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औद्योगिक नगर के सड़क डामरीकरण का विधायक और महापौर ने किया भूमिपूजन

  औद्योगिक नगर उत्तर के रहवासियो को सुगम सड़क मिलेगा। कच्चा सड़क और जगह जगह गड्ढे होने से नागरिक परेशान थे जिसे संज्ञान लेते हुए विधायक गजेंद्र यादव की पहल से बोगदा पुल से आरोग्यम हॉस्पिटल तक 500 मीटर लंबी सड़क को डामरीकरण करने आज भूमिपूजन किये। भूमिपूजन पश्चात डामरीकरण करने निर्माण कार्य को तत्काल शुरू भी कराया गया।

दुर्ग शहर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वार्ड 17 औद्योगिक नगर उत्तर में धमधा नाका बोगदा पुल से आरोग्यम हॉस्पिटल तक सड़क काफ़ी खऱाब हो गईं है, हॉस्पिटल की वजह लोगो का आना जाना लगा रहता है। सड़क पर जगह गड्ढे होने से वाहन चालकों को परेशानी हो रही थी। क्षेत्र के नागरिकों व हॉस्पिटल में ईलाज के लिए आने वाले मरीज के वाहन तथा एम्बुलेंस को आने में समस्या हो रही थी .

जिसे देखते हुए सड़क बनाने राशि स्वीकृति कराये और आज महापौर धीरज बाकलीवाल एवं वार्ड पार्षद देवनारायण चंद्राकर, भास्कर तिवारी, डॉ दारुका, घनश्याम साहू, छबि साहू एवं वार्ड के नागरिकों की उपस्थिति में धमधा नाका बोगदा से आरोग्यम हॉस्पिटल तक 500 मीटर लंबा व 5 मीटर चौड़ी सड़क का डामरीकरण करने भूमिपूजन किया गया। इस दौरान उपस्थित वार्ड के नागरिकों ने विधायक एवं महापौर का आभार व्यक्त किये शीघ्र ही सड़क बन जाने के बाद हॉस्पिटल जाने मरीजों व औद्योगिक नगर के जनता को आने जाने में सहूलियत होगी।

 

 

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बैरिकेड पर चढ़े भूपेश, पुलिस के साथ हुई झूमाझटकी

 कांग्रेसियों ने गुरुवार को रायपुर में ईडी दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया। मंच पर भाषणबाजी के बाद कांग्रेसी पूर्व सीएम भूपेश बघेल और पीसीसी चीफ के नेतृत्व में ईडी दफ्तर का घेराव करने के लिए निकले। इस दौरान पीसीसी चीफ दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत भी मौजूद रहे। पुलिस ने बैरिकेड लगा रखा था। बेरिकेट के पास पहुंचते ही पुलिस ने कांग्रेसियों को रोका ता पुलिस और कांग्रेस नेताओं के बीच जमकर झूमाझटकी हुई। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पीसीसी चीफ दीपक बैज भी बैरिकेड तोड़ने में कार्यकर्ताओं की मदद करते दिखे। कार्यकर्ताओं ने पूर्व सीएम श्री बघेल को कंधे पर उठाकर बेरिकेट पार कराने का प्रयास किया।


उल्लेखनीय है कि, गुरुवार सुबह से ही कांग्रेसी ईडी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। यह प्रदर्शन हाल ही में हिंडनबर्ग में सेबी प्रमुख माधवी बुच की एक्टीविटी पर जारी रिपोर्ट को लेकर किया जा रहा है। प्रदर्शन का नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने किया। वहीं देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस विधायक अपने-अपने जिलों में प्रेस कांफ्रेंस करेंगे। 23 अगस्त को राजभवन मार्च कर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेंगे। इसके बाद 24 अगस्त को सभी जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन किया जाएगा।

 

 

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दिव्यांगजन समाज पर बोझ नहीं हैं : राज्यपाल डेका

 राज्यपाल रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में गुरुवार को ‘दिव्य कला शक्ति‘ कार्यक्रम संपन्न हुआ। जिसमे दिव्यांगजनों ने अपनी कला प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर राज्य की प्रथम महिला श्रीमती रानी डेका काकोटी, रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि एवं पूरे देश से आये दिव्यांग उद्यमी एवं कलाकार उपस्थित थे।  

राज्यपाल डेका ने इस अवसर पर कहा कि दिव्यांगजन समाज पर बोझ नहीं हैं बल्कि राष्ट्र की प्रगति में योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को सहानुभूति का पात्र नहीं समझना चाहिए। उनके प्रति समाज के नजरिये में बदलाव आना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘‘सबका साथ-सबका विकास‘‘ के तहत समावेशी रूप से दिव्यांगजनों सहित सभी को शामिल किया गया है। दिव्यांगों को यह ऐहसास दिलाना होगा कि वे भी समाज के लिए महत्वपूर्ण अंग हैं। उनके विकास के लिए सार्वजनिक स्थानों में सुलभ बुनियादी ढ़ांचा, सुगम्य परिवहन के साधनों की उपलब्धता, टेक्नोलॉजी तक आसान पहुंच बनाने की ओर अधिक ध्यान देना होगा। बच्चों के पाठ्यक्रम में भी ऐसी कहानियां आदि शामिल करना चाहिए, जिससे उनमे दिव्यांगजनों के प्रति करूणा की भावना जागृत हो, किन्तु उनसे वे सामान्य व्यक्ति की तरह व्यवहार करें।



राज्यपाल डेका ने कहा कि भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों की प्रतिभाओं का प्रदर्शन करने और उन्हें सशक्त करने ‘‘दिव्यकला मेला और दिव्य कला शक्ति‘‘ जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना एक अत्यंत सराहनीय कदम है। ऐसे आयोजनों से दिव्यांगजनों को यह महसूस होता है कि पूरा समाज उनके साथ खड़ा है और उनको प्रोत्साहन दे रहा है।



राज्यपाल ने कहा कि भारत सरकार सहित छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा भी दिव्यांगजनों का जीवन-यापन सरल बनाने के लिए अनेक योजनाएं, संचालित की जा रही हैंं। दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण के साथ विभाग द्वारा कम ब्याज दर पर ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को शिक्षित करने के साथ ही उन्हें रोजगार के अवसर देने, व्यवसायिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने, आवास आबंटन में प्राथमिकता देने और उनके परिवारों को विशेष सहायता देने से दिव्यांगजन भी समाज और राष्ट्र की प्रगति में बराबरी से योगदान दे सकेंगे।



इस अवसर पर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि दिव्यांगजनों में अलग तरह की विषेषताएं होती है और वे अनेक क्षेत्रों में बखूबी अपना दायित्व निभा रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री विरेंद्र कुमार द्वारा रायपुर में दिव्यांग पार्क बनाये जाने की घोषणा करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि रायपुर में 17 से 22 अगस्त तक 16 राज्यों से आये हुए दिव्यांग शिल्पकार एवं उद्यमियों द्वारा अपने शिल्प की मार्केटिंग की जा रही है, जिसे छत्तीसगढ़ के लोगों ने अत्यंत सराहा है।

कार्यक्रम में विधायक पुरंदर मिश्रा, प्रबंध संचालक नवीन शाह, संचालक समाज कल्याण श्रीमती रोक्तिमा यादव सहित विभिन्न राज्यों से आये दिव्यांगजन उपस्थित थे।

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सुकमा जिले में धान के खेतों में पत्ती मोड़क कीट (सोरटी) का प्रकोप

 राज्य सरकार कृषि विज्ञान केन्द्रों के माध्यम से किसानों को कृषि उपचार के लिए निरन्तर सलाह प्रदान कर रहे हैं। प्रदेश के जिलों में खेती-किसानी में होने वाले बीमारियों को जिलावार चिन्हाकित कर कीटनाशक छिड़काव के बारे में किसानों को जानकारी दी जा रही है। इसी कड़ी में सुकमा जिले के विभिन्न गांवों में धान के खेतों मे पत्ती मोड़क कीट का प्रकोप दिखाई दिया है इसे पत्ति लपेटक या चितरी या सोरटी कहा जाता है। इसके उपचार के लिए कीटनाशक छिड़काव के विधि और तरीके बताए गए हैं।


कृषि विज्ञान केन्द्र, सुकमा के कृषि वैज्ञानिकों ने जिले के मुरतोणडा, पेरमापारा, नीलावरम, तोगपाल, सोनाकुकानार, नयानार, रामपुरम का मैदानी भ्रमण के दौरान धान के खेत में पत्ती मोड़क कीट का प्रकोप पाया गया, इसे पत्ति लपेटक या चितरी या सोरटी कहा जाता है। इस कीट की इल्ली अवस्था फसल को नुकसान पहुंचाती है इस कीट की इल्ली अपने लार द्वारा पत्ती की नोंक को या पत्तियों के दोनों सिरो को चिपका लेती है इस तरह इल्ली इसके अंदर रहकर पत्तियों के हरे भाग (क्लोरोफिल) को खुरच खुरच कर खा जाती है जिसके कारण पत्तियों पर सफेद धारियां दिखाई देती है, जिसकी वजह से पत्तियों में भोजन बनाने  की प्रकिया नहीं हो पाती है। कीट द्वारा ग्रसित पत्तियाँ बाद में सुखकर मुरझा जाती हैं व फसल की बढवार भी रूक जाती हैं। इसके नियंत्रण और उपचार के लिए कृषि वैज्ञानिकों ने प्रभावी उपाय अपनाने किसानों को सलाह दिया। जिनमें खेतों एवं मेड़ों को खरपतवार मुक्त रखें। संतुलित मात्रा में पोषक तत्वों का उपयोग करें। खेतों मे चिडियों के बैठने के लिए टी आकार की पक्षी मीनार लगाए। रात्रि चर कीट को पकड़ने के लिए प्रकाश प्रंपच या लाइट ट्रैप खेतो में लगाए। अण्डे या इल्ली दिखाई देने पर उसे इकट्ठा करके नष्ट करें। कीट से प्रभावित खेतों में रस्सी चलाएं।

कृषि वैज्ञनिकों ने बताया कि बारिश रुकने व मौसम खुला होने पर कोई एक कीटनाशक का स्प्रे काराये। क्लोरोपायरीफास 20 ई.सी. 1250 मि.ली. प्रति हेक्टेयर  या कर्टाफ हाइड्रोक्लोराइड 50रू एस.पी. 1000 ग्राम प्रति हेक्टेयर या क्लोरेटानिलिप्रोएल 18.5: एस.सी. 150 ग्राम प्रति हेक्टेयर या इंडोक्साकार्ब 15.80 प्रतिशत ई.सी.200 मि.ली. प्रति हेक्टेयर का उपयोग करके प्रभावी नियंत्रण कर सकते हैं, ठीक न होने पर 15 दिन बाद दूसरे कीटनाशक का छिडकाव करें और अधिक जानकारी के लिए कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों और कृषि विभाग के अधिकारियों से संपर्क करके ही रासायनिक दवाइयों का उपयोग करें।

 

 

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’विश्व मच्छर दिवस’ पर लोगों को किया गया जागरूक

 कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन पर जिला दंतेवाड़ा में ’’विश्व मच्छर दिवस’’ के उपलक्ष्य में जागरूकता रैली का किया गया। जिसमें मलेरिया व फाइलेरिया के परजीवी उन्मूलन एवं डेंगू, चिकनगुनिया, जिका एवं जापानीज इन्सेफेलाइटिस वायरस के नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए प्रचार प्रसार किया गया, जिसका उद्देश्य आमजन में मच्छरों के बारे में जागरूकता बढ़ाना, मच्छर फैलने वाली बीमारियों जैसे डेंगू, मलेरिया, फाइलेरिया आदि के बारे में जानकारी देना और उनसे बचाव के बारे में समझाया गया। मछर जनित रोगों की की रोकथाम, नियंत्रण और समुदाय की भागीदारी को बढ़ावा देना एवं आसपास साफ-सफाई रखना गड्ढे में जलभराव को रोकने हेतु मिट्टी से ढकने कहा गया।  इस मौके पर मीडिया अधिकारी बी एस नेताम, विकास खण्ड कार्यक्रम प्रबन्धक, जीवन नाग, मलेरिया सलाहकार संजय मंडावी, भूपेंद्र साहू, हंस तात ठाकुर, ब्लॉक मितानिन समन्वयक, मितानिन ट्रेनर एवं स्कूल के छात्र, छात्राएं शिक्षक उपस्थित थे।

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महामहिम राष्ट्रपति से सरगुजा संभाग की छात्राओं ने की सौजन्य मुलाकात, छात्राओं ने इस सुनहरे अवसर के लिए मुख्यमंत्री साय एवं प्रशासन के प्रति जताया आभार

 सरगुजा संभाग के सरगुजा, जशपुर, सूरजपुर और बलरामपुर जिले की पांच छात्राओं ने रक्षाबंधन के अवसर पर राजधानी दिल्ली में महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बच्चों का कुशल क्षेम जानते हुए उनका उत्साह वर्धन किया और सभी को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामना दी। इस सुनहरे अवसर के लिए छात्राओं ने बेहद उत्साह के साथ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
पढ़ाई के साथ साथ खेल, संगीत तथा अन्य गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर छात्राओं का चयन किया गया जिसमें सरगुजा से कस्तूरबा आवासीय विद्यालय लखनपुर की छात्रा ज्योति, जशपुर जिले से रिया एवं रजनी चौहान, सूरजपुर से नंदिनी किंडो और बलरामपुर से प्रशंसा शामिल रहीं। राज्य कार्यालय द्वारा सरगुजा संभाग के बच्चों के साथ प्रभारी के रूप में अधीक्षिका अनुराधा सिंह का चयन कर दिल्ली भेजा गया।
         महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मू द्वारा छात्राओं से मुलाक़ात के दौरान उन्हें रक्षाबंधन की बधाई दी गई तथा रक्षाबंधन पर्व के महत्व के बारे में बताते हुए छात्राओं से उनके पढ़ाई और जीवन के लक्ष्य के बारे में जानकारी लेकर लक्ष्य प्राप्ति हेतु ईमानदारी से प्रयास का सुझाव दिया गया। उन्होंने छत्तीसगढ़ की संस्कृति, यहां के प्राकृतिक सौंदर्य तथा अन्य विशिष्टता के बारे में छात्राओं से जानकारी ली। छात्राओं ने उन्हें राखी बाँधते हुए उपहार भी दिए।
पहली बार राष्ट्रपति से मुलाकात और देश की राजधानी नई दिल्ली के महत्वपूर्ण स्थलों के भ्रमण से छात्राएं काफ़ी रोमांचित तथा उत्साहित रहीं। गुरुवार को रायपुर को वापस लौटी छात्राओं ने एमडी समग्र शिक्षा  संजीव झा एवं एससीईआरटी डायरेक्टर  राजेंद्र कटारा, उप संचालक समग्र शिक्षा राजेश सिंह एवं अन्य अधिकारियों से मुलाकात की और राष्ट्रपति भवन एवं दिल्ली की सुनहरी यादों सहित पहली विमान यात्रा के अनुभव को शेयर करते हुए इस अवसर को प्रदाय करने के लिये धन्यवाद ज्ञापित किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा भी बच्चों की हौसला आफ़ज़ाई करते हुए भविष्य में भी पढ़ाई के साथ साथ अन्य सभी क्षेत्रों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने प्रेरित किया जिससे भविष्य में इस तरह के अवसर पुनः मिल सके।
जिला कलेक्टर विलास भोसकर, सीईओ ज़िला पंचायत  नूतन कंवर, संयुक्त संचालक शिक्षा संजय गुप्ता, डीईओ अशोक सिन्हा एवं डीएमसी रविशंकर तिवारी द्वारा अधीक्षिका एवं छात्राओं को उनकी इस उपलब्धि के लिए बधाई दी तथा भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट कार्य करते रहने हेतु प्रेरित किया है।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ई-आफिस प्रणाली, स्वागतम पोर्टल और मुख्यमंत्री कार्यालय ऑनलाईन पोर्टल का किया शुभारंभ

 
छत्तीसगढ़ में ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने और शासकीय काम-काज में पारदर्शिता लाने के लिए सभी क्षेत्रों में आईटी का व्यापक पैमाने पर इस्तेमाल शुरू हो गया है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज तीन पोर्टलों ई-ऑफिस प्रणाली, मुख्यमंत्री कार्यालय ऑनलाइन पोर्टल और स्वागतम पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पहल से सुशासन के साथ शासकीय कामकाज में दक्षता और पारदर्शिता बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री की मंशा के अनुसार सरकारी काम-काज में अधिक से अधिक पारदर्शिता लाने के लिए अधिकाधिक क्षेत्रों में आईटी का उपयोग किया जा रहा है, ताकि भष्ट्राचार की गुंजाईश न रहे। मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश पर ये तीनों ऑनलाईन पोर्टल तैयार किए गए हैं, जिसका शुभारंभ आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में बटन दबाकर मुख्यमंत्री ने किया। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने मुख्य सचिव को सभी विभागों में ई-ऑफिस प्रणाली लागू करने के निर्देश देने संबंधी फाइल का डिजिटल अनुमोदन कर ई-ऑफिस प्रणाली का शुभारंभ किया। 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि सुशासन के संकल्प को पूरा करने की दिशा में ई-आफिस प्रणाली और स्वागतम पोर्टल का शुभारंभ राज्य सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस और सरकारी काम में पारदर्शिता के उद्देश्य से सभी विभागों में आईटी के उपयोग को बढ़ावा दे रही है। डिजिटल गवर्नेंस को हर स्तर पर ले जाने के लिए हम काम कर रहे है। 
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। आज हम लोगों ने सरकारी कामकाज में अधिक पारदर्शिता और आमजन की सुविधा के लिए एक साथ तीन-तीन ऑनलाइन प्रणाली का शुभारंभ किया है। तीनों पोर्टल का शुभारंभ प्रदेश में सुशासन स्थापित करने में मील का पत्थर साबित होगा। ई-ऑफिस प्रणाली से फाइलों के निराकरण में अनावश्यक देरी नहीं होगी। गलती की गुंजाइश कम होगी। फाइल किस स्तर पर है, इसकी ट्रेकिंग हो सकेगी। 
इसी तरह मंत्रालय में मुख्यमंत्री, मंत्रीगणों और अधिकारियों से मिलने जो आंगतुक आते है, उनकी सुविधा के लिए स्वागतम पोर्टल भी शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने सीएमओ पोर्टल के शुभारंभ की जानकारी देते हुए बताया कि इसके माध्यम से सरकार की योजनाओं, कार्यक्रमों, जनहितैषी फैसलों और काम-काज की जानकारी आम लोगों को मिलेगी। 
गौरतलब है कि ई-ऑफिस प्रणाली शुरुआती चरण में सामान्य प्रशासन विभाग में लागू किया गया है, जिसे क्रमशः सभी विभागों में लागू किया जाएगा। ई-आफिस प्रणाली में आफिस के दस्तावेज डिजिटल किये जाएंगे। दस्तावेज को एक आफिस से दूसरे आफिस भेजे जाने पर काफी समय लगता था, यह समय अब बच जाएगा। इसके साथ ही दस्तावेज में हेरफेर किये जाने की गुंजाईश समाप्त हो जाएगी। दस्तावेजों के खोने या गायब होने की दिक्कत नहीं रहेगी। डिजिटल माध्यम में दस्तावेज अधिक सुरक्षित रहेंगे। उन्होंने कहा कि अब तय समय-सीमा पर फाइलों का निराकरण हो सकेगा। इससे अधिकारियों के कामकाज की मॉनिटरिंग भी आसान हो सकेगी। ई-आफिस सिस्टम आने से आम जनता के लिए भी अपने आवेदनों के निराकरण की स्थिति जानने में आसानी होगी।
इसी प्रकार मंत्रालय में प्रवेश हेतु स्वागतम पोर्टल के माध्यम से आगंतुकों के प्रवेश की व्यवस्था आसान हो जाएगी। आगंतुकों से संबंधित विवरणों के संधारित हो जाने से मंत्रालय परिसर की सुरक्षा सुदृढ़ होगी। इसके साथ ही सीएमओ पोर्टल का भी आज शुभारंभ किया गया। सीएमओ पोर्टल के माध्यम से शासकीय योजनाओं की जानकारी एक क्लिक पर लोगों को मिल सकेगी। इस पोर्टल के माध्यम से छत्तीसगढ़ के कला संस्कृति इतिहास और अन्य विशेषताओं के बारे में लोग जान पाएंगे। छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों और उससे संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां इस पोर्टल पर उपलब्ध होगी। 
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, विधायकमोतीलाल साहू, गजेंद्र यादव, मुख्य सचिव  अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानंद, बसवराजू एस,  सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव  राहुल भगत, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव  मुकेश बंसल, अन्बलगन पी. सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
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छत्तीसगढ़ में पढ़ने वाले बच्चों पर रहेगी अब शासन की सीधी नजर

छत्तीसगढ़ के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के प्रदर्शन पर नजर रखने के लिए राजधानी रायपुर में विद्या समीक्षा केंद्र स्थापित किया गया है। स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की दिशा में राज्य में एक और बड़ी पहल की गई है, जिसमें स्कूलों के साथ उनमें पढ़ने वाले प्रत्येक बच्चे के प्रदर्शन पर भी अब सीधी नजर रखी जाएगी। सॉफ्टवेयर एवं मोबाइल एप्प का विकास तथा कॉल सेंटर के माध्यम से मॉनिटरिंग आई.आई.टी. भिलाई के सहयोग से किया जा रहा है।

स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं की ऑनलाईन मॉनिटरिंग एवं आंकड़ों के विश्लेषण करने के लिए रायपुर स्थित पेंशन बाड़ा में विद्या समीक्षा केन्द्र की स्थापना की गई है। इस केन्द्र के माध्यम से शासन की योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू एवं मॉनिटरिंग करने में आसानी होगी। स्कूल और उनमें पढ़ने वाले एक-एक बच्चों के प्रदर्शन का रीयल टाइम ब्यौरा मुहैया कराएगा।

विद्या समीक्षा केंद्र की स्थापना से शासन की विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं से संबंधित जानकारी एवं सुविधाओं को विद्यार्थियों, पालकों एवं शिक्षकों तक आसानी से उपलब्ध हो सकेगी। शालाओं में मूलभूत संरचनाओं की उपलब्धता, मरम्मत, उपयोगिता आदि की सतत् मॉनिटरिंग की जायेगी ताकि विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए उचित एवं पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हो सके तथा बेहतर शिक्षा प्रदान की जा सके। इसके द्वारा शिक्षकों की पदस्थापना से सबंधित जानकारियों की भी मॉनिटरिंग की जा रही है।

विद्या समीक्षा केन्द्र के अंतर्गत शिक्षकों का विवरण, यूडाइस डाटा, मध्यान्ह भोजन, शिक्षक प्रशिक्षण से सबंधित मॉनिटरिंग, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की दैनिक उपस्थिति, अधिकारियों के द्वारा शालाओं का निरीक्षण, विद्यार्थियों का मूल्यांकन आदि तथा केन्द्र सरकार से सबद्ध शैक्षिक योजनाओं की नियमित आनलाइन मानिटरिंग की जायेगी। योजनाओं की मॉनिटरिंग हेतु साफ्टवेयर एवं एप्प भी तैयार किया जा रहे हैं। योजनाओं की मॉनिटरिंग हेतु काल सेंटर स्थापित किया गया है। विद्यार्थियों, पालकों एवं शिक्षकों की शैक्षिक गतिविधियों से संबंधित समस्याओं का समाधान करने के लिये एक टोल-फ्री नम्बर भी जारी किया जायेगा।

स्कूल में मूलभूत सुविधाएँ जैसे शाला भवन, शौचालय, विद्युत् व्यवस्था आदि उपलब्ध है अथवा नहीं है, के सबंध में एआई आधारित माड्यूल के उपयोग से जानकारी प्राप्त की जा रही है। प्राप्त जानकारियों की सूची के साथ की सहायता से स्कूलों का चिन्हांकन भी किया जा रहा है।

एआई के उपयोग से ही बच्चों को दी जाने वाली मध्यान्ह भोजन की जानकारी प्राप्त की जा रही है। एआई के माध्यम से ही मध्यान्ह भोजन के अंतर्गत बच्चों को परोसी जानी वाली सामग्रियों की गुणवत्ता का विश्लेषण किया जायेगा जिससे बच्चों को पर्याप्त मात्रा में भोजन मिल रहा है कि नहीं इसकी जानकारी भी प्राप्त हो सकेगी। एआई (Artificial Intelligence) के उपयोग से शिक्षकों के डाटा के विश्लेषण की सुविधा भी विद्या समीक्षा केन्द्र के अंतर्गत तैयार की गई है। विषयवार शिक्षकों की जानकारी, अतिशेष शिक्षकों की जानकारी, एकल शिक्षकों की जानकारी भी प्राप्त की जा सकेगी। भविष्य में एआई के उपयोग से विद्यार्थियों के अकादमिक आंकलन/मूल्यांकन का विश्लेषण किया जायेगा जिससे कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष फोकस किया जा सकेगा। शाला में उपलब्ध सुविधाएँ, शिक्षकों की जानकारी तथा विद्यार्थियों के अकादमिक गतिविधियों के आंकड़े के आधार पर एआई आधारित विश्लेषण किया जायेगा। प्राप्त जानकारी एवं विभिन्न पैरामीटर के आधार पर शालाओं की रैंकिंग की जाएगी।

ज्ञातव्य है कि एन.सी.ई.आर.टी. के द्वारा 12-13 अगस्त 2024 को नई दिल्ली में विद्या समीक्षा केंद्र के सम्बन्ध में कार्यशाला का आयोजन किया था जिसमें छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों के नोडल आफिसर शामिल हुये थे। उक्त कार्यशाला में विद्या समीक्षा केंद्र छत्तीसगढ़ द्वारा विकसित एआई-मॉड्यूल की जीवंत प्रस्तुतीकरण किया गया जिसकी भारत शासन, शिक्षा मंत्रालय द्वारा सराहना की गई। छत्तीसगढ़ के एआई-मॉड्यूल को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष कार्य करने तथा अन्य राज्यों के साथ साझा करने के सम्बन्ध में भारत शासन से ई-मेल प्राप्त हुआ है। शीघ्र ही एआई-मॉड्यूल को विकसित रूप भारत शासन, शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया जायेगा।
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छत्तीसगढ़ के पुरोधाओं का प्रदर्शनी के माध्यम से मिल रही रोचक जानकारी

 राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित टाउन हॉल में जनसंपर्क विभाग द्वारा आजादी की 77 वीं वर्षगांठ पर आयोजित छायाचित्र प्रदर्शनी का आमजन, स्कूल तथा महाविद्यालयीन छात्र के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं ने अवलोकन किया। महेंद्र साहू, सुरेश कुमार दिवान, खेमलाल यादव, सुधा कुर्रे, इंद्राणी कुर्रे ने कहा कि प्रदर्शनी के माध्यम से आम लोगो के लिए सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी होने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के महान वीर सपूतों के बारे में भी जानकारी हुई। निजी संस्थान में कार्यरत श्री महावीर कौशिक ने कहा कि प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ से जुड़ी रोचक जानकारी लोगो को आकर्षित कर रही है। छत्तीसगढ़ की संस्कृति के बारे में जानकारी से लोगों को अवगत कराया जा रहा है। इसी तरह रायपुर पी.जी. उमाठे उत्कृष्ट अंग्रेजी स्कूल से आये कुणाल साहू, कान्हा बर्मन, टिकेश्वर साहू, चरण यादव, लक्की नायक आदि बच्चों ने कहा कि प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता आंदोलनकारियों और शासकीय योजनाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई है। इस जानकारी से ज्ञान में वृध्दि हुई है।
इस प्रदर्शनी में  देश के स्वतंत्रता आंदोलन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले छत्तीसगढ़ के महान क्रांतिकारियों की स्मृतियों को सुसज्जित ढंग से प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी में आजादी की लड़ाई में छत्तीसगढ़ के क्रांतिकारियों का योगदान और उनके महत्वपूर्ण दस्तावेज, स्वतंत्रता आन्दोलन के दौरान उनकी जीवन यात्रा, जंगल सत्याग्रह, भारत छोड़ो आन्दोलन एवं स्वतन्त्रता आंदोलन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में उनके योगदानों को प्रदर्शित किया गया है। प्रदेश सरकार की उपलब्धियों पर आधारित डाक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन भी प्रदर्शनी स्थल पर किया जा रहा हैं।

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22 अगस्त को होने वाला जनदर्शन स्थगित

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का हर सप्ताह गुरुवार को होने वाला जनदर्शन इस गुरूवार 22 अगस्त को अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दिया गया है।

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एक टन गांजा भिलाई इस्पात संयंत्र के धमनभट्टी में जलकर हुआ खाक

 एक टन गांजा भिलाई इस्पात संयंत्र के धमनभट्टी में जलकर खाक हो गया। इसके साथ ही तीन करोड के नशे की सामग्री भी नष्ट हो गया।  पुलिस मुख्यालय छत्तीसगढ़ के आदेश पर दुर्ग रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग के दिशा निर्देश पर मंगलवार को तीन जिलों दुर्ग, बालोद व बेमेतरा में नारकोटिक्स एक्ट के तहत जब्त नशीले सामान को मंगलवार को नष्ट किया गया। जब्त शराब, नशीली टेबलेट, सिरप व गांजा नष्ट किया गया। दुर्ग पुलिस ने तीन जिलों में जब्त लगभग 1 टन गांजा भिलाई स्टील प्लांट की दमन भट्टी में जलाया गया।

बता दें पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज राम गोपाल गर्ग के द्वारा रेंज अन्तर्गत जिलों में जब्त मादक पदार्थों के नष्टीकरण के लिए रेंज स्तर पर हाईलेवल ड्रग्स डिस्पोजल समिति गठित की गई थी। भिलाई इस्पात संयंत्र के एसएमएस-03 के में जलाकर नष्ट किया गया। इसके अलावा भिलाई इस्पात संयंत्र के मड़ौदा डेम के पास स्थान में त्रिपोलीडेन सीरप 9440 नग शीशी को बुलडोजर से कुचल कर गड्ढे में पाट कर विधिवत नष्टीकरण की कार्यवाही की गई। इस दौरान दुर्ग रेंज के 141 प्रकरणों में प्रयुक्त मादक पदार्थों एवं नशीली दवाइयों को नष्ट किया गया है।

 जिसमें जिला दुर्ग से 79, बालोद 23 , बेमेतरा 39 प्रकरणों है । जिसमें गांजा-  989.303 किलोग्राम , 09 नग गांजा पौधा, हीरोइन 170.220 ग्राम, ब्राउन शुगर 225.764 ग्राम, टैबलेट 11,91,314 नग,  कैप्सूल 4200 नग, सीरप 9440 शीशी थे। कार्रवाई में पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज राम गोपाल गर्ग, पुलिस अधीक्षक दुर्ग जितेन्द्र शुक्ला, पुलिस अधीक्षक बालोद एसआर भगत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दुर्ग सुखनंदन राठौर, डीएसपी पनिकराम कुजूर, डीएसपी शिल्पा साहू, सीएसपी सत्य प्रकाश तिवारी, डीएसपी सतीश ठाकुर, नन्द कुमार पटेल, प्रभारी पर्यावरण संरक्षक मंडल दुर्ग सहित बीएसपी के आलाधिकारी एवं बालोद, बेमेतरा ,दुर्ग के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

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चलती ट्रक जलकर खाक

 केशकाल घाटी से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां केशकाल थाना क्षेत्र के अंतर्गत एनएच 30 पर एक चलती ट्रक में अचानक आग लग गई। इस घटना की सचूना मिलते ही स्थानीय इलाकों में हड़कंप मच गया। वहीं सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस की टीम ने लोगों की मदद से आग पर काबू पाया और मामला दर्ज कर जांच में जुट गई। बता दें कि, घटना केशकाल थाने के एनएच-30 बहीगांव की है। ट्रक जगदलपुर से रायपुर की ओर लोहे की गिट्टी लोड करके जा रहा था।

आग ने ट्रक के पिछले पहियों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे ट्रक पूरी तरह जलकर खाक हो गया। वहीं सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस की टीम ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर आग पर काबू पाने की कोशिश की। मामले में पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और आग लगने के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन ट्रक को काफी नुकसान पहुंचा है। फिलहाल ट्रक में आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन माना जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी हो सकती है।

 

 

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सड़कों से मवेशियों को सख्ती पूर्ण हटाएं गया

 कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर चंदन त्रिपाठी ने विभागवार लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए समय-सीमा पर प्रकरणों का निराकरण करने तथा उच्च न्यायालय के प्रकरणों में समय पर जवाबदावा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। त्रिपाठी ने बैठक में जन चौपाल, पीजी पोर्टल एवं जन शिकायत पोर्टल में लंबित प्रकरणों की समीक्षा की तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रकरणों का समय-सीमा पर निराकरण करने के निर्देश दिये।

कलेक्टर चंदन त्रिपाठी ने नगरीय विकास विभाग, जनपद पंचायत, पशुपालन विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों सहित एसडीएम को निर्देश दिए हैं कि राष्ट्रीय राजमार्ग सहित अलग-अलग सड़कों, चौक-चौराहे पर बैठने वाले आवारा मवेशियों को हटाने की सख्त कार्यवाही करें, इसमें किसी भी तरह की कोताही नहीं बरतने के निर्देश भी दिए हैं।

स्कूली एवं कॉलेज के छात्र-छात्राओं को समय पर आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र बने, इसके लिए कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना न करना पड़े इसलिए समय पर यह प्रमाण-पत्र तत्काल बनाकर दिए जाए। वहीं श्रम विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने जिला श्रम अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि श्रमिकों के पंजीयन कार्य में तेजी लाएं साथ ही शिविर भी आयोजित करें ताकि पात्र हितग्राहियों का श्रमिक पंजीयन कार्ड बन सके। उन्होंने स्वच्छता कार्य में जुटी स्वच्छता दीदियों का पंजीयन भी कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने एन.जी.टी. (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के निर्देश के तहत जिलेवासियों को नदियों, तालाबों में प्लास्टिक सामान, पॉलीथिन व प्लास्टिक के पानी बॉटल नहीं फेंकने की अपील की साथ ही जनपद एवं नगरीय निकाय के अधिकारियों को नदियों एवं सरोवर को प्रदूषण मुक्त बनाने के दिशा में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने नदियों एवं सरोवर में कचरा एवं प्लास्टिक के समान फेंकने वालों के खिलाफ कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए हैं।

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अवैध शराब बेचने वाला आरोपी गिरफ्तार

 पुलिस अधीक्षक जिला बिलासपुर रजनेश सिंह के द्वारा लगातार अवैध नशे के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।इसी परिप्रेक्ष्य में 20 अगस्त को थाना सीपत के द्वारा वाहन चेकिंग पाईंट फिक्स पाईंट ड्यूटी नवाडीह चैक सीपत ड्यूटी पर था कि नवाडीह चैक सीपत में ड्यूटी के दौरान जरिये मुखबीर से सूचना मिली कि देशी शराब भटठी सीपत से दो लड़के एक मोटर सायकल हीरो एचएफ डीलक्स क्रमांक सीजी 10 ईएन 5598 में भारी मात्रा में देशी प्लेन शराब लेकर ग्राम जांजी मटियारी की ओर जाने वाले है। सूचना पर सीपत थाना प्रभारी द्वारा रेड कार्यवाही किया गया। जहां आरोपी कैलाश टंडन पिता मनहरण टंडन उम्र 19 साल साकिन देवरी लाखापारा एवं अपचारी बालक साकिन देवरी लाखापारा थाना सीपत जिला बिलासपुर के कब्जे से 100 नग देशी मदिरा प्लेन शराब कुल मात्रा 18 लीटर कीमती 9000 रू एवं मोटर सायकल हीरो एचएफ डीलक्स क्रमांक सीजी 10 ईएन 5598 को जप्त कर कब्जा पुलिस लिया गया है। आरोपी के विरुद्ध वजह सबूत के आधार पर अपराध पंजीबद्ध कर आबकारी अधिनियम 34(2),59(क) आबकारी एक्ट के तहत् कार्यवाही कर गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

गिरफ्तार आरोपी-
1. कैलाष टंडन पिता मनहरण टंडन उम्र 19 साल साकिन देवरी लाखापारा थाना सीपत जिला बिलासपुर छ0ग0
2. अपचारी बालक।

जप्ती शराब-
1. 100 नग देशी मदिरा प्लेन शराब कुल मात्रा 18 लीटर कीमती 9000 रू
2. मोटर सायकल क्रमांक सीजी 10 ईएन 5598

 

 

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ग्राम घोरदा में स्वच्छता त्यौहार के तहत स्कूली बच्चों द्वारा निकली गई स्वच्छता एवं जागरूकता रैली

 ग्राम पंचायत घोरदा में प्रत्येक शनिवार को नियत स्वच्छता त्यौहार के तहत अभियान चलाया गया, जिसमें स्कूली बच्चों द्वारा स्वच्छता एवं जागरूकता रैली निकाली गई है और लोगों को स्वछता के प्रति जागरूकता तथा व्यवहार परिवर्तन के संबंध में स्लोगन के माध्यम से रैली निकाल कर भ्रमण किया गया। इस दौरान कार्यक्रम में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह द्वारा ग्राम घोरदा के मुख्य चौक-चौराहों में ग्रामीणों के साथ मिलकर साफ-सफाई की गई एवं सभी ग्रामीणों से आग्रह किया गया कि सप्ताह में एक दिन शनिवार को अपने घर के आसपास एवं चौक-चौराहों की सफाई करें। उन्होंने कहा कि अपने ग्राम को हमेशा साफ-सफाई कर स्वच्छ रखें, जिससे अस्वच्छता से होने वाली बीमारी दूर होगी, डायरिया नहीं होगा। स्वच्छताग्राही दीदियों को सप्ताह में दो दिन शनिवार और बुधवार को कचरा संग्रहण करने के लिए प्रोत्साहित किए जाने का आग्रह किया। इस कड़ी में जिला पंचायत सीईओ द्वारा 6 दुकानदारों के द्वारा कूड़ादान नहीं रखने तथा दुकान के आसपास गंदगी पाए जाने पर 250 रूपए का जुर्माना लगाया गया और पंचायत के द्वारा चेतावनी दी गई कि भविष्य में गलती दोहराए जाने पर पुन: अर्थदंड लगाया जाएगा। सचिव ग्राम पंचायत को ग्राम में स्वच्छता नहीं रखने पर 500 रूपए की राशि पंचायती राज अधिनियम के तहत अर्थदंड वसूला गया। यह राशि स्वच्छग्राही समूह को प्रोत्साहन राशि के रूप में दिए जाने की सलाह दी। साथ ही प्रत्येक दिवस ग्राम में निगरानी करने तथा कूड़ा फेंकने या फैलाने वाले के ऊपर अर्थदण्ड लगाए जाने की बात कही। उन्होंने जनपद पंचायत सीईओ को निर्देशित किया कि सभी ग्रामों में रोड किनारे तथा ग्राम के आसपास कचरा दिखाई ना दें। इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण, जनपद पंचायत से सीईओ नवीन कुमार, जिला समन्वयक श्री छोटेलाल साहू, यूनिसेफ वल्र्ड विजन से बसंत मारकंडे, ब्लॉक को-ऑर्डिनेटर मेघा कुर्रे, अन्य अधिकारी कर्मचारी एवं ग्राम पंचायत सचिव सहित ग्रामवासी उपस्थित हुए।

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सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर लाखों की धोखाधड़ी

  छावनी थाना पुलिस ने महिला पुलिस कर्मी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि महिला प्रधान आरक्षक के द्वारा सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी की है। पुलिस ने महिला पुलिस कर्मी के खिलाफ 420 का मामला दर्ज का विवेचना में जुट गई है। जानकारी के मुताबिक, छावनी थाना क्षेत्र के बैकुंठधाम कैंप-2 में महिला पुलिस कर्मी ने दंपति को लाखों का चूना लगाया।

दरअसल महिला पुलिस कर्मी ने दंपति से उसकी बेटी को वनरक्षक के पद पर नौकरी लगवाने का झांसा देकर धोखाधड़ी की घटना को अंजाम दिया। रुपये लेने के बाद भी बेटी की न तो नौकरी लगी और न ही महिला पुलिस कर्मी ने उनके रुपए लौटाए। जिससे तंग आकर दंपति ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले में महिला पुलिस कर्मी के खिलाफ धारा 420 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बैंकुंठ नगर कैम्प 2 निवासी के रहने वाले अजय गुप्ता और उसकी पत्नी किरण गुप्ता की जान पहचान दुर्ग पुलिस में कार्यरत महिला प्रधान आरक्षक मोनिका गुप्ता से हुई थी। 2 जून 2023 को महिला प्रधान आरक्षक मोनिका गुप्ता बैकुंठधाम में रहने वाले अजय गुप्ता के घर पहुंची और उसकी पत्नी किरण गुप्ता से कहा कि आपकी बेटी को वनरक्षक पद पर नौकरी लगवा दूंगी।

जिसके लिये उसने दो रुपये मांगे, पीड़ितों ने दो किस्तों में 1 लाख 78 हजार रुपये दिए लेकिन 2 साल बीत जाने के बाद भी नौकरी नहीं लगी। पीड़ितों ने महिला प्रधान आरक्षक से पैसा वापस करने की मांग की। लेकिन उसने पैसे वापस नहीं दिये। जिसके बाद पीड़ितों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

 
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ED, ACB-EOW के खिलाफ दायर याचिका ख़ारिज, टुटेजा को भी झटका...

 छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शराब घोटाला मामले में आरोपियों को बड़ा झटका देते हुए ईडी और इओडब्लू-एसीबी के खिलाफ दायर सभी 13 याचिकाओं को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही, हाईकोर्ट ने अनिल टुटेजा को मिली अंतरिम राहत को भी निरस्त कर दिया है।


इस मामले में कुल छः याचिकाएं प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के खिलाफ और सात याचिकाएं आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्लू) एवं एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) के खिलाफ दायर की गई थीं। याचिकाओं में ईडी की दोबारा की जा रही कार्यवाही और ईओडब्लू/एसीबी की एफआईआर को चुनौती देते हुए इसे खारिज करने की मांग की गई थी। अनिल टुटेजा की ओर से दायर एक याचिका में हाईकोर्ट ने उन्हें अंतरिम राहत दी थी, जिसे अब अदालत ने समाप्त कर दिया है।

 



हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की बेंच ने 10 जुलाई को इस मामले की सुनवाई की थी। सुनवाई के बाद आदेश को सुरक्षित रखा गया था, जिसे आज सार्वजनिक किया गया है। ये याचिकाएं विधु गुप्ता, अनवर ढ़ेबर, निदेश पुरोहित, यश पुरोहित, अनिल टुटेजा, अरुण त्रिपाठी, और निरंजन दास की ओर से दायर की गई थीं। राज्य की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता विवेक शर्मा ने तर्क प्रस्तुत किए थे।

 



हाईकोर्ट के इस फैसले से आरोपियों को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि सभी याचिकाएं खारिज होने के साथ ही अब उन पर चल रही जांच और कार्यवाही जारी रहेगी।

 

 

 
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छत्तीसगढ़ में अब तक 806.1 मि.मी. औसत वर्षा

 राजस्व-आपदा प्रबंधन विभाग के राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 806.1 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 1 जून से 20 अगस्त सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1740.2 मिमी और सरगुजा जिले में सबसे कम 440.2 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है।

राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सूरजपुर जिले में 799.1 मिमी, बलरामपुर में 1160.5 मिमी, जशपुर में 648.0 मिमी, कोरिया में 815.9 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 817.5 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी।



इसी प्रकार, रायपुर जिले में 689.8 मिमी, बलौदाबाजार में 828.5 मिमी, गरियाबंद में 766.3 मिमी, महासमुंद में 580.5 मिमी, धमतरी में 729.1 मिमी, बिलासपुर में 715.0 मिमी, मुंगेली में 789.3 मिमी, रायगढ़ में 722.9 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 458.9 मिमी, जांजगीर-चांपा में 800.0 मिमी, सक्ती 677.4 मिमी, कोरबा में 1006.4 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 756.7 मिमी, दुर्ग में 512.5 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 640.1 मिमी, राजनांदगांव में 836.6 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़चौकी में 935.1 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 595.4 मिमी, बालोद में 857.1 मिमी, बेमेतरा में  464.9 मिमी, बस्तर में 886.6 मिमी, कोण्डागांव में 803.9 मिमी, कांकेर में 1039.4 मिमी, नारायणपुर में 944.1 मिमी, दंतेवाड़ा में 1025.1 मिमी और सुकमा जिले में 1118.0 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई।

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