छत्तीसगढ़ - Newsportal | Chhattisgarh Darpan Media Group

छत्तीसगढ़

महादेव सट्टा एप का मालिक सौरभ चंद्राकर गिरफ्तार

 छत्तीसगढ़ के भिलाई में एक साधारण जूस विक्रेता से महादेव ऐप के सट्टेबाजी सरगना बनने तक, सौरभ चंद्राकर का सफर अब समाप्ति पर पहुंच चुका है। खबरों के अनुसार सौरभ चंद्राकर को दुबई में गिरफ्तार कर लिया गया है। दुबई में उसकी गिरफ्तारी इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर की गई, जिसे प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अनुरोध पर जारी किया गया था। यह गिरफ्तारी भारतीय एजेंसियों के समन्वित प्रयासों का परिणाम है, जिसमें विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय ने प्रमुख भूमिका निभाई।

महादेव ऐप सट्टेबाजी घोटाले की जांच सीबीआई को सौंपी गई

 

लगभग डेढ़ महीने पहले, छत्तीसगढ़ सरकार ने महादेव ऐप सट्टेबाजी घोटाले की जांच को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपने का निर्णय लिया। यह निर्णय 22 अगस्त को लिया गया था, जिसके बाद चंद्राकर की गिरफ्तारी हुई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया था कि घोटाले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और सभी दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए सीबीआई को जांच सौंपी गई।

CBI और ED की भूमिका

CBI और ED ने इस घोटाले की गहराई में जाकर जांच की, जिससे चंद्राकर की गतिविधियों का पर्दाफाश हुआ। अब तक 572.41 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अटैच किया जा चुका है, जिसमें 100 करोड़ रुपये की संपत्ति दुबई में है। यह गिरफ्तारी अत्यंत गोपनीय तरीके से की गई थी, जिसमें केवल कुछ शीर्ष अधिकारियों को इसकी जानकारी थी। उच्च-स्तरीय सूत्रों ने बताया कि चंद्राकर को आसानी से गिरफ्तार करने के लिए कार्रवाई को पूरी तरह गुप्त रखा गया। दुबे में गिरफ्तारी के बाद, भारत सरकार और CBI को जानकारी मिलने पर प्रत्यर्पण प्रक्रिया तेज हो गई। MEA (विदेश मंत्रालय), MHA (गृह मंत्रालय), ED, और CBI ने संयुक्त रूप से काम किया, सभी औपचारिकताओं को बिना देरी के पूरा करने की प्रक्रिया शुरू की।

पुलिस महानिरीक्षक राम गोपाल गर्ग का योगदान

इस ऑपरेशन की सफलता में दुर्ग रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IGP) राम गोपाल गर्ग का योगदान महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने CBI में अपने अनुभव का उपयोग करते हुए चंद्राकर की हर गतिविधि पर नज़र रखी और CID के माध्यम से एक अनूठी अनुरोध प्रक्रिया चलाई। उन्होंने जुलाई 2024 में गृह मंत्रालय को तत्काल अनुरोध भेजा, जिससे प्रोविजनल अरेस्ट और प्रत्यर्पण प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया गया।

और भी

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर निवास कार्यालय में विधिवत कामकाज की शुरुआत की

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर सेक्टर 24 स्थित अपने निवास कार्यालय में विधिवत कामकाज की शुरुआत की।  मुख्यमंत्री के सचिव  राहुल भगत,  पी. दयानंद और  बसवराजु  एस. ने उनका नए कार्यालय में स्वागत किया। 
         इस दौरान मुख्यमंत्री ने कुछ महत्वपूर्ण फाइलों का अनुमोदन किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारी-कर्मचारी भी मौजूद रहे।
और भी

ट्रक से टकराई कार, युवक-युवती की मौत, 2 घायल...

 जिले के बतौली नेशनल हाइवे में तेज रफ़्तार कार ट्रक से टकरा गई। इस हादसे में युवक और युवती की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि, पीछे बैठे युवक-युवती को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। वहीं ट्रक ड्राइवर मौके से फरार हो गया।

मिली जानकारी के अनुसार, एक कार में सवार होकर दो युवक और दो युवती कूड़ोपारा सिलमा जा रहे थे। तभी कार अनियंत्रित होकर सामने आ रहे ट्रक जा घुसी। इस हादसे में कार चला रहे कुनकुरी निवासी 19 वर्षीय दुष्यंत तिग्गा और सामने बैठी पूर्णिमा एक्का की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि, कार के पीछे सीट पर बैठे कराबेल निवासी अनुज तिर्की और  रेनूका तिर्की घायल हो गए। जिन्हें 112 टीम ने कार के गेट को तोड़कर बाहर निकाला।

दोनों घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बतौली में भर्ती कराया गया। जिनके गंभीर अवस्था के कारण दोनों घायल युवक- युवती को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना के पश्चात ट्रक ड्राइवर गाड़ी को बीच सड़क में लॉक कर चाभी लेकर मौके से फरार हो गया। इस हादसे के दोनों मृतकों के घर में मातम पसर गया है।

और भी

महाराष्ट्र-झारखण्ड चुनाव में लगी छत्तीसगढ़ के 21 IAS अधिकारियों की ड्यूटी

 

चुनाव आयोग अगले सप्‍ताह महाराष्‍ट्र और झारखंड के लिए चुनाव कार्यक्रमों की घोषणा कर सकता है। इस बीच चुनाव आयोग ने छत्‍तीगसढ़ के 21 आईएएस अफसरों को चुनाव ड्यूटी के लिए बुलावा भेजा है। इनमें 6 महिला आईएएस भी शामिल हैं।
चुनाव आयोग ने महाराष्‍ट्र और झारखंड के विधानसभा चुनाव ड्यूटी के लिए छत्‍तीसगढ़ के 21 आईएएस अफसरों का नाम फाइनल किया है। आयोग ने इन अफसरों की सूची राज्‍य सरकार को भेज दी है और चुनाव ड्यूटी वाले सभी अफसरों को 16 अक्‍टूबर को विज्ञान भवन में रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है।

16 अक्‍टूबर को विज्ञान भवन में अफसरों की ट्रेनिंग होगी। इसी तारीख के आसपास आयोग की तरफ से दोनों राज्‍यों में चुनाव की घेाषणा भी हो सकती है। ऐसे में चुनाव ड्यूटी वाले इन 21 अफसरों में से कई को दीपावली प्रदेश से बाहर ही मनाना पड़ सकता है।

अफसरों ने बताया कि अभी केवल 21 अफसरों की सूची आई है। इनमें से किस अफसर की ड्यूटी महाराष्‍ट्र में लगी है और किसी झारखंड में यह नहीं बताया गया है। बताया जा रहा है कि 16 अक्‍टूबर की ट्रेनिंग के दौरान ही इन अफसरों को बताया जाएगा कि कौन सा अफसर किस राज्‍य में जाएगा।
इन अधिकारियों को आया है चुनाव आयोग का बुलावा
चुनाव आयोग की तरफ से जिन 21 अफसरों को बुलावा भेजा गया है उनमें आर. प्रसन्‍ना, भूवनेश यादव, सीआर प्रसन्‍ना, जनक प्रकाश पाठक, शम्‍मी आब‍िदी, शिखा राजपूत तिवारी, केडी कुंजाम, किरण कौशल, पदूस सिंह अल्मा, सारांश मित्‍तर, जितेंद्र कुमार शुक्‍ला, अभिजीत सिंह, दिव्या उमेश मिश्रा, इफ्फत आरा, पुष्पा साहू, रितेश कुमार अग्रवाव, तारण प्रकाश सिन्‍हा, जगदीश सोनकर, राजेंद्र कुमार, कुलदीप शर्मा और कुन्दन कुमार शामिल हैं।

और भी

सक्ती में बड़ा हादसा: नहर में गिरी पिकअप, 18 लोगों का रेस्क्यू, 2 बच्चे लापता...

 छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में देर रात एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब 20 लोगों से भरी एक पिकअप अनियंत्रित होकर नहर में गिर गई। इस हादसे के बाद मौके पर हड़कंप मच गया और तुरंत इसकी सूचना एसडीआरएफ (SDRF) को दी गई। टीम ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद 18 लोगों का रेस्क्यू किया, लेकिन अब भी दो बच्चे लापता हैं। 6 साल और 2 साल के मासूम बच्चों की तलाश में लगातार प्रयास जारी हैं।


घटना का विवरण:
मिली जानकारी के अनुसार, बैलाचुआ से सलिहाभांठा, मोहगांव के पास यह हादसा हुआ। एक ही परिवार के 20 लोग जगराता कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे, जब ड्राइवर के नशे में होने के कारण पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर नहर में जा गिरी। घटना के बाद आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस और रेस्क्यू टीम को सूचना दी।

रेस्क्यू ऑपरेशन:
एसडीआरएफ की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर 18 लोगों को नहर से बाहर निकाला, लेकिन 12 घंटे बीत जाने के बाद भी दो मासूम बच्चे लापता हैं। गोताखोरों की टीम भी मौके पर मौजूद है और बच्चों की तलाश में लगी हुई है।

हादसे के बाद नगरदा पुलिस की टीम भी मौके पर मौजूद है और मामले की जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि हादसे के समय पिकअप का ड्राइवर नशे में था, जिसके कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ।

 

 

और भी

मुख्यमंत्री साय ने श्री रतन टाटा के निधन पर शोक व्यक्त किया

/मुख्यमंत्री  विष्णु  देव  साय ने  सुप्रसिद्ध उद्योगपति, पद्म भूषण व पद्म विभूषण से सम्मानित श्री रतन टाटा जी के निधन को अत्यंत दुःखद बताते हुए गहरा  शोक व्यक्त किया है।
 
साय ने  कहा  कि श्री  रतन  टाटा ने भारतीय उद्योग जगत को सर्वोच्च स्थान पर स्थापित किया। शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, स्वच्छता, मानव कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में उनके योगदान को भारतवासी सदैव याद रखेंगे। उनका सादगी पूर्ण जीवन, नैतिक नेतृत्व और परोपकार की भावना एक मिसाल थी। वह सदैव हमारी यादों में जीवित रहेंगे।
 
उनका निधन भारत और उद्योग जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। देश और समाज में बेहतर बदलाव के लिए उनके द्वारा किए गए अभूतपूर्व कार्य हम सबके लिए प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे।
 
ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिजनों, उनके शुभचिंतकों को संबल प्रदान करने की विनम्र प्रार्थना करता हूं।
 
और भी

बैक टू आयुर्वेद : छत्तीसगढ़ के धमतरी में बूटीगढ़ की स्थापना, आयुर्वेदिक रसशाला बन रही आकर्षण का केंद्र

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में जल संरक्षण और आयुर्वेद को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। यहां आयुर्वेदिक चिकित्सा और प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष प्रयास किया गया है। यह प्रदेश में अपनी तरह का पहला नवाचार है। 
 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने   आयुष विभाग और धमतरी जिला प्रशासन के इस नवाचार की सराहना की है और ज्यादा से ज्यादा वन संपदा को सहजने और लोगों को आयुर्वेद के बारे में जागरूक करने के लिए कहा है।इस पहल के अंतर्गत जिला प्रशासन ने आयुर्वेद को स्थानीय लोगों के जीवन में सम्मिलित करने के लिए विशेष रूप से जिले के वंनाचल ग्राम सिंगपुर (बूटीगढ़) में आयुष रसशाला (औषधीय पेय केंद्र) की स्थापना की गई है। 
 
बूटीगढ़ क्षेत्र में प्राकृतिक रूप से औषधिगुणयुक्त पौधे पाये जाते हैं, इसलिए यहां हर्बेरियम का निर्माण किया जा रहा है। औषधिगुणयुक्त पौधों के संवर्धन, प्रचार-प्रसार और उपयोगिता के लिए रसशाला निर्मित किया जा रहा है। इस रसशाला के माध्यम से स्थानीय लोगों, छात्रों और पर्यटकों को रसपान का लाभ मिल सकेगा। 
 
आयुर्वेद में पानी का महत्व अनमोल है, क्योंकि यह शरीर के सभी प्रमुख तत्वों को संतुलित रखता है। धमतरी जिले में "जल जगार" कार्यक्रम के माध्यम से जल संरक्षण के साथ-साथ आयुर्वेदिक पेय पदार्थों और औषधियों की उपयोगिता को भी प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी में उपस्थित आयुर्वेदिक चिकित्सकों ने बूटीगढ़ और रसशाला के महत्व को बताते हुए यह जानकारी दी कि कैसे एक परिवार और समाज शुद्ध पानी और आयुर्वेदिक खानपान को अपनाकर स्वस्थ जीवन जी सकते हैं। 
 
बेहतर मानसिक और शारिरिक स्वास्थ्य के लिए दिया जा रहा काढ़ा
 
आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. अवध पचौरी ने बताया कि 160 प्रकार की जड़ी-बूटियों को चिन्हित किया गया है, जिनमें से पहले चरण में बूटीगढ़ में 25,000 पौधे लगाए गए हैं। इनमें से कुछ ऐसी जड़ी-बूटियाँ हैं जिन्हें आयुर्वेदिक उपचार के लिए चूर्ण या टैबलेट बनाकर इस्तेमाल भी किया जा रहा है। समय के साथ जब बूटीगढ़ विकसित होने लगेगा तो रसशाला के जरिए लोगों को आयुर्वेद के प्रति और भी जागरूक किया जा सकता है। इसके साथ ही बूटीगढ़ में विलुप्त होने वाली जड़ी-बूटियों को भी सहजा जा रहा है, ताकि भविष्य में इन पर शोध हो सके। उन्होंने बताया कि वर्तमान में विभिन्न आयुष केंद्रों में योग करने आये लोगों, मरीजों, गर्भवती महिलाओं , किशोर-किशोरियों व बच्चों को विभिन्न जड़ी-बुटियों से बना काढ़ा, औषधी स्वरूप दिया जा रहा है, जिससे लोगों के मानसिक और शारिरिक स्वास्थ्य में सकारात्मक परिर्वतन देखने को मिल रहा है। 
 
हृदय रोगियों के लिए रामबाण है ‘अर्जुन क्षीरपाक’
 
डॉ. अवध पचौरी के मुताबिक कोविड काल के बाद से ही लगातार ये देखा जा रहा है कि अचानक हार्ट अटैक से किसी भी उम्र वर्ग के व्यक्ति की ऑन-द-स्पॉट मृत्यु हो रही है, जान बचाने के लिए समय भी नहीं मिल पा रहा है, जो एक चिंता का विषय बन चुका है। आयुर्वेद में अर्जुन पेड़ की छाल से बनें ‘अर्जुन क्षीरपाक’ के नियमित सेवन इंस्टेंट हार्ट अटैक के मामलों में कमी लाई जा सकती है। अर्जुन की छाल में विशेष औषधीय गुण होते हैं, जो हृदय की धमनियों को मजबूती प्रदान करते हैं और हृदय की मांसपेशियों को शक्ति देते हैं। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए अत्यधिक लाभकारी है, जिन्हें हृदय संबंधी समस्याएं हैं या जिनमें हार्ट अटैक का खतरा अधिक होता है।
 
सामान्य जीवन में बेहद लाभकारी है आयुर्वेदिक औषधियाँ
 
जिला आयुष अधिकारी डॉ. गुरूदयाल साहू ने जानकारी देते हुए बताया कि हाल ही में जिले में हुए जल जगार महोत्सव में आयुष विभाग की प्रदर्शनी में बूटीगढ़ और रसशाला की प्रदर्शनी में  मुनगा (सहजन) जैसे पौधों के औषधीय गुणों को भी प्रदर्शित किया गया, जिसमें मुनगा का सूप बनाने की विधि बताई गई। साथ ही, विभिन्न जड़ी-बूटियों का अर्क डिस्टिलेशन प्रक्रिया के माध्यम से निकाला गया, जिससे रोज़मर्रा के जीवन में उपयोगी औषधियाँ तैयार की जा सकती हैं। बूटीगढ़ और रससाला का उद्देश्य ही यही है कि आमजनों को ज्यादा से ज्यादा औषधीय गुणों से भरे पेड़-पौधों को लेकर जागरूक किया जाए। हमारे घरों में ही कितनी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ उपलब्ध होती हैं, जिसके सेवन से मौसमी बीमारियों को ठीक किया जा सकता है। डॉ. गुरूदयाल आगे बताते हैं कि राशि रत्न पौधों को लगाने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। ज्यादा से ज्यादा औषधीय पौधरोपण से प्रकृति को भी सहजा जा रहा है और जल सरंक्षण में भी यह कदम सराहनीय है। साथ ही औषधीय पेड़-पौधों से जीवन में सकारात्मकता भी बढ़ती है। 
 
आयुर्वेद के प्राचीन ग्रंथ रसशास्त्र से मिली रसशाला की प्रेरणा
 
आयुर्वेद के प्राचीन ग्रंथों में से एक रसशास्त्र में औषधियों को बनाने की कई विधियों का वर्णन मिलता है। इन प्रक्रियाओं में अलग-अलग यंत्रों का उपयोग किया जाता था, जिनसे औषधियों को शुद्ध और तैयार किया जाता था। महर्षि नागार्जुन को इन विधियों का जनक माना जाता है। इन औषधियों का उपयोग विशेष रूप से बीमारियों के इलाज में किया जाता है। पुराने समय में आयुर्वेदाचार्य कई प्रकार के यंत्रों का इस्तेमाल करते थे। जैसे दोला यंत्र, उलूखल यंत्र, कच्छप यंत्र, और स्वेदनी यंत्र। इन यंत्रों से औषधियाँ बनती थीं, जो आज भी कई बीमारियों में कारगर होती हैं। आयुष रसशाला के जरिए ताजा जड़ी-बूटियों से औषधीय रस, अर्क, क्वाथ और पेय बनाए जाते हैं। ये औषधियाँ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती हैं और कई बीमारियों में फायदेमंद साबित होती हैं।
और भी

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने डोंगरगढ़ में माँ बम्लेश्वरी की पूजा-अर्चना की

राज्यपाल  रमेन डेका ने आज डोंगरगढ़ पहुंचकर माँ बम्लेश्वरी की पूजा-अर्चना की। उन्होंने माँ बम्लेश्वरी से प्रदेशवासियों की खुशहाली, उन्नति व सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। इस अवसर पर राज्यपाल के परिजन भी उपस्थित थे। राज्यपाल ने ज्योति कलश के दर्शन किए एवं हवन कुण्ड की पूजा की। इस अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका को कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल एवं पुलिस अधीक्षक  मोहित गर्ग ने पर्यटन विभाग द्वारा प्रकाशित काफी-टेबल बुक भेंट की।
इस अवसर पर मां बमलेश्वरी ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने राज्यपाल को स्मृति चिन्ह भेंट किया।
और भी

गुरुवार10 अक्टूबर को होने वाला जनदर्शन स्थगित

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का हर सप्ताह गुरुवार को होने वाला जनदर्शन इस गुरूवार 10 अक्टूबर को अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दिया गया है।
और भी

हरियाणा की चुनावी जीत: साय और गोयल की अनोखी टेलीफोनिक बधाई!

आज वाणिज्य भवन में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के बीच महत्वपूर्ण बैठक चल रही थी। यह बैठक छत्तीसगढ़ के वाणिज्य और उद्योग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए आयोजित की गई थी, जिसमें कृषि उत्पादों के प्रमाणीकरण, अंतरराष्ट्रीय निर्यात की संभावनाएं और प्रदेश में स्पेशल इकनॉमिक जोन (SEZ) की स्थापना पर विचार किया जा रहा था।
 
बैठक के दौरान, अचानक पीयूष गोयल के फोन की घंटी बजी। स्क्रीन पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का नाम चमक रहा था। हाल ही में हरियाणा में भाजपा ने विधानसभा चुनावों में शानदार जीत हासिल की थी, और यह फोन उसी खुशी की खबर लेकर आया था।
 
केंद्रीय मंत्री गोयल ने तुरंत फोन उठाया और खट्टर को बधाई देते हुए कहा, “मनोहर जी, आपको और आपकी पूरी टीम को बधाई! आपने हरियाणा की जनता का दिल जीतने में शानदार काम किया है। आपकी मेहनत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में सरकार की नीतियों का यह प्रतिफल है।”
 
इसके बाद, गोयल ने फोन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की ओर बढ़ाया। मुख्यमंत्री साय ने फोन पर खट्टर को बधाई देते हुए कहा, “आपने बहुत अच्छे तरीके से चुनाव का संचालन किया है। हरियाणा में भाजपा की यह जीत आपके कुशल नेतृत्व का प्रमाण है। आप और आपकी सरकार ने जनता के विश्वास को फिर से जीता है।”
 
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हरियाणा की यह सफलता भाजपा की जनकल्याणकारी नीतियों की जीत है। उन्होंने खट्टर से आशा जताई कि उनकी सरकार आने वाले समय में हरियाणा के विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।
 
बैठक के दौरान, पीयूष गोयल और विष्णुदेव साय ने यह भी चर्चा की कि हरियाणा की जीत भाजपा के लिए एक नया उत्साह लेकर आई है और इससे पार्टी के जनाधार को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।
 
इस मौके पर, केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा, “हमारी सरकार ने जो विकास कार्य किए हैं, उनका परिणाम हमें हरियाणा की जनता ने दिखाया है। इस जीत के साथ, हमें अब आने वाले समय में और भी बड़ी जिम्मेदारियों का सामना करना होगा।”
और भी

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से उनके निवास पर मुलाकात की।  इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में पिछले नौ महीनों के दौरान हुए विकास कार्यों की जानकारी दी, जिसमें कृषि, कौशल विकास और शिक्षा के क्षेत्र में की गई प्रमुख पहलों को रेखांकित किया गया। इसके साथ ही उन्होंने राज्य में हाल ही हुए सफल नक्सल ऑपरेशन की जानकारी प्रधानमंत्री से साझा की। प्रधानमत्री ने इस ऑपरेशन की सफलता पर सुरक्षा बलों के साहस की सराहना की। मुलाकात के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आठ लाख आवास स्वीकृत किये जाने पर नरेंद्र मोदी का आभार भी जताया। 
 
मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री को माओवाद के खिलाफ राज्य में चल रहे ऑपरेशन और विकास कार्यों की प्रगति पर विस्तृत जानकारी दी।  उन्होंने नारायणपुर-दंतेवाड़ा जिले के हालिया ऑपरेशन का जिक्र करते हुए बताया कि सुरक्षा बलों ने 31 नक्सलियों को मार गिराया है, जो राज्य में अब तक का सबसे बड़ा नक्सल ऑपरेशन है। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ में चल रहे विकास कार्यों का ब्योरा भी प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया राज्य सरकार सड़कों, स्कूलों, अस्पतालों और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। रोजगार सृजन और ग्रामीण विकास के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लोग मुख्यधारा से जुड़ सकें। प्रधानमंत्री मोदी ने इस सफलता की प्रशंसा की और कहा कि इससे न केवल राज्य में शांति बहाल हो रही है, बल्कि विकास की राह भी आसान हो रही है।
 
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि बस्तर और आदिवासी अंचलों में युवाओं के कौशल उन्नयन के लिए सरकार विशेष योजनाएँ चला रही है। इन योजनाओं के तहत युवाओं को विभिन्न तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं, जिससे वे उच्च शिक्षा प्राप्त कर रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें। यह पहल राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
 
कृषि के क्षेत्र में, मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री को बताया कि छत्तीसगढ़ में डिजिटल तकनीक और उन्नत कृषि विधियों का व्यापक प्रयोग हो रहा है। इससे किसानों की उत्पादकता और उनकी आय में वृद्धि हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये प्रयास प्रधानमंत्री के “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य के साथ मेल खाते हैं, और छत्तीसगढ़ इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
 
शिक्षा के क्षेत्र में भी राज्य ने बड़े बदलाव किए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि आदिवासी अंचलों में बच्चों को उनकी मातृभाषा में शिक्षा प्रदान की जा रही है, जिससे बच्चों की शैक्षणिक प्रगति में सुधार हो रहा है। साथ ही, तकनीकी शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि राज्य के बच्चे आधुनिक तकनीकों में प्रशिक्षित हो सकें और भविष्य के लिए तैयार हो सकें।
 
प्रधानमंत्री मोदी ने छत्तीसगढ़ सरकार के इन प्रयासों की सराहना की और कहा कि राज्य की विकास यात्रा अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने मुख्यमंत्री साय को राज्य की प्रगति के लिए और भी अधिक समर्थन और सहयोग का आश्वासन दिया।
 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बड़ी संख्या में आवास की स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत लाखों परिवारों को अपने घर का सपना साकार हुआ है, जिससे उनके जीवन में स्थिरता और सुरक्षा का भाव उत्पन्न होगा।
और भी

छत्तीसगढ़ के सफल नक्सल ऑपरेशन पर केंद्रीय गृह मंत्री ने की तारीफ

देश के नक्सल प्रभावित राज्यों में जारी नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियानों पर एक अहम बैठक आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की, जिसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और अन्य नक्सल प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने हिस्सा लिया।
 
इस महत्वपूर्ण बैठक का केंद्र बिंदु छत्तीसगढ़ का हाल ही में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ नक्सल विरोधी ऑपरेशन था, जिसमें राज्य की पुलिस ने 31 नक्सलियों को ढेर किया। इस ऑपरेशन में छत्तीसगढ़ पुलिस की कुशल रणनीति और राज्य सरकार की योजनाओं की सफलता पर विशेष चर्चा की गई। बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जेपी नड्डा, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री श्री नित्यानंद राय तथा छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा भी उपस्थित थे।
 
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस ऑपरेशन में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और उनकी टीम के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष जनवरी से लेकर अब तक छत्तीसगढ़ के सुरक्षा बलों ने लगभग 194 नक्सलियों को मुठभेड़ में मार गिराए हैं। वहीं 801 नक्सली गिरफ्तार हुए एवं 742 नक्सलियों ने आत्म समर्पण किया है। उन्होंने कहा आज भी जो युवा नक्सलवाद में लिप्त है उनसे आग्रह है कि हथियार छोड़ कर मुख्य धारा से जुड़े। सभी राज्यों ने आपके पुनर्वास के लिए बेहतर योजनाएं बनाई हैं उसका फायदा लीजिए। 
 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बैठक में नक्सल ऑपरेशन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे राज्य पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने महीनों की मेहनत और प्लानिंग के बाद इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। ऑपरेशन में करीब 1000 जवान शामिल थे, जिन्होंने 15 किलोमीटर के दायरे में स्थित गवाड़ी पहाड़ को घेरकर 31 नक्सलियों को ढेर किया। इस ऑपरेशन में कई बड़े नक्सली नेता मारे गए, जिनमें 16 पर कुल 1 करोड़ 30 लाख का इनाम घोषित था। मुठभेड़ में 18 पुरुष और 13 महिला नक्सली मारे गए।
 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने प्रेजेंटेशन में बताया कि कैसे राज्य की पुलिस फोर्स ने सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। 
 
मुख्यमंत्री ने बैठक में केवल ऑपरेशन की सफलता पर ही नहीं, बल्कि राज्य में चल रहे विकास कार्यों पर भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि “नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों की गति बढ़ाई गई है। हम निरंतर गाँवों तक बुनियादी सुविधाएँ पहुंचा रहे हैं, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, और महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।” श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह  के लगातार मिल रहे मार्गदर्शन में हमने माओवादियों के कोर को तोड़ा। ऐसे एरिया में हमने 32 नये कैम्प स्थापित किये हैं, जिसे वो अपनी राजधानी तक कहते थे। उनकी बटालियन के कमांडर हिड़मा के गाँव में भी हमने कैंप स्थापित किया और उसकी माँ को भी स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई। 
 
भविष्य की योजनाओं और लक्ष्य की दी जानकारी
 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ सरकार की आगे की योजनाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य नक्सलियों के बचे हुए गढ़ों को समाप्त करना और इन इलाकों में स्थाई शांति और विकास सुनिश्चित करना है। निकट भविष्य में, दक्षिण बस्तर में 29 नए सुरक्षा कैंपों की स्थापना की जाएगी, ताकि नक्सलियों के प्रभाव को खत्म किया जा सके।
 
 
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा केंद्र हरसंभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध
 
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में हुए सफल ऑपरेशन की तारीफ करते हुए अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों से आग्रह किया कि वे भी छत्तीसगढ़ की खुफिया तकनीकी और आपसी समन्वय के आधार पर अपने अपने राज्यों में ऑपरेशन को अंजाम दे सकते हैं। गृह मंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ सहित अन्य नक्सल प्रभावित राज्यों को हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है और राज्य में विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए पूरा समर्थन देगी।
और भी

वन्य जीवों के रहवास के लिए छत्तीसगढ़ के वन क्षेत्र सबसे उपयुक्त: वन मंत्री केदार कश्यप

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप आज नया रायपुर स्थित ट्रिपल आईटी के सभागार में आयोजित वन्य जीव सप्ताह कार्यक्रम में शामिल हुए। वन विभाग 2-8 अक्टूबर तक मनाए जा रहे ‘‘सह अस्तित्व से वन्य जीव संरक्षण सप्ताह’’ थीम पर आधारित वन्य जीव सप्ताह के तहत राज्य के विभिन्न जिलों में जन जागरूकता को लेकर विविध गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। राज्य स्तर पर आयोजित विविध गतिविधियों एवं प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत एवं सम्मानित करने का कार्यक्रम आज वन विभाग द्वारा ट्रिपल आईटी रायपुर के सभागार में आयोजित हुआ।
वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने इस मौके पर विजयी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार प्रदान करने के साथ ही उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी। मंत्री श्री कश्यप ने इस मौके पर वन्य जीव सप्ताह अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित पेंटिंग प्रतियोगिता में पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली छत्तीसगढ़ की सुश्री रागिनी धु्रव को प्रशस्ति पत्र, प्रतीक चिन्ह और पुरस्कार राशि का चेक भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने इस मौके पर उनकी उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए बधाई दी। सुश्री रागिनी धु्रव अचानक मार्ग टायगर रिजर्व वन क्षेत्र के गांव शिवतराई की रहने वाली हैं। 
मंत्री श्री कश्यप ने इस मौके पर अपने उद्बोधन में कहा कि जिस तरह छत्तीसगढ़ राज्य की जलवायु और भौगोलिक स्थिति अन्य स्थानों की तुलना में बेहतर है। हमारा राज्य बाढ़, भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा से सुरक्षित है। यहां के वन क्षेत्र वन्य जीवों के रहवास के लिए बेहद उपयुक्त है। उन्होंने कहा कि प्राचीनकाल से ही हमारे वनवासियों भाईयों का वन्य जीवों से मित्रवत व्यवहार रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थिति में इसमें बदलाव आया है, जिसके चलते यदा-कदा द्वन्द की स्थिति देखने और सुनने को मिलती है। उन्होंने वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए वन क्षेत्रों को संरक्षित और संवर्धित करने का आव्हान किया। मंत्री श्री कश्यप ने राज्य में वन एवं पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए वन विभाग एवं छत्तीसगढ़वासियों के संयुक्त प्रयासों की सराहना की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित जंगल सफारी में सालभर पूर्व जन्मे 6 शावकों का क्रमशः ज्वाला, पृथ्वी, पंचमुख, मृजराज, केशरी और इन्द्रावती जैसे पौराणिक नाम रखे और कहा कि जंगल सफारी में शेर की संख्या में वृद्धि होना, खुशी की बात है। 
इस मौके पर मंत्री श्री कश्यप ने अचानकमार टायगर रिजर्व का लोगो तथा कानन पेंडारी और जंगल सफारी की वार्षिक प्रतिवेदन पुस्तिका का विमोचन किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी श्री धम्मशील गनवीर ने वन्य जीव सप्ताह के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रमों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में वन्य जीवों के संरक्षण की स्थिति में सुधार होने के कारण इनकी संख्या में वृद्धि हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि वन विभाग द्वारा बर्ड काउंट इंडिया, कलिंगा यूनिवर्सिटी और पक्षी मित्रों के सहयोग से बर्ड एटलस तैयार किया जा रहा है। 2 अक्टूबर से चल रहे वन्य प्राणी सप्ताह के तहत राजधानी से लेकर जिला मुख्यालयों में जन जागरूकता के लिए निबंध, प्रश्नोत्तरी, भाषण, रंगोली, चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव, वन्य प्राणी प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री सुधीर अग्रवाल, प्रबंध संचालक लघु वनोपज संघ श्री अनिल कुमार साहू, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं निदेशक राज्य वन अनुसंधान केन्द्र श्री आनंद बाबू, सरपंच ग्राम भेलवाडीह श्री सहदेव कोसरिया, उपरवारा सरपंच श्री गिरधर पटेल, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।
और भी

मंत्रियों ने जवानों की पीठ थप-थपाकर हौसला अफजाई की

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने मंत्रीगणों के हाथों मिठाई भेजकर नक्सल ऑपरेशन में शामिल जवानों की हौसला अफजाई की। उपमुख्यमंत्री व गृह मंत्री श्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम और वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने दंतेवाड़ा-नारायणपुर की सीमा से लगे थुलथुली क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े एनकाउंटर को अंजाम देने वाले जांबाज जवानों का मुंह मीठा कराकर उनका हौसला बढ़ाया। 
 
 मंत्रीगणों ने दंतेवाड़ा पुलिस लाइन में जवानों से भेंटकर बस्तर में शानदार कार्य के लिए आईजी पी. सुंदरराज, नारायणपुर दंतेवाड़ा एसपी, डीआरजी, एसटीएफ सहित पुलिस के सभी अधिकारियों की प्रशंसा की व एनकाउंटर का नेतृत्व कर रहे एएसपी से उनके अनुभव सुने व डीआरजी के महिला जवानों से भी स्थिति की जानकारी ली।
 
  जवानों से चर्चा करते हुए गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि मैं यहां आप सबके पास देश के गृहमंत्री श्री अमित शाह और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का शुभकामना संदेश लेकर आया हूं। मैं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के द्वारा आप लोगों को शुभकामना स्वरूप भेजी गई मिठाई देने आया हूं। आप सब दंतेश्वरी माई के बेटे और बेटियां हैं और आपने जो कार्य किया  है, इसके  बाद किसी को कोई संदेह नहीं है कि आपकी भुजाओ की ताकत से बस्तर में मंडराने वाला नक्सली आतंक जल्द ही खत्म होगा। गृह मंत्री ने जवानों को आश्वस्त किया कि सरकार नक्सलवाद को खत्म करने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद है। बस्तर में विकास के लिए सरकार कभी किसी चीज की कोई कमी नहीं होने देगी। उन्होंने बस्तर के भटके नौजवानों से अपील की कि वे मुख्यधारा में लौटे। उनके पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
 
  कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने कहा कि प्रदेश व देश के विकास में बाधक किसी भी शक्ति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा की आम बस्तरियों के विकास के लिए राशन दुकान, स्वास्थ्य सुविधाएं, सड़के ,बिजली आदि की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही है। इससे बस्तर विकास की गति में तेजी से आगे बढ़ेगा। इस अवसर पर पूर्व मंत्री महेश गागड़ा, दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
और भी

दुर्घटना में कट गये थे दोनों पांव, फिर भी बचा ली जान

 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में कुशल स्वास्थ्य प्रबंधन और त्वरित उपचार को प्राथमिकता देने का कार्य लगातार किया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना की मदद से जरूरतमंद लोगों को लगातार मदद मिल रही है। पांच जुलाई को कोण्डागांव से रायपुर आ रहे 25 वर्षीय युवक शिराज हुसैन की मोटरसायकिल,  ट्रक से दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। दुर्घटना में शिराज के दोनो पांव ट्रक के नीचे आ गए थे। उसके परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नही थी कि एक निजी अस्पताल में भर्ती उसके उपचार का खर्च वह उठा सकें। गंभीर रूप से घायल शिराज को राज्य सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना से उपचार के लिए 10 लाख रू. की मदद दी गई। 

 
इस आर्थिक मदद से शिराज हुसैन का बेहतर इलाज संभव हो पाया और उसकी जान बच सकी। हालांकि दुर्घटना के बाद 90 फीसदी इन्फेक्शन से ग्रसित शिराज की जान बचाने के लिए डाक्टरों को उसके दोनों पैर काटने पड़े। शिराज का विवाह छः माह पूर्व ही हुआ था। उसका ससुराल रायपुर में है। दुर्घटना के दिन युवक कोण्डागांव से रायपुर अपने ससुराल ही आ रहा था। इसी दौरान अभनपुर के पास वह दुर्घटनाग्रस्त हुआ। शिराज हुसैन की ईलाज के दौरान दो बार इन्पुटेशन ग्राफ्टिंग डिब्राइटमेंट फ्लेप सर्जरी की गई। इसकी वजह से उसकी जान बचाई जा सकी है। शिराज हुसैन की कुछ दिनों बाद ही अस्पताल से छुट्टी हो जायेगी।
 
स्वास्थ्य मंत्री के माध्यम से मिली मदद
स्वास्थ्य मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल से दुर्घटनाग्रस्त युवक शिराज हुसैन के परिजनों ने बेहतर इलाज की मांग की थी। श्री जायसवाल के द्वारा मरीज के परिजनों को मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के बारे में जानकारी देते हुये आवेदन करने को कहा। जिसके बाद इलाज के लिए 10 लाख रूपए की सहायता प्राप्त हुई। शिराज हुसैन के परिजनों ने दुर्घटना के बाद उसके बचने की आस छोड ही दी थी,  लेकिन मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना की मदद के माध्यम से वो अब पूरी तरह स्वस्थ है और कुछ दिनों में अपने घर पहुंच जायेगा।
और भी

जल-जगार से आया सकारात्मक और क्रांतिकारी परिवर्तन

धमतरी जिले के रविशंकर जलाशय गंगरेल बांध में आयोजित जल जगार महोत्सव के शुभारंभ समारोह में प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जल एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए जिला प्रशासन धमतरी द्वारा जल जगार महोत्सव मनाया जा रहा है, जो अनुकरणीय पहल है। उन्होंने कहा कि पानी का अधिक दोहन हो रहा है, लेकिन जल संरक्षण पर ध्यान नहीं दिया जाता। धमतरी जिले में भी जल स्तर काफी नीचे जा रहा था, किन्तु जल जगार से सकारात्मक और क्रांतिकारी परिवर्तन आया है, जिसके लिए जिला प्रशासन बधाई का पात्र है।
 
मुख्यमंत्री श्री साय ने रविशंकर जलाशय गंगरेल बांध में आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्र के देवी-देवताओं का स्मरण करते हुए लोगों नवरात्रि की बधाई दी। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति अगर बड़ा करने की ठान ले तो यह कोई बड़ी बात नहीं है। हर घर नल से जल पहंुचाने प्रधानमंत्री जी के संकल्प को जलजीवन मिशन के तहत गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने का कार्य हमारा है। उन्होंने कहा कि माओवाद प्रभावित क्षेत्र के आदिवासियों के लिए नियद नेल्ला नार योजना चलाई जा रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। नक्सलवाद का खात्मा करने सरकार प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री के 2047 के विकसित भारत के संकल्प को साकार करना है, मुख्यमंत्री ने सभी लोगों को मां के नाम पेड़ लगाने का आह्वान भी किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश के संसदीय कार्य, वन एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, कौशल विकास एवं सहकारिता विभाग मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि जल बचाने की दिशा में जिला प्रशासन बेहतर और इनिशिएटिव कार्य कर रहा है, जिसे धमतरी ही नहीं, पूरे प्रदेश और देश के लिए अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि जल जगार के माध्यम से आने वाली पीढ़ी को एक बड़ी सौगात दे सकते हैं।
 
विशिष्ट अतिथि के तौर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि आज के परिवेश में जल संरक्षण बेहद जरूरी है। प्रधानमंत्री ने जलजीवन मिशन के तहत घर घर पानी देकर संदेश दिया है। पानी का मूल्य और महत्व को सभी को समझना होगा। उन्होंने छत्तीसगढ़ी गीत के माध्यम से जल की महत्ता को बताया। पूर्व कैबिनेट मंत्री मंत्री और कुरूद विधायक श्री अजय चंद्राकर ने कहा कि यह अपने आप मे एक नवाचारी कार्यक्रम है। धमतरी जिले में 04 बड़े जलाशय होने के बाद भी यहां का भूजल स्तर गिरना चिता का विषय है। सामुदायिक भागीदारी से जल संरक्षण किया जाना प्रशंसनीय है और इसे जन-जन का आंदोलन बनाना होगा। इसके अलावा महासमुंद सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, कांकेर सांसद श्री भोजराज नाग, ने भी जिले में चल रहे जल जगार महोत्सव की सराहना करने हुए अनुकरणीय बताया। इस अवसर कांकेर विधायक श्री आशाराम नेताम, पूर्व विधायक श्रीमती रंजना साहू, श्री श्रवण मरकाम, श्रीमती पिंकी शाह, श्री इंदर चोपड़ा सहित जनप्रतिनिधिगण एवं वरिष्ठ नागरिक मंच पर मौजूद थे।
 
और भी

डेयर डेविल्स के करतब से रोमांचित हुए दर्शक, डबल क्रासिंग ने खूब किया आकर्षित

पुख्तासूत्रों से भारतीय सेना को खबर मिली कि दुश्मन हमारे देश में एक और आतंकवादी हमले की तैयारी कर रहे है। भारतीय सेना ने दुश्मन के मंसूबों को नाकामयाब करने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक करने का फैसला लिया। इस ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए भारतीय सेना की 6/11 गोरखा राइफल्स और 1 असम रेजिमेंट के चुनिंदा कमांडोज स्पेशल हेडक्वाटर्स और संचार केंद्र पर हमले की तैयारी कर रहे थे, तभी दुश्मन के टारगेट की पुख्ता जानकारी हासिल करने के लिए क्लोज टारगेट रेकनिसन्स ऑपरेशन शुरू किया और ड्रोन ने दुश्मन के टारगेट की खोजबीन शुरू की। रात के अंधेरे में किए जाने वाले डिमांस्ट्रेशन की कार्रवाई सुबह की। घातक पलटन के कमांडोज दुश्मन के नजदीक से नजदीक जाकर बिना सरप्राइज खोये दुश्मन के संतरी को मार गिराया। ऐसे रेड की कार्रवाई साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित सैन्य समारोह में दिखाई दी। इस कार्रवाई को देखकर दर्शक काफी रोमांचित हुए। 
 
इस कार्रवाई के दौरान जवानों ने दुश्मन के संचार केंद्र को विस्फोटक लगाकर नेस्तनाबूत कर दिया। इसके बाद दुश्मनों का हेडक्वाटर्स से संपर्क टूट गया और फिर जवानों ने दुश्मनों के हेडक्वार्टर पर हमला बोल दिया। अत्यधिक फायर कर कमांडोज ने मुंहतोड़ जवाब देते हुए सेंट्रीज को मार गिराया। फिर डेमोलिशन टीम ने हेडक्वाटर्स पर बम लगाकर उसे उड़ा दिया। असाल्ट से घबराकर भागते हुए दुश्मन को चौकस कमांडोज ने मार गिराया। इस तरह दुश्मनों के हेडक्वार्टर को घातक टोली ने नेस्तनाबूत कर दिया। 
 
डेयर डेविल्स के करतब से रोमांचित हुए दर्शक
 
भारतीय सेना के डेयर डेविल्स ने अपने करतब और अदम्य साहस का परिचय देते हुए रोमांचित कर दिया। डेयर डेविल्स के डबल क्रॉसिंग, पेरलल क्रॉसिंग के करतब को देखकर दर्शकों ने खूब तालियां बजाई। सैल्यूट करते हुए हर जवानों ने चलती हुई मोटरसाइकिल में विपरीत दिशा में सैल्यूट किया। इसके अलावा चलती हुई मोटरसाइकिल पर टैंक के ऊपर विपरीत दिशा में खड़े होकर मोटरसाइकिल चलाते हुए और मोटरसाइकिल की सीट को खाली छोड़कर सम्मान प्रकट किया। इसके साथ ही जंबाज सैनिकों ने मोटरसाइकिल में कमल की आकृति बनाकर प्रस्तुति दी। 
 
बस्तर के युवाओं ने घुड़सवारी में दिखाया साहसिक करतब
 
सैन्य समारोह में बस्तर के युवाओं ने अपने जौहर का प्रदर्शन किया। घुड़सवारी के माध्यम से अपनी प्रतिभा दर्शकों को दिखाई। घोड़े में बैठकर युवाओं ने कबूतर को आजाद किया और बाइक के ऊपर से उछलकर पार किया और सामने बैठे एक व्यक्ति के सामने से तेजी के साथ घोड़े ने पार कर लिया, जिसके साहसिक परिचय को देखकर दर्शक काफी रोमांचित हुए।
और भी

भारतीय सेना की ताकत, जवानों का शौर्य हमें रोमांच के साथ गौरवान्वित करता हैं: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित भव्य सैन्य समारोह एवं प्रदर्शनी  का मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री श्री साय का जैकेट पहनाकर सेना ने अपने अंदाज में स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने भारतीय सेना के करतब को देखकर रोमांचित हुए और उनकी कौशल और क्षमता को सराहा। मुख्यमंत्री श्री साय ने दो दिवसीय सैन्य प्रदर्शनी को आम नागरिकों के उत्साह को देखते हुए एक दिन बढ़ाने की घोषणा की। अब प्रदर्शनी का आयोजन 5 एवं 6 अक्टूबर के अलावा 7 अक्टूबर तक किया जाएगा।प्रदर्शनी दिन में सुबह 8 बजे से 10 बजे तक एवं शाम को 6 बजे से रात 8 बजे तक आयोजित की जायेगी। 
 
सैन्य प्रदर्शनी समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि इस प्रदर्शनी में अपनी सेना की ताकत, उनकी क्षमता और हमारे वीर जवानों के शौर्य को देखकर रोमांचित और गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों में देशभक्ति का जज्बा जगाने के लिए सेना का एक अकेला जवान ही काफी होता है। सेना की वर्दी में किसी चुस्त-दुरूस्त जवान को देखकर ही हमारे भीतर जोश आ जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के अवसर पर जब हम कर्तव्य-पथ पर अपने सैनिकों को परेड करते हुए देखते हैं, तब हर भारतीय के मन में विचार अवश्य आता है कि काश हम भी भारतीय सेना का हिस्सा होते। उन्होंने कहा कि हमारी यह सेना संख्या दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेनाओं में गिनी जाती है। हमारी यह सेना अपने अनुशासन और दक्षता के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। 
 
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा आजादी के बाद देश पर जब-जब खतरा मंडराया, हमारी सेना ने दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब दिया है। आज किसी भी देश की हिम्मत नहीं होती कि वह भारत की ओर आंख उठाकर देखें। इसी तरह हमारे इन जवानों ने देश की आंतरिक सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जब कोई प्राकृतिक आपदा होती है, तब भी हमें सबसे पहले हमारी सेना की याद आती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रदर्शनी में भीष्म टी-90 टैंक, बीएमपी, एल-70 और अन्य आधुनिक सैन्य उपकरणों का अवलोकन कर सकेंगे, जिनका उपयोग हमारे सशस्त्र बलों ने दुश्मनों के खिलाफ विजय प्राप्त करने में किया है। इसके साथ-साथ आप पैरा जंपिंग, खुखरी डांस, डेयर डेविल मोटरसाइकलिंग और घुड़सवारी जैसे हैरतअंगेज और अद्भुत प्रदर्शन का आनंद भी ले पाएंगे। 
 
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस प्रदर्शनी को देखने के लिए युवा साथी बड़ी संख्या में आए हैं। बहुत अच्छी बात है कि लोग अपने बच्चों को लेकर भी यहां आए हैं, इससे निश्चित रूप से ये बच्चे भी प्रेरित होंगे और सेना में शामिल होकर देश सेवा का अवसर मिले तो इसे अपने हाथों से जाने न दें। अग्निवीर योजना भी आपको यह महत्वपूर्ण अवसर देती है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कल बस्तर के अबुझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने माओवादी आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में 31 माओवादियों को ढेर कर दिया। इस बड़ी सफलता के लिए सुरक्षा बलों के जवानों को बधाई देता हूं। पिछले 9 महीनों के दौरान हमारे जवानों ने माओवादी आतंकवाद के खिलाफ लगातार बड़ी सफलताएं हासिल की हैं। अब तक 191 माओवादी को ढेर किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर में आ रहे बदलाव का यह संकेत है कि बस्तर के युवा बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों में शामिल होकर माओवादियों को खदेड़ रहे हैं। सैन्य समारोह की प्रदर्शनी में मुख्यमंत्री श्री साय को ब्रिगेडियर श्री अमन आनंद ने भारतीय सेना द्वारा उपयोग किए जाने वाले हथियारों और टैंक की विस्तृत जानकारी दी। श्री साय ने प्रदर्शनी के मुख्य आकर्षण में से एक टैंक टी-90 भीष्म का भी अवलोकन किया और इसकी क्षमता और विशेषता की जानकारी ली। 
 
मुख्यमंत्री ने सेना में उपयोग होने वाले अत्याधुनिक हथियारों, ड्रोन, रायफल सहित भूतपूर्व सैनिकों के लिए चलाई जा रही योजनाओं, अग्निपथ योजना, छत्तीसगढ़ हर्बल्स के स्टाल का अवलोकन किया। गौरतलब है कि सैन्य प्रदर्शनी के दौरान भारतीय सेना द्वारा युद्ध में उपयोग किए गए तथा वर्तमान में उपयोग किये जा रहे विभिन्न हथियारों, टैंक, रायफल आदि का प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनी में ऐसे टैंक और हथियार भी शामिल हैं, जो वर्तमान में उपयोग में नहीं है और सेना ने इसे एक धरोहर के रूप में संजो कर रखा है। साथ ही मुख्यमंत्री ने सभी स्टालों का अवलोकन किया और सेना के अधिकारियों से जानकारी ली। 
 
 इस समारोह में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, श्री मोतीलाल साहू, श्री खुशवंत सिंह साहेब, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, डीजीपी श्री अशोक जुनेजा, लेफ्टिनेंट जनरल श्री पदम सिंह शेखावत, ब्रिगेडियर श्री अमन आनंद (विशिष्ट सेवा मेडल), अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, कर्नल श्री सुदीप बोस, रायपुर संभागायुक्त श्री महादेव कावरे, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, एसएसपी डॉ. संतोष सिंह समेत बड़ी संख्या में सेना के जवान और नागरिक उपस्थित थे।
और भी