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रायपुर के विकास में महापौर एजाज ढेबर सबसे बड़ा रोड़ा थे- मीनल चौबे

 नगर निगम नेता प्रतिपक्ष मीनल चौबे ने पत्रकार वार्ता लेकर कहा कि नगर निगम का मूल कार्य जनता को व्यवस्थित शहर, पानी, सफाई और बिजली देना होता है। महापौर इन सभी क्षेत्रों में नाकाम रहे। शहर में ना तो विकास हुआ और ना ही जनता को मूलभूत सुविधाएं मिल पायी 2019-20 से लेकर 2023-24 तक केंद्र सरकार के द्वारा 1254 करोड़ 36 लाख 44 हजार रुपए नगर निगम को मिले। जिसमें ठोस अपशिष्ट प्रबंधन सफाई के लिए 74 करोड़ 60 लख रुपए मिले। पैसों का सही प्रबंधन करने में महापौर नाकामयाब रहे। परिणाम स्वरूप जनता को असुविधाओं का सामना करना पड़ा करोड़ों रुपए पेयजल योजना के लिए दिए गए जनता पेयजल के लिए तरसते रहे।


उन्होंने कहा महापौर एजाज ढेबर का पांच वर्ष का कार्यकाल अत्यंत निराशाजनक रहा। और वह फिसड्डी महापौर साबित हुए। राजधानी के अनुरूप विकास कार्य शुन्य हुए। रायपुर शहर की जनता को एक भी सौगात वे नहीं दे पाए। पांच वर्ष का कार्यकाल उनको मिला जिसमें वे अपनी एक भी उपलब्धि नहीं गिना सकते। बार-बार बूढ़ा तालाब सौन्दर्याकरण की वे बात करते हैं। वहां प्रवेश द्वार से लेकर फव्वारे तक सिर्फ भ्रष्टाचार हुआ है। करोड़ों रुपए के फव्वारे जनता देखने को तरस गई, प्रारंभ से ही फव्वारे बंद रहे, करोड़ों रुपए भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गये।

गोल बाजार के नाम पर व्यवसाईयों को सब्जबाग दिखाए गए मगर योजना को फलीभूत करने में नाकाम रहे। करोड़ों रुपए जवाहर बाजार में खर्च किया गया और आज भी व्यवसायी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं । मल्टीलेवल पार्किंग की दुर्दशा ही गई है। शहर में उद्यानों का व्यवसायीकरण कर दिया गया। यूथ हब के नाम पर नौजवानों से धोखा किया गया। शहर में बिना टेंडर के काम करवाए गए। डिवाइडर घोटाला इसका उदाहरण है। जनता की गाड़ी कमाई से जनता के लिए बनाए गए भवन को निजी संस्था को हस्तांतरित कर दिया गया और हस्तांतरण के पश्चात करोड़ों रुपए के ऐसो आराम का सामान निगम के कोष से लगवाए गए। बिना किसी प्लानिंग के मावली माता मंदिर का निर्माण की घोषणा की और जनता को धोखा दिया। सफाई कर्मचारियों को रोजाना नाश्ता वितरण की झूठी बातें कही। रायपुर में मिनी मेट्रो ट्रेन की झूठी बातें कहीं।

इसी प्रकार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत करोड़ों रुपए केंद्र सरकार ने दिए मगर राज्यांश नहीं मिलने के कारण गरीबों को मकान नहीं मिल पाया।
देश के गिने-चुने शहरों में दो स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट चलते थे महापौर एजाज ढेबर की नाकामियों के कारण नया रायपुर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट रायपुर से छिन गया।

कुल मिलाकर महापौर का कार्यकाल झूठ से आरंभ होकर झूठ में ही समाप्त हो गया। ना तो वह विकास कर पाए और ना ही जनता को सफाई, बिजली, पानी दे पाए।
 नेता प्रतिपक्ष मीनल चौबे ने चुनौती देते हुए कहा कि आगामी निगम चुनाव में अगर कांग्रेस में हिम्मत है तो अगला नगर निगम चुनाव वर्तमान महापौर के कार्यों के आधार पर लड़कर दिखाएं।
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उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव रायपुर और बलौदाबाजार में विभिन्न कार्यक्रमों में होंगे शामिल

 उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव 6 जनवरी को रायपुर और बलौदाबाजार में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। वे 6 जनवरी को दोपहर एक बजे रायपुर के स्वर्गीय बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय अधिकारी-कर्मचारी अधिवेशन में शामिल होंगे।


उप मुख्यमंत्री श्री साव दोपहर ढाई बजे रायपुर से बलौदाबाजार के लिए रवाना होंगे। वे शाम चार बजे बलौदाबाजार में जिला ऑडिटोरियम का उद्घाटन करेंगे। वे शाम पांच बजे बलौदाबाजार से रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे। वे शाम साढ़े छह बजे वापस रायपुर पहुंचेंगे।
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मोदी जी की गारंटी के अनुरूप हमने हर वर्ग से जुड़े वायदों को पूरा किया : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

 प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पीएम जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों के जीवन में विकास का उजियारा लाने की बड़ी पहल की है। पीएम जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजाति के लोग मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं। गरियाबंद  विशाल वन क्षेत्र और प्राकृतिक सुंदरता से समृद्ध जिला है। यहां बड़ी संख्या में विशेष पिछड़ी जनजातियां निवास करती हैं, जिनकी विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। हमारी सरकार मोदी की गारंटी के हर वायदे को पूरा कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज गरियाबंद जिले के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित आमसभा को सम्बोधित करते हुए यह बात कही।


मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर 338 करोड़ रुपए के 193 कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन किया। इनमें 119 करोड़ रुपए के 44 कार्यों का लोकार्पण तथा 219 करोड़ रुपए के 149 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। उन्होंने इस मौके पर जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र देवभोग-झाखरपारा के 36 गांवों के लोगों की सुविधा के लिए बेलाट नाले पर पुल निर्माण की घोषणा की। कार्यक्रम में उन्होंने विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं में 99 हितग्राहियों को कृषि पंप, मछली जाल सहित एक करोड़ 27 लाख रूपये विभिन्न सामग्रियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरणों में पात्र लोगों को नियुक्ति पत्र सौंपा। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि पीएम जनमन योजना अंतर्गत 2 हजार 528 से अधिक आवास गरियाबंद में हमारे कमार जनजाति के लोगों के लिए स्वीकृत किये गये हैं। गरियाबंद जिले में ही इस योजना के माध्यम से 58 करोड़ रुपए की लागत से 49 सड़कें बन रही हैं। सड़कों के पूर्ण होने से कमार जनजाति की बसाहटें अब मुख्यधारा से जुड़ जाएगी, कमार जनजाति के बच्चे अब आसानी से उच्च शिक्षा ग्रहण कर पाएंगे। कमार बसाहटों तक आसानी से जरूरत पड़ने पर एंबुलेंस पहुंच पाएगी। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जब हमने कुंभ मेले का आयोजन राजिम में आरंभ कराया था तब त्रिवेणी संगम की इस नगरी में पूरे देश से संतों का समागम हुआ। राजिम का यश और बढ़ा। दुर्भाग्य से पूर्ववर्ती सरकार ने इसकी गरिमा कम कर दी। हमारी सरकार ने इसे फिर से उसी भव्य रूप में आरंभ किया है। अगले महीने राजिम कुंभ का आयोजन पुनः होगा। इस बार भी पूरी भव्यता से इस सुंदर समारोह का आयोजन हम करेंगे। राजिम में संत-समागम होगा और हम सब इस सत्संग का लाभ प्राप्त करेंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सिकासार कोडार लिंक परियोजना के सर्वे का कार्य तेजी से हो रहा है। 112 किमी अंडर ग्राउंड नहर लाइनिंग का कार्य पूरा होने पर गरियाबंद जिले के हजारों किसान लाभान्वित होंगे। सुपेबेड़ा के किडनी के मरीजों के लिए डायलिसिस सुविधा के लिए जिला मुख्यालय एवं देवभोग में डायलिसिस सेंटर आरंभ किये गये हैं। इस समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए स्वास्थ्य विभाग को अनुसंधान के निर्देश दिए गए हैं। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने जिला प्रशासन के नवाचार कार्यों की तारीफ करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने एक पेड़ माँ के नाम लगाने का अभियान आरंभ किया। इसमें एक ही दिन में गरियाबंद की माताओं-बहनों ने 87 हजार से अधिक पौधे लगाकर लिम्का बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में नाम दर्ज करा दिया। इसके लिए सभी माताओं-बहनों को बहुत बहुत बधाई। उन्होंने कहा कि दसवीं-बारहवीं बोर्ड परीक्षाओं में अच्छे नतीजों के लिए यहां गौरव गरियाबंद अभियान चलाया जा रहा है। डिजिटल क्लास रूम और स्टूडियो के माध्यम से भी छात्र-छात्राओं को पढ़ाया जा रहा है, यह अच्छी पहल है।

कार्यक्रम को जिले के प्रभारी मंत्री एवं खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, लोकसभा क्षेत्र महासमुंद की सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, राजिम क्षेत्र के विधायक श्री रोहित साहू ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ऑटोएक्सपो 2025 के पोस्टर का किया विमोचन

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज पुलिस परेड ग्राउंड हेलीपेड में रायपुर आटोमोबाईल डिलर्स एसोसियेशन (राडा) के सदस्यों ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस दौरान 15 जनवरी से 15 फरवरी तक राजधानी रायपुर के साइंस कालेज ग्राउण्ड में आयोजित ऑटो एक्सपो 2025  के पोस्टर का विमोचन किया। इस अवसर पर खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल एवं रायपुर उत्तर के विधायक श्री पुरंदर मिश्रा भी उपस्थित थे।


एसोसियेशन के अध्यक्ष श्री रविन्द्र भसीन एवं प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को ऑटोएक्सपो 2025 के उद्घाटन हेतु मुख्य अतिथि के रूप में सम्मलित होने के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने इस आमंत्रण के लिए एसोसिएशन के सदस्यों को धन्यवाद दिया।
    
एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री भसीन ने मुख्यमंत्री श्री साय को बताया कि इस एक्सपो में छत्तीसगढ़ के प्रमुख ऑटोमोबाइल व्यवसायी भाग लेंगे। प्रदर्शनी में दोपहिया, चारपहिया, कमर्शियल वाहन, ट्रैक्टर डीलर्स, फाइनेंसर, ऑइल एजेंसी सहित ऑटोमोबाइल क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न श्रेणियों के 200 से अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे। इस दौरान नवीनतम वाहनों का प्रदर्शन किया जाएगा और लोगों को नई तकनीक की जानकारी दी जाएगी। पोस्टर विमोचन के दौरान राडा के उपाध्यक्ष कैलाश खेमानी, सचिव विवेक अग्रवाल, छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ़ कामर्स के प्रदेश अध्यक्ष श्री अमर परवानी, फेडरेशन ऑफ़ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष श्री मनीष राज सिंघानिया उपस्थित थे |
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से मिले अमेरिकी राजदूत श्री एरिक गार्सेटी

 छत्तीसगढ़ आना मेरा सपना था, मैने छत्तीसगढ़ की प्रकृति और यहां के पर्यटन स्थलों, संस्कृति के विषय में बहुत कुछ पढ़ और सुन रखा था। आज यहां आकर बहुत अच्छा लग रहा है। यह बात मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से मुख्यमंत्री निवास में आत्मीय मुलाकात के दौरान भारत में अमेरिका के राजदूत श्री एरिक गार्सेटी ने कही। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ शांत और सुंदर प्रदेश है। इस सुंदर प्रदेश की विकास यात्रा में अब अमेरिका भी साझेदार बनेगा।


मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से मुलाकात के दौरान राजदूत श्री गार्सेटी ने राज्य में निवेश को बढ़ावा देने, सांस्कृतिक पहलुओं और आर्थिक संभावनाओं पर गहन चर्चा की।  मुख्यमंत्री श्री साय ने उन्हें छत्तीसगढ़ में हो रहे विकास कार्यों और नई औद्योगिक नीति से निवेशकों के लिए बने अनुकूल वातावरण के बारे में विस्तार से बताया। श्री साय ने कहा कि हमारा राज्य वैश्विक निवेशकों के लिए खुला है और यहां हर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर विकास हो रहा है। अमेरिका जैसे मित्र राष्ट्रों का सहयोग हमारे लिए गौरव की बात है।

चर्चा के दौरान राजदूत श्री गार्सेटी ने कहा छत्तीसगढ़ बिजली उत्पादन के क्षेत्र में सरप्लस स्टेट है। यहां ऊर्जा, रक्षा, लॉजिस्टिक्स, आईटी और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। राजदूत ने कहा, हम छत्तीसगढ़ में विभिन्न अमेरिकी कंपनियों के निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में मिलकर काम करेंगे। छत्तीसगढ़ वैश्विक निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण डेस्टिनेशन बन सकता है। मुख्यमंत्री ने श्री गार्सेटी से कहा कि सभी निवेशकों का छत्तीसगढ़ में स्वागत है और उनके लिए सभी जरूरी सुविधाएं देने का काम सरकार करेगी।

राजदूत श्री गार्सेटी ने कहा परिवार के साथ आऊंगा बस्तर

मुख्यमंत्री श्री साय ने बातचीत के बीच अमेरिकी राजदूत श्री एरिक गार्सेटी से कहा कि हमारा छत्तीसगढ़ एक सुंदर प्रदेश है। यहां प्रकृति की गोद में बसे मनोरम पर्यटन स्थल हैं। आप छत्तीसगढ़ आए है तो बस्तर जरूर घूमें। मुख्यमंत्री के आग्रह पर श्री गार्सेटी ने कहा कि मैं पूरे परिवार के साथ बस्तर जरूर घूमने आऊंगा। 
              मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय एवं राजदूत श्री गार्सेटी के बीच विभिन्न विषयों पर बात हुई। मुख्यमंत्री से राजदूत ने कई रोचक प्रश्न भी किए। मुख्यमंत्री श्री साय ने भी बड़ी सहजता से अपने सार्वजनिक व व्यक्तिगत जीवन से जुड़े विषयों पर बातचीत की। दोनों ने घर के सदस्यों के बारे में जानकारी ली, उनका हालचाल जाना। बड़े मित्रवत अंदाज में दोनों इन बातों को साझा कर रहे थे, जिससे यह लगा ही नहीं कि वे पहली बार मिल रहे हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राजदूत श्री गार्सेटी के भांगड़ा डांस और हिन्दी सिनेमा के गानों के प्रति उनके जुड़ाव की खूब प्रशंसा की। इस पर श्री गार्सेटी ने मुख्यमंत्री से कहा कि अगली दिवाली हम साथ मनाएंगे और डांस करेंगे। 

छत्तीसगढ़ के विकास को लेकर जाना मुख्यमंत्री का विजन

मुख्यमंत्री श्री साय से बातचीत में राजदूत श्री गार्सेटी ने छत्तीसगढ़ के विकास को लेकर मुख्यमंत्री के विजन और इस दौरान आ रही चुनौतियों पर भी बात की। मुख्यमंत्री ने उन्हें बताया कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा के विपुल भण्डार वाला अग्रणी राज्य है। कई रेयर अर्थमेटल भी छत्तीसगढ़ में पाए जाते है। लिथियम आयन की नीलामी करने वाला देश का पहला राज्य है। 44 प्रतिशत वन क्षेत्र यहां मौजूद है। छत्तीसगढ़ के समावेशी विकास के लिए हमारी सरकार लगातार काम कर रही है। श्री साय ने उन्हें हाल ही में राजधानी नई दिल्ली में आयोजित इंवेस्टर मीट की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 50 हजार करोड़ रूपए से अधिक के निवेश के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं। यह प्रदेश की नई औद्योगिक नीति की बड़ी सफलता है। प्रदेश भौगोलिक रूप से महत्वूपर्ण स्थान रखता है। बढ़ते रेल, हवाई और रोड कनेक्टिविटी ने निवेशकों को आकर्षित करने का काम किया है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही महतारी वंदन योजना के बारे में भी उन्हें जानकारी दी। 

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि प्रदेश का आदिवासी बाहुल्य बस्तर क्षेत्र नक्सल प्रभावित है, जो अब तक बड़ी चुनौती बनी हुई थी। हमारी सरकार इन इलाकों में शांति स्थापना की दिशा में और आदिवासियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए अनेक योजनाएं चला रही है। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से इन दूरस्थ अंचलों में मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने का काम तेजी  से हो रहा है। नए कैम्प खुलने से नक्सलियों का दायरा सिमटा है और विकास का रास्ता तेजी से खुल रहा है। मुख्यमंत्री ने बस्तर ओलंपिक के सफल आयोजन के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इसके माध्यम से बस्तर के युवा, बुजुर्ग, महिलाओं ने मिलकर न केवल अपनी क्षमता और खेल कौशल को दिखाया बल्कि शांति का बड़ा संदेश देने का काम किया। राजदूत श्री गार्सेटी ने कहा कि बस्तर ओलंपिक में ओलंपिक विजेता एथलीट को भी आमंत्रित करें ताकि दुनिया बस्तर को जाने और बस्तर भी दुनिया से उस अंदाज से जुड़ पाए। मुख्यमंत्री ने उनके इस सुंदर के लिए धन्यवाद दिया। श्री गार्सेटी ने मुख्यमंत्री को 2028 में अमेरिका में आयोजित होने वाले ओलंपिक खेलों में शामिल होने का आमंत्रण भी दिया। 

चाय की चुस्कियों के साथ स्वीकार किया मुख्यमंत्री का आतिथ्य, कहा आई लव चाय 

 छत्तीसगढ़ प्रवास पर पहुंचे अमेरिकी राजदूत श्री गार्सेटी जब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से मिले तो उन्होंने शॉल और बेलमेटल की नंदी भेंट कर उनका छत्तीसगढ़ में स्वागत किया। अतिथि परम्परा निभाते हुए जब मुख्यमंत्री ने उनसे पूछा कि आप चाय या कॉफी क्या लेना पसंद करेंगे, मुख्यमंत्री श्री साय की बात सुनते ही राजदूत श्री गार्सेटी ने कहा कि आई लव चाय और मुख्यमंत्री के साथ चाय का आनंद लिया। इस दौरान उन्होंने गुड़ के रसगुल्ले का भी स्वाद चखा। मुख्यमंत्री ने श्री गार्सेटी एवं उनके सहयोगियों को छत्तीसगढ़ हर्बल के स्थानीय उत्पाद उपहार स्वरूप भेंट किए।
      इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव सर्व श्री राहुल भगत, सचिव श्री पी. दयानंद, सचिव डॉ. बसवराजु एस, आयुक्त जनसंपर्क डॉ. रवि मित्तल, संचालक उद्योग श्री प्रभात मलिक और अमेरिकी राजदूत के साथ आए अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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अब तक 97.60 लाख मीट्रिक टन धान की हो चुकी है खरीदी

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश के किसानों से सुगमता पूर्वक धान की खरीदी की जा रही है। वहीं धान खरीदी व्यवस्था पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है। राज्य में 14 नवम्बर से शुरू हुए धान खरीदी का सिलसिला अनवरत रूप से जारी है। अब तक लगभग 97.60 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। धान खरीदी के एवज में 19.34 लाख किसानों को बैंक लिकिंग व्यवस्था के तहत 21 हजार 040 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया है। धान खरीदी का यह अभियान 31 जनवरी 2025 तक चलेगी। 


प्रदेश के समस्त पंजीकृत कृषकों को खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में धान विक्रय हेतु टोकन की सुविधा ऑनलाईन एप्प (टोकन तुंहर हांथ) एवं उपार्जन केन्द्रों में 25 जनवरी 2025 तक के लिए उपलब्ध कराया गया है। किसान सुविधा अनुसार तिथी का चयन कर नियमानुसार धान विक्रय कर सकते है।

धान खरीदी के साथ-साथ मिलर्स द्वारा धान का उठाव भी तेजी से हो रहा है। धान उठाव के लिए लगभग 65.80 लाख मीट्रिक टन धान के लिए डीओ और टीओ जारी किया गया है, जिसके विरूद्ध अब तक 39 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव कर लिया गया है।

खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस खरीफ वर्ष के लिए 27.78 लाख किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है। इसमें 1.59 लाख नए किसान शामिल है। इस वर्ष 2739 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी अनुमानित है।

खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 03 जनवरी 2025 को 66392 किसानों से 3.25 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की गई है। इसके लिए 83 हजार 299 टोकन जारी किए गए थे।
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जस्टिस सप्रे की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राज्य सड़क सुरक्षा परिदृश्य की गई समीक्षा बैठक

माननीय न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) श्री अभय मनोहर सप्रे की अध्यक्षता तथा मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन की उपस्थिति में न्यू सर्किट हाउस रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्य के सडक सुरक्षा परिदृश्य की समीक्षा बैठक की गई। बैठक में अंतर्विभागीय लीड एजेंसी (सड़क सुरक्षा) के अध्यक्ष श्री संजय शर्मा द्वारा समग्र सड़क सुरक्षा परिदृश्य, सडक दुर्घटनाओं के कारण, नियंत्रण के उपाय-लक्ष्य, सडक सुरक्षा अंकेक्षण तथा प्रवर्तन, अंभियांत्रिकीय, शिक्षा, आकस्मिक उपचार आदि की भावी कार्ययोजना के संबंध में विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया।


अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी श्री सप्रे ने बैठक में ब्लैक स्पॉट्स के चिन्हाकन के पश्चात् यथा शीघ्र सुधारात्मक उपायों, घायलों की त्वरित उपचार देने, विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा की समुचित जानकारी एवं नियम तोड़ने वालों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों तथा जनसामान्य को सुरक्षा के लिए वाहन चालन के दौरान सीटबेल्ट, हेलमेट की अनिवार्यता को बढ़ावा देने को कहा। श्री सप्रे ने नागरिकों को जागरूक करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आपातकालीन उपचार एवं ट्रामा केयर के लिये विशेष पहल करके सड़क दुर्घटना में मृत्युदर में कमी की जा सकती है। इसके लिए अंतर्विभागीय समन्वय से रणनीति एवं योजना बनाकर बेहतर कार्य किया जा सकता है।

बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री प्रदीप गुप्ता सहित सचिवगण सर्वश्री एस प्रकाश, डॉ. बसव राजू, डॉ. कमलप्रीत सिंह, श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, श्री भीम सिंह सहित आयुक्त स्वास्थ्य डॉ. प्रियंका शुक्ला, अपर परिवहन आयुक्त श्री डी. रविशंकर, प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग श्री के.के. पिपरे, क्षेत्रीय अधिकारी एनएचएआई श्री एम. टी अटारे, संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री कुंदन कुमार उपस्थित थे।
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पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड: दोषियों को बख्शा नही जाएगा- मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने  बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर की नृशंस हत्या की घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इस हत्याकांड में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आईपीएस मयंक गुर्जर के नेतृत्व में 11 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। फारेंसिक टीम साइंटिफिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घटना की जांच कर रही है। अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और उनके द्वारा किए गए अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया है।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के निर्देश दिए गए हैं। हमारी सरकार अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाएगी और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था को बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पत्रकारों की स्वतंत्रता और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार का दायित्व है।
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छत्तीसगढ़ की समृद्ध परंपराओं और संस्कृति को प्रदर्शित करने का माध्यम बनेगा राजिम कुंभ कल्प : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

छत्तीसगढ़ के प्रयाग के रूप में प्रसिद्ध  राजिम में 12 फरवरी से 26 फरवरी 2025 तक कुंभ कल्प का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष यह अद्भुत धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन 52 एकड़ के नए प्रस्तावित मेला स्थल में संपन्न होगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन स्थित बैठक कक्ष में आज राजिम कुंभ कल्प के तैयारियों के संबंध में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक कर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने शाही स्नान, गंगा आरती, संत समागम समेत कुंभ कल्प के प्रमुख आयोजनों और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा। 

      मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प 2025 धर्म, आस्था और संस्कृति का अद्भुत समागम होगा और यह छत्तीसगढ़ की समृद्ध परंपराओं और  संस्कृति को प्रदर्शित करने का भी सुंदर माध्यम है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि श्रद्धालुओं को यहां अविस्मरणीय अनुभव प्राप्त हो और यह आयोजन हमारी गौरवशाली विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाएं।

 
         मुख्यमंत्री श्री साय  ने राजिम कुंभ कल्प के आयोजन में शामिल समस्त विभागों और प्रशासनिक अमले को आपस में समन्वय स्थापित कर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने श्रद्धालुओं के आवागमन की व्यवस्था, सुरक्षा संबंधी उपाय और स्वच्छता के लिए विशेष ध्यान देने को कहा। श्री साय ने कहा कि "हम सबकी जिम्मेदारी है कि इस आयोजन को सफल बनाएं और  छत्तीसगढ़ की पहचान के रूप में इसे स्थापित करें। उन्होंने 12 फरवरी को आयोजित माघी पुन्नी स्नान, 21 फरवरी जानकी जयंती के अवसर पर संत समागम और 26 फरवरी को होने वाले शाही स्नान की तैयारी पर विशेष ध्यान देने को कहा। 

         मुख्यमंत्री श्री साय को अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू ने राजिम कुंभ कल्प 2025 के आयोजन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने पीपीटी के माध्यम से आयोजन स्थल में विभिन्न गतिविधियों के लिए निर्धारित स्थानों के बारे में बताया। कुंभ कल्प में नागरिक सुविधाओं, साधु संतों के आवागमन, शाही स्नान और गंगा आरती को लेकर विभाग के तैयारियों के बारे में जानकारी दी। 

            उल्लेखनीय है कि 12 फरवरी को माघी पूर्णिमा के पावन अवसर पर राजिम कुंभ कल्प का शुभारंभ होगा और 26 फरवरी महाशिवरात्रि को इसका समापन होगा। राजिम कुंभ कल्प पैरी, महानदी और सोंढूर नदी के संगम पर आयोजित होगा। श्रद्धालु इन पवित्र नदियों में स्नान कर पुण्य लाभ प्राप्त करेंगे।

            राजिम कुंभ कल्प के संपूर्ण आयोजन के लिए पर्यटन विभाग को नोडल बनाया गया है। 15 दिनों तक चलने वाले इस कुंभ कल्प में पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी साधु संतों का विराट समागम होगा। माघी पुन्नी स्नान, शाही स्नान, जानकी जयंती के अवसर पर संत समागम विशेष रूप से आयोजित होगा। प्रतिदिन सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन, मेला, मड़ई, मीना बाजार और विभागीय प्रदर्शनी भी कुंभ कल्प का विशेष आकर्षण के रूप में शामिल हैं। 

          बैठक में विधायक श्री रोहित साहू, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, सचिव धर्मस्व श्री अन्बलगन पी., संचालक संस्कृति श्री विवेक आचार्य, आईजी रायपुर श्री अमरेश मिश्रा, कलेक्टर गरियाबंद श्री दीपक अग्रवाल सहित अन्य विभागीय अधिकारीगण उपस्थित थे।
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राज्यपाल श्री डेका को उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने दी नए वर्ष की शुभकामनाएं

 राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज राजभवन में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने भेंट कर नववर्ष की शुभकामनाएं दी और राज्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। श्री डेका ने भी उन्हें नववर्ष की शुभकामनाएं दीं।

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आईटी हब के रूप में उभर रहा है नवा रायपुर

 विकसित भारत की तर्ज पर विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना को साकार करने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सतत प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में नवा रायपुर अटल नगर में सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं पर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय की पहल का नतीजा है कि छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर क्षेत्र में आईटी और आईटी- इनेबल्ड सर्विसेस का तेजी से विकास हो रहा है। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। राज्य सरकार की योजनाओं और संस्थाओं की पहल से नवा रायपुर युवाओं के लिए रोजगार और विकास का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।

 
 वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी ने बताया कि नवा रायपुर में स्क्वायर बिजनेस सर्विसेज और टेली परफॉर्मेंस जैसी प्रमुख आईटी कंपनियों ने अपनी सेवाएं शुरू की हैं, जिससे अब तक 260 से अधिक युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ है।
 
रायपुर के एक साधारण मध्य वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाली 24 वर्षीय सतरूपा का सपना था कि वह आत्मनिर्भर होकर परिवार का सहारा बने। खेती- किसानी और घरेलू काम काज करने वाली सतरूपा  की मां को अपनी बेटी पर गर्व है,   क्योंकि पढ़ाई पूरी करने के बाद सतरूपा आज न केवल आत्मनिर्भर है,  बल्कि परिवार को भी आर्थिक संबल प्रदान कर रही है। नवा रायपुर के स्क्वायर बिजनेस सर्विसेज में नौकरी कर रही सतरूपा ने मेहनत और लगन से तरक्की की राह पकड़ ली। पहले साल में ही उसे पदोन्नति मिली और उसका वेतन बढ़ा, जिससे उसने अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूती दी। नवा रायपुर में स्क्वायर बिजनेस सर्विसेज ने 180 और टेली परफॉर्मेंस ने 80 पदों पर भर्ती की है। इसके अलावा,  टेली परफॉर्मेंस ने 100 और कर्मचारियों की भर्ती करने की योजना बनाई है और सीएसएम टेक्नोलॉजीज ने 200 प्रोफेशनल्स की भर्ती के लिए आवेदन मंगाए हैं। यह न केवल नवा रायपुर के लिए बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए सकारात्मक बदलाव के संकेत है। 
 
नवा रायपुर के आईटी हब बनने की प्रक्रिया में राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। रायपुर और नवा रायपुर के बीच आईटी पेशेवरों के लिए मुफ्त बस सेवा की तथा स्क्वायर बिजनेस सर्विसेज के कर्मचारियों के लिए आवासीय समाधान भी उपलब्ध कराने की योजना है। सीबीडी सेक्टर 21 में अत्याधुनिक कार्यालयों का निर्माण किया जा रहा है, जो कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण प्रदान करेंगे।
 
नवा रायपुर में आईटी क्षेत्र के विकास के साथ ही आने वाले समय में 10,000 से अधिक रोजगार के अवसर उत्पन्न होने की संभावना है।
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मुख्यमंत्री ने लेफ्टिनेंट नर्सिंग ऑफिसर वीणा साहू और राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज में चयनित आदित्य सिंह के देश सेवा के जज्बे को सराहा

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट नर्सिंग अफसर के रूप में सेवा दे रही छत्तीसगढ़ की बेटी वीणा साहू और राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज में चयनित बस्तर संभाग के फरसगांव के आदित्य सिंह के भारतीय सेना में जाने के जज्बे की सराहना की है। ये दोनों युवा साधारण परिवार से हैं, साधारण पृष्ठभूमि के इन युवाओं ने देश की सेवा और भारतीय सेना में शामिल होने के अपने जुनून और जज्बे के चलते यह मुकाम हासिल किया है। वीणा साहू बालोद जिले के जमरूवा गांव के किसान श्री चेतन साहू की बेटी हैं। वीणा साहू का सपना मिलिट्री में जाने का था, जो उन्होंने अपने लगन और मेहनत से पूरा कर दिखाया। आदित्य सिंह के पिता श्री जयप्रकाश सिंह जनरल स्टोर चलाते हैं। आदित्य के पिता एयरफोर्स में जाना चाहते थे, लेकिन सफल नहीं हो पाए। उनका यह सपना उनके बेटे ने अपनी मेहनत और लगन से साकार कर दिखाया है। 
 
मुख्यमंत्री श्री साय ने वीणा साहू से फोन पर बात कर उन्हें उनकी इस उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी और उनका उत्साहवर्धन किया। वीणा साहू छुट्टियों में अपने घर आई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियां हमारा स्वाभिमान है, छत्तीसगढ़ की शान हैं। उन्होंने वीणा साहू से कहा कि आपने छत्तीसगढ़ का नाम रौशन किया है, छत्तीसगढ़ का नाम ऊंचा किया है। आपकी यह उपलब्धि प्रदेश के असंख्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्त्रोत हैं। वीणा साहू ने कहा कि नर्सिंग ऑफिसर बनकर हम उन लोगों की सेवा कर रहे हैं, जो देश की सेवा करते हैं। यह हमारे लिए गर्व की बात है। 
 
मुख्यमंत्री ने आदित्य सिंह की इस उपलब्धि के लिए उनके पिता से फोन पर बात कर उन्हें शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदित्य की यह सफलता पूरे प्रदेश के लिए गर्वित करने वाला पल है, आदित्य को भी इस उपलब्धि के लिए बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं। मुख्यमंत्री ने आदित्य के पिता से कहा कि आदित्य की पढ़ाई की चिंता न करें, जो भी जरूरी होगा सहयोग करेंगे। आदित्य ने छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा देश और प्रदेश की सेवा में सदैव तत्पर हैं।
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50 बरस में बिजली के खम्बे पहुंची और 77 बरस में पहुंची कोरिया के सुदूर गांवों में बिजली की रोशनी

छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के सुदूर गांवों में बिजली पहुंचने की यह कहानी केवल तकनीकी विकास की नहीं है, बल्कि धैर्य, संघर्ष और आशा की जीत का प्रतीक है। यह एक ऐसा अवसर है जो इन गांवों के लोगों की जिंदगी में एक क्रांतिकारी बदलाव लेकर आया है।
 
अंधकार से उजाले तक का सफर
1947 में देश को आजादी मिलने के बाद विकास की गंगा देश के हर कोने में बहने लगी। लेकिन कोरिया जिले के तर्रा, बसेर और मेन्द्रा जैसे गांवों को इस गंगा का इंतजार करते-करते 77 वर्ष लग गए। 1997-98 में जब इन गांवों में बिजली के खंभे लगाए गए, तब ग्रामीणों ने सोचा कि अब उनका जीवन भी रोशन होगा। लेकिन वर्षों तक तारों में करंट नहीं दौड़ा। इस दौरान गांव के लोग सौर ऊर्जा या फिर मिट्टी के तेल के दीयों के सहारे जिंदगी गुजारते रहे।
 
मुख्यमंत्री मजराटोला विद्युतीकरण योजना: एक नई शुरुआत
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी ने मुख्यमंत्री मजराटोला विद्युतीकरण योजना के तहत इन गांवों को रोशन करने का बीड़ा उठाया। ग्राम तर्रा में 55 लाख रुपए की लागत से 12 किमी 11 केवी और 9 किमी एलटी लाइन बिछाई गई। 3 ट्रांसफार्मर लगाए गए और 88 घरों को बिजली कनेक्शन मिला। ग्राम बसेर में 1.08 करोड़ रुपए की लागत से 8 किमी 11 केवी और 6 किमी एलटी लाइन का विस्तार हुआ। 7 ट्रांसफार्मर लगाए गए और 230 घरों में बिजली पहुंची। ग्राम मेन्द्रा में 54 लाख रुपए की लागत से 9 किमी 11 केवी और 6 किमी एलटी लाइन बिछाई गई। 2 ट्रांसफार्मर लगाए गए और 64 घरों में बिजली की सप्लाई शुरू हुई।
 
ग्रामीणों के लिए बदलाव की नई किरण
गांवों में बिजली पहुंचने के बाद न केवल रातें रोशन हुईं, बल्कि जीवन की दिशा भी बदली। ग्राम बसेर की छात्रा सुखमतिया ने कहा, "अब मैं देर रात तक पढ़ाई कर सकती हूं। बिजली ने मेरी पढ़ाई को आसान बना दिया है।" सुखमतिया की मां शांति बाई ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, "गर्मी में अब पंखा खरीदेंगे। जीवन पहले से आसान और आरामदायक हो जाएगा।"  बिजली से गांवों में छोटे व्यवसाय शुरू करने की संभावनाएं भी बढ़ी हैं। बिजली आने से घरों में रोशनी ही नहीं, रोजगार और आय के साधन भी आएंगे।
 
अब अगला लक्ष्य 4जी टॉवर
जिले के कलेक्टर चंदन त्रिपाठी ने बताया, "सही योजनाओं के कारण ही इन गांवों में बिजली पहुंच पाई है।" उन्होंने कहा कि, "हमने मार्गों का गहन सर्वेक्षण कराया, सड़कें बनाई गईं और वन विभाग से मदद मांगकर बिजली के खंभे लगाए गए और गांवों में बिजली पहुंचाई गई। शुरुआत में चीजें कठिन थीं क्योंकि यह घने जंगल और सुदूर क्षेत्र था।" एप्रोच रोड भी नहीं था, लेकिन लोगों की इच्छाशक्ति और  समाज के विभिन्न तबकों के सहयोग की वजह से सम्भव हुआ है। श्रीमती त्रिपाठी ने कहा कि अगला लक्ष्य उन्हें 4जी बीएसएनएल मोबाइल नेटवर्क दिलाना है।" उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी ने मुख्यमंत्री मजराटोला विद्युतीकरण योजना के तहत इन गांवों को रोशन करने का काम अपने हाथ में लिया है। कलेक्टर ने कहा जिन गांवों, पारा-मोहल्ले में बिजली नहीं पहुंची है, वहां भी शीघ्र पहुंचाने कार्य चल रही है। निश्चित ही इन ग्रामीणों के घरों में बिजली कनेक्शन होने से अंधेरे से मुक्ति मिली है।
 
संघर्ष और आशा की कहानी
ग्राम पंचायत बसेर के सरपंच नाहर सिंह ने बताया कि 1997-98 में जब खंभे लगाए गए थे, तब ग्रामीणों ने कई सपने देखे थे। लेकिन बिजली न होने के कारण उन सपनों पर अंधकार छा गया। हालांकि इन गांवों में सोलर पैनल के माध्यम से  बिजली पहुंचने से कुछ हद तक राहत मिली थी। सरपंच ने बताया कि लगातार प्रशासन से मांग और प्रयास के बाद आखिरकार 2024 में इन गांवों में बिजली पहुंची। बिजली का गांवों में पहुंचना केवल रोशनी का आगमन नहीं है, बल्कि यह शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक उन्नति के नए द्वार खोलने का संकेत है। आजादी के 77 वर्षों बाद बिजली का पहुंचना विकास की एक नई लहर है। यह गांवों के लिए एक नई शुरुआत है, जो उनकी जिंदगी में उजाले के साथ-साथ नई संभावनाओं को भी लेकर आई है।
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छत्तीसगढ़ सरकार और सामूहिक प्रयास संघर्ष का प्रतिफल

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के अरनपुर-जगरगुंडा इलाके के गांव पोटाली में लगभग 19 वर्ष बाद फिर से स्वास्थ्य सुविधा बहाल हो गई है। पोटाली के ग्रामीणों को अब उनके गांव में ही स्वास्थ्य सुविधा मिलनी शुरू हो गई है। विधायक श्री चैतराम अटामी ने पोटाली गांव में शासन-प्रशासन की विशेष पहल से फिर से तैयार सर्वसुविधायुक्त उप स्वास्थ्य केन्द्र (आयुष्मान आरोग्य मंदिर) का शुभारंभ किया। इस दौरान दंतेवाड़ा के कलेक्टर और एसपी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। 
  
गौरतलब है कि पोटाली ग्राम पंचायत दंतेवाड़ा जिले के अरनपुर-जगरगुंडा इलाके में स्थित है। यह धुर नक्सल प्रभावित इलाका रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार के नक्सल उन्मूलन अभियान की सफलता के चलते अब यहां शांति और विकास की बयार बहने लगी है, जिसके फलस्वरूप यहां स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क सहित अन्य बुनियादी सुविधाएं तेजी से पहुंचने लगी हैं। 
 
बताया जाता है कि वर्ष 2004-05 में एनएमडीसी द्वारा ग्राम पोटाली सब हेल्थ सेंटर का निर्माण कराया गया था। निर्माण के कुछ समय बाद ही नक्सली हिंसा और सलवा जुडूम आंदोलन के कारण यह पूरी तरह से बंद हो गया और स्वास्थ्य केन्द्र का भवन खंडहर में तब्दील हो गया। नक्सलियों ने इस भवन की दीवारों पर धमकी भरे संदेश लिख दिए थे, और इस भवन का उपयोग करने वालों को नुकसान पहुंचाने की चेतावनी देते थे। जिसके चलते यह उप स्वास्थ्य केन्द्र पूरी तरह से अनुपयोगी हो गया। 
 
पोटाली गांव के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अरनपुर या समेली गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक पैदल जाना पड़ता था। कई बार, केवल बुनियादी दवाओं के लिए भी उन्हें मीलों चलना पड़ता था। यह स्थिति ग्रामीणों के लिए बेहद कठिन और निराशाजनक थी। ग्रामीणों की मांग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की पहल को देखते हुए शासन-प्रशासन द्वारा फिर से इसका जीर्णोद्धार, रंग-रोगन एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई। ग्रामीण बताते हैं कि इस स्वास्थ्य केन्द्र के जीर्णोंद्धार के दौरान अप्रैल 2023 में अरनपुर के पास हुए एक बम धमाके में 10 सुरक्षा कर्मियों की शहादत ने पूरे क्षेत्र में भय व्याप्त हो गया, जिसके चलते ठेकेदारों और श्रमिकों ने अपनी सुरक्षा के डर से काम रोक दिया। शासन-प्रशासन द्वारा ग्रामीणों को विश्वास में लेकर काम को फिर से शुरू किया गया। लेकिन, अप्रैल 2024 में एक स्थानीय जनप्रतिनिधि जो पोटाली में स्वास्थ्य सुविधा की बहाली के लिए बढ़-चढ़कर काम कर रहे थे, नक्सलियों द्वारा उनकी हत्या कर दी गई। 
 
इन सभी बाधाओं के बावजूद, पोटाली स्वास्थ्य केन्द्र को पुनर्जीवित करने का कार्य नहीं रूका। जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और ग्रामीणों के अथक प्रयास से यह काम अंततः पूरा हुआ और पोटाली स्वास्थ्य केन्द्र वहां की जनता के लिए लोकार्पित कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ सरकार की नियद नेल्ला नार योजना का भी पोटाली में स्वास्थ्य सेवाओं की बहाली में महत्वपूर्ण रोल रहा है। इस स्वास्थ्य केंद्र में छह-बिस्तरों वाला वार्ड की भी सुविधा है जिसके सफल संचालन के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, ग्रामीण स्वास्थ्य समन्वयक और 26 मितानिन की टीम मौजूद है। 
 
पोटाली में स्वास्थ्य केन्द्र शुरू हो जाने से ग्रामीण बेहद प्रसन्न हैं। ग्राम पंचायत की सरपंच ललिता मंडावी ने कहा कि उनके गांव में सर्वसुविधायुक्त उप स्वास्थ्य केन्द्र का शुरू होना अच्छी बात है। अब ग्रामीणों को इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। गांव के युवा दिलीप कुमार ने कहा कि नक्सलियों के चलते गांव का स्वास्थ्य केन्द्र उजड़ गया था। यहां के लोगों को इलाज कराने के लिए अरनपुर और समेली जाना पड़ता था, जो कि 15 से 18 किलोमीटर की दूरी पर है अब लोग गांव में ही इलाज करा लेंगे। गांव में आवागमन के लिए सड़क सहित अन्य सुविधाओं का भी विकास हो रहा है।
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नए साल के पहले दिन ही सचिवों और विभागाध्यक्षों की बैठक में मुख्यमंत्री ने दिया शासकीय कामकाज में कसावट लाने का मंत्र

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नए साल के पहले दिन ही मंत्रालय में सभी विभागों के सचिवों और विभागों के विभागाध्यक्षों की बैठक लेकर शासकीय काम-काज में पारदर्शिता और कसावट लाने के साथ-साथ आमजनता से जुड़े मामलों का तत्परतापूर्वक त्वरित  एवं प्रभावी निराकरण करने के निर्देश दिए। 
 
मुख्यमंत्री साय ने बैठक में दो टूक कहा कि प्रशासनिक काम-काज में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी से लेकर निचले स्तर तक के अधिकारी-कर्मचारी समय पर कार्यालय आएं और पूरी मुस्तैदी से अपने दायित्वों का निर्वहन करें। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए हम सभी को टीम भावना के साथ काम करना होगा। 
 
   मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि वर्ष 2024 में हमने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की प्रमुख गारंटियों को पूरा किया है। वर्ष 2025 छत्तीसगढ़ का रजत जयंती वर्ष है। रजत जयंती वर्ष का छत्तीसगढ़ के लिए विशेष महत्व है, इसलिए बहुत उत्साह से निष्ठापूर्वक अपने दायित्वों का निर्वहन करें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विशेष अभियान संचालित कर लंबित फाइलों को तत्परता से निराकृत करने की हिदायत दी। उन्होंने मंत्रालय सहित सभी ऑफिसों में ई-ऑफिस की व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने के निर्देश दिए। 
 
    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि वे स्वयं सभी विभागों के कार्यों की समीक्षा करेंगे। उन्होंने सभी विभागीय सचिवों को अपने विभाग की नियमित समीक्षा करने के निर्देश देते हुए कहा कि  हर महीने वर्चुअल समीक्षा के साथ ही हर 3 महीने में भौतिक समीक्षा भी की जाए। साथ ही बड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं का समयबद्ध निराकरण करने का प्रयास करें और मुख्य सचिव तथा प्रमुख सचिव को अवगत कराएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी की समस्याओं का समय पर निराकरण होना जरूरी है।
 
     मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ईज ऑफ लिविंग और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर हमारा फोकस होना चाहिए। छत्तीसगढ़ में अभी निवेश का बहुत अच्छा माहौल बना है। छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नीति 2024-2030 की पूरे देश में सराहना की जा रही है। नई औद्योगिक नीति का लाभ निवेशकों को मिले, इसका विशेष ध्यान रखें। 
 
     मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति मजबूत होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विगत एक साल में हमने नक्सल मोर्चे पर बड़ी कामयाबी पाई है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित  करने में हम कामयाब हुए हैं। शासन की योजनाओं को नक्सल प्रभावित क्षेत्रों तक ले जाने की आवश्यकता है। नियद नेल्ला नार योजना का लाभ क्षेत्र के लोगों को मिले, यह बहुत जरूरी है। नक्सली क्षेत्र में बहुत से सुरक्षा कैंप हमने खोले हैं। इस बात का ध्यान रखें कि संबंधित विभाग के कार्य जो नियद नेल्ला नार योजना के तहत आते हैं, वे त्वरित गति से इन क्षेत्रों में पूर्ण हों।  छत्तीसगढ़ के दूरस्थ आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों तक शासन की योजना का लाभ पहुंचाना सेवा का कार्य है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिलों के प्रभारी सचिव हर 2 महीने में जिलों का दौरा करें। इस दौरान वे जिले के अंदरूनी क्षेत्रों में जाएं और फील्ड की जानकारी लें, तभी जमीनी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति पता चलेगी। उन्होंने प्रभारी सचिवों को अपने जिले के भ्रमण के दौरान वहां की स्थिति के के सम्बन्ध में मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव अनिवार्य रूप से अवगत कराने के निर्देश दिए।
 
मुख्यमंत्री  साय ने जिलों में भी प्रशासनिक कसावट का विशेष ख्याल रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रैफिक व्यवस्था पर भी बहुत ध्यान दिए जाने की जरूरत है। आजकल बहुत सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। अभियान चला कर सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम का पुख्ता प्रबंध किया जाना चाहिए ताकि इसमें कमी लायी जा सके। छत्तीसगढ़ में अन्य राज्यों से नशे की सामग्रियों की तस्करी न होने पाए, इस पर कड़ाई से रोक लगाने की जरूरत है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि पिछले एक वर्ष में नशे के अवैध कारोबार की रोकथाम के लिए अच्छा प्रयास किया गया है, इसमें और तेजी लाने की जरूरत है। 
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छत्तीसगढ़ सरकार के फैसले से चावल उद्योग को मिलेगा प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ सरकार ने छत्तीसगढ़ के चावल उद्योग को प्रोत्साहित करने तथा राज्य से गैर-बासमती चावल के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए चावल निर्यातकों को मण्डी शुल्क और कृषक कल्याण शुल्क से पूर्णतः छूट देने का निर्णय लिया है। यह छूट उन निर्यातकों को मिलेगी जो राज्य के राइस मिलर्स और मंडियों के माध्यम से खरीदे गए धान से तैयार गैर-बासमती चावल का निर्यात करेंगे। शुल्क में छूट देने का उद्देश्य छत्तीसगढ़ से गैर बासमती चावल निर्यात को बढ़ावा देना और राज्य के किसानों तथा चावल मिलर्स को अधिक लाभ दिलाना है। सरकार के इस फैसले से छत्तीसगढ़ के चावल उद्योग को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद मिलेगी। 
 
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा मंडी शुल्क एवं किसान कल्याण में छूट दिए जाने की  अधिसूचना को राजपत्र में प्रकाशन के लिए जारी कर दिया गया है। यह छूट अधिसूचना प्रकाशन के दिनांक से लेकर एक वर्ष तक के लिए होगी। उक्त दोनों शुल्कों में छूट के लिए चावल निर्यातकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके शिपिंग बिल में चावल के कार्गाे का मूल स्थान छत्तीसगढ़ लिखा हो। इसके अलावा, छत्तीसगढ़ का वस्तु एवं सेवा कर विवरण, लदान बिल, और बैंक री-कॉसिलेशन स्टेटमेंट की प्रति संबंधित मंडी में प्रस्तुत करनी होगी। राज्य के पंजीकृत चावल निर्यातकों और राइस मिलर्स को एक घोषणा पत्र देना होगा, जिसमें यह स्पष्ट रूप से दर्शाया गया हो कि चावल छत्तीसगढ़ से खरीदे गए धान से तैयार किया गया है। राइस मिलर्स को मंडी अधिनियम के तहत चावल निर्यातकों को परमिट जारी करना होगा।

 

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रायपुर में सड़क किनारे बैठे लोगों को ट्रक ने रौंदा, मौके पर 2 बच्चों की मौत, 10 घायल

 सिलतरा इलाके में एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई और 10 से अधिक लोग घायल हो गए।

हादसा उस वक्त हुआ जब तूफान गाड़ी में तकनीकी खराबी के कारण ड्राइवर ने गाड़ी को सड़क किनारे पार्क कर दिया था। गाड़ी से उतरे यात्री सड़क किनारे बैठे थे, तभी तेज रफ्तार ट्रक ने आकर उन्हें कुचल दिया।

गाड़ी में 13 लोग सवार थे, 2 की मौत

हादसे में 14 वर्षीय मोनिका और 12 वर्षीय आराध्या की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 10 लोग घायल हो गए, जिनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है।

गाड़ी में कुल 13 लोग सवार थे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया और ट्रक ड्राइवर को हिरासत में लिया। हादसा धरसींवा थाना क्षेत्र में हुआ।

जानकारी के अनुसार पीड़ित परिवार शीतकालीन छुट्टी में जगन्नाथ पुरी और अमरकंटक की यात्रा से लौट रहा था। सिलतरा चौकी पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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नए साल में साय सरकार के मंत्रिमंडल में जुड़ेंगे नए चेहरे, बदलेगा राजनीतिक समीकरण

 नए वर्ष में प्रदेश के राजनीतिक समीकरण में कई बदलाव देखने को मिलेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार के मंत्रिमंडल में नए विधायकों को जगह मिलने से नया राजनीतिक समीकरण बनेगा। हरियाणा की तर्ज पर प्रदेश में भी 14 मंत्री बनाने के प्रस्ताव पर मुहर लगी तो साय सरकार के मंत्रिमंडल में तीन नए चेहरों को मौका मिलेगा।


अभी प्रदेश की 90 सीटों वाली विधानसभा में 15 प्रतिशत के हिसाब से 13.5 प्रतिशत विधायकों को ही मंत्री बनाने का प्रविधान है। हालांकि हरियाणा में भी भाजपा सरकार है और वहां भी विधानसभा में कुल 90 सीटें हैं, इसके बावजूद वहां पर 14 मंत्री बनाए गए हैं।
ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि छत्तीसगढ़ में भी हरियाणा फार्मूला चल सकता है। मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के रायपुर सांसद बनने के बाद साय मंत्रिमंडल में अभी 11 मंत्री हैं। मंत्रिमंडल के अलावा साय सरकार 33 निगम मंडलों में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष और सदस्यों की भी नियुक्ति करेगी। इसी तरह विधानसभा में उपाध्यक्ष और कांग्रेस की तरफ से उप नेता प्रतिपक्ष बनाने की भी कवायद हो सकती है।
कांग्रेस में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) का विलय

प्रदेश कांग्रेस कमेटी में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) का विलय होने की उम्मीद है। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने कांग्रेस में विलय के लिए प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज को पत्र लिखकर प्रस्ताव भेजा है। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) की स्थापना 23 जून 2016 को पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने किया था।

वर्ष-2018 के विधानसभा चुनाव में बसपा के साथ मिलकर जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने चुनाव लड़ा था। गठनबंधन को 90 में से केवल सात सीटें ही मिलीं, जिसमें जोगी की पार्टी को पांच और बसपा की दो शामिल थीं। 2023 के विधानसभा चुनाव में जोगी की पार्टी ने अकेले चुनाव लड़ा। 77 सीटों पर प्रत्याशी उतरे, लेकिन किसी को जीत का स्वाद नही मिला।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी में होगा बदलाव
कांग्रेस में बड़े बदलाव की आवाज पिछले कई महीनों से उठ रही है। पार्टी नेतृत्व ने इस बारे में पहले भी कई मौकों पर संकेत दिया है। अभी तक पार्टी में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला है, लेकिन अब बदलाव की आवाज जोर-शोर से उठने लगी है।

प्रदेश कांग्रेस संगठन में महामंत्री, सचिव और जिला अध्यक्ष सहित कई पद रिक्त हैं। इन पदों पर नए लोगों को नियुक्त किया जाना है। ये पद काफी समय से रिक्त हैं। नये वर्ष में कई जिलों में शहरी और ग्रामीण जिला अध्यक्ष बदले जाएंगे, जिसकी तैयारी कर ली गई है।
नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव पहली बार बैठेंगे प्रशासक

प्रदेश में नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव कराए जाएंगे, इसके लिए तैयारी पूरी की जा चुकी है। भाजपा और कांग्रेस ने लोगों के बीच जाने के लिए मुद्दे तय कर लिए हैं। प्रदेश के 14 नगर निगमों में से 10 में चुनाव होना है।

इनमें अंबिकापुर, धमतरी, कोरबा, बिलासपुर, चिरमिरी, राजनांदगांव, जगदलपुर, रायगढ़, दुर्ग, रायपुर शामिल हैं। रिसाली, भिलाई, बीरगांव और भिलाई-चरोदा में अभी चुनाव नही होंगे। 14 में से 13 निगमों में कांग्रेस की सरकार है। राज्य निर्माण के बाद पहली बार तय कार्यकाल के पूरा होने के बाद भी चुनाव नहीं हो पाए हैं। पहली बार प्रदेश में प्रशासक की नियुक्ति की जाएगी। पंचायत चुनाव में भी पंचायतों में नए सरपंच मिलेंगे।

 
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