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शासकीय महाविद्यालय गुरूर में स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम का आयोजन

 कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल के मार्गदर्शन में जिले में  स्वच्छता ही सेवा 2024 अभियान के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत आज गुरूर विकासखण्ड के  शासकीय महाविद्यालय गुरूर में ’स्वभाव स्वच्छता-संस्कार स्वच्छता’ कार्यक्रम आयोजित की गई। कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. संजय कन्नौजे ने महाविद्यालय के छात्रों को स्वच्छता बनाए रखने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अपने आस-पास के वातावरण को स्वच्छता बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। कम से कम सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग करें जिससे प्लास्टिक से होने वाले दुष्प्रभाव से बचा जा सके। कार्यक्रम में डाॅ. कन्नौजे ने छात्र-छात्राओं एवं उपस्थित सभी कर्मचारियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई।

उल्लेखनीय है कि शासकीय महाविद्यालय गुरूर में ’स्वभाव स्वच्छता-संस्कार स्वच्छता’ कार्यक्रम में स्वच्छता पर आधारित सांस्कृतिक कार्यकम, रंगोली एवं ड्राईंग प्रतियोगिता सहित विविध कार्यक्रम आयोजित की गई। इसके साथ ही छात्र-छात्राओं द्वारा स्वच्छता रैली भी निकाली गई। सीईओ डाॅ. कन्नौजे ने स्वच्छता पर आधारित प्रतियोगिता में भाग लेने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिसर में में वृक्षारोपण भी किया गया। कार्यक्रम में गुरूर एसडीएम प्राची ठाकुर, जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष नंन्द किशोर शर्मा, उपसंचालक पंचायत आकाश सोनी, जनपद पंचायत के  मुख्य कार्यपालन अधिकारी उमेश रात्रे, शासकीय महाविघालय गुरूर के प्राचार्य खेमलाल रावटे सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय डौंडी के छात्र-छात्राओं का उत्कृष्ट प्रदर्शन

 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय डौण्डी के छात्र-छात्राओं का संभाग स्तरीय सांस्कृतिक, साहित्यिक, कला महोत्सव एवं खेल प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन रहा। सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग मेनका चंद्राकर ने बताया कि धमतरी जिले के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय पथरीडीह में संभाग स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन हुआ। जिसमें एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय डौण्डी के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन करते हुये 25 विधाओं में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल कर बालोद जिलें का नाम रोशन किया। जिसमे से 12 विद्यार्थियों ने प्रथम स्थान, 06 विद्यार्थियों ने द्वितीय स्थान एवं 05 विद्यार्थियों तृतीय स्थान प्राप्त किए। इसमें शिक्षक प्रतियोगिता एवं सेमी क्लासिकल एवं क्लासिकल गायन में द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किये है। जिसमें 13 विधाएं संगीत, 03 विधा कला संबंधी एवं 09 विधाएं साहित्यिक संबंधी रही है। जिसके अंतर्गत सोलो सांग में संजना पिस्दा को प्रथम, वोकल म्यूजिक में हेमेश्वर प्रथम, इंस्ट्रूमेंटल म्यूजिक में यश कुमार मंडावी प्रथम, वोकल म्यूजिक ट्राइबल ग्रुप में रश्मी, शशिकला, लल्नी, जतिन, झनेश ठाकुर, जतिन भंडारी प्रथम, क्लासिकल डांस सोलो में कृतिका प्रथम, फोक डांस में मीनाक्षी, तृष्किा, योगिनी एवं नीलिमा प्रथम, इंस्ट्रूमेंटल म्युजिक फोक ग्रुप गोपेश्वर, अभिनय, चंद्रकांत एवं देवनारायण द्वितीय, वोक म्युजिक पैट्रेयोटिक में  गरिमा, मोक्ष, रामा एवं गीतांजली द्वितीय, विज्यूअल आर्ट 2-डी में द्वियांशु द्वितीय, 3-डी आर्ट में टिकेश्वर गावड़े द्वितीय एवं वोकल म्युजिक फोक सोलो में अनिशा तृतीय, वोकल म्युजिक क्लासिकल में खुशबु तृतीय, इंस्ट्रुमेंटल ट्राईबल में यंशु रावटे, भेश कुमार तृतीय, पेंटिग ट्राईबल में मीनाक्षी ताराम, स्टोरी टेलिंग हिन्दी में किंजल तृतीय तथा संस्कृत श्लोक में हेमाक्षी नायक को तृतीय स्थान हासिल हुआ।

 

 

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के निर्विरोध अध्यक्ष बने

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को आज छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ का निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया। राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में आयोजित छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की विशेष आमसभा की बैठक में रिटर्निंग ऑफिसर श्री अशोक कुमार अग्रवाल ने उनके निर्विरोध अध्यक्ष चुने जाने की घोषणा की। इसी तरह मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल और श्री विजय बघेल सहित कुल 10 लोग छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष के रूप में निर्विरोध निर्वाचित हुए। रिटर्निंग ऑफिसर श्री अशोक कुमार अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को अध्यक्ष चुने जाने का प्रमाण पत्र सौंपा। 


मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के सभी नव निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल को आगे ले जाने के लिए हम सभी पूरी टीम भावना के साथ काम करेंगे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। हमारी सरकार  राज्य में खेल को बढ़ावा देने के साथ ही अधोसंरचना  विकास और खिलाड़ियों के हित में लगातार फैसले ले रही है। श्री साय ने कहा कि हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि प्रदेश के खिलाड़ी ओलंपिक में खेलें और मेडल जीत कर लाएं। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि संघ के सभी पदाधिकारियों को एक-एक जिले की जिम्मेदारी दी जाए और उस अंचल में जो खेल लोकप्रिय हैं, उसे बढ़ावा देने की दिशा में काम हो। श्री साय ने आगे कहा कि नवनिर्वाचित सभी पदाधिकारी किसी ने किसी रूप में खेल और इसकी प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े हैं, ऐसे में  आप सभी के दीर्घ अनुभव का लाभ प्रदेश के खिलाड़ियों को मिलेगा।
 
सांसद और छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के नव निर्वाचित उपाध्यक्ष श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश में प्रतिभावान खिलाड़ियों की कमी नहीं है, हमें उन्हें बेहतर अधोसंरचना, सुविधाएं और प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। श्री अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बड़ी पहल करते हुए राजधानी रायपुर में स्काउट गाइड के राष्ट्रीय जंबूरी 2025 के आयोजन की सहमति जताई। श्री अग्रवाल ने कहा कि खिलाड़ी हमारे एंबेसडर होते हैं, जो प्रदेश को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाते हैं। उन्हें आगे बढ़ाने के लिए छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ भी अपना प्रयास करें। इस अवसर पर ऑब्जर्वर श्री दिग्विजय सिंह भी मौजूद रहे। 
 
गौरतलब है कि छतीसगढ़ ओलम्पिक संघ की विशेष आमसभा में आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया। इसी क्रम में उपाध्यक्ष हेतु सर्व श्री बृजमोहन अग्रवाल, केदार कश्यप, विजय बघेल, हिमांशु द्विवेदी, संजय पिल्ले, गजराज पगारिया, शरद शुक्ला, रमेश कुमार श्रीवास्तव और श्री सुनील कुमार अग्रवाल तथा महासचिव के पद पर श्री विक्रम सिंह सिसोदिया निर्वाचित हुए। इसी तरह संयुक्त सचिव सर्वश्री राम जाखड़, आर. राजेन्द्रन, मोहम्मद अकरम खान, मनीष श्रीवास्तव, प्रशांत सिंह रघुवंशी, मनोज कुमार अग्रवाल और श्री समीर खान को निर्विरोध चुना गया। श्री संजय मिश्रा संघ के कोषाध्यक्ष चुने गए। इसके साथ ही ओलंपिक संघ के कार्यकारिणी सदस्य के रुप में 12 लोगों को भी र्निविरोध चुना गया ।
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उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव और केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने 'स्वच्छता ही सेवा' पखवाड़ा में किया श्रमदान

 उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव तथा केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने आज 'स्वच्छता ही सेवा' पखवाड़ा के अंतर्गत श्रमदान किया। उन्होंने रायपुर के गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर परिसर में झाड़ू लगाकर सफाई की। उन्होंने इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में सफाई कर्मचारियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों को अपने आसपास के परिवेश को स्वच्छ रखने और साफ-सफाई में सहभागिता की शपथ भी दिलाई गई। रायपुर-उत्तर के विधायक श्री पुरंदर मिश्रा भी कार्यक्रम में शामिल हुए।


उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक चलाए जा रहे 'स्वच्छता ही सेवा' पखवाड़ा के तहत जगन्नाथ मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी परंपरा में हमेशा से स्वच्छता का संस्कार रहा है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव अम्बेडकर, मुंशी प्रेमचंद और श्रीमती महादेवी वर्मा जैसे महामनाओं की प्राथमिकता में स्वच्छता सदैव रहा है। 'स्वच्छता परमो धर्म:' के सूत्र को अपनाते हुए हम प्रदेश को स्वच्छ और सुंदर बनाने में लगे हुए हैं। ‘स्वभाव स्वच्छता-संस्कार स्वच्छता’ की थीम पर राज्य के सभी शहरों और गांवों में स्वच्छता के प्रति लोगों को प्रेरित करने और सहभागिता बढ़ाने विशेष पखवाड़ा का आयोजन किया गया है।

केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कार्यक्रम में कहा कि श्री नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद पूरे देश में स्वच्छता के प्रति अद्भुत जागरुकता आई है। साफ-सफाई के कार्यों में जनभागीदारी बढ़ाने और लोगों को जागरूक करने भारत सरकार द्वारा हर साल राष्ट्रीय स्तर पर विशेष अभियान संचालित किए जा रहे हैं। इसके अच्छे नतीजे भी सामने आ रहे हैं। संपूर्ण स्वच्छता के लक्ष्य को हासिल करने शासन-प्रशासन के प्रयासों के साथ ही सक्रिय जन सहभागिता जरूरी है। स्थानीय विधायक श्री पुरंदर मिश्रा और रायपुर नगर निगम के आयुक्त श्री अविनाश मिश्रा ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव तथा केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने सफाई कर्मचारियों और स्वच्छता दीदियों को कार्यक्रम में ईएसआईसी कॉर्ड और पीपीई किट प्रदान किया। रायपुर के कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, जोन अध्यक्ष डॉ. प्रमोद साहू और पार्षद श्री रोहित साहू सहित अनेक गणमान्य नागरिक तथा रायपुर नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।
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सरकार आमजनों की मूलभूत आवश्यकता को पूरा करने के साथ विकास कार्यो को तेजी से पूरा करनें प्रतिबद्ध: मंत्री श्री टंक राम वर्मा

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश तथा राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा के प्रयास पर बलौदाबाजार विधान सभा क्षेत्र में  विकास के लिए 15  अधोसंरचना कार्य स्वीकृत किये गए है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना वर्ष 2024-25 के अंतर्गत अधोसंरचना  निर्माण के 15 कार्यो के लिए 74 लाख रुपए 10 हज़ार रुपए की सूची जारी की गई है। सरकार जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए उनके मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ ग्रामीण विकास के कार्यो को तेजी से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

   जारी की गई सूची में रायपुर जिले में बलौदा बाजार विधानसभा क्षेत्र के ग्राम भिलौनी के कुर्मी पारा,भुरसुदा के दैहान पारा,कोहका के कॉलेज परिसर के पास निषाद पारा, बेमता के निषाद पारा, लखना के सोमनाथ धाम में और तुलसी नेवरा में सामुदायिक भवन निर्माण की स्वीकृति दी गई है। स्वीकृत किये गए इन प्रत्येक स्थानों के लिए 6 लाख 50 हज़ार रुपए की अलग-अलग राशि जारी की गई है। इस तरह अधोसंरचना कार्य के लिए कुल 39 लाख रुपए की राशि जारी की गई है। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत  खपराडीह तथा हथबन्द के गडरिया और सँवरा पारा में समुदायिक भवन निर्माण प्रत्येक  गांव के लिए 6 लाख 50 हज़ार रुपए की राशि अलग-अलग अनुशंसित की गई है। इसी तरह खपरडीह,कंजी और संकरी में सी सी रोड़ निर्माण प्रत्येक गांव के लिए 5 लाख 20 हज़ार रुपए की राशि अलग अलग अनुशंसित की गई है। इस तरह कुल 35 लाख 10 हज़ार रुपए के कार्य अनुशंसित किये गए है।
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छत्तीसगढ़ में हर बूथ पर सुनी गई ‘मन की बात’ और बनाए गए सदस्य

 छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री आवास में 'मन की बात' सुनी। इस दौरान कैबिनेट मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल, विधायक गोमती साय, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य भारतसिंह सिसोदिया, भाजपा नेता कमलचंद भंजदेव जी, अंजय शुक्ला एवं वरिष्ठ जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।


भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरणसिंह देव ने मानस मंदिर भवन, छुरा मंडल, गरियाबंद में 'मन की बात' का श्रवण किया। इस दौरान सांसद रूपकुमारी चौधरी, रायपुर संभाग सह प्रभारी जगन्नाथ पाणिग्रही, प्रदेश मंत्री किशोर महानंद, पूर्व सांसद चंदूलाल साहू, पूर्व विधायक संतोष उपाध्याय, गरियाबंद जिला अध्यक्ष राजेश साहू एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्तागण उपस्थित रहे। बाद में श्री देव ने उपस्थित जनों से भाजपा सदस्यता अभियान 2024 के अंतर्गत सदस्यता अभियान को लेकर वृहद चर्चा की और विश्व की सबसे बड़ी पार्टी भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता दिलाई।

प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरुण साव राजधानी रायपुर के वृंदावन हॉल में 'मन की बात' कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव,प्रदेश मीडिया प्रभारी अमित चिमनानी ,सोशल मीडिया संयोजक सोमेश पांडे, आईटी सेल संयोजक सुनील पिल्लई एवं वरिष्ठजन कार्यक्रम में शामिल हुए। श्री साव ने इसके बाद तत्पश्चात नशा मुक्ति अभियान और आयुष्मान कार्ड कैंप का उद्घाटन किया।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कबीरधाम के गांगपुर में 'मन की बात' सुनी। इस दौरान कार्यक्रम में पार्टी के कर्मठ कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए।

केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू और सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने राठौर चौक, रायपुर में 'मन की बात' कार्यक्रम का श्रवण किया। इस दौरान विधायक पुरंदर मिश्रा, भाजपा वरिष्ठ नेता सच्चिदानंद उपासने सहित कार्यकर्ता एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।


भाजपा प्रदेश महामंत्री  और मन की बात कार्यक्रम के प्रदेश संयोजक रामू रोहरा ने तखतपुर में मन की बात कार्यक्रम सुना एवं वहां वह सदस्यता अभियान में भी कार्यकर्ताओं के साथ शामिल हुए। इस दौरान विधायक धर्मजीत सिंह भी मौजूद रहे।

भाजपा प्रदेश महामंत्री रामजी भारती ने डोंगरगढ  नगर पालिका परिषद "मन की बात  सदस्यता के साथ" कार्यक्रम के तहत वार्ड न.04 के बूथ न.156 मे भाजपा के सदस्य बनाए।

भाजपा प्रदेश महामंत्री भरत लाल वर्मा डोंगरगांव विधानसभा क्षेत्र के बूथ क्रमांक 103 में मन की बात कार्यक्रम में शामिल हुए।
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प्रधानमंत्री आवास योजना से दिव्यांग श्री बाबू लाल के सपनों को मिला नया आयाम

 प्रदेश में राज्य सरकार और केन्द्र सरकार के पहल ‘‘प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण’’ के माध्यम से ऐसे पात्र वनवासी हितग्राहियों का चयन कर  पक्का मकान बना कर दिया जा रहा है। सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के गोमर्डा अभ्यारण के वनांचल कनकबीरा और आश्रित ग्रामों के श्री नारद खुड़िया, श्रीमती गायत्री यादव, श्री देवानंद खुड़िया जैसे कई पीएम आवास हितग्राही परिवार हैं जिनका ‘‘प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण’’ के तहत पक्का मकान, बनाया गया है। 

ग्रामीणों ने बताया कि पहले कच्चे मकान होने से उन्हें दिन-रात जंगली हाथी का भय बना रहता था। अब पीएम आवास हो जाने से एक सुरक्षा कवच बन गया है। हितग्राही श्री नारद ने कहा कि हम लोग सरकार के मदद के बिना पक्का मकान नहीं बना सकते थे। सरकार के सहयोग से हमारा पक्का मकान बना है। पहले कच्चा मकान होने पर हर साल खपरैल वाले छत में बंदर के आने से खपरैल टूट जाते थे तो उसको बदलना पड़ता था। अब पक्का मकान हो जाने से बंदर से कोई नुकसान नहीं है। कनकबीरा की पीएम हितग्राही परिवार की श्रीमती गायत्री यादव कहती हैं कि यह वनांचल क्षेत्र जंगली हाथी प्रभावित क्षेत्र है। पीएम आवास योजना से पक्का मकान बन जाने से अब भय नहीं रहता है।

सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के सरसीवां तहसील के ग्राम पंचायत गाताडीह के आश्रित ग्राम अमलीडीह निवासी दिव्यांग श्री बाबूलाल मानिकपुरी अपने बातों का उच्चारण सही ढंग से नहीं कर पाते। परन्तु राज्य सरकार ने आवास की मांग, जरूरत को समझा और पीएम आवास योजना ग्रामीण से उनको लाभ दिया। दिव्यांग श्री बाबूलाल के लिए पीएम आवास केंद्र और राज्य सरकार का बड़ा सहयोग है। सरकार के सहयोग से उनके लिए उनका पीएम आवास बना है जिससे वे संतुष्ट हैं। श्री बाबूलाल बताया कि वर्ष 2007 के आसपास ओंकारेश्वर मध्यप्रदेश के जेपी कंपनी में वे श्रमिक का काम करते थे, तब उनके पैर में कैंसर हो गया, जिनकी वजह से उनके पैर को काटना पड़ा और वह सामान्य से दिव्यांग हो गए। उनके घर में उनकी पत्नी और दो बेटियां हैं। अमलीडीह गांव की बस्ती में पुराने घर में वे रहते थे। अब वह अपने नए घर में रहने लगे। घर के पास एक छोटे से ठेला में कुरकुरे बिस्किट आदि बिक्री कर अपनी आजीविका चलाते हैं। यदि सरकार उनके आवास के लिए सहयोग नहीं करते तो उनके जीवन में आवास की समस्या बनी रहती।

हितग्राहियों ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को प्रधानमंत्री आवास प्रदान करने के लिए आभार और धन्यवाद व्यक्त किया।
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गंगरेल में होगा 5-6 अक्टूबर को होगा जल-जगार महोत्सव

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल से प्रदेश में गर्मियों में अप्रत्याशित भू जल स्तर में हो रहे गिरावट से लोगों को जागरूक करने के लिए विभिन्न गतिविधियां की जा रही हैं। धमतरी जिले के गंगरेल में 5-6 अक्टूबर को जीवनदायनी महानदी के तट पर जल-जगार महोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में जिले के 108 अमृत सरोवर और परकोलेशन टैंक के पानी से अभिषेक किया जायेगा। इसके साथ ही लोगों को जल संरक्षण में अपना पूरा पूरा योगदान देने प्रोत्साहित किया जाएगा।


धमतरी जिला में भू-जल स्तर बढा़ने, जल एवं पर्यावरण संरक्षण करने की दिशा में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।  जिसमें जिले के परसतराई, नवागांव, थुहा सहित कई गांव के लोग स्वेच्छा से जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए आगे आ रहे हैं। जल संरक्षण के लिए यहां नल और जलाशयों के आसपास जल संरक्षण सबंधी स्ट्रक्चर बनाए गए हैं साथ ही रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी स्थापित किए गए हैं। गांव की महिलाओं भी जल संरक्षण के लिए आगे आ रही हैं। बिहान की महिलाएं नारी शक्ति से जल शक्ति, ग्रीन आर्मी और ग्रामीण महिलाओं ने रैली, दीवार लेखन, प्रतियोगिताओं के माध्यम से लोगों को जागरुक किया। इन सभी कार्यक्रमों में अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा सामाजिक, स्वैच्छिक संगठन भी अपना योगदान दे रहे हैं। 
धमतरी जिले के ग्राम परसतराई के ग्रामीणों ने जल एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए एकमत होकर दलहन, तिलहन, साग सब्जी की खेती करने आगे आए। वहीं गांवों की बेटियों के नाम से वृक्षों का नाम रखा, उन पेड़ों पर रक्षा सूत्र बांधकर उनकी रक्षा करने का संकल्प लिया। पूरे जिले में जल संरक्षण की दिशा में कार्यक्रम आयोजित किए गए।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विश्व पर्यटन दिवस पर सेंट्रल इंडिया कनेक्ट मार्केटप्लेस कार्यक्रम में हुए शामिल

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज यहां नवा रायपुर के एक निजी होटल में विश्व पर्यटन दिवस पर आयोजित सेंट्रल इंडिया कनेक्ट मार्केटप्लेस कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देने और इस क्षेत्र में अच्छा कार्य करने वाले लोगों को प्रोत्साहित करने  आगामी वर्ष से राज्य में पर्यटन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्ति अथवा संस्था को प्रतिवर्ष राज्योत्सव के अवसर पर पुरस्कार दिए जाने की घोषणा की। सेंट्रल इंडिया कनेक्ट मार्केटप्लेस कार्यक्रम का आयोजन छत्तीसगढ़ टूरिस्म बोर्ड और छत्तीसगढ़ ट्रेवल ट्रेड एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। 


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश के पर्यटन विभाग का सूत्रवाक्य अतिथि देवो भवः है। इस कार्यक्रम में जुटे सभी अतिथियों का मैं इसी भाव से अभिनंदन करता हूँ। विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर आज छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड एवं छत्तीसगढ़ ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन द्वारा सेंट्रल इंडिया कनेक्ट मार्केट प्लस कार्यक्रम का सुंदर आयोजन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी ने इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अपने सुंदर विचार रखे। छत्तीसगढ़ में पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए आए आपके उपयोगी सुझावों पर विचार कर हम इन्हें अमल में लाएंगे।यह हमारे लिए बहुत गौरव की बात है कि भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने इस साल देश के सर्वश्रेष्ठ पर्यटक गांवों की सूची में हमारे बस्तर के डूडमारास गांव को एडवेंचर टूरिज्म तथा चित्रकोट गांव को कम्युनिटी बेस्ट गांव की सूची में पहला स्थान दिया। सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव की सूची में सरोधादादर को जगह मिली है। 

 विश्व पर्यटन संगठन द्वारा इस वर्ष की थीम, पर्यटन एवं शांति निर्धारित की गई है। वैश्विक स्तर पर संघर्ष और विभाजन के माहौल में इस थीम की बहुत प्रासंगिकता है। शांति के साथ सतत विकास की दिशा में सामाजिक और सांस्कृतिक समझ को बढ़ावा देने में पर्यटन की भूमिका को नकारा नहीं जा सकता। 

पूरी दुनिया में सतत एवं रिस्पांसिबल टूरिज्म पर जोर दिया जा रहा है ताकि हम पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी निरंतर ठोस कदम बढ़ा सकें। बस्तर में टूरिज्म बढ़ेगा तो प्राकृतिक सुंदरता को भी सहेजने में मदद मिलेगी। इनसे हजारों लोगों के आजीविका का अवसर भी पैदा होगा।

हमारा राज्य ऐतिहासिक, पुरातात्विक, धार्मिक और प्राकृतिक धरोहरों के साथ गौरवशाली प्राचीन लोक संस्कृति का भी अद्वितीय उदाहरण है। देश के ऐसे बहुत कम राज्य हैं जो कि प्रकृति द्वारा इतने समृद्ध हैं जितना कि हमारा छत्तीसगढ़। 
छत्तीसगढ़ राज्य का एक बड़ा भाग सघन वनों से घिरा हुआ है। शानदार जलप्रपातों से लेकर मुग्ध कर देने वाले वन्यजीव अभयारण्य, राष्ट्रीय उद्यान तक आप जिस भी आकर्षण के बारे में सोचेंगे वह सब आपको छत्तीसगढ़ में देखने को मिलेगा। 


राज्य में पर्यटन गतिविधियों के बढ़ने से स्थानीय समुदाय को रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। हमारी कोशिश है कि पर्यटन को स्थानीय गतिविधियों और अनुभव के साथ जोड़कर रोजगार के अवसरों को और अधिक विस्तारित किया जाए। छत्तीसगढ़ राज्य में प्राकृतिक रुप से वाइल्ड लाइफ टूरिज्म, एग्री टूरिज्म, मेडिकल टूरिज्म, रुरल टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म, वॉटर टूरिज्म आदि की अपार संभावनाएं हैं।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में तीर्थ स्थलों के जीर्णाेद्धार एवं अधोसंरचना विकास के लिए लाई गई प्रसाद योजना के माध्यम से मां बम्लेश्वरी का तीर्थ डोंगरगढ़ नये सिरे से सज संवर रहा है।

ट्राइबल टूरिज्म सर्किट के अंतर्गत तेरह टूरिस्ट डेस्टिनेशन में ईको एथनिक पर्यटन की थीम पर पर्यटन सुविधा विकसित की गई है।छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के द्वारा चित्रकोट बस्तर में वन विभाग के सहयोग से नेचर ट्रेल का विकास किया गया है। इसका संचालन स्थानीय महिला स्व सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा किया जा रहा है। इससे उन्हें आजीविका भी मिल रही है।

हम राज्य में पांच शक्तिपीठ को जोड़ते हुए सर्किट विकसित कर रहे हैं। स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत बिलासपुर और जगदलपुर डेस्टिनेशन के पर्यटन स्थलों का विकास होगा।
केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना से पर्यटन स्थलों में पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ेंगी। इस योजना के तहत देश के चयनित मुख्य स्थलों में जशपुर जिले के मयाली लोकेशन का भी चयन किया गया है।मुझे पूरा विश्वास है कि इस आयोजन में आप सबकी सहभागिता से छत्तीसगढ़ राज्य के पर्यटन विकास की दिशा में एक नया अध्याय जुड़ेगा और हमारा राज्य वैश्विक पर्यटन के मानचित्र में अपना विशेष स्थान दर्ज करेगा।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ टूरिस्म बोर्ड द्वारा हिंदी भाषा में प्रकाशित कॉफी टेबल का विमोचन किया गया।छत्तीसगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देने आईआरसीटीसी और छत्तीसगढ़ टूरिस्म बोर्ड के मध्य एमओयू भी संपादित किया गया तथा डाक विभाग द्वारा पोस्ट कार्ड का विमोचन किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कलिंगा यूनिवर्सिटी में आयोजित फोटोग्राफी, लेखन, क्विज और रील्स प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया। 

सेंट्रल इंडिया कनेक्ट मार्केटप्लेस कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंकराम वर्मा, पर्यटन विभाग के सचिव श्री अन्बलगन पी, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य, निदेशक डाक सेवाएं छत्तीसगढ़ सर्कल श्री दिनेश मिस्त्री, छत्तीसगढ़ ट्रेवल ट्रेड एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री कपिल जैन सहित मध्य भारत के पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र से जुड़े लोग उपस्थित रहे।
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छत्तीसगढ़ में अब तक 1163.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

 राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 1163.6 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से आज 28 सितम्बर सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 2376.3 मिमी और बेमेतरा जिले में सबसे कम 606.6 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है।


राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सरगुजा जिले में 633.9 मिमी, सूरजपुर में 1160.4 मिमी, बलरामपुर में 1729.8 मिमी, जशपुर में 1064.0 मिमी, कोरिया में 1122.1 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1086.0 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। 

इसी प्रकार, रायपुर जिले में 954.4 मिमी, बलौदाबाजार में 1188.3 मिमी, गरियाबंद में 1098.1 मिमी, महासमुंद में 969.0 मिमी, धमतरी में 1033.5 मिमी, बिलासपुर में 991.2 मिमी, मुंगेली में 1114.7 मिमी, रायगढ़ में 1108.6 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 734.2 मिमी, जांजगीर-चांपा में 1223.4 मिमी, सक्ती 1061.7 मिमी, कोरबा में 1417.0 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 1206.7 मिमी, दुर्ग में 655.0 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 921.4 मिमी, राजनांदगांव में 1128.1 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1237.5 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 855.8 मिमी, बालोद में 1199.6 मिमी, बस्तर में 1264.9 मिमी, कोण्डागांव में 1199.2 मिमी, कांकेर में 1421.8 मिमी, नारायणपुर में 1448.6 मिमी, दंतेवाड़ा में 1515.3 मिमी और सुकमा जिले में 1673.3 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई।
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राजस्व प्रकरणों का निराकरण निर्धारित समयावधि में सुनिश्चित करें: कलेक्टर

 कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने कहा कि सभी राजस्व अधिकारी राजस्व प्रकरणों का निराकरण निर्धारित समयावधि में सुनिश्चित करें। जिससे की आम जनता को राजस्व संबंधी प्रकरणों के निराकरण हेतु किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। श्री चन्द्रवाल आज  संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में जिले के सभी राजस्व अधिकारियों को उक्ताशय के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने शासन की विशेष प्राथमिकता में शामिल है। इसलिए इस कार्य को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाना अत्यंत आवश्यक है। श्री चन्द्रवाल ने कहा कि आम जनता के राजस्व संबंधी सीमांकन आदि प्रकरणों के निराकरण हेतु आवेदन राजस्व न्यायालयों के अलावा लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से भी आवेदन लेने की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश राजस्व अधिकारियों को दिए। जिससे कि आम नागरिकों को अपने राजस्व संबंधी समस्याओं के निराकरण के लिए सहुलियत हो सके। उन्होंने कहा कि इसके लिए आवेदकों को प्रस्तुत करना आवश्यक होगा। श्री चन्द्रवाल ने सभी राजस्व अधिकारियों को आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इसका समुचित प्रचार-प्रसार कराने के भी निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने अनुविभाग एवं तहसीलवार लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। इसके अंतर्गत उन्होंने भू-अर्जन, नक्शा बाटंकन, सीमांकन, त्रुटि सुधार आदि के प्रकरणों के अलावा राजस्व अधिकारियों के वन्य ग्रामों को राजस्व ग्राम घोषित करने हेतु की जा रही प्रक्रिया के अलावा जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के कार्य की समीक्षा ली। श्री चन्द्रवाल ने राजस्व अधिकारियों को आम जनता के समस्याओं के निराकरण तथा उन्हें सहुलियत प्रदान करने हेतु पूरी निष्ठा के साथ बेहतर एवं उत्कृष्ट कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर चन्द्रकांत कौशिक, संयुक्त कलेक्टर डीआर ठाकुर एवं पूजा बंसल सहित सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

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कांग्रेस पर वामपंथियों और नास्तिकों का कब्जा : आचार्य प्रमोद कृष्णम

 पूर्व कांग्रेस नेता प्रमोद कृष्णम ने हिमाचल सरकार के फूड वेंडर्स की दुकानों के बाहर नेम प्लेट लगाने के फैसले पर कांग्रेस नेता टी.एस. सिंह देव के विरोध पर अपनी प्रतिक्रिया दी।

प्रमोद कृष्णम ने कहा, कांग्रेस पार्टी ने देश की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, लेकिन वह कांग्रेस अलग थी। वह महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस, सरदार पटेल और पंडित जवाहरलाल नेहरू की कांग्रेस थी। लेकिन यह कांग्रेस सनातन विरोधियों और देश विरोधियों की है। पार्टी के ऊपर वामपंथियों ने कब्जा कर लिया है।

हिमाचल प्रदेश सरकार ने गुरुवार को स्पष्ट कर दिया है कि ऐसा कोई निर्देश लागू करने की उसकी योजना नहीं है। हालांकि सरकार के यू-टर्न से इस पर शुरू हुई बयानबाजी पर तत्काल लगाम लगती नहीं दिख रही।

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने तंज कसते हुए आगे कहा कि राहुल गांधी के आस-पास जो लोग हैं वे पार्टी को भ्रमित कर रहे हैं जिसके कारण कांग्रेस पार्टी की दुर्दशा हो रही है। कांग्रेस पार्टी में अगर कोई सच बोलता है तो उसका विरोध होता है और उसको पार्टी से बाहर कर दिया जाता है। उन्होंने कहा, पार्टी पर वामपंथियों और नास्तिक लोगों का कब्जा हो गया है।

दरअसल, उत्तर प्रदेश की तर्ज पर हिमाचल की कांग्रेस सरकार ने भी दुकानों के बाहर नेम प्लेट लगाने के निर्देश दिए हैं। इसको लेकर छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंह ने कहा था कि हिमाचल सरकार के इस फैसले से वह सहमत नहीं हैं।

टी.एस. सिंह देव ने एक वीडियो का जिक्र करते हुए कहा था, मैंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो देखा, जिसमें अल्पसंख्यकों की दुकानों के सामने कुछ लोग क्रॉस लगा रहे हैं कि इनका हमें बहिष्कार करना है, यह बहुत ही निंदनीय है। अगर हिमाचल की सरकार ऐसा कर रही है, तो वह सरकार में रहने लायक है कि नहीं इस पर प्रश्नचिन्ह है।

बता दें कि सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस शासित हिमाचल सरकार में लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने रेहड़ी पटरी, रेस्टोरेंट, ढाबा और फास्ट-फूड संचालकों को अपनी पहचान दिखाने का आदेश दिया, जिसको लेकर सियासत तेज है। कुछ लोग इसको उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के आदेश की तरह देख रहे हैं। वहीं, विक्रमादित्य के इस फैसले से कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में नाराजगी की बात भी कही जा रही है।

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प्रधानमंत्री आवास योजना से कुम्हार अमीरचंद को मिली आर्थिक स्थिरता

प्रधानमंत्री आवास योजना से लाभान्वित अमीरचंद प्रजापति की कहानी बहुत प्रेरणादायक है। मिट्टी के दिए बनाकर जीवन गुजारा करने वाले अमीरचंद के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना एक वरदान साबित हुई है। इस योजना की मदद से उन्हें अपना खुद का पक्का घर मिला जिससे उनके सपने हकीकत में तब्दील हुई है। अब अमीरचंद न केवल अपने परिवार के साथ सुरक्षित जीवन जी रहे हैं, बल्कि उन्होंने अपने घर में एक छोटी सायकल एवं गाड़ी पंचर की दुकान भी शुरू कर दी है। यह न केवल उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार कर रहा है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर भी बना रहा है।
बलरामपुर जिले के विकासखण्ड वाड्रफनगर के ग्राम पंचायत ओदारी निवासी अमीरचंद प्रजापति बताते है कि वे पेशे से कुम्हार है। मिट्टी को आकार देकर दीया एवं विभिन्न मिट्टी की वस्तुओं का निर्माण कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते है। उनका काम ही केवल उनकी रोजी-रोटी का साधन है, ऐसे में उनके पक्के आवास बनाना असंभव सा प्रतीत होता था लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अमीरचंद प्रजापति को अपना खुद का घर मिलना किसी वरदान से कम नही है। वे बताते है जैसे ही उन्हें आवास की स्वीकृति मिली और उनका आवास पूर्ण हो गया है। आवास मिलने से उन्हें काफी मदद मिली है और वे सकुशल अपने परिवार के साथ जीवन व्यतीत कर रहे है। और भरण पोषण के लिए उनका कुम्हार का कार्य उनकी कला और रचनात्मकता का भी प्रतीक है।
वे मिट्टी को आकार देकर न केवल अपनी कला को व्यक्त करते हैं, बल्कि वे अपने परिवार के लिए भी एक स्थिरता के साथ बेहतर जीवन तैयार कर रहे हैं। अमीर चंद प्रजापति की कहानी से हमें सीख मिलती है कि, किस तरह उन्होंने प्रधानमंत्री आवास मिलने से अपने काम को संजोए रखा है। श्री अमीरचंद ने गरीब लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का आवास देने के लिए प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया है।
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रोजी मजदूरी कर जीवन यापन कर रहे कोमल सिंह ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अपने परिवार के लिए बनाया पक्का आवास

रोजी मजदूरी कर जीवन यापन कर रहें बालोद जिले के समीपस्थ ग्राम देवारभाट के निवासी कोमल सिंह का परिवार एक कच्चे मकान में काफी लंबे समय से निवासरत् थे। उन्हंे जर्जर हो चुके अपने कच्चे मकान में रहन-सहन करने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। कोमल सिंह के परिवार की इन समस्याओं का समाधान प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना के बालोद जिले में बेहतर क्रियान्वयन से संभव हुआ है। कोमल सिंह ने बताया कि उनका आवास काफी जर्जर हो चुका था। बारिश के दिनों में कच्चे छत से पानी का टपकना, घर में पानी का भर जाना और कभी भी जर्जर मकान के ध्वस्त होने का डर बना रहता था। रोजी-मजदूरी से ही घर का खर्च चलता है जिसमें अपने घर को पक्का बनाने में वे एवं उनके परिवार सक्षम नही थे। लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जब उन्हंे आवास की स्वीकृति मिली तो उनके परिवार की खुशी का ठिकाना नही था। उन्होंने योजना के तहत आवास निर्माण हेतु प्रथम किस्त की राशि आते ही उन्हांेने अपने घर का निर्माण शुरू कर दिया। उसने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के शासन में उसके घर के निर्माण कार्य में तेजी आई और अब उनका आवास पूरी तरह पूर्ण हो चुका है। जहाँ कोमल सिंह और उसका परिवार खुशी-खुशी निवासरत है, अब उन्हें पक्का आवास में रहन-सहन में कोई समस्या नही आती है। कोमल सिंह और उसके परिवार ने पक्का आवास निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें बारंबार धन्यवाद कहा है।
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नई दिल्ली से लौटे माओवादी हिंसा पीड़ित बस्तरवासियों का मुख्यमंत्री निवास में आत्मीय स्वागत

 मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में माओवादी हिंसा से पीड़ित बस्तर के लगभग 55 नागरिकों को आमंत्रित किया गया, जो हाल ही में अपनी व्यथा और समस्याओं को व्यक्त करने दिल्ली गए थे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मौसम खराब होने के कारण उड़ान बाधित होने से कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अनुपस्थिति में उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय ने माओवादी हिंसा पीड़ित बस्तरवासियों का स्वागत किया। 
 कौशल्या देवी साय ने नक्सल पीड़ितों को मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय का संदेश  देते हुए कहा कि आप सभी बस्तर के नागरिकों का साहस प्रशंसनीय है। आपके साहस, कठिन परिश्रम और प्रयासों के कारण ही बस्तर में शांति लौटी है। आपने माओवादी आतंक को अपनी आंखों से देखा, जिया और झेला है। आपने बड़े साहस के साथ इस त्रासदी का सामना किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय दौरे पर हैं आपके बीच नहीं आ पाए। आपका मुख्यमंत्री निवास में स्वागत और अभिनंदन है। उन्होंने सभी अतिथियों को उपहार स्वरूप एक बैग, ट्रैक सूट भेंट किया। इस दौरान उन्होंने यह भी पूछा कि दिल्ली यात्रा के अनुभव कैसे रहे, जिस पर सभी ने एक स्वर में कहा कि यह यात्रा बहुत अच्छी रही, और कई ग्रामीणों ने पहली बार हवाई जहाज में यात्रा का अनुभव भी साझा किया।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में राज्य सरकार के प्रयास से बस्तर में विकास कार्यों  को गति मिली है। उन्होंने कहा कि आपने दिल्ली जाकर बस्तर की व्यथा को केंद्र सरकार और पूरे देश के सामने रखा, जो आज तक किसी ने नहीं किया था। माओवादी हिंसा का दर्द अब पूरे देश ने जाना है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि बस्तर से नक्सलवाद का समूल नाश करना है। श्री शर्मा ने यह भी कहा, आपने नक्सलियों की गोलियों और आईईडी के खतरे के बीच अपने साहस का परिचय दिया। बंदूक और हिंसा से विकास संभव नहीं है। अब समय आ गया है कि बस्तर शांति और विकास की दिशा में आगे बढ़े।

गौरतलब है कि माओवादी हिंसा से पीड़ित ये नागरिक हाल ही में दिल्ली के जंतर मंतर और जेएनयू में आंदोलन करने के साथ-साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर नक्सलियों के कृत्यों से हुई परेशानियों को साझा कर चुके हैं। इनकी दिल्ली यात्रा का मुख्य उद्देश्य नक्सल समर्थक समूहों द्वारा फैलाए झूठ का खुलासा करना, हिंसा से प्रभावित लोगों की आवाज को दिल्ली तक पहुंचाना था। इस अवसर पर विधायक ईश्वर साहू और बस्तर शांति समिति के सदस्यगण उपस्थित थे।
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धार्मिक स्थलों के आसपास बेचे जाने वाले प्रसादों की हुई जांच

नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन एवं कलेक्टर सरगुजा के निर्देशानुसार अभिहित अधिकारी के मार्गदर्शन में तिरूपति मंदिर में प्रसाद में मिलावट की घटना के मद्देनजर, जिला सरगुजा में नवरात्रि पर्व को ध्यान में रखते हुए जिले के समस्त धार्मिक स्थलों के आसपास स्थित पूजा सामग्री दुकानों में बेचे जाने वाले प्रसादों की नियमित जांच व निरीक्षण किया जा रहा है।

वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी आरआर देवांगन ने बताया कि इस तारतम्य में गुरुवार को जिले के बड़े सिद्धपीठ महामाया मंदिर परिसर के आसपास लगने वाले पूजा सामग्री एवं प्रसाद विक्रेताओं का औचक निरीक्षण कर उनके द्वारा बेचे जाने वाले समस्त प्रकार के प्रसादों की गहन जांच की गई। प्रसाद विक्रेताओं द्वारा बनाए एवं विक्रय किए जा रहे प्रसाद का उचित स्वास्थ्यकर (हाइजेनिक) दशाओं में निर्माण एवं खाद्य प्रतिष्ठान की साफ-सफाई हेतु समुचित दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

खाद्य अपमिश्रण की शंका के आधार पर 02 प्रतिष्ठानों मेसर्स आनंद श्रीफल भण्डार एवं मेसर्स जायसवाल प्रसाद एवं मिष्ठान भण्डार से पेड़ा एवं बेसन लड्डू का नमूना लेकर जांच हेतु राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है। राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला रायपुर से परीक्षण एवं विश्लेषण रिपोर्ट प्राप्त होने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 नियम विनियम 2011 के सुसंगत प्रावधानों के अंतर्गत कार्यवाही की जावेगी।

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अभनपुर के स्कूल में मिला किताबों का ढेर, विकास ने लगाया भ्रष्टाचार का आरोप

 छत्तीसगढ़ में स्कूली बच्चों को दी जाने वाली पाठ्यपुस्तकों के वितरण में लापरवाही और अनियमितताओं के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। हाल ही में राजधानी रायपुर में करोड़ों रुपये की किताबें कबाड़ में बिकने के बाद, अब अभनपुर के एक सरकारी स्कूल में हजारों किताबें बेकार पड़ी हुई मिली हैं। गुरुवार को पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने स्वामी आत्मानंद स्कूल, अभनपुर में छापा मारकर दो कमरों में भरी हजारों किताबें बरामद कीं। उन्होंने इस पूरी घटना का वीडियो भी जारी किया है, जिसमें कमरों में भरी किताबों के ढेर देखे जा सकते हैं। जिसके बाद उन्होंने किताबों की छपाई और रद्दी में डंप करने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।


सिलयारी में पहले भी हुआ था खुलासा
यह पहला मामला नहीं है जब ऐसी लापरवाही सामने आई हो। इससे पहले पूर्व विधायक उपाध्याय ने सिलयारी की एक रियल पेपर मिल फैक्ट्री में छापा मारा था, जहां सरकारी किताबों को गलाकर पुनः कागज बनाया जा रहा था। यह किताबें इसी सत्र की थीं और बिल्कुल नई स्थिति में थीं। इसके बावजूद इन्हें कबाड़ बताकर फैक्ट्री में बेच दिया गया था। फैक्ट्री में किताबों का पहाड़नुमा ढेर लगा हुआ था, जो इन अनियमितताओं की गंभीरता को दर्शाता है।

फैक्ट्री के कर्मचारी हुए फरार
सिलयारी की घटना में फैक्ट्री कर्मचारियों से जब इन किताबों के स्रोत के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने दावा किया कि ये किताबें उन्हें कबाड़ से मिली हैं। हालांकि, विवाद बढ़ने पर फैक्ट्री के अधिकारी और कर्मचारी मौके से फरार हो गए। सरकारी विभागों से निकलने वाले रद्दी या कबाड़ की नीलामी के लिए एक प्रक्रिया होती है, जिसमें टेंडर जारी किया जाता है। इस मामले में भी पाठ्य पुस्तक निगम (पापुनि) से सवाल उठाए गए, लेकिन निगम के महाप्रबंधक प्रेम प्रकाश पांडेय ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

कांग्रेस सरकार से नहीं जुड़ा मामला: शैलेष नितीन त्रिवेदी


पूर्व पापुनि अध्यक्ष शैलेष नितीन त्रिवेदी ने स्पष्ट किया कि ये घटनाएं उनके कार्यकाल से नहीं जुड़ी हैं। उन्होंने बताया कि 2024-25 सत्र की किताबों की छपाई शुरू होने से पहले ही उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, और इसके बाद सभी प्रक्रियाएं नई सरकार के अंतर्गत हुई हैं।

किताबों की छपाई का फॉर्मूला
लोक शिक्षण संचालनालय हर वर्ष छात्रों की संख्या के आधार पर किताबों की छपाई के लिए आंकड़े पाठ्य पुस्तक निगम को भेजता है। क्योंकि छात्र प्रवेश जुलाई में होते हैं और किताबें पहले से तैयार की जाती हैं, इसलिए बीते सत्र के छात्रों की संख्या में 10 प्रतिशत की वृद्धि करके किताबों की छपाई की जाती है। यदि किताबें बच भी जाती हैं, तो उनकी संख्या 10-15 हजार से अधिक नहीं होती।

बढ़ती अनियमितताएं
छत्तीसगढ़ में लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने सरकारी किताबों के वितरण और निपटान प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस तरह की लापरवाही से सरकार के करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है और छात्रों को समय पर किताबें नहीं मिल पा रही हैं। अब देखना होगा कि इस मामले में सरकार और प्रशासन क्या कदम उठाते हैं।

 

 

 
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अबूझमाड़: घने जंगलों में सुरक्षा बलों की ऐतिहासिक जीत, तीन बड़े नक्सली ढे

अबूझमाड़। यह नाम सुनते ही घने जंगलों, कठिन पहाड़ियों और वहां छिपे खतरनाक नक्सलियों का ख्याल आता है। जहां आम इंसान का पहुंचना मुश्किल होता है, वहां सुरक्षा बलों ने एक बड़ा कारनामा कर दिखाया है। छत्तीसगढ़ का यह दुर्गम इलाका वर्षों से नक्सलियों का अड्डा बना हुआ था, पर अब हालात बदलने लगे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में चलाए गए "माड़ बचाओ" अभियान ने इस इलाके में शांति की एक नई उम्मीद जगाई है। सुरक्षा बलों ने सात दिनों तक चले एक लंबे और चुनौतीपूर्ण अभियान में न केवल नक्सलियों को करारा जवाब दिया, बल्कि उनके सबसे बड़े नेताओं में से तीन को भी खत्म कर दिया। 
 
यह मुठभेड़ 23 सितंबर 2024 को अबूझमाड़ के परादी के जंगलों में शुरू हुई, जब सुरक्षा बलों ने खुफिया जानकारी के आधार पर नक्सलियों के एक बड़े समूह को घेर लिया। सुरक्षा बलों ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए नक्सलियों से आत्मसमर्पण करने को कहा, परंतु नक्सलियों ने जवाब में गोलीबारी शुरू कर दी। इसके बाद, सुरक्षा बलों ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया और रुक-रुक कर चली मुठभेड़ में तीन कुख्यात नक्सली मारे गए। इनमें सबसे प्रमुख डीकेएसजेडसी के रूपेश थे, जिन पर ₹25 लाख का इनाम था। उनके साथ डीव्हीसीएम जगदीश और महिला नक्सली सरिता उर्फ बसंती भी मारे गए, जिन पर क्रमशः ₹16 लाख और ₹8 लाख का इनाम था।
 
सात दिन का संघर्ष और नक्सलियों का पतन
 
अबूझमाड़ में 124 घंटों तक चले इस सर्च ऑपरेशन में डीआरजी, एसटीएफ और बीएसएफ की टीमें शामिल थीं। यह अभियान नारायणपुर, कोण्डागांव और दंतेवाड़ा जिलों में एक साथ संचालित हुआ। मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद किए गए, जिनमें एके-47, इंसास, एसएलआर, और बीजीएल लॉन्चर जैसे अत्याधुनिक हथियार शामिल थे। 
 
मारे गए नक्सलियों में रूपेश सबसे खतरनाक था। उस पर 66 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे, जिनमें 2009 का मदनवाड़ा हमला भी शामिल था, जिसमें 29 जवान शहीद हुए थे। जगदीश, डीव्हीसीएम, पर 43 से ज्यादा मामले दर्ज थे, और सरिता नक्सली कंपनी नंबर 10 की प्रमुख सदस्य थी।
 
मुख्यमंत्री का नेतृत्व: सतत समीक्षा और विकास की दिशा
 
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का नेतृत्व नक्सल विरोधी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री स्वयं इन अभियानों की निरंतर समीक्षा कर रहे हैं, और हर कदम की बारीकी से निगरानी करते हैं। पुलिस अधिकारियों से समय-समय पर फीडबैक लेकर, साय ने यह सुनिश्चित किया है कि हर अभियान नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक साबित हो। उनका उद्देश्य स्पष्ट है—नक्सल प्रभावित इलाकों को आतंक से मुक्त कर, वहाँ शांति और सुरक्षा का वातावरण स्थापित करना। मुख्यमंत्री ने कहा, "हम अबूझमाड़ और अन्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को पूरी तरह से मुक्त करेंगे, ताकि वहाँ के लोगों को विकास और स्थिरता का अनुभव हो।"
 
मुख्यमंत्री साय का ध्यान केवल सुरक्षा अभियानों तक सीमित नहीं है। वह इन इलाकों में विकास कार्यों को भी अत्यधिक प्राथमिकता दे रहे हैं। सड़क निर्माण, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं को तेज़ी से लागू करने के लिए उन्होंने विशेष निर्देश दिए हैं।
 
केंद्रीय गृह मंत्री की मॉनिटरिंग
 
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लगातार छत्तीसगढ़ में चला जाए नक्सली अभियान और इन क्षेत्रों में हो रहे विकास कार्यों की रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री से ले रहे हैं। शाह ने कहा था कि नक्सलियों के पास अब दो ही रास्ते बचे हैं—या तो वे आत्मसमर्पण करें या सुरक्षा बलों की कार्रवाई का सामना करें। उनका यह बयान नक्सलियों को मुख्यधारा में लौटने और शांति की राह अपनाने के लिए प्रेरित करने वाला है, जिससे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास और सुरक्षा की दिशा में सकारात्मक बदलाव आ सके।
 
ग्रामीणों में उमंग और नक्सलियों की हार
 
अबूझमाड़ की इस ऐतिहासिक मुठभेड़ ने वहां के ग्रामीणों को एक नई आशा दी है। नक्सल आतंक के साए में जी रहे लोग अब अपनी आजादी और विकास की उम्मीद में जी रहे हैं। सुरक्षा बलों के इस साहसिक अभियान ने साबित कर दिया है कि नक्सलियों का अबूझमाड़ में अब टिक पाना असंभव है। 
 
पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुंदरराज पी. ने बताया कि इस वर्ष बस्तर क्षेत्र में 157 नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं, 663 को गिरफ्तार किया गया है, और 556 ने आत्मसमर्पण किया है। अबूझमाड़ में नक्सलियों की कमर टूट चुकी है और बहुत जल्द यह क्षेत्र पूरी तरह नक्सल मुक्त हो जाएगा।
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