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भिलाई में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 7 गिरफ्तार

 दुर्ग जिला पुलिस ने एक सेक्स रैकेट का भांडाफोड़ करते हुए तीन महिलाओं सहित 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 9 जुलाई को प्रभात लॉज, पावर हाउस, भिलाई में की गई। पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र शुक्ला के निर्देश पर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन सिंह राठौर एवं नगर पुलिस अधीक्षक हरिश पाटिल के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी छावनी उप निरीक्षक चेतन सिंह चन्द्राकर के नेतृत्व में इस रेड का संचालन हुआ।


पूछताछ के दौरान, यह पता चला कि निलेश वर्मा प्रभात लॉज के कमरों में लड़कियों और महिलाओं को ग्राहकों से रकम लेकर देह व्यापार में संलग्न कराता था। सभी गिरफ्तार व्यक्तियों के खिलाफ अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम 1956 की धारा 3, 4, 5, 7 के तहत अपराध दर्ज किया गया और उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।

 



इस कार्रवाई में नगर पुलिस अधीक्षक हरिश पाटिल, उप निरीक्षक चेतन सिंह चन्द्राकर, उनि वरूण देवता, प्रधान आरक्षक जसपाल सिंह, आरक्षक जीत नारायण, और महिला आरक्षक पदमिनी कौशिक की सराहनीय भूमिका रही है।



भिलाई में इस प्रकार की कार्रवाई से पुलिस ने देह व्यापार पर बड़ी चोट की है और स्थानीय लोगों में सुरक्षा और कानून व्यवस्था के प्रति विश्वास को मजबूत किया है।



रेड के दौरान निम्नलिखित व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया:
    निलेश वर्मा (उम्र 19 वर्ष), ग्राम पेण्डरी, थाना पामगढ़, जिला जांजगीर।
    सुप्रभात शील (उम्र 44 वर्ष), शॉप नंबर 86, रवि शुक्ला मार्केट, भिलाई, दुर्ग।
    राजेन्द्र यादव (उम्र 37 वर्ष), गिरधारी नगर, चण्डी मंदिर के आगे, थाना दुर्ग।
    मंजु लहरे उर्फ मंजू डहरिया (उम्र 20 वर्ष), दुर्गा मंदिर के पास, सतनामी मोहल्ला, जामुल, दुर्ग।
    श्रीमती लक्ष्मी हलधर उर्फ मेघा (उम्र 38 वर्ष), रानाघाट, वार्ड क्रमांक 12, वर्तमान पता स्पर्श अस्पताल के पीछे, रामनगर, सुपेला, दुर्ग।
    श्रीमती संगीता बंजारे (उम्र 26 वर्ष), ग्राम परसदा, थाना रनचिरई, जिला बालोद, हाल सेक्टर-4, रोड नंबर-4, भिलाई, छ.ग।

 

 

 
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11 जुलाई को होने वाला जनदर्शन स्थगित

 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का हर सप्ताह गुरुवार को होने वाला जनदर्शन इस गुरूवार 11 जुलाई को अपरिहार्य कारणों से स्थगित  रहेगा.

 

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केन्द्रीय विद्युत तथा आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री ने छत्तीसगढ़ में हो रहे कार्यों की समीक्षा की

 राज्य और केन्द्र सरकार के बेहतर समन्वय से छत्तीसगढ़ का होगा तेजी से विकास :मनोहर लाल 

 
 
केन्द्रीय विद्युत तथा आवासन और शहरी कार्य मंत्री  मनोहर लाल ने आज अपने रायपुर प्रवास के दौरान छत्तीसगढ़ में ऊर्जा तथा शहरों में आवास व जनसुविधाएं विकसित करने किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने मंत्रालय में आयोजित बैठक में कहा कि राज्य और केन्द्र सरकार के बेहतर समन्वय से छत्तीसगढ़ का तेजी से विकास होगा। छत्तीसगढ़ में बिजली और आवास से संबंधित सभी आवश्यकताएं पूर्ण करने के लिए भारत सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में अनेक सुधारवादी कदम उठाएं जा रहे हैं। जनआकांक्षाओं के अनुरूप काम किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री  अरूण साव, केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू और मुख्य सचिव  अमिताभ जैन भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए। 

केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल ने बैठक में कहा कि लोगों को सस्ती और पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने केन्द्र सरकार द्वारा अनेक अनुदान योजनाएं संचालित की जा रही हैं। सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए भी कई योजनाएं हैं। उन्होंने राज्य सरकार को भारत सरकार द्वारा दी जा रही सभी निधियों और अनुदानों का पूर्ण उपयोग करने को कहा। राज्य में जिस तेजी से काम होंगे, उसी तेजी से भारत सरकार द्वारा राशि जारी की जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य में विकास योजनाओं को लेकर केन्द्र सरकार की ओर से कोई कठिनाई नही आएगी। दोनों बेहतर समन्वय से काम करेंगे। 

केन्द्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने बैठक में सुझाव दिया कि क्लिीन सिटी के तहत रायपुर को मिली 100 बसों का उपयोग नया रायपुर और रायपुर के बीच चलाने के लिए भी कर सकते हैं। उन्होंने विद्युत विभाग के अंतर्गत लाइन-लॉस को कम करने के लिए किए जा रहे कार्यों, स्मार्ट मीटर की स्थापना, विशेष पिछड़ी जनजाति क्षेत्रों में विद्युतीकरण और बिजली उत्पादन के लिए कोयला की उपलब्धता की समीक्षा की। उन्होंने आवासन एवं शहरी कार्यों के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम स्वनिधि, अमृत मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, पीएम ई-बस सेवा, स्मार्ट सिटी मिशन और राष्ट्रीय शहरी विकास मिशन के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने इन योजनाओं के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने बैठक में केन्द्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल को धन्यवाद देते हुए कहा कि कार्यभार सम्भालने के एक माह के भीतर ही वे यहां विकास कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं। उनके सहयोग से राज्य में विकास की गति को तेज करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए राज्य में तेजी से काम हो रहे हैं। छत्तीसगढ़ जल्दी ही ’पॉवर सरप्लस स्टेट’ का दर्जा वापस पा लेगा। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री को बताया कि प्रदेश में पिछले छह महीनों में किसानों और छोटे कामगारों के लिए बिजली की उपलब्धता में सुधार आया है। किसानों को तीन एचपी तक कि सिंचाई पंपों में सालाना छह हजार यूनिट तक और तीन से पांच एचपी के पंपों में साढ़े सात हजार यूनिट तक के बिजली बिल में छूट दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री से प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत स्वीकृति के लिए लंबित 19 हजार 906 आवास एवं विकसित भारत संकल्प यात्रा में एकत्रित आवेदनों के अनुरूप राज्य को पुनरीक्षित केन्द्रांश के साथ करीब 50 हजार आवासों को प्राथमिकता से स्वीकृत करने का अनुरोध किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि आज की यह बैठक राज्य में ऊर्जा और शहरी विकास को नई गति प्रदान करेगी।

उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरूण साव ने बैठक में कहा कि शहरों के विकास के लिए भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप हम लगातार काम कर रहे हैं। राज्य में स्वच्छता, आवास, आजीविका, पेयजल इत्यादि के लिए तेजी से काम हो रहे हैं। इन कार्यों में प्रगति की नियमित समीक्षा भी की जा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत सरकार के सहयोग से इन कार्यों में आगे और भी तेजी आएगी। केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव सुश्री रूपा मिश्रा, विद्युत मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री शशांक मिश्रा, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) की निदेशक सुश्री अनिता मीणा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., संचालक श्री कुंदन कुमार, क्रेडा के सीईओ श्री राजेश सिंह राणा और एनटीपीसी के क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक श्री प्रदीप्ता कुमार मिश्रा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों से की अपील "एक पेड़ मां के नाम" अभियान में शामिल होकर छत्तीसगढ़ महतारी की गोद को हरा भरा बनाने में दें अपना योगदान

 "एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत प्रोफाइल पिक्चर फ़्रेम अभियान में शामिल होकर  पर्यावरण संरक्षण के लिए लोगों को करें जागरूक



 
 
प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की अपील पर अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण दिवस के दिन से पूरे देश में एक पेड़ माँ के नाम अभियान की शुरुआत हो चुकी है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने अपनी माता जी के सम्मान में राजधानी रायपुर में दहीमन और गृह ग्राम बगिया में रुद्राक्ष का पौधा रोपा है। साय ने प्रदेश वासियों से अपील की है कि इस अभियान में अधिक से अधिक शामिल होकर छत्तीसगढ़ महतारी की गोद  को हरा भरा बनाने में अपना योगदान दें। 

राज्य शासन के जनसंपर्क संचालनालय द्वारा अभियान के व्यापक प्रचार प्रसार हेतु सोशल मीडिया पर  एक पेड़ माँ के नाम प्रोफाइल पिक्चर फ़्रेम अभियान की शुरुआत की गई है। इसके तहत आप अपने घर आँगन ,खेत मेंअपनी माता जी के साथ या माता जी की स्मृति में पौधा लगाते हुए अपनी तस्वीर लें। इसके बाद अपनी तस्वीर के साथ एक पेड़ माँ के नाम प्रोफाइल पिक्चर फ्रेम 
लगाने के लिए दिए गये लिंक को क्लिक करें।????????https://twb.nz/plantation इसके बाद प्रोफाइल पिक्चर डाउनलोड कर अपने सोशल मीडिया व्हाट्सएप/एक्स/फ़ेसबुक/इंस्टाग्राम/स्नैपचैट इत्यादि पर डिस्प्ले के रूप में लगायें। आप अपने सोशल मीडिया की प्रोफाइल पिक्चर के साथ “एक पेड़ माँ के नाम” प्रोफाइल फ्रेम लगाकर इस अभियान में हिस्सा लेकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने में अपना बहुमूल्य योगदान दे सकते हैं।

 

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चेम्बर ऑफ़ कामर्स ने मंत्री ओपी चौधरी को किया सम्मानित

 वित्त एवं वाणिज्य कर मंत्री ओपी चौधरी का बरमकेला आगमन पर चेम्बर ऑफ़ कामर्स इकॉई बरमकेला द्वारा अध्यक्ष रतन शर्मा की अगुवाई में भब्य स्वागत किया गया, जहाँ उन्हें स्मृति चिन्ह एवं अभिनन्दन पत्र भेंटकर स्वागत करते हुए तराजू में केला से तौलकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा एक पेड़ माँ के नाम प्रतीक स्वरूप वितरित कर जन जन तक पहुंचाने का संदेश दिया गया।कार्यक्रम में पूर्व विधायक डॉ जवाहर नायक, जंगन्नाथ पाणिग्राही, जिला पंचायत सदस्य कैलाश नायक,अजय नायक, मुरारी नायक, मोहन नायक उपस्थित रहे।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने चेंबर ऑफ कामर्स के बरमकेला इकॉई के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि सकारात्मक कार्यों में वे हमेशा उनके साथ हैं। इस दौरान उन्होंने उद्यमिता और विकास के  बारे में सार्थक चर्चा भी की।

कार्यक्रम में चेम्बर ऑफ़ कामर्स के पदाधिकारियों के अलावा अंचल के पत्रकार ,अधिवक्ता और बुद्धजीवी भी भारी संख्या में शामिल हुए। सभी ने मंत्री ओपी चौधरी के सारगर्भित विचारों की सराहना की। चेम्बर ऑफ़ कामर्स इकॉई बरमकेला के अध्यक्ष रतन शर्मा ने मंत्री ओ पी चौधरी को विगत वर्षों में चेम्बर ऑफ़ कामर्स द्वारा किये गए कार्यो से अवगत कराया। यह कार्यक्रम बेहद सफल रहा। इस कार्यक्रम में चेम्बर के महासचिव मुकेश अग्रवाल, उपाध्यक्ष सुनील अग्रवाल के अलावा अधिवक्ता रामेश्वर बारीक़ के साथ ही चेम्बर ऑफ़ कामर्स के सभी पदाधिकारी एवं सदस्य गण, जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

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जनसमस्या निवारण शिविर में आम जनता शत प्रतिशत उठाए योजनाओं का लाभ

 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीणों की आवश्यकता एवं समस्याओं के समाधान तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के लिए अकलतरा विकासखंड के ग्राम पंचायत कोटगढ़ में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किया गया। इस अवसर पर गुलाब सिंह चंदेल, जिला पंचायत सदस्य  दिलेश्वर साहू, पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रदीप सोनी, कलेक्टर आकाश छिकारा, सहायक कलेक्टर दुर्गा प्रसाद अधिकारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी गोकुल रावटे, सुमित प्रताप सिंह एवं अन्य जनप्रतिनिधि सहित विभागीय अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे। उपस्थित सभी अतिथियों ने शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल का निरीक्षण किया और हितग्राहियों को मिल रहे लाभ के संबंध में जानकारी ली। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों द्वारा पौधरोपण भी किया साथ ही गोद भराई कार्यक्रम में गर्भवती माताओं को सुपोषण किट प्रदान किया गया तथा नन्हे बच्चों का अन्न-प्राशन्न किया गया। कृषि विभाग द्वारा कृषकों को किट, उद्यानिकी विभाग द्वारा पौधा व बीज का वितरण किया गया। जनसमस्या निवारण शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित 177 आवेदन प्राप्त हुए।

कलेक्टर ने शिविर में आम जनता को संबोधित करते हुए कहा कि यहां जनसामान्य की समस्याओं के समाधान तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता लाने एवं उन्हें लाभान्वित करने के लिए जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया है। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा शासन की योजनाओं की जानकारी देने तथा योजनाओं से लाभान्वित करने स्टॉल भी लगाए गए हैं। जनसामान्य ऐसे स्थान जहां जनसमस्या निवारण शिविर लगाए जा रहे हैं, वहां जागरूकता के साथ समय निकालकर जरूर पहुंचे। शासन की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत जनसामान्य को लाभान्वित करने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं एवं ग्रामीण शिविर का लाभ लेने पहुंचे हैं। श्रम विभाग की योजनाओं का लाभ जरूर उठाए। उन्होंने कहा कि जिले के विभिन्न ग्रामों में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जाएगा, जिसकी शुरुआत कोटगढ़ से हो रही है। जनसमस्या निवारण शिविर का सभी नागरिक शतप्रतिशत लाभ उठाएं। इस अवसर पर सहायक कलेक्टर श्री दुर्गा प्रसाद अधिकारी ने कहा कि जन समस्या निवारण शिविर के माध्यम से प्रशासन आपके द्वार पहुंची है। उन्होंने कहा कि आप जो समस्या लेकर आते है उसका समाधान शिविर में ही हो जाएगा, इसलिए सभी शिविर का फायदा लेकर समस्या का निराकरण कराए। कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने इस अवसर पर स्टॉल का अवलोकन किया और सभी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व विभाग के स्टॉल में अवलोकन के दौरान कहा कि नामांकन, सीमांकन एवं बटवारा तथा अन्य राजस्व संबंधी प्रकरणों का समय पर गुणवत्तापूर्ण निराकरण करें। जाति, आय, निवास प्रमाण पत्र समय पर बनाकर देने के निर्देशित किया। कलेक्टर ने कहा कि जल जीवन मिशन अंतर्गत आम जनता को लाभ मिलना चाहिए और पेयजल की उपलब्धता होनी चाहिए।

 

कलेक्टर ने कहा कि जनसामान्य के लिए लगाए जा रहे शिविर में शासन की लोक कल्याणकारी योजनाओं से आम जनता अधिक से अधिक लाभान्वित हो, इसके लिए कार्य करें। उन्होंने गर्भवती माताओं को हरी सब्जी एवं पौष्टिक आहार लेने के लिए कहा। शिशुवती माताओं को पौष्टिक आहार अपने बच्चों को खिलाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने पशुपालन विभाग को पशुओं को बीमारियों से बचाने के लिए शिविर लगाने और पशुओं का टीकाकरण के लिए कार्ययोजना बनाने के लिए कहा। जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, समाज कल्याण, पशु चिकित्सा, कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य, स्वास्थ्य, आयुष विभाग, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, श्रम, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य, वन, जल संसाधन, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री सड़क योजना, बैंकर्स, आबकारी, सहकारिता, आदिम जाति कल्याण, परिवहन, खाद्य, विद्युत एवं रोजगार विभाग सहित विभिन्न विभाग द्वारा स्टॉल लगाकर विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई और पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया।

 

 

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प्राकृतिक आपदा से पीड़ित परिवार को 20 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत

 कलेक्टर अनुराग पाण्डेय द्वारा राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत प्राकृतिक आपदा से पीड़ित परिवार को 20 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने की स्वीकृति दी गई है। जिसके अर्न्तगत नदी में डुबने से मृत्यु के एक प्रकरण में मृतक टोक्का गोटा के निकटतम वारिस उनकी पत्नि शांती गोटा को 4 लाख रूपए की स्वीकृति दी गई है। इसी तरह सर्पदंश से मृत्यु के दो प्रकरणों में से मृतिका अनिता कुरसम के निकटतम वारिस उनके पति नरसैया कुरसम, मृतिका प्रतिमा कोरसा के निकटतम वारिस उनके पिता बन्डे कोरसा को 4-4 लाख रूपए एवं आग में जलने से मृत्यु के दो प्रकरणों में से मृतक अशोक बिस्वास के निकटतम वारिस उनकी पुत्री कृतिका बिस्वास, मृतिका बसंती बिस्वास के निकटतम वारिस उनकी पुत्री कृतिका बिस्वास को 4-4 लाख रूपए कुल 20 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृति दी गई है।

 
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प्राचार्य एवं आश्रम पोटाकेबिन अधीक्षकों की कलेक्टर ने ली समीक्षा बैठक

  सोमवार 8 जुलाई को कलेक्टर अनुराग पाण्डेय ने जिले के समस्त पोर्टाकेबिन, आश्रम एवं आवासीय संस्थाओं के अधीक्षकों की बैठक लेकर संस्थाओं की व्यवस्थाओं को सुधारने, मध्यान्ह भोजन के मीनू का कड़ाई से पालन करते हुए गुणवत्तायुक्त भोजन निर्धारित मीनू चार्ट के आधार पर दिए जाने के निर्देश दिए। भोजन की गुणवत्ता पर किसी भी प्रकार की समझौता नहीं की जाएगी निर्देर्शो का पालन नहीं करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने की बात कही।

भोजन की गुणवत्ता के साथ-साथ रसोईयों की व्यक्तिगत स्वच्छता, एप्रेन, कैप लगाकर भोजन बनाने, रसोई घर की स्वच्छता सहित संस्था के परिसर एवं कक्षों में स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने को कहा। बारिस का मौसम शुरू हो गया है परिसर में झाड़ियों की कटाई, पानी की पर्याप्त निकासी, पानी का जमाव बिल्कुल न हो इसका गंभीरता से पालन करना सुनिश्चित करेंगे।

सभी आवासीय संस्थाओं में मच्छरदानी का अनिवार्यतः उपयोग, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, मलेरिया जांच सहित मौसमी बीमारियों का रोकथाम करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। संस्थाओं में बेहतर व्यवस्थाओं के साथ बेहतर शिक्षा प्रदान कराने के लिए आवश्यक पहल करने के निर्देश दिए बच्चों से मिलने आने वाले पालकों के लिए रविवार के दिन अलग कक्ष स्थापित करें जहां पालक अपने बच्चों से मिल सके और न्यौता भोज कराते हुए पालकों को भी संस्थाओं में भोजन कराने के निर्देश दिए।

भूतपूर्व छात्र सम्मेलन का आयोजन करने संस्थान से अध्ययन कर सफल हुए लोगों को संस्था में बुलाकर बच्चों को प्रेरित करने उनके अंदर सकारात्मक विचारधारा पैदा करने के लिए कार्यक्रम आयोजित कर बच्चों को प्रोत्साहित करने का भी कार्य करने के निर्देश दिए। कलेक्टर अनुराग पाण्डेय ने कहा कि स्वयं के द्वारा एवं नामजद जिला अधिकारियों द्वारा शैक्षणिक संस्थाओं की नियमित निरीक्षण की जा रही है। कही भी अव्यवस्था दिखने पर संबंधित के ऊपर कठोर कार्रवाई भी की जाएगी। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी रमेश निषाद, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास डॉ. आनंद सिंह सहित समस्त प्राचार्य एवं अधीक्षकगण उपस्थित थे।

 
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कलेक्टर ने की विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों की समीक्षा

 कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में विभागवार लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने निर्धारित समयावधि में लंबित प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिए। जिससे कि आम जनता के माँगों एवं समस्याओं का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित होने के साथ-साथ उन्हें शासन के जन कल्याणकारी योजनाओं का समुचित लाभ भी मिल सके। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे, अपर कलेक्टर चन्द्रकांत कौशिक, सयुंक्त कलेक्टर अजय किशोर लकरा एवं डीआर ठाकुर सहित राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

बैठक में श्री चन्द्रवाल ने विद्युत विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए कार्यपालन अभियंता श्री सहारे को ट्रांसफाॅर्मरों को व्यवस्थित करने तथा उसका देख-रेख एवं रखरखाव की भी समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने वर्षा ऋतु के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए। जिले के छात्रावास, आश्रमों की व्यवस्था की समीक्षा करते हुए सहायक आयुक्त आदिवासी विकास से जिले में माँग एवं आवश्यकता के अनुरूप कन्या छात्रावासों की सीट बढ़ाने हेतु की जा रही कार्यवाही के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने सहायक आयुक्त आदिवासी विकास को इसके लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। श्री चन्द्रवाल ने जिले के स्कूलों में निर्माणाधीन कार्यों की समीक्षा करते हुए लोक निर्माण विभाग एवं ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के कार्यपालन अभियंताओं को प्रगतिरत कार्यों को पूरा कराने के निर्देश दिए। इस दौरान कलेक्टर ने मौजूदा मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए जिले के सहकारी समितियों में खाद, बीज की उपलब्धता की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को खाद, बीज की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। जिससे की किसानों को खाद, बीज का प्रबंध करने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। श्री चन्द्रवाल ने जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास से महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्रोें के लिए कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की भर्ती की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को भर्ती प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। श्री चन्द्रवाल ने 22 जुलाई से 26 जुलाई तक आयोजित होने वाले विधानसभा सत्र के दौरान सभी अधिकारी-कर्मचारियों को मुख्यालय में निवास करने तथा बिना उनकी अनुमति के अवकाश पर नही जाने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने अंतर विभागीय समन्वय के प्रकरणों की भी समीक्षा की।

 

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13 जुलाई को आयोजित होगा जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव

 साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर अनुराग पाण्डेय ने जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव व्यापक स्तर पर आयोजित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। शाला प्रवेशोत्सव का भव्य आयोजन करने नामजद अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपा गया। शाला प्रवेशोत्सव के साथ ही 13 जुलाई को वन महोत्सव का कार्यक्रम भी आयोजित होगा। भारत सरकार के महत्वाकांक्षी योजना "एक पेड़ मॉ के नाम" पर जिला स्तरीय वृक्षारोपण कार्यक्रम के लिए दिशा-निर्देश दिए।

आजादी के पर्व 15 अगस्त के अवसर पर जिले के 5 हजार घरों में तिरंगा फहराया जाएगा। जिसकी तैयारी की समीक्षा बैठक के दौरान की गई। जिले के विकास कार्यो में तेजी लाने संबंधित विभागों एवं एजेंसियों से वस्तुस्थिति से अवगत होकर विकास कार्यो, निर्माण कार्यो की गुणवत्ता एवं समय-सीमा को विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिया गया।

 

बैठक में डीएफओ सामान्य रंगानाथा रामाकृष्णा वाय, सीईओ जिला पंचायत हेमंत रमेश नंदनवार, संयुक्त कलेक्टर कैलाश वर्मा, एसडीएम बीजापुर जागेश्वर कौशल सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारीगण, सभी अनुभाग के एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार, सीईओ जनपद पंचायत एवं नगरीय-निकाय के सीएमओ उपस्थित थे।

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राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम : जिला स्तरीय बैठक संपन्न

 कलेक्टर ने आम जनता को तम्बाकू सेवन के दूष्प्रभावों की जानकारी प्रदान करने हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार करने के दिए निर्देश

 

 कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल की अध्यक्षता में संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत जिला स्तरीय अन्र्तविभागीय बैठक आयोजित की गई। बैठक  में कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने स्वास्थ्य एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों को तम्बाकू मुक्त समाज के निर्माण हेतु आम जनता को तम्बाकू सेवन के दुष्प्रभावों की जानकारी प्रदान करने हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। इसके अंतर्गत उन्होंने कोटपा एक्ट 2003 के तहत की गई कार्रवाई, जिले में तम्बाकू मुक्ति केंद्र का संचालन आदि की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने जिले के शिक्षण संस्थानों, स्वास्थ्य कंेद्रों में आम नागरिकों एवं बच्चों को तम्बाकू सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी प्रदान करने हेतु शिविर आदि लगाने के भी निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे, अपर कलेक्टर चन्द्रकांत कौशिक, सयुंक्त कलेक्टर अजय किशोर लकरा एवं डीआर ठाकुर सहित राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

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एसडीएम शीतल बंसल एवं डिप्टी कलेक्टर तरूणा साहू के स्थानांतरण होने पर दी गई विदाई

 एसडीएम बालोद शीतल बंसल के संयुक्त कलेक्टर के पद पर जिला राजनांदगांव एवं डिप्टी कलेक्टर तरूणा साहू का अवर सचिव के पद पर महानदी भवन मंत्रालय रायपुर में स्थानांतरण होने पर आज सर्किट हाउस बालोद में आयोजित विदाई समारोह में उन्हें बिदाई दी गई। इस दौरान कलेक्टर  इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे, अपर कलेक्टर चन्द्रकांत कौशिक एवं अन्य अधिकारियों ने उनके कार्यों एवं व्यवहारों की सराहना की।

कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने शीतल बंसल को कार्य के प्रति समर्पित एवं निष्ठावान अधिकारी बताते हुए उनके कार्यों की भूरी-भूरी प्रशंसा की। इस दौरान उन्होंने डिप्टी कलेक्टर तरूणा साहू के कार्याें एवं व्यवहार की सराहना की। श्री चन्द्रवाल ने इन दोनों अधिकारियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनके नये जिम्मेदारियों के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे ने शीतल बंसल को एक योग्य एवं कुशल प्रशासनिक अधिकारी बताया। उन्होंने कहा कि शीतल बंसल एवं तरूणा साहू अपने नये कर्मक्षेत्र में भी उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय कार्य का प्रदर्शन करेंगे। अपर कलेक्टर श्री चन्द्रकांत कौशिक ने श्रीमती शीतल बंसल एवं श्रीमती तरूणा साहू को अपने कार्य के प्रति सजग एवं समर्पित अधिकारी बताया। उन्होंने इन दोनों अधिकारियों के कार्यों की सराहना की और उनके नये जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं दी। समारोह में उपस्थित अधिकारियों ने भी शीतल बंसल एवं तरूणा साहू के कार्यों का स्मरण करते हुए उन्हें बेहतरीन प्रशासनिक अधिकारी बताया। इस अवसर पर संयुक्त कलेक्टर अजय किशोर लकरा, एसडीएम गुरूर पूजा बंसल, एसडीएम डौण्डीलोहारा शिवनाथ बघेल, एसडीएम गुण्डरदेही सुरेश साहू, डिप्टी कलेक्टर प्रतिमा ठाकरे झा एवं प्राची ठाकुर, तहसीलदार बालोद निलिमा देहारी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

 

 

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छत्‍तीसगढ़ के हर घर में लगेगा स्मार्ट बिजली मीटर, प्रीपेड मोबाइल की तरह होगा रिचार्ज

 छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं को अब प्रीपेड मोबाइल, डीजीएच और ब्राडबैंड की तरह पहले अपना बिजली मीटर रिचार्ज करना पड़ेगा। इसके बाद उन्हें बिजली आपूर्ति की जाएगी। रायपुर समेत प्रदेशभर में इन दिनों स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेजी से चल रहा है।

प्रदेशभर में 54 लाख से ज्यादा उपभोक्ता हैं, जिनके घरों में स्मार्ट मीटर लगेगा, जो मोबाइल के सिम की तरह काम करेगा।

तय पैकेज के आधार पर उपभोक्ताओं को मीटर रिचार्ज कराना पड़ेगा। उपभोक्ता जितनी राशि का रिचार्ज करेगा, उतनी ही बिजली खर्च कर पाएगा।

बिजली कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि मीटर लगने से पूरा सिस्टम ऑटोमेटिक हो जाएगा। रिचार्ज खत्म होने पर बिजली सप्लाई बंद हो जाएगी, जैसे मोबाइल में रिचार्ज खत्म होने पर कालिंग, इंटरनेट और एसएमएस बंद हो जाता है।

हालांकि, रात में रिचार्ज खत्म होने पर बिजली सप्लाई बाधित नहीं की जाएगी। लेकिन, उसे दूसरे दिन सुबह ही स्मार्ट मीटर रिचार्ज करना पड़ेगा।

 

सीएसपीडीसीएल के अधिकारियों के अनुसार अभी ट्रायल के तौर पर शहर के विभिन्न कॉलोनियों के घर-घर में स्मार्ट मीटर लगाया जा रहा है, जिसे कुछ दिन बाद रिचार्ज कराना पड़ेगा। बकाया बिजली बिल के भुगतान में आने वाली समस्या से छुटकारा पाने के लिए यह किया जा रहा है।

उपभोक्ताओं को रिचार्ज में खर्च बजट की सूचना हर सप्ताह एसएमएस के जरिए भेजा जाएगा। वहीं, जब रिचार्ज खत्म होने वाला होगा, तो इसकी अलर्ट की सूचना सप्ताह में तीन बार दी जाएगी। उपभोक्ताओं को अब हर साल वसूली जाने वाली सुरक्षा निधि से भी मुक्ति मिलेगी।

निश्शुल्क लगाया जा रहा मीटर

उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर निश्शुल्क लगाए जाएंगे। मीटर की 10 साल की गारंटी रहेगी। 10 साल स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनी मरम्मत की जिम्मेदारी उठाएगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की विशेष पहल पर परिवहन विभाग द्वारा आम नागरिकों को एक और नई सुविधा दी जा रही है। आवेदक के पते पर नहीं पहुंचने वाले ड्राइविंग लाइसेंस और पंजीयन प्रमाण पत्र अब संबंधित आवेदकों को उनके जिले के क्षेत्रीय, अतिरिक्त क्षेत्रीय और जिला परिवहन कार्यालयों के माध्यम से वितरित किए जाएंगे।

 

छूट का मिलेगा लाभ, 300 रुपये तक बकाया पर नहीं कटेगा कनेक्शन

 

स्मार्ट मीटर लगने के बाद भी सभी आम उपभोक्ताओं को सरकार की ओर से हाफ बिजली बिल योजना का लाभ मिलता रहेगा। छूट का लाभ देने के लिए मीटर में ऑटोमेटिक रूप से व्यवस्था दी जाएगी, जिससे रिचार्ज में ही छूट के लाभ के अनुसार उपभोक्ता का पैसा प्रति यूनिट कटेगा। न्यूनतम बैलेंस की जरूरत नहीं होगी। माइनस 300 रुपये तक बैलेंस होने का कारण इसकी जरूरत नहीं। कोई उपभोक्ता यदि दो-तीन माह के लिए घर से बाहर जा रहा है, तो उन्हें मीटर में न्यूनतम बैलेंस रखना होगा।

बिजली कंपनी रायपुर रीजन के ईडी जेएस नेताम ने कहा, शहर में प्री-पेड स्मार्ट मीटर लगाने का काम चल रहा है। नया ऑटोमैटिक सिस्टम चालू होने के बाद सुरक्षा निधि रखने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। इसलिए अतिरिक्त सुरक्षा निधि की रकम को समायोजित करने के लिए मीटर में बैलेंस डाला जाएगा।

 

 

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भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने साय सरकार का अहम फैसला- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कैबिनेट में शासकीय समानों की खरीदी गड़बड़ी और भ्रष्टाचार की रोकथाम के मद्देनजर आज एक बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट ने सीएसआईडीसी के माध्यम से खरीदी में भ्रष्टाचार की शिकायतों को देखते हुए इसके सभी रेट काॅन्ट्रेक्ट को जुलाई माह के अंत तक निरस्त करने का निर्णय लिया है। गौरतलब है कि पूर्ववर्ती सरकार ने जेम पोर्टल से खरीदी पर रोक लगा दी थी, शासकीय सामग्री की खरीदी में दिक्कत, गुणवत्ता का अभाव एवं भ्रष्टाचार की शिकायतें काफी बढ़ गई थी। 


साय सरकार ने इसको गंभीरता से लेते हुए न सिर्फ भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने का फैसला लिया है, बल्कि जेम के माध्यम से खरीदी की व्यवस्था को फिर से बहाल कर शासकीय सामग्री की खरीदी में पारदर्शिता सुनिश्चित की है। विष्णु सरकार का यह फैसला सुशासन की दिशा में एक और कदम है।

कैबिनेट बैठक में छत्तीसगढ़ शासन भण्डार क्रय नियम 2002 के (यथा संशोधित 2022) में संशोधन प्रारूप का अनुमोदन किया गया। राज्य शासन के सभी विभाग आवश्यकतानुसार सामग्री, वस्तुओं एवं सेवाएं, जिनकी दरें एवं विशिष्टियां भारत सरकार के डीजीएसएण्डडी की जेम वेबसाइट में उपलब्ध हों, का क्रय जेम वेबसाईट से नियमानुसार निर्धारित प्रक्रिया पालन कर करेंगे। अतिरिक्त आवश्यकता होने पर सामग्री, वस्तु एवं सेवाओं के क्रय के संबंधित विभागों को वित्त विभाग से अनुमति लेना होगा।  

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में इसके अलावा और कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था के लिए भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को छत्तीसगढ़ राज्य में पूर्ण रूप से लागू करने का निर्णय लिया गया। नई शिक्षा नीति के तहत कक्षा 5वीं तक बच्चों को स्थानीय भाषा-बोली में शिक्षा दिए जाने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही प्री-प्राइमरी से 12 वीं तक सबको शिक्षा उपलब्ध कराने की अनुशंसा की गई है। इस नवीन शिक्षा नीति के तहत समतामूलक और समावेशी शिक्षा प्रदान करने के साथ ही प्रचलित शैक्षणिक संरचना 10+2 के स्थान पर 5+3+3+4 लागू किया गया है। 

बैठक में निर्णय लिया गया कि राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग तथा वन और जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा वन अधिकार अधिनियम के तहत व्यक्तिगत वन अधिकार पत्रधारकों की मृत्यु होने पर वारिसानों के नाम पर काबिज वन भूमि का हस्तांतरण राजस्व या वन अभिलेखों में दर्ज करने संबंधित कार्यवाही के लिए प्रक्रिया प्रारूप का अनुमोदन किया गया। इससे भविष्य में नक्शा का जिओ रिफ्रेंसिंग होने से भूखण्ड का आधार नंबर भी लिया जाएगा। इसका उपयोग नामांतरण, सीमांकन, बटवारा आदि में किया जाएगा। 

छत्तीसगढ़ सशस्त्र सहायक प्लाटून कमाण्डर (नर्सिंग), प्रधान आरक्षक (नर्सिंग), मेल नर्स, फिमेल नर्स, लैब टेक्निशियन, फार्मासिस्ट, नर्सिंग असिस्टेंड, कम्पाउण्डर, ड्रेसर, आरक्षक (बैण्ड), आरक्षक (श्वान दल) भर्ती प्रक्रिया वर्ष-2023 के तहत छत्तीसगढ़ राज्य के स्थानीय निवासियों को निर्धारित अधिकतम आयु सीमा में 05 वर्ष की छूट प्रदान की जाएगी। यह छूट अनारक्षित वर्ग को निर्धारित अधिकतम आयु सीमा के अतिरिक्त एक बार के लिए 05 वर्ष की छूट एवं आरक्षित वर्ग को पहले से 05 वर्ष की आयु शिथिलीकरण के अतिरिक्त, एक बार के लिए, निर्धारित आयु सीमा में 05 वर्ष की और छूट प्रदान की जाएगी। 

प्रदेश में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के सफल क्रियान्वयन, सुशासन एवं जनसमस्याओं के समाधान के लिए एक पृथक विभाग ‘‘सुशासन एवं अभिसरण विभाग‘‘ का गठन किया गया है। जिसमें ई-समीक्षा, ई-लोकसेवा गारंटी एवं डिजिटल सेक्रेटरियेट को शामिल किए जाने के संबंध में मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। पूर्व में ये शाखाएं सामान्य प्रशासन विभाग में थी। 

नवा रायपुर में आवासहीन, आर्थिक रूप से कमजोर और निम्न वर्ग के परिवारों को आवास मुहैया के लिए पंजीयन की तिथि में तीन वर्ष की वृद्धि कर दी गई है। राज्य सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत नवा रायपुर में आवासों का निर्माण किया जा रहा है। जिसमें हितग्राहियों को न्यूनतम मूल्य में आवास प्रदान करने के लिए पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों को यथावत् रखा गया है।  आवासों के पंजीयन की तिथि को 31 मार्च 2024 से बढ़ाकर 31 मार्च 2027 तक कर दिया गया है। इस निर्णय से अभी तक रिक्त मकानों के पंजीयन में वृद्धि होगी। 

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की तर्ज पर छत्तीसगढ़ राज्य राजधानी क्षेत्र (State Capital Region) तथा संबंधित प्राधिकरण की स्थापना के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार करने की प्रक्रिया के लिए नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण को अधिकृत किया गया है और इसके लिए आवास एवं पर्यावरण विभाग को प्रशासकीय विभाग बनाया गया है। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा चालू वित्तीय वर्ष की बजट में 5 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। 

छत्तीसगढ़ राज्य संवर्ग के भारतीय वन सेवा में वर्ष 1992 से 1994 तक के अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक के पद पर पदस्थ 06 अधिकारियों को गैर-कार्यात्मक आधार पर यथास्थान प्रधान मुख्य वन संरक्षक स्तर के समतुल्य वेतनमान 01 जनवरी 2024 से प्रदान करने हेतु भारत सरकार, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, से सहमति प्राप्त की जाएगी। इसी तरह अधीक्षण अभियंता (सिविल) से मुख्य अभियंता (सिविल) के पद पर पदोन्नति के लिए निर्धारित न्यूनतम अवधि 05 वर्ष में केवल एक बार के लिए 01 वर्ष की छूट प्रदान करने का निर्णय भी कैबिनेट ने लिया है। 

मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत स्वीकृत होंगे आवास

कैबिनेट की बैठक में छत्तीसगढ़ प्रदेश के जरूरतमंद सर्वेक्षित 47 हजार 90 आवासहीन परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत आवास स्वीकृत करने का निर्णय लिया गया। 

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण के तहत 01 अप्रैल से 30 अप्रैल 2023 तक प्रदेश में कुल 59.79 लाख परिवारों का सर्वेक्षण पूर्ण किया गया, जिसमें 47 हजार 90 परिवार ऐसे पाए गए जो आवासहीन है, किन्तु उनका नाम सामाजिक आर्थिक एवं जातिगत जनगणना की स्थायी प्रतीक्षा सूची में नहीं है। ऐसे आवासहीन परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण से आवास स्वीकृत करने का निर्णय लिया गया।  
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पीएम जनमन के तहत आवास का सपना हो रहा पूरा

 योजना के तहत जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति सदस्यों का बन रहा पक्का मकानजिले में अभी तक पीएम जनमन अंतर्गत दो हजार 494 आवास स्वीकृत

 प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजाति सदस्यों को विभिन्न प्रकार की शासकीय योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। इसी कड़ी में जिले के पीवीटीजी परिवारों को आवास की सुविधा प्रदान की जा रही है। इस प्रकार पीएम जनमन आवास योजना लाभार्थियों के जीवन में न केवल सुधार ला रहा है, बल्कि पक्के मकान के सपनों को साकार करने का अवसर भी प्रदान कर रहा है। इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की एक नई दिशा मिल रही है, जिससे समाज के पिछड़े वर्ग को ऊपर लाने का काम किया जा रहा है। विशेष पिछड़ी जनजाति सदस्यों के प्रत्येक व्यक्ति के सिर पर एक पक्का छत हो और उसका जीवन सुकून से भरा हो, यही पीएम जनमन आवास योजना का उद्देश्य है। योजना अंतर्गत जिले में अभी तक दो हजार 494 आवास पीवीटीजी परिवारों के लिए स्वीकृत किया जा चुका है। परिवारों के लिए आवास बनाने के लिए किश्त की राशि भी जारी की जा रही है। जिससे मकान बनाने का कार्य तेजी से जारी है। फलस्वरूप आवास का कार्य समय अवधि में पूर्ण हो रहे है। साथ ही हितग्राहियों को घर निर्माण अवधि में मनरेगा के माध्यम से दैनिक रोजी पाने की भी सुविधा मिल रही है। इसके अलावा आवास के साथ नल जल कनेक्शन, बिजली कनेक्शन एवं स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय बनाने की भी सुविधा मिल रही है।

पीएम जनमन आवास योजना अंतर्गत पक्के मकान की सुविधा पाने वाले ग्राम सोहागपुर के मिलउ एवं पुरन, देवगांव के रमेश कुमार कमार एवं तुहामेटा की इतवारीन ने बताया कि हर एक नागरिक का सपना होता है कि उसका अपना एक पक्का मकान हो, जिसमें वह अपने परिवारजनों के साथ सुकून से जीवन यापन कर सके। लेकिन आर्थिक स्थिति के कारण हर किसी का यह सपना साकार नहीं हो पाता। गरीब असहाय के सपने को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना वरदान साबित हो रही है। इसके लिए हम परिवार सहित प्रधानमंत्री जी एवं मुख्यमंत्री जी के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। लाभार्थियों ने बताया कि पहले अपने पुश्तैनी कच्चे आवास में रहते थे। बरसात के मौसम में उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ता था। कच्चे घर में सांप बिच्छू के आने का खतरा और कच्चे मकान के छत से पानी टपकने का भी अंदेशा बना रहता था। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के अंतर्गत वर्ष 2023-24 में पक्का आवास बनाने के लिए स्वीकृति प्रदान की गई। शासन से अनुदान में मिली राशि से अपना पक्का मकान बनाकर अब वह अपने परिवार के साथ पक्के मकान में रह रहे हैं।

 

 

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नल जल योजना से मिले समय पर लोगों को स्वच्छ पानी : कलेक्टर

 जल जीवन मिशन की बैठक में कलेक्टर ने पीएचई के कार्यों की समीक्षा की

 

 कलेक्टर अजीत वसंत ने कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में जल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक ली। उन्होंने जल जीवन मिशन अंतर्गत कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग जिम्मेदारी के साथ शीघ्रता एवं पारदर्शिता से लोगों के घरों तक गुणवत्ता मूलक कार्य करते हुए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित कराएं। उन्होंने जल जीवन मिशन के कार्यों को करने वाले ठेकेदारों से कार्य पूर्ण कराने के पश्चात् ही उन्हें भुगतान, आधा-अधूरे कार्यों पर पूर्ण भुगतान न करें और भुगतान से पहले ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों का सत्यापन के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पीएचई और क्रेडा को दिए गए लक्ष्य तथा ग्रामवार काम पूर्ण करने की तिथि तय कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए उन्होंने जल जीवन मिशन अंतर्गत प्रशासकीय स्वीकृति, एकल ग्राम नल जल प्रदाय/रेट्रो फिटिंग/समूह नल जल योजनाओं का विवरण, सोलर आधारित मिनी नल जल प्रदाय योजना, हर घर जल प्रमाणीकरण की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। कलेक्टर ने प्रधानमंत्री जनमन योजनांतर्गत बसाहटों में पेयजल उपलब्धता हेतु किए जा रहे कार्य और जल संसाधन, सिंचाई विभाग द्वारा लिफ्ट इरिगेशन की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने किसानों को होने वाले फायदे के अनुसार ही लिफ्ट इरिगेशन का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल जीवन मिशन अंतर्गत कार्यों में प्रगति लाने और गुणवत्ता मूलक कार्य करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जिला पंचायत सीईओ को निर्देशित किया कि जल जीवन मिशन अंतर्गत नियुक्त आईएसए की टीम की बैठक लेकर उन्हें मिशन के कार्यों और जनजागरूकता संबंधी गतिविधियों में सम्मिलित करें। बैठक में जिला पंचायत सीईओ संबित मिश्रा, निगम आयुक्त प्रतिष्ठा ममगाई, जल संसाधन विभाग के पी. के. वासनिक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

 

 

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23 लाख हेक्टेयर में हो चुकी खरीफ फसलों की बुआई

 राज्य में खरीफ फसलों की बुआई तेजी चल रही है। कृषि विभाग से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार अब तक धान, अन्य अनाज के फसलों सहित दलहन-तिलहन, गन्ना की बुआई 23 लाख एक हजार 960 हेक्टेयर में हो चुकी है, जो कि चालू खरीफ सीजन के लिए निर्धारित बुआई के लक्ष्य का 47 प्रतिशत है। अब तक राज्य में 20 लाख 27 हजार 370 हेक्टेयर में धान, 96 हजार 600 हेक्टेयर में मक्का, 10 हजार 910 हेक्टेयर में कोदो, 2980 हेक्टेयर में कुटकी, 1110 हेक्टेयर में रागी, 48 हजर 730 हेक्टेयर में दलहन, 43 हजार 640 हेक्टेयर में तिलहन, 54 हजार 810 हेक्टेयर में अन्य फसलों तथा 12 हजार 480 हेक्टेयर में गन्ना की बुआई पूरी कर ली गई है।

राज्य में खरीफ सीजन 2024 में कुल 48 लाख 63 हजार हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बुआई का लक्ष्य है, जिसमें 38 लाख 65 हजार 380 हेक्टेयर में धान, 3 लाख 65 हजार 930 हेक्टेयर में मक्का सहित कोदो-कुटकी, रागी एवं ज्वार की फसलें, 2 लाख 89 हजार 450 हेक्टेयर में दलहन, एक लाख 62 हजार 610 हेक्टेयर में तिलहन, 14 हजार 800 हेक्टेयर में गन्ना तथा एक लाख 64 हजार 830 हेक्टेयर में साग-सब्जी एवं अन्य फसलों की खेती का लक्ष्य निर्धारित है।

 

राज्य में लक्ष्य के विरूद्ध अब तक धान की बोता-बोनी 18 लाख 95 हजार 670 हेक्टेयर में तथा धान का रोपा एक लाख 32 हजार हेक्टेयर में लगाया जा चुका है। धान की बोता और रोपा बोनी को मिलाकर कुल 20 लाख 27 हजार 670 हेक्टेयर में धान की बुआई हुई है जो कि धान बोनी के लक्ष्य का 52 प्रतिशत है।  

दलहन फसलों के अंतर्गत अरहर की बोनी 27,860 हेक्टेयर में, मूंग की 3940 हेक्टेयर में, उड़द की 16,830 हेक्टेयर में तथा कुल्थी की बोनी 100 हेक्टेयर में हो चुकी है, जो कि दलहनी फसलों के लिए निर्धारित 2 लाख 89 हजार 450 हेक्टेयर की बोनी के लक्ष्य का 17 प्रतिशत है। 

 

इसी तरह खरीफ सीजन 2024 में तिलहन फसलों के अंतर्गत अब तक राज्य में 15,080 हेक्टेयर में मूंगफली, 2240 हेक्टेयर में तिल, 26,000 हेक्टेयर में सोयाबीन, 310 हेक्टेयर में रामतिल की बोनी हो चुकी है, जो कि तिलहन फसलों की बोनी के लक्ष्य का 27 फीसद है। साग-सब्जी एवं अन्य फसलों की बोनी 54,810 हेक्टेयर में की गई है, जो निर्धारित लक्ष्य का 35 प्रतिशत है। राज्य में गन्ना की बुआई लगभग पूर्णता की ओर है। 15,280 हेक्टेयर में गन्ना की खेती के लक्ष्य के विरूद्ध अब तक 12,480 हेक्टेयर में गन्ना लगाया जा चुका है, जो कि लक्ष्य का 84 प्रतिशत है।

 

 

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भूमि-मकान की रजिस्ट्री में ऑनलाइन भुगतान की सुविधा शुरू

 छत्‍तीसगढ़ के सभी पंजीयन कार्यालयों में अब संपत्ति (भूमि-मकान) की रजिस्ट्री कराते समय ऑनलाइन भुगतान की सुविधा शुरू हो गई है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा और राज्य के पंजीयन विभाग के मंत्री ओपी चौधरी की पहल पर लोगों को एक और नई सुविधा मिलने जा रही है।

 
 
 

सभी पंजीयन कार्यालयों में लोगों को अपने भूमि-मकान आदि के एनजीडीआरएस प्रणाली में पंजीयन के समय ऑनलाइन अपाइंटमेंट लेने के पूर्व ही नेटबैंकिंग अथवा यूपीआइ दोनों तरीके से भुगतान करने की सुविधा प्रदान की जा रही है।

पेपरलेस और फेसलेस पंजीयन की दिशा में सरकार: ओपी चौधरी

 
 
 

पंजीयन विभाग के मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि राज्य के सभी पंजीयन कार्यालयों में एनआइसी द्वारा निर्मित एनजीडीआरएस प्रणाली से दस्तावेजों के पंजीयन का कार्य हो रहा है। ऑनलाइन भुगतान की सुविधा न होने से पंजीयन शुल्क नगद, चेक तथा डीडी के माध्यम से जमा किया जाता रहा है।

ऑनलाइन शुल्क भुगतान की सुविधा होने से विभाग कैशलेस के साथ पेपरलेस और फेसलेस पंजीयन की दिशा में अग्रसर हो सकेगा, जिसमें आधार आधारित वेरिफिकेशन किया जाकर पक्षकारों को घर बैठे ही संपत्ति के क्रय-विक्रय संबंधी विलेखों के पंजीयन की सुविधा प्रदान की जा सकेगी।

अभी नगद व आनलाइन दोनों की सुविधा

पंजीयन विभाग की विशेष सचिव किरण कौशल ने बताया कि विभागीय मंत्री के निर्देश पर पंजीयन विभाग में कई बदलाव किए जा रहे हैं। उनकी मंशा है कि लोगों को अधिक से अधिक सहूलियत मिले। इसलिए फीस की ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था शुरु हो गई है। इसके लिए कर्मियों को भी प्रशिक्षित किया गया है।

प्रारंभिक चरण में आम जनता को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े इसके लिए वर्तमान में ऑनलाइन शुल्क भुगतान के साथ नगद अथवा चेक के माध्यम से फीस लिए जाने की व्यवस्था आगामी आदेश तक जारी रहेगी। ऑनलाइन भुगतान होने से पक्षकारों को सुविधा के साथ-साथ पंजीयन कार्यालय के कर्मचारियों को भी कैश हैंडलिंग की समस्या से राहत होगी।

दस्तावेज लेखकों व अधिवक्ताओं को प्रशिक्षण

उन्होंने बताया कि दस्तावेज लेखकों, अधिवक्ताओं एवं पंजीयन कार्य से जुडे व्यक्तियों को ऑनलाइन भुगतान के संबंध में आवश्यक जानकारी प्रशिक्षण प्रदाय किया गया है तथा विभाग द्वारा कैशलेश प्रणाली के व्यापक प्रचार प्रसार के लिए अधीनस्थ पंजीयन कार्यालयों के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।

विभाग द्वारा ऑनलाइन पेमेंट गेटवे के अतिरिक्त पंजीयन कार्यालयों में स्वाईप मशीनों की स्थापना भी की जा रही है। इससे दस्तावेजों का पंजीयन कराने वाले पक्षकारों को सुविधा होगी।

 

 

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