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छत्तीसगढ़ सहकारी समितियों के कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में हुई बढ़ोत्तरी

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल पर प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के प्रबंधकों और कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त हो गई। मुख्यमंत्री श्री साय की पहल पर समिति कर्मचारियों की 6 वर्षों से लंबित वेतन वृद्धि की मांग को पंजीयक सहकारी संस्थाएं द्वारा 24 घंटे के भीतर पूर्ण करते हुए समिति कर्मचारियों के वेतन और भत्ते में 25 प्रतिशत की वृद्धि की गयी। इसके साथ ही अन्य 2 मांगों के संबंध में शासन स्तर पर अंतर्विभागीय समिति का गठन कर उचित कार्यवाही की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री साय के पहल पर वर्ष 2018 के बाद पहली बार सहकारी समितियों के लगभग 13 हजार कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में 25 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। 
 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कर्मचारियों की मांगों पर स्वयं संज्ञान लेकर इनके निराकरण के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये थे, इस संबंध में मुख्यमंत्री साय के समक्ष 10 नवम्बर को विभागीय अधिकारियों के साथ सहकारी समितियों के कर्मचारियों की मांगों  को लेकर सकारात्मक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों की मांगों के शीघ्र निराकरण के संबंध में निर्देश दिये।
 
समिति के कर्मचारियों के वेतन एवं भत्तों में 25 प्रतिशत की वृद्धि
मुख्यमंत्री के निर्देशों के परिपालन में आयुक्त सहकारिता विभाग द्वारा सहकारी समिति कर्मचारी सेवा नियम में संशोधन किये जाने के आदेश 11 नवम्बर 2024 को जारी कर दिये गए। इसमें समिति के कर्मचारियों के वेतन एवं भत्तों में 25 प्रतिशत की वृद्धि स्वीकृत कर दी गई है, जिसमें सभी कर्मचारियों में हर्ष एवं उल्लास व्याप्त है।
 
खाद्य विभाग द्वारा इस आशय का पत्र भी जारी कर दिया गया है कि धान उपार्जन समाप्त होने के एक माह के अंदर धान का उठाव राइस मिलर्स एवं विपणन संघ द्वारा किया जाएगा, यदि इसके पश्चात् भी उपार्जन केन्द्रों में धान शेष रहता है तो खाद्य विभाग द्वारा सहकारी समितियों को धान की सूखत दिये जाने संबंधी प्रस्ताव वित्त विभाग को प्रेषित किया जाएगा। 
कर्मचारियों की अन्य मांग के निराकरण के संबंध में खाद्य विभाग, वित्त विभाग, कृषि विभाग, सहकारिता विभाग एवं विपणन संघ को शामिल करते हुए एक अंर्तविभागीय समिति का गठन किया गया है, जो कर्मचारी संघ की मांग पर विचार कर निराकरण हेतु प्रस्ताव शासन को प्रेषित करेगी।
 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा संवेदनशीलता के साथ सहकारी समितियों के कर्मचारियों की मांगों के निराकरण करने पर कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया है।
 
कर्मचारी अपनी-अपनी समितियों में कार्य में वापस लौटे
सभी कर्मचारी अपनी-अपनी समितियों में कार्य में वापस आ गए हैं तथा 14 नवम्बर 2024 से प्रारंभ हो रही धान खरीदी की समुचित व्यवस्था में लग गए हैं। कर्मचारियों द्वारा यह भी आश्वस्त किया गया है कि किसानों को धान उपार्जन के दौरान किसी प्रकार की कोई कठिनाई नही होगी। धान उपार्जन केन्द्रों में सभी आवश्यक तैयारी 13 नवम्बर 2024 तक पूर्ण कर ली जाएगी।
 
आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं श्री कुलदीप शर्मा द्वारा पूरी पारदर्शिता के साथ धान उपार्जन सुगमतापूर्वक किये जाने के निर्देश सभी विभागीय कर्मचारियों-अधिकारियों को दिये गये हैं। धान उपार्जन के दौरान उपार्जन केन्द्रों का सतत् निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण के निर्देश भी उन्होंने अधिकारियों को दिये हैं।
 
छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी संघ द्वारा 4 नवम्बर 2024 से की जा रही  हड़ताल आज समाप्त घोषित कर दी गई है। छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष नरेन्द्र साहू ने समिति कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त घोषित करते हुए कहा है कि समस्त समिति कर्मचारी शासन की समस्त योजनाओं का समिति स्तर से क्रियान्वयन किए जाने हेतु प्रतिबद्ध हैं। कर्मचारी महासंघ द्वारा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, सहकारिता मंत्रीकेदार कश्यप, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, खाद्य विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री बसव राजू एस., सचिव सहकारिता डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, आयुक्त एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं छत्तीसगढ़ कुलदीप शर्मा, प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक के.एन काण्डेय सहित अन्य अधिकारियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया गया है।
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जनजातीय गौरव पदयात्रा को लेकर जबरदस्त उत्साह

जनजातीय युवाओं को जनजातीय संस्कृति से परिचित कराते हुए युवाओं को जागरूक करने एवं उनमें आत्मविश्वास बढ़ाने हेतु भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर 13 नवम्बर को जनजातीय गौरव यात्रा 'माटी के वीर पदयात्रा' का आयोजन किया गया है। इस पदयात्रा में केंद्रीय युवा कार्यक्रम, खेल, श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ 10 हज़ार से अधिक माई भारत यूथ वालंटियर्स पदयात्रा करेंगे। पदयात्रा 13 नवंबर को  सवेरे 10 बजे से शुरू होगी। 
           इस पदयात्रा के लिए पूरे जशपुर जिले में तैयारियां तीव्र गति से की जा रहीं हैं। इस पदयात्रा में पूरे संभाग की जनजातीय संस्कृति, नृत्यों, आभूषण, व्यंजन एवं परम्पराओं का प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें पुरनानगर पेट्रोल पंप के निकट बस्तर के आये गौर सिंग नाचा दल द्वारा स्वागत के साथ संभाग के सभी जिलों के हस्तशिल्प से बने आभूषणों का प्रदर्शन किया जाएगा। जिसमें जशपुर के बांस के पीढ़ा, छिन्द की चटाई, छोपी माहुल पत्ती की टोपी, छिन्द एवं कांसा की टोकरी, खोमरा (गुंगु), अम्बिकापुर की काष्टकला, बांसशिल्प कला, गोदना कला, सूरजपुर की बांस कला, बलरामपुर की वाद्ययंत्र, देवगुड़ी, जनजातीय आभूषण, मनेन्द्रगढ़ कोरिया की लकड़ी की बनी वस्तुओं का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ ही सभी जिलों के बने जनजातीय व्यंजनों का भी प्रदर्शन होगा।
             बालाछापर में पदयात्रा का स्वागत मुंडा नृत्य द्वारा किया जाएगा। वहीं गम्हरिया स्थित काष्ठागार के समीप काष्ठ कला के लाइव प्रदर्शन के साथ माई भारत कियोस्क पंजीयन, एवं जनजातीय खेलों का आयोजन होगा। इसके साथ ही करमा नृत्य द्वारा पदयात्रा का स्वागत किया जाएगा। गम्हरिया में दिया, खप्पर  एवं हवनकुंड के निर्माण का प्रदर्शन किया जाएगा। अघोर पीठ के निकट गहिरा गुरु के भक्तों द्वारा गहिरा भजनों का पाठ किया जाएगा। इसके साथ ही मुंडारी नृत्य दल द्वारा नृत्य करते हुए पदयात्रा की अगुवाई की जाएगी। रंगोली ढाबा के निकट जनजातीय दलों द्वारा जयद्रा नाचा एवं करमा नृत्य के अतिरिक्त सरगुजा संभाग में रहने वाली विशेष पिछड़ी जनजातीय समुदाय पहाड़ी कोरवा, बिरहोर, पंडों एवं बैगा जनजाति के लोगों के द्वारा अपनी पारम्परिक वेशभूषा एवं संस्कृति का प्रदर्शन किया जाएगा। 
             डोड़काचौरा बस्ती में कोरिया जिले के दल द्वारा शैला नृत्य एवं करमा नृत्य करते हुए पदयात्रा की अगुवाई करते हुए छिन्द की टोकरी, बांस की कलाकृति बनाने की जनजातीय कला का प्रदर्शन किया जाएगा। बांकी नदी पर स्थित पुल पर अम्बिकापुर के शैला नृत्य दल द्वारा पदयात्रा की अगुवाई करते हुए जनजातीय खेलों जैसे कबड्डी एवं खोखो का प्रदर्शन किया जाएगा। जैन मंदिर के समीप महादेवनाचा करते हुए बगीचा के दल के द्वारा पदयात्रा की अगुवाई की जाएगी जहां बांस की कलाकृति निर्माण के प्रदर्शन के साथ शास्त्रीय भजन संगीत का प्रदर्शन किया जाएगा। 
            बिरसा मुंडा चौक पर भगवान बिरसा मुंडा को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उनकी जीवन पर प्रकाश डालती आकर्षक प्रदर्शनी के साथ बगीचा के दल द्वारा मुण्डारी नृत्य द्वारा पदयात्रा का स्वागत किया जाएगा। महाराजा चौक पर करमा नृत्य एवं गुदुम बाजा के साथ सिहार पताई की टोपी निर्माण का प्रदर्शन किया जाएगा। ऐतिहासिक काली मंदिर एवं बालाजी मंदिर के निकट कैशव रामायण मण्डली के द्वारा रामायण पाठ द्वारा लोगों को अभिभूत किया जायेगा। वहीं जनजातीय दलों द्वारा अगरबत्ती एवं फूल माला निर्माण का प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं बाला साहब देशपाण्डे उद्यान के निकट सूरजपुर के बायर नाचा दल द्वारा एवं अम्बेडकर चौक में मनेंद्रगढ़ के सुआ दल द्वारा पदयात्रा की अगुवाई की जाएगी। कुमार दिलीप सिंह जूदेव की प्रतिमा के पास नगाड़ा बाजा के साथ नारायणपुर जिले के नृत्य दल द्वारा ककसार नृत्य का प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं रणजीता स्टेडियम में जनजातीय समाज के युवाओं एवं माई भारत युवा स्वयंसेवकों को संबोधित किया जाएगा।
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करैत के डसने से मरणासन्न मासूम को मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में मिला नया जीवन

तीन तस्वीरों से समझा जा सकता है कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार के प्रयास कैसे लोगों के जीवन में संजीवनी का काम कर रहे हैं। यह तस्वीर 3 साल के मासूम मानविक की है, जिसे जहरीले करैत सांप ने डस लिया था। मरणासन्न हालत में उसे मेडिकल कॉलेज रायगढ़ में इलाज के लिए जब भर्ती कराया गया तो सांप का जहर पूरे शरीर में फैल चुका था उसकी स्थिति काफी गंभीर हो चुकी थी। शरीर में लकवे का असर दिख रहा था और सांस लेने में भी तकलीफ हो रही थी। शुरुआती 40 से 42 घंटे तक वह पूरी तरह से होश में नहीं आया था और उसे वेंटीलेटर में रखना पड़ा था। मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल रायगढ़ के डॉक्टरों ने एक हफ्ते तक गहन इलाज कर उसकी जान बचाई और नया जीवनदान दिया। 
 
करैत भारत में पाए जाने वाले सर्वाधिक जहरीले सांपों में से एक है। इसका जहर न्यूरोटॉक्सिक होता है। जिससे नर्वस सिस्टम पर असर पड़ता है। सही समय पर इलाज न मिले तो जान बचने की गुंजाइश कम होती है। ऐसे में एक छोटे मासूम बच्चे की रायगढ़ मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में मिले उचित इलाज से जान बचाई जा सकी।  
    
रायगढ़ के खरसिया ब्लॉक के औरदा गांव के निवासी तुलेश्वर चौहान के 3 साल के बेटे मानविक चौहान को सोते समय घर में सुबह पांच बजे के करीब जहरीले करैत सांप ने दाहिने हाथ की उंगली में काट लिया। परिजन बच्चे को सिविल अस्पताल खरसिया लेकर गए। वहां चिकित्सकों द्वारा प्राथमिक उपचार कर बच्चे को बेहतर ईलाज के लिए संत बाबा गुरु घासीदास जी स्मृति शासकीय चिकित्सालय रायगढ़ में रेफर कर दिया गया। बच्चे को सुबह लगभग 8 बजे के आसपास संत बाबा गुरु घासीदास जी स्मृति शासकीय चिकित्सालय रायगढ़ के आपातकालीन विभाग में अत्यंत गंभीर स्थिति में भर्ती कराया गया। बच्चे के शरीर में सॉप का जहर फैल चुका था, बच्चे की आँखों की दोनों पलकों में लकवा मार चुका था, सांस लेने में तकलीफ हो रही थी, मुँह से झाग आ रहा था, बच्चे के हाथ-पैर ठंडे पड़ गए थे एवं नाड़ी भी कमजोर हो रही थी। बच्चे को आपातकालीन विभाग में ही बाल्य एवं शिशुरोग विभाग के आपातकालीन ड्युटी में उपस्थित डाक्टरों द्वारा त्वरित ईलाज प्रारंभ   कर चिकित्सकों की आपातकालीन टीम द्वारा आई.सी.यू. वार्ड में शिफ्ट किया गया।  गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉ.एल. के. सोनी, विभागाध्यक्ष बाल्य एवं शिशुरोग के नेतृत्व में डॉक्टरों और स्टॉफ नर्सों की टीम के अथक प्रयासों से बच्चे के स्वास्थ्य में सुधार आना शुरू हुआ। बच्चे के शरीर में सांप के जहर का असर कम होने के उपरांत बच्चे को 3 दिवस पश्चात वेंटीलेटर से बाहर निकाला गया। वेंटीलेटर से बाहर निकलने के पश्चात् बच्चे के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हुआ। एक हफ्ते तक चले गहन इलाज से बच्चे के स्वास्थ्य में पूर्ण सुधार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दिया गया।
 
परिजनों ने कहा मेडिकल कॉलेज के इलाज से लौटी बच्चे की मुस्कुराहट
 
किसी भी माता पिता के लिए अपने बच्चे को जिंदगी और मौत से लड़ते देखना बहुत हृदयविदारक होता है। नन्हा मानविक अपने माता पिता की इकलौती संतान है। करैत के डसने से उसकी हालत इतनी खराब हो चुकी थी कि शुरुआती 40 से 42 घंटे तक वह पूरी तरह से होश में नहीं था। लेकिन मेडिकल कॉलेज में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की टीम के साथ सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होने से उसका बेहतर इलाज संभव हुआ। पिता तुलेश्वर चौहान कहते हैं कि डॉक्टरों के प्रयासों से उसके बच्चे की मुस्कान वापस लौट आई।
 
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए राज्य सरकार बेहद संवेदनशील है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए स्वास्थ्य बजट को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। स्वस्थ छत्तीसगढ़ के लिए यह जरूरी है कि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था कुशल चिकित्सकों के हाथों में रहे। लेकिन आज से 24 वर्ष पहले छत्तीसगढ़ में सिर्फ एक शासकीय मेडिकल कालेज था जिसमें मात्र 100 एमबीबीएस की सीटें थीं। बीते 24 वर्षों में राज्य में शासकीय मेडिकल कालेजों की संख्या 1 से बढ़कर 10 हो गयी है और एमबीबीएस की सीटें भी बढ़कर 1460 हो गयी हैं। शासकीय  मेडिकल कालेजों में 291 स्नातकोत्तर की सीटें भी बढ़ी हैं जिससे राज्य को विशेषज्ञ चिकित्सक मिल रहे हैं। 
 
वो छत्तीसगढ़ जो 1 नवंबर 2000 को जन्म लेते समय बीमारू राज्य का दर्जा रखता था वो आज बीते जमाने की बात हो गयी है। वर्तमान में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार ये बात भली भांति समझती है कि भारत की तर्ज पर छत्तीसगढ़ को भी वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनाना है तो स्वास्थ्य ही वो पहली कड़ी है जो राज्य को सक्षम और समृद्ध बनाएगा। खुशी की बात ये है कि राज्य की वर्तमान सरकार इस पर लगातार प्रयास कर रही है और इसके बेहतर परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं।
 
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल  स्वास्थ्य सेवाओं को सजग रूप से आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। राज्य स्तर पर डीकेएस और मेकाहारा जैसे अस्पताल अत्याधुनिक तकनीकों से लैस हो रहे हैं तो वहीं संभाग स्तर पर सुपर स्पेशिलिटी अस्पतालों का कार्य निरंतर जारी है। इसी तरह से जिले और ब्लाक स्तर पर आयुष्मान आरोग्य मंदिर राज्य के लोगों की सेहत का विशेष ध्यान रख रहे हैं।
 
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जनजातीय गौरव दिवस पर प्रस्तुति देने अरूणाचल प्रदेश, उत्तराखण्ड, तेलंगाना, राजस्थान और सिक्किम के आदिवासी नर्तक दल रायपुर पहुँचे

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में 14 एवं 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती जनजातीय गौरव दिवस पर राज्य स्तरीय भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। दो दिवसीय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सहित 17 राज्यों के आदिवासी नर्तक दल मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे।
 
जनजातीय गौरव दिवस पर अपने नृत्य की प्रस्तुति देने नर्तक दलों छत्तीसगढ़ पहुंच रहे हैं। आज अरूणाचल प्रदेश, उत्तराखण्ड, तेलंगाना, राजस्थान और सिक्किम के आदिवासी नर्तक दल रायपुर पहुंच चुके हैं। 
 
अरूणाचल प्रदेश के नर्तक दल आदिलोक नृत्य नाटिका, उत्तराखंड के नर्तक दल झींझी, होली, हन्ना और दिया नृत्य, तेलंगाना के नर्तक दल माथुरी जनजाति नृत्य, राजस्थान के नर्तक दल वालर गरासिया गैर नृत्य और सिक्किम के नृतक दल सुब्बा लोक नृत्य नाटिका की प्रस्तुति देंगे।
 
उल्लेखनीय है कि 14 नवंबर एवं 15 नवंबर को साइंस कॉलेज मैदान में संध्या 3 बजे से अंतर्राज्यीय लोक नर्तक दलों के सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति के साथ-साथ जनजातीय गौरव से संबंधित विषयों पर संगोष्ठी का आयोजन तथा जनजातीय जीवन शैली पर चित्रकला का प्रदर्शन भी होगा।
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रायपुर नगर (दक्षिण) के मतदाता अधिकारियों-कर्मचारियों को मतदान के लिए 13 नवम्बर को मिलेगा सवैतनिक अवकाश

रायपुर नगर (दक्षिण) विधानसभा उप-निर्वाचन के लिए 13 नवम्बर को होने वाले मतदान हेतु विधानसभा क्षेत्र के मतदाता अधिकारियों-कर्मचारियों को मतदान के लिए सवैतनिक अवकाश मिलेगा। रायपुर के कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. गौरव कुमार सिंह ने इस संबंध में निर्देशित करते हुए जिले के सभी विभागों के कार्यालय प्रमुखों को परिपत्र जारी किया है। उन्होंने परिपत्र के माध्यम से रायपुर जिले के सभी शासकीय/अर्द्धशासकीय/अशासकीय कार्यालयों में कार्यरत ऐसे अधिकारी-कर्मचारी जो रायपुर नगर (दक्षिण) विधानसभा क्षेत्र के मतदाता हैं, को मतदान के दिन मतदान करने के लिए सवैतनिक अवकाश प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। 


राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा मतदान तिथि 13 नवम्बर को निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत स्थित कार्यालयों मे मतदान हेतु सार्वजनिक/सामान्य अवकाश घोषित किया गया है। चूँकि रायपुर शहर में अधिकांश कार्यालय रायपुर नगर (दक्षिण) विधानसभा क्षेत्र के परिसीमन क्षेत्र के बाहर अन्य स्थानों पर स्थित हैं, जहां क्षेत्र के मतदाता भी कार्य करते हैं। इसे दृष्टिगत रखते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी ने मतदान दिवस के दिन  रायपुर नगर (दक्षिण) विधानसभा क्षेत्र के मतदाता अधिकारियों-कर्मचारियों को मतदान के लिए सवैतनिक अवकाश प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।
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रायपुर दक्षिण विधानसभा कांग्रेसियों के लिए पर्यटन स्थल बन गया है - बृजमोहन अग्रवाल, सांसद रायपुर

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने रविवार को भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि रायपुर दक्षिण विधानसभा कांग्रेस पार्टी के लिए एक पर्यंटन स्थल बन गया है हर 5 साल में कांग्रेस पार्टी रायपुर दक्षिण विधानसभा एक बार घूमने के लिए आती है। कांग्रेस ने मेरे खिलाफ आठ बार नए प्रत्याशी उतारे। कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी चुनाव लड़ने के लिए ही दक्षिण विधानसभा में आते हैं। उसके बाद उनका कोई पता ठिकाना नहीं होता है। कांग्रेस नेता चाहे कांग्रेस प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट हो या फिर भूपेश बघेल, टी.एस. सिंहदेव, दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत सभी हर पांचवे साल रायपुर दक्षिण में पर्यटन करने आते है। फिर उसे भूल जाते हैं ऐसे लोगों को दक्षिण की विधानसभा की जनता क्यों स्वीकार करेगी और क्यों वोट देगी। कांग्रेस प्रत्याशी को रायपुर दक्षिण की एक प्रतिशत जनता जानती नहीं है। उन्होंने कहा कि सुनील सोनी पार्षद, मेयर, आरडीए अध्यक्ष, सांसद रहे है। उनके कार्यों से ही रायपुर शहर का ऐसा स्वरूप दिखाई देता है। 

बृजमोहन अग्रवाल ने कहा दक्षिण विधानसभा की जनता पूरी तरह आश्वस्त है कि दक्षिण विधानसभा का विकास भारतीय जनता पार्टी ही कर सकती है। उन्होंने कहा कि तीन बार मुझे विपक्ष में रहते हुए भी रायपुर दक्षिण की जनता ने जिताया है और इस बार भी जानता बीजेपी को ही जिताएगी। कांग्रेस को जवाब देना चाहिए पिछली बार महंत रामसुंदर दास को जबर्दस्ती रायपुर दक्षिण से प्रत्याशी क्यों बनाया? महंत रामसुन्दर दास जी ने कांग्रेस पार्टी क्यों छोड़ी? कांग्रेस ने उनके साथ क्या व्यवहार किया उनका अपमान क्यों किया जरा इस बात को कांग्रेस पार्टी को बताना चाहिए। कांग्रेस पार्टी को बताना चाहिए कि 5 वर्ष तक निगम की सत्ता संभालने वाले कांग्रेसी महापौर चुनाव प्रचार में क्यों नहीं दिख रहे हैं?  उन्होंन कहा कि भाजपा के 24 वर्ष के कार्यकाल में रायपुर दक्षिण में 5 हजार करोड़ रुपए के विकास कार्य हुए है। हर तरफ सड़क, पानी, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं का जाल बिछा है।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि महिलाओं को महतारी वंदन के तहत प्रतिमाह 1000 रुपए की राशि दी जा रही है। दक्षिण की जनता जो खेती बाड़ी से जुड़े है उनका 21 क्विंटल धान प्रतिएकड़ और 3100 रुपए में सरकार खरीद रही है। 5 साल से प्रधानमंत्री आवास बंद थे वह फिर से प्रारंभ हो गए हैं। भाजपा को गिनाने के लिए व्यक्ति मूलक कई काम है कांग्रेस एक भी योजना बताएं  कि 5 साल में उन्होंने क्या किया उन्होंने कहा कि जिनका प्लेन राजस्थान में ही उड़ान नहीं भर पाया उस कांग्रेस पार्टी को इस बात को उम्मीद छोड़ देनी चाहिए कि उनका प्लेन टेक ऑफ हो पाएगा। आज रायपुर शहर बड़ा व्यापारिक एवं औद्योगिक केंद्र है। राजधानी है रायपुर की जनता बलौदा बाजार एवं सूरजपुर की घटना को देखने के बाद कभी भी ऐसा नहीं चाहेगी रायपुर शहर को अशांत करने वाले लोगों को वोट दिया जाए। हमारे जो प्रत्याशी है उनके 40 साल के राजनीतिक जीवन में कभी कोई दाग नहीं लगा है। उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई है सरल सीधा शांत मिलनसार ऐसे एक भी व्यक्ति की शिकायत नहीं हो सकती। दक्षिण विधानसभा को जनता ने भाजपा का किला बनाया हुआ है और पिछले 36 सालों से जानता ही उसके किले की रक्षा कर रही है। इसके लिए भारतीय जनता पार्टी, कमल फूल और सुनील सोनी जी को वोट देगी।

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं रायपुर दक्षिण विधानसभा चुनाव संयोजक शिवरतन शर्मा ने कहा कि 2023 के चुनाव में हमारा स्लोगन था हमने बनाया है हम ही संभारेंगे और भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता गर्व के साथ यह कहता है कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण से लेकर छत्तीसगढ़ के विकास और हितग्राही मूलक योजना चलाने का काम भाजपा सरकार में ही किया। भाजपा ने सुनील सोनी जैसे स्वच्छ छवि और ईमानदार प्रत्याशी मैदान में उतारा है। छात्र राजनीति से लेकर अब तक कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने वाले श्री सोनी का अब तक का राजनैतिक जीवन निष्कलंक रहा है। पार्षद से लेकर सांसद की भूमिका उन्होंने एक निष्ठावान कार्यकर्ता और कर्तव्यनिष्ठ नागरिक बनकर निभाई है। आज छत्तीसगढ़ के साथ-साथ जो राजधानी का विकास दिखता है उसे विकास का श्रेय है पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह, बृजमोहन अग्रवाल, राजेश मूणत और मेयर के रूप में काम करते हुए सुनील सोनी को जाता है। रायपुर में पेयजल की समस्या के निदान के लिए 33 टंकियां का एक साथ निर्माण, घर-घर पानी पहुंचाना, गौरव पथ निर्माण, कैनल रोड निर्माण सभी काम सुनील सोनी के कार्यकाल एवं सांसद के रूप में हुआ। 

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष शिवरतन शर्मा ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ की 100 प्रतिशत परिवार को भारतीय जनता पार्टी की सरकार की किसी न किसी योजना का लाभ मिल रहा है। प्रदेश की 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन का लाभ मिल रहा है। अकेले दक्षिण विधानसभा में हमारी 80,000 माता और बहनों को महतारी वंदन योजना का लाभ मिल रहा है। प्रधानमंत्री आवास नरेंद्र मोदी जी ने शुरू किया जिसे प्रदेश में 5 साल तक भूपेश बघेल सरकार के चलते पूरे प्रदेश में रुका रहा।  ग्रामीण क्षेत्रों में 6 लाख प्रधानमंत्री आवास बनाने की स्वीकृति हो गई है। शहरी क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार पट्टा वितरण करने वाली है और जिनको पट्टा मिलेगा उनका प्रधानमंत्री आवास भी स्वीकृति करने वाली है। लगभग 33 लाख परिवार को उज्जवला योजना का लाभ मिल चुका और आने वाले समय में 500 में रिफिलिंग की सुविधा भारतीय जनता पार्टी की सरकार देने वाली है।  

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष शिवरतन शर्मा ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ में जितने अपराध घटित हो रहे हैं उसमें युवक कांग्रेस और एनएसयूआई के पदाधिकारी की संलिप्त पाई जा रही है। चाहे सूरजपुर की घटना के आरोपी कुलदीप किस पार्टी से जुड़ा था? दामाखेड़ा के कबीर आश्रम की घटना का आरोपी अपराधी किस पार्टी से जुड़ा था? आज ही समाचार पत्र में छपा है कि शराब पी के गाड़ी चलाते हुए एक को एक्सीडेंट करने का कांग्रेस ने अपने पद से हटाया। कांग्रेस के संरक्षण में छत्तीसगढ़ अपराध बना। उन्होंने कहा कि किस आधार पर कांग्रेसी वोट मांग रहे है। भूपेश बघेल, दीपक बैज, चरण दास महंत को जवाब देना चाहिए कि कांग्रेस ने 5 साल में ऐसा क्या किया जिस भरोसे वोट मांग रहे हैं। रयपुर दक्षिण के चुनाव में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मंत्रीगण, विधायकगण और भाजपा संगठन के सभी पदाधिकारी बृजमोहन अग्रवाल के नेतृत्व में सब सक्रियता के साथ लगे हुए हैं और विश्वास है कि जैसे बृजमोहन अग्रवाल जी ने 2023 के विधानसभा चुनाव में रिकॉर्ड तोड़ा था इस चुनाव में उसे रिकॉर्ड को तोड़कर हम आगे बढ़ेंगे। 

इस दौरान पत्रकारवार्ता में विधायक गजेन्द्र यादव, रोहित साहू, सुशांत शुक्ला, ईश्वर साहू, प्रदेश मीडिया सह प्रभारी अनुराग अग्रवाल, प्रदेश प्रवक्ता केदारनाथ गुप्ता, अवधेश जैन मौजूद रहे।
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पीएम जनमन योजना के तहत कमार जनजाति के लोग हुए शासन की योजनाओं से लाभान्वित

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में राज्य में प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों को शासन की योजनाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है। इसी कड़ी में बलौदाबाजार जिले के ग्राम बल्दाकछार एवं अवरई में रहने वाले विशेष पिछडी जनजाति कमार के शतप्रतिशत लोगों को प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत शासन की योजनाओं से लाभान्वित किया गया है। योजना के तहत अब तक 11 योजनाओं में शतप्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। बल्दाकच्छार में 39 और अवरई में 11 विशेष पिछडी जनजाति कमार परिवार रहते हैं जिनकी  कुल जनसंख्या लगभग 193 है।अब दोनों ही गांव के कमार जनजाति के सभी लोगों का आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड व जाति प्रणाम पत्र बन गया है । महिलाओं के जनधन बैंक खाते खुल गए हैं। पात्रतानुसार किसान क्रेडिट कार्ड, राशन कार्ड, पीएम किसान सम्मान निधि एवं पीएम मातृत्व वंदन योजना का लाभ मिला है। सभी की सिकल सेल जांच एवं सभी घरों में विद्युतीकरण  हो गया है। इसके साथ ही 2 मोबाइल मेडिकल यूनिट की भी सुविधा विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों को प्रदान की गयी है।


15 नवम्बर 2023 से शुरू हुए प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत विशेष पिछडी जनजाति कमार बाहुल्य ग्राम बल्दाकछार और अवरई में संतृप्तिकरण अभियान शुरू किया गया। इसमें योजना से छूटे हुए लोगों का चिन्हांकन उपरांत उन्हें लाभान्वित करने पर जोर दिया गया और एक वर्ष के अन्दर ही 11 योजनाओं से शतप्रतिशत लोगों को लाभान्वित किया गया। 

गौरतलब है कि पीएम जनमन योजना का मूल उद्देश्य कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी), परिवारों और बस्तियों तक बुनियादी सुविधाओं और सेवाओं को पहुंचाकर उनकी सामाजिक, आर्थिक स्थितियों में सुधार करना है। पीएम जनमन योजना अंतर्गत कमजोर जनजाति समूहों के बसाहटों में विभिन्न विभागों के समन्वय से पेयजल, आवास, सड़क, आंगनबाड़ी के माध्यम से पोषण, आजीविका संवर्धन हेतु कौशल विकास जैसे महत्वपूर्ण गतिविधियों का क्रियान्वयन किया जा रहा है।
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छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य के क्षेत्र में वरदान साबित हो रहे हैं आयुष्मान आरोग्य मंदिर

आयुष्मान आरोग्य मंदिर में 12 सेवाओं का आयुष पद्धति के माध्यम से हो रहा है क्रियान्वयन


छत्तीसगढ़ में कुल 400 आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित

आयुष्मान आरोग्य मंदिर में सालाना लगभग सवा करोड़ मरीजों की ओपीडी

 
छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए राज्य सरकार बेहद संवेदनशील है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए स्वास्थ्य बजट को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। 

प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल  स्वास्थ्य सेवाओं को सजग रूप से आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। राज्य स्तर पर डीकेएस और मेकाहारा जैसे अस्पताल अत्याधुनिक तकनीकों से लैस हो रहे हैं तो वहीं संभाग स्तर पर सुपर स्पेशिलिटी अस्पतालों का कार्य निरंतर जारी है। इसी तरह से जिले और ब्लाक स्तर पर आयुष्मान आरोग्य मंदिर राज्य के लोगों की सेहत का विशेष ध्यान रख रहे हैं।

छत्तीसगढ़ में वर्तमान में कुल 400 आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हैं। ये आयुष्मान आरोग्य मंदिर आयुर्वेद के मूलभूत सिद्धांतों की सामान्य जानकारी एवं रोगों के घरेलू उपचार तथा औषधियों की जानकारी प्रदान करने में बेहद मददगार साबित हो रहे हैं । इसके अंतर्गत संपूर्ण 12 सेवाओं का आयुष पद्धति के माध्यम से क्रियान्वयन किया जा रहा है जिससे मरीजो को लगातार लाभ मिल रहा है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर में योग प्रशिक्षकों के माध्यम से जनसामान्य को दैनिक योगाभ्यास हेतु प्रेरणा एवं प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है ताकि मरीज शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से स्वस्थ रहें।

आयुष्मान आरोग्य मंदिर में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) द्वारा निरंतर मरीजों का इलाज किया जा रहा है एवं उनकी देखभाल की जा रही है। राज्य सरकार की इस पहल से लोगों को लगातार लाभ भी मिल रहा है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर में सालाना 1 करोड़ 38 लाख ओपीडी और मासिक 3 लाख एनसीडी मरीजों का इलाज हो रहा है जो अपनी सफलता की कहानी स्वयं बयां करता है।

आयुष्मान आरोग्य मंदिर में प्रदान की जाने वाली मुख्य 12 स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत गर्भावस्था एवं प्रसव के दौरान देखभाल, नवजात एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं, बाल एवं किशोर स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं, परिवार नियोजन गर्भनिरोधक सेवाएं और अन्य प्रजनन स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम सहित संचारी रोगों का प्रबंधन, सामान्य संचारी रोगों का प्रबंधन तथा तीव्र साधारण बीमारियों और छोटी बीमारियों के लिए बाह्य रोगी देखभाल शामिल हैं। इसी तरह से गैर संचारी रोगों की जांच, रोकथाम, नियंत्रण और प्रबंधन, सामान्य नेत्र और ईएनटी समस्याओं की देखभाल, बुनियादी मौखिक स्वास्थ्य देखभाल, वृद्धजन एवं उपशामक स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं, आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं तथा  मानसिक स्वास्थ्य बीमारियों की जांच और बुनियादी प्रबंधन जैसी सेवाएं भी शामिल हैं।
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मतदाताओं को भ्रमित करने वाले विज्ञापनों पर होगी रोक

 भारत निर्वाचन आयोग द्वारा रायपुर नगर (दक्षिण) विधानसभा उप-निर्वाचन के लिए इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के साथ ही प्रिंट मीडिया में भ्रामक प्रकृति के विज्ञापनों के प्रकाशन को रोकने के संबंध में व्यापक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत उप-निर्वाचन के लिए मतदान तिथि 13 नवम्बर तथा उसके एक दिन पूर्व प्रिंट मीडिया में प्रकाशित होने वाले राजनीतिक विज्ञापनों का पूर्वप्रमाणीकरण आवश्यक है। 

 
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने भारत निर्वाचन आयोग द्वारा इस संबंध में जारी परिपत्र की जानकारी देते हुए बताया कि मतदान दिवस और उसके एक दिन पूर्व प्रिंट मीडिया में प्रकाशित होने वाले विज्ञापनों के लिए यह अनिवार्य होगा। आयोग के निर्देशानुसार मतदान दिवस और उसके एक दिन पूर्व प्रिंट मीडिया में राजनीतिक विज्ञापनों के प्रकाशन के पूर्व जिला अथवा राज्य स्तरीय मीडिया प्रमाणन समिति से विज्ञापनों का पूर्व प्रमाणन अनिवार्य किया गया है। इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग ने राज्य स्तरीय तथा जिला स्तरीय मीडिया प्रमाणन समिति को प्रमाणन हेतु प्राप्त आवेदन पर त्वरित निर्णय लेने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि आवेदनकर्ताओं द्वारा ऐसे विज्ञापन के प्रस्तावित प्रकाशन दिनांक से कम से कम दो दिवस पूर्व मीडिया प्रमाणन समिति को आवेदन प्रस्तुत किए जाने चाहिए।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती कंगाले ने बताया कि मतदान दिवस के पूर्व एवं मतदान तिथि को प्रिंट मीडिया में भ्रामक प्रकृति के विज्ञापनों के प्रकाशन के बाद वे दल अथवा प्रत्याशी जो इससे प्रभावित होते हैं, उनके पास किसी भी प्रकार की सफाई अथवा खंडन का अवसर नहीं होता। ऐसे में स्वतंत्र, पारदर्शी और निष्पक्ष निर्वाचन के लिए मतदान दिवस के एक दिन पहले और मतदान तिथि को प्रिंट मीडिया में  राजनीतिक विज्ञापनों के प्रकाशन के पूर्व विज्ञापनों का पूर्वप्रमाणन आवश्यक है।
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डॉ. मनसुख मांडविया छत्तीसगढ़ में जनजातीय गौरव दिवस समारोह के भाग के रूप में पदयात्रा करेंगे

भगवान बिरसा मुंडा की विरासत और राष्ट्र निर्माण में आदिवासी समुदायों के योगदान का उत्सव मनाने के लिए पदयात्रा


10,000 से अधिक माई भारत यूथ वालंटियर्स भगवान बिरसा मुंडा के सम्मान में पदयात्रा में शामिल होंगे

केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया 13 नवंबर 2024 को छत्तीसगढ़ के जशपुर में जनजातीय गौरव दिवस पर माई भारत यूथ वालंटियर्स के साथ पदयात्रा करेंगे। इस पदयात्रा में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के साथ राज्य के अन्य मंत्री भी शामिल होंगे। यह कार्यक्रम भगवान बिरसा मुंडा की जन्म जयंती के उपलक्ष्य में उनकी विरासत और देश के विकास में आदिवासी समुदायों के महत्वपूर्ण योगदान के सम्मान में मनाया जाएगा।

इस विशेष कार्यक्रम में आदिवासी विरासत को याद करने, समावेशिता को बढ़ावा देने और आदिवासी समुदायों को लाभ पहुंचाने वाली सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 10,000 से अधिक माई भारत यूथ वालंटियर्स भाग लेंगे। ये वालंटियर्स आदिवासी संस्कृति, विरासत और विरासत की रक्षा और संरक्षण की भावना को बढ़ावा देंगे।

पदयात्रा कोमड़ो गांव से शुरू होगी और लगभग 7 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए रणजीत स्टेडियम में समाप्त होगी। यह पदयात्रा युवाओं, आदिवासी नेताओं और समुदाय के सदस्यों को आदिवासी विरासत और भावना के जीवंत उत्सव में एकजुट करेगी।

इस कार्यक्रम की शुरुआत भारत की स्वतंत्रता में आदिवासी नेताओं के योगदान को दर्शाने वाले सांस्कृतिक अभिनय और आदिवासी विरासत की प्रचुरता को दर्शाने वाले नृत्यों से होगी। इस पदयात्रा की शुरुआत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की ‘एक पेड़ माँ के नाम’ पहल के अनुरूप वृक्षारोपण से होगी।

इस पदयात्रा के दौरान, एक प्रदर्शनी स्थल पर ऐतिहासिक आदिवासी आंदोलनों, आदिवासी नायकों को श्रद्धांजलि और भारत के आदिवासी समुदायों की अनूठी कलात्मकता और शिल्प कौशल का प्रदर्शन किया जाएगा। इस पदयात्रा के मार्ग के ठहराव स्थलों पर आदिवासी संस्कृति, सुंदर रंगोली कलाकृतियां, पेंटिंग और पारंपरिक आदिवासी कला का उत्सव मनाने वाले नाटकों का प्रदर्शन किया जाएगा। सीधी प्रसारित कार्यशालाएं उपस्थित लोगों को आदिवासी नृत्य, संगीत और साहित्य के साथ एक परस्पर अनुभव प्रदान करेंगी जबकि आदिवासी खाद्य पदार्थों का चयन उनके स्वास्थ्य लाभों के बारे में बताएगा।

पदयात्रा के मुख्य आकर्षण में शामिल हैं:
 
सांस्कृतिक कार्यक्रम: सांस्कृतिक समृद्धि का उत्‍सव मनाते आदिवासी नृत्य और संगीत।

आदिवासी आंदोलनों और कलाओं पर प्रदर्शनी: नाटकों और झांकियों द्वारा ऐतिहासिक आदिवासी आंदोलनों, वीरता और शिल्प कौशल का प्रदर्शन।

जागरूकता कियोस्क: सरकारी योजनाओं और महिला लाभार्थियों के बारे में जानकारी।

कलात्मक कार्यक्रम: रंगोली, पेंटिंग और आदिवासी कला और साहित्य को बढ़ावा देने वाली कार्यशालाएं।

युवाओं के योगदान का उत्सव: माय भारत पोर्टल और एनवायकेएस उपलब्धियां दर्शाना।

आदिवासी नेताओं को श्रद्धांजलि: प्रतिभागी प्रमुख आदिवासी हस्तियों की वेशभूषा में होंगे।

आदिवासी उत्कृष्टता को सम्मान: पद्म पुरस्कार विजेताओं का अभिनंदन और पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देना। 

आदिवासी भोजन: स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रकार के आदिवासी खाद्य पदार्थ परोसना।
 
मंत्रालय इस आयोजन के माध्यम से आदिवासी विरासत और संस्कृति की गहन समझ को बढ़ावा देना चाहता है साथ ही सरकारी कल्याणकारी पहलों में आदिवासी समुदाय को सक्रिय रूप से शामिल करना चाहता है। इस उत्सव का उद्देश्य युवाओं को भारत की आदिवासी विरासत की समृद्ध विरासत से जुड़ने, उसे समझने और उसका सम्मान करने के लिए एक मंच प्रदान करना है।

युवा कार्यक्रम विभाग देश भर के युवाओं को www.mybharat.gov.in पर माय भारत पोर्टल पर पंजीकरण करके और आदिवासी विरासत की अपनी समझ को गहरा करने और अपनी आदिवासी विरासत का सम्मान करने के लिए इस पदयात्रा में शामिल होने के लिए आमंत्रित करता है।

संविधान के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक साल तक चलने वाले उत्सव में युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के अंतर्गत माय भारत, भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को अपनाने और प्रदर्शित करने के लिए पूरे भारत में पदयात्राओं का आयोजन करेगा।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 8 नवम्बर को बलौदाबाजार, कटघोरा और रायपुर में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होंगे

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 08 नवम्बर को बलौदाबाजार, कोरबा जिले के कटघोरा और राजधानी रायपुर में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री श्री साय निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पूर्वान्ह 11.05 बजे पुलिस ग्राउण्ड हेलीपेड रायपुर से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 11.25 बजे बलौदाबाजार- भाटापारा जिले के बलौदाबाजार स्थित शासकीय डी.के. महाविद्यालय मैदान पहुंचेंगे और 11.30 बजे दशहरा मैदान में आयोजित विभिन्न विकास कार्यो के भूमिपूजन एवं लोकार्पण एवं दीपावली मिलन कार्यक्रम में शामिल होंगे। 


मुख्यमंत्री बलौदाबाजार से दोपहर 12.35 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 1.05 बजे कोरबा जिले के कटघोरा के मेला ग्राउण्ड हेलीपेड पहुंचेंगे और वहां प्रांत स्तरीय भगवान सहस्त्रबाहु जयंती कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री कार्यक्रम में शामिल होने के बाद अपरान्ह 3.15 बजे रायपुर लौट आएंगे। मुख्यमंत्री श्री साय शाम 5 बजे रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित इंडियन रोड कांग्रेस के 83वें वार्षिक अधिवेशन में शामिल होंगे।
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आदिमजाति विभाग की प्रदर्शनी का मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने की प्रशंसा

अटल नगर नवा रायपुर स्थित पंडित श्यामाप्रसाद मुखर्जी व्यावसायिक परिसर में आयोजित 24 वां राज्योत्सव में आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग की स्टॉल लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केन्द्र रहा है। राज्योत्सव प्रारंभ होने के साथ ही लोगों की भारी भीड़ आदिम जाति विकास विभाग की स्टॉल पर देखने को मिला। वहीं दूसरे दिन मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भी विभागीय स्टॉल का अवलोकन कर प्रशंसा की। इस दौरान उन्होंने स्टॉल में बनाए गए सेल्फी जोन में परिवार संग एक फोटो भी खिचवाई। प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने उनका अभिवादन करते हुए उन्हें प्रदर्शनी के थीम के बारे में विस्तार से बताया। 


उल्लेखनीय है कि विभागीय मंत्री श्री रामविचार नेताम के निर्देश के अनुसार इस बार की झांकी ’’जनजातीय गौरव शौर्य और संस्कृति का बखान’’ थीम पर बनाई गई थी। प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा एवं सचिव सह आयुक्त श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा स्वयं पूरे स्टॉल की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। स्टॉल की खूबसूरती, जनजातीय शौर्य एवं जनजातीय संस्कृति का जीवंत प्रदर्शन के कारण प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इसे देखने पहुंच रहे थें।

स्टॉल में स्वतंत्रता काल के दौरान छत्तीसगढ़ में हुए जनजातीय विद्रोहों की एक झलक दिखाई गई है, जो कि जनजातीय शौर्य को दर्शाती है। साथ ही जनजातीय समृद्ध संस्कृति को भी झांकी के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। इसके अलावा जनजातियों के परंपरागत आभूषणों एवं विभागीय योजनाओं को भी फ्लैक्स के माध्यम से बखूबी प्रदर्शित किया गया। साथ ही आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा जनजातीय क्षेत्र में किए गए शोध प्रकाशन को भी अवलोकन हेतु प्रदर्शित किया गया। आमजन को आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा चलाई जा रही विभागीय गतिविधियों की जानकारी देने के लिए विभागीय योजनाओं का ब्रोशर भी स्टॉल से उपलब्ध कराया गया। स्टॉल पर जनजातीय गौरव दिवस तथा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान को सेल्फी जोन के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। स्टॉल में आने वाले लोग उक्त सेल्फी जोन अंतर्गत लिखी हुई जानकारी से जहां उक्त अभियान की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सेल्फी जोन में जाकर फोटो खिंचवाकर इस पल को यादगार बना रहे हैं।
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भगवान बिरसा मुण्डा जयंती के अवसर पर जनजातीय गौरव दिवस 14-15 नवंबर को राज्य स्तरीय भव्य आयोजन

भगवान बिरसा मुण्डा की जयंती जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर 14 एवं 15 नवंबर को राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज परिसर में राज्य स्तरीय भव्य आयोजन किया जाएगा। विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी कलेक्टरों, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों और आदिम जाति विकास विभाग के सहायक आयुक्तों को सभी आवश्यक तैयारी करने निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में इस वर्ष जनजातीय गौरव दिवस को प्रदेश में व्यापक रूप से कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 


उल्लेखनीय है कि जनजातीय गौरव दिवस, आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान और बलिदानों को सम्मानित करने तथा आमजन एवं भावी नागरिकों को उनके बलिदान से प्रेरणा लेने के लिए मनाया जाता है। वर्ष 2021 को केन्द्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 15 नवंबर को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के उपलक्ष्य में इसे जनजातीय गौरव दिवस घोषित किया था, तभी से प्रतिवर्ष 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया जा रहा है।

राज्य स्तर पर जनजातीय गौरव दिवस के व्यापक आयोजन के संबंध में प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा द्वारा जिला स्तरीय अधिकारियों को वीडियो कांफ्रेंसिग के माध्यम आयोजन की आवश्यक तैयारियों के संबध में निर्देशित किया गया है। श्री बोरा ने बताया कि जनजातीय गौरव दिवस का राज्य स्तरीय आयोजन 14 एवं 15 नवंबर को राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज परिसर में होगा। कार्यक्रम आदिम जाति विकास विभाग एवं आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के मुख्य निर्देशन में किया जायेगा। 

श्री बोरा ने बताया कि कार्यक्रम का थीम ’’सामाजिक, आर्थिक विकास, आजीविका एवं उद्यमिता, कला-संस्कृति एवं धरोहर, शिक्षा और कौशल विकास, स्वास्थ्य एवं जीवन शैली’’ है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आदिवासियों के हितों का संरक्षण एवं संवर्धन करना है। इसमें राज्य के 17 विभाग और 25 योजनाओं को शामिल किया गया है। इस आयोजन में राज्य स्तर पर संचालन समिति के लिए प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है एवं क्रियान्वयन समिति मुख्यालय स्तर पर आयुक्त, आदिम जाति विकास की अध्यक्षता में 17 सदस्यीय क्रियान्वयन समिति का गठन किया गया है। 

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ एक आदिवासी बाहुल्य राज्य है जनगणना 2011 के अनुसार कुल जनसंख्या का लगभग 30.62 प्रतिशत आदिवासी निवास करते हैं। इसके अलावा राज्य में 43 प्रमुख जनजातियां एवं 162 उप जातियां हैं। इस कार्यक्रम के माध्यम से जनजातीय महापुरूषों के कार्यों तथा बलिदान के गौरवपूर्ण स्मरण के साथ ही आदिवासियों के हितों का संरक्षण एवं इन्हें प्रोत्साहित करने का अवसर मिलेगा। इस हेतु जिला स्तर पर भी कार्यकम आयोजित किये जाएंगे एवं राज्य स्तर पर भी वृहद रूप से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पूर्व राज्यसभा सांसद स्वर्गीय श्री गोपाल व्यास के अंतिम दर्शन में शामिल होकर दी भावभीनी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज पूर्व राज्यसभा सांसद स्वर्गीय श्री गोपाल व्यास जी के निधन पर पुरैना स्थित निवास पहुंचे और अंतिम दर्शन कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री श्री साय ने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। उल्लेखनीय है कि स्वर्गीय श्री गोपाल व्यास जी के मंशानुरूप उनका पार्थिव शरीर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान  संस्थान को दान किया जाएगा। इस दौरान राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, विधायक श्री विक्रम उसेंडी एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे। 

           इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा श्री व्यास छत्तीसगढ़ राजनीति के पुरोधाओं में एक थे। वे 2006 से  2012 तक छत्तीसगढ़ राज्य से राज्यसभा सांसद रहे।  श्री व्यास जी गृहस्थ रहते हुए भी महान संत थे। उनकी सरलता और सादगी ने सभी को प्रभावित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य रहा कि मुझे उनके साथ काम करने का मौका मिला। उन्होंने सदैव देश व समाज हित में कार्य किया। यह देश एवं प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति है।
          मुख्यमंत्री श्री साय ने व्यास जी के साथ बिताए दिनों को याद करते हुए कहा कि मुझे अनेक अवसरों पर उनके साथ कार्यक्रमों में शामिल होने का मौका मिला। सामान्यतः किसी कार्यक्रम का शुभारंभ हम फीता काट कर करते हैं, लेकिन व्यास जी कहते थे कि मुझे यह व्यक्तिगत रूप से अच्छा नहीं लगता। हमारा काम काटने का नहीं बल्कि जोड़ने का है। 
       श्री व्यास जी के निधन पर मुख्यमंत्री ने विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से शोक संतप्त परिजनों को संबल प्रदान करने की कामना की ।
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उपराष्ट्रपति श्री धनखड़ का रायपुर पहुंचने पर आत्मीय स्वागत

 उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ आज शाम स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर पहुंचे। राज्यपाल श्री रमेन डेका, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने एयरपोर्ट पर उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ का आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सर्वश्री पुरंदर मिश्रा, इंद्र कुमार साहू, गुरु खुशवंत साहेब, अनुज शर्मा ने भी उपराष्ट्रपति का पुष्प गुच्छ भेंटकर  स्वागत किया।


गौरतलब है कि उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ के मुख्य अतिथ्य में आज 6 नवंबर को संध्या 6 बजे से नवा रायपुर स्थित राज्योत्सव राज्य अलंकरण एवं छत्तीसगढ़ राज्योत्सव का समापन समारोह होना है। राज्य अलंकरण समारोह में   उपराष्ट्रपति श्री धनखड़ के करकमलों से विभिन्न क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विभूतियों एवं संस्थाओं को राज्य अलंकरण से विभूषित किया जाएगा। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल श्री रमेन डेका करेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह कार्यक्रम में अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। 

छत्तीसगढ़ राज्य का स्थापना दिवस राज्योत्सव-2024 का आयोजन 4 नवंबर से किया जा रहा है। राज्योत्सव का भव्य शुभारंभ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के द्वारा किया गया था। तीन दिवसीय राज्योत्सव में शासन के सभी विभागों द्वारा भव्य एवं आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई है। प्रतिदिन सांस्कृतिक संध्या का आयोजन भी किया जा रहा है।
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मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले से भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त प्रेक्षकों ने की मुलाकात

 छत्तीसगढ़ की मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले से आज रायपुर नगर (दक्षिण) विधानसभा उप-निर्वाचन के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त सामान्य प्रेक्षक श्रीमती जी. रेखा रानी, पुलिस प्रेक्षक श्री करण शर्मा और व्यय प्रेक्षक सुश्री कनुप्रिया दामोर ने मुलाकात की। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में हुई इस मुलाकात के दौरान रायपुर नगर (दक्षिण) विधानसभा उप-निर्वाचन को निर्बाध, निष्पक्ष, पारदर्शी और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। जिला निर्वाचन अधिकारी तथा रायपुर के कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह भी इस दौरान मौजूद थे।

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मुख्यमंत्री का राज्य प्रशासनिक सेवा के पदोन्नत अधिकारियों ने जताया आभार

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज यहां उनके निवास कार्यालय में राज्य प्रशासनिक सेवा के पदोन्नत अधिकारियों ने मुलाकात कर उनके प्रति आभार जताया। उल्लेखनीय है कि राज्य प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ सेवा वेतनमान पर कार्यरत 64 अधिकारियों को प्रवर सेवा वेतनमान पर तथा कनिष्ठ सेवा वेतनमान पर कार्यरत 25 अधिकारियों को वरिष्ठ सेवा वेतनमान पर विगत 28 अक्टूबर को पदोन्नत किया गया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य प्रशासनिक सेवा के सभी पदोन्नत अधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर राज्य प्रशासनिक सेवा से श्री प्रणव सिंह, श्री मनीष मिश्रा, श्री नवीन कुमार ठाकुर, सुश्री अभिलाषा पैकरा, श्री विनायक शर्मा, श्री अरुण वर्मा, श्रीमती गीता दीवान, सुश्री अर्चना पांडेय, डॉ. दीप्ति वर्मा, श्रीमती मधु हर्ष, श्रीमती ऋतु हेमनानी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र शास्त्री से आशीर्वाद ग्रहण किया

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज अपने निवास में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री से प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए आशीर्वाद ग्रहण किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने पं. धीरेंद्र शास्त्री के अपने निवास पहुंचने पर उन्हें शाल- श्रीफल भेंटकर उनका का आत्मीय स्वागत किया। गौरतलब है कि पं. धीरेंद्र शास्त्री छत्तीसगढ़ के प्रवास पर आए हुए हैं। आज राजधानी रायपुर आने से पहले कल वे कांकेर और कवर्धा के कार्यक्रमों में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के परिवारजन, स्वामी राजीवलोचन जी महाराज और निवास के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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