छत्तीसगढ़
विशेष पिछड़ी जनजातियों के सर्वांगीण विकास के लिए शासन संकल्पित
पीएचई में इंजीनियर्स सहित 181 पदों पर भर्ती का मार्ग प्रशस्त
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए -
मुख्यमंत्री भारतीय उद्योग परिसंघ द्वारा आयोजित युवा उत्सव 3.0 में हुए शामिल
पारंपरिक खेती छोड़ डच रोज़ की खेती से हो रही मालामाल
आज के समय में पारंपरिक खेती की तुलना में बागवानी या फूलों की खेती किसानों के लिए अधिक मुनाफा देने वाली खेती साबित हो रही है। मुख्य रूप से गुलाब की खेती की तरफ किसानों का रुझान बढ़ रहा है। गुलाब की मांग पूरे वर्ष बनी रहती है। साथ ही त्योहारों, शादी समारोह व विभिन्न आयोजनों के समय इसकी मांग काफी बढ़ जाती है। धान की पैदावार के लिए पहचान रखने वाले छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कटघोरा विकासखण्ड की कुमगरी की रहने वाली रजनी कंवर ने गुलाब की खेती करके एक मिसाल कायम की है और दूसरे किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बनी है। रजनी ने विभागीय सहायता से डच रोज़ की खेती शुरू की और आज 30 हजार से अधिक की प्रतिमाह कमाई कर रही हैं। पिछले 5 माह में ही उसे 3 लाख से अधिक रूपए का शुद्ध मुनाफा हुआ है।
कुछ नया करने के इरादे ने रजनी का डच रोज़ की खेती की तरफ बढ़ाया रुचि -
रजनी बताती हैं कि वर्तमान समय में किसान को बेमौसम बारिश, तूफान, अतिवृष्टि, सूखा जैसी कई प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ता है साथ ही विभिन्न प्रकार के कीटों व बीमारियों से अपनी फसलों की रक्षा करनी पड़ती है। इतनी परेशनियों के बाद भी किसान को अपेक्षाकृत अधिक लाभ नहीं होता। उनके द्वारा पूर्व में भी अपनी जमीन पर धान की फसल उगाया जाता था, जिससे उन्हें अधिक आमदनी नही होती थी। रजनी व उनके पति श्री जय सिंह ने परम्परागत कृषि से अलग आधुनिक खेती कर अपने आय में वृद्धि करने की सोची। इसी दौरान लाभार्थी को नेशनल हार्टिकल्चर बोर्ड द्वारा डच रोज़ की खेती की जानकारी मिली। डच रोज़ कल्टीवेशन से लंबे समय तके होने वाले लाभ की सोच से उन्होंने इसका खेती करने का निश्चय किया और अपने जमीन पर पाली हॉउस तैयार कर गुलाब की खेती प्रारंभ की। उद्यानिकी विभाग द्वारा उनके हौसले को बढ़ाते हुए समय पर दस्तावेजों की पूर्ति कराई गई एवं नाबार्ड द्वारा 40 लाख का वित्तीय सहयोग प्रदान किया गया। जिसमें उन्हें 50 प्रतिशत अनुदान भी दिया जा रहा है। साथ ही पॉली हाऊस में ड्रिप, बोर, स्टोरेज रूम जैसी सुविधाएं भी प्रदान की गई है। समय समय पर विभाग द्वारा रजनी को आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाता है। रजनी द्वारा फरवरी 2024 में अपने 2600 वर्गमीटर लगभग 65 डिसमिल जमीन पर पॉली हाऊस का निर्माण कराकर डच रोज़ की खेती प्रारंभ की गई। जहां उन्होंने इसकी 22000 पौधे का प्लांटेशन किया। पॉली हाऊस के अंदर डच रोज़ की खेती करने से पौधों को सीधे सूर्य की रौशनी, बारिश, आंधी से सुरक्षा मिलती है। सूक्ष्म सिंचाई और टपक विधि से कम पानी में गुलाब की खेती में सफलता प्राप्त हो रही है। रजनी द्वारा किए गए गुलाब की खेती को देखने के लिए दूर-दूर से लोग भी आते हैं।
उनके फॉर्म में प्रतिदिन 40 से 50 किलो गुलाब कल्टीवेशन किए जाते है। मजदूरों द्वारा इन गुलाब को तोड़कर डिमांड अनुसार पैकेजिंग व सप्लाई किया जाता है। रजनी ने बताया कि इन पौधों की ठीक ढंग से देखभाल करने से इनसे 2-3 साल तक उत्पादन लिया जा सकता है। जिससे लंबे समय तक पौधों से लाभ मिलेगा।
गुलाब के उत्पादन के शुरुआत से ही बाजार में इसकी मांग आने से रजनी का उत्साह बढ़ा हुआ है। अपनी खुशी जाहिर करते हुए वे कहती है कि अपने पति जयसिंह के सहयोग व विभागीय मदद से उन्होंने डच रोज की खेती करने का बड़ा फैसला लिया है। जिसका अब उन्हें लाभ मिल रहा है। प्रतिमाह उसे मजदूरी भुगतान, दवाई, खाद सभी खर्चों के बाद भी औसतन 30-40 हजार तक का लाभ हो रहा है। वर्तमान में उनके द्वारा कोरबा, बिलासपुर, अम्बिकापुर में फूलो का विक्रय किया जा रहा है। साथ ही उनके द्वारा इवेंट ऑर्गेनाइजर, डेकोरेशन शॉप्स वालों से भी संपर्क किया जा रहा है। जिससे आगे चलकर बड़े पैमानों पर गुलाब का विक्रय किया जा सके। आने वाले त्यौहारों व शादी सीजन में बाजारों में फूलो की मांग बढ़ेगी जिससे उनके आय में और अधिक वृद्धि होगी।
अवैध शराब बिक्री और रेत उत्खनन पर करें कड़ी कार्रवाई: दयालदास बघेल
खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने महासमुंद जिला के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर शासन के योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। खाद्य मंत्री श्री बघेल ने बैठक में अधिकारियों को कड़े शब्दों में कहा कि अधिकारी-कर्मचारी शासन के मंशानुरूप कार्य करें। उन्होंने कहा कि जिले में अवैध शराब बिक्री, नशाखोरी और अवैध रेत उत्खनन पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने राशनकार्ड बनाने में गड़बड़ी करने वाले के विरूद्ध भी कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मंत्री श्री बघेल ने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार के योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचाने के लिए अधिकारियों को फिल्ड में जाकर वस्तुस्थिति की जानकारी लेने के निर्देश दिए।
मंत्री श्री बघेल ने कहा कि शासन की हर योजना का लाभ अंतिम पंक्ति के पात्र हितग्राहियों को मिले। आर्थिक रूप से कमजोर और गरीब व्यक्ति शासन की किसी भी योजना से वंचित न हो, इस पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने महासमुंद प्रवास के दौरान अलग-अलग योजनाओं के तहत हितग्राहियो को सामग्री और उपकरण प्रदान किया।
समीक्षा बैठक में खाद्य मंत्री बघेल ने कहा कि ग्रामीणों की राजस्व प्रकरण एवं जमीन संबंधित समस्याओं का मौके पर निराकरण होना चाहिए। उन्होंने विवादित, अविवादित सीमांकन आदि प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। मंत्री श्री बघेल ने जिले की कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए पुलिस अधीक्षक से जिले में अवैध शराब और नशीली दवाइयों की अवैध बिक्री पर तुरंत कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आबकारी विभाग के साथ मिलकर पुलिस की टीम छापामार कार्रवाई करें और अवैध शराब बिक्री पर रोक लगाएं। खाद्य विभाग की समीक्षा में मंत्री श्री बघेल ने कहा कि पात्र व्यक्तियों का राशन कार्ड बनना सुनिश्चित हो। इसमें किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि बने हुए राशन कार्ड, जो अभी तक वितरित नहीं हुए हैं उन्हें एक सप्ताह के भीतर वितरण सुनिश्चित किया जाए। मंत्री श्री बघेल ने कहा कि इसी तरह राशन वितरण में गड़बड़ी भी स्वीकार नहीं की जाएगा। राशन का पूरा कोटा पीडीएस दुकानों में समय पर पहुंच जाए और वितरित भी हो जाए। इस संबंध में यदि राशन कार्ड लेनदेन में किसी तरह की शिकायत मिलती है तो संबंधित कर्मचारी के उपर निलंबन की कार्रवाई करें।
खाद्य मंत्री बघेल ने समीक्षा करते हुए धान खरीदी के लिए सभी आवश्यक इंतजाम करने के लिए तैयारी शुरू करने कहा है। उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए बारदाने की व्यवस्था, धान खरीदी में इंटरनेट कनेक्शन, कंप्यूटर और नापतौल उपकरणों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। जिन राशनकार्डों का नवीनीकरण नहीं हुआ है, उन राशनकार्डों का विधिवत सत्यापन की कार्यवाही जल्द पूरी करने निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने जिले में किए जा रहे विकास कार्यों की पावर पॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से जानकारी दी।
खाद्य मंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत किए गए कार्यों को पूर्ण करे और यह सुनिश्चित करें कि हर घर पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि जिन गांवों में अभी तक कार्य प्रारम्भ नहीं हुआ है ऐसे कार्यां की जांच कराएं। मंत्री श्री बघेल ने आंगनबाड़ी केन्द्रों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों में भर्ती के लिए पारदर्शिता बरते और नियमानुसार नियुक्ति करें। मंत्री श्री बघेल ने यह भी कहा कि समस्त छात्रावास और स्कूलों में जाकर समय-समय पर बच्चों का स्वास्थ्य कैम्प आयोजित करें। चिरायु के टीम से स्वास्थ्य चेकअप कराएं और रिपोर्ट के पश्चात उपचार करें। बैठक में श्री बघेल ने कहा कि स्कूल मरम्मत के नाम पर गुणवत्ता में समझौता न हो। उन्होंने शेष निर्माण कार्यां को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए हैं। वहीं स्वीकृत छात्रावासों को भी पूर्ण करने कहा गया।
मंत्री ने मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, स्वच्छ भारत मिशन, एनआरएलएम, आयुष्मान कार्ड विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही एकल शिक्षक वाले विद्यालय, जल जीवन अंतर्गत प्रगतिरत कार्यों सहित सड़कों की वस्तु स्थिति चर्चा कर कार्य में कसावट लाने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।
बैठक में सांसद रुपकुमारी चौधरी, महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव, सरायपाली विधायक चातुरी नंद, जिला पंचायत अध्यक्ष उषा पटेल, जिला पंचायत सदस्य वृन्दावती पाड़े, जनपद अध्यक्ष बसना रूखमणी पटेल, कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, पुलिस अधीक्षक आशुतोष सिंह, स्थानीय जनप्रतिनिधि और आला अधिकारी मौजूद थे।
संभाग आयुक्त ने एसडीएम एवं तहसील कार्यालय का किया निरीक्षण
दुर्ग संभाग के आयुक्त सत्यनारायण राठौर ने भिलाई-3 में तहसील कार्यालय एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने लोक सेवा केन्द्र, मॉडर्न रिकॉर्ड रूम के लिए आरक्षित कक्ष, तहसील न्यायालय एवं एसडीएम न्यायालय का अवलोकन किया। न्यायालय में प्रकरणों के निराकरण की प्रगति पर संभाग आयुक्त ने संतुष्टि प्रकट की। इस अवसर एसडीएम महेश सिंह राजपूत, तहसीलदार पवन ठाकुर एवं अन्य अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों द्वारा पुस्तकों को लापरवाहीपूर्वक रद्दी बनाने की घटना का तत्काल लिया संज्ञान
छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग में 650 पदों पर होगी जल्द भर्ती
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ एवं बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अस्पतालों में उन्नत चिकित्सकीय उपकरण के साथ-साथ स्वास्थ्य कर्मियों की भर्ती भी की जा रही है।
91 वर्षीय बुजुर्ग ने पेश की अद्भुत मिसाल
बच्चे के इलाज के लिए चिंतित पिता की जनदर्शन में दूर हुई चिंता
आईटीआई की पढ़ाई कर रहे राजूराम वाचम को मुख्यमंत्री के हाथों मिली मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल
आबकारी सचिव ने ली आबकारी विभाग की समीक्षा बैठक
राज्य शासन के आबकारी विभाग की सचिव आर संगीता ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी की उपस्थिति में आबकारी विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों से मदिरा दुकानों में संलग्न सेल्स मेन की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि वे जिले की सभी दुकानों का निरीक्षण करें और ध्यान रखे कि किसी भी दुकान में निर्धारित कीमत से ज्यादा कीमत पर मदिरा विक्रय ना किया जाए। साथ ही मदिरा दुकानदार को वर्दी में रहने के निर्देश दिए। आबकारी अधिकारी को हर महीने दुकानों का ऑडिट करने को कहा। सेटअप के संदर्भ में उन्होंने आश्वासन दिया कि विभागीय पदोन्नति एवं रिक्त पदों को भरने की कार्यवाही शीघ्र ही किया जाएगा। बैठक में प्रबंध संचालक श्याम धावरे, एसपी जितेन्द्र शुक्ला, सहायक कलेक्टर एम.भार्गव, आबकारी अधिकारी राजेश जायसवाल सहित आबकारी विभाग के अधिकारी मौजूद थे।
वन भूमि को बेजा कब्जा से मुक्त कराने कार्रवाई जारी
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर राज्य में वन भूमि से बेजा कब्जा खाली कराने तथा वन्य अपराध की रोकथाम के लिए वन विभाग की उड़नदस्ता टीमों के साथ-साथ विभागीय अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार कार्रवाई कर रहे है।
जगदलपुर के अंतर्गत वन परिक्षेत्र भानपुरी में वन भूमि में बेजा कब्जा कर खेती करने के मामले में 23 लोगों के विरूद्ध वन अपराध का मामला दर्ज करने के साथ ही 26 एकड़ 29 डिसमिल वन भूमि में विभिन्न प्रकार की खड़ी फसलों सहित चैनलिंक, फेंसिंग खुटा, बारवेेड वायर आदि जब्त किया गया है। उड़नदस्ता टीम द्वारा यह कार्रवाई भानपुरी परिक्षेत्र में वन भूमि पर बेजा खेती किए जाने की शिकायत मिलने पर जगदलपुर वन वृत्त के मुख्य वन संरक्षक श्री आर.सी. दुग्गा एवं वनमण्डलाधिकारी बस्तर श्री उत्तम गुप्ता के मार्गदर्शन में उड़नदस्ता टीमों ने दबिश दी और वन भूमि पर बेजा खेती करने का मामला सामने आने पर 23 लोगों के विरूद्ध वन अपराध का मामला कायम कर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जगदलपुर के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की कार्रवाई की है।
राज्य स्तरीय उड़न दस्ता टीम ने भानपुरी वन परिक्षेत्र के चपका कक्ष में तीन व्यक्तियों द्वारा 1.81 एकड़ भूमि पर बेजा कब्जा कर मिर्ची एवं धान की खेती किए जाने का मामला पकड़ में आने पर फसल की जब्ती के साथ ही विकास देवांगन पिता अनिल देवांगन, राजू पिता सोमारू, तुलसी पिता मीठू के विरूद्ध मामला दर्ज किया गया है। उड़नदस्ता टीम ने यहां से 8 बंडल चैनलिंक एवं 73 नग बांस का फेंसिंग खुंटा भी जब्त किया है।
वृत्त स्तरीय उड़न दस्ता टीम जगदलपुर ने ग्राम मुरकुची में 20 अतिक्रमणकारी के विरूद्ध कार्यवाही करते हुये 24.47 एकड़ भूमि पर अतिक्रमण कर मक्का और उड़द की खड़ी करने वाले 20 लोगों के विरूद्ध वन अपराध का मामला दर्ज करने के साथ ही उनके पास से 10 बंडल फेंसिंग तार एवं 300 नग फेंसिंग खूंटा जब्त किया। वन भूमि पर बेजा कब्जा कर खेती करने के मामले में जिनके विरूद्ध प्रकरण दर्ज किया गया हैं, उनमें ग्राम मुरूकुची निवासी डमरू, फूलसिंग एवं पांच अन्य, सुरेश एवं तीन अन्य, केलूराम एवं पांच अन्य तथा रूपनाथ एवं तीन अन्य व्यक्ति शामिल है।
जैविक खेती को बढ़ावा देने के साथ ही आवारा गौवंश का सहारा बने गाड़ाडीह के किसान रमनलाल साहू
आज के इस आधुनिक दौर में वैसे तो खेती किसानों के काम को उतना महत्व नहीं दिया जाता है, जितना की सरकारी या किसी अन्य नौकरी को दिया। पुराने समय में बुजुर्गो का मानना था, कि नौकरी करोगे तो जीवन भर नौकर ही बन जाओगे। इसलिए पुराने लोग नौकरी को कम और स्वयं के व्यवसाय को अधिक महत्व देते थे। ऐसी ही कहानी धमतरी जिले के ग्राम गाड़ाडीह निवासी प्रगतिशील किसान रमनलाल साहू की। जिन्होंने परम्परागत खेती को पीछे छोड़ आधुनिक खेती को अपनाया है। जैविक खेती को बढ़ावा देते हुए जल एवं पर्यवरण संरक्षण की दिशा में भी सराहनीय काम किया है।
प्रगतिशील किसान श्री साहू बताते हैं कि वे बीते 8 सालों से धान की जैविक खेती कर रहे हैं और जल संरक्षण की दिशा में रबी सीजन में दलहन-तिलहन की फसल ले रहे हैं। इससे जमीन की उर्वरकता तो बढ़ी ही है, साथ ही फसल भी बढ़ी है। उन्होंने बताया कि उनके पास 3 एकड़ से अधिक कृषि भूमि है, जिसमें खरीफ सीजन में धान और रबी सीजन में दलहन-तिलहन की फसल लेते हैं।
श्री साहू बताते है कि किसान होने के साथ-साथ पशु मित्र भी है, उन्होंने गली-मोहल्लों में आवारा घूमने वाले गौवंश को सहारा देने के उद्देश्य से अपने खेत समीप 25 डिस्मिल क्षेत्र में गौठान तैयार किया है। इन गौवंश से प्राप्त होने वाले गोबर का उपयोग जैविक खेती करने में कर रहे हैं। वहीं दूध बेचकर हर माह 9 हजार रूपये की शुद्ध आमदनी प्राप्त कर रहे हैं। श्री साहू ने यह भी बताया कि उन्होंने खेत में छोटा सा तालाब बनाया है, जिससे गौवंश के लिए पानी की व्यवस्था की है, वहीं क्रेडा की ओर से सोलर पैनल भी लगवाया है। इसके साथ ही गोबर गैस संयंत्र लगाकर गौवंश के लिए दाना-पानी उबालते हैं।
रमनलाल साहू रासायनिक खेती के दुष्परिणामों के बारे में अन्य किसानों को अवगत कराते हुए जैविक खेती करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। साथ ही अपने गौशाला से उत्पादित गोबर, गौ मूत्र को अपने खेतों में उपयोग करते हुए जहरमुक्त अन्न की पैदावार कर उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की व्यवस्था करते हैं। जैविक खेती को बढ़ावा देने के श्री साहू को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अभी हाल ही में सम्मानित भी किया है।

