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आईटी हब के रूप में उभर रहा है नवा रायपुर

 विकसित भारत की तर्ज पर विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना को साकार करने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सतत प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में नवा रायपुर अटल नगर में सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं पर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय की पहल का नतीजा है कि छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर क्षेत्र में आईटी और आईटी- इनेबल्ड सर्विसेस का तेजी से विकास हो रहा है। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। राज्य सरकार की योजनाओं और संस्थाओं की पहल से नवा रायपुर युवाओं के लिए रोजगार और विकास का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।

 
 वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी ने बताया कि नवा रायपुर में स्क्वायर बिजनेस सर्विसेज और टेली परफॉर्मेंस जैसी प्रमुख आईटी कंपनियों ने अपनी सेवाएं शुरू की हैं, जिससे अब तक 260 से अधिक युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ है।
 
रायपुर के एक साधारण मध्य वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाली 24 वर्षीय सतरूपा का सपना था कि वह आत्मनिर्भर होकर परिवार का सहारा बने। खेती- किसानी और घरेलू काम काज करने वाली सतरूपा  की मां को अपनी बेटी पर गर्व है,   क्योंकि पढ़ाई पूरी करने के बाद सतरूपा आज न केवल आत्मनिर्भर है,  बल्कि परिवार को भी आर्थिक संबल प्रदान कर रही है। नवा रायपुर के स्क्वायर बिजनेस सर्विसेज में नौकरी कर रही सतरूपा ने मेहनत और लगन से तरक्की की राह पकड़ ली। पहले साल में ही उसे पदोन्नति मिली और उसका वेतन बढ़ा, जिससे उसने अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूती दी। नवा रायपुर में स्क्वायर बिजनेस सर्विसेज ने 180 और टेली परफॉर्मेंस ने 80 पदों पर भर्ती की है। इसके अलावा,  टेली परफॉर्मेंस ने 100 और कर्मचारियों की भर्ती करने की योजना बनाई है और सीएसएम टेक्नोलॉजीज ने 200 प्रोफेशनल्स की भर्ती के लिए आवेदन मंगाए हैं। यह न केवल नवा रायपुर के लिए बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए सकारात्मक बदलाव के संकेत है। 
 
नवा रायपुर के आईटी हब बनने की प्रक्रिया में राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। रायपुर और नवा रायपुर के बीच आईटी पेशेवरों के लिए मुफ्त बस सेवा की तथा स्क्वायर बिजनेस सर्विसेज के कर्मचारियों के लिए आवासीय समाधान भी उपलब्ध कराने की योजना है। सीबीडी सेक्टर 21 में अत्याधुनिक कार्यालयों का निर्माण किया जा रहा है, जो कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण प्रदान करेंगे।
 
नवा रायपुर में आईटी क्षेत्र के विकास के साथ ही आने वाले समय में 10,000 से अधिक रोजगार के अवसर उत्पन्न होने की संभावना है।
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मुख्यमंत्री ने लेफ्टिनेंट नर्सिंग ऑफिसर वीणा साहू और राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज में चयनित आदित्य सिंह के देश सेवा के जज्बे को सराहा

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट नर्सिंग अफसर के रूप में सेवा दे रही छत्तीसगढ़ की बेटी वीणा साहू और राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज में चयनित बस्तर संभाग के फरसगांव के आदित्य सिंह के भारतीय सेना में जाने के जज्बे की सराहना की है। ये दोनों युवा साधारण परिवार से हैं, साधारण पृष्ठभूमि के इन युवाओं ने देश की सेवा और भारतीय सेना में शामिल होने के अपने जुनून और जज्बे के चलते यह मुकाम हासिल किया है। वीणा साहू बालोद जिले के जमरूवा गांव के किसान श्री चेतन साहू की बेटी हैं। वीणा साहू का सपना मिलिट्री में जाने का था, जो उन्होंने अपने लगन और मेहनत से पूरा कर दिखाया। आदित्य सिंह के पिता श्री जयप्रकाश सिंह जनरल स्टोर चलाते हैं। आदित्य के पिता एयरफोर्स में जाना चाहते थे, लेकिन सफल नहीं हो पाए। उनका यह सपना उनके बेटे ने अपनी मेहनत और लगन से साकार कर दिखाया है। 
 
मुख्यमंत्री श्री साय ने वीणा साहू से फोन पर बात कर उन्हें उनकी इस उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी और उनका उत्साहवर्धन किया। वीणा साहू छुट्टियों में अपने घर आई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियां हमारा स्वाभिमान है, छत्तीसगढ़ की शान हैं। उन्होंने वीणा साहू से कहा कि आपने छत्तीसगढ़ का नाम रौशन किया है, छत्तीसगढ़ का नाम ऊंचा किया है। आपकी यह उपलब्धि प्रदेश के असंख्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्त्रोत हैं। वीणा साहू ने कहा कि नर्सिंग ऑफिसर बनकर हम उन लोगों की सेवा कर रहे हैं, जो देश की सेवा करते हैं। यह हमारे लिए गर्व की बात है। 
 
मुख्यमंत्री ने आदित्य सिंह की इस उपलब्धि के लिए उनके पिता से फोन पर बात कर उन्हें शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदित्य की यह सफलता पूरे प्रदेश के लिए गर्वित करने वाला पल है, आदित्य को भी इस उपलब्धि के लिए बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं। मुख्यमंत्री ने आदित्य के पिता से कहा कि आदित्य की पढ़ाई की चिंता न करें, जो भी जरूरी होगा सहयोग करेंगे। आदित्य ने छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा देश और प्रदेश की सेवा में सदैव तत्पर हैं।
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50 बरस में बिजली के खम्बे पहुंची और 77 बरस में पहुंची कोरिया के सुदूर गांवों में बिजली की रोशनी

छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के सुदूर गांवों में बिजली पहुंचने की यह कहानी केवल तकनीकी विकास की नहीं है, बल्कि धैर्य, संघर्ष और आशा की जीत का प्रतीक है। यह एक ऐसा अवसर है जो इन गांवों के लोगों की जिंदगी में एक क्रांतिकारी बदलाव लेकर आया है।
 
अंधकार से उजाले तक का सफर
1947 में देश को आजादी मिलने के बाद विकास की गंगा देश के हर कोने में बहने लगी। लेकिन कोरिया जिले के तर्रा, बसेर और मेन्द्रा जैसे गांवों को इस गंगा का इंतजार करते-करते 77 वर्ष लग गए। 1997-98 में जब इन गांवों में बिजली के खंभे लगाए गए, तब ग्रामीणों ने सोचा कि अब उनका जीवन भी रोशन होगा। लेकिन वर्षों तक तारों में करंट नहीं दौड़ा। इस दौरान गांव के लोग सौर ऊर्जा या फिर मिट्टी के तेल के दीयों के सहारे जिंदगी गुजारते रहे।
 
मुख्यमंत्री मजराटोला विद्युतीकरण योजना: एक नई शुरुआत
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी ने मुख्यमंत्री मजराटोला विद्युतीकरण योजना के तहत इन गांवों को रोशन करने का बीड़ा उठाया। ग्राम तर्रा में 55 लाख रुपए की लागत से 12 किमी 11 केवी और 9 किमी एलटी लाइन बिछाई गई। 3 ट्रांसफार्मर लगाए गए और 88 घरों को बिजली कनेक्शन मिला। ग्राम बसेर में 1.08 करोड़ रुपए की लागत से 8 किमी 11 केवी और 6 किमी एलटी लाइन का विस्तार हुआ। 7 ट्रांसफार्मर लगाए गए और 230 घरों में बिजली पहुंची। ग्राम मेन्द्रा में 54 लाख रुपए की लागत से 9 किमी 11 केवी और 6 किमी एलटी लाइन बिछाई गई। 2 ट्रांसफार्मर लगाए गए और 64 घरों में बिजली की सप्लाई शुरू हुई।
 
ग्रामीणों के लिए बदलाव की नई किरण
गांवों में बिजली पहुंचने के बाद न केवल रातें रोशन हुईं, बल्कि जीवन की दिशा भी बदली। ग्राम बसेर की छात्रा सुखमतिया ने कहा, "अब मैं देर रात तक पढ़ाई कर सकती हूं। बिजली ने मेरी पढ़ाई को आसान बना दिया है।" सुखमतिया की मां शांति बाई ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, "गर्मी में अब पंखा खरीदेंगे। जीवन पहले से आसान और आरामदायक हो जाएगा।"  बिजली से गांवों में छोटे व्यवसाय शुरू करने की संभावनाएं भी बढ़ी हैं। बिजली आने से घरों में रोशनी ही नहीं, रोजगार और आय के साधन भी आएंगे।
 
अब अगला लक्ष्य 4जी टॉवर
जिले के कलेक्टर चंदन त्रिपाठी ने बताया, "सही योजनाओं के कारण ही इन गांवों में बिजली पहुंच पाई है।" उन्होंने कहा कि, "हमने मार्गों का गहन सर्वेक्षण कराया, सड़कें बनाई गईं और वन विभाग से मदद मांगकर बिजली के खंभे लगाए गए और गांवों में बिजली पहुंचाई गई। शुरुआत में चीजें कठिन थीं क्योंकि यह घने जंगल और सुदूर क्षेत्र था।" एप्रोच रोड भी नहीं था, लेकिन लोगों की इच्छाशक्ति और  समाज के विभिन्न तबकों के सहयोग की वजह से सम्भव हुआ है। श्रीमती त्रिपाठी ने कहा कि अगला लक्ष्य उन्हें 4जी बीएसएनएल मोबाइल नेटवर्क दिलाना है।" उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी ने मुख्यमंत्री मजराटोला विद्युतीकरण योजना के तहत इन गांवों को रोशन करने का काम अपने हाथ में लिया है। कलेक्टर ने कहा जिन गांवों, पारा-मोहल्ले में बिजली नहीं पहुंची है, वहां भी शीघ्र पहुंचाने कार्य चल रही है। निश्चित ही इन ग्रामीणों के घरों में बिजली कनेक्शन होने से अंधेरे से मुक्ति मिली है।
 
संघर्ष और आशा की कहानी
ग्राम पंचायत बसेर के सरपंच नाहर सिंह ने बताया कि 1997-98 में जब खंभे लगाए गए थे, तब ग्रामीणों ने कई सपने देखे थे। लेकिन बिजली न होने के कारण उन सपनों पर अंधकार छा गया। हालांकि इन गांवों में सोलर पैनल के माध्यम से  बिजली पहुंचने से कुछ हद तक राहत मिली थी। सरपंच ने बताया कि लगातार प्रशासन से मांग और प्रयास के बाद आखिरकार 2024 में इन गांवों में बिजली पहुंची। बिजली का गांवों में पहुंचना केवल रोशनी का आगमन नहीं है, बल्कि यह शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक उन्नति के नए द्वार खोलने का संकेत है। आजादी के 77 वर्षों बाद बिजली का पहुंचना विकास की एक नई लहर है। यह गांवों के लिए एक नई शुरुआत है, जो उनकी जिंदगी में उजाले के साथ-साथ नई संभावनाओं को भी लेकर आई है।
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छत्तीसगढ़ सरकार और सामूहिक प्रयास संघर्ष का प्रतिफल

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के अरनपुर-जगरगुंडा इलाके के गांव पोटाली में लगभग 19 वर्ष बाद फिर से स्वास्थ्य सुविधा बहाल हो गई है। पोटाली के ग्रामीणों को अब उनके गांव में ही स्वास्थ्य सुविधा मिलनी शुरू हो गई है। विधायक श्री चैतराम अटामी ने पोटाली गांव में शासन-प्रशासन की विशेष पहल से फिर से तैयार सर्वसुविधायुक्त उप स्वास्थ्य केन्द्र (आयुष्मान आरोग्य मंदिर) का शुभारंभ किया। इस दौरान दंतेवाड़ा के कलेक्टर और एसपी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। 
  
गौरतलब है कि पोटाली ग्राम पंचायत दंतेवाड़ा जिले के अरनपुर-जगरगुंडा इलाके में स्थित है। यह धुर नक्सल प्रभावित इलाका रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार के नक्सल उन्मूलन अभियान की सफलता के चलते अब यहां शांति और विकास की बयार बहने लगी है, जिसके फलस्वरूप यहां स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क सहित अन्य बुनियादी सुविधाएं तेजी से पहुंचने लगी हैं। 
 
बताया जाता है कि वर्ष 2004-05 में एनएमडीसी द्वारा ग्राम पोटाली सब हेल्थ सेंटर का निर्माण कराया गया था। निर्माण के कुछ समय बाद ही नक्सली हिंसा और सलवा जुडूम आंदोलन के कारण यह पूरी तरह से बंद हो गया और स्वास्थ्य केन्द्र का भवन खंडहर में तब्दील हो गया। नक्सलियों ने इस भवन की दीवारों पर धमकी भरे संदेश लिख दिए थे, और इस भवन का उपयोग करने वालों को नुकसान पहुंचाने की चेतावनी देते थे। जिसके चलते यह उप स्वास्थ्य केन्द्र पूरी तरह से अनुपयोगी हो गया। 
 
पोटाली गांव के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अरनपुर या समेली गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक पैदल जाना पड़ता था। कई बार, केवल बुनियादी दवाओं के लिए भी उन्हें मीलों चलना पड़ता था। यह स्थिति ग्रामीणों के लिए बेहद कठिन और निराशाजनक थी। ग्रामीणों की मांग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की पहल को देखते हुए शासन-प्रशासन द्वारा फिर से इसका जीर्णोद्धार, रंग-रोगन एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई। ग्रामीण बताते हैं कि इस स्वास्थ्य केन्द्र के जीर्णोंद्धार के दौरान अप्रैल 2023 में अरनपुर के पास हुए एक बम धमाके में 10 सुरक्षा कर्मियों की शहादत ने पूरे क्षेत्र में भय व्याप्त हो गया, जिसके चलते ठेकेदारों और श्रमिकों ने अपनी सुरक्षा के डर से काम रोक दिया। शासन-प्रशासन द्वारा ग्रामीणों को विश्वास में लेकर काम को फिर से शुरू किया गया। लेकिन, अप्रैल 2024 में एक स्थानीय जनप्रतिनिधि जो पोटाली में स्वास्थ्य सुविधा की बहाली के लिए बढ़-चढ़कर काम कर रहे थे, नक्सलियों द्वारा उनकी हत्या कर दी गई। 
 
इन सभी बाधाओं के बावजूद, पोटाली स्वास्थ्य केन्द्र को पुनर्जीवित करने का कार्य नहीं रूका। जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और ग्रामीणों के अथक प्रयास से यह काम अंततः पूरा हुआ और पोटाली स्वास्थ्य केन्द्र वहां की जनता के लिए लोकार्पित कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ सरकार की नियद नेल्ला नार योजना का भी पोटाली में स्वास्थ्य सेवाओं की बहाली में महत्वपूर्ण रोल रहा है। इस स्वास्थ्य केंद्र में छह-बिस्तरों वाला वार्ड की भी सुविधा है जिसके सफल संचालन के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, ग्रामीण स्वास्थ्य समन्वयक और 26 मितानिन की टीम मौजूद है। 
 
पोटाली में स्वास्थ्य केन्द्र शुरू हो जाने से ग्रामीण बेहद प्रसन्न हैं। ग्राम पंचायत की सरपंच ललिता मंडावी ने कहा कि उनके गांव में सर्वसुविधायुक्त उप स्वास्थ्य केन्द्र का शुरू होना अच्छी बात है। अब ग्रामीणों को इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। गांव के युवा दिलीप कुमार ने कहा कि नक्सलियों के चलते गांव का स्वास्थ्य केन्द्र उजड़ गया था। यहां के लोगों को इलाज कराने के लिए अरनपुर और समेली जाना पड़ता था, जो कि 15 से 18 किलोमीटर की दूरी पर है अब लोग गांव में ही इलाज करा लेंगे। गांव में आवागमन के लिए सड़क सहित अन्य सुविधाओं का भी विकास हो रहा है।
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नए साल के पहले दिन ही सचिवों और विभागाध्यक्षों की बैठक में मुख्यमंत्री ने दिया शासकीय कामकाज में कसावट लाने का मंत्र

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नए साल के पहले दिन ही मंत्रालय में सभी विभागों के सचिवों और विभागों के विभागाध्यक्षों की बैठक लेकर शासकीय काम-काज में पारदर्शिता और कसावट लाने के साथ-साथ आमजनता से जुड़े मामलों का तत्परतापूर्वक त्वरित  एवं प्रभावी निराकरण करने के निर्देश दिए। 
 
मुख्यमंत्री साय ने बैठक में दो टूक कहा कि प्रशासनिक काम-काज में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी से लेकर निचले स्तर तक के अधिकारी-कर्मचारी समय पर कार्यालय आएं और पूरी मुस्तैदी से अपने दायित्वों का निर्वहन करें। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए हम सभी को टीम भावना के साथ काम करना होगा। 
 
   मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि वर्ष 2024 में हमने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की प्रमुख गारंटियों को पूरा किया है। वर्ष 2025 छत्तीसगढ़ का रजत जयंती वर्ष है। रजत जयंती वर्ष का छत्तीसगढ़ के लिए विशेष महत्व है, इसलिए बहुत उत्साह से निष्ठापूर्वक अपने दायित्वों का निर्वहन करें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विशेष अभियान संचालित कर लंबित फाइलों को तत्परता से निराकृत करने की हिदायत दी। उन्होंने मंत्रालय सहित सभी ऑफिसों में ई-ऑफिस की व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने के निर्देश दिए। 
 
    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि वे स्वयं सभी विभागों के कार्यों की समीक्षा करेंगे। उन्होंने सभी विभागीय सचिवों को अपने विभाग की नियमित समीक्षा करने के निर्देश देते हुए कहा कि  हर महीने वर्चुअल समीक्षा के साथ ही हर 3 महीने में भौतिक समीक्षा भी की जाए। साथ ही बड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं का समयबद्ध निराकरण करने का प्रयास करें और मुख्य सचिव तथा प्रमुख सचिव को अवगत कराएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी की समस्याओं का समय पर निराकरण होना जरूरी है।
 
     मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ईज ऑफ लिविंग और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर हमारा फोकस होना चाहिए। छत्तीसगढ़ में अभी निवेश का बहुत अच्छा माहौल बना है। छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नीति 2024-2030 की पूरे देश में सराहना की जा रही है। नई औद्योगिक नीति का लाभ निवेशकों को मिले, इसका विशेष ध्यान रखें। 
 
     मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति मजबूत होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विगत एक साल में हमने नक्सल मोर्चे पर बड़ी कामयाबी पाई है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित  करने में हम कामयाब हुए हैं। शासन की योजनाओं को नक्सल प्रभावित क्षेत्रों तक ले जाने की आवश्यकता है। नियद नेल्ला नार योजना का लाभ क्षेत्र के लोगों को मिले, यह बहुत जरूरी है। नक्सली क्षेत्र में बहुत से सुरक्षा कैंप हमने खोले हैं। इस बात का ध्यान रखें कि संबंधित विभाग के कार्य जो नियद नेल्ला नार योजना के तहत आते हैं, वे त्वरित गति से इन क्षेत्रों में पूर्ण हों।  छत्तीसगढ़ के दूरस्थ आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों तक शासन की योजना का लाभ पहुंचाना सेवा का कार्य है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिलों के प्रभारी सचिव हर 2 महीने में जिलों का दौरा करें। इस दौरान वे जिले के अंदरूनी क्षेत्रों में जाएं और फील्ड की जानकारी लें, तभी जमीनी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति पता चलेगी। उन्होंने प्रभारी सचिवों को अपने जिले के भ्रमण के दौरान वहां की स्थिति के के सम्बन्ध में मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव अनिवार्य रूप से अवगत कराने के निर्देश दिए।
 
मुख्यमंत्री  साय ने जिलों में भी प्रशासनिक कसावट का विशेष ख्याल रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रैफिक व्यवस्था पर भी बहुत ध्यान दिए जाने की जरूरत है। आजकल बहुत सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। अभियान चला कर सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम का पुख्ता प्रबंध किया जाना चाहिए ताकि इसमें कमी लायी जा सके। छत्तीसगढ़ में अन्य राज्यों से नशे की सामग्रियों की तस्करी न होने पाए, इस पर कड़ाई से रोक लगाने की जरूरत है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि पिछले एक वर्ष में नशे के अवैध कारोबार की रोकथाम के लिए अच्छा प्रयास किया गया है, इसमें और तेजी लाने की जरूरत है। 
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छत्तीसगढ़ सरकार के फैसले से चावल उद्योग को मिलेगा प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ सरकार ने छत्तीसगढ़ के चावल उद्योग को प्रोत्साहित करने तथा राज्य से गैर-बासमती चावल के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए चावल निर्यातकों को मण्डी शुल्क और कृषक कल्याण शुल्क से पूर्णतः छूट देने का निर्णय लिया है। यह छूट उन निर्यातकों को मिलेगी जो राज्य के राइस मिलर्स और मंडियों के माध्यम से खरीदे गए धान से तैयार गैर-बासमती चावल का निर्यात करेंगे। शुल्क में छूट देने का उद्देश्य छत्तीसगढ़ से गैर बासमती चावल निर्यात को बढ़ावा देना और राज्य के किसानों तथा चावल मिलर्स को अधिक लाभ दिलाना है। सरकार के इस फैसले से छत्तीसगढ़ के चावल उद्योग को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद मिलेगी। 
 
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा मंडी शुल्क एवं किसान कल्याण में छूट दिए जाने की  अधिसूचना को राजपत्र में प्रकाशन के लिए जारी कर दिया गया है। यह छूट अधिसूचना प्रकाशन के दिनांक से लेकर एक वर्ष तक के लिए होगी। उक्त दोनों शुल्कों में छूट के लिए चावल निर्यातकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके शिपिंग बिल में चावल के कार्गाे का मूल स्थान छत्तीसगढ़ लिखा हो। इसके अलावा, छत्तीसगढ़ का वस्तु एवं सेवा कर विवरण, लदान बिल, और बैंक री-कॉसिलेशन स्टेटमेंट की प्रति संबंधित मंडी में प्रस्तुत करनी होगी। राज्य के पंजीकृत चावल निर्यातकों और राइस मिलर्स को एक घोषणा पत्र देना होगा, जिसमें यह स्पष्ट रूप से दर्शाया गया हो कि चावल छत्तीसगढ़ से खरीदे गए धान से तैयार किया गया है। राइस मिलर्स को मंडी अधिनियम के तहत चावल निर्यातकों को परमिट जारी करना होगा।

 

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रायपुर में सड़क किनारे बैठे लोगों को ट्रक ने रौंदा, मौके पर 2 बच्चों की मौत, 10 घायल

 सिलतरा इलाके में एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई और 10 से अधिक लोग घायल हो गए।

हादसा उस वक्त हुआ जब तूफान गाड़ी में तकनीकी खराबी के कारण ड्राइवर ने गाड़ी को सड़क किनारे पार्क कर दिया था। गाड़ी से उतरे यात्री सड़क किनारे बैठे थे, तभी तेज रफ्तार ट्रक ने आकर उन्हें कुचल दिया।

गाड़ी में 13 लोग सवार थे, 2 की मौत

हादसे में 14 वर्षीय मोनिका और 12 वर्षीय आराध्या की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 10 लोग घायल हो गए, जिनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है।

गाड़ी में कुल 13 लोग सवार थे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया और ट्रक ड्राइवर को हिरासत में लिया। हादसा धरसींवा थाना क्षेत्र में हुआ।

जानकारी के अनुसार पीड़ित परिवार शीतकालीन छुट्टी में जगन्नाथ पुरी और अमरकंटक की यात्रा से लौट रहा था। सिलतरा चौकी पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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नए साल में साय सरकार के मंत्रिमंडल में जुड़ेंगे नए चेहरे, बदलेगा राजनीतिक समीकरण

 नए वर्ष में प्रदेश के राजनीतिक समीकरण में कई बदलाव देखने को मिलेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार के मंत्रिमंडल में नए विधायकों को जगह मिलने से नया राजनीतिक समीकरण बनेगा। हरियाणा की तर्ज पर प्रदेश में भी 14 मंत्री बनाने के प्रस्ताव पर मुहर लगी तो साय सरकार के मंत्रिमंडल में तीन नए चेहरों को मौका मिलेगा।


अभी प्रदेश की 90 सीटों वाली विधानसभा में 15 प्रतिशत के हिसाब से 13.5 प्रतिशत विधायकों को ही मंत्री बनाने का प्रविधान है। हालांकि हरियाणा में भी भाजपा सरकार है और वहां भी विधानसभा में कुल 90 सीटें हैं, इसके बावजूद वहां पर 14 मंत्री बनाए गए हैं।
ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि छत्तीसगढ़ में भी हरियाणा फार्मूला चल सकता है। मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के रायपुर सांसद बनने के बाद साय मंत्रिमंडल में अभी 11 मंत्री हैं। मंत्रिमंडल के अलावा साय सरकार 33 निगम मंडलों में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष और सदस्यों की भी नियुक्ति करेगी। इसी तरह विधानसभा में उपाध्यक्ष और कांग्रेस की तरफ से उप नेता प्रतिपक्ष बनाने की भी कवायद हो सकती है।
कांग्रेस में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) का विलय

प्रदेश कांग्रेस कमेटी में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) का विलय होने की उम्मीद है। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने कांग्रेस में विलय के लिए प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज को पत्र लिखकर प्रस्ताव भेजा है। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) की स्थापना 23 जून 2016 को पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने किया था।

वर्ष-2018 के विधानसभा चुनाव में बसपा के साथ मिलकर जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने चुनाव लड़ा था। गठनबंधन को 90 में से केवल सात सीटें ही मिलीं, जिसमें जोगी की पार्टी को पांच और बसपा की दो शामिल थीं। 2023 के विधानसभा चुनाव में जोगी की पार्टी ने अकेले चुनाव लड़ा। 77 सीटों पर प्रत्याशी उतरे, लेकिन किसी को जीत का स्वाद नही मिला।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी में होगा बदलाव
कांग्रेस में बड़े बदलाव की आवाज पिछले कई महीनों से उठ रही है। पार्टी नेतृत्व ने इस बारे में पहले भी कई मौकों पर संकेत दिया है। अभी तक पार्टी में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला है, लेकिन अब बदलाव की आवाज जोर-शोर से उठने लगी है।

प्रदेश कांग्रेस संगठन में महामंत्री, सचिव और जिला अध्यक्ष सहित कई पद रिक्त हैं। इन पदों पर नए लोगों को नियुक्त किया जाना है। ये पद काफी समय से रिक्त हैं। नये वर्ष में कई जिलों में शहरी और ग्रामीण जिला अध्यक्ष बदले जाएंगे, जिसकी तैयारी कर ली गई है।
नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव पहली बार बैठेंगे प्रशासक

प्रदेश में नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव कराए जाएंगे, इसके लिए तैयारी पूरी की जा चुकी है। भाजपा और कांग्रेस ने लोगों के बीच जाने के लिए मुद्दे तय कर लिए हैं। प्रदेश के 14 नगर निगमों में से 10 में चुनाव होना है।

इनमें अंबिकापुर, धमतरी, कोरबा, बिलासपुर, चिरमिरी, राजनांदगांव, जगदलपुर, रायगढ़, दुर्ग, रायपुर शामिल हैं। रिसाली, भिलाई, बीरगांव और भिलाई-चरोदा में अभी चुनाव नही होंगे। 14 में से 13 निगमों में कांग्रेस की सरकार है। राज्य निर्माण के बाद पहली बार तय कार्यकाल के पूरा होने के बाद भी चुनाव नहीं हो पाए हैं। पहली बार प्रदेश में प्रशासक की नियुक्ति की जाएगी। पंचायत चुनाव में भी पंचायतों में नए सरपंच मिलेंगे।

 
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किशोरी बेटी के साथ रेप, पिता गिरफ्तार

 छत्तीसगढ़ में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है, जहां कलयुग पिता ने खुद की 12 वर्षीय मासूम बेटी को हवस का शिकार बनाया. मां की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है. यह मामला बलरामपुर जिले के सनवाल क्षेत्र का है.

 

बताया जा रहा कि घर से दूर जाकर तालाब के किनारे पिता अपनी बेटी के साथ अनाचार कर रहा था. घटना की जानकारी तब लगी जब मासूम चिल्लाने लगी. इसके बाद मां ने बेटी को बचाने के लिए दौड़ा. मां की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी पिता को रिमांड में लेकर जेल भेज दिया है.

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अज्ञात वाहन ने ऑटो को मारी टक्कर 1 की मौत 10 घायल

 जिले से भीषण सड़क हादसे का मामला सामने आया है। जिसमें एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई है। वहीं ऑटो चालक सहित 10 महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गई है।

सभी महिलाएं दशगात्र कार्यक्रम से वापस लौट रही थी। वहीं हादसे में ऑटो को टक्कर मारने वाला अज्ञात वाहन चालक मौके से फरार हो गया है। 

 

दरअसल, सूरजपुर के बरोल गांव से महिलाएं ऑटो में सवार होकर दशगात्र कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गई थी। इसी दौरान सभी वहां से वापस लौट रही थी। तभी रास्ते में एक अज्ञात वाहन में ऑटो को जबरदस्त टक्कर मार दी।

इस दौरान एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं हादसे में ऑटो चालक सहित 10 महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गई है। हादसा इतना जबरदस्त था की ऑटो के परखच्चे उड़ गए हैं। 

 

 

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कलेक्टर ने निराकरण के दिए निर्देश,जनदर्शन में 106 आवेदन प्राप्त हुए

 कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी ने जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे जनसामान्य लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन में पहुंचे सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा।

जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन कराने, रोजगार दिलाने, आर्थिक सहायता राशि दिलाने सहित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आज 106 आवेदन प्राप्त हुए। बजरंग नगर दुर्ग निवासियों ने गैस एजेंसी के विरूद्ध कार्यवाही करने मांग की। उन्होंने बताया कि गरीबी रेखा से जीवन यापन करने वाले हम मजदूर रोजी मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। हमारे नाम से गरीबी रेखा राशन कार्ड बना हुआ है।

 
 

शासन की योजना के अंतर्गत उज्जवला योजना के तहत गैस कनेक्शन के लिए 2018 में आवेदन किया गया था। अपने नाम का गैस सिलेण्डर लेने गोल्डन गैस एजेंसी पद्मनाभपुर में गए तो वहां के.वाय.सी. नही हुआ है, कहकर लगभग तीन वर्षो से घुमाया जा रहा है, जबकि मेेरे नाम से गैस सिलेण्डर प्रतिमाह उठाया जा रहा है, जो कि मेरे नाम से जारी दिखा रहा है। इसी प्रकार अन्य महिलाओं को भी गैस सिलेण्डर के लिए घुमाया जा रहा है। इस पर कलेक्टर खाद्य नियंत्रण अधिकारी को परीक्षण कर कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

 
 

ग्राम औंरी निवासी ने विकलांग पेंशन प्रदान करने आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि 50 प्रतिशत विकलांग होने के कारण जीवन यापन हेतु शारीरिक एवं आर्थिक रूप से सक्षम नही है। वर्तमान में किसी भी प्रकार का पेंशन प्राप्त नही होने से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कलेक्टर ने परीक्षण कर नियमानुसार कार्यवाही करने को कहा। ग्राम मोहलई के गोविंद गोपालन केन्द्र ने नाली का निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराने आवेदन दिया। सड़क निर्माण के दौरान नाली निर्माण किया जा रहा था।

 
 

गौशाला के सामने लगभग 200 फुट नाली का निर्माण संबंधित विभाग द्वारा कतिपय कारणों से नाली निर्माण नही किया गया। इस संबंध में संबंधित विभाग को आवेदन दिया गया था। गौशाला के प्रदूषित जल का निष्कासन खाली प्लाट में किया जाता है, चूंकि पीछे प्लाट में भवन निर्माण हो जाने के कारण निष्कासन के लिए समस्या उत्पन्न हो रहा है। इस पर कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग को वस्तुस्थिति का जायजा लेकर त्वरित कार्यवाही करने को कहा। इस अवसर पर एडीएम अरविंद एक्का, अपर कलेक्टर श्रीमती लता उर्वशा, संयुक्त कलेक्टर विरेन्द्र सिंह सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

 
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केन्द्रीय राज्य मंत्री ने आकांक्षी जिला के विकास कार्यों का अवलोकन किया

 जिला दंतेवाड़ा में अपने प्रवास के दौरान स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय भारत सरकार, केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने रविवार को बाल मित्र पुस्तकालय, जैविक कृषि, नव गुरुकुल एवं एसएचसी सेंटर घोटपाल का अवलोकन भ्रमण किया।


केन्द्रीय राज्य मंत्री सर्वप्रथम मुख्यालय के चितांलका ग्राम स्थित बालमित्र पुस्तकालय पहुंची। उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा शाला त्यागी बच्चों को नवीन शिक्षा के क्षेत्र में जोड़ने के लिए बच्चों की पुस्तकालय के साथ बाल-हितैषी जिला बनाने की पहल की गई है। ताकि जिले के जितने भी शाला त्यागी बच्चे है उन्हें बाल मित्र कार्यक्रम योजना से जोड़ा जाए। जिससे बच्चों का मन पुस्तकीय ज्ञान की और आकर्षित हो सके।


इस संबंध में जिले के प्रभारी कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा ने मंत्री को अवगत कराया कि जिले में संचालित बाल मित्र पुस्तकालय एवं गतिविधि केन्द्र अभी तीन विकासखण्ड में प्रारंभ की गई है। ’’बाल मित्र कार्यक्रम’’ दंतेवाड़ा के बच्चों की शैक्षिक, सुरक्षा और विकासात्मक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक अग्रणी पहल है। जिला प्रशासन और गैर-लाभकारी संगठन ’’बचपन बनाओ’’ के सहयोग से विकसित, यह कार्यक्रम पंचायतों में बाल मित्र पुस्तकालय सह गतिविधि केंद्र (बीएलसीएसी) की स्थापना पर केंद्रित है। ये केंद्र बच्चों के लिए शिक्षा के संदर्भ में सुरक्षित, सुलभ स्थान प्रदान करते हैं इस कार्यक्रम के द्वारा साक्षरता, सामाजिक भावनात्मक विकास और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा। इस पहल के केंद्र में बाल मित्र साथी के रूप में  स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित कर सहयोग लिया जायेगा।


इस मौके पर केंद्रीय राज्य मंत्री ने उपस्थित बच्चों के साथ रुबरु होकर उनकी विभिन्न गतिविधियों को देख कर प्रोत्साहित किया। इस दौरान उन्होंने उपस्थित बच्चों से उनके पढ़ाई विषयक पुस्तकों के बारे मे जानना चाहा। बच्चों ने भी उन्हें उत्साहपूर्वक विभिन्न पुस्तकों जैसे “तीन साथी” और “मुन्नी करें बात बकरी के साथ” जैसी किताबों के बारे में तथा इनसे संबंधित कविता सुनाया। इससे मंत्री ने बच्चों की तारीफ करते हुए उन्हें प्रोत्साहन दिया। उन्होंने कहा कि शाला त्यागी बच्चों के लिए की जा रही यह पहल न केवल बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने का उदाहरण है, बल्कि उनके भीतर रचनात्मकता और आत्म विश्वास भी बढ़ाने में सहायक है। पुस्तकालयों के ऐसे कार्यक्रम बच्चों के बौद्धिक और सांस्कृतिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इसके पश्चात उन्होंने कारली ग्राम अन्तर्गत जैविक कृषि कर रहे प्रगतिशील कृषक देवचंद यादव द्वारा किए जा रहे कृषि फार्मिंग को देखा। कृषक देवचंद यादव पीढ़ियों से जैविक कृषि के माध्यम से धान गोभी, करेला, मूली, बरबट्टी, धनिया और अन्य सब्जियों उगा रहे है। इस दौरान श्रीमती पटेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले का जैविक कृषि की ओर बढ़ना एक प्रेरणादायक पहल है।


 जिला प्रशासन और कृषि विभाग के प्रयासों से 110 गांवों में 10,264 किसानों की 65,279 हेक्टेयर भूमि का जैविक प्रमाणीकरण किया जाना एक बड़ी उपलब्धि है। यह पहल न केवल कृषि में रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के उपयोग को कम करेगी, बल्कि किसानों को स्थायी और पर्यावरण के अनुकूल कृषि पद्धतियों की ओर भी प्रोत्साहित करेगी। कारली गांव के देवचंद इस बदलाव का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। इसे व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। जैविक कृषि स्वास्थ्य के लिए लाभकारी और पर्यावरण के लिए अनुकूल है। इस तरह की सफल कहानियां अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगी और दंतेवाड़ा जैसे आकांक्षी जिलों में जैविक खेती को और गति प्रदान करेंगी। इसके अलावा केन्द्रीय राज्य मंत्री द्वारा जावंगा स्थित नवगुरुकुल केंद्र का भी अवलोकन किया गया। उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा जावंगा नवगुरुकुल में निःशुल्क आवासीय सॉफ्टवेयर इजीनियरिग प्रोग्राम, आधुनिक कौषल जैसे इंग्लिश स्पीकिंग, लीडरशिप स्किल, पर्सनालिटी डेवलपमेंट आदि का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें किसी कारणवश 10वीं और 12वीं परीक्षा के बाद ड्राप आउट करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए तकनीकी क्षेत्रों में अवसर उपलब्ध कराए जा रहे है।


नवगुरुकुल केंद्र के निरीक्षण के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री ने छात्र-छात्राओं से उनसे दिए जा रहे प्रशिक्षण के बारे में पूछा और मन लगाकर पढ़ाई करने की बात कही। इस क्रम में उन्होंने गीदम स्थित 50 बिस्तर मातृ शिशु स्वास्थ्य अस्पताल (एमसीएच) सेंटर का भी अवलोकन करते हुए सुविधाओं के बारे में जानकारी ली और दिशा निर्देश दिए। इसके साथ ही उनके द्वारा गीदम ब्लॉक अन्तर्गत ग्राम घोटपाल स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर का भी निरीक्षण किया। यहां स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया था। उल्लेखनीय है कि जिले में प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के अन्तर्गत सप्ताह के दो दिन स्वास्थ्य शिविर लगाए जाते है इन स्वास्थ्य  शिविरों में उच्च रक्तचाप, मधुमेह,जैसे बीमारियों के जांच के साथ-साथ आयुष्मान कार्ड पंजीयन की भी सुविधा दूर दराज ग्रामीणों को उपलब्ध कराई जाती है। इसे वे ग्रामीणों लाभान्वित हो रहे है जो कारणवश जिला चिकित्सालय नियमित जांच हेतु नहीं आ पाते। गाँव के समीप ही स्वास्थ्य शिविर के आयोजन से ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो रही हैं। यहां निरीक्षण के दौरान केन्द्रीय राज्य मंत्री ने यहां उपस्थित मितानिनों, चिकित्सकों के साथ-साथ मरीजो के साथ भी अनौपचारिक चर्चा किया तथा उनसे केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा दी जा रही चिकित्सा सुविधाओं से लाभान्वित होने को कहा। इस मौके पर केंद्रीय राज्य मंत्री को स्मृति चिन्ह भी भेंट किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के विधायक चैतराम अटामी, सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अपर कलेक्टर राजेश पात्रे, एसडीएम, अभिषेक तिवारी, सीएमएचओ डॉ. अजय रामटेके, उपसंचालक कृषि सूरज पंसारी सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे। 
 

 

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गरियाबंद न्यायालय परिसर में नष्ट की गई 11 हजार लीटर अवैध शराब

 जिला-अपर सत्र न्यायालय गरियाबंद के मालखाना अनुभाग में 10 वर्षों से लंबित संपत्तियों का निराकरण किया गया। जिला-गरियाबंद के अलग-अलग थानों से जप्त लगभग 11,000 बल्क लीटर जप्त अवैध शराब को न्यायालय परिसर, गरियाबंद में नष्ट किया गया। प्रभारी अधिकारी मालखाना अनुभाग जिला एवं अपर सत्र न्यायालय, गरियाबंद श्रीमती तजेश्वरी देवी देवांगन के निर्देशन में उक्त अवैध शराब का विधिवत् नष्टीकरण किया गया।

उक्त नष्टीकरण प्रकिया सफलतापूर्वक संपन्न किये जाने हेतु अपर सत्र न्यायाधीश, एफटीएससी यशवंत वासनीकर, तत्कालीन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, गरियाबंद श्रीमती छाया सिंह, वर्तमान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट , गरियाबंद श्रीमती अनीता ध्रुव, न्यायिक मजिस्टेट कनिष्ठ श्रेणी, गरियाबंद प्रशांत कुमार देवांगन, पुलिस अधीक्षक, गरियाबंद निखिल अशोक राखेचा एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार चन्द्राकर, नायब नाजिर प्रवेश शेण्डे, सेल अमीन उमेश कुमार एवं ओमप्रकाश जायसवाल, आरक्षक गरियाबंद का विशेष योगदान रहा। इसके साथ ही उक्त कार्य पूर्ण किये जाने में न्यायालयीन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारीगण प्रेमकुमार सोनवाने, रेणुप्रसाद गिलहरे, देवलाल ठाकुर, गोकुलराम ध्रुव, बालकृष्णा सोनवानी, हीरासिंह ध्रुव एवं दामोदर सोनवानी का सराहनीय योगदान रहा।

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SECL माइन में डीजल चोरी करने वाले 7 गिरफ्तार, 6 पुलिसकर्मी भी नपे...

 कोरबा पुलिस ने गेवरा खदान में डीजल की चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने चोरी की 2345 लीटर डीजल एवं घटना में प्रयुक्त दो बोलेरो वाहन को जब्त किया है। पुलिस ने खुलासा किया है कि चोरी में 6 पुलिसकर्मी भी संलिप्त थे। एसपी ने इन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

दरअसल, एसईसीएल गेवरा खदान में लगातार डीजल चोरी होने की शिकायत कोरबा पुलिस को मिल रही थी। खदान के सुरक्षा अधिकारी गेवरा परियोजना के द्वारा इसकी शिकायत भी थाने में दर्ज कराई थी। थाने में दी शिकायत में उन्होंने बताया कि कुछ लोगों के द्वारा 22 दिसंबर की रात खदान में डीजल चोरी की घटना को अंजाम दिया जा रहा था। इसकी सूचना जब खदान के कर्मचारियों को हुई तो वो मौके पर पहुंचे। कर्मचारियों को आता देख आरोपी मौके से भाग निकले।



एसपी ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच कर चोरों को गिरफतार करने के निर्देश दिये। पुलिस टीम सीसीटीवी फुटेजों के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की और उनके अलग अलग ठिकानों में छापा मारकर सात आरोपियों को कपड़ा गया। आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि चोरी की इस घटना में छह पुलिसवाले भी संलिप्त है।



एसपी ने मामले में तत्काल संज्ञान लेते हुये संलिप्त 6 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही उनके खिलाफ जांच कार्रवाई भी जारी है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 15 हजार लीटर डीजल भी जब्त किया है।

सस्पेंड पुलिसकर्मी
प्रधान आरक्षक 35 राजेश कंवर साइबर सेल कोरबा, आरक्षक 754 कमल कैवर्त्य थाना हरदीबाज़ार, आरक्षक 488 तिलक पटेल थाना हरदीबाज़ार आरक्षक 486 धीरज पटेल थाना कुसमुंडा, आरक्षक 604 त्रिलोचन सागर थाना कुसमुंडा एवं आरक्षक 689 रितेश शर्मा साइबर सेल कोरबा शामिल है। सभी के खिलाफ प्राथमिक जाँच हेतु नगर पुलिस अधीक्षक दर्री विमल पाठक को सौंपा गया है।

गिरफ्तार आरोपी
(1) पुरुषोत्तम कुमार यादव पिता स्व भुजबल यादव उम्र 34 वर्ष पता बगडबरी पारा थाना बलौदा जिला जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़
(2) देवचरण चौहान पिता वीर साय चौहान उम्र 19 वर्ष साकिन विजय नगर दीपका थाना दीपका जिला कोरबा


(3) राजेंद्र साहू उर्फ़ कुनाल पिता लक्ष्मी प्रसाद साहू उम्र बाराद्वार जिला शक्ति छत्तीसगढ़ 20 वर्ष साकिन कराडी थाना


(4) शेख उर्फ बिट्टू पिता शेख फैयाज उम्र 28 वर्ष साकिन ज्योति नगर मुक्तिधाम के पास थाना दीपका जिला कोरबा
(5) अर्जुन सिंह पिता स्व बनवारी सिंह गोड उम्र 18 वर्ष साकिन शांति नगर बल्गी बाकी मोगरा थाना बाकी मोगरा जिला कोरबा
(6) देवानंद खूंटे पिता अंजोर साय खूंटे उम्र 19 साल साकिन खमदई पारा खिसोरा थाना बलौदा जिला जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़
(7) रवि बरेठ पिता रमेश बरेठ उम्र 25 साल साकिन खोखरा (ठाकुर देव) थाना कोतवाली जिला जांजगीर चांपा

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पेशी की तारीख आई नहीं, और अपीलार्थी को दर्शा दिया अनुपस्थित...

 राज्य सूचना आयोग में न्यायिक प्रक्रियाओं में देरी और अनियमितताओं के गंभीर आरोप सामने आए हैं। मजे की बात यह है कि पेशी 8 जनवरी 2025 को है, और उसमे अपीलार्थी को अनुपस्थित दर्शा दिया गया है। 71 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक केके निगम ने उच्च शिक्षा विभाग से आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी की प्रक्रिया में हो रही लापरवाही और साजिश का आरोप लगाया है।


क्या है मामला
केके निगम ने 15 फरवरी 2022 को सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत जानकारी मांगी थी। मामले में पहली अपील 6 मई 2022 और दूसरी अपील 4 अगस्त 2022 को राज्य सूचना आयोग में दायर की गई। अपील प्रकरण क्रमांक A/3388/2022 की पहली सुनवाई 11 जनवरी 2023 को हुई, इसके बाद 6 अप्रैल, 13 अप्रैल और 16 नवंबर 2023 को सुनवाई हुई।

चार सुनवाइयों के बावजूद प्रतिउत्तर देने में विफल रहने के चलते, पांचवीं सुनवाई 20 जून 2024 को हुई, जिसमें उच्च शिक्षा विभाग का प्रतिनिधि अनुपस्थित रहा। आयोग की वेबसाइट पर यह अनुपस्थिति दर्ज नहीं की गई।

आयोग पर साजिश और अनियमितता का आरोप:
छठी सुनवाई 19 सितंबर 2024 को आयोजित हुई, जहां आयोग ने अपनी वेबसाइट पर केके निगम को अनुपस्थित दर्शाया। इस प्रक्रिया के बाद, आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई, लेकिन आयोग की वेबसाइट पर आगामी तारीख 8 जनवरी 2025 (जो अभी नहीं आई है) को उन्हें अनुपस्थित बताया गया है।

केके निगम ने इसे आयोग द्वारा गहरी साजिश और अन्याय का प्रमाण बताया है। उन्होंने 18 जून 2024 को आयोग को पत्र लिखकर जानकारी दी थी कि प्रतिपक्ष के दोष के बावजूद उन्हें बार-बार निर्दोष साबित करने के मौके दिए जा रहे हैं। इसके विपरीत, प्रकरण क्रमांक A/1036/2019 (कोरोना अवधि) में बिना किसी अवसर के जनसूचना अधिकारी पर ₹25,000 का दंड लगा दिया गया था।

"न्याय का मखौल उड़ाया जा रहा है":
केके निगम ने अपने पत्र में कहा है कि अत्यधिक विलंब के कारण मांगी गई जानकारी अब निरर्थक हो गई है। उन्होंने मांग की है कि प्रतिपक्ष पर तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की जाए। आयोग ने अब मामले की अगली सुनवाई 8 अप्रैल 2026 को निर्धारित की है। इस तारीख तक श्री निगम की उम्र 72 वर्ष से अधिक हो जाएगी, जो न्याय के प्रति आयोग की असंवेदनशीलता को दर्शाता है।

विशेषज्ञों की राय:
आरटीआई कार्यकर्ताओं और विशेषज्ञों का कहना है कि सूचना आयोग द्वारा इस प्रकार की देरी न केवल न्याय की भावना के खिलाफ है, बल्कि आरटीआई अधिनियम 2005 की मंशा का भी उल्लंघन है।

यह मामला न्यायिक प्रक्रियाओं की पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। श्री निगम जैसे वरिष्ठ नागरिकों को न्याय दिलाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग जोर पकड़ रही है।

 

 

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पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति में थानों में जब्त किये गये मादक पदार्थ (गांजा) को किया गया नष्ट

 पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी की उपस्थिति में आज एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत  जिले के विभिन्न थानों में जब्त किये गये मादक पदार्थो (गांजा) को बाल्को पावर प्लांट के भट्ठी(फर्नेस) में विधिसम्मत नष्टीकरण की कार्यवाही की गई। उपरोक्त नष्टीकरण की कार्यवाही हेतु जिला स्तरीय औषधि व्ययन समिति का गठन किया गया है। जिसमें  पुलिस, आबकारी , पर्यावरण सहित अन्य विभागों के अधिकारी शामिल है। नष्टीकरण की  सम्पूर्ण कार्यवाही के दौरान एडिशनल एसपी यू बी एस चौहान, नेहा वर्मा, पर्यावरण अधिकारी प्रमेन्द्र शेखर पांडेय, आबकारी अधिकारी आशा सिंह सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

गौरतलब है कि पुलिस विभाग द्वारा जिले में  मादक पदार्थों के विक्रय, परिवहन एवं भंडारण पर नियंत्रण लगाने हेतु नशीले पदार्थो के कारोबार करने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर निरंतर कार्यवाही की जा रहा है। इसी क्रम में आज जिले के पसान, पाली, कटघोरा, दीपका, रजगामार  सहित अन्य थाने में एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत विभिन्न प्रकरणों में जब्त किए गए कुल 235.65 किलोग्राम गांजा, 03 नग गांजा पौधा एवं 249 नग कैप्सूल का नष्टीकरण किया गया है। इस अवसर पर बाल्को पॉवर प्लांट के अवतार सिंह मुख्य कॉरपोरेट अफेयर्स, सुमंत सिंह, अरुण बिस्वाल सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

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राज्य समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन ने किया विभिन्न ग्रामों का दौरा

 राज्य स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के राज्य समन्वयक (स्वच्छता प्रकोष्ठ) एवं प्रभारी दुर्ग संभाग श्रीमती अभिलाषा आनंद द्वारा जनपद पंचायत राजनांदगांव के ग्रामों का दौरा कर स्वच्छता का अवलोकन किया गया। ग्राम पंचायत अंजोरा में सामुदायिक शौचालय के संचालन एवं देखरेख के संबंध मे पंचायत प्रतिनिधियों, आसपास के दुकानदारों से चर्चा कर साफ-सफाई बनाए रखने के लिए सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित कहा गया। 

ग्राम के भ्रमण के दौरान उन्होंने ग्रामीणों को खुले में कचरा फेंकने से स्वास्थ्य पर पडऩे वाले नकारात्मक प्रभाव से अवगत कराया तथा ग्राम में गंदगी फैलाने वालों पर अर्थदण्ड लगाने भी कहा। उन्होंने ठोस अपशिष्ट संग्रहण एवं पृथक्करण शेड मे कचरे की नियमित छंटाई करने एवं कबाड़ी वाले से अनुबंध करके बिक्री करने, प्रतिमाह स्वच्छाग्राही दीदी को सम्मानजनक प्रोत्साहन राशि 15वें वित्त एवं युजर चार्जेस से दिलाने के निर्देश दिए।

राज्य समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन अभिलाषा आनंद ने ग्राम पंचायत कोपेडीह के निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों से सिंगल युज प्लास्टिक को जलाने से होने वाले रोगों के संबंध चर्चा की। ग्राम पंचायत द्वारा वर्तमान में स्वच्छाग्राहियों को 15 वें वित्त से 9000 रूपए की प्रोत्साहन राशि देने पर प्रशंसा व्यक्त की। साथ ही युजर चार्जेस के लिए जनजागरूकता लाने निर्देशित किया गया। उन्होंने सामुदायिक शौचालय को लगातार चालू रखने हेतु निर्देश भी दिए। ग्राम पंचायत बघेरा में स्वच्छता दीदीयों द्वारा बताया गया कि उनके द्वारा कचरा पृथक्करण शेड के माध्यम से 6500 रूपए की कबाड़ी की बिक्री की गई है। ग्राम पंचायत द्वारा युजर चार्जेस 70000 रूपए वार्षिक लिया जा रहा है। उन्होंने ग्राम में निर्मित फिकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट का अवलोकन किया गया और संचालित करने हेतु निर्देशित किया गया। 

राज्य समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन अभिलाषा आनंद ने ग्राम पंचायत बोरी में स्वच्छताग्राहीयों द्वारा किए जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया गया। उन्होंने ग्रामीणों से गीला कचरा एवं सूखा कचरा अलग-अलग संग्रहण करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कचरे को वैज्ञानिक पद्धति से लैंडफिल करने, ग्रामीणों को किसी भी प्रकार के कचरे को खुले में नहीं फेंकने के लिए जागरूक करने, सामुदायिक शौचालय में ब्लैक एवं ग्रेवाटर की समुचित निपटान हेतु सोख्ता निर्माण करने, संचालन एवं देखरेख हेतु समीप के दुकान को जिम्मेदारी देने निर्देशित किया गया। इस दौरान स्वच्छता शुल्क हेतु ग्राम पंचायत द्वारा सभी परिवारों को रसीद दिए जाने की जानकारी दी गई। उन्होंने सभी पंचायतों मे इसी तरह की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान स्वच्छ भारत मिशन के जिला समन्वयक, ब्लॉक समन्वयक एवं संबंधित अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित थे।

 

 

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शास्त्री चौक बना 'नो ऑटो ज़ोन': सवारी ऑटो और ई-रिक्शा प्रतिबंधित

  राजधानी के हृदय स्थल शास्त्री चौक में यातायात के दबाव को कम करने और सुगम, सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने 29 दिसंबर से सभी प्रकार के सवारी ऑटो और ई-रिक्शा वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।


यह निर्णय डॉ. अनुराग झा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात), रायपुर के नेतृत्व में लिया गया। उन्होंने ऑटो चालक संघ के पदाधिकारियों के साथ बैठक में इस व्यवस्था को लागू करने और यातायात नियमों के पालन के निर्देश दिए।

वरिष्ठ अधिकारियों का निरीक्षण
इससे पूर्व, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह और एसएसपी डॉ. लाल उमेंद सिंह ने अन्य अधिकारियों के साथ शास्त्री चौक सहित प्रमुख सड़कों का पैदल निरीक्षण किया। इस दौरान यातायात दबाव के कारण शास्त्री चौक में सवारी ऑटो और ई-रिक्शा के प्रवेश को प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया गया।

वैकल्पिक मार्ग व्यवस्था
शास्त्री चौक से गुजरने वाले यात्रियों के लिए नए मार्गों की व्यवस्था की गई है:
    टाटीबंध से शास्त्री चौक आने वाले ऑटो शहीद स्मारक भवन तक जा सकेंगे। वापस बॉम्बे मार्केट कटिंग से यू-टर्न लेकर लौटेंगे।
    रेलवे स्टेशन से शास्त्री चौक आने वाले ऑटो कचहरी चौक तक जाएंगे और खालसा स्कूल टर्निंग से वापस लौटेंगे।
    तेलीबांधा से आने वाले ऑटो नगर घड़ी चौक तक आ सकेंगे। वहां से बंजारी चौक होते हुए अन्य मार्गों पर जा सकेंगे।
    पचपेड़ी नाका से शास्त्री चौक आने वाले ऑटो बंजारी चौक पर सवारियों को उतारकर वापस लौटेंगे।


बैठक में प्रमुख उपस्थितियां
इस बैठक में गुरजीत सिंह और सतीश ठाकुर (उप पुलिस अधीक्षक यातायात, रायपुर), ऑटो संघ से कमल पांडेय, ई-रिक्शा संघ से सुरेश तिवारी, स्कूल ऑटो संघ से जगदीश तिवारी सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।

यह निर्णय शास्त्री चौक को यातायात दबाव मुक्त और शहर की सड़कों को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सभी वाहन चालक और नागरिक सहयोग कर इस निर्णय का पालन सुनिश्चित करें।

 

 

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