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किशोरी बेटी के साथ रेप, पिता गिरफ्तार

 छत्तीसगढ़ में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है, जहां कलयुग पिता ने खुद की 12 वर्षीय मासूम बेटी को हवस का शिकार बनाया. मां की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है. यह मामला बलरामपुर जिले के सनवाल क्षेत्र का है.

 

बताया जा रहा कि घर से दूर जाकर तालाब के किनारे पिता अपनी बेटी के साथ अनाचार कर रहा था. घटना की जानकारी तब लगी जब मासूम चिल्लाने लगी. इसके बाद मां ने बेटी को बचाने के लिए दौड़ा. मां की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी पिता को रिमांड में लेकर जेल भेज दिया है.

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अज्ञात वाहन ने ऑटो को मारी टक्कर 1 की मौत 10 घायल

 जिले से भीषण सड़क हादसे का मामला सामने आया है। जिसमें एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई है। वहीं ऑटो चालक सहित 10 महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गई है।

सभी महिलाएं दशगात्र कार्यक्रम से वापस लौट रही थी। वहीं हादसे में ऑटो को टक्कर मारने वाला अज्ञात वाहन चालक मौके से फरार हो गया है। 

 

दरअसल, सूरजपुर के बरोल गांव से महिलाएं ऑटो में सवार होकर दशगात्र कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गई थी। इसी दौरान सभी वहां से वापस लौट रही थी। तभी रास्ते में एक अज्ञात वाहन में ऑटो को जबरदस्त टक्कर मार दी।

इस दौरान एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं हादसे में ऑटो चालक सहित 10 महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गई है। हादसा इतना जबरदस्त था की ऑटो के परखच्चे उड़ गए हैं। 

 

 

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कलेक्टर ने निराकरण के दिए निर्देश,जनदर्शन में 106 आवेदन प्राप्त हुए

 कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी ने जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे जनसामान्य लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन में पहुंचे सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा।

जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन कराने, रोजगार दिलाने, आर्थिक सहायता राशि दिलाने सहित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आज 106 आवेदन प्राप्त हुए। बजरंग नगर दुर्ग निवासियों ने गैस एजेंसी के विरूद्ध कार्यवाही करने मांग की। उन्होंने बताया कि गरीबी रेखा से जीवन यापन करने वाले हम मजदूर रोजी मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। हमारे नाम से गरीबी रेखा राशन कार्ड बना हुआ है।

 
 

शासन की योजना के अंतर्गत उज्जवला योजना के तहत गैस कनेक्शन के लिए 2018 में आवेदन किया गया था। अपने नाम का गैस सिलेण्डर लेने गोल्डन गैस एजेंसी पद्मनाभपुर में गए तो वहां के.वाय.सी. नही हुआ है, कहकर लगभग तीन वर्षो से घुमाया जा रहा है, जबकि मेेरे नाम से गैस सिलेण्डर प्रतिमाह उठाया जा रहा है, जो कि मेरे नाम से जारी दिखा रहा है। इसी प्रकार अन्य महिलाओं को भी गैस सिलेण्डर के लिए घुमाया जा रहा है। इस पर कलेक्टर खाद्य नियंत्रण अधिकारी को परीक्षण कर कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

 
 

ग्राम औंरी निवासी ने विकलांग पेंशन प्रदान करने आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि 50 प्रतिशत विकलांग होने के कारण जीवन यापन हेतु शारीरिक एवं आर्थिक रूप से सक्षम नही है। वर्तमान में किसी भी प्रकार का पेंशन प्राप्त नही होने से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कलेक्टर ने परीक्षण कर नियमानुसार कार्यवाही करने को कहा। ग्राम मोहलई के गोविंद गोपालन केन्द्र ने नाली का निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराने आवेदन दिया। सड़क निर्माण के दौरान नाली निर्माण किया जा रहा था।

 
 

गौशाला के सामने लगभग 200 फुट नाली का निर्माण संबंधित विभाग द्वारा कतिपय कारणों से नाली निर्माण नही किया गया। इस संबंध में संबंधित विभाग को आवेदन दिया गया था। गौशाला के प्रदूषित जल का निष्कासन खाली प्लाट में किया जाता है, चूंकि पीछे प्लाट में भवन निर्माण हो जाने के कारण निष्कासन के लिए समस्या उत्पन्न हो रहा है। इस पर कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग को वस्तुस्थिति का जायजा लेकर त्वरित कार्यवाही करने को कहा। इस अवसर पर एडीएम अरविंद एक्का, अपर कलेक्टर श्रीमती लता उर्वशा, संयुक्त कलेक्टर विरेन्द्र सिंह सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

 
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केन्द्रीय राज्य मंत्री ने आकांक्षी जिला के विकास कार्यों का अवलोकन किया

 जिला दंतेवाड़ा में अपने प्रवास के दौरान स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय भारत सरकार, केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने रविवार को बाल मित्र पुस्तकालय, जैविक कृषि, नव गुरुकुल एवं एसएचसी सेंटर घोटपाल का अवलोकन भ्रमण किया।


केन्द्रीय राज्य मंत्री सर्वप्रथम मुख्यालय के चितांलका ग्राम स्थित बालमित्र पुस्तकालय पहुंची। उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा शाला त्यागी बच्चों को नवीन शिक्षा के क्षेत्र में जोड़ने के लिए बच्चों की पुस्तकालय के साथ बाल-हितैषी जिला बनाने की पहल की गई है। ताकि जिले के जितने भी शाला त्यागी बच्चे है उन्हें बाल मित्र कार्यक्रम योजना से जोड़ा जाए। जिससे बच्चों का मन पुस्तकीय ज्ञान की और आकर्षित हो सके।


इस संबंध में जिले के प्रभारी कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा ने मंत्री को अवगत कराया कि जिले में संचालित बाल मित्र पुस्तकालय एवं गतिविधि केन्द्र अभी तीन विकासखण्ड में प्रारंभ की गई है। ’’बाल मित्र कार्यक्रम’’ दंतेवाड़ा के बच्चों की शैक्षिक, सुरक्षा और विकासात्मक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक अग्रणी पहल है। जिला प्रशासन और गैर-लाभकारी संगठन ’’बचपन बनाओ’’ के सहयोग से विकसित, यह कार्यक्रम पंचायतों में बाल मित्र पुस्तकालय सह गतिविधि केंद्र (बीएलसीएसी) की स्थापना पर केंद्रित है। ये केंद्र बच्चों के लिए शिक्षा के संदर्भ में सुरक्षित, सुलभ स्थान प्रदान करते हैं इस कार्यक्रम के द्वारा साक्षरता, सामाजिक भावनात्मक विकास और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा। इस पहल के केंद्र में बाल मित्र साथी के रूप में  स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित कर सहयोग लिया जायेगा।


इस मौके पर केंद्रीय राज्य मंत्री ने उपस्थित बच्चों के साथ रुबरु होकर उनकी विभिन्न गतिविधियों को देख कर प्रोत्साहित किया। इस दौरान उन्होंने उपस्थित बच्चों से उनके पढ़ाई विषयक पुस्तकों के बारे मे जानना चाहा। बच्चों ने भी उन्हें उत्साहपूर्वक विभिन्न पुस्तकों जैसे “तीन साथी” और “मुन्नी करें बात बकरी के साथ” जैसी किताबों के बारे में तथा इनसे संबंधित कविता सुनाया। इससे मंत्री ने बच्चों की तारीफ करते हुए उन्हें प्रोत्साहन दिया। उन्होंने कहा कि शाला त्यागी बच्चों के लिए की जा रही यह पहल न केवल बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने का उदाहरण है, बल्कि उनके भीतर रचनात्मकता और आत्म विश्वास भी बढ़ाने में सहायक है। पुस्तकालयों के ऐसे कार्यक्रम बच्चों के बौद्धिक और सांस्कृतिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इसके पश्चात उन्होंने कारली ग्राम अन्तर्गत जैविक कृषि कर रहे प्रगतिशील कृषक देवचंद यादव द्वारा किए जा रहे कृषि फार्मिंग को देखा। कृषक देवचंद यादव पीढ़ियों से जैविक कृषि के माध्यम से धान गोभी, करेला, मूली, बरबट्टी, धनिया और अन्य सब्जियों उगा रहे है। इस दौरान श्रीमती पटेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले का जैविक कृषि की ओर बढ़ना एक प्रेरणादायक पहल है।


 जिला प्रशासन और कृषि विभाग के प्रयासों से 110 गांवों में 10,264 किसानों की 65,279 हेक्टेयर भूमि का जैविक प्रमाणीकरण किया जाना एक बड़ी उपलब्धि है। यह पहल न केवल कृषि में रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के उपयोग को कम करेगी, बल्कि किसानों को स्थायी और पर्यावरण के अनुकूल कृषि पद्धतियों की ओर भी प्रोत्साहित करेगी। कारली गांव के देवचंद इस बदलाव का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। इसे व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। जैविक कृषि स्वास्थ्य के लिए लाभकारी और पर्यावरण के लिए अनुकूल है। इस तरह की सफल कहानियां अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगी और दंतेवाड़ा जैसे आकांक्षी जिलों में जैविक खेती को और गति प्रदान करेंगी। इसके अलावा केन्द्रीय राज्य मंत्री द्वारा जावंगा स्थित नवगुरुकुल केंद्र का भी अवलोकन किया गया। उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा जावंगा नवगुरुकुल में निःशुल्क आवासीय सॉफ्टवेयर इजीनियरिग प्रोग्राम, आधुनिक कौषल जैसे इंग्लिश स्पीकिंग, लीडरशिप स्किल, पर्सनालिटी डेवलपमेंट आदि का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें किसी कारणवश 10वीं और 12वीं परीक्षा के बाद ड्राप आउट करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए तकनीकी क्षेत्रों में अवसर उपलब्ध कराए जा रहे है।


नवगुरुकुल केंद्र के निरीक्षण के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री ने छात्र-छात्राओं से उनसे दिए जा रहे प्रशिक्षण के बारे में पूछा और मन लगाकर पढ़ाई करने की बात कही। इस क्रम में उन्होंने गीदम स्थित 50 बिस्तर मातृ शिशु स्वास्थ्य अस्पताल (एमसीएच) सेंटर का भी अवलोकन करते हुए सुविधाओं के बारे में जानकारी ली और दिशा निर्देश दिए। इसके साथ ही उनके द्वारा गीदम ब्लॉक अन्तर्गत ग्राम घोटपाल स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर का भी निरीक्षण किया। यहां स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया था। उल्लेखनीय है कि जिले में प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के अन्तर्गत सप्ताह के दो दिन स्वास्थ्य शिविर लगाए जाते है इन स्वास्थ्य  शिविरों में उच्च रक्तचाप, मधुमेह,जैसे बीमारियों के जांच के साथ-साथ आयुष्मान कार्ड पंजीयन की भी सुविधा दूर दराज ग्रामीणों को उपलब्ध कराई जाती है। इसे वे ग्रामीणों लाभान्वित हो रहे है जो कारणवश जिला चिकित्सालय नियमित जांच हेतु नहीं आ पाते। गाँव के समीप ही स्वास्थ्य शिविर के आयोजन से ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो रही हैं। यहां निरीक्षण के दौरान केन्द्रीय राज्य मंत्री ने यहां उपस्थित मितानिनों, चिकित्सकों के साथ-साथ मरीजो के साथ भी अनौपचारिक चर्चा किया तथा उनसे केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा दी जा रही चिकित्सा सुविधाओं से लाभान्वित होने को कहा। इस मौके पर केंद्रीय राज्य मंत्री को स्मृति चिन्ह भी भेंट किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के विधायक चैतराम अटामी, सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अपर कलेक्टर राजेश पात्रे, एसडीएम, अभिषेक तिवारी, सीएमएचओ डॉ. अजय रामटेके, उपसंचालक कृषि सूरज पंसारी सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे। 
 

 

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गरियाबंद न्यायालय परिसर में नष्ट की गई 11 हजार लीटर अवैध शराब

 जिला-अपर सत्र न्यायालय गरियाबंद के मालखाना अनुभाग में 10 वर्षों से लंबित संपत्तियों का निराकरण किया गया। जिला-गरियाबंद के अलग-अलग थानों से जप्त लगभग 11,000 बल्क लीटर जप्त अवैध शराब को न्यायालय परिसर, गरियाबंद में नष्ट किया गया। प्रभारी अधिकारी मालखाना अनुभाग जिला एवं अपर सत्र न्यायालय, गरियाबंद श्रीमती तजेश्वरी देवी देवांगन के निर्देशन में उक्त अवैध शराब का विधिवत् नष्टीकरण किया गया।

उक्त नष्टीकरण प्रकिया सफलतापूर्वक संपन्न किये जाने हेतु अपर सत्र न्यायाधीश, एफटीएससी यशवंत वासनीकर, तत्कालीन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, गरियाबंद श्रीमती छाया सिंह, वर्तमान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट , गरियाबंद श्रीमती अनीता ध्रुव, न्यायिक मजिस्टेट कनिष्ठ श्रेणी, गरियाबंद प्रशांत कुमार देवांगन, पुलिस अधीक्षक, गरियाबंद निखिल अशोक राखेचा एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार चन्द्राकर, नायब नाजिर प्रवेश शेण्डे, सेल अमीन उमेश कुमार एवं ओमप्रकाश जायसवाल, आरक्षक गरियाबंद का विशेष योगदान रहा। इसके साथ ही उक्त कार्य पूर्ण किये जाने में न्यायालयीन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारीगण प्रेमकुमार सोनवाने, रेणुप्रसाद गिलहरे, देवलाल ठाकुर, गोकुलराम ध्रुव, बालकृष्णा सोनवानी, हीरासिंह ध्रुव एवं दामोदर सोनवानी का सराहनीय योगदान रहा।

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SECL माइन में डीजल चोरी करने वाले 7 गिरफ्तार, 6 पुलिसकर्मी भी नपे...

 कोरबा पुलिस ने गेवरा खदान में डीजल की चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने चोरी की 2345 लीटर डीजल एवं घटना में प्रयुक्त दो बोलेरो वाहन को जब्त किया है। पुलिस ने खुलासा किया है कि चोरी में 6 पुलिसकर्मी भी संलिप्त थे। एसपी ने इन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

दरअसल, एसईसीएल गेवरा खदान में लगातार डीजल चोरी होने की शिकायत कोरबा पुलिस को मिल रही थी। खदान के सुरक्षा अधिकारी गेवरा परियोजना के द्वारा इसकी शिकायत भी थाने में दर्ज कराई थी। थाने में दी शिकायत में उन्होंने बताया कि कुछ लोगों के द्वारा 22 दिसंबर की रात खदान में डीजल चोरी की घटना को अंजाम दिया जा रहा था। इसकी सूचना जब खदान के कर्मचारियों को हुई तो वो मौके पर पहुंचे। कर्मचारियों को आता देख आरोपी मौके से भाग निकले।



एसपी ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच कर चोरों को गिरफतार करने के निर्देश दिये। पुलिस टीम सीसीटीवी फुटेजों के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की और उनके अलग अलग ठिकानों में छापा मारकर सात आरोपियों को कपड़ा गया। आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि चोरी की इस घटना में छह पुलिसवाले भी संलिप्त है।



एसपी ने मामले में तत्काल संज्ञान लेते हुये संलिप्त 6 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही उनके खिलाफ जांच कार्रवाई भी जारी है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 15 हजार लीटर डीजल भी जब्त किया है।

सस्पेंड पुलिसकर्मी
प्रधान आरक्षक 35 राजेश कंवर साइबर सेल कोरबा, आरक्षक 754 कमल कैवर्त्य थाना हरदीबाज़ार, आरक्षक 488 तिलक पटेल थाना हरदीबाज़ार आरक्षक 486 धीरज पटेल थाना कुसमुंडा, आरक्षक 604 त्रिलोचन सागर थाना कुसमुंडा एवं आरक्षक 689 रितेश शर्मा साइबर सेल कोरबा शामिल है। सभी के खिलाफ प्राथमिक जाँच हेतु नगर पुलिस अधीक्षक दर्री विमल पाठक को सौंपा गया है।

गिरफ्तार आरोपी
(1) पुरुषोत्तम कुमार यादव पिता स्व भुजबल यादव उम्र 34 वर्ष पता बगडबरी पारा थाना बलौदा जिला जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़
(2) देवचरण चौहान पिता वीर साय चौहान उम्र 19 वर्ष साकिन विजय नगर दीपका थाना दीपका जिला कोरबा


(3) राजेंद्र साहू उर्फ़ कुनाल पिता लक्ष्मी प्रसाद साहू उम्र बाराद्वार जिला शक्ति छत्तीसगढ़ 20 वर्ष साकिन कराडी थाना


(4) शेख उर्फ बिट्टू पिता शेख फैयाज उम्र 28 वर्ष साकिन ज्योति नगर मुक्तिधाम के पास थाना दीपका जिला कोरबा
(5) अर्जुन सिंह पिता स्व बनवारी सिंह गोड उम्र 18 वर्ष साकिन शांति नगर बल्गी बाकी मोगरा थाना बाकी मोगरा जिला कोरबा
(6) देवानंद खूंटे पिता अंजोर साय खूंटे उम्र 19 साल साकिन खमदई पारा खिसोरा थाना बलौदा जिला जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़
(7) रवि बरेठ पिता रमेश बरेठ उम्र 25 साल साकिन खोखरा (ठाकुर देव) थाना कोतवाली जिला जांजगीर चांपा

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पेशी की तारीख आई नहीं, और अपीलार्थी को दर्शा दिया अनुपस्थित...

 राज्य सूचना आयोग में न्यायिक प्रक्रियाओं में देरी और अनियमितताओं के गंभीर आरोप सामने आए हैं। मजे की बात यह है कि पेशी 8 जनवरी 2025 को है, और उसमे अपीलार्थी को अनुपस्थित दर्शा दिया गया है। 71 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक केके निगम ने उच्च शिक्षा विभाग से आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी की प्रक्रिया में हो रही लापरवाही और साजिश का आरोप लगाया है।


क्या है मामला
केके निगम ने 15 फरवरी 2022 को सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत जानकारी मांगी थी। मामले में पहली अपील 6 मई 2022 और दूसरी अपील 4 अगस्त 2022 को राज्य सूचना आयोग में दायर की गई। अपील प्रकरण क्रमांक A/3388/2022 की पहली सुनवाई 11 जनवरी 2023 को हुई, इसके बाद 6 अप्रैल, 13 अप्रैल और 16 नवंबर 2023 को सुनवाई हुई।

चार सुनवाइयों के बावजूद प्रतिउत्तर देने में विफल रहने के चलते, पांचवीं सुनवाई 20 जून 2024 को हुई, जिसमें उच्च शिक्षा विभाग का प्रतिनिधि अनुपस्थित रहा। आयोग की वेबसाइट पर यह अनुपस्थिति दर्ज नहीं की गई।

आयोग पर साजिश और अनियमितता का आरोप:
छठी सुनवाई 19 सितंबर 2024 को आयोजित हुई, जहां आयोग ने अपनी वेबसाइट पर केके निगम को अनुपस्थित दर्शाया। इस प्रक्रिया के बाद, आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई, लेकिन आयोग की वेबसाइट पर आगामी तारीख 8 जनवरी 2025 (जो अभी नहीं आई है) को उन्हें अनुपस्थित बताया गया है।

केके निगम ने इसे आयोग द्वारा गहरी साजिश और अन्याय का प्रमाण बताया है। उन्होंने 18 जून 2024 को आयोग को पत्र लिखकर जानकारी दी थी कि प्रतिपक्ष के दोष के बावजूद उन्हें बार-बार निर्दोष साबित करने के मौके दिए जा रहे हैं। इसके विपरीत, प्रकरण क्रमांक A/1036/2019 (कोरोना अवधि) में बिना किसी अवसर के जनसूचना अधिकारी पर ₹25,000 का दंड लगा दिया गया था।

"न्याय का मखौल उड़ाया जा रहा है":
केके निगम ने अपने पत्र में कहा है कि अत्यधिक विलंब के कारण मांगी गई जानकारी अब निरर्थक हो गई है। उन्होंने मांग की है कि प्रतिपक्ष पर तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की जाए। आयोग ने अब मामले की अगली सुनवाई 8 अप्रैल 2026 को निर्धारित की है। इस तारीख तक श्री निगम की उम्र 72 वर्ष से अधिक हो जाएगी, जो न्याय के प्रति आयोग की असंवेदनशीलता को दर्शाता है।

विशेषज्ञों की राय:
आरटीआई कार्यकर्ताओं और विशेषज्ञों का कहना है कि सूचना आयोग द्वारा इस प्रकार की देरी न केवल न्याय की भावना के खिलाफ है, बल्कि आरटीआई अधिनियम 2005 की मंशा का भी उल्लंघन है।

यह मामला न्यायिक प्रक्रियाओं की पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। श्री निगम जैसे वरिष्ठ नागरिकों को न्याय दिलाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग जोर पकड़ रही है।

 

 

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पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति में थानों में जब्त किये गये मादक पदार्थ (गांजा) को किया गया नष्ट

 पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी की उपस्थिति में आज एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत  जिले के विभिन्न थानों में जब्त किये गये मादक पदार्थो (गांजा) को बाल्को पावर प्लांट के भट्ठी(फर्नेस) में विधिसम्मत नष्टीकरण की कार्यवाही की गई। उपरोक्त नष्टीकरण की कार्यवाही हेतु जिला स्तरीय औषधि व्ययन समिति का गठन किया गया है। जिसमें  पुलिस, आबकारी , पर्यावरण सहित अन्य विभागों के अधिकारी शामिल है। नष्टीकरण की  सम्पूर्ण कार्यवाही के दौरान एडिशनल एसपी यू बी एस चौहान, नेहा वर्मा, पर्यावरण अधिकारी प्रमेन्द्र शेखर पांडेय, आबकारी अधिकारी आशा सिंह सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

गौरतलब है कि पुलिस विभाग द्वारा जिले में  मादक पदार्थों के विक्रय, परिवहन एवं भंडारण पर नियंत्रण लगाने हेतु नशीले पदार्थो के कारोबार करने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर निरंतर कार्यवाही की जा रहा है। इसी क्रम में आज जिले के पसान, पाली, कटघोरा, दीपका, रजगामार  सहित अन्य थाने में एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत विभिन्न प्रकरणों में जब्त किए गए कुल 235.65 किलोग्राम गांजा, 03 नग गांजा पौधा एवं 249 नग कैप्सूल का नष्टीकरण किया गया है। इस अवसर पर बाल्को पॉवर प्लांट के अवतार सिंह मुख्य कॉरपोरेट अफेयर्स, सुमंत सिंह, अरुण बिस्वाल सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

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राज्य समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन ने किया विभिन्न ग्रामों का दौरा

 राज्य स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के राज्य समन्वयक (स्वच्छता प्रकोष्ठ) एवं प्रभारी दुर्ग संभाग श्रीमती अभिलाषा आनंद द्वारा जनपद पंचायत राजनांदगांव के ग्रामों का दौरा कर स्वच्छता का अवलोकन किया गया। ग्राम पंचायत अंजोरा में सामुदायिक शौचालय के संचालन एवं देखरेख के संबंध मे पंचायत प्रतिनिधियों, आसपास के दुकानदारों से चर्चा कर साफ-सफाई बनाए रखने के लिए सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित कहा गया। 

ग्राम के भ्रमण के दौरान उन्होंने ग्रामीणों को खुले में कचरा फेंकने से स्वास्थ्य पर पडऩे वाले नकारात्मक प्रभाव से अवगत कराया तथा ग्राम में गंदगी फैलाने वालों पर अर्थदण्ड लगाने भी कहा। उन्होंने ठोस अपशिष्ट संग्रहण एवं पृथक्करण शेड मे कचरे की नियमित छंटाई करने एवं कबाड़ी वाले से अनुबंध करके बिक्री करने, प्रतिमाह स्वच्छाग्राही दीदी को सम्मानजनक प्रोत्साहन राशि 15वें वित्त एवं युजर चार्जेस से दिलाने के निर्देश दिए।

राज्य समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन अभिलाषा आनंद ने ग्राम पंचायत कोपेडीह के निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों से सिंगल युज प्लास्टिक को जलाने से होने वाले रोगों के संबंध चर्चा की। ग्राम पंचायत द्वारा वर्तमान में स्वच्छाग्राहियों को 15 वें वित्त से 9000 रूपए की प्रोत्साहन राशि देने पर प्रशंसा व्यक्त की। साथ ही युजर चार्जेस के लिए जनजागरूकता लाने निर्देशित किया गया। उन्होंने सामुदायिक शौचालय को लगातार चालू रखने हेतु निर्देश भी दिए। ग्राम पंचायत बघेरा में स्वच्छता दीदीयों द्वारा बताया गया कि उनके द्वारा कचरा पृथक्करण शेड के माध्यम से 6500 रूपए की कबाड़ी की बिक्री की गई है। ग्राम पंचायत द्वारा युजर चार्जेस 70000 रूपए वार्षिक लिया जा रहा है। उन्होंने ग्राम में निर्मित फिकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट का अवलोकन किया गया और संचालित करने हेतु निर्देशित किया गया। 

राज्य समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन अभिलाषा आनंद ने ग्राम पंचायत बोरी में स्वच्छताग्राहीयों द्वारा किए जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया गया। उन्होंने ग्रामीणों से गीला कचरा एवं सूखा कचरा अलग-अलग संग्रहण करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कचरे को वैज्ञानिक पद्धति से लैंडफिल करने, ग्रामीणों को किसी भी प्रकार के कचरे को खुले में नहीं फेंकने के लिए जागरूक करने, सामुदायिक शौचालय में ब्लैक एवं ग्रेवाटर की समुचित निपटान हेतु सोख्ता निर्माण करने, संचालन एवं देखरेख हेतु समीप के दुकान को जिम्मेदारी देने निर्देशित किया गया। इस दौरान स्वच्छता शुल्क हेतु ग्राम पंचायत द्वारा सभी परिवारों को रसीद दिए जाने की जानकारी दी गई। उन्होंने सभी पंचायतों मे इसी तरह की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान स्वच्छ भारत मिशन के जिला समन्वयक, ब्लॉक समन्वयक एवं संबंधित अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित थे।

 

 

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शास्त्री चौक बना 'नो ऑटो ज़ोन': सवारी ऑटो और ई-रिक्शा प्रतिबंधित

  राजधानी के हृदय स्थल शास्त्री चौक में यातायात के दबाव को कम करने और सुगम, सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने 29 दिसंबर से सभी प्रकार के सवारी ऑटो और ई-रिक्शा वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।


यह निर्णय डॉ. अनुराग झा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात), रायपुर के नेतृत्व में लिया गया। उन्होंने ऑटो चालक संघ के पदाधिकारियों के साथ बैठक में इस व्यवस्था को लागू करने और यातायात नियमों के पालन के निर्देश दिए।

वरिष्ठ अधिकारियों का निरीक्षण
इससे पूर्व, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह और एसएसपी डॉ. लाल उमेंद सिंह ने अन्य अधिकारियों के साथ शास्त्री चौक सहित प्रमुख सड़कों का पैदल निरीक्षण किया। इस दौरान यातायात दबाव के कारण शास्त्री चौक में सवारी ऑटो और ई-रिक्शा के प्रवेश को प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया गया।

वैकल्पिक मार्ग व्यवस्था
शास्त्री चौक से गुजरने वाले यात्रियों के लिए नए मार्गों की व्यवस्था की गई है:
    टाटीबंध से शास्त्री चौक आने वाले ऑटो शहीद स्मारक भवन तक जा सकेंगे। वापस बॉम्बे मार्केट कटिंग से यू-टर्न लेकर लौटेंगे।
    रेलवे स्टेशन से शास्त्री चौक आने वाले ऑटो कचहरी चौक तक जाएंगे और खालसा स्कूल टर्निंग से वापस लौटेंगे।
    तेलीबांधा से आने वाले ऑटो नगर घड़ी चौक तक आ सकेंगे। वहां से बंजारी चौक होते हुए अन्य मार्गों पर जा सकेंगे।
    पचपेड़ी नाका से शास्त्री चौक आने वाले ऑटो बंजारी चौक पर सवारियों को उतारकर वापस लौटेंगे।


बैठक में प्रमुख उपस्थितियां
इस बैठक में गुरजीत सिंह और सतीश ठाकुर (उप पुलिस अधीक्षक यातायात, रायपुर), ऑटो संघ से कमल पांडेय, ई-रिक्शा संघ से सुरेश तिवारी, स्कूल ऑटो संघ से जगदीश तिवारी सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।

यह निर्णय शास्त्री चौक को यातायात दबाव मुक्त और शहर की सड़कों को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सभी वाहन चालक और नागरिक सहयोग कर इस निर्णय का पालन सुनिश्चित करें।

 

 

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उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने वनांचल में लगाई चौपाल

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज लोरमी के वनांचल के गांवों में जन चौपाल लगाकर लोगों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने कई समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया। श्री साव ने अचानकमार में ग्रामीणों की मांग पर दुर्गा मंच और यात्री प्रतीक्षालय की मरम्मत के लिए पांच लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने सर्दी में ठंड से बचाव के लिए ग्रामीणों को शॉल भी वितरित किए।
 
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव द्वारा अचानकमार के पूर्व माध्यमिक शाला में लगाई गई चौपाल में अचानकमार के साथ ही आश्रित गांवों सारसडोर, दावनखोर और सिवनखार के लोग बड़ी संख्या में मौजूद थे। उन्होंने छपरवा और बिंदावल में भी चौपाल लगाकर लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं एवं मांगों की जानकारी ली। श्री साव ने ग्रामीणों से मुलाकात के दौरान कहा कि मैं आपके परिवार का सदस्य हूं और आपके पास सुख-दुःख बांटने आया हूं। आप लोगों की समस्या मेरी समस्या है, और उन्हें हल करना मेरी जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि विगत 25 नवम्बर को जकरबांधा में मैंने अपने हजारों परिवारजनों के बीच अपना जन्मदिन मनाया था। इस दौरान लाभार्थियों को चेक भी वितरित किए थे।
 
उप मुख्यमंत्री  साव ने ग्रामीणों कहा कि विष्णु देव साय सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी की सभी प्रमुख गारंटी पूरी की है। महतारी वंदन योजना के तहत माताओं-बहनों को 10 किस्त में 10 हजार रुपए दे दिए हैं। इस राशि का उपयोग परिवार के कल्याण के लिए करना है। उन्होंने बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए राशि का सदुपयोग करने को कहा, ताकि वे पढ़ लिखकर तरक्की कर सके। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान 3100 रुपए में खरीद रही है। तेंदूपत्ता प्रति मानक बोरा 5500 रुपए में खरीद रही है। उनके लिए चरण पादुका योजना फिर से शुरू कर रही है।

 

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छत्तीसगढ़ के कण कण में बसी हुई है भगवान श्रीराम की स्मृतियां - मुख्यमंत्री साय

हमारी सरकार लगातार लोगों की सुख-समृद्धि के लिए काम कर रही है। 3100 रुपए प्रति क्विंटल में धान खरीदी, 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी से किसानों में समृद्धि आई है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से हर महीने 70 लाख माताओं-बहनों को एक हजार रुपए प्रति महीने की किश्त हम दे रहे हैं। देश के प्रमुख तीर्थस्थलों की यात्रा के लिए हम लोग मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा योजना आरंभ करने जा रहे हैं। इस योजना के माध्यम से भी यात्रियों को निःशुल्क तीर्थ यात्रा का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के ग्राम टिमरलगा में आयोजित पर्वतदान (अन्न) एवं अश्वमेध यज्ञ महोत्सव  को संबोधित करते हुए यह बात कही। 
 
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने   ग्राम टिमरलगा में पर्वतदान एवं अश्वमेध यज्ञ महोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि जब भी बड़े धार्मिक आयोजन होते हैं, आसपास का पूरा क्षेत्र भक्ति के रंग में सराबोर हो जाता है।छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम का ननिहाल है। यह वो धरती है जहां भगवान श्रीराम ने अपने वनवास का अधिकतम समय बिताया। छत्तीसगढ़ की पावन धरती में शिवरीनारायण में माँ शबरी ने प्रभु श्रीराम को जूठे बेर खिलाये थे। हमारी छत्तीसगढ़ की भूमि बहुत पवित्र भूमि है। हमारे यहां वाल्मीकि जी का आश्रम तुरतुरिया में है।वाल्मीकि आश्रम ही वह भूमि है जहां लव और कुश ने अश्वमेध यज्ञ के घोड़े को पकड़ा था। छत्तीसगढ़ के कण कण में भगवान श्रीराम की स्मृतियां बसी हुई हैं। प्रभु श्रीराम की स्मृतियों को सहेजने के लिए हम लगातार कार्य कर रहे हैं।
 
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि  हम प्रदेश की पांच शक्तिपीठों को जोड़ने के लिए भी हम कार्य कर रहे हैं। हम लोगों ने त्रिवेणी संगम की नगरी राजिम में भी कुंभ मेले का पुनः आयोजन शुरू किया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ग्राम टिमरलगा के माध्यमिक स्कूल का हाईस्कूल में उन्नयन, मां नाथल दाई को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने सौंदर्यीकरण, ग्राम टिमरलगा के उपस्वास्थ्य केंद्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन की घोषणा की। इस अवसर पर रायगढ़ सांसद राधेश्याम राठिया, श्रीमती केरा बाई मनहर,शमशेर सिंह, श्रीमती पुष्पा देवी सिंह सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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गुरु गोविंद सिंह के वीर साहिबजादों के अमर बलिदान की कहानी छत्तीसगढ़ के स्कूली पाठ्यक्रम में होगी शामिल

 गुरु गोविंद सिंह जी के वीर साहिबजादों बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी के अमर बलिदान की कहानी अब छत्तीसगढ़ के स्कूली बच्चों को पढ़ाई जाएगी। वीर साहिबजादों के वीरता की यह कहानी देश के युवाओं को साहस के साथ आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज वीर बाल दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के मेडिकल कॉलेज सभागार में आयोजित बौद्धिक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए यह बड़ी घोषणा की। उन्होंने गुरु गोविंद सिंह और वीर साहिबजादों का पुण्य स्मरण कर कहा कि हमें उनकी शिक्षाओं को अपनाना चाहिए और नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से जोड़ना चाहिए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वीर साहिबजादों के जीवनी पर आधारित एनिमेटेड फिल्म भी देखी।
 
      मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि वीर बाल दिवस हमें राष्ट्र की रक्षा के लिए सिख गुरुओं के त्याग की महान सिख परंपरा की याद दिलाता है। हमें ऐसे महान वीर सपूतों की प्रेरक कहानियां अपने बच्चों और समाज को बतानी चाहिए। उन्होंने गुरु गोविंद सिंह जी के साहेबजादों बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह जी की शहादत को वीर बाल दिवस के रूप में मनाने की घोषणा करने के लिए प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी का धन्यवाद दिया। श्री साय ने कहा कि भारत की प्रत्येक पीढ़ी गुरु गोविंद सिंह जी एवं उनके साहेबजादों के बलिदान को सदैव याद रखेगी। देश के लिए जीना और देश के लिए जरुरत पड़ने पर अपने प्राणों की आहुति देने की प्रेरणा हमें वीर बाल दिवस से मिलती है। उन्होंने कहा कि वीर बाल दिवस हमें राष्ट्र की एकता और अखंडता का भी स्मरण कराता है। 
                   मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि समाज को तोड़ने वाली ताकतें हर दौर में सक्रिय रहती हैं। लेकिन गुरुगोविंद सिंह और उनके साहेबजादों बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जैसे वीर जिस धरती पर जन्म लेंगे उसकी ओर कोई आंख उठाकर भी नहीं देख सकता। उन्होंने कहा कि बाबा जोरावार सिंह जी और बाबा फतेह सिंह किसी एक धर्म या पंथ के लिए प्रेरणास्रोत नहीं हैं। वह संपूर्ण भारत के लिए अनुकरणीय हैं। श्री साय ने कहा कि भारत का चरित्र मूल रूप से सामाजिक समरसता का रहा है। हमारे देश में कट्टरता और उन्माद को कभी जगह नहीं मिली। हमारा प्रदेश छत्तीसगढ़ उसका सबसे अच्छा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि हम छत्तीसगढ़ की स्थापना का रजत जयंती वर्ष मना रहे हैं। हमने विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प लिया है। यह संकल्प सामाजिक समरसता से ही पूरा होगा।
 
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ तो देशभर में अपनी सामाजिक समरसता, शांति और सौहार्द्र के लिए जाना जाता है। इसकी जड़ों को और गहरा करना होगा।
          वीर बाल दिवस के अवसर पर आयोजित संगोष्ठी के मुख्य वक्ता प्रेम शंकर सिदार ने कहा कि भारत एक धर्म प्राण देश है। जब देश मे अन्याय बढ़ता है तो यहां के महापुरुष रक्षा के लिए खड़े हो जाते हैं। बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी दुनिया के सबसे कम उम्र के बलिदानी हैं। वे मृत्यु के सामने भी धर्म पर अडिग रहे। उन्होंने कहा कि भारत की जीवनी शक्ति इसकी आत्मा है। देश के महापुरुषों से प्रेरणा मिलती है कि हमें देश को संभाल के रखना है। बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी को उनकी माता ने उनके बुजुर्गों के बलिदान की कहानी सुनाई थी। मृत्यु भी जीत है ये सन्देश इन बच्चों ने अपने बलिदान से दिया। श्री सिदार ने कहा कि भारत के घर-घर में इन प्रसंगों की चर्चा होनी चाहिए ताकि हमारी नई पीढ़ी को इनसे प्रेरणा मिले।
 
          इस अवसर पर सांसद  बृजमोहन अग्रवाल, विधायक किरण देव, विधायक  सुनील सोनी, विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक  मोतीलाल साहू,  पूर्णेन्दु सक्सेना, पवन साय,  परमिन्दर सिंह भाटिया, ज्ञानी बाज सिंह जी,  भूपेश सवन्नी, सिख समाज के अनुयायी, प्रबुद्ध नागरिकगण और स्कूली बच्चे उपस्थित थे।
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सुशासन दिवस पर नालंदा परिसर में लगी प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती सुशासन दिवस के अवसर पर जनसंपर्क विभाग द्वारा रायपुर के नालंदा परिसर में प्रदर्शनी आयोजित की गई है। प्रदर्शनी स्थल में अटल जी की कविताएं एलईडी लाइट और साउंड के माध्यम से प्रदर्शित की गयी। प्रदर्शनी में अटलजी की मधुर और ओजस्वी वाणी से कविताएं  लोगों को मंत्रमुग्ध कर रहीं हैं। बाजपेयी जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर आधारित आकर्षक प्रदर्शनी  में स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी की छत्तीसगढ़ से जुड़ी स्मृतियों के साथ-साथ केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार की  योजनाओं की जानकारी लोगों को मिल रही है।
प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली छत्तीसगढ़ सरकार के  जनकल्याण के कार्यक्रमों एवं योजनाओं की उपलब्धियों  लोगों का ध्यान खींच रही हैं। प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ सरकार की नई औद्योगिक नीति, सुशासन एवं अभिसरण, ईआफिस, छत्तीसगढ़ राज्य में नक्सल उन्मूलन एवं जनजातीय उत्थान, सामाजिक समृद्धि एवं प्रगति, अधोसंरचना विकास, पर्यटन एवं संस्कृति सहित नियद नेल्ला नार, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, युवा कल्याण, कृषक उन्नति योजना, महतारी वंदन योजना, छत्तीसगढ़ में युवाओं के लिए संचालित योजनाएं, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, रामलला दर्शन, डिजिटल भारत की सेवाएं जैसी योजनाओं के अलावा योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी को लोगों की सराहना मिल रही है। लोगों के उत्साह को ध्यान में रखते हुए प्रदर्शनी की तिथि अब 29 दिसम्बर तक बढ़ा दी गई है।

 

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छत्तीसगढ़ का रजत जयंती वर्ष ‘अटल निर्माण वर्ष‘ के रूप मनाया जाएगा: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज जशपुर के सराईटोली में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती के अवसर पर आयोजित अटल सुशासन चौपाल में शामिल हुए। उन्होंने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के निर्माता श्रद्धेय अटल जी को छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से नमन किया। मुख्यमंत्री ने देश के निर्माण में उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ का रजत जयंती वर्ष ‘अटल निर्माण वर्ष‘ के रूप मनाया जाएगा। इस दौरान अधोसंरचना विकास के कार्य प्राथमिकता से किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारा राज्य छत्तीसगढ़ उनकी ही देन है।उन्होंने कहा कि अटल जी  हमेशा अपने मूल्यों और सिद्धांतों पर अडिग रहते थे। आज पूरे प्रदेश में उनकी जयंती सुशासन दिवस के रूप में मनाई जा रही है।
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अटल जी का मानना था कि छत्तीसगढ़ का निर्माण होगा तो इस क्षेत्र का तेजी से विकास होगा। यहां के निवासियों और जनजातियों को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलेंगे। उनकी प्रगति को बल मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी की मंशा के अनुरूप राज्य सरकार समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के स्वप्न को पूरा कर रही है।  
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में लगातार मोदी की गारंटी को पूरा करने का काम राज्य सरकार कर रही है। 3100 रूपए प्रति क्विंटल एवं 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदी की जा रही है। महतारी वंदन योजना में 70 लाख माताओं-बहनों को हर माह एक हजार रुपए की राशि डीबीटी के माध्यम से दी जा रही है। रामलला दर्शन योजना के साथ अब तीर्थ यात्रा योजना भी जल्द शुरू की जाएगी। तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक की दर 4000 रूपए से बढ़ाकर 5500 रूपए कर दी गई है।सीजीपीएससी घोटाले की जांच सीबीआई ने शुरू कर दी है। इसमें लिप्त लोगों पर लगातार कार्यवाही की जा रही है। इससे छात्रों का भरोसा सीजीपीएससी पर फिर से लौटा है। 
 
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सुगम और पारदर्शी बनाया जा रहा है। गुड गवर्नेंस के लिए सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है।  बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे को लेकर निर्णायक लड़ाई लड़ी जा रही है। राज्य सरकार पूरे प्रदेश में सभी वर्गों के विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
 
पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई जी के योगदान के लिए पूरे देश के साथ विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के लोग उनके बहुत आभारी हैं। उन्होंने हमें छत्तीसगढ़ के रूप में एक अलग राज्य की सौगात दी। आज छत्तीसगढ़ में डबल इंजन की सरकार विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ा रही है। मोदी की गारंटी के अधिकांश वायदे हमने एक वर्ष में पूरे किए हैं।
 
मुख्यमंत्री श्री साय ने सराईटोली में अनेक विकास कार्यों की घोषणा की
 
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने  क्षेत्र के किसानों की सुविधा की दृष्टि से फरसाबहार में अपेक्स बैंक की शाखा खोलने की घोषणा की। इसके साथ ही कोतईबीरा से कपाटद्वार तक लक्ष्मण झूला की तर्ज पर सस्पेंशन ब्रिज निर्माण सहित  अन्य विकास कार्यों की घोषणा की।
 
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अटल सुशासन चौपाल में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण कर हितग्राहियों को सहायता राशि और दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण प्रदान किया। उन्होंने मछुआ सहकारी समिति एवं दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों को पंजीयन प्रमाण पत्र देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने  छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक द्वारा पे-केसीसी कार्ड के वितरण सहित अनेक  हितग्राहियों को मोटराइज्ड ट्रायसाइकिल, राष्ट्रीय परिवार सहायता राशि एवं दिव्यांग बच्चों को निःशक्तजन छात्रवृत्ति का प्रमाण पत्र प्रदान किया। उन्होंने दिव्यांग बच्चों को अच्छी पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित भी किया। उन्होंने स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया। इसके साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ महिला कोष के माध्यम से मां तारिणी स्व-सहायता समूह को 80 हजार रुपए एवं जय मां अम्बे स्व सहयता समूह को एक लाख रुपए का चेक प्रदान किया। 
 
इस अवसर पर श्रीमती कौशल्या देवी साय, श्री रोहित साय, श्री भरत साय सहित अनेक जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
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जशपुर में प्रयास आवासीय विद्यालय और बगीचा में खुलेगा पॉलीटेक्निक कॉलेज

मुख्यमंत्री साय ने जशपुर जिले के सलियाटोली में 726.27 करोड़ रूपए के विकास कार्यों का किया लोकार्पण और भूमिपूजन

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती सुशासन दिवस के अवसर पर जशपुर जिले के विकास के लिए कई बड़ी सौगाते दीं। मुख्यमंत्री ने कुनकुरी अंचल के ग्राम सलियाटोली में आयोजित कार्यक्रम में 726 करोड़ 27 लाख रूपए की लागत के 172 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया जिनमें 65 करोड़ 94 लाख रूपए की लागत के 50 कार्यों का लोकार्पण और 660 करोड़ 33 लाख रूपए की लागत के 122 कार्यों का भूमिपूजन शामिल हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने शासन के विभिन्न विभागों की हितग्राही मूलक योजनाओं के अंतर्गत अनेक हितग्राहियों को हितग्राहीमूलक सामग्री एवं उपकरण प्रदान किए।
 
मुख्यमंत्री साय ने 660.33 करोड़ रूपए की लागत के जिन 122 कार्यों का भूमिपूजन किया, उनमें जशपुर विधानसभा के 58.83 करोड़ रूपये की लागत के 21 कार्य, कुनकुरी विधानसभा में 498.01 करोड़ रूपये की लागत के 58 कार्य, पत्थलगांव विधानसभा में 103.48 करोड़ रूपये की लागत के 43 कार्य शामिल हैं। भूमिपूजन होने वाले कार्याे में मुख्य रूप से जशपुर में प्रयास आवासीय विद्यालय, बगीचा में नवीन पॉलिटेक्निक कॉलेज, कुनकुरी में रिक्रिएशन पार्क, जिला कार्यालय जशपुर के द्वितीय तल, 15 धान उपार्जन केन्द्रों में अधोसंरचना-गोदाम, सलिहाटोली में इंडोर जिम, बगीचा में बैडमिंटन कोर्ट, कुनकुरी में अमृत मिशन 2.0 के विभिन्न कार्य शामिल है। इसी प्रकार मुख्यमंत्री श्री साय ने 65.94 करोड़ की लागत के जिन नवनिर्मित 50 कार्यों का लोकार्पण किया, उनमें जशपुर विधानसभा में लगभग 27.76 करोड़ लागत के 26 कार्य, कुनकुरी विधानसभा में 5.65 करोड़ लागत के 12 कार्य और पत्थलगांव विधानसभा में 32.51 करोड़ लागत के 12 कार्य शामिल है। लोकार्पित होने वाले कार्यों में मुख्य रूप से पोंगरों एनीकट हाइड्रो पावर आधारित पम्पिंग योजना, 4 प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास भवन, 6 स्टाप डेम, सेन्द्रीमुण्डा में नवीन आदिवासी कन्या आश्रम, नारायणपुर में हाई स्कूल भवन शामिल है।
       
इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय और रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शांति भगत, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, कृष्ण कुमार राय, नगर पालिका उपाध्यक्ष  राजेश गुप्ता, रामप्रताप सिंह, यश प्रताप सिंह जूदेव, श्री सुनील गुप्ता, रोहित साय सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।
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अटल जी के सुशासन के आदर्शों के अनुरूप छत्तीसगढ़ को संवारने के लिए हम सभी दृढ़संकल्पित - मुख्यमंत्री साय

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म दिवस पर कुनकुरी के सलियाटोली में आयोजित अटल सुशासन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज हम सबके श्रद्धेय नेता, छत्तीसगढ़ के निर्माता, भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का शताब्दी जयंती वर्ष है। हम यह वर्ष अटल निर्माण वर्ष के रूप में मना रहे हैं। अटल जी की जयंती हम सब सुशासन दिवस के रूप में मनाते हैं। आज छत्तीसगढ़ अपनी रजत जयंती मना रहा है और भारत के नक्शे में 26 वें राज्य के रूप में उभरा है तो इसके पीछे अटल जी की दूरदर्शी सोच थी। छत्तीसगढ़ की जनता से किया गया वायदा न केवल अटल जी ने निभाया अपितु नये राज्य को संवारने के लिए हर संभव मदद भी की।अटल जी ने छत्तीसगढ़ राज्य में विकास की जिस तरह परिकल्पना की थी उसके अनुरूप हम छत्तीसगढ़ को संवारने में जुटे हुए हैं। उन्होंने जो सुशासन के आदर्श हमारे समक्ष रखे हैं उन पर चलते हुए हमने प्रशासन के हर स्तर पर डिजिटल गवर्नेंस को अपनाया है। सुशासन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए हमने सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया है। अटल मानिटरिंग एप, सिंगल विंडो सिस्टम 2.0, ई-आफिस, सुगम एप, संगवारी एप जैसे नवाचारों के माध्यम से हम डिजिटल गवर्नेंस को हर स्तर पर अपना रहे हैं। इससे प्रशासन में पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है। अटल जी की चिंता किसानों के प्रति थी। छत्तीसगढ़ बनने के बाद हमने धान खरीदी का बढ़िया माडल बनाया। आज छत्तीसगढ़ के किसानों को धान का सबसे ज्यादा मूल्य मिलता है। 

 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए हम हर महीने एक हजार रुपए 70 लाख माताओं-बहनों के खाते में दे रहे हैं।  एक साल के भीतर ही हमने माओवादियों को उनके सबसे सुरक्षित समझे जाने वाले इलाकों से खदेड़ दिया। अब माओवाद अंतिम सांसें ले रहा है। इससे बस्तर में विकास की नई राह खुली है। पीएम जनमन योजना एवं नियद नेल्ला नार जैसी योजनाओं के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों में खुशियों की लहर आई है। नई उद्योग नीति के माध्यम से हमने ढाई लाख करोड़ रुपए निवेश का लक्ष्य रखा है इससे पांच लाख लोगों के लिए रोजगार की संभावनाएं बनेंगी।
 
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कुनकुरी और जशपुर में ऑडिटोरियम निर्माण, कुनकुरी नगर के विकास के लिए 5 करोड़ रूपए, कुनकुरी इंडोर स्टेडियम के लिए 20 लाख रूपए, ग्राम पंचायत नारायणपुर ओघेश्वर आश्रम में दो प्रवेश द्वार निर्माण, तपकरा तहसील में लिंक कोर्ट की स्थापना, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी सलियाटोली में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 25 लाख रूपए एवं बार एसोसिएशन कुनकुरी में फर्नीचर, पुस्तकालय के लिए 25 लाख रूपए प्रदान करने की घोषणा की।
 
मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्मशताब्दी के पुनीत अवसर पर आयोजित "अटल सुशासन समारोह" में जशपुर जिले के स्पेशल लोगो, वार्षिक प्रगति पत्रक, जशप्योर कैलेंडर और जशपुर के पर्यटन स्थलों के कैलेंडर का विमोचन किया। साथ ही पीएम आवास योजना (ग्रामीण) और पीएम जनमन आवास योजना के लाभान्वित हितग्राहियों को उनके नवनिर्मित आवास की चाबी सौंप कर बधाई दी। उन्होंने अटल सुशासन समारोह में शासन के विभिन्न विभागों की उपलब्धियों पर आधारित स्टाल्स का अवलोकन कर हितग्राही मूलक योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों को हितग्राहीमूलक सामग्री प्रदान की।
 
इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय और रायमुनी भगत, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शांति भगत, कृष्ण कुमार राय, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री राजेश गुप्ता, रामप्रताप सिंह, यश प्रताप सिंह जूदेव, सुनील गुप्ता, रोहित साय सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

 

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निवेशकों को दिया न्योता, कहा छत्तीसगढ़ निवेश के लिए असीम संभावनाओं वाला राज्य

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली में आज आयोजित इन्वेस्टर्स कनेक्ट मीट में देश के प्रमुख उद्योगपतियों और निवेशकों को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने राज्य की नई औद्योगिक नीति 2024-30 की खूबियों को साझा करते हुए इसे निवेशकों के लिए बेहद अनुकूल बताया। कार्यक्रम में शामिल हुए प्रमुख उद्योगपतियों से छत्तीसगढ़ सरकार को 15184 करोड़ के निवेश प्रस्ताव भी प्राप्त हुए। 


मुख्यमंत्री श्री साय ने निवेशकों को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ निवेश के लिए असीम संभावनाओं वाला राज्य है। हमारी नई औद्योगिक नीति उद्योगों को कर, भूमि, और बिजली में छूट के साथ-साथ सिंगल-विंडो क्लीयरेंस जैसी सुविधाएं देती है। यह नीति न केवल उद्योगों की स्थापना, बल्कि रोजगार सृजन पर भी जोर देती है।

         मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ में कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, ऊर्जा, खनन, और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं। नई औद्योगिक नीति में विशेष सब्सिडी और प्रोत्साहन पैकेज शामिल हैं। डिजिटल सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 से सभी स्वीकृतियां और लाइसेंस प्राप्त करना आसान हो गया है। उद्योग विभाग द्वारा सब्सिडी जारी करने के लिए अधिकतम 3 स्तर और अधिकतम 7 दिनों की समय सीमा सुनिश्चित की गई है।

      मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उद्योग स्थापित करने हेतु भूमि उपलब्ध कराने के लिए, न्यूनतम सरकार की अवधारणा के तहत निजी औद्योगिक पार्क को 30 प्रतिशत सब्सिडी देकर प्रोत्साहित किया जा रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ, उद्योगों के लिए रेडी और विकसित प्लॉट आवेदन के 60 दिनों के भीतर सुनिश्चित कर रहे हैं।

       उन्होंने बताया हम यह सुनिश्चित कर रहे कि उद्योग स्थापना एवं संचालन में सरकारी हस्तक्षेप न्यूनतम हो एवं यथासंभव सेल्फ सर्टिफिकेशन अथवा ऑनलाइन माध्यम से हो ताकि उद्योग हेतु आपको सरकार के पास आने की आवश्यकता ना हो। 

      कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने निवेशकों के सवालों का जवाब देते हुए भरोसा दिलाया कि छत्तीसगढ़ सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने राज्य में उपलब्ध बेहतर बुनियादी ढांचे, कुशल मानव संसाधन और शांतिपूर्ण माहौल के बारे में विस्तार से बताया।

      कार्यक्रम में उपस्थित उद्योगपतियों द्वारा छत्तीसगढ़ की पहल की सराहना करते हुए निवेश की संभावनाओं पर सकारात्मक चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि यह इन्वेस्टर मीट छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।

इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, सचिव श्री राहुल भगत और नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ की इन्वेस्टमेंट कमिश्नर सुश्री ऋतु सेन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इन अधिकारियों ने नई औद्योगिक नीति की खासियतों को समझाते हुए निवेशकों को छत्तीसगढ़ में उद्योग स्थापित करने के लाभ बताए।

उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार ने उद्योगपतियों से चर्चा करते हुए बताया कि खनिज संपदा और खानों के लिए प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ अब तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के विनिर्माण का एक प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। राज्य अपने औद्योगिक आधार को विविधतापूर्ण बनाते हुए फार्मास्यूटिकल्स, ट्रेन शेल, टेलीविज़न और प्रकाश उपकरणों जैसे विविध उत्पादों के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। 

बस्तर क्षेत्र में निवेश पर विशेष प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि बस्तर में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए कोर सेक्टर की स्टील इकाइयों और अन्य उद्योगों को बड़ी राहत दी गई है। आयरन ओर पर 50% और कोयले पर 100% रॉयल्टी की छूट का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही, उद्योगों द्वारा चुकाए गए रॉयल्टी और राज्य को मिलने वाले सेस की प्रतिपूर्ति 15 वर्षों तक की जाएगी। इसके अलावा, ग्राम नियानार में 118 एकड़ भूमि पर एक नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है।

आईआईएम के छात्र नियुक्त होंगे इन्वेस्टमेंट मैनेजर

     मुख्यमंत्री ने बताया कि उद्योगपतियों को राज्य सरकार द्वारा विशेष सहूलियतें दी जा रही है। इसके लिए आईआईएम रायपुर के साथ एमओयू (समझौता) करके वहां के पास आउट छात्रों को मुख्यमंत्री औद्योगिक इंटर्नशिप के तहत इन्वेस्टमेंट मैनेजर के रूप में नियुक्त किया जा रहा है, जो घर बैठे प्रक्रियाओं को सुगम बनाएंगे।

आधुनिक तकनीकों में निवेश को प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति में कई नए और आधुनिक तकनीकों का ध्यान रखा गया है जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, ग्रीन हाईड्रोजन और डेटा सेंटर। इसके अलावा, आईटी, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्र भी खास होंगे। इन क्षेत्रों में उद्योगों को 30 से 50 प्रतिशत तक सहायता मिलेगी। इसके अलावा कंपनियों को अपना काम शुरू करने के लिए 5 से 12 साल तक करों में छूट दी जाएगी, जिससे वे आसानी से अपना काम शुरू कर सकें।

देश के शीर्ष उद्योगपतियों ने छत्तीसगढ़ में निवेश की जताई इच्छा

कार्यक्रम में पॉलीमेटेक इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के एमडी ईश्वर नंदन ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में 1134 करोड़ निवेश का प्रस्ताव रखा जिससे 100 से अधिक रोजगार सृजित होंगे। वहीं टेलीपरफॉर्मेंस के सीओओ आशीष जौहरी ने 300 करोड़ का निवेश कर बैक ऑफिस केंद्र स्थापित करने की योजना साझा की। माइक्रोमैक्स के राजेश अग्रवाल ने सौर सेल निर्माण में 100 करोड़ निवेश का प्रस्ताव दिया। वरुण बेवरेजेज के सीईओ कमलेश जैन ने पेप्सिको बॉटलिंग प्लांट में 250 करोड़ निवेश की इच्छा जताई। टीडब्ल्यूआई ग्रुप के पुरुषोत्तम और उत्तम सिंघल ने 1650 करोड़ के निवेश का सुझाव दिया, जिससे 1000 रोजगार अवसर सृजित होंगे। पैरामाउंट कम्युनिकेशंस के प्रवीण गुप्ता द्वारा 250 करोड़ निवेश और 1000 नौकरियों की योजना साझा की गई । रिन्यू पावर लिमिटेड के सुमंत सिन्हा ने पंप स्टोरेज और ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाओं में 11,500 करोड़ निवेश की योजना साझा की।
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