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मुख्यमंत्री अपने बचपन के स्कूली शिक्षक से मिलकर हुए भाव विभोर

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय अपने बचपन के स्कूली शिक्षक श्री राजेश्वर पाठक से मुलाकात कर भाव विभोर हो गए। उन्होंने अपने स्कूल के दिनों को याद किया और अपने शिक्षक का चरण स्पर्श कर अभिवादन किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरूजनों का ही आशीर्वाद है कि मैं यहां तक पहुंच पाया हूँ ऐसा कहते हुए उन्होंने अपने शिक्षक से फिर से आशीर्वाद मांगा और उनके शिक्षक ने भी पूरे दिल से आशीर्वाद दिया।
 
मुख्यमंत्री साय को स्कूल पढ़ाने वाले 94 वर्षीय शिक्षक श्री राजेश्वर पाठक ने बताया कि जब वे लोयला उच्चतर माध्यमिक शाला कुनकुरी में पढ़ाया करते थे तब मुख्यमंत्री साय छात्र हुआ करते थे। वे बचपन से ही बहुत प्रतिभावान, आज्ञाकारी और विनम्र स्वाभाव के थे। सौम्यता और सरलता उनकी विशिष्ट पहचान थी। जब वे सांसद थे तब भी और मुख्यमंत्री बनने के बाद, जब भी वे मिले तो उनमें वही विनम्रता और वही सम्मान का भाव दिखा जो अद्भुत है।
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मुख्यमंत्री के निर्देश पर विधि विभाग में 362 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए वित्त की मंजूरी

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर वित्त विभाग ने विधि एवं विधायी कार्य विभाग के अंतर्गत न्यायालयों में नई भर्ती के लिए मंजूरी दे दी है। कुल 362 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी, जिसका उद्देश्य कर्मचारियों की कमी को दूर कर न्यायपालिका के कार्यों को सुचारू बनाना है।
 
उपमुख्यमंत्री अरूण साव ने विधि विधायी विभाग को इस आशय के प्रस्ताव भेजने के निर्देश  दिए थे, जिसके बाद वित्त विभाग ने प्राप्त प्रस्तावों को मुख्यमंत्री के निर्देश पर  तत्काल मंजूरी प्रदान कर दी। इसमें व्यवहार न्यायाधीश के 57, स्टेनोग्राफर के 46, सहायक ग्रेड-3 के 118, स्टेनोटायपिस्ट के 07, वाहन चालक के 08, प्रोसेस सर्वर के 05 और  चौकीदार, गार्डनर, स्वीपर, वाटरमेन के 83 एवं एक सहायक प्रोग्रामर के पद शामिल हैं।
 
यह निर्णय न केवल न्यायालयों में कार्य दक्षता बढ़ाने बल्कि न्यायिक प्रक्रियाओं में तेजी लाने में भी सहायक होगा। न्यायालयों में कर्मचारियों की पर्याप्त संख्या होने से  कामकाज का निष्पादन भी समय पर हो सकेगा।
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प्रथम अखिल भारतीय पुलिस वेटलिफ्टिंग क्लस्टर चैम्पियनशिप

भिलाई की मिनी स्टेडियम में चल रही प्रथम अखिल भारतीय पुलिस वेटलिफ्टिंग क्लस्टर चैम्पियनशिप 2024-25 स्पर्धा में आज उत्तर प्रदेश की पुलिस टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 12 मेडल अपने नाम किए, जिसमें 03 गोल्ड, 05 सिल्वर तथा 04 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। इस चैम्पियनशिप प्रतियोगिता में 33 केन्द्रीय और राज्य पुलिस की टीमें भाग ले रही है। 
 
प्रथम अखिल भारतीय पुलिस वेटलिफ्टिंग क्लस्टर चैम्पियनशिप प्रतियोगिता का समापन समारोह 27 सितम्बर को संध्या 4.30 बजे से प्रथम वाहिनी, छसबल भिलाई में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में होगा। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता गृह मंत्री श्री विजय शर्मा करेंगे। कार्यक्रम में खेल मंत्री श्री टंक राम वर्मा, सांसद श्री विजय बघेल, विधायक दुर्ग शहर श्री गजेन्द्र यादव विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। 
 
आज 25 सितम्बर को आयोजित हुई विभिन्न स्पर्धाओं में बीएसएफ की टीम ने 03 गोल्ड, एक सिल्वर सहित कुल 04 पदक प्राप्त किया। राजस्थान की पुलिस टीम ने 02 गोल्ड, 02 सिल्वर, 02 ब्रोंज सहित कुल 06 मेडल, छत्तीसगढ़ पुलिस 02 गोल्ड, 01 ब्रोंज सहित कुल 03 मेडल, एसएसबी ने 02 गोल्ड मेडल, पंजाब पुलिस ने 04 मेडल, उड़ीसा पुलिस 02 मेडल, सीआरपीएफ ने 02 मेडल जीते। महाराष्ट्र पुलिस 01 गोल्ड मेडल जीतने में कामयाब रही। इस चैंम्पियनशिप स्पर्धा ने पुलिस कर्मियों के बीच खेल भावना और उनके उत्साह को बढ़ावा मिला है। आयोजन में हिस्सा लेने वाली सभी टीमों ने अपने शानदार प्रदर्शन से इस आयोजन को बेहद सफल बनाया है। 
 
मेडल सेेरेमनी में मुख्य अतिथि अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री दीपांशु काबरा, पुलिस अधीक्षक दुर्ग श्री जितेन्द्र शुक्ला एवं रीजनल हेड बैंक ऑफ बड़ौदा श्री दिवाकर प्रसाद सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने विजयी टीमों एवं खिलाड़ियों को मेडल प्रदान किए और उन्हें शुभकामनाएं दीं।
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मुख्यमंत्री श्री साय ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उन्हें किया नमन

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर जिले के मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय बगिया में एकात्म मानववाद के प्रवर्तक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया है। साय ने कहा है कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय एक ऐसे युगदृष्टा थे, जिनके विचारों व सिद्धांतों ने देश को एक प्रगतिशील विचारधारा देने का काम किया।  साय ने कहा कि उनकी विचारधारा राष्ट्र के पुनर्निर्माण और भारत के गौरव को पुनः स्थापित करने के लिए थी। उन्होंने जन समुदाय को सशक्त बनाने की दिशा में आजीवन काम किया। उनका मानना था कि जब तक समाज के अंतिम व्यक्ति का विकास नहीं होता, तब तक समाज का समग्र विकास संभव नहीं है। इस विचारधारा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के चलते उनके जन्मदिन को अंत्योदय दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन भारतीय समाज में गरीबों और वंचितों के उत्थान के प्रति समर्पण को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके अंत्योदय सिद्धांत पर चलकर हम समस्त जनमानस का जीवन स्तर बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। वे सदैव हमारे प्रेरणास्त्रोत रहेंगे।
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देश में सबसे कम बेरोज़गारी दर वाले राज्यों में छत्तीसगढ़ ने पाया स्थान, उत्तर प्रदेश को पीछे छोड़ा

छत्तीसगढ़ राज्य ने रोजगार सृजन के मामले में देश भर में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। हाल ही में जारी *Periodic Labour Force Survey (PLFS)*की रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ ने देश में सबसे कम बेरोजगारी दर वाले राज्यों में पांचवां स्थान प्राप्त किया है। राज्य में चल रहे रोजगार सृजन और विकास प्रयासों के कारण छत्तीसगढ़ अब उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों को भी पीछे छोड़ चुका है, जो बेरोजगारी दर के मामले में राज्य की बड़ी सफलता को दर्शाता है।
 
   ग़ौरतलब है कि ⁠राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन (NSSO) द्वारा पीएलएफएस के लिए नमूना सर्वेक्षण और डेटा संग्रह का कार्य किया जाता है। जो कि भारत सरकार के सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अंतर्गत आता है। 
 
रोजगार सृजन में छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण प्रगति
 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में, छत्तीसगढ़ सरकार ने बेरोजगारी को कम करने और युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। सरकार ने हाल ही में पुलिस, स्वास्थ्य, पीएचई (सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी) और पंचायत विभागों में 1,068 पदों पर भर्ती को मंजूरी दी है। इन भर्तियों से राज्य में युवाओं को सरकारी नौकरियों में अवसर मिलेंगे, जिससे राज्य की विभिन्न योजनाओं को ज़मीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने में भी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री साय ने इस बात पर जोर दिया है कि यह पहल राज्य के विकास को गति देने के साथ-साथ युवाओं के सपनों को नई उड़ान देगी।
 
छत्तीसगढ़ सरकार ने खासतौर पर ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित करने पर ध्यान केंद्रित किया है। सरकार ने स्वरोजगार और कौशल विकास को प्रोत्साहन देने के लिए कई योजनाएं लागू की हैं, ताकि गांव के युवाओं को अपने ही इलाके में काम करने का अवसर मिल सके और उन्हें महानगरों की ओर पलायन न करना पड़े।
 
PLFS रिपोर्ट में अन्य राज्यों की स्थिति
 
*Periodic Labour Force Survey (PLFS)*की रिपोर्ट ने देश भर के विभिन्न राज्यों में बेरोजगारी के आंकड़ों का भी खुलासा किया है। इस रिपोर्ट के अनुसार, केरल में बेरोजगारी दर सबसे अधिक रही, जहां 15-29 वर्ष की आयु वर्ग के युवाओं में बेरोजगारी दर 29.9% दर्ज की गई। केरल में महिलाओं में बेरोजगारी दर 47.1% और पुरुषों में 19.3% रही। इसके अलावा, लक्षद्वीप में बेरोजगारी दर सबसे अधिक 36.2% दर्ज की गई, जिसके बाद अंडमान और निकोबार द्वीप समूहमें यह दर 33.6% रही। 
 
इसके विपरीत, छत्तीसगढ़ ने देश में सबसे कम बेरोजगारी दर वाले राज्यों में पांचवां स्थान प्राप्त किया है, जो राज्य सरकार की रोजगार सृजन नीतियों की सफलता का प्रतीक है। 
 
शिक्षा और कौशल विकास पर जोर
 
छत्तीसगढ़ सरकार ने शिक्षा और कौशल विकास को रोजगार सृजन के महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में माना है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे युवाओं को तकनीकी और व्यावसायिक कौशल प्रदान करने के लिए विशेष प्रयास करें, जिससे वे नए उद्योगों में काम करने के लिए तैयार हो सकें। राज्य में कई कौशल विकास केंद्र खोले गए हैं, जहां युवाओं को आधुनिक तकनीकों और कौशलों की शिक्षा दी जा रही है, ताकि वे रोजगार के नए अवसरों का लाभ उठा सकें।
 
छत्तीसगढ़ का विकास और प्रधानमंत्री मोदी का विज़न
 
छत्तीसगढ़ राज्य, जो कि पहले से ही अपने प्राकृतिक संसाधनों और सांस्कृतिक धरोहर के लिए प्रसिद्ध है, अब रोजगार सृजन और विकास के क्षेत्र में भी देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो रहा है। राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' के विजन को भी साकार कर रहे हैं। स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के जरिए सरकार ने राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
 
प्रधानमंत्री मोदी ने जिस प्रकार देश के हर कोने में विकास और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है, छत्तीसगढ़ सरकार उसी दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस दिशा में प्रदेश के प्रत्येक गांव में रोजगार सृजन की योजनाओं का विस्तार करने का संकल्प लिया है, ताकि राज्य का हर युवा आत्मनिर्भर बन सके और राज्य का विकास तेज़ी से हो सके।
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विख्यात पंडवानी गायिका श्रीमती तीजन बाई के स्वास्थ्य पर रखी जा रही निगरानी

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय विख्यात पंडवानी गायिका पद्मविभूषण श्रीमती तीजन बाई के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने श्रीमती तीजन बाई के बेहतर स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। मुख्यमंत्री साय ने जिला प्रशासन को श्रीमती तीजन बाई के बेहतर उपचार और देखभाल के लिए जरूरी निर्देश दिए हैं।
 
मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर चिकित्सकों का दल द्वारा श्रीमती तीजन बाई के स्वास्थ्य पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों के दल द्वारा दुर्ग जिले के ग्राम गनियारी स्थित आवास में उनकी नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच की जा रही है।
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पीएम श्री योजना में शामिल हुई छत्तीसगढ़ की और 78 शालाएं

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के 78 और स्कूलों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करने के लिए पीएम योजना में शामिल करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि राज्य में 263 पीएमश्री स्कूल स्वीकृत किए गए थे, नई स्वीकृति मिलने से यह संख्या बढ़कर अब 341 हो गई है। मुख्यमंत्री साय ने कहा है कि यह हर्ष का विषय है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया है और इस दिशा में लगातार नए फैसले ले रहे हैं। पीएम श्री योजना के माध्यम शैक्षणिक अधोसंरचना एवं शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने का प्रयास निश्चित रूप से विकसित भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा। 
      
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पीएम योजना में शामिल इन स्कूलों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत उत्कृष्ट विज्ञान प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, व्यावसायिक लैब्स की व्यवस्था होगी, जो छत्तीसगढ़ को शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाईयों पर ले जाएगी। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का भी आभार व्यक्त किया है। 
 
गौरतलब है कि भारत सरकार द्वारा पीएम योजना के अंतर्गत प्रथम चरण में 211 तथा तृतीय चरण में 52 और चौथे चरण में 78 शालाएं स्वीकृत की गई है। चौथे चरण में शामिल सभी 78 शालाएं कक्षा पहली से 12 वीं तक की हैं। 
 
प्रथम चरण में पीएम श्री योजना के तहत स्वीकृत शालाओं को अपग्रेड किया जा चुका है, वहीं तृतीय चरण में स्वीकृत शालाओं को अपग्रेड किया जा रहा है। इन स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, विज्ञान और गणित के लिए अत्याधुनिक लैब्स, खेल सुविधाएं, और डिजिटल लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। 
 
यहां यह उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य में पीएम श्री योजना का शुभारंभ 19 फरवरी 2024 को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने किया था। उन्होंने इस मौके पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर किए जा रहे प्रयासों को सराहा था। पीएम श्री के तहत प्रति स्कूल 2-2 करोड़ रूपए व्यय कर आदर्श स्कूल के रूप में विकसित करने की योजना है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप पीएम श्री योजना के अंतर्गत शालाओं को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है।
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उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने 35.56 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का किया लोकार्पण और भूमिपूजन

उप मुख्यमंत्री तथा कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने आज चारामा में 35 करोड़ 56 लाख 68 हजार रुपए लागत के 16 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इनमें 15 करोड़ 84 लाख 40 हजार रुपए के चार निर्माण कार्यों का भूमिपूजन और 19 करोड़ 72 लाख 28 हजार रुपए के विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण शामिल हैं। कांकेर के सांसद भोजराज नाग और विधायकगण सर्वश्री किरण देव सिंह, विक्रम देव उसेंडी और आशाराम नेताम भी लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए।
 
उप मुख्यमंत्री साव ने कार्यक्रम में जल जीवन मिशन के तहत सिंगल विलेज नल जल प्रदाय योजनांतर्गत कांकेर विकासखण्ड के ग्राम बोरगांव, आंवराभाठ और माकड़ीसिंगराय तथा चारामा विकासखण्ड के भुईंगांव, तेलगरा, काटागांव, भोथा और रतेडीह में कुल 19 करोड़ 72 लाख 28 हजार रुपए लागत के 12 कार्यों का लोकार्पण किया। उन्होंने चारामा में पंडित दीनदयाय उपाध्याय की मूर्ति का अनावरण भी किया। 
 
उप मुख्यमंत्री साव ने चारामा में मुख्य मार्ग के पास आयोजित लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय के बताए मार्ग पर चलकर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की सरकार किसानों, जवानों और महिलाओं सहित सभी वर्गों का सतत् विकास कर रही है। शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर इन दिनों 'स्वच्छता ही सेवा’ अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नगर पंचायत चारामा के विकास के लिए नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा एक करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। विकास कार्यों के लिए राज्य सरकार के पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है। 
 
कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग और जगदलपुर के विधायक किरण देव सिंह ने भी नगरवासियों को संबोधित किया। पूर्व सांसद मोहन मंडावी, चारामा नगर पंचायत के अध्यक्ष प्यारेलाल देवांगन, उपाध्यक्ष  केशर नागवंशी, मत्स्य विकास बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष भरत मटियारा और स्थानीय पार्षदों सहित कलेक्टर निलेश महादेव क्षीरसागर एवं जिला पंचायत के सीईओ सुमित अग्रवाल भी कार्यक्रम में मौजूद थे।
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प्रधानमंत्री आवास योजना: विष्णु के सुशासन में जशपुर जिले के 10 हजार से अधिक हितग्राहियों को मिला अपना पक्का आवास

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में दूरस्थ अंचल के लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिल रहा है। हर एक व्यक्ति का सपना होता है कि उनका अपना एक पक्का मकान हो, जिसे पूरा करने के लिए वह आजीवन परिश्रम करता है लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति के लिए स्वयं का पक्का मकान बना पाना एक सपने ही रह जाता है। ऐसे में उनके सपने साकार प्रधानमंत्री आवास योजना कर रहा है।
 
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत् जशपुर जिले के हितग्राहियों को लाभान्वित हो रहे है। इनमें दिसम्बर 2023 से 22 सितम्बर 2024 तक कुल 10 हजार 706 हितग्राहियों का आवास निर्माण कराया जा चुका है। 
ऐसी ही एक कहानी जशपुर जिले के जनपद पंचायत मनोरा के ग्राम पंचायत करदना (छतौरी) के हितग्राही श्रीमती करमी बाई का है, जो राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहलाने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा से हैं। ये जनजाति ज्यादातर घने जंगलो में पेड़, पत्ते एवं छाल से झोपड़ी बनाकर निवास करते थे जिन्हें बरसात के मौसम में टपकते छत एवं सांप-बिच्छू की समस्या रहती थी। जिसके कारण उन्हें जीवन-यापन करना एक चुनौती थी। इनके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना एक वरदान साबित हुई है। मुख्यमंत्री के सार्थक प्रयास से विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा के सपने भी पूरे हो रहे हैं। हितग्राही ने पक्का मकान मिलने से मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया है।
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मुख्यमंत्री ने आकाशीय बिजली से 8 लोगों की मृत्यु पर गहरी संवेदना व्यक्त की

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजनांदगांव जिले में आकाशीय बिजली गिरने की घटना में मृतकों और उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की है। उन्होंने जिला प्रशासन अधिकारियों को तत्काल सहायता राशि उपलब्ध कराने साथ-साथ घायलों के उपचार की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। 
 
गौरलतब है कि राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम जोरातराई में आकाशीय बिजली गिरने से 8 लोगों की मृत्यु हो गई है। जिला प्रशासन द्वारा मृतकों के परिजनों को आरबीसी 6-4 के तहत 4-4 लाख रूपए की सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। आकाशीय बिजली गिरने से 5 बच्चे तथा 3 लोगों की मृत्यु हो गई है। इस घटना में एक घायल व्यक्ति का ईलाज अस्पताल में किया जा रहा है, वह खतरे से बाहर है।
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रिकेश सेन के अल्टिमेटम के बाद गदा चौक से हटाई गई शराब दुकान

  भिलाई के सुपेला घड़ी चौक से गदा चौराहा मुख्य मार्ग पर स्थित अंग्रेजी शराब दुकान को वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन के प्रयासों के बाद सोमवार को भिलाई नगर निगम के पीछे स्थानांतरित कर दिया गया। विधायक सेन ने शनिवार की रात प्रदेश के संबंधित अधिकारी को 48 घंटे के भीतर दुकान शिफ्ट करने का अल्टिमेटम दिया था।

विधायक बनने के तुरंत बाद से ही रिकेश सेन ने गदा चौक के पास स्थित इस शराब दुकान और चखना सेंटर को हटाने का फैसला किया था। मुख्य मार्ग पर इस दुकान के चलते आसामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगने लगा था, जिससे स्कूली बच्चों और परिवारों के लिए यह क्षेत्र असुरक्षित और अशोभनीय हो गया था। गदा चौक, जो हनुमान जी के शस्त्र गदा को समर्पित है, के पास इस तरह के आसामाजिक तत्वों की उपस्थिति से स्थानीय जनता में भी नाराजगी थी।



विधायक सेन ने इस मुद्दे पर जिले के प्रभारी और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर दुकान हटाने की मांग की थी। इसके बाद, भिलाई नगर निगम के पीछे एक नया स्थान तय किया गया, और सारी तैयारियां कर ली गईं। हालांकि, सुपेला के कुछ होटल व्यवसायियों ने इस स्थानांतरण को रोकने का प्रयास किया, जिसके कारण प्रक्रिया में देरी हो रही थी।



शनिवार रात जब विधायक सेन इस मार्ग से गुजर रहे थे, तो उन्होंने गदा चौक पर बैठे आसामाजिक तत्वों को देखा। इसके बाद उन्होंने मौके पर रुककर निरीक्षण किया और देरी पर नाराजगी जाहिर की। विधायक ने तुरंत प्रदेश के एक अधिकारी को फोन कर 48 घंटे के भीतर दुकान को शिफ्ट करने का निर्देश दिया। इस घटना का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें विधायक अधिकारी को सख्त निर्देश देते हुए दिखाई दे रहे हैं।



विधायक के निर्देशों के बाद रविवार को छुट्टी के दिन भी संबंधित विभाग सक्रिय हुआ और कर्मचारियों को लगाकर दुकान और चखना सेंटर को भिलाई नगर निगम के पीछे खाली मैदान में स्थानांतरित कर दिया गया। आज से यह दुकान वहां संचालित होगी।

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पक्के घर का सपना हुआ पूरा, प्रधानमंत्री आवास योजना से मिला मकान

प्रधानमंत्री आवास योजना से निर्धन परिवारों के पक्के आवास का सपना साकार हो रहा है। उन्हें कच्चे मकान में होने वाली दिक्कतों से मुक्ति मिल रही है। बिलासपुर जिले के कोटा विकासखण्ड के भरदैयाडीह पंचायत के आश्रित ग्राम जेंजराडीह के श्री अजय शिकारी ने बताया कि पहले उसका घर मिट्टी का था, जिससे परिवार को अनेक समस्याओं से जूझना पड़ता था। कच्चे मकान में बारिश के दिनों में पानी टपकने और सीलन की वजह से जीवन-यापन करना मुश्किल हो जाता था। साथ ही कच्चे मकान में कीड़े-मकोड़ों और जहरीले जीव-जन्तुओं का भी खतरा बना रहता था। 
 
जेंजराडीह के अजय शिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से अब पक्का मकान मिलने से इन सभी परेशानियों से निजात मिलेगी। योजना के तहत आवास निर्माण के लिए चार किस्तों में राशि सीधे उसके बैंक खाते में मिली है। उसका मकान अब तेजी से पूर्णता की ओर है। श्री अजय शिकारी कहते हैं कि हम जैसे रोजी-मजदूरी करने वाले गरीब परिवारों के लिए पक्का आवास मिलना किसी सपने से कम नहीं है। सरकार की मदद से हमारा एक बड़ा सपना पूरा हो रहा है। इस जनहितैषी संवेदनशील योजना के लिए उसने राज्य और केंद्र सरकार के प्रति आभार जताया।
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राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम जोरातराई में आकाशीय बिजली गिरने से 8 लोगों की मृत्यु

 राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम जोरातराई में आकाशीय बिजली गिरने से 8 लोगों की मृत्यु हो गई है। आकाशीय बिजली गिरने से 5 बच्चे तथा 3 लोगों की मृत्यु हो गई है। इस घटना में एक घायल व्यक्ति का ईलाज अस्पताल में किया जा रहा है, वह खतरे से बाहर है।

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जैविक खेती से करें मिट्टी का श्रृंगार,फसल चक्रण से उत्पादन होगा भरमार

 जैविक खेती को बढ़ावा देने वाले धमतरी जिले के ग्राम गाड़ाडीह के किसान श्री रमन लाल साहू का सम्मान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विगत दिनों किया था। श्री साहू जैविक खेती कर मिट्टी की उर्वरकता बढ़ाने में महती भूमिका निभा रहे है,वही फसल चक्रण करके जल संरक्षण का काम भी कर रहे है।

   आज के आधुनिक दौर में  खेती किसानी के काम को उतना महत्व नहीं दिया जाता है, जितना की सरकारी या किसी अन्य नौकरी को दिया जाता है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के साथ-साथ समर्थन मूल्य पर धान खरीदी ने लोगों को खेती किसानी की ओर मुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया है। प्रगतिशील किसान श्री रमनलाल साहू ने परम्परागत खेती को पीछे छोड़ आधुनिक खेती को अपनाया है। जैविक खेती को बढ़ावा देते हुए मृदा, जल एवं पर्यवरण संरक्षण की दिशा में भी सराहनीय काम किया है। साहू बताते हैं कि विगत 8 सालों से वह 3 एकड़ से अधिक जमीन पर धान की जैविक खेती कर रहे हैं। जल संरक्षण की दिशा में रबी फसल में दलहन-तिलहन की  खेती कर रहे हैं। इससे जमीन की उर्वरकता बढ़ने के साथ ही फसल का उत्पादन भी बढ़ा है।
   
 साहू बताते है कि किसान होने के साथ-साथ वह पशु मित्र भी है, उन्होंने गली-मोहल्लों में आवारा घूमने वाले गौवंश  के लिए अपने खेत के समीप लगभग 25 डिस्मिल क्षेत्र में गौठान तैयार कर उनका संरक्षण कर रहे है। इन गौवंशो से प्राप्त होने वाले गोबर का उपयोग जैविक खेती करने में कर रहे हैं। वहीं दूध बेचकर हर माह 9 हजार रूपये की शुद्ध आमदनी भी प्राप्त कर रहे हैं। श्री साहू ने यह भी बताया कि उन्होंने खेत में छोटा सा तालाब बनाया है, जिससे गौवंश के लिए पानी की व्यवस्था की है, वहीं क्रेडा की ओर से सोलर पैनल भी लगवाया है। इसके साथ ही गोबर गैस संयंत्र लगाकर गौवंश के लिए चारा की व्यवस्था करते  हैं।

 रमनलाल साहू रासायनिक खेती के दुष्परिणामों के बारे में अन्य किसानों को अवगत कराते हुए जैविक खेती करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। साथ ही अपने गौशाला से उत्पादित गोबर, गौ मूत्र को अपने खेतों में उपयोग करते हुए जहरमुक्त अन्न की पैदावार कर उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की व्यवस्था कर रहे हैं।

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उप मुख्यमंत्री अरुण साव प्रतिभा सम्मान समारोह में हुए शामिल

 उप मुख्यमंत्री अरुण साव आज दुर्ग जिले के बोरई में स्वर्गीय दाऊ उत्तम साव की पुण्यतिथि के संस्मरण में आयोजित तहसील स्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि समाज और देश को अपने पूर्वजों के बताए मार्ग पर चलकर आगे बढ़ना चाहिए। जो समाज समय के साथ चलेगा, विकास में वो आगे रहेगा। उन्होंने हाल ही में समाप्त अपने अमेरिका प्रवास के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि साहू समाज के अनेक युवा वहां भी अपनी प्रतिभा और काबिलियत से समाज और प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं, समाज का गौरव बढ़ा रहे हैं। ऐसे कई युवाओं से मैं अभी मिलकर आया हूं।

उप मुख्यमंत्री साव ने अपने संबोधन में कहा कि साहू समाज सभी समाजों को साथ लेकर आगे चलने वाला समाज है। हम सभी को संगठित प्रयास से अपने पुरखों के सपनों को पूरा करना है। उन्होंने समाज द्वारा रखी गई मांगों को क्रमशः पूर्ण करने का भरोसा दिलाया। श्री साव ने समारोह में कला, शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले साहू समाज की प्रतिभाओं को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।

प्रतिभा सम्मान समारोह को पूर्व मंत्री जागेश्वर साहू और रमशीला साहू ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम में जगमोहन साहू ने समाज रत्न स्वर्गीय दाऊ उत्तम साव के व्यक्तित्व एवं कृतित्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साहू समाज के दुर्ग जिला अध्यक्ष नन्दलाल साहू और दुर्ग तहसील अध्यक्ष पुसऊ साहू सहित अनेक सामाजिक पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि भी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।

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प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिले पक्के आशियाने ने जीवन में लाई खुशहाली

जिला मुख्यालय कबीरधाम से 62 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम पोलमी के निवासी श्री बाबूलाल के जीवन में एक नया अध्याय तब शुरू हुआ जब उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत अपना पक्का घर मिला। बाबूलाल, जो पहले कच्चे मकान में अपने परिवार के साथ रहते थे, बारिश के मौसम में परेशानियों का सामना करते थे। उनका पुराना घर कमजोर था, दीवारों में दरारें थीं, और छत से पानी टपकता था। हर बार मानसून का आना उनके लिए चिंता का सबब होता था। बाबूलाल की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वे खुद से पक्का मकान बना सकें। उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा परिवार के दैनिक खर्चों में चला जाता था। लेकिन जब प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी उन्हें मिली, तो उन्होंने इस योजना के तहत आवेदन किया। कुछ समय बाद उन्हें योजना के तहत स्वीकृति पत्र प्राप्त हुआ और उनके सपनों का घर बनने की प्रक्रिया शुरू हुई।
श्री बाबूलाल ने बताया कि उन्हे वर्ष 2023-24 में आवास बनाने की स्वीकृति दी गई, इसके बाद बाबूलाल को अपने खुद के पक्का मकान की उमीद पूरी होती दिखाई देने लगी। उन्होने बताया कि जैसे ही पहली किश्त की राशि 40 हजार का अंतरण उनके बैंक खातों ऑनलाईन डी.बी.टी. के माध्यम से किया गया वैसे ही पक्का आवास बनाने का सफर शुरू हुआ। आवास निर्माण की राशि 2 लाख रूपये के साथ-साथ बाबूलाल को महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत 95 दिवस की मजदूरी भुगतान की राशि 23 हजार 850 एवं स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के तहत शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रूपये की राशि सहित शासन की अन्य योजनांओ का लाभ अभिषरण के माध्यम से मिला।

श्री बाबूलाल ने पक्का आवास मिलने पर साय सरकार को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि “मैं दिल से सरकार का आभारी हूँ, जिसने हमें यह अवसर दिया। यह घर मेरे लिए एक सपना था जो आज साकार हो गया है। पहले हमें कच्चे मकान में हर समय बारिश और तूफान का डर सताता था, लेकिन अब हम सुरक्षित और आरामदायक घर में रह सकते हैं। बाबूलाल बताते हैं, “ये घर मेरे जीवन का सबसे बड़ा सपना था। सरकार की इस योजना की वजह से आज मैं अपने परिवार के साथ चौन से रह सकता हूँ। अब बारिश या तूफान की चिंता नहीं रहती। मेरे बच्चे अब सुरक्षित और सुखद माहौल में रह सकते हैं।“ प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिले इस पक्के आशियाने ने हमारे जीवन में स्थिरता और खुशहाली ला दी है। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्रीसाय का धन्यवाद करता हूँ।
 
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शासन की योजनाओं से सपने हुए साकार,संतोषी के परिवार में आई खुशियां अपार

 विष्णु के सुशासन में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में नित नए कदम उठाए जा रहे है। बिहान की योजनाएं हो या महतारी वंदन योजना या कृषक मित्र आदि से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत किया जा रहा है। धमतरी के ग्राम पोटियाडीह की श्रीमती संतोषी हिरवानी को अब अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए किसी की मदद की आवश्यकता नही है। बिहान के तहत  श्रीमती हिरवानी लखपति दीदी बन गई है। कृषक मित्र बनकर किसानों को जैविक खाद बनाने और उसका उपयोग करने को प्रेरित करती है। इसके साथ ही जैविक दवाइयों की बिक्री से श्रीमती हिरवानी को 2 हज़ार रुपए तक आमदनी हो जाती है।
      इसके अलावा संतोषी चिकन सेंटर का संचालन कर रहीं हैं, जिससे उन्हें 6 से 7 हजार रूपये तक की आमदनी हो रही है। इसके साथ ही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत मजदूरी और मनरेगा के तहत बने मुर्गी शेड में मुर्गियों का पालन करतीं हैं। वे बताती हैं कि इन सभी कामों से उसे साल में एक लाख रूपये से अधिक की आमदनी हो जाती है। इन सभी से होने वाली आमदनी का उपयोग वे अपने दोनों बच्चों को अच्छी सी अच्छी शिक्षा में देने के लिए करेंगी। श्रीमती संतोषी ने अपने जीवन में आये इस सुधार के लिए देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद दिया है।
      श्रीमती संतोषी हिरवानी ने बताया कि उसे शासन की महत्वाकांक्षी योजना महतारी वंदन योजना का भी लाभ  मिल रहा है।  महतारी वंदन जैसी योजना के बलबूते छत्तीसगढ़ की गरीब महिलाओं में आत्मनिर्भरता की नींव धीरे-धीरे मजबूत हो रही है। छत्तीसगढ़ के महिलाओं की खुशियों के पीछे आर्थिक सशक्तिकरण का यह आधार भी है। केवल 7 महीनों में ही विष्णु सरकार की महतारी वंदन योजना ने महिलाओं में ही नही अपितु उनके घर-परिवार में  खुशियों की  मिठास घोल दी है। इस योजना से महिलाओं का सम्मान भी बढ़ाने  के साथ-साथ  उनके जीवनशैली में परिवर्तन किया है। आर्थिक रूप से सशक्तिकरण ने परिवार के बीच रिश्तों की गाँठ को और भी मजबूती से बाँधना शुरू कर दिया है।
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का जताया आभार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीबों के जीवन स्तर को बेहतर करने के लिए पक्के घर बनाने और उपलब्ध कराने के लिए वर्ष जून 2015 में प्रधानमंत्री आवास योजना की शुरुआत की थी। इन घरों में शौचालय, बिजली, पीने का पानी, स्वच्छ ईंधन (एलपीजी) आदि जैसी बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने का प्रावधान है। जब लोग सक्रिय रूप से अपने घरों के निर्माण में भाग लेते हैं और इन सुविधाओं को प्राप्त कर लेते हैं तो उनका अपने घरों से एक मजबूत रिश्ता बन जाता है और वे भावनात्मक रूप से उससे जुड़ाव महसूस करते हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना ने देशभर के कई आवासहीन परिवारों के लिए एक नई उम्मीद जगाई है। बेघर परिवारों को इस योजना के माध्यम से मिल रहे पक्के मकान ने न केवल लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाया है, बल्कि उन्हें एक सुरक्षित और स्थायी आवास भी प्रदान कर रही है। 
 
मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ में अधिकाधिक पात्र लोगों तक इसका लाभ पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। श्री साय के मुख्यमंत्री बनने के बाद कैबिनेट ने सबसे पहला काम राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख मकान स्वीकृत करने का किया था और प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन को लागू करने के लिए राज्य शासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। 
 
प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाय) के अंतर्गत जगदलपुर वार्ड 30 की निवासी श्रीमती शोभा नाग का पक्का मकान बनाने का सपना साकार हो गया है। श्रीमती शोभा नाग ने इस योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का आभार प्रकट किया और कहा कि अब उनका परिवार सुरक्षित और सुविधाजनक पक्के मकान में रह सकेगा। श्रीमती नाग ने बताया कि आजीविका के लिए टिफिन बाँटने का काम करती है जिसमें तकरीबन चार हजार महीना आय प्राप्त होती है। आय कम होने से पक्का मकान बनाने में असमर्थ थे। कच्चा मकान में दिक्कतों का सामना करना पड़ता था, बच्चों के भविष्य को लेकर बहुत चिंता होती थी। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के अन्तर्गत मुझे योजना का लाभ पाने का अवसर मिला और अब मेरा खुद का आशियाना बन गया है।
 
सरगुजा जिले के अम्बिकापुर नगर निगम क्षेत्र की रहने वाली श्रीमती कौशल्या राम की जिंदगी कभी आसान नहीं थी। उनके पति स्व. श्री बिरजू राम की मृत्यु बीस साल पहले हो गई थी, जब उनके पांच छोटे-छोटे बच्चे थे। उस समय, कौशल्या के पास अपना और अपने बच्चों की परवरिश के लिए कोई आय नहीं थी। उन्होंने मजदूरी कर अपने परिवार की परवरिश की। उनकी आय इतनी नहीं थी कि वे अपने बच्चों को अच्छी जिंदगी दे सकें। उनका मकान कच्चा था, जो बारिश के मौसम में छत से पानी टपकता रहता था। कौशल्या ने कभी सोचा नहीं था कि उनका भी अपना पक्का मकान बनेगा। लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनकी जिंदगी को खुशियों से भर दिया। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत, कौशल्या को अपना पक्का मकान बनाने के लिए आर्थिक सहायता मिली जिससे उन्होंने अपना पक्का मकान बनाया। उन्होंने पक्के मकान का सपना साकार करने के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी और मुख्यमंत्री साय को बहुत-बहुत धन्यवाद दिया है
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