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कलेक्टर ने कॉफी प्लांटेशन क्षेत्रों का किया निरीक्षण दौरा

 कलेक्टर हरिस एस ने शनिवार को दरभा ब्लॉक के तीन प्लांटेशन केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने दरभा कॉफी प्लांटेशन की सभी कार्यों और आवश्यक व्यवस्थाओं के सम्बन्ध में उद्यानिकी कॉलेज, फील्ड ऑफिसर से चर्चा किए साथ ही कॉफी प्लांटेशन करने वाले किसानों से भी चर्चा किए। प्लांटेशन में मनरेगा से किए गए कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने कांदानार के कॉफी प्लांटेशन क्षेत्र का भी निरीक्षण किए और ग्रामीणों से चर्चा की। उन्होंने कॉफी उत्पादन के लिए ग्राम में बनी समिति का एसडीएम और जनपद सीईओ की उपस्थिति में बैठक करवाकर समिति में जागरूक किसानों को रखकर पुर्नगठित करने के निर्देश दिए। साथ ही किसानों को प्लांटेशन क्षेत्र की सफाई करवाने और कॉफी के पौधों का संरक्षण करने में सहयोग करने कहा। उन्होंने कहा कि जमीन आपका है, कॉफी का फसल होने पर लाभ भी आपको ही होगा। ग्रामीणों से प्लांटेशन की आवश्यकताओं के सम्बन्ध में भी चर्चा किए। इसके अलावा मुंडागढ़ के कॉफी प्लांटेशन का भी जायजा लिया और ग्रामीणों से चर्चा किए। इसके अलावा उरूग़पाल के ग्रामीणों ने कलेक्टर से गांव के आवश्यक मांग भी प्रस्तुत किए। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत प्रतिष्ठा ममगाई सहित जिला पंचायत और जनपद पंचायत के अधिकारी, उद्यानिकी कॉलेज के अधिकारी उपस्थित रहे।
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कांगेर वैली अकादमी के 18वें वार्षिक उत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि किसी भी क्षेत्र में सफलता पाने के लिए शिक्षा जरूरी है। शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। शिक्षा विकास का मूलमंत्र है। मुख्यमंत्री साय ने राजधानी रायपुर के कांगेर वैली अकादमी के 18वें वार्षिक उत्सव को संबोधित करते हुए यह बात कही।
 
          मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी डबल इंजन सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व निर्णय लिए हैं। हमने प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू किया है। हमने स्कूलों में शिक्षक-पालक मीटिंग और न्यौता भोज जैसे अभिनव पहल शुरू की है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और बच्चों के पोषण को बेहतर बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 341 स्कूलों का चयन पीएमश्री स्कूल के रूप में किया गया है। यह शिक्षा के लिए अच्छी अधोसंरचना तथा स्मार्ट क्लास की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्तर के सभी प्रमुख शैक्षणिक संस्थान संचालित किए जा रहे हैं। 
 
         मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मुझे यह जानकर खुशी हुई कि इस विद्यालय में पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद को अहमियत दी जा रही है। यहां बच्चों को मेडिटेशन भी कराया जाता है। उन्होंने बच्चों को यह संदेश भी दिया कि पढ़ाई के साथ खेलकूद तथा सह-शैक्षणिक गतिविधियां उनके समग्र विकास के लिए आवश्यक हैं। 
 
        विधायक पद्मश्री अनुज शर्मा ने कहा कि इस विद्यालय में विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार देने का कार्य भी हो रहा है। व्यक्तित्व के निर्माण में शिक्षा की बड़ी भूमिका होती है। यह भविष्य की सफलताओं का आधार होती है। 
 
       मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर अकादमी के छात्र-छात्राओं द्वारा बनाई गई पेंटिग और फाईन आर्ट की कलाकृतियों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।
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मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य योद्धाओं को किया सम्मानित, चिकित्सकीय संवर्ग के नवनियुक्त स्वास्थ्य कर्मियों को बांटे नियुक्ति पत्र

प्रदेश में तेजी से स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मेडिकल कॉलेज रायपुर में आज कायाकल्प राज्य स्तरीय पुरस्कार समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। 
 
          मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम में स्वास्थ्य योद्धाओं, टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों को सम्मानित किया और चिकित्सकीय संवर्ग के नवनियुक्त स्वास्थ्य कर्मियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने कायाकल्प से सम्मानित संस्थाओं, टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों और स्वास्थ्य योद्धाओं को अपनी शुभकामनाएं भी दी।
 
      मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जब प्रदेश का प्रत्येक व्यक्ति स्वस्थ होगा तभी हम विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का लक्ष्य प्राप्त कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि  डबल इंजन की सरकार में स्वास्थ्य सुविधाएं सुदृढ़ हो रही हैं। उन्होंने प्रदेश में टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत अब तक 11 लाख से अधिक लोगों के स्क्रीनिंग के लिए स्वास्थ्य अमले को बधाई दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि परिवेश की स्वच्छता के साथ ही अस्पताल की स्वच्छता भी बहुत महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने जब स्वच्छ भारत का संकल्प लिया था, उसमें अस्पताल की स्वच्छता को भी प्राथमिकता दी गई। 
 
       मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सांसद रहने के रहने के दौरान मेरे दिल्ली स्थित निवास में इलाज के लिए लोगों का आना-जाना लगा रहता था। एम्स में इलाज के लिए आने वाले मरीज और उनके परिजन मेरे आवास में ही रुकते थे। तब मेरे घर की व्यवस्था देख श्रद्धेय स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव ने कहा था कि तुमने तो अपने घर को मिनी एम्स बना रखा है।  श्रद्धेय अटल जी के कार्यकाल के दौरान रायपुर एम्स की जब स्वीकृति मिली तो वास्तव में छत्तीसगढ़ और आसपास के इलाकों के लाखों लोगों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं  का रास्ता खुल गया।
 
         मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संवेदनशील नेतृत्व ने आम जनता के कारगर इलाज के लिए आयुष्मान भारत योजना तैयार की। गरीबों के लिए पांच लाख रुपए तक के इलाज की व्यवस्था हो गई।
 
       मुख्यमंत्री साय ने कहा कि एक सभ्य समाज की पहचान इस बात से होती है कि वो अपने वयोवृद्ध लोगों का कितना ख्याल रख पाता है। हमारे बुजुर्ग अपना पूरा जीवन समाज के लिए देते हैं और समाज का फर्ज है कि उनकी पूरी देखरेख करें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  ने आयुष्मान भारत योजना का दायरा बढ़ाते हुए 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठजनों के लिए भी पांच लाख रुपए तक के निःशुल्क इलाज की व्यवस्था भी की है।
 
       मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का फोकस है कि स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ सबसे दूरस्थ क्षेत्रों में रह रहे लोगों को भी मिले। बस्तर के कुछ गाँव ऐसे भी थे जहां बरसों तक माओवादी हिंसा की वजह से लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाया था। अब वहां स्वास्थ्य शिविर लग रहे हैं। लोगों के आयुष्मान कार्ड बन रहे हैं। छत्तीसगढ़ में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़िया हुआ है इसका असर मेडिकल टूरिज्म के रूप में दिख रहा है। छत्तीसगढ़ में भी सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल्स में पड़ोसी राज्यों से भी मरीज आते हैं। हम लगातार छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य अधोसंरचना को बेहतर करने काम कर रहे हैं। आंबेडकर  हास्पिटल में हम 700 बिस्तर अस्पताल भवन तैयार कर रहे हैं। इसके बाद यहां की क्षमता दो हजार मरीजों की हो जाएगी।छत्तीसगढ़ में मेडिकल कालेजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। हाल ही में हमने चार मेडिकल कालेजों के भवन निर्माण की प्रक्रिया आरंभ कर दी है। हमारे हिंदी मीडियम के और ग्रामीण परिवेश के विद्यार्थियों को मेडिकल शिक्षा में किसी तरह की दिक्कत न आये, इसके लिए हम हिंदी माध्यम में मेडिकल की शिक्षा उपलब्ध करा रहे हैं। मेडिकल कालेजों में पीजी की सीटें भी बढ़ाई गई हैं ताकि विशेषज्ञ डाक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।
 
        मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में लिए गए बड़े निर्णय और अपने प्रयासों की जानकारी भी साझा की। उन्होंने मेकाहारा में 700 बिस्तर अस्पताल की स्वीकृति, 4 नए मेडिकल कॉलेज भवन की स्वीकृति और बुनियादी स्वास्थ्य अधोसंरचनाओं को लेकर किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने सुकमा जिले के चिंतागुफा स्वास्थ्य केंद्र को एनक्यूएएस सर्टिफिकेट मिलने पर पूरे स्वास्थ्य अमले को बधाई दी और कहा कि हमारी सरकार में न केवल प्रदेश के बड़े शहरों तक बल्कि अंतिम छोर तक स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने का काम जारी रखा है। 
 
       इस अवसर  पर उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक और अविस्मरणीय है। उन्होंने पुरस्कृत होने वाले सभी संस्थाओं और स्वास्थ्य योद्धाओं को बधाई दी और कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में अब स्वस्थ प्रतिस्पर्धा हो रही है। हमारे स्वास्थ्य केंद्र निजी संस्थान से मुकाबला कर रहे है। साव ने स्वास्थ्यकर्मियों की सेवाभावना और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। उन्होंने कहा कि जब कोई मरीज चिकित्सा उपरांत स्वस्थ होता है तो हमें अपनी पूरी व्यवस्था पर गर्व होता है और संतुष्टि मिलती है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार में स्वास्थ्य सुविधाएं तेजी के साथ बढ़ रही है और इससे प्रदेश के लोग लाभान्वित होंगे। 
 
     कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि आज स्वास्थ्य विभाग के लिए उत्सव का दिन है और प्रदेश भर के स्वास्थ्य योद्धा हमारे साथ है। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल के अल्प समय में स्वास्थ्य सुविधाओं ने नई ऊंचाईयों को छुआ है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं, अधोसंरचनाओं के विस्तार सहित आगामी कार्ययोजनाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर विधायक  मोतीलाल साहू, सुनील सोनी, गुरु खुशवंत साहेब, अनुज शर्मा उपस्थित  थे।
           उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023-24 के कायाकल्प स्वच्छ अस्पताल योजना राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह में जिला अस्पताल श्रेणी में प्रथम स्थान जिला अस्पताल बेमेतरा, द्वितीय स्थान जिला अस्पताल कोण्डागांव और कंसिस्टेंसी पुरस्कार जिला अस्पताल जगदलपुर को दिया गया। इसी प्रकार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र श्रेणी में प्रथम स्थान सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र दुलदुला जिला जशपुर, द्वितीय स्थान सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पंडरिया जिला कबीरधाम और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र श्रेणी में प्रथम स्थान शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र राजातलाब जिला रायपुर, द्वितीय स्थान शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र राजकिशोरनगर जिला बिलासपुर को मिला। 
 
इसी तरह प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र श्रेणी में प्रथम स्थान संयुक्त रूप से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बागोडार जिला कांकेर, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र राहोद जिला जांजगीर चांपा, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र कुसमी जिला बेमेतरा, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोरपा जिला रायपुर और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बटईकेला जिला सरगुजा को दिया गया।उप स्वास्थ्य केन्द्र श्रेणी में प्रथम स्थान संयुक्त रूप से उप स्वास्थ्य केन्द्र तुमनार जिला बीजापुर, उप स्वास्थ्य केन्द्र मांगरी जिला सरगुजा, उप स्वास्थ्य केन्द्र कटीया जिला रायपुर, उप स्वास्थ्य केन्द्र अहेरी जिला दुर्ग और उप स्वास्थ्य केन्द्र मीट्ठुनवागांव जिला बिलासपुर को मिला है।
 
     कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 10 स्वास्थ्य योद्धाओं का सम्मान किया। उन्होंने स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए कार्यों की प्रशंसा की।  इसके साथ ही  साय ने प्रदेश के टीबी से मुक्त हुए ग्राम पंचायतों को भी सम्मानित किया।
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मुख्यमंत्री का बड़ा निर्णय दलहन, तिलहन और गेहूँ पर मंडी शुल्क और कृषक कल्याण शुल्क में पूर्णतः छूट

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने दलहन, तिलहन तथा गेहूं पर मंडी शुल्क और कृषक कल्याण शुल्क में 13 मार्च 2024 से 31 मार्च 2026 तक पूर्णतः छूट प्रदान की है। राज्य सरकार इस निर्णय से प्रदेश के लाखों किसानों और दाल मिल, तिलहन मिल तथा फ्लोर मिलों के संचालकों तथा व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा। छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया है। 
 
उल्लेखनीय है कि प्रदेश के दाल मिल, तिलहन मिल तथा फ्लोर मिलों के संचालकों एवं व्यापारियों द्वारा प्रदेश के बाहर से प्रसंस्करण-विनिर्माण के लिए लाए गए दलहन, तिलहन एवं गेहूं पर मंडी शुल्क में छूट दिए जाने हेतू मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को आग्रह किया था।  मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर 17 दिसम्बर 2024 को अधिसूचना जारी कर 13 मार्च 2024 से 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ की सभी मंडियों में इन शुल्कों में पूर्ण छूट प्रदान की गई है। 
 
छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कामर्स एसोशिएसन के अध्यक्ष श्री अमर परवानी ने इस निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह निर्णय प्रदेश के व्यापारिक और कृषि क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा है कि यह छूट प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगी और व्यापारियों किसानों के हितों की रक्षा करेगी। मंडी शुल्क और कृषक कल्याण शुल्क में छूट होने से व्यापारी पड़ोसी राज्यों से भी प्रतिस्पर्धात्मक दरों पर व्यापार कर सकेंगे। इससे प्रदेश में व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को भी उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा।
 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के इस फैसले का अभिनंदन करते हुए आमजनों व उद्योग जगत के लोगों ने आज मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर मुख्यमंत्री का आत्मीय अभिनंदन कर उन्हें हृदय से धन्यवाद दिया। 
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वित्तीय चुनौतियां होने के बावजूद प्रदेश की आम जनता के हक में उनकी सरकार ने यह फैसला किया है। इस फैसले से प्रदेश के 30 हजार परिवारों का संरक्षण होगा व आम जनता को भी कम कीमत पर रोजमर्रा की वस्तुएं मिलती रहेंगी। 
 
मुख्यमंत्री  साय ने कहा  प्रदेश में दलहन, तिलहन एवं गेहूँ का उत्पादन मांग के अनुरूप कम है, जिससे प्रदेश के दाल मिल, तिलहन मिल तथा फ्लोर मिलों को अपने मिलों के संचालन के लिए अन्य प्रदेशों से दलहन, तिलहन एवं गेहूँ का आयात करना पड़ता है। मंडी शुल्क से छूट दिये जाने पर प्रदेश की दाल मिल, तिलहन मिल तथा फ्लोर मिलें अन्य राज्यों से प्रतिस्पर्धा कर पायेंगे और उपभोक्ताओं को कम कीमत पर दाले, तेल, आटा तथा मैदा प्राप्त होगा, जिससे घरेलू व्यय में बचत होगी और उपभोक्ता इस बचत से अपनी जीवनशैली में सुधार हेतु अन्य आवश्यक सामग्रियां क्रय करने में सक्षम हो सकेगा। साथ ही इन दाल मिल, तिलहन मिल तथा फ्लोर मिलों से लगभग 30 हजार परिवारों को रोजगार प्राप्त होता है, जिनका सीधा संरक्षण ये फैसला करता रहेगा। 
 
इस अवसर पर अमित चिमनानी, चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी ,रायपुर दाल मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री संजीत गोयल ,सचिव  श्याम सुंदर गोयल, हरिमल सचदेव, फ्लोर मिल एसोसिएशन के प्रदेश सचिव रमेश अग्रवाल, कोषाध्यक्ष धरम अग्रवाल, समीर अग्रवाल उपस्थित थे।
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कोड़ापार से थनौद टीला एनीकट तक 109 करोड़ रूपए की लागत से बिछाई जाएगी 16 किमी लंबी पाइपलाइन

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रयासों से नवा रायपुर अटल नगर अत्याधुनिक सुविधाओं वाला शहर बनने की तरफ अग्रसर है। राज्य के आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओपी चौधरी ने नवा रायपुर अटल नगर को देश के आधुनिक शहरों में शुमार करने के लिए इसे भविष्य के शहर के रूप मे तैयार करने हेतु प्रयासरत हैं। इन्हीं योजनाओं में से एक है आने वाले 25 वर्षों तक नवा रायपुर अटल नगर के लोगों को लिए निर्बाध पेयजल की सप्लाई। भविष्य में भूमिगत जल में कमी और बढ़ती जनसंख्या की मांग के अनुसार पेयजल उपलब्ध कराने के लिए नवा रायपुर विकास प्राधिकरण ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। 
 
इसके लिए अभनपुर के पास कोड़ापार से थनौद टीला एनीकट तक एक नई पाइपलाइन बिछाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। यह पाइप लाइन 16 किमी लंबी होगी और इसकी अनुमानित लागत लगभग 109 करोड़ रूपए होगी। नवा रायपुर अटल नगर में टीला एनीकट से पानी की सप्लाई होती है। लेकिन गर्मी के दिनों में पानी की कमी होने से एक प्राकृतिक खुली नहर के द्वारा कोड़ापार से थनौद तक पानी की आपूर्ति की जाती है। कोड़ापार तक पानी रविशंकर जलाशय से आता है। कोड़ापार से थनौद तक खुली नहर की दूरी लगभग 25  किमी है। इतनी लंबी दूरी तक खुली नहर के माध्यम से छोड़ने पर काफी मात्रा में पानी का नुकसान हो जाता है। खुली नहर की वजह से पानी की  वास्तविक क्षमता का इस्तेमाल नहीं हो पाता है। 
 
नवा रायपुर के लोगों को पानी की दिक्कत न हो और साथ ही पानी का नुकसान भी न हो इसके लिए प्राकृतिक नहर के स्थान पर पाईपलाइन  के माध्यम से नहर का पानी नया रायपुर अटल नगर तक पहुंचाया जायेगा। पाइप लाइन बिछाने से कोड़ापार से थनौद तक की दूरी भी कम होगी और बिना किसी नुकसान से अपनी वास्तविक क्षमता में पानी थनौद तक पहुंचेगा। इस परियोजना के अमल में आने और पूर्ण हो जाने से भविष्य में शहर के नागरिकों को पेयजल से जुड़ी किसी भी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर-अंबिकापुर-बिलासपुर हवाई सेवा का स्वामी विवेकानंद विमानतल पर किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  रायपुर-अंबिकापुर-बिलासपुर हवाई सेवा का स्वामी विवेकानंद विमानतल पर आज शुभारंभ किया।
 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि आज छत्तीसगढ़ के विकास की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है।रायपुर-अंबिकापुर-बिलासपुर विमान सेवा का शुभारंभ हमारे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के विस्तार का प्रतीक है। इस सेवा का आरंभिक किराया मात्र 999 रुपये है, जो यह सुनिश्चित करता है कि आम जनता भी हवाई यात्रा का लाभ उठा सके।
 
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में जो परिवर्तन आया है, उसका यह एक बड़ा उदाहरण है। उन्होंने कहा था कि हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई जहाज की सवारी करेगा और आज वह सपना साकार हो रहा है। सरगुजा और बस्तर जैसे दूरस्थ क्षेत्रों की एयर कनेक्टिविटी से न केवल नागरिकों को सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि इन क्षेत्रों में टूरिज्म और आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी। राज्य सरकार ने 80 करोड़ की  लागत  से अंबिकापुर के एयरपोर्ट का विकास किया है l
माँ महामाया एयरपोर्ट, अंबिकापुर को थ्री सी वीएफआर श्रेणी का लाइसेंस प्राप्त हुआ है ।
यह एयरपोर्ट 72-सीटर एटीआर-72 विमानों के संचालन के लिए उपयुक्त है।
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अंबिकापुर को वाराणसी, प्रयागराज, लखनऊ, दिल्ली और कोलकाता से जोड़ने की योजना पर भी काम जारी है।हमारे छत्तीसगढ़ में प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहरें, और इको-टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व, रामगढ़ की पहाड़ियां, और एशिया का नियाग्रा कहे जाने वाले चित्रकोट जलप्रपात जैसे स्थलों तक अब देश-विदेश के पर्यटकों की पहुंच आसान होगी। इसके साथ ही, एयर कनेक्टिविटी के विस्तार से निवेश का माहौल भी बेहतर होगा। हमारी सरकार ने नई उद्योग नीति में होम स्टे और रिसॉर्ट्स जैसे उद्यमों को विशेष प्रोत्साहन दिया है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के बड़े अवसर पैदा हो रहे हैं। हमारी कोशिश है कि अगले चार वर्षों में छत्तीसगढ़ को विमानन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाया जाए। 
 
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि नया साल आने वाला है, और मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि इस नई विमान सेवा का लाभ उठाएं और सरगुजा की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लें। फ्लाई बिग चार्टर कंपनी 19-सीटर ट्विन औटर विमानों के माध्यम से इन शहरों के लिए सेवाएं देगी।
 
विमान टेकऑफ़ को वाटर सेल्यूट दिया गया। आज प्रारंभ हुई विमान सेवा के पहले यात्री के रूप में सांसद चिंतामणि महाराज सपत्नीक सवार हुए, जिनको मुख्यमंत्री श्री साय ने बोर्डिंग पास देकर कहा कि आज आपने इतिहास बना दिया। आप इस रूट के पहले यात्री है, आपको शुभकामनाएं।  इस अवसर विधायक राजेश अग्रवाल, प्रबोध मिंज, रामकुमार टोप्पो, मुख्यमंत्री के सचिव  बसवराजु, संचालक विमानन विभाग संजीव झा, फ्लाई बिग कंपनी के सीएमडी संजय मांडविया उपस्थित थे।
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पद्मविभूषण श्रीमती तीजन बाई से मिलने पहुंचे मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल

 प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, पंडवानी की लोक गायिका पद्मविभूषण श्रीमती तीजन बाई की हालत जानने आज उनके निवास गांव गनियारी (विकासखंड पाटन, जिला दुर्ग) पहुंचे। उन्होंने पद्मविभूषण श्रीमती तीजन बाई और उनके परिजनों से मुलाकात कर हाल-चाल पूछा और स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। मंत्री जायसवाल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के तरफ से 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि का चेक पद्मविभूषण श्रीमती तीजन बाई को प्रदान किया। जायसवाल ने परिवार में नौकरी की माँग को लेकर मुख्यमंत्री से चर्चा करने का भी आश्वासन दिया। साथ ही शासन स्तर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की बाते कही। 
 
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निर्देश दिया है कि छत्तीसगढ़ की पहचान पद्म विभूषण श्रीमती तीजन बाई के इलाज में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। तीजन बाई के इलाज के लिए चिकित्सकों की एक टीम भी तैनात की गई है जो लगातार उनका मेडिकल बुलेटिन भी जारी करते रहते हैं। मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के तौर पर पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने श्रीमती तीजन बाई को शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मान किया। इस अवसर पर विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, ललित चंद्राकर और गजेंद्र यादव,संचालक स्वास्थ्य सेवाये, कलेक्टर, सीएमएचओ और स्वास्थ्य कर्मचारी भी मौजूद थे।
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मुख्यमंत्री लालपुर धाम में 268वें गुरू घासीदास जयंती समारोह में हुए शामिल

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा है कि बाबा गुरु घासीदास के संदेशों को अपनाकर हमारी सरकार सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास और सबका विश्वास के मूलमंत्र के साथ विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री साय आज मुंगेली जिले के तहसील मुख्यालय लालपुर धाम में आयोजित बाबा गुरू घासीदास के 268वें जयंती समारोह एवं तीन दिवसीय मेला कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। 
 
मुख्यमंत्री ने यहां बाबा गुरू घासीदास मंदिर एवं जैतखाम में पूजा-अर्चना कर राज्य की खुशहाली एवं समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर लालपुर में बाबा गुरू घासीदास मंदिर के जीर्णाेद्धार के लिए 50 लाख रूपए की स्वीकृति तथा लोरमी में नालंदा परिसर के निर्माण की घोषणा की। मुख्यमंत्री साय सहित अतिथियों का कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर सतनामी कल्याण समिति के सदस्यों ने गजमाला पहनाकर भव्य स्वागत किया।
 
मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी को बाबा गुरू घासीदास जयंती की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बाबा गुरू घासीदास ने ऊंच-नीच, भेद-भाव, छूआछूत का प्रबल विरोध किया, मनखे-मनखे एक समान का उपदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी के अनुरूप 70 लाख से ज्यादा महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ मिल रहा है। तेंदूपत्ता संग्रहण की पारिश्रमिक दर बढ़ाकर 5500 रूपए किया गया है। प्रति एकड़ 21 क्विंटल तथा 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है। सरकार द्वारा अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों के विकास पर ध्यान देते हुए प्राधिकरण का गठन किया गया है। यूपीएससी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए दिल्ली के ट्रायबल यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या बढ़ाई गई है, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को पढ़ाई और बेहतर शिक्षा का लाभ मिल सके। 
 
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने इस अवसर पर कहा कि सब को साथ लेकर चलना बाबा का संदेश था और इसी संदेश का संकल्प लेकर हमारी सरकार आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का सांय-सांय विकास हो रहा है। उन्होंने सभी को बाबा गुरु घासीदास जयंती की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल ने कहा कि लालपुर में उपस्थित होकर बाबा गुरु घासीदास जी की पूजा-अर्चना करने का सौभाग्य मिला। बाबा ने सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। आप सभी उनके संदेशों का अनुकरण करते हुए जीवन में आगे बढ़ें। 
 
केन्द्रीय आवास एवं शहरी मामलों के राज्य मंत्री तोखन साहू ने बाबा गुरू घासीदास जयंती की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लालपुर धाम में हर समाज के लोग आते हैं और श्रद्धा के साथ सिर झुकाते हैं। आज बाबा की 268वीं जयंती मना रहे हैं, ताकि बाबा के पद चिन्हों पर चलने का संकल्प ले सकें। उन्होंने कहा कि बाबा गुरू घासीदास ने अपनी साधना और तपस्या के बल पर पूरे मानव समाज को एकता के सूत्र में बांधा। छूआछूत की भावना को दूर करते हुए सर्व समाज को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने संत समाज को नमन करते हुए सांसद निधि से लालपुर के विकास के लिए 10 लाख रूपए की घोषणा की।
 
इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, संभागायुक्त महादेव कावरे, आईजी संजीव शुक्ला, कलेक्टर राहुल देव, पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल, गणमान्य नागरिक श्री कोमल गिरी गोस्वामी, फणीश्वर पाटले सहित बड़ी संख्या में सतनामी समाज के अनुयायी मौजूद रहे।
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अनवर ढेबर के करीबी मेमन के घर ईडी की दबिश

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आज सुबह छत्तीसगढ़ के गरियाबंद और मैनपुर इलाके में बड़े छापे की है। यह कार्रवाई शराब सिंडिकेट और आर्थिक लेन-देन में गड़बडिय़ों के आरोपों के तहत की गई है। छापे की खबर से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।

जाड़ापदर के ग्रामीणों की लिखित शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। ग्रामीणों ने इकबाल मेमन पर शराब सिंडिकेट के पैसे से संपत्ति खरीदने का आरोप लगाया था। जांच में सामने आया है कि पिछले दो सालों में इकबाल मेमन ने दो करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां खरीदी हैं।

 

मैनपुर में कारोबारी इकबाल मेमन के घर छापा

मैनपुर में सुबह 6 बजे ईडी की टीम ने कारोबारी इकबाल मेमन के घर छापा मारा। बताया जा रहा है कि इकबाल मेमन रायपुर के शराब सिंडिकेट मामले के मुख्य आरोपी अनवर ढेबर का करीबी रिश्तेदार है। टीम 10 से अधिक वाहनों के साथ पहुंची थी और घंटों से पूछताछ जारी है।

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विधान सभा के रजत जयंती वर्ष में ‘‘स्मृतियां’’ छायाचित्रों की प्रदर्शनी का शुभारंभ

छत्तीसगढ़ विधान सभा के ‘‘रजत जयंती वर्ष’’ के उपलक्ष्य में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने आज विधान सभा परिसर में ‘‘स्मृतियां’’ छायाचित्रों की प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। 
प्रदर्शनी के शुभारंभ के पश्चात विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सहित मंत्रियों एवं विधायकों ने छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया और उसकी सराहना की। इस अवसर पर विधानसभा सचिव श्री दिनेश शर्मा भी उपस्थित थे । 
 
छायाचित्र प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ विधानसभा की स्थापना से लेकर वर्तमान तक के 25 वर्षों के ऐतिहासिक सफर के महत्वपूर्ण अवसर के छायाचित्रों को प्रदर्शित किया गया है। छायाचित्रों की इस प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ विधान सभा के आरंभ से लेकर वर्तमान तक विशिष्ट अतिथियों के छत्तीसगढ़ विधानसभा में विभिन्न कार्यक्रमों में आगमन एवं अन्य महत्वपूर्ण अवसरों के छायाचित्रों को प्रदर्शित किया गया है। यह प्रदर्शनी रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में पूरे वर्ष भर विधान सभा परिसर में लगी रहेगी। प्रदर्शनी स्थल पर नवा रायपुर में निर्माणाधीन नवीन विधान सभा भवन के ‘‘मॉडल’’ को भी प्रदर्शित किया गया है।
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स्कूली बच्चों का विधानसभा का शैक्षणिक भ्रमण

आरंग के सृजन सोनकर विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के छात्रों ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान छात्रों ने विधानसभा कार्यवाही को नजदीक से देखा और संसदीय प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त की।
 
भ्रमण के दौरान छात्रों ने छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी से मुलाकात की। वित्त मंत्री चौधरी ने छात्रों को राज्य की राजनीति, विधायी प्रक्रिया और उनके महत्व के बारे में बताया। उन्होंने छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ समाज और देश के प्रति जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा दी।
 
इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकों ने कहा कि यह भ्रमण छात्रों के लिए सीखने और अनुभव प्राप्त करने का अनूठा अवसर था। इससे उन्हें राज्य की राजनीतिक संरचना और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को गहराई से समझने में मदद मिलेगी। छात्रों ने विधानसभा भ्रमण और वित्त मंत्री से मुलाकात को बेहद प्रेरणादायक बताया और भविष्य में ऐसी और भी शैक्षणिक यात्राओं की इच्छा जताई। इस अवसर पर विधायक गुरु खुशवंत साहेब उपस्थित थे।
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अमित शाह ने जवानों को 2024 में नक्सलवाद के खिलाफ मिली अप्रत्याशित सफलता पर बधाई दी और उन्हें इसी जोश के साथ नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया

 केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के रायपुर में राज्य में वामपंथी उग्रवाद की स्थिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, केन्द्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा और केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के महानिदेशक उपस्थित थे। 
 
समीक्षा बैठक के दौरान केन्द्रीय गृह मंत्री ने सभी बलों और एजेंसियों को मार्च, 2026 तक वामपंथी उग्रवाद को पूर्णतया समाप्त करने के लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में संयुक्त प्रयास करने को कहा।
 
बैठक के बाद अपने समापन संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में छत्तीसगढ़ पुलिस और अन्य सुरक्षाबलों ने बहुत अच्छे और समन्वित तरीके से काम किया है। उन्होंने कहा कि हमारे सुरक्षाबलों के कारण पिछले एक साल में नक्सलियों को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुंचा है जो एक बहुत बड़ी सफलता है। शाह ने कहा कि मार्च, 2026 से पहले नक्सलवाद को खत्म करने की दिशा में अभी हमें काफी काम करना बाकी है और इसमें NIA की बहुत प्रमुख भूमिका रहेगी। उन्होंने कहा कि CRPF, ITBP, BSF, छत्तीसगढ़ पुलिस और DRG मिलकर एक साल में बहुत बड़े लक्ष्य की ओर बढ़े हैं और निश्चित रूप से मार्च, 2026 से पहले ही हम नक्सलवाद को समाप्त कर देंगे।
 
इससे पहले, आज केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बीजापुर में गुण्डम फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस का दौरा किया और बलों की ऑपरेशनल तैयारियों की समीक्षा की।
 अमित शाह ने जवानों को 2024 में नक्सलवाद के खिलाफ मिली अप्रत्याशित सफलता पर बधाई दी और उन्हें इसी जोश के साथ नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया, जिससे मार्च, 2026 तक देश को पूरी तरह से इस समस्या से मुक्ति दिलाई जा सके।
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केन्द्रीय गृहमंत्री गुण्डम कैम्प में सीआरपीएफ, कोबरा बटालियन, डीआरजी सहित सुरक्षा बल के जवानों से किया सीधा संवाद

 केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह नक्सल गतिविधियों पर अंकुश लगाने के अपने मिशन के तहत आज बीजापुर के सुदूर एवं माओवाद प्रभावित क्षेत्र गुण्डम में तैनात सुरक्षाबलों के जवानों के बीच पहुंचे। उन्होंने स्थित केन्द्रीय रिजर्व बल 153वीं वाहिनी बटालियन के कैम्प में सीआरपीएफ, कोबरा, डीआरजी सहित सुरक्षा बल के जवानों के साथ संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। 
 
केन्द्रीय गृह मंत्री शाह ने नक्सल मोर्चे पर तैनात जवानों से सीधे नक्सल ऑपरेशन की मैदानी स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने जवानों के साथ दोपहर का भोजन भी किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा भी उपस्थित थे। 
 
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा की विगत एक वर्ष में बस्तर को नक्सल मुक्त करने नवीन सुरक्षा कैम्पों की स्थापना की गई है, जिसका सकारात्मक परिणाम यह रहा है की हमारे जवानों को नक्सल ऑपरेशन में लगातार सफलता मिली। बहुत बड़ी संख्या में नक्सली मारे गये, नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया और उनकी गिरफ्तारी हुई। वह दिन दूर नहीं जब बस्तर और हमारा देश नक्सल प्रभाव से पूरी तरह मुक्त हो जाएगा। मार्च 2026 तक नक्सलमुक्त भारत बनाना हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि नक्सलमुक्त अभियान में सीआरपीएफ, बीएसएफ, कोबरा, छत्तीसगढ़ पुलिस, बस्तरिया बटालियन सहित सभी सुरक्षाबलों का महत्वपूर्ण योगदान है।
 
 अमित शाह ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज नक्सलवाद समाप्त होने की कगार पर पहुंच गया है। उन्होने कहा कि सुरक्षा कैम्प के दायरे में आने वाले गांवों में सुरक्षाबल के अधिकारी यह अवश्य देखें की शासन की योजनाओं का क्रियान्वयन जमीनी स्तर पर कितनी अच्छी तरह हो रहा है, लोगों को उनके अधिकार मिल रहे हैं कि नही। शासन की योजनाओं का समुचित ढंग से लाभ ग्रामीणों को मिलते रहेगा तो वे शासन और प्रशासन के प्रति समर्पित भाव से सहयोग करेंगे और विकास की ओर अग्रसर होंगे। 
 
गृहमंत्री ने कैम्प परिसर पर एक पेड़ मां के नाम अभियान अर्न्तगत किया वृक्षारोपण
 
गुण्डम की शासकीय उचित मूल्य दुकान का किया शुभारंभ
 
बीजापुर के गुण्डम प्रवास के दौरान केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कैम्प परिसर में बरगद का पौधा तथा मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने सल्फी का पौधा रोपा। उन्होंने इस मौके पर कैम्प परिसर के सामने नवीन शासकीय उचित मूल्य दुकान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर सीआरपीएफ, पुलिस एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
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जवानों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी, नक्सलवाद का करेंगे खात्मा - केंद्रीय गृह मंत्री शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने बस्तर प्रवास के दूसरे दिन आज अमर वाटिका में नक्सली हमले में शहीद जवानों और नक्सली हिंसा से पीड़ित नागरिकों के परिजनों से मिलकर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।
 
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने परिजनों से चर्चा करते हुए कहा कि एक लम्बी और वेदनापूर्ण लड़ाई में आपने अपने परिजनों  को खोया है, इस दर्द को कम नहीं किया जा सकता है। केंद्र और राज्य सरकार आपके साथ है। शहीदों के त्याग और बलिदान को चिर स्थाई बनाए रखने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार उनकी पुण्य स्मृतियों को सहेजने का काम कर रही है। 
 
उन्होंने कहा कि आप सभी ने जैसे अपने परिजनों को खोया है, वैसे किसी और को खोना न पड़े। मैं नक्सली हमलों में शहीद हुए जवानों और जान गंवाने वाले सभी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि मां दंतेश्वरी की धरती से नक्सलवाद को पूर्णतः समाप्त कर देंगे।  
 
केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा कि भारत सरकार की सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस के जवान मजबूती के साथ नक्सल मोर्चे पर काम कर रहे हैं। पिछले एक साल की सटीक रणनीति से नक्सलवाद का दायरा सिमटा है और ढेर सारे विकास के कार्यों को गति देने के लिए चरणबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन अभियान को केंद्र सरकार का पूरा समर्थन और सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि नक्सल उन्मूलन के लिये सरकार तीनों मोर्चाे पर काम कर रही है। माओवादी उग्रवाद का रास्ता छोड़कर आत्म सर्मपण करने वालों का स्वागत किया जा रहा है। नक्सल अभियान के दौरान उन्हें गिरफ्तार भी किया जा रहा है और जो दूसरे की जान लेने पर आमादा हैं, उन्हें उन्हीं की भाषा में जवाब दिया जा रहा है। 
 
केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शहीदों के परिजनों की समस्या सुनने के लिए पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में सप्ताह में एक दिन नियत किया गया है। उन्होंने शासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आईजी कार्यालय में कलेक्टर भी मौजूद रहें और इस मुहिम का हिस्सा बने। केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि अपनों को खोने का दर्द कोई कम नहीं कर सकता किंतु हम कुछ ऐसी व्यवस्था बनाएंगे, जिससे आपकी पीड़ा को कम किया जा सके।
 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि आपके परिजनों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार साथ मिलकर आपके हितों का ध्यान रखेगी। आप सभी के लिए जो बेहतर होगा वह कार्य करने के लिए हम सभी दृढ़संकल्पित हैं। उन्होंने परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और शहीदों को नमन किया।
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे लिए बहुत खुशी की बात है कि हर बार जब हमारे जवानों को नक्सल मोर्चे पर सफलता मिली है केंद्रीय गृह मंत्री जी ने उनकी हिम्मत बढ़ाई है और उनकी पीठ हमेशा थपथपाई है। आज भी वे आपकी हौसला अफजाई के लिए आये हैं और आपके साहस और संकल्प के लिए आपके अभिनंदन के लिए आये हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार शहीद जवानों की स्मृतियों को सहेजने केे लिए उनके गांवों में प्रतिमा की स्थापना करेगी।
 
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर में शांति व उन्नति के लिए शहीद हुए जवानों और नक्सली हिंसा में पीड़ित परिवार के परिजनों से हम लोग मिलना चाह रहे थे। आप सभी हमारे परिवार का हिस्सा हैं और अपनों को खोने का यह दुःख हम सभी को समान पीड़ा दे रहा है। 
 
इस अवसर पर शहीद जवानों के परिजन और नक्सली हिंसा से पीड़ित नागरिकों के परिजन उपस्थित थे।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने बस्तर प्रवास के दूसरे दिन आज जगदलपुर स्थित अमर शहीद वाटिका पहुंचकर अमर जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने अमर जवान स्तम्भ में पुष्प चक्र अर्पित कर नक्सल अभियान के दौरान शहीद जवानों की शहादत को नमन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा उपस्थित थे।
 
इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने एक पेड़ शहीदों के नाम अभियान अंतर्गत वृक्षारोपण किया। उन्होंने परिसर में पीपल का पौधा रोपा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी परिसर में शहीदों की स्मृति में रुद्राक्ष का पौधा लगाया।
 
  केंद्रीय गृह मंत्री ने विजिटर बुक में व्यक्त किए अपने विचार
 
    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज अमर वाटिका में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने के उपरांत विजिटर बुक में अपने विचार व्यक्त किये। उन्होंने लिखा कि सुरक्षाबलों के जवानों की शहादत के लिए देश सदैव उनका ऋणी रहेगा।
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विकास की यशोगाथा बनेगा बस्तर ओलंपिक : केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह

केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने आज बस्तर जिले के जगदलपुर में आयोजित बस्तर ओलंपिक के समापन समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि बस्तर ओलंपिक आने वाले दिनों में बस्तर के विकास की यशोगाथा बनेगा और शांति, सुरक्षा, विकास और नई उम्मीद की नींव डालने का काम करेगा। उन्होंने कहा कि हम देश से नक्सलवाद को पूर्ण रूप से 31 मार्च 2026 तक समाप्त करेंगे। 


केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि बस्तर से नक्सलवाद समाप्त होने पर यहां कश्मीर से ज्यादा पर्यटक आएंगे। मां दंतेश्वरी की कृपा से बस्तर को प्रकृति के अनुपम सौंदर्य का वरदान मिला है। हम यहां पर पर्यटन को आगे बढ़ाएंगे। हम यहां पर छोटे-छोटे उद्योगों को आगे बढ़ाकर रोजगार के अवसरों का सृजन करेंगे। उन्होंने बस्तर के युवाओं से कहा कि हार मानने वाला कभी नहीं जीतता। जीतता वह है जो कभी हार नहीं मानता। बस्तर के अंदर अनेक संभावनाएं हैं। यहां जो 3000 बच्चे मेरे सामने बैठे हैं उसमें से कोई बच्चा अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक में गोल्ड मेडल लेकर आएगा तो पूरा भारत इस पर गर्व करेगा। 

उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ हमने दोनों मोर्चे पर काम किया है। एक ओर वह नक्सली जो सरेंडर नहीं हुए और जो हिंसा करते थे उनके खिलाफ सुरक्षा बलों को खड़ा करके उनको मार गिराने का काम किया। जो सरेंडर हुए उनको बसाने का काम किया और नक्सल प्रभावित क्षेत्र में जो विकास से पिछड़ गए थे, उनको विकसित करने का अभियान भी चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोगों के आशीर्वाद से राज्य में डबल इंजन की सरकार बनी और नक्सलवाद के खिलाफ हमारा अभियान तेज हुआ और नक्सल उन्मूलन की दिशा में हमें लगातार सफलता मिल रही है।  

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बस्तरवासियों का हार्दिक अभिनंदन करते हुए कहा कि आप सभी ने पूरे उत्साह के साथ बस्तर ओलंपिक में भाग लेकर इसे ऐतिहासिक रूप से सफल बनाया है। इस आयोजन में 1 लाख 65 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। इतनी बड़ी संख्या में खिलाड़ियों के लिए प्रबंधन करना एक चुनौती थी, बस्तर संभाग के सातों जिलों की पूरी टीम ने इसे बखूबी पूरा किया, इसके लिए मैं उन्हें बधाई देता हूँ। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मुझे यह कहते हुए गर्व की अनुभूति हो रही है कि बस्तर ओलम्पिक के माध्यम से हम सभी बस्तर अंचल के युवाओं की ऊर्जा को खेल के माध्यम से एक सकारात्मक दिशा देने में सफल रहे हैं। बस्तर ओलंपिक का यह आयोजन केवल खेल नहीं है, बल्कि बस्तर की संस्कृति, उत्साह, और प्रतिभा का उत्सव है। यह आयोजन एक संदेश देता है कि बस्तर का असली चेहरा इसकी सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सुंदरता है, न कि माओवाद की हिंसा।

इस आयोजन के माध्यम से हमने युवाओं को शासन-प्रशासन से जोड़कर विकास के कार्याें में सहभागी बनने की ओर उन्मुख किया है। आज जब लाखों युवा इस ओलंपिक में भाग लेते हैं और अपनी ऊर्जा को खेलों में लगाते हैं, तो यह हमारे लिए एक सुखद संकेत है। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलम्पिक का सफल आयोजन हमें विश्वास दिलाता है कि बस्तर के युवाओं की क्षमता और उनकी शक्ति को अगर सही दिशा में प्रेरित किया जाए, तो विकास और खुशहाली का रास्ता कोई नही रोक सकता है। ओलंपिक में शामिल खिलाड़ियोें ने यह संदेश भी दिया कि बस्तर में बदलाव की बयार चल पड़ी है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से हमने न केवल बस्तर के युवाओं की छुपी प्रतिभा को देखा, बल्कि उन आत्मसमर्पित भाइयों और बहनों की प्रतिभा को भी देखा, जिन्होंने हिंसा की माओवादी विचारधारा को छोड़कर मुख्यधारा में वापसी की। नक्सलवाद का समाधान केवल पुलिस कार्रवाई से नहीं, बल्कि शिक्षा, खेल, रोजगार और सकारात्मक अवसर प्रदान करने से होगा और बस्तर ओलंपिक इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। आज आपके चेहरों पर जो मुस्कान है, वह एक खुशहाल और शांतिपूर्ण बस्तर का प्रतीक है। 

उन्होंने कहा कि माओवादी हिंसा से प्रभावित दिव्यांगजनों ने भी इन खेलों में हिस्सा लिया। उनकी हिम्मत और जज्बा ने दिखा दिया है कि बस्तर के लोग कभी हार नहीं मानते। बस्तर ने लम्बे समय से माओवाद के दंश को झेला है। लेकिन आज, बस्तर शांति और विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह उपलब्धि हमारे केंद्रीय गृह मंत्री जी के सतत मार्गदर्शन और हर संभव सहयोग के कारण संभव हो पाई है। उनके बेहतर अंतरराज्यीय समन्वय और निरंतर प्रोत्साहन से हम माओवाद को जड़ से समाप्त करने की ओर अग्रसर हैं। बस्तर ओलंपिक में बच्चों-युवाओं ने उत्साह से हिस्सा लिया, और बुजुर्गों ने भी इन खेलों का आनंद लेकर अपने बचपन और स्कूली जीवन की यादें ताजा कीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में माओवाद की जड़ें कमजोर हुई हैं, और यह सब हमारे सुरक्षा बलों की बहादुरी, बेहतर रणनीति, और आप सभी की लोकतांत्रिक आस्था के कारण संभव हुआ है। पिछले एक साल में माओवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई में बड़ी सफलता मिली है। इस दौरान 220 से अधिक माओवादियों को ढेर किया गया है, 937 माओवादी गिरफ्तार हुए तथा 812 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। अभी हाल ही मैंने बस्तर के सुरक्षा कैंप में जवानों के साथ रात गुजारी। यह मेरे जीवन का सबसे सुखद अनुभव था। जवानों का बढ़ा हुआ हौसला और आत्मविश्वास देखकर मैंने भी अपने भीतर नयी ऊर्जा का महसूस की है।

हमारे नक्सल पीड़ित परिवारों के परिजन भी इस मौके पर यहां मौजूद हैं। मैं उनके साहस की भी प्रशंसा करना चाहूंगा। उन्होंने रायपुर से दिल्ली तक आज हर फोरम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और इनके माध्यम से दुनिया को पता चला कि माओवाद का वास्तविक चेहरा कितना क्रूर है।

हमारी एक बड़ी कामयाबी यह भी है कि हम ’नियद नेल्ला नार योजना’ के माध्यम से बस्तर के अंदरूनी गांव तक लोकतंत्र और विकास की किरणों को पहुंचाने में सफल हुए। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से हम सड़क, पुल-पुलिया, स्कूल, अस्पताल, आंगनवाड़ी, पेयजल, बिजली, मोबाइल टॉवर जैसी अधोसंरचनाएं अंदरूनी गांवों तक पहुंचा रहे हैं। वर्षाें से बंद पड़े स्कूलों को फिर से शुरू किया गया है। वनवासी भाईयों की आय में वृद्धि के लिए तेंदूपत्ता संग्रहण की राशि 4 हजार रूपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 5500 रूपए हमने किया है। 

आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास की भी बेहतर व्यवस्था और विशेष प्रावधान सरकार द्वारा किए गए हैं। भारत सरकार नीति के अनुरूप हिंसा का रास्ता छोड़ आत्मसमर्पण करने वालों को तत्काल ट्रांजिट कैम्प में रखने की व्यवस्था की जा रही है।  उनको मुख्य धारा से जोड़ने के लिए विविध कौशल विकास का प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। 

प्रदेश के आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और उन्हें एक सुरक्षित जीवन प्रदान करने के उद्देश्य से भारत सरकार ने 15,000 पक्के आवासों के निर्माण का लक्ष्य प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण में निर्धारित किया है। 

नई औद्योगिक नीति में भी हमने बस्तर के विकास के साथ ही नक्सल पीड़ित तथा आत्म समर्पित लोगों के लिए विशेष प्रावधान किए हैं। आज डबल इंजन की सरकार में बस्तर सहित पूरे प्रदेश में सड़क, रेल और एयर कनेक्टिविटी में तेजी से विस्तार हुआ है। नगरनार स्टील प्लांट और रायपुर-विशाखापट्टनम आर्थिक गलियारे से बस्तर अंचल के विकास को नई गति मिलेगी। पूरे अंचल में वाणिज्य और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। इससे युवाओं के लिए बड़ी संख्या में रोजगार के नये मौके भी सृजित होंगे। पर्यटन के क्षेत्र में भी बस्तर ने हाल ही में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कांगेर घाटी में स्थित गांव धुड़मारास को संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन के अपने अपग्रेड प्रोग्राम फॉर बेस्ट टूरिज्म विलेज के अंतर्गत पर्यटन के विकास के लिए चुन लिया है। हमारे लिए गौरव की बात यह है कि भारत का यह एकमात्र गांव है, जिसे 60 देशों के 20 गांवों की सूची में स्थान मिला है। इसके साथ ही विश्व पर्यटन के नक्शे में छत्तीसगढ़ और बस्तर का स्थान सुनिश्चित हो गया है। 

आने वाले दिनों में पर्यटन भी बस्तर की बड़ी ताकत बनेगा। रोजगार के नये मौके खुलेंगे। लोगों की आय में बढ़ोतरी होगी। हम यहां पर्यटन के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। मैं सभी विजेताओं को बधाई देता हूँ और कहना चाहूंगा कि आपकी प्रतिभा को निखारने के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। 

उन्होंने कहा कि बस्तर की मिट्टी में जो साहस, सामर्थ्य और जज्बा है, वह इस क्षेत्र को विकास और शांति की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा। नक्सलवाद का अंत सुनिश्चित है, और बस्तर की यह जीत खेलों के माध्यम से एक नए युग का आगाज है।

      बस्तर ओलंपिक की सबसे खास बात ये रही कि इसमें 300 से अधिक नुवा बाट (आत्म समर्पित माओवादी) ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। इसके साथ ही 18 से अधिक माओवादी हिंसा में प्रभावित दिव्यांग खिलाड़ी भी शामिल हुए। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंकराम वर्मा, लोकसभा सांसद बस्तर श्री महेश कश्यप सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, बड़ी संख्या में आम नागरिक और खेल प्रेमी उपस्थित थे।
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केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज अपने छत्तीसगढ़ दौरे के पहले दिन रायपुर में छत्तीसगढ़ पुलिस को 'प्रेसिडेंट कलर' प्रदान किया

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज अपने छत्तीसगढ़ दौरे के पहले दिन रायपुर में छत्तीसगढ़ पुलिस को 'प्रेसिडेंट कलर' प्रदान किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।


अपने संबोधन में श्री अमित शाह ने कहा कि राष्ट्रपति का निशान मिलना किसी भी सशस्त्र बल के लिए बहुत गर्व का विषय है और अपनी स्थापना के 25 साल की अल्पावधि में ही छत्तीसगढ़ पुलिस ने राष्ट्रपति का विश्वास जीतकर इस सम्मान को प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस अपने जुनून, वीरता और समर्पण के साथ देश के सर्वश्रेष्ठ पुलिस बलों में से एक है।

गृह मंत्री ने कहा कि अपनी स्थापना के 25वें वर्ष में प्रवेश करते ही राष्ट्रपति के निशान से सम्मानित होना छत्तीसगढ़ पुलिस की कड़ी मेहनत, समर्पण, बहादुरी और जनता के प्रति लगाव का द्योतक है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस विशिष्टता, प्रतिबद्धता, बहादुरी और समर्पण के साथ राज्य की जनता की सेवा कर रही है। उन्होंने कहा कि कानून और व्यवस्था को सुदृढ़ करने, नक्सलवाद मुक्त और नशामुक्त भारत अभियान, सार्वजनिक सुरक्षा औऱ नागरिकों के जीवन को सुलभ बनाने के अपने प्रयासों में छत्तीसगढ़ पुलिस हमेशा अग्रणी रही है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि आज सरदार पटेल जी की पुण्यतिथि है। उन्होंने कहा कि सरदार साहब के अदम्य साहस और दृढ़ता ने ही इस देश को एक करने का काम किया। श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने सरदार साहब के अधूरे कामों को पूरा किया और धारा 370 को समाप्त कर कश्मीर को हमेशा के लिए भारत के साथ जोड़ दिया। उन्होंने कहा कि आज पूरा देश कृतज्ञता के साथ सरदार साहब को श्रद्धांजलि दे रहा है।

श्री अमित शाह ने कहा कि दशकों से चली आ रही छत्तीसगढ़ के गठन की मांग को श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने पूरा किया था। गृह मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 31 मार्च, 2026 से पहले छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार छत्तीसगढ़ के साथ-साथ देश के अन्य राज्यों को भी नक्सलवाद से मुक्त कराने के प्रति कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस बहादुरी के साथ इस संकल्प की प्राप्ति की दिशा में बढ़ रही है और पिछले एक साल में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में कई उपलब्धियां प्राप्त की हैं।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले एक साल में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में सुरक्षा बलों ने 287 नक्सलियों को न्यूट्रलाइज़ किया है, 1000 को गिरफ्तार किया है और 837 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। उन्होंने कहा कि मारे गए नक्सलियों में 14 शीर्ष नक्सली शामिल हैं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ मोदी सरकार की सख्त नीति के कारण 4 दशकों में पहली बार नागरिकों और सुरक्षाबलों की मृत्यु का आंकड़ा 100 से नीचे आया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में पिछले 10 साल में नक्सलवाद पर नकेल कसी गई है जिसके कारण सुरक्षाबलों की मृत्यु में पहले के 10 साल की तुलना में 73% और नागरिकों की मृत्यु में 70% की कमी आई। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस ने अन्य सुरक्षाबलों के साथ मिलकर पिछले एक वर्ष में नक्सलवाद पर अंतिम प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में विकास के कई काम हुए हैं।

श्री अमित शाह ने कहा कि 1951 में सबसे पहला राष्ट्रपति का निशान भारतीय नौसेना को दिया गया था और आज इस निशान को पाने के लिए किसी भी सशस्त्र बल को 25 साल तक सेवा देनी होती है। उन्होंने भारत की राष्ट्रपति महोदया को भी छत्तीसगढ़ पुलिस की 25 साल की सेवा, समर्पण, त्याग और बलिदान को सम्मानित करने के लिए धन्यवाद दिया।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार और राज्य सरकार 31 मार्च, 2026 से पहले छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद के संपूर्ण खात्मे के प्रति कटिबद्ध हैं। गृह मंत्री ने नक्सलियों से हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होकर विकास के रास्ते पर अग्रसर होने और छत्तीसगढ़ के विकास में अपना योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बहुत अच्छी सरेंडर पॉलिसी बनाई है जिसमें आत्मसमर्पण के बाद हर नक्सली के पुनर्वास की व्यवस्था की गई है।

श्री अमित शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस ने संगठित अपराधों और नारकोटिक्स के खिलाफ भी दृढ़ता के साथ काम करते हुए बड़ी सफलताएं अर्जित की हैं। उन्होंने कहा कि 1 जनवरी, 2024 से 30 सितंबर, 2024 तक नारकोटिक्स के 1100 केस दर्ज किए गए हैं, 21 हज़ार किलोग्राम गांजा, 6 हज़ार किलोग्राम अफीम और लगभग 1 लाख 95 हज़ार नशीली दवाओं की गोलियों को ज़ब्त किया गया है और इन मामलों में 1400 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि PITNDPS के उपयोग में भी छत्तीसगढ़ सबसे आगे रहा है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि एक विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित बस्तर के संकल्प को सिद्ध करने में छत्तीसगढ़ पुलिस के हर जवान का बहुत बड़ा योगदान रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के 2047 तक एक विकसित भारत के निर्माण में भी छत्तीसगढ़ का भी बहुत बड़ा योगदान स्वर्णिम अक्षरों में अंकित होगा।

गृह मंत्री ने छत्तीसगढ़ पुलिस के जवानों से कहा कि प्रेसिडेंट कलर मात्र एक अलंकरण नहीं है, बल्कि ये सेवा, त्याग और बलिदान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ये निशान उन अनगिनत चुनौतियों की याद दिलाता है जिनका सामना दृढ़ता के साथ करना है। श्री शाह ने कहा कि प्रेसिडेंट कलर, अलंकरण के साथ-साथ एक दायित्व भी है और छत्तीसगढ़ पुलिस का हर जवान यह दायित्व निभाएगा और अपने कर्तव्य को निभाने में एक कदम भी पीछे नहीं हटेगा।
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देश की सबसे बहादुर पुलिस बलों में से है छत्तीसगढ़ पुलिस – केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह

छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा। केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित बेहद गरिमामय कार्यक्रम में राज्य की पुलिस को राष्ट्रपति निशान (पुलिस कलर्स अवार्ड-2024) सौंपा। यह देश के सशस्त्र बलों को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है। विगत 24 वर्षों में छत्तीसगढ़ पुलिस की असाधारण सेवाओं, बहादुरी और कर्तव्यपरायणता के लिए राज्य को यह सम्मान मिला है। छत्तीसगढ़ यह सम्मान हासिल करने वाला देश का सबसे युवा राज्य है, जिसने अपने गठन के मात्र 24 वर्षों में ही यह उपलब्धि हासिल की है।


गृह मंत्री श्री अमित शाह ने राष्ट्रपति निशान अलंकरण समारोह में छत्तीसगढ़ पुलिस को बधाई देते हुए कहा कि    राष्ट्रपति का पुलिस कलर्स अवार्ड केवल एक सम्मान नहीं है, यह सेवा और कर्तव्य का प्रतीक है। छत्तीसगढ़ पुलिस ने नक्सलवाद, संगठित अपराध और मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई में जो साहस और प्रतिबद्धता दिखाई है, वह अभूतपूर्व है। छत्तीसगढ़ पुलिस देश के सर्वश्रेष्ठ और बहादुर पुलिस बलों में से एक बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार छत्तीसगढ़ और देश को नक्सलमुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ और देश से नक्सलवाद का पूर्णतः खात्मा हो जाएगा। श्री शाह ने छत्तीसगढ़ पुलिस की तारीफ करते हुए कहा कि इसने न केवल कानून और व्यवस्था को बनाए रखा है, बल्कि जनता के विश्वास को भी मजबूत किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राष्ट्रपति का पुलिस कलर्स अवार्ड पुलिस बल के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा, उनका हौसला और मनोबल बढ़ाएगा।

केन्द्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जांबाज पुलिस को राष्ट्रपति निशान सौंपना मेरे लिए भी गर्व की बात है। यह सम्मान छत्तीसगढ़ की पुलिस की कड़ी मेहनत, समर्पण और जनता के प्रति लगाव का द्योतक है। छत्तीसगढ़ की पुलिस नक्सलियों के ताबूत में आखिरी कील ठोंकने की तैयारी में है। यहां की पुलिस ने कानून-व्यवस्था और नक्सल मोर्च के साथ ही कोरोना महामारी में भी बहुत अच्छा काम किया है। उन्होंने नक्सलियों से हथियार छोड़कर मुख्य धारा में लौटने की अपील की। श्री शाह ने समारोह में देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल को आज उनकी पुण्य तिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि सरदार पटेल ने देश को एकता के सूत्र में पिरोने का जो कार्य किया, उसे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अनुच्छेद-370 को हटाकर और मजबूत किया है।
        
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ पुलिस के जवानों और अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के केवल 24 वर्षों में हमारे पुलिस बल को उनकी असाधारण सेवाओं और जनता के प्रति समर्पण के लिए मिला है। यह सम्मान न केवल पुलिस बल के मनोबल को बढ़ाएगा, बल्कि उन्हें और अधिक उत्साह के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा।

मुख्यमंत्री ने एंटी-नक्सल ऑपरेशनों में छत्तीसगढ़ पुलिस की सफलता पर कहा कि बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्य धारा में लौटने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास की बेहतर व्यवस्था और विशेष प्रावधान सरकार द्वारा किए गए हैं। भारत सरकार की नीति के अनुरूप हिंसा का रास्ता छोड़ आत्मसमर्पण करने वालों को तत्काल ट्रांजिट कैम्प में रखने की व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही उन्हें तीन साल तक 10 हजार रुपए प्रतिमाह स्टाइपेंड के तौर पर देने की व्यवस्था की गई है। उनके कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा।

श्री साय ने कहा कि पुनर्वास नीति के तहत 5 लाख या उससे अधिक के इनामी माओवादी के आत्मसमर्पण करने पर उन्हें आवास हेतु शहरी क्षेत्र में अधिकतम 4 डिसमिल जमीन या ग्रामीण क्षेत्र में अधिकतम 1 हेक्टेयर कृषि भूमि दिए जाने का प्रावधान किया गया है। प्रदेश के आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और उन्हें सुरक्षित जीवन प्रदान करने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार द्वारा इनके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 15,000 पक्के आवास स्वीकृत किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की पुलिस द्वारा महिलाओं की सुरक्षा के लिए शुरू किए गए ‘महिला थाना’, महिला हेल्प डेस्क और ‘अभिव्यक्ति’ ऐप जैसे प्रयास उनकी संवेदनशीलता और जनता के प्रति उनके समर्पण को दर्शाते हैं।

उप मुख्यमंत्री तथा गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रपति निशान छत्तीसगढ़ पुलिस के साहस, सेवा और कर्तव्यपरायणता का सशक्त प्रतीक है। राष्ट्रपति पुलिस निशान का यह अलंकरण न केवल पुलिस बल को गर्वित करता है, बल्कि उन्हें नई ऊर्जा और उत्साह के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा। राज्य की पुलिस ने यह सिद्ध किया है कि वह दुर्जनों के लिए भय और सज्जनों के लिए सम्मान का पर्याय है।

पुलिस महानिदेशक श्री अशोक जुनेजा ने अपने स्वागत भाषण में छत्तीसगढ़ पुलिस की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा कि 1 नवम्बर 2000 को राज्य की स्थापना के बाद से पुलिस बल ने हर मोर्चे पर साहस और दृढ़ता का परिचय दिया है। उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे एंटी-नक्सल ऑपरेशनों, पुनर्वास नीतियों और मादक पदार्थों के खिलाफ अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस जनता की सेवा में हर समय तत्पर रही है।

राष्ट्रपति निशान अलंकरण समारोह में परेड द्वारा मुख्य अतिथि श्री अमित शाह को सलामी दी गई। श्री शाह ने सलामी के बाद परेड का निरीक्षण किया। महिला और पुरुष प्लाटून द्वारा मार्चपास्ट भी किया गया। मुख्य अतिथि श्री शाह ने धर्मगुरूओं द्वारा मंत्रोच्चार के बाद आकाश में तिरंगे गुब्बारों और शानदार आतिशबाजी के बीच छत्तीसगढ़ पुलिस को राष्ट्रपति निशान सौंपा। उन्होंने कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ पुलिस की 24 वर्षों के सफर पर आधारित कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, केंद्रीय गृह सचिव श्री गोविंद मोहन और आसूचना ब्यूरो के निदेशक श्री तपन कुमार डेका सहित पुलिस प्रशासन के अधिकारी, जवान और शहीद जवानों के परिजन बड़ी संख्या में समारोह में उपस्थित थे। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री विवेकानंद ने अतिथियों के प्रति आभार प्रदर्शन किया।
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