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उपमुख्यमंत्री ने चार ग्रामों के विकास के लिए 80 लाख रूपए की घोषणा की

उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने आज कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा विकासखंड के ग्राम जरहाटोला, जामगांव, आमगांव, तिलईभाट, और पेड्रीतराई मे ग्रामीणवासियों से जनसंपर्क कर सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों मांग, समस्या और शिकायतों को ध्यानपूर्वक सुना और उनके अनेक मांगों को तत्काल पूरा करते हुए 80 लाख रूपए के विकास कार्यों की घोषणा की। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने ग्रामवासियों की मांग पर विभिन्न विकास कार्यो की सौगात दी।
उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने जनसंपर्क के दौरान ग्रामवासियों की मांग को पूरा करते हुए ग्राम जामगांव में सामुदायिक भवन के लिए 10 लाख रूपए, प्राथमिक शाला में किचन शेड के लिए 3 लाख रूपए, सीसी रोड के लिए 5 लाख रूपए और ज्योति कलश कक्ष निर्माण के लिए 3 लाख रूपए की घोषाणा की। उन्होंने ग्राम जरहाटोला सांस्कृतिक मंच के लिए 5 लाख रूपए, गोठान समतलीकरण 5 लाख रूपए, बीएमडब्लू रोड जरहटोला से खलेवारा खार तक, नरेगा से पुलिया निर्माण कार्य की घोषणा की। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने ग्राम आमगांव में जनसंपर्क के दौरान ग्रामीणों की मांग में सामुदायिक भवन के लिए 10 लाख रूपए, सामुदायिक शौचालय के लिए 6 लाख रूपए, गोठान समतलीकरण के लिए 4 लाख रूपए और मंच निर्माण के लिए 3 लाख रूपए देने की घोषणा की। ग्राम तिलईभाट में रिटर्निंग वॉल के लिए 18 लाख रूपए, सीसी रोड के लिए 5 लाख रूपए सांस्कृतिक मंच के लिए 3 लाख रूपए की घोषणा की।
उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले के विकासखंड लोहारा के विभिन्न ग्रामों में जनसंपर्क करते हुए ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं और सुझावों को सुना और उन्हें सरकार की योजनाओं और विकासात्मक पहलुओं के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने का आश्वासन भी दिया। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को तेज़ी से आगे बढ़ाना है ताकि हर नागरिक को बुनियादी सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो सकें। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में ग्रामीण इलाकों में सड़क, बिजली, पानी और स्वास्थ्य सेवाओं में बड़े सुधार किए जा रहे है। इसके अलावा कृषि और रोजगार से जुड़ी योजनाओं को भी और अधिक प्रभावी तरीके से लागू किया जाएगा ताकि ग्रामीण युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें। उन्होंने यह भी कहा कि जनता की भागीदारी से ही विकास संभव है, इसलिए सभी को साथ मिलकर काम करना होगा।
 
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि साय सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास को सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जा रहा है और सभी बुनियादी सुविधाओं में सुधार लाया जा रहा है।
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राष्ट्रीय लोक अदालत 21 सितंबर को होगी आयोजित

आगामी नेशनल लोक अदालत 21 सितंबर 2024 को आयोजित की जाएगी। मुख्य न्यायाधिपति छत्तीसगढ उच्च न्यायालय-सह-मुख्य संरक्षक छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा ने वीडिया कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लोक अदालत की तैयारियों की समीक्षा की।  
मुख्य न्यायाधिपति छत्तीसगढ उच्च न्यायालय-सह-मुख्य संरक्षक छत्तीसगढ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा ने सभी न्यायाधीशों को संबोधित करते हुए व्यक्त किया कि जिस गति से न्यायालय में लंबित मामलों की संख्या बढ रही है, उसमें यह जरूरी है कि लोक अदालतों के आयोजन में राजीनामा योग्य मामलों का पक्षकारों की आपसी सहमति से विधि सम्मत निराकरण करने का सभी संभव प्रयास किया जावे।
मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति रमेश श्री सिन्हा ने कहा कि लोक अदालतों के माध्यम से निराकृत प्रकरणों का लाभ जहंा मामले के दोनों पक्षकारों को मिलता है, वहीं ऐसे मामलों के निराकृत होने से न्यायालयों में भी लंबित मामलों की संख्या कम होती है जिससे न्यायालय के पीठासीन अधिकारी राजीनामा योग्य मामलों से हटकर अन्य प्रकृति के लंबित मामलों को निराकृत करने में न्यायालयीन कार्य दिवसों में अधिक समय दे पाते हैं। उन्होंने 21 सितंबर 2024 को आयोजित होने जा रही नेशनल लोक अदालत में राजीनामा प्रकृति के सभी सिविल, आपराधिक एवं अन्य प्रकरणों को अधिक से अधिक संख्या में चिन्हांकित कर विधिवत् निराकृत करना साथ-ही-साथ न्यायालयों में 5 एवं 10 वर्ष से अधिक समय से लंबित राजीनामा योग्य प्रकरणों के निराकरण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई।
मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा ने कहा कि बैंकों, अन्य वित्तीय संस्थाओं, विद्युत वितरण कंपनियों, बीएसएनएल, बीमा कंपनियों एवं अन्य के द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले प्री-लिटिगेशन आवेदनों के पक्षकारों की प्री-सिटिंग करा अधिक-से-अधिक प्री-लिटिगेशन मामलों के निराकरण की आवश्यकता है। सामान्य राजीनामा योग्य मामलों का न्यायालय में आने से पूर्व प्री-लिटिगेशन स्तर पर ही निराकरण हो जाने से ऐसे मामले न्यायालय तक नहीं आते जिससे पक्षकारों को तो लाभ होता ही है, न्यायालयों में भी लंबित मामलों को संस्थित किए जाने की संख्या में वृद्धि नहीं होती है। 
 मुख्य न्यायाधिपति श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने व्यक्त किया कि पक्षकारों की सहमति से एवं विधि अनुसार अधिक-से-अधिक राजीनामा योग्य मामलों का निराकरण करने के लिए लोक अदालतों का आयोजन किया जाता है और इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए सभी का यथोचित प्रयास अपेक्षित है।
 
अवगत हो कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा), नई दिल्ली के निर्देशानुसार वर्ष 2024 हेतु निर्धारित कैलेण्डर अनुसार नेशनल लोक अदालत का आयोजन 21 सितंबर 2024 को उच्च न्यायालय से लेकर तहसील न्यायालयों के साथ-साथ राजस्व न्यायालयों में भी आयोजित किया जा रहा है। जिलों से प्राप्त अब तक की जानकारी अनुसार 180259 प्री-लिटिगेशन मामले तथा 34824 न्यायालयों में लंबित सहित कुल 215083 मामलों का चिन्हांकन किया जा चुका है, जिनके पक्षकारों के मध्य राजीनामा की संभावनाओं का प्रयास किया जा रहा है।
नेशनल लोक अदालत की तैयारी के संबंध में आयोजित बैठक में न्यायाधीश छत्तीसगढ उच्च न्यायालय-सह-कार्यपालक अध्यक्ष छत्तीसगढ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण श्री न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी तथा न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति न्यायमूर्ति श्री संजय के. अग्रवाल शामिल हुए। समस्त जिलों के प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं उनके सचिव, फैमिली कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश, न्यायाधीश, स्थायी लोक अदालत के चेयरमेन, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, श्रम न्यायालय के न्यायाधीश भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े
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उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले में सुबह बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण, प्रभावित परिवारों से मिलकर स्थिति की ली जानकारी

उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा को सुबह ग्रामीणों का फोन कॉल आया कि सहसपुर लोहारा विकासखंड के ग्राम खोलवा और सिघंनपुरी क्षेत्र में लगातार बारिश होने से बाढ़ जैसी स्थिति आ गई है। उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने जानकारी मिलते ही कलेक्टर जनमेजय महोबे के साथ सुबह ही ग्राम खोलवा और सिघंनपुरी पहुंचकर बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने क्षेत्र में जाकर लोगों का हालचाल जाना और उनकी समस्याओं को सुना। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने राहत एवं बचाव कार्य तेजी से संचालित करने के निर्देश कलेक्टर को दिए।

इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने ग्रामीणजनों का कुशल क्षेम जाना और उनसे उनकी समस्याओं के बारे में विस्तार से चर्चा की। उप मुख्यमंत्री ने लोगों की कठिनाइयों को समझते हुए भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी हर संभव मदद करेगी। उन्होंने कहा कि बाढ़ से प्रभावित सभी परिवारों को राहत पहुंचाने और सुरक्षा के लिए विष्णुदेव सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का सर्वे करने के निर्देश दिए और कहा कि विष्णुदेव साय की सरकार प्रभावित लोगों की मदद के लिए तत्पर है। जल्द ही क्षति का आकलन कर उचित मुआवजा और राहत प्रदान की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि वे जल्द से जल्द सर्वेक्षण पूरा करें ताकि लोगों को राहत कार्यों का लाभ मिल सके।
उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों की सहायता सरकार की प्राथमिकता है और इस आपदा की घड़ी में हर संभव मदद प्रदान की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री की तत्काल आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से सर्वेक्षण कार्य करें और आवश्यक राहत सामग्री की तुरंत आपूर्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि सभी प्रभावित परिवारों तक मदद पहुंचाने के लिए सटीक योजना बनाएं।
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दूरस्थ वनांचल गांव बरदुला में पहुंचा जल जीवन मिशन का पानी

केन्द्र सरकार द्वारा सभी घरों तक पीने का पानी पहुंचाने के लिए जल जीवन मिशन का संचालन किया जा रहा है। इसके तहत गांव-गावं तक सभी घरों में नल-जल का कनेक्शन दिया जा रहा है, जिससे लोगों को आसानी से पीने का साफ पानी उपलब्ध हो रहा है। साथ ही उन्हें पानी लाने दूर भी नहीं जाना पड़ रहा है। इसी कड़ी में जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र मैनपुर विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत बोईरगांव के आश्रित गांव बरदुला में भी जल जीवन मिशन के अंतर्गत नल कनेक्शन पहुंच गया है, जिससे ग्रामीणों को घर में ही पीने का साफ पानी आसानी से उपलब्ध हो रहा है। वनांचल क्षेत्र होने के कारण पहले ग्रामीणों को पीने का पानी लाने के लिए दूर जाना पड़ता था। साथ ही गर्मी के मौसम में नदी-नाले सूख जाने से पानी भी उपलब्ध नहीं हो पाता था, जिससे घर के सदस्यों को पानी के लिए बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता था। सरकार की जनकल्याणकारी सोच और लोगों को आसानी से मूलभूत सुविधाओं की पहुंच उपलब्ध कराने की पहल से लोगों का जीवन आसान हुआ है। इसी के तहत सभी घरों में पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए जल जीवन मिशन का गंभीरतापूर्वक क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिससे लोगों को काफी राहत मिल रही है।
 
बरदुला गांव की रहने वाली श्रीमती मानबाई यादव ने बताया कि पहले वह पीने के पानी के लिए कुआं हैण्डपम्प एवं दूसरों के घरों के निजी बोर के भरोसे जीवन-यापन करती थी। पानी के लिए पूर्णतः दूसरों पर निर्भर थी। साथ ही उसके दोनो बहुएं पार्वती यादव व पद्मा यादव जल पूर्ति के लिए दूर से हैण्डपम्प से पानी लाकर गुजारा करती थी। पूरे दिन का बहुत बड़ा हिस्सा उन्हे पानी की आपूर्ति पर लगानी पड़ती थी। जिससे कि अन्य कार्यांे में देरी और खेत जाने में परेशानी होती थी। अब हर घर में नल लगने के बाद मानबाई एवं उनके परिजन अपनी क्षमता का पूर्णता सदुपयोग करते हुए जल जीवन मिशन पर विश्वास कर और उन्नति प्राप्त कर रहे हैं। मानबाई ने घर पहुंच पेयजल की सुविधा प्रदान करने के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार का धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके ग्राम में सभी के यहां नल लग गया है और उन्हे पानी के लिए दूसरे आश्रित होने की जरूरत ही नहीं है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के कारण अब हमें दूसरों से पानी मांगने की जरूरत नहीं है। घर में लगे नल का उपयोग पीने, सहित नहाने, कपड़ा धोने एवं अन्य घरेलू कार्यों में उपयोग के लिए किया जा रहा है।
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दामिनी एप्प करेगा आकाशीय बिजली से अलर्ट

आकाशीय बिजली घटित होने के कारण जन एवं पशु हानि  की घटनाओं से निपटने हेतु भारत सरकार द्वारा दामिनी एप्प विकसित किया गया है। इस मोबाइल एप्प से आकाशीय बिजली घटित होने की पूर्वानुमान(20 से 31 किलोमीटर का दायरा), आवश्यक तैयारी एवं उपाय की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। जिले में आकाशीय बिजली गिरने से जन एवं पशु हानि की बढ़ती घटना को दृष्टिगत रखते हुए शासन ने सभी विभाग प्रमुखो एवं मैदानी अमलों  को दामिनी एप्प डाउनलोड करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही अधिक से अधिक लोगों को इस एप्प को डाउनलोड करने की अपील की है।
 
दामिनी एप्प  को गूगल प्ले स्टोर के माध्यम से किसी भी एंड्रॉइड मोबाईल पर आसानी से डाउनलोड किया जा सकता है। इसके साथ ही मेघदूत एप्प  तापमान, वर्षा की स्थिति, हवा की गति एवं दिशा से सम्बंधित है जिससे किसान अपने क्षेत्र की मौसम से संबंधित पूर्वानुमान की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से कंवर समाज के प्रतिनिधि मंडल ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के यहां उनके निवास कार्यालय में कंवर समाज के प्रतिनिधि मंडल ने छत्तीसगढ़ प्रदेश कंवर समाज के अध्यक्ष  हरवंश सिँह मिरी के नेतृत्व में सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री साय को युवा कंवर समाज द्वारा आयोजित होने वाले करमा महोत्सव के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने आमंत्रण के लिए प्रतिनिधि मंडल को धन्यवाद देते हुए कार्यक्रम की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।
 
इस अवसर पर कंवर समाज के महासचिव  नकुल चंद्रवंशी,  टूकेश कंवर भी उपस्थित थे। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के साथ उत्तर बस्तर कांकेर जिले के चारामा विकासखंड के जेपरा सहित विभिन्न गांवों में विकास कार्यों से संबंधित विषयों पर विचार विमर्श किया।
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जिला हॉस्पिटल में स्थापित डायलिसिस सेंटर मरीजों के लिए वरदान

 जिला हॉस्पिटल बलौदाबाजार में 2 वर्ष पूर्व स्वास्थ्य विभाग एवं डीएमएफ के सहयोग से    अत्याधुनिक डायलिसिस सेंटर की स्थापना की गई है। जिसके अब सकारात्मक परिणाम जिले के किडनी मरीजों को मिल रहा है। जिले के दूर दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से मरीजों का डायलिसिस के लिए यहां आना होता है ऐसे में उन्हें इसका पूरा लाभ मिल रहा है। दिसम्बर 2023 से लेकर अगस्त 2024 तक प्रति दिवस तीन डायलिसिस सेशन प्रति मशीन के अनुसार अब तक 2688 सेशन किये गए हैं।
 
इस संबंध में जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजेश कुमार अवस्थी ने बताया की प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम अंतर्गत निःशुल्क डायलिसिस सुविधा दी जा रही है। अस्पताल में इस समय डायलिसिस हेतु चार मशीनें लगाई गई हैं। जिला चिकित्सालय में लगी हुई मशीनों द्वारा लगभग 4 घंटे में डायलिसिस पूरी होती है। स्थिति के अनुसार मरीज को माह में आठ से बारह बार तक डायलिसिस करवाना पड़ सकता है। वर्तमान में डायलिसिस यूनिट में 38 एक्टिव पंजीकृत मरीज हैं जो नियमित रूप से डायलिसिस करवाने आते हैं। उक्त चार मशीनों में एक मशीन हेपेटाइटिस सी के मरीजों के लिए कार्य कर रही है।
 
 
डायलिसिस का लाभ ले रहे कसडोल नगर निवासी 67 वर्षीय पूरण लाल साहू के साथ आएं भतीजे देवेंद्र ने बताया की पहले डायलिस  के लिए चाचा जी को रायपुर ले जाना पड़ता था जो काफी खर्चीला और परेशानी भरा होता था अब घर के समीप ही सुविधा मिल जाती है। उन्हें हफ्ते में तीन बार  लाता हूं। इसी तरह ग्राम चरौदा के 56 वर्षीय दिलीप बघेल ने बताया की लगभग 10 माह पूर्व रायपुर में जाँच के बाद डायलिसिस की सलाह दी गई थी। कुछ समय वहां रह के कराए,बाद में बलौदाबाजार के ही एक निजी अस्पताल गए जहां काफी पैसा लगता था,उसके बाद जिला अस्पताल से लाभ ले रहे हैं।
 
 
डायलिसिस कराने वाले मरीज के परिजनों ने बताया की अस्पताल में यह सुविधा पूरी तरह से निशुल्क है तथा अब हमें डायलिसिस के लिए दूर शहर रायपुर अथवा  बिलासपुर में नहीं जाना पड़ता जिसके कारण हमें हर प्रकार से सहूलियत होती है।आने-जाने का खर्च तो बचता ही है साथ में बीमारी की स्थिति में सफर के थकान से भी बचाव होता है। वर्तमान में डायलिसिस यूनिट हेतु दो टेक्नीशियन एवं एक हाउस कीपिंग स्टाफ को रखा गया है जो निरंतर अपनी सेवा दे रहे हैं। इस यूनिट में डायलिसिस के साथ-साथ मरीज को विशेष प्रकार के खानपान के संबंध में भी शिक्षित किया जाता है। 
सिविल सर्जन डॉ के के टेम्भूरने ने बताया की डायलिसिस गुर्दे अथवा किडनी की बीमारी से ग्रसित मरीज के लिए वह विधि है जिसमें जब गुर्दे काम करना बंद कर देते हैं या फिर उनकी क्षमता कम हो जाती है तब कृत्रिम तरीके से शरीर के अपशिष्ट पदार्थों को इस विधि के माध्यम से शरीर से बाहर निकाला जाता है। यह तब तक करना पड़ता है जब तक व्यक्ति पूरी तरह से स्वस्थ नहीं हो जाता या फिर नई किडनी प्रत्यारोपित नहीं की जाती। यदि अपशिष्ट पदार्थों को शरीर से बाहर ना निकाला जाए तो शरीर में विष फैल सकता है तथा व्यक्ति की मृत्यु भी हो सकती है। सीएमएचओ ने जिले के निवासियों से आवश्यकता पड़ने पर इस सुविधा का लाभ लेने हेतु अपील की है।
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प्राकृतिक खेती एवं गौ आधारित खेती पर कार्यशाला संपन्न

  कृषि विज्ञान केन्द्र पाहंदा (अ) में बलराम जयंती पर आयोजित कृषक दिवस में प्राकृतिक खेती एवं गौ आधारित खेती पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान खेत में बनाये जाने वाले बीजामृत, जीवामृत का जिवंत प्रदर्शन किया गया। इस आयोजन में प्रगतिशील महिला कृषक श्रीमती अजिता साहू एवं कृषक श्री लवन साहू को जैविक खेती में विशेष योगदान हेतु सम्मान प्रमाण पत्र प्रदाय किया गया। इस अवसर पर अखिल भारतीय किसान संघ के जिला कार्यकारिणी सदस्य योगेन्द्र कुमार साहू, उप सरपंच सुरेन्द्र कुमार साहू,चेतन देवांगन, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. विजय जैन सहित 50 से अधिक किसान भाई मौजूद थे।

 

 

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400 बुनकरों को रोजगार, महिलाएं हो रही है आत्मनिर्भर

  ग्रामोद्योग विभाग के हाथकरघा प्रभाग द्वारा दुर्ग जिले की 10 बुनकर सहकारी समितियों के माध्यम से 400 बुनकरों को बुनाई कार्य से सतत रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। 400 बुनकरों में से 310 महिलाएं बुनाई कार्य से आत्मनिर्भर हो रही है। जिले के बुनकरों द्वारा शाला गणवेश शार्टिंग, ट्युनिक सुटिंग, चादर, बस्ता क्लाथ आदि 50 से 55 हजार मीटर प्रतिमाह वस्त्रों का उत्पादन कर छ.ग. राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ मर्यादित रायपुर को प्रदाय एवं खुले बाजार मंे विक्रय किये जाते है। बुनकरों को बुनाई कार्य से 250 से 400 रूपए का निरंतर आमदनी हो रही है।

सहायक संचालक हाथकरघा दुर्ग से प्राप्त जानकारी अनुसार दुर्ग जिला बुनकर सहकारी समिति दुर्ग के 20, महिला हाथकरघा बुनकर सहकारी समिति दुर्ग के 34, महामाया बुनकर सहकारी समिति पाटन के 143, नागेश्वरी बुनकर सहकारी समिति नगपुरा के 60, जय चण्डी बुनकर सहकारी समिति असोगा के 60, शिवांशी बुनकर सहकारी समिति पाटन बघेरा के 15, आस्था बुनकर सहकारी समिति पाटन के 20, मां परमेश्वरी बुनकर सहकारी समिति रवेलीडीह के 20, महात्मा गांधी बुनकर सहकारी समिति अहिवारा के 05 एवं जय चण्डी बुनकर सहकारी समिति विनायकपुर के 23 इस प्रकार कुल 400 बुनकरों द्वारा बुनाई व्यवसाय से रोजगार किया जा रहा है। पूर्व में देवांगन समाज द्वारा ही बुनाई का परम्परागत कार्य किया जाता था। वर्तमान में देवांगन समाज के अतिरिक्त अन्य समाज के विशेषकर महिलाओं द्वारा इस परम्परागत बुनाई कला को अपना कर लाभान्वित एवं आत्मनिर्भर हो रही है। छ.ग. शासन ग्रामाद्योग विभाग द्वारा परम्परागत बुनाई कला को जिवंत रखने अधिक से अधिक हितग्राहियों को रोजगार उपलब्ध करने शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में बुनकरों के घरों पर ही रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ हाथकरघा प्रभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं से बुनकरों को लाभान्वित किया जा रहा है। शहरी स्तर की कुछ पंजीकृत बुनकर समितियां अकार्यशील होने का कारण शहर में उद्योग धंधे एवं कारखाने स्थापित होने से शहरी क्षेत्र में बुनाई से अधिक आय का बेहतर रोजगार उपलब्ध हो जाता है। बुनाई कार्य में श्रम व कौशलता दोनांे की आवश्यकता होती है। इसलिए शहरी क्षेत्र की युवा पीढ़ी बुनाई रोजगार में रूचि नही लेते। किंतु ग्रामीण क्षेत्र में हाथकरघा बुनाई सें रोजगार का बहुत ही अच्छा साधन है। अकार्यशील बुनकर समितियों को कार्यशील करने का प्रयास किया जा रहा है।

 

 

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जिस समाज में बुजुर्गों का होता है मान सम्मान, वही समाज करता है तरक्की: उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन

जिस समाज में बुजुर्गों का मान सम्मान होता है, वही समाज तरक्की करता है। इनके प्रति आदर भाव जगा कर हम अपनी सभ्यता और संस्कृति का संरक्षण कर सकते हैं। बुजुर्गों का सम्मान ही हमारी संस्कृति का परिचायक है। आज बच्चों के लिए पहले गुरु उसके माता-पिता होते हैं। दादा-दादी व नाना-नानी बच्चों में संस्कार की सीख देते हैं। उक्त बातें वाणिज्य उद्योग और श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने बालको नगर स्थित अनुभव भवन में वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति के 18 वां स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि की आसंदी से कही। मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने समिति के अनुभव भवन में बने नवनिर्मित भवन का फीता काटकर लोकार्पण किया। समिति की मांग पर भवन के ऊपरी तल पर अतिरिक्त भवन निर्माण के लिए 10 लाख रुपए विधायक निधि से देने की घोषणा की। साथ ही 4 एयर कंडीशनर और 2 टीवी प्रदाय की भी घोषणा की।


उन्होंने कहा कि बुजुर्गों का सम्मान करना हमारी परंपरा है। वृद्धजनों से हमें प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से सदैव मार्गदर्शन मिलता है। देश में सर्वाधिक युवा है, बुजुर्ग उन्हें मार्गदर्शन देते रहें तो भारत को अग्रणी देश बनाया जा सकता है। श्रम मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि संयुक्त परिवार में बुजुर्गों की सदा आवश्यकता महसूस की जाती है। वरिष्ठजनों की जिम्मेदारी है कि वे अपने अनुभव का लाभ आने वाली पीढ़ी को आशीर्वाद के तौर पर दें। युवाओं की ऊर्जा और वरिष्ठजनों के अनुभव से ही समाज और देश समृद्ध होगा।

श्रम मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि ये बहुत खुशी की बात है कि समिति के माध्यम से आप सभी सेवानिवृत्त के बाद भी एक दुसरे से इतने साल बाद भी जुड़े हुए हैं। एक दुसरे के सुख और दुःख में खड़े हुए।
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मुख्यंमत्री ने महिला सशक्तीकरण की दिशा में उठाए महत्वपूर्ण कदम

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का महिला सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के तहत् महिलाओं को महतारी वंदन योजना की राशि दी जा रही है। योजना से महिलाओं को आर्थिक सम्बल और हाथों में एक निश्चित राशि मिल रही है, जिसका उपयोग महिलाएं परिवार की छोटी-मोटी जरूरतों के उपयोग में कर रही हैं। यह योजना जरूरतमंद महिलाओं के लिए मुश्किल समय का सहारा बन गई है। साथ ही निर्भक होकर अपने जिम्मेदारियों का भी निर्वाहन कर पा रही हैं। छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना की अब तक सातवीं किस्त जारी कर दी गई है। जशपुर जिले की 2 लाख 32 हजार 760 महिलाओं को इस योजना का लाभ मिला है। 

 

महिलाओं ने कहा कि महतारी वंदन योजना से हर महिना एक-एक हजार मिल रहा है। जिससे वे बहुत खुश हैं और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद दिए हैं। महिलाओं ने कहा कि योजना से मिलने वाली राशि को अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए लगाऐगें। वे बेटे को उच्च शिक्षा में मदद मिले इसके लिए इस राशि से सहयोग करेगें। प्रति माह 1000 राशि आने से राहत मिलने के साथ ही बच्चों के बेहतर भविष्य गढ़ने में मदद मिल पाएगी। कुछ महिलाओं ने बताया कि राशि का अपनी बेटी के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश करेगें। जिससे आने वाले समय में उनके काम आ सके।                                                                                                                                                

महिला सशक्तिकरण की दिशा में आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनने के लिए महतारी वंदन योजना एक कारगर कदम है। जशपुर सहित  प्रदेश भर की महिलाओं के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा इस योजना की शुरूआत की गई है। गांव से लेकर शहर तक महिलाओ में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। महिलाओं को इस योजना से प्रतिमाह 1000 रूपए की राशि दी जाएगी। साल में कुल 12 हजार की राशि भी मिलेगी।
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मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ बनेगा नंबर वन राज्य - सांसद हेमा मालिनी

 श्रीमती हेमा मालिनी ने  कल रायगढ प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की तारीफ़ करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ श्री साय के नेतृत्व में बहुत आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है कि डबल इंजन की सरकार में छत्तीसगढ़ के विकास के लिए कभी फण्ड की कमी नहीं  होगी।  उन्होंने कहा श्री साय के नेतृत्व में आदिवासियों, किसानों और महिलाओं की बेहतरी के लिए बहुत अच्छा काम हो रहा है उन्होंने कहा कि पहले नक्सल समस्या के कारण लोग यहाँ आने में हिचकिचाते थे,लेकिन अब श्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की स्थिति बदल बदल  गई  है।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रायगढ़ में प्रयास आवासीय विद्यालय का किया उद्घाटन

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज रायगढ़ जिले के गढ़उमरिया में शासकीय प्रयास आवासीय विद्यालय का विधिवत शुभारंभ करते हुए विद्यार्थियों को आह्वान किया कि वह जीवन में सफलता के लिए बड़े सपने देखे और उसको साकार करने के लिए पूरे मनोयोग से जुट जाएं। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर सभी को गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि रायगढ़ जिले का यह प्रयास आवासीय विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में मिसाल कायम करेगा। इस मौके पर कृषि मंत्री एवं रायगढ़ जिले के प्रभारी मंत्री श्री राम विचार नेताम,वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी, राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया, अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। छत्तीसगढ़ में विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा मिले और वह आगे बढ़े, इसको लेकर हमारी सरकार लगातार प्रयास कर रही है। शिक्षा के नित नए संस्थान प्रारंभ किए जा रहे है। रायगढ़ में प्रयास आवासीय विद्यालय का शुभारंभ भी हमारे इन्हीं प्रयासों की एक कड़ी है। हमने राज्य में नई शिक्षा नीति 2020 को लागू किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी पूरे देश में शिक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए प्रयासरत है। पीएम श्री स्कूल योजना के माध्यम से शैक्षणिक व्यवस्था को बेहतर बनाया जा रहा है। राज्य में 263 स्कूलों को पीएमश्री योजना में शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर प्रयास आवासीय विद्यालय के प्रवेशित विद्यार्थियों को शैक्षणिक सामग्री का भी वितरण किया। 

इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम ने कहा कि राज्य के नौनिहाल पीढ़ी के भविष्य निर्माण हेतु छत्तीसगढ़ सरकार बेहतर व्यवस्था कर रही है। गणेश चतुर्थी के दिन प्रयास विद्यालय का उद्घाटन हमारे लिए मिसाल है। इसका लाभ इस जिले के विद्यार्थियों को मिलेगा। उन्होंने कहा कि बोर्ड की परीक्षा में प्रयास विद्यालय के 7 बच्चें टॉप किए हैं। जीवन लक्ष्य को हासिल करने के लिए उन्होंने विद्यार्थियों से निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।

वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी ने शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार एवं केन्द्र सरकार के समन्वित प्रयासों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हम सब के लिए यह गर्व का विषय है कि छत्तीसगढ़ का रायपुर देश का इकलौता शहर है जहां एनआईटी, एम्स, आईआईटी, ट्रिपलआईटी, एचएनएलयू, मेडिकल कॉलेज, आईआईएम, जैसे महत्वपूर्ण संस्थान है। 

गौरतलब है कि शिक्षा के क्षेत्र में उच्च स्तरीय गुणवत्ता तथा उत्कृष्टता का प्रतीक माने जाने वाले प्रयास आवासीय विद्यालय की स्थापना शिक्षा सत्र 2024-25 अंतर्गत रायगढ़ जिले में की गई है। यह विद्यालय गढ़उमरिया स्थित लाइवलीहुड कॉलेज के भवन में संचालित होने जा रहा है। विद्यालय में प्रवेश हेतु राज्य स्तर पर की गई काउंसलिंग पश्चात कुल 96 विद्यार्थियों में 49 बालक एवं 47 बालिकाओं को प्रवेश दिया गया है।
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08 सितम्बर 2024 को बिलासपुर से चलने वाली 12851 बिलासपुर-चेन्नई एक्सप्रेस रद्द रहेगी।

दक्षिण मध्य रेलवे से प्राप्त बुलेटिन के अनुसार वारंगल-विजयवाड़ा सेक्शन में विगत दिनों हुई भारी बारिश के चलते सुरक्षा के मद्देनजर  02 सितम्बर 2024 को चेन्नई से चलने वाली 12852 चेन्नई-बिलासपुर एक्सप्रेस रद्द रही। इसके फलस्वरूप रैक अनुपलब्धता के कारण 08 सितम्बर 2024 को बिलासपुर से चलने वाली 12851 बिलासपुर-चेन्नई एक्सप्रेस रद्द रहेगी।

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अब तक बिजलीविहीन विशेष पिछड़ी जनजाति कोरवा बाहुल्य महुआपनी में पहुंचेगी बिजली

लंबे इंतजार के बाद विशेष पिछड़ी जनजाति कोरवा बाहुल्य महुआपनी में आखिरकार वह दिन आने वाला है जब वहां की रातें भी जगमग होंगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल पर पीएम जनमन योजना के तहत जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड के इस गांव में बिजली पहुंचाने के कार्य को स्वीकृति मिली है। गांव में बिजली पहुंचने की खबर से महुआपनी में उत्सव का माहौल है। गांववाले इस बात से बेहद खुश हैं कि अब चंद दिनों में रात के अंधेरों को चीरने बिजली की रोशनी पहुंचने वाली है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया है।

   
जशपुर जिला मुख्यालय से लगभग 85 किलोमीटर दूर सुलेसा ग्राम पंचायत के आश्रित गांव महुआपनी में विशेष पिछड़ी जनजाति कोरवा समुदाय के 100 से अधिक परिवार रहते हैं। पहाड़ी क्षेत्र और जंगलों के बीच होने के कारण गांव में अभी तक बिजली नहीं पहुंच पाई है। ग्रामीणों ने गांव में बिजली लगाने के लिए मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया में आवेदन दिया था। मुख्यमंत्री के निर्देश पर कैंप कार्यालय ने इस पर त्वरित कार्यवाही की। नतीजतन, पीएम जनमन योजना के माध्यम से अब गांव में जल्दी ही बिजली पहुंचने वाली है।  
      
पीढ़ियों से जंगलों के घने साये में जीवन गुजारने वाले कोरवा जनजाति के रहवास महुआपनी में पहली बार बिजली की चमक दस्तक देगी। इससे वहां शिक्षा, संचार, स्वास्थ्य और रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे। वहां के लोग दुनिया से बेहतर तरीके से रू-ब-रू हो पाएंगे। बिजली पहुंचने के साथ ही वहां आधुनिक तकनीक और उपकरण भी पहुंचेंगे जो इनका जीवन आसान बनाएंगी। गांव के आलु राम, भदई राम, खुलु पैकरा और रामबिसाल यादव ने बताया कि बिजली पहुंचने की खबर हमारे लिए एक बड़े उत्सव की तरह है। इससे काफी चीजें बदल जाएंगी। दिन की तरह रात में भी गांव में चहल-पहल होने लगेगी। उन्होंने गांव में बिजली पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद देते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया है।
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मुख्यमंत्री निवास में विराजे भगवान गणेश- श्री विष्णु देव साय ने पूजा अर्चना कर प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर अपने रायपुर निवास में पूरे विधि विधान के साथ भगवान गणेश की प्रतिमा की स्थापना की। मुख्यमंत्री ने परिजनों के साथ पूजा अर्चना कर प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। वन एवं जल वायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद सहित निवास कार्यालय के अधिकारी कर्मचारी इस अवसर पर भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री ने गुरूजनों को शिक्षक दिवस पर दी शुभकामनाएं

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 5 सितम्बर को शिक्षक दिवस के अवसर पर सभी शिक्षकों और प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री ने अपने बधाई संदेश में कहा कि पूर्व राष्ट्रपति भारतरत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन को हम शिक्षक दिवस के रूप में मनाते हैं। डॉ. राधाकृष्णन दार्शनिक और शिक्षक भी रहे हैं। देश को शिक्षा के क्षेत्र में आगे ले जाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक, शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की क्षमता रखते हैं। वे उच्च नैतिक मूल्यों को विद्यार्थियों के जीवन में उतारकर अच्छा नागरिक तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आशा है कि डॉ. राधाकृष्णन के पदचिन्हों पर चलते हुए देश और समाज को सकारात्मक दिशा देने में आगे भी शिक्षकगण महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।

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न्यायाधीशगण सहित न्यायालयीन कर्मचारियों द्वारा लगाए गए विभिन्न प्रजातियों के पौधे

 अभियान ’’एक पेड़ मॉ के नाम’’ के तहत जिला न्यायालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के फल एवं छायादार पौधे लगाए गए। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, महासमुंद के सचिव दामोदर प्रसाद चन्द्रा ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देषानुसार एवं प्लान आफ एक्षन के तहत विषेष दिवसो पर किए जाने वाले कार्यक्रम के तहत आज अभियान ’’एक पेड़ मॉ के नाम’’ के तहत न्यायाधीशगण तथा न्यायालयीन कर्मचारियों द्वारा न्यायालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के फलदार एवं छायादार वृक्ष लगाए गए तथा अपने अपने वृ़क्षों की सुरक्षा, पानी संबंधी देखभाल करने की प्रतिज्ञा ली गई।  वृक्षारोपण कार्यक्रम के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीष श्रीमती अनिता डहरिया द्वारा अभियान एक पेड़ मा के नाम के अवसर पर न्यायालयीन अधिकारी एवं समस्त कर्मचारियों को भी अधिक से अधिक वृक्ष लगाने हेतु अपील करते हुए कहा कि वर्तमान में हो रही प्रदूषण समस्याओ का निजात पाने के लिए प्राकृतिक संरक्षण किया जाना ज्यादा जरूरी है। सभी व्यक्ति वृक्ष लगाकर पर्यावरण संरक्षण में अपना अहम भागीदारी निभाए।

 

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