छत्तीसगढ़ - Newsportal | Chhattisgarh Darpan Media Group

छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री की मौजूदगी में नगरीय ठोस अपशिष्ट से कंप्रेस्ड बायोगैस उत्पादन के लिए हुआ एमओयू

 छत्तीसगढ़ ने स्वच्छ पर्यावरण और नेट जीरो एमिशन के लक्ष्य को पाने की दिशा में बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में नगरीय ठोस अपशिष्ट से कंप्रेस्ड बायोगैस उत्पादन के लिए छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण, गेल इंडिया लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम और प्रदेश के 6 नगर निगमों के बीच ऐतिहासिक त्रिपक्षीय एमओयू संपन्न होने के अवसर पर यह बात कही। मुख्यमंत्री ने सभी संस्थाओं को इस विशेष एमओयू के लिए शुभकामनाएं दी और कहा कि यह कदम स्वच्छता, ऊर्जा उत्पादन और सतत विकास के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को एक नई पहचान दिलाएगी।
        मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास में आज एक और महत्वपूर्ण कड़ी जुड़ रही है। छत्तीसगढ़ में सतत योजना के अंतर्गत नगरीय ठोस अपशिष्ट से कम्प्रेस्ड बायोगैस उत्पादन की दिशा में हम तेजी से आगे बढ़ रहे है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत की थी और इसी पहल के माध्यम से देशवासियों में अपने परिवेश की स्वच्छता को लेकर व्यापक चेतना आई थी। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में स्वच्छता को लेकर बेहतर काम हो रहे हैं। नगरीय निकायों में इन संयंत्रो की स्थापना से शहरों को स्वच्छ-सुंदर बनाने का हमारा संकल्प पूरा होगा। जैव ईंधन के रूप में बायोगैस के उत्पादन से हमारी ऊर्जा की आवश्यकता भी पूरी होगी और वेस्ट टू एनर्जी की परिकल्पना भी साकार होगी। उन्होंने एमओयू में शामिल सभी संस्थाओं से संयंत्र की स्थापना के कार्य को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने का करने को कहा। 
        मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस एमओयू से पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता जैसे बड़े उद्देश्य की पूर्ति के साथ-साथ रोजगार भी सृजित होंगे। भारत सरकार के प्रतिष्ठित संस्थाओं के सहयोग से यह कार्य पूरा होगा और इस क्षेत्र में उनकी विशेषज्ञता का लाभ भी हमें मिलेगा। 
         उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और वेस्ट टू वेल्थ की दिशा में बड़े निर्णय लिए गए हैं। प्रदेश में स्वच्छता को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है और शहरों के लिए आज यह बहुत महत्वपूर्ण विषय हो गया है। हमारा लक्ष्य है कि नगर स्वच्छ, सुंदर और सुविधापूर्ण बने और भारत सरकार के प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ एमओयू से यह कार्य गुणवत्ता के साथ पूर्ण होगा। 
         एमओयू के दौरान मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस, गेल इंडिया, बीपीसीएल, छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण और 06 नगरीय निकायों के अधिकारी मौजूद रहे। 
 
              उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में सतत् योजना(Sustainable Alternative Towards Affordable Transportation) के अंतर्गत नगरीय ठोस अपशिष्ट से जैव ईंधन जैसे कि कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण (सीबीडीए) के निरंतर प्रयास से नगर पालिक निगम अंबिकापुर, रायगढ़, कोरबा,  बिलासपुर, राजनांदगांव और धमतरी में नगरीय ठोस अपशिष्ट से कम्प्रेस्ड बायोगैस संयंत्र की स्थापना हेतु सीबीडीए, गेल एवं बीपीसीएल के साथ आज त्रिपक्षीय एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया। इनमें नगर पालिक निगम अंबिकापुर, रायगढ़, कोरबा और सीबीडीए एवं गेल इंडिया लिमिटेड के बीच तथा नगर पालिक निगम बिलासपुर, धमतरी, राजनांदगांव और सीबीडीए एवं भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) के बीच समझौता हुआ।
 
   परियोजना की प्रमुख विशेषताएं
 
   इस एमओयू के माध्यम से  6 नगर पालिक निगमों के लगभग 350 मीट्रिक टन प्रतिदिन नगरीय ठोस अपशिष्ट एवं लगभग 500 मीट्रिक टन अधिशेष बायोमास का उपयोग जैव ईंधन उत्पादन के लिये किया जावेगा। इन 06 संयंत्रों से प्रतिदिन लगभग 70 मीट्रिक टन कंप्रेस्ड बायोगैस का उत्पादन होगा। इन परियोजनाओं में लगभग 600 करोड़ रुपये का निवेश पूर्ण रूप से GAIL और BPCL द्वारा किया जाएगा। इसी प्रकार संयंत्रों से होने वाले उत्पादन और बिक्री से राज्य को प्रतिवर्ष लगभग 6 करोड़ रुपये का जीएसटी प्राप्त होगा।
 
स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जैविक खेती और नेट जीरो एमिशन की दिशा में अग्रसर होगा प्रदेश
 
एमओयू के फलस्वरूप संयंत्रों की स्थापना से उत्पन्न सह-उत्पाद से जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा। कचरे के प्रभावी निपटान से ग्रीनहाउस गैस के उत्सर्जन में कमी आएगी और छत्तीसगढ़ नेट जीरो एमिशन प्राप्ति की दिशा में अग्रसर होगा।
और भी

छत्तीसगढ़ सरकार दे रही लाईफ टाईम रोड टैक्स पर एकमुश्त 50 प्रतिशत की छूट

अविभाजित मध्यप्रदेश में मुझे दो बार विधायक रहने का मौका मिला, इस दौरान मैंने 8 साल की विधायकी मोटरसाइकिल में की। लोगों से मिलना, उनकी समस्याओं को सुनना, अपने विधानसभा क्षेत्र का दौरा सब कुछ मोटरसाइकिल में ही किया। तब से अब तक बहुत परिवर्तन हो गया है। छत्तीसगढ़ में किसानों की आय बढ़ने का लाभ ऑटोमोबाइल उद्योग सहित पूरी अर्थव्यवस्था को मिल रहा है। इसका असर हर क्षेत्र में दिख रहा है। राज्य में ऑटो सेक्टर भी तेजी से बढ़ रहा है। आज यातायात के साधनों की संख्या बहुत बढ़ गई है। इसलिए सुरक्षित यातायात के लिए सड़क पर वाहन चलाते हुए ट्रैफिक नियमों का पालन करना आवश्यक है। यातायात नियमों की जानकारी हम सभी को होनी चाहिए। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के साइंस कालेज ग्राउण्ड में आयोजित राडा ऑटो एक्सपो 2025 का उद्घाटन करते हुए यह बात कही। 
 
मुख्यमंत्री साय ने ऑटो एक्सपो 2025 के आयोजन की प्रशंसा करते हुए कहा कि पिछले साल ऑटो एक्सपो में 10 हजार से ज्यादा वाहन बिके थे। इस साल भी वाहनों के लाईफ टाईम रोड टैक्स पर एकमुश्त 50 प्रतिशत की छूट दिए जाने का निर्णय राज्य सरकार द्वारा लिया गया है। इस निर्णय के बाद मुझे लगता है ऑटो एक्सपो में वाहनों की बिक्री का आंकड़ा 20 हजार तक पहुंच जाएगा। मुख्यमंत्री ने एक्सपो ने आयोजकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह बहुत अच्छी बात है कि ऑटो एक्सपो के आयोजन में हर तरह की जरूरतों की अलग-अलग श्रेणियों के वाहनों को एक जगह पर खरीदा जा सकता है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा प्रदेश में अन्नदाताओं को धान का सबसे ज्यादा दाम मिल रहा है। इसका असर हर क्षेत्र में दिख रहा है। राज्य में ऑटो सेक्टर भी तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले साल 24 लाख 72 हजार किसानों ने 145 लाख मीट्रिक टन धान का विक्रय किया था। इस वर्ष यह आंकड़ा भी रिकॉर्ड पार कर जाएगा। इस साल 27 लाख से ज्यादा पंजीकृत किसानो से लगभग 160 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन संभावित है। 
 
विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने कहा कि एक समय था जब छत्तीसगढ़ को आर्थिक रूप से पिछड़ा राज्य माना जाता था। आज अपनी 25 वर्ष की यात्रा में छत्तीसगढ़ अपने पैरों पर खड़ा है। 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर किसानों से धान की खरीदी छत्तीसगढ़ सरकार कर रही है। किसान के घर में खुशहाली आने से सभी की प्रगति होती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की पहल पर सड़कों का जाल छत्तीसगढ़ में बिछाया जा रहा है। बहुत तेजी से छत्तीसगढ़ में सड़कों का निर्माण हो रहा है। दूसरी ओर एक्सीडेंट्स भी बढ़ रहे हैं, इसे रोकना हम सभी के लिए जरुरी है। हमें सड़क पर चलते वक्त सभी नियमों का पालन और सुरक्षा के उपाय जरुर अपनाने चाहिए।
 
सांसद  बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि ऑटोमोबाइल कनेक्टिविटी का सबसे अहम जरिया हैं। छत्तीसगढ़ में किसानों के खाते में सीधे पैसा आने से छत्तीसगढ़ में ऑटोसेक्टर बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में 50 प्रतिशत रोड टैक्स में लाइफटाइम की छूट का लाभ बड़ी संख्या में मध्यमवर्गीय परिवारों को मिलेगा। वाहनों की बिक्री के साथ जीवन की सुरक्षा भी बहुत जरूरी है। लोगों को जागरूक कर के ही हम सड़क सुरक्षा को लागू कर सकते हैं।
 
मुख्यमंत्री ने ऑटो एक्सपो में होंडा एसपी 125 और ऑडीक्यु 7 वाहनों को लांच किया और सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहे लोगों को सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर ऑटो एक्सपो में सड़क सुरक्षा पोस्टर का विमोचन किया। इस अवसर पर रोड सेफ्टी के लिए रायपुर ऑटोमोबाइल डीलर एसोसिएशन द्वारा 5 लाख की राशि सीएसआर के तहत दी गयी। मुख्यमंत्री ने ऑटो एक्सपो के पहले कस्टमर को वाहन की चाबी भी सौंपी।
और भी

वाहन चलाते समय यातायात नियमों का करें अवश्य पालन - मुख्यमंत्री साय

प्रदेश में मनाये जा रहे 36वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के दौरान आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हेलमेट लगाकर बाईक चलाते हुए प्रदेशवासियों को हेलमेट लगाने और यातायात के नियमों के नियमों का पालन करने का संदेश दिया। 
 
मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर के रोहणीपुरम गोल चौक पहॅुंचकर बाईक रैली में हिस्सा लिया। उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों के साथ साथ चार पहिया वाहन चालकों से भी यातायात नियमों का पालन करने की अपील की। इस दौरान श्री साय ने हरी झण्डी दिखाकर भव्य बाईक रैली को रवाना भी किया। रैली के दौरान स्वंयसेवी संस्थाओं ने नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से यातायात नियमों का पालन करने से होने वाले फायदों के बारे में भी लोगों को जागरूक किया गया।
 
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि मनुष्य का जीवन अत्यंत अनमोल है। मनुष्य के  अपने परिवार और समाज के प्रति  दायित्व होते हैं, जिनका उनको निर्वहन करना होता है। उन्होंने कहा कि हम सभी अपने अपने परिवार के लिए अनमोल हैं जिसकी जगह कोई अन्य कभी नहीं ले सकता।  इसलिए स्वयं को और अपने परिवार के सदस्यों को सुरक्षित रखना हमारा कर्तव्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वाहन चलाते समय हम सभी को यातायात नियमों का पालन जरूर करना चाहिए। दो पहिया वाहन चलाते समय सिर पर हेलमेट अवश्य ही पहनना चाहिए और कार चलाते समय सीट बेल्ट भी लगाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने सड़क दुर्घटनाओं में हर वर्ष हो रही मौतों पर चिंता जताते हुए इसे देश व राज्य की क्षति बताया है। उन्होंने कहा कि यह दुर्घटनाएं यातायात के नियमों का पालन नहीं करने से होती है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा सीमित रफ्तार में वाहन चलाने से वाहन पर बेहतर नियंत्रण होने से दुर्घटना होने की संभावना बहुत कम हो जाती है। उन्होंने कहा कि कभी भी नशे का सेवन कर वाहन नहीं चलाना चाहिए। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों को यातायात के नियमों का पालन करने का संदेश दिया ताकि अपने जीवन के साथ-साथ दूसरे लोगों का जीवन भी सुरक्षित रहें और पारिवारिक एवं सामाजिक जिम्मेदारियों का पूरी तरह से निर्वहन किया जा सके। 
 
उल्लेखनीय है कि 36वां राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 31 जनवरी 2025 तक मनाया जा रहा है। इसके तहत रायपुर यातायात पुलिस द्वारा लोगों को सुरक्षित वाहन चलाने के लिए जरूरी नियमों के बारे में जानकारी दी जा रही है। रोचक तरीके से सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा की थीम पर बैनर-पोस्टर लगाकर लोगों को यातायात नियमों की जानकारी दी जा रही है। पुलिस और प्रशासन ने इस पूरे अभियान के लिए अलग-अलग दिनों पर अलग-अलग जगहों पर विभिन्न कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा है। इन कार्यक्रमों में वाहन चालकों, स्थानीय नागरिकां और छात्र-छात्राओं के पालकों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जा रही है। इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री लाल उम्मेद सिंह सहित पुलिस और परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण व बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
और भी

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर प्रयागराज महाकुंभ में छत्तीसगढ़ पवेलियन

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर प्रयागराज महाकुंभ में राज्य के स्थानीय लोगों के लिए छत्तीसगढ़ पवेलियन पूरी तरह से तैयार है। राज्य के लोगों को प्रयागराज में भी अपनेपन का अहसास मिले इसलिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने यहां स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देते हुए लोगों के निःशुल्क ठहरने और भोजन करने भी व्यवस्था की है। 
 
छत्तीसगढ़ के जो भी श्रद्धालु महाकुंभ में आस्था की डुबकी लगाना चाहते हैं उनके लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। छत्तीसगढ़ पवेलियन महाकुंभ मेला के सेक्टर 6 में स्थित है। यह ठीक बघाड़ा थाना मेला के पास स्थित है जहां आने के लिए लक्ष्मी द्वार से प्रवेश करना है। यहां से निकटतम रेलवे स्टेशन प्रयाग है। सड़क अथवा हवाई मार्ग से आने वाले श्रद्धालु इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के रास्ते दारागंज होते हुए पुराना  लोहे का यमुना ब्रिज क्रॉस करके यहां पहुंच सकते हैं।
और भी

माताओं एवं बच्चों का उत्तम स्वास्थ्य बनेगा प्रदेश की समृद्धि का आधार - मुख्यमंत्री साय

माताओं एवं बच्चों का उत्तम स्वास्थ्य प्रदेश की उन्नति और समृद्धि का आधार बनेगा। माताओं एवं बच्चों का उत्तम स्वास्थ्य छत्तीसगढ़ के लोककल्याणकारी राज्य की सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कल जशपुर जिले के बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आईआईटी बॉम्बे के सहयोग से आईआईटी बॉम्बे-जशपुर पोषण मिशन अंतर्गत  'स्वस्थ माता- तंदुरुस्त बच्चा' अभियान का शुभारंभ करते हुए यह बात कही। 
 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गर्भवती माताओं और बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर बनाने जशपुर जिले में 'स्वस्थ माता-तंदुरुस्त बच्चा' अभियान का शुभारंभ किया। 
  स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संयुक्त रूप से संचालित इस अभियान के तहत 9500 से अधिक स्वास्थ्य और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आईआईटी बॉम्बे के माध्यम से पोषण संबंधी ऑनलाइन प्रशिक्षण प्राप्त करने के उपरांत माताओं और बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य का ख्याल रखने के लिए पूरी तरह से तैयार है। अभियान के तहत 300 से अधिक मास्टर ट्रेनर  जिले में स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के मैदानी कार्यकर्ताओं को सतत प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य जशपुर जिले में कुपोषण को पूरी तरह समाप्त करना और माताओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार लाना है। अभियान के तहत् गर्भवती माताओं, शिशुवती माताओं और 6 वर्ष तक के बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने का लक्ष्य है। इसमें विशेष रूप से स्तनपान, पोषण आहार और पूरक आहार पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इस पहल के जरिए गर्भवती माताओं को सही पोषण की जानकारी दी जाएगी, जिससे बच्चे शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ बन सके।
 
मुख्यमंत्री साय ने   'स्वस्थ माता- तंदुरुस्त बच्चा'  अभियान की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल जिले में स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूकता को बढ़ाएगी, साथ ही कुपोषण को खत्म करने और गर्भवती माताओं, शिशुवती माताओं तथा 6 वर्ष तक के बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार लाने में सहायक होगी।
और भी

गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय बिलासपुर के 11 वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए उपराष्ट्रपति

उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने आज गुरू घासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय बिलासपुर के 11 वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि की आसंदी से सम्बोधित करते हुए कहा कि आप सब युवा नये भारत के राजदूत हैं। देश को आपको अपना शत-प्रतिशत देना होगा। कोई भी व्यक्तिगत हित राष्ट्र हित से बढ़कर नहीं है। युवाओं को अपने चारों ओर देखना होगा, सिर्फ सरकारी नौकरियां ही जीवन का लक्ष्य न हो। युवाओं के पास अब नये भारत में धरती से लेकर आकाश तक असीमित अवसर हैं। 
 
उप राष्ट्रपति ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास एकता और समानता के प्रतीक थे। हमें उनकी शिक्षाओं और संदेशों का अनुसरण करना चाहिए। उन्होंने युवाओं को बदलते तकनीक से तालमेल बैठते हुए कौशल एवं नवाचार के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जीवन में कभी भी असफलता से घबराएं नहीं बल्कि उससे सीख लेते हुए आगे बढ़ें। उन्होंने समारोह में सत्र 2022-23 के 78 एवं सत्र 2023-24 के प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले 77 विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक, 09 दानदाता पदक, 01 गुरू घासीदास पदक तथा 01 कुलाधिपति पदक सहित 85 पदक प्रदान किये गये। इसके साथ ही सत्र 2022-23 एवं सत्र 2023-24 के कुल 122 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई।
 
उपराष्ट्रपति श्री धनखड़ ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज बाहुल्य राज्य है। यहां समृद्धि की काफी संभावनाएं हैं, इसलिए विकास की ऐसी रणनीति बनाएं जिससे सामूहिक समृद्धि बढ़े और जन-जन का विकास संभव हो। उन्होंने कहा कि विगत वर्ष में नक्सली उन्मूलन की दिशा में काफी अच्छे प्रयास हुए हैं और इन क्षेत्रों में विकास की रफ्तार भी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि अभूतपूर्व विकास वाले राज्य में नक्सलवाद के लिए कोई जगह नहीं है। इस समय जो विकास हो रहा है, वह समाज के हाशिये पर पड़े वर्गों, समाज के कमजोर तबके पर केन्द्रित है। छत्तीसगढ़ सरकार ने अपनी जन हितैषी नीतियों और कार्यक्रमों से राज्य के समग्र विकास को एक नई दिशा दी है। 
राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, एक ऐसी संस्था है जिसने लगातार छत्तीसगढ़ में शिक्षा और ज्ञान के मार्ग को रोशन किया है। राज्यपाल ने कहा कि स्वर्ण पदक और पीएचडी की उपाधि प्राप्त करने वालों के वर्षों के समर्पण, लगन और कड़ी मेहनत का प्रतिफल है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि विविधता का सम्मान करें और देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोए रखें। 
 
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दीक्षांत समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमारा भारत विश्व गुरु के रूप में विख्यात रहा है, इसके पीछे नालंदा और तक्षशिला जैसे ज्ञान-विज्ञान से समृद्ध विश्वविद्यालय रहे हैं। छत्तीसगढ़ की युवा शक्ति की प्रदेश ही नहीं देश के नवनिर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह छात्र-छात्राओं के लिए केवल एक औपचारिकता मात्र नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा अवसर है जो आत्ममंथन, बदलाव और प्रेरणा का प्रतीक है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का इकलौता केन्द्रीय विश्वविद्यालय महान संत बाबा गुरु घासीदास जी के नाम पर स्थापित है, जो ज्ञान, समावेशिता और हमारे सांस्कृतिक गौरव के प्रतीक है। उन्होंने कहा कि अपनी स्थापना के समय के ही इस विश्वविद्यालय ने छत्तीसगढ़ की बौद्धिक प्रगति को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसकी प्रतिष्ठा केवल हमारे राज्य तक ही सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी फैली है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम जानते हैं शिक्षा समाज में होने वाले सकारात्मक परिवर्तनों का आधार है और इस विश्वविद्यालय ने बार-बार यह साबित किया है कि शिक्षा कैसे परिवर्तन का साधन बन सकती है। गुरू घासीदास विश्वविद्यालय न केवल शैक्षणिक उपलब्धियां हासिल की हैं, बल्कि नवाचारों के जरिए यह सुनिश्चित किया है कि हर छात्र को न केवल शिक्षा मिले बल्कि एक बेहतर जीवन जीने का मौका भी मिले।
 
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर युवाओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि रोजगार की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए हमने नई औद्योगिक नीति तैयार की है। इसमें छत्तीसगढ़ में निवेश के अवसरों को बढ़ाने के लिए उद्यमियों को अनेक रियायतें प्रदान की हैं, जिससे प्रदेश में अगले 5 साल में ढाई लाख करोड़ रुपये का निवेश होने की उम्मीद है और 5 लाख नए रोजगारों का सृजन होगा। आईटी सेक्टर में अवसरों को देखते हुए हमारी सरकार विशेष प्रयास कर रही है। हम नवा रायपुर को आईटी हब के रूप में स्थापित करने जा रहे हैं, जहाँ बड़ी आईटी कंपनियाँ तेजी से अपने यूनिट आरंभ कर रही हैं। साथ ही बौद्धिक रूप से संपन्न छत्तीसगढ़ के युवाओं को यूपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में बेहतर अवसर उपलब्ध कराने हमने दिल्ली के द्वारका में संचालित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या को 50 से बढ़ाकर 185 कर दिया है। 
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने पीएससी में पारदर्शिता, शुचिता और निष्पक्षता लाने कदम उठाए। हमने युवाओं का भरोसा सिस्टम में लौटाया। वर्ष 2047 में जब देश की आजादी के 100 साल पूरे होंगे। इस अवसर के अनुरूप प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने विकसित भारत का लक्ष्य रखा है। विकसित भारत के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ का विजन भी हमने तैयार किया है और इसे हासिल करने में आप सभी युवाओं की अहम भागीदारी होगी। उन्होंने कहा कि आप केवल नौकरी खोजने तक सीमित न रहें। नवाचार करें और दूसरों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करें। आप बेहतर भविष्य के निर्माण में योगदान दें।
 
उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने गोल्ड मेडल एवं उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। समारोह में केन्द्रीय आवासन शहरी एवं राज्यमंत्री श्री तोखन साहू, विधायक श्री अमर अग्रवाल, विधायक श्री धरम लाल कौशिक, विधायक श्री धर्मजीत सिंह, श्री सुशांत शुक्ला सहित गुरू घासीदास विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आलोक चक्रवाल, एआईसीटी के प्रोफेसर टी.जी. सीताराम, राष्ट्रीय शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के प्रमुख डॉ. अतुल भाई कोठारी सहित शिक्षाविद, अनुसंधानकर्ता और बड़ी संख्या में विद्यार्थी-अभिभावक, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
और भी

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उपराष्ट्रपति श्री धनखड़ का किया आत्मीय स्वागत

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ गुरूघासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय बिलासपुर के दीक्षांत समारोह में शामिल होने आज बिलासपुर पहुंचे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर में निर्मित हेलीपेड पर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का आत्मीय स्वागत किया।
और भी

मैनपुर के दुर्गम वनांचल डुमरपड़ाव से जागड़ा तक पक्की सड़क का निर्माण प्रारंभ

 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कुशल और  संवेदनशीलता नेतृत्व में गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड के नक्सल प्रभावित दुर्गम वनांचल क्षेत्रों में पक्की सड़क निर्माण का कार्य प्रारंभ हो चुका है। नेशनल हाईवे 130सी के डुमरपड़ाव से जागड़ा तक 4.7 किमी लंबी सड़क के निर्माण के लिए 3.02 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। दशकों से सड़क की मांग कर रहे ग्रामीणों ने इस ऐतिहासिक पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार प्रकट किया है। क्षेत्र के दर्जनभर गांवों के हजारों लोग इस सड़क के अभाव में आवागमन और स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित थे। अब इस सड़क के निर्माण से उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद जगी है।
 
ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के 75 वर्षों बाद यह पहली बार है जब उनकी सड़क निर्माण की मांग पर गंभीरता से ध्यान दिया गया है। ग्राम पंचायत जागड़ा के सरपंच मिथुला बाई नेताम, उपसरपंच भानु प्रताप सिन्हा और अन्य ग्रामीणों ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने उनकी वर्षों पुरानी मांग को पूरा करके ग्रामीणों के हित के लिए बहुत बड़ा कार्य किया है। ग्रामीणों ने कहा कि  मुख्यमंत्री श्री साय ने हमारी समस्या के प्रति संवेदनशीलता का परिचय देते  इसे हल करने की तत्काल पहल की है।
 
उल्लेखनीय है कि गरियाबंद जिले के  मैनपुर विकास खंड मुख्यालय से 40 किमी दूर पयलीखंड और जांगड़ा जैसे गांव अब पक्की सड़क से जुड़ने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार ने स्पेशल केंद्रीय सहायता फंड से इस सड़क निर्माण कार्य को मंजूरी दी है। सड़क बन जान से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और बिजली जैसी सुविधाओं का लाभ भी ग्रामीणों को मिल सकेगा। यह सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बन रही है।  3.02 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन सड़क निर्माण कार्य शीघ्र ही पूरा होने की उम्मीद है।
पक्की सड़क निर्माण कार्य शुरू होने से क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी उत्साह है। जागड़ा और आसपास के गांवों के लोगों ने इस पहल को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन और दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम है। ग्रामीणों ने कहा कि यह सड़क उनके लिए विकास और उन्नति का मार्ग प्रशस्त करेगी। ग्रामीणों ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के सुशासन और संवेदनशीलता ने दुर्गम क्षेत्रों तक विकास की पहुंच सुनिश्चित की है। इस सड़क निर्माण के जरिए न केवल ग्रामीणों को राहत मिली है, बल्कि उनके जीवन स्तर को सुधारने का मार्ग भी प्रशस्त हुआ है।
और भी

तेज रफ्तार कार के पलटने से दो युवतियों की मौत

 तेज रफ्तार कार के पलटने से दो युवतियों की मौत हो गई। दोनों मनाली टूर से लौटकर बिलासपुर के रास्ते कोरबा जा रहे थे। इस घटना का अब वीडियो सामने आया है। घटना पाली थाना क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक, मरने वालों की पहचान मोनिका चटर्जी (26) और दीक्षा राठौर (23) के रूप में हुई है। दोनों कोरबा के एमपी नगर कॉलोनी में रहते थे। दीक्षा राठौर लिपिक वर्ग कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सीपी राठौर की बेटी थी। उसकी मां प्रधान पाठक है।

बताया जा रहा है कि, दोनों युवतियां अपने दोस्तों के साथ मनाली घूमने गई थी। मंगलवार को वापस आने पर बिलासपुर से अपने दोस्त देवराज के साथ घर लौट रहे थे। इसी दौरान नेशनल हाईवे पर दोपहर करीब 3 बजे डिस्पोजल चौक के पास उनकी तेज रफ्तार कार अनकंट्रोल हो गई।

 

कार क्रमांक सीजी 12 एएल 2600 को देवराज चला रहा था। हाई स्पीड होने के कारण उसने कंट्रोल खो दिया जिससे कार स्किड होकर सड़क किनारे पलट गई। हादसे में कार के परखच्चे उड़ गए। दोनों लड़कियों की मौके पर मौत हो गई। जबकि पुरानी बस्ती निवासी देवराज गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके सीने और सिर पर गंभीर चोटें आई हैं।

 

 

और भी

मंत्री लखन लाल देवांगन बताये फ्लोरा मेक्स कंपनी को संरक्षण क्यों दे रहे : कांग्रेस

 प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मंत्री लखन लाल देवांगन फ्लोरा मेक्स कंपनी से अपने संबंधों के बारे में प्रदेश की जनता को स्पष्टीकरण दें। वे कंपनी के खिलाफ कार्यवाही क्यों नहीं होने दे रहे? पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने के बीच में वे रोड़ा क्यों बन रहे है? महिलाओं को न्याय दिलाने के बजाय अब अपनी गलतियों का ठीकरा विपक्ष पर ठोकने की कोशिश बंद करे। फ्लोरा मैक्स कंपनी की पीड़ित महिलाएं मंत्री लखन लाल देवांगन के ऊपर कंपनी को संरक्षण देने का आरोप लगा रही है।

कंपनी के खिलाफ महिलाओं द्वारा किये जाने वाले आंदोलन से मंत्री लखन लाल देवांगन की तिलमिलाहट बताती है कि वे कंपनी के खिलाफ आंदोलन करने के कारण महिलाओं को धमका रहे थे। फ्लोरा मैक्स कंपनी की पीड़ित महिलाओं से अभद्रता के मामले में महिलाओं से माफी मांगे। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि विपक्ष पर आरोप लगाकर मंत्री अपने जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। फ्लोरा मेक्स कंपनी के खिलाफ कार्यवाही किसके दबाव पर नहीं हो रही, महिलाओं पर गलत एफआईआर किसके दबाव में हुआ? सरकार फ्लोरा मेक्स कंपनी के जालसाजी की जांच सीबीआई से कराने का साहस क्यों नहीं दिखा रही?

भाजपा की सरकार को बने 1 साल पूरा हो गया, सरकार कार्यवाही क्यों नहीं कर रही? प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल की पत्नी रेणु अग्रवाल का फ्लोरा मेक्स कंपनी से कोई लेना देना नहीं है। कंपनी ने कोरबा के माल में स्वसहायता समूह की महिलाओं के द्वारा निर्मित उत्पादों का शोरूम खोला था। रेणु अग्रवाल मॉल गयी थी वहां उन्होंने स्वसहायता समूह की महिलाओं के द्वारा निर्मित उत्पाद की दुकान को देखा था तथा महिलाओं के आग्रह पर फोटो खिंचवाया था, उनका कंपनी से कोई वास्ता नहीं था। पीड़ित महिलाओं ने मंत्री लखन लाल देवांगन पर कंपनी को संरक्षण देने का आरोप लगाया है।

रेणु अग्रवाल, जयसिंह अग्रवाल पर कोई आरोप नहीं लगाया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा के रमन सरकार के 15 साल में छत्तीसगढ़ चिटफंड कंपनियों का चारागाह बन गया था, तत्कालीन मुख्यमंत्री रमन सिंह, उनकी पत्नी वीणा सिंह, पुत्र अभिषेक सिंह सहित उनका पूरा मंत्रिमंडल चिटफंड कंपनियों के दफ्तरों का उद्घाटन करते थे। कांग्रेस के पांच साल में चिटफंड कंपनियों पर कार्यवाही हुई, पीड़ितों को न्याय दिलाने की कोशिश हुई। राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद एक बार फिर चिटफंड कंपनियों को संरक्षण दिया जा रहा है।

और भी

महाकुंभ के यात्रियों के लिए रेलवे ने दी सौगात, दुर्ग से टूंडला के बीच चार स्पेशल ट्रेनों की मिलेगी सुविधा

 प्रयागराज महाकुंभ के दौरान संगम में स्नान करने के लिए प्रयागराज आने वाले यात्रियों को अधिक से अधिक सुविधाएं प्रदान करने रेलवे द्वारा लगातार सुविधाएं दी जा रही हैं। इसी कड़ी में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा दुर्ग- टूंडला कुंभ मेला स्पेशल ट्रेन दुर्ग से टूंडला के बीच व्हाया रायपुर, भाटापारा, उसलापुर, पेंड्रा रोड अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, न्यू कटनी जंक्शन, कटनी, मैहर, सतना, मानिकपुर प्रयागराज फतेहपुर, गोविंदपुरी इटावा के मार्ग से चलाई जा रही है।

बता दें महाकुंभ मेले के दौरान ट्रेन में होने वाली अतिरिक्त भीड़-भाड़ के दौरान रेल यात्रियों को अधिक से अधिक कन्फर्म बर्थसीट की सुविधा उपलब्ध कराने स्पेशल ट्रेनों की सुविधा दी जा रही है। महाकुंभ के दौरान रेलवे के दौरान 3000 स्पेशल गाडियां सहित 13000 से अधिक रेल गाडियां चलायी जाएंगी। इसी कड़ी में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से पांच जोड़ी कुंभ मेला स्पेशल ट्रेनों का 28 फेरो के लिए परिचालन किया जा रहा है।

 

इसमें गाड़ी संख्या 08793 दुर्ग टूंडला कुंभ मेला स्पेशल दिनांक 19 जनवरी 2025 को 19.20 बजे दुर्ग से रवाना होकर रायपुर 20.10 बजे, भाटापारा 21.00 बजे, उसलापुर 22.00 बजे, पेंड्रा रोड 23.48 बजे होते हुए अनूपपुर, शहडोल, कटनी, मैहर के रास्ते अगले दिन (20 जनवरी 2025 को) 11:10 बजे प्रयागराज होते हुए 20. 15 बजे टूंडला जंक्शन पहुंचेगी। वही गाड़ी संख्या 08794 टूंडला दुर्ग कुंभ मेला स्पेशल दिनांक 21 जनवरी 2025 को सुबह 5:00 बजे टूंडला से रवाना होकर 13:00 बजे प्रयागराज पहुंचेगी मैहर, कटनी के रास्ते होते हुए अगले दिन (22 जनवरी 2025 को) 01.50 बजे उसलापुर, 2.43 बजे भाटापारा, 3:30 बजे रायपुर, होते हुए 5 बजे दुर्ग पहुंचेगी।

 

इसी तरह गाड़ी संख्या 08795 दुर्ग टूंडला कुंभ मेला स्पेशल दिनांक 15 फरवरी  2025 को 19.20 बजे दुर्ग से रवाना होकर रायपुर 20.10 बजे, भाटापारा 21.00 बजे, उसलापुर 22.00 बजे, पेंड्रा रोड 23.48 बजे होते हुए अनूपपुर, शहडोल, कटनी, मैहर के रास्ते अगले दिन (16 फरवरी 2025 को) 11:10 बजे प्रयागराज होते हुए 20.15 बजे टूंडला जंक्शन पहुंचेगी। और गाड़ी संख्या 08796 टूंडला दुर्ग कुंभ मेला स्पेशल दिनांक 17 फरवरी 2025 को 16.00 बजे टूंडला से रवाना होकर 01:00 बजे प्रयागराज पहुंचेगी मैहर, कटनी के रास्ते होते हुए अगले दिन (18 फरवरी 2025 को) 14.20 बजे उसलापुर, 15.13 बजे भाटापारा, 16:55 बजे रायपुर, होते हुए 18:20 बजे दुर्ग पहुंचेगी।

 
और भी

प्रयाग रेलवे स्टेशन के नजदीक है छत्तीसगढ़ पवेलियन

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर प्रयागराज महाकुंभ में राज्य के स्थानीय लोगों के लिए छत्तीसगढ़ पवेलियन तैयार है। मुख्यमंत्री ने अपनी दूरदर्शी सोच से प्रयागराज में राज्य के लोगों के लिए ठहरने और भोजन करने की निःशुल्क व्यवस्था की है। 
 
कैसे पहुंचे छत्तीसगढ़ पवेलियन
 
छत्तीसगढ़ के जो भी श्रद्धालु महाकुंभ में आस्था की डुबकी लगाना चाहते हैं उनके लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। छत्तीसगढ़ पवेलियन महाकुंभ मेला के सेक्टर 6 में स्थित है। यह ठीक बघाड़ा मेला के पास स्थित है जहां आने के लिए लक्ष्मी द्वार से प्रवेश करना है। यहां से निकटतम रेलवे स्टेशन प्रयाग है। सड़क अथवा हवाई मार्ग से आने वाले श्रद्धालु इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के रास्ते यमुना ब्रिज क्रॉस करके यहां पहुंच सकते हैं।
और भी

तीन दिवसीय तातापानी महोत्सव का भव्य शुभारंभ

प्रभु राम छत्तीसगढ़ के कण-कण में बसे हुए हैं, जन-जन में बसे हुए हैं। भगवान श्रीराम हमारे भांचा राम हैं। पूरी दुनिया में छत्तीसगढ़ ही एक ऐसा राज्य है, जहां भांजे को भगवान स्वरूप में पूजते हैं, उनका चरण पखारते हैं। उन्हें दंडवत होकर प्रणाम करते हैं। हमारी सरकार की श्रीराम लला दर्शन योजना से राज्य के 20 हजार से अधिक लोग अयोध्या में भगवान श्रीराम का दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के तीन दिवसीय तातापानी महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर उक्त बाते कही। 
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हम लोग तातापानी संक्रांति परब में हर साल यहां आते हैं। पिछले साल जब हम लोग यहां आए थे, तब इस पावन स्थल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा की थी। परिणाम आप सबके सामने है, आज तस्वीर बहुत कुछ बदली-बदली सी नजर आ रही है। यहां विकास के काम तेजी से हुए हैं और लगातार हो ही रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। खासकर सरगुजा और बस्तर जिले में अनेक ऐसे सुंदर स्थान हैं, जो पूरी दुनिया के आकर्षण का केंद्र बन सकते हैं। ऐसे स्थलों को चिन्हित कर पर्यटन स्थलों का विकास तेजी से कराया जा रहा है। तातापानी भी ऐसी ही जगहों में से एक है। हम इन सभी दर्शनीय स्थलों को पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित करेंगे। इससे रोजगार और आय के अवसर बढ़ेंगे। अभी हम लोगों ने 177 करोड़ रुपये के 198 विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन किया है। इनमें करीब 134 करोड़ रुपये की लागत के 140 कार्यों का भूमिपूजन और 43 करोड़ रुपये के 58 कार्यों का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नालंदा परिसर के निर्माण के लिए हम लोगों ने आज भूमिपूजन किया है, जिसके निर्माण से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को विशेष लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बलरामपुर कॉलेज में ऑडिटोरियम निर्माण की घोषणा की। 
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत 300 बेटियों के हाथ पीले हुए हैं। उन्होंने सभी नवदंपतियों को आशीर्वाद देते हुए सभी के सुखमय गृहस्थ जीवन की मंगल कामना की। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि तातापानी संक्रांति परब बलरामपुर-रामानुजगंज जिले का गौरव है। तातापानी दुनिया के उन चुनिंदा स्थानों में से एक है, जहां गर्म-पानी के कुंड के रूप में प्रकृति की शक्ति को प्रत्यक्ष देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि तातापानी संक्रांति परब का यह आयोजन समाज में एकता और सौहार्द का संदेश भी देता है। इस महोत्सव में लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों के साथ ही पतंगबाजी और आरागाही हवाई पट्टी पर पैरासेलिंग का आनंद भी आप लोग उठा पाएंगे। यहां किसान संगोष्ठी और पंच-सरपंच सम्मेलन भी होगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य सामने रखा है। इसी के अनुरूप हम भी विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ा रहे है। पिछले एक साल में हमारी सरकार ने मोदी की अधिकांश गारंटियों को पूरा किया है। इस साल छत्तीसगढ़ में धान की फसल अच्छी हुई है। 3100 रुपए क्विंटल के दाम से प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से धान की खरीदी हो रही है। इस साल किसान भाइयों के घरों में रिकॉर्ड पैसा आने वाला है। अभी किसान भाइयों को धान के समर्थन मूल्य का भुगतान हो रहा है, शीघ्र ही उनके खातों में अंतर की राशि भी भेज दी जाएगी। हमारी सरकार राज्य के गरीब परिवारों को पांच साल तक निःशुल्क राशन उपलब्ध कराने का निर्णय भी लिया है। तेंदूपत्ता संग्रहण दर को हमने चार हजार रूपये से बढ़ाकर साढ़े 5 हजार रुपए प्रति मानक बोरा कर दिया है।
 
       मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सभी आवासहीन पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराया जा रहा है। हमने सरकार के शपथ ग्रहण के दूसरे दिन प्रदेश के आवासहीनों के लिए 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी। उन्होंने बताया कि केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ के लिए 3 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास योजना की घोषणा की है। उन्होंने अगले वित्तीय वर्ष में  छत्तीसगढ़ को 4 लाख नए आवास के लिए सहमति दी है। उन्होंने कहा नये सर्वे में अब हितग्राहियों की मासिक आय सीमा बढ़ाकर 15,000 रुपये कर दी गई है। इसके अलावा जिनके पास ढाई एकड़ सिंचित भूमि या पांच एकड़ असिंचित भूमि है, वे भी अब इस योजना के तहत पात्र होंगे । हितग्राही अब स्वयं भी अपने आवास हेतु मोबाइल एप के जरिए आवेदन और सर्वेक्षण कर सकते हैं। 
 
प्रदेश के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने महोत्सव को संबोधित करते हुए कहा  कि प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी और प्रदेश के मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के प्रयासों से प्रदेश के लाखों परिवारों में खुशी और समृद्धि आई है। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं ने समाज के कमजोर वर्गों के जीवनस्तर में सुखद बदलाव लाने का काम किया है। 
 
इस अवसर पर सामरी विधायक श्रीमती उद्धेश्‍वरी पैकरा, प्रतापपुर विधायक शंकुतला पोर्ते, सरगुजा विधायक श्री राजेश अग्रवाल, लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
और भी

मुख्यमंत्री ने मकर संक्रांति के पावन अवसर पर वर्ष 2025 के शासकीय कैलेंडर का किया विमोचन

 मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर छत्तीसगढ़ के रजत जयंती वर्ष 2025 के शासकीय कैलेंडर का विमोचन किया।  कैलेंडर के कवर पेज में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की फोटो के साथ 'सुशासन से समृद्धि की ओर' के मूलमंत्र को दर्शाया गया है। छत्तीसगढ़ शासन के वार्षिक कैलेंडर में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ वासियों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव को दिखाया गया है। विमोचन के अवसर पर कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम और लुण्ड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत उपस्थित थे। 
          मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर कहा कि 'सुशासन से समृद्धि' के मूलमंत्र पर आधारित यह कैलेंडर हमारे शासन की प्राथमिकताओं और उपलब्धियों का प्रतीक है। इसमें हमने राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं को समाहित किया है, जो छत्तीसगढ़ को समृद्धि और विकास के नए आयामों तक ले जाएंगी। उन्होंने मकर संक्रांति के पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह साल हमारे प्रदेश की समृद्धि और खुशहाली का स्वर्णिम वर्ष होगा। 
 
क्यूआर कोड के नए फीचर्स ने कैलेंडर को बनाया खास
 
 रजत जयंती वर्ष 2025 के कैलेंडर में कुछ नए फीचर्स को समाहित किया गया है जिसने इसे और आकर्षक बना दिया है। कैलेंडर के प्रत्येक माह में एक क्यूआर कोड दिया गया है, जिसमें उस माह के विशेष अवसरों पर आधारित मुख्यमंत्री के वीडियो संदेश को सुना जा सकता है। इसी के साथ ही नए संदेश और शासन की उपलब्धियों की जानकारी निरंतर मिलती रहेगी। कैलेंडर के प्रत्येक माह के लिए उस महीने का क्यू आर कोड ही एक्टिव रहेगा। इसके साथ ही कैलेंडर के प्रत्येक पेज में छत्तीसगढ़ से जुड़े प्रमुख तथ्य के बारे में भी बताया गया है। 
 
कैलेंडर के प्रत्येक माह में दिखेगी शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं की झलक
 
 शासकीय कैलेंडर के जनवरी माह में छत्तीसगढ़ सरकार की  श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अयोध्या और काशी की निःशुल्क यात्रा कर लौटे श्रद्धालुओं की तस्वीर दिखाई गई है। इस योजना से बड़ी संख्या में प्रदेश के लोगों को प्रभु श्री राम के दर्शन का लाभ मिल रहा है। 
     इसी तरह फरवरी माह में राजिम कुंभ कल्प के वैभव की तस्वीर को साझा किया गया है। वहीं मार्च माह में 70 लाख माताओं-बहनों की खुशियों को 
दर्शाती तस्वीर है, जिनके जीवन में महतारी वंदन योजना से बड़ा बदलाव आया है। कैलेण्डर के अप्रैल माह में वनांचल में रहने वाले लोगों के जीवन में तेंदूपत्ता संग्रहण से आए बदलाव की तस्वीर है। शासन ने तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए पारिश्रमिक दर को 4 हजार रुपए से बढ़ाकर 5 हजार 500 रुपए कर दिया है। 
मई माह में श्रमिकों के सम्मान में चलाई जा रही वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना की तस्वीर है। इस योजना के माध्यम से श्रमिकों के लिए 5 रुपए में भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। जून के महीने में स्कूली बच्चों की तस्वीर साझा की गई है। साथ ही छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू किए जाने और 18 स्थानीय भाषाओं में पढ़ाई कराए जाने का भी उल्लेख किया गया है। 
         इसी तरह जुलाई के महीने में किसानों की समृद्धि के लिए संचालित कृषक उन्नति योजना के बारे में जानकारी देते हुए छत्तीसगढ़ के किसान की खुशहाली की तस्वीर को प्रदर्शित किया गया है। अगस्त माह में देश की सुरक्षा में तैनात महिला सुरक्षाकर्मियों के साथ मुख्यमंत्री की तस्वीर दिखाई गई है। सितंबर  माह में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से पक्के घर का सपना पूरा हो रहे खुशहाल हितग्राहियों की तस्वीर है। इन दोनों ही योजनाओं से विशेष पिछड़ी जनजातियों और गरीब परिवारों को आवास मुहैया हो रहा है। अक्टूबर माह में बस्तर   संभाग की खुशहाली और बदलती हुई तस्वीर को साझा किया गया है। बस्तर ओलंपिक की इस तस्वीर में तीरंदाजी में हाथ आजमाते युवा अपने सुरक्षित भविष्य का सपना गढ़ रहे हैं। इसी तरह नवंबर माह में धान खरीदी महापर्व के गौरव को दिखाया गया है। वही दिसंबर माह में शासन की नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से दूरस्थ आदिवासी बहुल ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विकास और क्षेत्र में शांति स्थापना के संकल्प को प्रदर्शित किया गया है।
और भी

प्यार और विश्वास के आगे हार गई नक्सल हिंसा: जहां कभी बन्दूकें गूंजती थी, अब वहां गूंज रही शहनाई

छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल के घने जंगलों में माओवादी हिंसा की जगह अब प्रेम और विश्वास की नई इबारत लिखी जा रही है। माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास की मुख्य धारा से जुड़ने वाले महेश-हेमला और मड़कम-रव्वा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के समक्ष परिणय सूत्र में आबद्ध होकर वैवाहिक जीवन की नई शुरूआत की है। मुख्यमंत्री ने परिणय सूत्र में आबद्ध दोनों नवदम्पत्तियों को बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं देते हुए उनके सुखमय जीवन की कामना की। यह कहानी सुकमा जिले की बदलती तस्वीर है, जहां कभी बन्दूकें गूंजती थी, अब वहां शहनाईयां गूंज रही है। 
 
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज 13 जनवरी को 206 करोड़ रूपए से अधिक विकास कार्याें की सौगात देने के लिए सुकमा के मिनी स्टेडियम में पहुंचे थे। लगभग सात माह पहले नक्सल हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण करने वाले मौसम महेश और हेमला, मड़कम पाण्डू और रव्वा भीमे ने जिला प्रशासन सुकमा से आग्रह किया था कि वह मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में परिणय सूत्र में आबद्ध होकर नये जीवन की शुरूआत करना चाहते हैं। जिला प्रशासन ने उन चारों को भरोसा दिलाया था कि मुख्मयंत्री श्री साय का जब भी सुकमा में आगमन होगा, उस दिन मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत उनका विवाह विधिविधान से सम्पन्न कराया जाएगा। आज 13 जनवरी को मुख्यमंत्री के सुकमा प्रवास के दौरान वहां के मिनी स्टेडियम में इन चारों आत्मसमर्पितों का विधि-विधान से विवाह मुख्यमंत्री श्री साय की मौजूदगी में सम्पन्न हुआ, जिसके साक्षी वहां मौजूद हजारों-हजार लोग बने। सभी ने नवदम्पत्तियों को आशीर्वाद दिया और उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की।
  
ज्ञात रहे कि गगनपल्ली गांव के रहने वाले मौसम महेश और डुब्बामरका की रहने वाली हेमला मुन्नी तथा कन्हाईपाड़ निवासी मड़कम पाण्डू और सल्लातोंग की रव्वा भीमे ये चारों पहले नक्सली संगठन से जुड़े हुए थे। छत्तीसगढ़ सरकार की नीतियों से प्रभावित होकर इन चारों ने जून 2024 में नक्सल हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण कर दिया था। मौसम महेश लगभग बारह साल तक नक्सल संगठन से जुड़े रहे। मड़कम पाण्डू और हेमला मुन्नी 9 साल तक तथा रव्वा भीमे 6 साल तक नक्सल संगठन और उसकी गतिविधियों से जुड़ी रहीं। 
 
परिणय सूत्र में आबद्ध होने के बाद मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आशीर्वाद प्राप्त करके हुए महेश-हेमला और मड़कम-रव्वा ने बताया कि उन्हें रास्ता भटकने और हिंसा में संलिप्त रहने का बेहद अफसोस है। छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सल पुनर्वास नीति और नियद नेल्ला नार योजना से प्रभावित होकर वे चारों विकास और शांति की मुख्य धारा में शामिल होने का फैसला लिया। उनका कहना था कि सरकार की जनहितैषी नीतियों से प्रभावित होकर विभिन्न नक्सल संगठनों से जुड़े कई युवा साथी आत्मसमर्पण कर चुके हैं और कई साथी आत्मसमर्पण करने का मन बना चुके हैं। 
 
उनका कहना था कि छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सलियों को मुख्यधारा में लौटने और समाज में सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर दिया है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को रोजगार, मकान और पुनर्वास के लिए आर्थिक सहायता मिल रही है। यह कहानी न केवल प्रेम की जीत की है, बल्कि छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सल पुनर्वास नीति की सफलता का प्रतीक है। परिणय सूत्र में आबद्ध होकर इन चारों युवक-युवतियों ने यह साबित कर दिया है कि प्यार, विश्वास और सहानुभूति से नफरत और हिंसा को हराया जा सकता है।
और भी

मुख्यमंत्री ने मकर संक्रांति और पोंगल पर्व की दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को मकर संक्रांति और पोंगल पर्व की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर सभी लोगों के लिए सुख-समृद्धि की कामना की है।मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि  देश के विभिन्न क्षेत्रों में मकर संक्रांति, पोंगल और लोहड़ी पर्व जैसे कई अलग अलग नाम से मनाया जाता हैं। दक्षिण भारत में मनाया जाने वाला पोंगल समृद्धि का प्रतीक है। यह त्योहार प्रकृति और फसल के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक माध्यम है। 
मुख्यमंत्री साय ने कहा है कि मकर संक्रांति का त्यौहार ऋतु परिवर्तन का संदेश लेकर आता है। मुख्यमंत्री ने शुभकामना देते हुए कहा कि यह ऋतु परिवर्तन का पर्व सभी लोगों के जीवन में सुख और समृद्धि लेकर आए।
और भी

दंतेवाड़ा जिले में होगा जू पार्क का निर्माण: सभी लैंप्स में जैविक खाद किए जाएंगे उपलब्ध

माओवादी खून खराबे और आतंक के पक्षधर हैं, हम विकास और सद्भाव के लिए काम कर रहे हैं। अब बस्तर की तस्वीर तेजी से बदल रही है। जहां कभी गोलियों की गूंज थी, वहां अब विकास का शंखनाद सुनाई देता है। जहां कभी बेकारी और लाचारी थी, वहीं इस जिले के ग्रामीण युवाओं को उच्च शिक्षा और रोजगार उपलब्ध कराकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। हम माओवाद को जड़ से खत्म करके ही दम लेंगे। हमारे शहीद जवानों की शहादत बेकार नहीं जाने देंगे
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल बचेली में आयोजित विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण शिलान्यास कार्यक्रम  को संबोधित करते हुए यह बात कही। 
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डबल इंजन की सरकार में विकास का पहिया तेजी से घूम रहा है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के विकसित भारत के सपनों को साकार करने के लिए हम विजन 2047 छत्तीसगढ़ के  अंतर्गत विकासशील छत्तीसगढ़ को विकसित छत्तीसगढ़ बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल, बड़े बचेली में हमने 160 करोड़ रूपये के 501 कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन किया है। इनमें 49 करोड़ रूपये के 367 कार्यों का लोकार्पण और 112 करोड़ रूपये के 134 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। साथ ही इस मौके पर हमने 114 करोड़ रूपये के हितग्राही मूलक कार्यों का चेक और सामग्री का वितरण भी कर रहे हैं। आज जिन बड़े विकास कार्यों का लोकार्पण हुआ है, उनमें गीदम ब्लाक के छिन्दनार से बड़ेकरका मार्ग पर 33 करोड़ रूपये का पुल, जिले के सभी विकासखंडों में एक करोड़ रूपये से बने पुल-पुलिया, गीदम, कुआकोंडा, कटेकल्याण मार्ग का चौड़ीकरण और मजबूतीकरण शामिल है।इसके अलावा मोर मकान-मोर आवास के अंतर्गत सवा सात करोड़ रूपये की लागत से 321 हितग्राहियों के लिए बने पक्के मकानों की चाबी भी हमने सौंपी है। जलावर्धन और जलशोधन संयंत्र स्थापना के लिए किरंदुल में करीब 45 करोड़ और बारसूर में 15 करोड़, दंतेवाड़ा में अंतरराज्यीय बस स्टैंड और दंतेवाड़ा जिले के सभी विकासखंडों में आश्रम भवन निर्माण कार्यों के लिए हमने अभी भूमिपूजन किया है।
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आप सबको पता है कि हमारी सरकार ने सुशासन के एक साल पूरे कर लिये हैं। इस एक साल के दौरान मोदी जी की गारंटी को हमने पूरी गारंटी के साथ पूरा किया है। हमारी सरकार ने पहली बार बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया जिसमें करीब 1 लाख 65 हजार लोगों ने भाग लिया। इस आयोजन की सराहना यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने मन की बात में भी की। हमारी सरकार गांव-गरीब और किसानों के हित में लगातार काम कर रही है। तेंदूपत्ता संग्राहकों को हमारी सरकार 4 हजार रुपए से बढ़ाकर साढ़े 5 हजार रुपए प्रति मानक बोरा दे रही है। इससे वनवासियों के जीवन स्तर में बदलाव दिखने लगा है। नियद नेल्लानार योजना अंतर्गत जिले के चिन्हित सभी 765 किसानों को 48 लाख रूपये का पावर स्प्रेयर, 1 करोड़ 70 लाख रूपये की लागत से पॉवर ट्रिलर जल्द ही वितरण करने की तैयारी कृषि विभाग ने की है। नियद नेल्लानार योजना के तहत 1200 परिवारों को निःशुल्क मोबाइल फोन का वितरण किया जा रहा है। इससे दूरस्थ अंचल के ग्रामीण मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे। सुदूर अंचल के क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए जन सुविधा एक्सप्रेस अभियान के तहत करीब 4 करोड़ रूपये की लागत से 37 वाहन महिला समूहों और युवा संगठनों के माध्यम से संचालित हैं।  
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यहां माता-बहनों की बड़ी संख्या में उपस्थिति है। यह इस बात का प्रमाण है कि इनके खाते में हर महीने एक-एक हजार रूपये सांय-सांय जा रहा है। अभी हाल ही में हमने इस साल के पहले दिन ही माता-बहनों के खाते में रूपये जमा कराया। इससे महिला सशक्तिकरण को बल मिला है।
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार गांव-गरीब और किसानों के हित में लगातार काम कर रही है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने अंत्योदय के विकास का जो सपना देखा था। उसे हम सब मिलकर पूरा करने में जुटे हैं। प्रधानमंत्री मोदी जी का सपना है कि कोई भी भारतीय खुले आसमान के नीचे नहीं सोएगा। हर नागरिक का पक्का मकान होगा। इसी कड़ी में हमारी सरकार बनते ही हमने 18 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति दी। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने 3 लाख 88 हजार आवासों की स्वीकृति पुनः प्रदान की है।  
मुख्यमंत्री श्री साय ने आवास प्लस का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2024 में बहुत से लोग आवास योजना के लाभान्वित होने से वंचित हुए थे इसके साथ ही वाहन, आय और भूमि संबंधी अन्य संसाधनों होने के साथ ही वे आवास योजना के दायरे से बाहर में थे उनके लिए आवास प्लस योजना के तहत सर्वे कार्य प्रारंभ किया गया हैं। और शीघ्र ही उन्हें सूची में जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि वहीं 2.5 एकड़ सिंचित एवं 5 एकड़ असिंचित भूमि वाले किसान भी आवास योजना के लाभार्थी होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई संसाधन और सड़कों के रखरखाव पर फोकस करते हुए अंतिम छोर के व्यक्ति तक सुशासन पहुंचाने प्रतिबद्ध है।  
 
उन्होंने कहा कि दन्तेवाड़ा जिला खनिज सम्पदा और जैविक कृषि में अग्रणी जिला है। अतः क्षेत्र के सर्वांगीण विकास हेतु राज्य शासन प्रतिबद्ध है। शीघ्र ही जिले में वन्य प्राणी के संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देने की दृष्टि से ’’जू पार्क" (चिड़ियाघर ) का निर्माण भी किया जाएगा। इसके अलावा जैविक कृषि को महत्व देने के लिए सभी लेम्पस और राशन दुकानों में जैविक खाद उपलब्ध किए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने दान-पुण्य के महापर्व छेरछेरा और मकर संक्रांति की सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
 
    वनमंत्री केदार कश्यप ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अपने संबोधन में  कहा कि सरकार के एक वर्ष के नेतृत्व में दन्तेवाड़ा जिला प्रगति के पथ पर अग्रसर है । जिले में कई योजनाएं संचालित किए जा रही है जो राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर मिसाल साबित होगी। आमसभा में सांसद बस्तर महेश कश्यप एवं क्षेत्र के विधायक चैतराम अटामी द्वारा भी जिले के विकास कार्यो पर प्रकाश डाला गया।  इस अवसर पर  डीआईजी श्री कमलोचन कश्यप, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, एसपी श्री गौरव राय, डीएफओ सागर जाधव तथा जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
और भी

राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना का कृषक ले रहे हैं लाभ

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार में किसानों को धान के साथ 
 अन्य फसल लेने के लिए उद्यान विभाग की विभिन्न योजनाओं से जिले के दूरस्थ अंचल के किसानों को लाभान्वित किया जा रहा है। जिसके तहत् विभाग द्वारा फल क्षेत्र विस्तार से कृषकों को लाभ देने के दिशा में अभिनव पहल किया गया है।
       उद्यान विभाग द्वारा राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत् कृषकों को हल्दी उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। योजना से प्रेरित होकर कांसाबेल विकासखण्ड के ग्राम रजौटी के कृषक श्री हरकचन्द साय द्वारा उद्यानिकी विभाग से उचित मार्गदर्शन लेकर 0.500 हे. में हल्दी का उत्पादन किया गया। हरकचन्द साय ने राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजनांतर्गत वर्ष 2023-24 में हल्दी क्षेत्र विस्तार का विभागीय लाभ लिया 
         कृषक हरकचन्द साय का कहना है कि उद्यान विभाग द्वारा दिये गये उचित मार्गदर्शन अनुसार हल्दी उत्पादन कार्य अच्छे ढंग से किया। समय-समय पर तकनीकी परामर्श प्राप्त करते हुए हल्दी का भरपूर उत्पादन ले रहे हैं।
 किसान ने बताया कि उत्पादित हल्दी का विक्रय अपने घर के समीप के बाजारो में किया करते हैं।
 इस वर्ष हल्दी का मांग अच्छा होने से अधिक लाभ हुआ। 
 परिवार की आर्थिक स्थिति अब अच्छा हो गया है  उद्यान विभाग से तकनीकी परामर्श लेक और अधिक उत्पादन करने की बात कही।
और भी