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छत्तीसगढ़ सहित इन राज्यों में होगी भारी बारिश, IMD ने जारी की चेतावनी

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ दर्पण)। देश के अधिकतर हिस्सों में मानसून  पहुंच गया है और उत्तरी मैदानी इलाकों में गर्मी से राहत मिली है। हालांकि कई राज्यों में भारी बारिश कहर बरपा रही है, जिसकी वजह से बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश में बारिश से संबंधित घटनाओं में छह बच्चों समेत कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई। तेलंगाना, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और केरल सहित कई राज्यों में बारिश ने सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के नए पूर्वानुमान में कई राज्यों में भारी बारिश चेतावनी जारी की गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, गोवा, गुजरात, मध्य महाराष्ट्र और कोंकण में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। राजस्थान, मध्य प्रदेश (पश्चिम), महाराष्ट्र (विदर्भ), छत्तीसगढ़ और कर्नाटक (तटीय और दक्षिण आंतरिक) सहित राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, मध्य प्रदेश (पूर्व), ओडिशा, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा, महाराष्ट्र (मराठवाड़ा), आंध्र प्रदेश (तटीय), तेलंगाना, कर्नाटक (उत्तर आंतरिक) और केरल में भारी बारिश होने की संभावना है।

आईएमडी ने मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र (विदर्भ), छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल (गंगा), अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा, आंध्र प्रदेश (तटीय), तमिलनाडु और पुडुचेरी में अलग-अलग स्थानों पर बिजली गिरने के साथ आंधी की चेतावनी भी जारी की है।

मौसम विभाग ने बताया है कि शुक्रवार को मध्य महाराष्ट्र में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। देश के कुछ हिस्सों में छिटपुट स्थानों पर भारी वर्षा होगी। इसमें राजस्थान (पूर्व), मध्य प्रदेश, ओडिशा, गुजरात शामिल हैं. इसके अलावा जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान (पश्चिम), महाराष्ट्र (विदर्भ), छत्तीसगढ़, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा, आंध्र प्रदेश (तटीय), तेलंगाना, कर्नाटक और केरल में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

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संसद के मानसून सत्र से पहले रविवार को होगी सर्वदलीय बैठक

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ दर्पण)। संसद का मॉनसून सत्र 18 जुलाई से शुरू हो रहा है। सरकार ने मॉनसून सत्र से पहले रविवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। संसदीय कार्यमंत्री प्रल्‍हाद जोशी द्वारा बुलाई गई इस बैठक में सदन में सभी राजनीतिक दलों के नेताओं को आमंत्रित किया गया है।
 
हमारे संवाददाता ने खबर दी है कि आगामी संसद सत्र में विपक्ष, भारत-चीन सीमा गतिरोध, सशस्‍त्र सेनाओं में लघु अवधि के लिए भर्ती योजना अग्निपथ सहित कई अन्‍य मुद्दे उठा सकता है।
 
इससे पहले, एन डी ए नेताओं ने मॉनसून सत्र से पहले आगे की रणनीति पर विचार के लिए दस जुलाई को विस्‍तृत रूप से विचार विमर्श किया था।
 
संसद सत्र के पहले दिन 18 जुलाई को नए राष्‍ट्रपति का चुनाव होगा और उप-राष्‍ट्रपति पद के लिए छह अगस्‍त को चुनाव कराया जाएगा। यह सत्र 12 अगस्त तक चलेगा।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से मुलाकात की

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ दर्पण)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से मुलाकात की। श्री कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त हो रहा है। श्री कोविंद पिछले महीने उत्तर प्रदेश में अपने पैतृक गांव परोंख गये थे। उन्होंने चार सौ वर्ग गज का मकान और ढाई बीघा ज़मीन सहित अपनी सारी पैतृक सम्पत्ति दान की है।


परोंख गांव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर भवन में स्मार्ट पुस्तकालय का उद्घाटन किया था और सामुदायिक केंद्र का भी दौरा किया था। इस भवन के लिए राष्ट्रपति कोविंद ने भूमि दान की है। सामुदायिक केंद्र में महिलाओं को स्वाबलम्बी बनाने के लिए सिलाई, बुनाई, कढ़ाई सहित विभिन्न पाठ्यक्रम चलाए जाएंगे।

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भारत में गरीबी पर मुद्रास्फीति का बहुत कम असर होगा : निर्मला सीतारामन

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ दर्पण)। वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारामन ने कहा है कि हाल ही में संयुक्‍त राष्‍ट्र विकास कार्यक्रम- यू.एन.डी.पी. की रिपोर्ट से पता चलता है कि भारत में गरीबी पर मुद्रास्फीति का बहुत कम असर होगा। वित्‍त मंत्री ने ट्विटर पर यू.एन.डी.पी. रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि चिन्‍हित आबादी के खातों में नकद राशि हस्‍तांतरित करने से मूल्‍य वृद्धि से निपटने में मदद मिली है।

उन्‍होंने कहा कि रिपोर्ट- विकासशील देशों में जीवन यापन का संकट यह दर्शाती है कि भारत में कोई भी व्‍यक्ति एक दशमलव नौ डॉलर प्रति दिन के गरीबी रेखा के पैमाने से नीचे नहीं जाएगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि खाद्य पदार्थों और ईंधन  की कीमतों में बढोत्‍तरी से पूरे विश्‍व में लगभग सात करोड़ 10 लाख लोग गरीब हो जाएंगे। रिपोर्ट के अनुसार लक्षित और समयबद्ध तरीके से नकद हस्‍तांतरण से इसके असर से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है।

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रामसेतु को राष्ट्रीय विरासत स्मारक घोषित करने के अनुरोध वाली याचिका पर सुनवाई 26 जुलाई को

 नई  दिल्ली (छत्तीसगढ दर्पण)। उच्चतम न्यायालय, रामसेतु को राष्ट्रीय विरासत स्मारक घोषित करने के अनुरोध वाली याचिका को सुनवाई के वास्ते 26 जुलाई को सूचीबद्ध करने के लिए बुधवार को सहमत हो गया।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी की ओर से दायर याचिका में न्यायालय से केंद्र सरकार को ‘रामसेतु’ को राष्ट्रीय विरासत स्मारक घोषित करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।
रामसेतु, तमिलनाडु के दक्षिण-पूर्वी तट पर पंबन द्वीप और मन्नार द्वीप के बीच चूना पत्थर की बनी एक श्रृंखला है।

प्रधान न्यायाधीश एन.वी. रमण, न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की एक पीठ ने स्वामी ओर से दाखिल किए एक प्रतिवेदन पर गौर किया, जिसमें इस महत्वपूर्ण तथा छोटे से मामले को सुनवाई के लिए तत्काल सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया गया था। मजाक करते हुए प्रधान न्यायाधीश ने कहा, इसे मेरे सेवानिवृत्त होने के बाद सूचीबद्ध किया जाएगा। इसके बाद, प्रधान न्यायाधीश ने याचिका को सुनवाई के लिए 26 जुलाई को सूचीबद्ध किया।

भाजपा के नेता ने प्रतिवेदन में कहा था कि वह मुकदमे का पहला दौर जीत चुके हैं, जिसमें केंद्र ने रामसेतु के अस्तित्व को स्वीकार किया था। उनके मुताबिक, संबंधित केंद्रीय मंत्री ने इस मांग पर विचार करने के लिए 2017 में एक बैठक बुलाई थी, लेकिन उसके बाद कुछ नहीं हुआ। स्वामी ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के पहले कार्यकाल में शुरू की गई विवादास्पद ‘सेतुसमुद्रम शिप चैनल परियोजना’ के खिलाफ अपनी जनहित याचिका में रामसेतु को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने का मुद्दा उठाया था।

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सुप्रीम कोर्ट ने बढ़ाई मो. जुबैर की अंतरिम जमानत

 यूपी सरकार को जवाब दाखिल करने दिया 4 हफ्ते का समय

नई दिल्ली (छत्तीसगढ दर्पण)। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को मोहम्मद जुबैर की याचिका पर सुनवाई की। इस दौरान कोर्ट ने याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार को चार हफ्ते का समय दिया है। जुबैर ने याचिका दायर कर इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी। सर्वोच्च अदालत ने  मोहम्मद जुबैर की अंतरिम जमानत अगले आदेश तक बढ़ा दी है। कोर्ट ने 7 सितंबर को सुनवाई के लिए जुबैर की याचिका को सूचीबद्ध किया है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को दी थी चुनौती

सुप्रीम कोर्ट जुबैर द्वारा दायर उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी गई थी। उच्च न्यायालय ने एक ट्वीट के लिए यूपी पुलिस द्वारा जुबैर के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने से इनकार कर दिया था, जिसमें जुबैर ने कथित तौर पर तीन हिंदू संतों को 'घृणा फैलाने वाला' कहा था।

 

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एआई प्रणाली पर ‘बेहद सावधानी’ के साथ काम करने की जरूरत : राजनाथ

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ दर्पण)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत को कृत्रिम मेधा (एआई) प्रणाली पर ‘बेहद सावधानी’ के साथ काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देश को इस तकनीक से होने वाली कानूनी, नीतिसंबंधी, राजनीतिक और आर्थिक उथल-पुथल का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए।

राजनाथ ने कहा, हमें मानवता की तरक्की और शांति के लिए एआई का इस्तेमाल करना होगा। ऐसा नहीं होना चाहिए कि कोई देश या देशों का समूह परमाणु ऊर्जा की तरह ही इस तकनीक पर भी अपना प्रभुत्व स्थापित कर ले और बाकी मुल्क एआई का लाभ नहीं उठा पाएं। रक्षा मंत्री ने नयी दिल्ली में आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस इन डिफेंस (रक्षा क्षेत्र में कृत्रिम मेधा) सम्मेलन का उद्घाटन करने के बाद यह टिप्पणी की। उन्होंने एआई की नीतियों और खतरों पर गंभीरता से विचार करने की सलाह दी।

राजनाथ ने कहा, हम एआई की प्रगति को नहीं रोक सकते और हमें इसकी प्रगति रोकने की कोशिश भी नहीं करनी चाहिए। लेकिन इसे लेकर बहुत सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जब कोई नयी तकनीक व्यापक बदलाव लेकर आती है तो उसका संक्रमण काल भी बेहद लंबा और जटिल होता है।

रक्षा मंत्री ने कहा, चूंकि, एआई एक ऐसी तकनीक है, जो व्यापक बदलाव ला सकती है, लिहाजा हमें इससे होने वाली कानूनी, नीतिसंबंधी, राजनीतिक और आर्थिक उथल-पुथल का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए।

उन्होंने कहा, आने वाले समय में हमें एआई पर बेहद सावधानी से काम करने की जरूरत है, ताकि यह तकनीक नियंत्रण से बाहर न चली जाए। राजनाथ ने कहा कि किसी तकनीक की दस्तक घड़ी की सुइयों की तरह है, जो एक बार आगे बढ़ जाएं तो उन्हें पीछे ले जाना संभव नहीं होता है। उन्होंने कहा, जब भी कोई नयी तकनीक आती है तो समाज उसके हिसाब से ढलने में अपना समय लेता है। रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि देश को इस तकनीक का लोकतांत्रिक इस्तेमाल सुनिश्चित करना चाहिए।

उन्होंने कहा, एआई के चलते रक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव हो रहे हैं। इस तकनीक की मदद से जवानों के प्रशिक्षण की प्रक्रिया में सुधार आ रहा है। कार्यक्रम में राजनाथ ने कृत्रिम मेधा से संचालित 75 रक्षा उत्पाद भी पेश किए। इनमें से कुछ उत्पादों का सशस्त्र बलों द्वारा पहले से ही इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि कुछ को उनमें शामिल करने की प्रक्रिया जारी है। ये 75 उत्पाद रोबोटिक प्रणाली, साइबर सुरक्षा, मानव व्यवहार विश्लेषण, कुशल निगरानी प्रणाली, आपूर्ति शृंखला प्रबंधन, ध्वनि विश्लेषण और सी4आईएसआर (कमान, नियंत्रण, संचार, कंप्यूटर एवं खुफिया निगरानी और टोह) तथा अभियान संबंधी डेटा के विश्लेषण से 

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ईडी ने कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी को 21 जुलाई को पूछताछ के लिए समन भेजा

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ दर्पण)। प्रवर्तन निदेशालय ने कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी को नेशनल हेराल्‍ड मामले में 21 जुलाई को पेश होने को कहा है। श्रीमती गांधी ने इससे पहले निदेशालय को पत्र लिखकर कोविड से प्रभावित होने का हवाला देकर हाजिर होने की तारीख स्‍थगित करने का अनुरोध किया था। श्रीमती गांधी ने पत्र में लिखा था कि डॉक्‍टरों ने उन्‍हें आराम करने की सलाह दी है, इसलिए वे 23 जून को निदेशालय के सामने पेश नहीं हो सकती। उनके अनुराध को स्‍वीकार करते हुए प्रवर्तन निदेशालय ने उनसे कहा था कि जुलाई के अंतिम सप्‍ताह में अपना बयान दर्ज करवाएं। श्रीमती गांधी के पुत्र और कांग्रेस के पूर्व प्रमुख राहुल गांधी से पांच दिनों में 54 घंटे तक इस मामले में पूछताछ की गई।


आयकर विभाग वर्ष 2016 से नेशनल हेराल्‍ड मामले की जांच कर रहा है और उसने अपने आरोप पत्र में कांग्रेस प्रायोजित यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड कम्‍पनी में वित्‍तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया था।  इस कम्‍पनी के पास नेशनल हेराल्‍ड अख़बार का स्‍वामित्‍व है। सोनिया गांधी और राहुल गांधी कम्‍पनी के स्‍थापकों में शामिल हैं और कम्‍पनी के अधिकतर शेयर इन्‍हीं दोनों के पास हैं। कम्‍पनी में सोनिया गांधी और राहुल गांधी की 38-38 प्रतिशत की हिस्‍सेदारी है। वर्ष 2013 में सुब्रमण्‍यम स्‍वामी की एक शिकायत पर आयकर विभाग ने यंग इंडियन के खिलाफ जांच शुरू की थी, जिसका संज्ञान लेते हुए प्रवर्तन निदेशालय ने नया मामला दर्ज किया था।

 

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लालू के गीतापाठ पर एम्स ने लगाई रोक, भड़के तेजप्रताप...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ दर्पण)। दिल्ली एम्स में भर्ती राजद प्रमुख लालू यादव को गीता पाठ करने व सुनने से रोकने का मामला सामने आया है। उनके पुत्र तेजप्रताप यादव ने इस पर कड़ी नाराजगी प्रकट की है।  तेजप्रताप यादव ने आरोप लगाया 'पिताजी को अस्पताल में श्रीमद भगवत गीता का पाठ करने एवं सुनने से रोक दिया गया, जबकि पिताजी को गीता पाठ पढ़ना एवं सुनना काफी पसंद है। गीता पाठ से रोकने वाले वाले उस अज्ञानी को ये नहीं पता कि इस महापाप की कीमत उसे इसी जन्म में चुकानी होगी..।'

तेज प्रताप यादव ने इससे पहले अपने पिता को लेकर भावुक ट्वीट किया था। उन्होंने कहा था, 'पिताजी आप जल्द स्वस्थ होकर घर आ जाइये, आप हैं तो सब है, प्रभु मैं आपकी शरण में हूं तब तक रहूंगा जब तक पापा घर नही आ जाते। मुझे बस पापा चाहिए और कुछ भी नहीं ना राजनीति और ना कुछ और बस मेरे पापा और सिर्फ पापा।'

तबीयत में तेजी से सुधार, आईसीयू से वार्ड में शिफ्ट

दिल्ली एम्स में भर्ती बिहार के पूर्व सीएम लालू यादव की सेहत में तेजी से सुधार हो रहा है। उनकी बड़ी बेटी मीसा भारती ने सोमवार बताया था कि उनके पिता की तबीयत में पहले से काफी सुधार है। हालांकि, किडनी में समस्या अभी भी बनी हुई है। उनका क्रिएटिनिन बढ़ा हुआ है। लेकिन अब स्थिति पहले से स्थिर है। उन्होंने बताया कि डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं। लालू यादव को अब ICU से प्राइवेट वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।

बता दें, लालू यादव को तीन जुलाई को पूर्व मुख्यमंत्री और पत्नी राबड़ी देवी के पटना स्थित सरकारी आवास पर सीढ़ियों से गिर गए थे, जहां उनके दाहिने कंधे में फ्रैक्चर और पीठ में चोट लगी थी।

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सुप्रीम कोर्ट ने विधायकों की अयोग्यता पर फैसला लेने से स्‍पीकर को रोका

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सुप्रीम कोर्ट में आज महाराष्ट्र से जुड़े मामलों की सुनवाई हुई। कोर्ट ने उद्धव ठाकरे को राहत देते हुए विधायकों की अयोग्यता पर फैसला लेने से स्‍पीकर को रोका है। महाराष्ट्र विधानसभा स्पीकर विधायकों की अयोग्यता के मामले में फिलहाल सुनवाई नहीं करेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने मामला कोर्ट में लगने तक स्पीकर को इस मामले में सुनवाई न करने को कहा है। उद्धव ठाकरे गुट ने कोर्ट में सुनवाई होने तक स्पीकर की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग की थी।

विधायकों की अयोग्यता को लेकर दायर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए सीजेआई एनवी रमना ने कहा कि विधायकों की अयोग्यता पर फिलहाल स्पीकर फैसला नहीं लेंगे। अदालत के फैसले तक विधायकों की अयोग्यता पर स्पीकर की कार्यवाही को रोक रहेगी। सुप्रीम कोर्ट फिलहाल महाराष्ट्र मामले की तुरंत सुनवाई नहीं करेगा। सीजेआई ने कहा कि इसके लिए बेंच का गठन करना होगा।

सीजेआई की टिप्पणी के बाद उद्धव खेमे की ओर से वकील कपिल सिब्बल ने दलील दी, कि 39 विधायकों की अयोग्यता के मामले पर सुनवाई को सुप्रीम कोर्ट ने 27 जून के बदले 11 जुलाई को कहने को कहा था। सीजेआई ने कहा कि स्पीकर को सूचित करें कि विधायकों के खिलाफ कोई एक्शन या सुनवाई अभी न करें। कोर्ट में फैसला आने तक इसे स्थगित रखा जाए।

इधर, गवर्नर की ओर से तुषार मेहता ने दलील रखी। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को भरोसा दिया कि वो स्पीकर को इस बाबत जानकारी दे देंगे। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने दोनों गुटों के विधायकों पर अयोग्यता की कार्यवाही पर रोक लगाया है।

महाराष्ट्र विधानसभा के प्रधान सचिव राजेंद्र भागवत ने सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल किया है। जवाब में कहा कि 3 जुलाई को राहुल नार्वेकर को विधानसभा अध्यक्ष चुना गया है। अब उन्हें अयोग्यता का मसला देखना है। ऐसे में डिप्टी स्पीकर की तरफ से भेजे नोटिस को चुनौती देने वाली विधायकों की याचिका का सुप्रीम कोर्ट निपटारा कर दे और नए स्पीकर को अयोग्यता पर फैसला करने दें।

शिवसेना के 53 विधायकों को नोटिस
उधर, महाराष्ट्र विधानसभा सचिवालय ने राज्य के कुल 55 शिवसेना विधायकों में से 53 को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इनमें से 39 विधायक एकनाथ शिंदे के खेमे के और 14 विधायक उद्धव ठाकरे गुट के हैं। ठाकरे खेमे के 14 विधायकों में से एक संतोष बांगर चार जुलाई को सरकार के शक्ति परीक्षण के दिन शिंदे खेमे में शामिल हो गए थे। दोनों पक्षों के विधायकों ने कारण बताओ नोटिस मिलने की पुष्टि की।

विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग
दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर क्रमश: तीन और चार जुलाई को विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव और विश्वास प्रस्ताव पर मतदान के दौरान पार्टी व्हिप की अवहेलना करने का आरोप लगाते हुए दोनों पक्षों के विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग की है। शिंदे खेमे ने उन विधायकों की सूची में पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे का नाम शामिल नहीं किया है, जिन्हें उन्होंने अयोग्य ठहराने की मांग की है। नोटिस महाराष्ट्र विधानसभा के सदस्य (दल-बदल के आधार पर अयोग्यता) नियमों के तहत जारी किए गए हैं। विधायकों को सात दिन के भीतर अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा गया है।
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भारत का पहला एलिवेटेड द्वारका एक्सप्रेस-वे 2023 में होगा शुरू : गडकरी

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सड़क यातायात और राजमार्ग मंत्री ने कहा है कि द्वारका एक्सप्रेस-वे, जिसे हरियाणा वाले हिस्से में नार्दर्न पेरीफेरल रोड कहते हैं, उसे भारत में पहले एलिवेटेड शहरी एक्सप्रेस-वे के रूप में विकसित किया जा रहा है।

ट्वीट की एक श्रृंखला में नितिन गडकरी ने कहा है कि द्वारका एक्सप्रेस-वे से दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेस-वे (स्वर्णिम चतुर्भुज सम्बंधी दिल्ली-जयपुर-अहमदाबाद-मुम्बई राजमार्ग का हिस्सा) तथा आर्टेरियल रोड पर दबाव कम होगा। अभी इन मार्गों पर भारी यातायात रहता है, जिनमें ज्यादातर पश्चिम दिल्ली से आने वाले वाहन शामिल होते हैं। उन्होंने कहा कि एनएच-8 का 50 से 60 प्रतिशत यातायत इस नये एक्सप्रेस-वे की तरफ मुडेगा, जिससे सोहना रोड़, गोल्फ कोर्स रोड आदि की तरफ जाने वाले यातायात में सुधार आयेगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में चालू हो जाने के बाद, इससे दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को भी कम करने में बेहद मदद मिलेगी।

श्री गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में केंद्र सरकार देश के कोने-कोने में विश्वस्तरीय अवसंरचना के विकास को सक्रिय प्राथमिकता दे रही है और ‘संपर्कता से समृद्धि’ का मार्ग प्रशस्त कर रही है।
श्री गडकरी ने बताया कि दिल्ली से हरियाणा के गुरुग्राम को जोड़ने वाला एक्सप्रेस-वे 9,000 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जा रहा है। इस एक्सप्रेस-वे में सड़क की दोनों तरफ न्यूनतम तीन लेन सर्विस रोड हैं, जो 16 लेन एक्सेस कंट्रोल्ड राजमार्ग से जुड़ी हैं। यह एक्सप्रेस-वे 29 किलोमीटर लंबा है, जिसमें से 19 किलोमीटर का हिस्सा हरियाणा में और शेष 10 किलोमीटर लंबा हिस्सा दिल्ली में पड़ेगा।
 
श्री गडकरी ने कहा कि द्वारका एक्सप्रेस-वे पर चार बहुस्तरीय इंटरचेंज होंगे। प्रमुख जंक्शनों पर सुरंग/अंडरपास, एट-ग्रेड रोड, एलीवेटेड फ्लाईओवर और फ्लाईओवर के ऊपर फ्लाईओवर बनाये जायेंगे, जिनमें भारत की सबसे लंबी (3.6 किलोमीटर) और सबसे चौड़ी (8 लेन) शहरी सड़क सुरंग का निर्माण शामिल है। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेस-वे की शुरूआत एनएच-8 (दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेस-वे) पर शिव-मूर्ति से होगी और वह द्वारका सेक्टर 21, गुरुग्राम सीमा तथा बसई से गुजरता हुआ खिड़की दौला टोल प्लाजा के निकट समाप्त हो जायेगा।
 
श्री गडकरी ने कहा कि यह प्रतिष्ठित परियोजना का विकास राजधानी दिल्ली में भीड़-भाड़ कम करने की योजना में प्रमुख भूमिका निभायेगी। द्वारका एक्सप्रेस-वे जब पूरा हो जायेगा, तो उसके जरिये द्वारका के सेक्टर 25 स्थित इंडिया इंटरनेशनल कनवेंशन सेंटर (आईआईसीसी) तक सीधी पहुंच हो जायेगी। साथ ही इसके जरिये एक कम गहरी सुरंग के जरिये आईआईजी एयरपोर्ट तक जाने का एक वैकल्पिक रास्ता मिल जायेगा। उन्होंने कहा कि उन्नत यातायात प्रबंधन प्रणाली, टोल प्रबंधन प्रणाली, सीसीटीवी कैमरों, सतर्कता आदि जैसे उत्कृष्ट बौद्धिक यातायात प्रणालियां आसन्न विश्वस्तरीय गलियारे का अभिन्न होंगी।
 
श्री गडकरी ने कहा कि द्वारका एक्सप्रेस-वे के आसपास भारी मात्रा में वृक्षारोपण किया जायेगा। पूरे क्षेत्र 12,000 पेड़ लगाये गये हैं। उन्होंने कहा कि परियोजना इंजीनियरिंग का शानदार नमूना है। निर्माण में 34 मीटर चौड़ी आठ लेन की एकल पाए वाली सड़क शामिल है। अनुमान है कि परियोजना में दो लाख मीट्रिक टन (एफिल टावर में इस्तेमाल इस्पात से तीस गुना अधिक) इस्पात की खपत होगी। इसी तरह इसके निर्माण में 20 लाख क्यूबिक मीटर कंक्रीट की खपत होगी, जो बुर्ज खलीफा में लगे कंक्रीट से छह गुना अधिक है।

 

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पीएम मोदी ने नए संसद भवन की छत पर लगे विशाल अशोक स्तंभ का किया अनावरण

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नए संसद भवन की छत पर विशाल अशोक स्तंभ का अनावरण किया। राष्ट्रीय प्रतीक 9500 किलोग्राम के कुल वजन के साथ कांस्य से बना है और इसकी ऊंचाई 6.5 मीटर है। इसके बाद पीएम मोदी ने इस ढाचें को समय पर तैयार करने वाले मजदूरों के साथ बातचीत की। पीएमओ के सूत्रों ने कहा कि प्रधानमंत्री ने नई संसद के काम में शामिल ‘श्रमजीवियों’ से बात की और उनके स्वास्थ्य और कुशलक्षेम के बारे में जानकारी ली। इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप पुरी भी मौजूद थे।

नए संसद भवन में शीतकालीन सत्र आयोजित करने की कोशिश: ओम बिरला
इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि नया संसद भवन अक्टूबर-नवंबर 2022 तक समय पर पूरा होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि हम इस साल नए संसद भवन में शीतकालीन सत्र आयोजित करने की कोशिश करेंगे। युद्धस्तर पर तैयारी चल रही है। निर्माण समयसीमा में केवल सात दिन का अंतराल है, जिसे कवर किया जा सकता है। हमने परियोजना को पूरा करने के लिए अक्तूबर-नवंबर का अनुमान दिया था और मुझे बहुत उम्मीद है कि 2022 का शीतकालीन सत्र नए हरित भवन में आयोजित किया जाएगा।
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गोवा के बाद फिर कांग्रेस को लगा बड़ा झटका, दो दिग्गजों ने छोड़ा साथ…

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। देशभर की तरह उत्तराखंड में भी अपने खराब दौर से गुजर रही कांग्रेस को आज बड़ा झटका लगा है। दो दिग्गज नेताओं ने पार्टी के भीतर चल रहे अंतर्कलह को वजह बताकर पार्टी छोड़ने का ऐलान किया है। डॉक्टर आरपी रतूड़ी और कमलेश रमन कांग्रेस छोड़कर सोमवार को आम आदमी पार्टी से जुड़ेंगे। डॉक्टर आरपी रतूड़ी देहरादून में पिछले चार दशक से कांग्रेस के लिए काम कर रहे हैं। कमलेश रमन पार्टी में महिला विंग में महानगर अध्यक्ष से लेकर प्रदेश उपाध्यक्ष तक की जिम्मेदारी संभालन चुकी हैं। दोनों नेताओं का जाना उत्तराखंड कांग्रेस के लिए बड़ा झटका है।

आरपी रतूड़ी और कमलेश रमन ने कांग्रेस के भीतर चल रहे अंतर्कलह को वजह बताकर पार्टी छोड़ने का ऐलान किया। ये प्रदेश कांग्रेस के नए अध्यक्ष करन मेहरा के लिए ज्यादा बड़ा झटका है, जिनकी कार्यप्रणाली पर इसके बाद सवाल उठना तय है।
 
विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद पार्टी ने राज्य में नए प्रदेश अध्यक्ष की कमान करन मेहरा को सौंपी थी। पार्टी ने एक युवा चेहरे के रूप में करन मेहरा को जिम्मेदारी दी और सबसे बड़ी चुनौती अंतर्कलह को खत्म करने का भी भरोसा जताया, लेकिन राज्य में पार्टी के भीतर चल रहे मतभेद ने उनकी कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
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बड़ी खबर : यदि नहीं रुकी यह प्रक्रिया तो, चीन को पछाड़ देगा भारत…

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अभी चीन की आबादी 1.44 अरब के साथ विश्व में पहले स्थान पर है, जबकि दूसरे स्थान पर काबिज भारत की आबादी 1.39 अरब है। दुनिया की कुल आबादी में चीन की 19 फीसदी और भारत की 18 फीसदी हिस्सेदारी है। एक रिपोर्ट के अनुसार, साल 2023 तक भारत की आबादी बढ़कर चीन से ज्यादा हो जाएगी।

हालांकि अब बहुत दिनों तक ऐसी स्थिति नहीं रहने वाली है। संयुक्त राष्ट्र ने इस संबंध में एक ताजी रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार, अगले साल तक भारत सबसे अधिक आबादी के मामले में चीन को पीछे छोड़ देगा और पहले स्थान पर पहुंच जाएगा।
 
संयुक्त राष्ट्र ने ‘विश्व आबादी दिवस’ के मौके पर सोमवार को यह रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर 2022 के मध्य तक दुनिया की आबादी 8 अरब हो जाने के अनुमान हैं। महादेशों के हिसाब से देखें तो अभी 4.7 अरब आबादी के साथ एशिया सबसे ऊपर है। पूरी दुनिया की आबादी में अकेले एशिया की 61 फीसदी हिस्सेदारी है। इसके बाद अफ्रीका में 1.3 अरब लोग यानी 17 फीसदी आबादी निवास करती है। इनके अलावा यूरोप में 75 करोड़ यानी 10 फीसदी, लैटिन अमेरिका व कैरेबियाई देशों में 65 करोड़ यानी 8 फीसदी, उत्तरी अमेरिका में 37 करोड़ और ओसिनीया में 4.3 करोड़ लोग रहते हैं।
 
वर्ल्ड पापुलेशन प्रॉस्पेक्ट्स 2019 के अनुसार, अभी चीन 1.44 अरब की आबादी के साथ पहले स्थान पर है, जबकि दूसरे स्थान पर काबिज भारत की आबादी 1.39 अरब है। दुनिया की कुल आबादी में चीन की 19 फीसदी और भारत की 18 फीसदी हिस्सेदारी है।

रिपोर्ट के अनुसार, साल 2023 तक भारत की आबादी बढ़कर चीन से ज्यादा हो जाएगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन की आबादी साल 2019 से साल 2050 के दौरान 3.14 करोड़ यानी करीब 2.2 फीसदी कम हो जाएगी।
 
संयुक्त राष्ट्र के इकोनॉमिक एंड सोशल अफेयर्स डिपार्टमेंट के पूर्वानुमान के अनुसार, दुनिया की आबादी अभी 1950 के बाद सबसे धीमी रफ्तार से बढ़ रही है। पूर्वानुमान के अनुसार, दुनिया की आबादी साल 2030 तक 8.5 अरब हो जाएगी। इसी तरह साल 2050 तक दुनिया की कुल आबादी 9.7 अरब पर और 2080 के दशक में करीब 10.4 अरब पर पहुंच जाएगी। रिपोर्ट के अनुसार, इसके बाद 2100 ईस्वी तक दुनिया की आबादी इसी स्तर पर बनी रहेगी।
 
रिपोर्ट में कहा गया है कि कई विकासशील देशों में जन्म की दर में गिरावट आई है। हालांकि कुछ देशों में यह दर बढ़ रही है। रिपोर्ट के अनुसार, आबादी बढ़ने में 50 फीसदी से ज्यादा योगदान महज 8 देशों का होगा। संयोग से आठों देश एशिया या अफ्रीका के हैं। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले सालों में जिन आठ देशों की आबादी तेजी से बढ़ेगी, उनमें डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, मिस्र, इथियोपिया, भारत, नाईजीरिया, पाकिस्तान, फिलीपींस और तंजानिया शामिल हैं।
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कोरोना अपडेट : 24 घंटे में सामने आए 18 हजार नए मामले, 42 मौत…

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। देश में कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी ने एक बार फिर से लोगों की चिंता बढ़ा दी है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी रविवार(10 जुलाई) के आंकड़ों के अनुसार देश में सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़कर 1,28,690 हो गई है जो कि कल की तुलना में तीन हजार अधिक है। वहीं बीते 24 घंटों में कोरोना के 18,257 नए मामले सामने आए हैं और इस दौरान 42 मरीजों की जान चली गई। महामारी की शुरुआत से लेकर अब तक कुल 52,5,428 लोगों की मौत हुई है।

दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार बीते 24 घंटों में कुल 544 नए मामले सामने आए हैं और दो मरीजों की मौत हो गई। दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार लगातार तीसरे दिन दिल्ली में 500 से 600 के बीच संक्रमण के मामले आए हैं। वहीं दिल्ली में 2264 सक्रिय मरीज हैं। इनमें से 1595 मरीज घर पर आइसोलेशन में हैं। शहर में फिलहाल 316 निषिद्ध क्षेत्र हैं। दिल्ली में ओमीक्रोन के ज्यादा संक्रामक उप स्वरूप बीए-4 और बीए.5 के मामले आए हैं लेकिन विशेषज्ञों ने कहा है कि घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि उपस्वरूप के चलते गंभीर संक्रमण नहीं हो रहा।
 
महाराष्ट्र में बीते 24 घंटों में कोरोना के 2760 मामले सामने आए और पांच लोगों की मौत हो गई। राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 80,01,433 और मृतकों की संख्या बढ़कर 1,47,976 पर पहुंच गई है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक राज्य में 78,34,785 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। महाराष्ट्र में वर्तमान में 18,672 उपचाराधीन मरीज हैं।

पश्चिम बंगाल में कोरोना के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। बीते 24 घंटों में कोरोना के 2,968 मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि नौ जिलों में प्रत्येक में 100 से अधिक मामले संक्रमण के हैं। राज्य में संक्रमितों की संख्या 20,48,749 हो गई, जबकि तीन और मौतों ने मरने वालों की संख्या को 21,239 तक पहुंचा दिया। उत्तर 24 परगना जिले में 743 नए मामले दर्ज किए गए, इसके बाद कोलकाता (742) का स्थान रहा। हुगली में 143 ताजा संक्रमण पाए गए।
 
मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत पिछले 24 घंटों में 10,21,164 COVID टीके लगाए गए हैं। अब तक देश में कोविड वैक्सीन की 198.76 करोड़ खुराकें दी जा चुकी हैं। वहीं जानकारी के अनुसार पिछले 24 घंटों में कुल 4,32,777 COVID टेस्ट किए गए। अब तक किए गए परीक्षणों से कुल संख्या बढ़कर 86.66 करोड़ हो गई है।

 
 
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जगन मोहन रेड्डी को वाई.एस.आर. कांग्रेस का जीवन पर्यंत अध्‍यक्ष चुना गया

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आंध्र प्रदेश के मुख्‍यमंत्री वाई.एस.जगन मोहन रेड्डी को युवजन श्रमिक रिथू कांग्रेस पार्टी-वाई.एस.आर.कांग्रेस का जीवन पर्यंत अध्‍यक्ष चुना गया है।  वाई.एस.आर कांग्रेस के दो दिन के पूर्ण सत्र के समापन पर यह प्रक्रिया पूरी की गई। इसके लिए पार्टी के संविधान में संशोधन किया गया है। जगन मोहन रेड्डी ने कांग्रेस से अलग होने के बाद मार्च 2011 में वाई.एस.आर. कांग्रेस की स्‍थापना की थी। इसके बाद से वे लगातार पार्टी अध्‍यक्ष रहे हैं।

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ईद-उल-अजहा का पर्व कुर्बानी की भावना का प्रतीक : नायडू

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। उप राष्ट्रपति एम वैंकेया नायडू ने रविवार को लोगों को ईद-उल-अजहा की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ईद-उल-अजहा एक-दूसरे से चीजें साझा करने और जरूरतमंदो एवं गरीबों के प्रति करुणा दिखाने का त्योहार है। उप राष्ट्रपति ने ट्वीट किया कि ईद-उल-अजहा का पर्व कुर्बानी की भावना का प्रतीक है।

उन्होंने कहा, यह एक-दूसरे के साथ साझा करने और उनकी फिक्र करने का पर्व है। साथ ही जरूरतमंदो एवं गरीबों के प्रति करुणा दिखाने की शिक्षा देता है। मैं उम्मीद करता हूं कि यह त्योहार लोगों को एक-दूसरे के करीब लाकर समाज में एकता और भाइचारे की भावना को मजबूत करेगा। उप राष्ट्रपति ने उम्मीद जताई की इस त्योहार से जुड़े विचार लोगों के जीवन को शांति और सौहार्द से भर देंगे तथा देश में समृद्धि लाएंगे।
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संस्कृत शिक्षा को पुनः प्रचलित करने के लिए एक जन आंदोलन की आवश्यकता : उपराष्ट्रपति

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडु ने संस्कृत शिक्षा पुनः प्रचलित करने के लिए एक जन-आंदोलन की जरूरत बताई, जहां सभी हितधारकों को भारत के समृद्ध प्राचीन साहित्य और सांस्कृतिक विरासत की फिर से खोज करने में योगदान देना चाहिए। उन्होंने कहा, एक भाषा को केवल संवैधानिक प्रावधानों या सरकारी सहायता या संरक्षण द्वारा संरक्षित नहीं किया जा सकता है।

बेंगलुरु स्थित कर्नाटक संस्कृत विश्वविद्यालय के 9वें दीक्षांत समारोह और दशवार्षिक समारोह को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने आज कहा कि परिवारों, समुदायों और शैक्षणिक संस्थानों द्वारा अगर भाषा को महत्व दिया जाता है तो वह जीवित रहती है और प्रचारित होती है। तेजी से हो रहे तकनीकी बदलाव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी ने संस्कृत सहित हमारी प्राचीन भाषाओं को संरक्षित और प्रचारित करने के नए अवसर खोले हैं। उन्होंने कहा, प्राचीन पांडुलिपियों, अभिलेखों और शिलालेखों का डिजिटलीकरण, वेदों के पाठ की रिकॉर्डिंग, प्राचीन संस्कृत ग्रंथों के अर्थ और महत्व को उजागर करने वाली पुस्तकों का प्रकाशन संस्कृत ग्रंथों में निहित हमारी संस्कृति को संरक्षित करने के कुछ तरीके होंगे।
 
उपराष्ट्रपति ने संस्कृत को हमारे देश की अमूर्त विरासत बताते हुए कहा कि यह हमारे ज्ञान और साहित्यिक परंपराओं का स्रोत रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा, संस्कृत हमें भारत की आत्मा को समझने में मदद करता है। अगर किसी को भारत के वैश्विक दृष्टिकोण को समझना है तो उसे संस्कृत सीखनी होगी। श्री नायडु ने आगे कहा कि भारतीय कवियों की साहित्यिक प्रतिभा की सराहना करने और हमारे महान देश की सभ्यतागत समृद्धि पर शोध करने के लिए संस्कृत का छात्र बनना पड़ेगा।
 
उपराष्ट्रपति ने रेखांकित किया कि संस्कृत का उपयोग केवल दार्शनिक और धार्मिक विषयों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि आयुर्वेद, योग, कृषि, धातु विज्ञान, खगोल विज्ञान, राज्य शिल्प और नैतिकता जैसे विषयों की एक विस्तृत शृंखला पर संस्कृत में कई ग्रंथ हैं। जिनकी समकालीन प्रासंगिकता है। उन्होंने छात्रों से ज्ञान के इन क्षेत्रों का पता लगाने और हमारे प्राचीन ग्रंथों के नए पहलुओं की खोज करने के लिए कहा।
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