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प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज संस्था समाज को संस्कारी और सेवाभावी बनाने का कर रही है कार्य - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय  आज राजनांदगांव में नवनिर्मित  ब्रह्माकुमारीज ज्ञान मानसरोवर भवन के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज संस्था अपनी मेहनत से समाज को संस्कारी और सेवाभावी बनाने जुटी है। वर्तमान समय बहुत भाग-दौड़ का समय है ऐसे में तनाव होना भी स्वाभाविक है। यह तनाव लोगों को शारीरिक, मानसिक रूप से कमजोर करता हैं। ऐसे समय में प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज संस्था द्वारा राज मार्ग राजयोग का ध्यान बताया गया है, जिससे निश्चित रूप से लाभ मिलता है। 


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि  राजनांदगांव में ब्रह्माकुमारीज ज्ञान मानसरोवर भवन से लोगों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि  नियमित रूप से ध्यान करने वाले व्यक्ति शांत और धीर गंभीर होते हैं। प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज संस्था द्वारा मेडिटेशन का कार्यक्रम चलाया जा रहा है जो मानवता की सच्ची सेवा है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र संघ को 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने का प्रस्ताव दिया जिसके महत्व को स्वीकार करते हुए आज पूरी दुनिया में 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाता है। विश्व में योग को स्थापित करने का श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को जाता है। उन्होंने कहा कि कोई भी अच्छी सरकार लोगों के विकास की चिन्ता करती ही है, लेकिन अध्यात्मिक कल्याण के लिए लगातार कार्य करना लोगों के हित में होता है। 

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की सरकार  ने श्री रामलला दर्शन योजना शुरू की है, जिससे प्रदेश के 20 हजार से अधिक श्रीराम भक्त पिछले एक वर्ष में श्री रामलला दर्शन योजना का लाभ ले चुके हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 5 शक्तिपीठों को जोड़कर तीर्थ यात्रा की शुरूआत की जाएगी। 

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज पूरी दुनिया में सेवा भाव से कार्य करती है। ब्रह्माकुमारीज के विश्व के 145 देशों में 8000 से अधिक सेवा केन्द्र संचालित है। संयुक्त राष्ट्र संघ और यूनिसेफ जैसे वैश्विक संगठन के साथ मिलकर विश्व शांति के अभियान में ब्रह्माकुमारीज संस्था कार्य कर रही है। ब्रह्माकुमारीज संस्था को संयुक्त राष्ट्रसंघ द्वारा पांच बार शांतिदूत पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। 

डायरेक्टर ब्रह्माकुमारीज अम्बावाड़ी सब जोन अहमदाबाद राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी शारदा दीदी ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह संस्था व्यक्ति के गुण, चरित्र एवं संस्कारों को परिष्कृत करती है।  

उल्लेखनीय है कि राजनांदगांव में नवनिर्मित ब्रह्माकुमारीज ज्ञान मानसरोवर राजयोग मेडीटेशन ट्रेनिंग सेंटर है, जो सर्व सुविधाओं से परिपूर्ण है। यहां एक बहुत बड़ा सभागार का निर्माण किया गया है, जिसकी बैठक क्षमता तीन हजार है। इस भवन में बहुत बड़ा भोजनालय, रसोईघर तथा कम से कम 300 लोगों की ठहरने की व्यवस्था भी है। यहां एक बहुत बड़ा ध्यान कक्ष भी बनाया गया है।
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उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने जगदलपुर में शहीद गेंद सिंह की प्रतिमा का किया अनावरण

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने  बस्तर जिले के बड़ाजी ग्राम में शहीद गेंद सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया। इसके साथ ही उन्होंने 8 करोड़ तीन लाख के 9 विकास कार्यों का भूमि पूजन-लोकार्पण किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि हल्बा समाज के शहीद गेंद सिंह ने अंग्रेजों से लोहा लिया और क्षेत्र में अंग्रेजी शासन की नीतियों का विरोध किया। आज हम सभी युवा शहीद गेंद सिंह का स्मरण कर उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लें और समाज के उत्थान में अपना योगदान दें। कार्यक्रम को  सांसद श्री महेश कश्यप, विधायक चित्रकोट श्री विनायक गोयल ने भी संबोधित किया। 

    उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि परलकोट जमींदारी के जमींदार गेंद सिंह ने मराठों और ब्रिटिश अधिकारियों के शोषण के विरुद्ध स्वतंत्रता आंदोलन का शंखनाद किया था। उनका उद्देश्य बस्तर को गुलामी से मुक्त कराना था। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने प्रधानमंत्री आवास योजना के 6 हितग्राहियों को आवास पूर्ण होने पर घर की प्रतीकात्मक चाबी सौंपी।साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए स्वीकृत आदेश पत्र का हितग्राहियों को वितरण किया गया ।
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सामाजिक बुराईयों को दूर करना हम सब की जिम्मेदारी - श्री अरुण साव

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव आज बलौदाबाजार में जिला साहू संघ द्वारा आयोजित युवक-युवती परिचय सम्मेलन और सम्मान समारोह में शामिल हुए। उन्होंने इस दौरान झिरिया साहू समाज के नवनिर्मित छात्रावास का लोकार्पण किया। उन्होंने साहू स्मारिका, तेली दिवस पुस्तक एवं पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री पवन साहू द्वारा तैयार कैलेंडर का विमोचन भी किया। श्री साव ने साहू छात्रावास में मंच निर्माण और पेवर ब्लॉक के लिए 25 लाख रुपए देने की घोषणा की। भाटापारा के विधायक श्री इंद्र साव और कसडोल के विधायक श्री संदीप साहू भी कार्यक्रम में शामिल हुए।


उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने युवक-युवती परिचय सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि साहू समाज मेहनतकश समाज है। साहू समाज के लोग ईमानदारी और मेहनत के लिए जाने जाते हैं। इसी की बदौलत आज साहू समाज हर क्षेत्र में अपना विशिष्ट योगदान दे रहा है। उन्होंने कार्यक्रम में साहू समाज के उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को शॉल, श्रीफल और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि अपनी संस्कृति को सहेजते हुए आधुनिकता की ओर समाज को लेकर जाना है। इसके लिए सामाजिक बुराईयों और कुप्रथाओं को दूर करते हुए शिक्षा पर जोर देने की ज़रूरत है। शिक्षित समाज से ही एक सशक्त राज्य और राष्ट्र का निर्माण हो सकता है। युवक-युवती परिचय सम्मलेन साहू समाज की प्रशंसनीय पहल है। 

कार्यक्रम को विधायक श्री इंद्र साव और श्री संदीप साहू ने भी संबोधित किया। प्रदेश साहू समाज के अध्यक्ष श्री टहल सिंह साहू और बलौदाबाजार जिला साहू समाज के अध्यक्ष श्री सुनील साहू सहित अनेक सामाजिक पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक और जिला प्रशासन के अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद थे।
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युवाओं के नेतृत्व क्षमता का विकास करता है युवा संसद- मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े

महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े आज सूरजपुर जिले के ग्राम बतरा स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल में आयोजित जिला स्तरीय युवा संसद प्रतियोगिता कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। इस अवसर पर उन्होंने  युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा संसद युवाओं की नेतृत्व क्षमता का विकास करता है।  युवा संसद का उद्देश्य युवाओं को सशक्त बनाना और उन्हें लोकतंत्र में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित करना है, साथ ही सार्वजनिक मुद्दों पर विचार करने और अपनी राय बनाने के लिए भी प्रोत्साहित करना है। मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े इस अवसर पर विद्यालय के स्काउट गाइड के बच्चों से भी मिली और युवा संसद कार्यक्रम के सभी विजेताओं को प्रमाणपत्र भी प्रदान किए। उन्होंने कहा कि युवा संसद के माध्यम से छात्रों को सरकार की कार्यप्रणाली को जानने और समझने का अवसर मिलता है।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 9 दिसम्बर को सरगुजा जिले को देंगे 495 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की सौगात

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 9 दिसम्बर को अम्बिकापुर के पीजी कॉलेज ग्राउण्ड में आयोजित कार्यक्रम में सरगुजा जिले को 495 करोड़ 23 लाख की लागत वाले विकास कार्यों की सौगात देंगे, जिसमें 154 करोड़ 47 लाख रूपए की लागत से निर्मित 145 विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण तथा 340 करोड़ 76 लाख रूपए की लागत से निर्मित होने वाले 1047 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।

कार्यक्रम में वित्त एवं प्रभारी मंत्री सरगुजा श्री ओ.पी. चौधरी, कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद श्री चिंतामणि महाराज, विधायक सर्वश्री राजेश अग्रवाल, प्रबोध मिंज, रामकुमार टोप्पो, अध्यक्ष राज्य युवा आयोग श्री विश्व विजय सिंह तोमर विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय इस अवसर पर सरगुजा जिले में मुख्यमंत्री अन्नकोष योजना का भी शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर जिला प्रशासन द्वारा यह योजना पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सरगुजा में शुरू की जा रही है। इसका उद्देश्य विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय की गर्भवती और शिशुवती महिलाओं को अतिरिक्त पोषण आहार उपलब्ध कराकर उनके स्वास्थ को बेहतर बनाना है, ताकि मातृ मृत्यु दर एवं शिशु मृत्यु दर को कम किया जा सके। 
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा लोकार्पित किए जाने वाले कार्यों में मुख्य रूप से 132 करोड़ 83 लाख रूपए की लागत से निर्मित 10 सड़कें, 3 करोड़ 59 लाख की लागत से जल जीवन मिशन के तहत पांच ग्रामों में नल जल प्रदाय योजना तथा नगर निगम अम्बिकापुर में 3 करोड़ 52 लाख की लागत से निर्मित सर्व समाज मांगलिक भवन शामिल है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय इस अवसर पर अंबिकापुर में 123 करोड़ 28 लाख रूपए की लागत से 46 एमएलडी क्षमता के 3 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण कार्य, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 55 करोड़ 45 लाख की लागत से बनने वाली 15 सड़कों, 55 करोड़ 5 लाख की लागत से 16 ग्राम पंचायतों में निर्मित होने वाले स्टॉप डेम, एनीकट, एवं नहर नवीनीकरण कार्य, विभिन्न गांवों में 28 करोड़ 40 लाख रूपए की लागत से 243 आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण तथा नगरीय निकायों में 5 करोड़ 92 लाख की लागत से निर्मित होने वाले सीसी रोड, नाली, सड़क डामरीकरण कार्य का भूमिपूजन करेंगे। 

उल्लेखनीय है कि सरगुजा जिले में मुख्यमंत्री की पहल पर जिला प्रशासन द्वारा सरगुजा-30 निःशुल्क आवासीय कोचिंग संचालित की जा रही है। इसके जरिए 10वीं और 12वीं के मेधावी छात्र-छात्राओं को निःशुल्क आवासीय कोचिंग प्रदान की जा रही है। इसके साथ ही हर शनिवार एवं रविवार को नीट व जेईई हेतु निःशुल्क साप्ताहिक कोचिंग का भी संचालन किया जा रहा है। कलेक्टर न्यायालय एवं कलेक्टर जनदर्शन की कार्यवाही का ऑनलाइन प्रसारण सरगुजा जिले के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर किया जा रहा है।
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चिकित्सा क्षेत्र युवाओं के लिए एक अच्छा कैरियर होने के साथ-साथ लोगों की सेवा करने का सुअवसर भी करता है प्रदान - मुख्यमंत्री श्री साय

सांसद रहने के दौरान दिल्ली का नॉर्थ एवेन्यू स्थित मेरा आवास छत्तीसगढ़ और क्षेत्र के मरीजों व परिजनों के लिए दूसरा घर था। उपचार के लिए दिल्ली जाने वाले मरीज वहीं रहकर अपना इलाज करवाते थे। लोग मुझसे कहते थे कि आपका घर मिनी एम्स है। मरीजों की सेवा मेरे लिए सबसे ज्यादा रुचि का कार्य था और यह  कार्य मुझे सबसे अधिक संतुष्टि प्रदान करती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस एंड रिसर्च सेंटर द्वारा आयोजित व्हाइट कोट सेरेमनी को संबोधित करते हुए यह बात कही।


मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे सभी छात्रों को मरीजों की सेवा के इस कार्य से जुड़ने के लिए अपनी शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, विधायक श्री इंद्र कुमार साहू और श्री रविशंकर जी महाराज सहित मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर, डॉक्टर और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कॉलेज के डीन डॉ. कुंदन ई. गेडाम ने एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश कर रहे छात्र-छात्राओं को चिकित्सा आचार संहिता की शपथ दिलाई। 
 
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मेडिकल साइंस युवाओं के लिए एक अच्छा कैरियर होने  के साथ-साथ लोगों की सेवा करने का अवसर भी प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि जीवन सबसे  अमूल्य निधि है और आप लोग अच्छे इलाज से लोगों को संजीवनी प्रदान करते हैं, इसलिए लोग डॉक्टर को भगवान की तरह मानते हैं। उन्होंने कहा कि आप सभी पूरे सेवाभाव के साथ अपना कार्य करें, इससे जो दुआएं मिलेंगी, उससे आपके जीवन में और भी सुख-समृद्धि आयेगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस दौरान अंबेडकर अस्पताल के विस्तार और 700 बेड अस्पताल के निर्माण के लिए 231 करोड़ रुपए जारी किए जाने की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अस्पताल भवन के तैयार हो जाने के बाद अंबेडकर अस्पताल की क्षमता 2 हजार मरीजों की हो जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एमबीबीएस के साथ ही पीजी की सीट भी बढ़ाने के लिए कार्य किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में प्रसूति एवं स्त्रीरोग तथा चर्मरोग की पीजी सीट आरंभ करने के निर्णय की भी जानकारी दी। 
      मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे 10 शासकीय मेडिकल कॉलेज के साथ ही यहां निजी क्षेत्र के मेडिकल कॉलेज भी प्रदेश में मेडिकल एजुकेशन को मजबूत करने और होनहार डॉक्टरों की नई पीढ़ी तैयार करने में मजबूत भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले एक दशक में छत्तीसगढ़ में मेडिकल एजुकेशन का जितना विस्तार हुआ, उतना पहले कभी नहीं हुआ था, इसका सीधा असर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में दिखने लगा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने छत्तीसगढ़ को एम्स की सौगात दी, जो न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि आसपास के इलाकों के मरीजों के लिए भी चिकित्सा सुविधा का बड़ा केंद्र बनकर उभरा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरे सांसद रहने के दौरान दिल्ली स्थित मेरा आवास जैसे मरीजों और उनके परिजनों के लिए हमेशा खुला रहता था, वैसे ही आज प्रदेश के मुखिया होने के नाते कुनकुरी सदन के माध्यम से सेवा का यह कार्य आज भी लगातार जारी है। 
     स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने मेडिकल के विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आप सभी अच्छे डॉक्टर बनेंगे। इस व्यवसाय में सेवा प्राथमिक है, रोजगार का स्थान बाद में आता है। आप सभी सेवा मानकर इस व्यवसाय से जुड़ेंगे तो प्रदेश को सदैव इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में निजी संस्थानों की स्थापना से सरकार के उद्देश्यों की पूर्ति में भी बड़ा सहयोग मिलेगा। मंत्री श्री जायसवाल ने प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य आधोसंरचनाओं और स्वास्थ्य के क्षेत्र में राज्य सरकार के प्रयासों की भी जानकारी साझा की। 
     वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि आज चिकित्सा शिक्षा में प्रवेश कर रहे आप सभी छात्र-छात्राएं अपने माता-पिता के साथ प्रदेश का भी नाम रोशन करेंगे। भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में आपका योगदान होगा।  हमारे युवाओं का डंका राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय स्तर पर बज रहा है। वित्त मंत्री ने कहा कि हम नवा रायपुर को सर्विस सेक्टर के ग्रोथ हब के रूप में स्थापित करेंगे। हमारी सरकार हेल्थ केयर डेस्टिनेशन के रूप में रायपुर को स्थापित करने का प्रयास कर रही है, जिससे प्रदेश के लोगों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

   मुख्यमंत्री ने बालक-बालिका छात्रावास भवन का किया वर्चुअल लोकार्पण

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च के वाइट कोर्ट सेरेमनी के दौरान मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं के लिए नवनिर्मित छात्रावास भवन का वर्चुअल लोकार्पण किया। उन्होंने छात्रावास भवन के लिए मेडिकल के सभी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं दी। 
       गौरतलब है कि श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेस के छात्र- छात्राओं के लिए नवीन छात्रावास भवन का निर्माण कराया गया है,  जिसमें 120 सीट बालिकाओं तथा 100 सीट बालकों के लिए बनाया गया है।
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सैनिकों के लिए मदद करे समाज - राज्यपाल श्री डेका

सशस्त्र सेना झण्डा दिवस के अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में राजभवन के दरबार हॉल में गौरवपूर्ण समारोह आयोजित किया गया। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने इस अवसर पर कहा कि सैनिक निस्वार्थ भाव से हमेशा देश की रक्षा के लिए तैयार रहते है और अपना जीवन देश सेवा के लिए लगाते है। समाज के हर वर्ग का कर्तव्य है कि उनके लिए मदद करें। उन्होंने आम जनता से अपील की कि अधिक से अधिक सहयोग देकर वीर जवानों के प्रति सम्मान व्यक्त करें। राज्यपाल ने सशस्त्र झण्डा दिवस निधि के लिए 2 लाख रूपए की सहयोग राशि राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड को प्रदान की।

      कार्यक्रम में राज्यपाल ने सभी शहीदों की वीर नारियों एवं माताओं, आश्रितों को सम्मान राशि 7 हजार 100 और शॉल भेंट कर सम्मानित किया। वीरता अलंकरण प्राप्त कर्ताओं और झण्डा दिवस के अवसर पर विशेष योगदान देने वाले दानदाताओं का सम्मान भी किया। राज्यपाल ने आंध्र प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा जारी स्नातक उपाधि 6 भूतपूर्व सैनिकों को प्रदान कर प्रोत्साहित किया।

      राज्यपाल श्री डेका ने अपने उद्बोधन के दौरान इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि झण्डा दिवस निधि से लगभग 27 महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजनाएं क्रियान्वित की जा रही है जिससे हम अपने भूतपूर्व सैनिकों की उचित तरीके से देखभाल करने में सक्षम होंगे। उन्होंने कहा कि नियमित और अनुशासित होना सफल जीवन के लिए आवश्यक है। उन्होंने महिला सशक्तिकरण का उदाहरण देते हुए कार्यक्रम में उपस्थित श्रीमती सुधा सक्सेना की सराहना की जो एक सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारी है और अपने पेंशन की राशि से प्रतिवर्ष झण्डा दिवस निधि में विशेष योगदान देती हैं। हमारे समाज में ऐसे असंख्य अदृश्य हीरो है जो समाज की निस्वार्थ सेवा करते है। उन्होंने कहा कि विकास के मॉडल में आम आदमी की भूमिका बढ़ानी होगी।

      उन्होंने भूतपूर्व सैनिकों से आग्रह किया कि वे नई टेक्नोलॉजी का उपयोग करें और खुद को लगातार अपग्रेड करते रहें। श्री डेका ने कहा कि सारा राष्ट्र सशस्त्र सेना एवं सैनिकों के परिवार साथ खड़ा है। सेवारत और सेवानिव्त्त सैनिकों एवं उनके आश्रितों के कल्याण हेतु हमेशा प्रयासरत रहेंगे।

      समारोह की शुरूआत में शहीद सैनिकों को पुष्पांजलि अर्पित की गई और दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। सशस्त्र सेना झण्डा दिवस का प्रतीक बैज लगाकर श्री डेका को सम्मानित किया गया। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कैप्टन अनिल कुमार शर्मा ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु के संदेश का वाचन किया। राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड के संचालक ब्रिगेडियर श्री विवेक शर्मा ने झण्डा दिवस निधि के महत्व पर एवं इस निधि से भूतपूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए किए जा रहे कार्याे की जानकारी दी।

      सशस्त्र सेना झण्डा दिवस में सबसे ज्यादा राशि एकत्रित करने के लिए कलेक्टर दुर्ग श्रीमती ऋचा प्रकाश चौधरी एवं जिला सैनिक कल्याण अधिकारी रायपुर कैप्टन श्री अनिल कुमार शर्मा को प्रथम पुरूस्कार एवं कलेक्टर रायपुर डॉ. गौरव कुमार सिंह एवं सैनिक कल्याण अधिकारी दुर्ग ग्रुप कैप्टन श्री प्रवीण कुमार धोबले को द्वितीय पुरूस्कार एवं राज्यपाल ट्रॉफी प्रदान की गई।

      इस अवसर पर राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड के ब्रोशर संक्षेपिका-2024 का भी विमोचन किया गया। एन.सी.सी. कैडेटों ने ओजपूर्ण देश भक्ति गीत प्रस्तुत किये। कार्यक्रम में गृह विभाग की सचिव श्रीमती नेहा चम्पावत, राज्यपाल के विधिक सलाहकार श्री भीष्म प्रसाद पाण्डेय, मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) श्री संजय शर्मा, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) एवं एम्स के निदेशक श्री अशोक जिंदल, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी, सेवारत् तथा भूतपूर्व सैनिक एवं उनके परिजन उपस्थित थे।

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धान खरीदी की परेशानियों को लेकर 10 दिसंबर को कांग्रेस का प्रदेशव्यापी, ब्लाक स्तरीय धरना-दीपक बैज, अध्यक्ष, प्रदेश कांग्रेस

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुये कहा कि धान बेचने में किसानों को हो रही परेशानी तथा सरकार के किसान विरोधी रवैये के विरोध में कांग्रेस पार्टी 10 दिसंबर को प्रदेश के सभी ब्लॉकों में धरना प्रदर्शन करेगी। पूरे प्रदेश में कांग्रेस ने धान खरीदी केन्द्र चलो अभियान चलाया। जिसमें हमारे सभी नेता पदाधिकारी धान खरीदी केन्द्रों में गये मैं भी चार सोसायटी गया। पूरे प्रदेश में धान खरीदी केन्द्रों में अव्यवस्था किसान परेशान है। सरकार की कोशिश है कम से कम धान खरीदी की जाये। सोसायटियों में हमारे नेताओं ने देखा कि बारदाने की कमी है, जिससे किसानों को धान बेचने में परेशान होना पड़ रहा। सरकार ने कहा है कि 50 प्रतिशत नये, 50 प्रतिशत पुराने बारदानों का उपयोग किया जाये। 50 प्रतिशत पुराने बारदाने समितियों में पहुंचे ही नहीं है, जिसके कारण धान खरीदी बाधित हो रही है। पुराने बारदाने फटे हुये है जिसमें धान भरा ही नहीं जा सकता, किसानों से कहा जा रहा 50 प्रतिशत बारदानो की व्यवस्था स्वंय करो उसका भुगतान किया जायेगा, लेकिन किसानो के बारदाने का पैसा भी नहीं मिल रहा। टोकन की व्यवस्था अव्यवहारिक है, जिससे किसानों को परेशान होना पड़ रहा, नंबर ही नहीं आ रहा। टोकन कटने की तारीख से 7 से 10 दिन बाद धान बेचने के लिये किसानों को बुलाया जा रहा है। 15 दिन बाद तक का भी टोकन नहीं मिल रहा। इलेक्ट्रॉनिक कांटा में जो तौलाई हो रहा है उसमें 1.5 किलोग्राम से 2.5 किलोग्राम अधिक तौला जा रहा है। सोसायटियों में धान का उठाव नहीं होने के कारण जगह की कमी है। धान के बोरे जाम है। जगह का अभाव हो गया है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि अनावरी रिपोर्ट कम बनाई गयी है तथा खरीदी भी 21 क्विंटल के हिसाब से नहीं हो रही है। किसानों से पूरा धान नहीं खरीदा जा रहा है। अनावरी रिपोर्ट गलत बनाया जा रहा जिसके आधार पर मात्र 9 से 12-14 क्विंटल धान खरीदा जा रहा। किसानो से पूरा 21 क्विंटल धान नहीं खरीदा जा रहा है। बड़े किसान अपनी बारी का इंतजार कर रहे उनकी बारी ही नहीं आ रही है। सरकार ने यह घोषणा किया है कि 72 घंटे में किसानों के खाते में पैसा आयेगा, लेकिन जो लोग धान बेच चुके है, उनके खाते के रकम हफ्तो तक नहीं आया है, जो रकम आ रहा है वह एक मुश्त 3100 नहीं है। सिर्फ 2300 रू. प्रति क्विंटल ही आ रहा है। (जो समर्थन मूल्य है उतना) भाजपा ने 3100 रू. एक मुश्त देने का वादा किया था।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि हमारी मांग है धान की कीमत का भुगतान 3217  रू. में करें क्योंकि 3100 रू. भाजपा ने अपने चुनावी वायदे में कहा था। इस वर्ष केन्द्र सरकार ने धान का समर्थन मूल्य 117 रू. बढ़ा दिया है। इस कारण इस वर्ष धान की खरीदी 3100 रू. से बढ़ाकर 3217 रू. किया जाये। कांग्रेस के समय भी कांग्रेस ने धान का समर्थन मूल्य 2500 देने का वादा किया था, लेकिन समर्थन मूल्य बढ़ने पर कांग्रेस ने 2640 रू. में धान खरीदी किया था।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि बीज उत्पादक किसानों से सोसायटी में धान नहीं खरीदा जा रहा। सोसायटी में सूचना चस्पा किया गया है कि बीज उत्पादक किसानों का धान नहीं लिया जायेगा। सोसायटी से धान संग्रहण केंद्रों में भेजा जा रहा है जबकि यह सीधे मिलरों के पास जाना चाहिये। इस कारण सोसायटी में संग्रहण केंद्रों के बीच परिवहन की लागत अतिरिक्त आ रही है। लेवर चार्ज बढ़ गया इसमें भ्रष्टाचार किया जा रहा है। पिछले वर्ष का सुखत का पैसा सोसायटियों को अभी तक नहीं दिया गया।

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धनेन्द्र साहू ने कहा कि धान खरीदी में टोकन की व्यवस्था पर कांग्रेस पार्टी ने लगातार आवाज उठाने के बाद सरकार ने 60-40 प्रतिशत आदेश दिया है। ऐप में देखा कि 15 जनवरी तक टोकन 60 प्रतिशत तक भरा हुआ है जबकि 31 जनवरी आखिरी तारीख है। बड़े किसान और मध्यम किसान धान नहीं बेच पाये है। ऑफलाइन में भ्रष्टाचार होते है इसको कम करने के लिये हमारी कांग्रेस की सरकार ने बंद किया था। प्रतिदिन धान खरीदी की लिमिट बढ़ाई जाये। टोकन व्यवस्था को ठीक किया जाये। धान खरीदी की तारीख 15 दिन बढ़ायी जाये, तब सभी किसान धान बेच पायेंगे।

पूर्व मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि सबसे पहले प्रदेश अध्यक्ष को बधाई देता हूं कि कांग्रेस नेताओं को धान खरीदी केंद्रों में जाकर वहां की व्यवस्था तथा किसान की समस्या से अवगत हो सके। अभी 23-24 दिन धान खरीदी शुरू हुआ है। सरकार की सांसे क्यों फूलने लगी है? 160 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य रखा है और 40 लाख करोड़ की राशि किसानों देने है। मीडिया और अखबारों से पता चला है कि 1 तिहाई निकल गया है और 6600 करोड़ का धान खरीदी हुआ है। इसी गति से धान खरीदी होती रही तो 160 लाख मीट्रिक टन कैसे खरीदेगी, सबसे बड़ा प्रश्न चिन्ह है? कांग्रेस पार्टी इससे चिंतित है। हमारी कांग्रेस की सरकार ने 135 लाख मीट्रिक टन खरीदी किया था। कांग्रेस की सरकार ने अपने दम पर सारी व्यवस्था की थी। साय सरकार में 20 दिन में बारदाना की पूर्ति नहीं कर पा रही है। टोकन नहीं दे पा रहे है। धान उठाव नहीं हो पा रहा है। इलेक्ट्रॉनिक मशीन में परेशानी आ रही है। प्रायमरी सोसायटी में लिमिट या ज्यादा धान आता है तो तौल कांटा बढ़ाते नहीं है। खरीदी का लिमिट तय कर दिया है। धान खरीदी का लक्ष्य कैसे पूरा करेंगे? राइस मिलर्स से बारदाने के समझौते के बाद शुरू हुआ। साय सरकार ने अपने घोषणा पत्र में ग्राम पंचायत में एकमुश्त भुगतान करने की मोदी की गारंटी कहा था। सरकार की तरफ से पहले से जानकारी आना था लेकिन अभी तक नहीं आया है। कांग्रेस की सरकार ने पहले से ही अतिरिक्त राशि देने का तय किया तो राजीव गांधी न्याय योजना के माध्यम से किसानों को देने की दिन और तारीख तय कर लिया जाता था। उसी दिन उसी तारीख पर किसानों को अतिरिक्त राशि मिल जाती थी। साय सरकार को धान खरीदी अव्यवस्था को सुधारा जाना चाहिये। 20 दिन में सरकार थक गई है।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता सत्यनारायण शर्मा ने कहा कि धान खरीदने के बाद दोबारा धान की तौलाई करते है तो तौल में ज्यादा धान लेने की शिकायत आई है। किसानों को 10 हजार देने की बात कही है, अगर किसानों के खाते में पैसा आ जायेगा तो वो एटीएम से कभी भी निकाल सकते है। लिफ्टिंग तुरंत होना चाहिये। राईस मिलर्स को संग्रहण केंद्र में क्वालिटी का चयन करने में परेशानी होगी। ये जो बाते है गंभीरता से सरकार को करना चाहिये। 3100 में धान खरीदने की भाजपा घोषणा पत्र में उल्लेख है एकमुश्त भुगतान होना चाहिये।

 

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विकसित छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं का होगा अहम योगदानः मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रायपुर के एम्स आडिटोरियम में रिमोट का बटन दबाकर 100 दिनों तक चलने वाले राज्य स्तरीय निक्षय निरामय छत्तीसगढ़ अभियान की शुरूआत की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रिमोट का बटन दबाकर निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को प्रतिमाह दी जाने वाली 1 हजार रूपए की राशि के आनलाइन ट्रांसफर करने की भी शुरूआत की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों को निक्षय निरामय की शपथ भी दिलाई। निक्षय निरामय छत्तीसगढ़ कार्यक्रम के अंतर्गत अगले 100 दिनों तक राज्य में टीबी, कुष्ठ और मलेरिया के मरीजों की पहचान की जाएगी और उनका उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। योजना में राज्य के वृद्धजनों का भी स्वास्थ्य जांच और उपचार शामिल है।


इस मौके पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि विकसित भारत के साथ ही साल 2047 तक छत्तीसगढ़ को भी विकसित राज्य बनाने के लक्ष्य रखा गया है और इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं का अहम योगदान होगा। उन्होंने कहा कि 13 दिसंबर को हमारी सरकार के कार्यकाल का पहला वर्ष पूरा हो रहा है। बीते 12 महीनों में हमने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाओं के विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। स्वास्थ्य और शिक्षा, ये दो ऐसे विषय हैं जो सीधे-सीधे राज्य और राष्ट्र के विकास से जुड़े हुए हैं। जब हर नागरिक का स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, उन्हें अच्छी शिक्षा मिलेगी, तो वे राष्ट्र के विकास में अपना अधिकतम योगदान दे पाएंगे। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले के साथ ही सभी चिकित्सकों ने भी प्रदेश में चलाए जा रहे स्वास्थ्य अभियानों में हमेशा तत्परता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया है। अनेक दुर्गम क्षेत्रों में आवागमन के साधनों की कमी होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग के अमले ने अंदरुनी गांवों तक अपनी सेवाएं पहुंचाईं हैं। हमारे डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों ने अनेक दुर्गम गांवों तक पहुंचने के लिए लंबी-लंबी पदयात्राएं कीं, नदी-नालों को भी पार किया है। उन्होंने कहा कि वास्तव में आप लोगों का यह जज्बा सेना के किसी जवान के जज्बे से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि टीबी, कुष्ठ और मलेरिया जैसी बीमारियों से मुक्ति दिलाने के लक्ष्य को हासिल करने में निक्षय निरामय छत्तीसगढ़ अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य निरामय छत्तीसगढ़ की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं में लगातार विस्तार किया जा रहा है। इसके लिए सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों की शुरूआत की जा रही है, मेकाहारा जैसे बड़े अस्पतालों पर मरीजों का दबाव कम करने के लिए नए अस्पताल भवन तैयार किए जा रहे हैं और चिकित्सकों की लगातार भर्ती की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर नया कीर्तिमान स्थापित हो रहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं के सुधार के लिए मैदानी अमलों, विशेषकर मितानिन बहनों की प्रशंसा करते हुए उन्हें साधुवाद दिया। स्वास्थ्य मंत्री ने इस अवसर पर निक्षय पोषण योजना के हितग्राहियों को आनलाइन डीबीटी के जरिए राशि प्रदान करने की शुरूआत करने के लिए धन्यवाद दिया।

निक्षय निरामय छत्तीसगढ़ अभियान कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने हाथों से  हितग्राहियों को पोषण आहार, हियरिंग एड, वाकर और वाकिंग स्टिक प्रदान किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और मितानिन बहनों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर आरंग विधायक श्री खुशवंत साहेब, रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी, स्वास्थ्य विभाग  की विशेष सचिव सुश्री प्रियंका शुक्ला एवं एमडी एनएचएम श्री विजय दयाराम के. भी उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मोबाइल मेडिकल यूनिट व प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के ऐम्स परिसर में "निक्षय निरामय छत्तीसगढ़"  100 दिवसीय जांच व उपचार अभियान के दौरान लोगों में जागरूकता व टीबी जांच हेतु संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट व प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इनमें रायपुर, दुर्ग एवं बिलासपुर संभाग के लिए एक एक वाहन शामिल हैं। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल उपस्थित थे। 


मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा अभियान के दौरान चिन्हाकित किये गए जोखिम समूहों की टीबी हेतु स्पॉट स्क्रीनिंग की जाएगी जिससे संदेहास्पद टीबी मरीजों का स्पॉट पर ही टीबी रोग का पता लगाया जा सकेगा । मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा ए.आई. तकनीक से हैंड हेल्ड एक्स रे , CY-टीबी जांच व  16 चैनल वाले ट्रूनाट मशीन से टीबी के संभावित मरीजों की तुरंत एक्स रे द्वारा जांच एवं उपचार किया जाएगा ।
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बस्तर के तोकापाल की सुश्री बबीता नाग ने मुख्यमंत्री को बांधा निरामय सूत्र

एम्स रायपुर के आडिटोरियम में आज निक्षय निरामय छत्तीसगढ़ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम अंतर्गत 100 दिनों तक टीबी, मलेरिया एवं कुष्ठ रोगियों की पहचान की जाएगी तथा उनका उपचार किया जाएगा। कार्यक्रम के अंतर्गत ऐसे लोगों का भी सम्मान किया गया जिन्होंने टीबी और कुष्ठ जैसी बीमारियों से लड़ाई लड़ी और आज स्वस्थ जीवन का आनंद उठा रहे हैं। इन्हीं मे से एक हैं बस्तर के तोकापाल की रहने वाली बबीता नाग जो कुछ समय पहले तक टीबी के रोग से पीड़ित थीं। इन्होंने सरकारी अस्पताल में अपनी जांच करायी और शासन की योजनाओं का लाभ लेते हुए समय पर दवाइयों और पोषण आहार का सेवन किया। इसकी वजह से बबीता आज पूरी तरह स्वस्थ हैं। बबीता ने अपने स्वस्थ होने का श्रेय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को दिया है जिनकी पहल की वजह से वो टीबी जैसी बीमारी के प्रति जागरूक हो सकीं और समय पर अपना इलाज कराया। मुख्यमंत्री श्री साय को धन्यवाद देने के लिए बबीता आज निक्षय निरामय छत्तीसगढ़ कार्यक्रम में उपस्थित थीं। उन्होने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को अपने हाथों से निक्षय निरामय सूत्र बांधा और प्रदेश में स्वास्थ्य संवर्धन के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों के लिए  आभार प्रकट किया।

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छत्तीसगढ़ में बस यात्रियों को घर बैठे मिलेगी बस की समय सारणी और बस रूट की जानकारी

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज छत्तीसगढ़ राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में सुशासन की अवधारणा पर अमल करते हुए यात्रियों की यात्रा को सुगम और सरल बनाने के लिए  ’बस संगवारी एप’ लॉन्च किया। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि बस संगवारी एप बस यात्रियों, विशेष रूप से दूरस्थ अंचलों के यात्रियों के लिए काफी सुविधाजनक होगा। निकट भविष्य में इस एप के माध्यम से अंतर्राज्यीय बसों के परिवहन और बसों के रियल टाइम ट्रेकिंग की सुविधा भी उपलब्ध होगी। अभी यात्रियों को बस की टाइमिंग पता करने के लिए बस स्टैण्ड या बस स्टॉप पर जाना पड़ता है। लोगों की इस परेशानी का समाधान इस एप के जरिए मिल सकेगा। 
 
परिवहन विभाग के सचिव श्री एस. प्रकाश ने बस संगवारी एप के संचालन के बारे में मुख्यमंत्री साय को विस्तार से जानकारी दी। 
 
छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग द्वारा तैयार कराए गए इस एप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकेगा। इस एप के माध्यम से यात्रियों के लिए सार्वजनिक परिवहन सुविधाजनक होगा। इस एप में वर्तमान में 5 हजार से अधिक बसों को शामिल किया गया है, जो विभिन्न रूट में संचालित हैं। जल्द ही अंतर्राज्यीय बसों के संचालन की जानकारी भी इस एप के माध्यम से मिल सकेगी। बसों में जीपीएस सिस्टम लगाया जा रहा है। बस संगवारी एप को जीपीएस के साथ एकीकृत किया जा रहा है, जिससे बसों की लाइव ट्रेकिंग भी की जा सकेगी। 
 
बैठक में मुख्य सचिव  अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, बसव राजू एस. और  राहुल भगत, परिवहन विभाग के सचिव एस. प्रकाश, आबकारी सचिव  आर. संगीता, एडीजी ट्रेफिक प्रदीप गुप्ता, अपर परिवहन आयुक्त  डी. रविशंकर उपस्थित थे। बैठक में सभी संभागों के आयुक्त एवं पुलिस महानिरीक्षक वर्चुअली शामिल हुए। अंतर्विभागीय लीड एजेंसी के अध्यक्ष एवं एआईजी ट्रेफिक संजय शर्मा ने बैठक में प्रेजेंटेशन दिया।
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भरतपुर के ग्राम कैसोड़ा एवं ग्राम रूसनी में 2000 बोरी अवैध धान जब्त

 विगत 19 नवम्बर 2024 को भरतपुर में एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई। जिसमें अनुविभागीय अधिकारी (रा.) के निर्देश पर तहसीलदार और खाद्य निरीक्षक की संयुक्त टीम ने ग्राम भगवानपुर स्थित अंकुर सिंह के गोदाम से 2000 बोरी धान जप्त की। प्रारंभ में बताया गया कि यह धान पिछले वर्ष की खेती की विक्रय के बाद की अतिशेष मात्रा है, लेकिन इसका विश्लेषण करने पर यह पाया गया कि यह धान नया है। जांच के दौरान पता चला कि यह धान मध्य प्रदेश से अवैध रूप से लाया गया था।

आगे पूछताछ में यह सामने आया कि व्यापारी अंकुर सिंह ने ग्राम पंचायत कैसोड़ा और ग्राम रुसनी के किसानों से धान खरीदी थी। इन किसानों को कमीशन का वादा किया गया था, लेकिन न तो उन्हें कमीशन दिया गया और न ही उनके बैंक खाते, पासबुक और एटीएम कार्ड लौटाए गए। इसके अलावा, यह धान अवैध रूप से इन किसानों के पंजीकरण का उपयोग करके बेचने की कोशिश की जा रही थी।

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कृषि विश्वविद्यालय के स्टार्टअप के उत्पाद जापान और अन्य एशियाई देशों में बिकेंगे

 इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में संचालित एग्री बिजनेस इन्क्यूबेशन सेन्टर, (राबी) के स्टार्टअप ‘‘उर्वरक इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड’’ एवं ‘‘कोनोइके ग्रुप, जापान’’ के बीच आज यहां एक एम.ओ.यू. हस्ताक्षर समारोह का आयोजन किया गया। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल की उपस्थिति में उर्वरक इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक अनिल पासरी एवं कोनोइके ग्रुप के महाप्रबंधक कात्सुफुमि ओत्सुकी ने एम.ओ.यू. में हस्ताक्षर किये। इस अवसर पर कोनोइके ग्रुप सीनियर बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर हीरोशी सोएजिमा, कार्यकारी अधिकारी तोशिहिरो फुजिवारा और उनकी टीम सहित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के संचालक एवं निदेशकगण तथा कृषि महाविद्यालय, रायपुर के अधिष्ठाता एवं एग्री बिजनेस इन्क्यूबेशन सेन्टर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. हुलास पाठक एवं उद्योगपति उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि इस अनुबंध के तहत छत्तीसगढ़ के स्टार्टअप ‘‘उर्वरक इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड’’ द्वारा उत्पादित ‘‘सॉइल कंडीशनर’’ एवं अन्य उत्पादों को जापान और अन्य उपमहाद्वीपों के देशों में विक्रय किया जा सकेगा। उर्वरक इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा स्टील स्लैग से एक अभिनव उत्पाद, “सॉइल कंडीशनर“ विकसित किया है, जिसमें 13 प्रमुख सूक्ष्म पोषक तत्व हैं। यह उत्पाद फसल उत्पादन में वृद्धि करता है और किसानों की आय को बढ़ाता है। एमओयू समारोह को संबोधित करते हुए कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने स्टार्टअप को बधाई दी और जापानी प्रतिनिधियों के साथ इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के स्टार्टअप इकोसिस्टम को साझा किया।

 

उन्होंने भविष्य में और अन्य स्टार्टअप्स के साथ साझेदारी करने का स्वागत किया, ताकि वैश्विक स्तर पर विकास हो सके। कोनोइके ग्रुप के महाप्रबंधक कात्सुफुमि ओत्सुकी ने अपने संबोधन में अपनी लॉजिस्टिक्स कंपनी और जापान में इस उत्पाद को बाजार में लाने की रणनीतियों पर चर्चा की। उन्होंने जापान की औद्योगिक संस्कृति और वहां के औद्योगिक क्षेत्र के जीडीपी में योगदान के बारे में बताया। इस अवसर पर आई.जी.के.वी. राबी, रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. हुलास पाठक ने स्टार्टअप को बधाई दी और सभी गणमान्य अतिथियों को संबोधित किया।

उन्होंने कृषि व्यवसाय में नवाचार को मजबूत करने और अर्थव्यवस्था में इसके योगदान में इनक्यूबेशन केंद्र की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि प्ळज्ञट के इनक्यूबेशन केंद्र ने 300 प्रारंभिक चरण के स्टार्टअप्स को इनक्यूबेट किया है, जिनमें से 119 स्टार्टअप्स को 13.28 करोड़ रुपये की ग्रांट-इन-एड सहायता के लिए अनुशंसित किया गया है। इन स्टार्टअप्स ने 10 लाख से अधिक किसानों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाला है।

 
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बारनवापारा वनक्षेत्र से रेस्क्यू बाघ को आज वन विभाग ने तमोर पिंगला टायगर रिजर्व में छोड़ा

कसडोल नगर के पारस नगर सेक्टर से रेस्क्यू किए गए नर बाघ की दहाड़ अब गुरू घासीदास-तमोर पिंगला टायगर रिजर्व में गूंजेगी। वन विभाग के अधिकारियों द्वारा रेस्क्यू बाघ किए गए इस बाघ को आज सुरक्षित तरीके से गुरूघासीदास-तमोर पिंगला टायगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में छोड़ दिया गया। गुरू घासीदास तमोर पिंगला छत्तीसगढ़ का नया टायगर रिजर्व है। 
 
उल्लेखनीय है कि बलौदाबाजार वनमंडल के कसडोल तहसील में बीते 8 माह से बारनवापारा वन क्षेत्र में विचरण कर रहे एक नर बाघ के कसडोल तहसील के ग्राम कोट पहुंच जाने की सूचना वन विभाग को मिली थी। वन विभाग का अमला आवश्यक रेस्क्यू सामग्री तथा वन्यप्राणी चिकित्सा अधिकारियों सहित मौके पर तत्काल पहुंचकर कसडोल नगर के पारस नगर सेक्टर से उक्त बाघ को रेस्क्यू किया था। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) के निर्देश पर उक्त नर बाघ को आज प्रातः 8 बजे नवगठित गुरू घासीदास-तमोर पिंगला टायगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया। 
 
इस अवसर पर मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) एवं क्षेत्र संचालक उदंती सीतानदी टायगर रिजर्व रायपुर, वन संरक्षक (वन्यप्राणी) क्षेत्र संचालक, एलीफेंट रिजर्व सरगुजा, संचालक गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान बैकुण्ठपुर, उप निदेशक एलीफेंट रिजर्व सरगुजा, कानन पेंडारी-जू के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. पी. के चंदन, गुरु घासीदास तमोर पिंगला टायगर रिजर्व के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजीत पाण्डेय, सहायक संचालक गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान बैकुण्ठपुर, अधीक्षक तमोर पिंगला अभ्यारण्य, अधीक्षक सेमरसोत अभ्यारण्य, क्षेत्रीय अधिकारी-कर्मचारी एवं छत्तीसगढ़ राज्य वन्यजीव बोर्ड के सदस्य श्री गौरव निहलानी उपस्थित रहे।
 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह हर्ष का विषय है कि वन विभाग के अधिकारियों द्वारा रेस्क्यू किए गए बाघ को आज सुरक्षित तरीके से गुरूघासीदास-तमोर पिंगला टायगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में छोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में बाघों के संरक्षण और संवर्धन के लिए ही भारत सरकार की ओर से ‘गुरू घासीदास-तमोर पिंगला टायगर रिजर्व‘ के रूप में एक नया टायगर रिजर्व घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि टायगर रिजर्व देश का 56वां टायगर रिजर्व है। छत्तीसगढ़ सरकार ने राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की सलाह पर छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया, सूरजपुर और बलरामपुर जिलों में गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व को अधिसूचित किया। कुल 2829.38 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस बाघ अभयारण्य में 2049.2 वर्ग किलोमीटर का कोर/ क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट शामिल है, जिसमें गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान और तमोर पिंगला वन्यजीव अभयारण्य शामिल हैं। आंध्र प्रदेश के नागार्जुनसागर-श्रीशैलम टाइगर रिजर्व और असम के मानस टाइगर रिजर्व के बाद देश का तीसरा सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है।
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मुख्यमंत्री ने कहा - ट्रेन से यात्रा का आनंद ही अलग होता है

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अब ट्रेन से भी प्रदेश के विविध क्षेत्रों का दौरा करेंगे। यह निर्णय साय ने उस वक्त अचानक लिया जब बिलासपुर में आयोजित कवि सम्मेलन में शामिल होने के लिए बिलासपुर जाने की तैयारियों की बात चली।
 
    मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रेन यात्रा मेरे लिए नई नहीं है। विधायक एवं सांसद रहते हुए मैने अनेक बार ट्रेन यात्रा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रेन से यात्रा करने का आनंद यह है कि बहुत से नए लोगों से परिचय होता है, उनसे आत्मीय मुलाकात होती है और ऐसा लगता है कि बहुत बड़े परिवार के साथ यात्रा पर जा रहे हों। 
 
  साय आज शाम अमरकंटक एक्सप्रेस से रायपुर से बिलासपुर के लिए रवाना हुए। वे मुख्यमंत्री निवास से कार द्वारा रेल्वे स्टेशन पहुंचे। वहां बिना विशेष ताम झाम के प्लेटफार्म तक पहुंच गए। मुख्यमंत्री को अचानक प्लेटफार्म पर देखकर लोगों की खुशियों का ठिकाना न रहा। उन्होंने उत्साह के साथ मुख्यमंत्री का अभिवादन किया, साय ने भी गर्मजोशी से उनसे मुलाकात कर बातचीत की।
 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि ट्रेन की यात्राएं हमेशा खास होती है। रेल यात्राओं की आम भारतीय के जीवन में खास जगह है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज अमरकंटक एक्सप्रेस से रायपुर से बिलासपुर की यात्रा को लेकर खासे उत्सुक दिखे। वे प्लेटफार्म पर बैटरी चलित कार छोड़ आम यात्रियों की तरह प्लेटफॉर्म पर पैदल चले और ट्रेन से अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए। उन्होंने आम यात्री की तरह मूंगफली खाते हुए देशी अंदाज में कहा कि इसके बिना भारतीयों की रेल यात्रा पूरी नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि ट्रेन सार्वजनिक संपत्ति है और ट्रेन की स्वच्छता का ध्यान रखना चाहिए। साथ ही   यात्रियों को जागरूकता का परिचय देते हुए ट्रेन में खाने के बाद मूंगफली के छिलके इधर उधर नहीं फेंकने चाहिए जिससे अन्य यात्रियों को परेशानी न हो। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा मैंने ट्रेन से खूब यात्राएं की है और यात्रियों के साथ उन्होंने इससे जुड़े कुछ मजेदार किस्से और अनुभव भी साझा किए। 
 
          मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के साथ इस यात्रा के दौरान रेलवे के अधिकारी भी मौजूद रहे। उन्होंने रेलवे में हुए नवाचार और यात्री सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के शासनकाल में रेलवे की सुविधाएं बेहतर हुई है। यात्री सुविधाएं बढ़ी हैं और लगातार इसका विस्तार भी हो रहा है। छत्तीसगढ़ को भी इसका लाभ मिला है और यहां रेलवे से जुड़ी आधारभूत संरचनाएं बढ़ी है। उन्होंने कहा कि हमारे देश में रेल यात्राओं के बिना आम आदमी का सफर पूरा नहीं होता है और हमारी डबल इंजन की सरकार इस पूरी व्यवस्था को बेहतर करने में जुटी हुई है।  
 
      इस मौके पर विधायक अनुज शर्मा, भैयालाल राजवाड़े और गुरु खुशवंत साहेब भी यात्रा के दौरान उनके साथ उपस्थित थे।
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किसानों में भ्रम फैलाने वालों के विरूद्ध की जाएगी सख्त कार्यवाही

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि मोदी जी की गारंटी के अनुरूप इस वर्ष भी किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान के मान से ही धान खरीदी की जा रही है। किसानों को इस मामले को लेकर किसी प्रकार का भ्रम नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में भ्रम फैलाने वालों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी।
 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि धान खरीदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ प्रदेश के पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कर रही है। किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए उपार्जन केन्द्रों के माईक्रोएटीएम से 2000 रूपए से लेकर 10 हजार रूपए तक की राशि निकालने की सुविधा भी दी गई है। इससे किसानों को धान बेचने परिवहन के लिए किराये पर लिए गए ट्रैक्टर, मेटाडोर आदि का भाड़ा और हमाली मजदूरी का भुगतान करने में सुविधा होगी।
 
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में अनवरत धान खरीदी का सिलसिला जारी है। 14 नवंबर से शुरू हुई धान खरीदी अभियान 31 जनवरी 2025 तक चलेगा। खरीफ वर्ष के लिए 27.68 लाख किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है। इसमें 1.45 लाख नए किसान शामिल है। इस वर्ष 2739 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से 160 लाख मिट्रिक धान खरीदी अनुमानित है। सभी उपार्जन केन्द्रों में बायोमैट्रिक डिवाईस के माध्यम से धान उपार्जन की व्यवस्था की गई है। छोटे, सीमांत और बडे़ कृषकों के द्वारा उपजाये गए धान को निर्धारित समर्थन मूल्य में खरीदा जाएगा। उन्होंने कहा कि  सभी खरीदी केन्द्रों में पर्याप्त बारदाने की व्यवस्था से लेकर छांव, पानी आदि की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली गई है। धान उपार्जन केन्द्रों में शिकायत एवं निवारण के लिये हेल्प लाइन नंबर भी चस्पा कर दिये गये हैं। 
राज्य के सीमावर्ती क्षेत्र में विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है एवं चेक पोस्ट की स्थापना की गई है। राज्य स्तर पर अलग अलग जिलों के लिए राज्य स्तरीय वरिष्ठ अधिकारियों की जांच टीम बनाई गई है, जो लगातार जिले में हो रही धान खरीदी की मानिटरिंग कर रहे हैं।
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मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ के शपथ ग्रहण समारोह में हुए शामिल

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कहा छत्तीसगढ़ का अनुसूचित जनजाति समाज हमारी सांस्कृतिक धरोहर, परंपराओं और मूल्यों का संवाहक है। मुख्यमंत्री ने लोकसंस्कृति पर केंद्रित श्री डुमन लाल ध्रुव की किताब ‘‘लोक जीवन के बदलते संदर्भ‘‘ और छत्तीसगढ़ी कहानियों के संग्रह ‘‘मन के पाखी‘‘ का विमोचन किया। 
 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जनजाति समाज के विकास और उत्थान के लिए राज्य शासन के प्रयासों के साथ-साथ आप सभी की सहभागिता और समर्पण महत्वपूर्ण है। जनजातीय समाज के कल्याण के लिए यह स्वर्णिम समय है। राज्य और केन्द्र सरकार ने जनजातीय समाज के उत्थान को अपनी सर्वाेच्च प्राथमिकता में रखा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने जनजातीय समाज के उत्थान के लिए जो योजनाएं, नीतियां और कार्यक्रम बनाए हैं, उन्हें सफ़ल करने का दायित्व आपका भी है। हम सभी का सौभाग्य है कि हमें यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का मजबूत नेतृत्व मिला है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं एक बात आपसे विशेष रूप से कहना चाहता हूं कि हमारी-आपकी प्राथमिकता भले ही जनजातीय समाज है, लेकिन हम और आप प्रदेश के सभी नागरिकों के विकास के लिए जिम्मेदार हैं। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास हमारा ध्येय होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का यह शपथ समारोह यह बताता है कि आप सभी एकजुट होकर प्रदेश को एक नई दिशा देने के लिए तैयार हैं। प्रदेश के और खासकर जनजातीय समुदायों के विकास के लिए सरकार के प्रयासों के साथ-साथ आप जैसे कर्मठ सेवकों का योगदान बेहद महत्वपूर्ण है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में आपका कार्य समाज को प्रेरणा देता है। मुझे विश्वास है कि आपकी सेवाओं के माध्यम से हमारे प्रदेश का हर कोना विकास और समृद्धि की ओर अग्रसर होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं इस मंच से यह कहना चाहता हूँ कि हमारी सरकार आपकी हर सकारात्मक पहल में आपका साथ देगी। हम सब मिलकर छत्तीसगढ़ को एक सशक्त, आत्मनिर्भर और समावेशी प्रदेश बनाएंगे। आशा करता हूँ कि आपके प्रयास प्रदेश के हर नागरिक के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएंगे।
 
छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ के प्रांताध्यक्ष आर. एन. ध्रुव ने अपने सम्बोधन में समाज की विभिन्न मांगों से अतिथियों को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने उनकी मांगों पर विचार कर उचित निर्णय का आश्वासन दिया। 
 
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, पूर्व संसदीय सचिव शिशुपाल सोरी, समाज के पूर्व प्रांताध्यक्ष सरजियस मिंज, प्रांताध्यक्ष आर. एन. ध्रुव, आर ठाकुर, बी. एल. ध्रुव सहित छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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