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे तत्काल इलाज के लिए सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जू में 11 वर्षों से कार्यरत आशीष कौशिक नियमित रूप से वन्य प्राणियों की देखभाल और उनके केज की निगरानी करते हैं। शनिवार की शाम करीब 7 बजे, वे बाघिन के पिंजरे के पास गए और खिड़की से झांककर उसकी स्थिति देखने लगे। अंधेरा होने के कारण बाघिन नजर नहीं आई, और जैसे ही उन्होंने अपना हाथ खिड़की पर रखा, बाघिन ने झपट्टा मारकर उनके हाथ को जकड़ लिया।
करीब 20 मिनट तक बाघिन ने उनके हाथ को नहीं छोड़ा। इस दौरान, आशीष ने संयम बनाए रखा और मोबाइल से अपने सहकर्मियों को फोन कर मदद मांगी। सहकर्मियों के पहुंचने के बाद बाघिन ने उनका हाथ छोड़ा और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। सूत्रों के अनुसार, कुछ दिन पहले बाघ भीम की बीमारी के चलते मौत हो गई थी, जिसके कारण जू प्रशासन ने आनंदी को दूसरे केज में शिफ्ट कर दिया था। माना जा रहा है कि नए केज में बदलाव से बाघिन तनावग्रस्त और आक्रोशित थी। जू प्रबंधन ने घटना की पुष्टि की है और कहा कि घायल कर्मचारी का इलाज जारी है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ में उद्यमिता आयोग के गठन की घोषणा की है। यह आयोग राज्य में उद्यमशीलता की संस्कृति को मजबूत करेगा और रोजगार सृजन की संभावनाओं का अध्ययन करेगा। इसके तहत युवाओं के कौशल विकास और रोजगार प्रशिक्षण के लिए कार्य किया जाएगा।
जिले के पुजारी कांकेर में जवानों ने बड़ी कार्रवाई की। नक्सलियों की मांद में घुसकर उन्होंने उनका मनोबल तोड़ दिया है। जेसीबी से जवानों ने कई फीट ऊंचे स्मारक को ध्वस्त कर दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, जवानों ने नक्सलियों की मांद में घुसकर उनके बड़े स्मारक को ध्वस्त कर दिया। जवान बुलडोजर लेकर स्मारक स्थल तक पहुंचे थे। बता दें कि, इसी इलाके में कुछ दिनों पहले जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी जिसमें 12 हार्डकोर नक्सली मारे गए थे। बता दें कि, यह इलाका छत्तीसगढ़-तेलंगाना की सीमा पर है। जवानों ने यहां हाल ही में फॉरवर्ड आपरेटिंग बेस कैंप स्थापित किया है।
पिछले कुछ सालों में 300 से ज्यादा स्मारकों को किया जमीदोंज
आकंड़ों की बात करें तो बीते कुछ वर्षों में 300 से अधिक छोटे बड़े स्मारकों को जवान विस्फोट कर और बुलडोजर की मदद से जमीदोंज कर चुके हैं। नक्सल कैलेंडर के मुताबिक नक्सली वर्ष में 6 बार विभिन्न आयोजन करते हैं जिसमें मारे गए साथियों की याद में स्मारक बनाकर उन्हें याद किया जाता है। इस दौरान आस-पास के गावों के सैकड़ों ग्रामीणों को भी आमंत्रित किया जाता है और नक्सलियों की सीएनएन टीम द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुती दी जाती है। इसके पीछे नक्सलियों की मंशा यह होती है कि, इलाके के लोगों में संगठन की मजबूती को दिखाएं और नए युवाओं को प्रभावित कर संगठन में शामिल कर सकें।
कवर्धा पुलिस ने साइबर ठगी के लिए फर्जी सिम कार्ड सप्लाई करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से 85 नग सिम कार्ड बरामद किया है।
मिली जानकारी के अनुसार, दोनों आरोपी का नाम भूपेन्द्र जोशी और दुष्यंत जोशी है। दोनों सगे भाई हैै, जो सिम कार्ड बेचने का काम करते हैं। ग्राहकों की आईडी से फर्जी सिम कार्ड जारी करके साइबर ठगों को बेचता था।
फर्जी सिम कार्ड के माध्यम से 14 लाख अधिक की ठगी
डीएसपी कृष्ण कुमार चंद्राकार ने बताया कि, फर्जी सिम कार्ड के माध्यम से साइबर ठगों ने महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, झारखंड , राजस्थान जैसे राज्यों में ऑनलाइन ठगी की। अब तक इन फर्जी सिम कार्ड के माध्यम से 14 लाख से अधिक की ठगी साइबर ठगों ने की है।
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