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मरीन ड्राइव का नाम बदलकर तेलीबांधा ड्राइव करने की साहू समाज की मांग

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज हरेली तिहार के पवित्र दिन तेलीबांधा स्थित मरीन ड्राइव पर आयोजित हरेली उत्सव और साहू समाज के सम्मान समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने यहां नागर, गैती, गेड़ी सहित कृषि यंत्रों की पूजा की और प्रदेश के किसानों की खुशहाली के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। श्री साय ने भक्त माता कर्मा के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर आरती की और छतीसगढ़ की सुख-समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू, कसडोल विधायक श्री संदीप साहू, पूर्व मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू सहित साहू समाज के अध्यक्ष श्री टहल सिंह साहू और अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।


 कार्यक्रम के दौरान साहू समाज ने मरीन ड्राइव का नाम परिवर्तन कर तेलीबांधा ड्राइव करने तथा दोनों ओर भव्य गेट बनाने और चौक का नाम भक्त माता कर्मा के नाम पर करने की माँग की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस आयोजन के लिए साहू समाज को बधाई और शुभकामनाएँ दी। उन्होंने कहा कि आज हरेली के पावन पर्व पर सुबह से ही पूजा अर्चना कर छत्तीसगढ़ वासियों की सुख-समृद्धि की मन्नत माँगी है। उन्होंने कहा कि तेलीबांधा तालाब रायपुर शहर की शान है और साहू समाज की माँग पर गंभीरता से विचार किया जाकर इसके नामकरण के लिए जल्द ही उचित कार्रवाई की जाएगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय को साहू समाज के पदाधिकारियों ने भगवान श्रीराम का तैल्य चित्र और राम चरित मानस की प्रति भेंट की। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री श्री साय को स्मृति चिन्ह के रूप में रुद्राक्ष के वृक्ष के साथ शाल श्री फल भेंट किया गया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ का पहले तिहार है और इसी से आगे प्रदेश में तिहार उत्सवों की लंबी श्रृंखला चलती है। उन्होंने सभी को हरेली तिहार की बधाई दी। उन्होंने कहा कि हरेली एक समृद्ध परंपरा के तिहार है, किसानों का तिहार है, प्रकृति से जुड़ने का तिहार है। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों को इस पावन त्यौहार की शुभकामनाएं भी दी। 

कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री श्री तोखन साहू ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को साहू समाज का मेहमान बताते हुए कहा कि हरेली के पावन अवसर को भक्तिभाव से मनाने की परंपरा हमारे बुजुर्गों ने बनाई है। हरेली खेती किसानी, गौ माता, प्रकृति को सहेजने का उत्सव है। उन्होंने आने वाली पीढ़ी को भी इस त्यौहार का महत्व बताने का आह्वान सामाजिक बंधुओं से किया। श्री तोखन साहू ने साहू समाज से पहली बार किसी व्यक्ति को केंद्रीय मंत्री बनाने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद भी ज्ञापित लिया। रायपुर जिला साहू समाज ने श्री तोखन साहू को रुद्राक्ष का वृक्ष भेंट कर सम्मानित किया।

कार्यक्रम में साहू समाज के प्रतिभागियों ने गीत गायन और नृत्य कला का प्रदर्शन भी किया। साहू समाज ने यहाँ गेड़ी दौड़, मटका फोड़ प्रतियोगिता का भी आयोजन किया। कार्यक्रम में दो जुड़वा बहनों प्रमिला और पार्वती द्वारा दी गई शिव तांडव नृत्य की प्रस्तुति ने सभी मन मोह लिया।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय करेंगे भोरमदेव में कावड़ियों पर पुष्प वर्षा

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 5 अगस्त, सोमवार को भोरमदेव में शिव भक्तों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा करेंगे। इस ऐतिहासिक आयोजन के बारे में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री सोमवार सुबह 7:00 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा रायपुर से प्रस्थान करेंगे और लगभग 7:30 बजे भोरमदेव पहुंचेंगे। भोरमदेव में वह हजारों की संख्या में पहुंचे शिव भक्तों, जो सैकड़ों किलोमीटर पैदल यात्रा कर शिवजी का जल अभिषेक करने आए हैं, पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा करेंगे। यह आयोजन छत्तीसगढ़ में पहली बार हो रहा है, जब प्रदेश के मुखिया स्वयं कावड़ियों पर पुष्प वर्षा करेंगे। उसके उपरांत भोरमदेव बाबा का पूजा अर्चना कर प्रदेश की समृद्धि और खुशहाली के किये कामना करेंगे।

कवर्धा में बूढ़ा महादेव मंदिर में करेंगे अभिषेक

भोरमदेव में पुष्प वर्षा के उपरांत मुख्यमंत्री श्री साय सुबह 8:00 बजे भोरमदेव मंदिर पहुंचेंगे। वे 9 बजे तक भोरमदेव मंदिर और कवर्धा के प्राचीन और प्रसिद्ध बूढ़ा महादेव मंदिर में पंचमुखी बूढ़ा महादेव का दर्शन, पूजन और अभिषेक करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री एवं स्थानीय विधायक श्री विजय शर्मा भी उपस्थित रहेंगे।

श्रावण मास के पवित्र अवसर पर भोरमदेव और बूढ़ा महादेव मंदिर में विशेष रूप से हजारों की संख्या में कावड़िये अमरकंटक से नर्मदा जल लाकर शिवजी का अभिषेक करते हैं। यह परंपरा पिछले 25 से 30 वर्षों से जारी है और हर वर्ष कावड़ियों की संख्या में वृद्धि हो रही है। मुख्यमंत्री श्री साय का इस वर्ष शिव भक्तों पर पुष्प वर्षा करना इस परंपरा को और अधिक विशेष बना रहा है।

भोरमदेव और बूढ़ा महादेव की महत्ता

भोरमदेव मंदिर और कवर्धा का बूढ़ा महादेव मंदिर छत्तीसगढ़ में विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखते हैं। भोरमदेव मंदिर अपनी प्राचीनता और वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है, जिसे छत्तीसगढ़ का "खजुराहो" भी कहा जाता है। यहाँ श्रावण मास में शिव भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। बूढ़ा महादेव मंदिर भी अपने ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है। इस मंदिर में हर वर्ष श्रावण मास के दौरान हजारों शिव भक्त अपने कावड़ में नर्मदा जल लाकर अभिषेक करते हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के भोरमदेव और कवर्धा दौरे के दौरान सुरक्षा और आयोजन की विशेष तैयारियाँ की गई हैं। पुलिस प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि वे सभी आवश्यक इंतजाम करें ताकि कार्यक्रम का संचालन सुचारू रूप से हो सके। हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा के दौरान सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। इसके साथ ही, शिव भक्तों के लिए भी उचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है ताकि वे बिना किसी परेशानी के अपने धार्मिक अनुष्ठानों को पूरा कर सकें।

छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं के लिए ऐतिहासिक क्षण

यह आयोजन छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं के लिए एक ऐतिहासिक क्षण साबित होगा। पहली बार राज्य के मुख्यमंत्री स्वयं कावड़ियों पर पुष्प वर्षा करेंगे, जिससे श्रद्धालुओं का उत्साह और भी बढ़ेगा। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की धार्मिक परंपराओं और संस्कृति को और भी सशक्त बनाएगा।

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राज्यपालों के सम्मेलन में राज्यपाल श्री रमेन डेका ने छत्तीसगढ़ के जनजातीय क्षेत्रों के विकास पर दिया प्रेजेंटेशन

 छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने 1 से 3 अगस्त तक नई दिल्ली में आयोजित  राज्यपालों के सम्मेलन में भाग लिया। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू की अध्यक्षता में आयोजित इस सम्मेलन में राज्यपाल डेका ने छत्तीसगढ़ के जनजातीय क्षेत्रों के आकांक्षी जिलों, ब्लॉक, और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास पर अपनी प्रस्तुति दी।


    उन्होंने छत्तीसगढ़ में जनजातीय विकास के लिए शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने छत्तीसगढ़ के आकांक्षी एवं सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास के लिए किए जा रहे कार्यों के बारे में बताया। राज्यपाल ने विशेष रूप से बीजापुर जिले के माओवादी गतिविधियों से प्रभावित ग्राम मुड़ावेडी का उल्लेख किया, जहां सड़कों का विस्तार किया गया और प्रशासन द्वारा सुरक्षा बढ़ाई गई। इसके बाद वहां के वंचित बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। प्रस्तुतीकरण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री निवास में लगी कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का रायपुर स्थित निवास कार्यालय में धूम-धाम से हरेली तिहार मनाया जा रहा है। निवास परिसर को बड़े ही सुन्दर ढंग से सजाया गया है। यहां मेले-मड़ई जैसा नजारा देखने को मिल रहा है। पारंपरिक लोक यंत्रों के साथ सुंदर नाचा का आयोजन हो रहा है। पूरे परिसर में उत्सव का माहौल है।


मुख्यमंत्री निवास में ग्रामीण परिवेश जीवंत हो उठा है। कहीं सुंदर वस्त्रों में सजे राऊत नाचा कर रहे कलाकारों की रंगत है तो कहीं आदिवासी कलाकार अपने पारंपरिक लोक नृत्य करते नजर आ रहे हैं। छत्तीसगढ़ का अद्भुत ग्रामीण लैंडस्केप अपनी सम्पूर्ण सांस्कृतिक सुंदरता में यहां दिखायी दे रहा है। अलग अलग तरह की धुनों में छत्तीसगढ़ी संगीत का माधुर्य अपने चरम पर है।
 
मुख्यमंत्री निवास में हरेली पर्व के अवसर पर कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी भी लगायी गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय इस लोक पर्व के अवसर पर छत्तीसगढ़ के किसानों को उन्नत कृषि यंत्र की सौगात भी देंगे। किसानों को कृषि यंत्रीकरण मिशन के तहत 20 ट्रैक्टर एवं एक हारर्वेस्टर का वितरण भी किया जाएगा। कृषि यंत्रीकरण मिशन के तहत राज्य के 1600 किसानों को ट्रैक्टर दिए जाने का लक्ष्य है। सीमांत, महिला, अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के कृषकों को ट्रैक्टर 50 प्रतिशत अनुदान पर तथा अन्य वर्ग के कृषकों को 40 प्रतिशत अनुदान पर प्रदाय किया जाएगा।
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मुख्यमंत्री निवास में हरेली तिहार पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति का अनूठा नजारा

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निवास कार्यालय में आज हरेली पर्व पर खेती-किसानी, कला-संस्कृति, खान-पान और वेशभूषा का अनूठा नजारा देखने को मिला। हरेली पर्व में शामिल लोग छत्तीसगढ़िया परिधान पहने लोक संस्कृति के रंग में सरोबार नजर आए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय एवं मंत्रीगण पारंपरिक वेशभूषा में खुमरी पहने हुए थे।  

छत्तीसगढ़ एक ऐसा प्रदेश है जहां हर एक अवसर और कार्यों के लिए विशेष प्रकार के पारंपरिक उपकरणों एवं वस्तुओं का उपयोग किया जाता रहा है। हरेली पर्व के मौके पर मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में इन्हीं पारंपरिक कृषि यंत्रों एवं परिधानों का नजारा देखने को मिला जो छत्तीसगढ़ की समृद्धि संस्कृति की अमूल्य धरोहर है।

काठा - इस चित्र में सबसे बाएं दो गोलनुमा लकड़ी की संरचना दिख रही है, जिसे काठा कहा जाता है। पुराने समय में जब गांवों में धान मापन के लिए तौल कांटा-बाट का प्रचलन नही था, तब काठा से धान का मापा जाता था। सामान्यतः एक काठा में चार किलो धान आता है। काठा में ही नाप कर पहले मजदूरी के रूप में धान का भुगतान किया जाता था।

 खुमरी - सिर के लिए छाया प्रदान करने के लिए बांस की पतली-पतली खपच्ची से बनी, गुलाबी रंग से रंगी और कौड़ियों से सजी घेरेदार संरचना खुमरी कहलाती है। यह प्रायः गाय चराने वाले चरवाहें अपने सिर पर धारण करते हैं। जिससे धूप और बारिश से बचाव होता है। पहले चरवाहा कमरा (रेनकोट) और खुमरी लेकर पशु चराने निकलते है। कमरा जो कि जूट के रेशे से बने ब्लैंकेट नुमा मोटा वस्त्र होता था, जो कि बारिश बचने के लिए उपयोग में लाया जाता है। 

कांसी की डोरी - खुमरी के बगल में डोरी का गोलनुमा गुच्छा कांसी पौधे के तने से बनी डोरी है। यह पहले चारपाई या खटिया में उपयोग होने वाले निवार के रूप में प्रयोग किया जाता है। डोरी बनाने की प्रक्रिया को डोरी आंटना कहा जाता है। बरसात के शुरुआती मौसम के बाद जब खेत के मेड़ों में कांसी पौधे उग आते है, तब उसके तने को काटकर डोरी बनाई जाती है, जो कि चारपाई बुनने के काम आती है।

झांपी - चित्र के सबसे दाएं तरफ ढक्कन युक्त लकड़ी की गोलनुमा बड़ी संरचना झाँपी कहलाती है। यह पुराने जमाने में छत्तीसगढ़ में बैग या पेटी के विकल्प के रूप में उपयोग किया जाता था। यह खासकर विवाह के अवसर पर बारात जाने के समय दूल्हे का कपड़ा, श्रृंगार समान, पकवान आदि सामग्रियां रखने का काम आता था। यह बांस की लकड़ी से बनी मजबूत संरचना होती थी, जो कई वर्षों तक खराब या नष्ट नहीं होती है। 

कलारी - बांस के डंडे के छोर पर लोहे का नुकीला हुक लगाकर कलारी बनायी जाती है। इसका उपयोग धान मिंजाई के दौरान धान को उलटने-पलटने में होता है।
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मुख्यमंत्री ने गौरी-गणेश और भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि किसानों की खुशहाली और समृद्धि हमारी सरकार का लक्ष्य है। हमारी सरकार किसानों के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है, यहां की 80 प्रतिशत आबादी का जीवन-यापन कृषि पर निर्भर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लेकर खेती-किसानी को समृद्ध बनाने का काम किया है। 


मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास में आयोजित हरेली तिहार कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मौजूद लोगों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने इस मौके पर प्रदेशवासियों को हरेली पर्व की बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 15 साल डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में सरकार ने किसानों की बेहतरी के लिए काम किया है। किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण जैसी सुविधाएं सुलभ करायी गई। किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। छत्तीसगढ़ के किसानों को प्रति क्विंटल 3100 रूपए का मूल्य मिल रहा है, जो देश में सर्वाधिक है। 

मुख्यमंत्री निवास में हरेली पर्व पर रंगारंग आयोजन हुआ। पूरे परिसर को ग्रामीण परिवेश में सजाया गया था। छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति के पहले पर्व “हरेली” पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपनी धर्मपत्नि श्रीमती कौशल्या देवी साय के साथ गौरी-गणेश पूजा कर भगवान शिव का अभिषेक किया। मुख्यमंत्री ने कृषि कार्य में प्रयुक्त होने वाले नांगर, रापा, कुदाल व कृषि यंत्रों की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की ख़ुशहाली एवं सुख-समृद्धि की कामना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कृषि विभाग द्वारा वहां लगायी गयी उन्नत कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और अनुदान पर 23 किसानों को ट्रेक्टर और हार्वेस्टर की चाबी और अन्य कृषि उपकरण प्रदान किए। 

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री किरण देव, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय पूरी प्रतिबद्धता और सच्चे मन से 
प्रदेशवासियों की बेहतरी के लिए काम कर रहे हैं, फलस्वरूप ईश्वर का आशीर्वाद भी मिल रहा है। प्रदेश में अच्छी बारिश हो रही है। उन्होंने कहा कि बीते छह माह में श्री साय के नेतृत्व में किसानों के कल्याण के लिए बडे़ काम किए गए है, जिसकी चर्चा पूरे देश में हो रही है। इस अवसर पर मंत्री श्री टंक राम वर्मा, विधायक श्रीमती लता उसेंडी, श्री मोती लाल साहू, श्री अनुज शर्मा, श्री संपत अग्रवाल, श्री गजेन्द्र यादव, श्री खुशवंत साहेब अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे। 

मुख्यमंत्री निवास में राउत नाचा और गेड़ी धूम 

छत्तीसगढ़ी संगीत, लोकनृत्य, पारंपरिक गड़वा बाजा, राउत नाचा, गेड़ी नृत्य, रहचुली और विभिन्न छत्तीसगढ़ी पकवानों और व्यंजनों के आनंद के साथ मुख्यमंत्री निवास में मौजूद लोग उत्साह के साथ हरेली में शामिल हुए। इस अवसर पर लोक कलाकारों ने राउत नाचा, करमा नृत्य, बस्तरिया नृत्य और गेड़ी चढ़कर नृत्य की प्रस्तुति दी। राउत नाचा के कलाकारों के आग्रह पर मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ी पारंपरिक वेशभूषा धारण कर कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।

मेहमानों के लिए बना छत्तीसगढ़ी पकवान 

हरेली त्यौहार के मौके पर मुख्यमंत्री निवास छत्तीसगढ़ व्यंजनों से महक उठा। हरेली तिहार में आने वाले मेहमानों के लिए खास तौर पर ठेठरी, खुरमी, पिड़िया, अनरसा, खाजा, करी लड्डू, मुठिया, गुलगुला भजिया, चीला-फरा, बरा जैसे स्वादिष्ट पकवान बनाए गए थे, जिसका मेहमानों ने लुत्फ उठाया।
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हरेली तिहार मनाने सज गया मुख्यमंत्री निवास

हरेली तिहार की तैयारियों के लिए सजा मुख्यमंत्री निवास एक छोटे से गांव के रूप में नजर आ रहा है जहां हर तरफ हरेली की धूम है। मुख्यमंत्री निवास एक ग्रामीण मड़ई मेला की तरह सुंदर साजसज्जा में नजर आ रहा है। रहचुली झूला, गेड़ी और सुंदर बैलगाड़ियों से पूरा परिसर हरेली की रौनक से दमक रहा है। 


कल मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय हरेली के अवसर पर परंपरागत तरीके से पूजा करेंगे। हरेली के मौके पर पशुधन की पूजा की जाती है। खेती किसानी की शुरूआत में मनाया जाने वाला यह पर्व धरती के प्रति हमारी कृतज्ञता को व्यक्त करता है और इस भावना के अनुरूप मुख्यमंत्री पूजा के पश्चात किसान भाइयों को आधुनिक कृषि उपकरणों का वितरण भी करेंगे।
समय बदलता है लेकिन छत्तीसगढ़ अपनी परंपराएं नहीं छोड़ता। हवाई झूलों के दौर में भी रहचुली झूला की परंपरा छत्तीसगढ़ के लोग याद रखते हैं जो उन्हें अपने ग्रामीण अंचल और पुरखों से जोड़ती है। हरेली के पावन अवसर पर रहचुली झूले पर चढ़ते हैं और याद करते हैं कि मनोरंजन के माध्यम बदले हैं मनोरंजन नहीं बदला है। इस अवसर पर अतिथिगण रहचुली के उत्साह को फिर से याद करेंगे। गेड़ी के उत्साह को याद करेंगे। सीसी रोड से पहले के दिनों में जब ग्रामीण सड़कें मानसून की उफान में कीचड़ में तब्दील हो जाती थीं तब गेड़ी सबसे सुरक्षित जरिया होता था ताकि कीचड़ से बच सकें। साथ ही हरेली के मौके पर बारंबार गेड़ी चढ़कर सावन मास के उत्साह को जाहिर किया जाता था।

हरेली के मौके पर बैल भी सजते हैं और बैलगाड़ी भी सजती है। अपने पशुधन के सम्मान के लिए, उनकी पूजा के लिए यह बड़ा पर्व होता है। खेती किसानी की तैयारियों के बीच धरती माता के अभिवादन का यह त्योहार है और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय अपने परिवार सहित परंपरागत तरीके से हरेली की पूजा करेंगे।

हरेली के मौके पर ग्रामीण खेल भी यादगार होते हैं। गेड़ी दौड़ जैसी कई प्रतिस्पर्धाएं होती हैं। परंपरागत छत्तीसगढ़ी खेलों का जादू इस दिन उफान पर होता है। मुख्यमंत्री निवास में भी इसकी पूरी तैयारी की गई है। पिट्ठूल, भौरा जैसे खेल विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे। साथ ही परंपरागत छत्तीसगढ़ी पकवान चीला, खुरमी, ठेठरी, अइरसा आदि का भी  आनंद लेंगे। 
इस मौके पर सबसे खास लोक संस्कृति से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन है। राऊत नाचा, करमा नृत्य आदि छत्तीसगढ़ के परंपरागत नृत्यों का आयोजन होगा। इस अवसर पर विविध लोकगीतों की प्रस्तुति भी होगी।

छत्तीसगढ़ में हरेली हर जगह अपनी विशिष्ट सुंदरता और विशिष्ट रूपों तथा तरीकों से मनाई जाती है। प्रदेश का हर अंचल अपनी सांस्कृतिक सुंदरता के साथ अपने को व्यक्त करता है। हरेली के अवसर पर होने वाले कार्यक्रमों में इनकी भी प्रस्तुति होगी।

हरेली त्योहार प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का त्योहार है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने एक पेड़ मां के नाम लगाने का आह्वान देश की जनता से किया है। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने हरेली के दिन एक पेड़ मां के नाम लगाने का आह्वान किया है ताकि अपनी जननी और जन्मभूमि दोनों के प्रति प्रदेश के सभी नागरिक अपनी कृतज्ञता व्यक्त कर सकें।
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मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों को हरेली त्यौहार की बधाई और शुभकामनाएं दी

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को हरेली त्यौहार की बधाई और शुभकामनाएं दी है। अपने शुभकामना संदेश में श्री साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति यहां के उत्सवों में प्रमुखता से दिखाई देती है। छत्तीसगढ़ का लोक त्यौहार हरेली छत्तीसगढ़ के जन-जीवन में रचा-बसा खेती-किसानी से जुड़ा पहला त्यौहार है। इसमें अच्छी फसल की कामना के साथ खेती-किसानी से जुड़े औजारों की पूजा की जाती है। इस दिन धरती माता की पूजा कर हम भरण पोषण के लिए उनका आभार व्यक्त करते हैं। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अनुरोध करते हुए कहा है कि इस बार हम धरती माता का आभार उनकी पूजा करने के साथ ’एक पेड़ माँ के नाम’ लगाएं और हरेली की खुशियां मनाएं। श्री साय ने कहा कि हरेली त्यौहार प्रदेशवासियों के जीवन में खुशियां और समृद्धि लेकर आए।

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उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की पहल पर पेराई सीजन वर्ष 2023-24 के गन्ना किसानों को शत-प्रतिशत भुगतान जारी

 छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार अन्नदाता किसानों के हित में निरंतर कार्य कर रही है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो रही है। इसी क्रम में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के निर्देश पर भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना, राम्हेपुर द्वारा पेराई सीजन 2023-24 के तहत गन्ना किसानों को एफआरपी गन्ना भुगतान अंतर्गत 6 करोड़ 02 लाख रुपए का भुगतान जारी किया गया है। इस भुगतान के साथ ही कारखाना द्वारा अब तक कुल 113 करोड़ 52 लाख रुपए का भुगतान गन्ना किसानों को किया जा चुका है। इस प्रकार पेराई सत्र 2023-24 में गन्ना बेचने वाले सभी किसानों को 100 प्रतिशत भुगतान कर दिया गया है।


उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि भोरमदेव शक्कर कारखाना द्वारा सभी किसानों का 100 प्रतिशत भुगतान पूरा कर दिया गया है। इसके साथ ही, किसानों को जल्द ही रियायती दर पर 50 किलो शक्कर भी प्रदान की जाएगी। त्योहारी सीजन के मद्देनजर गन्ना बिक्री से प्राप्त राशि के कारण किसानों के चेहरे पर खुशी की लहर है।

भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना, पिछले वर्षों की तरह इस वर्ष भी एफआरपी की शत-प्रतिशत राशि का भुगतान कर रहा है। क्षेत्र के किसानों की जागरूकता और उच्च गुणवत्ता के गन्ना की आपूर्ति के कारण इस वर्ष रिकवरी में वृद्धि हुई है, जिससे किसानों को इस वर्ष पिछले वर्ष से अधिक रिकवरी राशि प्राप्त होगी। इस राशि का भी भुगतान जल्द ही किया जाएगा, जिससे किसानों में उत्साह का माहौल है।

यह उल्लेखनीय है कि एफआरपी और रिकवरी राशि शक्कर कारखाना द्वारा दी जाती है, जबकि गन्ना प्रोत्साहन या बोनस राशि छत्तीसगढ़ शासन के कृषि विभाग द्वारा दी जाती है। राज्य सरकार के कृषि बजट में बोनस राशि को भी शीघ्र गन्ना किसानों को प्रदान करने का प्रावधान किया गया है।
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मुख्यमंत्री श्री साय ने किया आठ करोड़ रुपए से अधिक लागत से बने पाँच कन्या छात्रावासों का शुभारंभ

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज आरंग में पाँच कन्या छात्रावासों का शुभारंभ किया। पाँचो छात्रावासों के शुरू हो जाने से अनुसूचित जाति की तीन सौ कन्याओं की अपनी पढ़ाई के लिए आवासीय सुविधा मिलेगी। इन छात्रावासों की लागत आठ करोड़ छह लाख रुपये से ज्यादा है। मुख्यमंत्री ने पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास आरंग 100 सीटर लागत 174.67 लाख, प्री मैट्रिक अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास मंदिर हसौद, 50 सीटर लागत 174.67 लाख, अनुसूचित जाति कन्या आश्रम आरंग 50 सीटर लागत 162.76 लाख, अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास आश्रम 50 सीटर लागत 162.76 लाख, नवीन प्री मैट्रिक अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास आरंग 50 सीटर लागत 152.97 लाख रूपए का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कन्या छात्रावास परिसर में एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत रामफल के पौधे का रोपण किया। 


इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश के सभी हॉस्टल, छात्रावासों में दो हजार सीटों की वृद्धि करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने माइनर नगर वितरक शाखा क्रमांक-एक पोढ़ापार रसोटा तुलसी केशला के जीर्णाेद्धार, आरंग एसडीएम और तहसील कार्यालय के कर्मचारियों के लिए आवास के निर्माण, आरंग रेस्ट हाउस का विस्तार और जीर्णाेद्धार करने की घोषणा की। इस मौके पर विधायक गुरू श्री खुशवंत साहेब की मांग पर भण्डारपुरी गुरुद्वारा परिसर के निर्माण के लिए 17 करोड़ रुपये की मंज़ूरी भी दी गई। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छात्रावास के लोकार्पण कर छात्राओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मुझे इस बात की खुशी है कि इन भवनों के माध्यम से अनुसूचित जाति वर्ग की हमारी बेटियां सुविधापूर्ण तरीके से अपनी शिक्षा को जारी रख सकेंगी और अच्छी तरह पढ़-लिखकर अपने माता-पिता और हमारे प्रदेश का नाम रोशन करेंगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा विकास का मूल मंत्र है। शिक्षा केवल नौकरी पाने का माध्यम ही नहीं है बल्कि उससे भी बढ़कर एक आदर्श समाज की नींव है। किसी भी कार्य को अच्छी तरह कर पाने के लिए शिक्षा का अहम योगदान होता है। 15 साल प्रदेश में डॉ. रमन सिंह की सरकार रही, इन 15 सालों में प्रदेश में शिक्षा के विकास के लिए अनेक कार्य हुए। उस समय हमारे प्रदेश के शैक्षणिक संस्थान टॉप में रहे। उसी का परिणाम है कि आज प्रदेश में 10 से अधिक मेडिकल कॉलेज हैं। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन के साथ विकास हमारी सरकार की प्राथमिकता है। हमारी सरकार को कुछ ही माह हुए हैं इतने कम समय में हमने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा प्रदेश की जनता को दी गई गारंटियों को पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। इस क्रम में आरंग विधानसभा के विकास के लिए भी हमने कम समय में 17 करोड़ रूपए की स्वीकृति दी है। शिक्षा के क्षेत्र में भी हमारी सरकार लगातार कार्य कर रही है। पीएम श्री योजना में छत्तीसगढ़ के 211 स्कूलों को शामिल किया गया है। इन स्कूलों के विकास के लिए केंद्र सरकार से 02 करोड़ रूपए का बजट मिलेगा, जिसका उपयोग स्कूल में अच्छे शिक्षकों की उपलब्धता, शैक्षणिक गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए किया जाएगा। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ से दिल्ली जाकर आईएएस, आईपीएस परीक्षा की तैयारी करने वाले एसटी, एससी, ओबीसी वर्ग के छात्रों के लिए दिल्ली में निर्धारित हॉस्टल में सीटों की संख्या की बढ़ोतरी करते हुए उसे 200 किया गया है।  

मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार समाज के बेहतरी, उत्थान और विकास के लिए दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने कहा कि इन कन्या छात्रावासों के शुभारंभ से छात्राओं को बड़ी सुविधा मिलेगी। मुझे यह बताते हुए बेहद खुशी हो रही हैै कि मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में भवन विहीन 180 छात्रावासों के बिल्डिंग निर्माण की स्वीकृति मिली है। वर्तमान में 180 में से 121 भवन के निर्माण के लिए 210 करोड़ रूपए का टेंडर भी लगा दिया गया है। 69 छात्रावास बिल्डिंग निर्माण के लिए निविदा भी अपलोड की जा रही है। प्रदेश के 295 भवनविहीन छात्रावास और आश्रम के भवन निर्माण के लिए भी हमारी सरकार प्र्रतिबद्ध है। श्री नेताम ने आगे कहा कि हमारी सरकार ने खराब स्थिति वाले छात्रावास के मेंटेनेंस कर उन्हें सर्वसुविधा युक्त बनाने का भी कार्य कर रहे हैं। छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के लिए अच्छा माहौल और अनुकूल सुविधाएं सुनिश्चित कर रहे हैं। एसटी-एससी वर्ग के लिए छात्रावासों आश्रमों में निर्धारित संख्या 3757 है, जिनमें 1,97,000 सीटें है। कई जगहों में आश्रम छात्रावासों में भर्ती की प्रक्रिया भी जारी है। प्रदेशभर में हमने नवीन एकलव्य विद्यालय भी खोले हैं। 

उल्लेखनीय है कि इन छात्रावास-आश्रमों में अनुसूचित जाति की छात्राओं को पढ़ाई के लिए प्रवेश दिया जाएगा, जहाँ रहकर वे अपनी पढ़ाई पूरी कर सकेंगी। छात्रावासों में सुसज्जित शयन कक्ष, कम्प्यूटर कक्ष, क्लास रूम्स सहित भोजन कक्ष और पर्याप्त संख्या में शौचालय तथा स्नानागार बनाये गये है। भवनों में बिजली-पानी की भी पर्याप्त सुविधा उपलब्ध कराई गई है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने लगभग 20 स्कूली छात्राओं को आने-जाने के लिए निः शुल्क साइकिलें भी वितरित की। 

आरंग में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्रमिक कल्याण की विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को भी लाभान्वित किया। उन्होंने मिनीमाता महतारी योजना के तहत श्रमिक परिवार की दस महिलाओं को बीस-बीस हज़ार रुपये की सहायता दी। श्री साय ने नोनी सशक्तिकरण योजना के तहतश्रमिक परिवार की  लगभग पंद्रह मेधावी छात्राओं को भी बीस -बीस हज़ार रुपये की राशि के चेक वितरित किए। मुख्यमंत्री ने दो निर्माण श्रमिकों की मृत्यु के बाद उनके परिजनों को एक-एक लाख रुपये की सहायता राशि भी प्रदान की। यह राशि निर्माण श्रमिक मृत्यु-दिव्यांग सहायता योजना के तहत दी गई। श्री साय ने दो बुजुर्ग श्रमिकों को बीस बीस हज़ार रुपये की सहायता श्रमिक सियान सहायता योजना के तहत प्रदान की। श्रमिकों के पाँच मेधावी बच्चों को उनकी पढ़ाई जारी रखने और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए तीन तीन हज़ार रुपये की सहायता भी दी गई। इस योजना के तहत एक साल में नब्बे दिन निर्माण श्रमिक के रूप में काम करने वाले पंजीकृत श्रमिक के दो बच्चों को पहली कक्षा से स्नातकोत्तर तक की पढ़ाई के लिए एक हज़ार रुपए से दस हज़ार रुपए तक की सहायता दी जाती है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में पाँच पशुपालकों को डेयरी व्यवसाय के लिए तीन लाख रुपये से अधिक की सहायता राशि भी प्रदान की। श्री साय ने पशु मित्र योजना के तहत कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ताओं को भी लगभग तीन लाख रुपये का मानदेय वितरित किया।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पत्थलगांव से गुमला तक हाई-स्पीड फोरलेन रोड की स्वीकृति प्रदान किए जाने पर प्रदेशवासियों को दी बधाई

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा रायपुर से रांची नेशनल हाईस्पीड कारीडोर प्रोजेक्ट अंतर्गत पत्थलगांव, जशपुर (छत्तीसगढ़) से गुमला (झारखंड) तक के लिए हाई-स्पीड फोरलेन रोड की स्वीकृति दिए जाने पर प्रधानमंत्री श्री मोदी जी को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह महत्वपूर्ण सड़क परियोजना दोनों राज्यों छत्तीसगढ़ एवं झारखंड के विकास में मील का पत्थर साबित होगी । 


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों के साथ जशपुर निवासियों को इस हाई-स्पीड फोरलेन रोड परियोजना की स्वीकृति की विशेष रूप से बधाई देते हुए कहा कि पत्थलगांव से गुमला तक फोरलेन सड़क के निर्माण से रायपुर और रांची के मध्य यात्रा सुगम होने के साथसाथ यात्रा में समय की भी बचत होगी। सड़क परियोजना पूर्ण होने से दोनो राज्यों में विकास कार्यों की गति में भी तेजी आएगी। 

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्रीय कैबिनेट में 50 हजार 655 करोड़ रूपए लागत और लगभग 936 किलोमीटर लंबाई  की आठ राष्ट्रीय हाई-स्पीड रोड परियोजनाओं की स्वीकृति दिए जाने की जानकारी ट्वीटर पर साझा की है। उन्होंने कहा है कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से  आर्थिक उन्नति के साथ-साथ देश में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
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विधायक ने दिव्यांग शिविर में 142 दिव्यांगजनों को किया उपकरणों का वितरण

  कलेक्टर कोण्डागांव के निर्देशानुसार जनपद पंचायत कोण्डागांव जिला कोण्डागांव में दिव्यांग प्रमाणीकरण सह सहायक उपकरण प्रदाय शिविर का आयोजन बुधवार को किया गया। इसमें विधायक लता उसेंडी ने 142 दिव्यांगजनों को उपकरणों का वितरण किया। शिविर में 649 दिव्यांगजनों ने पंजीयन करवाया, जिसमें 297 दिव्यांगजन 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग पाए गए।

कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष शिवलाल मंडावी, नगर पालिका अध्यक्ष वर्षा यादव, समाज कल्याण विभाग की उप संचालक ललिता लकड़ा, वरिष्ठ करारोपण अधिकारी आर एस कोर्राम, समाज शिक्षा संगठक मेघनाथ मरकाम जनपद पंचायत कोण्डागांव के सरपंच, सचिव, स्वास्थ्य विभाग के मेडिकल बोर्ड, मितानीन एवं युवोदय की टीम, समाज कल्याण विभाग के समस्त कर्मचारी उपस्थित थे।

 
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बीजादूतीर स्वयंसेवक जानकी चेरपा के सहयोग से मिला 2 लाख का लाभ

 कलेक्टर अनुराग पाण्डेय के सफल मार्गदर्शन मे बीजादूतीर कार्यक्रम संचालन किया जा रहा है। भोपालपटनम ब्लॉक के आवास पारा भट्पल्ली ग्राम की महिला तलाण्डी नागुबाई जो की लंबे समय से लकवा बीमार से ग्रसित थी। बीजादूतीर स्वयंसेवक जानकी चेरपा तलाण्डी नागुबाई के घर गृह भेट कर शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य एवं खान पान की सलाह देने पहुंची।

परिवार के लोगों से चर्चा के दौरान पता चला की घर की आर्थिक स्थिति बहुत ही खराब है एवं नागूबाई के लकवा से बीमारग्रस्त अवस्था के कारण परिवार के लोग मानसिक तनाव व परेशानियों से ग्रस्त हैं ऐसी स्थिति में निजी अस्पताल में इलाज कराना संभव नही था परिवारजन नागुबाई का इलाज नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र के परामर्श से करवा रहे थे।

स्वयंसेवक जानकी चेरपा ने स्वास्थ्य एवं मानसिक तनाव नही लेना और  खान पान करने की उचित सलाह देते हुए परिवार जनों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के बारे में बताया। परिवार के सदस्य योजना के बारे में और आवेदन करने की प्रक्रिया भी नही जानते थे उन्हे जानकी चेरपा ने बताया की 436 रुपए मात्र से आप प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना का लाभ ले सकते हैं और किसी भी स्थिति में मृत्यु होने पर 2 लाख तक लाभ मिल सकता है । जानकी चेरपा ने बीमार अवस्था के दौरान ही 45 वर्षीय तलाण्डी नागुबाई का फॉर्म भरवा दिया।

एक माह के बाद तलाण्डी नागुबाई  की मृत्यु हो गयी। स्वयंसेवक जानकी चेरपा ने मृत्यु संबंधी सभी दस्तावेज तैयार कर भारतीय स्टेट बैंक भोपालपटनम में क्लैम् किया। नॉमिनी शशिकला का बैंक एकाउंट नही होने के कारण पैसे का ट्रांजेक्शन नहीं हो रहा था इस दौरान शशिकला का खाता खुलवाने में सहयोग किया जिससे कुछ ही दिनों के बाद मृतक नागुबाई की पुत्री नॉमिनि शशिकला तलाण्डी के खाते में 2 लाख रुपए बैंक के ओर से मिला ।

2 लाख का लाभ मिलने से घर की आर्थिक स्थिति को सुधार करने में सहयोग मिला। बीमा से मिले प्राप्त राशी से शशिकला ने अपने घर का मरम्मत करवाने में उपयोग किया एवं घर की आवश्यकता हेतु साइकल, मोबाइल कि खरीदी की । बीजादूतीर स्वयंसेवक जानकी चेरपा के प्रयासों से परिवार को 2 लाख की आर्थिक मदद मिली। जिला प्रशासन महिला एवं बाल विकास विभाग यूनिसेफ एवं छत्तीसगढ़ एग्रीकॉन समिति के संयुक्त रूप से बीजापुर जिलें में बीजादूतीर कार्यक्रम से जुड़े कई युवा युवती सामाजिक स्तर पर लोगों को सहयोग करने का कार्य सेवा भाव से निरंतर कर रहें हैं।

 

 

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2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के लिए हम सब प्रतिबद्ध है : ओपी चौधरी

 वित्तमंत्री ओपी चौधरी ने कहा है कि 2047 तक छत्तीसगढ़ को विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। छत्तीसगढ़ में विकास की असीम संभावनाएं हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता एवं उनके मार्गदर्शन से वर्ष 2047 तक देश को विकसित देश के बनाने का संकल्प लिया गया है। इसके मद्देनजर छत्तीसगढ़ सरकार ने छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने की रणनीति तैयार कर रही है। केन्द्रीय बजट में देश के विकास की कई योजनाएं शामिल की गई हैं। समाज के सभी वर्ग के लोगों के कल्याण और उनके समग्र विकास योजनाएं बनाई गई है। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों और सभी क्षेत्रों के विकास से ही देश सही मायने में विकसित होगा। 

मंत्री श्री चौधरी आज नवा रायपुर स्थित आईआईएम में छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत और विकसित बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाने के लिए आयोजित कार्यशाला को सम्बोधित कर रहे थे। इस कार्यशाला का आयोजन ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया द्वारा किया गया था। मंत्री श्री चौधरी ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ में सामाजिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक विविधताएं हैं। यह लैंडलॉक्ड राज्य है, यहां वन और खनिज संसाधनों की प्रचुरता है। इसको मध्य भारत के व्यापारिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया और आईआईएम रायपुर के समन्वय से छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार मिलने की पूरी संभावनाएं हैं।

इस कार्यशाला में ग्रामीण विकास, पर्यावरणीय स्थिरता, और सामाजिक प्रगति से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया तथा इनसे जुड़ी चुनौतियों के समाधान पर विचार व्यक्त किए गए। इस चर्चा में ग्रामीण क्षेत्रों में जलवायु-संवेदनशील, हरित विकास, वन हेल्थ मिशन के माध्यम से ग्रामीण परिवर्तन को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया। 

कार्यशाला में ‘‘हरित अर्थव्यवस्था मिशन- समय की मांग, पर्यावरणीय लचीलापन के साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को ऊर्जा आपूर्ति और हरित अर्थव्यवस्था के वैकल्पिक वित्तपोषण के लिए बाजारों की भूमिका’’ विषय पर चर्चा की गई। सत्र में मुख्य रूप से वक्ताओं ने छत्तीसगढ़ में ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास में हरित पहल की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला और नवाचार एवं निजी निवेश के अवसरों की चर्चा की। इस सत्र में प्रमुख वक्ता के रूप में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, वर्ल्ड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट इंडिया के लैनविन कॉन्सेसाओ, वर्ल्ड बैंक के संदीप कांडा, नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक ज्ञानेंद्र मणि ने अपने-अपने व्याख्यान दिए। 

विकसित छत्तीसगढ़ के लिए अंतिम सत्र में वन हेल्थ मिशन के संबंध में स्वास्थ्य एवं गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, एम्स भटिंडा पंजाब के प्रेजिडेंट डॉ. अनिल कुमार गुप्ता और लीप डिज़ाइन के सीईओ और जॉन हॉपकिंस यूएसए के प्रो. डॉ. आंद्रे नोगीरा ने अपने व्याख्यान दिए। इस अवसर पर भारतीय प्रबंधन संस्थान के संचालक डॉ. राम कुमार ककानी, जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर, टीआरआई अनिर्बन घोष और एसोसिएट डायरेक्टर एवं स्टेट लीड, टीआरआई  नीरजा कुदरिमोती और विभिन्न क्षेत्र से आए हुए प्रतिभागी उपस्थित रहे।

 

 

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सरकार फिर शुरू करेंगी चरण पादुका और सरस्वती सायकल वितरण योजना

छत्तीसगढ़ सरकार जल्द ही चरण पादुका वितरण योजना और सरस्वती सायकल योजना फिर से शुरू करने वाली है। आज जगदलपुर में कृषि महाविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसकी घोषणा की। मुख्यमंत्री आज यहां जिला स्तरीय महिला सम्मेलन में पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान  साय ने रिमोट का बटन दबाकर महतारी वंदन योजना की 6वीं किश्त की राशि 70 लाख से अधिक महिलाओं के खाते में भेजी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जगदलपुर विधायक  किरण देव की मांग पर जगदलपुर शहर में लम्बे समय से अधूरे पड़े उच्च स्तरीय ऑडिटोरियम का निर्माण पूरा कराने के लिए 1 करोड़ की राशि भी मंजूर की। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं से महतारी वंदन योजना की राशि खाते में जमा होने के मेसेज के आने की पुष्टि भी की। 


        कार्यक्रम में वन मंत्री  केदार कश्यप, महिला एंव बाल विकास मंत्री  लक्ष्मी रजवाड़े, चित्रकोट विधायक  विनायक गोयल, जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, महापौर श्रीमती सफीरा साहू सहित पूर्व सांसद  दिनेश कश्यप, पूर्व विधायक  सुभाऊ कश्यप, संभागायुक्त  डोमन सिंह, आईजी  सुन्दरराज पी., सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। इस दौरान कलेक्टर विजय दयाराम के. ने बस्तर जिले में चल रहे विकास कार्यो और जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी।

गरीबों के लिए समर्पित सरकार- मुख्यमंत्री श्री साय

               दन्तेश्वरी माता के जयकारे से शुरू कर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि केन्द्र सरकार की भांति छत्तीसगढ़ की सरकार भी गरीबो के कल्याण, विकास और खुशहाली के लिए समर्पित है। मोदी की गांरटी के तहत गांव गरीब, किसान, महिला, युवा आदिवासी पिछड़े सभी वर्ग के विकास के लिए योजना चलायी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की सरकार ने कार्यभार संभालते ही कैबिनट की पहली बैठक में 18 लाख से अधिक आवासहीन परिवारों को पक्का मकान बनाने की स्वीकृति दी थी। तेन्दूपत्ता तोड़ने वालों को फायदा पहुंचाने के लिए इस बार साढ़े पांच हजार रूपए मानक बोरा की दर से पत्ता खरीदी की गई और पूरे सीजन पत्ता खरीदा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तेन्दूपत्ते को बेचने के बाद होने वाले फायदे को भी बोनस के रूप में संग्राहकों को दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने 21 क्विंटल धान प्रति एकड़ खरीदने की गारंटी पूरी की है। 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की गई। मोदी की इस गारंटी के पूरे होने से छत्तीसगढ़ के किसानों को अच्छा फायदा हुआ है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश के किसानों को 3716 करोड़ रूपए दो साल के बकाया धान का बोनस के रूप में भी भुगतान कर दिया गया है। 

विकसित छत्तीसगढ़ बनाने में मोदी सरकार का मिल रहा पूरा सहयोग-

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने के मिशन में केन्द्र की मोदी सरकार का भरपूर सहयोग छत्तीसगढ़ को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि पहले की राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना का राज्यांश जमा नहीं करके 18 लाख गरीब बेघर लोगों को उनके पक्के घर बनाने के सपने को तोड़ दिया था। राज्य में नयी सरकार बनते ही सबसे पहले राज्यांश की व्यवस्था कर पैसा केन्द्र सरकार को दिया गया। अब आने वाले कुछ ही दिनों में आवास योजना के तहत बनने वाले घरों के लिए वर्ष 2023-24 की राशि भी छत्तीसगढ़ को मिल जाएगी। जिससे छत्तीसगढ़ के लगभग 18 लाख लोगों को उनका पक्का घर मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि उनके पिछले दिल्ली प्रवास के दौरान छत्तीसगढ़ में रेल सड़क परियोजनाओं के विस्तार पर भी केन्द्रीय मंत्रियों से चर्चा हुई है। उन्होंने लम्बे समय से लंबित जगदलपुर-रावघाट रेल परियोजना पर सकारात्मक चर्चा होने की बात भी कही। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राजधानी रायपुर से बस्तर को जोड़ने वाले एक मात्र राष्ट्रीय राजमार्ग के जीर्णाेद्धार के लिए भी जल्द ही स्वीकृति मिलेगी। इसके साथ ही कवर्धा से सुकमा तक  नये राष्ट्रीय राजमार्ग  की मांग भी केन्द्र सरकार से की गई है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पीएम श्री योजना, पीएम जनमन योजना से लेकर राज्य में चलने वाली किसी भी जनकल्याणकारी योजना के लिए पैसे की कमी नहीं होने का आश्वासन भी केन्द्र सरकार के मंत्रियो से मिला है।   

      कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन मंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के आव्हान पर एक पेड़ मां के नाम महावृक्षारोपण अभियान संचालित किया जा रहा है।  इस अभियान के तहत पूरे प्रदेश में 3 करोड़ 95 लाख से ज्यादा पौधे लगाएं जाएंगे। श्री कश्यप ने इस अभियान को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने आज जो पौधा उपस्थित महिलाओं को दिया है, उसका रोपण और देखभाल उनकी जिम्मेदारी है। बस्तर के जंगलों में प्रभु श्रीराम के चरण पड़े हैं, यही कारण है कि बस्तर के जंगलों में एक भी कांटे नहीं हैं, हमारे जंगल हमारी संस्कृति और परंपरा के प्रतीक हैं इसलिए जंगलों को सुरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि जबसे छत्तीसगढ़ में विष्णु देव साय जी की सरकार बनी है, तबसे हर वर्ग के हित में अहम निर्णय लिए जा रहे हैं। हमारी सरकार घोषणापत्र के अनुरूप हर वादे को पूरा कर रही है। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और स्वावलंबी बनाने के लिए महतारी वंदन योजना समेत अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं और इस दिशा में काम हो रहा है।
       जगदलपुर विधायक किरण देव ने कहा कि छत्तीसगढ़ की विष्णु देव सरकार चुनाव के पहले किए गए अपने वादों को पूरा करने के लिए तेजी से काम कर रही है। इसमें प्रदेश वासियों की सहभागिता जरूरी है। किरण देव ने कहा कि घर-परिवार, समाज को चलाने वाली माताओं-बहनों की परेशानियों की ंिचंता कर उनकी जरूरतें पूरी करने महतारी वंदन योजना शुरू करना वास्तव में नारी शक्ति का सम्मान है और सरकार इस योजना से मातृशक्ति के प्रति अपनी जिम्मेदारी पूरा करने का प्रयास कर रही है। 

 3061 समूह हितग्राहियों को 100 करोड़ का ऋण

    इस मौके पर मुख्यमंत्री ने एनआरएलएम के तहत बिहान योजनान्तर्गत संकुल संगठन एवं महिला स्व-सहायता समूहों के 3061 समूह हितग्राही को 100 करोड़ का ऋण वितरण किया गया। नगर पालिक निगम प्रधानमंत्री स्वनिधि योजाना के अन्तर्गत हितग्राहियों को ऋण दिया गया जिसमें प्रथम किस्त में 10 हजार, द्वितीय किस्त 20 हजार, तृतीय किस्त में 50 हजार की राशि देय होगी जिसके तहत तीन लोगों को 80 हजार का चेक वितरण किया गया। कार्यक्रम में उद्योग विभाग द्वारा प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजनान्तर्गत दर्जी प्रशिक्षण प्राप्त 5 हितग्राहियों को प्रमाण पत्र दिया गया। कलेक्टोरेट कार्यालय द्वारा दिवंगत 13 शासकीय कर्मचारियों के वारिसन को अनुकम्पा नियुक्ति आदेश प्रदान किया गया। पांच मृत वनाधिकार पट्टेधारकों के वरिसानों को नामांतरित किसान पुस्तिका प्रदान की गई।
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नवजात बिटिया का सौभाग्य ऐसा, पहले ही दिन गोद में दुलार मिला मुख्यमंत्री का

महारानी अस्पताल में मोनिका प्रत्युष त्रिपाठी को आज ही हुई पुत्री रत्न की प्राप्ति जिस समय मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय महारानी अस्पताल पहुंचे। उसी समय कोंडगांव की मोनिका त्रिपाठी को पुत्री रत्न की प्राप्ति हुई थी। मुख्यमंत्री को इसकी जानकारी मिली तो मुख्यमंत्री बिटिया को आशीर्वाद देने पहुंचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत शुभ घड़ी है। बिटिया के दर्शन हुए हैं। मुख्यमंत्री ने बिटिया को अपने हाथों में लिया और दुलारा। आशीर्वाद देते हुए पांच सौ रुपए की राशि भेंट की। उन्होंने बिटिया के पिता प्रत्युष त्रिपाठी को भी बहुत बधाई दी। उन्होंने कहा कि आपके घर लक्ष्मी आई है आपको बहुत बधाई। प्रत्युष त्रिपाठी ने कहा कि बिटिया को मुख्यमंत्री का आशीर्वाद मिल गया, ये उनकी बिटिया के लिए सबसे बड़ी निधि है।
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मुख्यमंत्री ने आम का पौधा रोपकर बस्तर ज़िले में की एक पेड़ माँ के नाम महावृक्षारोपण अभियान की शुरुआत

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जगदलपुर प्रवास के दौरान बस्तर ज़िले में एक पेड़ माँ के नाम महावृक्षारोपण अभियान की शुरुआत की। इस मौके पर उन्होंने महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों को आम के पौधों का वितरण भी किया। 

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक पेड़ मां के नाम महावृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत देश में सितम्बर 2024 तक 80 करोड़ एवं मार्च 2025 तक 140 करोड़ पौधों के रोपण का लक्ष्य है। एक पेड़ मां के नाम महावृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य में 2 करोड़ 75 लाख पौधों का रोपण, वन विभाग द्वारा वन एवं वनेत्तर क्षेत्रों में 03 करोड़ 95 लाख 85 हजार पौधों का रोपण किया जा रहा है।
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जल शक्ति अभियान के जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने जल संरक्षण के प्रति बस्तर जिलावासियों को जागरुक करने के उद्देश्य से जल शक्ति अभियान के तहत गुरुवार को शहीद गुण्डाधूर कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र परिसर जगदलपुर से जागरूकता वाहन को झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वाहन जिले के सभी गाँवों में पहुँचकर जल संरक्षण के उपायों की जानकारी देते हुए आम नागरिकों को जागरूक करेगा।

  बस्तर जिले में जल संसाधान विभाग की 108 वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर जिसमे विभिन्न वृहद टैंक, स्टॉप डैम, एनिकट, मध्यम सिंचाई परियोजना शामिल है। जिले में 95 अमृत सरोवर बनाये जा रहे हैं जिसमें से 75 पूर्ण हो चुके हैं। इनके निर्माण में महिलाओं की सहभागिता प्राथमिकता में रही है। नारी शक्ति को शामिल करते हुए,जिले में मनरेगा अंतर्गत 3 हज़ार 881 जिओ-टैग्ड वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर बनाये गए हैं, जिसमे से लोहण्डीगुडा ब्लाक में 695, दरभा में 1863, बास्तानार में 391, जगदलपुर में 402 बकावंड में 530, तोकापाल में 306 एवं बस्तर में 425 जल संरक्षण संरचनात्यें शामिल है । साथ ही जल संरक्षण कार्ययोजना रिपोर्ट के आधार पर कुल 1305 नवीन स्ट्रक्चर प्रस्तावित हैं। जिले में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 32 एकड़ क्षेत्रफल में सघन वृक्षारोपण किया गया हैं। जिले में ब्लाक प्लांटेशन तथा सड़क किनारे वृक्षारोपण में कुल 1287781 वृक्ष लगाए गए हैं। 

जल जीवन मिशन अंतर्गत 2385 महिलाओं को पानी के परिक्षण के लिए प्रशिक्षित किया जा चुका है। जिसका लाभ जिले के सुदूर क्षेत्रवासियों को मिल रहा है। चूंकि नारी का स्थान हमेशा से ही सर्वोपरि रहा है जो अपने आवास के साथ-साथ पर्यावरण की भी संरक्षिका रही है। अतः 'नारी शक्ति से जल शक्ति सार्थक सिद्ध होता है। इसी तरह बस्तर जिले के कुल 433 ग्राम पंचायतों के 614 ग्रामों में 11979 हैण्ड पंप लगाए गए हैं जो पीने के पानी हेतु जीवन दायी सिद्ध हो रहा है साथ ही साथ 140 ग्राम पंचायत में नल से जल पहुँचाया जा रहा है। जिले में स्पॉट सोर्स अंतर्गत 130 ग्राम पंचायतों में 61 में सोलर तथा 69 में पॉवर पंप द्वारा पीने के पानी की व्यवस्था की गई है। 

बस्तर जिले विभिन्न एजेंसियों को शामिल करते हुए कुल 718 सोलर पॉवर पंप स्थापित किए गए हैं। जिले में जल जीवन मिशन किसी अमृत प्रदाय योजना से कम नहीं, इस योजनान्तर्गत जिले के कुल 614 ग्रामों में 630 योजना, 153049 एफएचटीसी, 543 ओएचटी, 992 सोलर पंप तथा 393 सोलर जल प्रदाय निर्मित हैं, घर में पेयजल की महत्ता परिवार की नारी से अधिक शायद किसी को भी न हो चूंकि वही है जो पानी के कमी पर बूंद-बूंद का संरक्षण स्वयं करती है अतः पेयजल हेतु भी 'नारी शक्ति से जल शक्ति उचित जान पड़ता है।


      गौरतलब है कि जल शक्ति अभियान : कैच द रेन  2022 अभियान की शुरुआत देश के माननीय राष्ट्रपति ‌द्वारा 29 मार्च 2022 को वर्षा जल संचयन एवं जल संरक्षण,पारंपरिक और अन्य जल निकायों टैंकों/बावड़ियों बावलियों का नवीनीकरण,संरचनाओं का पुनः उपयोग और पुनर्भरण,वाटरशेड विकास,आईभूमियों का पुनरुद्वार और बाद-तटों की सुरक्षा,जलग्रहण क्षेत्र का संरक्षण स्प्रिंग-शेड विकास,सभी जल निकायों की गणना, जियो टैगिंग और सूची बनाना,वैज्ञानिक-जिला जल संरक्षण योजना का विकास,नदी नाली का पुनर्जीवन,सभी जिलों में जल शक्ति केंद्र की स्थापना इत्यादि उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु किया गया था।
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