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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने पूर्व राज्यसभा सदस्य स्व.गोपाल व्यास के परिजनों से की मुलाकात

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने अपने एक दिवसीय रायपुर प्रवास के दौरान पूर्व राज्यसभा सदस्य स्वर्गीय गोपाल व्यास के निवास पर परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं प्रकट की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा भी उनके साथ थे।
 
केन्द्रीय मंत्री नड्डा ने  व्यास के योगदान को स्मरण किया और उनके सामाजिक एवं राजनीतिक योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनका जीवन समाज और देश सेवा के लिए समर्पित था। उनकी स्मृति हमेशा समाज के लिए प्रेरणा स्रोत बनी रहेगी। ज्ञात हो कि हाल ही में स्वर्गीय गोपाल व्यास का निधन हो गया था।
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नई औद्योगिक नीति से भारत का इंडस्ट्रीयल हब बनेगा छत्तीसगढ़ – विष्णुदेव साय

नई औद्योगिक नीति के माध्यम से छत्तीसगढ़ को भारत का इंडस्ट्रीयल हब बनाने की दिशा में हमारी सरकार प्रयास कर रही है। इस नीति के तहत क्षेत्रीय आर्थिक विकास, रोजगार सृजन, बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण एवं औद्योगिक निवेश बढ़ाने पर जोर दिया गया है। आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया इकॉनोमिक कॉन्क्लेव में  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ऑनलाइन जुड़ कर यह बात कही।
 
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के जनजातीय और पिछड़े क्षेत्रों के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए हैं। उन्होंने बताया कि अगले पांच वर्षों में छत्तीसगढ़ में पांच लाख नौकरियां सृजित की जाएगी। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन सहित कई अन्य सहायता दी जा रही है, जिसके तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों को रोजगार उपलब्ध कराने पर उद्योगों को उनके वेतन का 40 प्रतिशत तक सब्सिडी के रूप में प्रतिपूर्ति की जायेगी। इस नीति के तहत बस्तर में उद्योग लगाने पर स्थायी पूंजी निवेश अनुदान के तहत उद्योगों को 45% तक की सहायता दी जाएगी। वहीं, एसजीएसटी प्रतिपूर्ति के तहत अगले 10 सालों तक पूंजी निवेश का 150 प्रतिशत तक एसजीएसटी वापस भी किया जाएगा। नई नीति के तहत उद्योगों को स्टांप ड्यूटी और बिजली शुल्क में छूट, साथ ही 10 और तरह के निवेश प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं।
 
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि बस्तर में नगरनार स्टील प्लांट की सहायक इकाइयों के लिए 118 एकड़ का नया औद्योगिक क्षेत्र भी स्थापित किया जा रहा है। इससे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा। 
 
 साय ने कहा नई उद्योग नीति में निवेशकों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 को शामिल किया गया है। इससे वे एक ही जगह पर कई विभागों का क्लीयरेंस प्राप्त कर सकते हैं। यह नीति प्रदेश में एमएसएमई सेक्टर को बढ़ावा देने वाली नीति है। हम इस नीति में ग्रीन इंडस्ट्रीज और टेक्नोलॉजी आधारित उद्योगों को प्राथमिकता दे रहे हैं। 
 
कार्यक्रम में उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार एवं संचालक प्रभात मलिक ने नया रायपुर और नई उद्योग नीति पर प्रजेंटेशन भी दिया।
 
नया रायपुर बनेगा आईटी और एजुकेशन हब
 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि नया रायपुर को आईटी हब,  हेल्थ हब, एजुकेशन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। आईटी और संबंधित फर्मों को रियायती दरों पर प्लग एंड प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध करा रहे हैं। आईटी सेक्टर में साढ़े तीन हजार से अधिक नौकरियों के सृजन के लिए स्थान आबंटित किए गए हैं। 
 
नया रायपुर अटल नगर की रेलवे लाइन का ट्रायल रन पूरा हो गया है। उन्होंने बताया हम सीबीडी रेलवे स्टेशन के निर्माण, सड़कों और सार्वजनिक पार्किंग जैसी अधोसंरचनाओं पर 150 करोड़ रुपए खर्च कर रहे हैं। तीन अन्य रेलवे स्टेशनों का भी निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने बताया  इस साल के अंत तक नया रायपुर से जुड़ी कई परियोजनाएं पूरी हो जाएंगी। इनमें आईटी एवं संबंधित क्षेत्र, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग, घरेलू उपकरण, रक्षा, फार्मास्युटिकल, मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब जैसी परियोजनाएं शामिल हैं। 
 
नक्सलवाद के खिलाफ विकास और सुरक्षा की नीति
 
नक्सलवाद से निपटने में सरकार के प्रयासों को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस साल अनेक नक्सली मारे गए हैं और करीब 1500 ने आत्मसमर्पण किया है या उन्हें गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने अगले दो वर्षों के भीतर छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद को खत्म करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा हमने नक्सलवाद के खिलाफ विकास और सुरक्षा की नीति पर काम किया है। बीते एक साल में बस्तर में 34 सुरक्षा कैम्प स्थापित करने के साथ-साथ नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से अंदरूनी गांवों तक अधोसंरचनाओं का विकास किया जा रहा है।
 
डिजिटल गवर्नेंस और पारदर्शिता  पर जोर
 
मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने  डिजिटल गवर्नेंस को लागू किया है। प्रशासन में  जवाबदेही बढ़ाने के लिए आईटी उपकरणों में 266 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। अटल मॉनिटरिंग ऐप से सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी की जा सकती है।  स्वागत पोर्टल के माध्यम से पोर्टल में आवेदन देकर बिना इंतजार किए सुगमता से मंत्रालय में अधिकारियों से मिला जा सकता है। सीएमओ पोर्टल के माध्यम से शासन-प्रशासन से जुड़ी सूचनाओं की जानकारी त्वरित रूप से नागरिकों को मिल जाती है। वहीँ, सुगम एप के माध्यम से अब लोग घर बैठे रजिस्ट्री कर सकते हैं।
 
बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता
 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया विकसित भारत के लिए विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का लक्ष्य रखा है। इसके तहत राज्य में अधोसंरचनाओं के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। केंद्र सरकार से 31 हजार करोड़ रुपए की महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं। बस्तर और सरगुजा के अंदरुनी गांवों तक सड़कों का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने बताया रायपुर-विशाखापटनम इकॉनोमी कॉरिडोर, अनेक रेल परियोजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है। रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर हवाई अड्डों का विस्तार हो रहा है। रायपुर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए केंद्र सरकार ने हरी झंडी दे दी है। वहीं, नियद नेल्ला नार योजना के तहत बस्तर के दुर्गम क्षेत्रों तक मोबाइल कनेक्टिविटी बढ़ाई जा रही है।
 
जल आपूर्ति और ग्रामीण विकास पर जोर
 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य के हर घर में स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की योजना जल जीवन मिशन की प्रगति की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि मिशन का 79% से अधिक काम पूरा हो चुका है और अब तक 40 लाख घरों में नल के पानी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। मल्टी-विलेज योजना के तहत उन क्षेत्रों में जल आपूर्ति की समस्या का समाधान किया जा रहा है, जहां भूजल की कमी है।  पचराही जैसे दूरस्थ गांवों में नल जल योजना के माध्यम से अब स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।
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3 दिसंबर से 13 दिसंबर तक हर वर्ष मनाया जाएगा ’जनादेश परब’

देश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और छत्तीसगढ़ में विष्णु देव साय की नेतृत्व वाली सरकार जनता की सेवा के लिए तत्पर होकर काम कर रही है। इसी का परिणाम है कि पूरे देश और प्रदेश में उत्तरोत्तर विकास हो रहा हैै। डबल इंजन की सरकार होने की वजह से लोगों को डबल लाभ हो रहा है। आज भारत विश्व की पांचवी बड़ी आर्थिक शक्ति है। अगले पांच सालों में हम दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर उभरेंगे। प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में देश के 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा ने आज रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड में आयोजित जनादेश परब कार्यक्रम में लोगों को सम्बोधित करते हुए यह बात कही। केन्द्रीय मंत्री नड्डा ने कार्यक्रम में 1124 करोड़ रूपए के विभिन्न विकास कार्याें का लोकार्पण और शिलान्यास किया।  
 
केन्द्रीय मंत्री  नड्डा ने जनादेश परब में छत्तीसगढ़ सरकार के एक साल की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार स्वप्रेरणा से लोकहित में पूरी जवाबदेही के साथ काम कर रही है। सरकार बनने के दूसरे ही दिन कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के 18 लाख से अधिक जरूरतमंदों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृति दी गई। मोदी की गारंटी के अनुरूप यहां किसानों से 3100 प्रति क्विंटल में धान खरीदी की जा रही है। किसानों को उनके हक का 3716 करोड़ रूपए धान के बकाया दो साल के बोनस का भुगतान भी किया गया है। 
 
मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने जनादेश परब में घोषणा की कि अब से हर साल 3 दिसंबर से 13 दिसंबर तक ’जनादेश परब’ के रूप में मनाया जाएगा। आने वाले वर्ष में छत्तीसगढ़ के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। राज्य निर्माता भारत रत्न अटलजी का यह शताब्दी वर्ष भी है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के रजत जयंती वर्ष को ‘अटल निर्माण वर्ष’ के रूप में मनाने की घोषणा की।  साय ने कहा कि अटलजी ने प्रधानमंत्री के रूप में देश में सड़कों का जाल बिछाया। उसी से प्रेरणा लेकर हम अपने रजत जयंती वर्ष में अधोसंरचना विकास को  प्राथमिकता में रखेंगे। उसके बाद के तीन वर्षों में भी हम अलग-अलग थीम पर काम करेंगे। 
 
मुख्यमंत्री साय ने जनादेश परब को सम्बोधित करते हुए कहा कि पिछले साल किसान भाइयों के खाते में आपकी डबल इंजिन की सरकार ने 49 हजार करोड़ रुपए डाले हैं। हमने अपने शुरूआती तीन महीनों में ही प्राथमिकता के साथ महतारी वंदन योजना का लाभ प्रदेश की माताओं-बहनों को देना आरंभ किया। 70 लाख माताओं-बहनों के खाते में महतारी वंदन योजना की अब तक 10 किश्तों में 6,530 करोड़ रुपए की राशि भेजी जा चुकी है। पहली तारीख को हम यह राशि भेज देते हैं और जैसे ही माताओं-बहनों के खाते में राशि आती है उनका चेहरा गर्व से खिल जाता है। 
 
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि जो रामराज्य के मूल्य हैं, वहीं हमारे लिए सुशासन के मूल्य हैं। हमने प्रशासन के हर स्तर पर सुशासन को सुनिश्चित किया है। हमने सुशासन के मूल्यों को सिस्टम में शामिल करने सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया। सुशासन के लिए पारदर्शिता सबसे आवश्यक है और इसके लिए डिजिटल गवर्नेंस शुरू कराया है। लालफीताशाही को दूर करने हमने ई-आफिस प्रणाली आरंभ की है। इसमें डिजिटल माध्यम में नोटशीट आगे बढ़ती है। इससे समय-सीमा भी तय होती है और जवाबदेही भी तय हो जाती है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर और सरगुजा के विकास के बगैर छत्तीसगढ़ के विकास के बारे में सोचा भी नहीं जा सकता। हमने वनोपज संग्राहकों की आय बढ़ाने के लिए काम किया है। तेंदूपत्ता संग्रहण की राशि हमने 4 हजार रुपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर साढ़े 5 हजार रुपए कर दी। जनजातीय गौरव दिवस के दिन हमने राज्य के बैगा, गुनिया, सिरहा आदि को पांच-पांच हजार रुपए सम्मान निधि देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बस्तर में पर्यटन कॉरिडोर का निर्माण हम कर रहे हैं। कांगेर घाटी के गांव धुड़मारास को संयुक्त राष्ट्र पर्यटन संगठन ने दुनिया के 20 चुनिंदा गांवों में शामिल किया है। बस्तर और छत्तीसगढ़ विश्व पर्यटन के मानचित्र में आ गए हैं। सरगुज़ा संभाग भी विश्व के पर्यटन नक्शे में स्थान बना रहा है। अभी-अभी जशपुर के मधेश्वर पहाड़ शिवलिंग को विश्व में सबसे बड़ी प्राकृतिक प्रतिकृति के रूप में मान्यता प्राप्त हुई है।
 
उन्होंने  कहा कि गुरु घासीदास तमोर पिंगला को हमने देश का तीसरा सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व बनाया है। इससे इको टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। सरगुजा और बस्तर में एयर कनेक्टिविटी आरंभ होने से इन क्षेत्रों में तेजी से विकास के साथ ही यहां अब देश-विदेश से पर्यटकों के पहुंचने की राह खुल गई है। मोदी जी के यशस्वी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सभी स्वीकृत सड़कों का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद आगामी दो सालों में प्रदेश का सड़क नेटवर्क विकसित देशों की तरह हो जाएगा। 
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें सबसे बड़ी सफलता माओवादी मोर्चे पर मिली है। एक साल पहले किसी के लिए यह सोचना भी कठिन था कि माओवाद के नासूर को नष्ट किया जा सकता है। एक साल में 2 सौ से अधिक माओवादियों को मार गिराया। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से माओवाद की जड़ से मुक्त हुए गांवों में पुनः विकास की रोशनी पहुंची है। हमने नई उद्योग नीति तैयार की है, जिसमें अगले पांच सालों में ढाई लाख करोड़ रुपए के निवेश के माध्यम से पांच लाख रोजगार सृजित करेंगे। हमने शासकीय सेवाओं में हजारों पदों में भर्ती प्रक्रिया आरंभ कर दी है। 
 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री  नड्डा को बस्तर के कलाकारों द्वारा बेल मेटल से निर्मित अयोध्या के राम मंदिर की प्रतिकृति भेंट की। कार्यक्रम में पद्मश्री से सम्मानित सैंड आर्टिस्ट श्री सुदर्शन पटनायक द्वारा राज्य शासन की योजनाओं पर रेत से तैयार की गई कृति का प्रदर्शन किया गया।
 
विधायक किरण सिंह देव ने कार्यक्रम में स्वागत भाषण दिया। उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने आभार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल रमेश बैस और बिहार के कैबिनेट मंत्री  नितिन नवीन सहित मंत्रिमण्डल के सभी सदस्य, विधायकगण और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
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छत्तीसगढ़ के जनादेश परब में शामिल होने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री नड्डा रायपुर पहुंचे

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा आज छत्तीसगढ़ सरकार के एक साल पूरा होने के उपलक्ष्य में राजधानी में आयोजित जनादेश परब में शामिल होने के लिए रायपुर पहुंचे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नड्डा का स्वामी विवेकानंद विमानतल पहुंचने पर पुष्प गुच्छ भेंटकर स्वागत किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री द्वय अरुण साव,विजय शर्मा सहित स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक श्री राजेश मूणत, सुनील सोनी एवं  किरण देव सिंह ने भी केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री का स्वागत किया।
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सबकी सहभागिता से विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के लक्ष्य को करेंगे साकार

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि हमारी सबसे बड़ी चुनौती जनता में विश्वास को कायम करने की थी। अब अपनी सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर मुझे यह बताते हुए संतोष हो रहा है कि ‘मोदी की गारंटी’ के रूप में किए सभी बड़े वादों को पूरा कर हमने जनता के विश्वास को कायम रखा है। साय आज सरकार के एक वर्ष पूर्ण होनेे के उपलक्ष्य में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया प्रतिनिधियों को स्थानीय न्यू सर्किट हाउस में संबोधित कर रहे थे। 
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 13 दिसम्बर को हमारी सरकार का पहला साल पूरा हो रहा है।  विगत एक वर्ष में छत्तीसगढ़ प्रदेश ने विकास के अनेक नये आयाम स्थापित किए हैं। हमने बीते एक साल को विश्वास का वर्ष घोषित किया है। वास्तव में प्रदेश में पूर्ववर्ती सरकार के पांच वर्ष का समय विश्वास के संकट का समय था। पूर्ववर्ती सरकार ने ‘जन घोषणा पत्र’ में किए गए लगभग सभी वादों से मुकरते हुए न केवल प्रदेश के लिए बल्कि पूरे लोकतंत्र के लिए ही भरोसे का संकट पैदा कर दिया था।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सबसे बड़ी चुनौती जनता में इस विश्वास को कायम करने की थी। अब एक वर्ष पूरे होने पर जब आपके माध्यम से जनता के समक्ष हमारी पूरी सरकार रिपोर्ट कार्ड लेकर प्रस्तुत हुई है, तो मुझे यह बताते हुए संतोष हो रहा है कि ‘मोदी की गारंटी’ के रूप में किए सभी बड़े वादों को पूरा कर हमने इस विश्वास की बहाली की है। हमें प्रदेश की महतारी-बहनों को, किसानों को, युवाओं को, आवास से वंचित कर दिए गए कमजोर वर्ग के लोगों से किए वादे को पूरा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। 
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान हमारी सरकार ने प्रदेश के नागरिकों से वादा किया था कि यदि हमारी सरकार बनी तो हम प्रदेश में सुशासन की स्थापना करेंगे। भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी व्यवस्था स्थापित करेंगे। सरकार बनते ही हमने भ्रष्टाचार के खिलाफ तत्परता के साथ कार्यवाही की। जो लोग भ्रष्टाचार के मामलों में लिप्त पाए जा रहे हैं, उन्हें जेल भेजा जा रहा है। 
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष हमारा सारा ध्यान जनता के विश्वास को बहाल करने पर था। अब इसी विश्वास की नींव पर छत्तीसगढ़ के विकास और समृद्धि रूपी शिखर का निर्माण करना है। हम छत्तीसगढ़ को विकसित बना कर भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदीजी के विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करने में योगदान देने परिश्रम की पराकाष्ठा कर दिन-रात जुटे रहेंगे। आगामी 1 नवंबर 2025 को हम प्रदेश स्थापना की रजत जयंती मनाएंगे। हमने वर्ष 2028 तक प्रदेश की जीडीपी को दस लाख करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। 
 
किसानों, गरीबों और महिलाओं से वादा पूरा
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमने किसानों से किया गया वादा पूरा करते हुए 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान की रिकॉर्ड खरीदी की। हमने अपने वादे के मुताबिक किसान बंधुओं को दो साल के बकाया धान बोनस की राशि 3716 करोड़ रुपए का अंतरण भी किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की माताओं-बहनों से किए गए वादे को पूरा करते हुए तीन माह के भीतर ही महतारी वंदन योजना शुरू की गई। इसका लाभ 70 लाख माताओं-बहनों को मिल रहा है। अब तक इस योजना की 10 किश्तों में 6530 करोड़ रुपए अंतरित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद परिवारों के लिए 18 लाख प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराने के अपने वादे को पूरा करने के लिए सरकार बनने के दूसरे ही दिन कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिया गया। तेन्दूपत्ता संग्रहण दर 4 हजार रुपए मानक बोरा से बढ़ाकर 5 हजार 500 रुपए मानक बोरा कर दी गई है। 
 
पीएससी पर लौटा युवाओं का विश्वास
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य में नई शिक्षा नीति लागू करके शिक्षा को रोजगार परक बनाया है। राज्य की प्रतिभाओं को निखारने के लिए रायपुर के नालंदा परिसर की तर्ज पर प्रदेश की 13 नगरीय निकायों में हाईटेक लाइब्रेरियों के निर्माण का निर्णय लिया गया है। अपने वादे के मुताबिक हमने सीजीपीएससी परीक्षा प्रणाली को बेहतर बनाया है। पूरी पारदर्शिता के साथ परीक्षाएं हुई और उनके परिणाम घोषित हुए। इससे राज्य की प्रतिभाओं का विश्वास सीजी पीएससी पर लौट आया है। हमने प्रदेश के 68 लाख गरीब परिवारों को पांच साल तक मुफ्त राशन देने की योजना शुरू की।इस तरह हमने यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की अधिकांश गारंटियों को एक साल के भीतर ही पूरा कर दिया है।
 
सुशासन की स्थापना 
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार सुशासन की स्थापना के लिए प्रयासरत है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए हमने सुशासन एवं अभिसरण नाम से नया विभाग बनाया है। हमारा प्रयास है कि आम नागरिकों को छोटे छोटे कामों के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़े। इसके लिए हम तकनीक का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। एक क्लिक में अथवा एक फोन कॉल में उनके काम हो जाने चाहिए। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माता, पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी के सुशासन के सपने को हम लगातार साकार कर रहे हैं। पुराणों में जिसे राम-राज कहा गया है, उसे ही हम सुशासन कहते हैं। 
 
जनजातीय क्षेत्रों में नई सुविधाएं
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमने जनजातीय क्षेत्रों में सड़क, रेल और हवाई सुविधाओं का विस्तार किया गया है। अम्बिकापुर के हवाई अड्डे से भी अब हवाई सेवा की शुरूआत हो गई है। अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विकास के लिए गठित प्राधिकरणों में जनप्रतिनिधित्व को और मजबूत किया गया है। साथ ही छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद का गठन भी किया गया है।
 
बैगा, गुनिया, सिरहा के लिए सम्मान निधि
 
जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर हमने राज्य के बैगा, गुनिया, सिरहा को सालाना पांच-पांच हजार रुपए की सम्मान निधि देने की घोषणा की है।जनजातीय गांवों में अखरा निर्माण विकास योजना शुरू की गई है। जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों तथा नायकों की स्थान-स्थान पर प्रतिमाएं लगाने का निर्णय भी हमने लिया है। 
 
बस्तर में पर्यटन सुविधाओं का विकास 
 
बस्तर में पर्यटन कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। यह बड़ी उपलब्धि है कि कांगेर घाटी के गांव धुड़मारास ने अब विश्व पर्यटन के नक्शे पर जगह बना ली है। संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन ने इस गांव में पर्यटन के विकास के लिए इसे दुनिया के चुनिंदा 20 गांवों में शामिल किया है। गुरू घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व के गठन से भी राज्य में पर्यटन के विकास की संभावनाओं को बल मिला है। सरगुजा में मधेश्वर पहाड़ को विश्व की सबसे बड़ी प्राकृतिक शिवलिंग के रूप में मान्यता मिली है। 
 
 रामलला दर्शन योजना
 
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के साथ भगवान राम का गहरा नाता है। वे हमारे भांजे हैं। उन्होंने वनवास के 14 सालों में से 10 साल यहीं गुजारे। हमारी कोशिश है कि दुनिया भगवान श्रीराम से हमारे इस रिश्ते को जानें। प्रदेश में श्री रामलला दर्शन योजना शुरू करके हमने यहां के श्रद्धालुओं के लिए अयोध्या धाम की निःशुल्क यात्रा की व्यवस्था की, ताकि भगवान राम से अपने रिश्ते को और सघन कर सकें। 
 
रोजगार परक औद्योगिक नीति 
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी नई उद्योग नीति से राज्य के औद्योगिक क्षेत्र में भी विकास की नई संभावनाओं का सृजन हुआ है। यह नीति प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी। हमने इस नीति को रोजगार परक बनाया है। नई उद्योग नीति में युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया गया है। हमने पर्यटन को भी उद्योग के रूप में शामिल किया गया है। साथ ही सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग को भी रियायत देने का विशेष प्रावधान है। नयी उद्योग नीति में अनुसूचित जाति और जनजाति, महिला उद्यमियों, सेवानिवृत्त अग्निवीर, भूतपूर्व सैनिकों, नक्सल प्रभावित, आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं तृतीय लिंग के उद्यमियों को विशेष प्रोत्साहन दिये जाने का प्रावधान है।
 
नक्सल उन्मूलन में तेजी
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पिछले एक वर्ष के दौरान प्रदेश में नक्सलवाद का तेजी से उन्मूलन किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मार्च 2026  तक छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद का पूरी तरह सफाया करने का संकल्प लिया है। बीते एक वर्ष में 213 नक्सलियों को मुठभेड़ में मार गिराया गया है। करीब 1750 नक्सलियों को या तो आत्मसमर्पण करने पर मजबूर किया गया है, या फिर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। 
 
विकास की किरणें दूरस्थ गांवों तक 
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी एक बड़ी कामयाबी यह भी है कि हम नियद ‘नेल्ला नार योजना’ के माध्यम से बस्तर के अंदरूनी गांव तक लोकतंत्र और विकास की किरणों को पहुंचाने में सफल हुए। अभी हाल ही मैंने बस्तर के सुरक्षा कैंप में जवानों के साथ रहा, जो मेरे जीवन का सबसे सुखद अनुभव था। जवानों का बढ़ा हुआ हौसला और आत्मविश्वास देखकर मैंने भी अपने भीतर नयी ऊर्जा का महसूस की है। 
 
डबल इंजन की सरकार से विकास की रफ्तार हुई तेज
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में डबल इंजन की सरकार होने से एक साल में राज्य ने बहुत तेजी से प्रगति की है। केन्द्र से हमें भरपूर सहयोग और समर्थन मिला है। इस दौरान 31 हजार करोड़ रुपए की सड़क परियोजनाएं छत्तीसगढ़ के लिए स्वीकृत की गई है। दो सालों में छत्तीसगढ़ में सड़कों का मजबूत नेटवर्क होगा। साथ ही रेल नेटवर्क को मजबूत करने के लिए हमें केन्द्र से अनेक महत्वपूर्ण रेल लाइनों की स्वीकृति प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य में चार मेडिकल कॉलेजों के भवनों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांजगीर-चांपा, कबीरधाम, मनेन्द्रगढ़ और गीदम मेडिकल कॉलेजों की निर्माण के लिए 1020 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
 
सरकार के काम-काज पर जनता की मुहर
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अभी हाल ही में प्रदेश में हुए उपचुनाव का जो परिणाम आया है, उससे यह बात पूरी तरह स्पष्ट है कि हम प्रदेश के नागरिकों की उम्मीदों पर खरा उतरे हैं।राजधानी में प्रदेश के हर कोने से लोग रहते हैं, अतः यह एक तरह से हमारी सरकार के कामकाज पर जनता की मुहर है।
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मुख्यमंत्री साय ने पखांजूर में 254 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का किया लोकार्पण और भूमिपूजन

 प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज कांकेर जिले के पखांजूर में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार सभी वर्गों की भलाई और उन्नति के लिए कार्य कर रही है। बस्तर अंचल के विकास के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि  नियद नेल्ला नार जैसी योजनाओं से बस्तर में  रहने वाले लोगों को केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं के साथ-साथ सड़क, स्कूल, पेयजल, आवास, बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं आसानी मिल रही है। अब बस्तर में विकास की बयार बह रही है।
 
मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में पखांजूर से मायापुर सड़क सुदृढ़ीकरण के लिए 8.78 करोड़ रुपए, खेल परिसर निर्माण के लिए 02 करोड़, सिविल अस्पताल के मरम्मत कार्य के लिए 30 लाख रूपए और नालंदा परिसर लाइब्रेरी निर्माण की घोषणा की। उन्होंने नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष श्री असीम रॉय की प्रतिमा का अनावरण किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में कुल 254.15 करोड़ रुपए के 68 निर्माण कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें 215.41 करोड़ रूपए के 43 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं 38.74 करोड़ रूपए के 25 कार्यों का लोकार्पण सम्मिलित हैं। 
 
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि 13 दिसंबर को प्रदेश की सरकार का एक साल पूरा होने जा रहा है और इतने कम समय में जनता से किए गए वायदों को पूरा करने सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार गठन के तुरंत बाद 25 दिसंबर को सुशासन दिवस पर किसानों को अंतर की राशि का भुगतान किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नए आवासों की स्वीकृति दी गई। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों का पारिश्रमिक प्रति मानक बोरा 4000 रूपए से बढ़ाकर 5500 रूपए किया गया है। 
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर के विकास के लिए सरकार हरसंभव कोशिश कर रही है। नियद नेल्लानार योजना के तहत माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में निवासरत ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। वहीं विशेष पिछड़ी जनजातियों को विकास से जोड़ने पीएम जनमन योजना चलाई जा रही है। प्रदेश में नई उद्योग नीति लागू कर व्यवसाय और उद्योग को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी तरह राज्य पीएससी की परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सीबीआई लगातार कार्रवाई कर रही है। 
 
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि पिछले एक साल में साय सरकार ने प्रदेशवासियों के लिए अनेक कार्य किए। राज्य की 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना में हर महीने एक-एक हजार रूपए की राशि दी जा रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लगातार आवास बन रहे है। किसानों से लेकर हर वर्ग का कल्याण हो रहा है। कार्यक्रम को अंतागढ़ विधायक विक्रम देव उसेंडी ने भी सम्बोधित किया। 
    
कार्यक्रम में कांकेर विधायक आशाराम नेताम, नगर पंचायत पखांजूर की अध्यक्ष श्रीमती मोनिका साहा, पूर्व विधायक देवलाल दुग्गा, मंतूराम पवार, राज्य मत्स्य विकास बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष भरत मटियारा सहित अनेक जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
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नई दिल्ली के विज्ञान भवन में हरदीभाटा ग्राम पंचायत को मिला राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार - 2024

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के हरदीभाटा ग्राम पंचायत को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि मिली है। केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय द्वारा दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सतत विकास पुरस्कार-2024 से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार - 2024 समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के हाथों हरदीभाटा के सरपंच श्री मुनेन कुमार ने पुरस्कार ग्रहण किया। पंचायतों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय द्वारा विभिन्न श्रेणियों में हर साल पुरस्कार दिए जाते हैं। इस साल ये पुरस्कार कुल 15 राज्यों की 45 पंचायतों व संस्थाओं को दिए गए।
 
इसी के तहत दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सतत विकास पुरस्कार 27 पंचायतों को प्राप्त हुआ है। ये पुरस्कार कुल 9 विषयों के तहत दिया जाता है, जिनमें गरीबी मुक्त एवं उन्नत आजीविका युक्त पंचायत, स्वस्थ पंचायत, बाल हितैषी पंचायत, जल पर्याप्त पंचायत, स्वच्छ एवं हरित पंचायत, आत्मनिर्भर बुनियादी ढांचा युक्त पंचायत, सामाजिक रूप से न्यायसंगत एवं सामाजिक रूप से संरक्षित पंचायत, सुशासन युक्त पंचायत और महिला हितैषी पंचायत शामिल हैं। ग्राम पंचायत हरदीभाटा को सामाजिक रूप से न्यायसंगत एवं सामाजिक रूप से संरक्षित पंचायत की श्रेणी में पुरस्कृत किया गया है। ग्राम पंचायत को 50 लाख रुपए पुरस्कार की राशि भी प्रदान की गई।
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प्रदेश के पर्यटन को मिली नई पहचान : मधेश्वर पहाड़ को मिला शिवलिंग की विश्व की सबसे बड़ी प्राकृतिक प्रतिकृति शिवलिंग होने का गौरव

छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में स्थित मधेश्वर पहाड़ को शिवलिंग की विश्व की सबसे बड़ी प्राकृतिक प्रतिकृति के रूप में मान्यता मिली है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान मिला है। रिकॉर्ड बुक में ’लार्जेस्ट नेचुरल फैक्सिमिली ऑफ शिवलिंग’ के रूप में मधेश्वर पहाड़ को दर्ज किया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि के लिए प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए इसे प्रदेश के पर्यटन की उपलब्धियों में एक नया आयाम बताया।
 
गोल्डन बुक ऑफ रिकॉर्ड के प्रतिनिधि हेमल शर्मा और अमित सोनी ने मुख्यमंत्री  साय से आज मंत्रालय स्थित उनके कार्यालय में मुलाकात कर उन्हें वर्ल्ड रिकार्ड का सर्टिफिकेट सौंपा। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, वन मंत्री केदार कश्यप, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े उपस्थित थीं। 
 
उल्लेखनीय है कि हाल ही में पर्यटकों के बीच लोकप्रिय पर्यटन वेबसाईट https://www.easemytrip.com में जशपुर जिले को शामिल किया गया है। इसके बाद जिले के लिए यह एक और बड़ी उपलब्धि है। इस वेबसाइट में शामिल होने वाला जशपुर छत्तीसगढ़ का पहला जिला है, इससे पर्यटन प्रेमियों को जशपुर के नैसर्गिक स्थलों की जानकारी आसानी से उपलब्ध होगी तथा पर्यटन को और अधिक बढ़ावा मिलेगा।
 
मधेश्वर पहाड़ : प्रकृति और आस्था का संगम
 
जशपुर जिले के कुनकुरी ब्लॉक में मयाली गांव से 35 किलोमीटर दूर स्थित मधेश्वर पहाड़, शिवलिंग के आकार की अपनी अद्भुत प्राकृतिक संरचना के लिए प्रसिद्ध है। यह स्थान लोगों की धार्मिक आस्था का केंद्र है, जहाँ स्थानीय ग्रामीण इसे विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग के रूप में पूजते हैं।
 
पर्यटन और रोमांच का केंद्र
 
मधेश्वर पहाड़ न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह पर्वतारोहण और एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए भी लोकप्रिय होता जा रहा है। यहाँ हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं और प्रकृति के साथ जुड़ने का अनुभव करते हैं। जशपुर जिले में पर्यटन और रोमांचक खेलों के विकास की असीम संभावनाएँ मौजूद हैं।
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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए -

मंत्रिपरिषद द्वारा द्वितीय अनुपूरक अनुमान वर्ष 2024-2025 का विधानसभा में उपस्थापन के लिए छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक, 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। 
 
मंत्रिपरिषद ने प्रदेश के अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं के छत्तीसगढ़ पुलिस में भर्ती के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए उम्मीदवारों के लिए ऊंचाई और सीना के निर्धारित मापदण्ड में एक बार के लिए छूट प्रदान करने का निर्णय लिया। जिसके तहत छत्तीसगढ़ पुलिस में सूबेदार, उपनिरीक्षक संवर्ग, प्लाटून कमाण्डर की सीधी भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2024 में निर्धारित न्यूनतम ऊंचाई 163 सेंटीमीटर तथा सीना बिना फुलाये 78 से.मी. एवं फुलाने पर 83 से.मी. केवल अनुसूचित जनजाति वर्ग के पुरूष अभ्यर्थियों के लिए केवल एक बार के लिए छूट देने का निर्णय लिया गया है।  
 
छत्तीसगढ़ विधानसभा सदस्य वेतन, भत्ता तथा पेंशन (संशोधन) विधेयक, 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
 
छत्तीसगढ़ राज्य में डेयरी उद्यमिता को प्रोत्साहन देने एवं दुग्ध संकलन तथा प्रसंस्करण में वृद्धि हेतु राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ एम.ओ.यू. करने का निर्णय लिया गया। इससे नवीन तकनीक के उपयोग के साथ ही दुग्ध महासंघ के प्रसंस्करण क्षमता में वृद्धि होगी। अनुसूचित क्षेत्रों में दुधारू पशु उत्प्रेरण से स्वरोजगार में वृद्धि के साथ ही दुग्ध उत्पादन की लागत कम होगी तथा दुग्ध उत्पादकता में वृद्धि के साथ ही प्रदेश के दुग्ध उत्पादक कृषकों के दुग्ध विक्रय के लिए सुदृढ़ व्यवस्था स्थापित हो सकेगी।    
 
छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता, 1959 में संशोधन बाबत् छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता (संशोधन) विधेयक, 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। 
 
छत्तीसगढ़ अनधिकृत विकास का नियमितिकरण (संशोधन) विधेयक, 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। 
 
राजधानी रायपुर में 15 जनवरी से 15 फरवरी 2025 तक आयोजित ऑटो एक्सपो के दौरान वाहनों के लाईफ टाईम रोड टैक्स पर एकमुश्त 50 प्रतिशत की छूट दिए जाने का निर्णय लिया गया तथा प्रदेश के सभी डीलरों को इस सुविधा का  लाभ वाहन क्रेताओं को दिलाने के निर्देश दिए गए हैं। 
 
छत्तीसगढ़ में खेलों के लिए सुदृढ़ वातावरण तैयार करने, खेल संस्कृति को बढ़ावा देने तथा राज्य के खिलाड़ियों के लिए सुदूर ग्रामीण अंचलों से लेकर जिला मुख्यालय में खेल हेतु आधारभूत संरचनाओं के निर्माण के लिए मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के क्रियान्वयन के लिए कार्ययोजना का अनुमोदन किया गया। 
 
इसके तहत छत्तीसगढ़ में खेल क्लब को बढ़ावा देने, खिलाड़ियों को प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए संबंधित पंजीकृत समितियों को खेल प्रतियोगिताएं आयोजित करने पर आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाएगा। छत्तीसगढ़ पारंपरिक खेलोें को पुनर्जीवित किया जाएगा। ओलम्पिक खेलों को ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में बढ़ावा देने के साथ ही राज्य के खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेने पर उनको शत-प्रतिशत यात्रा व्यय  तथा खेल उपकरण की सुविधा देकर प्रोत्साहित किया जाएगा। 
 
खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित अतिशेष (सरप्लस) धान के निराकरण के संबंध में गहन विचार-विमर्श किया गया। कैबिनेट ने खरीफ सीजन में उपार्जित शतप्रतिशत धान की कस्टम मिलिंग उसी खरीफ सीजन में पूरा कर जमा कराने तथा इस साल के अतिशेष धान का चावल केन्द्रीय पूल के अंतर्गत भारतीय खाद्य निगम में सितम्बर 2025 तक उपार्जित किए जाने के लिए लक्ष्य वृद्धि हेतु प्रस्ताव धान खरीदी समाप्त होते ही भारत सरकार को पुनः भेजे जाने के संबंध में चर्चा की गई तथा अतिशेष धान का निराकरण नीलामी से करने की अनुमति दी गई है।
 
 
खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में कस्टम मिलिंग हेतु फोर्टिफाईड राईस कर्नेल की व्यवस्था के संबंध में फोर्टिफाईड चावल जमा की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ द्वारा NeML के माध्यम से दर का निर्धारण पश्चात् आपूर्ति प्रारंभ होने तक गत् खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 अनुसार मिलरों द्वारा एफआरके निर्माताओं से भारत सरकार द्वारा निर्धारित दर के अधीन फोर्टिफाईड राईस कर्नेल (FRK) क्रय कर फोर्टिफाईड चावल जमा किये जाने की अनुमति दी गई है।
 
खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान की कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन राशि 80 रूपए करने का निर्णय लिया। 
 
खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में राईस मिलों को लंबित प्रोत्साहन राशि की प्रथम किश्त प्रदान किए जाने का निर्णय लिया गया। 
 
छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 (क्रमांक 1 सन् 1994)  की धाराओं में संशोधन संबंधी छत्तीसगढ़ पंचायत राज (संशोधन) विधेयक, 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। 
 
छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 (संशोधन) विधेयक 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। 
 
छत्तीसगढ़ नगर पालिक अधिनियम 1961 (संशोधन) विधेयक 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। 
 
छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। 
 
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प्रशासन की सख्त कार्रवाई, 85 क्विंटलअवैध धान जब्त

  पटना तहसील के ग्राम मुरमा में राजस्व विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 76 क्विंटल अवैध धान जब्त किया। यह कार्रवाई कोचिया पूरन, पिता जगसाय के यहां की गई, जहां भौतिक सत्यापन के दौरान अवैध धान का संग्रहण पाया गया। तहसीलदार प्रतीक जायसवाल, राजस्व निरीक्षक और पटवारी की मौजूदगी में यह कार्रवाई पूरी पारदर्शिता के साथ की गई। अधिकारियों ने बताया कि अवैध धान संग्रहण पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों को कानून के अनुसार दंडित किया जाएगा।

जूनपारा में भी मंडी प्रशासन का छापा : 

जूनपारा में स्थित विवेक गुप्ता के व्यावसायिक प्रतिष्ठान पर मंडी प्रशासन द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। जांच में लगभग 9 क्विंटल अवैध धान पाया गया। भंडारण से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत न करने पर मंडी अधिनियम के तहत धान को जप्त कर लिया गया।

अवैध गतिविधियों पर प्रशासन सख्त : 

इस कार्रवाई को किसानों के अधिकारों की रक्षा और अवैध व्यापार पर अंकुश लगाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अवैध गतिविधियों की सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें ताकि समय पर कार्रवाई हो सके।

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उत्तरप्रदेश के दो मंत्रियों ने पवित्र गंगा जल और प्रतीक चिन्ह भेंट कर मुख्यमंत्री साय को आमंत्रित किया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को प्रयागराज के पवित्र संगम में वर्ष 2025 में आयोजित हो रहे महाकुंभ में शामिल होने का आमंत्रण भेजा है। उन्होंने सभी छत्तीसगढ़ वासियों को भी महाकुंभ में आमंत्रित किया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की ओर से उनका आमंत्रण लेकर उत्तर प्रदेश के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील कुमार शर्मा और समाज कल्याण राज्य मंत्री संजय गोंड ने मुख्यमंत्री  साय से सौजन्य मुलाकात की और उन्हें आमंत्रण पत्र, पवित्र गंगा जल और कुंभ का प्रतीक चिन्ह सौंप कर उन्हें महाकुंभ में आमंत्रित किया। मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने मुख्यमंत्री से यह भी आग्रह किया कि कुंभ स्थल पर छत्तीसगढ़ का भी एक पंडाल लगाया जाए।
 
मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ के पंडाल के लिए स्थान उपलब्ध कराने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एक पत्र मंत्रीद्वय को सौंपा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंडाल में छत्तीसगढ़ से कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने और भोजन की व्यवस्था रहेगी। मुख्यमंत्री साय ने मंत्री द्वय का छत्तीसगढ़ में आत्मीय स्वागत करते हुए आमंत्रण के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि महाकुंभ में शामिल होना सौभाग्य का विषय है। वे पहले भी कुंभ में शामिल होते रहे हैं, लेकिन इस बार का कुंभ विशेष है। आमंत्रण देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो-दो मंत्रियों को भेजा है। हम महाकुंभ में जरूर आएंगे। 
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मैंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से अनुरोध किया है कि छत्तीसगढ़ प्रयागराज महाकुंभ 2025 के अवसर पर महाकुंभ में आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं को इस प्रदेश की संस्कृति, विकास और उपलब्धियों से परिचित कराने के लिए उत्सुक है। छत्तीसगढ़ से महाकुंभ के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं के भोजन एवं रहने-ठहरने की व्यवस्था हेतु महाकुंभ क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के लिए भूमि आरक्षित करने का अनुरोध भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से किया है।
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गरीबों और किसानों के रक्षक के रूप में अमर शहीद वीर नारायण सिंह की गौरवगाथा सदैव अमर रहेगी: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अमर शहीद वीरनारायण सिंह के बलिदान दिवस पर राजधानी रायपुर के जयस्तंभ चौक पहुंच कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा पर मल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।
 
उप मुख्यमंत्री अरुण साव, आदिमजाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक पुरन्दर मिश्रा सहित अनेक जनप्रतिनिधिगण इस अवसर पर  उपस्थित थे।
 
मुख्यमंत्री साय ने शहीद वीर नारायण सिंह के मातृभूमि के प्रति योगदान को याद करते हुए कहा कि स्वतंत्रता के लिए अपना जीवन न्यौछावर कर देने वाले आदिवासी जन-नायक वीर नारायण सिंह छत्तीसगढ़ महतारी के सच्चे सपूत थे। वे सोनाखान के ज़मींदार परिवार से थे लेकिन उन्होंने आदिवासियों, किसानों और गरीबों के लिए लड़ाई लड़ी। उन्होंने सन् 1856 के भीषण अकाल के दौरान गरीबों को भूख से बचाने के लिए अनाज गोदाम से अनाज निकालकर गरीबों में बांट दिए। उन्होंने सन् 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन के दौरान छत्तीसगढ़ की जनता में देश भक्ति का संचार किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह के संघर्ष, मातृभूमि के प्रति समर्पण और बलिदान को हमेशा याद किया जाएगा। गरीबों और किसानों के रक्षक के रूप में उनकी गौरवगाथा सदैव अमर रहेगी।
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रायपुर में प्रयागराज महाकुंभ-2025 के रोड शो में शामिल हुए उत्तर प्रदेश के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री सुनील कुमार शर्मा

रायपुर, 11 दिसंबर। योगी सरकार महाकुंभ-2025 को भारतीय संस्कृति और एकता का वैश्विक प्रतीक बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में, उत्तर प्रदेश के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री सुनील कुमार शर्मा ने रायपुर में एक भव्य रोडशो का नेतृत्व किया। उन्होंने महाकुंभ के आयोजन को भारत की विविधता में एकता का अद्वितीय उत्सव बताते हुए छत्तीसगढ़ के माननीय राज्यपाल महामहिम श्री रमन डेका, माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तथा वहां की सम्मानित जनता को प्रयागराज महाकुंभ-2025 में आने का आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि यह सरकार महाकुंभ में अंतरराष्ट्रीय सहभागिता और अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ इसे ऐतिहासिक बनाने की दिशा में अहम कदम उठा रही है। रोडशो के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि महाकुंभ, भारत की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक चेतना का स्पंदन है। ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत-समावेशी भारत' की दिव्य और जीवंत झांकी है।
 
पत्रकार वार्ता के दौरान इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि आप सबमें बहुत से ऐसे लोग होंगे, जिनके पास प्रयागराज कुम्भ-2019 का 'दिव्य एवं भव्य' अनुभव होगा, भारतीय सांस्कृतिक गौरव के रूप में जिसकी अविस्मरणीय छवि विश्व पटल पर अंकित हुई थी। यही नहीं, मेले के कुशल प्रबन्धन को भी पूरी दुनिया ने मुक्त कंठ से सराहा था। उन्होंने कहा कि इस बार आयोजित हो रहा महाकुंभ पिछले कुंभ से और अधिक दिव्य एवं भव्य होगा। प्रयागराज महाकुंभ-2025 में 45 करोड़ तीर्थयात्रियों, साधु, संतों, कल्पवासियों एवं पर्यटकों के आने की संभावना है। इसके दृष्टिगत उत्तर प्रदेश सरकार ने समयबद्ध ढंग से समुचित प्रबंध कर लिया है।
 
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री सुनील कुमार शर्मा ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में 13 जनवरी से 26 फरवरी 2025 तक माँ गंगा, यमुना और सरस्वती के पावन संगम तट पर प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन हो रहा है। यूनेस्को द्वारा घोषित विश्व मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर महाकुंभ 12 वर्ष के अंतराल पर एक बार फिर प्रयाग की पुण्य धरा पर आयोजित हो रहा है।
 
यह स्वच्छ, स्वस्थ्य, सुरक्षित एवं हरित महाकुम्भ है- इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री सुनील कुमार शर्मा ने महाकुंभ की तैयारी के बारे में पत्रकारों को जानकारी देते हुए कहा कि यह स्वच्छ, स्वस्थ्य, सुरक्षित एवं डिजिटल महाकुंभ है। मेला को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त महाकुम्भ का संकल्प लिया गया है। इस अभियान के तहत मेला क्षेत्र में विभिन्न दोना-पत्तल विक्रेताओं की दुकानों काआवंटन, 400 स्कूल के प्रधानाचार्य के साथ स्वच्छता पर बैठक, 4 लाख बच्चों और प्रयागराज की जनसंख्या के 5 गुना नागरिकों तक स्वच्छ महाकुम्भ की पहल को पहुंचाया जा रहा है। साथ ही हर घर दस्तक अभियान के अंतर्गत सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त
का संदेश घर-घर दिया जा रहा है।
 
उन्होंने कहा कि महाकुंभ- 2025 को हरियाली से भरा बनाने के लिए क्लीन के साथ-साथ ग्रीन कुंभ पर विशेष ध्यान दिया गया है। पूरे प्रयागराज में करीब तीन लाख पौधों का रोपण भी किया गया है। मेले के खत्म हो जाने के बाद पौधों को संरक्षण खुद उत्तर प्रदेश सरकार करेगी।
 
तीर्थयात्रियों, साधु, संतों और पर्यटकों के स्वास्थ्य देखभाल की भी है व्यवस्था इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि इसे स्वस्थ महाकुंभ के दृष्टिकोण से भी तैयार किया जा रहा है जिसमें आने वाले तीर्थयात्रियों, साधु, संतों, कल्पवासियों और पर्यटकों के स्वास्थ्य देखभाल की भी व्यवस्था है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की बड़े पैमाने पर तैनात किया गया है। परेड ग्राउंड में 100 बेड का अस्पताल बनाया गया है। 20 बेड के दो और 8 बेड के छोटे अस्पताल भी तैयार किए गए हैं। मेला क्षेत्र और औरैल में 10-10 बेड के दो आईसीयू, आर्मी हॉस्पिटल की ओर से बनाए गए हैं। इन अस्पतालों में 24 घंटे डॉक्टरों की तैनाती रहेगी। इसके दृष्टिगत 291 एमबीबीएस व स्पेशलिस्ट, 90 आयुर्वेदिक और यूनानी विशेषज्ञ और 182 स्टॉफ नर्स की व्यवस्था है। यही नहीं अस्पतालों में पुरुष, महिला और बच्चा वार्ड अलग-अलग तैयार किए गए हैं। डिलीवरी रूम, इमरजेंसी वार्ड और डॉक्टर्स रूम भी रहेंगे।
 
डिजिटल महाकुंभ का भी अनुभव करेंगे श्रद्धालु- सुनील कुमार शर्मा पत्रकारों को संबोधित करते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार दिव्य, भव्य एवं डिजिटल महाकुंभ के लिए प्रतिबद्ध है। महाकुंभ की वेबसाइट, ऐप, 11 भाषाओं में एआई चैट बॉट, लोगों एवं वाहनों के लिए क्यूआर आधारित पास, बहुभाषीय डिजिटल खोया-पाया केंद्र, स्वच्छता एवं टेंटों की आईसीटी निगरानी, भूमि और सुविधा आवंटन के लिए सॉफ्टवेयर, बहुभाषीय डिजिटल साइनेज वीएमडी, स्वचालित राशन आपूर्ति प्रणाली, ड्रोन आधारित निगरानी एवं आपदा प्रबंधन, 530 परियोजनाओं की निगरानी का लाइव सॉफ्टवेयर, इन्वेंटरी ट्रैकिंग सिस्टम और सभी स्थलों का गूगल मैप पर एकीकरण किया गया है
 
पर्यटकों की सुविधा के लिए होगी स्मार्ट पार्किंग की व्यवस्था - सुनील कुमार शर्मा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि पर्यटकों को वहां पार्किंग की समस्या से न जूझना पड़े इसकी भी व्यवस्था है। इसके दृष्टिगत 101 स्मार्ट पार्किंग बनाए गए हैं, जिनमें प्रतिदिन पांच लाख वाहन पार्क किए जा सकेंगे। 1867.04 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैला पार्किंग स्थल 2019 के 1103.29 हेक्टेयर के सापेक्ष 763.75 हेक्टेयर बड़ा है। इन पार्किंग स्थल की निगरानी इंट्रीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर के माध्यम से की जाएगी।
 
शुद्ध पेयजल, इंट्रीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर, रिवर फ्रंट समेत 44 घाटों पर पुष्प वर्षा की भी है व्यवस्था पत्रकार वार्ता में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री सुनील कुमार शर्मा ने महाकुंभ की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि महाकुंभ नगरी में 35 पुराने और 9 नए पक्के घाट बनाए गए हैं, जो श्रद्धालुओं के स्नान में काफी सहायक साबित होंगे। 12 किलोमीटर क्षेत्र में फैले सभी 44 घाटों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुंबई की मरीन ड्राइव की तर्ज पर गंगा किनारे लगभग 15.25 किलोमीटर क्षेत्र में संगम से नागवासुकी मंदिर तक, सूरदास से छतनाग तक, कर्जन ब्रिज के समीप सेमहावीर पुरी तक रिवर फ्रंट का निर्माण कराया गया है। इसके अलावा इंट्रीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर को अपग्रेड किया गया है। इससे भीड़ प्रबंधन में सहायता मिलेगी। सीसीटीवी कैमरों को देखने के लिए 52 सीटर चार व्यूइंग सेंटर स्थापित किए गए हैं। 
 
तकनीक के माध्यम से महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की होगी हेड काउंटिंग इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि प्रयागराज महाकुंभ- 2025 में लगभग 45 करोड़ श्रृद्धालुओं के आने की संभावना है, जो एक बड़ा कीर्तिमान होगा। इन तकनीकी विधियों से हर व्यक्ति की गिनती की जाएगी। पहली विधि एट्रिब्यूट आधारित खोज है। इसके अंतर्गत पर्सन एट्रिब्यूट सर्च कैमरों के आधार पर ट्रैकिंग की जाएगी। दूसरी विधि आरएफआईडी रिस्ट बैंड है, इसके तहत तीर्थयात्रियों को रिस्ट बैंड प्रदान किए जाएंगे, आरएफआईडी (RFID) रीडर, रिस्ट बैंड के माध्यम से अंदर और बाहर जाने का समय की ट्रैकिंग की जाएगी। वहीं तीसरी विधि मोबाइल ऐप द्वारा ट्रैकिंग है। इसके माध्यम से तीर्थयात्रियों की सहमति पर मोबाइल ऐप के जीपीएस लोकेशन के माध्यम से लोकेशन ट्रैकिंग की जाएगी।
 
भारतवर्ष की अनेकता में एकता का शाश्वत और समेकित जय घोष है महाकुंभ प्रेस वार्ता में शामिल राज्य मंत्री, समाज कल्याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण, श्री संजीव कुमार गोंड ने कहा कि कुंभ, एक मेला अथवा स्नान की डुबकी मात्र न होकर, भारतवर्ष की अनेकता में एकता का शाश्वत और समेकित जय-घोष है। महाकुम्भ एक ऐसा महान पर्व है जो नदी के पावन प्रवाह में समस्त विभेदों, विवादों और मतांतरों को विसर्जित कर देता है। यह सामाजिक समरसता का अनुपम उदाहरण है। सम्पूर्ण भारत ही नहीं, बल्कि निखिल विश्व में भारतीय संस्कृति के अनुयायियों के लिए यह पर्व विशेष महत्व रखता है।
श्री संजीव गोंड ने कहा कि उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार प्रधानमंत्री मोदी जी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री योगी जी के नेतृत्व में अत्यंत दुर्लभ एवं अति विशिष्ट धार्मिक आयोजन महाकुंभ के सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, पारम्परिक एवं पौराणिक पक्ष को अद्वितीय रूप से विश्व पटल पर स्थापित कर रही है। प्रदेश सरकार सनातन भारतीयों के महापर्व महाकुंभ-2025 का न्यौता भारत के सभी राज्यों समेत पूरे विश्व में भेज रही है। इसी के दृष्टिगत हम आपके बीच आएं हैं। हमारा आपसे यही कहना है आप सभी इस तीर्थ में शामिल हों।
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अग्निवीर भर्ती में अभ्यर्थी दौड़ के बाद मैदान में गिरकर हुआ बेहोश, तत्काल मुहैय्या कराया गया समुचित उपचार, लेकिन इलाज के दौरान हुई मृत्यु

बोईरदादर स्टेडियम में जारी अग्निवीर भर्ती रैली के संबंध में, सेना के आयोजको के माध्यम से प्राप्त प्राथमिक जानकारी अनुसार, 09 दिसंबर 2024 सोमवार को मनोज कुमार साहू, पिता श्री अनिल कुमार साहू, उम्र 20 वर्ष, पता-ग्राम-खोरपा, ब्लॉक / तहसील - अभनपुर, जिला-रायपुर (छ.ग.) द्वारा, आर्मी भर्ती केन्द्र स्टेडियम रायगढ़ में प्रथम स्टेज 1600 मी. की दौड़ सफलता पूर्वक पूर्ण किया। प्रथम चरण पूर्ण करने के तत्काल पश्चात् अगले चरण में बायोमेट्रिक लगाने से पहले अचानक, मैदान में गिर गया।
     अभ्यर्थी को तत्काल स्टेडियम में मौजूद जिला स्वास्थ्य विभाग के मेडिकल टीम के द्वारा मौके पर ही जांच किया गया। जिसमें मौके पर मौजुद चिकित्सको द्वारा प्रारंभिक जांच पश्चात् पाया गया कि अभ्यर्थी को सांस लेने में काफी दिक्क्त हो रही थी। अभ्यर्थी का SPO2 ऑक्सीजन सेचुरेशन लेवल लगातार कम हो रहा था, जिसके कारण अभ्यर्थी सचेत परंतु डिसओरीयेंटेड पाया गया। उसे तत्काल मेडिकल ऑक्सीजन प्रदाय के साथ प्राथमिक चिकित्सा प्रदाय करते हुए एम्बुलेंस के माध्यम से जिला चिकित्सालय, रायगढ़ रिफर किया गया। जहां अभ्यर्थी बेहोश अवस्था में लाया गया जिसे इन्ट्यूबेट एवं स्टेबल करते हुए हायर सेंटर मेडिकल कॉलेज, रायगढ़ भेजा गया। जहाँ रायगढ़ मेडिकल कॉलेज के विशषज्ञो की टीम के द्वारा समुचित ईलाज किया गया। परंतु अभ्यर्थी की स्थिति अति गंभीर होने के कारण दिनांक 09 दिसंबर 2024 को रात्रि 11:35 बजे मृत्यु हो गई। परिजनो के कथनानुसार एवं चिकित्सको के जांच अनुसार यह पाया गया कि, अभ्यर्थी मनोज कुमाार साहू पूर्व से सिकलसेल बीमारी से ग्रसित था।
     दिनांक 10 दिसंबर 2024 को प्रातःकाल में परिजनो की उपस्थिति में मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ चिकित्सको की टीम द्वारा पोस्टमार्टम किया गया, जिसके पश्चात् परिजन को शव सुपुर्द करके तहसीलदार एवं सीईओ जनपद के साथ गृह ग्राम खोरपा, तह-अभनपुर जिला रायपुर भेजा गया। जिला प्रशासन द्वारा अंतिम संस्कार हेतु आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया। एवं मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से भी 10 लाख रूपयें के आर्थिक सहयोग प्रदान किया जायेगा।
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चिरमिरी में मुख्यमंत्री ने सर्व सुविधायुक्त 100 बेड जिला चिकित्सालय का किया उद्घाटन

छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और विस्तार के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के बड़ा बाजार चिरमिरी में 100 बेड वाले सर्व सुविधायुक्त  जिला चिकित्सालय का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जनकपुर में 100 बिस्तरों वाले अस्पताल के सेटअप स्वीकृत करने, भरतपुर में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीओपी) के पद की स्वीकृति तथा चिरमिरी, खोंगापानी, झगराखंड में ग्रिड से विद्युत सप्लाई की घोषणा की।
 
उप मुख्यमंत्री अरुण साव, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, सरगुजा सांसद  चिंतामणी महाराज, विधायक रेणुका सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि इस अवसर पर उपस्थित थे। 
 
जिला अस्पताल चिरमिरी को अत्याधुनिक उपकरणों और सुविधाओं से लैस किया गया है। इस अस्पताल में 08 चिकित्सा विशेषज्ञ नियुक्त हैं तथा 80 प्रकार के लैब टेस्ट की सुविधा उपलब्ध है। अस्पताल में 07 ओपीडी सहित 04 ऑपरेशन थिएटर बनाए गए है। जिनमें 01 ऑपरेशन थिएटर चालू है। इसे मॉड्यूल ऑपरेशन थिएटर के रूप में परिवर्तित करने का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा गया है। इसके साथ ही अस्पताल में 08 बिस्तर वाले आईसीयू की सुविधा भी है। इस अस्पताल के बनने से जरूरतमंद लोगों को उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।
 
मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में बुनियादी ढांचा मजबूत हो इस पर राज्य सरकार का विशेष फोकस है। राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करना शासन की प्राथमिकता में है ताकि लोगों को आसानी से अच्छी इलाज की सुविधा मिल सके। मुख्यमंत्री ने जिला अस्पताल के विभिन्न वार्डों, कक्षों तथा मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लिया, उपस्थित मरीजों से उनके स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी ली और उन्हें फल भेंट कर उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीम को सेवा भाव के साथ कार्य करने की सलाह दी।
 
मुख्यमंत्री के हाथों चिरमिरी में जिला अस्पताल के लोकार्पण पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि आज जिले को 100 बिस्तरीय जिला अस्पताल के रूप में एक बड़ी सौगात मिली है। शासन की प्राथमिकता है कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की जनता तक पहुंच आसान हो, चिरमिरी का जिला अस्पताल इस अपेक्षा को पूरा करेगा। उन्होंने आगे कहा की जिलेवासियों को अब एक बेहतर अस्पताल मिल गया है जिससे चिकित्सा के क्षेत्र में लोगों को काफी सहूलियत होगी।
 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चिरमिरी, खोंगापानी, झगराखंड में छत्तीसगढ़ ऊर्जा विभाग के ग्रिड से विद्युत सप्लाई की मांग पर विद्युत आपूर्ति करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जनकपुर में 100 बिस्तरों के अस्पताल के सेटअप की स्वीकृति की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक सुविधा की दृष्टिगत रखते हुए भरतपुर में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस को  स्वीकृति प्रदान की है।
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशों पर शासकीय मेडिकल कालेजों का किया जा रहा है सशक्तिकरण

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य मे स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर खासा ध्यान दिया जा रहा है। तरक्की और राज्य में सुशासन का सफर स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार के रूप में लगातार नजर आ रहा है।  स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग ने नई सुविधाओं के विकास पर विशेष जोर दिया है। इसी दिशा में स्व. श्री लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय रायगढ़ से संबद्ध संत बाबा गुरु घासीदास जी स्मृति शासकीय चिकित्सालय रायगढ़ लगातार अपनी सुविधाओं को बढ़ाने के लिए और मरीजों के बेहतर इलाज के लिए प्रतिबद्ध है। 
 
इस कड़ी में अस्थि रोग विभाग में भर्ती विशेष जनजाति पहाड़ी कोरवा के सदस्य श्री करण सिंह कोरवा के जटिल व दुर्लभ फ्रैक्चर का सफल ऑपरेशन किया गया। करण सिंह कोरवा कोरबा  जिले में अपने गांव सियान जाते समय मोटरसाइकिरल से गिर गये थे। इससे उनके घुटने में गहरी चोट आई थी। उनकी हालत को देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल रायगढ़ में भर्ती कराया गया था । उनके घुटने के नीचे की अस्थि का टुकड़ा (टिबिया कॉन्डाइल) जोड़ से टूट कर पीछे की तरफ रक्त वाहनियों एवं नसों के बीच में फंसा हुआ था। इस तरह का केस सामने आना अत्यंत दुर्लभ है। 
 
 इससे रक्त वाहनियों तथा नसों (नर्व) को चोट लगने से पैरों में लकवा अथवा पैर काटने का खतरा लगातार बना होता है। ऑपरेशन के दौरान भी रक्त वाहनियों अथवा नसों में चोट लगने से पैरों में सुन्नपन का खतरा बना रहता है। मेडिकल कालेज रायगढ़ के अस्थि रोग विभाग के चिकित्सकों ने यह जटिल ऑपरेशन सफलता पूर्वक किया गया। इससे वर्तमान में मरीज अपना घुटना मोड़ पा रहा है  तथा मरीज का पैर भी बच गया है। कुछ ही दिनों में मरीज वॉकर के सहारे से चलना भी शुरु कर सकता है। इस तरह मेडिकल कॉलेज रायगढ़ एक और उपलब्धि के साथ प्रगति की ओर अग्रसर है।
 
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने राज्य के शासकीय मेडिकल कालेजों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए उन्हें 2 करोड़ रूपए तक के कार्यों के लिए वित्तीय स्वतंत्रता प्रदान की है। इससे मरीजों के त्वरित इलाज के लिए अब राज्य स्तर पर स्वीकृति लेने की आवश्यकता न होकर मेडिकल कालेज की स्वशासी सोसायटी खुद ही निर्णय ले सकती है।
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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अम्बिकापुर में छत्तीसगढ़ कोलता समाज के संभागस्तरीय सम्मेलन में हुए शामिल

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज अम्बिकापुर प्रवास के दौरान माता राजमोहिनी देवी ऑडिटोरियम अम्बिकापुर में छत्तीसगढ़ कोलता समाज के संभागस्तरीय सम्मेलन में शामिल हुए। समाज के पदाधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री  साय को महामाला एवं संबलपुरी गमछा पहनाकर आत्मीय स्वागत किया गया। 
 
मुख्यमंत्री  साय ने समाज की मांग पर छत्तीसगढ़ कोलता समाज संभाग सरगुजा/जशपुर हेतु अम्बिकापुर के ग्राम अजिरमा में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 50 लाख रुपए दिए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जब समाज संगठित होता है तो राष्ट्र को भी मजबूती मिलती है। कोलता समाज शिक्षित और समृद्ध समाज है, जो खेती-बाड़ी में भी आगे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा पर विशेष जोर होना चाहिए, शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। हमारे समाज के बच्चे पढ़ें, इस पर समाज की चिंता होनी चाहिए। कहीं ना कहीं नशाखोरी समाज की प्रगति के लिए बाधक है इस पर भी समाज का चिंतन होना चाहिए। 
 
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास एवं समाज कल्याण विभाग मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, सरगुजा सांसद  चिंतामणी महाराज, अम्बिकापुर विधायक  राजेश अग्रवाल, लुण्ड्रा विधायक  प्रबोध मिंज, सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो, प्रतापपुर विधायक  शकुंतला पोर्ते, सामरी विधायक उद्देश्वरी पैंकरा छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष  विश्वविजय सिंह तोमर, पूर्व सांसदकमलभान सिंह मरावी, छत्तीसगढ़ कोलता समाज के प्रदेशाध्यक्ष  भुवनेश्वर सदावर्ती, सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे। साथ ही कलेक्टर विलास भोस्कर, एसपी योगेश पटेल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं समाज के नागरिकगण भी उपस्थित थे।
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बीजेपी संगठन मंत्री अजय जामवाल से मिले कुर्मी समाज के केंद्रीय अध्यक्ष, योजना का नाम यथावत रखने की मांग

डॉ.खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना का नाम बदलने से नाराज कुर्मी समाज ने अपनी भावनाओं को लेकर भारतीय जनता पार्टी के संगठन महामंत्री अजय जामवाल से मुलाकात की। इस दौरान कुर्मी समाज के केंद्रीय अध्यक्ष खोडस राम कश्यप ने जामवाल को समाज की भावनाओं से अवगत कराते हुए मांग की कि योजना का नाम यथावत रखा जाए।
 
खोडस राम कश्यप ने रखी समाज की बात
 
केंद्रीय अध्यक्ष खोडस राम कश्यप ने अजय जामवाल से कहा कि डॉ.खूबचंद बघेल कुर्मी समाज के आदर्श हैं,और उनके नाम पर शुरू की गई योजना समाज के लिए सम्मान का विषय है। नाम बदलना न केवल समाज का अपमान है,बल्कि यह समाज की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को भी ठेस पहुंचाने वाला है।
 
अजय जामवाल का आश्वासन
 
अजय जामवाल ने समाज की बात को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि इस मुद्दे को पार्टी और सरकार के स्तर पर उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से चर्चा कर जल्द समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
 
समाज की आंदोलन की तैयारी
 
अगर सरकार ने इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं की तो कुर्मी समाज ने विधानसभा घेराव की चेतावनी दी है। समाज ने कहा है कि वे इस मुद्दे को लेकर सड़कों पर उतरने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
 
प्रतिनिधि मंडल में ये सदस्य रहे शामिल
 
इस मुलाकात में समाज के अन्य प्रमुख सदस्य जैसे महामंत्री यशवंत सिंह वर्मा, कोषाध्यक्ष जागेश्वर बघेल, राजप्रधान रामखिलवन वर्मा, जागेश्वर वर्मा (रायपुर) और भूपेंद्र वर्मा (केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य) भी शामिल थे।
 
यह देखना होगा कि सरकार समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए इस विवाद को कैसे हल करती है।
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