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बलौदाबाजार कांड को लेकर सदन में विपक्ष का हंगामा, पेश किया स्थगन प्रस्ताव

 विधानसभा में प्रश्नकाल के बाद सदन में बलौदाबाजार कांड गूंजा। बलौदाबाजार हिंसा मामले में विपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव पेश किया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सदन का काम रोककर हिंसा के मामले में चर्चा की मांग की।  


स्थगन पर चर्चा की मांग पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने आपत्ति जताई। अजय चंद्राकर ने कहा- सदन में न्यायिक प्रक्रिया के विषय में चर्चा नहीं हो सकती। बलौदाबाजार हिंसा के मामले में न्यायिक जांच चल रही है। इसलिए इस विषय पर चर्चा नहीं की जा सकती। इस पर नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा- स्थगन नियम प्रक्रियाओं के अनुरूप है। इसके बाद सदन में दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई।  

भाजपाइयों ने किया स्थगन का विरोध
भाजपा विधायक धर्मजीत सिंह ने भी सदन में चर्चा पर आपत्ति जताई। वहीं धरमलाल कौशिक ने कहा- इस मामले में जांच की घोषणा की गई है, इसलिए इस विषय पर सदन में चर्चा नहीं की जा सकती। जांच रिपोर्ट प्रस्तुत होने के बाद सदन में जरूर चर्चा की जा सकती है। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा- जांच आयोग बिरकोनी में हुई घटना की जांच तक सीमित है। हमारा स्थगन बलौदाबाजार हिंसा की जांच पर केंद्रित है। श्री बघेल ने कहा कि, इस विषय में सदन में चर्चा की जा सकती है। इस पर अजय चंद्राकर ने कहा- अमरगुफा की घटना की प्रतिक्रिया में ही यह हिंसा हुई। विधानसभा की परंपरा को देखते हुए इस पर चर्चा न कराई जाए। जब न्यायिक प्रक्रिया चल रही है तो सदन में चर्चा न हो। इस पर अजय चंद्राकर और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी नोंकझोंक हुई।

स्थगन की ग्राह्यता पर चर्चा
स्पीकर की व्यवस्था के बाद स्थगन प्रस्ताव की ग्राह्यता पर चर्चा शुरू हुई। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के चर्चा शुरू करते ही सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने लगी। सदन में घटना की चर्चा को लेकर भारी हंगामा मचा रहा। हंगामे के बीच पूर्व सीएम श्री बघेल ने कहा- सतनामी समाज के आवेदन पर भी कार्रवाई नहीं हुई। भाजपा के नेताओं ने ही धरना के लिए आवेदन दिया। बलौदाबाजार की घटना के दिन भीड़ बढ़ रही थी, पर प्रशासन सचेत नहीं हुआ। हजारों की भीड़ पहुंची लेकिन पुलिस बेहद कम संख्या में थी। उन्होंने कहा कि, भोजन और टेंट की व्यवस्था भी कलेक्टर एसपी के निर्देश पर ही की गई थी। इससे पता चलता है कि समाज को बांटने की कोशिश की जा रही है। गहरी साजिश रची गई है, इसलिए इस विषय पर चर्चा जरूरी है।  

बघेल ने आगे कहा कि, इस घटना के लिए सुशासन की बात करने वाली सरकार ही जिम्मेदार है। पूरे देश में ऐसी घटना नहीं हुई है, इसका कलंक सरकार के सीने पर है। घटना के बाद सफेद कपड़ा पहने लोगों से मारपीट की गई, गलत लोगों को गिरफ्तार किया गया, चर्चा में सभी बातें सामने आएंगी।

 

 

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सदन में सीएम साय ने शिक्षकों के स्थानांतरण व अनुकंपा नियुक्ति पर जानकारी दी

 विधानसभा मानसून सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सदन में शिक्षकों के ट्राइबल से शिक्षा विभाग और शिक्षा विभाग से ट्राइबल विभाग में स्थानांतरण एवं संविलियन पर जानकारी दी। पामगढ़ से कांग्रेस विधायक शेष राज हरबंस के प्रश्न का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ट्राइबल और शिक्षा विभाग के बीच शिक्षकों के स्थानांतरण की कोई नीति या नियम नहीं है। इसके साथ ही, ट्राइबल विभाग में पदस्थ शिक्षकों का शिक्षा विभाग में संविलियन नहीं किया गया है और न ही ऐसी कोई योजना प्रस्तावित है।


अनुकंपा नियुक्ति के आंकड़े
बेलतरा से भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने बताया कि बिलासपुर संभाग के अंतर्गत वर्ष 2021 से अब तक अनुकंपा नियुक्ति हेतु 1166 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 531 आवेदकों को तृतीय श्रेणी और 364 आवेदकों को चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियुक्ति दी गई है। साथ ही, 44 आवेदन निरस्त किए गए हैं। तृतीय श्रेणी के 178 और चतुर्थ श्रेणी के 44 आवेदन विभिन्न स्तरों पर लंबित हैं। पांच आवेदन पत्र आवेदकों के अवयस्क होने के कारण लंबित हैं।

 

 

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बारिश के दौरान दलदल और कीचड़ भरी सड़क पर चलने को मजबूर

 जिले के बिलाईगढ़ विधानसभा में ग्रामीण आज भी कीचड़ भरी रोड में चलने को मजबूर हैं। बरसात के दिनों में कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। तबियत खराब होने पर उन्हें खाट के सहारे एम्बुलेंस तक पहुंचाना पड़ता है। इसलिए ग्रामीण मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत सड़क बनाने की मांग कर रहे हैं।

सरकार जहां ग्रामीण क्षेत्रों को पक्की सड़क से जोड़ने के भले ही लाख दावे करती हो, लेकिन बिलाईगढ़ क्षेत्र के देवरहा गांव तक पहुंचने वाला सड़क इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। आजादी के 75 साल बीत जाने के बाद भी इस गांव को पक्की सड़क जैसी सुविधा नहीं मिल पाई है। जिसके चलते ग्रामीण कीचड़ और दलदल भरी सड़कों में चलने को मजबूर हैं।



ग्रामीणों का आरोप है कि बरसात के दिनों में स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को इसी रोड से आवागमन करना पड़ता है। गांव में किसी की तबियत बिगड़ जाए तो गांव में एम्बुलेंस भी नहीं पहुँच पाता, जिसके कारण मरीजों को वाहन के बजाय खाट-चारपाई के सहारे एम्बुलेंस तक ले जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने आगे कहा कि कई बार तबियत खराब के दौरान मौके पर इलाज की सुविधा नहीं मिलने पर उन्हें मौत का भी सामना करना पड़ता है। कई लोगों की जान तक चली गई है।



ऐसे में अब ग्रामीण शासन-प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि जल्द ही उनके गांव को हरदी से लेकर धनगांव मुख्य मार्ग तक प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री सड़क योजना के तहत पक्की सड़क बनाकर दी जाए। ताकि ग्रामवासियों को मूलभूत सुविधाएं मिल सकें।



बहरहाल, अब देखना होगा कि इन ग्रामीणों को कब तक पक्की सड़क मिल पाती है या शासन-प्रशासन का दावा खोखला साबित होता है।

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जुआरियों को पुलिस ने पकड़ा, मोबाइल और पैसे जब्त

 बिलासपुर। सूचना प्राप्त हुई कि कोरी डैम के किनारे कई फड लगाकर लोग लाखों रुपयों का जुआ खेल रहे है । इस सूचना पर तत्काल SDOP Kota नूपुर उपाध्याय को थाना प्रभारी कोटा के साथ पर्याप्त बल के साथ भेजा गया । पुलिस बल के पहुँचने पर जुआड़ियों के 4 फड़ लगे थे पुलिस को देखकर जुआड़ियों ने भागने का प्रयास किया किंतु पुलिस पार्टी ने घेराबंदी कर जुआरियों को पकड़ा और डैम के पास बने सिंचाई विभाग की बिल्डिंग के बाउंड्री में लाकर पुलिस के द्वारा zero FIR की गयी और सभी फड़ों की तलाशी ली गयी जिसमें ताश के पत्तों के अलावा कुल रक़म   349215 रुपये बरामद हुए हैं तथा कुल 22 जुआड़ी पकड़े गये जिनके नाम इसप्रकार  हैं । जुआरियों से 7 कारें और 22 मोबाइल ज़ब्त किए गए हैं ।

सुनील यादव चाटींडीह रपटा चौक 

श्याम मूर्ति चाटीडीह रामायण चौक

अमित सिंह लक्ष्मीनगर रायपुर 

राजेश साहू गोंडपारा कोतवाली बिलासपुर

दिनेश सिंह बँधवापारा सतबहानिया मंदिर

संजीव साहू तखतपुर 

महेश कुमार गबेल चाटीडिग

हरिओम साहू खमतराई बिलासपुर

चंद्रप्रकाश मेरावी नागोई तखतपुर

दीपक सोनी अशोक विहार फेज -2 बिलासपुर 

अमित पहाड़ी निवासी सकरी बिलासपुर 

अमित भारतै निवासी सकरी बिलासपुर 

दीपक साहू गोदैया रतनपुर 

संदीप मिश्रा निवासी नीलपैलेस बिलासपुर 

शिवेंद्र प्रताप कौशिक नगोई तखतपुर बिलासपुर

राकेश सिंह दयालबन्द बिलासपुर 

सूरज वस्त्रागार अमेरी बिलासपुर 

संजय ध्रुव जबड़पारा बिलासपुर 

श्रीकान्त तिवारी मंगला बिलासपुर 

अकबर ख़ान 33 वर्ष दयालबंद बिलासपुर 

जितेश मोर मालखरोदा शक्ति 

अर्पित सहगल नारियल कोठी सिविल लाइन बिलासपुर


 

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गांवों में रैली के जरिए मलेरिया और डायरिया से बचाव का दे रहे संदेश

 कलेक्टर अवनीश शरण के निर्देश पर स्कूली बच्चों ने जनजागरुकता की कमान संभाली ली है। गांवों में रैली निकाल कर मलेरिया और डायरिया से बचाव का संदेश दे रहे हैं।  अब ग्रामीणों पर इसका असर दिख रहा है। 

कोटा ब्लॉक के विभिन्न गांवों में स्कूली बच्चों को प्रार्थना के समय जागरूक किया जा रहा है। बच्चे भी रैली के जरिए ग्रामीणों को जागरूक कर रहे हैं। बच्चों को स्वच्छता अभियान के अंतर्गत डायरिया से बचाव और सुरक्षा हेतु स्कूल में भाषण और प्रेजेंटेशन के जरिए जागरूक किया जा रहा है। इसी कड़ी में मझगांव स्कूल में मलेरिया से बचाव विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई ।इस कार्यशाला में मलेरिया के लक्षण तथा उससे बचाव की छात्रों को विस्तृत जानकारी दी गई। छात्रों की तरफ से कक्षा 12वीं से चंद्रदीप जायसवाल और कुमारी कृशा तथा कक्षा ग्यारहवीं से नितेश यादव एवं हिना ध्रुव ने अपने  विचार रखे।

इस अवसर पर मुख्य वक्ता जीवविज्ञान विषय के व्याख्याता शोभाराम पालके ने मलेरिया की रोकथाम पर विस्तृत जानकारी दी।जिसके तहत मच्छर दानी लगा कर सोने, डीडीटी का छिड़काव, मलेरिया रोधी क्रीम का प्रयोग, आसपास सफाई, रुके पानी का निस्तारीकरण, कूलर की सफाई,  बुखार रहने पर खून की जांच करवाना एवं नजदीकी अस्पताल में डॉक्टर को दिखाना इत्यादि बचाव के उपाय बताए गए । इस अवसर पर प्रधान पाठक शैलेश कुमार पांडेय तथा शिक्षकों से रंजीत कुमार खूंटे, माधव प्रसाद कौशिक, गीता पांडेय, पूनम सिंह, हेमंत अनंत लीलाराम खूंटे तथा समस्त छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

 

 

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कच्ची शराब पर आबकारी विभाग की कार्रवाई

 अवैध रूप से आसवित कच्ची शराब के सेवन से संभावित जनहानि को रोकने विभाग द्वारा सतत कार्रवाई की जा रही है। इसी तारतम्य में शनिवार को मुखबीर सूचना के आधार पर ग्राम कालीदरहा थाना बलौदा में आरोपी प्रमोद सेठ से गवाहों के समक्ष  पूछताछ कर उसके रिहायशी मकान की विधिवत तलाशी ली जाने पर आरोपी के रिहायशी मकान से 5-5 लीटर क्षमता वाली 3 नग प्लास्टिक जरकेन में भरी हुई हाथ भट्ठी कच्ची महुआ शराब कुल 15.00 लीटर बरामद हुई, जिसे विधिवत जप्त कर आरोपी के विरुद्ध धारा 34(2) आब. एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। 

 प्रकरण में जप्त मदिरा की मात्रा 5 लीटर से अधिक होने के कारण अपराध की प्रकृति धारा 59 (क) आब. एक्ट के तहत अजमानतीय होने के कारण आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया। 

उपरोक्त कार्रवाई दरसराम सोनी आबकारी उपनिरीक्षक वृत्त सरायपाली एवं नितेश सिंह बैस आबकारी उपनिरीक्षक वृत्त बसना की संयुक्त टीम द्वारा की गयी, जिसमें आरक्षक राजकिशोर पांडे, खिनीराम खुटे, संजय मरकाम, सैनिक लक्ष्मीचरण, कविग्वाल एवं समस्त आबकारी स्टाफ उपस्थित थे।

 

 

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बिलासपुर नेमीचंद जैन मथुरा वाले चैरिटी ट्रस्ट पेंडारी सकरी ने 200 नग मच्छरदानी वितरण के लिए

बिलासपुर कलेक्टर अवनीश शरण की अपील पर मलेरिया व डायरिया से निपटने में समाज के सभी वर्गों का सहयोग मिलना शुरू हो गया है। नेमीचंद जैन मथुरा वाले चैरिटी ट्रस्ट पेंडारी सकरी ने 200 नग मच्छरदानी वितरण के लिए जिला प्रशासन को दान दिए हैं। मलेरिया प्रभावित ग्राम मझगांव में जरूरतमंद लोगों में इसके वितरण कार्य का शुभारंभ एसडीएम युगल किशोर उर्वशा ने किया। उन्होंने ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ इसका वितरण किया। एसडीएम उर्वाशा ने बताया कि मलेरिया से बचाव के लिए मच्छरदानी एक अचूक उपाय है। उन्होंने इसका नियमित उपयोग करने का आग्रह लोगों से किया। मझगांव में मोबाइल मेडिकल वाहन द्वारा शिविर भी लगाया गया था।शिविर में पहुंचे लोगों को मलेरिया से बचाव के उपाय भी बताए। महामाया मंदिर सेवा ट्रस्ट ने भी अभियान में सहयोग का हाथ बढ़ाया है। उनके द्वारा रतनपुर अस्पताल में भर्ती मरीजों को ताजा खिचड़ी परोसा जा रहा है।

 

 

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दंतेवाड़ा जिले में अधिक वर्षा से किरंदुल पहाड़ी में निर्मित डेम हुआ क्षतिग्रस्त

दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल पहाड़ी में एनएमडीसी द्वारा निर्मित एन-1 बी डेम जिले में अत्यधिक बारिश होने के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है,  जिसके कारण अनेक घर बाढ़ की चपेट में क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इस संबंध में जिला प्रशासन द्वारा तत्काल लोगों को सुरक्षित स्थान ले जाया गया है। इसके अलावा किरंदुल के गाटर पुलिया एवं सीएससी सेंटर के पास भी बारिश से जल जमाव होने से जेसीबी मशीन के द्वारा रोड की साफ सफाई भी किया गया है। यहां भी जिला प्रशासन के द्वारा निचले स्तर पर बसी बस्तियों में  जलभराव स्थिति को देखते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट  किया जा रहा है। इसके साथ ही जिला प्रशासन मौके पर तैनात होकर रेस्क्यू कर रहा है तथा प्रभावित परिवारों को मंगल भवन में ठहराया जा रहा है। इस दौरान ट्यूशन पढ़ने जा रहे बच्चे, जो बाढ़ की चपेट में आ गए थे, उन्हें भी रेस्क्यू कर बचाया गया है और उनको अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। वर्तमान में उनकी स्थिति सामान्य है। जिला प्रशासन द्वारा लगातार भारी बारिश के  कारण बाढ़ग्रस्त क्षेत्र के समीप रहने वाले लोगों को अन्य जगह शिफ्ट होने की हिदायत दी जा रही है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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गाज गिरते ही फटा मोबाइल, किसान की मौत

 बालोद में बिजली गिरने से किसान के जेब में रखा मोबाइल ब्लास्ट  हो गया। जिससे किसान धरमु साहू की मौके पर ही मौत हो गई। दर्दनाक घटना के बाद मृत किसानों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना बालोद थाना क्षेत्र के एक गांव की है।

जानकारी के मुताबिक, घटना लिमोरा गांव  की है। किसान धरमु अपने खेत में काम कर रहा है। इसी दौरान आंधी तूफान के साथ जोरदार बारिश होने लगी। इसी बीच किसान खेत से अपने घर जाने के लिए निकला था, तभी अचानक बिजली गिर गई और किसान के जेब में रखा मोबाइल ब्लास्ट हो गया। घटना में धरमू की मौके पर ही मौत हो गई।

वहीं, एक अन्य घटना भी बालोद क्षेत्र की है। सेमरकोना गांव का किसान सुकलाल 45 वर्ष बारिश से बचने के लिए पेड़ के नीचे बैठा हुआ था। इसी बीच उसके उपर आसमानी बिजली गिर गई। घटना में किसान की मौके पर ही मौत हो गई। फिलहाल दोनों ही मामले में मामले की जांच की जा रही है।

 
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किरंदुल में टूटा एनएमडीसी का डैम, मचा हाहाकार...

 दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां भारी बारिश के चलते एनएमडीसी (नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन) का डैम टूट गया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, डैम के टूटने से मौके पर बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है।

डैम टूटने के कारण सड़क पर पानी का तेज बहाव हो रहा है, जो सामने आ रही हर चीज को बहा ले जा रहा है। अचानक आई इस बाढ़ से पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई है। स्थानीय लोगों में भय और चिंता का माहौल व्याप्त है।

प्रत्यक्षदर्शियों का बयान
मौके पर मौजूद एक शख्स ने पानी के तेज बहाव का वीडियो भी शेयर किया है, जिसमें पानी के विकराल रूप को देखा जा सकता है। वीडियो में पानी की तेज धारा और उसके प्रभाव को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, जिससे इलाके में हुए नुकसान का अंदाजा लगाया जा सकता है।

प्रशासन की प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों और राहत टीमों को तुरंत मौके पर भेजा गया है। बचाव कार्य तेजी से जारी है और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

आगे की स्थिति
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। इसके साथ ही, संबंधित अधिकारियों ने डैम के टूटने के कारणों की जांच शुरू कर दी है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपायों पर विचार किया जा रहा है।

इस घटना से दंतेवाड़ा जिले में भारी नुकसान की आशंका है, और स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है।

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बैगा आदिवासियों की मौत का कारण डायरिया नहीं, विभिन्न कारणों से हुई मौत


ग्राम सोनवाही में बैगा आदिवासियों की मृत्यु के संबंध में जांच के लिए कवर्धा कलेक्टर ने तीन सदस्यीय टीम बनायी थी। इस टीम के द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में  बैगा आदिवासियों की मौत डायरिया से नहीं बल्कि अन्य कारणों से होना पाया गया। जांच टीम में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी शामिल थे।

    जांच टीम ने संयुक्त रूप से ग्राम का भ्रमण कर तथा ग्रामवासियों और मृतकों के परिजनों से चर्चा कर जो तथ्य पाए हैं उसके अनुसार महिला बैगा आदिवासी फुलबाई के पति ने ये जानकारी दी है उन्होंने जंगली मशरूम खाया था जिसके बाद उसकी पत्नी और बेटे दोनों की तबीयत खराब हो गयी थी और फिर पत्नी की मौत हो गयी। एक अन्य मामले में मृतक सुरेश धुर्वे को पेट दर्द की शिकायत थी, मितानिन द्वारा उसके घर जाकर सरकारी अस्पताल ले जाकर ईलाज कराने के सलाह देने के बावजूद चिकित्सा लाभ न लेकर स्वयं घरेलू उपचार करने के कारण उसकी मौत हो गयी। अन्य प्रकरण में ललेश्वरी नाम की बैगा आदिवासी महिला सामान्य प्रसव होने के बाद अपने मायके लालघाट मध्यप्रदेश चली गई थी। और वहीं उसकी तबीयत बिगड़ने से मौत हो गयी। सोनसिंह नामक मृतक की तबीयत खराब थी।  

 ग्राम सोनवाही में स्वास्थ्य शिविर लगाकर स्वास्थ्य कर्मियों एवं मितानिनों द्वारा डोर टू डोर रैपिड फीवर सर्वे कराकर सभी संभावितों की जांच व उपचार किया जा रहा है तथा ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति वर्तमान में ग्राम सोनवाही की स्थिति सामान्य है।

इसी तरह से कबीरधाम जिले के बोडला विकासखण्ड के ग्राम सोनवाही के पारा-टोला ग्राम सरेंडा निवासी तीन ग्रामीणों की मृत्यु का कारण अलग-अलग है।  कलेक्टर श्री जनमेजय महोबे के निर्देश पर बनी तीन सदस्यीय जांच टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट दी है। कलेक्टर के निर्देश पर सरेंडा ग्राम में स्वास्थ्य शिविर लगाया गया है। 

जांच रिपोर्ट में बताया गया कि सरेंडा गांव में तीन ग्रामीणो की मृत्यु की सूचना प्राप्त होने पर ग्राम सरेंडा का भ्रमण कर मृतक के परिजनों और ग्रामीणों से पूछताछ की गई। पूछताछ में बताया गया कि सरेंडा की निवासी मृतक पनकिन बाई पति नन्हुआ सिंह 75 वर्ष की थी। पिछले कुछ वर्षों से लकवा रोक से ग्रसित थी, जिसके कारण वह चलने फिरने में असमर्थ थी। धीरे-धीरे शारीरिक कमजोरी बढ़ने के कारण घर पर ही मृत्यु हो गई।  

मृतक सोमबाई पति सुमेर सिंह बैगा का उम्र 70 वर्ष की थी। पिछले दो वर्षों से लकवा ग्रस्त थी। उसे खाना खाने में बहुत तकलीफ हो रही थी। पिछले 20 दिनों से खाना भी नहीं खा पा रही थी। मृत्यु के समय उन्हे किसी भी प्रकार की अन्य बीमारी नहीं थी। इसी प्रकार मृतक अनिता बैगा पिता महासिंह उम्र 29 वर्ष की थी, वह 6 माह की गर्भवती थी। उन्हें उल्टी-दस्त बुखार एवं रक्त स्त्राव की समस्या के साथ 14 जुलाई को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र झलमला में भर्ती कराया गया। स्थिति में सुधार नहीं होने के कारण उन्हे जिला अस्पताल कवर्धा में रिफर किया गया। जिला अस्पताल में उनका स्वास्थ्य सुधार नहीं होने के कारण उसे डॉ भींम राव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय रायपुर में भर्ती किया गया, उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वास्थ्य संबंधी देखभाल को गंभीरता से लेते हुए सभी जिले के मुख्य चिकित्सा एंव स्वास्थ्य अधिकारी, कार्यपालन अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को निर्देश हैं कि सतत ग्रामीण क्षेत्रों को भ्रमण कर जलजनित बीमारी की जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य शिविर लगाना सुनिश्चित करें और पेयजल स्रोतों में क्लोरिनेशन करना सुनिश्चित करें।
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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा अनुसार पंचायत सचिवों के शासकीयकरण हेतु समिति का हुआ गठन

रायपुर, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा पंचायत सचिव दिवस के अवसर पर प्रदेश पंचायत सचिव संघ, छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में पंचायत सचिव संघ के शासकीयकरण की मांग पर घोषणा किया था कि इसके कियान्वयन के लिए समिति का गठन किया जाएगा। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप पंचायत सचिवों की शासकीयकरण की मांग एवं इसके कियान्वयन के विचार हेतु समिति का गठन किया गया है। सचिव, छत्तीसगढ़ शासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्री राजेश सिंह राणा को समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। संचालक, पंचायत संचालनालय श्रीमती प्रियंका ऋषि महोबिया को सदस्य सचिव तथा वित्त नियंत्रक, विकास आयुक्त कार्यालय मो.यूनूस को सदस्य बनाया गया है। यह समिति 30 दिनों के भीतर अपना प्रतिवेदन शासन को प्रस्तुत करेगी।
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मलेरिया व डायरिया पीड़ित मरीजों को देखने पहुंचे कलेक्टरआईसीयू और सामान्य बेड की संख्या बढ़ाने दिए निर्देश

 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर कलेक्टर अवनीश शरण ने सिम्स और जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। इलाज करा रहे मरीजों से मुलाकात कर कुशलक्षेम पूछा। उनका अच्छे से देखरेख और इलाज करने के निर्देश डॉक्टरों को दिए। उन्होंने यहां मलेरिया और डायरिया के मरीजों के लिए बेड बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि जिला अस्पताल में मलेरिया और डायरिया प्रभावित मरीजों के लिए आपात स्थिति में 15 आईसीयू के बेड और 20 सामान्य बेड बढ़ाया जाए। इसी प्रकार सिम्स में 10 आईसीयू बेड बढ़ाने कहा।

कलेक्टर अवनीश शरण ने मरीजों की बेहतर निगरानी और इलाज के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रभावित गांवों में  जनचौपाल लगाकर लोगों में जागरूकता फैलाने को कहा है। सभी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों को मुख्यालय में रहने निर्देशित किया है। निरीक्षण के दौरान नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार, सीएमएचओ डॉ प्रभात श्रीवास्तव , सिम्स के अधीक्षक डॉ एस के नायक, सिविल सर्जन डॉ. अनिल गुप्ता मौजूद थे।

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कलेक्टर के निर्देश पर दो और झोलाछाप क्लीनिक सील किए गए

 ब्लॉक मुख्यालय कोटा में कल देर रात दो और अवैध क्लीनिकों पर कार्रवाई की गई। जांच के बाद दोनों क्लीनिक सील कर दिए गए। इसमें कोटा में संचालित विश्वास क्लीनिक और दूसरा मरावी क्लीनिक है। मरावी क्लीनिक का संचालक देवशंकर मरावी है जो कि शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कोटा में क्लर्क पद पर कार्यरत है। कल दिन में गुप्ता क्लीनिक और चिरंजीत विश्वास क्लीनिक के विरुद्ध कार्रवाई की गई थी। कलेक्टर अवनीश शरण ने इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रखने के निर्देश दिए हैं। कोटा एसडीएम  युगल किशोर उर्वशा के नेतृत्व में राजस्व और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापामार शैली में दबिश देकर कार्रवाई की। कोटा में गुरु द्वारा के पीछे में संचालित मरावी क्लिनिक और  महाशक्ति चौक में संचालित विश्वास क्लिनिक की जांच की गई। दोनों ही क्लिनिक में भारी मात्रा में एलोपैथी दवाईयां और इंजेक्शन पाया गया । मौके पर जांच के दौरान  मरीजों की लंबी कतार देखी गई।विश्वास क्लिनिक में इलाज कराने आए धनरास के ग्रामीण विशंभर सिंह को कुल 713 रुपए की दवाई देकर कुल 1300 रूपए वसूला गया। जिसे तहसीलदार द्वारा वापस कराया गया । इसी प्रकार मरावी क्लिनिक के संचालक देवशंकर मरावी हैं, जो शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोटा में क्लर्क के रूप में पदस्थ हैं । इनके द्वारा भी भारी मात्रा में एलोपैथी दवाईयां रखकर इलाज किया जा रहा था।बिना डिग्री के इलाज और भारी मात्रा में भंडारित एलोपैथी दवाइयों और इंजेक्शन के कारण उक्त दोनों क्लीनिक को तहसीलदार कोटा द्वारा सील किया गया। उक्त सम्पूर्ण कार्यवाही तहसीलदार कोटा और कोटवारों की संयुक्त टीम द्वारा देर रात की गई।

 

 

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स्वास्थ्य विभाग में मिली नौकरी से पहाड़ी कोरवाओं की बदल रही जीवनरेखा

 यह पहाड़ी कोरवा समारिन बाई है। कुछ दिन पहले तक इन्हें गिनती के कुछ लोग ही जानते थे। यह सिर्फ इनकी ही बात नहीं है। इनके गाँव की भी यहीं बात है। घने जंगल के बीच मौजूद इनके गाँव टोकाभांठा को भी बहुत कम लोग जानते हैं। मुख्य सड़क से दूर टोकाभांठा में रहने वाली पहाड़ी कोरवा समारिन बाई का जीवन भी घने जंगल में बसे गाँव की तरह गुमनाम सा था। जहाँ सुबह का सूरज तो रोज निकलता था, लेकिन इनकी जिंदगी में गरीबी का अंधेरा जस का तस रहता था। दिन के उजाले में पहाड़ के नजदीक पहाड़ जैसी जिंदगी जीने वाली समारिन बाई ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि एक दिन उन्हें नौकरी मिल जायेगी और अंधेरे से घिरी गरीबी को दूर कर कडुवाहट भरी जिंदगी में मिठास तथा जीवन में उल्लास का उजियारा लाएगी।

कोरबा जिले के अजगर बहार ग्राम पंचायत के अंतर्गत ग्राम टोकाभांठा में रहने वाली समारिन बाई अब पहले से काफी बदल गई है। उनकी जिंदगी और रहन-सहन में बदलाव की शुरुआत हाल ही के दिनों से हुई है। जिला प्रशासन की पहल पर जब विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के युवाओं को रोजगार से जोड़ा जा रहा था तब समारिन बाई की शिक्षा भी बहुत काम आई। कक्षा दसवीं तक पढ़ी समारिन बाई को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू में वार्ड आया की नौकरी मिल गई। फिर क्या था, जंगल में बकरी चराने वाली और गरीबी की वजह से आर्थिक तंगी से जूझने वाली समारिन बाई अस्पताल में अलग रूप में नज़र आ रही है। ट्रे में दवाइयां लेकर मरीजों के वार्ड तक और डॉक्टर, नर्स के साथ उनके आस-पास समारिन का दिन गुजर रहा है। उन्होंने बताया कि उसने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि एक दिन वह सरकारी अस्पताल में अपनी ड्यूटी करेगी। उन्हें तो लगता था कि हम पहाड़ी कोरवाओं की जिंदगी गरीबी के बीच जंगल में उनके पुरखों की तरह ही कठिनाइयों के बीच बीतेगी।

पहाड़ी कोरवा समारिन बाई का कहना है कि उनका समाज ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं है। जंगल में गरीबी के बीच बहुत ही विषम परिस्थितियों में जीवन-यापन करना पड़ता है। ऐसे में शिक्षा से जुड़ पाना संभव नहीं हो पाता। खासकर लड़कियों को घर के काम करने पड़ते हैं, उनका स्कूल जाना और पढ़ाई पूरी कर पाना बहुत चुनौती है। मैंने किसी तरह पढ़ाई तो कर ली थी लेकिन नौकरी मिलेगी यह कभी सोचा ही नहीं था। समारिन बाई ने बताया कि उन्हें अस्पताल में नौकरी मिली है। इस जगह में रहकर वह जान पा रही है कि अन्य समाज के साथ कैसे रहना है। किस तरह पढ़ाई कर महिलाएं काम कर रही है। यहाँ बहुत कुछ सीखने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने बताया कि अभी मानदेय में जो राशि मिल रही है उससे घर का खर्च चला रही है। भविष्य में कुछ पैसे बचत करने की कोशिश भी करेगी ताकि अपने बच्चों का भविष्य बना पाए। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू में ही पहाड़ी कोरवा समार साय, बुधवार सिंह की भी स्वच्छक तथा वार्ड बॉय के रूप में नौकरी लगी है। मानदेय के आधार पर मिली नौकरी से दोनों खुश हैं और बताते हैं कि दिन भर जंगल में बिताने से बेहतर है कि यहां काम कर कुछ पैसे मिल जाएं। इससे घर परिवार का खर्च चल जाता है। उन्होंने मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा पहाड़ी कोरवाओं को दी जा रही नौकरी की सराहना करते हुए कहा कि हमारी कड़ुवाहट भरी जिंदगी में नौकरी से मिठास जरूर आयेगी।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दिशा निर्देशन में कलेक्टर अजीत वसंत ने स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग में जिले के पहाड़ी कोरवाओं तथा बिरहोरों को योग्यता के आधार पर मानदेय में नौकरी पर रखने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में पीवीटीजी के 19 युवाओं को अस्पतालों में विभिन्न पदों पर रखा गया है।

 

 

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मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों को गुरु पूर्णिमा की बधाई और शुभकामनाएं दी

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को गुरु पूर्णिमा की बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने गुरु पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में कहा है कि भारतीय संस्कृति में गुरू को सर्वाेच्च स्थान दिया गया है। आषाढ़ पूर्णिमा के दिन भारत में गुरु पूर्णिमा मनाने की परम्परा रही है। इस दिन गुरुओं के अमूल्य ज्ञान और मार्गदर्शन के प्रति सम्मान और आभार प्रकट किया जाता है। गुरु जीवन में अज्ञानता के अंधकार को मिटाकर ज्ञान की रोशनी लेकर आते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुओं द्वारा दी गई अमूल्य शिक्षा को जीवन में आत्मसात कर हमें आगे बढ़ना चाहिए।

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राजनांदगांव में शहर के विकास के लिए 13 करोड़ 81 लाख के 96 विकास कार्यों का किया भूमिपूजन-डॉ. रमन सिंह

 विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने  पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम राजनांदगांव में शहर के विकास के लिए 13 करोड़ 81 लाख रूपए के लागत के 96 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री व नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरूण साव, सांसद संतोष पाण्डेय, महापौर हेमा देशमुख विशेष रूप से उपस्थित थी। राजनांदगांव शहर विकास के लिए किए गए भूमिपूजन से विकास कार्यों में गति मिलेगी। शहर में नाली, स्वच्छता, सड़क, भवन, उद्यान, पेयजल, अधोसंरचना के निर्माण से नगरवासियों को सुविधा मिलेगी।

राजनांदगांव शहर विकास के लिए 13 करोड़ 81 लाख रूपए से वार्डों में विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपून किया गया, जिसमें अधोसंरचना मद अंतर्गत 754.19 लाख रूपए 42 कार्य अंतर्गत रोड, नाली, भवन, उद्यान और अन्य विकास कार्य, 15वें वित्त आयोग योजनांतर्गत 549.56 लाख रूपए से 29 कार्य अंतर्गत सीमेंट कांक्रिटींग रोड, नाली-नाला व फिल्टर प्लांट में विकास कार्य तथा सांसद निधि से 29 लाख रूपए से 9 कार्य अंतर्गत भवन, शेड, पाथवे, मंच निर्माण तथा विधायक निधि, प्रभारी मंत्री निधि अनुशंसा से 49 लाख रुपए से 16 कार्य अंतर्गत भवन, शेड, रोड व नाली निर्माण कार्य कराया जाएगा। 

इस अवसर पर अध्यक्ष जिला पंचायत गीता साहू, पूर्व सांसद मधुसूदन यादव, खूबचंद पारख, सचिन बघेल, भरत वर्मा, संतोष अग्रवाल, रमेश पटेल, नेता प्रतिपक्ष किशुन यदु, हरिनारायण धकेता, कोमल सिंह राजपूत, राजेन्द्र गोलछा, नगर पालिक निगम राजनांदगांव के पार्षदगण, कलेक्टर संजय अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग, आयुक्त नगर निगम अभिषेक गुप्ता, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित थे।

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बारिश में बह गया पुल, 70 गांव कटे...

 मानपुर और दल्लीराजहरा के बीच नवनिर्मित पुल और हाईवे पहले ही बारिश में बह गया। इस वजह से मानपुर मुख्यालय के खडगांव तहसील और भरीटोला सेक्टर के लगभग 70 गांव में निवासरत 50 हजार की सघन आबादी मानपुर मुख्यालय से कटते हुए टापू में तब्दील हो गए हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, पहली बारिश में ही मानपुर नेशनल हाईवे और पुल बह गया। इस वजह से लगभग 70 गांव मुख्यालय मानपुर से कट गए हैं। वहीं मानपुर होकर हैदराबाद, तेलंगाना, महाराष्ट्र से दल्लीराजहरा बालोद जिला होते हुए चलने वाहनों के भी पहिए थम गए हैं। इधर जनजीवन भी अस्त-व्यस्त हो गया है। राशन से लेकर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भी ग्रामीण काफी परेशान हो रहे हैं।



लापरवाही पर ठेकेदार के खिलाफ होगी कार्रवाई : एसडीएम
इस मामले में मानपुर एसडीएम अमित नाथ योगी से बात करने पर उन्होंने कहा कि पूरा मामला लापरवाही का है। लापरवाही पर ठेकेदार के खिलाफ प्रशासनिक एक्शन लिया जाएगा। जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।

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