छत्तीसगढ़ - Newsportal | Chhattisgarh Darpan Media Group

छत्तीसगढ़

महिलाओं को दीपावली से पूर्व मिली खुशियों की नोटिफिकेशन

 महतारी वंदन योजना की राशि से महिलाएं हो रहीं सशक्त

 
छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना ने राज्य की महिलाओं को न केवल आर्थिक सहायता प्रदान की है बल्कि उनके आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को भी बढ़ाया है। इस योजना के माध्यम से महिलाएं न केवल अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा कर रही हैं, बल्कि अपने बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को भी समय पर पूरा कर रही हैं। दीपावली से पहले राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान महतारी वंदन योजना के तहत राशि का अंतरण महिलाओं के लिए गर्व का क्षण था। इससे प्रदेश भर की महतारी वंदन योजना के लाभार्थियों के खाते में नौंवी किस्त की राशि अंतरित हुई, जिसमें कोण्डागांव जिले के एक लाख 39 हजार 177 महिलाओं को दीपावली पर्व के पहले न केवल आर्थिक सहयोग मिला, बल्कि यह भी एहसास हुआ कि सरकार उनके संघर्षों को समझ रही है और उन्हें सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

लीला बाई यादव को बेहतर जीवनयापन में मिली मदद

ग्राम बफना की रहने वाली लीला बाई यादव पेशे से मितानिन हैं और उन्हें छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा हर महीने महतारी वंदन योजना के तहत आर्थिक सहायता मिलती है। लीला बती कहती हैं, ‘इस योजना से मुझे बहुत खुशी है क्योंकि सरकार हमें घर चलाने के लिए आर्थिक मदद कर रही है, जिससे हम छोटे-मोटे खर्चे आसानी से पूरा कर पाते हैं।‘ लीला बाई के परिवार में तीन बच्चे हैं, दो बेटियां और एक बेटा। उनका बड़ा बेटा एक शो रूम में काम करता है, जिससे परिवार को आर्थिक मदद मिलती है, जबकि दूसरी बेटी अपने पिता के साथ मिलकर एक छोटा होटल चलाती है। वहीं, उनकी सबसे छोटी बेटी कंप्यूटर कोर्स कर रही है। घर में डेढ़ एकड़ खेत है, जहां परिवार खेती करता है। महतारी वंदन योजना की मदद से लीला बाई अपने परिवार के लिए बेहतर जीवन यापन करने में सक्षम हो पाई हैं।

घर के खर्चों में शैलेंद्री पोयाम को मिल रही राहत

ग्राम कलेकसा पारा, बफना की शैलेंद्री पोयाम गृहिणी हैं और उनका परिवार मुख्य रूप से खेती-बाड़ी पर निर्भर है। उनके परिवार में सात लोग हैं और उनके पति खेती करके परिवार का खर्च चलाते हैं। शैलेंद्री का परिवार छह एकड़ जमीन पर खेती करता है। महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली सहायता से शैलेंद्री को अपने परिवार की जरूरतें पूरी करने में मदद मिलती है। इस योजना से उन्हें घर चलाने के लिए आर्थिक राहत मिली है, जिससे उनका परिवार सुखी और संतुलित जीवन बिता रहा है।

हितेंद्री देवांगन को बच्चों की पढ़ाई में मिल रही मदद

बफना, कलेकसा पारा की रहने वाली हितेंद्री देवांगन एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं और उन्हें महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने एक हजार रुपये मिलते हैं। हितेंद्री कहती हैं, ‘इस बार दीपावली से पहले हमें राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के हाथों यह राशि मिली, जो हमारे लिए गर्व की बात है। इससे हम दीपावली में बच्चों के लिए पटाखे और मिठाई जैसी जरूरतें पूरी कर पाएंगे। हितेंद्री संयुक्त परिवार में रहती हैं, जिसमें 17 लोग हैं। उनका पूरा परिवार किसान है और खेती-बाड़ी से ही घर चलता है और उनकी डेढ़ एकड़ जमीन से सिर्फ खाने लायक ही उत्पादन हो पाता है। हितेंद्री बताती हैं कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली सहायता राशि से उन्हें और उनकी देवरानी एक-दूसरे की जरूरतों के समय मदद करती हैं, जिससे देवरानी जेठानी के बीच में मन मोटाव जैसे परिस्थिति नहीं रहती।

हितेंद्री के दो बेटियां हैं और दोनों बेटियों के लिए वह सुकन्या योजना के तहत पैसे जमा करती हैं, और जब कभी पैसों की कमी होती है, तब महतारी वंदन योजना की राशि उनके लिए सहारा बनती है। वह कहती हैं, ‘इस योजना के कारण मुझे कभी किसी से पैसे उधार मांगने की जरूरत नहीं पड़ी।’ उनका परिवार गर्मी के मौसम में मक्का की खेती करता है, जिससे थोड़ी बहुत आर्थिक सहायता मिल जाती है। हितेंद्री ने बताया कि इस योजना ने उनके परिवार के जीवन को काफी आसान बना दिया है। पहले जहां उन्हें अपनी बेटियों की पढ़ाई और घर की अन्य जरूरतों के लिए संघर्ष करना पड़ता था, वहीं अब महतारी वंदन योजना से मिलने वाली सहायता राशि से वह छोटी जरूरतों को पूरी कर पा रही हैं।

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महतारी वन्दन योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ के महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान कर उन्हें सशक्त बनाने और उनके जीवन में बदलाव लाने के लिए 1000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। लीला बाई, शैलेंद्री और हितेंद्री जैसी महिलाएं इस योजना की वास्तविक लाभार्थी हैं और उनकी कहानियाँ बताती हैं कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं बल्कि आत्मनिर्भरता और पारिवारिक सामंजस्य का भी प्रतीक है।महतारी वंदन योजना की राशि से महिलाएं हो रहीं सशक्त

रायपुर, 30 अक्टूबर 2024/ छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना ने राज्य की महिलाओं को न केवल आर्थिक सहायता प्रदान की है बल्कि उनके आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को भी बढ़ाया है। इस योजना के माध्यम से महिलाएं न केवल अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा कर रही हैं, बल्कि अपने बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को भी समय पर पूरा कर रही हैं। दीपावली से पहले राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान महतारी वंदन योजना के तहत राशि का अंतरण महिलाओं के लिए गर्व का क्षण था। इससे प्रदेश भर की महतारी वंदन योजना के लाभार्थियों के खाते में नौंवी किस्त की राशि अंतरित हुई, जिसमें कोण्डागांव जिले के एक लाख 39 हजार 177 महिलाओं को दीपावली पर्व के पहले न केवल आर्थिक सहयोग मिला, बल्कि यह भी एहसास हुआ कि सरकार उनके संघर्षों को समझ रही है और उन्हें सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

लीला बाई यादव को बेहतर जीवनयापन में मिली मदद

ग्राम बफना की रहने वाली लीला बाई यादव पेशे से मितानिन हैं और उन्हें छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा हर महीने महतारी वंदन योजना के तहत आर्थिक सहायता मिलती है। लीला बती कहती हैं, ‘इस योजना से मुझे बहुत खुशी है क्योंकि सरकार हमें घर चलाने के लिए आर्थिक मदद कर रही है, जिससे हम छोटे-मोटे खर्चे आसानी से पूरा कर पाते हैं।‘ लीला बाई के परिवार में तीन बच्चे हैं, दो बेटियां और एक बेटा। उनका बड़ा बेटा एक शो रूम में काम करता है, जिससे परिवार को आर्थिक मदद मिलती है, जबकि दूसरी बेटी अपने पिता के साथ मिलकर एक छोटा होटल चलाती है। वहीं, उनकी सबसे छोटी बेटी कंप्यूटर कोर्स कर रही है। घर में डेढ़ एकड़ खेत है, जहां परिवार खेती करता है। महतारी वंदन योजना की मदद से लीला बाई अपने परिवार के लिए बेहतर जीवन यापन करने में सक्षम हो पाई हैं।

घर के खर्चों में शैलेंद्री पोयाम को मिल रही राहत

ग्राम कलेकसा पारा, बफना की शैलेंद्री पोयाम गृहिणी हैं और उनका परिवार मुख्य रूप से खेती-बाड़ी पर निर्भर है। उनके परिवार में सात लोग हैं और उनके पति खेती करके परिवार का खर्च चलाते हैं। शैलेंद्री का परिवार छह एकड़ जमीन पर खेती करता है। महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली सहायता से शैलेंद्री को अपने परिवार की जरूरतें पूरी करने में मदद मिलती है। इस योजना से उन्हें घर चलाने के लिए आर्थिक राहत मिली है, जिससे उनका परिवार सुखी और संतुलित जीवन बिता रहा है।

हितेंद्री देवांगन को बच्चों की पढ़ाई में मिल रही मदद

बफना, कलेकसा पारा की रहने वाली हितेंद्री देवांगन एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं और उन्हें महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने एक हजार रुपये मिलते हैं। हितेंद्री कहती हैं, ‘इस बार दीपावली से पहले हमें राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के हाथों यह राशि मिली, जो हमारे लिए गर्व की बात है। इससे हम दीपावली में बच्चों के लिए पटाखे और मिठाई जैसी जरूरतें पूरी कर पाएंगे। हितेंद्री संयुक्त परिवार में रहती हैं, जिसमें 17 लोग हैं। उनका पूरा परिवार किसान है और खेती-बाड़ी से ही घर चलता है और उनकी डेढ़ एकड़ जमीन से सिर्फ खाने लायक ही उत्पादन हो पाता है। हितेंद्री बताती हैं कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली सहायता राशि से उन्हें और उनकी देवरानी एक-दूसरे की जरूरतों के समय मदद करती हैं, जिससे देवरानी जेठानी के बीच में मन मोटाव जैसे परिस्थिति नहीं रहती।

हितेंद्री के दो बेटियां हैं और दोनों बेटियों के लिए वह सुकन्या योजना के तहत पैसे जमा करती हैं, और जब कभी पैसों की कमी होती है, तब महतारी वंदन योजना की राशि उनके लिए सहारा बनती है। वह कहती हैं, ‘इस योजना के कारण मुझे कभी किसी से पैसे उधार मांगने की जरूरत नहीं पड़ी।’ उनका परिवार गर्मी के मौसम में मक्का की खेती करता है, जिससे थोड़ी बहुत आर्थिक सहायता मिल जाती है। हितेंद्री ने बताया कि इस योजना ने उनके परिवार के जीवन को काफी आसान बना दिया है। पहले जहां उन्हें अपनी बेटियों की पढ़ाई और घर की अन्य जरूरतों के लिए संघर्ष करना पड़ता था, वहीं अब महतारी वंदन योजना से मिलने वाली सहायता राशि से वह छोटी जरूरतों को पूरी कर पा रही हैं।

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महतारी वन्दन योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ के महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान कर उन्हें सशक्त बनाने और उनके जीवन में बदलाव लाने के लिए 1000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। लीला बाई, शैलेंद्री और हितेंद्री जैसी महिलाएं इस योजना की वास्तविक लाभार्थी हैं और उनकी कहानियाँ बताती हैं कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं बल्कि आत्मनिर्भरता और पारिवारिक सामंजस्य का भी प्रतीक है।
और भी

रेस्टॉरेंट और ढाबों में भी मिलेगी शराब, बार लाइसेंस का रास्ता साफ़...

 छत्तीसगढ़ में अब रेस्टॉरेंट और ढाबों को भी बार लाइसेंस मिलने का रास्ता साफ हो गया है। आबकारी विभाग ने 10 कमरों की अनिवार्यता को खत्म करते हुए इस नई नीति को मंजूरी दे दी है। अब बार लाइसेंस प्राप्त करने के लिए रेस्टॉरेंट या ढाबों में कम से कम 10 कमरे होना अनिवार्य नहीं रहेगा। यह कदम मुख्य रूप से मदिरा प्रेमियों को सुविधा देने की दिशा में उठाया गया है। हालांकि, इससे आबकारी विभाग के 11 हजार करोड़ रुपये के राजस्व में कोई बड़ा इजाफा होने की संभावना नहीं है।


लाइसेंस फीस और नियम:
आबकारी विभाग के नए नियमों के तहत, 3- और 4-स्टार रेस्टॉरेंट के साथ-साथ ढाबों को भी बार लाइसेंस दिया जा सकेगा। लाइसेंस शुल्क क्षेत्र की आबादी के हिसाब से तय किया गया है:
    1 लाख तक की आबादी वाले क्षेत्र में: 18 लाख रुपये
    3 लाख तक की आबादी वाले क्षेत्र में: 24 लाख रुपये
    3 लाख से अधिक की आबादी वाले क्षेत्र में: 31 लाख रुपये

विवादों के बीच सरकार का कदम:
राज्य में शराबबंदी को लेकर लंबे समय से पक्ष और विपक्ष के बीच बहस चल रही है। बावजूद इसके, मदिरा प्रेमियों और रेस्टॉरेंट व्यवसायियों को सुविधा देने के उद्देश्य से सरकार ने खुले मन से यह निर्णय लिया है। आबकारी विभाग का मानना है कि बड़े रेस्टॉरेंट और ढाबों में शराब परोसने से लोगों को काउंटर के साथ अतिरिक्त सुविधा मिल सकेगी।

जल्द होगा क्रियान्वयन:
सूत्रों के अनुसार, आबकारी विभाग ने इस नीति को जल्द लागू करने की दिशा में पूरी तैयारी कर ली है। जल्द ही इसे राज्य भर में लागू कर दिया जाएगा, जिससे रेस्टॉरेंट और ढाबों में बार का संचालन संभव हो सकेगा।

 

 

और भी

दंतेवाड़ा में मोतियाबिंद ऑपरेशन में लापरवाही पर राज्य सरकार की बड़ी कारवाई

सरकार द्वारा जिला चिकित्सालय दंतेवाड़ा में मोतियाबिंद सर्जरी के दौरान
लापरवाही बरतने वाले एक डॉक्टर सहित नेत्र सहायक अधिकारी और स्टाफ नर्स को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। 
 
नेत्र सर्जरी के दौरान मोतियाबिंद सर्जरी के निर्धारित  प्रोटोकॉल का समुचित पालन नहीं किए जाने के कारण राज्य सरकार ने
कठोर कदम उठाते हुए प्रथम दृष्टया दोषी पाए  जाने पर डॉ गीता नेताम नेत्र सर्जन जिला चिकित्सालय दंतेवाड़ा को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही कार्य के प्रति लापरवाही बरतने पर नेत्र सहायक अधिकारी सुश्री दीप्ति टोप्पो और स्टाफ नर्स श्रीमती ममता वैदे को भी निलंबित किया गया है। 
 
उल्लेखनीय है कि 22 अक्टूबर 2004 को जिला चिकित्सालय दंतेवाड़ा में मोतियाबिंद सर्जरी के दौरान मरीजों  के आंखों में संक्रमण की घटना घटित होने पर जांच कराई गई, जिसमें   इन तीनों को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया। 
 
निलंबन अवधि में डॉक्टर गीता नेताम  और  नेत्र  सहायक  अधिकारी  और  स्टाफ नर्स का मुख्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला दंतेवाड़ा निर्धारित किया गया है। 
निलंबित अधिकारियों को जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
और भी

राष्ट्रपति को बहुत पसंद आया इंस्टेंट एल्बम और फोटो फ़्रेम का तोहफ़ा

राष्ट्रपति श्रीमती द्रुपति मूर्मू पिछले दो दिन छतीसगढ़ के प्रवास पर रहीं। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रपति के सम्मान में अपने नया रायपुर के नये निवास पर दोपहर भोज रखा था । तरह तरह के छत्तीसगढ़ी- उड़िया व्यंजन रखे गये। राष्ट्रपति की गरिमा के मुताबिक़ सभी इंतज़ाम रहे। राष्ट्रपति ने इस मेहमाननवाज़ी को सराहा, पर जब मुख्यमंत्री ने पत्नी श्रीमती कौशल्या के साथ उन्हें उनके दो दिन के प्रवास से जुड़ी स्मृतियों वाला प्रिंटेड फोटो एल्बम और फोटो फ़्रेम भेंट किया तो वे सबसे ज़्यादा ख़ुश हुईं। पूरे दो दिन के प्रवास की जो फोटो मीडिया और अन्य संचार माध्यमों      में वायरल है,उनमें फोटो फ़्रेम लेते वायरल फोटो में राष्ट्रपति की मुस्कान सबसे सहज और भावपूर्ण रही। 
फोटो एल्बम और फ़्रेम में लगी तस्वीरों को देख राष्ट्रपति के चेहरे पर आश्चर्य मिश्रित ख़ुशी का भाव था, जो वायरल फोटो में साफ़ देखा जा सकता है। फोटो एल्बम और फ्रेम में लगी फ़ोटोज़ को देखकर उन्होंने मुख्यमंत्री और श्रीमती कौशल्या देवी की ओर आश्चर्य से देखा और कहा कि आज के डिजिटल युग में जब लोग व्हाट्सअप, ई मेल पर फोटो वीडियो शेयर करते है, ऐसे में इतनी जल्दी इंस्टेंट टाइम पर फोटो प्रिंट करना, एल्बम बनाना और फ़्रेम करना बहुत ही ख़ुशी की बात है। उन्होंने यह भी कहा कि दो दिन की फोटो के साथ मुख्यमंत्री के परिवार के साथ भेंट की फ़ोटोज़ भी इस एल्बम में शामिल है , जो आज के डिजिटल दौर में भी परंपरागत नैतिक मूल्यों में विश्वास को बताता है । उन्होंने कहा कि मैं बहुत खुश हूँ और इस प्रवास का यह विशेष अनुभव है । दो दिन मैं जिन कार्यक्रमों में शामिल हुई उनकी स्मृतियाँ इसमें अब चिर स्थाई हो गई है । 
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति को नवा रायपुर के निवास में भेंट किए गए फोटो एल्बम और फ्रेम में फ़ोटोज़ का चयन,विद्यार्थियों के साथ कम्यूनिकेशन की फोटो, भगवान जगन्नाथ के मंदिर दर्शन की भाव पूर्ण फोटो, मुक्तांगन में जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी फ़ोटोज़ के साथ मुख्यमंत्री जी के परिवार के साथ वाली फ़ोटोज़ भी इंस्टेंट रूप से शामिल की गई थी।
और भी

राष्ट्रपति श्रीमति द्रौपदी मुर्मु ने महतारी वंदन योजना की 9वीं किश्त जारी की

राज्य की 70 लाख महिलाओं को दी जा चुकी है अब तक 5878 करोड़ 37 लाख की राशि


राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने छत्तीसगढ़ के पुरखौती मुक्तांगन में आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना की 9वीं किश्त का अंतरण किया। इस योजना के तहत दीवाली से पहले राज्य की 69 लाख 68 हजार लाभार्थी महिलाओं के बैंक खाते में एक-एक हजार रूपए के मान से कुल 651 करोड़ 37 लाख रुपए की राशि ऑनलाईन अंतरित की गई। योजना के तहत अब तक राज्य की महिलाओं को कुल 5878 करोड़ 37 लाख रूपए की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है।
 

निष्ठा, नैतिकता और कुशलता के साथ निरंतर काम करने वालों को सहज ही सम्मान प्राप्त होता है - राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रायपुर के लिए आज 25 अक्टूबर का दिन ऐतिहासिक रहा। देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज संस्थान के 14वें दीक्षांत समारोह में अपनी गरिमामय मौजूदगी दी और 12 होनहार विद्यार्थियों को उनकी बेहतरीन शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए अपने हाथों से स्वर्ण पदक प्रदान किया। राज्यपाल श्री रमेन डेका, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू भी दीक्षांत समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।

 

और भी

चिकित्सक हमेशा मानवीय मूल्यों के साथ कार्य करें: राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु

 जनकल्याण के लिए हो आधुनिक टेक्नोलॉजी का उपयोग: राष्ट्रपति 


रायपुर एम्स छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और ओडिशा के लिए वरदान: राज्यपाल श्री रमेन डेका 

छत्तीसगढ़, मध्य भारत का मेडिकल हब बनने की ओर अग्रसर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) का द्वितीय दीक्षांत समारोह
 
रायपुर, 25 अक्टूबर 2024/ राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु ने आज एम्स रायपुर के द्वितीय दीक्षांत समारोह में संस्थान के 10 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक एवं पदोपाधि तथा 514 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मेडिकल प्रोफेशनल का कार्य अत्यंत जिम्मेदारी भरा होता है, उनके निर्णय जीवन रक्षा से जुड़े होते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यहां से उत्तीर्ण चिकित्सक एवं पैरा मेडिकल छात्र इस जिम्मेदारी और उत्तरदायित्व का निर्वहन पूरी तन्मयता और क्षमता के साथ करेंगे। उन्होंने उपाधि एवं पदोपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देेते हुए उनके स्वर्णिम भविष्य की कामना की। इस अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, एम्स रायपुर के अध्यक्ष प्रो. जॉर्ज ए डिसूजा, एम्स के कार्यपालक निदेशक एवं सीईओ लेफ्टिनेंट जनरल अशोक कुमार जिंदल सहित एम्स रायपुर के चिकित्सक एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।
 

भाजपा प्रत्याशी सुनील सोनी ने मुहूर्त नामांकन दाखिल किया

भारतीय जनता पार्टी रायपुर दक्षिण में होने वाले विधानसभा उपचुनाव के लिए कार्यकर्ताओं के साथ तैयारी में पूरी ताकत के साथ जुट गई है। भाजपा प्रत्याशी सुनील सोनी ने आज शुभ मुहूर्त में नामांकन दाखिल किया इस दौरान रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, जिला अध्यक्ष जयंती पटेल, जिला महामंत्री रमेश ठाकुर, सत्यम दुआ, प्रदेश मीडिया सह प्रभारी अनुराग अग्रवाल, मृत्युंजय दुबे, खेमराज बैध, प्रदेश प्रवक्ता राजीव चक्रवर्ती, बृजेश पांडे, जेपी चंद्रवंशी, तुषार चोपड़ा, सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता व पदाधिकारी मौजूद रहे।


सांसद बृजमोहन ने कहा कि रायपुर दक्षिण की जनता कांग्रेस को 35 सालों से सबक सिखाती आ रही है और इस बार भी सबक सिखाएगी। उन्होंने कहा कि सुनील सोनी ने भारतीय जनता पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया है। इस नामांकन में मृत्युंजय दुबे और खेमराज बैध प्रस्तावक बने। 25 तारीख को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत वरिष्ठ नेताओं के साथ दोबारा सुनील सोनी नामांकन भरेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को स्थानीय प्रत्याशी नहीं मिला इसलिए एक ऐसे युवा को प्रत्याशी बनाया, जिसे रायपुर शहर के एक प्रतिशत जनता भी नहीं जानती है ना ही पहचानती है। उनका दक्षिण विधानसभा के विकास में कोई योगदान भी नहीं है।

भाजपा प्रत्याशी सुनील सोनी ने कहा, हम लोगों ने आज नामांकन जमा किया है। 25 तारीख को सभी नेताओं के साथ फिर हम नामांकन जमा करेंगे। विपक्ष के प्रत्याशी कोई भी हो, हम किसी को कमज़ोर नहीं समझते। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की डबल इंजन की सरकार को और मजबूत बनायेंगे। 

भाजपा प्रत्याशी सुनील सोनी ने जनता से मांगा जीत का आशीर्वाद - सुनील सोनी

भारतीय जनता पार्टी रायपुर दक्षिण में होने वाले विधानसभा उपचुनाव के लिए कार्यकर्ताओं के साथ तैयारी में पूरी ताकत के साथ जुट गई है। भाजपा प्रत्याशी सुनील सोनी ने पुरानी बस्ती मंडल में बुधवार को जनसंपर्क कर जनता को भाजपा सरकार की उपलब्धियों एवं चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में बताया एवं रायपुर दक्षिण विधानसभा उपचुनाव में भाजपा के लिए समर्थन मांगा। इस दौरान श्री सोनी ने कहा कि रायपुर दक्षिण में विजयश्री पाने के लिए आप सभी जनमानस का आशीर्वाद मांगने आया हूं। रायपुर दक्षिण का विकास केवल भाजपा की कर सकती है और अगर देखा जाए तो रायपुर दक्षिण में भाजपा की सरकार में वर्तमान सांसद व प्रदेश के पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने अभूतपूर्व विकास कार्य किए है। हमें इस कार्य की निरंतरता को बनाए रखना है ।

भाजपा प्रत्याशी श्री सोनी ने इस दौरान जनसंपर्क का शुभांरभ महामाया मंदिर से किया।महामाया मंदिर वार्ड में रायपुर दक्षिण भाजपा प्रत्याशी सुनील सोनी का महिलाओं ने आरती उतार कर व पुष्प वर्षा कर  आशीर्वाद  दिया। भाजपा प्रत्याशी श्री सोनी ने गजराज चौक, गोवर्धन चौक, पटेल विद्या मंदिर, कुकरीपारा अटल चौक, दूधाधारी मंदिर, बजरंग चौक, मिठू चौक, धोबीपारा, आदर्श नगर चौक, आरडीए, नंदी चौक टिकरापारा, हरदेव लाला, झंडा चौक संजय नगर, गौसिया चौक, राधाकृष्ण मंदिर , रिंग रोड ब्रिज, दुर्गा पारा, शीतला मंदिर, तरुण बाजार, श्रीराम मैदान, संतोषी नगर चौक में जनता से सीधा संपर्क कर रायपुर दक्षिण में पुनः कमल खिलाने के लिए आशीर्वाद मांगा। इस दौरान श्यामसुंदर अग्रवाल,प्रवक्ता मुकेश शर्मा , अवधेश जैन पार्षद सरिता वर्मा,मनोज वर्मा साथ में थे।
और भी

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने तीन दिवसीय विशेष योगाभ्यास शिविर का किया उद्घाटन

योग के बराबर कोई शक्ति नहीं है। योग के माध्यम से हम जीवन की सभी कमियों को दूर कर सकते हैं। योग के द्वारा शरीर, मन, बुद्धि, विचार, व्यवहार व जीवन सबको अपने नियंत्रण में लाया जा सकता है। उक्त बातें महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बुधवार को 65वीं वाहिनी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल मुख्यालय तुलसी बाराडेरा में तीन दिवसीय योग शिविर उद्घाटन समारोह में कही। उन्होंने कहा कि दुनिया में योग से बढ़कर कोई शक्ति नहीं है। प्रतिवर्ष 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का भी आयोजन किया जाता है। इसके माध्यम से व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास हो सकता है। शारीरिक रोग सरल तरीके से दूर किए जा सकते हैं। कठिन परिस्थितियों में भी साहस एवं निष्ठा से अपना कर्तव्य निभा रहे जवानों की प्रशंसा की। विषम परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य पर डटे रहने वाले जवानों को छत्तीसगढ़ महतारी की ओर से अभिनंदन किया तथा सी. आर.पी.एफ. कैम्प में योगाभ्यास शिविर के आयोजन को सराहना की।

गौरतलब है कि 65 वीं वाहिनी केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल मुख्यालय तुलसी बाराडेरा, रायपुर एवं छत्तीसगढ़ योग आयोग के संयुक्त तत्वाधान में 23, 24 और 25 अक्टूबर को वाहिनी के जवानों को शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने के उद्देश्य से तीन दिवसीय योगाभ्यास शिविर कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। विशेष योगाभ्यास शिविर में जवानों को छत्तीसगढ़ योग आयोग के योग प्रशिक्षकों के द्वारा आसन, प्रणायाम, ध्यान एवं योग के माध्यम से मानसिक तनाव दुर करने तथा शारीरिक, मानसिक स्वास्थ्य लाभ हेतु विशेष योग प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
 
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री राधेश्याम कमांडेण्ड, 65 वीं वाहिनी केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल मुख्यालय ने की एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री एम. एल. पाण्डेय, सचिव छत्तीसगढ़ योग आयोग उपस्थित रहे। मंच पर श्री गौरव कुमार देवांगन, सहा. लेखाधिकारी, श्री रविकांत कुम्भकार, परिवीक्षा अधिकारी छत्तीसगढ़ योग आयोग एवं मुख्य योग प्रशिक्षक श्री छबिराम साहू, श्रीमती ज्योति साहू भी उपस्थित रहें।
और भी

विकसित भारत बनाने में किसानों का योगदान महत्वपूर्ण: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि विकसित भारत बनाने में किसानों का महत्वपूर्ण योगदान है। खेती-किसानी को आधुनिक बनाने के साथ ही किसानों की आमदनी बढ़ाना छत्तीसगढ़ सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने किसानों से धान की खेती के साथ-साथ आमदनी बढ़ाने के लिए मत्स्य पालन, पशुपालन एवं उद्यानिकी फसलों के उत्पादन से जुड़ने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित राष्ट्रीय कृषि मेले एवं प्रदर्शनी के शुभारंभ समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हमारी सरकार बनते ही पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय श्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म दिन पर हमने 13 लाख किसानों को धान के बकाये बोनस की राशि 3716 करोड़ रुपए अंतरित कर दी। हमने अपने वादे के अनुरूप 3100 रुपए प्रति क्विंटल धान का मूल्य दिया और 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी की। पिछले साल 145 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी और राज्य सरकार द्वारा घोषित उपार्जन मूल्य तथा दो साल का बकाया बोनस के माध्यम से किसानों के खाते में लगभग 49 हजार करोड़ रुपए अंतरित किये हैं। उन्होंने कहा कि चालू खरीफ मौसम में अच्छी फसल को देखते हुए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए राज्य में बेहतर से बेहतर व्यवस्था की जाएगी। इस वर्ष 14 नवम्बर से धान खरीदी का काम शुरू होगा। इस साल भी रिकार्ड धान खरीदी का अनुमान है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खेती-किसानी में युवाओं को जोड़कर इसे आधुनिक खेती की ओर आगे बढ़ाने के लिए आज कृषि मेले एवं उन्नत कृषि उपकरणों की प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। कृषि क्षेत्र में नवीन तकनीकों के विकास एवं इसे किसानों तक पहुंचाने की दिशा में भी इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय का महत्वपूर्ण योगदान है। एग्रीकल्चर की पढ़ाई की सुविधा अधिकाधिक युवकों को मिले और प्रदेश की खेती और संवर सकें, इसके लिए हम लगातार काम कर रहे हैं।

कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम बताया कि कृषि में स्वरोजगार के लिए उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ फसल चक्र परिवर्तन, कृषि उत्पाद की पैकेजिंग एवं मार्केटिंग के लिए विशेष प्रयास की आवश्यकता है। श्री बृजमोहन अग्रवाल, सांसद रायपुर ने बताया कि हमारे मुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री जी स्वयं कृषक हैं इसलिए छत्तीसगढ़ में कृषि के क्षेत्र में निरंतर उन्नति हो रही है। छत्तीसगढ़ शासन की योजनाओं के कारण वर्तमान में धान की खेती फायदे का सौदा है और फसल चक्र अपनाकर उद्यानिकी फसलों को शामिल कर कृषकों को आय बढ़ाने का सुझाव दिया। 
कार्यक्रम में विधायक धरसींवा श्री अनुज शर्मा, विधायक दुर्ग श्री गजेन्द्र यादव सहित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, प्रबंध मण्डल के सदस्यगण, श्री विमल चावड़ा, श्री रामसुमन उइके एवं श्रीमती जानकी सत्यनारायण चन्द्रा उपस्थित थे।

उद्घाटन कार्यक्रम में 6 किसानों को मसूर की नई किस्म के मिनी किट प्रदान किये गये। एग्री कार्नीवाल में जॉब फेयर से चयनित 6 कृषि स्नातक विद्यार्थियों को भी विभिन्न कम्पनियों द्वारा आफर लेटर प्रदान किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कॉफी टेबलबुक ‘‘अग्रसर’’ सहित अन्य कृषक उपयोगी प्रकाशनों का अतिथियों द्वारा विमोचन भी किया गया। कृषि स्टार्टअप के युवा उद्यमियों को अनुदान राशि का चेक भी प्रदान किया गया। एग्री कार्नीवाल में प्रदेश के विभिन्न जिलों से लगभग 4 हजार किसान भाई-बहनों एवं लगभग 1 हजार विद्यार्थियों ने प्रक्षेत्र भ्रमण एवं प्रदर्शनी द्वारा कृषि तकनीकों की जानकारी प्राप्त की। 

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित चार दिवसीय एग्री कार्नीवाल-2024 ‘‘राष्ट्रीय किसान मेला एवं कृषि प्रदर्शनी’’ में दूसरे दिन आज 23 अक्टूबर को ‘‘छत्तीसगढ़ से कृषि उत्पादों के निर्यात’’ पर संगोष्ठी एवं ‘‘आधुनिक पादप प्रजनन तकनीक एवं डाटा एनालिसिस’’ पर कार्यशाला तथा ‘‘जैव विविधता पर प्रदर्शनी’’ एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। 

‘‘आधुनिक पादप प्रजनन तकनीक एवं डाटा एनालिसिस’’ पर दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल द्वारा किया गया। इस कार्यशाला में विशिष्ट अतिथि के रूप में ईस्ट अफ्रीका अंतर्राष्ट्रीय राइस ब्रीडिंग प्रोगाम के कार्यक्रम प्रमुख डॉ. एस.के. कटियार, उपस्थित हैं। इसमें छत्तीसगढ़ एवं अन्य राज्यों के 211 वैज्ञानिकों एवं अनुसंधान कर्ताओं को मॉर्डन राइस ब्रीडिंग, स्पीड ब्रीडिंग, डेटा एनालिसिस पर जीवन्त प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, जिससे भविष्य की आवश्यकतानुसार नयी फसलों, किस्मों का विकास संभव हो सकेगा। इस कार्यशाला में इंटरनेशनल राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट, मनीला, फिलीपींस, घाना, ईस्ट अफ्रीका के अन्तर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों द्वारा नवीन तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। एग्री कार्नीवाल-2024 ‘‘राष्ट्रीय किसान मेला एवं कृषि प्रदर्शनी’’ में ‘‘छत्तीसगढ़ से कृषि उत्पादों के निर्यात’’ पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 400 उन्नतशील किसानों, युवा उद्यमियों, अनुसंधानकर्ताओं एवं विद्यार्थियों ने भाग लिया।
और भी

आयुक्त श्री मयंक श्रीवास्तव को दी गई भावभीनी विदाई

जनसंपर्क संचालनालय और छत्तीसगढ़ संवाद के अधिकारी-कर्मचारियों ने आयुक्त और छत्तीसगढ़ संवाद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मयंक श्रीवास्तव को उनके स्थानांतरण पर आज शाम नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद कार्यालय में भावभीनी विदाई दी। 


विदाई समारोह में आयुक्त श्री मयंक श्रीवास्तव ने कहा कि जनसंपर्क आयुक्त के रूप में उनका कार्यकाल यादगार रहा। जनसंपर्क संचालनालय और छत्तीसगढ़ संवाद के अधिकारियों ने श्री मयंक श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में किए कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें अपनी शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर जनसंपर्क के संचालक श्री अजय अग्रवाल, अपर संचालक श्री जे.एल. दरियो, श्री उमेश मिश्रा, श्री संजीव तिवारी, श्री आलोक देव, श्री संतोष मौर्य सहित जनसंपर्क संचालनालय और छत्तीसगढ़ संवाद के सभी अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
और भी

सुगम ऐप: संपत्ति संबंधी धोखाधड़ी रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के पहल पर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जनता को ज्यादा से ज्यादा सहूलियतें देने तथा उन्हें लाभान्वित करने के लिए कई सुधार कार्य किये जा रहे हैं। इसी कड़ी में वित्त एवं पंजीयन मंत्री श्री ओपी चौधरी के निर्देश में रजिस्ट्री प्रक्रिया को पारदर्शी और जनता के लिए अधिक सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से ’सुगम ऐप’ का शुभारंभ किया गया है। इस ऐप को 21 अक्टूबर से लागू किया गया, जिसके बाद से राज्य में 1200 से अधिक रजिस्ट्री की जा चुकी हैं।


वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी ने बताया कि सरकार नागरिक सशक्तीकरण के लिए आगे भी रजिस्ट्री कार्य में अधिकाधिक टेक्नॉलाजिकल अनुप्रयोग तथा प्रक्रियागत सुधार की दिशा में प्रतिबद्ध है। सुगम ऐप संपत्ति संबंधी धोखाधड़ी रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रायः ऐसी शिकायतें आती है कि रजिस्ट्री के पश्चात एक सामान्य आदमी कई प्रकार से फर्जीवाड़ा का शिकार हो जाता है। रजिस्ट्री दस्तावेज में दिया गया सम्पत्ति विवरण तथा मौके की स्थिति में अंतर होता है। एक सम्पत्ति कई लोगों को बेच दी जाती है। जिस जमीन का रजिस्ट्री किया जाता है, वह जमीन वास्तव में अस्तित्व में नहीं होती। ऐसी घटनाएं भी प्रकाश में आती रहती है कि रोड, रास्ता, उद्यान आदि की जमीन बेच दिया गया है। मौके में जितनी जमीन उपलब्ध है, उससे अधिक रकबा बेच दिये जाने की घटनाएं भी होती रहती है। ऐसी घटनाओं से आपसी लड़ाई-झगड़े तथा कोर्ट-कचहरी के मुकदमेबाजी में वृद्धि होती है।

सुगम ऐप में पक्षकार को रजिस्ट्री के प्रकिया के दौरान अपना मोबाईल लेकर उस जगह में जाना होगा, जिस स्थान की रजिस्ट्री किया जा रहा है। उस स्थान में जाकर सुगम ऐप खोलकर ऐप में निर्देशित तीन कोणों अर्थात् सम्पत्ति के सामने, दाएं और बाएं से उस स्थान का फोटो लेना होगा। वह फोटो स्वतः ही रजिस्ट्रार के माड्यूल में ट्रांसफर हो जाएगा। उस स्थान की भौगोलिक स्थिति अर्थात् अक्षांश व देशांतर की स्थिति रजिस्ट्री पेपर में फोटो के साथ दर्ज हो जाएगी। इस प्रकार संपत्ति की वास्तविक भौगोलिक स्थिति का निर्देशांक रजिस्ट्री पेपर में स्थायी रूप से अंकित रहेगा, जिससे पक्षकार कभी भी उस स्थान पर जाकर संपत्ति की पहचान कर सकता है। 

 ’सुगम ऐप’ के माध्यम से सरकार को राजस्व नुकसान पहुँचाने की घटनाओं को भी नियंत्रित किया जाएगा। सुगम ऐप के द्वारा इस प्रकार की घटनाओं पर विराम लगेगा। सुगम ऐप से संपत्ति की वास्तविक संरचना के संबंध में ज्ञात हो सकेगा, जिससे भवन, रोड, फैक्ट्री आदि संरचनाओं को छुपाया नहीं जा सकेगा तथा इसके कारण सरकार को होने वाले राजस्व अपवंचन को रोका जा सकेगा। इससे ऐसी घटनाओं के पता चलने के बाद पक्षकार रजिस्ट्री के बाद होने वाले परेशानियों से मुक्त हो सकेंगे।
और भी

पुलिस और सुरक्षाबलों के कारण देश में कायम है कानून और शांति व्यवस्था- मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

राज्यपाल श्री रमेन डेका और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज चौथी वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल माना रायपुर के प्रांगण में पुुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित परेड कार्यक्रम में शामिल हुए। राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों की ओर से पुलिस के शहीद वीर जवानों को नमन करते हुए शहीद स्मारक में पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने शहीद पुलिस अधिकारियों एवं जवानों के परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदना व्यक्त की और उनके साथ सदैव खड़े रहने का विश्वास दिलाया। उन्हें शाल, श्रीफल व स्मृति चिन्ह भेंट किए। 

           इस अवसर पर राज्यपाल श्री डेका ने अपने श्रद्धांजलि उद्बोेधन में कहा कि पुलिस का काम अत्यंत जवाबदेही का होता है। आम जनों से आग्रह है कि पुलिस कर्मियों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण रखें और उनके कार्यो मेें मदद करें। उन्होंने कहा कि एक तरफ वे कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए शासन के निर्देशों के अनुरूप कार्य करते हैं। दूसरी तरफ उनकी जिम्मेदारी होती है कि समाज में व्यवस्था बनी रहें और नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। राज्यपाल ने कहा कि पुलिस के जवान भी अपने परिवार को छोड़ कर कार्य कर रहे हैं। उनसे परिवार के एक सदस्य की भांति व्यवहार करें, उन्हें सम्मान दें। आपके दो मीठे बोल, उनके व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाएगा। यह सद्व्यवहार उनकी सारी थकान दूर कर देगी और वे अपनी ड्यूटी भी दोगुने जोश से करेंगे।

राज्यपाल ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में जहां नक्सली समस्या एक गंभीर चुनौती रही है, वहां हमारी पुलिस ने जिस प्रकार से साहस, धैर्य और निष्ठा के साथ इस समस्या का सामना किया, वह सराहनीय है। पुलिस की तत्परता और कर्त्तव्यनिष्ठा के कारण आज नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और शांति के लिए एक सकारात्मक बदलाव देखा जा रहा है। नक्सली गतिविधियों से निपटने के लिए पुलिस और सशस्त्र बलों ने न केवल सख्त रणनीति अपनाई बल्कि स्थानीय समुदायों के साथ बेहतर समन्वय और संवाद स्थापित किया है। जिससे उन क्षेत्रों में विश्वास और सुरक्षा की भावना बढ़ी है और आने वाले समय में नक्सल समस्या का पूर्ण रूप से उन्मूलन होगा।

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पुलिस और सुरक्षा बलों के योगदान का स्मरण करने और उन्हें नमन करने का दिन है। यह पुलिस और सुरक्षा बलों की महान परंपराओं को आगे बढ़ाते रहने का संकल्प लेने का भी दिन है। उन्होंने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस हमारे पुलिस बलों के शौर्य, पराक्रम, बलिदान, देश-प्रेम, सजगता और इतिहास की याद दिलाता है। इनके चौकन्नेपन के कारण ही देश में कानून व्यवस्था कायम रहती है और विकास के नए आयाम स्थापित होते है। श्री साय ने कहा कि पुलिस जवान नक्सल पीड़ित क्षेत्रों के विकास और दुर्गम क्षेत्रों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने में अपना योगदान दें रहें है। 
       मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पुलिस और सुरक्षा बल के जवानों को अधिक से अधिक संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध कराने के हमारे प्रयासों में भारत सरकार का भरपूर सहयोग और समर्थन मिल रहा है । हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तथा गृह मंत्री श्री अमित शाह के ऊर्जावान नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई बहुत मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है। छत्तीसगढ़ ने आने वाले दो वर्षों के भीतर प्रदेश से नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे विश्वास है कि हमारे पुलिस और सुरक्षा बल के जवानों के शौर्य, पराक्रम और कौशल से हम निर्धारित समय में इस लक्ष्य को प्राप्त कर लेंगे।  
             पुलिस महानिदेशक श्री अशोक जुनेजा ने भी श्रद्धांजलि उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि अपराध एवं अपराधियों की रोकथाम के लिए पुलिस सदैव तत्पर है। वीर जवानों का बलिदान कभी व्यर्थ नहीं जायेगा। 

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, श्री अरूण देव गौतम, महानिदेशक होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा एवं फायर ब्रिगेड सेवा, श्री हिमांशु गुप्ता, महानिदेशक जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिसकर्मी व शहीद जवानों के परिजन उपस्थित थे।
और भी

“दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर रेल मंडल के रायपुर दुर्ग स्टेशनों का पुनर्विकास और अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रेलवे स्टेशन का हो रहा कायाकल्प”

भारतीय रेल देश की लाइफ लाइन है । रेलवे लगातार यात्री सेवा को सुलभ करने के लिए नवीनतम तकनीक, सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने पर काम कर रही है । वर्तमान में रेल मंत्रालय के महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधा प्रदान करने हेतु  “अमृत भारत स्टेशन” योजना के अंतर्गत स्टेशनों का कायाकल्प किया जा रहा है । इस योजना के अंतर्गत दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर मंडल के 15 स्टेशनों का अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत कायाकल्प किया जा रहा है । (1) भाटापारा, (2) भिलाई पावर हाउस, (3) तिल्दा-नेवरा, (4) बिल्हा, (5) भिलाई, (6) बालोद, (7) दल्ली राजहरा, (8) भानुप्रतापपुर, (9) हथबंद, (10) सरोना, (11) मरोदा, (12) मंदिर हसौद, (13) उरकुरा, (14) निपनिया, (15) भिलाई नगर,


रिडेवलपमेंट  ऑफ मेजर स्टेशन में  (1) रायपुर, (02) दुर्ग स्टेशनों का विकास किया जा रहा है। मेजर रिडेवलपमेंट किया जा रहा हैं।
 

प्रधानमंत्री मोदी ने मां महामाया एयरपोर्ट का किया वर्चुअल शुभारंभ

 देश के दूरस्थ आदिवासी बहुल अंचल छत्तीसगढ़ का सरगुजा ज़िला अब हवाई सेवा से जुड़ चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वाराणसी से मां महामाया एयरपोर्ट, दरिमा का वर्चुअल उद्घाटन कर सरगुजा और इसके आसपास के जिलों को हवाई यात्रा की सुविधा का तोहफा दिया। इस मौके पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, राज्यपाल रमेन डेका, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।


यह हवाई सेवा सरगुजा और इसके आस-पास के जिलों जैसे जशपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के लाखों लोगों के जीवन में एक नया अध्याय लेकर आएगी। इससे लोगों को आसानी से देश के बड़े शहरों तक हवाई यात्रा की सुविधा मिलेगी, जो पहले के मुकाबले किफायती और समय की बचत वाला विकल्प होगा। इससे न केवल आवागमन में सुगमता आएगी, बल्कि इस क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक प्रगति में भी एक नई रफ्तार जुड़ेगी। इस क्षेत्र के लोग इस नई सेवा के जरिए दिल्ली, कोलकाता, रायपुर, बिलासपुर और अन्य प्रमुख शहरों से सीधा जुड़ सकेंगे। हवाई सेवा की शुरुआत सरगुजा अंचल की बहुप्रतीक्षित मांग थी, जो अब पूरी हो चुकी है।
 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा, “मां महामाया एयरपोर्ट का उद्घाटन सरगुजा क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। यह केवल हवाई यात्रा को सुगम बनाने का प्रयास नहीं है, बल्कि हमारे आदिवासी समुदाय और दूरदराज के क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे क्षेत्र के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। हमें गर्व है कि हम अपने प्रदेश को विकसित भारत 2047 के सपने की ओर बढ़ाने में योगदान दे रहे हैं। एयर कनेक्टिविटी न केवल यात्रा को आसान बनाएगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी।”

एयर कनेक्टिविटी: विकसित भारत 2047 के सपने की ओर एक कदम

सरगुजा की हरी-भरी वादियों में बसे आदिवासी अंचल के लोग जब भी बड़े शहरों की ओर रुख करते, तो लंबी और थका देने वाली यात्रा का ख्याल उन्हें परेशान कर देता। इस दूरस्थ इलाके की खास पहचान तो उसकी प्राकृतिक सुंदरता है, पर यहां के लोगों के लिए देश के दूसरे हिस्सों से जुड़ना हमेशा एक चुनौती रहा है। लेकिन अब चीजें बदलने वाली हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेआज  वर्चुअल माध्यम से मां महामाया एयरपोर्ट, अंबिकापुर का उद्घाटन कर यह सुनिश्चित किया कि सरगुजा का यह क्षेत्र देश की विकास यात्रा का एक अभिन्न हिस्सा बने।

प्रधानमंत्री मोदी का यह संकल्प केवल एक एयरपोर्ट की शुरुआत नहीं, बल्कि एक बड़े सपने को साकार करने की दिशा में एक कदम है। यह हमारे ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प का प्रतीक है।” जब उन्होंने छत्तीसगढ़ को यह सौग़ात दी तो , अंबिकापुर के लोगों के चेहरे पर एक नई उम्मीद की चमक थी। यह एयरपोर्ट न केवल सरगुजा बल्कि आसपास के जिलों जशपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, और मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के लाखों लोगों के लिए देश की मुख्यधारा से जुड़ने का एक जरिया बन गया है।

सरगुजा की बढ़ती संभावनाएं
मां महामाया एयरपोर्ट के शुरू होने से सरगुजा के लोग सीधे रायपुर, दिल्ली, कोलकाता, जबलपुर, और अन्य बड़े शहरों से जुड़ सकेंगे। इस पहल से यहां के छात्रों को बेहतर शिक्षा के लिए बाहर जाने का मौका मिलेगा, व्यापारी अपने व्यापार को फैलाने के लिए नए बाजारों तक पहुंच सकेंगे, और सबसे महत्वपूर्ण, मरीजों को इलाज के लिए बेहतर सुविधाओं तक आसानी से पहुंच मिल सकेगी।

अंबिकापुर के एक युवा उद्यमी राजेश बताते हैं, “अब हमें अपने उत्पादों को दूसरे शहरों तक पहुंचाने में आसानी होगी। पहले सड़क मार्ग से यह सफर लंबा और महंगा होता था, लेकिन अब हम अपने स्थानीय उत्पादों को सीधे दिल्ली और कोलकाता जैसे शहरों तक पहुंचा सकते हैं।” यह एयरपोर्ट सरगुजा की आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा देगा, और यहां के छोटे-बड़े व्यापारी भी इस बदलाव को लेकर उत्साहित हैं।

पर्यटन के लिए नए रास्ते
सरगुजा की खूबसूरत घाटियाँ, मैनपाट का हिल स्टेशन, और रामगढ़ की ऐतिहासिक गुफाएं यहां के प्रमुख पर्यटन स्थलों में गिनी जाती हैं। अब इस एयरपोर्ट के शुरू होने से पर्यटकों के लिए यहां आना आसान हो जाएगा। पर्यटन से जुड़े लोगों का मानना है कि इससे सरगुजा का आकर्षण और बढ़ेगा। स्थानीय गाइड शंकर कहते हैं, “पहले पर्यटकों को यहाँ आने के लिए घंटों की सड़क यात्रा करनी पड़ती थी, पर अब वे सीधे फ्लाइट से आ सकते हैं। इससे हमारा पर्यटन व्यवसाय बढ़ेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा।”

आर्थिक विकास और निवेश की संभावनाएं
प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर सरगुजा के आर्थिक विकास की बात पर जोर देते हुए कहा कि यह एयरपोर्ट न केवल आवागमन को सरल बनाएगा बल्कि क्षेत्र में निवेश को भी आकर्षित करेगा। हवाई सेवा से यहां के स्थानीय उद्योगों को नए बाजार मिलेंगे, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। यहां के छोटे व्यवसाय, जैसे हस्तशिल्प, कुटीर उद्योग, और कृषि उत्पाद, अब देश के दूसरे हिस्सों में आसानी से पहुंच सकेंगे।

सरगुजा के कृषि उत्पादों की देशभर में मांग है, और अब यहां के किसान भी अपने उत्पादों को सीधे दिल्ली या कोलकाता के बाजारों तक पहुंचा सकते हैं। यह न केवल उनकी आय में वृद्धि करेगा बल्कि क्षेत्र की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत बनाएगा।
और भी

बच्चों के व्यक्तित्व का सम्पूर्ण विकास राज्य सरकार की प्राथमिकता में - श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता सभी बच्चों का सर्वांगीण विकास करना है, इसमें वे बच्चे भी शामिल है, जिन्हें विभिन्न कारणों से संस्थाओं में रहना पड़ रहा है। संस्थाएं उन बच्चों का घर नहीं है। उन्होंने कहा कि वास्तव में किसी व्यक्ति का सम्पूर्ण विकास परिवार और समाज के बीच रहकर ही हो सकता है। इसे ध्यान में रखकर किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 में गैर संस्थागत देखरेख का समावेश किया गया है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने आज रायपुर के स्थानीय होटल में आयोजित पोषण देखरेख कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु राज्य स्तरीय पोषक परिवार सम्मेलन एवं पोषक परिवार नेटवर्क पर कार्यशाला उमंग का शुभारंभ किया। इस कार्यशाला में देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के पुनर्वास और उन्हें समाज की मुख्य धारा में शामिल करने पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में पोषण देखरेख ब्रोशर का विमोचन एवं वीडियो जारी की गई। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने पोषण देखरेख (फॉस्टर केयर) कर रहे पोषक परिवारों को भी सम्मानित किया। इस कार्यशाला का आयोजन महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा यूनिसेफ के सहयोग से किया गया।

कार्यक्रम के दौरान श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में विभाग ने महिलाओं एवं बच्चों के लिये अनेकों कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्ग बच्चों को विकास के अवसर देने से प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ सकते हैं और अपने समाज और प्रदेश का नाम गौरवान्वित कर सकते हैं। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि पोषण देखरेख (फॉस्टर केयर) संस्था के बाहर बच्चों की देखरेख का एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। ‘‘मिशन वात्सल्य’’ के तहत जरूरतमंद और संरक्षण वाले बच्चों को पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए गैर नातेदार परिवार में अस्थाई देखरेख और संरक्षण की व्यवस्था की जाती है। इससे पोषक परिवार में जहां उत्साह, उमंग का संचार होता है। वहीं बच्चों को समुचित विकास का पूरा मौका मिलता है। इन बच्चों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के लिये प्रत्येक नागरिक को संवेदनशील और सहयोगी होना होगा। उन्होंने अपील कि है कि समाज के सभी वर्ग, स्वयं-सेवी संस्थाएं, सरकार के साथ बच्चों को पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराने और उनके विकास के अवसर उपलब्ध कराने एकजुट होना होगा, जिससे एक योग्य नागरिक और सशक्त भारत का निर्माण हो सके।
 
महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी ने बताया कि छत्तीसगढ़ में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए उल्लास, उम्मीद,  उजियार, उमंग और उदय कार्यक्रम पर काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में राज्य में 112 बाल देखरेख संस्थायें संचालित हैं, जिनमें से 33 विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरणों में 125 बच्चे निवासरत हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 56 बच्चों को विभिन्न परिवारों में दत्तक ग्रहण के माध्यम से पुर्नवासित किया है। 76 बाल देखरेख संस्थाओं में 2112 बच्चें निवासरत हैं, इनमें 61 बच्चे पोषण देखरेख कार्यक्रम हेतु चिन्हांकित किए गए हैं। राज्य में 22 बच्चें पोषण देखरेख कार्यक्रम अंतर्गत निवास कर रहे है एवं प्रवर्तकता (स्पॉन्सरशिप) कार्यक्रम के अन्तर्गत 1080 बच्चों को लाभ दिलाया जा रहा है।
 
  कार्यक्रम में संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग सुश्री तूलिका प्रजापति, बाल संरक्षण विशेषज्ञ यूनिसेफ दिल्ली श्री प्रभात कुमार, श्री नंदलाल चौधरी संयुक्त संचालक, सुश्री वसुंधरा, सुश्री बिभूति दुग्गर, श्री रामशरण चौकसे सहित अधिकारी-कर्मचारी एवं पोषक परिवार उपस्थित थे।
और भी

पूर्वजों द्वारा कोहड़िया में प्रारंभ किए गए दशहरा उत्सव आज की पीढ़ी के लिए अमूल्य धरोहर : उद्योग मंत्री श्री देवांगन

कोरबा नगर निगम क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 16 चारपारा कोहड़िया में कल गुरूवार की रात आयोजित भव्य दशहरा उत्सव और देवी जागरण में हज़ारों की संख्या में लोग शामिल हुए। इस अवसर पर शिव मंदिर प्रांगण में मंच पर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए कोरबा के विधायक और वाणिज्य उद्योग और श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि आज इस भव्यता भरे ऐतिहासिक दशहरा उत्सव में शामिल हुए सभी ईष्टजनों को विजयादशमी के पर्व की बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। उन्होंने कहा कि दशहरा केवल भगवान श्रीराम की लंकापति रावण पर विजय का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है। हमें इस पर्व से प्रेरणा लेकर समाज में एकता, शांति और विकास का मार्ग अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम वर्षों से दशहरा पर्व बड़े ही उत्साह के साथ मनाते आ रहे हैं। यह पर्व हमारी संस्कृति को दर्शाता है। 


कैबिनेट मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि यह पर्व हमें और हमारी आने वाली पीढ़ियों को सिखाता है कि जिस प्रकार भगवान श्रीराम ने अपने जीवन में कठोर संघर्ष कर बुराई पर विजय प्राप्त की। उसी प्रकार हमें भी सत्य के मार्ग पर चलकर अपने जीवन की बाधाओं पर विजय प्राप्त करनी चाहिए।। मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि इस भव्य दशहरा उत्सव में हर वर्ष गांव के सभी लोगों द्वारा मिलजुकर कार्यक्रम को और भव्य बनाया जा रहा है वॉर्ड आज एकजुट की मिशाल है। हमारे पूर्वजों द्वारा प्रारंभ किए गए इस अमूल्य दशहरा उत्सव धरोहर को आज हम सभी मिल जुलकर सहेज कर रखें हुए हैं।

वार्ड के पार्षद श्री नरेंद्र देवांगन ने कहा कि कोहड़िया में 24 वर्ष पूर्व लोगों को एकता के सूत्र में बांधने के लिए यह पर्व प्रारम्भ किए गए थे। आज भी हमारे दिवगंत हुए वरिष्ठ जनों के बताए हुए मार्ग पर भव्य दशहरा उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वार्ड में सड़क किनारे पेवर ब्लॉक, नाली, सड़क, सामुदायिक भवन का निर्माण कार्य प्रारंभ किए जा रहे हैं। मंचीय कार्यक्रम के बाद प्रभु श्री राम की झांकी को मंत्री श्री देवांगन समेत सभी अतिथियों द्वारा पूजन अर्चना कर दशहरा मैदान के लिए रवाना किया गया। यहां से करमा नृत्य की अगुवाई में हज़ारों की संख्या में लोग दशहरा मैदान पहुंचे। जहां जय जय श्री राम के उद्घोष के साथ रावण के 80 फीट ऊंचे पुतले का दहन किया गया। रावण दहन के पश्चात भव्य देवी जागरण कार्यक्रम में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। जसगीत गायक श्री देवेश शर्मा ने देर रात तक देवी भक्ति के भजनों की प्रस्तुति दी।

कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष डॉ. राजीव सिंह, सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष देवेंद्र पांडेय, अशोक चावलानी, जिला उपाध्यक्ष प्रफुल्ल तिवारी, नरेंद्र पाटनवर, उमाभारती सराफ, रुक्मणि नायर, अग्रवाल सभा कोरबा अध्यक्ष राजेन्द्र अग्रवाल, सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
और भी

बस्तर मड़ई और क्षेत्रीय सरस मेला में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन

बस्तर मड़ई और क्षेत्रीय सरस मेला के अवसर पर लालबाग मैदान, बस्तर में गुरुवार की शाम भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मशहूर भजन गायक हंसराज रघुवंशी ने अपनी सुरमयी प्रस्तुति से सभी का दिल जीत लिया। हजारों की संख्या में उपस्थित दर्शकों ने इस कार्यक्रम का भरपूर आनंद उठाया।

        हंसराज रघुवंशी, जिनकी गाथा गीतों और भजनों के लिए विशेष पहचान है, ने अपनी धुनों और भक्ति रस से सराबोर गीतों से पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। उन्होंने अपनी प्रसिद्ध गीत “मेरा भोला है भंडारी” के साथ एक के बाद एक लोकप्रिय भजन प्रस्तुत किए, जिनमें जय शिव शंकर, मेरे भोलेनाथ और अन्य कई प्रसिद्ध गीत शामिल थे। रघुवंशी ने अपनी प्रस्तुति के दौरान दर्शकों से गीत में सहयोग और तालियों से सहभागिता की अपील की, तो दर्शकों ने भी बराबर सहायता की। कार्यक्रम में नारायणपुर के प्रसिद्ध अबुझमाड मलखंभ अकादमी के हुनरबाज मलखंभ प्रदर्शन, बादल अकादमी की प्रस्तुति सहित स्थानीय लोकनृत्य दलों ने भी प्रस्तुति दी। दर्शकों की हजारों की संख्या में पहुँचने वाले बस्तरवासियों के साथ ही समीपवर्ती जिलों और ओड़िसा राज्य के भी जन पहुँचे थे।
 
      शासन और जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस बस्तर मड़ई और सरस मेला क्षेत्र भी चहल-पहल से भरा रहा, जहां विभागीय योजनाओं की प्रदर्शनी तथा स्व-सहायता समूहों  के उत्पाद और हस्तशिल्प के स्टॉल ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। मेला में आई भीड़ ने न केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद लिया, बल्कि बस्तर की समृद्ध लोक संस्कृति और शिल्प का भी अनुभव किया। बस्तर मड़ई और क्षेत्रीय सरस मेला का यह आयोजन प्रदेश एवं अन्य राज्य की संस्कृति, परंपरा और कला को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया है। हंसराज रघुवंशी जैसे कलाकारों की उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी खास बना दिया। शुक्रवार 18 अक्टूबर की शाम को दायरा बैंड की प्रस्तुति होगी और 19 अक्टूबर को ‘मोह मोह के धागे’ गीत से राष्ट्रीय फिल्म पुरुस्कार से सम्मानित पाश्र्व गायिका मोनाली ठाकुर और गायक शबाब सबरी की प्रस्तुति होगी। साथ ही स्थानीय लोकनृत्य दलों द्वारा भी शानदार प्रस्तुति दी जाएगी।
 
      कार्यक्रम के अंत में दर्शकों ने हंसराज रघुवंशी को अपनी प्रस्तुति के लिए धन्यवाद दिया और आयोजक छत्तीसगढ़ शासन और जिला प्रशासन को इस अद्भुत सांस्कृतिक उत्सव के आयोजन के लिए सराहा। जिला प्रशासन द्वारा गायक श्री रघुवंशी को स्मृति स्वरूप बस्तर मड़ई का प्रतीक चिन्ह भेंट किया गया। इस अवसर पर सांसद श्री महेश कश्यप, कलेक्टर श्री हरिस एस, पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा, सीईओ जिला पंचायत श्री प्रकाश सर्वे सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।
और भी