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बस्तर मड़ई और क्षेत्रीय सरस मेला में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन

बस्तर मड़ई और क्षेत्रीय सरस मेला के अवसर पर लालबाग मैदान, बस्तर में गुरुवार की शाम भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मशहूर भजन गायक हंसराज रघुवंशी ने अपनी सुरमयी प्रस्तुति से सभी का दिल जीत लिया। हजारों की संख्या में उपस्थित दर्शकों ने इस कार्यक्रम का भरपूर आनंद उठाया।

        हंसराज रघुवंशी, जिनकी गाथा गीतों और भजनों के लिए विशेष पहचान है, ने अपनी धुनों और भक्ति रस से सराबोर गीतों से पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। उन्होंने अपनी प्रसिद्ध गीत “मेरा भोला है भंडारी” के साथ एक के बाद एक लोकप्रिय भजन प्रस्तुत किए, जिनमें जय शिव शंकर, मेरे भोलेनाथ और अन्य कई प्रसिद्ध गीत शामिल थे। रघुवंशी ने अपनी प्रस्तुति के दौरान दर्शकों से गीत में सहयोग और तालियों से सहभागिता की अपील की, तो दर्शकों ने भी बराबर सहायता की। कार्यक्रम में नारायणपुर के प्रसिद्ध अबुझमाड मलखंभ अकादमी के हुनरबाज मलखंभ प्रदर्शन, बादल अकादमी की प्रस्तुति सहित स्थानीय लोकनृत्य दलों ने भी प्रस्तुति दी। दर्शकों की हजारों की संख्या में पहुँचने वाले बस्तरवासियों के साथ ही समीपवर्ती जिलों और ओड़िसा राज्य के भी जन पहुँचे थे।
 
      शासन और जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस बस्तर मड़ई और सरस मेला क्षेत्र भी चहल-पहल से भरा रहा, जहां विभागीय योजनाओं की प्रदर्शनी तथा स्व-सहायता समूहों  के उत्पाद और हस्तशिल्प के स्टॉल ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। मेला में आई भीड़ ने न केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद लिया, बल्कि बस्तर की समृद्ध लोक संस्कृति और शिल्प का भी अनुभव किया। बस्तर मड़ई और क्षेत्रीय सरस मेला का यह आयोजन प्रदेश एवं अन्य राज्य की संस्कृति, परंपरा और कला को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया है। हंसराज रघुवंशी जैसे कलाकारों की उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी खास बना दिया। शुक्रवार 18 अक्टूबर की शाम को दायरा बैंड की प्रस्तुति होगी और 19 अक्टूबर को ‘मोह मोह के धागे’ गीत से राष्ट्रीय फिल्म पुरुस्कार से सम्मानित पाश्र्व गायिका मोनाली ठाकुर और गायक शबाब सबरी की प्रस्तुति होगी। साथ ही स्थानीय लोकनृत्य दलों द्वारा भी शानदार प्रस्तुति दी जाएगी।
 
      कार्यक्रम के अंत में दर्शकों ने हंसराज रघुवंशी को अपनी प्रस्तुति के लिए धन्यवाद दिया और आयोजक छत्तीसगढ़ शासन और जिला प्रशासन को इस अद्भुत सांस्कृतिक उत्सव के आयोजन के लिए सराहा। जिला प्रशासन द्वारा गायक श्री रघुवंशी को स्मृति स्वरूप बस्तर मड़ई का प्रतीक चिन्ह भेंट किया गया। इस अवसर पर सांसद श्री महेश कश्यप, कलेक्टर श्री हरिस एस, पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा, सीईओ जिला पंचायत श्री प्रकाश सर्वे सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।
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स्वदेशी मेला का उद्देश्य देश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है - मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े

महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कवर्धा के पीजी कॉलेज मैदान में स्वदेशी मेला का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि स्वदेशी मेला हमारे भारत देश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाता है। स्वदेशी मेला के माध्यम से अपने देश में बने चीजों को खरीदने के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया जा रहा है। स्वदेशी वस्तुएं आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन का भाव पैदा करता है। उन्होंने कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मेक इन इंडिया का संदेश दिया है और डिजिटल इंडिया को बढ़ाने का कार्य कर रहे है, जिससे देश मजबूत हो रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा प्रदेश में स्वदेशी वस्तु को बढ़ावा दिया जा रहा है। हमें अपने देश की समान खरीद कर देश को आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग करना चाहिए। श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि लगातार स्वदेशी मेला के माध्यम से यह प्रयास किया जा रहा है। पहले हमारा देश आर्थिक स्थिति में 11 वे नंबर पर था लेकिन आज हमारा देश 5 वे नंबर पर आ कर मजबूत हुआ है। हमें इस बात का ज्ञान होना चाहिए कि हमारे पास कौन सी स्वदेशी वस्तुएं उपलब्ध है। हमें ऑनलाइन खरीदी करते समय इन बातों का ध्यान रखना चाहिए कि उपयोग करने वाली वस्तुएं स्वदेशी हो। कवर्धा के स्वदेशी मेले में बहुत सारे स्वदेशी वस्तुओं का स्टॉल लगाया गया है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को इस बात की जानकारी होना चाहिए कि देश की अर्थव्यवस्था कैसे बढ़ेगी हम आत्मनिर्भर कैसे होंगे। हमारा दायित्व है कि हम आने वाली पीढ़ी को देश में बनी चीजों का उपयोग करने के लिए प्रेरित करें। 


उल्लेखनीय है कि कवर्धा जिले में पहली बार स्वदेशी मेला का आयोजन हो रहा है, जिसका आगाज 17 अक्टूबर से कवर्धा के पीजी कॉलेज ग्राउंड में हुआ। स्वदेशी मेला में विभिन्न राज्यों से स्वदेशी उत्पादों के हैंडीक्राफ्ट, हैंडलूम के अलावा लखनऊ, बिहार, मध्यप्रदेश, दिल्ली, पंजाब और कश्मीर तक के स्टाल की प्रदर्शनी लगाया गया है। साथ ही प्रतिदिन भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। स्वदेशी मेले का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना तथा लोगों तक स्वदेशी उत्पादों के प्रति जागरूकता पैदा करना है। स्वदेशी मेला को लेकर जिले के नागरिकों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। स्वदेशी मेला में 150 से अधिक स्टाल, सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए मंच और संचालन के लिए आफिस का भव्य सेटअप बनाया गया है।
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सरकार पूरा धान खरीदी नहीं करना चाह रही- भूपेश बघेल


पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि अभी धान खरीदी सामने है जब भाजपा विपक्ष में थी तो 1 नवंबर से धान खरीदी करने के लिये बोला करती थी। अब जब भाजपा खुद सरकार में आ गयी है तो धान खरीदी लेट से क्यों कर रही है? पिछले पांच सालों कांग्रेस की सरकार ने जो काम किया उसके कारण किसानों की स्थिति में अच्छा परिवर्तन आया और आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ। खेत बनाने से लेकर सिंचाई और आधुनिक खेती का काम हुआ। पूर्ववर्ती कांग्रेस के कारण किसानों के जीवन में समृद्धि आयी है। यह सरकार 14 नवंबर को धान खरीदी करेगी और 31 जनवरी तक धान खरीदी करेगी। इससे सरकार के नीयत में शक हो रहा है। ऐसा लग रहा है कि सरकार धान खरीदना चाह रही है कि नहीं। इन खरीदी के दौरान लगभग 35 दिनों का बहुत सारी सरकारी अवकाश रहेगा। जिससे धान खरीदने में परेशानी आयेगी। धान खरीदने के लिये सरकार को कम समय मिलेगा। अभी ऐसी स्थिति है कि सरकारी समिति वाले हड़ताल में चल दिये है और आपरेटर भी हड़ताल में है। ऐसी और कोई बाधा आएगी तो धान खरीदी 40 दिन में भी नहीं हो पायेगी। पिछले साल जो धान खरीदी हुआ है उसका सरकार ने अभी तक निष्पादन नहीं कर पाई है। सरकार की नीयत पर शक हो रहा है कि यह धान खरीदी कर पाएगी या नहीं? इस साल फसल आ चुका है धान कटाई शुरू हो चुकी है। दीपावली के पहले लगभग 30 से 40 प्रतिशत धान की कटाई हो चुकी है। सरकार को धान खरीदी का समय बढ़ाना चाहिये। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय रिकार्ड तोड़ धान खरीदी होती थी और किसानों के खाते में पैसा आता था। धान खरीदी करने के लिये सरकार के नीयत साफ नहीं है।


इस साल फसल आ चुकी है कई बार फसल लेट से आता है। 1 नवंबर के आसपास कटाई शुरू होती है। इस समय तो दशहरा के समय कटाई शुरू हो गयी है, जो लंबे अवधि का फसल है वह भले रूक जायेगा। लेकिन धान की कटाई शुरू हो जाये। सरकार को 25 अक्टूबर से धान खरीद लेना चाहिये। फसल किसान के हाथ में आ चुका है। सरकार को किसानों का धान खरीदना चाहिए, नहीं तो किसान कोचियों को बेचने मजबूर हो जायेगा।

 
 
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आमचो बस्तर क्लब में मांझी-चालकी और बस्तर दशहरा पर्व के पारंपरिक सदस्यों के साथ किया दोपहर का भोजन

 प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने बस्तर प्रवास के दौरान वर्ष 1921 में स्थापित आमचो बस्तर क्लब बस्तर दशहरा में संभाग के विभिन्न क्षेत्रों से पहुँचे मांझी-चालकी, मेंबर-मेंबरिन और बस्तर दशहरा पर्व के पारंपरिक सदस्यों के साथ दोपहर का भोजन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने दशहरा समिति के उपाध्यक्ष लक्ष्मण माँझी से चर्चा की।


मुख्यमंत्री ने दोपहर के भोजन में बस्तर के पारंपरिक व्यंजनों के साथ सैगोड़ा, उड़द दाल बड़ा एवं बंगाला चटनी, मिक्स वेज पकोड़ा, चौलाई भाजी, करेला प्याज आलू बैंगन बड़ी, झूड़गा की सब्जी,रायता, पुड़ी, जीरा राइस, दाल तड़का का भी स्वाद लिया।
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नगरीय निकाय निर्वाचन हेतु 16 अक्टूबर को होगा मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन, अंतिम प्रकाशन 22 नवंबर को होगा

 राज्य में स्थानीय नगरीय निकाय के निर्वाचन हेतु 16 अक्टूबर को मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ के राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह ने राज्य के समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देशित किया है कि आयोग द्वारा निर्वाचक नामावली तैयार किए जाने हेतु जारी कार्यक्रम के अनुसार सभी कार्यवाही सुनिश्चित करें। राज्य के 167 नगरीय निकायों में निर्वाचन होना है। 


आयोग द्वारा सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को मतदाता सूची शुद्ध एवं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने तथा  01 जनवरी 2024 की स्थिति में 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले का नाम मतदाता सूची में जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।  

निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य में नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियों ने जोर पकड़ लिया है। इस संदर्भ में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में 16 अक्टूबर 2024 को मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन किया जाएगा। यह सूची नगरीय निकायों के चुनाव के लिए बनाई जा रही है, जिसमें सभी पात्र मतदाताओं के नाम शामिल होंगे।
प्रारंभिक प्रकाशन के बाद सुधार का अवसर प्रारंभिक मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद, मतदाता अपने नाम की जांच कर सकेंगे। यदि किसी मतदाता का नाम सूची में नहीं है या उसमें किसी प्रकार की त्रुटि है, तो वे इसकी शिकायत कर सकते हैं। निर्वाचन आयोग ने इसके लिए एक विशेष प्रक्रिया निर्धारित की है, जिसके तहत मतदाता सुधार, नाम जुड़वाने या हटाने के लिए आवेदन कर सकेंगे।

आयोग द्वारा पूर्व में जारी कार्यक्रम के अनुसार निर्वाचक नामावली का प्रारंभिक प्रकाशन एवं दावे तथा आपत्तियां प्राप्त करना एवं मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों को निर्वाचक नामवली उपलब्ध कराना बुधवार 16 अक्टूबर 2024 तक, दावा/आपत्तियां प्राप्त करने की अंतिम तारीख व समय बुधवार 23 अक्टूबर 2024 को दोपहर 3 बजे तक, दावा/आपत्तियों का निपटारे की अंतिम तारीख मंगलवार 29 अक्टूबर 2024 तक, प्ररूप क-1 में रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को दावा प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि सोमवार 04 नवम्बर 2024 तक तथा प्ररूपः क-1 में प्राप्त दावा का निराक़रण करने की अंतिम तिथि शुक्रवार 08 नवम्बर 2024 तक निर्धारित की गई है।

इसी तरह दावे/आपत्तियों के निराकरण आदेश के विरूद्ध अपील करने की अंतिम तारीख निराकरण आदेश पारित होने के 05 दिवस के भीतर तथा परिवर्धन, संशोधन, विलोपन के प्रकरणों की प्रविष्टि सॉफ्टवेयर में करना बुधवार 13 नवम्बर 2024 तक, चेकलिस्ट का निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा जांच करवाना तथा पी. डी.एफ. मुद्रण हेतु जिला कार्यालयं को सौंपना शनिवार 16 नवम्बर 2024 तक, अनुपूरक सूची का मुद्रण कराना और अनुपूरक सूची को मूल सूची के साथ संलग्र करना मंगलवार 19 नवम्बर 2024 तक निर्धारित किया गया है तथा निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन शुक्रवार 22 नवम्बर 2024 को किया जाएगा।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मां दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना की

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने एक दिवसीय बस्तर प्रवास के दौरान जगदलपुर राजवाड़ा परिसर स्थित मंदिर में मां दंतेश्वरी  के दर्शन और पूजा-अर्चना कर प्रदेश वासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।


मुख्यमंत्री श्री साय के साथ इस मौके पर बस्तर दशहरा के माटीपुजारी श्री कमल चंद, वन मंत्री श्री केदार कश्यप वनमंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री महेश कश्यप, कांकेर सांसद श्री भोजराज नाग, विधायक श्री किरण देव, कोंडागाँव विधायक लता उसेंडी,चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, दंतेवाड़ा विधायक श्री चैतराम अटामी,महापौर सफिरा साहू ने भी मां दन्तेश्वरी की पूजा-अर्चना की।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बस्तर दसराहा पसरा के विकास कार्य का किया लोकार्पण

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बस्तर जिले के एक दिवसीय प्रवास के दौरान 2 करोड़ 99 लाख 78 हजार से अधिक की लागत के बस्तर दसराहा पसरा के विकास कार्य का लोकार्पण किया। यहां दंतेश्वरी मंदिर के समीप स्थित पुराने तहसील कार्यालय का जीर्णोद्धार कर बस्तर दशहरा के लिए समर्पित किया गया है। इसका नाम बस्तर दसराहा पसरा (बस्तर दशहरा हेतु स्थल) दिया गया है। 


मुख्यमंत्री ने पसरा में बस्तर दशहरा के विभिन्न रस्मों की फोटो प्रदर्शनी, प्रतीकात्मक रथ, देवी देवताओं के प्रतिकों अवलोकन कर उनकी सराहना की। उन्होंने प्रतीकात्मक रथ के समीप फोटो भी खिंचवाई। 

दसराहा पसरा में 75 दिवसीय दशहरा उत्सव में होने वाले मुख्य विधि विधान जिनमें पाट जात्रा, डेरी गढ़ाई, काछन गादी, रैला देवी पूजा, जोगी बिठाई, रथ परिक्रमा, बेल पूजा, निशा जात्रा, मावली परघाव, भीतर रैनी-बाहर रैनी काछन जात्रा, कुटुम्ब जात्रा एवं डोली विदाई की जीवन्त प्रतिकृति स्थापित कर जन सामान्य एवं पर्यटकों को सुलभ जानकारी देने का प्रयास किया गया है। 

प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व छत्तीसगढ़ की अनुठी सांस्कृतिक विशेषतापूर्ण एवं बस्तर के जन-जातियों की आराध्य देवी दन्तेश्वरी तथा स्थानीय देवी-देवताओं की पूजा विधान के रूप में मनाया जाता है। तहसील कार्यालय में पहले से चली आ रही परंपरा अनुसार दशहरा पर्व में शामिल होने वाले क्षेत्र के सभी देवी देवता, आंगादेव, देवी की छत्र की उपस्थिति का दर्ज इसी स्थल पर किया जाता रहा है। इसलिए प्रशासन द्वारा तहसील कार्यालय को अन्य स्थल पर स्थांनातरित कर पुराने तहसील कार्यालय को दसराहा पसरा के लिए चिन्हांकित कर दिया गया है।

इस अवसर पर वनमंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री महेश कश्यप, कांकेर सांसद श्री भोजराज नाग, विधायक श्री किरण देव, कोंडागाँव विधायक लता उसेंडी,चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, दंतेवाड़ा विधायक श्री चैतराम अटामी, महापौर सफिरा साहू, साथ ही पूर्व सांसद और विधायक, पार्षदगण एवं अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि, कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री सुंदरराज पी., कलेक्टर श्री हरिस एस, पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।
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बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को अक्षुण रखकर भावी पीढ़ी को सौपना है : मंत्री श्री केदार कश्यप

वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने बस्तर मड़ई और क्षेत्रीय सरस मेले का शुभारंभ किया। उन्होंने शुभारंभ समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि बस्तर मड़ई का उद्देश्य यहां की सांस्कृतिक विरासत को अक्षुण रखकर भावी पीढ़ी को सौपना है। इसी प्रकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए लगाए गए सरस मेला स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और महिलाओं और ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाने का माध्यम है।  


गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा बस्तर मड़ई और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा क्षेत्रीय सरस मेले का आयोजन जगदलपुर के लालबाग मैदान में 12 से 19 अक्टूबर तक आयोजन किया जा रहा है। इस मेले में शासकीय योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी और स्व-सहायता समूहों द्वारा उत्पादित वस्तुओं की प्रदर्शनी और बिक्री होगी। मेले में कई जिलों के स्व सहायता समूहों ने हस्तशिल्प, कृषि उत्पाद, जैविक खाद्य पदार्थ, कपड़े, और अन्य स्थानीय वस्तुएं प्रदर्शित की गई हैं। शुभारंभ अवसर पर नागलसर के स्कूली बच्चों ने धुरवा मड़ई का आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया। 

शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप ने कहा कि बस्तर मड़ई में लगाई गई प्रदर्शनी के माध्यम से दी जा रही है। योजनाओं की जानकारी का लाभ उठाएं और सरस मेला में विभिन्न जिलों से पहुँचे स्व-सहायता की दीदियों द्वारा निर्मित उत्पाद की खरीदी कर उन्हें प्रोत्साहित करें। विधायक श्री किरणदेव ने कहा कि बस्तर का परंपरा दशहरा के अवसर पर शासन की जन कल्याण योजनाओं का विभागों द्वारा लगाया गया है इसका लाभ सभी नागरिक लें। साथ कार्यक्रम में खेलकूद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है इसका आनंद भी लें। 

वन मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक श्री देव, विधायक चित्रकूट श्री विनायक गोयल, महापौर सफीरा साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि ने मेले में लगाए गए विभिन्न विभागों के स्टालों और स्व-सहायता समूहों के स्टालों का निरीक्षण किया और विभागीय स्टालों में योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री का वितरण किया। उन्होंने स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की सराहना की और उनके माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की।
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समाज के अंतिम व्यक्ति का उत्थान ही सरकार का मुख्य ध्येय: मुख्यमंत्री श्री साय

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में स्थित बाबा गुरु घासीदास जी की कर्मभूमि एवं गुरु श्री अमरदास जी की तपोभूमि तेलासीपुरी धाम में आयोजित गुरु दर्शन मेला कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने बाबा गुरु घासीदास एवं गुरु अमरदास जी के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं पूजा-अर्चना कर किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं सर्वाेच्च गुरु आसमदास साहेब का पगड़ी पहनाकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों क़ी मांग पर तेलासी गुरुद्वारा बाड़ा विकास हेतु 3 करोड़ 18 लाख रुपये देने, मुख्य मंदिर से मुख्य सडक तक सीसी रोड एवं गैतरा मेन रोड से बोहारडीह नाला तक सडक निर्माण, गुरु अमरदास जलाशय का सौंदर्यीकरण तथा अनुसचित जाति छात्रावास तेलासी में 50 अतिरिक्त सीट हेतु भवन निर्माण की घोषणा की।


मुख्यमंत्री श्री साय ने विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व सत्य की विजय एवं बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस दिन रावण के पुतले का दहन किया जाता है। लेकिन हमें काम, क्रोध, मद, लोभ रूपी बुराई पर विजय प्राप्त करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि समाज में छुआछूत और असमानता को दूर करने 18 वीं सदी में बाबा गुरु घासीदास जी अवतरित हुए। उन्होंने दुनिया को मनखे-मनखे एक सामान का सन्देश दिया। हमारी सरकार बाबा गुरु घासीदास जी के बताए मार्ग पर चलते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि समाज के विकास का मूलमंत्र शिक्षा है। समाज में अनपढ़ व्यक्ति भी जीवन जीता है लेकिन शिक्षित और अनपढ़ के जीवन में काफी अंतर होता है। शिक्षित समाज से ही प्रदेश और राष्ट्र का विकास होगा। हमारी सरकार नई राज्य सरकार के गठन के तत्काल बाद मोदी जी की गारंटी को लगातार पूरा कर रही है, जिसमें 21 क्विंटल प्रति एकड़ एवं 3100 रुपये में धान खरीदी, किसानों को बकाया बोनस राशि का भुगतान, 18 लाख प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति, तेंदूपत्ता खरीदी दर बढ़ाकर 5500 रुपये प्रति मानक बोरा किया गया। महतारी वंदन योजना, रामलाला दर्शन योजना सहित अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल ने कहा कि सतनामी समाज में विजयादशमी के दिन गुरु दर्शन की परम्परा है। गुरु के दर्शन से प्रेरणा लेकर सतनामी समाज आगे बढ़ रहा है। समाज शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़े, सामजिकजन समाज हित में काम करने भावी पीढ़ी को जागृत करें। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी का उपदेश समाज को जोड़ने और एकरूपता लाने वाला है। देश में गुरु परम्परा प्रचलित है। गुरुओं के दर्शन से सन्मार्ग मिलता है और सन्मार्ग से ही प्रदेश सुखमय और समृद्ध होगा।

कार्यक्रम को सर्वाेच्च गुरु आसमदास साहेब जांजगीर-चाम्पा सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, मुंगेली विधायक श्री पुन्नुलाल मोहले ने भी सम्बोधित किया। कलेक्टर श्री दीपक सोनी ने स्वागत भाषण में जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे कार्याे एवं नवाचारों की जानकारी दी।

मेधावी छात्रों को सम्मान एवं युवाओं को मिला नियुक्ति पत्र - 

कार्यक्रम में सतनामी समाज के 12 मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया एवं 21 युवाओं को रोजगार हेतु नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के 2 हितग्राहियों को गैस कनेक्शन एवं 3 हितग्राहियों को राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत 10 हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र, 5 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड तथा 10 लखपति दीदियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अहिवारा विधयाक श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा,पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सनम जांगड़े, पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल, सीईओ जिला पंचायत सुश्री दिव्या अग्रवाल, सतनामी समाज के राजमहंत सहित समाज के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
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छत्तीसगढ़ में अब तक 1174.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 1174.6 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से आज 12 अक्टूबर सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 2444.3 मिमी और बेमेतरा जिले में सबसे कम 609.0 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है।


राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सरगुजा जिले में 640.9 मिमी, सूरजपुर में 1167.8 मिमी, बलरामपुर में 1746.9 मिमी, जशपुर में 1076.0 मिमी, कोरिया में 1132.4 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1089.0 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। 

इसी प्रकार, रायपुर जिले में 961.1 मिमी, बलौदाबाजार में 1189.5 मिमी, गरियाबंद में 1121.4 मिमी, महासमुंद में 974.9 मिमी, धमतरी में 1043.5 मिमी, बिलासपुर में 998.1 मिमी, मुंगेली में 1117.1 मिमी, रायगढ़ में 1117.0 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 734.4 मिमी, जांजगीर-चांपा में 1223.6 मिमी, सक्ती 1063.2 मिमी, कोरबा में 1423.8 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 1208.7 मिमी, दुर्ग में 658.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 929.8 मिमी, राजनांदगांव में 1130.1 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1243.2 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 860.4 मिमी, बालोद में 1200.4 मिमी, बस्तर में 1280.9 मिमी, कोण्डागांव में 1212.4 मिमी, कांकेर में 1430.1 मिमी, नारायणपुर में 1466.0 मिमी, दंतेवाड़ा में 1559.0 मिमी और सुकमा जिले में 1699.3 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विजयदशमी पर्व के अवसर पर किया शस्त्र पूजन

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज विजयादशमी के शुभ अवसर पर अपने निवास कार्यालय में आयोजित शस्त्र पूजन में शामिल हुए। उन्होंने विधि-विधान से शस्त्रों की पूजा की और मां भगवती की आराधना की।  इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी को विजयादशमी पर्व की शुभकामनाएं दी। इस दौरान मुख्यमंत्री सचिवालय और मुख्यमंत्री सुरक्षा के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।

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महादेव सट्टा एप का मालिक सौरभ चंद्राकर गिरफ्तार

 छत्तीसगढ़ के भिलाई में एक साधारण जूस विक्रेता से महादेव ऐप के सट्टेबाजी सरगना बनने तक, सौरभ चंद्राकर का सफर अब समाप्ति पर पहुंच चुका है। खबरों के अनुसार सौरभ चंद्राकर को दुबई में गिरफ्तार कर लिया गया है। दुबई में उसकी गिरफ्तारी इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर की गई, जिसे प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अनुरोध पर जारी किया गया था। यह गिरफ्तारी भारतीय एजेंसियों के समन्वित प्रयासों का परिणाम है, जिसमें विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय ने प्रमुख भूमिका निभाई।

महादेव ऐप सट्टेबाजी घोटाले की जांच सीबीआई को सौंपी गई

 

लगभग डेढ़ महीने पहले, छत्तीसगढ़ सरकार ने महादेव ऐप सट्टेबाजी घोटाले की जांच को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपने का निर्णय लिया। यह निर्णय 22 अगस्त को लिया गया था, जिसके बाद चंद्राकर की गिरफ्तारी हुई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया था कि घोटाले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और सभी दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए सीबीआई को जांच सौंपी गई।

CBI और ED की भूमिका

CBI और ED ने इस घोटाले की गहराई में जाकर जांच की, जिससे चंद्राकर की गतिविधियों का पर्दाफाश हुआ। अब तक 572.41 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अटैच किया जा चुका है, जिसमें 100 करोड़ रुपये की संपत्ति दुबई में है। यह गिरफ्तारी अत्यंत गोपनीय तरीके से की गई थी, जिसमें केवल कुछ शीर्ष अधिकारियों को इसकी जानकारी थी। उच्च-स्तरीय सूत्रों ने बताया कि चंद्राकर को आसानी से गिरफ्तार करने के लिए कार्रवाई को पूरी तरह गुप्त रखा गया। दुबे में गिरफ्तारी के बाद, भारत सरकार और CBI को जानकारी मिलने पर प्रत्यर्पण प्रक्रिया तेज हो गई। MEA (विदेश मंत्रालय), MHA (गृह मंत्रालय), ED, और CBI ने संयुक्त रूप से काम किया, सभी औपचारिकताओं को बिना देरी के पूरा करने की प्रक्रिया शुरू की।

पुलिस महानिरीक्षक राम गोपाल गर्ग का योगदान

इस ऑपरेशन की सफलता में दुर्ग रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IGP) राम गोपाल गर्ग का योगदान महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने CBI में अपने अनुभव का उपयोग करते हुए चंद्राकर की हर गतिविधि पर नज़र रखी और CID के माध्यम से एक अनूठी अनुरोध प्रक्रिया चलाई। उन्होंने जुलाई 2024 में गृह मंत्रालय को तत्काल अनुरोध भेजा, जिससे प्रोविजनल अरेस्ट और प्रत्यर्पण प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया गया।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर निवास कार्यालय में विधिवत कामकाज की शुरुआत की

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर सेक्टर 24 स्थित अपने निवास कार्यालय में विधिवत कामकाज की शुरुआत की।  मुख्यमंत्री के सचिव  राहुल भगत,  पी. दयानंद और  बसवराजु  एस. ने उनका नए कार्यालय में स्वागत किया। 
         इस दौरान मुख्यमंत्री ने कुछ महत्वपूर्ण फाइलों का अनुमोदन किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारी-कर्मचारी भी मौजूद रहे।
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ट्रक से टकराई कार, युवक-युवती की मौत, 2 घायल...

 जिले के बतौली नेशनल हाइवे में तेज रफ़्तार कार ट्रक से टकरा गई। इस हादसे में युवक और युवती की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि, पीछे बैठे युवक-युवती को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। वहीं ट्रक ड्राइवर मौके से फरार हो गया।

मिली जानकारी के अनुसार, एक कार में सवार होकर दो युवक और दो युवती कूड़ोपारा सिलमा जा रहे थे। तभी कार अनियंत्रित होकर सामने आ रहे ट्रक जा घुसी। इस हादसे में कार चला रहे कुनकुरी निवासी 19 वर्षीय दुष्यंत तिग्गा और सामने बैठी पूर्णिमा एक्का की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि, कार के पीछे सीट पर बैठे कराबेल निवासी अनुज तिर्की और  रेनूका तिर्की घायल हो गए। जिन्हें 112 टीम ने कार के गेट को तोड़कर बाहर निकाला।

दोनों घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बतौली में भर्ती कराया गया। जिनके गंभीर अवस्था के कारण दोनों घायल युवक- युवती को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना के पश्चात ट्रक ड्राइवर गाड़ी को बीच सड़क में लॉक कर चाभी लेकर मौके से फरार हो गया। इस हादसे के दोनों मृतकों के घर में मातम पसर गया है।

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महाराष्ट्र-झारखण्ड चुनाव में लगी छत्तीसगढ़ के 21 IAS अधिकारियों की ड्यूटी

 

चुनाव आयोग अगले सप्‍ताह महाराष्‍ट्र और झारखंड के लिए चुनाव कार्यक्रमों की घोषणा कर सकता है। इस बीच चुनाव आयोग ने छत्‍तीगसढ़ के 21 आईएएस अफसरों को चुनाव ड्यूटी के लिए बुलावा भेजा है। इनमें 6 महिला आईएएस भी शामिल हैं।
चुनाव आयोग ने महाराष्‍ट्र और झारखंड के विधानसभा चुनाव ड्यूटी के लिए छत्‍तीसगढ़ के 21 आईएएस अफसरों का नाम फाइनल किया है। आयोग ने इन अफसरों की सूची राज्‍य सरकार को भेज दी है और चुनाव ड्यूटी वाले सभी अफसरों को 16 अक्‍टूबर को विज्ञान भवन में रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है।

16 अक्‍टूबर को विज्ञान भवन में अफसरों की ट्रेनिंग होगी। इसी तारीख के आसपास आयोग की तरफ से दोनों राज्‍यों में चुनाव की घेाषणा भी हो सकती है। ऐसे में चुनाव ड्यूटी वाले इन 21 अफसरों में से कई को दीपावली प्रदेश से बाहर ही मनाना पड़ सकता है।

अफसरों ने बताया कि अभी केवल 21 अफसरों की सूची आई है। इनमें से किस अफसर की ड्यूटी महाराष्‍ट्र में लगी है और किसी झारखंड में यह नहीं बताया गया है। बताया जा रहा है कि 16 अक्‍टूबर की ट्रेनिंग के दौरान ही इन अफसरों को बताया जाएगा कि कौन सा अफसर किस राज्‍य में जाएगा।
इन अधिकारियों को आया है चुनाव आयोग का बुलावा
चुनाव आयोग की तरफ से जिन 21 अफसरों को बुलावा भेजा गया है उनमें आर. प्रसन्‍ना, भूवनेश यादव, सीआर प्रसन्‍ना, जनक प्रकाश पाठक, शम्‍मी आब‍िदी, शिखा राजपूत तिवारी, केडी कुंजाम, किरण कौशल, पदूस सिंह अल्मा, सारांश मित्‍तर, जितेंद्र कुमार शुक्‍ला, अभिजीत सिंह, दिव्या उमेश मिश्रा, इफ्फत आरा, पुष्पा साहू, रितेश कुमार अग्रवाव, तारण प्रकाश सिन्‍हा, जगदीश सोनकर, राजेंद्र कुमार, कुलदीप शर्मा और कुन्दन कुमार शामिल हैं।

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सक्ती में बड़ा हादसा: नहर में गिरी पिकअप, 18 लोगों का रेस्क्यू, 2 बच्चे लापता...

 छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में देर रात एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब 20 लोगों से भरी एक पिकअप अनियंत्रित होकर नहर में गिर गई। इस हादसे के बाद मौके पर हड़कंप मच गया और तुरंत इसकी सूचना एसडीआरएफ (SDRF) को दी गई। टीम ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद 18 लोगों का रेस्क्यू किया, लेकिन अब भी दो बच्चे लापता हैं। 6 साल और 2 साल के मासूम बच्चों की तलाश में लगातार प्रयास जारी हैं।


घटना का विवरण:
मिली जानकारी के अनुसार, बैलाचुआ से सलिहाभांठा, मोहगांव के पास यह हादसा हुआ। एक ही परिवार के 20 लोग जगराता कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे, जब ड्राइवर के नशे में होने के कारण पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर नहर में जा गिरी। घटना के बाद आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस और रेस्क्यू टीम को सूचना दी।

रेस्क्यू ऑपरेशन:
एसडीआरएफ की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर 18 लोगों को नहर से बाहर निकाला, लेकिन 12 घंटे बीत जाने के बाद भी दो मासूम बच्चे लापता हैं। गोताखोरों की टीम भी मौके पर मौजूद है और बच्चों की तलाश में लगी हुई है।

हादसे के बाद नगरदा पुलिस की टीम भी मौके पर मौजूद है और मामले की जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि हादसे के समय पिकअप का ड्राइवर नशे में था, जिसके कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ।

 

 

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मुख्यमंत्री साय ने श्री रतन टाटा के निधन पर शोक व्यक्त किया

/मुख्यमंत्री  विष्णु  देव  साय ने  सुप्रसिद्ध उद्योगपति, पद्म भूषण व पद्म विभूषण से सम्मानित श्री रतन टाटा जी के निधन को अत्यंत दुःखद बताते हुए गहरा  शोक व्यक्त किया है।
 
साय ने  कहा  कि श्री  रतन  टाटा ने भारतीय उद्योग जगत को सर्वोच्च स्थान पर स्थापित किया। शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, स्वच्छता, मानव कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में उनके योगदान को भारतवासी सदैव याद रखेंगे। उनका सादगी पूर्ण जीवन, नैतिक नेतृत्व और परोपकार की भावना एक मिसाल थी। वह सदैव हमारी यादों में जीवित रहेंगे।
 
उनका निधन भारत और उद्योग जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। देश और समाज में बेहतर बदलाव के लिए उनके द्वारा किए गए अभूतपूर्व कार्य हम सबके लिए प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे।
 
ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिजनों, उनके शुभचिंतकों को संबल प्रदान करने की विनम्र प्रार्थना करता हूं।
 
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बैक टू आयुर्वेद : छत्तीसगढ़ के धमतरी में बूटीगढ़ की स्थापना, आयुर्वेदिक रसशाला बन रही आकर्षण का केंद्र

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में जल संरक्षण और आयुर्वेद को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। यहां आयुर्वेदिक चिकित्सा और प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष प्रयास किया गया है। यह प्रदेश में अपनी तरह का पहला नवाचार है। 
 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने   आयुष विभाग और धमतरी जिला प्रशासन के इस नवाचार की सराहना की है और ज्यादा से ज्यादा वन संपदा को सहजने और लोगों को आयुर्वेद के बारे में जागरूक करने के लिए कहा है।इस पहल के अंतर्गत जिला प्रशासन ने आयुर्वेद को स्थानीय लोगों के जीवन में सम्मिलित करने के लिए विशेष रूप से जिले के वंनाचल ग्राम सिंगपुर (बूटीगढ़) में आयुष रसशाला (औषधीय पेय केंद्र) की स्थापना की गई है। 
 
बूटीगढ़ क्षेत्र में प्राकृतिक रूप से औषधिगुणयुक्त पौधे पाये जाते हैं, इसलिए यहां हर्बेरियम का निर्माण किया जा रहा है। औषधिगुणयुक्त पौधों के संवर्धन, प्रचार-प्रसार और उपयोगिता के लिए रसशाला निर्मित किया जा रहा है। इस रसशाला के माध्यम से स्थानीय लोगों, छात्रों और पर्यटकों को रसपान का लाभ मिल सकेगा। 
 
आयुर्वेद में पानी का महत्व अनमोल है, क्योंकि यह शरीर के सभी प्रमुख तत्वों को संतुलित रखता है। धमतरी जिले में "जल जगार" कार्यक्रम के माध्यम से जल संरक्षण के साथ-साथ आयुर्वेदिक पेय पदार्थों और औषधियों की उपयोगिता को भी प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी में उपस्थित आयुर्वेदिक चिकित्सकों ने बूटीगढ़ और रसशाला के महत्व को बताते हुए यह जानकारी दी कि कैसे एक परिवार और समाज शुद्ध पानी और आयुर्वेदिक खानपान को अपनाकर स्वस्थ जीवन जी सकते हैं। 
 
बेहतर मानसिक और शारिरिक स्वास्थ्य के लिए दिया जा रहा काढ़ा
 
आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. अवध पचौरी ने बताया कि 160 प्रकार की जड़ी-बूटियों को चिन्हित किया गया है, जिनमें से पहले चरण में बूटीगढ़ में 25,000 पौधे लगाए गए हैं। इनमें से कुछ ऐसी जड़ी-बूटियाँ हैं जिन्हें आयुर्वेदिक उपचार के लिए चूर्ण या टैबलेट बनाकर इस्तेमाल भी किया जा रहा है। समय के साथ जब बूटीगढ़ विकसित होने लगेगा तो रसशाला के जरिए लोगों को आयुर्वेद के प्रति और भी जागरूक किया जा सकता है। इसके साथ ही बूटीगढ़ में विलुप्त होने वाली जड़ी-बूटियों को भी सहजा जा रहा है, ताकि भविष्य में इन पर शोध हो सके। उन्होंने बताया कि वर्तमान में विभिन्न आयुष केंद्रों में योग करने आये लोगों, मरीजों, गर्भवती महिलाओं , किशोर-किशोरियों व बच्चों को विभिन्न जड़ी-बुटियों से बना काढ़ा, औषधी स्वरूप दिया जा रहा है, जिससे लोगों के मानसिक और शारिरिक स्वास्थ्य में सकारात्मक परिर्वतन देखने को मिल रहा है। 
 
हृदय रोगियों के लिए रामबाण है ‘अर्जुन क्षीरपाक’
 
डॉ. अवध पचौरी के मुताबिक कोविड काल के बाद से ही लगातार ये देखा जा रहा है कि अचानक हार्ट अटैक से किसी भी उम्र वर्ग के व्यक्ति की ऑन-द-स्पॉट मृत्यु हो रही है, जान बचाने के लिए समय भी नहीं मिल पा रहा है, जो एक चिंता का विषय बन चुका है। आयुर्वेद में अर्जुन पेड़ की छाल से बनें ‘अर्जुन क्षीरपाक’ के नियमित सेवन इंस्टेंट हार्ट अटैक के मामलों में कमी लाई जा सकती है। अर्जुन की छाल में विशेष औषधीय गुण होते हैं, जो हृदय की धमनियों को मजबूती प्रदान करते हैं और हृदय की मांसपेशियों को शक्ति देते हैं। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए अत्यधिक लाभकारी है, जिन्हें हृदय संबंधी समस्याएं हैं या जिनमें हार्ट अटैक का खतरा अधिक होता है।
 
सामान्य जीवन में बेहद लाभकारी है आयुर्वेदिक औषधियाँ
 
जिला आयुष अधिकारी डॉ. गुरूदयाल साहू ने जानकारी देते हुए बताया कि हाल ही में जिले में हुए जल जगार महोत्सव में आयुष विभाग की प्रदर्शनी में बूटीगढ़ और रसशाला की प्रदर्शनी में  मुनगा (सहजन) जैसे पौधों के औषधीय गुणों को भी प्रदर्शित किया गया, जिसमें मुनगा का सूप बनाने की विधि बताई गई। साथ ही, विभिन्न जड़ी-बूटियों का अर्क डिस्टिलेशन प्रक्रिया के माध्यम से निकाला गया, जिससे रोज़मर्रा के जीवन में उपयोगी औषधियाँ तैयार की जा सकती हैं। बूटीगढ़ और रससाला का उद्देश्य ही यही है कि आमजनों को ज्यादा से ज्यादा औषधीय गुणों से भरे पेड़-पौधों को लेकर जागरूक किया जाए। हमारे घरों में ही कितनी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ उपलब्ध होती हैं, जिसके सेवन से मौसमी बीमारियों को ठीक किया जा सकता है। डॉ. गुरूदयाल आगे बताते हैं कि राशि रत्न पौधों को लगाने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। ज्यादा से ज्यादा औषधीय पौधरोपण से प्रकृति को भी सहजा जा रहा है और जल सरंक्षण में भी यह कदम सराहनीय है। साथ ही औषधीय पेड़-पौधों से जीवन में सकारात्मकता भी बढ़ती है। 
 
आयुर्वेद के प्राचीन ग्रंथ रसशास्त्र से मिली रसशाला की प्रेरणा
 
आयुर्वेद के प्राचीन ग्रंथों में से एक रसशास्त्र में औषधियों को बनाने की कई विधियों का वर्णन मिलता है। इन प्रक्रियाओं में अलग-अलग यंत्रों का उपयोग किया जाता था, जिनसे औषधियों को शुद्ध और तैयार किया जाता था। महर्षि नागार्जुन को इन विधियों का जनक माना जाता है। इन औषधियों का उपयोग विशेष रूप से बीमारियों के इलाज में किया जाता है। पुराने समय में आयुर्वेदाचार्य कई प्रकार के यंत्रों का इस्तेमाल करते थे। जैसे दोला यंत्र, उलूखल यंत्र, कच्छप यंत्र, और स्वेदनी यंत्र। इन यंत्रों से औषधियाँ बनती थीं, जो आज भी कई बीमारियों में कारगर होती हैं। आयुष रसशाला के जरिए ताजा जड़ी-बूटियों से औषधीय रस, अर्क, क्वाथ और पेय बनाए जाते हैं। ये औषधियाँ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती हैं और कई बीमारियों में फायदेमंद साबित होती हैं।
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