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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पुलिस जवानों के साथ सुनी मन की बात

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज पुलिस मैस रायपुर में पुलिस जवानों के साथ मन की बात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन सुना। प्रधानमंत्री जी ने मन की बात में बताया कि ओमन में भारतीय मूल के लोग किस तरह अपनी संस्कृति को सहेज कर रखे हैं। स्लोवाकिया में भारतीय उपनिषद का हिंदी में अनुवाद किया गया है। श्री मोदी ने यह भी बताया कि एक पेड़ मां के नाम अभियान का असर विदेशों में भी है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से मोदी जी के एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पेड़ लगाने और गौरैया के संरक्षण का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कार्यक्रम में डिजिटल अरेस्ट के संबंध में भी प्रधानमंत्री जी ने लोगों को जागरूक किया।
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मन की बात के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर माह देशवासियों से रूबरू होते हैं और नई-नई जानकारियां साझा करते हैं। नवाचारों के बारे में भी बात करते हैं जिनका फायदा देश को होता है।
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युवाओं में राष्ट्रप्रेम एवं अनुशासन की भावना को जागृत करता है एनसीसी- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउण्ड में आयोजित 76वें एनसीसी दिवस समारोह में शामिल हुए। एनसीसी दिवस समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि एनसीसी युवाओं में राष्ट्रप्रेम और अनुशासन की भावना को जगाता है और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करता है। मुख्यमंत्री ने एनसीसी कैडेट्स की परेड की सलामी ली। एनसीसी दिवस कार्यक्रम में एनसीसी के छात्र-छात्राओं द्वारा मार्च पास्ट, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनोहारी प्रस्तुति के साथ ही हार्स राइडिंग, एरो मॉडलिंग, सेक्शन मूवमेंट, सीमा फोर जैसे प्रदर्शन किये गए। मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले केडेट्स को पुरस्कृत किया। साथ ही 76वें एनसीसी दिवस समारोह के मौके पर प्रकाशित पुस्तक का विमोचन किया।  
 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी को 76वें एनसीसी दिवस की बहुत-बहुत बधाई देते हुए कहा कि आज एक बार फिर मुझे आप लोगों के बीच आने का अवसर मिला है। आप लोगों के बीच जब भी आता हूं, नई ऊर्जा से भर जाता हूं। आज आप लोगों ने एनसीसी दिवस पर शानदार परेड मार्च किया, एरो मॉडलिंग प्रदर्शन किया, घुड़सवारी का प्रदर्शन किया और सेक्शन अटैक का प्रदर्शन किया। आप लोगों के प्रदर्शन से मैं भी जोश से भर गया हूं। 
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मुझे अच्छी तरह याद है कि नई दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होकर जब हमारे कैडेट लौटे थे, तब भी आप लोगों से मुलाकात हुई थी। गणतंत्र दिवस के मौके पर नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर छत्तीसगढ़ के एनसीसी कैडेटों को परेड करते हुए देखना बड़ा ही सुखद होता है। 
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे कैडेट भारत के विभिन्न राज्यों से आए एनसीसी कैडेटों के साथ कदम से कदम मिलाते हुए जब तिरंगे को सलामी देते हैं तो प्रत्येक छत्तीसगढ़िया गर्व से भर उठता है। हमारे देश की यही खूबसूरती है। अलग-अलग भाषा और अलग-अलग क्षेत्रों के होने के बावजूद हम सभी में राष्ट्रप्रेम की भावना कूट कूट कर भरी हुई है।  एनसीसी इसी राष्ट्र प्रेम को सींचता है, राष्ट्रीय एकता को मजबूत करता है। 
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि एनसीसी एक ऐसा संगठन है जो युवाओं को अनुशासन सिखाता है, उनके चरित्र का निर्माण करता है, उन्हें साहसी बनाता है और निःस्वार्थ सेवा के लिए प्रेरित करता है। एनसीसी का ध्येय वाक्य ही है- ‘एकता और अनुशासन’। एनसीसी हमारे युवाओं को सेना और अन्य सुरक्षा बलों में अपना कैरियर बनाने के लिए प्रेरित करता है।
 
युवाओं को सेना में कैरियर निर्माण के लिए प्रेरित करने के लिए आप लोगों ने अभी कुछ दिनों पहले राजधानी रायपुर में भव्य सैन्य प्रदर्शनी का आयोजन भी देखा होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे यह देखकर भी बहुत खुशी होती है कि एनसीसी में बालिकाओं की भागीदारी बढ़ रही है। प्रदेश में अनेक गर्ल्स बटालियन संचालित की जा रही है, यह बड़ी प्रसन्नता की बात है। हमारी बेटियों ने राष्ट्रीय से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक एनसीसी का नेतृत्व कर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है। भारत दुनिया का सबसे युवा देश है। आज भारत की उपलब्धियों का गौरवगान पूरी दुनिया कर रही है। इन उपलब्धियों में निश्चित रूप से युवाओं की सबसे बड़ी भागीदारी है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य देश के सामने रखा है। हमारे ऊर्जावान युवाओं के योगदान से हम सब अवश्य ही विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इनमें से बहुत से कैडेट सेना में अपना कैरियर बनाएंगे। हमने अपनी नई औद्योगिक नीति में अग्नि वीरों के लिए विशेष प्रावधान किए हैं। नई शिक्षा नीति में शिक्षा को कौशल विकास से जोड़ा है। जिससे आप लोग विभिन्न क्षेत्रों के माध्यम से देश की सेवा कर सकें।
 
रायपुर के साथ बिलासपुर, अंबिकापुर, जगदलपुर, जशपुर की हवाई पट्टियों में एनसीसी कैडेटस को हवाई उड़ान का दिया जाना चाहिए प्रशिक्षण
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्तमान में हमारे एनसीसी कैडेटों को हवाई उड़ान का अनुभव और प्रशिक्षण रायपुर में दिया जाता है, जिसका खर्च छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वहन किया जाता है। प्रदेश में रायपुर के साथ-साथ बिलासपुर, अंबिकापुर, जगदलपुर, जशपुर में भी हवाई पट्टियां हैं, यह प्रशिक्षण वहां भी शुरू किया जा सकता है। इससे इन अंचलों के कैडेटों को भी लाभ होगा। 
 
मेजर जनरल विकांत एम. धुमने ने कहा कि छत्तीसगढ़ के 900 एनसीसी कैडेट्स का चयन अग्निवीर में हुआ है, यह यहां के कैडेटों के उच्च कोटि के प्रशिक्षण को प्रतिबिंबित करता है।
 
कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेसी, ब्रिगेडियर वाय. एस. चौहान, एस. एम. एनसीसी ग्रुप समादेशक, मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के अतिरिक्त महानिदेशक मेजर जनरल विकांत एम. धुमने, प्रशासनिक अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल प्रदीप कुमार, विभिन्न महाविद्यालयों, विद्यालयों के एनसीसी कैडेट्स के अलावा सैन्य अधिकारी, एनसीसी अधिकारी, पीआई स्टाफ, गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री ने स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में उप मुख्यमंत्री अरुण साव के साथ टेबल टेनिस, स्क्वैश और बैडमिंटन में हाथ आजमाए

मुख्यमंत्री साय ने आज बिलासपुर में स्पोर्ट्स कांप्लेक्स का लोकार्पण किया। 14 करोड़ 60 लाख रूपये की लागत से स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा संजय तरण पुष्कर परिसर में इसका निर्माण किया गया है।
इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में उप मुख्यमंत्री अरुण साव के साथ टेबल टेनिस, स्क्वैश और बैडमिंटन में हाथ आजमाए। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने एक ही छत के नीचे एक से ज्यादा खेलों की सुविधा मिलने पर प्रसन्नता प्रकट करते हुए और खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दी। इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में विभिन्न खेलों के खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों से मुलाकात की।बिलासपुर में तीन मंजिला स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में बेसमेंट पार्किंग, ग्राउंड फ्लोर में रिसेप्शन और रेस्टोरेंट संचालित किए जाने का प्रावधान है। इसके प्रथम तल में बैडमिंटन, स्क्वैश कोर्ट, टेबल टेनिस, स्नूकर, बिलियर्ड्स जैसे खेलों की सुविधा है। द्वितीय तल में मल्टीपरपज हॉल, योगा की सुविधा है। यह स्पोर्ट्स कांप्लेक्स बिलासपुर के मेट्रो सिटी की संकल्पना को साकार करने के लिए बढ़ाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है जहां नागरिकों को खेल भावना के साथ फिटनेस और मनोरंजन के लिए सर्वसुविधायुक्त क्लब की स्थापना की गई है।
 
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरूण साव, केंद्रीय राज्य मंत्री एवं सांसद तोखन साहू, विधायक तखतपुर धर्मजीत सिंह, बिलासपुर अमर अग्रवाल, बिल्हा धरमलाल कौशिक, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
 
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सकरी की सड़क अब नहीं रही संकरी, उन्नयन से हुई चौड़ी

बिलासपुर जिले के सकरी में संकरी सड़क को लेकर परेशान आम नागरिकों को अब राहत मिल गई है। उन्नयन के पश्चात चौड़ी हुई उस्लापुर-सकरी रोड़ में आवागमन आसान होने के साथ राहगीरों को ट्रैफिक जाम से भी मुक्ति मिलेगी। 
 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बिलासपुर के उस्लापुर रेल्वे ओव्हरब्रिज से लेकर सकरी बाईपास चौक तक 15वें वित्त आयोग और डीएमएफ फंड से लगभग 16 करोड़ की लागत से निर्मित सड़क का लोकार्पण किया। 
      उस्लापुर रेल्वे ओव्हरब्रिज से लेकर सकरी बाईपास चौक तक नगर निगम द्वारा सवा चार किमी सड़क का उन्नयन और चौड़ीकरण किया गया है। सड़क चौड़ीकरण और उन्नयन होने से राहगीरों को काफी राहत मिली है। उन्नयन और चौड़ीकरण के तहत मार्ग की चौड़ाई बढ़ाई गई है, डिवाइडर बनाया गया है, स्ट्रीट लाइट और दोनों तरफ नाली निर्माण भी किया गया है। यह मार्ग शहर का प्रवेश द्वार है जिसकी काफी दिनों से चौड़ीकरण की जरूरत महसूस की जा रही थी
 
उल्लेखनीय है कि बिलासपुर शहर अब महानगर के रूप में विकसित हो रहा है। शहर के चारों तरफ कॉलोनियां विकसित हो रही हैं। इसके अलावा व्यापारिक गतिविधियां भी तेजी के साथ बढ़ने लगी है। चौड़ीकरण के पूर्व सड़क संकरी थी, जिसके कारण आए दिन ट्रैफिक जाम और हादसे होते रहते थे। इसके अलावा इस सड़क पर ट्रैफिक का अत्याधिक दबाव रहता था। प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन इस मार्ग से गुजरती है। इस मार्ग के उन्नयन और चौड़ीकरण होने से राहगीरों खासकर तखतपुर, मुंगेली, कवर्धा, लोरमी, पेंड्रा और पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश से आने वाले यात्रियों तथा बिलासपुर नगर निगम में नए जुड़े चार वार्डों के निवासियों को काफी राहत मिलेगी, साथ ही यातायात सुगम होगा।
 
मिनोचा कॉलोनी से उस्लापुर क्रॉसिंग सड़क का किया लोकार्पण
 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर शहर के मिनोचा कॉलोनी से उस्लापुर क्रॉसिंग तक सड़क निर्माण का लोकार्पण किया। इस सड़क का 5 करोड़ 91 लाख की लागत से उन्नयन किया गया है। इसमें  प्रमुख रूप से महावीर नगर चौक से उस्लापुर ओव्हर ब्रिज तक 800 मीटर सड़क, डिवाइडर और स्ट्रीट लाइट शामिल है। शहर के विभिन्न सड़कों का डामरीकरण, साइनेज, रोड मार्किंग के कार्य शामिल हैं। सड़क उन्नयन से राहगीरों को काफी राहत मिलेगी और ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिल मिलेगी । 
 
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरूण साव, केंद्रीय राज्य मंत्री एवं सांसद तोखन साहू, विधायक तखतपुर धर्मजीत सिंह, बिलासपुर अमर अग्रवाल, बिल्हा धरमलाल कौशिक, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हेलन केलर अवार्ड से सम्मानित कलाकार बसंत साहू को दी बधाई

हर रेखा में छिपा है एक संदेश, सिंगार सिर्फ रूप नहीं यह आत्मविश्वास का प्रतिवेश है। 
 
आत्मविश्वास से परिपूर्ण और अनेक बच्चों और युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत का कार्य कर रहे धमतरी जिले के कुरूद में रहने वाले दिव्यांग समाजसेवी और चित्रकार श्री बसंत साहू  को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने फोन करके जन्मदिन की बधाई देने के साथ ही हेलन केलर अवार्ड 2024 से सम्मानित होने पर बधाई दी है। 
 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बसंत साहू को जन्मदिन और सम्मान के लिए बधाई देते हुए कहा कि आपको हेलेन केलर अवार्ड  2024 प्राप्त होने की सूचना समाचार के माध्यम से मिली। आपकी इस उपलब्धि के लिए बहुत-बहुत बधाई। 
 
मुख्यमंत्री साय ने आत्मीयतापूर्ण चर्चा के दौरान बसंत साहू से कहा कि जल जगार कार्यक्रम में आपसे मुलाकात हुई थी। हमे आपसे मिलकर बहुत अच्छा लगा था।आपने साबित किया है कि कठिनाईयां केवल मानसिक चुनौतियां है। दृढ़ संकल्प से बड़े से बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। बसंत साहू ने कहा कि मेरा उद्देश्य समाज में समावेशिता और समानता लाना है, ताकि प्रत्येक व्यक्ति को समान अवसर मिल सके। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आपके इस जज्बे व उपलब्धि से हम गौरवान्वित हैं। आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं। समाजसेवी बसंत साहू ने मुख्यमंत्री  साय के  उत्साहवर्धन के लिए आभार व्यक्त क्या और कहा कि वे इसी प्रकार अपने प्रयासों से आने वाले भविष्य और बच्चो के लिए एक बेहतर समाज के निर्माण में अपना योगदान देते रहेंगे।
 
उल्लेखनीय है कि समाजसेवी बसंत साहू को उनके द्वारा  दिव्यांगजनों के अधिकारों की रक्षा और समाज में समान अवसर दिलाने के लिए किए गए अद्वितीय कार्यों के लिए हेलन केलर अवार्ड प्रदान किया गया है। उन्होंने अपनी कला के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोक कला, परंपराओं और सामाजिक मुद्दों को जीवंत रखा है। उनके चित्रों में छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य, पारंपरिक परिधान और समाज की समकालीन समस्याओं का समावेश है। बसंत के बनाए चित्रों का संग्रह देश विदेश के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों पर किया गया है, जिनमें भारत में राष्ट्रपति भवन, राजभवन, दिल्ली संग्रहालय एवं यूएसए, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया सहित कई देश शामिल हैं। उनकी कला ने उन्हें न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि देश और विदेश में भी सम्मान दिलाया है।
 
बसंत साहू ने दिव्यागता को कभी अपनी सफलता की राह में रुकावट नहीं बनने दिया। बसंत साहू का मानना है कि कठिनाइयों केवल मानसिक चुनौतियाँ होती हैं। यदि मन में दृढ़ संकल्प हो, तो कोई भी बाधा व्यक्ति को अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने से नहीं रोक सकती। बसंत साहू का जीवन केवल एक व्यक्तिगत संघर्ष की कहानी नहीं है बल्कि यह उन सभी के लिए प्रेरणा है जो जीवन की कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में शुरू होगी ‘‘मुख्यमंत्री गुड गवर्नेंस फेलो योजना’’

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर में ‘‘गुड गवर्नेंस‘‘ विषय पर दो दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन के समापन सत्र को सम्बोधित करते हुए प्रदेश में ‘‘मुख्यमंत्री गुड गवर्नेंस फेलो योजना’’ शुरू करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ सरकार आईआईएम रायपुर के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ के मूलनिवासी छात्रों के लिए पब्लिक पॉलिसी एण्ड गवर्नेस में मास्टर पाठ्यक्रम शुरू करेगी। इसके लिए छात्रों का चयन कैट के माध्यम से किया जाएगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस योजना में आईआईएम रायपुर में कक्षाओं के साथ-साथ छात्रों को छत्तीसगढ़ शासन के विभिन्न विभागों में व्यवहारिक अनुभव भी दिया जाएगा। पाठ्यक्रम की पूरी फीस राज्य सरकार वहन करेगी, साथ ही छात्रों को निर्धारित मासिक स्टायफंड प्रदान करेगी। यह योजना शासन में दक्षता और पारदर्शिता बढ़ाने के साथ-साथ राज्य के युवाओं को उच्च स्तरीय शिक्षा और प्रायोगिक अनुभव का अवसर प्रदान करेगी। इसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ में पेशेवरों की एक ऐसी पीढ़ी तैयार करना है जो सरकार, एनजीओ, थिंक टैंक और निजी क्षेत्र के साथ मिलकर गवर्नेस को बेहतर बनाने के क्षेत्र में काम करेगी।
मुख्यमंत्री ने दो दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन में देश भर से आए हुए वरिष्ठ अधिकारियों, विषय विशेषज्ञों, सुधीजनों का छत्तीसगढ़ के नागरिकों की ओर से हार्दिक स्वागत करते हुए कहा कि आप लोगों ने देश के विभिन्न राज्यों में चल रहे बेस्ट प्रेक्टिसेस को एक दूसरे से साझा किया है। सबने मिलकर सुशासन के क्षेत्र में परस्पर सहयोग और भागीदारी को बढ़ाने के संबंध में विस्तृत विचार-विमर्श किया है। इन दो दिनों के दौरान आप लोगों ने छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सुशासन की स्थापना की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के बारे में काफी कुछ जाना और समझा होगा। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसा कि आप लोग जानते हैं कि हम लोगों की राजनैतिक विचारधारा के मूल में ही सुशासन का विचार है। हमारे पुराणों में जिसे रामराज कहा गया है, उसे ही हम सुशासन कहते हैं। सर्वे भवन्तु सुखिनः हमारा मूलमंत्र है। अंत्योदय और एकात्म मानववाद हमारा राजनैतिक दर्शन है। 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी हमारे प्रेरणा पुरूष हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने नेतृत्व में हम सुशासन के माध्यम से विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की अधिक से अधिक से भागीदारी के लिए प्रयासरत  हैं। हमारा 44 प्रतिशत भू-भाग घने जंगलों से आच्छादित है, इसलिए भारत के पर्यावरण और जैव विविधता को बचाए रखने की महती जिम्मेदारी भी हम पर है। इन सबके साथ-साथ राज्य की जनजातीय संस्कृति और परंपराओं को बचाए रखना भी हमारा प्राथमिक कर्त्तव्य है। हमने राज्य में समृद्ध खनिज संपदा, औद्योगिक विस्तार, कृषि विस्तार के साथ-साथ यहां के प्राकृतिक और सांस्कृतिक सौंदर्य को भी महत्वपूर्ण संसाधन के रूप में चिन्हित किया है। हम राज्य के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सुशासन को भी महत्वपूर्ण संसाधन के रूप में देख रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने अपनी नई उद्योग नीति लांच की है, इसमें पर्यटन के विकास को भी प्रोत्साहित किया गया है। बस्तर जैसे जनजातीय क्षेत्रों में उद्योगों के लिए जमीन की उपलब्धता एक चुनौती होती है। ऐसे में इन क्षेत्रों का प्राकृतिक और सांस्कृतिक सौंदर्य वहां के लिए एक बड़ी आर्थिक ताकत बनेगा। रोजगार और आय में बढ़ोतरी के अवसर निर्मित होंगे। लोगों का जीवन स्तर ऊंचा उठेगा। राज्य में हम एक बड़े टूरिज्म सर्किट के निर्माण की दिशा में काम कर रहे हैं। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा विशेष फोकस बस्तर और सरगुजा जैसे जनजातीय क्षेत्रों पर है। हम इन स्थलों पर पर्यटकों के लिए सुविधाओं का विकास करने के साथ-साथ मूलभूत अधोसंरचनात्मक विकास भी कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन ने हाल ही में बस्तर के कांगेर वेली के गांव धुड़मारास को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम के रूप में विकसित करने के लिए विश्व के चुनिंदा 20 गांवों में शामिल किया है। इससे हम बहुत उत्साहित हैं। हमने वनोंपजों और कृषि उपजों के स्थानीय प्रसंस्करण को भी आर्थिक विकास की अपनी रणनीति में अत्यंत महत्वपूर्ण घटक के रूप में शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन द्वारा बनाई गई योजनाओं, कार्यक्रमों, नीतियों और सेवाओं की आम आदमी तक पहुंच के लिए जानकारियों और सूचनाओं की आम आदमी तक पहुंच सबसे प्राथमिक जरूरत है। नक्सलवाद पीड़ित क्षेत्रों में सुरक्षा कैम्पों की स्थापना के साथ-साथ अंदरूनी गांवों में सभी तरह की मूलभूत अधोसंरचनाओं, केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं और सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। इसके लिए राज्य शासन द्वारा नियद नेल्ला नार योजना संचालित की जा रही है। यह गोंडी भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ होता है-आपका अच्छा गांव। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए शुरू की गई पीएम जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान से हमें और भी ज्यादा ताकत मिली है। प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना जैसी योजनाओं ने भी राज्य शासन द्वारा सुशासन की स्थापना की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को तेज किया है। राज्य सरकार ने 11 महीनों के अल्प समय में अधोसंरचना के विकास में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं, इनमें आप जैसे संवेदनशील और छत्तीसगढ़ की जरूरतों को समझने वाले अधिकारियों की भी भागीदारी है। मुझे इस बात की खुशी है कि केन्द्र सरकार द्वारा हमारे प्रस्तावों पर गंभीरता से ध्यान दिया जाता है और तत्परता के साथ सहयोग किया जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का परम लक्ष्य है-प्रत्येक नागरिक के जीवन को सुख-सुविधाओं से संतृप्त करना। विगत 11 महीनों में लगभग 31 हजार करोड़ रुपए की सड़क परियोजनाएं, कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाएं हमें मिली हैं। हवाई सेवाओं का विस्तार भी हुआ है। सरगुजा में नये एयरपोर्ट का शुभारंभ हुआ है, राज्य में एयरपोर्टों की संख्या बढ़कर 04 हो गई है। परसों ही रायपुर से दुबई और सिंगापुर के लिए हवाई सेवा शुरू करने के लिए भारत सरकार ने हरी झंडी दे दी है। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में डबल इंजन की सरकार होने से हम इस लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। पिछले 11 महीनों में हमने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए शासन-प्रशासन में पारदर्शिता सुनिश्चित की है। सभी विभागों में प्रक्रियाओं को आसान बनाते हुए, सेवाओं के लिए ऑनलाइन प्लेटफार्म तैयार किए गए हैं। यह सुनिश्चित किया गया है कि नागरिकों के काम समय-सीमा में हों, शासन तक उनकी आसान पहुंच हो, शिकायतों का निराकरण तेजी हो, विकास में जनभागीदारी बढ़े, लोकतांत्रिक और संवैधानिक संस्थाओं को मजबूती मिले।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत 11 महीनों में हमने ई-ऑफिस प्रणाली, मुख्यमंत्री कार्यालय ऑनलाइन पोर्टल, मंत्रालय में प्रवेश के लिए स्वागतम पोर्टल, खनिजों के लिए ऑनलाइन परमिशन, सुगम ऐप के माध्यम से घर बैठे रजिस्ट्री, उद्योग व्यापार के लिए सिंगल विंडो सिस्टम, ऑनलाइन ले-आउट एण्ड बिल्डिंग परमिशन, अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, वन विभाग में लकड़ियों की ऑनलाइन बिक्री, शासकीय आवश्यकताओं की सामग्री की जैम पोर्टल के माध्यम से खरीदी अनिवार्य करने जैसे अनेक कदम उठाए हैं।इसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों के अंतर्गत हमने राज्य में अपनी सरकार के गठन के तुरंत बाद एक नये विभाग, सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया है। वर्ष 2028 तक हम राज्य की जीएसडीपी को 5 लाख करोड़ रुपए से बढ़ाकर 10 लाख करोड़ करने का लक्ष्य लेकर पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
केन्द्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुशासन स्थापित करने के साथ ही विकास में जनभागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विजन डाक्यूमेंट 2047 तक आजादी का अमृत महोत्सव तैयार किया है। उन्होंने कहा कि सुशासन का अर्थ पारदर्शिता और जवाबदेही है। सभी मंत्रालयों का आपस में समन्वय हो और वे एक दूसरे से सतत संपर्क स्थापित करते हुए निरंतर नवाचार की ओर उन्मुख रहते हुए जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राही तक पहुंचे, यह सुनिश्चित करें। इस तरह के आयोजन से व्यक्तिगत संपर्क बढ़ता है और एक दूसरे की संस्कृति का आदान प्रदान होता है । 
कार्यक्रम के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने सुशासन पर आधारित ई बुक ‘‘मिनिमम गवर्नमेंट मैक्सिमम गवर्नेंस’’ का विमोचन भी किया। 
सम्मेलन में गुड गवर्नेंस की बेस्ट प्रेक्टिसेस, नागरिक सशक्तिकरण, शासन-प्रशासन के कामकाज और नागरिक सेवाओं की आम जनता तक पहुंच को आसान बनाने के लिए विभिन्न ई-प्लेटफार्म के उपयोग आदि से संबंधित विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।  कार्यशाला को प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग के सचिव व्ही. श्रीनिवास एवं छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने भी सम्बोधित किया। मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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छत्तीसगढ़ में 5.37 लाख मीट्रिक टन धान की हुई खरीदी

 मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में अनवरत धान खरीदी का सिलसिला जारी है। 14 नवम्बर से शुरू हुए धान खरीदी अभियान में अब तक 5.37 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी हो चुकी है। राज्य में अब तक 1.16 लाख से अधिक किसानों ने अपना धान बेचा है। धान  खरीदी के एवज में किसानों को बैंक लिकिंग व्यवस्था के तहत 971 करोड़ 16 लाख रूपए का भुगतान किया गया है।  धान खरीदी का यह अभियान 31 जनवरी 2025 तक चलेगी। 

 

 खाद्य विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि इस खरीफ वर्ष के लिए 27.68 लाख किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है। इसमें 1.45 लाख नए किसान शामिल है। इस वर्ष 2739 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी अनुमानित है। 

 

अधिकारियों ने बताया कि आज 21 नवम्बर को 26501 किसानों से 1.18 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी हुई है। इसके लिए 30828 टोकन जारी किए गए थे। आगामी दिवस के लिए 25840 टोकन जारी किए गए है।

 

 

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मुख्यमंत्री ने सपरिवार देखी ‘द साबरमती रिपोर्ट’ फिल्म

 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय  धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय तथा परिवार के अन्य सदस्यों के साथ ‘द साबरमती रिपोर्ट’ फिल्म देखने राजधानी के मैग्नेटो मॉल पहुंचे। इस फिल्म में 22 साल पहले गुजरात के गोधरा में हुए ट्रेन हादसे की कहानी की सच्चाई को दिखाने की कोशिश की गई है। फिल्म की डायरेक्टर एकता कपूर और फिल्म की नायिका रिद्धि डोगरा भी इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित थीं।
 
मुख्यमंत्री साय ने  ‘द साबरमती रिपोर्ट’ फिल्म की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह फिल्म इतिहास के भयावह सत्य को उजागर करने का सराहनीय और प्रभावशाली प्रयास है। 
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमने इस फिल्म को राज्य में टैक्स फ्री किया है। मैं दर्शकों से अपील करना चाहता हूं कि पूरे परिवार के साथ फिल्म देखें। नई पीढ़ी को हमारे इतिहास की इस दुखद घटना के बारे में जानना बहुत जरूरी है। यह फिल्म इसलिए भी देखी जानी चाहिए क्योंकि अतीत का अध्ययन ही हमें वर्तमान और भविष्य के बारे में बेहतर मार्गदर्शन दे सकता है। उन्होंने कहा कि यह फिल्म दर्दनाक घटना को संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करती है।
 
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री अरूण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री  श्यामबिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े भी उनके साथ फिल्म देखने पहुंचे थे।
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सभी जनप्रतिनिधियों और किसानों को सहकारिता से जोड़ा जाए :केदार कश्यप

सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कहा है कि सहकारिता से समृद्धि के लिए राज्य के सभी जनप्रतिनिधियों और किसानों को सहकारिता से जोड़ा जाना चाहिए। सहकारिता मंत्री ने मंत्रालय महानदी भवन में सहकारिता विभाग के काम-काज की गहन समीक्षा की। कश्यप ने कहा कि केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह सहकारिता से समृद्धि पर विशेष ध्यान दे रहे है। हमें प्रदेश में सहकारिता के दायित्वों का अच्छे से निर्वहन करना है। इसके लिए पूरे प्रदेश में सहकारिता क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करना जरूरी है। 
 
सहकारिता मंत्री ने विभागीय समीक्षा करते हुए खरीफ वर्ष 2024-25 में धान खरीदी के लिए की गई तैयारियों की विस्तार से जानकारी ली। बैठक में जानकारी दी गई कि खरीफ सीजन में 160 लाख मिट्रिक टन धान की खरीदी का लक्ष्य रखा गया है। अब तक करीब 4 लाख मिट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। सहकारिता मंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि सहकारी समितियों में धान बेचने आने वाले किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने समितियों में माईक्रो एटीएम के संचालन की व्यवस्था की जानकारी लेते हुए कहा कि प्रत्येक समिति में यह सुविधा सुनिश्चित की जाए। किसानों को रूपे कार्ड वितरित किए जाए। 
 
बैठक में राज्य की प्रत्येक ग्राम पंचायत में बहुआयामी समितियों के तहत मत्स्य डेयरी और लघु वनोपज समितियों की स्थापना, पैक्स समितियों में गोदाम निर्माण की समीक्षा की  गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए जिन पैक्स समितियों में गोदामों का निर्माण नहीं हुआ है। वहां शीघ्र ही निर्माण करा लिया जाए। बैठक में जानकारी दी गई कि विश्व की सबसे बड़ी विकेन्द्रीयकृत अन्न भण्डारण योजना के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा आर.आई.डी.एफ. योजना के अंतर्गत राज्य में 200 मीट्रिक टन क्षमता के 725 पैक्स गोदामों को शामिल करने की सहमति दी गई है। जिससे राज्य में एक लाख 45 हजार मिट्रिक टन भण्डारण क्षमता की वृद्धि होगी। समीक्षा के दौरान सभी सहकारी समितियों में कम्प्यूटराइजेशन और कॉमन सर्विस सेंटर की स्थापना की प्रगति की समीक्षा की गई। इसी तरह से भारतीय बीज सहकारी समिति, राष्ट्रीय सहकारी निर्यात समिति, राष्ट्रीय सहकारी जैविक समिति में सदस्यता की भी समीक्षा की गई। एन.सी.सी.एफ. पोर्टल में पंजीयन के संबंध में अधिकारियों ने विस्तार से जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि समर्थन मूल्य पर मक्का उपार्जन हेतु इस पोर्टल में राज्य की सभी पैक्स का पंजीयन कराने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला एवं एकमात्र राज्य बना है। बैठक में पैक्स समितियों में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधी केन्द्रों की स्थापना की भी समीक्षा हुई।
बैठक में पंजीयक सहकारी समितियां कुलदीप शर्मा, प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ लघु वनोपज संघ एवं पीसीसीएफ श्री अनिल साहू सहित पशुपालन, मत्स्य पालन, राज्य सहकारी विपणन, राज्य सहकारी बैंक सहित सभी संयुक्त पंजीयक, सहकारी संस्थाएं और सहकारिता विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
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भारत मंडपम में दूर से खड़े खड़े कार्यक्रम देख रहे थे एक बुजुर्ग, मुख्यमंत्री ने पास बुलाया और अपने साथ बैठने का किया आग्रह

 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सादगी और संवेदनशीलता ने एक बार फिर लोगों के दिलों को छू लिया। यह दृश्य था राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के प्रगति मैदान के भारत मंडपम में, जहां छत्तीसगढ़ दिवस के अवसर पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन चल रहा था। छत्तीसगढ़ की परंपरा और कला की शानदार प्रस्तुतियां मंच पर हो रही थीं, और दर्शक तालियों से कलाकारों का उत्साह बढ़ा रहे थे।
 
इसी दौरान मुख्यमंत्री साय की नजर दर्शकों के बीच एक वृद्ध व्यक्ति पर पड़ी, जो खड़े होकर कार्यक्रम देख रहे थे। मुख्यमंत्री ने तुरंत अपने सहायक से कहा कि उस बुजुर्ग को पास बुलाएं। कुछ ही पल में वह बुजुर्ग व्यक्ति मुख्यमंत्री के पास पहुंचे। साय ने बड़े ही आत्मीय भाव से उनका स्वागत किया और उन्हें अपने पास बैठने का आग्रह किया। 
 
कार्यक्रम देखकर बाहर आये   बुजुर्ग रामावतार तिवारी ने बताया कि मुझे बहुत अच्छा लगा जब मुख्यमंत्री ने मुझे सम्मान दिया, अपने पास बैठाया और मेरा हालचाल पूछा। मुख्यमंत्री ने इतना बड़ा ओहदा हासिल करने के बाद भी अपनी विनम्रता और संस्कार को नहीं छोड़ा। श्री रामावतार तिवारी ने बताया कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और सीधे सरल लोगों के बारे में सुनते आये हैं। वहां के मुख्यमंत्री से मिलकर लगा कि सीधे और सरल लोगों के मुखिया भी सीधे और सरल स्वभाव के हैं। मुख्यमंत्री श्री साय का हृदय  संवेदनशीलता से परिपूर्ण है। हम एक दूसरे से अपरिचित भले ही हो सकते हों लेकिन संवेदनशील हृदय के द्वारा हम एक दूसरे की भावनाओं को प्रगाढ़ता से महसूस कर सकते हैं।
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मुख्यमंत्री ने सीआरपीएफ़ बस्तरिया बटालियन की जवान प्रमिका दुग्गा की माता जी से फोन पर की बात

आपकी बेटी यहां बहुत अच्छे से रह रही है और देश सेवा में लगी हुई है। अभी आपकी बेटी से मिला हूं... मैं जब भी नारायणपुर आऊंगा तब आप सभी से मुलाकात करूंगा। जवानों और किसानों से ही धान का कटोरा सुरक्षित और समृद्ध है। जवान और किसान हमारे देश के दो मजबूत स्तंभ हैं और जय जवान-जय किसान का भाव हम सभी के हृदय में है। एक ओर जहां जवान देश की सुरक्षा में डटे हुए हैं, वहीं दूसरी ओर अन्नदाता किसान हैं, जो हमारी अन्न की जरूरतों को पूरा कर रहे हैं। यह संवाद ऐसा लग रहा था, मानों घर से दूर कोई अपना उनकी बेटी से मिला और इसकी खबर उन्हें दे रहा हो। 
 
बस्तर जिले के सेडवा स्थित सीआरपीएफ के बस्तरिया बटालियन में रात्रि विश्राम कर अगले दिन सुबह लौटने के दौरान मुख्यमंत्री ने कैंप में जवानों से विदा लेते समय बस्तरिया बटालियन की जवान प्रमिका दुग्गा से उसका हाल-चाल पूछा। बातचीत के बीच मुख्यमंत्री ने उसके परिजनों से बात करने की इच्छा जताई। इस पर प्रमिका ने मोबाइल से अपनी मां श्रीमती मोतीबाई को फोन लगाया और मुख्यमंत्री से बात कराई। 
 
मुख्यमंत्री साय ने मोबाइल पर बात करते हुए प्रमिका की मां से घर के सभी सदस्यों का हाल-चाल जाना और सभी के स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने बड़े अपनेपन से प्रमिका की मां से खेतों में धान की कटाई के बारे में भी पूछा। मुख्यमंत्री ने बातचीत के दौरान परिवार द्वारा उगाए जाने वाले फसलों की जानकारी ली और खेती-किसानी के संबंध में ढेर सारी बातें की। मुख्यमंत्री ने बातचीत के दौरान विनोद में मोती बाई से उनके घर आने पर चापड़ा चटनी खिलाने की बात पूछी, तो उन्होंने मुख्यमंत्री से सहज भाव से कहा कि आपको चापड़ा चटनी जरूर खिलाऊंगी। मुख्यमंत्री ने प्रमिका की मां को प्रणाम करते हुए बातचीत को समाप्त किया। 
 
 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कैंप में जवानों के साथ खुशनुमा समय व्यतीत किया। जवानों के साथ उन्होंने रात का भोजन किया। उन्होंने जवानों को भोजन भी परोसा। उनकी सादगी, व्यवहार और अपनेपन ने सभी जवानों का दिल जीत लिया। मुख्यमंत्री साय और बस्तरिया बटालियन की जवान प्रमिका की मां के बीच मोबाइल पर बात सुनकर सभी जवानों के मन में यही भाव था कि मुख्यमंत्री न केवल अपने जवानों की, बल्कि घर से दूर उनके परिवारों की भी उतनी ही चिंता करते हैं। प्रदेश के संवेदनशील मुखिया विष्णु देव साय का सरोकार एवं जुड़ाव सभी किसानों और जवानों के साथ ही उनके परिवारों से भी समान रूप से है। अतिथि सत्कार और अपने अतिथि को उनके मनपसंद व्यंजन खिलाने की संस्कृति भी हमारी परंपरा में है। यही बात मुख्यमंत्री और मोती बाई के बीच चापड़ा चटनी को लेकर हुई बातचीत में भी नजर आई। मुख्यमंत्री ने जवान की मां को प्रणाम कर बातचीत खत्म की, मानो कोई अपने परिवार के किसी बड़े बुजुर्ग से बेहद आत्मीयता और सम्मान से बात कर रहा हो। मुख्यमंत्री का यह व्यवहार और अपनापन जवानों व किसानों के प्रति उनके मन में समाहित गहरे सम्मान की भावना को व्यक्त करता है।
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दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग रेलवे स्टेशन को मिला "ईट राईट स्टेशन" (Eat Right Station) का खिताब

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग रेलवे स्टेशनों को "ईट राईट स्टेशन" से प्रमाणित किया गया है । यह उपलब्धि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के चिकित्सा विभाग और खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण, पूर्वी क्षेत्र कोलकता के बीच सहयोगात्मक प्रयास का परिणाम है । ईट राईट स्टेशन प्रमाणन अपने संरक्षकों के लिए खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता के उच्चतम मानकों को सुनिश्चित करने के प्रति बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग रेलवे स्टेशनों के समर्पण का एक प्रमाण है । इस पहल के क्रियान्वयन की निगरानी दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर जोन के चिकित्सा विभाग के खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा की गयी है जो सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है ।
 
"ईट राईट स्टेशन" के प्रमाणन के लिए इन स्टेशनों पर निम्नलिखित खुबियां सम्मिलित है :-
 
खाद्य लाईसेंस अनुपालन:- बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग रेलवे स्टेशनों के सभी खाद्य स्टॉलों ने अपेक्षित खाद्य लाईसेंस प्राप्त कर लिया है । यह गारंटी देते हुए कि विक्रेता खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के उच्चतम मानकों को पूरा करते हैं ।
 
विक्रेता स्वास्थ्य आश्वासन :- प्रत्येक विक्रेता को भोजन विक्रय करने के लिए अपनी चिकित्सीय स्वास्थ्य को सत्यापित करने के लिए एक व्यापक चिकित्सा परीक्षण से गुजरना पड़ा ।
 
प्रशिक्षण:- सभी विक्रेताओं को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता में व्यापक प्रशिक्षण (FoSTaC Training) प्राप्त हुआ ।
 
ऑडिट:- भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के द्वारा मान्यता प्राप्त ऑडिट संस्था द्वारा बिलासपुर, रायपुर एवं दुर्ग स्टेशनो को ऑडिट के चरणों से गुजरकर ईट राईट स्टेशन (Eat Right Station) से प्रमाणित हुआ है ।
 
जल शुद्धता:- भोजन तैयार करने में उपयोग किये जाने वाले पानी की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए केन्द्रीय चिकित्सालय में स्थित NABL लैब में जीवाणु एवं रसायनिक जल विश्लेषण किया गया है ।
 
बिलासपुर, रायपुर एवं दुर्ग स्टेशनों में औसतन 4576091 वार्षिक यात्रियों का आवगमन होता है । इसीलिए इन सभी स्टेशनों को ईट राईट स्टेशन (Eat Right Station) से प्रमाणित करना अतिआवश्यक था । दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के इन  सभी स्टेशनों के ‘ईट राईट स्टेशन’ प्रमाणन में दक्षिण महाप्रबंधक सुश्री नीनु इटियेरा का कुशल मार्गदर्शन महत्वपूर्ण है ।
 
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रायपुर एयरपोर्ट से सिंगापुर और दुबई के लिए सीधी उड़ान शीघ्र

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली स्थित राजीव गांधी भवन में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री  किंजरापु राममोहन नायडू से मुलाक़ात की। बैठक में राज्य की हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने और क्षेत्रीय हवाई अड्डों के विकास के सम्बन्ध में चर्चा की गयी। केंद्रीय मंत्री ने रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से जल्द ही अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवा शुरू करने पर अपनी सहमति जताई है। इसके साथ ही रायपुर एयरपोर्ट पर कार्गो हब विकसित करने की प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी एवं रायपुर एयरपोर्ट से पटना एवं रांची के लिए भी हवाई सेवा शुरू करने की सहमति मिली है। 
 
मुख्यमंत्री साय ने रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का दर्जा देने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवा की बड़ी संभावनाएं हैं। इस कदम से राज्य के आर्थिक विकास को प्रोत्साहन मिलेगा और वैश्विक स्तर पर कनेक्टिविटी बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ में अंतरराष्ट्रीय यात्री ट्रैफिक को ध्यान में रखते हुए रायपुर से सिंगापुर और दुबई के लिए सीधी उड़ानों की आवश्यकता पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि इन मार्गों पर यात्री ट्रैफिक काफी अच्छा है, जिससे ये सेवाएं व्यावसायिक रूप से लाभकारी साबित होंगी। केंद्रीय उड्डयन मंत्री ने रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से जल्द ही अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवा शुरू करने के प्रस्ताव पर अपनी सहमति जताई है। 
 
 साय ने राज्य में वर्तमान में कोई बड़ा कार्गो सुविधा केंद्र नहीं होने की जानकारी देते हुए रायपुर के एयरपोर्ट को एक केंद्रीय कार्गो हब में विकसित करने का प्रस्ताव दिया। उन्होंने कहा कि इससे कृषि और बागवानी उत्पादों के परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। केन्द्रीय मंत्री ने इस प्रस्ताव पर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
 
बैठक में बिलासपुर एयरपोर्ट के लिए 3C IFR कैटेगरी में अपग्रेडेशन का प्रस्ताव भी रखा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने इसके लिए रेडियो नेविगेशन सिस्टम डीवीओआर (DVOR) की इंस्टॉलेशन प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने का अनुरोध किया है। केन्द्रीय मंत्री ने बिलासपुर एयरपोर्ट पर विमानों की नाईट लैंडिंग में आ रही दिक्कतों को देखते हुए इसे तुरंत शुरू करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। 
 
मुख्यमंत्री ने अंबिकापुर एयरपोर्ट को रायपुर, वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या जैसे प्रमुख शहरों से जोड़ने के लिए नई उड़ानों की शुरुआत की भी मांग की। मुख्यमंत्री ने कहा क्षेत्र की सांस्कृतिक और खनिज संपदा को देखते हुए नई उड़ान सेवा शुरू करने से लोगों को काफी लाभ होगा, जिस पर भी केन्द्रीय मंत्री ने सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया है।
 
बैठक में मुख्यमंत्री ने जगदलपुर और बिलासपुर एयरपोर्ट्स पर आरसीएस उड़ानों के लिए वित्तीय सहायता को बहाल करने की भी मांग की है। उन्होंने बताया कि इन रूट्स पर कनेक्टिविटी बढ़ाने से क्षेत्रीय विकास में मदद मिलेगी। साय ने बताया कि जगदलपुर से रायपुर के बीच इंडिगो एयरलाइंस द्वारा संचालित उड़ान सेवा को कम यात्रियों के चलते बंद कर दिया गया था। इसे पुनः सही समय पर शुरू करने का आग्रह करते हुए उन्होंने कहा कि बस्तर में पर्यटन की अपार संभावनाओं को देखते हुए इस मार्ग पर हवाई कनेक्टिविटी की भारी मांग है। केंद्रीय मंत्री ने अन्य प्रस्तावों पर भी सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया है।इस दौरान मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत एवं नई दिल्ली में पदस्थ छत्तीसगढ़ की इन्वेस्टमेंट कमिश्नर ऋतु सैन भी उपस्थित थीं
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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत सीआरपीएफ के बस्तरिया बटालियन परिसर में लगाया नीम का पौधा

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत सीआरपीएफ बस्तरिया बटालियन 241 वाहिनी के परिसर में नीम का पौधा रोपा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अनूठा प्रयास है, जिसमें सभी लोग स्वस्फूर्त अपनी भागीदारी दे रहे हैं। साय ने सभी से एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पौधरोपण से हम न केवल पर्यावरण को सुरक्षित करते हैं, बल्कि भावी पीढ़ियों को स्वच्छ हवा और स्वस्थ वातावरण का उपहार देते हैं। 
 
    उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री साय बस्तर विकास प्राधिकरण की बैठक के बाद अचानक सीआरपीएफ बस्तरिया बटालियन के कैंप पहुंचे थे। वृक्षारोपण के दौरान सीआरपीएफ बस्तरिया बटालियन के सुरक्षा बल के जवान उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मां दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज दंतेवाड़ा में बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी की  पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दौरान मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय और परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित थे। इस अवसर पर विधायक  चैतराम अटामी, राज्य महिला आयोग की सदस्य ओजस्वी मण्डावी तथा अन्य जनप्रतिनिधियों सहित मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह सहित अन्य अधिकारीगण भी उपस्थित थे।
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बस्तर से नक्सल उन्मूलन में सुरक्षा जवानों की है अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सीआरपीएफ के जवानों से कहा कि पिछले 11 महीनों के दौरान आप लोगों ने जिस तरह नक्सली आतंक को खत्म करने की दिशा में ऐतिहासिक सफलताएं हासिल की हैं, उसकी पूरे देश में प्रशंसा हो रही है। आप लोग परिवार से दूर रहकर और सुख-सुविधाओं को त्याग कर बस्तर के विकास में जो योगदान दे रहे हैं, उससे आप लोगों ने यहां के जनजातीय समुदायों के हृदय में अपने लिए हमेशा हमेशा के लिए जगह बना ली है। साय बस्तर जिले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल  के सेडवा कैंप में जवानों को सम्बोधित कर रहे थे। 
 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अचानक सीआरपीएफ कैंप पहुंचने पर आश्चर्यमिश्रित खुशी के साथ ही जवानों ने उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। 
मुख्यमंत्री साय ने सुरक्षा बलों के जवानों से आत्मीयतापूर्वक संवाद करते हुए कहा कि जब मैं बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में चित्रकोट आया था, तो मेरी बड़ी इच्छा थी कि मैं आप सब जवानों से मिलूं। पिछले 11 महीनों में छत्तीसगढ़ में नक्सल मोर्चे पर जो सफलता मिली है, उसमें आप सभी का अत्यधिक महत्वपूर्ण योगदान है। मैं आप सभी के साहस को नमन करता हूं। नक्सल अभियान में आप सभी को जो सफलता मिल रही है, उसकी पूरे देश में प्रशंसा हो रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से जब भी मेरी मुलाकात होती है तो वे नक्सल अभियान में छत्तीसगढ़ को मिल रही सफलता का जिक्र जरूर करते हैं। गृह मंत्री अमित शाह का नक्सल ऑपरेशन में सतत मार्गदर्शन और सहयोग मिलते रहा है। 
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर में हमने नक्सलवाद को वर्ष 2026 तक समूल नष्ट करने का संकल्प लिया है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का भी यही संदेश है। 
 
बस्तर में पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों ने अल्प अवधि में ही 200 से ज्यादा नक्सलियों को ढेर कर दिया है। 740 से ज्यादा माओवादी कैडर्स ने आत्मसमर्पण कर दिया है। वे हिंसा त्याग कर लोकतंत्र की मुख्य धारा में शामिल हो गए हैं।शासन ने हिंसा का त्याग करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास के लिए ऐसी नीति बनाई है कि आने वाले दिनों में और भी बड़ी संख्या में नक्सली आत्मसमर्पण करेंगे।
सुरक्षा बल के जवानों द्वारा कैंप में रात्रि विश्राम करने के आग्रह पर उन्होंने कैंप में रात्रि विश्राम भी किया।
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शत-प्रतिशत धान खरीदी केन्द्रों में पारदर्शी एवं सुविधाजनक ढंग से हो रही धान खरीदी

 राज्य शासन के निर्देशानुसार खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य के अंतर्गत बालोद जिले के सभी 143 धान खरीदी केन्द्रों में इलेक्ट्राॅनिक तौल मशीन की सुविधा उपलब्ध होने से जिले के सभी धान खरीदी केन्द्रों में पारदर्शी एवं सुविधाजनक ढंग से धान खरीदी का कार्य संपन्न हो रहा है। जिले के सभी धान खरीदी केन्द्रों में इलेक्ट्राॅनिक तौल मशीन उपलब्ध होने से शीघ्रता एवं आसानी से किसानों के धान खरीदी होने के साथ-साथ धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संपन्न हो रहा है। इस नई व्यवस्था से बालोद जिले के किसानों में हर्ष व्याप्त है। जिले के आदिवासी बाहुल्य डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम छिंदगांव के कृषक जोहार एवं ग्राम भण्डारी पारा डौण्डी के कृषक भागीरथी ने राज्य शासन की इस नई व्यवस्था की सराहना करते हुए इसे किसानों के लिए अत्यंत कारगर एवं लाभप्रद बताया। उन्होंने कहा कि धान खरीदी केन्द्र में इलेक्ट्राॅनिक तौल मशीन की सुविधा उपलब्ध होने से इस वर्ष शीघ्रता से बिना किसी परेशानी के उनकी धान की खरीदी हो गई। किसानों ने कहा कि इस नई व्यवस्था से धान खरीदी केन्द्र में किसी भी प्रकार की हेर-फेर की गुंजाईश नही है। जिसके कारण हम सभी कृषक बहुत ही प्रसन्नचित है।

धान खरीदी केन्द्रों में इलेक्ट्राॅनिक तौल मशीन की उपलब्ध सुविधा के संबंध में जानकारी देते हुए किसान जोहार ने बताया कि इस नई व्यवस्था से हम किसानों के धान बिक्री का कार्य बहुत ही आसान हो गया है। उन्होंने बताया कि उनके पास उनके ग्राम छिंदगांव में मात्र 01 एकड़ खेती योग्य कृषि भूमि है। वे इस कृषि भूमि में खेती के अलावा मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण का कार्य करते हैं। उन्होंने बताया कि धान खरीदी के पहले दिन 14 नवंबर को विकासखण्ड मुख्यालय डौण्डी के धान खरीदी केन्द्र में अतिथियों द्वारा उनका स्वागत, अभिनंदन के बाद उनके धान की खरीदी की गई। किसान जोहार ने बताया कि धान खरीदी के कर्मचारियों के द्वारा धान खरीदी केन्द्र के इलेक्ट्राॅनिक तौल मशीन के माध्यम से बहुत ही कम समय में आसानी एवं पूरे पारदर्शी तरीके से उनके धान खरीदी के कार्य को पूरा किया गया। इस दौरान उन्होंने कुल 20 क्विंटल धान की बिक्री की और इस कार्य में उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी नही हुई। किसान जोहार ने राज्य शासन के इस धान खरीदी योजना से मिले राशि को अपने जरूरत के समय के लिए बहुत बड़ा सहारा बताते हुए इसकी भूरी-भूरी सराहना की है। किसान जोहार ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में धान खरीदी योजना से मिले राशि का उपयोग उन्होंने अपने खेती बाड़ी के अलावा अन्य पारिवारिक कार्यों के लिए किया है।

 

इसी तरह राज्य सरकार के समर्थन मूल्य पर धान खरीदी योजना तथा सभी धान खरीदी केन्द्रों में की गई इलेक्ट्राॅनिक तौल मशीन की नई व्यवस्था की सराहना विकासखण्ड मुख्यालय डौण्डी के भण्डारी पारा के कृषक श्री भागीरथी ने भी किया है। उन्होंने कहा कि धान खरीदी केन्द्र में इलेक्ट्राॅनिक तौल मशीन की नई व्यवस्था ने किसानों के धान बिक्री के कार्य को बहुत ही आसान बना दिया है। जिसके कारण धान खरीदी केन्द्र में बहुत ही शीघ्रता, आसान एवं पारदर्शी तरीके से धान खरीदी का कार्य संपन्न हो रहा है। उन्होंने बताया कि उनके पास कुल 01 एकड़ 40 डिस्मिल पैतृक कृषि भूमि है। उन्होंने धान खरीदी केन्द्र डौण्डी में कुल 15 क्ंिवटल 60 किलो धान की बिक्री की है। किसान भागीरथी ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय वाले छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा प्रति क्ंिवटल 3100 रुपए की दर से प्रति एकड़ 21 क्ंिवटल धान खरीदी के निर्णय की भूरी-भूरी सराहना की है। उन्होंने कहा कि किसान पुत्र मुख्यमंत्री ने किसानों के वास्तविक जरूरतों को समझते हुए उनके मेहनत का सम्मान करते हुए प्रति एकड़ 3100 रुपए में धान खरीदी करने का निर्णय लिया है, वास्तव में वह काबिले तारीफ है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को हृदय से धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उनके प्रति विनम्र आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा राज्य शासन के सभी धान खरीदी केन्द्रों में इलेक्ट्राॅनिक तौल मशीन की नई व्यवस्था से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य किसानों के लिए सोने पे सुहाग साबित हो रहा है।

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गुरू घासीदास-तमोर पिंगला बना देश का 56वां टाइगर रिजर्व

 छत्तीसगढ़ को बाघों के संरक्षण और संवर्धन के लिए ‘गुरू घासीदास-तमोर पिंगला टायगर रिजर्व‘ के रूप में एक नया टायगर रिजर्व मिल गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस महत्वपूर्ण घोषणा के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय वन मंत्री भूपेन्द्र यादव को धन्यवाद दिया है। यह टायगर रिजर्व देश का 56वां टायगर रिजर्व होगा। गुरू घासीदास-तमोर पिंगला टायगर रिजर्व का कुल क्षेत्रफल 2829.387 वर्ग किलोमीटर होगा। इनमें आरक्षित वन 1254.586 वर्ग किलोमीटर, संरक्षित वन 1438.451 वर्ग किलोमीटर तथा राजस्व क्षेत्र 136.35 वर्ग किलोमीटर शामिल हैं।
 
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने छत्तीसगढ़ के गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व को देश के 56वें टाइगर रिजर्व के रूप में अधिसूचित किए जाने की जानकारी राष्ट्र को दी है। उन्होंने कहा कि भारत बाघ संरक्षण में नए मील के पत्थर स्थापित कर रहा है, इसी क्रम में हमने छत्तीसगढ़ के गुरु घासीदास-तमोर पिंगला को 56वें टाइगर रिजर्व के रूप में अधिसूचित किया है। गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व 2,829 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है।
 
छत्तीसगढ़ सरकार ने राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की सलाह पर छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया, सूरजपुर और बलरामपुर जिलों में गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व को अधिसूचित किया। कुल 2829.38 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस बाघ अभयारण्य में 2049.2 वर्ग किलोमीटर का कोर/ क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट शामिल है, जिसमें गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान और तमोर पिंगला वन्यजीव अभयारण्य शामिल हैं, और इसका बफर क्षेत्र 780.15 वर्ग किलोमीटर का है। यह इसे आंध्र प्रदेश के नागार्जुनसागर-श्रीशैलम टाइगर रिजर्व और असम के मानस टाइगर रिजर्व के बाद देश का तीसरा सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व बनाता है। गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व देश में अधिसूचित होने वाला 56वां टाइगर रिजर्व बन गया है।
 
भारत की राष्ट्रीय वन्यजीव योजना में परिकल्पित संरक्षण के लिए परिदृश्य दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए, नव अधिसूचित बाघ अभयारण्य मध्य प्रदेश में संजय दुबरी बाघ अभयारण्य से सटा हुआ है, जो लगभग 4500 वर्ग किलोमीटर का परिदृश्य परिसर बनाता है। इसके अलावा, यह अभयारण्य पश्चिम में मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ बाघ अभयारण्य और पूर्व में झारखंड के पलामू बाघ अभयारण्य से जुड़ा हुआ है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ने अक्टूबर, 2021 में गुरु घासीदास-तमोर पिंगला बाघ अभयारण्य को अधिसूचित करने के लिए अंतिम मंजूरी दी थी।
 
छोटा नागपुर पठार और आंशिक रूप से बघेलखंड पठार में स्थित यह बाघ अभयारण्य विविध भूभागों, घने जंगलों, नदियों और झरनों से समृद्ध है, जो समृद्ध जीव विविधता के लिए अनुकूल हैं और इसमें बाघों के लिए महत्वपूर्ण आवास मौजूद हैं।
 
भारतीय प्राणी सर्वेक्षण द्वारा गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व से 365 अकशेरुकी और 388 कशेरुकी सहित कुल 753 प्रजातियों का दस्तावेजीकरण किया गया है। अकशेरुकी जीवों का प्रतिनिधित्व ज्यादातर कीट वर्ग द्वारा किया जाता है। कशेरुकी जीवों में पक्षियों की 230 प्रजातियाँ और स्तनधारियों की 55 प्रजातियाँ शामिल हैं, जिनमें दोनों समूहों की कई संकटग्रस्त प्रजातियाँ शामिल हैं।
 
इस अधिसूचना के साथ, छत्तीसगढ़ में अब 4 बाघ रिजर्व हो गए हैं, जिससे प्रोजेक्ट टाइगर के तहत राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण से मिल रही तकनीकी और वित्तीय सहायता से इस प्रजाति के संरक्षण को मजबूती मिलेगी।
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