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विश्वकर्मा जयंती 17 सितंबर को ‘श्रमिक सम्मेलन‘ का होगा आयोजन

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश के श्रमिकों के हित में अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। जिसका सीधा लाभ श्रमिकों एवं उनके परिवार के सदस्यों को मिल रहा है। उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 17 सितंबर विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर ‘श्रमिक सम्मेलन‘ में 57 हजार से अधिक पंजीकृत श्रमिकों एवं उनके परिवार के सदस्यों को 49 करोड़ 43 लाख 52 हजार 294 रूपए केन्द्रीकृत डी.बी.टी. के माध्यम से वितरण करेंगे। यह कार्यक्रम राजधानी रायपुर के बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम आयोजित होगा। 


श्रम विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि प्रदेश के पंजीकृत श्रमिकांे एवं उनके परिवार के सदस्यों को श्रम विभाग के अधीन छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सर्न्न्मिाण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत 47 हजार 726 निर्माण श्रमिकों 38 करोड़ 37 लाख 10 हजार 652 रूपए, छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल अंतर्गत 6873 श्रमिकों को 9 करोड़ 86 लाख 58 हजार 500 रूपए एवं छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल अंतर्गत 2496 श्रमिकों को 1 करोड़ 19 लाख 83 हजार 142 रूपए की राशि डी.बी.टी. के जरिए वितरण करेंगे। इस तरह कुल 57 हजार 95 श्रमिकों को कुल राशि 49 करोड़ 43 लाख 5 हजार 229 रूपये का वितरण केन्द्रीयकृत डी.बी.टी. के माध्यम से किया जाएगा।

श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत 47 हजार 726 लाभार्थियों को कुल 38 करोड़ 37 लाख 10 हजार 652 रूपए का वितरण किया जाएगा। जिसमें मिनीमाता महतारी जतन योजना के अंतर्गत 5793 लाभार्थियों को 11 करोड़ 58 लाख 60 हजार रूपए, मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना के अंतर्गत 8181 लाभार्थियों को 3 करोड़ 3 लाख 8 हजार 652 रूपए, मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना के अंतर्गत 6171 लाभार्थियों को 2 करोड़ 15 लाख 34 हजार 288 रूपए, मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना के अंतर्गत 125 लाभार्थियों को 9 लाख 79 हजार 600 रूपए, मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत 9749 लाभार्थियों को 1 करोड़ 84 लाख 87 हजार रूपए, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत 576 लाभार्थियों को 73 लाख 67 हजार 612 रूपए, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक दीर्घायु सहायता योजना के अंतर्गत 5 लाभार्थियों को 1 लाख रूपए, मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना के अंतर्गत 3653 लाभार्थियों को 54 लाख 79 हजार 500 रूपए, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के अंतर्गत 279 लाभार्थियों को 2 करोड़ 83 लाख रूपए, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के अंतर्गत 6517 लाभार्थियों को 13 करोड़ 3 लाख 40 हजार रूपए, मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना अंतर्गत 708 लाभार्थियों को 1 करोड़ 41 लाख 60 हजार रूपए, निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक कॉपी सहायता राशि भुगतान योजना के अंतर्गत 5941 लाभार्थियों को 79 लाख 94 हजार रूपए, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के अंतर्गत 28 लाभार्थियों को 28 लाख रूपए का डी.बी.टी. के माध्यम से वितरण करेंगे। 

इसी तरह छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के अंतर्गत 6873 लाभार्थियों को कुल 9 करोड़ 86 लाख 58 हजार 500 रूपए का वितरण किया जाएगा। जिसमें असंगठित कर्मकार महतारी जतन योजना के 3085 लाभार्थियों को 6 करोड़ 17 लाख रूपए, असंगठित कर्मकार मृत्य एवं दिव्यांग सहायता योजना के 322 लाभार्थियों को 3 करोड़ 22 लाख रूपए, असंगठित कर्मकार छात्रवृत्ति योजना के 3463 लाभार्थियों को 46 लाख 8 हजार 500 रूपए, ई-रिक्शा सहायता योजना के 3 लाभार्थियों को 1 लाख 50 हजार रूपए का वितरण करेंगे।

छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के अंतर्गत 2496 लाभार्थियों को 1 करोड़ 19 लाख 83 हजार 142 रूपए का वितरण करेंगे। जिसमें शैक्षणिक छात्रवृत्ति योजना के 504 लाभार्थियों को 22 लाख 42 हजार रूपए, निःशुल्क सायकल वितरण योजना के 1427 लाभार्थियों को 52 लाख 17 हजार 342 रूपए, निःशुल्क सिलाई मशीन वितरण योजना के 562 लाभार्थियों को 44 लाख 38 हजार 800 रूपए एवं खेलकूद प्रोत्साहन योजना के 3 लाभार्थियों को 85 हजार रूपए का वितरण केन्द्रीयकृत डी.बी.टी. के माध्यम से किया जाएगा।
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उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने वाशिंगटन में सड़क और भवन निर्माण कार्यों को देखा

अध्ययन प्रवास पर अमेरिका गए उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने शुक्रवार को वाशिंगटन में सड़क एवं भवन निर्माण स्थलों का दौरा कर कार्यों का अवलोकन किया। उन्होंने निर्माण स्थलों पर आर्किटेक्ट्स और इंजीनियरों से चर्चा कर निर्माण में प्रयुक्त होने वाली सामग्री, धातु (Metal) एवं मशीनरी की जानकारी ली। उन्होंने वहां विशेषज्ञों के साथ बैठक कर सड़क एवं भवन निर्माण की नई तकनीकों तथा निर्माण परियोजनाओं के विभिन्न चरणों का अध्ययन किया। लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह भी इस दौरान उनके साथ थे।


उप मुख्यमंत्री श्री साव ने वाशिंगटन में निर्माण कार्यों के विशेषज्ञों के साथ बैठक कर नई निर्माण तकनीकों तथा यू.एस.ए. (USA) में सड़क एवं भवन निर्माण परियोजनाओं की प्लानिंग से लेकर निर्माण तक चरणबद्ध रूप से उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी ली। वहां बिम (BIM) कम्प्यूटर सिस्टम से भवन एवं अधोसंरचना का कम्प्यूटर में संपूर्ण डिज़ाइन तैयार किया जाता है जिससे न केवल उनके निर्माण में लगने वाली सामग्री (Material) एवं लागत का सटीक आंकलन होता है, बल्कि बाद में होने वाले मेन्टेनेन्स (Maintenance) के काम में भी मदद मिलती है। 

श्री साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में अच्छी गुणवत्ता की टिकाऊ सड़कों और भवनों के निर्माण के लिए अमेरिका में प्रचलित नई तकनीकों एवं उपायों का विस्तृत अध्ययन कर लोक निर्माण विभाग में लागू करने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने वाशिंगटन में विशेषज्ञों से कार्यस्थलों पर निर्माण श्रमिकों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा उपायों की जानकारी ली। उन्होंने सड़कों के पास स्थित रिहायशी इलाकों को ध्वनि प्रदूषण से बचाने के लिए किए जाने उपायों का भी अध्ययन किया। यू.एस.ए. में सड़क निर्माण एवं भवन निर्माण परियोजनाओं में प्रारंभिक डीपीआर स्तर पर काफी विस्तृत अध्ययन किया जाता है, ताकि बाद में आने वाली समस्याओं एवं होने वाले विलंब व लागत में वृद्धि से बचा जा सके।
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चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज एक प्रगतिशील और समृद्ध समाज है-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज समृद्ध और प्रगतिशील समाज है, जिसका अपना एक समृद्ध इतिहास और संस्कृति है। कुर्मी समाज के लोगों ने हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वे आज कवर्धा में चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज द्वारा आयोजित केंद्रीय महाधिवेशन को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने इस मौके पर समाज की मांग पर शैक्षणिक विकास के लिए 5 एकड़ भूमि आबंटित करने की घोषणा की। कार्यक्रम में समाज की ओर से विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा का गजमाला एवं पगड़ी पहनाकर स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।


 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि 13 सितम्बर को हमारे छत्तीसगढ़ सरकार के नौ माह पूरे हुए हैं। इन नौ माह में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा दी गई गारंटियों में से अधिकतर गारंटियों को हमने पूरा कर दिया है। उन्होंने कहा कि मोदी जी की गारंटी को पूरा करते हुए हमनें 32 हजार करोड़ रुपए के समर्थन मूल्य की राशि का तत्काल भुगतान किसानों को किया और उसके बाद 12 जनवरी को 24 लाख 75 हजार किसानों को कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत अंतर की राशि 13 हजार 320 करोड़ रुपए की राशि अंतरित की। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 70 लाख से अधिक महिलाओं को प्रति माह एक-एक हजार रुपए की सहायता राशि दी जा रही है। तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक दर 4000 रुपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 5500 रुपए किया गया। जरूरतमंद हितग्राहियों के लिए प्रधानमंत्री आवास की घोषणा को पूरा किया गया। 
 
छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने संबोधित करते हुए कहा कि छत्रपति शिवाजी और सरदार वल्लभभाई पटेल के वंश होने का गौरव इस समाज को प्राप्त है। छत्तीसगढ़ राज्य के स्वप्नदृष्टा डॉ. खूबचंद बघेल इसी समाज से रहे। उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता की लड़ाई में इस समाज से अनेक क्रान्तिकारी शामिल हुए है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन से छत्तीसगढ़ का विकास हो रहा है। उन्होंने बताया कि देश में केवल छत्तीसगढ़ के किसानों को 31 सौ रूपए प्रति क्विंटल की दर से धान का समर्थन मूल्य मिल रहा है। पूर्व राज्यपाल एवं केन्द्रीय मंत्री श्री रमेश बैस ने कहा कि समाज तभी संगठित होगा जब उसमें सभी की सहभागिता होगी। उन्होंने कहा कि समाज को आगे बढ़ाने के लिए महिलाओं की भागीदारी जरूरी है। श्री बैस ने कहा कि हमें योजनाबद्ध तरीके से कार्य करना चाहिए, समाज के कमजोर और गरीबों को आगे बढ़ाना हमारा उद्देश्य होना चाहिए ताकि समाज एक साथ संगठित होकर आगे बढ़े।

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अधिवेशन में अपने संबोधन के दौरान कहा कि समाज महापुरुषों के आदर्शों का पालन करते हुए आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि कवर्धा में युवाओं के प्रेरणास्रोत छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा की स्थापना करेंगे ताकि कवर्धा और छत्तीसगढ़ के युवाओं को लगातार प्रेरणा मिलती रहे। उन्होंने समाज के मांग पर छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा की स्थापना के लिए 25 लाख रूपए की घोषणा की। 
 
केंद्रीय मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि देश के इतिहास में समाज का बड़ा योगदान रहा है। सरदार वल्लभ भाई पटेल ने देश को एकता के सूत्र में बांधा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने उनका मान रखते हुए देश का सबसे ऊँचा स्टेचू ऑफ़ यूनिटी की स्थापना की। हर क्षेत्र में समाज आगे बढ़ रहा है। सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने कहा कि कुर्मी क्षत्रिय समाज की प्रत्येक क्षेत्र में उपलब्धि रही। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय प्रदेश के मुखिया हैं, उनके कार्यकाल में समाज का विकास हो रहा है। सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जीवन बदल रहा है। विधायक श्री धरमलाल कौशिक ने कहा कि जिस समाज में शिवाजी महाराज, सरदार वल्लभ भाई पटेल का नाम आए वह किसी पहचान की मोहताज नहीं है। आज कुर्मी समाज के योगदान से छत्तीसगढ़ आगे बढ़ रहा है।

इस अवसर दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चंद्राकर, पूर्व विधायक विनोद चंद्राकर, श्री लालबहादुर चंद्रवंशी, पूर्व मंत्री श्री पूनम चंद्राकर, पूर्व संसदीय सचिव मोतिराम चंद्रवंशी, समाज के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में सामाजिक बन्धु जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
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इसी शैक्षणिक सत्र से एमबीबीएस की पढ़ाई की सुविधा हिंदी में भी होगी उपलब्ध - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने हिन्दी दिवस पर बड़ी घोषणा करते हुए राज्य के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में हिन्दी में भी पढ़ाई शुरू करने की बात कही है। मुख्यमंत्री ने राजधानी स्थित अपने निवास कार्यालय में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की उपस्थिति में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने यह निर्णय लिया है कि एमबीबीएस की पढ़ाई की व्यवस्था भी हम हिंदी में करेंगे। इस साल के प्रथम सत्र 2024-25 में एमबीबीएस की पढ़ाई की सुविधा हिंदी में भी उपलब्ध होगी। इसके लिए छात्र छात्राओं की संख्या अनुरूप आवश्यक पुस्तक उपलब्ध कराने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने हिंदी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हिंदी दिवस की सार्थकता इस बात में है कि हम शासन प्रशासन और शिक्षा के हर स्तर पर हिंदी को लागू करें, हिंदी को बढ़ावा दें। उन्होंने कहा हमें इस बात की खुशी है कि हमारे यशस्वी  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2022 को उत्तरप्रदेश के उन्नाव की रैली में हिंदी में चिकित्सा शिक्षा उपलब्ध कराने की मंशा जाहिर की थी, हम उसका क्रियान्वयन करने जा रहे हैं।  

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में राज्य में 10 शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय हैं। हिंदी में चिकित्सा शिक्षा उपलब्ध कराने का सबसे अधिक लाभ हमारे ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्रों को होगा जो अधिकतर हिंदी मीडियम से होते हैं जो प्रतिभाशाली होते हैं लेकिन अंग्रेजी की वजह से उन्हें चिकित्सा पाठ्यक्रम में कुछ दिक्कत आती है। अब यह दिक्कत दूर हो जाएगी। इससे चिकित्सा छात्र छात्राओं का आधार भी मजबूत होगा और अच्छे चिकित्सक तैयार करने में इससे अधिक मदद मिलेगी। मातृभाषा में शिक्षा दिए जाने का यह सबसे बड़ा लाभ यह होता है कि इससे विषय की बारीक समझ  बनती है। इसे हम छत्तीसगढ़ में हर स्तर पर कार्यान्वित करने के लिए कृत संकल्पित हैं।
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जल जीवन मिशन के नए संचालक ने दुर्ग-राजनांदगांव में कार्यों का किया निरीक्षण

 जल जीवन मिशन के नए संचालक डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने 13 सितंबर को दुर्ग और राजनांदगांव जिले का दौरा कर मिशन के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने दोनों जिलों में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंताओं, सहायक अभियंताओं और उप अभियंताओं की बैठक लेकर प्रगतिरत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने लोगों को स्वच्छ व सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने मिशन के अंतर्गत संचालित कार्यों को अच्छी गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड का नियमित दौरा कर कार्यों के सतत निरीक्षण के साथ ही जल जीवन मिशन के तहत गांवों में पेयजल की निर्बाध आपूर्ति के लिए ग्राम पंचायतों से समन्वय बनाने तथा उन्हें जरूरी मार्गदर्शन प्रदान करने को कहा।


जल जीवन मिशन के संचालक डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने आज दुर्ग जिले में अंजोरा ढाबा मल्टी-विलेज योजना के अंतर्गत ग्राम अंजोरा में संचालित कार्यों का निरीक्षण किया। अंजोरा में रेट्रोफिटिंग योजना क्रियान्वित की गई है, जिसके तहत 356 परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से जल प्रदाय किया जा रहा है। उन्होंने घरेलू नल कनेक्शन के लिए निर्मित प्लेटफॉर्म का अवलोकन कर उसकी गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त किया। डॉ. भुरे ने जल आपूर्ति को लेकर ग्रामीणों से चर्चा भी की। गांववालों ने उन्हें बताया कि पेयजल योजना का संचालन ग्राम पंचायत द्वारा किया जा रहा है। जल कर के रूप में हर महीने प्रति परिवार 50 रुपए का शुल्क लिया जा रहा है। जल जीवन मिशन के माध्यम से पाइपलाइन से घर तक नल का पानी पहुंच रहा है। इससे पेयजल और अन्य कार्यों के लिए रोज जल संचय करने में लगने वाले समय की बचत हो रही है। घर में नल लगने से महिलाओं को काफी सहुलियत हो रही है। डॉ. भुरे ने बरसात में पेयजल की गुणवत्ता बनाए रखने स्थानीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।



मिशन संचालक डॉ. भुरे ने राजनांदगांव जिले के ग्राम सांकरा में भी रेट्रोफिटिंग योजना का निरीक्षण किया। यह पूर्व से संचालित धीरी समूह जल प्रदाय योजना के अंतर्गत आता है। जल शुद्धिकरण संयंत्र के माध्यम से सांकरा के 652 परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन द्वारा शुद्ध पेयजल प्रदान किया जा रहा है। योजना का संचालन एवं संधारण ग्राम पंचायत द्वारा किया जा रहा है। जल कर के रूप में ग्राम पंचायत द्वारा प्रत्येक परिवार से हर माह 50 रुपए का शुल्क लिया जा रहा है। मिशन संचालक द्वारा दोनों जिलों में कार्यों के निरीक्षण के दौरान कार्यपालन अभियंता सहित सभी मैदानी अधिकारी मौजूद थे।

 

 

 
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मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कुदरगढ़ में नवीन विश्राम गृह का किया भूमिपूजन

महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आज सूरजपुर जिला के ओडगी विकासखंड के ग्राम कुदरगढ़ में नवीन विश्राम गृह का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर विधायक प्रेमनगर श्री भूलन सिंह मरावी भी उपस्थित  रहे। लोक निर्माण विभाग द्वारा लगभग 03 करोड़ की लागत से नये सर्किट हाउस का निर्माण किया जा रहा है। इस दौरान मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कुदरगढ़ स्थित माता बागेश्वरी धाम पहुंच कर मां के दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और प्रसन्नता की कामना की।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि कुदरगढ़ अपने धार्मिक मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध और यहां पर्यटन की असीम संभावनाएं है। उन्होंने कहा कि नवीन विश्राम गृह के बनने से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
 गौरतलब है कि सूरजपुर जिले के प्राचीन कुदरगढ़ धाम में मां बागेश्वरी का पुराना मंदिर स्थापित है, इस प्राचीन कुदरगढ़ धाम का इतिहास भी काफी रोचक मान्यताओं से भरा है। इसी विशेषता के कारण यहां ना सिर्फ आस-पास के जिलों से बल्कि पड़ोसी राज्यों से भी श्रद्धालु आते हैं।
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अमेरिका में विकसित छत्तीसगढ़ के बारे में रखे अपने विचार, प्रदेश की संस्कृति, पर्यटन और संसाधनों की भी दी जानकारी

छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्रीअरुण साव ने अमेरिका के अपने अध्ययन प्रवास के दौरान गुरुवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र संघ के मुख्यालय का भ्रमण किया। उन्होंने वहां संयुक्त राष्ट्र संघ के सामान्य सभा कक्ष, सुरक्षा समिति कक्ष इत्यादि जगहों का भ्रमण कर संघ की कार्यप्रणाली को समझा। अध्ययन दौरे पर साथ गए लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह भी इस दौरान उनके साथ थे।  श्री साव संयुक्त राष्ट्र संघ मुख्यालय में मुख्य वित्त अधिकारी श्री आनंद पाण्डेय के आमंत्रण पर वहां गए थे। श्री पाण्डेय मूलतः बिलासपुर जिले के बेलसरी (तखतपुर) के निवासी हैं। श्री साव ने संयुक्त राष्ट्र संघ मुख्यालय के भ्रमण के बाद कहा कि दुनिया के इतने महत्वपूर्ण कार्यालय में बिलासपुर के बेलसरी का बेटा मुख्य वित्त अधिकारी के गरिमामय पद पर कार्यरत हैं। यह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात है।  
 
उप मुख्यमंत्री साव न्यूजर्सी के रॉयल एल्बर्ट्स पैलेस में भारतीय मूल के लोगों द्वारा अपने सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में भी शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ और देश के विकास के लिए किए जा रहे  कार्यों के साथ ही छत्तीसगढ़ की संस्कृति, पर्यटन, पौराणिक मान्यताओं, संसाधनों और यहां के सीधे-सरल लोगों के बारे में बताया। उन्होंने विकसित छत्तीसगढ़ के बारे में अपने विचार भी रखे। श्री साव ने अमेरिका में बसे भारतीयों को छत्तीसगढ़ आने और यहां की अनुपम छटा व प्राकृतिक सुंदरता को देखने आमंत्रित किया। श्री साव ने वहां रह रहे छत्तीसगढ़ के लोगों के बारे में भी पूछा। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजकों को लोरमी में अपने द्वारा बनवाई गई भगवान श्रीराम की बेर से बनी कलाकृति का छायाचित्र भेंट किया।
  
उप मुख्यमंत्री साव ने न्यूजर्सी में भारतीय मूल के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के लोग दुनिया के जिस देश में भी गए हैं, वहां उस देश के विकास में योगदान दे रहे हैं। वे समरस होकर भारत का मान और सम्मान बढ़ा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेजी से अग्रसर है।
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अपराधियों के मन में कानून का भय हो, पीड़ितों को त्वरित मिले न्याय: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि अपराधियों के मन मेें कानून का भय हो, पीड़ितों को त्वरित न्याय मिले। आम जनता में पुलिस प्रशासन के प्रति विश्वास कायम रहे। बेवजह किसी नागरिक को परेशान न किया जाए। पुलिस का व्यवहार आम नागरिकों के साथ मित्रवत हो। पुलिस थानों का वातावरण ऐसा हो कि आम नागरिक को पुलिस थानों में प्रवेश करते समय सहयोग की उम्मीद हो। वे आज राजधानी के न्यू-सर्किट हाउस में कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। 
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में अपराध पर नियंत्रण के लिए कलेक्टर एवं एसपी आपसी समन्वय स्थापित करते हुए प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने दंड संहिता को बदल कर न्याय संहिता कर दिया है। इसका जमीनी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए पुलिस को इन नए कानूनों के अनुरूप कार्य करने के लिए स्वयं को ढालना होगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सुशासन देने के लिए प्रतिबद्ध है, और पिछले वर्षों की तुलना में अपराध की संख्या में कमी आई है।
 
राज्य में नए सिरे से सोशल पुलिसिंग को बढ़ावा दिए जाने की जरूरत - मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में नए सिरे से सोशल पुलिसिंग को बढ़ावा दिए जाने की जरूरत है, इससे अपराधों को रोकने में मदद मिलेगी। लोगों को जागरूक करना और उन्हें इस बात का भरोसा दिलाना होगा कि पुलिस उनके साथ है। 
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य में गौ-तस्करी व नशाखोरी एक बहुत बड़ी समस्या है, इस पर कड़ाई से नियंत्रण सुनिश्चित करते हुए ऐसे मामलों में एंड टू एंड कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अवैध शराब के परिवहन एवं बिक्री, जुआ, सट्टा एवं गांजा की तस्करी को रोकने के लिए अभियान चलाकर दोषियों पर विधिसम्मत कार्यवाही सुनिश्चित करें। समाज में अशांति फैलाने वालों, अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखें और उनके खिलाफ त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करें। हत्या जैसे मामले में कार्रवाई में देरी नहीं होनी चाहिए तथा ऐसे केस में प्राथमिकता से त्वरित गति से कार्यवाही सुनिश्चित करें। 
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला बदर और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई रुकनी नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधात्मक मामलों में देरी न हो और जिला बदर की कार्रवाई केवल कागजों पर ना हो बल्कि वास्तव में हो। 
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि अवैध शराब बिक्री की बहुत शिकायत है, जिसमें पुलिस पर संरक्षण के आरोप लगते है, यह बिलकुल नहीं होना चाहिए। अवैध शराब बिक्री पूरी तरह बंद होना चाहिए। कई जगहों में अवैध शराब बिक्री की जांच को लेकर  लोगों में काफी आक्रोश है, इस संबंध में शिकायतें मिलती है कि जांच टीम सही से जांच नहीं कर रही, अधिकारी जांच में उपस्थित नहीं रहते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान सम्मान निधि में धोखाधड़ी के मामले भी सामने आ रहे हैं, जिन पर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। 
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिलासपुर पुलिस रेंज में अपराधों में कमी आई है, लेकिन इससे संतुष्ट नहीं होते हुए पुलिस की सक्रियता का स्तर और बेहतर करने की जरूरत है। इसी प्रकार उन्होंने कहा कि दुर्ग पुलिस रेंज को और ज्यादा मेहनत करने की जरूरत है। उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि हत्या और डकैती के मामले 6 महीने में भी नहीं सुलझ पा रहे हैं, ये उचित नहीं है। कई मामलों में आरोपी फरार है, इस पर जल्दी कार्रवाई होनी चाहिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राजनांदगांव पुलिस रेंज में कुछ जगह अच्छे काम हुए हैं, त्रिनेत्र एप और चिटफंड मामलों में अच्छी कार्रवाई हुई है लेकिन सिर्फ इतना पर्याप्त नहीं है।
 
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि आम लोगों को यातायात नियमों का पालन करने और सीट-बेल्ट, हेलमेट पहनने की समझाइश दी जाए। उन्होंने बैठक में आने वाले दिनों में पुलिसिंग को और अधिक विश्वसनीय, पारदर्शी व उत्तरदायी बनाने की दिशा में किए जा सकने वाले उपायों पर चर्चा की। 
 
भूमाफियों पर रखें कड़ी नजर
       मुख्यमंत्री साय ने रायपुर रेंज की समीक्षा करते हुए राजधानी में पुलिसिंग की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि रायपुर प्रदेश की राजधानी है और यहां की पुलिसिंग का सर्वाेत्तम स्तर पर होना अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने रायपुर में भूमाफियाओं द्वारा शासकीय और आम नागरिकों की जमीन पर कब्जे की शिकायतों पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पुलिस और राजस्व विभाग मिलकर इस समस्या पर कड़ी नजर रखें और तुरंत कार्रवाई करें। 
 
नशे के खिलाफ अभियान चलाएं
     मुख्यमंत्री ने कहा कि नशीली दवाइयों की बिक्री पर तत्काल सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस को इस अवैध व्यापार के इकोसिस्टम को तोड़ना होगा और अपराध की जड़ तक पहुंचकर इसे समाप्त करना होगा। उन्होंने कहा कि रायपुर में स्कूल और कॉलेजों में नशे के खिलाफ व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जाने की आवश्यकता है, ताकि युवाओं को इस घातक प्रवृत्ति से बचाया जा सके। 
 
राजधानी में रात्रि गश्त करें 
     मुख्यमंत्री ने राजधानी में रात की गश्त को और प्रभावी बनाने की जरूरत पर जोर देते हुए पुलिस पेट्रोलिंग को लगातार जारी रखने और संगठित अपराधों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी कहा कि वे योजना बनाकर अपराध और अपराधियों के खिलाफ निरंतर अभियान चलाएं ताकि अपराध पर काबू पाया जा सके और कानून व्यवस्था की स्थिति बेहतर हो सके।
 
कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस में मुख्य सचिव  अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा, राज्य के संभागायुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने आंगनबाड़ी केंद्र बीरपुर में वजन त्यौहार का किया शुभारंभ

महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सूरजपुर जिले के आंगनबाड़ी केंद्र बीरपुर से आज वजन त्यौहार 2024 का शुभारंभ किया। महिला एवं बाल विकास परियोजना सिलफिली के सेक्टर पार्वतीपुर के आंगनबाड़ी केंद्र बीरपुर से वजन त्यौहार रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। राष्ट्रीय पोषण माह के तहत 12 से 23 सितंबर तक वजन त्यौहार कार्यक्रम चलाया जाता है, जिसकी शुरूआत आज से राज्य के प्रत्येक आंगनबाड़ी केेंद्रों में की गई। 

सूरजपुर जिले के बीरपुर आंगनबाड़ी केंद्र में वजन त्यौहार कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि माताओं को बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष तौर से ध्यान देना चाहिए। उन्हें संतुलित तथा पौष्टिक आहार का सेवन कराएं, ताकि उनका स्वास्थ्य अच्छा एवं वजन संतुलित हो। इस दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने ’एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत वृक्षारोपण भी किया। उन्होंने राष्ट्रीय पोषण माह 2024 की गतिविधियों की जानकारी भी ली। उन्होंने स्कूल की बच्चियों की एनीमिया जांच की जानकारी ली और स्वयं का स्वास्थ्य जांच भी कराया। 

गौरतलब है कि राष्ट्रीय पोषण माह के तहत आज राज्य में वजन त्यौहार कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया है। इस कार्यक्रम का आयोजन 12 से 23 सितंबर 2024 तक किया जाना है, जिसमें शून्य से 06 वर्ष से कम बच्चों का वजन एवं ऊंचाई जांच कर कम वजन वाले बच्चों को चिन्हित कर कुपोषण की स्थिति का पता लगाया जाएगा। इस दौरान उनके कुपोषण के स्तर की भी जांच की जाएगी। वजन त्यौहार का उद्देश्य 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों के पोषण स्तर का आंकलन कर शत्-प्रतिशत रूप में सुपोषित करना है।
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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में दो दिवसीय कलेक्टर कॉन्फ्रेंस शुरू

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में दो दिवसीय कलेक्टर कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित करते हुए कहा कि बीते 9 महीने में यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की गारंटी के अनुरूप प्रदेश को संवारने की दिशा में प्रयास किया गया है, किन्तु विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करने के लिए हम सबको और अधिक कठिन परिश्रम करना होगा। उन्होंने कलेक्टरों से कहा कि शासन की योजनाएं पूरी पारदर्शिता के साथ क्रियान्वित की जाए और इसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। 
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी फ्लैगशिप योजनाओं में सैचुरेशन के लक्ष्य को ध्यान में रखकर कार्य करें। उन्होंने कुछ जिलों में आम जनता और स्कूली छात्रों से शासकीय अधिकारियों द्वारा किए गए दुर्व्यवहार पर सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अधिकारी पूरी संवेदनशीलता और सहृदयता के साथ आम जनता की समस्याओं को सुने और उसका यथासंभव शीघ्र निराकरण करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों-कर्मचारियों की भाषा-शैली मर्यादित होनी चाहिए। उन्होंने कलेक्टरों को जनसामान्य से संयमित लहजे में बातचीत करने की हिदायत दी और कहा कि यदि आपके अधीनस्थ अधिकारी भाषा संयम न रखें, तो उन पर तत्काल सख्त कार्यवाही करें। 
 
 मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों से कहा कि स्थानीय स्तर की समस्याएं वहीं निपटे, छोटी-छोटी समस्याओं को लेकर लोगों को राजधानी न आना पड़े। इस बात का ध्यान जिला प्रशासन को रखना चाहिए। जनप्रतिनिधियों द्वारा ध्यान में लाई गई जन समस्याओं के त्वरित निदान के लिए प्रभावी कदम उठाएं जाएं। 
 
मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान साफ तौर पर कहा कि इस विभाग का आम लोगों और किसानों से ज्यादा वास्ता है। राजस्व के प्रकरणों का निराकरण बिना किसी लेट-लतीफी के किए जाने से शासन-प्रशासन की छबि बेहतर होती है। उन्होंने अधिकारियों को जनसामान्य की भूमि संबंधी छोटी-छोटी त्रुटियों एवं समस्याओं का निदान पूरी संवेदनशीलता के साथ समय-सीमा में करने के निर्देश दिए।  
 
मुख्यमंत्री ने सारंगढ़-बिलाईगढ़, बस्तर, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में राजस्व मामलों के निराकरण की धीमी गति पर अप्रसन्नता जताई। उन्होंने जिलेवार कलेक्टरों से अविवादित और विवादित नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, त्रुटि सुधार, डायवर्सन, असर्वेक्षित ग्रामों की जानकारी, नक्शा बटांकन की जानकारी ली।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण में ऐसे जिले जिनकी प्रगति 70 प्रतिशत से कम है, उन्हें इस मामले में ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। विवादित बटवारा के प्रकरण 6 माह से ज्यादा लंबित न हो। सीमांकन के प्रकरणों को भी तेजी से निराकृत किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने सभी कमिश्नरों को अधीनस्थ जिलों का नियमित दौरा कर राजस्व प्रकरणों के निराकरण की स्थिति की समीक्षा करने के भी निर्देश दिए। 
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य को प्रधानमंत्री जी ने अभी पीएम आवास के अंतर्गत 8 लाख 46 हजार 931 आवासों को स्वीकृति दी है। पूर्ववर्ती सरकार के दौरान पीएम आवास का काम काफी पिछड़ गया था। हमें तेजी से इस पर काम करना है। यह सर्वाेच्च प्राथमिकता का कार्य है। इसके साथ ही हमने चिन्हांकित किये गये लगभग 47 हजार आवासहीन परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास देने का निर्णय भी लिया है। इस पर भी जुट कर काम करना है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में स्वच्छता सर्वे अभी चल रहा है। छत्तीसगढ़ के गांव और ग्राम पंचायतें स्वच्छता सर्वे को सभी मानदंडों को पूरा करती हों, इस पर विशेष रूप से ध्यान देने की जरूरत हैं। मनरेगा रोजगार सृजन का सबसे अच्छा माध्यम है। इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में उपयोगी अधोसंरचनाएं तैयार करें। मनरेगा में भुगतान संबंधी दिक्कतों का समाधान करें। मुख्यमंत्री ने मनरेगा के तहत मानव दिवस सृजन कम होने पर बस्तर कलेक्टर पर नाराजगी जतायी। उन्होंने…
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वित्त मंत्री ने कक्षा 11वीं एवं 12वीं के छात्रों को दी कैरियर मार्गदर्शन की सीख

 जो व्यक्ति जीवन में जितने कठिन परिस्थितियों से गुजरता है और संघर्ष करता है, वह उतना ही ऊंची सफलता प्राप्त करता है। उक्त बातें आज वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अपने जीवन के अनुभव को साझा करते हुए जूट मिल हायर सेकेंडरी स्कूल के सभा कक्ष में छात्रों को कैरियर मार्गदर्शन प्रदान किया।
 
वित्त मंत्री  ओपी चौधरी आज स्थानीय जूट मिल हायर सेकेंडरी स्कूल की कक्षा ग्यारहवीं और बारहवीं के छात्र-छात्राओं को कैरियर मार्गदर्शन के संबंध में टिप्स दिये। उन्होंने अपने जीवन काल के दौरान शासकीय शाला से प्रारम्भ कर आईएएस बनने का सफर और संघर्ष कर सफलता पाने का अनुभव सुनाते हुए बच्चों को जीवन में हमेशा संघर्ष के लिए तैयार रहने और निरंतर प्रयास करने का सुझाव दिया।  इस दौरान चौधरी ने रायगढ़ जिले में वृहद नालंदा लाइब्रेरी की स्थापना, नवीन प्रयास विद्यालय खोलने के निर्णय और छात्रों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग की योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही, उन्होंने 8वीं कक्षा के छात्रों के लिए श्प्रयास विद्यार्थीश् कोचिंग कक्षाएं शुरू करने के निर्देश दिए।
 
कार्यक्रम में वित्तमंत्री ओपी चौधरी ने रायगढ़ जिले के अंतर्गत वृहद नालंदा लाइब्रेरी की स्थापना, नवीन प्रयास विद्यालय खोलने  के निर्णय और अन्य प्रयासों की चर्चा की। चौधरी ने कक्षा आठवीं में पढऩे वाले सभी बच्चों के प्रयास विद्यालय में चयन हेतु कोचिंग कक्षा देने के लिए सीईओ जिला पंचायत को निर्देश दिये। इसके साथ ही  वित्त मंत्री श्री चौधरी ने विद्यार्थियों के लिये दूसरे प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे आईआईटी, नीट, क्लेट  की तैयारी करने के लिए छात्रों के लिए कोचिंग कक्षाएं संचालन करने निर्देश दिये। 
 
कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री चौधरी ने विराट कोहली के उदाहरण से बच्चों को लक्ष्य पर अडिग रहने और अपने लक्ष्य की पूर्ति के लिये निरतंर प्रयास जारी रखने की बात कही। उन्होंने जिले के सभी स्कूलों में कैरियर काउंसिलिंग कार्यक्रम करने और विद्यार्थियों के लिए कैरियर मार्गदर्शिका पुस्तिका प्रदान करने का आश्वासन दिया ताकि बच्चों को सही कैरियर के चुनाव कर सके। वित्त मंत्री  चौधरी ने युवाओं के कैरियर मार्गदर्शन के लिये सुपर थर्टी के संचालक आनंद कुमार और मनोज कुमार जो बारहवीं फैल के ओरिजनल हीरो जो कि एक आईपीएस अधिकारी हैं को भी मार्गदर्शन देने के लिए रायगढ़ आमंत्रित करने का आश्वासन दिया। इस मौके पर उन्होंने आज सभी बच्चों को करियर मार्गदर्शिका पुस्तक का वितरण किए।
 
बच्चों के सवालों का वित्त मंत्री ने दिया जवाब
 
कार्यक्रम के दौरान शाला में अध्ययन करने वाले कुमारी याना महिलाने 12 वी जीवविज्ञान और कुमारी यशोदा यादव कक्षा 11 वी कॉमर्स ने कैरियर निर्माण के दौरान आने वाले परेशानियों और उनसे निपटने का सवाल किया तो वित्त मंत्री श्री चौधरी ने बेहतर तरीके से समझा कर उन्हें संतुष्ट किया। वित्त मंत्री चौधरी ने बच्चों से भी सवाल किया उन्होंने आईआईएम के फूल फॉर्म पूछने पर कक्षा 11 वी के मोहम्मद अबू राशिद के द्वारा सही जवाब देने पर उसे 1000 रूपये देकर सम्मानित किया और सभी बच्चों को अपने कक्षा के विषयवस्तु के साथ समसामयिक घटनाओं का भी निरंतर अध्ययन करने की सलाह दिया।
 
इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत  जितेन्द्र यादव, जिला शिक्षा अधिकारी डॉक्टर के.व्ही राव, जिला मिशन समन्वयक नरेंद्र कुमार चौधरी, शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष विजय सिंह, एपीसी भुवनेश्वर पटेल, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी द्वारिका प्रसाद पटेल के साथ संस्था के प्राचार्य संतोष चंद्रा के साथ समस्त स्टाफ  उपस्थित थे।
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वन्य तस्कर और माफिया बख्शे नहीं जाएंगे: वन मंत्री केदार कश्यप

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा है कि राज्य में वन्य तस्करी, लकड़ी की अवैध कटाई और परिवहन में संलिप्त माफियाओं को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। इन पर शिकंजा कसा जा रहा है। वनों की अवैध कटाई और लकड़ी के अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के विरूद्ध संघन कार्रवाई का अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि इसको प्रोत्साहित और संरक्षण देने वाले लोगों की भी पहचान कर उनके विरूद्ध कड़ी कार्रवाई विभाग द्वारा की जाएगी। उन्होंने कहा कि वनों का संरक्षण हम सबकी जिम्मेदारी है। पर्यावरण को बेहतर रखने के लिए वनों का बचाव जरूरी है। 
वनमंत्री कश्यप आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल ऑडिटोरियम साइंस कॉलेज में आयोजित राष्ट्रीय वन शहीद दिवस कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने इस मौके पर देश में वन और वन्य जीव की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर शहीदों का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि वन माफिया एवं वन्य तस्करी में संलिप्त लोगों को माफ नहीं किया जाएगा। वन की अवैध कटाई को रोकने के लिए बाह्य शक्ति से ज्यादा आंतरिक शक्तियों से लड़ने की आवश्यकता है। ऐसी शक्तियों को हमें रोकना होगा। उन्होंने कहा कि आज इस बात पर चिंतन करना चाहिए कि हम आने वाली पीढ़ी को क्या देकर जा रहे हैं। देश में वन एवं पर्यावरण को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘‘एक पेड़ मां के नाम अभियान’’ की सराहना की और इसके लिए उन्हें धन्यवाद ज्ञापित किया। 
वनमंत्री श्री कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में वन एवं पर्यावरण के संरक्षण तथा हरियाली को और अधिक बढ़ाने के लिए पूरे जोर-शोर से ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान के तहत पौधों का रोपण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में इस अभियान ने राज्य में जनआंदोलन का रूप ले लिया है। शहर से लेकर गांव तक जहां-जहां भी सरकारी जमीन उपलब्ध है, वहां वृहद पैमाने पर वृक्षारोपण एवं उसके संरक्षण का काम पूरी गंभीरता से किया जा रहा है। लोग बढ़-चढ़कर इस अभियान में न सिर्फ हिस्सा ले रहे हैं अपनी मां, पूर्वजों एवं देवी-देवताओं के नाम पर भी पेड़ लगा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में वन विभाग लगातार इस दिशा में बेहतर कार्य कर रहा है। इस अभियान के तहत अब तक लगभग 7 करोड़ वृक्षों का रोपण किया गया है। महतारी वंदन योजना से लाभान्वित 70 लाख माताओं-बहनों को भी इस अभियान से जोड़ा गया है। 
वनमंत्री श्री कश्यप ने कहा कि पौराणिक काल से भी हमारे वनों का ऐतिहासिक महत्व रहा है। उन्होंने कहा कि वनवासी नेताओं ने आजादी के पहले से वनांचल में वनों को बचाने के लिए आंदोलन किया था। उन्होंने कहा कि शहीद वीर गुण्डाधुर ने अंग्रेजों से कहा था कि यदि एक पेड़ काटोगे, तो हम एक सर काटेंगे का नारा दिया था, जिसका वनांचल के वनवासियों ने समर्थन किया। हमारी सरकार वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उसे सुदृढ़ करने के लिए वनरक्षक सहित अन्य पदों की भर्ती की प्रक्रिया की जा रही है। वनवासी जंगल को अपना घर समझते हैं और उसकी रक्षा करते हैं। कोई बाहरी व्यक्ति या तस्कर अवैध कटाई के लिए उन्हें प्रेरित करता है तो ऐसे लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। कार्यक्रम में वनमंत्री श्री कश्यप ने राष्ट्रीय वन कर्मचारी महासंघ द्वारा प्रस्तावित मांग को पूरा करने का आश्वासन देते हुए कहा कि स्वीकृत पदों का सेटअप का प्रस्ताव सामान्य प्रशासन विभाग को भेज दिया गया है।
कार्यक्रम को विधायक  पुरन्दर मिश्रा और प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम में अखिल भारतीय वन अधिकारी महासंघ की स्मारिका का विमोचन किया गया। इस अवसर पर संघ के अध्यक्ष सतीष मिश्रा, महासचिव श्री कमल यादव, कोषाध्यक्ष श्री जगबन्धु पात्रा सहित 17 विभिन्न प्रदेश के अखिल भारतीय वन अधिकारी-कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारी उपस्थित थे।
यहां यह उल्लेखनीय है कि आज सुबह राजीव स्मृति वन (ऊर्जा पार्क) में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वन शहीदों की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में वन शहीद स्मारक का अनावरण किया और वन शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर अखिल भारतीय वन अधिकारी-कर्मचारी महासंघ ने वनमंत्री श्री केदार कश्यप को प्रतीक चिन्ह और शॉल भेंटकर सम्मानित किया।
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पत्थलगांव को नगर पालिका बनाने की अधिसूचना जारी

जशपुर जिले के नगर पंचायत पत्थलगांव को नगर पालिका बनाने के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। अधिसूचना जारी होने की सूचना मिलते ही पत्थलगांव में उत्साह का महौल है। क्षेत्रवासी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जता रहे हैं। 
 
अधिसूचना के प्रकाशन के साथ ही पत्थलगांव को नगर पालिका बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जारी अधिसूचना के तहत नगर पंचायत पत्थलगांव की सीमाएं ही नगर पालिका की सीमा होगी। इस संबंध में लोगों से 21 दिनों तक इस संबंध में दावा-आपत्ति मंागी गई है। 
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ग्राम किलकिला में आयोजित पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय कुमार दिलीप सिंह जूदेव की पुण्यतिथि 14 अगस्त 2024 के दिन पत्थलगांव को नगर पंचायत से नगरपालिका बनाने की घोषणा की थी।
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बिजली आपूर्ति पुनः बहाल होने पर ग्रामीणों को मिली राहत

बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से लगातार लोगों की समस्याएं सुलझ रही हैं। जशपुर जिले के पांच गांवों के ग्रामीणों ने विद्युत आपूर्ति बहाल करने के लिए आवेदन दिया। इस आवेदन पर तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश कैंप कार्यालय से जारी किया गया। इन गांवों में तत्काल ट्रांसफार्मर लगाने, ग्रिप चेंज, लाईन सुधारने का कार्य किया जा रहा है, इससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। 
घूमरा पकरीटोली, तिलंगा के सलिहाटोला और बरहागुडा गांव हाथी विचरण क्षेत्र होने की वजह से यहां के ग्रामीण कैंप कार्यालय में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में बिजली व्यवस्था बहाल करने के लिए पहुंचे थे। कैंप के अधिकारियों द्वारा इस पर तत्काल पहल करते हुए संबंधित अधिकारियों के निर्देशित किया गया। इन गांवों में ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण विद्युत की आपूर्ति बाधित हो गई थी। ऊर्जा विभाग के अधिकारियों द्वारा इन गांव में विद्युत व्यवस्था बहाल करने के लिए ट्रांसफार्मर लगाने, ग्रिप चेंज, लाईन सुधारने का कार्य किया गया। अब इन गांव में विद्युत आपूर्ति शुरू हो गई है। ग्रामीणों ने इसके लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति त्वरित पहल के लिए आभार व्यक्त किया है।
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सरगुजा जिले के एलुमिना प्लांट में हुए औद्योगिक हादसे में जिला प्रशासन ने की कार्यवाही

सरगुजा जिले के एलुमिना प्लांट में हुए औद्योगिक हादसे में पीड़ित परिवारों को कंपनी द्वारा 15-15 लाख रूपए की मुआवजा दी जाएगी। इसी प्रकार घायलों को 3-3 लाख रूपए की राशि मिलेगी। 
 
गौेरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा गत रविवार को एलुमिना प्लांट में हुए औद्योगिक हादसे में पीड़ित परिवारों के साथ गहरी संवेदना जताते हुए जिला प्रशासन को उचित कार्यवाही के निर्देश दिए गए थे। कलेक्टर सरगुजा द्वारा एलुमिना प्लांट हादसे की जांच के लिए जांच दल का गठन कर दिया गया है। कलेक्टर ने आज जांच दल के साथ एलुमिना प्लांट का निरीक्षण किया और कंपनी के अधिकारियों को हादसे में मृत और घायल परिवारों को जल्द से जल्द मुआवजा राशि सौंपने के निर्देश दिए।  
 
कलेक्टर ने बताया कि इस औद्योगिक हादसे में प्रत्येक मृतक परिवार को 15-15 लाख रुपए और घायलों को 3-3 लाख रूपए की मुआवजा राशि कंपनी द्वारा दी जाएगी। कंपनी के अधिकारी 12 सितम्बर को प्रशासनिक टीम परिजनों को यह राशि सौंपेगी। उन्होंने बताया कि जांच दल द्वारा एलुमिना प्लांट में सुरक्षा मानकों के पालन हेतु कड़ाई से जांच की जा रही है। बिना प्रशासन की अनुमति के प्लांट का पुनः संचालन शुरू नहीं किया जायेगा।
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12 सितंबर को होने वाला जनदर्शन स्थगित

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का हर सप्ताह गुरुवार को होने वाला जनदर्शन इस गुरूवार 12 सितंबर को अपरिहार्य कारणों से नहीं होगा।

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ग्रामीण ईलाके में बैंक सखी की सेवाएं देकर दशोमती कर रही हैं ग्रामीणों की मदद

बस्तर जिले के लोहान्डीगुड़ा ब्लॉक के धुरागांव की रहने वाली दशोमती कश्यप 2017 में गायत्री महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ी हैं। दशोमती का समूह से जुड़ने का उद्धेश्य छोटी-छोटी बचत को जोड़कर कुछ बड़ा करने की थी। स्नातक की पढ़ाई कर चुकी दशोमती के पति पुलिस विभाग में कार्यरत हैं जो हमेशा दशोमती का मनोबल बढ़ाते हैं और उनके निर्णय का साथ देते हैं। दशोमती ने बताया समूह के माध्यम से बिहान के संपर्क में आने के बाद मुझे बीसी सखी योजना की जानकारी हुई जिससे मुझे लगा कि यह एक ऐसा कार्य है जिसमें मैं ग्रामीण एवं बुजुर्गों को बैंकिंग की सेवाएं देकर उन्हें सहयोग और सुविधा प्रदान कर सकती हूं। साथ ही अपनी भी कुछ अतिरिक्त आय कर सकती हूं। इसलिए जनवरी 2018 में वह छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक की बीसी सखी बन गयीं जिसमें उसे लोहण्डीगुड़ा क्षेत्र के चार ग्राम पंचायतों उसरीबेड़ा, धुरागांव, छिंदगांव एवं कोड़ेबेड़ा में बीसी सखी की सेवाएं देने का दायित्व सौंपा गया।
      दशोमती बताती हैं कि उन्होंने बैंकिंग किस्योस्क के माध्यम से ग्रामीणों को खाता खोलने, पैसा जमा करने एवं निकासी, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति एवं सुरक्षा बीमा योजनाओं का लाभ पहुँचाया और विगत 5 वर्षों में वह 5 करोड़ रूपये से ज्यादा के लेनदेन कर चुकी हैं और करीब 20 हजार से ज्यादा ट्रांजेक्शन कर चुकी हैं जिससे लगभग 10 हजार मनरेगा श्रमिकों और 5 हजार से ज्यादा पेंशन हितग्राही लाभार्थी हुए हैं।
     दशोमती सीएससी का भी कार्य करती हैं जिसमें उन्होंने 2000 आयुष्मान कार्ड, 1000 ई-श्रम कार्ड, 30 पेन कार्ड इत्यादि बनाये हैं साथ ही बिजली बिल का भुगतान भी करती हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने सीएससी की टेली-लॉ सेवा ग्रामीण क्षेत्र में पहुंचाकर करीब 5 हजार रूपये अतिरिक्त आमदनी अर्जित की हैं। वर्तमान में दशोमती अपने बैंक सखी के कार्यों से 4 हजार रुपये और सीएससी के कार्यों से 2 हजार रुपये प्रतिमाह कमाकर लगभग 6 से 7 हजार रुपये कमाती हैं और कहती हैं कि बिहान की वजह से वह ग्रामीण लोगों को बैंकिंग की सेवाओं के साथ-साथ सीएससी की भी सेवाएं पंहुचा रही हैं।
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मुख्यमंत्री साय कार्टून वॉच कार्टून फेस्टिवल-2024 में हुए शामिल

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में कार्टून वॉच पत्रिका द्वारा आयोजित कार्टून फेस्टिवल-2024 में शामिल हुए। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कार्टून फेस्टिवल-2024 कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कार्टून एक ऐसी कला जिसके द्वारा बहुत थोड़ी जगह में पूरी बात को स्पष्टता के साथ मनोरंजक और व्यंगात्मक ढंग से व्यक्त किया जाता है। छोटा सा कार्टून बड़ी बात कहता है। कभी-कभी सम्पादकीय में जिस बात को आधे पेज में लिखा जाता है, उसे सिर्फ एक कार्टून के माध्यम से व्यक्त कर दिया जाता है ।
 
मुख्यमंत्री साय ने कार्टून फेस्टिवल में  इंदौर के कार्टूनिस्ट इस्माइल लहरी को कार्टून क्षेत्र में उनके विशेष योगदान के लिए सम्मानित किया। साथ ही उन्होंने कार्टून फेस्टिवल में संत श्री तुलसीदास जी के दोहों पर आधारित कार्टून पुस्तक 'तुलसी सुगन्ध' का विमोचन भी किया। 
 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस कार्टून फेस्टिवल में शामिल होना मेरे लिए बहुत आनन्द का विषय है। यह बहुत खुशी की बात है कि कार्टून वॉच परिवार लगातार 28 वर्षों से कार्टून के क्षेत्र में कार्य को कर रहा है। श्री त्रयम्बक शर्मा कार्टून की पूरी मैगज़ीन निकाल रहे हैं, जो कि बहुत बड़ी बात है। इसके लिए मैं कार्टून वॉच परिवार को बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूँ। 
 
कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने कहा कि कार्टून वॉच मैगज़ीन के 28 साल की सतत यात्रा रही है। कार्टून एक ऐसा माध्यम जो समाज को आईना दिखाता है। कार्टून कभी गुदगुदाता है तो कभी ऐसी कड़वी दवाई की तरह होता है, जिसका परिणाम अच्छा होता है। कार्टूनिस्ट देश की परिस्थिति को कलम से अभिव्यक्त करता है। वह समाज को नई दिशा  देता है । कार्टून और एनिमेशन समाज के सभी वर्गों को प्रभावित करते हैं।
 
इस अवसर पर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि कार्टूनिस्ट श्री त्रयम्बक शर्मा ने कार्टून की विधा को जिंदा रखा है। वे कार्यक्रम के जरिये नई पीढ़ी तक कार्टून को पहुंचा रहे हैं । 
 
 
इस मौके पर कार्टून विधा से जुड़े डॉ के सी पन्त और मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी श्री आलोक सिंह सहित अन्य लोगों को सम्मानित किया गया। 
 
कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, डॉ हिमांशु द्विवेदी, श्री इस्माइल लहरी, कार्टून वॉच के सम्पादक श्री त्रयम्बक शर्मा सहित कई कार्टूनिस्ट और साहित्य-कला क्षेत्र से गणमान्य-जन उपस्थित रहे।
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