छत्तीसगढ़
वित्तीय साक्षरता शिविर का आयोजन
भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जमाकर्ता शिक्षा और जागरूकता निधि योजना अंतर्गत 31 जुलाई को जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अविनाश भोई की अध्यक्षता में वित्तीय साक्षरता शिविर का आयोजन जिला पंचायत कोण्डागांव के सभा कक्ष में बुधवार को किया गया। कैम्प में उपस्थित 60 एनआरएलएम ष्बिहानष् कैडर (एफएलसीआरपी एवं बैंक सखी) को वित्तीय साक्षरता संदेश जैसे कि साधारण ब्याज, चक्रवृद्धि ब्याज, बजट, बचत और जिम्मेदारीपूर्ण उधार, आरटीजीएस, एनईएफटी, यू पी आई लेनदेन, एटीएम उपयोग, शिकायत समाधान प्रणाली, भविष्य हेतु पैसों का बेहतर प्रबंधन, आपकालीन परिस्थिति में सुरक्षा, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, डिजिटल बैंकिंग एवं सावधानियां, ग्राहक सुरक्षा एवं शिकायत निवारण संबंधित विषय पर जागरूक किया गया। उक्त साक्षरता कैम्प में आर.बी.आई. प्रतिनिधि नवीन तिवारी, प्रभारी एलडीएम उमेश गजपाई, जिला मिशन प्रबंधक विनय सिंह, जिला मिशन समन्वयक वित्त दुर्याेधन मेघ, एनआएलएम के टीएसए मैनेजर हर्षित शर्मा वित्तीस साक्षरता समन्वयक श्री सत्यप्रकाश साहू, वित्तीय साक्षरता केंद्र के जिला समन्वयक राम पवन पाण्डे उपस्थित थे।
महासमुंद जिले के खिलाड़ियों ने राज्य स्तरीय मिक्स बॉक्सिंग चैम्पियनशिप में 27 पदक जीते
छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय मिक्स बॉक्सिंग चैम्पियनशिप का आयोजन लोहाना भवन फाफाडीह रायपुर में 27 से 28 जुलाई 2024 को किया गया। मिक्स बॉक्सिंग एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ जिला इकाई रायपुर द्वारा आयोजित इस चैम्पियनशिप में विभिन्न आयु एवं वजन समूहों में लगभग 250 महिला एवं पुरुष खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया।
इस आयोजन में महासमुंद जिले के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कुल 27 पदक जीते, जिसमें 10 गोल्ड, 9 सिल्वर, और 8 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। पदक जीतने वाले खिलाड़ियों में वंशिका चौहान, आरुषि नंद, सिमरन चौहान, पल्लवी भोई, दिलेश्वरी साव, सबेश्वरी साहू, साहिल कुमार, राजकुमार रोहिदास, सूर्यकांत मिश्रा और त्रिलोचन साहू शामिल हैं, जिन्होंने गोल्ड मेडल जीते।
इसके अतिरिक्त, भगवंतीन निराला, नुरेंद्र साहू, सना खान, इजरायल दीप, संस्कार सिंह नायक, भवनी बेहेरा, प्रियंका साव, योगिता खूंटे, और हेमा साव ने सिल्वर मेडल जीते। कृतिका बारीक, हेमा पटेल, जैनीश दीप, डॉलीमा चौधरी, दिव्या यादव, रचना साव, नंदिका साहू और जेता वाजपेई ने ब्रॉन्ज मेडल जीते।
कलेक्टर प्रभात मलिक एवं पुलिस अधीक्षक आशुतोष सिंह ने सभी खिलाड़ियों को उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए बधाई दी और राष्ट्रीय स्तर पर भी पदक जीतकर जिले का नाम रोशन करने की शुभकामनाएं दीं। सभी खिलाड़ियों ने विरेन्द्र कुमार डडसेना के मार्गदर्शन और कोच वंशिका चौहान के नेतृत्व में शानदार प्रदर्शन किया। इसी के साथ जिला खेल अधिकारी मनोज धृतलहरे, श्री हरिशंकर देवांगन, बृजेश मिश्रा, रॉयल किड्स स्कूल नयापारा खुर्द पिथौरा के प्राचार्य अवस्थी एवं सुरेश निषाद ने भी खिलाड़ियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं।
राजनांदगांव जिला जेल में शतरंज प्रशिक्षण शिविर एवं प्रतियोगिता संपन्न
पुलिस महानिरीक्षक राजनांदगांव रेंज श्री दीपक कुमार झा एवं कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल के मार्गदर्शन तथा पुलिस अधीक्षक श्री मोहित गर्ग की पहल और जिला शतरंज संघ व जिला जेल के सहयोग से नवा बिहान मिशन के तहत जिला जेल राजनांदगांव में 22 से 31 जुलाई 2024 तक 10 दिवसीय शतरंज प्रशिक्षण शिविर एवं प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल आज जिला जेल राजनांदगांव में नवा बिहान मिशन के तहत आयोजित 10 दिवसीय शतरंज प्रशिक्षण शिविर एवं प्रतियोगिता के समापन समारोह में शामिल हुए। प्रतियोगिता में विजेता शेख जश्मुद्दीन, उप विजेता संजू पटेल तथा तीसरा स्थान रोशन सिन्हा ने प्राप्त किया, जिन्हें अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया गया। छत्तीसगढ़ में पहली बार जेल बंदियों के लिए आयोजित शतरंज प्रशिक्षण शिविर एवं प्रतियोगिता में 46 प्रतिभागी शामिल हुए। इस अवसर पर प्रशिक्षण शिविर एवं शतरंज प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले प्रतिभागियों को मेडल पहनाकर एवं प्रशिक्षकों व अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राहुल देव शर्मा, जेल अधीक्षक श्री अक्षय सिंह राजपूत, महासचिव छत्तीसगढ़ शतरंज संघ श्री विनोद राठी, अध्यक्ष जिला शतरंज संघ श्री ललित भंसाली, मुख्य प्रशिक्षक श्री प्रकाश शर्मा सहित शतरंज प्रशिक्षक, पूर्व शतरंज खिलाड़ी और जिला जेल के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। आयोजन को सफलतापूर्वक संचालन में रक्षित निरीक्षक श्री लोकेश कसेर, श्री पीएल गेड़ाम, श्री मिर्जा मतीन बेग, श्री प्रशांत गुप्ता, श्री ऋषभ नाहटा का योगदान रहा। आभार प्रदर्शन जिला जेल शिक्षक श्री टीपी चंद्रवंशी द्वारा किया गया।
आबकारी विभाग की कार्रवाई, 20 बल्क लीटर अवैध मदिरा जब्त
कलेक्टर व जिला दण्डाधिकारी संजय अग्रवाल के निर्देशानुसार जिले में अवैध शराब विक्रेताओं, भण्डारण व अवैध रूप से मदिरापान कराने वालों एवं परिवहनकर्ताओं के विरूद्ध धर-पकड़ अभियान के तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है।
सहायक आयुक्त आबकारी यदुनंदन राठौर ने बताया कि आबकारी विभाग की टीम की ओर से ग्राम कुंभकारापारा बागनदी स्थल पर समयलाल कुंभकार के कब्जे से महाराष्ट्र निर्मित देशी दारू संत्री कुल 20 बल्क लीटर जप्त किया गया। आरोपी को धारा 34 (2) आबकारी अधिनियम के तहत दण्डनीय अजमानतीय अपराध में गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल दाखिल किया गया है। कार्रवाई में आबकारी उप निरीक्षक उज्जवल कुमार सूत्रधर, हमराह स्टॉफ जर्नादन प्रसाद पाण्डेय, नागेश निषाद, भोजराज बंजारे एवं अनिल सिन्हा शामिल थे।
कलेक्टर अग्रवाल ने सभी वृत्त प्रभारियों को वृत्त क्षेत्र में लगातार गश्त करने तथा अवैध मदिरा विक्रय के विरूद्ध प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सहायक आयुक्त आबकारी ने बताया कि जिले में अवैध मदिरा विक्रेताओं, भण्डारण एवं परिवहन करने वालों पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। अवैध मदिरा विक्रय के रोकथाम के लिए होटलों, ढाबों एवं मदिरा दुकानों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, मंत्री नेताम के शासकीय आवास में गृह प्रवेश कार्यक्रम में हुए शामिल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज कैबिनेट मंत्री राम विचार नेताम को नवा रायपुर में आबंटित शासकीय आवास में आयोजित गृह प्रवेश कार्यक्रम में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने मंत्री नेताम के साथ उनके नए आवास में पूजा-अर्चना की। उन्होंने नेताम को नए आवास में प्रवेश के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी।
इस मौके पर मुख्यमंत्री साय पूरे आवास का अवलोकन किया और परिसर में पारिजात का पौधा लगाया।
गौरतलब है कि कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम को नवा रायपुर के सेक्टर 24 में मंत्रीगणों के लिए नवनिर्मित आवासों में से आवास क्रमांक एम-05 आबंटित हुआ है। मंत्री नेताम ने अपने परिजनों के साथ विधिवत पूजा-अर्चना कर आवास में गृह प्रवेश किया।
मनोनीत राज्यपाल रमेन डेका ने मां काली से लिया आशीर्वाद
छत्तीसगढ़ के मनोनीत राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज प्रातः आकाशवाणी चौक स्थित मां काली मंदिर में जाकर दर्शन-पूजन कर उनका आशीर्वाद लिया और प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
इस अवसर पर मनोनीत राज्यपाल की धर्मपत्नी श्रीमती रानी डेका काकोटी एवं अन्य परिजन उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री साय प्रदेश की 70 लाख माता-बहनों को जगदलपुर से देंगे रक्षाबंधन का तोहफा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जगदलपुर प्रवास के दौरान 01 अगस्त को वहां आयोजित जिला स्तरीय महिला सम्मेलन में शामिल होंगे और प्रदेश की महिलाओं को महतारी वंदन योजना के तहत 1000-1000 रूपए की 6 वीं किश्त जारी कर राखी त्यौहार का उपहार देंगे। इस मौके पर वे महतारी वंदन एप का भी शुभारंभ करेंगे।
रमेन डेका ने छत्तीसगढ़ के राज्यपाल पद की ली शपथ
रमेन डेका ने आज राजभवन के दरबार हॉल में आयोजित गरिमामय समारोह में छत्तीसगढ़ के 10 वें राज्यपाल के रूप में अपने पद की शपथ ली। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा ने उन्हें शपथ दिलाई। राज्यपाल डेका ने ईश्वर के नाम पर शपथ ली। इस अवसर पर प्रथम महिला श्रीमती रानी डेका काकोटी उपस्थित रहीं। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उच्च न्यायालय बिलासपुर के मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा ने राज्यपाल श्री डेका को पुष्पगुच्छ भेंटकर उनका अभिवादन किया और शुभकामनाएं दी।
समारोह में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने श्री रमेन डेका को छत्तीसगढ़ का राज्यपाल नियुक्त करने के लिए राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा जारी वारंट ऑफ अपॉइंटमेंट पढ़ा। शपथ ग्रहण समारोह का शुभारंभ और समापन सेरेमोनियल पुलिस बैंड द्वारा बजाए गए राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस अवसर पर राज्य गीत की धुन भी बजाई गई। शपथ ग्रहण के उपरांत राज्यपाल श्री रमेन डेका को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरूण साव, वित्तमंत्री ओ.पी. चौधरी, वन एवं जलवायु परिवर्तन केदार कश्यप, वाणिज्य और उद्योग एवं श्रम मंत्रीलखन लाल देवांगन, खाद्य, नागरिक आपूर्ति मंत्री दयाल दास बघेल, लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व, खेलकूद एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा, महिला बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, सांसदबृजमोहन अग्रवाल, पूर्व मुख्यमंत्री भूूपेश बघेल, सहित अन्य विधायकगण उपस्थित थे।
समारोह में छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग के आयुक्त एन.के. शुक्ला, आलोक चंद्रवशी, छत्तीसगढ़ महिला आयोग की अध्यक्ष किरणमयी नायक, छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष धरमलाल कौशिक, नारायण चंदेल, गौारीशंकर अग्रवाल, पूर्व मंत्री, सांसद, विधायकगण सहित जनप्रतिनिधि, पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा, अपर मुख्य सचिव रेणु पिल्ले, सुब्रत साहू, मनोज पिंगुआ, राज्यपाल के सचिव यशवंत कुमार, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल व्ही.पी.वर्मा, राज्यपाल के विधिक सलाहकार भीष्प प्रताप पाण्डेय सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, राज्यपाल के परिजन, विश्वविद्यालयों के कुलपति, मीडिया कर्मी एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
राज्यपाल श्री रमेन डेका का जीवन परिचय इस प्रकार है-
छत्तीसगढ़ के 10 वें राज्यपाल रमेन डेका का जन्म 1 मार्च 1954 को असम के सुआलकुची, कामरूप (असम) में हुआ। उनके पिता का नाम स्वर्गीय श्री सुरेंद्र नाथ डेका और माता का नाम स्वर्गीय श्रीमती चंपाबती डेका है। उनके परिवार में धर्म पत्नी श्रीमती रानी डेका काकोटी एवं दो बच्चे हैं। उन्होंने बीए की डिग्री दर्शनशास्त्र और अर्थशास्त्र विषय में प्राग्ज्योतिष कॉलेज, गुवाहाटी विश्वविद्यालय असम से प्राप्त की।
रमेन डेका एक वरिष्ठ राजनीतिज्ञ हैं। वे सन् 1977 से राजनीति में सक्रिय हैं। वे वर्ष 1980 में भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्य थे। रमेन डेका वर्ष 2006 में असम भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे हैं। श्री डेका 2021 अगस्त माह से असम राज्य के नवाचार एवं रूपान्तरण आयोग के (कैबिनेट मंत्री का दर्जा) के उपाध्यक्ष पद पर 29 जुलाई 2024 तक रहे है।
वे दो बार सांसद रहे। पहली बार वर्ष 2009 में 15 वी लोकसभा के लिए असम के मंगलदोई सीट से सांसद चुने गये थे। इस दौरान वे गृह मामलों की स्थायी समिति के सदस्य, लोक लेखा के सदस्य, भारत भूटान संसदीय मैत्री समूह सदस्य, अधीनस्थ विधान समिति सदस्य, सदन की बैठकों से सदस्यों की अनुपस्थिति पर समिति सदस्य रहे। उसके बाद वर्ष 2014 में वे 16 वीं लोकसभा के लिए दुबारा सांसद निर्वाचित हुए। दूसरे कार्यकाल में वे डेका लोकसभा में अध्यक्षों के पैनल के सदस्य भी रहे।
इस दौरान सदस्य अनुमान समिति, सदस्य सलाहकार समिति, सदस्य विदेश मंत्रालय और प्रवासी भारतीय मामले, प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना‘‘ के तहत केंद्रीय सलाहकार समिति सदस्य, भारत-चीन संसदीय मैत्री समूह सदस्य, चाय बोर्ड के सदस्य का दायित्व निर्वहन किया। दूसरे कार्यकाल में ही सदस्य गृह मामलों की स्थायी समिति, सदस्य सामान्य प्रयोजन समिति, सदस्य उप समिति द्वितीय अनुमान समिति, सदस्य विदेश मामलों की स्थायी समिति रहेे और 2021 से अभी तक नवाचार रूपान्तरण आयोग असम के उपाध्यक्ष रहे ।
डेका ने 31 जुलाई 2024 को छत्तीसगढ़ के राज्यपाल पद की शपथ ली।
सीएम कैंप कार्यालय बगिया से महादेव को मिला श्रवण यंत्र, खुश होकर बुजुर्ग ने कहा अब वह हर रविवार सुनेगा "मन की बात", मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जताया आभार...
एक अगस्त को होने वाला जनदर्शन स्थगित
डॉ. एफ.आर. निराला जिले के पुनः बने सीएमएचओ
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग मंत्रालय के आदेश के पालन में जिले के प्रभारी सीएमएचओ का पदभार चिकित्सा अधिकारी डॉ एफ आर निराला ने ग्रहण किया है, वहीं जिले के अब तक रहे प्रभारी सीएमएचओ डॉ अवधेश पाणीग्राही को प्रभारी सीएमएचओ सक्ती स्थानांतरित किया गया है। दोनों सीएमएचओ का जिले के स्वास्थ्य सुधार में अहम योगदान है। डॉ निराला पूर्व में भी जिले के सीएमएचओ रह चुके हैं जिससे जिले के कामकाज में प्रगति रहेगी।
निवर्तमान राज्यपाल श्री विश्वभूषण हरिचंदन को दी गई भावभीनी विदाई
निवर्तमान राज्यपाल श्री विश्वभूषण हरिचंदन को आज राजभवन में भावभीनी विदाई दी गई। वे आज भुवनेश्वर (ओड़िशा) के लिए रवाना हो गए। इस अवसर पर प्रथम महिला श्रीमती सुप्रभा हरिचंदन भी उपस्थित थी।
राज्यपाल के प्रस्थान से पूर्व उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। उन्होंने राजभवन के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से मुलाकात की और आशीर्वचन दिया। उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ की कृपा से आप सभी लोग सदैव समृद्ध और सुखी रहंे। राजभवन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पुष्पवर्षा कर श्री हरिचंदन का अभिवादन किया।
इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव श्री यशवंत कुमार, विधिक सलाहकार श्री भीष्म प्रसाद पाण्डेय एवं उपसचिव श्रीमती हिना नेताम सहित राजभवन के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
नए राज्यपाल डेका से मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश के विकास पर की चर्चा
मनोनीत राज्यपाल रमेन डेका से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को राजभवन में मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने मनोनीत राज्यपाल डेका से प्रदेश के हित से जुड़े विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने मनोनीत राज्यपाल का पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया और शॉल भेंटकर सम्मानित किया। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने भी पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानन्द भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से जिले में स्थापित होगा प्रदेश का पांचवां विद्युत 400 केव्ही सबस्टेशन
उप मुख्यमंत्री साव ने चार नवगठित नगर पालिकाओं में ’’मोर संगवारी’’ योजना का किया विस्तार
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज लोरमी में प्रदेश की चार नवगठित नगर पालिकाओं मंदिर हसौद, बांकी मोंगरा, लोरमी और पंडरिया में ‘‘मोर संगवारी’’ योजना का विस्तार किया। उन्होंने लोरमी के मानस मंच में आयोजित कार्यक्रम में 'मोर संगवारी' एप भी लांच किया। इस योजना के माध्यम से नागरिकों को जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, विवाह पंजीयन, दुकान एवं स्थापना पंजीयन, राशन कार्ड, आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र सहित 27 प्रकार की सुविधाएं घर पहुंचकर प्रदान की जाएंगी।
उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने लॉन्चिंग कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि शासकीय कार्यालयों से नागरिक सेवाएं घरों तक पहुंचाने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप चरणबद्ध रूप से “मोर संगवारी” योजना का विस्तार किया जा रहा है। इसमें 27 तरह की सेवाएं नागरिकों को बिना किसी व्यवधान और कार्यालय जाए बिना उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि जब से प्रदेश में श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार बनी है, तब से कामकाज में तेजी आई है। सभी वर्गों के विकास के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। हमारा संकल्प है, जिस छत्तीसगढ़ को हमने बनाया है, उसे संवारने का काम भी हम करेंगे।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि प्रदेश के नगरीय निकायों में झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोगो को निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने के लिए 150 मोबाइल मेडिकल यूनिट संचालित की जा रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत आवासहीन परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराया जा रहा है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के प्रभावी निपटान के लिए निकायों द्वारा समग्र प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री, चेक और प्रमाण पत्र भी वितरित किए।
सुडा (राज्य शहरी विकास अभिकरण) के सीईओ श्री शशांक पाण्डेय ने कार्यक्रम में बताया कि सरकारी दस्तावेज बनवाने की यह घर पहुंच सेवा वर्तमान में प्रदेश के सभी 14 नगर निगमों, 44 नगर पालिकाओं तथा दो नगर पंचायतों अंबागढ़ चौकी और गौरेला में संचालित की जा रही है। ये सेवाएं सभी कार्य दिवसों में प्रातः आठ बजे से रात्रि आठ बजे तक संचालित की जा रही हैं। मुंगेली के कलेक्टर श्री राहुल देव ने कहा कि "मोर संगवारी" योजना आम जनता के लिए बहुत खास है। इससे नगर के लोगों को काफी सहुलियत होगी। विभिन्न सेवाओं के लिए नागरिकों को घर पहुंच सेवा का लाभ मिलेगा। लोरमी नगर पालिका की अध्यक्ष श्रीमती अंकिता रवि शुक्ला ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
'मोर संगवारी' एप के जरिए घर बैठे बनेंगे प्रमाण पत्र
'मोर संगवारी' एप के जरिए नगरीय क्षेत्र में रहने वाले लोगों को घर बैठे आय, मूल निवासी, विवाह, जन्म, जाति, राशन कार्ड, गुमास्ता, मृत्यु, आधार कार्ड, असंगठित कर्मकार पंजीकरण एवं सुधार, पैन कार्ड पंजीकरण एवं सुधार आदि सेवाओं का लाभ मिलेगा। योजना के अंतर्गत टोल-फ्री नंबर पर कॉल करने पर संगवारी घर पहुंच कर योजना से जुड़ी सेवाओं एवं सुविधाओं का लाभ देना सुनिश्चित करेंगे। इसके लिए कोई भी नागरिक घर बैठे टोल-फ्री नंबर 14545 में कॉल कर संपर्क कर सकता है। संगवारी नागरिकों के निवास स्थान पर पहुंचकर सेवा का ऑनलाइन पंजीयन कर सेवा से संबंधित दस्तावेज संकलित करेंगे।
इस योजना के अंतर्गत अब नागरिकों को दस्तावेजों के लिए शासकीय कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। दस्तावेज, प्रमाण पत्र या लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया आसान होगी। इससे लोगों का समय भी बचेगा। अब पोर्टल के माध्यम से योजना में शामिल सभी सेवाओं से संबंधित जरूरी दस्तावेजों की पूरी जानकारी केवल एक क्लिक पर उपलब्ध होगी। इससे न केवल दस्तावेज, प्रमाण पत्र या लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया आसान होगी, बल्कि इसे बनाने में पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी। इस एप के जरिए किसी भी तरह की समस्या होने पर शिकायत भी दर्ज करा सकेंगे।
उप मुख्यमंत्री ने लोरमी में 8.26 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की घोषणा की
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने "मोर संगवारी" योजना के शुभांरभ कार्यक्रम में लोरमी के लिए आठ करोड़ 25 लाख 79 हजार रुपए लागत के विभिन्न विकास कार्यों की घोषणा की। इनमें वार्ड क्रमांक-7 में मानस मंच सौंदर्यीकरण के लिए एक करोड़ 85 लाख 96 हजार रुपए, वार्ड क्रमांक-8 में रानी तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए एक करोड़ 88 लाख 57 हजार रुपए, रानी गांव मुक्तिधाम सौंदर्यीकरण के लिए एक करोड़ 38 लाख 31 हजार रुपए, मुंगेली रोड में प्रवेश द्वार निर्माण के लिए 37 लाख 68 हजार रुपए, बिलासपुर रोड में प्रवेश द्वार के लिए 54 लाख 85 हजार रुपए, पण्डरिया रोड में प्रवेश द्वार के लिए 54 लाख 92 हजार रुपए, कर्मा माता तहसील चौक लोरमी के लिए 19 लाख 42 हजार रुपए, वार्ड क्रमांक-15 में अम्बेडकर चौक के लिए 28 लाख 82 हजार रुपए तथा नगर पालिका कार्यालय में प्रथम तल निर्माण एवं पार्किंग के लिए एक करोड़ 17 लाख 26 हजार रुपए की राशि शामिल हैं।
करंट की चपेट से तेंदुए की मौत
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में करंट की चपेट में आए तेंदुए को बचाया नहीं जा सका। इलाज के दौरान तेंदुए की मौत हो गई। तेंदुए को ऑक्सीजन और सीपीआर देने की तस्वीरें सामने आई थी। नंदनवन से विशेष वन्य पशु चिकित्सक बुलाए गए थे।
जिन्होंने तेंदुए की उखड़ती सांस को वापस लाने की पूरी कोशिश की। रविवार की रात बंदर का शिकार करने के प्रयास में एक पेड़ पर चढ़े तेंदुआ पास से गुजर रहे बिजली के 11 केवी तार की चपेट में आ गया। नीचे गिरकर तेंदुआ घंटों कीचड़ में पड़ा रहा। सुबह जब लोगों ने देखा तो वन विभाग को बुलाया।
तेंदुए की जान बचाने नंदनवन से डॉक्टर वर्मा को बुलाया गया, जिन्होंने पहुंचते ही सीपीआर दिया। जब स्थिति नहीं सुधरी तो तेंदुए को ऑक्सीजन दी गई। ग्लूकोज की बोतल चढ़ाई गई। हालांकि, तमाम कोशिशों के बावजूद भी तेंदुए की जान नहीं बचाई जा सकी। चिकित्सकों ने बताया कि पेड़ से गिरने की वजह तेंदुए की कई हड्डी टूट चुकी थी।
छत्तीसगढ़ में 15 साल बाद फिर से शुरू होगी पांचवीं-आठवीं बोर्ड परीक्षा
स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने व कसावट लाने के लिए छत्तीसगढ़ में 15 साल बाद एक बार फिर पांचवीं-आठवीं बोर्ड परीक्षा शुरू होगी। इसके लिए राज्य सरकार जल्द ही मंजूरी देगी। शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 यानी आरटीई के लागू होने के बाद बोर्ड परीक्षा की व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया था। इस अधिनियम में प्रविधान था कि किसी भी परीक्षार्थी को पास या फेल नहीं कर सकते हैं।
आठवीं तक बच्चों को किसी भी कक्षा में नहीं रोकना है। अगर बच्चे कमजोर हैं तो उनको रेमेडियल टीचिंग दी जानी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस व्यवस्था से स्कूली शिक्षा में अनुशासित शिक्षा नहीं होने से इसका विपरीत असर पड़ा है। कुछ निजी और मॉडल स्कूलों में रेमेडियल टीचिंग (कमजोर बच्चों का शिक्षण) होने से शिक्षा व्यवस्था ठीक है मगर ज्यादातर सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को नुकसान हुआ है।परीक्षा की व्यवस्था में बदलाव करने के लिए विशेषज्ञों की सलाह पर लोक शिक्षण संचालनालय ने काम करना शुरू कर दिया है। हालांकि परीक्षा लेने के बाद बच्चों को पास या फेल करने को लेकर अभी निर्णय नहीं लिया गया है।
पहले इस तरह थी व्यवस्था
पहले पांचवीं-आठवीं की परीक्षा जिला शिक्षा अधिकारी परीक्षा कराते थे। पांचवीं के लिए जिला प्राथमिक बोर्ड परीक्षा और आठवीं के लिए संभागीय पूर्व माध्यमिक बोर्ड परीक्षा होती थी। जब पांचवीं-आठवीं की परीक्षा होती थी तब प्रदेश में संभागीय संयुक्त संचालक कार्यालय नहीं हुआ करते थे। अब प्रदेश में संभागीय संयुक्त संचालक कार्यालय होने से इन परीक्षाओं की जिम्मेदारी बड़े अधिकारियों को मिल सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार अब बोर्ड परीक्षा की व्यवस्था करने से अभिभावक और शिक्षक भी सतर्क हो जाएंगे। कापियां एक-दूसरे स्कूल में जांची जाएगी।
एक अप्रैल 2010 से बंद हो गई थी परीक्षा
छत्तीसगढ़ समेत देशभर में बच्चों को फेल और पास करने की व्यवस्था के साथ परीक्षा लेने की व्यवस्था को ही समाप्त कर दिया गया था। प्रदेश में एक अप्रैल 2010 से आरटीई लागू है और तब से अब तक पहली से आठवीं तक के बच्चों को निरंतर पास ही किया जा रहा है। कितने कमजोर बच्चे हैं और कितनों को रेमेडियल टीचिंग मिल पा रही है। इसकी मॉनिटरिंग अभी नहीं हो पा रही है। इसलिए नई व्यवस्था में कसावट की उम्मीद की जा रही है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने आठवीं तक फेल नहीं करने की नीति में बदलाव करके फेल और पास करने का अधिकार राज्य सरकारों को दे दिया है। इसके चलते पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश ने पांचवीं-आठवीं बोर्ड परीक्षा के लिए राजपत्र प्रकाशित कर नियमावली पहले ही जारी कर दी है।

