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उत्तरप्रदेश के दो मंत्रियों ने पवित्र गंगा जल और प्रतीक चिन्ह भेंट कर मुख्यमंत्री साय को आमंत्रित किया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को प्रयागराज के पवित्र संगम में वर्ष 2025 में आयोजित हो रहे महाकुंभ में शामिल होने का आमंत्रण भेजा है। उन्होंने सभी छत्तीसगढ़ वासियों को भी महाकुंभ में आमंत्रित किया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की ओर से उनका आमंत्रण लेकर उत्तर प्रदेश के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील कुमार शर्मा और समाज कल्याण राज्य मंत्री संजय गोंड ने मुख्यमंत्री  साय से सौजन्य मुलाकात की और उन्हें आमंत्रण पत्र, पवित्र गंगा जल और कुंभ का प्रतीक चिन्ह सौंप कर उन्हें महाकुंभ में आमंत्रित किया। मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने मुख्यमंत्री से यह भी आग्रह किया कि कुंभ स्थल पर छत्तीसगढ़ का भी एक पंडाल लगाया जाए।
 
मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ के पंडाल के लिए स्थान उपलब्ध कराने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एक पत्र मंत्रीद्वय को सौंपा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंडाल में छत्तीसगढ़ से कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने और भोजन की व्यवस्था रहेगी। मुख्यमंत्री साय ने मंत्री द्वय का छत्तीसगढ़ में आत्मीय स्वागत करते हुए आमंत्रण के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि महाकुंभ में शामिल होना सौभाग्य का विषय है। वे पहले भी कुंभ में शामिल होते रहे हैं, लेकिन इस बार का कुंभ विशेष है। आमंत्रण देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो-दो मंत्रियों को भेजा है। हम महाकुंभ में जरूर आएंगे। 
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मैंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से अनुरोध किया है कि छत्तीसगढ़ प्रयागराज महाकुंभ 2025 के अवसर पर महाकुंभ में आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं को इस प्रदेश की संस्कृति, विकास और उपलब्धियों से परिचित कराने के लिए उत्सुक है। छत्तीसगढ़ से महाकुंभ के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं के भोजन एवं रहने-ठहरने की व्यवस्था हेतु महाकुंभ क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के लिए भूमि आरक्षित करने का अनुरोध भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से किया है।
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गरीबों और किसानों के रक्षक के रूप में अमर शहीद वीर नारायण सिंह की गौरवगाथा सदैव अमर रहेगी: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अमर शहीद वीरनारायण सिंह के बलिदान दिवस पर राजधानी रायपुर के जयस्तंभ चौक पहुंच कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा पर मल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।
 
उप मुख्यमंत्री अरुण साव, आदिमजाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक पुरन्दर मिश्रा सहित अनेक जनप्रतिनिधिगण इस अवसर पर  उपस्थित थे।
 
मुख्यमंत्री साय ने शहीद वीर नारायण सिंह के मातृभूमि के प्रति योगदान को याद करते हुए कहा कि स्वतंत्रता के लिए अपना जीवन न्यौछावर कर देने वाले आदिवासी जन-नायक वीर नारायण सिंह छत्तीसगढ़ महतारी के सच्चे सपूत थे। वे सोनाखान के ज़मींदार परिवार से थे लेकिन उन्होंने आदिवासियों, किसानों और गरीबों के लिए लड़ाई लड़ी। उन्होंने सन् 1856 के भीषण अकाल के दौरान गरीबों को भूख से बचाने के लिए अनाज गोदाम से अनाज निकालकर गरीबों में बांट दिए। उन्होंने सन् 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन के दौरान छत्तीसगढ़ की जनता में देश भक्ति का संचार किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह के संघर्ष, मातृभूमि के प्रति समर्पण और बलिदान को हमेशा याद किया जाएगा। गरीबों और किसानों के रक्षक के रूप में उनकी गौरवगाथा सदैव अमर रहेगी।
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रायपुर में प्रयागराज महाकुंभ-2025 के रोड शो में शामिल हुए उत्तर प्रदेश के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री सुनील कुमार शर्मा

रायपुर, 11 दिसंबर। योगी सरकार महाकुंभ-2025 को भारतीय संस्कृति और एकता का वैश्विक प्रतीक बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में, उत्तर प्रदेश के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री सुनील कुमार शर्मा ने रायपुर में एक भव्य रोडशो का नेतृत्व किया। उन्होंने महाकुंभ के आयोजन को भारत की विविधता में एकता का अद्वितीय उत्सव बताते हुए छत्तीसगढ़ के माननीय राज्यपाल महामहिम श्री रमन डेका, माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तथा वहां की सम्मानित जनता को प्रयागराज महाकुंभ-2025 में आने का आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि यह सरकार महाकुंभ में अंतरराष्ट्रीय सहभागिता और अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ इसे ऐतिहासिक बनाने की दिशा में अहम कदम उठा रही है। रोडशो के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि महाकुंभ, भारत की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक चेतना का स्पंदन है। ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत-समावेशी भारत' की दिव्य और जीवंत झांकी है।
 
पत्रकार वार्ता के दौरान इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि आप सबमें बहुत से ऐसे लोग होंगे, जिनके पास प्रयागराज कुम्भ-2019 का 'दिव्य एवं भव्य' अनुभव होगा, भारतीय सांस्कृतिक गौरव के रूप में जिसकी अविस्मरणीय छवि विश्व पटल पर अंकित हुई थी। यही नहीं, मेले के कुशल प्रबन्धन को भी पूरी दुनिया ने मुक्त कंठ से सराहा था। उन्होंने कहा कि इस बार आयोजित हो रहा महाकुंभ पिछले कुंभ से और अधिक दिव्य एवं भव्य होगा। प्रयागराज महाकुंभ-2025 में 45 करोड़ तीर्थयात्रियों, साधु, संतों, कल्पवासियों एवं पर्यटकों के आने की संभावना है। इसके दृष्टिगत उत्तर प्रदेश सरकार ने समयबद्ध ढंग से समुचित प्रबंध कर लिया है।
 
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री सुनील कुमार शर्मा ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में 13 जनवरी से 26 फरवरी 2025 तक माँ गंगा, यमुना और सरस्वती के पावन संगम तट पर प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन हो रहा है। यूनेस्को द्वारा घोषित विश्व मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर महाकुंभ 12 वर्ष के अंतराल पर एक बार फिर प्रयाग की पुण्य धरा पर आयोजित हो रहा है।
 
यह स्वच्छ, स्वस्थ्य, सुरक्षित एवं हरित महाकुम्भ है- इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री सुनील कुमार शर्मा ने महाकुंभ की तैयारी के बारे में पत्रकारों को जानकारी देते हुए कहा कि यह स्वच्छ, स्वस्थ्य, सुरक्षित एवं डिजिटल महाकुंभ है। मेला को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त महाकुम्भ का संकल्प लिया गया है। इस अभियान के तहत मेला क्षेत्र में विभिन्न दोना-पत्तल विक्रेताओं की दुकानों काआवंटन, 400 स्कूल के प्रधानाचार्य के साथ स्वच्छता पर बैठक, 4 लाख बच्चों और प्रयागराज की जनसंख्या के 5 गुना नागरिकों तक स्वच्छ महाकुम्भ की पहल को पहुंचाया जा रहा है। साथ ही हर घर दस्तक अभियान के अंतर्गत सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त
का संदेश घर-घर दिया जा रहा है।
 
उन्होंने कहा कि महाकुंभ- 2025 को हरियाली से भरा बनाने के लिए क्लीन के साथ-साथ ग्रीन कुंभ पर विशेष ध्यान दिया गया है। पूरे प्रयागराज में करीब तीन लाख पौधों का रोपण भी किया गया है। मेले के खत्म हो जाने के बाद पौधों को संरक्षण खुद उत्तर प्रदेश सरकार करेगी।
 
तीर्थयात्रियों, साधु, संतों और पर्यटकों के स्वास्थ्य देखभाल की भी है व्यवस्था इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि इसे स्वस्थ महाकुंभ के दृष्टिकोण से भी तैयार किया जा रहा है जिसमें आने वाले तीर्थयात्रियों, साधु, संतों, कल्पवासियों और पर्यटकों के स्वास्थ्य देखभाल की भी व्यवस्था है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की बड़े पैमाने पर तैनात किया गया है। परेड ग्राउंड में 100 बेड का अस्पताल बनाया गया है। 20 बेड के दो और 8 बेड के छोटे अस्पताल भी तैयार किए गए हैं। मेला क्षेत्र और औरैल में 10-10 बेड के दो आईसीयू, आर्मी हॉस्पिटल की ओर से बनाए गए हैं। इन अस्पतालों में 24 घंटे डॉक्टरों की तैनाती रहेगी। इसके दृष्टिगत 291 एमबीबीएस व स्पेशलिस्ट, 90 आयुर्वेदिक और यूनानी विशेषज्ञ और 182 स्टॉफ नर्स की व्यवस्था है। यही नहीं अस्पतालों में पुरुष, महिला और बच्चा वार्ड अलग-अलग तैयार किए गए हैं। डिलीवरी रूम, इमरजेंसी वार्ड और डॉक्टर्स रूम भी रहेंगे।
 
डिजिटल महाकुंभ का भी अनुभव करेंगे श्रद्धालु- सुनील कुमार शर्मा पत्रकारों को संबोधित करते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार दिव्य, भव्य एवं डिजिटल महाकुंभ के लिए प्रतिबद्ध है। महाकुंभ की वेबसाइट, ऐप, 11 भाषाओं में एआई चैट बॉट, लोगों एवं वाहनों के लिए क्यूआर आधारित पास, बहुभाषीय डिजिटल खोया-पाया केंद्र, स्वच्छता एवं टेंटों की आईसीटी निगरानी, भूमि और सुविधा आवंटन के लिए सॉफ्टवेयर, बहुभाषीय डिजिटल साइनेज वीएमडी, स्वचालित राशन आपूर्ति प्रणाली, ड्रोन आधारित निगरानी एवं आपदा प्रबंधन, 530 परियोजनाओं की निगरानी का लाइव सॉफ्टवेयर, इन्वेंटरी ट्रैकिंग सिस्टम और सभी स्थलों का गूगल मैप पर एकीकरण किया गया है
 
पर्यटकों की सुविधा के लिए होगी स्मार्ट पार्किंग की व्यवस्था - सुनील कुमार शर्मा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि पर्यटकों को वहां पार्किंग की समस्या से न जूझना पड़े इसकी भी व्यवस्था है। इसके दृष्टिगत 101 स्मार्ट पार्किंग बनाए गए हैं, जिनमें प्रतिदिन पांच लाख वाहन पार्क किए जा सकेंगे। 1867.04 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैला पार्किंग स्थल 2019 के 1103.29 हेक्टेयर के सापेक्ष 763.75 हेक्टेयर बड़ा है। इन पार्किंग स्थल की निगरानी इंट्रीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर के माध्यम से की जाएगी।
 
शुद्ध पेयजल, इंट्रीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर, रिवर फ्रंट समेत 44 घाटों पर पुष्प वर्षा की भी है व्यवस्था पत्रकार वार्ता में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री सुनील कुमार शर्मा ने महाकुंभ की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि महाकुंभ नगरी में 35 पुराने और 9 नए पक्के घाट बनाए गए हैं, जो श्रद्धालुओं के स्नान में काफी सहायक साबित होंगे। 12 किलोमीटर क्षेत्र में फैले सभी 44 घाटों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुंबई की मरीन ड्राइव की तर्ज पर गंगा किनारे लगभग 15.25 किलोमीटर क्षेत्र में संगम से नागवासुकी मंदिर तक, सूरदास से छतनाग तक, कर्जन ब्रिज के समीप सेमहावीर पुरी तक रिवर फ्रंट का निर्माण कराया गया है। इसके अलावा इंट्रीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर को अपग्रेड किया गया है। इससे भीड़ प्रबंधन में सहायता मिलेगी। सीसीटीवी कैमरों को देखने के लिए 52 सीटर चार व्यूइंग सेंटर स्थापित किए गए हैं। 
 
तकनीक के माध्यम से महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की होगी हेड काउंटिंग इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि प्रयागराज महाकुंभ- 2025 में लगभग 45 करोड़ श्रृद्धालुओं के आने की संभावना है, जो एक बड़ा कीर्तिमान होगा। इन तकनीकी विधियों से हर व्यक्ति की गिनती की जाएगी। पहली विधि एट्रिब्यूट आधारित खोज है। इसके अंतर्गत पर्सन एट्रिब्यूट सर्च कैमरों के आधार पर ट्रैकिंग की जाएगी। दूसरी विधि आरएफआईडी रिस्ट बैंड है, इसके तहत तीर्थयात्रियों को रिस्ट बैंड प्रदान किए जाएंगे, आरएफआईडी (RFID) रीडर, रिस्ट बैंड के माध्यम से अंदर और बाहर जाने का समय की ट्रैकिंग की जाएगी। वहीं तीसरी विधि मोबाइल ऐप द्वारा ट्रैकिंग है। इसके माध्यम से तीर्थयात्रियों की सहमति पर मोबाइल ऐप के जीपीएस लोकेशन के माध्यम से लोकेशन ट्रैकिंग की जाएगी।
 
भारतवर्ष की अनेकता में एकता का शाश्वत और समेकित जय घोष है महाकुंभ प्रेस वार्ता में शामिल राज्य मंत्री, समाज कल्याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण, श्री संजीव कुमार गोंड ने कहा कि कुंभ, एक मेला अथवा स्नान की डुबकी मात्र न होकर, भारतवर्ष की अनेकता में एकता का शाश्वत और समेकित जय-घोष है। महाकुम्भ एक ऐसा महान पर्व है जो नदी के पावन प्रवाह में समस्त विभेदों, विवादों और मतांतरों को विसर्जित कर देता है। यह सामाजिक समरसता का अनुपम उदाहरण है। सम्पूर्ण भारत ही नहीं, बल्कि निखिल विश्व में भारतीय संस्कृति के अनुयायियों के लिए यह पर्व विशेष महत्व रखता है।
श्री संजीव गोंड ने कहा कि उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार प्रधानमंत्री मोदी जी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री योगी जी के नेतृत्व में अत्यंत दुर्लभ एवं अति विशिष्ट धार्मिक आयोजन महाकुंभ के सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, पारम्परिक एवं पौराणिक पक्ष को अद्वितीय रूप से विश्व पटल पर स्थापित कर रही है। प्रदेश सरकार सनातन भारतीयों के महापर्व महाकुंभ-2025 का न्यौता भारत के सभी राज्यों समेत पूरे विश्व में भेज रही है। इसी के दृष्टिगत हम आपके बीच आएं हैं। हमारा आपसे यही कहना है आप सभी इस तीर्थ में शामिल हों।
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अग्निवीर भर्ती में अभ्यर्थी दौड़ के बाद मैदान में गिरकर हुआ बेहोश, तत्काल मुहैय्या कराया गया समुचित उपचार, लेकिन इलाज के दौरान हुई मृत्यु

बोईरदादर स्टेडियम में जारी अग्निवीर भर्ती रैली के संबंध में, सेना के आयोजको के माध्यम से प्राप्त प्राथमिक जानकारी अनुसार, 09 दिसंबर 2024 सोमवार को मनोज कुमार साहू, पिता श्री अनिल कुमार साहू, उम्र 20 वर्ष, पता-ग्राम-खोरपा, ब्लॉक / तहसील - अभनपुर, जिला-रायपुर (छ.ग.) द्वारा, आर्मी भर्ती केन्द्र स्टेडियम रायगढ़ में प्रथम स्टेज 1600 मी. की दौड़ सफलता पूर्वक पूर्ण किया। प्रथम चरण पूर्ण करने के तत्काल पश्चात् अगले चरण में बायोमेट्रिक लगाने से पहले अचानक, मैदान में गिर गया।
     अभ्यर्थी को तत्काल स्टेडियम में मौजूद जिला स्वास्थ्य विभाग के मेडिकल टीम के द्वारा मौके पर ही जांच किया गया। जिसमें मौके पर मौजुद चिकित्सको द्वारा प्रारंभिक जांच पश्चात् पाया गया कि अभ्यर्थी को सांस लेने में काफी दिक्क्त हो रही थी। अभ्यर्थी का SPO2 ऑक्सीजन सेचुरेशन लेवल लगातार कम हो रहा था, जिसके कारण अभ्यर्थी सचेत परंतु डिसओरीयेंटेड पाया गया। उसे तत्काल मेडिकल ऑक्सीजन प्रदाय के साथ प्राथमिक चिकित्सा प्रदाय करते हुए एम्बुलेंस के माध्यम से जिला चिकित्सालय, रायगढ़ रिफर किया गया। जहां अभ्यर्थी बेहोश अवस्था में लाया गया जिसे इन्ट्यूबेट एवं स्टेबल करते हुए हायर सेंटर मेडिकल कॉलेज, रायगढ़ भेजा गया। जहाँ रायगढ़ मेडिकल कॉलेज के विशषज्ञो की टीम के द्वारा समुचित ईलाज किया गया। परंतु अभ्यर्थी की स्थिति अति गंभीर होने के कारण दिनांक 09 दिसंबर 2024 को रात्रि 11:35 बजे मृत्यु हो गई। परिजनो के कथनानुसार एवं चिकित्सको के जांच अनुसार यह पाया गया कि, अभ्यर्थी मनोज कुमाार साहू पूर्व से सिकलसेल बीमारी से ग्रसित था।
     दिनांक 10 दिसंबर 2024 को प्रातःकाल में परिजनो की उपस्थिति में मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ चिकित्सको की टीम द्वारा पोस्टमार्टम किया गया, जिसके पश्चात् परिजन को शव सुपुर्द करके तहसीलदार एवं सीईओ जनपद के साथ गृह ग्राम खोरपा, तह-अभनपुर जिला रायपुर भेजा गया। जिला प्रशासन द्वारा अंतिम संस्कार हेतु आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया। एवं मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से भी 10 लाख रूपयें के आर्थिक सहयोग प्रदान किया जायेगा।
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चिरमिरी में मुख्यमंत्री ने सर्व सुविधायुक्त 100 बेड जिला चिकित्सालय का किया उद्घाटन

छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और विस्तार के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के बड़ा बाजार चिरमिरी में 100 बेड वाले सर्व सुविधायुक्त  जिला चिकित्सालय का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जनकपुर में 100 बिस्तरों वाले अस्पताल के सेटअप स्वीकृत करने, भरतपुर में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीओपी) के पद की स्वीकृति तथा चिरमिरी, खोंगापानी, झगराखंड में ग्रिड से विद्युत सप्लाई की घोषणा की।
 
उप मुख्यमंत्री अरुण साव, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, सरगुजा सांसद  चिंतामणी महाराज, विधायक रेणुका सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि इस अवसर पर उपस्थित थे। 
 
जिला अस्पताल चिरमिरी को अत्याधुनिक उपकरणों और सुविधाओं से लैस किया गया है। इस अस्पताल में 08 चिकित्सा विशेषज्ञ नियुक्त हैं तथा 80 प्रकार के लैब टेस्ट की सुविधा उपलब्ध है। अस्पताल में 07 ओपीडी सहित 04 ऑपरेशन थिएटर बनाए गए है। जिनमें 01 ऑपरेशन थिएटर चालू है। इसे मॉड्यूल ऑपरेशन थिएटर के रूप में परिवर्तित करने का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा गया है। इसके साथ ही अस्पताल में 08 बिस्तर वाले आईसीयू की सुविधा भी है। इस अस्पताल के बनने से जरूरतमंद लोगों को उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।
 
मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में बुनियादी ढांचा मजबूत हो इस पर राज्य सरकार का विशेष फोकस है। राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करना शासन की प्राथमिकता में है ताकि लोगों को आसानी से अच्छी इलाज की सुविधा मिल सके। मुख्यमंत्री ने जिला अस्पताल के विभिन्न वार्डों, कक्षों तथा मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लिया, उपस्थित मरीजों से उनके स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी ली और उन्हें फल भेंट कर उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीम को सेवा भाव के साथ कार्य करने की सलाह दी।
 
मुख्यमंत्री के हाथों चिरमिरी में जिला अस्पताल के लोकार्पण पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि आज जिले को 100 बिस्तरीय जिला अस्पताल के रूप में एक बड़ी सौगात मिली है। शासन की प्राथमिकता है कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की जनता तक पहुंच आसान हो, चिरमिरी का जिला अस्पताल इस अपेक्षा को पूरा करेगा। उन्होंने आगे कहा की जिलेवासियों को अब एक बेहतर अस्पताल मिल गया है जिससे चिकित्सा के क्षेत्र में लोगों को काफी सहूलियत होगी।
 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चिरमिरी, खोंगापानी, झगराखंड में छत्तीसगढ़ ऊर्जा विभाग के ग्रिड से विद्युत सप्लाई की मांग पर विद्युत आपूर्ति करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जनकपुर में 100 बिस्तरों के अस्पताल के सेटअप की स्वीकृति की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक सुविधा की दृष्टिगत रखते हुए भरतपुर में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस को  स्वीकृति प्रदान की है।
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशों पर शासकीय मेडिकल कालेजों का किया जा रहा है सशक्तिकरण

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य मे स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर खासा ध्यान दिया जा रहा है। तरक्की और राज्य में सुशासन का सफर स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार के रूप में लगातार नजर आ रहा है।  स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग ने नई सुविधाओं के विकास पर विशेष जोर दिया है। इसी दिशा में स्व. श्री लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय रायगढ़ से संबद्ध संत बाबा गुरु घासीदास जी स्मृति शासकीय चिकित्सालय रायगढ़ लगातार अपनी सुविधाओं को बढ़ाने के लिए और मरीजों के बेहतर इलाज के लिए प्रतिबद्ध है। 
 
इस कड़ी में अस्थि रोग विभाग में भर्ती विशेष जनजाति पहाड़ी कोरवा के सदस्य श्री करण सिंह कोरवा के जटिल व दुर्लभ फ्रैक्चर का सफल ऑपरेशन किया गया। करण सिंह कोरवा कोरबा  जिले में अपने गांव सियान जाते समय मोटरसाइकिरल से गिर गये थे। इससे उनके घुटने में गहरी चोट आई थी। उनकी हालत को देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल रायगढ़ में भर्ती कराया गया था । उनके घुटने के नीचे की अस्थि का टुकड़ा (टिबिया कॉन्डाइल) जोड़ से टूट कर पीछे की तरफ रक्त वाहनियों एवं नसों के बीच में फंसा हुआ था। इस तरह का केस सामने आना अत्यंत दुर्लभ है। 
 
 इससे रक्त वाहनियों तथा नसों (नर्व) को चोट लगने से पैरों में लकवा अथवा पैर काटने का खतरा लगातार बना होता है। ऑपरेशन के दौरान भी रक्त वाहनियों अथवा नसों में चोट लगने से पैरों में सुन्नपन का खतरा बना रहता है। मेडिकल कालेज रायगढ़ के अस्थि रोग विभाग के चिकित्सकों ने यह जटिल ऑपरेशन सफलता पूर्वक किया गया। इससे वर्तमान में मरीज अपना घुटना मोड़ पा रहा है  तथा मरीज का पैर भी बच गया है। कुछ ही दिनों में मरीज वॉकर के सहारे से चलना भी शुरु कर सकता है। इस तरह मेडिकल कॉलेज रायगढ़ एक और उपलब्धि के साथ प्रगति की ओर अग्रसर है।
 
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने राज्य के शासकीय मेडिकल कालेजों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए उन्हें 2 करोड़ रूपए तक के कार्यों के लिए वित्तीय स्वतंत्रता प्रदान की है। इससे मरीजों के त्वरित इलाज के लिए अब राज्य स्तर पर स्वीकृति लेने की आवश्यकता न होकर मेडिकल कालेज की स्वशासी सोसायटी खुद ही निर्णय ले सकती है।
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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अम्बिकापुर में छत्तीसगढ़ कोलता समाज के संभागस्तरीय सम्मेलन में हुए शामिल

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज अम्बिकापुर प्रवास के दौरान माता राजमोहिनी देवी ऑडिटोरियम अम्बिकापुर में छत्तीसगढ़ कोलता समाज के संभागस्तरीय सम्मेलन में शामिल हुए। समाज के पदाधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री  साय को महामाला एवं संबलपुरी गमछा पहनाकर आत्मीय स्वागत किया गया। 
 
मुख्यमंत्री  साय ने समाज की मांग पर छत्तीसगढ़ कोलता समाज संभाग सरगुजा/जशपुर हेतु अम्बिकापुर के ग्राम अजिरमा में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 50 लाख रुपए दिए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जब समाज संगठित होता है तो राष्ट्र को भी मजबूती मिलती है। कोलता समाज शिक्षित और समृद्ध समाज है, जो खेती-बाड़ी में भी आगे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा पर विशेष जोर होना चाहिए, शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। हमारे समाज के बच्चे पढ़ें, इस पर समाज की चिंता होनी चाहिए। कहीं ना कहीं नशाखोरी समाज की प्रगति के लिए बाधक है इस पर भी समाज का चिंतन होना चाहिए। 
 
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास एवं समाज कल्याण विभाग मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, सरगुजा सांसद  चिंतामणी महाराज, अम्बिकापुर विधायक  राजेश अग्रवाल, लुण्ड्रा विधायक  प्रबोध मिंज, सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो, प्रतापपुर विधायक  शकुंतला पोर्ते, सामरी विधायक उद्देश्वरी पैंकरा छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष  विश्वविजय सिंह तोमर, पूर्व सांसदकमलभान सिंह मरावी, छत्तीसगढ़ कोलता समाज के प्रदेशाध्यक्ष  भुवनेश्वर सदावर्ती, सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे। साथ ही कलेक्टर विलास भोस्कर, एसपी योगेश पटेल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं समाज के नागरिकगण भी उपस्थित थे।
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बीजेपी संगठन मंत्री अजय जामवाल से मिले कुर्मी समाज के केंद्रीय अध्यक्ष, योजना का नाम यथावत रखने की मांग

डॉ.खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना का नाम बदलने से नाराज कुर्मी समाज ने अपनी भावनाओं को लेकर भारतीय जनता पार्टी के संगठन महामंत्री अजय जामवाल से मुलाकात की। इस दौरान कुर्मी समाज के केंद्रीय अध्यक्ष खोडस राम कश्यप ने जामवाल को समाज की भावनाओं से अवगत कराते हुए मांग की कि योजना का नाम यथावत रखा जाए।
 
खोडस राम कश्यप ने रखी समाज की बात
 
केंद्रीय अध्यक्ष खोडस राम कश्यप ने अजय जामवाल से कहा कि डॉ.खूबचंद बघेल कुर्मी समाज के आदर्श हैं,और उनके नाम पर शुरू की गई योजना समाज के लिए सम्मान का विषय है। नाम बदलना न केवल समाज का अपमान है,बल्कि यह समाज की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को भी ठेस पहुंचाने वाला है।
 
अजय जामवाल का आश्वासन
 
अजय जामवाल ने समाज की बात को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि इस मुद्दे को पार्टी और सरकार के स्तर पर उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से चर्चा कर जल्द समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
 
समाज की आंदोलन की तैयारी
 
अगर सरकार ने इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं की तो कुर्मी समाज ने विधानसभा घेराव की चेतावनी दी है। समाज ने कहा है कि वे इस मुद्दे को लेकर सड़कों पर उतरने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
 
प्रतिनिधि मंडल में ये सदस्य रहे शामिल
 
इस मुलाकात में समाज के अन्य प्रमुख सदस्य जैसे महामंत्री यशवंत सिंह वर्मा, कोषाध्यक्ष जागेश्वर बघेल, राजप्रधान रामखिलवन वर्मा, जागेश्वर वर्मा (रायपुर) और भूपेंद्र वर्मा (केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य) भी शामिल थे।
 
यह देखना होगा कि सरकार समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए इस विवाद को कैसे हल करती है।
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प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज संस्था समाज को संस्कारी और सेवाभावी बनाने का कर रही है कार्य - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय  आज राजनांदगांव में नवनिर्मित  ब्रह्माकुमारीज ज्ञान मानसरोवर भवन के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज संस्था अपनी मेहनत से समाज को संस्कारी और सेवाभावी बनाने जुटी है। वर्तमान समय बहुत भाग-दौड़ का समय है ऐसे में तनाव होना भी स्वाभाविक है। यह तनाव लोगों को शारीरिक, मानसिक रूप से कमजोर करता हैं। ऐसे समय में प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज संस्था द्वारा राज मार्ग राजयोग का ध्यान बताया गया है, जिससे निश्चित रूप से लाभ मिलता है। 


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि  राजनांदगांव में ब्रह्माकुमारीज ज्ञान मानसरोवर भवन से लोगों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि  नियमित रूप से ध्यान करने वाले व्यक्ति शांत और धीर गंभीर होते हैं। प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज संस्था द्वारा मेडिटेशन का कार्यक्रम चलाया जा रहा है जो मानवता की सच्ची सेवा है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र संघ को 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने का प्रस्ताव दिया जिसके महत्व को स्वीकार करते हुए आज पूरी दुनिया में 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाता है। विश्व में योग को स्थापित करने का श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को जाता है। उन्होंने कहा कि कोई भी अच्छी सरकार लोगों के विकास की चिन्ता करती ही है, लेकिन अध्यात्मिक कल्याण के लिए लगातार कार्य करना लोगों के हित में होता है। 

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की सरकार  ने श्री रामलला दर्शन योजना शुरू की है, जिससे प्रदेश के 20 हजार से अधिक श्रीराम भक्त पिछले एक वर्ष में श्री रामलला दर्शन योजना का लाभ ले चुके हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 5 शक्तिपीठों को जोड़कर तीर्थ यात्रा की शुरूआत की जाएगी। 

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज पूरी दुनिया में सेवा भाव से कार्य करती है। ब्रह्माकुमारीज के विश्व के 145 देशों में 8000 से अधिक सेवा केन्द्र संचालित है। संयुक्त राष्ट्र संघ और यूनिसेफ जैसे वैश्विक संगठन के साथ मिलकर विश्व शांति के अभियान में ब्रह्माकुमारीज संस्था कार्य कर रही है। ब्रह्माकुमारीज संस्था को संयुक्त राष्ट्रसंघ द्वारा पांच बार शांतिदूत पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। 

डायरेक्टर ब्रह्माकुमारीज अम्बावाड़ी सब जोन अहमदाबाद राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी शारदा दीदी ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह संस्था व्यक्ति के गुण, चरित्र एवं संस्कारों को परिष्कृत करती है।  

उल्लेखनीय है कि राजनांदगांव में नवनिर्मित ब्रह्माकुमारीज ज्ञान मानसरोवर राजयोग मेडीटेशन ट्रेनिंग सेंटर है, जो सर्व सुविधाओं से परिपूर्ण है। यहां एक बहुत बड़ा सभागार का निर्माण किया गया है, जिसकी बैठक क्षमता तीन हजार है। इस भवन में बहुत बड़ा भोजनालय, रसोईघर तथा कम से कम 300 लोगों की ठहरने की व्यवस्था भी है। यहां एक बहुत बड़ा ध्यान कक्ष भी बनाया गया है।
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उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने जगदलपुर में शहीद गेंद सिंह की प्रतिमा का किया अनावरण

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने  बस्तर जिले के बड़ाजी ग्राम में शहीद गेंद सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया। इसके साथ ही उन्होंने 8 करोड़ तीन लाख के 9 विकास कार्यों का भूमि पूजन-लोकार्पण किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि हल्बा समाज के शहीद गेंद सिंह ने अंग्रेजों से लोहा लिया और क्षेत्र में अंग्रेजी शासन की नीतियों का विरोध किया। आज हम सभी युवा शहीद गेंद सिंह का स्मरण कर उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लें और समाज के उत्थान में अपना योगदान दें। कार्यक्रम को  सांसद श्री महेश कश्यप, विधायक चित्रकोट श्री विनायक गोयल ने भी संबोधित किया। 

    उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि परलकोट जमींदारी के जमींदार गेंद सिंह ने मराठों और ब्रिटिश अधिकारियों के शोषण के विरुद्ध स्वतंत्रता आंदोलन का शंखनाद किया था। उनका उद्देश्य बस्तर को गुलामी से मुक्त कराना था। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने प्रधानमंत्री आवास योजना के 6 हितग्राहियों को आवास पूर्ण होने पर घर की प्रतीकात्मक चाबी सौंपी।साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए स्वीकृत आदेश पत्र का हितग्राहियों को वितरण किया गया ।
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सामाजिक बुराईयों को दूर करना हम सब की जिम्मेदारी - श्री अरुण साव

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव आज बलौदाबाजार में जिला साहू संघ द्वारा आयोजित युवक-युवती परिचय सम्मेलन और सम्मान समारोह में शामिल हुए। उन्होंने इस दौरान झिरिया साहू समाज के नवनिर्मित छात्रावास का लोकार्पण किया। उन्होंने साहू स्मारिका, तेली दिवस पुस्तक एवं पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री पवन साहू द्वारा तैयार कैलेंडर का विमोचन भी किया। श्री साव ने साहू छात्रावास में मंच निर्माण और पेवर ब्लॉक के लिए 25 लाख रुपए देने की घोषणा की। भाटापारा के विधायक श्री इंद्र साव और कसडोल के विधायक श्री संदीप साहू भी कार्यक्रम में शामिल हुए।


उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने युवक-युवती परिचय सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि साहू समाज मेहनतकश समाज है। साहू समाज के लोग ईमानदारी और मेहनत के लिए जाने जाते हैं। इसी की बदौलत आज साहू समाज हर क्षेत्र में अपना विशिष्ट योगदान दे रहा है। उन्होंने कार्यक्रम में साहू समाज के उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को शॉल, श्रीफल और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि अपनी संस्कृति को सहेजते हुए आधुनिकता की ओर समाज को लेकर जाना है। इसके लिए सामाजिक बुराईयों और कुप्रथाओं को दूर करते हुए शिक्षा पर जोर देने की ज़रूरत है। शिक्षित समाज से ही एक सशक्त राज्य और राष्ट्र का निर्माण हो सकता है। युवक-युवती परिचय सम्मलेन साहू समाज की प्रशंसनीय पहल है। 

कार्यक्रम को विधायक श्री इंद्र साव और श्री संदीप साहू ने भी संबोधित किया। प्रदेश साहू समाज के अध्यक्ष श्री टहल सिंह साहू और बलौदाबाजार जिला साहू समाज के अध्यक्ष श्री सुनील साहू सहित अनेक सामाजिक पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक और जिला प्रशासन के अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद थे।
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युवाओं के नेतृत्व क्षमता का विकास करता है युवा संसद- मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े

महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े आज सूरजपुर जिले के ग्राम बतरा स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल में आयोजित जिला स्तरीय युवा संसद प्रतियोगिता कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। इस अवसर पर उन्होंने  युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा संसद युवाओं की नेतृत्व क्षमता का विकास करता है।  युवा संसद का उद्देश्य युवाओं को सशक्त बनाना और उन्हें लोकतंत्र में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित करना है, साथ ही सार्वजनिक मुद्दों पर विचार करने और अपनी राय बनाने के लिए भी प्रोत्साहित करना है। मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े इस अवसर पर विद्यालय के स्काउट गाइड के बच्चों से भी मिली और युवा संसद कार्यक्रम के सभी विजेताओं को प्रमाणपत्र भी प्रदान किए। उन्होंने कहा कि युवा संसद के माध्यम से छात्रों को सरकार की कार्यप्रणाली को जानने और समझने का अवसर मिलता है।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 9 दिसम्बर को सरगुजा जिले को देंगे 495 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की सौगात

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 9 दिसम्बर को अम्बिकापुर के पीजी कॉलेज ग्राउण्ड में आयोजित कार्यक्रम में सरगुजा जिले को 495 करोड़ 23 लाख की लागत वाले विकास कार्यों की सौगात देंगे, जिसमें 154 करोड़ 47 लाख रूपए की लागत से निर्मित 145 विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण तथा 340 करोड़ 76 लाख रूपए की लागत से निर्मित होने वाले 1047 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।

कार्यक्रम में वित्त एवं प्रभारी मंत्री सरगुजा श्री ओ.पी. चौधरी, कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद श्री चिंतामणि महाराज, विधायक सर्वश्री राजेश अग्रवाल, प्रबोध मिंज, रामकुमार टोप्पो, अध्यक्ष राज्य युवा आयोग श्री विश्व विजय सिंह तोमर विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय इस अवसर पर सरगुजा जिले में मुख्यमंत्री अन्नकोष योजना का भी शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर जिला प्रशासन द्वारा यह योजना पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सरगुजा में शुरू की जा रही है। इसका उद्देश्य विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय की गर्भवती और शिशुवती महिलाओं को अतिरिक्त पोषण आहार उपलब्ध कराकर उनके स्वास्थ को बेहतर बनाना है, ताकि मातृ मृत्यु दर एवं शिशु मृत्यु दर को कम किया जा सके। 
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा लोकार्पित किए जाने वाले कार्यों में मुख्य रूप से 132 करोड़ 83 लाख रूपए की लागत से निर्मित 10 सड़कें, 3 करोड़ 59 लाख की लागत से जल जीवन मिशन के तहत पांच ग्रामों में नल जल प्रदाय योजना तथा नगर निगम अम्बिकापुर में 3 करोड़ 52 लाख की लागत से निर्मित सर्व समाज मांगलिक भवन शामिल है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय इस अवसर पर अंबिकापुर में 123 करोड़ 28 लाख रूपए की लागत से 46 एमएलडी क्षमता के 3 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण कार्य, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 55 करोड़ 45 लाख की लागत से बनने वाली 15 सड़कों, 55 करोड़ 5 लाख की लागत से 16 ग्राम पंचायतों में निर्मित होने वाले स्टॉप डेम, एनीकट, एवं नहर नवीनीकरण कार्य, विभिन्न गांवों में 28 करोड़ 40 लाख रूपए की लागत से 243 आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण तथा नगरीय निकायों में 5 करोड़ 92 लाख की लागत से निर्मित होने वाले सीसी रोड, नाली, सड़क डामरीकरण कार्य का भूमिपूजन करेंगे। 

उल्लेखनीय है कि सरगुजा जिले में मुख्यमंत्री की पहल पर जिला प्रशासन द्वारा सरगुजा-30 निःशुल्क आवासीय कोचिंग संचालित की जा रही है। इसके जरिए 10वीं और 12वीं के मेधावी छात्र-छात्राओं को निःशुल्क आवासीय कोचिंग प्रदान की जा रही है। इसके साथ ही हर शनिवार एवं रविवार को नीट व जेईई हेतु निःशुल्क साप्ताहिक कोचिंग का भी संचालन किया जा रहा है। कलेक्टर न्यायालय एवं कलेक्टर जनदर्शन की कार्यवाही का ऑनलाइन प्रसारण सरगुजा जिले के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर किया जा रहा है।
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चिकित्सा क्षेत्र युवाओं के लिए एक अच्छा कैरियर होने के साथ-साथ लोगों की सेवा करने का सुअवसर भी करता है प्रदान - मुख्यमंत्री श्री साय

सांसद रहने के दौरान दिल्ली का नॉर्थ एवेन्यू स्थित मेरा आवास छत्तीसगढ़ और क्षेत्र के मरीजों व परिजनों के लिए दूसरा घर था। उपचार के लिए दिल्ली जाने वाले मरीज वहीं रहकर अपना इलाज करवाते थे। लोग मुझसे कहते थे कि आपका घर मिनी एम्स है। मरीजों की सेवा मेरे लिए सबसे ज्यादा रुचि का कार्य था और यह  कार्य मुझे सबसे अधिक संतुष्टि प्रदान करती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस एंड रिसर्च सेंटर द्वारा आयोजित व्हाइट कोट सेरेमनी को संबोधित करते हुए यह बात कही।


मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे सभी छात्रों को मरीजों की सेवा के इस कार्य से जुड़ने के लिए अपनी शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, विधायक श्री इंद्र कुमार साहू और श्री रविशंकर जी महाराज सहित मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर, डॉक्टर और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कॉलेज के डीन डॉ. कुंदन ई. गेडाम ने एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश कर रहे छात्र-छात्राओं को चिकित्सा आचार संहिता की शपथ दिलाई। 
 
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मेडिकल साइंस युवाओं के लिए एक अच्छा कैरियर होने  के साथ-साथ लोगों की सेवा करने का अवसर भी प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि जीवन सबसे  अमूल्य निधि है और आप लोग अच्छे इलाज से लोगों को संजीवनी प्रदान करते हैं, इसलिए लोग डॉक्टर को भगवान की तरह मानते हैं। उन्होंने कहा कि आप सभी पूरे सेवाभाव के साथ अपना कार्य करें, इससे जो दुआएं मिलेंगी, उससे आपके जीवन में और भी सुख-समृद्धि आयेगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस दौरान अंबेडकर अस्पताल के विस्तार और 700 बेड अस्पताल के निर्माण के लिए 231 करोड़ रुपए जारी किए जाने की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अस्पताल भवन के तैयार हो जाने के बाद अंबेडकर अस्पताल की क्षमता 2 हजार मरीजों की हो जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एमबीबीएस के साथ ही पीजी की सीट भी बढ़ाने के लिए कार्य किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में प्रसूति एवं स्त्रीरोग तथा चर्मरोग की पीजी सीट आरंभ करने के निर्णय की भी जानकारी दी। 
      मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे 10 शासकीय मेडिकल कॉलेज के साथ ही यहां निजी क्षेत्र के मेडिकल कॉलेज भी प्रदेश में मेडिकल एजुकेशन को मजबूत करने और होनहार डॉक्टरों की नई पीढ़ी तैयार करने में मजबूत भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले एक दशक में छत्तीसगढ़ में मेडिकल एजुकेशन का जितना विस्तार हुआ, उतना पहले कभी नहीं हुआ था, इसका सीधा असर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में दिखने लगा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने छत्तीसगढ़ को एम्स की सौगात दी, जो न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि आसपास के इलाकों के मरीजों के लिए भी चिकित्सा सुविधा का बड़ा केंद्र बनकर उभरा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरे सांसद रहने के दौरान दिल्ली स्थित मेरा आवास जैसे मरीजों और उनके परिजनों के लिए हमेशा खुला रहता था, वैसे ही आज प्रदेश के मुखिया होने के नाते कुनकुरी सदन के माध्यम से सेवा का यह कार्य आज भी लगातार जारी है। 
     स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने मेडिकल के विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आप सभी अच्छे डॉक्टर बनेंगे। इस व्यवसाय में सेवा प्राथमिक है, रोजगार का स्थान बाद में आता है। आप सभी सेवा मानकर इस व्यवसाय से जुड़ेंगे तो प्रदेश को सदैव इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में निजी संस्थानों की स्थापना से सरकार के उद्देश्यों की पूर्ति में भी बड़ा सहयोग मिलेगा। मंत्री श्री जायसवाल ने प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य आधोसंरचनाओं और स्वास्थ्य के क्षेत्र में राज्य सरकार के प्रयासों की भी जानकारी साझा की। 
     वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि आज चिकित्सा शिक्षा में प्रवेश कर रहे आप सभी छात्र-छात्राएं अपने माता-पिता के साथ प्रदेश का भी नाम रोशन करेंगे। भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में आपका योगदान होगा।  हमारे युवाओं का डंका राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय स्तर पर बज रहा है। वित्त मंत्री ने कहा कि हम नवा रायपुर को सर्विस सेक्टर के ग्रोथ हब के रूप में स्थापित करेंगे। हमारी सरकार हेल्थ केयर डेस्टिनेशन के रूप में रायपुर को स्थापित करने का प्रयास कर रही है, जिससे प्रदेश के लोगों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

   मुख्यमंत्री ने बालक-बालिका छात्रावास भवन का किया वर्चुअल लोकार्पण

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च के वाइट कोर्ट सेरेमनी के दौरान मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं के लिए नवनिर्मित छात्रावास भवन का वर्चुअल लोकार्पण किया। उन्होंने छात्रावास भवन के लिए मेडिकल के सभी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं दी। 
       गौरतलब है कि श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेस के छात्र- छात्राओं के लिए नवीन छात्रावास भवन का निर्माण कराया गया है,  जिसमें 120 सीट बालिकाओं तथा 100 सीट बालकों के लिए बनाया गया है।
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सैनिकों के लिए मदद करे समाज - राज्यपाल श्री डेका

सशस्त्र सेना झण्डा दिवस के अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में राजभवन के दरबार हॉल में गौरवपूर्ण समारोह आयोजित किया गया। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने इस अवसर पर कहा कि सैनिक निस्वार्थ भाव से हमेशा देश की रक्षा के लिए तैयार रहते है और अपना जीवन देश सेवा के लिए लगाते है। समाज के हर वर्ग का कर्तव्य है कि उनके लिए मदद करें। उन्होंने आम जनता से अपील की कि अधिक से अधिक सहयोग देकर वीर जवानों के प्रति सम्मान व्यक्त करें। राज्यपाल ने सशस्त्र झण्डा दिवस निधि के लिए 2 लाख रूपए की सहयोग राशि राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड को प्रदान की।

      कार्यक्रम में राज्यपाल ने सभी शहीदों की वीर नारियों एवं माताओं, आश्रितों को सम्मान राशि 7 हजार 100 और शॉल भेंट कर सम्मानित किया। वीरता अलंकरण प्राप्त कर्ताओं और झण्डा दिवस के अवसर पर विशेष योगदान देने वाले दानदाताओं का सम्मान भी किया। राज्यपाल ने आंध्र प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा जारी स्नातक उपाधि 6 भूतपूर्व सैनिकों को प्रदान कर प्रोत्साहित किया।

      राज्यपाल श्री डेका ने अपने उद्बोधन के दौरान इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि झण्डा दिवस निधि से लगभग 27 महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजनाएं क्रियान्वित की जा रही है जिससे हम अपने भूतपूर्व सैनिकों की उचित तरीके से देखभाल करने में सक्षम होंगे। उन्होंने कहा कि नियमित और अनुशासित होना सफल जीवन के लिए आवश्यक है। उन्होंने महिला सशक्तिकरण का उदाहरण देते हुए कार्यक्रम में उपस्थित श्रीमती सुधा सक्सेना की सराहना की जो एक सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारी है और अपने पेंशन की राशि से प्रतिवर्ष झण्डा दिवस निधि में विशेष योगदान देती हैं। हमारे समाज में ऐसे असंख्य अदृश्य हीरो है जो समाज की निस्वार्थ सेवा करते है। उन्होंने कहा कि विकास के मॉडल में आम आदमी की भूमिका बढ़ानी होगी।

      उन्होंने भूतपूर्व सैनिकों से आग्रह किया कि वे नई टेक्नोलॉजी का उपयोग करें और खुद को लगातार अपग्रेड करते रहें। श्री डेका ने कहा कि सारा राष्ट्र सशस्त्र सेना एवं सैनिकों के परिवार साथ खड़ा है। सेवारत और सेवानिव्त्त सैनिकों एवं उनके आश्रितों के कल्याण हेतु हमेशा प्रयासरत रहेंगे।

      समारोह की शुरूआत में शहीद सैनिकों को पुष्पांजलि अर्पित की गई और दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। सशस्त्र सेना झण्डा दिवस का प्रतीक बैज लगाकर श्री डेका को सम्मानित किया गया। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कैप्टन अनिल कुमार शर्मा ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु के संदेश का वाचन किया। राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड के संचालक ब्रिगेडियर श्री विवेक शर्मा ने झण्डा दिवस निधि के महत्व पर एवं इस निधि से भूतपूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए किए जा रहे कार्याे की जानकारी दी।

      सशस्त्र सेना झण्डा दिवस में सबसे ज्यादा राशि एकत्रित करने के लिए कलेक्टर दुर्ग श्रीमती ऋचा प्रकाश चौधरी एवं जिला सैनिक कल्याण अधिकारी रायपुर कैप्टन श्री अनिल कुमार शर्मा को प्रथम पुरूस्कार एवं कलेक्टर रायपुर डॉ. गौरव कुमार सिंह एवं सैनिक कल्याण अधिकारी दुर्ग ग्रुप कैप्टन श्री प्रवीण कुमार धोबले को द्वितीय पुरूस्कार एवं राज्यपाल ट्रॉफी प्रदान की गई।

      इस अवसर पर राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड के ब्रोशर संक्षेपिका-2024 का भी विमोचन किया गया। एन.सी.सी. कैडेटों ने ओजपूर्ण देश भक्ति गीत प्रस्तुत किये। कार्यक्रम में गृह विभाग की सचिव श्रीमती नेहा चम्पावत, राज्यपाल के विधिक सलाहकार श्री भीष्म प्रसाद पाण्डेय, मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) श्री संजय शर्मा, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) एवं एम्स के निदेशक श्री अशोक जिंदल, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी, सेवारत् तथा भूतपूर्व सैनिक एवं उनके परिजन उपस्थित थे।

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धान खरीदी की परेशानियों को लेकर 10 दिसंबर को कांग्रेस का प्रदेशव्यापी, ब्लाक स्तरीय धरना-दीपक बैज, अध्यक्ष, प्रदेश कांग्रेस

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुये कहा कि धान बेचने में किसानों को हो रही परेशानी तथा सरकार के किसान विरोधी रवैये के विरोध में कांग्रेस पार्टी 10 दिसंबर को प्रदेश के सभी ब्लॉकों में धरना प्रदर्शन करेगी। पूरे प्रदेश में कांग्रेस ने धान खरीदी केन्द्र चलो अभियान चलाया। जिसमें हमारे सभी नेता पदाधिकारी धान खरीदी केन्द्रों में गये मैं भी चार सोसायटी गया। पूरे प्रदेश में धान खरीदी केन्द्रों में अव्यवस्था किसान परेशान है। सरकार की कोशिश है कम से कम धान खरीदी की जाये। सोसायटियों में हमारे नेताओं ने देखा कि बारदाने की कमी है, जिससे किसानों को धान बेचने में परेशान होना पड़ रहा। सरकार ने कहा है कि 50 प्रतिशत नये, 50 प्रतिशत पुराने बारदानों का उपयोग किया जाये। 50 प्रतिशत पुराने बारदाने समितियों में पहुंचे ही नहीं है, जिसके कारण धान खरीदी बाधित हो रही है। पुराने बारदाने फटे हुये है जिसमें धान भरा ही नहीं जा सकता, किसानों से कहा जा रहा 50 प्रतिशत बारदानो की व्यवस्था स्वंय करो उसका भुगतान किया जायेगा, लेकिन किसानो के बारदाने का पैसा भी नहीं मिल रहा। टोकन की व्यवस्था अव्यवहारिक है, जिससे किसानों को परेशान होना पड़ रहा, नंबर ही नहीं आ रहा। टोकन कटने की तारीख से 7 से 10 दिन बाद धान बेचने के लिये किसानों को बुलाया जा रहा है। 15 दिन बाद तक का भी टोकन नहीं मिल रहा। इलेक्ट्रॉनिक कांटा में जो तौलाई हो रहा है उसमें 1.5 किलोग्राम से 2.5 किलोग्राम अधिक तौला जा रहा है। सोसायटियों में धान का उठाव नहीं होने के कारण जगह की कमी है। धान के बोरे जाम है। जगह का अभाव हो गया है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि अनावरी रिपोर्ट कम बनाई गयी है तथा खरीदी भी 21 क्विंटल के हिसाब से नहीं हो रही है। किसानों से पूरा धान नहीं खरीदा जा रहा है। अनावरी रिपोर्ट गलत बनाया जा रहा जिसके आधार पर मात्र 9 से 12-14 क्विंटल धान खरीदा जा रहा। किसानो से पूरा 21 क्विंटल धान नहीं खरीदा जा रहा है। बड़े किसान अपनी बारी का इंतजार कर रहे उनकी बारी ही नहीं आ रही है। सरकार ने यह घोषणा किया है कि 72 घंटे में किसानों के खाते में पैसा आयेगा, लेकिन जो लोग धान बेच चुके है, उनके खाते के रकम हफ्तो तक नहीं आया है, जो रकम आ रहा है वह एक मुश्त 3100 नहीं है। सिर्फ 2300 रू. प्रति क्विंटल ही आ रहा है। (जो समर्थन मूल्य है उतना) भाजपा ने 3100 रू. एक मुश्त देने का वादा किया था।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि हमारी मांग है धान की कीमत का भुगतान 3217  रू. में करें क्योंकि 3100 रू. भाजपा ने अपने चुनावी वायदे में कहा था। इस वर्ष केन्द्र सरकार ने धान का समर्थन मूल्य 117 रू. बढ़ा दिया है। इस कारण इस वर्ष धान की खरीदी 3100 रू. से बढ़ाकर 3217 रू. किया जाये। कांग्रेस के समय भी कांग्रेस ने धान का समर्थन मूल्य 2500 देने का वादा किया था, लेकिन समर्थन मूल्य बढ़ने पर कांग्रेस ने 2640 रू. में धान खरीदी किया था।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि बीज उत्पादक किसानों से सोसायटी में धान नहीं खरीदा जा रहा। सोसायटी में सूचना चस्पा किया गया है कि बीज उत्पादक किसानों का धान नहीं लिया जायेगा। सोसायटी से धान संग्रहण केंद्रों में भेजा जा रहा है जबकि यह सीधे मिलरों के पास जाना चाहिये। इस कारण सोसायटी में संग्रहण केंद्रों के बीच परिवहन की लागत अतिरिक्त आ रही है। लेवर चार्ज बढ़ गया इसमें भ्रष्टाचार किया जा रहा है। पिछले वर्ष का सुखत का पैसा सोसायटियों को अभी तक नहीं दिया गया।

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धनेन्द्र साहू ने कहा कि धान खरीदी में टोकन की व्यवस्था पर कांग्रेस पार्टी ने लगातार आवाज उठाने के बाद सरकार ने 60-40 प्रतिशत आदेश दिया है। ऐप में देखा कि 15 जनवरी तक टोकन 60 प्रतिशत तक भरा हुआ है जबकि 31 जनवरी आखिरी तारीख है। बड़े किसान और मध्यम किसान धान नहीं बेच पाये है। ऑफलाइन में भ्रष्टाचार होते है इसको कम करने के लिये हमारी कांग्रेस की सरकार ने बंद किया था। प्रतिदिन धान खरीदी की लिमिट बढ़ाई जाये। टोकन व्यवस्था को ठीक किया जाये। धान खरीदी की तारीख 15 दिन बढ़ायी जाये, तब सभी किसान धान बेच पायेंगे।

पूर्व मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि सबसे पहले प्रदेश अध्यक्ष को बधाई देता हूं कि कांग्रेस नेताओं को धान खरीदी केंद्रों में जाकर वहां की व्यवस्था तथा किसान की समस्या से अवगत हो सके। अभी 23-24 दिन धान खरीदी शुरू हुआ है। सरकार की सांसे क्यों फूलने लगी है? 160 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य रखा है और 40 लाख करोड़ की राशि किसानों देने है। मीडिया और अखबारों से पता चला है कि 1 तिहाई निकल गया है और 6600 करोड़ का धान खरीदी हुआ है। इसी गति से धान खरीदी होती रही तो 160 लाख मीट्रिक टन कैसे खरीदेगी, सबसे बड़ा प्रश्न चिन्ह है? कांग्रेस पार्टी इससे चिंतित है। हमारी कांग्रेस की सरकार ने 135 लाख मीट्रिक टन खरीदी किया था। कांग्रेस की सरकार ने अपने दम पर सारी व्यवस्था की थी। साय सरकार में 20 दिन में बारदाना की पूर्ति नहीं कर पा रही है। टोकन नहीं दे पा रहे है। धान उठाव नहीं हो पा रहा है। इलेक्ट्रॉनिक मशीन में परेशानी आ रही है। प्रायमरी सोसायटी में लिमिट या ज्यादा धान आता है तो तौल कांटा बढ़ाते नहीं है। खरीदी का लिमिट तय कर दिया है। धान खरीदी का लक्ष्य कैसे पूरा करेंगे? राइस मिलर्स से बारदाने के समझौते के बाद शुरू हुआ। साय सरकार ने अपने घोषणा पत्र में ग्राम पंचायत में एकमुश्त भुगतान करने की मोदी की गारंटी कहा था। सरकार की तरफ से पहले से जानकारी आना था लेकिन अभी तक नहीं आया है। कांग्रेस की सरकार ने पहले से ही अतिरिक्त राशि देने का तय किया तो राजीव गांधी न्याय योजना के माध्यम से किसानों को देने की दिन और तारीख तय कर लिया जाता था। उसी दिन उसी तारीख पर किसानों को अतिरिक्त राशि मिल जाती थी। साय सरकार को धान खरीदी अव्यवस्था को सुधारा जाना चाहिये। 20 दिन में सरकार थक गई है।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता सत्यनारायण शर्मा ने कहा कि धान खरीदने के बाद दोबारा धान की तौलाई करते है तो तौल में ज्यादा धान लेने की शिकायत आई है। किसानों को 10 हजार देने की बात कही है, अगर किसानों के खाते में पैसा आ जायेगा तो वो एटीएम से कभी भी निकाल सकते है। लिफ्टिंग तुरंत होना चाहिये। राईस मिलर्स को संग्रहण केंद्र में क्वालिटी का चयन करने में परेशानी होगी। ये जो बाते है गंभीरता से सरकार को करना चाहिये। 3100 में धान खरीदने की भाजपा घोषणा पत्र में उल्लेख है एकमुश्त भुगतान होना चाहिये।

 

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विकसित छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं का होगा अहम योगदानः मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रायपुर के एम्स आडिटोरियम में रिमोट का बटन दबाकर 100 दिनों तक चलने वाले राज्य स्तरीय निक्षय निरामय छत्तीसगढ़ अभियान की शुरूआत की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रिमोट का बटन दबाकर निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को प्रतिमाह दी जाने वाली 1 हजार रूपए की राशि के आनलाइन ट्रांसफर करने की भी शुरूआत की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों को निक्षय निरामय की शपथ भी दिलाई। निक्षय निरामय छत्तीसगढ़ कार्यक्रम के अंतर्गत अगले 100 दिनों तक राज्य में टीबी, कुष्ठ और मलेरिया के मरीजों की पहचान की जाएगी और उनका उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। योजना में राज्य के वृद्धजनों का भी स्वास्थ्य जांच और उपचार शामिल है।


इस मौके पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि विकसित भारत के साथ ही साल 2047 तक छत्तीसगढ़ को भी विकसित राज्य बनाने के लक्ष्य रखा गया है और इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं का अहम योगदान होगा। उन्होंने कहा कि 13 दिसंबर को हमारी सरकार के कार्यकाल का पहला वर्ष पूरा हो रहा है। बीते 12 महीनों में हमने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाओं के विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। स्वास्थ्य और शिक्षा, ये दो ऐसे विषय हैं जो सीधे-सीधे राज्य और राष्ट्र के विकास से जुड़े हुए हैं। जब हर नागरिक का स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, उन्हें अच्छी शिक्षा मिलेगी, तो वे राष्ट्र के विकास में अपना अधिकतम योगदान दे पाएंगे। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले के साथ ही सभी चिकित्सकों ने भी प्रदेश में चलाए जा रहे स्वास्थ्य अभियानों में हमेशा तत्परता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया है। अनेक दुर्गम क्षेत्रों में आवागमन के साधनों की कमी होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग के अमले ने अंदरुनी गांवों तक अपनी सेवाएं पहुंचाईं हैं। हमारे डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों ने अनेक दुर्गम गांवों तक पहुंचने के लिए लंबी-लंबी पदयात्राएं कीं, नदी-नालों को भी पार किया है। उन्होंने कहा कि वास्तव में आप लोगों का यह जज्बा सेना के किसी जवान के जज्बे से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि टीबी, कुष्ठ और मलेरिया जैसी बीमारियों से मुक्ति दिलाने के लक्ष्य को हासिल करने में निक्षय निरामय छत्तीसगढ़ अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य निरामय छत्तीसगढ़ की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं में लगातार विस्तार किया जा रहा है। इसके लिए सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों की शुरूआत की जा रही है, मेकाहारा जैसे बड़े अस्पतालों पर मरीजों का दबाव कम करने के लिए नए अस्पताल भवन तैयार किए जा रहे हैं और चिकित्सकों की लगातार भर्ती की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर नया कीर्तिमान स्थापित हो रहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं के सुधार के लिए मैदानी अमलों, विशेषकर मितानिन बहनों की प्रशंसा करते हुए उन्हें साधुवाद दिया। स्वास्थ्य मंत्री ने इस अवसर पर निक्षय पोषण योजना के हितग्राहियों को आनलाइन डीबीटी के जरिए राशि प्रदान करने की शुरूआत करने के लिए धन्यवाद दिया।

निक्षय निरामय छत्तीसगढ़ अभियान कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने हाथों से  हितग्राहियों को पोषण आहार, हियरिंग एड, वाकर और वाकिंग स्टिक प्रदान किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और मितानिन बहनों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर आरंग विधायक श्री खुशवंत साहेब, रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी, स्वास्थ्य विभाग  की विशेष सचिव सुश्री प्रियंका शुक्ला एवं एमडी एनएचएम श्री विजय दयाराम के. भी उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मोबाइल मेडिकल यूनिट व प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के ऐम्स परिसर में "निक्षय निरामय छत्तीसगढ़"  100 दिवसीय जांच व उपचार अभियान के दौरान लोगों में जागरूकता व टीबी जांच हेतु संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट व प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इनमें रायपुर, दुर्ग एवं बिलासपुर संभाग के लिए एक एक वाहन शामिल हैं। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल उपस्थित थे। 


मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा अभियान के दौरान चिन्हाकित किये गए जोखिम समूहों की टीबी हेतु स्पॉट स्क्रीनिंग की जाएगी जिससे संदेहास्पद टीबी मरीजों का स्पॉट पर ही टीबी रोग का पता लगाया जा सकेगा । मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा ए.आई. तकनीक से हैंड हेल्ड एक्स रे , CY-टीबी जांच व  16 चैनल वाले ट्रूनाट मशीन से टीबी के संभावित मरीजों की तुरंत एक्स रे द्वारा जांच एवं उपचार किया जाएगा ।
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